Home Blog Page 39

MP Usha Portal 2022: ऊर्जा साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए पंजीयन या लॉगिन कैसे करें?

MP Usha Portal- Urja Saksharta Abhiyan Usha: देश और दुनिया को ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु असंतुलन (जलवायु में बार बार परिवर्तन) और बिजली के अपव्यय से बचाने के लिये ऊर्जा साक्षरता अभियान (ऊषा) के रूप में लोगों को जागरूक करने की अनूठी पहल मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने की है।

अभियान में प्रदेश के साढ़े 7 करोड़ नागरिकों को समयबद्ध कार्य-योजना बनाकर ऊर्जा साक्षर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। पहले 6 महीनों में 50 लाख नागरिकों को ऊर्जा साक्षर बनाने का लक्ष्य है।

अभियान का उद्देश्य लोगों को ऊर्जा प्रयोग के प्रति संवेदनशील बनाते हुए आगामी वर्षों में पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु संतुलन के दुष्प्रभावों से बचाना है। इसके अंतर्गत ऊर्जा के व्यय एवं अपव्यय की समझ विकसित करना, ऊर्जा के पारम्परिक एवं वैकल्पिक साधनों की जानकारी देना, उनका पर्यावरण पर प्रभाव, ऊर्जा एवं ऊर्जा के उपयोग के बारे में सार्थक संवाद, ऊर्जा संरक्षण एवं प्रबंधन के बारे में जागरूकता, ऊर्जा उपयोग के प्रभावों, परिणामों की समझ के आधार पर इसके दक्ष उपयोग के लिये निर्णय लेने की दक्षता उत्पन्न करना, पर्यावरणीय जोखिम एवं जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव को कम करना और विभिन्न ऊर्जा तकनीकों के चयन के लिये लोगों को सक्षम बनाया जायेगा।

अभियान के बारे में : MP Usha Portal

ऊर्जा साक्षरता अभियान

वर्तमान परिदृष्य में जलवायु परिवर्तन के पर्यावरणीय दुष्प्रभाव वैश्विक स्तर पर परिलक्षित हो रहे है। इस स्थिति से प्रत्‍येक व्‍यक्ति अवगत है तथा प्रत्‍यक्ष व परोक्ष रूप से भागीदार भी है।

अत: आवश्‍यक यह है कि प्रत्‍येक व्‍यक्ति को ऊर्जा के व्‍यय/अपव्‍यय सम्‍बन्धित प्राथमिक जानकारी हो। इसी परिपेक्ष्‍य में, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य सरकार द्वारा ”ऊर्जा साक्षरता अभियान” (UShA) प्रारम्‍भ किया जा रहा है –

  • विश्‍व में इस अनूठे अभियान के माध्यम से स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों एवं जन साधारण को ऊर्जा, सौर ऊर्जा और ऊर्जा की बचत के विषय में जानकारी दी जायेगी।
  • जनसाधारण तक ऊर्जा के उपयोग के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ की जानकारी सुलभ रूप में पहुँचाने एवं अपनाने का कार्य एक मिशन के रूप में क्रियान्वित करना।
  • अभियान में श्रेणीगत प्रशिक्षण (Graded Learning) के माध्‍यम से चरणबद्ध सर्टिफिकेशन का प्रावधान किया गया है।

अभियान का उद्देश्य :

इस ऊर्जा साक्षरता अभियान के मुख्‍य उद्देश्‍य इस प्रकार हैं:–

  • प्रदेश के समस्‍त नागरिकों को समयबद्ध कार्य योजना अनुसार ऊर्जा साक्षर बनाने का महाअभियान।
  • ऊर्जा के व्‍यय एवं अपव्‍यय की समझ विकसित करना।
  • ऊर्जा के पारम्‍परिक एवं वैकल्पिक साधनों की जानकारी एवं इनका पर्यावरण पर प्रभाव की समझ पैदा करना।
  • विभिन्‍न ऊर्जा तकनीकों के चयन हेतु सक्षम बनाना।
  • ऊर्जा एवं ऊर्जा के उपयोग के बारे में सार्थक संवाद स्‍थापित करना।
  • ऊर्जा संरक्षण एवं प्रबंधन के बारे में जागरूक करना।
  • ऊर्जा उपयोग के प्रभावों, परिणामों की समझ के आधार पर इसके दक्ष उपयोग हेतु निर्णय लेने की दक्षता उत्‍पन्‍न करना।
  • पर्यावरणीय जोखिम एवं जलवायु परिवर्तन के नकारात्‍मक प्रभाव को कम करना।

यह भी पढ़े : MP: ऊर्जा साक्षरता अभियान मध्य प्रदेश 2022

ऊर्जा साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए पंजीयन या लॉगिन कैसे करें?

ऊर्जा साक्षरता अभियान में आप भी जुड़ सकते हैं। अभियान से जुड़ना पूर्णत: नि:शुल्क है। वेब पोर्टल www.usha.mp.gov.in और मोबाइल एप UShA के माध्यम से पंजीकरण कराएँ। मोबाइल एप UShA को गूगल प्ले-स्टोर से DOWNLOAD किया जा सकता है। 

यहां क्लिक करके गूगल प्ले स्टोर की डायरेक्ट लिंक पर विजिट कर सकते हैं जहां से UShA (MP Urja Vikas Nigam Ltd) MOBILE APP INSTALL कर सकते हैं।

ऊर्जा साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए हमें निम्ननलिखित प्रोसेस को पड़ेगा |

स्टेप 1: उर्जा साक्षरता अभियान उषा USHA से जुड़ने के लिए आपको मध्य प्रदेश सरकार की नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग उषा की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करवाना होगा|

MP Usha Portal

स्टेप 2: अब आपको यहां पर सबसे पहले अभियान से जुड़े  लिंक पर क्लिक करना है|

स्टेप 3: अभियान से जुड़े टैब पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा जिसमे आप को अभियान से जुड़ने के लिए नया पंजीयन करें वाले टैब में नया पजीयन करे बटन पर क्लिक करना है |

MP Usha Portal

स्टेप 4: नया पंजीयन पर क्लिक करने के पश्चात आपको एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा जैसा कि नीचे दी गई स्क्रीन दिखाई देगी|

MP Usha Portal

स्टेप 5. अब आपको उपरोक्त चित्र में दिखाएं अनुसार रजिस्ट्रेशन फॉर्म में * वाले समस्त फील्ड की जानकारियां भरने के पश्चात दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करते हुए , सबमिट करें बटन पर क्लिक करना है|

स्टेप 6. सबमिट करने पर आप का रजिस्ट्रेशन Successful का मैसेज दिखाई देगा|

UShA Portal पर लॉगिन कैसे करें ?

स्टेप 1: उर्जा साक्षरता अभियान उषा USHA से जुड़ने के लिए आपको मध्य प्रदेश सरकार की नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग उषा की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करवाना होगा|

स्टेप 2: अब आपको यहां पर सबसे पहले अभियान से जुड़े  लिंक पर क्लिक करना है|

स्टेप 3: अभियान से जुड़े टैब पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा जिसमे आप को अभियान से जुड़ने के के पश्चात लॉगिन करें यदि पहले से जुड़े है वाले ऑप्शन पर जाना है | और अपना मोबाइल नंबर एंटर करके सबमिट बटन पर क्लिक करना है |

स्टेप 4. जैसे ही सबमिट बटन पर क्लिक करेंगे आपके मोबाइल पर एक 6 अंको का ओटीपी मैसेज आएगा एवं आपके मोबाइल पर कुछ इस तरह की स्क्रीन दिखाई देगी |

स्टेप 5. अब आपको मोबाइल पर प्राप्त 6अंको का ओटीपी दर्ज करते हुए दर्ज करें बटन पर क्लिक करना है|

स्टेप 6. अब आपके सामने ऊपर दिखाए अनुसार स्क्रीन खुलेगी| जिसमें आपको यूजरनेम चुनना है| इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें|

स्टेप 7. अब आपको नीचे प्रदर्शित स्क्रीन दिखाई देगी| जहा पर आपको यहां क्लिक करें एल एम एस पर जाएं पर क्लिक करना है| यहां पर ध्यान रखें लॉगआउट बटन पर क्लिक नहीं करना है| अन्यथा आप को फिर से लॉगइन करना होगा|

इस तरह से आप UShA पोर्टल पर लॉगिन हो जायेगे और यहाँ पर आप को हां पर आपको Site Home पर क्लिक करना है|

MP Education Teachers Online Transfer: स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रान्सफर आवेदन के लिए समय सारणी जारी

MP Education Teachers Online Transfer- राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों / कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति वर्ष 2022 के सम्बन्ध में मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा आदेश कमांक एफ 01-09/2022/20-1 भोपाल, दिनांक 19/09/2022 द्वारा वर्ष 2022 के लिए शिक्षा विभाग अंतर्गत शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रान्सफर की समय सारणी जारी की गई है|

राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों / कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति वर्ष 2022:

प्रदेश में राज्य संभाग एवं जिला स्तर पर विभागीय अधिकारियों / कर्मचारियों के लिये विभागीय स्थानांतरण नीति समसंख्यक पत्र दिनांक 08/09/2022 द्वारा जारी की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग स्थानांतरण नीति (आदेश क्रमांक एफ 01-09/2022/20-1दिनांक 08/09/2022) की कंडिका 2.5 में सत्र 2022-23 हेतु स्थानांतरण नीति

(MP Education Teachers Online Transfer) के क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार समय-सारणी निर्धारित की जाती है –

शिक्षकों के ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए समय सारणी

स.क.विवरणसमय-सीमा
1एजुकेशन पोर्टल पर रिक्त पदों का सत्यापन30 सितम्बर 2022
2ऑनलाईन आवेदन करना30 सितम्बर से 10 अक्टूबर 2022
3ऑनलाईन स्थानांतरण आदेश जनरेट करना22 अक्टूबर 2022
4भारमुक्ति व कार्यभार ग्रहण करने संबंधी समस्त कार्यवाही05 नवम्बर 2022

यह भी पढ़े :

  1. MP Teacher ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे? जानिए यहाँ पर…
  2. शिक्षक ऑनलाइन ट्रांसफर रजिस्ट्रेशन फॉर्म कैसे भरें

MP Education Teachers Transfer Online Application Link :

स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के ट्रान्सफर MP Education Portal के माध्यम से Online होंगे, Transfer हेतु आवेदन के लिए लिंक शिक्षक लॉग इन पर उपलब्ध होगी. Education Portal MP पर Online आवेदन की सुविधा शुरू होने पर शिक्षक अपनी यूनिक आई दी और पासवर्ड से लॉग इन कर ट्रान्सफर हेतु ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर सकेंगे|

MP Education Teachers Transfer आदेश दिनांक 19/09/2022 :

MP Education Teachers Transfer आदेश दिनांक 19/09/2022 की प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करे

यह भी पढ़े :

  1. MP Teacher ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे? जानिए यहाँ पर…
  2. शिक्षक ऑनलाइन ट्रांसफर रजिस्ट्रेशन फॉर्म कैसे भरें

MP E Uparjan 2022| धान रजिस्ट्रेशन। खरीफ फसल पंजीयन। किसान कोड। आवश्यक दस्तावेज आदि की जानकारी

MP E Uparjan Kharif Procurment Monitoring System 2022-23

MP E Uparjan Kharif Procurment Monitoring System- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीफ फसल की कृषि उपज मंडियों के माध्यम से खरीदी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही आरम्भ होने वाली है न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह दर है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है। फसल गिरदावरी होने के उपरांत कुछ समय के अंदर हर वर्ष MP E Uparjan पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया जाता है जिसमे किसान भाई पंजीयन के बाद निर्धारित समय में अपनी फसल खरीदी केंद ले जाकर अपनी फसल की बिक्री करते हैं जिसका भुगतान मध्य प्रदेश सरकार द्वार सीमित समयावधि में DBT के माध्यम से किसान को किया जाता है।

किसान भाइयों के लिए विशेष रूप से इस लेख को लिखा गया है और इस लेख के माध्यम से पंजीयन से लेकर भुगतान मिलने तक होने वाली सभी प्रक्रियाओं में शामिल चरणों को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। इसलिए आप से अनुरोध है की इस पोस्ट को सभी किसान भाई तक पहुँचाने का प्रयास करें और आपको लगता है की हमसे कोई चूक हुयी है जिसके बारे में हम आपकी परेशानी को स्पष्ट रूप से दूर नहीं कर प् रहे हैं तो कमेंट के माध्यम से हमें जरूर बताएं ताकि हम इस लेख में सुधार कर सकें।

फसल गिरदावरी से भुगतान प्राप्ति तक के चरण- MP E Uparjan Kharif Procurment Monitoring System

STEP 1: फसल गिरदावरी | FASAL GIRDAWARI
फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसमे कृषि भूमि में बोई जाने वाली फसल का जिक्र होता है पटवारी अपने अपने क्षेत्रों में जाकर कृषिभूमि का अवलोकन करते हैं और बोई गयी फसल की प्रविष्टि ऑनलाइन फसल गिरदावरी एप के माध्यम से करते हैं। यह प्रक्रिया फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा, से हुए नुकसान की भरपाई, बैंक ऋण, योजनाओं के लाभ लेने आदि में अति महत्वपूर्ण होती है | फसल गिरदावरी की अधिक जानकारी https://saara.mp.gov.in/ से ले जा सकती है|
STEP 2: फसल रजिस्ट्रेशन या ऑनलाइन पंजीयन
फसल गिरदवरी के बाद का दूसरा चरण होता है किसान या फसल पंजीयन जिसमे किसान फसल केंद्र या ऑनलाइन https://mpeuparjan.nic.in/ पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल का पंजीयन कराते हैं| फसल रजिस्ट्रेशन या ऑनलाइन पंजीयन कैसे करना है इसकी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से ले सकते हैं
STEP 3: पंजीयन पावती या रसीद की प्राप्ति
फसल का ऑनलाइन पंजीयन कराने के पश्चात जरुरी है की आप पंजीयन की पावती को निकाल कर उसका अवलोकन करें और भरी हुई जानकारी जैसे आपका नाम, आधार क्रमांक, बैंक की जानकारी, फसल की जानकारी आदि प्रविष्टियों को ध्यान से अपने दस्तावेजों से मिलाकर देखें और त्रुटि होने परसुधार हेतु अग्रिम कार्यवाही करें अन्यथा आपके भुगतान में विलम्ब हो सकता है जिससे आपको परेशान होना पड़ सकता है | पंजीयन की पावती कैसे निकाल सकते हैं इस पोस्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है
STEP 4: खरीदी के लिए मैसेज द्वारा सूचना की प्राप्ति
फसल रजिस्ट्रेशन और सुधार के उपरांत किसान भाईओं को रजिस्टर्ड मोबाइल में अपनी फसल बिक्री हेतु मैसेज भेजा जाता है जिसमें निर्धारित फसल बिक्री केंद्र, सीमिति समयवधि का जिक्र होता है उस समयावधि के अंदर किसान को अपनी फसल उस निर्धारित केंद्र में लाना होता है ताकि उसकी तुलाई की जा सके।
STEP 5: फसल बिक्री हेतु खरीदी केंद्र फसल ले जाना
प्राप्त मैसेज के आधार पर फसल को निर्धारित केंद्र में ले जाकर फसल की तुलाई कराई जाती है बिक्री पश्चात आपको एक रसीद दी जाती है जिसमे आपके द्वारा लायी फसल की मात्रा और होने वाले भुगतान का जिक्र रहता है।
STEP 6: भुगतान प्राप्ति DBT के माध्यम से
बिक्री पश्चात सामान्यतः 7 से 15 दिनों के अंदर किसान को उसके द्वारा ऑनलाइन दर्ज कराये गए बैंक खाते में भुगतान की राशि सीधे DBT के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाती है इस तरह पूरी प्रक्रिया छह चरणों में संपन्न होती है और यह प्रक्रिया हर वर्ष इन्ही चरणों में पूरी की जाती है

फसल पंजीयन क्यों कराना चाहिए

प्रतिवर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी हेतु सरकार MSP तय करती है जो लागत का लगभग डेढ़ गुना होती है। किसानो की आय बढ़ाने हेतु ने MSP तय कर रखा है ताकि किसानो की आय बढ़ सके किसानो को भी पंजीयन कराने पर शुद्ध लाभ होता है समय की बचत होती है, आय बढ़ती है साथ सी बारबार की भागम-भाग से छुटकारा मिलता है, पूरी राशि एक साथ DBT के माध्यम से किसान के बैंक में जमा हो जाती है आदि इसलिए जरुरी है की किसान समय से अपना पंजीयन कराएं और समय और धन दोनों की बचत करें

MP E Uparjan 2022| धान रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज

आपको सलाह दी जाती है की पूरे दस्तावेजों की प्रतिलिपि करा लें ताकि जल्दबाजी में आपको बार बार पंजीयन के वक्त परेशानी का सामना न करना पड़े। किसान या फसल पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज इस प्रकार हैं।

  1. रजिस्ट्रेशन फॉर्म
  2. बैंक पासबुक प्रतिलिपि
  3. ऋण पुस्तिका की प्रतिलिपि या खसरा या B1 की प्रतिलिपि
  4. आधार कार्ड
  5. समग्र आईडी
  6. भूमि यदि किराये पर ली गयी है तो अनुबंध की प्रतिलिपि

MP E Uparjan पंजीयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश


1.किसान अपना पंजीयन आधार नंबर एवं समग्र आई डी के आधार पर कर सकते है|
2.पंजीयन के लिए आधार अथवा समग्र आई डी का होना अनिवार्य है |
4.यदि किसान के पास आधार नं और समग्र आई डी दोनों उपलब्ध नहीं है, तो कृपया नजदीकी ग्राम पंचायत से संपर्क करें|
5.किसान अपनी परिवार समग्र आई डी से सदस्य समग्र आई डी खोज सकते है| 
यहाँ से खोजे
6.बैंक खाता क्रमांक पासबुक मे से देख कर सही प्रविष्ट करें|
7.यदि आधार नंबर लोड नहीं हो रहा हो तो समग्र आई डी से अपना पंजीयन करें|
8.पंजीयन के पश्चात् पावती प्रिंट करें तथा खरीदी के समय पावती ले जाना अनिवार्य है|
9.पंजीयन के लिए मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है|

MP E Uparjan पोर्टल में किसान या फसल पंजीयन कैसे करें

खरीफ फसल बिक्री हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की पूरी जानकारी के लिए हमारे लेख का अध्ययन जरूर करें यहाँ पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बड़े ही आसान शब्दों में बताने का प्रयास किया गया है साथ ही होने वाली परेशानिओं का भी जिक्र किया गया है। यदि आप भी पंजीयन कर रहे हैं तो किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए इस पोस्ट को जरूर पढ़ें

किसान कोड से पंजीयन की जानकारी कैसे लें

ऑनलाइन पंजीयन की पश्चात प्रत्येक किसान को एक किसान कोड दिया जाता है जिसकी जानकारी आपको आपके पंजीयन पावती में मिल जाती है या रजिस्ट्रेशन के वक्त ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने वाले व्यक्ति से भी किसान कोड की मांग कर सकते हैं किसान कोड से पंजीयन की पूरी जानकारी कैसे लेंगे हमने अपने लेख के माध्यम से स्टेप बाय स्टेप बताये है किसान कोड से पंजीयन की जानकारी के लिए क्लिक करें

मोबाइल नंबर से पंजीयन की जानकारी कैसे देखें

ऑनलाइन पंजीयन की समय दिए हुए मोबाइल नंबर के माध्यम से किसान पंजीयन की जानकारी आप निकाल सकते हैं। किसान कोड पता न होने की स्थिति में भी आप केवल मोबाइल नंबर से पंजीयन की जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन कैसे इस बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को जरूर पढ़ें सिर्फ मोबाइल नंबर से धान या खरीफ फसल का पंजीयन कैसे निकालें ।

समग्र आईडी से पंजीयन कैसे निकालें

अक्सर हमने देख है है किसान भाइयों को न ही किसान कोड की जानकारी होती है न यह ही उन्होंने कोण सा मोबाइल नंबर पंजीयन के समय दिया था जिससे वो परेशां हो जाते हैं तो आपको चिंतित होने की जरुरत नहीं है क्योंकि फसल पंजीयन की जानकारी अपनी समग्र आईडी के माध्यम से भी जान सकते हैं समग्र आईडी से पंजीयन की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

MP E Uparjan App डाउनलोड कैसे करें

द्वारा उसका एंड्राइड एप्लीकेशन भी लांच किया गया है जिसके माध्यम से पंजीयन किया जा सकता है तथा पंजीयन की जानकारी ली जा सकती हैं। इस एप को डाउनलोड करने के लिए आप अपने प्ले स्टोर पे जाएँ और सर्च करें और एप्लीकेशन डाउनलोड करें आप इस डारेक्ट लिंक के माध्यम से भी एप डाउनलोड कर सकते हैं https://play.google.com/store/apps/details?id=in.gov.mapit.kisanapp

भूकंप (earthquake) क्या है? भूकंप कैसे और क्यों आता है, पूरी जानकारी

हेलो दोस्तों , आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से भूकंप के बारे में जानेंगे, जैसे भूकंप क्या होता है, भूकंप कैसे आता है और भूकंप क्यों आता है, इन सभी सवालों के जवाब आपको इस लेख में विस्तार से मिलेंगे। आपने कभी न कभी भूकंप के झटके महसूस किए होंगे। लेकिन शायद ही आपको पता होगा कि भूकंप क्यों और कैसे आते हैं। अगर आप नहीं जानते कि भुकम्प कैसे आता है और जानना चाहते हैं तो उसके लिए आप इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ें। तो आइए अब जानते हैं कि भूकंप क्या कहलाता है?

भूकंप (earthquake) क्या है?

दोस्तों सरल शब्दों में भूकंप पृथ्वी का हिलना है। यह एक प्राकृतिक घटना है। यह ऊर्जा की रिहाई के कारण होता है, जो सभी दिशाओं में यात्रा करने वाली तरंगों को उत्पन्न करता है। भूकंप हर समय आते हैं, पूरी पृथ्वी पर। उन पर ध्यान ही नहीं जाता। बड़े भूकंप बहुत कम बार आते हैं। वे इमारतों, पुलों, बांधों और लोगों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

भूकंप बाढ़, भूस्खलन और सुनामी का कारण बन सकते हैं। वह बिंदु जहां से ऊर्जा निकलती है, भूकंप का फोकस कहलाता है, वैकल्पिक रूप से, इसे हाइपोसेंटर कहा जाता है। सतह पर वह बिंदु, जो फोकस के सबसे निकट होता है, उपरिकेंद्र कहलाता है। यह लहरों का अनुभव करने वाला पहला व्यक्ति है। भूकंप मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में आते हैं जहां कमजोर चट्टानें पाई जाती हैं। भूकंपीय तरंगों को मापने के लिए ‘भूकंप लेखी’ यंत्र का उपयोग किया जाता है। भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जिसका आज तक कोई समाधान नहीं निकला है।

भूकंप (earthquake) क्यों आता है ?

दोस्तों अब हम समझते हैं कि भूकंप की उत्पत्ति के कारण क्या होता है तो, भूकंप उत्पन्न होने के कारण निम्नलिखित हैं:

1) ज्वालामुखी विस्फोट: जब पृथ्वी पर ज्वालामुखी फटता है, तो भूकंप आना तय है। ज्वालामुखी के दौरान लावा और मैग्मा इतनी जोर से निकलते हैं कि पूरी पृथ्वी कांप उठती है।

2) पृथ्वी के संतुलन में अव्यवस्था: पृथ्वी पर विभिन्न परतें अपना कार्य करती रहती हैं। इस प्रक्रिया में विभिन्न क्षेत्रों का भार बढ़ता रहता है जिससे पृथ्वी की परतों में कंपन होता है जिससे उस क्षेत्र में भूकंप के झटके आने लगते हैं।

3) जलीय भार: सतह के नीचे की चट्टानें जहाँ झीलें, तालाब, जलाशय आदि हैं, वजन और दबाव के कारण उनमें हेरफेर किया जाता है। यदि यह परिवर्तन अचानक होता है तो भूकंप आते हैं।

4) पृथ्वी की पपड़ी में सिकुड़न: गर्मी की कमी के कारण पृथ्वी की ऊपरी परत सिकुड़ने लगती है। यह सिकुड़न पर्वत निर्माण प्रक्रिया को जन्म देती है। जब यह क्रिया तेज हो जाती है, तो पृथ्वी कंपन करने लगती है।

5) प्लेट विवर्तनिकी: वह भूमि जिस पर महाद्वीप और महासागर स्थित हैं, प्लेट कहलाती है। जब ये प्लेटें आगे बढ़ती हैं तो पृथ्वी कंपन करती है। 26 जनवरी 2001 को भारत के भुज क्षेत्र में आए भूकंप का कारण प्लेट विवर्तनिक गति है। जब 2 गतिमान टेक्टोनिक प्लेट एक दूसरे के ऊपर से खिसकती हैं तो एक बड़ा कंपन होता है। इस प्रकार के भूकंप को टेक्टोनिक भूकंप के रूप में जाना जाता है। टेक्टोनिक भूकंप दुनिया में सबसे अधिक प्रचलित प्रकार के भूकंप हैं। इसका परिमाण छोटा या बड़ा हो सकता है। टेक्टोनिक भूकंपों ने ग्रह के अधिकांश सामूहिक विनाश का कारण बना है। टेक्टोनिक भूकंपों से उत्पन्न होने वाले झटके हमेशा गंभीर होते हैं, और यदि उनकी तीव्रता अधिक है, तो वे पूरे शहर को सेकंडों में नीचे लाने में सक्षम हैं।

भूकंप (earthquake) के विनाशकारी प्रभाव –

1. इमारतों को नुकसान

उच्च तीव्रता के भूकंप से इमारतें पूरी तरह ढह सकती हैं। इमारतों के ढहने से मलबा भूकंप के दौरान मुख्य खतरा होता है क्योंकि विशाल, भारी वस्तुओं के गिरने का प्रभाव मनुष्यों के लिए घातक हो सकता है। उच्च तीव्रता के भूकंप के कारण शीशे और खिड़कियां टूट जाती हैं, जो मनुष्यों के लिए भी खतरा पैदा करती हैं।

2. बुनियादी ढांचे को नुकसान

भूकंप के कारण बिजली की लाइनें गिर सकती हैं। यह खतरनाक है क्योंकि उजागर हुए तार इंसानों को बिजली का करंट लग सकता है या आग लग सकती है। बड़े भूकंप सड़कों, गैस लाइनों और पानी की पाइपलाइनों के टूटने का कारण बन सकते हैं। टूटी हुई गैस लाइनें गैस को बाहर निकलने का कारण बन सकती हैं। बच निकलने वाली गैस से विस्फोट और आग लग सकती है, जिसे काबू करना मुश्किल हो सकता है।

3. भूस्खलन और चट्टानें

जब भूकंप आता है, तो बड़ी चट्टानें और ऊपर की ओर स्थित पृथ्वी के कुछ हिस्सों को उखाड़ा जा सकता है, फलस्वरूप, घाटियों में तेजी से लुढ़कते हुए। भूस्खलन और चट्टानें नीचे की ओर रहने वाले लोगों के लिए विनाश और मृत्यु का कारण बन सकती हैं।

4. बाढ़ का कारण बन सकता है

उच्च तीव्रता के भूकंप लंबे समय में बांध की दीवारों के टूटने, ढहने के लिए उकसा सकते हैं। इससे आस-पास के क्षेत्रों में उग्र पानी भेजेगा जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ आएगी।

5. भूकंप सुनामी को ट्रिगर कर सकते हैं

एक सुनामी समुद्र के नीचे भूकंप या ज्वालामुखी विस्फोट से लंबे समय तक उच्च समुद्री झटकों की एक श्रृंखला है। एक सुनामी पूरे आसपास के तटीय क्षेत्र की आबादी को मिटा सकती है। एक विशिष्ट उदाहरण मार्च 11, 2011, भूकंप और सूनामी है जिसने जापान के तट पर हमला किया, जिससे 18,000 से अधिक लोग मारे गए।

6. द्रवीकरण की ओर ले जाता है

द्रवीकरण एक ऐसी घटना है जहां मिट्टी संतृप्त हो जाती है और अपनी ताकत खो देती है। जब उच्च जल सामग्री वाले तलछट लगातार कांपते रहते हैं, तो तलछट के छिद्रों में पानी का दबाव धीरे-धीरे बढ़ता है। अंततः, तलछट लगभग सभी एकजुट शक्ति खो देते हैं और तरल पदार्थ की तरह काम करना शुरू कर देते हैं। इस द्रवीभूत मिट्टी के ऊपर बनी इमारतें और अन्य संरचनाएँ उलट जाती हैं या जमीन में धंस जाती हैं। दुनिया भर में होने वाले अधिकांश द्रवीकरण के लिए भूकंप जिम्मेदार हैं। द्रवीकरण घटना का एक विशिष्ट उदाहरण जमैका में 1692 का भूकंप है जिसके परिणामस्वरूप पोर्ट रॉयल शहर की तबाही हुई।

भूकंप कैसे मापा जाता है?

भूकंपों को उनके द्वारा उत्पादित बल या ऊर्जा की मात्रा से मापा जाता है। यह रिक्टर स्केल के जरिए किया जाता है। यह उपकरण कैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान के चार्ल्स एफ. रिक्टर द्वारा विकसित किया गया था। इस टूल के बारे में आपने कई बार न्यूज या इंटरनेट में सुना या पढ़ा होगा। रिक्टर स्केल भूकंप की तीव्रता की गणना के लिए सिस्मोग्राफ के माध्यम से उत्पन्न जानकारी का उपयोग करता है। भूकंप की तीव्रता से आपको भूकंप के प्रभाव का अंदाजा हो जाता है।

रिक्टर पैमाने पर 7 से ऊपर आने वाले भूकंप ऐसे विनाशकारी प्रभाव के लिए जाने जाते हैं और जीवन और संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। रिक्टर पैमाने पर 3 से नीचे आने वाले भूकंपों को महसूस नहीं किया जा सकता है। 3 से 6 के बीच आने वाले भूकंप हल्के प्रकार के कहे जाते हैं। जापान जैसे देश उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आने के कारण भूकंप के प्रति संवेदनशील होते हैं। जब समुद्र में भूकंप आता है, तो यह सुनामी का मार्ग प्रशस्त करता है। सबसे विनाशकारी सुनामी में से एक 26 दिसंबर, 2004 को हिंद महासागर में आई थी।

क्या भूकंप की भविष्यवाणी की जा सकती है?

आज तक वैज्ञानिक भूकंप की भविष्यवाणी नहीं कर पाए हैं। कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, दुर्भाग्य से, उनमें से किसी ने भी काम नहीं किया है। यदि भूकंप की भविष्यवाणी करने के लिए ऐसा कोई टोल बनाया जाता है, तो भविष्य में कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। केवल एक चीज जो आप कर सकते हैं वह है भूकंप प्रबंधन के बारे में खुद को शिक्षित करना और आपदाओं के समय सतर्क रहना।

भूकंप की घटना कभी भी हो सकती है और हम इसके लिए और आने वाले खतरे के लिए कभी भी तैयार नहीं होंगे। लेकिन भूकंप की तैयारी के उपायों और जागरूकता के साथ, यह आपको खतरे के समय में ठोस निर्णय लेने में सतर्क और त्वरित बना सकता है।

निष्कर्ष –

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को भूकंप क्या होता है, भूकंप कैसे आता है और भूकंप क्यों आता है इनसभी सवालो के बारे में सारी जानकारी मिल गई होग। दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

MP E-Uparjan 2023: कैसे पता करें कि समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा किस बैंक खाते में आएगा?

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य पर किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का भुगतान किसान के बैंक खाते में डायरेक्ट किया जाता है। 

भारत सरकार के निर्देशानुसार उचित मूल्य पर उपार्जित स्कंध का भुगतान संबंधित कृषक को उसके आधार लिंक खातों में ही किया जाना है और यदि किसी अन्य खाते में भुगतान किया जाता है ।

इसके लिये यह आवश्यक है कि सभी किसान जिन्होंने फसल विक्रय के लिये पंजीयन कराया है उनको उनके आधार न. से कम से कम एक खाता लिंक होना चाहिये । जिस पर विक्रय फसल की राशि का भुगतान किया जा सके।

मध्य प्रदेश सरकार किसानो से उनकी फसल समर्थन मूल्य पर क्रय करने हेतु किसानों से उनकी फसल पंजीयन कार्य MP E Uparjan Portal के माध्यम से करती हैं| जो इस रबी वर्ष के लिए गेहूं, चना, सरसों और मसूर की खरीद के लिए किसान पंजीयन कार्य 15 सितम्बर 2022 से 30 सितम्बर 2022 तक किया गया। 

MP EUparjan 2023  में किसान पंजीयन के दौरान किसान से आधार कार्ड, समग्र सदस्य आईडी, किसान का मोबाइल नंबर और भूमि की जानकारी (भू ऋण पुस्तिका) की जानकारी मांगी गई परन्तु किसान की बैंक खाते से सम्बंधित कोई जानकारी नहीं ली गई क्यूंकि किसान का समर्थन मूल्य का पैसा उसके आधार कार्ड में लिंक बैंक खाते में भुगतान किया जायेगा|

अब किसानो को समस्या यह है कि यदि किसान का बचत बैंक खाता कई बैंको में है, और वे सभी बैंक खाते आधार से लिंक है तो समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा किस बैंक खाते में आएगा? तो आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से यही बताने जा रहे हैं कि समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा किस बैंक खाते में आएगा? अतः आप सभी किसान मित्रो से अनुरोध है कि हमारे आर्टिकल को अंत तक अवश्य रूप से पढ़े :

आधार लिंक बैंक खातों में राशि भुगतान का है प्रावधान:

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य पर किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का भुगतान किसान के बैंक खाते में डायरेक्ट किया जाता है। 

भारत सरकार के निर्देशानुसार उचित मूल्य पर उपार्जित स्कंध का भुगतान संबंधित कृषक को उसके आधार लिंक खातों में ही किया जाना है और यदि किसी अन्य खाते में भुगतान किया जाता है।

इसके लिये यह आवश्यक है कि सभी किसान जिन्होंने फसल विक्रय के लिये पंजीयन कराया है उनको उनके आधार न. से कम से कम एक खाता लिंक होना चाहिये । जिस पर विक्रय फसल की राशि का भुगतान किया जा सके।

MP E- Uparjan 2023 : समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा किस बैंक खाते में आएगा? जानिए स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस:

समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा किस बैंक खाते में आएगा, निम्न प्रोसेस को फॉलो करना पड़ेगा :

स्टेप 1: सबसे पहले आधार कार्ड की ऑफिसियल वेबसाइट https://resident.uidai.gov.in/ पर जाना होगा

स्टेप 2 : अब My Aadhaar Menu के Aadhaar Services Section में Check Aadhaar/Bank Linking Status पर क्लिक करे|

MP E-Uparjan 2022

स्टेप 3: NPCI Mapper में अपना आधार और बैंक खाता लिंकिंग स्थिति जांच करने के लिए अपना आधार कार्ड नंबर प्रविष्ट करे।

स्तेप 4: Security Code प्रविष्ट करे और Send OTP पर क्लिक करे|

स्टेप 5: आधार कार्ड नंबर में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP प्रविष्ट करने के बाद Submit पर क्लिक करे|

स्टेप6: अब आपके स्क्रीन पर आधार कार्ड से लिंक बैंक का नाम दिखाई देगा | इसी बैंक खाते में आपके समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा आएगा |

MP E-Uparjan 2022

इस तरह से आप जान गए होंगे कि समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा किस बैंक खाते में आएगा| यदि यह जानकारी आप सभी लोगो को अच्छी लगी हो तो अपने मित्र और परिवार से साथ साझा जरूर कीजियेगा|

अकसर पूछे जाने प्रश्न :

1. समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा किस बैंक खाते में आएगा

समर्थन मूल्य पर विक्रय की गई फसल का पैसा आधार से लिंक बैंक खाते में आएगा |

2. मैं समर्थन मूल्य पर बेचीं गई फसल की राशि प्राप्त करने के लिए बैंक खाता बदलना चाहता हूं, बैंक खाता बदलने के लिए क्या करना चाहिए?

अगर आपको पता चल गया है कि आपका MP E Uparajan Payment किस बैंक खाते में आएगा और आप इसे बदलना चाहते हैं तो आप जिस बैंक खाते में राशि प्राप्त करना चाहते हैं उस बैंक खाते में जाएं और अपना KYC करवाएं और यह बैंक में बताना होगा कि DBT(Direct Benefit Transfer or DBT is an attempt to change the mechanism of transferring subsidies launched by Government of India on 1 January 2013. This program aims to transfer subsidies directly to the people through their bank accounts.) लागू करें ताकि भविष्य में आपको सरकार द्वारा दिए गए सभी लाभ उसी बैंक खाते में प्राप्त हों।

EPFO: Digilocker से UAN CARD और PPO (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) कैसे डाउनलोड करें

0

Digilocker से UAN CARD और PPO- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है, अब सब्सक्राइबर्स Digilocker के माध्यम से UAN कार्ड, पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) और स्कीम सर्टिफिकेट को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं |

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) कहा है कि अब पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर Universal Account Number (UAN) सरकार की ई लॉकर सर्विस Digilocker पर उपलब्ध होगा. इसके बाद EPFO सब्सक्राइबर्स अपना UAN Card और PPO (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) डिजिलॉकर के माध्यम से भी डाउनलोड कर सकते हैं| कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के इस कदम से लाखों पेंशनभोगियों और PF मेंबर्स को समय से अपना डॉक्युमेंट डाउनलोड करने और उचित लाभ लेने में मदद मिलेगी|

What is UAN and PPO?

क्या होता है UAN और PPO?

सैलरीड कर्मचारियों के लिए UAN बेहद जरूरी होता है, क्योंकि कर्मचारी अपने एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड(EPF) अकाउंट्स को ट्रैक करते हैं. वहीं, PPO एक 12 अंकों को यूनिक नंबर होता है, जिसकी मदद से पेंशनभोगियों को पेंशन प्राप्त करने में आसानी होती है. बता दें​ कि पेंशनभोगियों को हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करते समय PPO नंबर की बेहद आवश्चयकता होती है.

UAN (Universal Account Number): यूनिवर्सल एकाउंट नंबर क्या है ?
Universal Account Number: यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (UAN) नौकरी करने वाले सभी लोगों को ईपीएफओ (EPFO) द्वारा जारी किया जाता है. यह 12 डिजिट का कॉमन नंबर होता है. इस एकाउंट नंबर (Account Number) द्वारा कर्मचारियों को प्रॉविडेंट फंड (PF) के बारे में जानकारी मिलती है. 
नौकरी करने वालों (Salaried Class) के लिए यूएएन (UAN) बहुत आवश्यक है. सैलरीड क्लास (Salaried Class) के लोगों के हर महीने अपने रिटायरमेंट के लिए अपनी कमाई का कुछ हिस्सा पीएफ (PF) खाते में जमा करना पड़ता है. नियम के मुताबिक, हर कर्मचारी को ईपीएफ (EPF) खाते में हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है. इसके साथ, ईपीएफओ (EPFO) का मेंबर होना भी आवश्यक होता है. यूएएन (UAN) की मदद से खाते में जमा रकम के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है| 
ईपीएफ (EPF) के सभी मेंबर्स को उनकी सेवाओं के दौरान यूएएन (UAN) जारी किया जाता है. यूएएन 12 अंको का होता है जो ईपीएफओ द्वारा जारी किया जाता है. आप चाहे जितनी ही नौकरियां बदलें, लेकिन यूएएन वही रहता है. ईपीएएफओ का नया मेंबर बनने पर सभी को यूएएन नंबर जारी किया जाता है.

What is Digilocker?

क्या है डिजिलॉकर?

डिजीलॉकर, एक भारतीय डिजिटलीकरण ऑनलाइन सेवा है जो इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार द्वारा अपनी डिजिटल भारत पहल के तहत प्रदान की जाती है। डिजीलॉकर प्रत्येक आधार धारक को इन प्रमाण पत्रों के मूल जारीकर्ताओं से डिजिटल दस्तावेज़ में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, शैक्षणिक मार्क शीट जैसे प्रामाणिक दस्तावेजों / प्रमाण पत्रों का उपयोग करने के लिए क्लाउड में एक खाता प्रदान करता है। यह दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियों को अपलोड करने के लिए प्रत्येक खाते में 1GB भंडारण स्थान भी प्रदान करता है।

यह सुविधा पाने के लिए बस उपयोगकर्ता के पास भारत सरकार द्वारा प्रद्दत आधार कार्ड होना चाहिए। अपना आधार अंक डाल कर उपयोगकर्ता अपना डिजिलॉकर खाता खोल सकते हैं और अपने जरूरी दस्तावेज़ सुरक्षित रख सकते हैं। आधार अंक की अनिवार्यता होने की वजह से यह तय किया गया है। कि इस सरकारी सुविधा का लाभ सिर्फ भारतीय नागरिक ही ले सकें और जिसका भी खाता हो, उसके बारे में सभी जानकारी सरकार के पास हो। कोई भी ठग, झूठा और अप्रमाणित व्यक्ति इसका उपयोग ना कर सके इसके लिए आधार कार्ड  होने की अनिवार्यता बेहद आवश्यक है।

क्योंकि आधार कार्ड भी भारत सरकार द्वारा पूरी जाँच पड़ताल के बाद ही जारी किया जाता है। इस तरह से इस प्रणाली के दुरुपयोग की संभावना बेहद कम हो जाती है। इस सुविधा की खास बात ये हैं कि एक बार लॉकर में अपने दस्तावेज अपलोड करने के बाद आप कहीं भी अपने प्रमाणपत्र की मूलप्रति के स्थान पर अपने डिज़िलॉकर की वेब कड़ी (यूआरएल) दे सकेंगे।

डिजीलॉकर पर कैसे एक्सेस करें UAN या PPO नंबर, Digilocker से UAN CARD और PPO

डिजिलॉकर पर UAN या PPO नंबर एक्सेस करने की प्रक्रिया बताने जा रहे हैं अतः नीचे दी जा रही प्रोसेस को ध्यान से पढ़ें और डिजिलॉकर पर अपना UAN या PPO नंबर एक्सेस करे :-

STEP 1: सर्वप्रथम आपको डिजिलॉकर की ऑफिसियल वेबसाइट https://www.digilocker.gov.in/dashboard पर जाना होगा|

Digilocker से UAN CARD और PPO

STEP 2: इस वेबसाइट पर आपको “Sign In” के विकल्प पर क्लिक करना होगा| “Sign In” पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा |

STEP 3: Sign In” पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा | जिसमे आपको आधार नंबर या यूजरनेम और six डिजिट पिन एंटर करना होगा

Digilocker से UAN CARD और PPO

STEP 3: आधार नंबर या यूजरनेम और six डिजिट पिन एंटर करने के बाद “Sign In” पर क्लिक करना है |

Digilocker से UAN CARD और PPO

STEP 4: आधार नंबर या यूजरनेम और six डिजिट पिन एंटर करने के बाद और “Sign In” पर क्लिक करने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा. इस ओटीपी के भरने के बाद ‘सबमिट’ बटन पर​ क्लिक करना होगा.

Digilocker से UAN CARD और PPO

STEP 5: सबमिट बटन पर क्लिक करने के बाद आप होम पेज पर लॉगिन हो जायेगे | जिसमे एक नया इंटरफेस ओपन होगा |

Digilocker से UAN CARD और PPO

STEP 6: इसके बाद इस ओपन हुए होम पेज में “Browse Documents” टैब पर क्लिक करना है|

Digilocker से UAN CARD और PPO

STEP 7: “Browse Documents” टैब पर क्लिक करते ही एक नया इंटरफेस ओपन होगा जिसमे ‘Central Government’ टैब के नीचे ‘Employees Provident Fund Organization’ पर क्लिक करना होगा|

STEP 8: ‘Employees Provident Fund Organization’ पर क्लिक करने के बाद तीन ऑप्शन दिखाई देंगे| वे तीन ऑप्शन पेंशन सर्टिफिकेट , स्कीम सर्टिफिकेट और UAN कार्ड दिखाई देंगे | जिसमे से UAN कार्ड वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है|

STEP 9: अब आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा. यहां आपको UAN पर क्लिक करने के बाद अपना जन्म तिथि और यूएएन नंबर डालें. इसके बाद ‘Get Document’ पर क्लिक करें|

STEP 10: ऐसा करने पर आपका डेटा इश्यूड डॉक्युमेंट सेक्शन में सेव हो जाएगा. यहां से आप अपना यूएएन कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.

Digilocker से UAN CARD और PPO

कैसे यूज करें डिजिलॉकर

आप डिजिलॉकर की वेबसाइट पर जा सकते हैं या फिर अपने स्मार्टफोन पर ये ऐप डाउनलोड कर सकते हैं. अपने आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए OTP की मदद से आप अपना यूजर आईडी जेनरेट कर सकते हैं.

अगर किसी संस्था ने आपका e Document सबमिट किया है तो उसे आप यहां से एक्सेस कर सकते हैं.

आप खुद भी अपना डॉक्युमेंट सबमिट कर e Sign कर सकते हैं.

अधिक जानकारी प्राप्त करने कि लिए आवेदक हमारी वेबसाइट http://enterhindi.com/ की मदद ले सकते है |

अगर आपको ये Article अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने friends और family के साथ भी जरूर Share करे | अगर आपको  कोई Problem आ रही हो तो आप हमसे निचे दिए गए comment box में पूछ सकते है | EnterHindi Team आपकी जरूर Help करेगी |

इसी तरह से जानकारी रोज पाने के लिए EnterHindi को follow करे FacebookTwitter पर और Subscribe करे YouTube Channel को |

M-Ration Mitra App पर मिल जाएगी राशन दुकान की सारी जानकारी

M-Ration Mitra App Download करें और पायें जानकारी

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र BPL परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए ‘M-Ration Mitra App’ लाया गया है। इस एप के माध्यम से ही परिवारों का सत्यापन गठित दलों द्वारा किया जाएगा।

दलों को एप पर कार्य करने की प्रणाली से अवगत कराया गया। NIC की टीम एवं खाद्य विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी ने सत्यापन दलों को इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी।

ग्वालियर में प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एम राशन मित्र एप का लोकार्पण किया था। उन्होंने एप के लोकार्पण के साथ ही कहा कि इस एप के माध्यम से अब प्रदेश के सभी उपभोक्ता अपने मोबाइल पर ही उचित मूल्य दुकान से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत प्रदेश के 117 लाख परिवारों के 5 करोड़ 46 लाख सदस्यों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रतिमाह न्यूनतम दर पर गुणवत्तायुक्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

लाभान्वित परिवारों के इतने बड़े समूह को पात्रता अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराना, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत उनके अधिकारों और हक के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक उपभोक्ता बनाना, उन्हें प्रमाणित जानकारी और सूचनाएं देने के लिए विभाग द्वारा एम राशन मित्र एप तैयार किया गया है।

इसके लिए जिले में 1284 टीमें गठित की गई हैं। जो घर-घर जाकर राशन कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड आदि संबंधित कागजातों की जांच करेंगी। उन्होंने बताया कि जिले में दो लाख 48 हजार परिवारों और 12 लाख 70 हजार सदस्यों का वैरीफिकेशन करना है

करें राशन दुकान की जानकारी प्राप्त

ऐप से राशन दुकान की सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, इसके लिए आपको सबसे पहले M-Ration Mitra App को अपने मोबाइल में इनस्टॉल करना होगा, एप्लीकेशन को Play Store से डाउनलोड कर सकते हैं, एप्लीकेशन को अभी डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें.

M-Ration Mitra App

M-Ration Mitra App को अपने मोबाइल में इनस्टॉल करने के बाद आपको बहौत सारे ऑप्शन मिलेंगे, जैसे की आपको वहाँ पर परिवार हेतु सेवाएं, राशन कार्ड हेतु सेवाएं, राशन की दुकान लाभार्थी परिवार, और आस पास की
दुकानो की सूचि के लिए विकल्प मिलेंगे.

अगर आपको राशन की दुकान की जानकारी चाहिए तो आप राशन की दुकान लाभार्थी परिवार वाले ऑप्शन में क्लिक करें, तो वहाँ पर आपको आपकी पंचायत चुन कर राशन की दुकान के बारे में जानकारी मिल जाएगी.

M-Ration Mitra App से लाभार्थी परिवार अपना मासिक खाद्यान्न, आवंटन, उठाव, दुकान में खाद्यान्न की उपलब्धता, दुकान में स्थापित POS मशीन की स्थिति, आस-पास मौजूद दुकानों की लोकेशन, दुकानों के लाभार्थी परिवार एवं उनके सदस्यों की प्रमाणित जानकारी घर बैठे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। एप पर परिवारों को खाद्यान्न वितरण में आर ही समस्याओं को रिपोर्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। दुकान बंद होने, कम तौलने, वितरण न होने आदि की शिकायतों को भी एप के माध्यम से दर्ज किया जा सकता है।

Also Read:-

MP Teacher ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे? जानिए यहाँ पर…

MP Teacher Online Transfer Application: मध्य प्रदेश शासन एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समस्त विभागों के राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियो एवं कर्मचारियों के स्थान्तरण के सम्बन्ध में आदेश जारी किया गया है जो कि 16 सितम्बर 2022 को जारी किया गया है जिसमे बताया गया है कि 17 सितम्बर 2022 से 5 अक्टूबर 2022 की अवधि के लिए स्थान्तरण से प्रतिबन्ध को शिथिल करता है|

स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश ने ट्रांसफर नीति में अहम् बदलाव किये हैं इस नीति में में अब शिक्षकों को ट्रांसफर (MP Teacher Online Transfer Application) के लिए कहीं भटकने की जरुरत नहीं होगी ।ट्रांसफर प्रक्रिया को ऑनलाइन एंवम ऑटोमेटेड सिस्टम से पारदर्शी बनाने की कोशिश की गयी है ।

Online Teacher Management System (ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण प्रबंधन प्रणाली ) पोर्टल के माध्यम से आप ट्रांसफर हेतु रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं , यह सुविधा पोर्टल पर जल्द ही विभाग द्वारा उपलब्ध करा दी जाएगी|

अभी हम सिर्फ ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद देख सकते है, तो आइए जानते है कि ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे?

MP Teacher शिक्षक ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे?

स्टेप 1. शिक्षा विभाग में शिक्षक ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद देखने के लिए सर्वप्रथम किसी भी ब्राउज़र को ओपन करके एजुकेशन पोर्टल को ओपन करना है

स्टेप 2.एजुकेशन पोर्टल के ओपन हो जाने के बाद राइट कार्नर में लॉगिन के बटन पर क्लिक करना है | और अपनी यूनिक आई डी (यूजरनेम) और पासवर्ड से लॉगिन हो जाये|

स्टेप 3. लॉगिन होने पर नया इंटरफ़ेस कुछ इस प्रकार से हमारे सामने आ जायेगा| अब हम यहाँ पर देखेंगे की यहाँ पर ऑनलाइन ट्रांसफर का एक ऑप्शन दिखाई देगा, जैसा की आप इमेज पर देख प् रहे हैं|

स्टेप 4. अब आप को ऑनलाइन ट्रांसफर के ऑप्शन पर क्लिक करना है साथ ही इस ऑप्शन पर मैन मेनू के ऑप्शन से जा सकते हैं |

स्टेप 5. ऑनलाइन ट्रांसफर के ऑप्शन पर क्लिक करने पर एक नया पेज ओपन हो जायेगा, जिसमे बहुत सरे ऑप्शन दिखाई देंगे किन्तु विभाग द्वारा अभी तक अप्लाई करने का ऑप्शन नहीं दिया गया है| केवल रिक्त पदों की जानकारी चेक कर सकते हैं|

स्टेप 6. रिक्त पदों की जानकारी चेक करने के लिए जैसे हम Set- up Posts वाले ऑप्शन पर माउस पॉइंटर ले कर जायेगे तो इसमें दो ऑप्शन आ जायेगे जिसमे पहला ऑप्शन है View Setup and Post code और दूसरा ऑप्शन है View Merged School Detail.

स्टेप 7. अब हम पहले ऑप्शन View Setup and Post code पर क्लिक करेंगे

स्टेप 8. पहले ऑप्शन View Setup and Post code पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा|

स्टेप 9. अब हमें जिस भी जिले में रिक्त पदों की जानकारी चेक करना है उस जिले का चयन करेंगे, विकासखंड का चयन करेंगे और फिर शाला का प्रकार का चयन करेंगे कि किस प्रकार की शाला में आप रिक्त पदों की जानकारी चाह रहे है, उसके बाद विषय या पैनल समूह को सेलेक्ट करना है जिसमे दो ऑप्शन दिखाई देंगे, पहला ऑप्शन है HM-PS और दूसरा ऑप्शन है SSS-3 यानि संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 है इनमे से जिस पद की जानकारी चाह रहे है उसको सेलेक्ट करना है|

स्टेप10. सभी प्रकार की जानकारी भरने के बाद कॅप्टचा कोड एंटर करना है कॅप्टचा कोड एंटर करने के बाद view posts,Post Code and vacancies वाली बटन पर क्लिक करना है अब आप के स्क्रीन पर रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हो जाएगी |

स्टेप 11. यदि आप ये सब जानकारी नहीं भरना चाहते है तो सीधे स्कूल का DISE CODE एंटर करना है और कॅप्टचा कोड एंटर करना है अब आप के स्क्रीन पर सम्बंधित स्कूल की जानकारी प्राप्त हो जाएगी|

नोट : अभी पोर्टल पर ऑनलाइन ट्रांसफर आवेदन की सुविधा नहीं दी गयी है जैसे ही यह सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध हो होगी इसकी भी जानकारी आप को प्रदान कर दी जाएगी |

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं? IRCTC में ID बनाना सीखें।

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं? पूरी जानकारी।

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं– आजकल सब कुछ ऑनलाइन होगया है और आप में से अधिकतर लोगों को ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग के बारे में जानकारी होगी, लेकिन कई लोग ऐसे भी होंगे जिन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं होगी। रेलवे टिकट की ऑनलाइन बुकिंग के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि आपके पास IRCTC का अकाउंट होना चाहिए। यदि आपके पास IRCTC का अकाउंट नहीं है तो आज हम आपको बताते हैं की कैसे आप irctc में अपना अकाउंट बना सकते हैं।

बता दें की ऑनलाइन train ticket book करने के लिए आपके पास IRCTC का अकाउंट होना चाइये तभी आप टिकट बुक कर सकते हैं। बहौत सारे लोग एजेंट्स से ट्रेन की टिकट बुक करवाते है लेकिन वो उनसे ज्यादा पैसे लेलेते हैं तो इसलिए हमसब की पास अपना खुद का अकाउंट होना चाइए ताकि हम जब चाहें तब ट्रेन की टिकट अपने अनुसार बुक कर सकें।

ऑनलाइन सिर्फ वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनके पास आईआरसीटीसी का अकाउंट होगा। आइए हम आपको IRCTC पर अकाउंट बनाने का तरीका बताते हैं।

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं हिंदी में जानकारी

Note– अगर आपको इंग्लिश अच्छे से समझ में नहीं आती है तो आप ऊपर राइट साइड में हिंदी भाषा को चुन सकते हैं फिर फॉर्म हिंदी में आजयेगा।

Step 1- सबसे पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctc.co.in पर जाएं और रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करें। यदि आपको कुछ समझ नहीं आ रहा है तो यहां क्लिक करें।निचे दिए गए स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं।

Step 2- अब आपके सामने एक फॉर्म खुला होगा, उसमें यूजर नेम डालें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका नाम Aman है तो आप AmanK60 नाम से अपनी आईडी बना सकते हैं। इसके बाद पासवर्ड डालें (पासवर्ड खुद बनाना है, ईमेल का पासवर्ड नहीं डालना है) और फिर पासवर्ड कंफर्म करें। (यूजर नेम और पासवर्ड को लिखकर रख लें ताकी भूलें नहीं)

Step 3- अब सुरक्षा सवाल (सिक्योरिटी क्वेश्चन डालें)। इसके लिए आपको कई विकल्प मिलेंगे। फिर सिक्योरिटी क्वेश्चन का जवाब डालें और भाषा का चयन करें।

Step 4- इसके बाद पर्सनल डीटेल में अपना पूरा नाम डालें। यहां वही नाम एंटर करे जो नाम आपके आधार कार्ड में लिखा हुआ है।

Step 5- इसके बाद लिंग की जानकारी दें कि आप महिला हैं, पुरुष हैं या ट्रांसजेंडर हैं वो सही जगह पर भरें।

Step 6- अब आगे जन्म तारीख, व्यवसाय, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और घर का पता जैसी जानकारी देनी होंगी वो अब डालने के बाद आगे बढ़ें।मोबाइल नंबर पर otp आने के बाद वेरीफाई करलें।

Step 7- फिर आवासीय पता भरें और पूछी जा यही सभी जानकारी को अच्छे से भरें।

Step 8- सबकुछ भरने के बाद एक बार अपना फॉर्म अच्छे से देखलें फिर कैप्चा सेलेक्ट करने इ बाद Terms and conditions वाले बॉक्स में क्लिक करने के बाद रजिस्टर वाली बटन में क्लिक करे।

तो इस तरह से आपका अकाउंट बन जएगा। तो आपको अब समझ में आगया होगा की IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं? तो अगर आपको कोई चीज़ समझ में नहीं आरी हो या आप कुछ पूछना चाहते हों तो निचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं हम आपकी मदद करने की पूरी कोसिस करेंगे।

Read More-

Gautam Adani: गौतम अडानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बन गए हैं

गौतम अडानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी – फोर्ब्स के मुताबिक अदानी ग्रुप के मालिक उद्योगपति गौतम अदानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। बिजनेस टाइकून ने एलवीएमएच मोट हेनेसी के सह-संस्थापक और अध्यक्ष बर्नार्ड अरनॉल्ट को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है।

फोर्ब्स की रीयल-टाइम अरबपतियों की सूची के अनुसार, अडानी और उनके परिवार की कुल संपत्ति $155.4 बिलियन थी, जबकि अर्नाल्ट की $155.2 बिलियन थी। स्पेसएक्स और टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क जिनकी कुल संपत्ति 273.5 बिलियन डॉलर है, फोर्ब्स की सूची में सबसे ऊपर हैं।

Gautam Adani

रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी 92.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ आठवें स्थान पर हैं, इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स (कुल मूल्य 105.3 अरब डॉलर), लैरी एलिसन (98.3 अरब डॉलर) और दिग्गज वॉल स्ट्रीट निवेशक वारेन हैं।

बुफे (जाल) हैं। $96.5 बिलियन)। गौतम अडानी को उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) द्वारा USIBC 2022 ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। पिछले महीने भी, श्री अदानी ने तीसरे स्थान पर रहने के लिए अर्नाल्ट को पछाड़ दिया, लेकिन मस्क और बेजोस से पीछे थे।

इस बार उन्होंने थोड़े समय के लिए बेजोस को पछाड़ दिया। उनके दूसरे स्थान पर आने के साथ, अरनॉल्ट को तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया, उनके परिवार की कुल संपत्ति गिरकर $153.5 बिलियन हो गई क्योंकि यह गिरकर $4.9 बिलियन हो गई। उन्होंने 152.8 अरब डॉलर की अपनी कुल संपत्ति के साथ फिर से इस पद पर कब्जा कर लिया है, हालांकि इसमें और गिरावट आई है।

Gautam Adani

खाद्य उद्योग पर अडानीअंबानी की लड़ाई –

भारत के खाद्य उद्योग में वर्चस्व की लड़ाई अडानी और अंबानी के बीच चल रही है और दोनों कंपनियों ने इस 400 अरब डॉलर के खाद्य उद्योग में अपना पैर जमाने के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।

अदानी विल्मर ने हाल ही में कई ब्रांडों का अधिग्रहण किया है, विशेष रूप से कोहिनूर कुकिंग ब्रांड, मैककॉर्मिक स्विट्जरलैंड। इस अधिग्रहण के साथ, अदानी समूह अब बासमती चावल के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में शुमार हो गया है।

पिछले एक साल में अदाणी समूह ने 17 अरब डॉलर की कुल लागत से 32 कंपनियों को खरीदा है। जबकि, रिलायंस रिटेल लिमिटेड ने घोषणा की थी कि वह एफएमसीजी क्षेत्र में प्रवेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को सस्ती कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना है।

अडानी क्यों आगे बढ़े?

अदाणी समूह ने पिछले कुछ वर्षों में कोयले से लेकर बंदरगाहों और डेटा केंद्रों से लेकर सीमेंट, मीडिया और एल्यूमिना तक हर चीज में निवेश किया है। अदानी समूह अब भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बंदरगाह और हवाई अड्डे के संचालक, शहर-गैस वितरक और कोयला खनिक का मालिक है।

ऑस्ट्रेलिया में अडानी की कारमाइकल खदान की पर्यावरणविदों द्वारा आलोचना की जा रही है, कंपनी ने नवंबर में दुनिया की सबसे बड़ी अक्षय-ऊर्जा उत्पादक बनने के लिए हरित ऊर्जा में $ 70 बिलियन का निवेश करने का वादा किया था।

हाल ही में, अदानी ने अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और स्विस कंपनी होल्सिम ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड के व्यवसाय का स्वामित्व प्राप्त करके सीमेंट उद्योग में प्रवेश किया। यह बिजनेस डील करीब 10.5 अरब करोड़ डॉलर में हुई थी।

Vishwakarma Puja 2022: यहां जानिए विश्वकर्मा पूजा की तिथि, महत्व और अनुष्ठान

हेलो दोस्तों, विश्वकर्मा पूजा, विश्वकर्मा दिवस, या विश्वकर्मा जयंती, दिव्य भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है। यह पवित्र दिन उन भक्तों के लिए बहुत महत्व रखता है जो इस दिन को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। यहां पढ़कर आप विश्वकर्मा पूजा और शुभ तिथि और समय के बारे में जान सकते हैं। विश्वकर्मा पूजा भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है, जिन्हें दुनिया के दिव्य वास्तुकार या डिजाइनर के रूप में जाना जाता है। विश्वकर्मा पूजा का शुभ अवसर हर साल भगवान विश्वकर्मा की जयंती के रूप में मनाया जाता है। विश्वकर्मा पूजा देश भर के शिल्पकारों और कारीगरों के लिए सबसे शुभ दिन है।

Vishwakarma Puja 2022

विश्वकर्मा पूजा 2022 की तिथि और समय

विश्वकर्मा पूजा कन्या संक्रांति या कन्या संक्रांति के दिन होती है, और ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह आमतौर पर 16 या 17 सितंबर को पड़ती है। भारत में, यह एक प्रतिबंधित अवकाश है। विश्वकर्मा पूजा 2022 17 सितंबर 2022 (शनिवार) को पड़ रही है। विश्वकर्मा पूजा की गणना बिसुधा सिद्धांत के अनुसार की जाती है। यह अवसर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में मनाया जाता है।

आपको बता दें की पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, झारखंड और उड़ीसा जैसे कई पूर्वी राज्यों में, इसे ‘विश्वकर्मा पूजा’ के रूप में मनाया जाता है। विश्वकर्मा पूजा बंगाली महीने के अंतिम या अंतिम दिन मनाई जाती है, भाद्र, जिसे आमतौर पर कन्या संक्रांति के रूप में भी जाना जाता है। या भद्रा संक्रांति। दिवाली के बाद यह त्यौहार बिहार और कुछ अन्य उत्तरी राज्यों में मनाया जाता है। केरल में विश्वकर्मा पूजा ऋषि पंचमी के दिन मनाई जाती है। विश्वकर्मा पूजा की तिथि और समय नीचे दिया गया है।

विश्वकर्मा पूजा तिथि– 17 सितंबर 2022 (शनिवार)

विश्वकर्मा पूजा संक्रांति का समय– 07:36 AM (IST)

कन्या संक्रांति– 17 सितंबर 2022 (शनिवार)

विश्वकर्मा पूजा का महत्व

भगवान विश्वकर्मा की जयंती हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यधिक धार्मिक महत्व के साथ एक अत्यंत पवित्र अवसर माना जाता है। भक्तों द्वारा यह माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा भगवान ब्रह्मा की संतान हैं। भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के लिए महलों और यहां तक कि दिव्य हथियारों का डिजाइन और निर्माण करने के लिए जाना जाता है। उनकी रचनाओं और कार्यों की विशालता का उल्लेख स्थापत्य वेद, जो वास्तुकला और यांत्रिकी का विज्ञान है, और ऋग्वेद में किया गया है। भक्त विश्वकर्मा पूजा या विश्वकर्मा जयंती को एक महत्वपूर्ण दिन मानते हैं जो दिव्य भगवान विश्वकर्मा का सम्मान करता है। यह दिन श्रमिक समुदाय के लिए बहुत महत्व रखता है।

दोस्तों यह दिन न केवल वास्तुशिल्प और इंजीनियरिंग समुदायों द्वारा बल्कि शिल्पकारों, कारीगरों, वेल्डर, बढ़ई, यांत्रिकी, कारखाने के श्रमिकों, औद्योगिक श्रमिकों और अन्य लोगों द्वारा भी सम्मानित किया जाता है। इस दिन, वे सुरक्षित काम करने की स्थिति, मशीनों के सुरक्षित और सुचारू संचालन, बेहतर भविष्य और अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता के लिए भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना करते हैं। श्रमिकों और शिल्पकारों का समुदाय अपने औजारों की पूजा करता है और इस अवसर पर उनका उपयोग करने से परहेज करता है। इसलिए यह दिन उनके लिए छुट्टी का दिन बन जाता है।

आपको बता दें की इस अवसर पर पूरे देश में मंदिरों और कार्यस्थलों पर पूजा और कई अन्य अनुष्ठान किए जाते हैं। कई कार्यस्थल श्रमिकों और कारीगरों के लिए मुफ्त लंच का आयोजन करते हैं। भारत के अलावा नेपाल में भी यह खास त्योहार मनाया जाता है। यह त्यौहार सबसे महत्वपूर्ण रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और कारखानों में मनाया जाता है।

विश्वकर्मा पूजा से जुड़े अनुष्ठान

  • विश्वकर्मा पूजा पर दुकानों, कार्यालयों, कारखानों और कार्यस्थलों में विशेष पूजा और प्रार्थना की जाती है। इस दिन हवा में उत्सव और उत्सव को दर्शाते हुए पूजा स्थल को फूलों से खूबसूरती से सजाया जाता है।
  • इस अवसर पर, भक्त भगवान विश्वकर्मा और उनके ‘वाहन’ या वाहन, हाथी की पूजा करते हैं। इस दिन कार्यालयों, कारखानों और उद्योगों में स्थापित मशीनों की भी पूजा की जाती है। इसके अतिरिक्त, श्रमिक और शिल्पकार इस दिन अपने औजारों की पूजा करते हैं।
  • पूजा के लिए कारखानों और कार्यस्थलों में भगवान विश्वकर्मा की विशेष मूर्तियाँ, मूर्तियाँ या चित्र स्थापित किए जाते हैं। पूजा करने के लिए श्रमिकों और कारीगरों को एक आम जगह पर इकट्ठा होना चाहिए।
  • भक्तों को भोर में स्नान करना चाहिए और स्वयं को शुद्ध करना चाहिए। उसके बाद उन्हें दैनिक उपयोग की मशीनों, औजारों और उपकरणों को साफ करना चाहिए।
  • आपको विश्वकर्मा पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा के साथ भगवान विष्णु की तस्वीर रखनी चाहिए। देवताओं को कुमकुम (सिंदूर), अक्षत, गुलाल, फूल, फल, मिठाई, हल्दी, चावल, सुपारी, अगरबत्ती, रक्षासूत्र, दही आदि चढ़ाएं।
  • अष्टदल की रंगोली बनाकर उस पर सात प्रकार के अनाज रख दें।
  • साथ ही पूजा के समय जल से भरा कलश अवश्य रखें।
  • भगवान विश्वकर्मा को श्रद्धा के साथ पुष्प अर्पित करें। फिर तिलक लगाएं और सभी औजारों पर अक्षत लगाएं। भक्तों को कलश रखना चाहिए और रोली और अक्षत को कलश में लगाना चाहिए। साथ ही मंत्र का जाप करें- “O श्री सृष्टनाय सर्वसिद्धाय विश्वकर्माय नमो नमः” पूरी भक्ति के साथ, और भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना करें।
  • देवता के औजारों, कलशों, मशीनों और मूर्तियों पर तिलक और सिंदूर लगाकर फूल चढ़ाएं।
  • इसके बाद देवताओं को मिठाई का भोग लगाएं। अक्षत छिड़कें और फिर अपने पूरे घर में फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग करके पानी छिड़कें।
  • पूजा स्थल पर अगरबत्ती जलाएं और घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
  • यदि आप कारखाने, कार्यालय, दुकान आदि स्थानों पर पूजा कर रहे हैं, तो अपने सभी कर्मचारियों, मित्रों और परिवार के साथ भगवान विश्वकर्मा की आरती अवश्य करें। पहले देवी-देवताओं को प्रसाद चढ़ाएं और फिर सभी में बांटें।
  • भगवान विश्वकर्मा की मूर्तियों को खूबसूरती से सजाए गए पंडालों में रखा जाता है, जहां मुख्य अनुष्ठान किए जाते हैं। पूरा वातावरण श्रद्धा और उत्साह से भर जाता है। विश्वकर्मा पूजा के पूरा होने के बाद, प्रसाद सभी के बीच वितरित किया जाता है।
  • इस अवसर पर भव्य भोजन या भोज भी तैयार किया जाता है। देश के कुछ क्षेत्रों में इस अवसर पर लोगों द्वारा पतंग उड़ाने की परंपरा भी है। जैसा कि माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए उड़ने वाले रथ और हथियार बनाए थे, यही कारण है कि उनके कौशल का सम्मान और प्रशंसा करने के लिए पतंग उड़ाए जाते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों भगवान विश्वकर्मा एक दिव्य वास्तुकार और देवताओं के इंजीनियर होने के लिए जाने जाते हैं। विश्वकर्मा पूजा को पूर्ण विश्वास के साथ करने से कलाकार को देवता को प्रसन्न करने और एक सफल और समृद्ध जीवन जीने के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। यह सुनिश्चित कर सकता है कि एक व्यक्ति के पास एक सफल पेशेवर जीवन होगा। भक्तों का मानना है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से किसी का व्यवसाय छलांग और सीमा से बढ़ सकता है।

दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

Brahmastra Worldwide Box Office Collection this week: रणबीर कपूर-आलिया भट्ट की फिल्म दुनिया भर में 295 करोड़ के पार कमाई की

Brahmastra worldwide box office collection : अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की फिल्म ब्रह्मास्त्र बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अयान मुखर्जी का ड्रीम प्रोजेक्ट ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा ने सफल सप्ताहांत के बाद सोमवार को बॉक्स ऑफिस पर कैश रजिस्टर स्थापित करना जारी रखा, कथित तौर पर रिलीज के बाद 7 दिन में पूरे भारत में 173 करोड़ और दुनिया भर में 295 करोड़ के पार कमाई की।

‘ब्रह्मास्त्र भाग 1: शिव’ एक आधुनिक पौराणिक नाटक है जिसे बनाने में लगभग 6 साल लगे। फिल्म शिव (रणबीर कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो आग के साथ अपने अनोखे रिश्ते के साथ अपनी जादुई महाशक्तियों की खोज के लिए एक यात्रा पर निकलता है। आलिया भट्ट ईशा की भूमिका निभाती हैं, जो फिल्म में उनकी प्रेमिका की भूमिका निभाती है। फिल्म में मौनी रॉय, अमिताभ बच्चन और नागार्जुन अक्किनेनी भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं और शाहरुख खान द्वारा विस्तारित कैमियो भी है।

हाल ही में टीम ब्रह्मास्त्र ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और वहां रणबीर को एडवांस बुकिंग पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया। कपूर ने कहा कि वे इन आंकड़ों को गंभीरता से नहीं ले सकते, क्योंकि जब तक दर्शक फिल्म नहीं देखते हैं, तब तक खेल शुरू नहीं होता है।

“फिल्म दर्शकों के लिए बनाई गई है। मुझे लगता है कि शुक्रवार को हमें पता चल जाएगा कि हम कहां हैं, कितने पानी के अंदर है।” कपूर ने कहा, “बेशक, भावना सकारात्मक है। हम दिलवाले (दुल्हनिया) ले जाएंगे से शाहरुख खान के रूप में आए हैं, आपसे ‘हमारी फिल्म देखने आएं बस इतना ही।” रणबीर ने आगे कहा कि उनकी पत्नी और सह-कलाकार आलिया एडवांस बुकिंग को मिल रही प्रतिक्रिया से काफी उत्साहित हैं, “वह सब कुछ नोट कर रही हैं, यहां इतना खुला है, यह वहां की प्रतिक्रिया है।”

रणबीर खुश हैं कि उनके साथ उनके दो पसंदीदा- आलिया और निर्देशक अयान मुखर्जी हैं। अभिनेता ने खुलासा किया कि वह इस सप्ताह तक फिल्म पर काम कर रहे थे, “लेकिन वास्तव में, हमें कल ही हमारा दोस्त अयान मिला। कल तक, वह फिल्म पर काम कर रहा था। हम हमेशा इस साझा अनुभव को एक साथ बिताना चाहते थे, इन दिनों को एक साथ बिताएं, और हर भावना को महसूस करो। तो हाँ, यह एक बहुत ही रोमांचक समय है। ”

Brahmastra – Part One Shiva Review

शिव एक व्यक्ति की अपनी महाशक्तियों की खोज की कहानी है। शिवा (रणबीर कपूर) मुंबई में स्थित एक डीजे है, और एक लापरवाह जीवन जीता है। वह एक अनाथ है; वह अनाथ बच्चों के साथ रहता है और उन पर प्यार करता है। वह ईशा (आलिया भट्ट) के पास आता है और तुरंत उसके लिए गिर जाता है। वह भी उसकी ओर आकर्षित हो जाती है, खासकर उसके जीवन के तरीके के बारे में सीखते समय। सब कुछ ठीक चल रहा होता है जब अचानक शिव को चमकने लगती है।

वह दुष्ट जूनून (मौनी रॉय) को एक वैज्ञानिक, मोहन भार्गव (शाहरुख खान) को मारते हुए और उससे एक दुर्लभ कलाकृति को छीनते हुए देखता है। मरने से पहले, मोहन दबाव में कहता है कि कलाकृति का दूसरा हिस्सा अनीश शेट्टी (नागार्जुन अक्किनेनी) नाम के एक कलाकार के पास है, जो वाराणसी में रहता है। शिव यह सब देखता है और महसूस करता है कि जूनून आगे अनीश को निशाना बनाने के लिए तैयार है। अनीश को आसन्न खतरे से आगाह करने के लिए शिव वाराणसी जाने का फैसला करते हैं। ईशा भी उनके साथ है।

वाराणसी में शिव और ईशा अनीश को बचाते हैं। अनीश के लिए धन्यवाद, उन्हें पता चलता है कि मोहन से चुराई गई कलाकृति ‘ब्रह्मास्त्र’ का एक हिस्सा है। इसके दो हिस्से और हैं और अनीश का एक हिस्सा। वह इसे शिव और ईशा को सौंप देता है और उन्हें गुरु (अमिताभ बच्चन) के आश्रम में जाने के लिए कहता है, जबकि वह जूनून को रोकने की कोशिश करता है। अनीश अपने जीवन का बलिदान देता है और जब शिव का सामना जूनून के गुंडे से होता है, तो वह अनजाने में अपनी अग्नि शक्ति का उपयोग करके उसे नष्ट कर देता है। आगे क्या होता है बाकी फिल्म बन जाती है।
अयान मुखर्जी की कहानी ताजा, आशाजनक है, और इसमें बड़े पैमाने पर एक्शन एंटरटेनर की भूमिका है। अयान मुखर्जी की पटकथा कई हिस्सों में प्रभावी है, खासकर पहले भाग में।

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन कैसे भरें? E-Challan ऑनलाइन भरें

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन कैसे भरें?

Motor Vehicles Act के लिए बहोत सारे लोग ट्रैफिक चालान ऑनलाइन भरने के तरीके खोज रहे हैं तो हमारा आज का यह लेख खास उन्ही लोगों के लिए है, की कैसे वो E-Challan का भुगतान कर सकते हैं, बिना किसी परेशानी के.

हेलमेट नहीं पहनने वालों पर जुर्माना तो बढ़ा दिया गया है, लेकिन अब भी कई वाहन चालक यातायात चैकिंग को नजर अंदाज करते हुए रास्ता बदल लेते हैं। अब हेलमेट नहीं पहनने वालों को भारी जुर्माना देना पड़ रहा है। उनके घऱ तक इ-चालान पहुंचाया जाने लगा है।

E-Challan ऑनलाइन भरें

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन भरने के लिए निचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें और चालान भरें.

Step 1:- सबसे पहले आपको इ चालान की वेबसाइट पर जाना होगा, https://echallan.parivahan.gov.in/

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन

Step 2:- Website ओपन करने के बाद आपको होमपेज में ऊपर की ओर Check Challan Status वाले option में click करना है.

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन

Step 3:- अब आपको चलान स्टेटस को चेक करने के तीन विकल्प मिलेंगे, एक चलान नंबर, दूसरा वाहन नंबर और तीसरा Driving License नंबर का, आपको किसी भी विकल्प को चुनकर नंबर डालना है. और फिर Captcha डालने के बाद GET DETAIL बटन में क्लिक करना है.

अगर आपका कोई वैध ई-चालान मिलेगा तो आपको नीचे की ओर चलान दिखने लगेगा, साथ ही भुगतान के लिए विकल्प दिया जाएगा, अगर आपको चालान की डिटेल्स दिखाई देती है तो वहां दीगई Pay Now बटन पर क्लिक करते ही भुगतान के लिए आपके राज्य की वेबसाइट खुल जाएगी, जहाँ आप ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं.

Paytm के माध्यम से भी भर सकते हैं चालान

दोस्तों अगर आप Paytm के माध्यम से चालान भरना चाहते हैं, तो आप वो भी कर सकते हैं, लेकिन हम आपको एक चीज़ बता दें की paytm से चालान भरने के लिए अभी कुछ चुनिंदा राज्यों को ही PayTm में ऐड किआ गया है, और वो राज्य हैं, आंध्र प्रदेश, चेन्नई, फरीदाबाद, महाराष्ट्र और तेलंगाना के लिए.

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन

अगर आप इनमे से किसी राज्य से हैं तो आप PayTm से ऑनलाइन चालान भर सकते हैं, इसके लिए आपको पेटम की वेबसाइट या app में जाना होगा और वहाँ पर, चालान वाले सेक्शन में जाकर अपना राज्य चुनकर चलान नंबर, वाहन नंबर और Driving License नंबर की मदद से अपने चालान का पता लगा सकते हैं. और पेटम से ही पेमेंट कर सकते हैं, जिसके बाद आपको रिसिप्ट भी मिल जाएगी.

तो इस तरह से आप ट्रैफिक चालान ऑनलाइन भर सकते हैं, और अपने चालान का भुक्तान घर बैठे कर सकते हैं, वो भी बिना किसी परेशानी के.

in a blink of the eye jioij

Anil Bokil कौन है जिसने मोदी जी नोटबंदी का सुझाव दिया था|

कौन हैं अनिल बोकिल?

महाराष्ट्र के लातूर में जन्मे 53 साल के बोकिल ‘अर्थक्रांति प्रतिष्ठान’ के फाउंडर हैं। वे मूल रूप से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। बाद में उन्होंने इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की और पीएचडी भी हासिल की। इंजीनियरिंग के साथ-साथ अनिल मुंबई में कुछ वक्त तक डिफेंस सर्विस से जुड़े रहे। फिर उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में खुद का कुछ करने का सोचा और औरंगाबाद लौटकर इंडस्ट्रियल टूल्स और पार्ट्स की फैक्ट्री लगाई। वे रेयर किस्म के पार्ट्स बनते थे।

  • महाराष्ट्र के लातूर में जन्मे 53 साल के बोकिल ‘अर्थक्रांति प्रतिष्ठान’ के फाउंडर हैं। वे मूल रूप से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। बाद में उन्होंने इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की और पीएचडी भी हासिल की। इंजीनियरिंग के साथ-साथ अनिल मुंबई में कुछ वक्त तक डिफेंस सर्विस से जुड़े रहे। फिर उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में खुद का कुछ करने का सोचा और औरंगाबाद लौटकर इंडस्ट्रियल टूल्स और पार्ट्स की फैक्ट्री लगाई। वे रेयर किस्म के पार्ट्स बनते थे।

वे जिस अर्थक्रांति प्रतिष्ठान को चलाते हैं, वह पुणे की इकोनॉमिक एडवाइजरी संस्था है। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और इंजीनियर शामिल हैं। अर्थक्रांति प्रपोजल को संस्थान ने पेटेंट कराया है।

अनिल बोकिल वही शख्स हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार को नोटबंदी का आइडिया दिया था। वे पेशे से इंजीनियर हैं और मुंबई में कुछ वक्त तक डिफेंस सर्विस से जुड़े रहे हैं।

8 नवंबर 2016 की आधी रात से केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रु. के नोट बंद करने का एलान किया था। इससे तीन साल पहले पुणे के अर्थक्रांति प्रतिष्ठान के अनिल बोकिल ने बीजेपी नेताओं को नोटबंदी का प्रपोजल दिया गया था। उस वक्त मोदी गुजरात के सीएम थे। बोकिल को मोदी से मुलाकात के लिए सिर्फ 9 मिनट का वक्त दिया गया था, लेकिन नोटबंदी का प्रपोजल जानने के बाद नरेंद्र मोदी ने इसमें इंटरेस्ट दिखाया और पूरे 2 घंटे तक चर्चा की।

नोटबंदी के पांच साल बीत जाने के बाद जानिए अनिल बोकिल से कि क्या पूरा हुआ सरकार का नोटबंदी का मकसद:

8 नवंबर 2016 की आधी रात से केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रु. के नोट बंद करने का एलान किया था। इससे तीन साल पहले पुणे के अर्थक्रांति प्रतिष्ठान के अनिल बोकिल ने बीजेपी नेताओं को नोटबंदी का प्रपोजल दिया गया था। उस वक्त मोदी गुजरात के सीएम थे। बोकिल को मोदी से मुलाकात के लिए सिर्फ 9 मिनट का वक्त दिया गया था, लेकिन नोटबंदी का प्रपोजल जानने के बाद नरेंद्र मोदी ने इसमें इंटरेस्ट दिखाया और पूरे 2 घंटे तक चर्चा की थी |

आज नोटबंदी के पांच साल पुरे हो चुके हैं तो आइए कुछ सवालों के माध्यम से जानने के कोशिश करते हैं कि क्या पूरा हुआ है सरकार का नोटबंदी का मकसद :

Anil Bokil

सवाल: सरकार का नोट बंदी का फैसला 5 साल बाद कितना कारगर साबित हुआ है?

जवाब: लगभग पूरी दुनिया में आज डिजिटल इकोनॉमी हावी है। इसी की वजह से भारत आज प्रगति कर रहा है और वर्तमान में इसकी स्थिति पहले से काफी अच्छी है। भारत के पास डिजिटल इकोनामी होने के कारण विदेशों से भारी मात्रा में एफडीआई आ रहा है। इसके अलावा भारत के पास और कोई रास्ता ही नहीं था।

सवाल: नोटबंदी का जब ऐलान किया गया तो केंद्र सरकार ने कहा था कि इससे काले धन पर लगाम लगेगी और भ्रष्टाचार कम होगा। आपको क्या लगता है कि क्या वाकई उनका यह उद्देश्य पूरा हुआ है?

जवाब: करेंसी नोट के कम होने और डिजिटल इकोनॉमी के आने से लेन-देन में ट्रांसपेरैंसी बढ़ी है। लोगों को ट्रैक करना आसान हो गया है। नोटबंदी के बाद से देश में साहूकारी बंद हुई और ब्याज दर में कमी आई। वाइट मनी के ज्यादा सर्कुलेशन में आने से आज बेहद कम ब्याज दर पर बैंकों से लोन मिल रहा है। पहले करेंसी नोट की वजह से लेन-देन को ट्रैक करना मुश्किल था।
सिर्फ महाराष्ट्र की बात करें तो डिजिटाइजेशन की वजह से हर दिन यहां रेड हो रहीं हैं और बेनामी संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है। करप्शन का सबसे बड़ा जरिया ही करेंसी नोट थी, जिसे डिजिटाइजेशन से खत्म करने का प्रयास किया गया है और मुझे लगता है कि वह प्रयास काफी हद तक सफल भी रहा है।

सवाल: नोटबंदी के दौरान पीएम ने कहा था कि फेक करेंसी का चलन कम होगा। इसी साल पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 31 % ज्यादा 500 के नकली नोट पकड़े गए हैं।

जवाब: नोटबंदी से पहले 86 प्रतिशत बड़े नोट(500 और 1000 रु) सर्कुलेशन में थे। वर्तमान समय में सिर्फ 18 प्रतिशत यानी 28 लाख करोड़ रुपए के 2 हजार के नोट सर्कुलेशन में हैं। बड़े नोटों का प्रचलन कम हुआ है और इससे फेक करेंसी पर लगाम लगी है। वर्तमान में 50-55 प्रतिशत 500 की नोट सर्कुलेशन में हैं। 200 की नोट तकरीबन 14-15 प्रतिशत हैं। नोट बंदी के बाद यह साबित हो गया कि बड़े नोट की जरुरत ही नहीं थी। जैसे-जैसे छोटे नोटों का चलन बढ़ेगा फेक करेंसी का चलन कम होगा।

सवाल: नोटबंदी के दौरान यह भी कहा गया कि इससे टेररिज्म या नक्सलवाद पर लगाम लगेगी। आपको क्या लगता है वाकई इस और सरकार सफल रही है?

जवाब: टेररिज्म और नक्सलवाद पर बहुत बड़ी नकेल डिजिटाइजेशन ने कसी है। पहले क्या इसमें फंडिंग आसानी से हो जाती थी लेकिन अब लगभग उन पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। कश्मीर का जो मुद्दा है वह एक देश द्वारा स्पॉन्सर्ड टेररिज्म है। उसे हम टेररिज्म ना कहें बल्कि प्रॉक्सी वार कहे तो ज्यादा सही होगा। डिजिटाइजेशन आने से टेररिज्म, नक्सलवाद और एक्सटॉर्शन जैसी घटनाएं कम हुई हैं। एक्सटॉर्शन करना है तो आपको सेल कंपनी के द्वारा करना पड़ता है और वह भी ट्रेकेबल होता है और कभी ना कभी ऐसे लोग पकड़े जाते हैं।

सवाल: नोटबंदी से किसानों, व्यापारियों या आम लोगों को क्या खास फायदा हुआ है?

जवाब: इससे डिजिटल इकोनामी एक्सपेंड हुई है। कोविड-19 2 साल अगर निकाल दें तो भारत ने लगातार इसके बाद तरक्की ही की है। वर्तमान में जीडीपी की ग्रोथ कोविड-19 बाद जिस तरीके से भारत ने पकड़ी है उसके पीछे सबसे बड़ी वजह डिजिटाइजेशन ही है। हमारे देश में 80% गरीब लोग हैं जिन्हें सरकार घर में बैठा कर खाना खिला रही है। 100 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन सरकार ने किया है, इसके पीछे हमारी मजबूत अर्थव्यवस्था ही सबसे बड़ा कारण है। किसानों के खातों में सीधे ₹2000 अब पहुंच रहे हैं अगर इसे कैश में देना होता तो शायद इसका 1% भी उनके खाते में नहीं पहुंच पाता।

सवाल: नोटबंदी को क्या उसी तरह एग्जीक्यूट किया गया, जैसा आप चाहते थे? क्या आपके पास पुराने बड़े नोट बैन करने का सरकार से बेहतर प्लान था?

जवाब: सरकार ने हमारा 5 प्वाइंट प्रपोजल नहीं माना। शायद सरकार चुनाव से पहले किए गए वादों को निभाना चाहती हो। हमने एक टैक्सलेस कैश इकोनॉमी की बात कही थी।हमारा प्रपोजल एक जीपीएस सिग्नल की तरह था। हमने सिर्फ उन्हें (सरकार को) एक सही रास्ता दिखाया। जैसे जीपीएस गलत रास्ते पर जाने पर आपको दूसरा रास्ता दिखाता है वैसा ही कुछ काम हमने किया। हमने पांच साल पहले ही नोटबंदी के फायदे और नुकसान के सभी प्वाइंट्स पब्लिक डोमेन में रखे थे। हमने कभी नहीं बोला कि 500 और 1000 के नोट एक झटके में निकाल दो। सिर्फ 1000 के नोट बाहर निकालते तो 35% का गैप आ जाता। 500 के नए नोट का स्टॉक बढ़ा देते तो 2000 का नोट इंट्रोड्यूस ही नहीं करना पड़ता।

सवाल: केंद्र सरकार को क्या प्रपोजल दिया था?

इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की इस संस्था ने अपने प्रपोजल में कहा था कि इम्पोर्ट ड्यूटी छोड़कर 56 तरह के टैक्स वापस लिए जाएं। बड़ी करंसी 1000, 500 और 100 रुपए के नोट वापस लिए जाएं। देश की 78% आबादी रोज सिर्फ 20 रुपए खर्च करती है। ऐसे में उन्हें 1000 रुपए के नोट की क्या जरूरत? सभी तरह के बड़े ट्रांजैक्शन सिर्फ बैंक से जरिए चेक, डीडी और ऑनलाइन हों। कैश ट्रांजैक्शन के लिए लिमिट फिक्स की जाए। इन पर कोई टैक्स न लगाया जाए।

सवाल: राहुल गांधी और मनमोहन सिंह को भी दिया था प्रेजेंटेशन

बोकिल का कहना है कि ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी ने सिर्फ 2-3 सेकंड दिए थे लेकिन उनसे 3-4 मिनट अच्छी बात हुई। फिर उन्होंने अपने एक्सपर्ट का नंबर दिया था। उन्होंने फाइनेंस मिनिस्टर से बात करके पूरा प्लान समझाया था। उन्हें प्लान पसंद भी था, लेकिन हर सरकार चीजों को अलग नजरिए से देखती है। उनकी सोच अलग होती है। जब उन्होंने केंद्र सरकार को अपनी रिसर्च बताई तो उन्हें भी पसंद आई और तुरंत उस पर काम शुरू कर दिया।

Maha Laxmi Vrat 2022: महालक्ष्मी व्रत कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

Maha Laxmi Vrat 2022: महालक्ष्मी व्रत को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। यह व्रत समृद्धि, भाग्य और धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है। महालक्ष्मी व्रत लगातार सोलह दिनों की अवधि के लिए मनाया जाता है।

द्रिक पंचांग के अनुसार यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है। इस वर्ष महालक्ष्मी व्रत उत्सव आज यानी 3 सितंबर से शुरू हो रहा है और यह 17 सितंबर 2022 को समाप्त होगा.

Maha Laxmi Vrat

महालक्ष्मी व्रत शुभ मुहूर्त:

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, महालक्ष्मी व्रत अश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। शनिवार 17 सितंबर को अष्टमी तिथि दोपहर 02.33 बजे शुरू होगी और अगले दिन रविवार 18 सितंबर को शाम 04.33 बजे तक रहेगी.

महालक्ष्मी व्रत कथा –

प्राचीन काल की बात है कि एक बार एक गांव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था। वह ब्राह्मण श्री विष्णु की नित्य पूजा करता था। उनकी भक्ति और पूजा से प्रसन्न होकर, भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए और ब्राह्मण से उनकी इच्छा पूछने के लिए कहा। ब्राह्मण ने अपने घर में लक्ष्मी जी का निवास होने की इच्छा व्यक्त की।

यह सुनकर श्री विष्णु जी ने ब्राह्मण को लक्ष्मी जी को प्राप्त करने का उपाय बताया। जिसमें श्री हरि ने बताया कि मंदिर के सामने एक महिला आती है, जो यहां आकर थपथपाती है। आप उसे अपने घर आने के लिए आमंत्रित करते हैं और वह महिला देवी लक्ष्मी है। देवी लक्ष्मी जी के आपके घर आने के बाद आपका घर धन और अनाज से भर जाएगा। यह कहकर श्री विष्णु चले गए।

अगले दिन वह सुबह चार बजे मंदिर के सामने बैठ गया। जब लक्ष्मी जी खाना खाने आई तो ब्राह्मण ने उनसे अपने घर आने का अनुरोध किया। ब्राह्मण की बात सुनकर लक्ष्मी जी समझ गईं कि यह सब विष्णु जी के वचनों के कारण हुआ है।

लक्ष्मी जी ने ब्राह्मण से कहा कि तुम महालक्ष्मी का व्रत करो, 16 दिन उपवास करो और सोलहवें दिन चंद्रमा को अर्ध्य देने से तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी। पुकार कर लक्ष्मी जी ने अपना वचन पूरा किया। उसी दिन से इस दिन यह व्रत करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

महालक्ष्मी व्रत 2022: महत्व

महालक्ष्मी व्रत गणेश चतुर्थी उत्सव के चार दिन बाद होता है। भक्त धन और समृद्धि की देवी देवी महालक्ष्मी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए इस व्रत का पालन करते हैं। इस दौरान महालक्ष्मी के सभी आठ रूपों की पूजा की जाती है। महालक्ष्मी व्रत भारत के उत्तरी क्षेत्रों – उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में पूरे उत्साह और समर्पण के साथ मनाया जाता है।

महालक्ष्मी व्रत उत्सव अश्विन महीने में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को समाप्त होता है। महालक्ष्मी व्रत के सोलहवें दिन, भक्त नौ विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ और व्यंजन तैयार करते हैं और वे सबसे पहले देवी लक्ष्मी को अर्पित करते हैं। मां लक्ष्मी को भोग प्रसाद चढ़ाने के बाद, इसे परिवार के सभी सदस्यों, दोस्तों और रिश्तेदारों में वितरित किया जाता है।

महालक्ष्मी व्रत 2022: अनुष्ठान

1. भक्त जल्दी उठते हैं और पवित्र स्नान करते हैं।

2. चौकी पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित की जाती है।

3. देवी लक्ष्मी की मूर्ति के सामने एक कलश रखा जाता है और उसमें पानी और चावल भरकर कलश के चारों ओर एक कलावा बांध दिया जाता है।

4. कलश को पान और आम के पत्तों से ढककर ऊपर नारियल रखना चाहिए।

5. अनुष्ठान के अनुसार बाएं हाथ में सोलह गांठों वाला लाल रंग का धागा धारण करना चाहिए।

6. पूजा करते समय भक्तों को दूर्वा घास अवश्य रखनी चाहिए।

7. भक्त प्रतिदिन महालक्ष्मी व्रत कथा का पाठ करते हैं।

8. महालक्ष्मी पूजा पूरी करने के बाद, 16 दूर्वा घास (दूब) को एक साथ बांधा जाता है, पानी में डुबोया जाता है और पूरे शरीर पर छिड़का जाता है।