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Ayushman Card: आयुष्मान कार्ड में नाम ऑनलाइन कैसे जोड़े, जानिए यहाँ पर

आयुष्मान भारत योजना :

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के गरीब तथा पिछड़े परिवारों को स्वास्थ्य सम्बन्धी बड़ी समस्याओ को दूर करने के लिए भारत सरकार द्वारा आर्थिक रूप से स्वास्थ बीमा प्रदान किया जा रहा है प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 14 अप्रैल 2018 को बाबा भीम राव अम्बेडकर जयंती के दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में की गयी थी और पंडित दीनदयाल  उपाध्याय के जन्मदिन के दिन 25 सितम्बर 2018 को पूरे देश में लागू कर दी गयी है | PMJAY योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार देश के गरीब परिवारों को सालाना 5 लाख रूपये के स्वास्थ्य बीमा की सहायता प्रदान कर रही है |

आयुष्मान में ऑनलाइन नाम जोड़े :

यदि आपके घर के किसी सदस्य का नाम आयुष्मान कार्ड में नहीं जुड़ा है तो और उसका नाम जोड़ना चाहते है तो हमारा ये आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है क्योंकि हम अपने इस आर्टिकल मे, आपको विस्तार से आयुष्मान कार्ड में सदस्य का नाम जोडने की पूरी प्रोसेस की जानकारी प्रदान करेंगे।

हम, आपको बता दें कि, आयुष्मान कार्ड को परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्धारा जारी किया जाता है जिसके तहत प्रत्येक आयुष्मान कार्डधारक को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपयो का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है ताकि उनका व उनके परिवार का स्वास्थ्य विकास हो सकें और यही इस कार्ड का मौलिक लक्ष्य है |

अंततः हमारे सभी आयुष्मान कार्ड धारक परिवार सीधे इस लिंक – https://setu.pmjay.gov.in/setu/index पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रैशन करके अपने आयुष्मान कार्ड में घर के किसी भी सदस्य का नाम जोड़ सकते है।

आयुष्मान कार्ड से सम्बंधित जानकारी :

विभाग का नामस्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालयभारत सरकार
योजना का नामप्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
आर्टिकल का नामAyushman Card Name Kaise Jode?
आर्टिकल का प्रकारसदस्य का नाम कैसे जोड़े
आयुष्मान कार्ड का लाभसभी आयुष्मान कार्ड धारक परिवारो को प्रतिवर्ष कुल 05 लाख रुपयो का स्वास्थ्य बीमा प्रदान करके उनका स्वास्थ्य विकास किया जायेगा।
आयुष्मान कार्ड कौन बनवा सकता हैवो सभी परिवार व नागरिक अपना – अपना आय़ुष्मान कार्ड बनवा सकते है जिनका नाम SECC – 2011 की लिस्ट में होगा।
Direct Link of RegistrationClick Here
Official WebsiteClick Here

अपने इस आर्टिकल में, अपने सभी पाठक साथियो का स्वागत करते हुए आपको बताना चाहते है कि, यदि आप भी आयुष्मान कार्ड में अपने घर के किसी सदस्य का नाम जोड़ना चाहते है तो इसके लिए हम, आपको विस्तार से इस आर्टिकल में आयुष्मान कार्ड में नाम कैसे जोड़े ?, की  पूरी जानकारी व पूरी स्टेप बाय स्टेप  जानकारी प्रदान करेगे।

स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस :

हमारे सभी नागरिक व सामाजिक व आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग के परिवार आसानी से आयुष्मान कार्ड में अपन नाम जोड़ सकते है जिसकी पूरी प्रक्रिया कुछ इस प्रकार से हैं –

STEP 1 – Registration :

  • आयुष्मान कार्ड में सदस्य का नाम जोड़ने के लिए सर्वप्रथम ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा|
Ayushman Card
  • इस पेज पर आने के बाद आपको Click Here का विकल्प मिलेगा जिस पर आपको क्लिक करना होगा|
Ayushman Card
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने इसका रजिस्ट्रैशन फॉर्म खुलेगा जो कि, चित्र में दिखाए अनुसार होगा|
Ayushman Card
  • अब यहां पर आपको अपनाआधार कार्ड व मोबाइन नंबर को दर्ज करके OTP Verfication  करना होगा|
  • इसके बाद आपके सामनेरजिस्ट्रैशन फॉर्म खुलेगा जिसे आपको ध्यान से भरना होगा |
  • अन्त मे,आपकोसबमिट के विकल्प पर क्लिक कर देना होगा और लॉगिन आई.डी व पासवर्ड को प्राप्त कर लेना होगा आदि।

Step 2 – Login in the Portal

  • रजिस्ट्रैशन करने के बाद आप सभी उम्मीदवारो को होम – पेज पर वापस आना होगा जो कि, इस प्रकार होगा|
Ayushman Card
  • अब यहां पर आपकोअपना मोबाइल नंबर को दर्ज करके साइन – अप करना होगा|
  • इसके बाद आपको OTP Verfication करना होगा जिसके बाद आपके सामने इसका डैशबोर्ड खुलेगा|
  • यहां पर सबसे पहलेलाभार्थी की खोज करनी होगी और इसके लिए आपको शहरी व ग्रामीण का चयन करना होगा|
  • इसके बाद आपकोअपने राज्य, जिले, ब्लॉक व गांव का चयन करना होगा और सर्च के विकल्प पर क्लिक करना होगा|
  • अब आपको आपका नाम लिस्ट में दिखा दिया जायेगा जिसके आगे ही आपको व्यू (View) का विकल्प मिलेगा जिस पर आपको क्लिक करना होगा|
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा जहां पर आपको Download Card and Add Member का विकल्प मिलेगा जिसमें से आपको Add Member के विकल्प पर क्लिक करना होगा,
  • इसके बाद आपके सामने इसकानये सदस्य का नाम जोड़ने का फॉर्म खुलेगा जिसे आपको ध्यान से भरना होगा,
  • अब आप घर के जिस सदस्य का नामजोड़ रहे है उसका नाम यदि राशन कार्ड मे है तो उसे स्कैन करके अपलोड करना होगा,
  • इसके बाद आपको OTP Verfication करना होगा  और
  • अन्त मे, आपकोसबमिट के विकल्प पर क्लिक कर देना होगा जिसके बाद आपके द्धारा जोड़े गये नये सदस्य के नाम का सत्यापन किया जायेगा और इस प्रकार आप आसानी से घर के किसी भी सदस्य का नाम, आयुष्मान कार्ड मे जोड़ सकते है आदि।

आयुष्मान भारत योजना की मुख्य विशेषताएं:-

  • 5 लाख रुपये प्रति परिवारः इस मिशन का परिभाषित लाभ कवर 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष होगा |
  • इसमें सभी प्रकार के द्वितीयक व अधिकांश तृतीयक देखभाल प्रक्रिया शामिल हो जाएगी |
  • इस योजना के लाभ से कोई वंचित नहीं रह जाये (खासकर महिला, बच्चे एवं बुजुर्ग), इसलिए परिवार के आकार एवं उम्र की कोई सीमा नहीं होगी |
  • लाभ कवर में पूर्व व उतर अस्पताल व्यय में शामिल होगा |
  • लाभार्थियों को परिभाषित अस्पताल में भर्ती होने के प्रत्येक समय का परिवहन भत्ता भी प्रदान किया जाएगा |
  • देश भर में Portable: यह योजना संपूर्ण देश में पोर्टेबल होगी | साथ ही लाभार्थियों को देशभर के सरकारी/निजी अस्पतालों में नकदरहित लाभ उठाने की अनुमति होगी |
  • यह पात्रता आधारित स्कीम होगी जिसका निर्धारण सामाजिक-आर्थिक जनगणना होगी |

आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी:-

  • ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न लाभार्थी परिवारों में शामिल होंगे; केवल एक कमरे का कच्ची दीवार व कच्चा छत वाला मकान, परिवार में 16 से 59 वर्ष के बीच का कोई वयस्क सदस्य नही हो, महिला के अभिभावकत्व वाला परिवार जिसमें 16 से 59 वर्ष के बीच कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं हो, दिव्यांग सदस्य वाला व परिवार में कोई गैर-विकलांग वयस्क सदस्य नहीं हो, एससी/एसटी परिवार, भूमिहीन परिवार जिनकी आय का बड़ा स्रोत अनौपचारिक श्रम है |
  • इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के वे सभी परिवार योजना में स्वतः शामिल होंगे जो; आवासविहीन, आश्रयहीन, भिक्षा पर निर्भर, मैला ढ़ोने वाले, आदिम आदिवासी समूह, कानून रूपी से मुक्त कराये गये बंधुआ मजदूर |
  • शहरी क्षेत्र में 11 परिभाषित पेशा से जुड़े लोगों को योजना का लाभ मिलेगा |
  • इस स्कीम के तहत लाभार्थी सभी सरकारी अस्पतालों तथा पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में स्कीम का लाभ उठा सकेंगे | बेड उपलब्ध होने की दशा में ESIC के अस्पताल भी स्कीम में शामिल हो सकेंगे |

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Shardiya Navratri 2022 Day 3 : नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें ?

Shardiya Navratri 2022 Day 3

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें- हिंदी पंचाग के अनुसार साल में नवरात्रि 4 बार मनाई जाती है | दो बार गुप्त नवरात्रि और दो नवरात्रि को मुख्य रूप से मनाया जाता है | इसमें चैत्र और शारदीय मुख्य नवरात्रि हैं, जिसे देशभर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है | नवरात्रि का मतलब है नौ रातें | नौ दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है |

देवी मां के पावन 9 दिन का पर्व शारदीय नवरात्रि आश्विन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को 26 सितम्बर 2022 से आरंभ होगा | 4 अक्टूबर तक चलने वाले इन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है | 5 अक्टूबर को धूमधाम के साथ विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा | इसी दिन दुर्गा विसर्जन भी किया जाएगा | शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों का बखान किया गया है | नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है | मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों के हर कष्ट हर लेती हैं |

नवरात्रि के तीसरे दिन दुर्गा मां के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है | नौ दिनों तक चलने वाली नवरात्रि के दौरान मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है | मां चंद्रघंटा राक्षसों का वध करने के लिए जानी जाती हैं | मान्यता है कि वह अपने भक्तों के दुखों को दूर करती हैं इसलिए उनके हाथों में धनुष, त्रिशूल, तलवार और गदा होता है | चंद्रघंटा माता का शिवदूती स्वरूप है | इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है | इनका रंग सोने के समान चमकीला है | इनकी मुद्रा युद्ध के लिए तैयार रहने जैसी है | इनके घंटे की भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव, दैत्य आदि सभी डरते हैं | असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश कर दिया था |

चंद्रघंटा माता का स्वरूप देवी पार्वती के सुहागन रूप को दर्शाता है | भगवान शिव से विवाह के बाद पार्वती देवी ने अपने माथे पर आधा चंद्रमा धारण करना शुरू कर दिया जिसके कारण उनके इस रूप को चंद्रघंटा के नाम से जाना जाने लगा | माता चंद्रघंटा ने अपने माथे पर घंटे के आकार का आधा चंद्रमा धारण किया हुआ है, चंद्रघंटा माता की 10 भुजाएं हैं, जिनमें से 8 भुजाओं में कमल, कमंडल और विभिन्न अस्त्र-शस्त्र हैं |

 नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें

चंद्रघंटा माता की कथा:-

देवताओं और असुरों के बीच लंबे समय तक युद्ध चला | असुरों का स्‍वामी महिषासुर था और देवाताओं के इंद्र | महिषासुर ने देवाताओं पर विजय प्राप्‍त कर इंद्र का सिंहासन हासिल कर लिया और स्‍वर्गलोक पर राज करने लगा | इसे देखकर सभी देवतागण परेशान हो गए और इस समस्‍या से निकलने का उपाय जानने के लिए त्र‍िदेव ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश के पास गए | देवताओं ने बताया कि महिषासुर ने इंद्र, चंद्र, सूर्य, वायु और अन्‍य देवताओं के सभी अधिकार छीन लिए हैं और उन्‍हें बंधक बनाकर स्‍वयं स्‍वर्गलोक का राजा बन गया है |

देवाताओं ने बताया कि महिषासुर के अत्‍याचार के कारण अब देवता पृथ्‍वी पर विचरण कर रहे हैं और स्‍वर्ग में उनके लिए स्‍थान नहीं है | यह सुनकर ब्रह्मा, विष्‍णु और भगवान शंकर को अत्‍यधिक क्रोध आया | क्रोध के कारण तीनों के मुख से ऊर्जा उत्‍पन्‍न हुई | देवगणों के शरीर से निकली ऊर्जा भी उस ऊर्जा से जाकर मिल गई | यह दसों दिशाओं में व्‍याप्‍त होने लगी |

तभी वहां एक देवी का अवतरण हुआ | भगवान शंकर ने देवी को त्र‍िशूल और भगवान विष्‍णु ने चक्र प्रदान किया | इसी प्रकार अन्‍य देवी देवताओं ने भी माता के हाथों में अस्‍त्र शस्‍त्र सजा दिए | इंद्र ने भी अपना वज्र और ऐरावत हाथी से उतरकर एक घंटा दिया | सूर्य ने अपना तेज और तलवार दिया और सवारी के लिए शेर दिया | देवी अब महिषासुर से युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार थीं | उनका विशालकाय रूप देखकर महिषासुर यह समझ गया कि अब उसका काल आ गया है | महिषासुर ने अपनी सेना को देवी पर हमला करने को कहा | अन्‍य दैत्य और दानवों के दल भी युद्ध में कूद पड़े |

देवी ने एक ही झटके में ही दानवों का संहार कर दिया | इस युद्ध में महिषासुर तो मारा ही गया, साथ में अन्‍य बड़े दानवों और राक्षसों का संहार मां ने कर दिया | इस तरह मां ने सभी देवताओं को असुरों से अभयदान दिलाया |

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें? पूजा विधि:-

नवरात्रि के तीसरे दिन माता दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की​ विधि विधान से इस मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।

ऊँ चं चं चं चंद्रघंटायेः ह्रीं नम:।

का जाप कर आराधना करनी चाहिए | इसके बाद मां चंद्रघंटा को सिंदूर, अक्षत्, गंध, धूप, पुष्प आदि अर्पित करें | आप देवी मां को चमेली का पुष्प अथवा कोई भी लाल फूल अर्पित कर सकते हैं | साथ ही साथ, दूध से बनी किसी मिठाई का भोग लगाएं | पूजा के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ और दुर्गा आरती का गान करें |

Shardiya Navratri 2022 Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्‍मांडा की पूजा कैसे करें ?

Shardiya Navratri 2022 Day 4

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्‍मांडा की पूजा कैसे करें- हिंदी पंचाग के अनुसार साल में नवरात्रि 4 बार मनाई जाती है | दो बार गुप्त नवरात्रि और दो नवरात्रि को मुख्य रूप से मनाया जाता है | इसमें चैत्र और शारदीय मुख्य नवरात्रि हैं, जिसे देशभर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है | नवरात्रि का मतलब है नौ रातें | नौ दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है |

देवी मां के पावन 9 दिन का पर्व शारदीय नवरात्रि आश्विन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को 26 सितम्बर 2022 से आरंभ होगा | 4 अक्टूबर तक चलने वाले इन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है | 5अक्टूबर को धूमधाम के साथ विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा | इसी दिन दुर्गा विसर्जन भी किया जाएगा | शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों का बखान किया गया है | नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है | मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों के हर कष्ट हर लेती हैं |

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है | यह मां दुर्गा का चौथा स्वरूप हैं | पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कूष्मांडा ने ही इस सृष्टि की रचना की थी | इसी के चलते इन्हें सृष्टि की आदिस्वरूपा और आदिशक्ति भी कहा जाता है | मान्यता है कि शुरुआत में हर ओर अंधेरा व्याप्त था | तब देवी ने ब्रह्मांड की रचना अपनी मंद हंसी से की थी | अष्टभुजा देवी अपने हाथों में धनुष, बाण, कमल-पुष्प, कमंडल, जप माला, चक्र, गदा और अमृत से भरपूर कलश रखती हैं |

पौराणिक मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा से तात्पर्य है कुम्हड़ा | कहा जाता है कि मां कूष्मांडा ने संसार को दैत्यों के अत्याचार से मुक्त करने के लिए ही अवतार लिया था | इनका वाहन सिंह है | हिंदू संस्कृति में कुम्हड़े को कुष्मांड कहते हैं इसलिए इस देवी को कुष्मांडा | पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था देवी ने ही ब्रह्मांड की रचना की थी | इन्हें आदि स्वरूपा और आदिशक्ति भी कहा जाता है | मान्यता है कि इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में स्थित है | इस दिन मां कूष्मांडा की उपासना से आयु, यश, बल, और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है |

मां कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं, उनकी पूजा करने से व्यक्ति के समस्त कष्टों, दुखों और विपदाओं का नाश होता है | मां कूष्मांडा को गुड़हल का फूल या लाल फूल बहुत प्रिय है, इसलिए उनकी पूजा में गुड़हल का फूल अर्पित करें | इससे मां कूष्मांडा जल्द प्रसन्न होती हैं | मां दुर्गा ने असुरों का संहार करने के लिए कूष्मांडा स्वरूप धारण किया था |

कौन हैं मां कूष्‍मांडा:-

‘कु’ का अर्थ है ‘कुछ’, ‘ऊष्‍मा’ का अर्थ है ‘ताप’ और ‘अंडा’ का अर्थ है ‘ब्रह्मांड’ | शास्‍त्रों के अुनसार मां कूष्‍मांडा ने अपनी दिव्‍य मुस्‍कान से संसार में फैले अंधकार को दूर किया था | चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए माता कूष्‍मांडा को सभी दुखों को हरने वाली मां कहा जाता है |

इनका निवास स्थान सूर्य है | यही वजह है माता कूष्‍मांडा के पीछे सूर्य का तेज दर्शाया जाता है | मां दुर्गा का यह इकलौता ऐसा रूप है जिन्हें सूर्यलोक में रहने की शक्ति प्राप्त है | देवी को कुम्‍हड़े की बलि प्रिय है | 

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्‍मांडा

मां कूष्‍मांडा का रूप:-

चेहरे पर हल्‍की मुस्‍कान लिए मां कूष्‍मांडा की आठ भुजाएं हैं | इसलिए इन्‍हें अष्‍टभुजा भी कहा जाता है | इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, कलश, चक्र और गदा है | आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है | देवी के हाथ में जो अमृत कलश है उससे वह अपने भक्‍तों को दीर्घायु और उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य का वरदान देती हैं | मां कूष्‍मांडा सिंह की सवारी करती हैं जो धर्म का प्रतीक है |

मां कूष्‍मांडा की पूजा विधि:- नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्‍मांडा की पूजा कैसे करें?

  • नवरात्रि के चौथे दिन सुबह-सवेरे उठकर स्‍नान कर हरे रंग के वस्‍त्र धारण करें |
  • मां की फोटो या मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्‍हें तिलक लगाएं |
  • अब देवी को हरी इलायची, सौंफ और कुम्‍हड़े का भोग लगाएं |
  • अब ‘ऊं कूष्‍मांडा देव्‍यै नम:’ मंत्र का 108 बार जाप करें |
  • मां कूष्‍मांडा की आरती उतारें और क‍िसी ब्राह्मण को भोजन कराएं या दान दें |
  • इसके बाद स्‍वयं भी प्रसाद ग्रहण करें |

Shardiya Navratri 2022 Day 5: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें ?

Shardiya Navratri 2022 Day 5

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें – हिंदी पंचाग के अनुसार साल में नवरात्रि 4 बार मनाई जाती है | दो बार गुप्त नवरात्रि और दो नवरात्रि को मुख्य रूप से मनाया जाता है | इसमें चैत्र और शारदीय मुख्य नवरात्रि हैं, जिसे देशभर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है | नवरात्रि का मतलब है नौ रातें | नौ दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है | देवी मां के पावन 9 दिन का पर्व शारदीय नवरात्रि आश्विन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को 26 सितम्बर 2022 से आरंभ होगा |

4 अक्टूबर तक चलने वाले इन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है | 5 अक्टूबर को धूमधाम के साथ विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा | इसी दिन दुर्गा विसर्जन भी किया जाएगा | शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों का बखान किया गया है | नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है | मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों के हर कष्ट हर लेती हैं |

नवरात्रि के पांचवे दिन दुर्गा मां के स्कंदमाता रूप की पूजा की जाती है | शास्त्रों के अनुासर, इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है | पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं देवी हैं स्कंदमाता | स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से भी जाना जाता है | इनकी उपासना से भक्त की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं | भक्त को मोक्ष मिलता है| वहीं, मान्‍यता ये भी है कि इनकी पूजा करने से संतान योग की प्राप्‍ति होती है |

स्कंदमाता की पूजा करने से शत्रुओं और विकट परिस्थितियों पर विजय प्राप्त होता है, वहीं, नि:संतान दंपत्तियों को संतान सुख मिलता है | जो मोक्ष की कामना करते हैं, उनको देवी मोक्ष प्रदान करती हैं | माता को पहली प्रसूता भी कहा जाता है | मां दुर्गा के पंचम स्वरूप को स्कंदमाता के रूप में पूजते हैं | माता स्कंदमाता शेर पर सवार रहती हैं |उनकी चार भुजाएं हैं | ये दाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कंद को गोद में पकड़े हुए हैं | नीचे वाली भुजा में कमल का पुष्प धारण किए हुए हैं | मां का ऐसा स्वरूप भक्तों के लिए कल्याण कारी है |

कहते हैं कि सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी की पूजा से तेज और कांति की प्राप्ति होती है | वात्सल्य की देवी मां कमल आसान पर विराजमान होकर अपनी चार भुजाओं में से एक में भगवान स्कन्द को गोद लिए हैं | दूसरी व चौथी भुजा में कमल का फूल, तीसरी भुजा से आशीर्वाद दे रही है | इनको इनके पुत्र के नाम से भी पुकारा जाता है |

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें

मां स्कंदमाता की कथा: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें ?

कार्तिकेय को देवताओं का कुमार सेनापति भी कहा जाता है | कार्तिकेय को पुराणों में सनत-कुमार, स्कन्द कुमार आदि नामों से भी जाता है | मां अपने इस रूप में शेर पर सवार होकर अत्याचारी दानवों का संहार करती हैं | पर्वतराज की बेटी होने के कारण इन्हें पार्वती भी कहते हैं और भगवान शिव की पत्नी होने के कारण इनका एक नाम माहेश्वरी भी है |

इनके गौर वर्ण के कारण इन्हें गौरी भी कहा जाता है | मां को अपने पुत्र से अधिक प्रेम है इसलिए इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है जो अपने पुत्र से अत्याधिक प्रेम करती हैं | मां कमल के पुष्प पर विराजित अभय मुद्रा में होती हैं इसलिए इन्‍हें पद्मासना देवी और विद्यावाहिनी दुर्गा भी कहा जाता है |

मां कमल के पुष्प पर विराजित अभय मुद्रा में होती हैं इसलिए इन्‍हें पद्मासना देवी और विद्यावाहिनी दुर्गा भी कहा जाता है | भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय की माता होने के कारण इनका नाम स्‍कंदमाता पड़ा | स्‍कंदमाता प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं की सेनापति बनी थीं | इस वजह से पुराणों में कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है |

पूजा विधि माँ स्कंदमाता

नवरात्रि के पांचवे दिन स्नान आदि से निवृत हो जाएं और फिर स्कंदमाता का स्मरण करें | इसके पश्चात स्कंदमाता को अक्षत्, धूप, गंध, पुष्प अर्पित करें | उनको बताशा, पान, सुपारी, लौंग का जोड़ा, किसमिस, कमलगट्टा, कपूर, गूगल, इलायची आदि भी चढ़ाएं। फिर स्कंदमाता की आरती करें | स्कंदमाता की पूजा करने से भगवान कार्तिकेय भी प्रसन्न होते हैं |

स्कंदमाता की पूजा का श्रेष्ठ समय है दिन का दूसरा पहर | इनकी पूजा चंपा के फूलों से करनी चाहिए | इन्हें मूंग से बने मिष्ठान का भोग लगाएं | श्रृंगार में इन्हें हरे रंग की चूडियां चढ़ानी चाहिए | इनकी उपासना से मंदबुद्धि व्यक्ति को बुद्धि व चेतना प्राप्त होती है, पारिवारिक शांति मिलती है

इनकी कृपा से ही रोगियों को रोगों से मुक्ति मिलती है तथा समस्त व्याधियों का अंत होता है | देवी स्कंदमाता की साधना उन लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ है जिनकी आजीविका का संबंध मैनेजमेंट, वाणिज्य, बैंकिंग अथवा व्यापार से है |

Shardiya Navratri 2022 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा कैसे करें ?

Shardiya Navratri 2022 Day 8

हिंदी पंचाग के अनुसार साल में नवरात्रि 4 बार मनाई जाती है | दो बार गुप्त नवरात्रि और दो नवरात्रि को मुख्य रूप से मनाया जाता है | इसमें चैत्र और शारदीय मुख्य नवरात्रि हैं, जिसे देशभर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है | नवरात्रि का मतलब है नौ रातें | नौ दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है | देवी मां के पावन 9 दिन का पर्व शारदीय नवरात्रि आश्विन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को 26 सितम्बर 2022 से आरंभ होगा | 4 अक्टूबर तक चलने वाले इन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है | 5 अक्टूबर को धूमधाम के साथ विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा | इसी दिन दुर्गा विसर्जन भी किया जाएगा | शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों का बखान किया गया है | नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है | मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों के हर कष्ट हर लेती हैं |

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विधान है | मान्यता है कि महाष्टमी या दुर्गाष्टमी के दिन मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं | नवरात्रि की अष्टमी तिथि को कन्या पूजन भी किया जाता है | मान्यता है कि अष्टमी व नवमी तिथि में कन्या पूजन करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है |

देवीभागवत पुराण के अनुसार, मां के नौ रूप और 10 महाविद्याएं सभी आदिशक्ति के अंश और स्वरूप हैं लेकिन भगवान शिव के साथ उनकी अर्धांगिनी के रूप में महागौरी सदैव विराजमान रहती हैं | इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है | नवरात्र की अष्टमी तिथि को विशेष महत्व रखती है क्योंकि कई लोग इस दिन कन्या पूजन कर अपना व्रत खोलते हैं |

देवीभागवत पुराण के अनुसार, महागौरी वर्ण पूर्ण रूप से गौर अर्थात सफेद हैं और इनके वस्त्र व आभूषण भी सफेद रंग के हैं | मां का वाहन वृषभ अर्थात बैल है | मां के दाहिना हाथ अभयमुद्रा में है और नीचे वाला हाथ में दुर्गा शक्ति का प्रतीक त्रिशुल है |  महागौरी के बाएं हाथ के ऊपर वाले हाथ में शिव का प्रतीक डमरू है | डमरू धारण करने के कारण इन्हें शिवा भी कहा जाता है | मां के नीचे वाला हाथ अपने भक्तों को अभय देता हुआ वरमुद्रा में है | माता का यह रूप शांत मुद्रा में ही दृष्टिगत है | इनकी पूजा करने से सभी पापों का नष्ट होता है |

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा कैसे करे

मां महागौरी की कथा:- नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा कैसे करें?

देवीभागवत पुराण के अनुसार, देवी पार्वती का जन्म राजा हिमालय के घर हुआ था | देवी पार्वती को मात्र 8 वर्ष की उम्र में अपने पूर्वजन्म की घटनाओं का आभास हो गया और तब से ही उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए तपस्या शुरू कर दी थी | अपनी तपस्या के दौरान माता केवल कंदमूल फल और पत्तों का आहार करती थीं | बाद में माता ने केवल वायु पीकर तप करना आरंभ कर दिया | तपस्या से देवी पार्वती को महान गौरव प्राप्त हुआ था इसलिए उनका नाम महागौरी पड़ा | इस दिन दुर्गा सप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है |

माता की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनसे गंगा स्नान करने के लिए कहा | जिस समय मां पार्वती स्नान करने गईं तब देवी श्याम वर्ण का एक स्वरूप के साथ प्रकट हुईं, जो कौशिकी कहलाईं और एक स्वरूप उज्जवल चंद्र के समान प्रकट हुआ, जो महागौरी कहलाईं | गौरी रूप में माता अपने हर भक्त का कल्याण करती हैं और उनको समस्याओं से मुक्त करती हैं | जो व्यक्ति किन्हीं कारणों से नौ दिन तक उपवास नहीं रख पाते हैं, उनके लिए नवरात्र में प्रतिपदा और अष्टमी तिथि को व्रत रखने का विधान है | इससे नौ दिन व्रत रखने के समान फल मिलता है |

भोग में मां महागौरी को चढ़ाएं यह चीज:-

देवीभागवत पुराण के अनुसार, नवरात्र की अष्टमी तिथि को मां को नारियल का भोग लगाने की पंरपरा है | भोग लगाने के बाद नारियल को या तो ब्राह्मण को दे दें अन्यथा प्रशाद रूप में वितरण कर दें | जो भक्त आज के दिन कन्या पूजन करते हैं, वह हलवा-पूड़ी, सब्जी और काले चने का प्रसाद विशेष रूप से बनाया जाता है | महागौरी को गायन और संगती अतिप्रिय है | भक्तों को पूजा करते समय गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना चाहिए | गुलाबी रंग प्रेम का प्रतीक है | एक परिवार को प्रेम के धागों से ही गूथकर रखा जा सकता हैं, इसलिए नवरात्र की अष्टमी को गुलाबी रंग पहनना शुभ माना जाता है |

मां महागौरी का ध्यान मंत्र:-

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः |
महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा ||

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता |
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः||

Shardiya Navratri 2022 Day 9: नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा कैसे करें ?

Shardiya Navratri 2022 Day 9

हिंदी पंचाग के अनुसार साल में नवरात्रि 4 बार मनाई जाती है | दो बार गुप्त नवरात्रि और दो नवरात्रि को मुख्य रूप से मनाया जाता है | इसमें चैत्र और शारदीय मुख्य नवरात्रि हैं, जिसे देशभर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है | नवरात्रि का मतलब है नौ रातें | नौ दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है | देवी मां के पावन 9 दिन का पर्व शारदीय नवरात्रि आश्विन मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को 26 सितम्बर 2022 से आरंभ होगा | 4 अक्टूबर तक चलने वाले इन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है | 5 अक्टूबर को धूमधाम के साथ विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा | इसी दिन दुर्गा विसर्जन भी किया जाएगा | शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों का बखान किया गया है | नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है | मान्यता है कि मां दुर्गा अपने भक्तों के हर कष्ट हर लेती हैं |

नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा और अर्चाना का विधान है | जैसा कि इनके नाम से स्पष्ट हो रहा है कि मां सभी प्रकार की सिद्धी और मोक्ष को देने वाली हैं | मां सिद्धिदात्री की पूजा देव, यक्ष, किन्नर, दानव, ऋषि-मुनि, साधक और गृहस्थ आश्रम में जीवनयापन करने वाले पूजा करते हैं | नवरात्र के अंतिम दिन मां की पूजा पूरे विधि विधान के साथ करने वाले उपासक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं | साथ ही यश, बल और धन की भी प्राप्ति होती है |

देवी भागवत पुराण के अनुसार, महालक्ष्मी की तरह मां सिद्धिदात्री कमल पर विराजमान रहती हैं और इनके चार हाथ हैं | जिनमें वह शंख, गदा, कमल का फूल तथा चक्र धारण किए रहती हैं | सिद्धिदात्री देवी सरस्वती का भी स्वरूप हैं, जो श्वेत वस्त्रालंकार से युक्त महाज्ञान और मधुर स्वर से अपने भक्तों को सम्मोहित करती हैं |

नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा कैसे करें ?

भगवान शिव ने इनके लिए की थी तपस्या:-

इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है | सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है | ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है | मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियां होती हैं | ब्रह्मवैवर्तपुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है | इनके नाम इस प्रकार हैं –

  • अणिमा
  • लघिमा
  • प्राप्ति
  • प्राकाम्य
  • महिमा
  • ईशित्व,वाशित्व
  • सर्वकामावसायिता
  • सर्वज्ञत्व
  • दूरश्रवण
  • परकायप्रवेशन
  • वाक्‌सिद्धि
  • कल्पवृक्षत्व
  • सृष्टि
  • संहारकरणसामर्थ्य
  • अमरत्व
  • सर्वन्यायकत्व
  • भावना
  • सिद्धि

पुराणों के अनुसार, भगवान शिव ने भी इन्ही देवी की कठिन तपस्या कर इनसे आठों सिद्धियों को प्राप्त किया था | साथ ही मां सिद्धिदात्री की कृपा से महादेव का आधा शरीर देवी की हो गई थी और वह अर्धनारीश्वर कहलाए | नवरात्र के नौवें दिन इनकी पूजा के बाद ही नवरात्र का समापन माना जाता है | नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा करने के लिए नवाहन का प्रसाद और नवरस युक्त भोजन और नौ प्रकार के फल फूल आदि का अर्पण करके नवरात्र का समापन करना चाहिए |

इस तरह करें कन्या पूजन:-

मां सिद्धिदात्री की पूजा के बाद कुंवारी कन्याओं का घर बुलाकर उनके पैर धोकर आशीर्वाद लेना चाहिए और फिर मंत्र द्वारा पंचोपचार पूजन करना चाहिए | इसके बाद सभी कन्याओं को हलवा-पूरी, चने और सब्जी दें | भोजन कराने के बाद उनका लाल चुनरी उड़ाएं और फिर रोली-तिलक लगाकर कलावा बांधें | फिर समार्थ्यनुसार कोई भेंट व दक्षिणा देकर चरण स्पर्श करते हुए विदा करना चाहिए | जो भक्त कन्या पूजन कर नवरात्र के व्रत का समापन करता है, उसे धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है |

मां सिद्धिदात्री का ध्यान मंत्र:-

वन्दे वांछित मनोरथार्थ चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
कमलस्थितां चतुर्भुजा सिद्धीदात्री यशस्वनीम्॥

सिद्धगंधर्वयक्षाद्यै:, असुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात्, सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

अर्थात सिद्ध, गंधर्व, यक्ष, असुर और अमरता प्राप्त देवों के द्वारा भी पूजित किए जाने वाली और सिद्धियों को प्रदान करने की शक्ति से युक्त मां सिद्धिदात्री हमें भी आठों सिद्धियां प्रदान करें और अपना आशीर्वाद हमेशा हम पर बनाए रखें |

Road Safety World Series 2022: यहाँ देखें Live Streaming, Squads, Matches & Venues

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Road Safety World Series 2022: नमस्कार दोस्तों, हम सभी अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने के लिए जिस सीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वह समय आ गया है, जी हां हम बात कर रहे हैं रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज 2022 के बारे में , जिसमें रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज 2022 गेम के पूर्व दिग्गज शामिल हैं। जिसमें सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और युवराज सिंह शामिल हैं। रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज 2022 10 सितंबर 2022 से शुरू हो चुका है और टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगे।

इंडिया लीजेंड्स, श्रीलंका लीजेंड्स, बांग्लादेश लीजेंड्स, ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स, न्यूजीलैंड लीजेंड्स, इंग्लैंड लीजेंड्स, वेस्टइंडीज लीजेंड्स और साउथ अफ्रीका लीजेंड्स में आठ पक्ष शामिल हैं। महामारी के कारण 11 मार्च, 2020 को चार मैचों के बाद श्रृंखला के पहले संस्करण को रद्द करना पड़ा। इस टी20 लीग का उद्देश्य लोगों के सड़क व्यवहार के प्रति उनकी मानसिकता को प्रभावित करना और बदलना और देश में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है। यहां आपको आगामी टूर्नामेंट के बारे में जानने की जरूरत है-

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ 2022 लाइव स्ट्रीमिंग और टेलीकास्ट विवरण

Road Safety World Series में 18 मैच होंगे, जिनमें से केवल पांच मैच दोपहर 3:30 बजे IST से शुरू होंगे। बाकी शाम 7.30 बजे IST से खेला जाएगा।इन मैचों का सीधा प्रसारण स्पोर्ट्स18, कलर्स सिनेप्लेक्स और कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट पर होगा। गेम्स को वूट और जियो टीवी ऐप पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। मैचों के लिए स्थान चार शहर कानपुर, इंदौर, देहरादून और रायपुर हैं। फाइनल और सेमीफाइनल रायपुर में खेले जाएंगे

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ 2021 में मैन ऑफ़ सीरीज़ कौन था?

श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान ने 8 पारियों में 45.16 की औसत से 271 रन बनाने के लिए 2021 में उद्घाटन सत्र के दौरान ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना था।

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज 2022 स्क्वाड्स-

इंडिया लीजेंड्स:

सचिन तेंदुलकर (कप्तान), युवराज सिंह, सुरेश रैना, इरफान पठान, यूसुफ पठान, हरभजन सिंह, मुनाफ पटेल, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ, स्टुअर्ट बिन्नी, नमन ओझा, मनप्रीत गोनी, प्रज्ञान ओझा, विनय कुमार, अभिमन्यु मिथुन, राजेश पवार और राहुल शर्मा।

न्यूजीलैंड लीजेंड्स:

रॉस टेलर (सी), जैकब ओरम, जेमी हाउ, जेसन स्पाइस, काइल मिल्स, स्कॉट स्टायरिस, शेन बॉन्ड, डीन ब्राउनली, ब्रूस मार्टिन, नील ब्रूम, आरोन रेडमंड, एंटोन डेविच, क्रेग मैकमिलन, गैरेथ हॉपकिंस, और हामिश बेनेट।

ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स:

शेन वॉटसन (सी), एलेक्स डूलन, बेन डंक, ब्रैड हॉज, ब्रैड हैडिन, स्टुअर्ट क्लार्क, ब्रेट ली, ब्राइस मैकगेन, कैलम फर्ग्यूसन, कैमरन व्हाइट, जॉर्ज हॉरलिन, जेसन क्रेजा, जॉन हेस्टिंग्स, डिर्क नानेस, नाथन रियरडन , और चाड सेयर्स।

वेस्टइंडीज लीजेंड्स:

ब्रायन लारा (कप्तान), डेंज़ा हयात, देवेंद्र बिशू, ड्वेन स्मिथ, जेरोम टेलर, किर्क एडवर्ड्स, मार्लन इयान ब्लैक, नरसिंह देवनारिन, सुलेमान बेन, डैरेन पॉवेल, विलियम पर्किन्स, डेरियन बार्थले, डेव मोहम्मद और क्रिश्मर सैंटोकी .

इंग्लैंड लीजेंड्स:

इयान बेल (कप्तान), निकोलस कॉम्पटन, फिल मस्टर्ड, क्रिस ट्रेमलेट, डैरेन मैडी, डैरेन स्टीवंस, जेम्स टिंडल, रिक्की क्लार्क, स्टीफन पैरी, टिम एम्ब्रोस, दिमित्री मस्कारेनहास, क्रिस शॉफिल्ड, जेड डर्नबैक, मल लॉय।

श्रीलंका के लीजेंड्स:

तिलकरत्ने दिलशान (सी), कौशल्या वीररत्ने, महेला उदावटे, रुमेश सिल्वा, असेला गुणरत्ने, चमारा सिल्वा, इसुरु उदाना, चमारा कपुगेदेरा, चमिंडा वास, चतुरंगा डी सिल्वा, चिंताका जयसिंघे, धम्मिका प्रसाद, दिलरुवन परेरा, ईशान जयरत्ने, जीवन मेंडिस, नुवान कुलसेकरा, सनथ जयसूर्या, उपुल थरंगा, थिसारा परेरा।

दक्षिण अफ्रीका के लीजेंड्स:

जोंटी रोड्स (सी), अल्विरो पीटरसन, एंड्रयू पुटिक, एडी ली, गार्नेट क्रूगर, हेनरी डेविड्स, जैक्स रूडोल्फ, जोहान बोथा, जे वैन डे वाथ, लांस क्लूजनर, एल नॉरिस जोन्स, मखाया एनटिनी, मोर्ने वान विक, टी तशाबाला, वर्नोन फिलेंडर, ज़ेंडर डी ब्रुइन।

बांग्लादेश लीजेंड्स:

शहादत हुसैन (सी), अब्दुर रज्जाक, आलमगीर कबीर, आफताब अहमद, आलोक कपाली, मामुन-उर-रशीद, नज़्मुस सादात, धीमान घोष, डोलर महमूद, खालिद मशूद, मोहम्मद शरीफ, महराब हुसैन, इलियास सनी, मोहम्मद नज़ीमुद्दीन , अबुल हसन, तुषार इमरान।

Road Safety World Series 2022 के मैच और स्थान –

ग्रीन पार्क स्टेडियम, कानपुर

10 सितंबर 2022: इंडिया लीजेंड्स इंडिया बनाम साउथ अफ्रीका लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

11 सितंबर 2022: बांग्लादेश लीजेंड्स बनाम वेस्टइंडीज लीजेंड्स (शाम 3:30 बजे)

11 सितंबर 2022: श्रीलंका लीजेंड्स बनाम ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

12 सितंबर 2022: न्यूजीलैंड लीजेंड्स बनाम साउथ अफ्रीका लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

13 सितंबर 2022: इंग्लैंड लीजेंड्स बनाम श्रीलंका लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

14 सितंबर 2022: इंडिया लीजेंड्स बनाम वेस्टइंडीज लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

15 सितंबर 2022: बांग्लादेश लीजेंड्स बनाम न्यूजीलैंड लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

होल्कर स्टेडियम, इंदौर

17 सितंबर 2022: इंग्लैंड लीजेंड्स बनाम वेस्टइंडीज लीजेंड्स (शाम 3:30 बजे)

17 सितंबर 2022: श्रीलंका लीजेंड्स बनाम साउथ अफ्रीका लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

18 सितंबर 2022: ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स बनाम बांग्लादेश लीजेंड्स (शाम 3:30 बजे)

18 सितंबर 2022: इंडिया लीजेंड्स बनाम न्यूजीलैंड लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

19 सितंबर 2022: इंग्लैंड लीजेंड्स बनाम साउथ अफ्रीका लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून

21 सितंबर 2022: इंडिया लीजेंड्स बनाम बांग्लादेश लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

22 सितंबर 2022: वेस्टइंडीज लीजेंड्स बनाम न्यूजीलैंड लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

23 सितंबर 2022: ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स बनाम साउथ अफ्रीका लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

24 सितंबर 2022: इंडिया लीजेंड्स बनाम इंग्लैंड लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

25 सितंबर 2022: श्रीलंका लीजेंड्स बनाम न्यूजीलैंड लीजेंड्स (शाम 3:30 बजे)

25 सितंबर 2022: ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स बनाम वेस्टइंडीज लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर

27 सितंबर 2022: श्रीलंका लीजेंड्स बनाम बांग्लादेश लीजेंड्स (शाम 3:30 बजे)

27 सितंबर 2022: इंग्लैंड लीजेंड्स बनाम ऑस्ट्रेलिया लीजेंड्स (शाम 7:30 बजे)

शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर

28 सितंबर, 2022: सेमीफ़ाइनल 1 (शाम 7:30 बजे)

29 सितंबर, 2022: सेमीफ़ाइनल 2 (शाम 7:30 बजे)

1 अक्टूबर, 2022: फाइनल (शाम 7:30 बजे)

चीता के बारे में जाने: आखिर क्या खास और अनोखा बनाता है (Amazing facts about Cheetah in Hindi)

हेलो दोस्तों ,चीता वास्तव में एक अनूठा जानवर है। दुनिया का सबसे तेज जमीन वाला जानवर होने के कारण इसे गति के लिए बनाया गया है। केवल 3 सेकंड में 0 से 84 किमी / घंटा की गति पर, और 110 किमी / घंटा की शीर्ष गति के साथ, इसका मतलब है कि चीता एक स्पोर्ट्स कार से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

दोस्तों आपको बता दे की चीता अन्य 36 प्रजातियों की बिल्लियों से शरीर रचना और व्यवहार दोनों में स्पष्ट रूप से भिन्न हैं। वे अपने जीनस में एकमात्र प्रजाति हैं। वे गति बनाम शक्ति और आक्रामकता के लिए विकसित हुए हैं। अन्य बड़ी बिल्लियों के निर्माण की तुलना में उनके शरीर हल्के होते हैं।

दोस्तों चीता जीवित रहने के लिए अपनी गति और कौशल पर भरोसा करते हैं। जीनस नाम, एसिनोनिक्स की व्याख्या “गैर-चलती पंजे” के रूप में की जाती है, जो उनके अर्ध-वापस लेने योग्य पंजे का जिक्र करती है। प्रजाति का नाम, “जुबेटस”, का अर्थ है “मानवयुक्त”, एक युवा चीता की पीठ पर मेंटल का जिक्र है। अंग्रेजी शब्द, “चीता”, हिंदू शब्द “चिता” से आया है जिसका अर्थ है “चित्तीदार” है।

चीता की फिजियोलॉजी के बारे में जाने  –

चीते की विशिष्टता एक विशेषता से नहीं बनती है, बल्कि इसके शरीर विज्ञान में लक्षणों का एक समूह है जिसे उसके शरीर के सभी हिस्सों से देखा जा सकता है। खोपड़ी मांस को फाड़ने के लिए आवश्यक जबड़े की मांसपेशियों के लिए जगह प्रदान करती है। रीढ़ अपनी अविश्वसनीय गति तक पहुंचने के लिए आवश्यक लचीलापन प्रदान करती है। पैर और पंजे दौड़ने, तेज मोड़ने और शिकार करने में मदद करते हैं। शिकार का पीछा करते समय पूंछ संतुलन प्रदान करती है। चलिए दोस्तों इस प्रजाति की शारीरिक रचना और शरीर विज्ञान के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं सायद आपको जानकर हैरानी हो चीता के शरीर के बारे में जानकार।

चीता के पैर और पंजे-

चीता के पैर के पैड अन्य बिल्लियों की तुलना में सख्त और कम गोल होते हैं। पैड टायर थ्रेड्स की तरह काम करते हैं जो उन्हें तेज, तेज मोड़ में बढ़ा हुआ कर्षण प्रदान करते हैं।

दोस्तों छोटे कुंद पंजे ट्रैक शू पर क्लैट की तरह काम करते हैं। दौड़ते समय वे कर्षण के लिए जमीन को पकड़ते हैं और गति बढ़ाने में मदद करते हैं। चीता के पंजे अर्ध-वापस लेने योग्य होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे अन्य बिल्लियों के पंजे की तरह पूरी तरह से पीछे नहीं हटते हैं। चीते के पैरों की संरचना बहुत कुत्ते जैसी होती है। चीते के ड्यूक्लाव सामने के पैर के ऊपरी अंदरूनी हिस्से पर स्थित होते हैं। ये नुकीले होते हैं और अक्सर शिकार को पकड़ने और पकड़ने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

चीते के धब्बे और धारियाँ –

वयस्क चीते अपने कोट पैटर्न द्वारा अन्य बिल्लियों से आसानी से अलग हो जाते हैं। रंग और धब्बे छलावरण का एक रूप हैं। यह चीतों को शिकार का शिकार करने और अन्य शिकारियों से छिपने में मदद करता है। आंखों से मुंह तक विशिष्ट काली आंसू धारियां चलती हैं। ऐसा माना जाता है कि पट्टियां आंखों को सूरज की चकाचौंध से बचाती हैं। ऐसा माना जाता है कि उनके पास राइफल स्कोप के समान कार्य है, जिससे चीतों को अपने शिकार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

तीन महीने की उम्र तक, चीता शावकों के पास एक मोटी-चांदी का भूरा रंग होता है जो उनकी पीठ से नीचे चला जाता है। मेंटल शावकों को छाया और घास में मिला कर छलावरण में मदद करता है। यह धूप और बारिश से भी सुरक्षा प्रदान करता है। अपने मेंटल के साथ, शावक एक आक्रामक जानवर की तरह दिखते हैं जिसे हनी बेजर कहा जाता है। यह शिकारियों जैसे शेर, लकड़बग्घा और चील को मारने की कोशिश करने से रोक सकता है।

चीते की हड्डी –

चीते की रीढ़ की हड्डी का अत्यधिक लचीलापन अद्वितीय है। यह दौड़ने के दौरान अधिक विस्तार की अनुमति देता है, इस प्रकार इसकी लंबाई और गति दोनों को संभव बनाता है। यदि रीढ़ की हड्डी सख्त होती और पेक्टोरल और पेल्विक करधनी मजबूती से जुड़ी होती, तो चीता 100 किमी/घंटा तक नहीं पहुंच पाता।

चीते की लंबी लंबाई बढ़ाने के लिए कूल्हे शरीर के पूरी तरह से विस्तारित होने पर आगे और पीछे के पैरों को और अलग करने की अनुमति देता है। जब पैर उसके शरीर के नीचे आते हैं तो कूल्हे और कंधे आपस में करीब आ जाते हैं। कंधे की हड्डी कॉलरबोन से नहीं जुड़ती है, इस प्रकार कंधों को स्वतंत्र रूप से चलने की अनुमति मिलती है। इससे स्ट्राइड की लंबाई बढ़ जाती है।

चीते के दांत –

दोस्तों चीते के दांत उनके खाने की शैली का समर्थन करने के लिए अनुकूलित होते हैं। तेजी से खाने से, चीते अन्य शिकारियों के शिकार को खोने से बचते हैं। चीते “आंख के दांत” या “नुकीले” का उपयोग शिकार के दम घुटने के दौरान पकड़ने और पकड़ने के लिए किया जाता है। चीता के कुत्ते शेर या तेंदुए की तुलना में छोटे और कम विकसित होते हैं।  “सामने के दांत”, का उपयोग फर को तोड़ने और शवों की खाल निकालने के लिए किया जाता है। शिकार के मांस तक त्वरित पहुँच के लिए सीधे और मजबूत कृन्तक आवश्यक हैं।

मांसाहारी, “पीछे के दांत” या “पूर्व दाढ़”, कैंची की तरह फैशन में काम करते हैं और चीता को मांस के बड़े टुकड़ों को काटने में सक्षम बनाते हैं जो जल्दी से पूरे निगल जाते हैं। भोजन के दौरान इन दांतों का उपयोग करते समय, चीता अपने सिर को शव से एक कोण पर बग़ल में रखते हैं। ये ब्लेड जैसे दांत शेर और तेंदुए के समान होते हैं। उनके पास सियार के मांस चबाने या लकड़बग्घा की तरह हड्डियों को कुचलने के समान कार्य नहीं है।

चीतों के जबड़े –

चीतों के जबड़े शेरों या तेंदुओं की तरह शक्तिशाली नहीं होते हैं। चीतों के कुत्ते के दांत अपेक्षाकृत छोटे होते हैं। सभी बिल्लियों में, शक्तिशाली मांसपेशियां जबड़े को ऊपर और नीचे ले जाती हैं और शिकार को पकड़ने के लिए समान शक्ति प्रदान करती हैं। जीभ को चाटने के लिए अपनाया जाता है और यह छोटी कठोर कांटों से ढकी होती है जिसे पैपिला कहते हैं। पैपिला एक रास्प की तरह काम करता है, शिकार की हड्डियों से मांस निकालता है। खुरदरी जीभ सैंडपेपर की बनावट के समान महसूस होती है।

चीता के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य –

  • चीते के लिए अधिकतम गति 120 किमी/घंटा दर्ज की गई है।
  • चीता सिर्फ 3 सेकेंड में अपनी पूरी रफ्तार पकड़ लेता है।
  • चीते की लंबाई 1.1 मीटर से लेकर 1.4 मीटर तक हो सकती है।
  • चीता एक ऐसा मांसाहारी जानवर है कि जंगल के अन्य मांसाहारी उससे नफरत करते हैं और उसके बच्चों को मार देते हैं।
  • 70% चीते यौवन से पहले मारे जाते हैं।
  • चीता 7 मीटर तक कूद सकता है।
  • इस हिसाब से एक चीता सिर्फ 16 कदमों में 100 मीटर की दूरी तय कर सकता है।
  • चीता पहले हमले में शिकार करता है, अगर कोई जानवर पहले हमले में बच जाता है, तो चीता उसे छोड़ देता है।
  • नर चीता समूहों में रहना पसंद करते हैं लेकिन मादा चीता अकेले रहना पसंद करती हैं।
  • चीते की रीढ़ वसंत की तरह काम करती है। यही कारण है कि वह सामान्य पशुओं से दुगनी गति से चलता है।
  • चीते का मुंह हवा को काटने में मदद करता है और चीते की पूंछ तेज गति से दौड़ते समय अचानक मुड़ जाती है।
  • दिन के समय चीता की दृष्टि बहुत तेज होती है और वह 5 किलोमीटर दूर तक देख सकता है। लेकिन रात के समय चीते की नजर कमजोर होती है।
  • चीते पेड़ों पर नहीं चढ़ सकते।
  • चीते का वजन 34 से 54 किलोग्राम के बीच होता है।
  • चीते की पूंछ की लंबाई 65 सेमी से 80 सेमी तक होती है।
  • चीते की औसत ऊंचाई 32 इंच होती है।
  • चीता दहाड़ता नहीं है लेकिन कभी-कभी कुत्ते की तरह भौंकता हुआ देखा गया है।
  • कुनो पालपुर के जंगल में चीते आसानी से इधर-उधर घूमते पाए जाते थे।
  • चीता इंसानों को पसंद करता है और उन पर हमला नहीं करता है।

निष्कर्ष –

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को चीता के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी और साथ ही चीता के अनोखे शरीर के बारे में और कुछ तथ्य भी जान गए होंगे। दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

SAMBAL 2.0: मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) के तहत किये गए आवेदन की स्थिति कैसे देखे? जाने यहाँ पर…

SAMBAL 2.0: मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, को असंगठित श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और उन्हें सभी तरह के लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से 1 अप्रैल 2018 से पुरे मध्यप्रदेश में शुरू की गई थी | मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के शुरुआत के साथ ही मध्यप्रदेश जनकल्याण (संबल) पोर्टल की भी शुरुआत की गई थी | ताकि आवेदक योजनाओं के लाभ के लिए ऑनलाइन पात्रता जांच सकें, आवेदन कर सकें |

असंगठित क्षेत्र में नियोजित श्रमिकों से आग्रह किया जा रहा है कि वे अपने ग्राम पंचायत/ज़ोन में संपर्क कर योजनाओं के लाभ के लिए अपना पंजीयन करवा ले | मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत असंगठित श्रमिकों की सहायता के लिए निम्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं :- योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

SAMBAL 2.0

असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के पंजीयन, प्रबंधन, ट्रैकिंग एवं उन्हें मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ सरलीकृत एवं पारदशी र्रूप से समय सीमा सुनिश्चित करने हेतु एकीकृत पोर्टल मध्य प्रदेश सर्कार द्वारा पोर्टल जारी किया गया है . असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की जानकारी के लिए एक एकमात्र पोर्टल है इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों की जानकारी ले सकते हैं ।इस पोर्टल के माध्यम से असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए चलाई जा रही जनकल्याण योजनाओं की लाभार्थी सूचि भी देखी जा सकती है ।

मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण (संबल 2.0) योजना:

  • माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान की पहल पर राज्य के करोड़ों असंगठित श्रमिको को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिये वर्ष 2018 में मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण (संबल) योजना प्रारंभ की गई।
  • योजनांतर्गत अंत्‍येष्टि सहायता (रू. 5 हजार), सामान्‍य मृत्‍यु सहायता (रू. 2 लाख), दुर्घटना मृत्‍यु सहायता(रू. 4 लाख), आंशिक दिव्‍यांगता सहायता (रू. 1 लाख) एवं स्‍थायी दिव्‍यांगता सहायता योजना (रू. 2 लाख) की सहायता राशि।
  • योजना में सरलीकरण तथा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाये रखने के लिये मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण (संबल 2.0) योजना तथा पोर्टल का शुभारंभ।
  • नवीन पंजीयन तथा पूर्व में अपात्र किये गये श्रमिकों को पुन: पंजीयन हेतु आवेदन की सुविधा।

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) के तहत किये गए आवेदन की स्थिति कैसे देखे:

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) के तहत नवीन पंजीयन तथा पूर्व में अपात्र किये गये श्रमिकों को पुन: पंजीयन हेतु आवेदन की सुविधा चालू कर दी गयी है| जिसके तहत आप भी अपना पंजीयन करवा सकते हैं | यदि आप ने अपना पंजीयन करवा लिया है और अब आप अपने आवेदन की स्थिति जानना चाहते है कि आवेदन का सत्यापन उच्चाधिकारी द्वारा सत्यापन कर दिया गया है कि नहीं तो यह जानने के लिए हमारे द्वारा बताई गयी प्रोसेस को फॉलो करना पड़ेगा|

अब हम आप को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) के तहत किये गए आवेदन की स्थिति कैसे देखे? की प्रोसेस बताने जा रहे हैं जिसके लिए आप हमारे आर्टिकल को पूरा पढियेगा और यदि आप इस प्रोसेस को फॉलो करते हैं तो बड़ी ही आसानी से आप अपने आवेदन की स्तिथि जान सकते हैं |

स्टेप 1. सर्वप्रथम आप को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा |

SAMBAL 2.0

स्टेप 2. होम पेज हो जाने के बाद आप को स्क्रीन के लेफ्ट साइड में आवेदन की स्तिथि का टैब दिखाई देगा, जिस पर आप को क्लिक करना है |

स्टेप 3. आवेदन की स्तिथि टैब पर क्लिक करते ही एक पॉप मेनू ओपन होगा जिसमे आप को समग्र आई डी और एप्लीकेशन नंबर एंटर करना है|

स्टेप 4. अब आप को पॉप मेनू में समग्र आई डी और एप्लीकेशन नंबर एंटर करने के बाद सर्च बटन पर क्लिक करना है

स्टेप 5. समग्र आई डी और एप्लीकेशन नंबर एंटर करने के बाद सर्च बटन पर क्लिक करते ही आप के आवेदन की स्तिथि दिखाई देने लगेगी | जिससे आप अपने आवेदन की स्तिथि देख पाएंगे किआवेदन का सत्यापन उच्चाधिकारी द्वारा सत्यापन कर दिया गया है कि नहीं |

आवेदन का सत्यापन उच्चाधिकारी द्वारा कर देने के बाद आप मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण (संबल 2.0) योजना का लाभ ले पाएंगे |

Life Certificate : पेंशनभोगियों के लिए ‘फेस रिकॉग्निशन टेक’ शुरू

Life Certificate : ‘चेहरा देखकर’ जमा हो जाएगा जीवन प्रमाणपत्र

Life Certificate Submission : सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए ‘जीवन प्रमाणपत्र’ के एक प्रमाण के रूप में चेहरा पहचानने वाली ‘विशिष्ट’ तकनीक ‘face recognition system’ पेश किया है

Life Certificate:

पेंशनभोगियों के लिए हर साल जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने की प्रकिया को लगातार आसान बनाने की कोशिशें हो रही हैं. बुजुर्ग और रिटायर्ड लोगों को अपना पेंशन पाते रहने के लिए लाइफ सर्टिफिकेट अपने बैंक में जमा कराते रहना होता है. इसके लिए उन्हें बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं. लेकिन उनके लिए चीजें आसान हो, इसके लिए पिछले कुछ वक्त में बहुत से बदलाव किए गए हैं. डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा शुरू हुई है. वहीं, सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले दिनों वीडियो कॉल की सुविधा के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई है. इसी क्रम में सरकार ने सोमवार को एक नया सिस्टम शुरू किया है

सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए ‘जीवन प्रमाणपत्र’ के एक प्रमाण के रूप में चेहरा पहचानने वाली ‘विशिष्ट’ तकनीक ‘face recognition technology’ पेश किया है. बता दें कि सभी पेंशनधारकों को साल के अंत में अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होता है. इस प्रमाणपत्र के आधार पर ही उन्हें आगे पेंशन जारी रखी जाती है|

सोमवार को कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने यह खास तकनीक पेश करते हुए कहा कि इससे सेवानिवृत्त एवं बुजुर्ग पेंशनभोगियों को काफी सहूलियत होगी. चेहरा पहचानने वाली इस तकनीक की मदद से पेंशनधारकों के जीवित होने की पुष्टि की जा सकेगी|

Face recognition technology

सोमवार को कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने यह खास तकनीक पेश करते हुए कहा कि इससे सेवानिवृत्त एवं बुजुर्ग पेंशनभोगियों को काफी सहूलियत होगी. चेहरा पहचानने वाली इस तकनीक की मदद से पेंशनधारकों के जीवित होने की पुष्टि की जा सकेगी|

उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि ‘यूनीक़ ‘face recognition technology’ लॉन्च किया, जिससे देश में करोड़ों पेंशनधारकों को आसानी से एक मोबाइल ऐप के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने में मदद मिलेगी|

‘केंद्र सरकार पेंशनभोगियों की जरूरतों को लेकर संवेदनशील रही है और उनकी जिंदगी को सुगम बनाने की कोशिश करती रही है. वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद सरकार ने पेंशनधारकों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा शुरू की थी. अब चेहरा पहचानने वाली इस तकनीक से उन्हें और भी मदद मिलेगी.’

उन्होंने कहा कि जीवन प्रमाणपत्र देने के लिए चेहरा पहचानने वाली इस तकनीक की शुरुआत एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी सुधार है. इससे न केवल केंद्र सरकार के 68 लाख पेंशनभोगी बल्कि ईपीएफओ एवं राज्य सरकारों से पेंशन पाने वाले लोग भी लाभान्वित होंगे|

Pension Account: वीडियो कॉलिंग से जमा कर सकेंगे लाइफ सर्टिफिकेट, जानें और क्या-क्या हैं तरीके :

Pension Account Life Certificate : सरकारी पेंशन भोगियों को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए हर साल 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना पड़ता है

Life Certificate for pensioners

लाइफ सर्टिफिकेट को फिजिकल रूप से या डिजिटल रूप से जमा किया जा सकता है. ऐसे में हम आपको एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के पांच तरीके बताने जा रहे हैं enterhindi.com में आप सभी लोगो का स्वागत है| एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के पांच तरीके की विस्तृत जानकारी के लिए आर्टिकल को अंत तक पूरा पढ़े|

प्रमुख सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) ने हाल ही में अपने ग्राहकों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है. अब बैंक के साथ  पेंशन अकाउंट चला रहे ग्राहकों को अपना एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट या सालाना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक नहीं जाना होगा, वो घर बैठे वीडियो कॉल के जरिए यह काम करा सकेंगे. बता दें सरकारी पेंशन भोगियों को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए हर साल एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना पड़ता है. यह प्रमाण इसलिए दिया जाता है ताकि इस बात का सबूत रहे कि पेंशनभोगी अभी जिंदा है और पेंशन की रकम उसे लगातार मिलती रहे. बता दें सरकारी पेंशन भोगियों को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए हर साल 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना पड़ता है. हालांकि, 80 साल या उससे अधिक आयु के पेंशनभोगी 1 अक्टूबर से एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं. यानी, इन पेंशनभोगियों को अपना सर्टिफिकेट जमा करने के लिए दो महीने का समय मिलता है|

एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट को फिजिकल रूप से या डिजिटल रूप से जमा किया जा सकता है. ऐसे में हम आपको एनुअल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के पांच तरीके बताने जा रहे हैं अतः आर्टिकल को पूरा पढ़े:

ऑनलाइन सबमिशन :

1. जीवन प्रमाण पोर्टल के माध्यम से:

पेंशनभोगी जीवन प्रमाण पोर्टल (https://jeevanpramaan.gov.in/) का उपयोग करके अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. पेंशनभोगी को पोर्टल से जीवन प्रमाण एप डाउनलोड करना होगा. इसके अलावा, फिंगरप्रिंट सबमिट करने के लिए एक UIDAI-मैंडेटेड डिवाइस की आवश्यकता होगी. फिंगरप्रिंट डिवाइस को ओटीजी केबल के जरिए मोबाइल फोन से जोड़ा जा सकता है. UIDAI मैंडेटेड डिवाइस की लिस्ट जीवन प्रमाण पोर्टल पर उपलब्ध है. इस डिवाइस को ई-कॉमर्स वेबसाइट से आसानी से खरीदा जा सकता है. ऐप डाउनलोड करने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद ऐप में दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगा|

फिजिकल सबमिशन:

2. पेंशन डिसबर्सिंग बैंक में जाकर:

जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के सबसे सामान्य तरीकों में से एक पेंशन डिसबर्सिंग बैंक में जाकर फॉर्म जमा करना. बैंक काउंटर पर ये फॉर्म उपलब्ध होता हैं|

3. डोर स्टेप बैंकिंग एलायंस:

डोर स्टेप बैंकिंग (DSB) 12 पब्लिक सेक्टर बैंकों के बीच एक गठबंधन है. बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य शामिल हैं. पेंशनभोगी मोबाइल ऐप, वेबसाइट या टोल-फ्री नंबर के माध्यम से इस सर्विस को बुक कर सकता है. सर्विस बुक करने के बाद DSB एजेंसी घर पर आएगा. मोबाइल ऐप के जरिए इस सेवा का लाभ उठाने के लिए आपको ‘डोरस्टेप बैंकिंग’ ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा|

अगर आप सर्विस की बुकिंग वेबसाइट के जरिए करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको https://doorstepbanks.com/ पर विजिट करना होगा. वहीं फोन के जरिए इस सेवा का लाभ लेने के लिए आपको टोल-फ्री नंबर 18001213721 या 18001037188 पर कॉल करना होगा|

4. पोस्टमैन के माध्यम से :

डाक विभाग ने मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Meity) के साथ नवंबर 2020 में पोस्टमैन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए डोरस्टेप सेवा शुरू की थी. इस सुविधा का उपयोग करके जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए, पेंशनभोगी को गूगल प्ले स्टोर पोस्टइन्फो ऐप डाउनलोड करना होगा|

5. अधिकारी के माध्यम से:

यदि पेंशनभोगी किसी ‘नामित अधिकारी’ के साइन करवाकर लाइफ सर्टिफिकेट फॉर्म को जमा करता है, तो पेंशनभोगी की व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी. सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) की जारी योजना पुस्तिका में नामित अधिकारियों की लिस्ट दी गई है|

लाडली लक्ष्मी योजना 2.0: बेटियों को कॉलेज में एडमिशन पर मिलेंगे 25 हजार रुपए

ladli laxmi yojana 2.0: बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं की शैक्षणिक स्तर तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में दिनाॅक 01.04.2007 से लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई ।

जानें, क्या है लाडली लक्ष्मी योजना और इससे कैसे मिलेगा लाभ:

सरकार की ओर से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इसी क्रम में पिछले दिनों मध्यप्रदेश सरकार की ओर से लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 की शुरुआत की गई है।

इसके तहत राज्य की बेटियों को कॉलेज शिक्षा के लिए 25 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। इसी के साथ पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। आज हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार की लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 की जानकारी दे रहे हैं ताकि प्रदेश की बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो सकें। 

लाडली लक्ष्मी योजना 2.0  क्या है?

कन्या शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान सरकार लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 को लॉन्च किया गया है। इस योजना के तहत राज्य की बेटियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 में कितनी दी जाएगी धनराशि :

योजनान्तर्गत बालिका के नाम से, पंजीकरण के समय से लगातार पांच वर्षों तक रूपये 6-6 हजार मध्यप्रदेष लाड़ली लक्ष्मी योजना निधि में जमा किये जाऐगें अर्थात कुल राशि रूपये 30000 बालिका के नाम से जमा किये जाऐगें।

बालिका के कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर रू.2000, कक्षा 9 वीं में प्रवेश लेने पर रू.4000, कक्षा 11 वीं में प्रवेश लेने पर रू.6000 तथा 12वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर रू.6000 ई-पेमेंट के माध्यम से किया जावेगा।

अंतिम भुगतान रूपये 1 लाख बालिका की आयु 21 वर्ष होने पर तथा कक्षा 12 वीं परीक्षा में सम्मिलित होने पर भुगतान की जावेगी, किन्तु शर्त यह होगी कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु के पूर्व न हुआ हो।

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने वाली छात्राओं की फीस भरेगी सरकार :

प्रदेश में मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाली छात्राओं के लिए खास ऐलान करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि राज्य की वे छात्राएं जो मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेती हैं तो उनकी फीस राज्य सरकार की ओर से भरी जाएगी। इस मौके पर सरकार ने लाडली लक्ष्मी बुक का विमोचन किया और लाडली ई-संवाद एप लांन्च किया।

लाडली लक्ष्मी योजना से बेटियों को होने वाले लाभ :

लाडली लक्ष्मी योजना के तहत राज्य के बेटियों को कई लाभ दिए जाएंगे। इनमें से कुछ लाभ इस प्रकार से हैं- 

  • लाडली लक्ष्मी योजना के तहत बेटियों के नाम से, पंजीकरण के समय से लगातार पांच वर्षों तक 6-6 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।
  • इस योजना के तहत बेटियों को कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर करीब 2000 रुपए की राशि दी जाती है।
  • जब बेटी कक्षा 9वीं में प्रवेश लेती है तो सरकार की ओर से 4000 रुपए की राशि दी जाती है।
  • कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने पर बेटियों को 6000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है। 
  • वहीं कक्षा 12वीं में प्रवेश लेने पर 6000 रुपए की राशि सरकार की ओर से दी जाती है। 
  • इसके अलावा योजना के तहत अंतिम भुगतान 1 लाख रुपए बालिका की आयु 21 वर्ष होने पर तथा कक्षा 12 वीं परीक्षा में सम्मिलित होने पर भुगतान की जाएगी लेकिन शर्त यह होगी कि बालिका की शादी 18 वर्ष की आयु के पहले नहीं हुई हो।

लाडली योजना के लिए पात्रता और शर्तें :

लाडली योजना के लिए भी कुछ पात्रता और शर्तें निर्धारित की गई हैं, जो इस प्रकार से हैं- 

  • लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ उन्हीं बेटियों को मिलेगा जिनके माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं। 
  • इस योजना का लाभ उन परिवार की बेटियों को मिलेगा जिनके माता-पिता इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते हो यानि आयकर दाता नहीं हो। 
  • इस योजना के तहत एक ही परिवार की कम से कम दो बेटियां को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। 
  • द्वितीय बालिका के प्रकरण में आवेदन करने से पूर्व माता या पिता ने परिवार नियोजन अपना लिया हो तभी दूसरी बालिका को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • यदि आपके परिवार ने किसी अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो भी आप उसे प्रथम बालिका मानते हुए योजना का लाभ ले सकते है पर आपके पास उस बालिका को गोद लेने का कोई प्रमाण होना चाहिए। 

लाडली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य:

बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं की शैक्षणिक स्तर तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में यह योजना एक अप्रैल 2007 से लाडली लक्ष्मी योजना लागू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य बेटा और बेटी के बीच के भेदभाव को मिटाना है। 

लाडली लक्ष्मी योजना में कैसे करें आवेदन:

आवश्यक दस्तावेजों के साथ सीधे अथवा आंगनवाडी कार्यकर्ता के माध्यम से परियोजना कार्यालय/लोक सेवा केन्द्र अथवा किसी भी इंटरनेट कैफे से आवेदन/रजिस्ट्रेषन कर सकेगा। (प्रकरण स्वीकृति हेतु समस्त दस्तावेजों का परीक्षण परियोजना कार्यालय से कराया जाना होगा।

तत्पष्चात् प्रकरण स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किया जा सकेगा।) प्रकरण स्वीकृति उपरांत बालिका के नाम से शासन की ओर से रूपये 1,18,000/- का प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा।

लाड़ली लक्ष्मी योजना में आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज:

लाडली लक्ष्मी योजना में आवेदन के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार से हैं- 

  • माता-पिता का आधार कार्ड
  • बालिका का जन्म प्रमाण-पत्र
  • माता-पिता का पहचान-पत्र
  • बैंक खाता विवरण हेतु बैंक पासबुक की कॉपी
  • माता-पिता का मूल निवास प्रमाण-पत्र
  • राशन कार्ड जिसमें माता-पिता या बालिका का नाम हो
  • माता-पिता का आय प्रमाण-पत्र 
  • माता-पिता या अभिभावक का आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • बालिका का पासपोर्ट साइज फोटो

लाडली लक्ष्मी योजना की अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क:

मध्यप्रदेश सरकार की बेटियों के लिए चलाई जा रही लाडली लक्ष्मी योजना की अधिक जानकारी के लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट https://ladlilaxmi.mp.gov.in/ पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अथावा अपने गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से इसकी जानकारी ले सकते हैं।  

SketchUp क्या है? यहाँ जानिये SketchUp Software का उपयोग क्यों करना चाहिए

हेलो दोस्तों , 3D कलाकार के रूप में, आपने पहले स्केचअप के बारे में सुना होगा, लेकिन आप शायद अपने आप से कई प्रश्न पूछ रहे हैं जैसे: स्केचअप क्या है? स्केचअप किसके लिए प्रयोग किया जाता है? स्केचअप क्या कर सकता है? इसकी कीमत कितनी है ? दोस्तों आज इन सभी सवालो के जवाब हम इस आर्टिकल के द्वारा देने की पूरी कोसिस करेंगे तो बने रहिये हमारे साथ

दोस्तों स्केचअप एक 3D मॉडलिंग सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग करना आसान है और इसमें उपयोगकर्ता द्वारा बनाए गए मॉडल का एक व्यापक डेटाबेस डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। आप इसका उपयोग सभी प्रकार की परियोजनाओं में सहायता के लिए मॉडल को स्केच करने के लिए कर सकते हैं-फर्नीचर निर्माण, वीडियो गेम निर्माण, 3 डी प्रिंटिंग, इंटीरियर डिज़ाइन, और जो कुछ भी आप सोच सकते हैं।

SketchUp क्या है

स्केचअप क्या है?

स्केचअप एक सहज ज्ञान युक्त 3D मॉडलिंग एप्लिकेशन है जो आपको पेटेंट “पुश एंड पुल” विधि के साथ 2D और 3D मॉडल बनाने और संपादित करने देता है। पुश एंड पुल टूल डिजाइनरों को किसी भी सपाट सतह को 3D आकृतियों में निकालने की अनुमति देता है। आपको बस एक वस्तु पर क्लिक करना है और फिर उसे तब तक खींचना शुरू करना है जब तक कि आप जो देखते हैं उसे पसंद नहीं करते। स्केचअप एक ऐसा प्रोग्राम है जिसका उपयोग आर्किटेक्चरल, इंटीरियर डिज़ाइन, लैंडस्केप आर्किटेक्चर और वीडियो गेम डिज़ाइन जैसे 3D मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए किया जाता है।

दोस्तों इसमें ड्राइंग लेआउट कार्यक्षमता, सतह प्रतिपादन शामिल है, और एक्सटेंशन वेयरहाउस से तृतीय-पक्ष प्लगइन्स का समर्थन करता है। ऐप में आर्किटेक्चर, इंटीरियर डिज़ाइन, लैंडस्केपिंग और वीडियो गेम डिज़ाइन की दुनिया सहित अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला है। स्केचअप को उन लोगों के साथ भी सफलता मिली है जो 3D प्रिंटर के साथ उपयोग के लिए 3D मॉडल बनाना, साझा करना या डाउनलोड करना चाहते हैं।

दोस्तों स्केचअप 1999 में @Last सॉफ़्टवेयर द्वारा बनाया गया था। 2006 में, Google ने स्केचअप का अधिग्रहण किया, जब @Last सॉफ़्टवेयर ने Google धरती के लिए एक प्लगइन बनाया जिसने टेक दिग्गज की नज़र को पकड़ा। 2012 में, ट्रिम्बल नेविगेशन (अब ट्रिम्बल इंक) ने Google से स्केचअप का अधिग्रहण किया और प्लगइन्स और एक्सटेंशन को होस्ट करने वाली एक नई वेबसाइट लॉन्च करके ऐप का विस्तार किया।

यह भी जाने –

1. V-Ray क्या है? यहाँ जाने V-Ray Software के बारे में।

2. Lumion Software क्या है? यहाँ देखें Lumion 3D Rendering Software का उपयोग क्यों करना चाहिए

स्केचअप किसके लिए प्रयोग किया जाता है?

दोस्तों यह एक 3D सॉफ़्टवेयर है जो उपयोगकर्ता द्वारा बनाए गए 3D मॉडल लेता है और उन्हें पूरी तरह से महसूस किए गए 3D वातावरण या छवियों में रखता है। 3D रेंडरिंग प्रोग्राम के साथ, ग्राफ़िक डिज़ाइनर और मीडिया डेवलपर 3D मॉडलिंग प्रोग्राम से आयात किए गए अलग-अलग ऑब्जेक्ट और कैरेक्टर को ग्राफिक रूप से उपयुक्त सेटलमेंट में सम्मिलित कर सकते हैं। यह विभिन्न उद्देश्यों जैसे घर या कार्यालय भवनों, गेमिंग, उत्पाद डिजाइन आदि के लिए उपयोग करता है।

इनमे प्रकाश और बनावट जैसी विशेषताएं भी हो सकती हैं, जो दृश्यों में गहराई और यथार्थवाद जोड़ सकती हैं। दृश्य कलाकारों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक सॉफ्टवेयर स्केचअप है। कार्यक्रम वास्तुकला, इंजीनियरिंग, निर्माण, लकड़ी के काम, इंटीरियर डिजाइन, फिल्म, और बहुत कुछ सहित विभिन्न उद्योगों में वर्कफ़्लो को बढ़ाता है।

स्केचअप की क्षमता के बारे में पॉइंट द्वारा समझें –

1. मॉडलिंग

जब मॉडलिंग की बात आती है तो स्केचअप एक बहुत ही लचीला सॉफ्टवेयर है। आप अपनी इच्छानुसार कोई भी आकार बना सकते हैं। मॉडलिंग प्रक्रिया में आपकी मदद करने के लिए सॉफ़्टवेयर में बहुत सारे सहज उपकरण हैं। यह शुरू करने के लिए विभिन्न रूप प्रदान करता है। स्केचअप के बारे में अच्छी बात यह है कि यह आपको सरल रूपों से शुरू करने और जटिल वस्तुओं को संयोजित करने में सक्षम बनाता है। आप चाप, बहुभुज, आयत और वृत्त का उपयोग कर सकते हैं। आपके पास इन सरल रूपों जैसे एक्सट्रूड, चेंज स्केल, रोटेट, मूव, शिफ्ट, और अन्य को आकार देने में मदद करने के लिए उपकरणों की एक बड़ी श्रृंखला है।

इसके अलावा, आप स्केचअप में ड्राइंग की शैली को बदल सकते हैं, उसके लिए कई विकल्प हैं। आप एक ब्लैक एंड व्हाइट स्केच, रंगीन स्केच, सीधी रेखाएँ… आदि का उपयोग कर सकते हैं। स्केचअप द्वारा प्रदान किए जाने वाले टूल के अलावा, आप जल्दी और कुशलता से मॉडल बनाने में मदद करने के लिए ऑफ़र किए गए ऐड-ऑन से लाभ उठा सकते हैं।

2. रेंडरिंग and एनीमेशन

स्केचअप रेंडरिंग और एनिमेशन प्राप्त करने के लिए बाहरी प्लगइन्स का उपयोग करता है। सॉफ्टवेयर कई रेंडरिंग इंजनों के साथ संगत है। हालांकि, आप समय और महीने को बदलकर दिन के उजाले और सूर्य की दिशा को नियंत्रित करने के लिए स्केचअप का उपयोग कर सकते हैं। रेंडरिंग इंजन के लिए, आप Vray का उपयोग कर सकते हैं, जो पहले से ही एक बहुत प्रसिद्ध रेंडरिंग इंजन है, विशेष रूप से वास्तु क्षेत्र में और इंटीरियर डिजाइन में।

दोस्तों यह आपको वास्तविकता के करीब आश्चर्यजनक परिणाम प्राप्त करने में मदद करता है। आप मैक्सवेल का भी उपयोग कर सकते हैं, जो कि Vray की तरह ही एक पुराना रेंडरिंग इंजन है। आपके पास एसयू पोडियम भी है। लैंडस्केप आर्किटेक्चर में LumenRT का बहुत उपयोग किया जाता है। विज़ुअलाइज़र बहुत उन्नत रेंडरिंग इंजन नहीं है, लेकिन यह उपयोगकर्ता के अनुकूल है; यदि आप एक नौसिखिया हैं तो आप इसके साथ शुरुआत कर सकते हैं।

3. SketchUp 3D वेयरहाउस

3D वेयरहाउस एक बेहतरीन चीज़ है जिसे SketchUp ने बनाया है। आप मूल रूप से किसी भी वस्तु को डाउनलोड कर सकते हैं जिसका आपको उपयोग करने की आवश्यकता है। आपको बस इतना करना है कि स्केचअप 3डी वेयरहाउस की आधिकारिक साइट देखें और जो भी वस्तु आप चाहते हैं उस पर शोध करें और उसे डाउनलोड करें; हालांकि, ध्यान रखें कि आपको वही स्केचअप फ़ाइल संस्करण डाउनलोड करना चाहिए जिसका आप उपयोग करते हैं। आप एक संपूर्ण शहर, भवन, कमरे और स्थान, फर्नीचर, बाहरी वस्तुएं आदि पा सकते हैं।

4. इंटरफ़ेस

स्केचअप सबसे अच्छे और आसान 3डी मॉडलिंग सॉफ्टवेयर में से एक के रूप में जाना जाता है। स्केचअप की मूल बातें सीखने के लिए, आपको कुछ दिनों की आवश्यकता होगी। और अधिक उन्नत होने के लिए आपको निश्चित रूप से इससे अधिक परिचित होने के लिए बहुत सारे अभ्यास और ट्यूटोरियल की आवश्यकता है। SketchUp अनेक 3D सॉफ़्टवेयर के साथ संगत है, और आप Google धरती के लिए 3Ds Max, DEM, DAE जैसे अनेक फ़ाइल स्वरूप आयात कर सकते हैं,आप जेपीजी, पीएनजी जैसी छवियों के लिए विभिन्न प्रारूपों को भी आयात कर सकते हैं, और आप फ़ोटोशॉप फ़ाइलों को भी आयात कर सकते हैं।

5. स्केचअप का उपयोग करने वाले उद्योग

स्केचअप का उपयोग आर्किटेक्ट्स और डिजाइनरों द्वारा डिजाइन और आर्किटेक्चर क्षेत्र में किया जाता है। इसका उपयोग लैंडस्केप आर्किटेक्चर, फ़र्नीचर और ऑब्जेक्ट डिज़ाइन बनाने के लिए भी किया जा सकता है। इसके अलावा, वीडियो गेम बनाने के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा सकता है। अन्यथा, आप इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र में स्केचअप का उपयोग कर सकते हैं। यह मनोरंजन उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

6. कीमत और उपलब्धता

स्केचअप हर किसी के लिए उपयुक्त तीन अलग-अलग संस्करणों में उपलब्ध है:

स्केचअप फ्री

यह संस्करण 2017 में जारी किया गया था, जो एक वेब-आधारित एप्लिकेशन है। आपको बस अपने ईमेल पते का उपयोग करके साइन अप करना है। डेस्कटॉप कंप्यूटर या लैपटॉप की आवश्यकता के बिना कार्यालय के बाहर अपने 3D को देखने और प्रिंट करने के लिए शुरू करने या यहां तक कि उपयोग करने के लिए यह एक बढ़िया संस्करण है।

स्केचअप प्रो

यह एक भुगतान किया गया संस्करण है, और इसकी कीमत $ 695 है। यह स्केचअप का प्रीमियम संस्करण है। इसमें बहुत सारी अतिरिक्त कार्यक्षमताएँ हैं जो आपको मुफ्त संस्करण में नहीं मिलती हैं। आप इसका उपयोग विभिन्न फ़ाइल स्वरूपों को आयात और निर्यात करने के लिए कर सकते हैं। आपके पास कई लेआउट टूल, स्टाइल बिल्डर और 2D दस्तावेज़ीकरण भी हैं।

स्केचअप मेक

यह एक मुफ्त संस्करण भी है जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं और मुफ्त में पंजीकरण भी कर सकते हैं। यह सॉफ़्टवेयर का उपयोग शुरू करने का एक शानदार तरीका है। स्केचअप प्रो के लिए आप 30 दिनों के बाद नि:शुल्क परीक्षण कर सकते हैं।

स्केचअप क्यों चुनना चाहिए?

  • यह उपयोग करने के लिए सॉफ्टवेयर का एक आसान टुकड़ा है यह ऐसा है जैसे आप अपने हाथों का उपयोग आकर्षित करने के लिए कर रहे हैं और यह शुरुआती और पेशेवरों के लिए बनाया गया है।
  • यह सॉफ्टवेयर का एक सहज ज्ञान युक्त टुकड़ा है, और वर्कफ़्लो बहुत तेज़ है आपको कुछ ही समय में परिणाम मिलते हैं।
  • यह एक बहुमुखी सॉफ्टवेयर है जिसका उपयोग लैंडस्केप आर्किटेक्चर, इंटीरियर डिजाइन, फर्नीचर डिजाइन और वीडियो गेम निर्माण में किया जा सकता है।
  • सॉफ्टवेयर के गोदाम में सभी प्रकार की अंतहीन वस्तुओं से भरा एक बड़ा पुस्तकालय है।
  • सॉफ्टवेयर कई तृतीय-पक्ष प्लगइन्स के साथ संगत है, इसलिए जब प्रतिपादन की बात आती है तो आपके पास बहुत सारे विकल्प होते है।
  • स्केचअप कई फ़ाइल स्वरूपों के साथ भी संगत है और आप फ़ाइल स्वरूपों की एक बड़ी श्रृंखला को निर्यात और आयात कर सकते हैं।

निष्कर्ष –

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को स्केचअप क्या है? स्केचअप किसके लिए प्रयोग किया जाता है? स्केचअप क्या कर सकता है? इसकी कीमत कितनी है ? इन सभी सवालो के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी। दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

V-Ray क्या है? यहाँ जाने V-Ray Software के बारे में।

V-Ray क्या है?

V-Ray एक 3डी रेंडरिंग सिस्टम (विजुअल इमेजिंग का) है, जिसे कैओस ग्रुप द्वारा विकसित किया गया है जो सभी प्रमुख 3डी डिजाइन और सीएडी कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध है। यह 3ds Max, Cinema 4D, Houdini, माया, Nuke, Revit, Rhino, SketchUp और Unreal के साथ निर्बाध रूप से काम करता है।

V-Ray के साथ, कलाकार और डिज़ाइनर रीयल-टाइम रे ट्रेसिंग के साथ अपनी परियोजनाओं का पता लगा सकते हैं और साझा कर सकते हैं और उच्च गुणवत्ता वाले 3D विज़ुअलाइज़ेशन प्रस्तुत कर सकते हैं। यह फिल्म और टेलीविजन के लिए वास्तुशिल्प दृश्य, विज्ञापन और दृश्य प्रभावों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

V-Ray के पास उपयोगकर्ताओं का एक बड़ा समुदाय है और इसकी अविश्वसनीय बहुमुखी प्रतिभा के लिए पहचाना जाता है। फिल्म और टेलीविजन उद्योगों के लिए पूरी तरह से रे-ट्रेस किए गए फोटोरिअलिस्टिक सीजीआई को लाने के लिए वी-रे को एक विज्ञान-तकनीक अकादमी पुरस्कार और एक इंजीनियरिंग एमी अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

V-Ray इन सभी सॉफ्टवेयर का समर्थन करता है –

Cinema 4D

3ds Max

Maya

Blender

FormZ

NUKE

Houdini

Revit

Rhino

Sketchup

Unreal

V-Ray का उपयोग कहाँ कहाँ किया जाता है?

V-Ray का उपयोग मुख्यतः इन निम्न जगहों पर ज्यादा किया जाता है –

टेलीविजन और फिल्म VFX

वी-रे अपनी गति और विश्वसनीयता के कारण वीएफएक्स उत्पादन में उद्योग मानक बन गया है। आखिरकार, इसका उपयोग मेथड स्टूडियो, ब्लर स्टूडियो, डिजिटल डोमेन, स्कैनलाइन वीएफएक्स, और सैकड़ों जैसे स्टूडियो द्वारा किया गया है। गार्डियंस ऑफ़ द गैलेक्सी, ब्लैक पैंथर, आयरन मैन 3, द एवेंजर्स, एंट-मैन, मेलफिकेंट, इंडिपेंडेंस डे 2 और एंडर्स गेम जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में वी-रे का इस्तेमाल वीएफएक्स के लिए किया गया है। इसके अलावा, गेम ऑफ थ्रोन्स, डेडवुड, एरो और फियर द वॉकिंग डेड सहित कई टेलीविजन श्रृंखलाओं पर वी-रे का भी उपयोग किया गया है।

आर्किटेक्चरल  and इंटीरियर डिज़ाइन

V-Ray आर्किटेक्चरल विज़ुअलाइज़ेशन के लिए शीर्ष विकल्प है क्योंकि यह Rhino, Revit, 3DS Max, Unreal और विशेष रूप से SketchUp के साथ मूल रूप से काम करता है। कलाकारों को इसकी गति पसंद है, और निश्चित रूप से, विशाल भौतिक पुस्तकालय। हालांकि, सबसे बढ़कर, आर्किटेक्ट इसकी यथार्थवादी प्रकाश व्यवस्था और छाया से प्यार करते हैं। अंत में, इस विशाल कार्यक्रम के हर पहलू को कवर करने के लिए, शुरुआत से लेकर उन्नत उपयोगकर्ता तक, बहुत सारे संसाधन और ट्यूटोरियल उपलब्ध हैं।

ऑटोमोटिव रेंडरिंग

आपने शायद टीवी पर कार विज्ञापनों में इस्तेमाल होने वाले वी-रे को देखा होगा और कभी महसूस नहीं किया कि वे वाहन प्रदान किए गए थे क्योंकि वे इतने यथार्थवादी हैं। ऑटो डिजाइनर वी-रे का इस्तेमाल कॉन्सेप्ट वाहनों के लिए भी कर रहे हैं। ऑटोमोटिव डिजाइनर इसका इस्तेमाल कॉन्सेप्ट कारों को डिजाइन करने के लिए करते हैं।

विज्ञापन देना

शीर्ष ब्रांड टेलीविजन, आभासी वास्तविकता, प्रिंट और इंटरनेट के लिए इमेजरी बनाने के लिए वी-रे का उपयोग करते हैं।

खेल उत्पादन

कलाकार वी-रे के साथ सिनेमाई वातावरण प्रस्तुत कर सकते हैं और उन दुनिया को जीवों और पात्रों की भीड़ से भर सकते हैं जिनमें फर और बाल, जटिल रोबोट और मशीनें, और मोशन ब्लर, विस्फोट, मलबे और अन्य प्रभाव होते हैं।

उत्पाद डिजाइन

वे डीलक्स एथलेटिक जूते या वह महंगी घड़ी जो आप किसी विज्ञापन में देख रहे हैं, बहुत संभावना है कि वे वी-रे के साथ प्रस्तुत की गई हों। YouTube पर बस एक त्वरित नज़र डालें और मुझे गहने, शैम्पू और इत्र की बोतलें, हेडफ़ोन और मशीन के पुर्जे प्रस्तुत करने के बारे में वीडियो मिले। कलाकार वास्तविक दुनिया में किसी उत्पाद के निर्माण से पहले उसकी कल्पना करने के लिए वी-रे का उपयोग कर सकते हैं।

V-Ray यूनिक कैसे है?

होस्ट सपोर्ट

V-Ray को Cinema 4D, 3ds Max, Nuke, Blender, Revit, आदि सहित लोकप्रिय 3D क्रिएटिव सॉफ़्टवेयर के लगभग हर हिस्से में एकीकृत किया गया है। तुलनात्मक रूप से, बाजार पर किसी अन्य रेंडरर के पास उतना होस्ट समर्थन नहीं है।

तस्वीर यथार्थवाद

प्रकाश और छाया किसी भी अन्य तुलनीय रेंडरर की तुलना में अधिक वास्तविक रूप से सटीक हैं। इस कारण से, वी-रे उन कलाकारों की शीर्ष पसंद है जो फोटो-यथार्थवादी रेंडर चाहते हैं। मोंटेकार्लो विधि 3D सॉफ़्टवेयर द्वारा उपयोग किए जाने वाले फोटो-यथार्थवाद के लिए एक सामान्य एल्गोरिथम है। V-Ray, Deterministic Monte Carlo (DMC) नामक मोंटे कार्लो नमूने के एक प्रकार का उपयोग करता है।

हाइब्रिड रेंडरिंग

कुछ 3D रेंडरर्स CPU के बजाय GPU का उपयोग करेंगे, जिसका अर्थ तेज़ रेंडर हो सकता है, लेकिन नकारात्मक पक्ष यह है कि GPU VRAM या वीडियो मेमोरी की मात्रा तक सीमित हैं। दूसरे शब्दों में, वी-रे एक हाइब्रिड रेंडरर है, जो सीपीयू और जीपीयू दोनों का उपयोग करता है।

कैओस क्लाउड के साथ दूर से प्रस्तुत करें

कैओस क्लाउड आपको क्लाउड पर रेंडर करने देता है, आपकी मशीन को मुक्त करता है और आपको बहुत सारी अतिरिक्त रेंडर पावर देता है। सीधे शब्दों में कहें तो, कैओस क्लाउड सीधे वी-रे के साथ एकीकृत होता है, जिससे वर्कफ़्लो सरल हो जाता है, और कलाकारों को केवल एक क्लिक में रेंडरिंग प्राप्त करने की अनुमति मिलती है। यह स्केलेबल, स्थिर और सुरक्षित है, और इसे स्थापित करने के लिए कोई हार्डवेयर नहीं है।

वी-रे बेंचमार्क

यह जानना चाहते हैं कि आपका हार्डवेयर कितना तेज़ है? वी-रे बेंचमार्क आपके सीपीयू और जीपीयू रेंडरिंग क्षमताओं का परीक्षण करने के लिए एक स्वतंत्र, स्टैंडअलोन एप्लिकेशन है। यहां वी-रे बेंचमार्क डाउनलोड करें।

वीआरस्कैन

V-Ray VRscans के साथ आता है, जो वास्तविक दुनिया की सामग्रियों का एक विशाल पुस्तकालय है, जिसे अभूतपूर्व तकनीक से स्कैन किया गया है।

V-Ray के मुख्य लाभ –

  • यह वितरणात्मक प्रतिपादन का समर्थन करता है।
  • उचित समय में अच्छे परिणाम देने के लिए इसमें चित्र की गुणवत्ता की कई लचीली सेटिंग्स है।
  • इसकी कार्यात्मक बड़ी और लगातार विस्तारित सामग्री की श्रेणी है जो वस्तुओं के कुछ गुणों की नकल कर सकती है, जैसे कि उप-सतह बिखरना।
  • 3ds मैक्स प्रक्रियात्मक बनावट और उपयोगिताओं में जोड़ता है जो दृश्यों के साथ काम की सुविधा प्रदान करता है (उदाहरण के लिए, वी-रे मल्टीसब बनावट और वी-रे किनारों की बनावट।
  • यह कंपोजिटिंग कार्यक्रमों में आगे की असेंबली के लिए स्वयं के रेंडर एलिमेंट्स (पास) के परिणाम का समर्थन करता है।

V-Ray के मुख्य नुकसान-

  • एनिमेटेड वस्तुओं के मौजूद होने पर वैश्विक रोशनी के साथ काम करने की जटिलता।
  • एनिमेटेड वस्तुओं को तेज प्रक्षेप विधियों (जैसे लाइट कैश, इरेडिएशन मैप) के माध्यम से प्रकाशित नहीं किया जा सकता है, और केवल बहुत धीमी पाशविक बल रहता है एसएसएस जैसे प्रक्षेप की आवश्यकता वाली सामग्री की कल्पना करते समय वही तर्क काम करता है।
  • पारदर्शी वस्तुओं का अत्यंत धीमी गति से प्रतिपादन करता है मतलब  ऐसी वस्तुओं को एक-दूसरे पर थोपते समय, दृश्य कई बार धीमा हो जाता है।
  • मॉड्यूल वी-रे आरटी (रीयल-टाइम) अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए यह वी-रे के मुख्य कार्यों की महत्वपूर्ण मात्रा का समर्थन नहीं करता है और यह इस मॉड्यूल के साथ काम नहीं करता है।

Lumion Software क्या है? यहाँ देखें Lumion 3D Rendering Software का उपयोग क्यों करना चाहिए

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हेलो दोस्तों ,आज हम आपके लिए एक बहुत प्रसिद्ध सॉफ्टवेयर के बारे में बताने जारहे हैं जिसका उपयोग दुनिया भर में लाखो लोगों द्वारा किया जाता है, जिसका नाम लुमियन है। 2007 में दो डच प्रोग्रामर्स के नेतृत्व में Act-3D कंपनी ने आर्किटेक्ट के लिए सॉफ्टवेयर पर काम करना शुरू किया और 2010 में Lumion का पहला संस्करण जारी किया गया।

Lumion Software क्या है?

Lumion आर्किटेक्ट्स के लिए विज़ुअलाइज़ेशन सॉफ़्टवेयर है। यह आपके मौजूदा वर्कफ़्लो में पूरी तरह से फिट बैठता है और आपको अपने 3D CAD डिज़ाइन को वीडियो, छवियों और ऑनलाइन 360 प्रस्तुतियों में तेज़ी से बदलने की अनुमति देता है। आप पर्यावरण, सामग्री, प्रकाश व्यवस्था, वस्तुओं, पत्ते और सम्मोहक प्रभावों को जोड़कर अपने डिजाइन में जान फूंक सकते हैं। Lumion मास्टर करना आसान है और उपयोग में आसान है, इसलिए प्रभावशाली विज़ुअलाइज़ेशन बनाना अब केवल 3D विशेषज्ञों के लिए नहीं है।

Lumion आपको अपने डिजाइनों को बेहतर बनाने और अपने ग्राहकों के साथ बातचीत करने में अधिक समय बिताने की अनुमति देता है, और रेंडरर्स की तैयारी और प्रतीक्षा में कम समय देता है। वस्तुतः किसी भी सीएडी पैकेज के साथ निर्बाध अंतःक्रियाशीलता तेजी से डिजाइन पुनरावृत्तियों और मॉडल परिवर्तनों को पूरा करती है। अल्ट्राफास्ट रेंडरिंग से आप अपने ग्राहकों को अपने डिजाइन जल्दी से दिखा सकते हैं।

Lumion में रेंडरिंग एनिमेशन –

जब एनीमेशन और वीडियो की बात आती है, तो लुमियन बेहतर परिणामों के लिए कैमरे की स्थिति और गति को नियंत्रित करने के लिए उपकरणों का एक समृद्ध चयन प्रदान करता है। इसके अलावा, आपके पास अपने दृश्य में चीजों को आसानी से और जल्दी से स्थानांतरित करने का विकल्प है, आप वास्तव में लोगों, कारों और पक्षियों को एनीमेशन के दौरान स्थानांतरित कर सकते हैं, यह सुविधा वीडियो में परियोजना को और अधिक जीवन देती है।

लुमियन के नवीनतम संस्करण, पिछले वाले की तुलना में अधिक विकसित हैं, जो वास्तव में साबित करता है कि डेवलपर्स ने इसे बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की, उदाहरण के लिए लुमियन के पुराने संस्करण में, आकाश वास्तविक नहीं दिखता था। अब, हालांकि, लुमियन एचडीआर आकाश छवियों का उपयोग करता है, विशेष रूप से, आकाश के 44 मॉडल (दिन और रात आसमान) जो एक अद्भुत वास्तविक आकाश देता है, साथ ही रेंडरर्स की गुणवत्ता में बहुत सुधार हुआ है, नवीनतम संस्करण ऐसी छवियां प्रदान करते हैं जो वास्तविकता की तरह दिखती हैं, और यही 3D रेंडरर्स का वास्तविक उद्देश्य है।

Lumion में आसानी से वास्तुशिल्प परियोजनाओं का निर्माण –

लुमियन का उपयोग करने से आपको अपनी परियोजना को वास्तविक दुनिया में बनाए जाने से पहले देखने की संभावना मिल सकती है, परियोजना को विभिन्न प्रकार के दृश्यों, परिदृश्य, द्वीपों, जंगलों और शहरी वातावरण के साथ एकीकृत करना संभव है, आप कई जोड़ सकते हैं कारों, पौधों, लोगों और पेड़ों जैसी बाहरी वस्तुओं के प्रकार, लुमियन में 5600 से अधिक वस्तुएं होती हैं।

लुमियन के माध्यम से आप लकड़ी, दीवारों, कांच, एल्यूमीनियम, धातु, पत्थर, फर्श को खत्म करने जैसी सभी सामग्री पा सकते हैं, लुमियन में 1200 से अधिक सामग्री और बनावट शामिल हैं, लुमियन के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि पुस्तकालय सॉफ्टवेयर के साथ एकीकृत है, इसकी आवश्यकता नहीं है सामग्री और वस्तुओं को डाउनलोड करें और खोजें।

Lumion में आंतरिक और बाहरी दृश्य प्रस्तुत करना-

यह सॉफ्टवेयर बाहरी शहरी परियोजनाओं को प्रस्तुत करने के लिए बहुत अच्छा है क्योंकि आपके पास विभिन्न बाहरी वस्तुओं के कई विकल्प हैं जिन्हें आप जोड़ सकते हैं, लेकिन आपके पास आंतरिक रिक्त स्थान, सभी प्रकार की आंतरिक रोशनी और लुमियन द्वारा प्रदान की गई सामग्री के साथ प्रस्तुत करने की संभावना है।

उन लोगों के लिए जो कुछ हस्तनिर्मित रेखाचित्रों के साथ अपनी परियोजनाओं की छवियों के साथ जुड़ना पसंद करते हैं, लुमियन काम में अधिक मूल्य और कलात्मक स्पर्श जोड़ने के लिए केवल स्केच, रंगीन या पेंसिल के विभिन्न विषयों की पेशकश करता है।

Lumion सॉफ़्टवेयर के लिए कंप्यूटर की आवश्यकताएँ-

Lumion को एक अच्छे ग्राफिक कार्ड के साथ एक उच्च-प्रदर्शन वाले कंप्यूटर की आवश्यकता होती है, ताकि किसी भी ग्राफिक 3D सॉफ़्टवेयर की तरह तेज़ रेंडरिंग और सुचारू परिणाम सुनिश्चित किया जा सके, एक कंप्यूटर में अच्छे ग्राफिक कार्ड, एक इंटेल और एक बाहरी, त्वरित परिणामों के लिए एक मजबूत प्रोसेसर होना चाहिए। और आपके कंप्यूटर की सुरक्षा के लिए भी।

Lumion काम को बचाने, विभिन्न दृश्यों को सहेजने की संभावना भी प्रदान करता है, और सबसे बढ़कर, यदि आप किसी भी प्रकार के मॉडलिंग सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके अपने 3D में कुछ बदलते हैं, तो पूरे काम को फिर से lumion में करने के बजाय, आप बस बदल सकते हैं ल्यूमियन में पिछला 3डी नया बदला हुआ और ल्यूमियन फाइल में सभी टेक्सचर और वस्तुओं को रखेगा, यह विकल्प वास्तव में अद्भुत है और यह आपको बहुत समय बचाने में मदद कर सकता है।

Lumion 3D सॉफ़्टवेयर का उपयोग क्यों करते हैं इसके मुख्य 5 कारण हैं –

Lumion आप इसे स्वयं कर सकते हैं –

Lumion किसी को भी बिना किसी पूर्व प्रशिक्षण के फिल्में और चित्र बनाने में सक्षम बनाता है। यह अपने आप को सुंदर 3D रेंडरिंग बनाने के लिए एक कार्यात्मक उपकरण है। अब आपको विज़ुअलाइज़ेशन को आउटसोर्स करने की आवश्यकता नहीं है। इससे आपका समय और पैसा बचता है। आपको केवल एक 3D मॉडल की आवश्यकता है और Lumion बाकी की देखभाल करेगा। Lumion के साथ आपको कंप्यूटर ग्राफ़िक्स विशेषज्ञों का वर्षों का अनुभव इस तरह से प्रस्तुत किया जाता है जिसे एक्सेस करना आसान हो। Lumion सभी 3D डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर प्रोग्राम, जैसे Revit, SketchUp और ArchiCAD के साथ संगत है।

Lumion में बहुत तेज़ परिणाम –

Lumion से आप अपने काम को रीयल-टाइम में संपादित कर सकते हैं। सब कुछ आपका समय बचाने के लिए बनाया गया है। इसका मतलब है कि आप कुछ ही मिनटों में एक विज़ुअलाइज़ेशन सेट कर सकते हैं और जैसे ही आप जाते हैं, तेज़ बदलाव कर सकते हैं। GPU रेंडरिंग तकनीक का उपयोग करके अंतिम परिणाम प्रदान किए जाते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि आपकी फिल्में अन्य समाधानों के लिए आवश्यक समय के एक अंश में प्रस्तुत हों। Lumion की 3D रेंडरिंग गति के साथ आपको रेंडर फ़ार्म की आवश्यकता नहीं है।

Lumion में विज़ुअलाइज़ेशन के साथ नई चीज़ें करें –

परंपरागत रूप से विज़ुअलाइज़ेशन कई प्रतिबंधों के साथ आता है। रेंडरिंग में लंबा समय लगता है और सॉफ्टवेयर लगभग हमेशा जटिल होता है। Lumion किसी भी व्यक्ति द्वारा उपयोग किए जा सकने वाले उपकरण प्रदान करके इसे पूरी तरह से उलट देता है। ग्राफिक्स में किसी प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं है। संपादन और प्रतिपादन लगभग तात्कालिक हैं और यह आपके व्यवसाय के लिए विज़ुअलाइज़ेशन द्वारा प्रदान की जाने वाली संभावनाओं का उपयोग करने के नए तरीकों के द्वार खोलता है। उदाहरण के लिए, आप मौके पर रीयल-टाइम में एक वीडियो को कस्टमाइज़ कर सकते हैं या आप अपने माउस के एक क्लिक के साथ तुरंत अपने विज़ुअलाइज़ेशन में स्केच प्रभाव जोड़ सकते हैं, जो आपके काम को तुरंत एक वैचारिक और कलात्मक अनुभव के साथ प्रस्तुत करता है।

Lumion में बड़े दृश्य बनाएं –

बहुत सारे सॉफ़्टवेयर बड़े मॉडल या बड़े क्षेत्रों के साथ संघर्ष करते हैं। लुमियन की अनूठी तकनीक इसे लैंडस्केप विज़ुअलाइज़ेशन जैसी चीज़ों के लिए बहुत उपयुक्त बनाती है। आसानी से, आप बड़े क्षेत्रों को संपादित कर सकते हैं और सचमुच हजारों पेड़, पौधे या भवन जोड़ सकते हैं। हमें अपने उपयोगकर्ताओं से बहुत सारी प्रतिक्रिया मिलती है कि लुमियन वर्तमान में दुनिया का एकमात्र सॉफ्टवेयर है जो आपको इतने बड़े क्षेत्रों को आसानी से संपादित और प्रस्तुत करने की अनुमति देता है। हमारे पास लुमियन में देखे गए पूरे कस्बों के उदाहरण भी हैं.

निष्कर्ष –

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को Lumion Software क्या है? इसके साथ ही Lumion Software का उपयोप्ग कहाँ कहाँ किया जाता है इन सभी सवालो के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी। दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

भारत में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले Newspapers की सूची यहाँ देखें – Best Newspapers in India 2022

हेलो दोस्तों आज हम enterhindi.com  के माध्यम से भारत के टॉप 10 अखबार के बारे में जानेगे , तो चलिए हमारे साथ बने रहिये। आप मानें या न मानें, लेकिन भारत में दुनिया में अखबारों का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है क्योंकि यहां 100,000 से अधिक समाचार पत्र प्रकाशन, 240 मिलियन सर्कुलेशन, 1300 मिलियन पाठक शीर्ष पर हैं। इन नंबरों में, जो सबसे ऊपर आया वह है हिंदी भाषा का समाचार पत्र क्योंकि यह भारत में प्रचलन के साथ-साथ अग्रणी होने के कारण सबसे लोकप्रिय है।

Top 10 Best Newspapers In India latest list

1. Dainik Bhaskar (founded in 1948)

नंबर वन में  हमारे पास दैनिक भास्कर के अलावा कोई नहीं है, जिसे भारत में एकमात्र सबसे बड़ा परिचालित दैनिक समाचार पत्र कहा जाता है और इसे हिंदी भाषा में शीर्ष 10 समाचार पत्र भी माना जाता है। यह अखबार दैनिक भास्कर समूह के स्वामित्व में है। मध्य प्रदेश को वह राज्य कहा जाता है जहां इस समाचार पत्र को सबसे अधिक विनियमित और बेचा जाता है और पाठकों द्वारा भारत में सबसे तेजी से बढ़ते दैनिक में से एक माना जाता है।

2. Dainik Jagran (founded in 1942)

एक और हिंदी दैनिक, दैनिक जागरण भारत के शीर्ष 10 समाचार पत्रों की सूची में शामिल हो गया। हमने इंटरनेट पर जाकर पाया कि दैनिक जागरण भारत में सबसे बड़े अखबारों में से एक है। अगर यह लेख 2017 में लिखा गया होता तो यह नंबर एक स्थान पर बैठा होता। यह समाचार पत्र जागरण प्रकाशन लिमिटेड के स्वामित्व में है जो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध एक प्रकाशन गृह है। इस कंपनी ने 2010 में मिड डे और 2012 में नईदुनिया का भी अधिग्रहण किया है।

3. Times of India. (Founded in 1838)

विकिपीडिया के अनुसार, टाइम्स ऑफ इंडिया को भारत में सर्कुलेशन द्वारा बेचा जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा समाचार पत्र कहा जाता है। जो बात इस अखबार को अलग बनाती है, वह यह है कि यह भारत का सबसे पुराना अंग्रेजी भाषा का अखबार है। बीबीसी ने द टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दुनिया के शीर्ष 10 समाचार पत्रों में स्थान दिया है, जो अपने आप में एक उपलब्धि है।

4. Hindustan Dainik (founded in 1936)

हिंदुस्तान दैनिक को भारत में चौथा सबसे बड़ा परिचालित समाचार पत्र कहा जाता है, और ऐसा नहीं है कि इसे देश में तीसरा सबसे बड़ा दैनिक पढ़ा जाता है। हिंदी पट्टी में इसके 21 संस्करण हैं और यह ईपेपर प्रारूप में ऑनलाइन भी उपलब्ध है। उन दिनों में, यह एचटी मीडिया लिमिटेड समूह का एक हिस्सा था, जिसने बाद में हिंदी व्यवसाय को 2009 में हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड नामक एक अलग कंपनी में बदल दिया।

5. Amar Ujala (founded in 1948)

जब 2 लोकप्रियता की बात आती है तो इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अमर उजाला सबसे लोकप्रिय हिंदी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। देश में सबसे अधिक पाठकों में से एक के साथ इसकी 3 मिलियन प्रतियों का व्यापक प्रचलन है। 2017 में वापस भारतीय पाठक सर्वेक्षण ने कहा कि 46.094 मिलियन के साथ यह भारत में चौथा सबसे बड़ा नेतृत्व था।

6. Malyala Manorama (founded in 1888)

यह एक मलयालम प्रकाशित समाचार पत्र है जिसका स्वामित्व मलयाला मनोरमा कंपनी लिमिटेड के पास है। मलयाला मनोरमा कोट्टायम से प्रकाशित हुई और दीपिका के बाद केरल में दूसरा सबसे लोकप्रिय समाचार पत्र बन गया, लेकिन जब यह प्रचलन में आता है तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि मलयाला मनोरमा केरल का सबसे बड़ा परिचालित समाचार पत्र है। समाचार पत्र पहली बार 1890 में एक साप्ताहिक के रूप में प्रकाशित हुआ था और वर्तमान में 2.4 मिलियन से अधिक प्रतियों के संचलन आधार के साथ 2 करोड़ से अधिक पाठक हैं।

7. Nav Bharat (founded in 1946)

नव भारत या एनबीटी को दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में सबसे बड़े परिचालित और सबसे बड़े हिंदी समाचार पत्रों में से एक माना जाता है। यह बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) के अस्तबल से आया है, जिसे टाइम्स ऑफ इंडिया, द इकोनॉमिक टाइम्स, महाराष्ट्र टाइम्स जैसे अन्य दैनिक समाचार पत्रों और फिल्मफेयर और फेमिना जैसी कुछ पत्रिकाओं के साथ प्रकाशित करने के लिए भी कहा जाता है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि एनबीटी बीसीसीएल समूह के सबसे पुराने उत्पादों में से एक है।

8. Hindustan Times (founded in 1924)

हिंदुस्तान टाइम्स अपने पाठकों द्वारा भारत में तीसरा सबसे लोकप्रिय अंग्रेजी अखबार है और शीर्ष दो द टाइम्स ऑफ इंडिया और द हिंदू हैं। 1924 में महात्मा गांधी द्वारा अखबार का उद्घाटन किया गया था और इसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन राष्ट्रवादी और एक कांग्रेस समर्थक दैनिक में एक अभिन्न भूमिका निभाई। शोभना भरतिया इस अखबार की मालिक हैं जिन्हें फोर्ब्स द्वारा भारत की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। यह एचटी मीडिया का एक प्रमुख प्रकाशन है, जो केके बिड़ला परिवार द्वारा नियंत्रित एक इकाई है।

9. Punjab Kesari (founded 1965)

पंजाब केसर एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जिसका प्रकाशन पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सहित कई केंद्रों द्वारा किया जा रहा है। समाचार पत्र पंजाब केसरी समूह के स्वामित्व में है, और कहा जाता है कि यह इस समूह द्वारा शुरू किए गए चार समाचार पत्रों में से एक है, अन्य तीन हैं; उर्दू में हिंद समाचार, पंजाबी भाषाओं में जगबनी और दिल्ली एनसीआर से आने वाली हिंदी भाषाओं में नवोदय टाइम्स।

10. The Hindu (founded in 1878)

द हिंदू यह एक अंग्रेजी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है जिसका स्वामित्व हिंदू समूह के पास है जिसका मुख्यालय चेन्नई और तमिलनाडु में है। समाचार पत्र 1878 में एक साप्ताहिक के रूप में शुरू हुआ और 1889 में दैनिक बन गया। टाइम्स ऑफ इंडिया के बाद इसे भारत में दूसरे सबसे अधिक प्रसारित अंग्रेजी भाषा के समाचार पत्र के रूप में स्थान दिया गया है। 2018 तक, द हिंदू के 21 स्थानों से प्रकाशित होने की सूचना है जो भारत में 11 राज्यों में फैले हुए थे।

निष्कर्ष –

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को भारत के टॉप 10 अखबार के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी। और साथ ही इन अखबारों के इतिहास के बारे में तोड़ी बहुत जानकारी मिली होगी दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।