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MP: क्या खास है एशिया के सबसे लंबे हाई स्पीड ट्रेक NATRAX के बारे में, जिसकी दुनिया भर में चर्चा है:

मध्य प्रदेश:मध्यप्रदेश (MP) अपनी उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। दरअसल आज हम बात कर रहे हैं एशिया के सबसे लंबे हाई स्पीड ट्रेक NATRAX के बारे में। मध्य प्रदेश के इंदौर के पीथमपुर में एशिया का सबसे बड़ा हाई स्पीडट्रेक NATRAX. जिस की विशेषता दुनिया भर में मप्र के लिए अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। तो यह जानते हैं एशिया के सबसे बड़े और लंबे हाय स्पीडट्रेक NATRAX के बारे में। NATRAX, NATRiP के तहत अत्याधुनिक ऑटोमोटिव परीक्षण और प्रमाणन केंद्र में से एक है, जो भारी उद्योग मंत्रालय की एक प्रमुख परियोजना है, जिसकी योजना केंद्र द्वारा शुरू की गई ऑटोमोटिव मिशन योजना के तहत बनाई गई है।

यह पीथमपुर (जिला धार) की जीवंत औद्योगिक बस्ती के पास स्थित है, जो मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी यानी इंदौर से 50 किमी दूर है, जो NH-3 बाय-पास रोड (इंदौर-मुंबई) पर स्थित है। केंद्र को लगभग 3,000 एकड़ भूमि में विकसित किया गया है। NATRAX के सबसे लंबे स्पीड ट्रैक में कुल 10 ट्रैक हैं, जिन्हें हर संभव इलाके में वाहनों का परीक्षण करने के लिए ध्यान में रखकर बनाया गया है।

NATRAX, एक हाई स्पीड ट्रैक (HST) जिसे दोपहिया वाहनों से लेकर भारी ट्रैक्टर ट्रेलरों तक सभी श्रेणी के वाहनों के लिए सभी प्रकार के उच्च गति प्रदर्शन परीक्षणों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में डिज़ाइन किया गया है, केंद्र द्वारा इंदौर, मध्य प्रदेश में अनावरण किया गया है। हाई स्पीड ट्रैक, जिसका उद्घाटन भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 29 जून को किया था। NATRAX एशिया में सबसे लंबा है और 11.3 किमी की लंबाई के साथ 1,000 एकड़ भूमि के क्षेत्र में विकसित किया गया है।

NATRAX केंद्र में कई परीक्षण क्षमताएं हैं जैसे अधिकतम गति, त्वरण, निरंतर गति ईंधन की खपत, वास्तविक सड़क ड्राइविंग सिमुलेशन के माध्यम से उत्सर्जन परीक्षण, उच्च गति से निपटने और स्थिरता मूल्यांकन जैसे लेन परिवर्तन और उच्च गति स्थायित्व परीक्षण के लिए किया जाता है। यह वाहन गतिशीलता के लिए उत्कृष्टता केंद्र भी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एचएसटी का उपयोग बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, ऑडी, फेरारी, लेम्बोर्गिनी, टेस्ला और इसके आगे जैसी हाई-एंड कारों की अधिकतम गति क्षमता को मापने के लिए किया जाएगा, जिन्हें किसी भी भारतीय परीक्षण ट्रैक पर नहीं मापा जा सकता है। हाई-स्पीड ट्रैक दुनिया में सबसे बड़ा है यानी 4 लेन के साथ 11.3 किमी और सभी प्रकार के वाहनों के लिए विकास और होमोलोगेशन परीक्षण करने के लिए उपयोग किया जाता है।

हाई-स्पीड ट्रैक दुनिया में सबसे बड़ा है यानी 4 लेन के साथ 11.3 किमी और सभी प्रकार के वाहनों के लिए विकास और होमोलोगेशन परीक्षण करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस ट्रैक का बड़ा आकार ओईएम को एक ही ट्रैक में कई तरह के परीक्षण करने में सक्षम बनाता है जैसे कोस्ट डाउन टेस्ट, ब्रेक टेस्ट, निरंतर गति ईंधन खपत परीक्षण, स्पीडोमीटर कैलिब्रेशन, शोर और कंपन माप और अन्य के बीच माइलेज संचय।

NATRAX

गतिशील मंच:

NATRAX में व्हीकल डायनेमिक प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे बड़ा है और इस ट्रैक पर कई तरह के परीक्षण किए जा सकते हैं। NATRAX में व्हीकल डायनेमिक प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे बड़ा है और इस ट्रैक पर कई तरह के परीक्षण किए जा सकते हैं। यह 300 मीटर स्टीयरिंग पैड 1500 मीटर लंबाई के लंबे वाहन गतिशीलता परीक्षण क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। सभी संचालन और गतिकी स्थिरता परीक्षण जैसे निरंतर त्रिज्या परीक्षण, डबल लेन परिवर्तन, मछली हुक पैंतरेबाज़ी, जे-टर्न परीक्षण, स्लैलम परीक्षण, आदि का प्रदर्शन किया जा सकता है। इस ट्रैक में 0% ढलान है।

ब्रेकिंग ट्रैक:

ब्रेकिंग ट्रैक का उपयोग होमोलोगेशन के लिए विभिन्न सतहों पर ब्रेकिंग परीक्षण करने के लिए किया जाता है। ब्रेकिंग ट्रैक का उपयोग होमोलोगेशन के लिए विभिन्न सतहों पर ब्रेकिंग परीक्षण करने के लिए किया जाता है। इस ट्रैक में बेसाल्ट, सिरेमिक, उच्च घर्षण डामर, पोलिश कंक्रीट जैसी विभिन्न सतहों के साथ 0.15 से 0.9 तक की रेंज है। एबीएस परीक्षण, उच्च गति ब्रेक परीक्षण, टायर प्रदर्शन मूल्यांकन, आदि। इस ट्रैक की विशिष्टता विभिन्न घर्षण गुणांक की विभिन्न सतहों के साथ बड़ा क्षेत्र है। इस ट्रैक पर सभी वाहन श्रेणियों का परीक्षण किया जा सकता है।

ग्रेडिएंट ट्रैक:

ग्रैडिएंट ट्रैक या हिल ट्रैक का उपयोग किसी वाहन की टॉर्क क्षमता का परीक्षण करने के लिए किया जाता है। ग्रैडिएंट ट्रैक या हिल ट्रैक का उपयोग वाहन की टॉर्क क्षमता का परीक्षण करने के लिए किया जाता है और परीक्षण वाहन की ग्रेडेबिलिटी और ढलान पर पार्किंग ब्रेक की दक्षता को निर्धारित करने के लिए भी किया जाता है।

MP 5th & 8th CLASS EXAMS: राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा 5 वीं और 8 वीं की बोर्ड पैटर्न एग्जाम|

MP Board 5th & 8th Class Exam- राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा 5 वीं और 8 वीं की बोर्ड पैटर्न एग्जाम, कॉपियों की जांच अन्य स्कूल टीचर से कराई जाएगी

बारह साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से 05वी और 08वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराने की राज्य शिक्षा केंद्र ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। बोर्ड पैटर्न पर एग्जाम कराने को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। आरटीई अधिनियम में संशोधन होने से बोर्ड पैटर्न पर एग्जाम कराने का रास्ता खुल गया है।

2017-18 में बोर्ड एग्जाम कराने के दिए गए थे अधिकार: MP Board 5th & 8th Class Exam

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद 05वी और 08वीं की बोर्ड एग्जाम को खत्म कर दिया गया था।अधिनियम में किसी भी विद्यार्थी को कक्षा आठवीं तक फेल नहीं करने की बात कही गई थी। बाद में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाए रखने 2017-18 में अधिनियम में संशोधन किया गया। अधिनियम में संशोधन कर राज्यों को पांचवी और आठवीं की एग्जाम बोर्ड पैटर्न पर करवाने के अधिकार दिए गए थे।

कोरोना के चलते स्थगित हुई थी एग्जाम: MP Board 5th & 8th Class ExamMP Board 5th & 8th Class Exam

कोरोना संक्रमण के चलते बीते 2 साल से कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक की एग्जाम रद्द रही हैं। सत्र 2019-20 में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई थी। लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था। साल 2020 में कक्षा पांचवी से लेकर आठवीं तक की परीक्षा फिर covid-19 की वजह से रद्द कर दी गई थी। अब 2020-2021 सेशन की एग्जाम बोर्ड पैटर्न पर करवाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। फाइनल एग्जाम मार्च 2022 तक आयोजित हो सकती हैं।

राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा बोर्ड पैटर्न पर एग्जाम:

कक्षा 05 वीं और आठवीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षा राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा। क्वेश्चन पेपर राज्य स्तर से सेट किया जाएगा। कॉपियों की जांच अन्य स्कूलों के शिक्षक से कराई जाएगी। आठवीं तक के बच्चों को सामान्यतः सात मासिक परीक्षाओं सहित अर्द्ध वार्षिक- वार्षिक परीक्षाएं देना होती हैं। लेट हुए सत्र 2022-23 में अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं मार्च 2023 में आयोजित कराने तैयारियां की जा रही हैं।

करतारपुर: क्यों खास है करतारपुर?

करतारपुर कॉरिडोर क्या है- करतारपुर कॉरिडोर बुधवार (17/11/2021) से फिर खुल गया। कोरोना महामारी के कारण यह पिछले साल 16 मार्च से बंद था। करतारपुर गुरुद्वारा बंटवारे के समय एक अंग्रेज वकील की गलती से पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था। अनदेखी और जंग में हुए हमलों से यह जर्जर होता गया। लोग यहां आसपास मवेशी तक बांधने लगे थे, लेकिन 90 के दशक में पाकिस्तान सरकार ने इसकी मरम्मत का फैसला किया। आइए इस गुरुद्वारे के इतिहास के बारे में जानें सब कुछ। आप सभी लोगो का enterhindi.com में स्वागत है, करतारपुर के बारे में जानने के लिए अट्रिकल को पूरा पढ़िए|

करतारपुर गुरुद्वारे के बारे में जानें सब कुछ: करतारपुर कॉरिडोर क्या है?

अंग्रेज वकील की गलती से यह पाकिस्तान के हिस्से में चला गया, लोग यहां मवेशी बांधने लगे थे| करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पास स्थित है। इसका इतिहास 500 साल से भी पुराना है। माना जाता है कि 1522 में सिखों के गुरु नानक देव ने इसकी स्थापना की थी। उन्होंने अपने जीवन के आखिरी साल यहीं बिताए थे।

क्यों खास है करतारपुर?

करतारपुर में गुरु नानक देवजी ने अपने जीवन के आखरी 17 साल 5 महीने 9 दिन गुजारे थे| यहाँ उनकी समाधि भी है|

करतारपुर कॉरिडोर क्या है?

करतारपुर कॉरिडोर बुधवार से फिर खुल गया। कोरोना महामारी के कारण यह पिछले साल 16 मार्च से बंद था। करतारपुर गुरुद्वारा बंटवारे के समय एक अंग्रेज वकील की गलती से पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था। अनदेखी और जंग में हुए हमलों से यह जर्जर होता गया। लोग यहां आसपास मवेशी तक बांधने लगे थे, लेकिन 90 के दशक में पाकिस्तान सरकार ने इसकी मरम्मत का फैसला किया। आइए इस गुरुद्वारे के इतिहास के बारे में जानें सब कुछ।

करतारपुर गुरुद्वारे का इतिहास:

करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पास स्थित है। इसका इतिहास 500 साल से भी पुराना है। माना जाता है कि 1522 में सिखों के गुरु नानक देव ने इसकी स्थापना की थी। उन्होंने अपने जीवन के आखिरी साल यहीं बिताए थे।

रावी नदी के फ्लो को बॉर्डर मानने से यह पाकिस्तान में चला गया:

लाहौर से करतारपुर साहिब की दूरी 120 किलोमीटर है। वहीं, पंजाब के गुरदासपुर इलाके में भारतीय सीमा से यह लगभग 7 किलोमीटर दूर है। लैरी कॉलिन्स और डॉमिनिक लैपियर की किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के मुताबिक, अंग्रेज वकील सर क्रिल रेडक्लिफ को बंटवारे का नक्शा बनाने के लिए 2 महीने से भी कम का समय मिला था और उन्हें भारत की भौगोलिक स्थिति की कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने रावी नदी की धारा को ही बॉर्डर बना दिया। करतारपुर गुरुद्वारा रावी के दूसरी तरफ था, लिहाजा यह पाकिस्तान के हिस्से में चला गया।

भारत-पाकिस्तान की जंग से गुरुद्वारे को काफी नुकसान हुआ:

1965 और 71 की जंग में इस गुरुद्वारे का काफी नुकसान हुआ। 90 के दशक तक तो इसकी इमारत बहुत खराब हो गई थी। लोग यहां मवेशी बांधने लगे थे। लोग इसका इतिहास तक भूल गए थे। जिन भारतीयों को इसकी अहमियत पता थी, उनमें से कुछ लोग ही यहां जाते थे। इन्हें भी वाघा बॉर्डर से ही जाना पड़ता था।

दोनों देशों की सरकारों की कोशिशों से बना था कॉरिडोर:

1998 के बाद पाकिस्तान सरकार ने गुरुद्वारे पर ध्यान दिया। 1999 में इसे दुरुस्त करने की मांग उठने लगी, तब पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सरकार के सामने गुरुद्वारे की मरम्मत का प्रस्ताव रखा। इसके बाद सालों तक इसके निर्माण का काम चलता रहा। बाद में भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित पवित्र गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का फैसला किया। भारत में 26 नवंबर 2018 को और पाकिस्तान में 28 नवंबर 2018 को कॉरिडोर की नींव रखी गई। गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर 9 नवंबर 2019 को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया था।

552वां प्रकाशपर्व:

करतारपुर कॉरिडोर खुलने से पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु, आज रात शुरू होंगे श्री अखंड पाठ साहिब, दाना मंडी में बनाया अस्थायी बस स्टेंड, 7 जगह पार्किंग बनाई|

19/11/2021 को दोपहर 12 बजे अमृत संचार होगा, शाम 7 बजे दीपमाला

श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव को लेकर समागम आज से शुरू हो रहे हैं। रात 2.30 बजे गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में श्री आखंड पाठ साहिब शुरू होंगे। 18 नवंबर 2021 को गुरुद्वारा संतघाट से नगर कीर्तन सजेगा। 19 नवंबर 2021 को मुख्य समागम होगा। करतारपुर कोरिडोर खुलने से समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है।

19 नवंबर 2021 तक अस्थाई बस स्टेंड दाना मंडी में रहेगा। शहर में 7 वाहन पार्किंग होंगी। एक पार्किंग केवल बुजुर्गों और अपाहिज लोगों के वाहनों को लेकर रखा गया है। समागम में संगत के पहुंचने, मेडिकल सुविधा व अन्य मुशकिल के लिए 4 कंट्रोल रूम की सुविधा भी होगी।

MP: मध्य प्रदेश राज्य खाद्य सुरक्षा पोर्टल – अपनी खाद्यान्य पर्ची कैसे डाउनलोड करें

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड

Madhya Pradesh state Food Security Portal:मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड – राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधान अनुसार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का प्रारम्भ किया गया। पात्र परिवारों में अन्त्योदय अन्न योजना के परिवारों के साथ-साथ प्राथमिकता परिवार के रूप में 24 श्रेणियों को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में सम्मिलित किया गया।

प्राथमिकता परिवार की श्रेणियों में न सिर्फ समस्त बीपीएल परिवार सम्मिलित किए गए अपितु 23 अन्य श्रेणियों के गैर-बीपीएल परिवारों को भी सम्मिलित किया गया। इस श्रेणिओं में सम्मिलित परिवारों को पात्रतानुसार रियायत दर पर खाद्द्य सामग्री का वितरण मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है । पात्र परिवारों को इस प्रकार का लाभ लेने के लिए सरकार द्वारा जारी की गयी खाद्य पर्ची के माध्यम से ही पात्र श्रेणियों को लाभ दिया जाता है । इसका मतलब उचित मूल्य पर सामग्री लेने के लिए आपके पास खाद्य पर्ची का होना आवश्यक है ।

उक्त संदर्भानुसार लाभ लेने के लिए आप अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक से खाद्य पर्ची प्राप्त कर सकते हैं यदि आप पात्र श्रेणी में आते हैं फिर भी आपको किसी कारणवसयदि खाद्य पर्ची प्राप्त नहीं हुई हो तो नीचे बताई गयी प्रोसेस से अपनी खाद्य पर्ची डाउनलोड कर सकते हैं और सम्बंधित अधिकारी से वेरिफिकेशन कराकर रियायत दर पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं enterhindi.com में आप सभी लोगो का स्वागत है | अपनी खाद्य पर्ची डाउनलोड की विस्तृत जानकारी के लिए अट्रिकल को पूरा पढ़े|

उक्त संदर्भानुसार लाभ लेने के लिए आप अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक से खाद्य पर्ची प्राप्त कर सकते हैं यदि आप पात्र श्रेणी में आते हैं फिर भी आपको किसी कारणवसयदि खाद्य पर्ची प्राप्त नहीं हुई हो तो नीचे बताई गयी प्रोसेस से अपनी खाद्य पर्ची डाउनलोड कर सकते हैं और सम्बंधित अधिकारी से वेरिफिकेशन कराकर रियायत दर पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड कैसे करें?

STEP 1: खाद्यान्य पर्ची को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आपको मध्य प्रदेश राज्य खाद्य सुरक्षा पोर्टल-मध्यप्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट https://rationmitra.nic.in/ पर जाना होगा | थोड़ा नीचे पेज स्क्रॉल करने पर पात्रता पर्ची पब्लिक डोमैन से डाउनलोड करें(वर्तमान माह मे जारी) पर क्लिक करना होगा|

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड
मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड

STEP 2 : अब पात्रता पर्ची पब्लिक डोमैन से डाउनलोड करें(वर्तमान माह मे जारी) पर क्लिक करते ही एक नए पेज पर रेडिरेक्ट हो जायेगे जिसमे आप को अपनी और अपने परिवार आई डी एंटर करेंगे |

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड

STEP 3: जिले का नाम , जनपद का नाम , परिवार आई डी , मेंबर आई डी और मोबाईल नंबर एंटर करने के बाद कॅप्टचा एंटर करना होगा| कॅप्टचा एंटर करने के बाद परिवार की पात्रता सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करे पर क्लिक करना होगा| पात्रता सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करे पर क्लिक करते ही परिवार से सम्बंधित जानकारी आप को दिखाई देने लगेगी|

STEP 4: सम्बंधित परिवार की जानकारी दिखने पर पात्रता पर्ची डाउनलोड पर क्लिक करे| पात्रता पर्ची डाउनलोड करे पर क्लिक करते ही आप की पात्रता पर्ची डाउनलोड हो जाएगी जिसका आप प्रिंट ले सकते हैं |

Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस कब मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है?

Hindi Diwas 2022:-

जब भी बात देश की उठती है तो हम सब एक ही बात दोहराते हैं, “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्तां हमारा“। यह पंक्ति हम हिंदुस्तानियों के लिए अपने आप में एक विशेष महत्व रखती है | हिंदी अपने देश हिंदुस्तान की पहचान है | यह देश की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है इसीलिए हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है | हर साल हम 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं | क्योंकि इसी दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भाषा को भारतीय गणराज्य की राजभाषा घोषित किया था |

हिंदी के प्रचार और प्रसार के लिए तत्कालीन भारतीय सरकार ने 14 सितंबर 1949 से प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने अनुरोध किया था | तब से लेकर आज तक हम हर एक वर्ष 14 सितम्बर को Hindi Diwas के रूप में मानते हैं | इस दिन सरकारी दफ्तरों में, स्कूलों में, कॉलेजों में हिंदी प्रतियोगिता का आयोजित किया जाता है तथा कहीं-कहीं सप्ताह भर तक हिंदी सप्ताह का आयोजन भी किया जाता है |

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है | देश में पहली बार 14 सितंबर, 1953 को हिंदी दिवस मनाया गया था | जब राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई |

इसके बाद से हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है | इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिंदी को न केवल देश के हर क्षेत्र में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रसारित करना है | इस दिन देशभर में बाल दिवस भी मनाया जाता है |

हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य:-

हिंदी दिवस का मुख्य उदेश्य लोगो के मध्य इसके उपयोग को बढ़ावा देना तथा इसका प्रचार-प्रसार करना है | इसी वजह से इस दिन हिंदी भाषा में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तियों तथा संस्थाओ को कई प्रकार के विशेष सम्मान प्रदान किए जाते है | ताकि लोगो के मध्य हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके | यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि हमारे देश में लोग राजभाषा के महत्व को नही समझ पा रहे है | इसलिए इस दिन को लोगो को हिंदी का महत्व समझाने तथा उनके बीच इसके उपयोग को बढ़ाने के लिए समर्पित किया गया है |

भारत में हिंदी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है:-

हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कड़ी मेहनत की | उनके संघर्ष और मेहनत की वजह से हिंदी राष्ट्रभाषा बन सकी | व्यौहार राजेन्द्र सिंह का जन्म 14 सितंबर, 1900 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ था |

सविंधान सभा ने उनके अथक प्रयास पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 14 सितंबर, 1949 को सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि हिंदी ही देश की राष्ट्रभाषा होगी | इस दिन व्यौहार राजेन्द्र सिंह का 50 वां जन्मदिन भी था | 

हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने में काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास की भी अहम भूमिका रही है | संविधान द्वारा हिंदी को भारत की राजभाषा का दर्जा दिये जाने की खुशी में हम हिंदी दिवस मनाते हैं | संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी भाषा को राजभाषा के तौर पर अपनाने का उल्लेख मिलता है |

Hindi Diwas 2021

हिंदी दिवस का महत्व:-

हिंदी दिवस उस दिन की याद में मनाया जाता है जिस दिन हिंदी हमारी राजभाषा बनी | आज हमारी सरकार द्वारा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं | हिंदी दिवस के दिन कॉलेज और स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को हिंदी का महत्व बताया जाता है | इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिंदी में व्याख्यान आयोजित किये जाते हैं | हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हमारी वर्तमान सरकार का कदम सराहनीय है |

आज देश के नेता विदेशों में जाकर भी हिंदी में भाषण देने को महत्ता दे रहे हैं | ऐसा इसिलए किया जा रहा है ताकि भारत के साथ-साथ विश्व स्तर पर भी हिंदी भाषा का महत्व समझा जाए | यह हमारी सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है तो हिंदी बोलने वालों की संख्या में लगातार इजाफा होता दिख रहा है | बिहार देश का पहला राज्य था जिसने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के तौर पर अपनाया था |

हालांकि इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि भारत में अंग्रेजी बोलने वाले लोगों की तादाद में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है, लेकिन आज भी देश में हिंदी बोलने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है |

देश की जनता का एक बडा़ हिस्सा आज भी हिंदी बोलता है | उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, झारखंड आदि में एक बड़ी आबादी हिंदी भाषी लोगों की है | इस बात को हमें हमेशा याद रखना चाहिये कि अपनी मात्र भाषा बोलने से न केवल हम अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हैं बल्कि यह हमें एक-दूसरे के करीब लाने का जरिया भी है |

Hindi Diwas 2022 Celebration:-

हिंदी दिवस पर स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रमों और वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है | इस दिन हिंदी भाषा के सम्मान में कविता समारोह, निबंध लेखन जैसी कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है |

साल 2001 की भारतीय जनगणना के अनुसार, भारत में 258 मिलियन लोगों ने हिंदी को अपनी मूल भाषा माना | हालांकि अन्य हिंदी बोलियों को इस आंकड़ें में शामिल किया जाए तो हिंदी भाषियों की संख्या बढ़कर 422 मिलियन हो जाती है | हिंदी भाषा का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, क्योंकि आजादी की लड़ाई के दौरान हिंदी को राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक के रूप में चुना गया था |

बहरहाल, भले ही हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, लेकिन आज के इस दौर में अंग्रेजी भाषा ने अपना प्रभुत्व इस कदर जमा लिया है कि हिंदी भाषा लोगों के बीच से गायब होने लगी है | अगर इसी तरह से अंग्रेजी का बोलबाला हर तरफ रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हिंदी भाषा हमारे बीच से गायब हो जाएगी, इसलिए इस भाषा को संजोए रखने के लिए इसका प्रचार-प्रसार आवश्यक है. इसके साथ ही हिंदी भाषा के महत्व को जानकर उसका सम्मान करना भी जरूरी है |

राजभाषा सप्ताह मनाने के कारण:-

आकड़ो के अनुसार हिंदी विश्व की चौथी सबसे ज्यादे बोले जाने वाली भाषा है, पर कई कारणों से हमारे अपने ही देश में हिंदी के अस्तित्व पर संकट आ खड़ा हुआ है | वर्तमान समय में हिंदी भाषा पर अंग्रेजी का प्रभाव काफी हावी हो चुका है | इसलिए राजभाषा सप्ताह का महत्व और भी ज्यादे बढ़ जाता है, क्योंकि भारत में अंग्रेजी की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और लोग मातृभाषा के महत्व तथा इसके सम्मान को भूलते जा रहे हैं | यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नही जब हिंदी भाषा हमारे अपने देश में ही विलुप्तता के कगार पर पंहुच जायेगी |

इसलिए हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने और इसके लिखने, बोलने तथा इसके अन्य उपयोगो के महत्व को समझाने के लिए 14 सितंबर अर्थात हिंदी दिवस से लेकर एक सप्ताह तक राजभाषा सप्ताह का यह विशेष कार्यक्रम मनाया जाता है, ताकि हम सब हिंदी के महत्व को समझे और साथ मिलकर इसके उन्नति के लिए कार्य करें |

पुरस्कार

राजभाषा सप्ताह के दौरान विद्यालयों और सरकारी कार्यलयों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है | जिसमें सबसे अच्छा करने वाले को कई प्रकार के पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है | इन पुरस्कारो में मुख्यतः दो पुरस्कार सबसे अधिक महत्व रखते हैं | पहले इन पुरस्कारों को राजनेताओं के नाम पर दिया जाता था, पर बाद में इनके नाम को बदलकर राजभाषा कीर्ति पुरस्कार तथा राजभाषा गौरव पुरस्कार कर दिया गया |

1.राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

यह राजभाषा सप्ताह के दौरान दिए जाने वाले महत्वपूर्ण पुरस्कारों में से एक है | इसका मुख्य उद्देश्य सारकारी कार्यों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देना है | इसके अंतर्गत कुल 39 पुरस्कार दिए जाते है | राजभाषा कीर्ति पुरस्कार किसी समिति, विभाग या मण्डल आदि को उसके हिंदी भाषा में किए गये उत्तम कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है|

2.राजभाषा गौरव पुरस्कार

राजभाषा गौरव पुरस्कार के अंतर्गत दस हजार से लेकर दो लाख रुपये धनराशि के 13 पुरस्कार सम्मलित होते हैं | इस पुरस्कार को तकनीकी या विज्ञान क्षेत्र में लिखने वाले किसी भारतीय नागरिक को प्रदान किया जाता है | यह पुरस्कार पाने वाले सभी लोगो को धनराशि के साथ-साथ समृति चिन्ह भी भेंट किया जाता है | इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य तकनीकी तथा विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी भाषा के उपयोग को प्रोत्साहन प्रदान करना है

हिंदी दिवस को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न –

हिंदी दिवस कब मनाया जाता है ?

हम हर एक वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मानते हैं।

भारत देश में पहली बार हिंदी दिवस कब मनाया गया था ?

भारत देश में पहली बार 14 सितंबर, 1953 को हिंदी दिवस मनाया गया था।

Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस पर शेयर करें ये खूबसूरत Quotes, Status, Shayari, Poetry & Thoughts

Hindi Diwas 2022:

जब भी बात देश की उठती है तो हम सब एक ही बात दोहराते हैं, “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्तां हमारा“। यह पंक्ति हम हिंदुस्तानियों के लिए अपने आप में एक विशेष महत्व रखती है | हिंदी अपने देश हिंदुस्तान की पहचान है | यह देश की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है इसीलिए हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है | हर साल हम 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं | क्योंकि इसी दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भाषा को भारतीय गणराज्य की राजभाषा घोषित किया था |

हिंदी के प्रचार और प्रसार के लिए तत्कालीन भारतीय सरकार ने 14 सितंबर 1949 से प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने अनुरोध किया था | तब से लेकर आज तक हम हर एक वर्ष 14 सितम्बर को Hindi Diwas के रूप में मानते हैं | इस दिन सरकारी दफ्तरों में, स्कूलों में, कॉलेजों में हिंदी प्रतियोगिता का आयोजित किया जाता है तथा कहीं-कहीं सप्ताह भर तक हिंदी सप्ताह का आयोजन भी किया जाता है |

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है | देश में पहली बार 14 सितंबर, 1953 को हिंदी दिवस मनाया गया था | जब राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई | इसके बाद से हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है |

हिंदी दिवस का मुख्य उदेश्य लोगो के मध्य इसके उपयोग को बढ़ावा देना तथा इसका प्रचार-प्रसार करना है | इसी वजह से इस दिन हिंदी भाषा में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तियों तथा संस्थाओ को कई प्रकार के विशेष सम्मान प्रदान किए जाते है | ताकि लोगो के मध्य हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके | यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि हमारे देश में लोग राजभाषा के महत्व को नही समझ पा रहे है | इसलिए इस दिन को लोगो को हिंदी का महत्व समझाने तथा उनके बीच इसके उपयोग को बढ़ाने के लिए समर्पित किया गया है |

Hindi Diwas 2022 Shayari:

हर कण में हैं हिन्दी बसी
मेरी मां की इसमें बोली बसी
मेरा मान है हिन्दी
मेरी शान है हिन्दी…

वक्ताओं की ताकत भाषा
लेखक का अभिमान हैं भाषा
भाषाओं के शीर्ष पर बैठी
मेरी प्यारी हिंदी भाषा…

हिंदी दिवस पर हमने ठाना है
लोगों में हिंदी का स्वाभिमान जगाना है,
हम सब का अभिमान है हिंदी
भारत देश की शान है हिंदी…

भारत के गांव की शान है हिंदी
हिन्दुस्तान की शक्ति हिंदी,
मेरे हिन्द की जान हिंदी
हर दिन नया वाहन हिंदी…

हिंदी से हिन्दुस्तान है
तभी तो यह देश महान है,
निज भाषा की उन्नति के लिए
अपना सब कुछ कुर्बान है…

Hindi Diwas 2022 Poetry & Thoughts:

हिंदी थी वो जो लोगो के दिलों में उमंग भरा करती थी
हिंदी थी वह भाषा जो लोगों के दिलों मे बसा करती थी,
हिंदी को ना जाने क्या हुआ, रहने लगी हैरान परेशान
पूछा तो कहती है, अब कहां है मेरा पहले सा सम्मान

हिंदी-हिंदू हिन्दुस्तान,
कहते हैं, सब सीना तान,
पल भर के लिये जरा सोंचे इन्सान
रख पाते हैं हम इसका कितना ध्यान,
सिर्फ 14 सितम्बर को ही करते है
अपनी हिंदी भाषा का सम्मान

भारत के विकास में हिंदी का योगदान अति महत्वपूर्ण हैं. यदि हम भारत को विकसित देश के रूप में देखना चाहते हैं तो हिंदी के महत्व को हम सबको समझना होगा

हिंदी हृदय की भाषा हैं, जिसकी वजह से हमारे शब्द हृदय से निकलते हैं और हृदय तक पहुँचते हैं

Hindi Diwas 2022 Quotes & Status:-

हिन्दी हमारी मातृभाषा है
इसे हर दिन बोलें
और हिन्दी दिवस के इस दिन
सबको हिन्दी में बोलने के लिए उत्साहित करें।

हिन्दी का सम्मान
देश का सम्मान है,
हमारी स्वतंत्रता वहां है
हमारी राष्ट्र भाषा जहां है…

सारे देश की आशा है
हिन्दी अपनी भाषा है,
जात-पात के बंधन को तोड़ें
हिन्दी सारे देश को जोड़े…

जैसे रंगों के मिलने से
खिलता है बसंत,
वैसे भाषाओं की मिश्री सी
बोली है हिन्दी

गर्व हमें है हिंदी पर
शान हमारी हिन्दी है,
कहते-सुनते हिन्दी हम
पहचान हमारी हिन्दी है…

हिन्दी पढ़ें, हिन्दी पढ़ाएं
मातृभाषा की सेवा कर
देश को महान बनाएं…

 है भारत की आशा हिन्दी
है भारत की भाषा हिंदी

निज भाषा का नहीं गर्व जिसे
क्‍या प्रेम देश से होगा उसे
वहीं वीर देश का प्‍यारा है
हिंदी ही जिसका नारा है

Top 10: विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

पूरे विश्व में बहुत से देश हैं और हर देश में न जाने कितने शहर है | सीधे शब्दों में कहूं तो यह विश्व अनेकों भूभागों से मिल कर बना है | हर भू भाग की अपनी अलग भाषा है अपनी अलग पहचान है | कोई अंग्रेजी बोलता है तो कोई सिर्फ हिंदी, तो कोई सिर्फ फ्रैंच | सभी देशों की अपने-अपने भाषा है | इसलिए हर देश में अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं | इतना ही नहीं एक ही देश में कई भाषाएँ बोली जाती हैं और भी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ भी हैं. |

ये कहा जा सकता है कि हर देश की एक राष्ट्र भाषा होती है लेकिन एक देश में न जाने कितनी क्षेत्रीय भाषाएं भी होती है इसका अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है | किसी कवि ने कहा भी है “कोस कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी” | अर्थात हर चार कोस पर वाणी में परिवर्तन हो जाता है |

यूएन के अनुसार, दुनिया भर में बोले जाने वाली भाषाओं की संख्या 6809 है | इनमें 90 प्रतिशत भाषाओं को बोलने वालों की संख्या 1 लाख से कम है | लगभग 150 से 200 भाषाएं ऐसी हैं जिन्हें 10 लाख से ज्यादा लोग बोलते हैं | आज हम आपको बताएंगे कि दुनिया भर में बोली जाने वाली 10 भाषाएं कौन-कौन सी हैं, सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ:-

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

1. मंदारिन चाइनिस

बोलने वालों की कुल संख्या: 1.051 बिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 873 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 178 मिलियन

हर किसी को लगता है कि अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा पूरे विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है | दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओँ में सबसे ऊपर है चीन की मंदारिन भाषा | जिसे चाइनीज़ भाषा भी बोलते हैं जिसे चीन में रहने वाले लोग बोलते हैं |

चीन जहाँ क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व में चौथे स्थान पर हैं वहीँ जनसख्या के मामले में पहले स्थान पर है | यह पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, चीन गणराज्य (ताइवान) और सिंगापुर की एक आधिकारिक भाषा है | यही कारण है की यह यह भाषा 917 मिलियन लोगों के द्वारा बोली जाती है |

2. अंग्रेजी 

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

बोलने वालों की कुल संख्या: 1.5 बिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 379 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 1 बिलियन+

विश्व एटलस के अनुसार, 35 देश अपनी मुख्य भाषा के रूप में अंग्रेजी बोलते हैं | हालांकि, अंग्रेजी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भाषा है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए सामान्य आधार है | परिणामस्वरूप, अधिकतर लोग अंग्रेजी को second language के रूप में बोलते हैं | अंग्रेजी दुनिया की सबसे लोकप्रिय भाषाओं में से एक है और शीर्ष बोली जाने वाली भाषाओं में नंबर तीन पर है |

3. हिंदी 

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

बोलने वालों की कुल संख्या: 490 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 341 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 150 मिलियन

यह भाषा दुनिया में सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषाओं में चौथे स्थान पर आती है | हालाँकि भारत में अधिकांश हिंदी भाषी रहते हैं, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, बांग्लादेश, यमन और युगांडा में भी हिंदी भाषी समुदाय मौजूद हैं | इस भाषा को पूरे विश्व में 80 करोड लोग समझ सकते हैं। हिंदुस्तान में लगभग 45 करोड़ लोग हिंदी भाषा का उपयोग करते हैं |

4. स्पेनिश 

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

बोलने वालों की कुल संख्या: 577 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 460 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 117 मिलियन

स्पेनिश 21 देशों की आधिकारिक भाषा है, जिसमें स्पेन, मैक्सिको और अधिकांश दक्षिण और मध्य अमेरिका शामिल हैं | मध्य अमेरिका, कनाडा़, स्पेन, यूरोपीय देशों एवं दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्पेनिश भाषा सबसे ज्यादा बोली जाती है |यदि हम केवल ऐसे लोगों की बात करें जो केवल स्पेनिश बोलते हैं तो ऐसे लगभग 460 मिलियन लोग हैं |

स्पैनिश भाषा की उत्पत्ति स्पेन के कैस्टिला क्षेत्र के पास हुई, यही वजह है कि इस भाषा को कैस्टिलियन भी कहा जाता है | लैटिन और अरबी भाषाओं ने स्पेनिश को बहुत प्रभावित किया | आज, स्पैनिश सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली रोमन भाषा है, जो दुनिया की आबादी का 7.6% है |

5. अरेबिक 

बोलने वालों की कुल संख्या: 420 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 319 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 100 मिलियन

कतर, मिस्र, इराक, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित 20 से अधिक देशों के लिए अरबी आधिकारिक भाषा है | अरबी का जन्म अरब प्रायद्वीप के रेगिस्तानी क्षेत्र में खानाबदोश जनजातियों में हुआ था | शब्द “अरब” का अर्थ खानाबदोश है |

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6. बंगाली 

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

बोलने वालों की कुल संख्या: 300 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 228 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 72 मिलियन

यह केवल दो देशों में बोली जाती है, लेकिन बंगाली दुनिया की सबसे आम भाषाओं में से एक है | बंगाली का दूसरा नाम बांग्ला है | यह बांग्लादेश की आधिकारिक भाषा है और भारत में दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है |

7. पुर्तगाली

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

बोलने वालों की कुल संख्या: 260 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 221 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 39 मिलियन

यह भाषा पुर्तगाल में सर्वाधिक तौर पर बोली जाती है | पुर्तगाल के अलावा यह भाषा ब्राजील, अंगोला, वेनेजुएला, मोजांबिक आदि देशों में बोली जाती है | समान मूल के कारण, स्पेनिश और पुर्तगाली बहुत समान भाषाएं हैं |

8. रूसी

सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ

बोलने वालों की कुल संख्या: 264 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 154 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 110 मिलियन

रूसी रूस, बेलारूस, किर्गिस्तान और कज़ाकिस्तान की आधिकारिक भाषा है | रूसी, यूक्रेन और कई पूर्व सोवियत देशों की एक अनौपचारिक भाषा भी है | रूसी भाषा स्लाविक परिवार से संबंधित है और तीन मुख्य पूर्वी स्लाव भाषाओं में से एक है | विश्व की लगभग 2.3% आबादी रूसी बोलती है |

9. मलय इंडोनेशियन भाषा

बोलने वालों की कुल संख्या: 281 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 77 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 204 मिलियन

भारत के दक्षिण पूर्व में स्थित आसियान देशों में मलय भाषा सबसे ज्यादा बोली जाती है | इस भाषा को प्रमुख तौर पर मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ब्रुनेई में बोला जाता है इस भाषा का इस सूची में 9वां स्थान है |

10. फ्रेंच 

बोलने वालों की कुल संख्या: 229 मिलियन

देशी वक्ताओं की संख्या: 76 मिलियन

गैर-देशी वक्ताओं की संख्या: 153 मिलियन

यह 28 देशों की आधिकारिक भाषा है | यह भाषा मुख्य तौर पर फ्रांस, बेल्जियम, कनाडा, कैमरून में सर्वाधिक तौर पर बोली जाती है | यह पश्चिमी और मध्य अफ्रीका के कुछ हिस्सों में, कई कैरिबियन द्वीपों पर, और यहां तक ​​कि दक्षिण अमेरिकी मुख्य भूमि पर भी व्यापक रूप से बोली जाती है |

दोस्तों अब आपको समझ में आज्ञा होगा, की दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएँ कौन कौनसी हैं, दोस्तों िश पोस्ट को आपने फ्रेंड्स और फॅमिली के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि उनको भी ये जानकारी मिल सके.

सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषाओं का यह वीडियो भी जरूर देखें

Top 10 Best Schools in India Latest List 2022

Top 10 Best Schools in India 2022

स्कूल आवश्यक शैक्षिक प्रतिष्ठान हैं जो विद्यार्थियों को जीवन में अपना रास्ता स्वयं निर्धारित करने में सहायता करते हैं। स्कूल के प्रशासन के प्रोफेसर, छात्र और अन्य सदस्य इस संगठन की नींव के रूप में कार्य करते हैं। यह देखते हुए कि उपयुक्त स्कूल का चयन करना कितना महत्वपूर्ण है, हमने 2022 के लिए भारत के बेहतरीन स्कूलों की एक सूची तैयार की है।

भारत प्राचीन काल से ही शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में एक समृद्ध संस्कृति और पद्धति के साथ रहा है। गुरुकुल प्रणाली प्राचीन काल के दौरान भारत में स्कूलों में प्रचलित उत्कृष्ट शिक्षा प्रणाली थी – जहाँ गुरु (शिक्षक) और साथ ही शिष्य (छात्र) दोनों को समान माना जाता था, और न केवल उन्हें विभिन्न विषयों पर पढ़ाया जाता था, बल्कि यह भी सिखाया जाता था कि कैसे अनुशासित जीवन जिएं।

अपने बच्चे के लिए एक फलदायी और आकर्षक भविष्य हासिल करने की दिशा में पहला कदम, इसमें शामिल पहला कदम सही स्कूल का चयन करना चाहिए जो विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करता हो।  इसलिए, यह किसी भी राष्ट्र के निर्माण में मदद करता है और भविष्य में इसे समृद्ध बनाने में मदद करता है। भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उच्च शिक्षा नेटवर्क है जो भारत में स्कूलों द्वारा प्रदान की जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण ही संभव हुआ है।

जब अपने बच्चों के लिए स्कूल चुनने की बात आती है, तो अधिकांश समय, माता-पिता को शिक्षित चयन करने के लिए काफी शोध करना चाहिए। अपने बच्चों के लिए सर्वश्रेष्ठ स्कूल चुनने के लिए, माता-पिता को पहले व्यापक शोध करना चाहिए। जैसे ही छात्र परिपक्वता तक पहुंचते हैं और खुद को और भी अधिक जिम्मेदार दिखाते हैं, माता-पिता उनकी सिफारिशों पर विचार करेंगे।

तो चलिए दोस्तों बिना देरी किये आज हम enterhindi.com  के माध्यम से आपको टॉप 10 स्कूलों के बारे में बताने जा रहा हूँ आशा करता हूँ आपको इससे स्कूल का चयन करने में आसानी होगी।

List of Top 10 Schools in India 2022

1. Ecole Globale International Girls School , Dehradun

इकोले ग्लोबल इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल 2012 में स्थापित किया गया था और यह एशियन एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत चलाया जाता है। संस्था विशेष रूप से उन लड़कियों के समग्र विकास के लिए कार्य करती है जो गर्व से खुद को ‘इकोलियर्स’ कहती हैं। इकोले का भारत भर में सबसे खूबसूरत परिसरों में से एक है। Ecole Globale को भारत के सबसे अच्छे स्कूलों में से एक माना जाता है।

कैंपस 40 एकड़ भूमि में फैला है, खुले हरे मैदान के बीच स्थित है, जो बच्चों को एक शांत और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण में सीखने के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करता है।

स्कूल परिसर में पर्याप्त रूप से सुसज्जित खेल सुविधाओं, चिकित्सा सुविधाओं और एक भोजन कक्ष के साथ-साथ पांच विशाल बोर्डिंग हाउस भी हैं। EGIGS में, वे अकादमिक और गैर-शैक्षणिक स्थानों की अत्यधिक सफाई और उचित रखरखाव में विश्वास करते हैं। कक्षा 4 से 12वीं तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान की जाती है।

छात्रों को उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि और उनके भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन (सीआईई) के बीच चयन करने का विकल्प भी दिया जाता है।

एजुकेशन वर्ल्ड मैगजीन द्वारा आयोजित ‘पीयर एंड पेरेंट सर्वे’ में इकोले ग्लोबल को भारत में छठा स्थान मिला है। संस्था को ‘भारत में लड़कियों के लिए सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूल’ में भी स्थान दिया गया है। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs.– 800000 to 1000000
SCHOOL STRENGTH500 students
TEACHER-STUDENT RATIO1:7
AVERAGE CLASS STRENGTH40 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, Table Tennis, Badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, swimming, horse riding and others
ADDRESSEcole Globale International Girls’ School, Sahaspur Road, Horrawala, Uttarakhand, India- 248197

2. Dhirubhai Ambani Internatioal School, Mumbai

स्कूल 2003 में स्थापित किया गया था, और यह K-12 से स्कूली शिक्षा की सुविधा प्रदान करता है। यह एक सह-शैक्षिक, डे स्कूल है और CISCE, यानी काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन और CAIE, यानी कैम्ब्रिज असेसमेंट इंटरनेशनल एजुकेशन से संबद्ध है।

आज, इसने एक देशव्यापी नेटवर्क स्थापित किया है और इसमें लगभग 1070 छात्रों का एक छात्र निकाय है। DAIS में, वे 1:7 का छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखते हैं ताकि प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके। स्कूल को भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त है और इसे विश्व स्तर पर शीर्ष आईबी स्कूलों में भी स्थान दिया गया है।

संस्था बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मुंबई में स्थित है, और शहर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले छात्रों के लिए सुलभ है। इसके परिसर में एक आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ एक अद्वितीय ओपन स्कूल डिज़ाइन है जिसमें अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर के साथ आईटी-सक्षम कक्षाएं, बहुउद्देशीय सभागार, प्रदर्शन कला के लिए एक आधुनिक केंद्र, कला, संगीत, नृत्य, नाटक के लिए विशेष गतिविधि कक्ष शामिल हैं। योग, और कई अन्य सुविधाएं।

छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs. – 500000
SCHOOL STRENGTH400 students
TEACHER STUDENT RATIO1:7
AVERAGE CLASS STRENGTH30 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESSBandra-Kurla Complex, Bandra (East), Mumbai- 400098, India

3. Shree Swami Narayan Gurukul International School, Hyderabad

स्कूल 1994 में स्थापित किया गया था और हैदराबाद में स्थित है। यह एक दिन सह बोर्डिंग बॉयज़ स्कूल है जो सीबीएसई से संबद्ध है। स्कूल कक्षा एलकेजी से बारहवीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान करता है। यह कैंपस 35 एकड़ भूमि में फैला है, खुले हरे मैदान के बीच स्थित है, जो बच्चों को शांत और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण में सीखने के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है।

इसके परिसर में एक आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ एक अद्वितीय ओपन स्कूल डिजाइन है जिसमें अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर के साथ विशाल कक्षाएं, एक बहुउद्देशीय सभागार, प्रदर्शन कला के लिए एक आधुनिक केंद्र, कला, संगीत, नृत्य, नाटक के लिए विशेष गतिविधि कक्ष शामिल हैं। योग, और कई अन्य सुविधाएं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs. – 300000
SCHOOL STRENGTH700 students
TEACHER STUDENT RATIO1:30
AVERAGE CLASS STRENGTH35 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESSMysore Main Road, P.O. Kumbal Godu, Next to Pepsi Factory, Bengaluru -560074, India

4. Xavier’s Collegiate School, Kolkata

कोलकाता में सेंट जेवियर्स कॉलेजिएट स्कूल 2022 के लिए भारत के शीर्ष 10 बेहतरीन स्कूलों की हमारी रैंकिंग में 4th स्थान पर है। 1860 में, स्कूल की स्थापना की गई थी। यह केवल लड़कों के लिए स्वायत्त कैथोलिक निजी दिवस संस्था है। संस्थान में छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलती है।

स्कूल की स्थापना वर्ष 1860 में हुई थी और यह कोलकाता में स्थित है। यह एक निजी, लड़कों का स्कूल है जहाँ छात्रों के लिए अंग्रेजी दृष्टिकोण की केंद्रीय भाषा है। संस्था CISCE से संबद्ध है। यह प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। परिसर में प्राथमिक और माध्यमिक वर्गों के लिए दो स्कूल भवन शामिल हैं।

परिसर में एक आधुनिक बुनियादी ढांचा है और कई सुविधाएं प्रदान करता है जैसे – विशाल कक्षाएँ, एक पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और एक खेल का मैदान। स्कूल कंप्यूटर, प्रकृति और सामाजिक सेवाओं जैसे विभिन्न क्लब भी प्रदान करता है।

छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs. – 100000
SCHOOL STRENGTH3500 students
TEACHER STUDENT RATIO1:50
AVERAGE CLASS STRENGTH30 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESS30, Mother Teresa Sarani, Kolkata -700016, India

5. Little Flower High School, Hyderabad

लिटिल फ्लावर हाई स्कूल, हैदराबाद, 2022 में भारत के बेहतरीन स्कूलों की हमारी सूची में छठे स्थान पर है। स्कूल की स्थापना वर्ष 1953 में हुई थी और यह हैदराबाद में स्थित है। स्कूल का उद्देश्य व्यक्तियों को उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करने के लिए समग्र शिक्षा प्रदान करना है। अंग्रेजी छात्रों के लिए दृष्टिकोण की केंद्रीय भाषा है, और वे अपनी पहली और दूसरी भाषा की प्राथमिकताओं के लिए तेलुगु और हिंदी भी प्रदान करते हैं। इसमें नर्सरी से लेकर 12वीं तक के छात्रों को शिक्षा दी जाती है।

संस्थान आईसीएसई से संबद्ध है और इसका एक जीवंत पाठ्यक्रम है जहां वे न केवल अकादमिक बल्कि छात्रों के गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं। इसके परिसर में एक आधुनिक बुनियादी ढांचा है और इसमें अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, विशाल कक्षाएं, डिजिटल पुस्तकालय, ए / वी कमरे, सभागार और अन्य सुविधाएं जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

यह बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल कोर्ट, एक क्रिकेट पिच और एक व्यायामशाला जैसी खेल सुविधाएं भी प्रदान करता है। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs. – 180000
SCHOOL STRENGTH1800 students
TEACHER STUDENT RATIO1:31
AVERAGE CLASS STRENGTH35 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESSNo. 1, 100 Feet Ring Road, Banash Ankari III Stage, Bengaluru-560085, India

6. Mother’s International School, Delhi

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दिल्ली में मदर्स इंटरनेशनल स्कूल 2022 के लिए भारत के शीर्ष 10 बेहतरीन स्कूलों की हमारी रैंकिंग में 6 वें स्थान पर है। 1956 में, संस्था शुरू में जनता के लिए खोली गई थी। श्री अरबिंदो एजुकेशन सोसाइटी ने इसकी स्थापना की है। यह भारत के बेहतरीन प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक है। स्कूल एक सह-शिक्षा अंग्रेजी-माध्यम संस्थान है। यह एक डे स्कूल है और नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है।

यह एक सह-शिक्षा विद्यालय है। परिसर में दो ब्लॉकों में विभाजित एक स्कूल भवन होता है, एक जूनियर के लिए और दूसरा वरिष्ठ वर्ग के लिए। इसमें एक आधुनिक बुनियादी ढांचा है और इसमें विशाल कक्षाएं, एक बच्चों का पार्क, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, गतिविधि कक्ष, मिट्टी के बर्तनों की प्रयोगशाला, संगीत और नृत्य हॉल, योग कक्ष और एक असेंबली हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

  • School details
FEE STRUCTURERs. – 170000
SCHOOL STRENGTH2145 students
TEACHER STUDENT RATIO1:34
AVERAGE CLASS STRENGTH45 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESSSri Aurobindo Marg, Vijay Mandal Enclave, Kalu Sarai, New Delhi, Delhi 110016, India

7. Greenwood International High School, Bangalore

बैंगलोर में ग्रीनवुड इंटरनेशनल हाई स्कूल 2022 में भारत के बेहतरीन स्कूलों की इस सूची में 7 वें स्थान पर है। 2004 में, स्कूल की स्थापना की गई थी। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के अलावा, सह-शिक्षा निजी स्कूल अपने शिक्षार्थियों के लिए पाठ्येतर गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित करता है।

स्कूल वर्ष 2004 में स्थापित किया गया था और बैंगलोर में स्थित है। स्कूल ने सात राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जित किए हैं। यह एक सह-शिक्षा विद्यालय है और कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। स्कूल IGCSE, IBDP और ICSE पाठ्यक्रम का अनुसरण करता है, जहाँ अंग्रेजी छात्रों के लिए दृष्टिकोण की केंद्रीय भाषा है।

इसके परिसर में एक आधुनिक बुनियादी ढांचा है और यह सुविधाएं प्रदान करता है जैसे – विशाल कक्षाएं, दो मल्टीमीडिया कमरे, छात्रों और शिक्षकों के लिए 27/7 इंटरनेट का उपयोग, एक अच्छी तरह से भंडारित पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, और कई अन्य सुविधाएं।

स्कूल में प्रदान की जाने वाली खेल सुविधाओं में फुटबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस, वॉलीबॉल आदि शामिल हैं। छात्रों को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी 24 * 7 के तहत रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs. – 260000
SCHOOL STRENGTH700 students
TEACHER STUDENT RATIO1:30
AVERAGE CLASS STRENGTH40 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESSMysore Main Road, P.O. Kumbal Godu, Next to Pepsi Factory, Bengaluru -560074, India

8. The Doon School, Dehradun

Top 10 Best Schools in India

देहरादून में दून स्कूल 2022 के लिए भारत के शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ स्कूलों की सूची में 8th स्थान पर आता है। 1935 में, संस्थान ने आधिकारिक तौर पर शुरुआत की। संस्था को अक्सर भारत का सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। स्कूल विशेष रूप से लड़कों के लिए है और सह-पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों पर जोर देता है।

दून स्कूल की स्थापना 1935 में हुई थी और यह देहरादून में स्थित है। यह भारत के बेहतरीन स्कूलों में से एक है, जो 12-18 आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए सभी लड़कों की बोर्डिंग शिक्षा में विशेषज्ञता रखता है। कैंपस भारत या वास्तव में कुछ अन्य देशों में स्कूलों द्वारा शायद ही कभी पेश किया जाने वाला वातावरण प्रदान करता है।

टीडीएस में, लड़कों को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि उनके पास अध्ययन के लिए और अधिक समय है और वे व्यापक रुचियों का पीछा कर सकते हैं।

स्कूल अपनी सुविधाओं को बनाने और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है जिसमें शामिल हैं – डिजिटल कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कला और मीडिया कक्ष, सभागार, डाइनिंग हॉल, कैरियर मार्गदर्शन विभाग, बहुउद्देशीय हॉल, संगीत कक्ष, एम्फीथिएटर, वेलनेस सेंटर, और कई अन्य सुविधाएं .

स्कूल भी खेल को समान महत्व देता है और इसलिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान करता है। इसकी इनडोर खेल सुविधाओं में एक जिम और फिटनेस रूम, स्क्वैश कोर्ट, एक खेल मंडप और मुक्केबाजी और बैडमिंटन के लिए एक बहुउद्देशीय हॉल शामिल हैं।

स्कूल में 25 मीटर का पूल, क्रिकेट सुविधाओं के लिए एक एकड़ पिच, कई बास्केटबॉल कोर्ट और टेनिस कोर्ट और गोल्फ सुविधाएं भी हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs. – 1050000
SCHOOL STRENGTH600 students
TEACHER STUDENT RATIO1:23
AVERAGE CLASS STRENGTH30 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESSMall Road, Krishna Nagar, Dehradun, UK-248003 India

9. Bombay Scottish School, Mumbai

Top 10 Best Schools in India

मुंबई का बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल 2022 में भारत के शीर्ष 10 बेहतरीन स्कूलों की हमारी रैंकिंग में नौवें नंबर पर आता है। स्कूल की स्थापना 1847 में हुई थी और यह मुंबई में स्थित है। यह एक निजी, दिन, सह-शिक्षा विद्यालय है जो सीबीएसई से संबद्ध है।

स्कूल केजी से बारहवीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान करता है, और यह द एडवांस प्लेसमेंट प्रोग्राम भी प्रदान करता है जो यूएस में कॉलेज बोर्ड के अनुसार है। कैम्पस खुले हरे चरागाहों के बीच स्थित है जो बच्चों को एक शांत और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण में सीखने के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करता है।

इसके परिसर में एक आधुनिक बुनियादी ढांचा है और इसमें अच्छी तरह से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, विशाल कक्षाएं, प्रदर्शन कला के लिए एक आधुनिक केंद्र, कला, संगीत, नृत्य, नाटक, योग और कई अन्य सुविधाओं के लिए विशेष गतिविधि कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इसमें दो पुस्तकालय हैं, एक में 20000 से अधिक पुस्तकें हैं और दूसरी थोड़ी छोटी है, जो वरिष्ठ छात्रों के लिए सुलभ है। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है

School details

FEE STRUCTURERs. – 80000
SCHOOL STRENGTH3200 students
TEACHER STUDENT RATIO1:26
AVERAGE CLASS STRENGTH35 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESS153, Swatantrya Veer Savarkar Marg, Mahim West, Mumbai-400016 India

10. The Shri Ram School, Gurgaon

Top 10 Best Schools in India

गुड़गांव में श्री राम स्कूल 2022 के लिए भारत के शीर्ष 10 बेहतरीन स्कूलों की हमारी रैंकिंग में तीसरे स्थान पर आता है। स्कूल ने पहली बार 1994 में अपने दरवाजे खोले। यह एक स्वतंत्र सह-शिक्षा विद्यालय है जो बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करता है।

राजधानी शहर में स्थित, श्री राम स्कूल 4 उत्कृष्ट स्कूलों का समूह है। इसे विश्व स्तरीय शिक्षण सुविधाओं के साथ भारत के शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में माना जाता है। यह सह-शिक्षा दिवस स्कूल वर्ष 1994 में स्थापित किया गया था। यह नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक के छात्रों को स्कूली शिक्षा प्रदान करता है।

स्कूल बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करके छात्रों की क्षमताओं को ढालता है। स्कूल में खेल सुविधाएं, एक कैफेटेरिया, एक पुस्तकालय आदि भी हैं। शैक्षिक यात्राएं भी नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाता है। कुछ प्रयोगशालाएं और एसी कक्षाएं प्रदान की जाती हैं। स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने के लिए छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार भोजन की पेशकश की जाती है।

School details

FEE STRUCTURERs. – 200000
SCHOOL STRENGTH1000 students
TEACHER STUDENT RATIO1:13
AVERAGE CLASS STRENGTH30 students
INDOOR SPORTSCarrom Board, Chess, table tennis, badminton
OUTDOOR SPORTSLawn tennis, cricket, soccer, swimming
ADDRESSV-37, Moulsari Avenue, Phase III, Gurugram- 122010 India

ISRO Scientists salary जानिए कितना कमाते हैं हमारे देश के साइंटिस्ट्स

ISRO Scientists salary की जानकारी in Hindi

क्या आपके दिमाग में कभी आया की आखिर हमारे ISRO (Indian Space Research Organization) के Scientists कितना कमाते हैं, उनकी सैलरी क्या है? Chandrayan जैसे कई राकेट बनाने वाला ISRO दुनिया में 5 सबसे बड़ी space agencies में से एक है, और यहाँ देश के बड़े बड़े साइंटिस्ट्स काम करते हैं.

देश के सबसे बड़े अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO का एक हिस्सा होने के नाते, यह बहुत गर्व का विषय है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन से जुड़े वैज्ञानिक और तकनीशियन राष्ट्र के विकास में बहौत बड़ा योगदान देते हैं.

Kalpana Chawla के स्पेस में जाने के बाद अब लगभग भारत का हर नवजवान और बच्चा साइंटिस्ट्स बनने का सपना देखता है, बहौत से लोग इसमें सफल भी होते हैं.

ISRO Scientists salary

निश्चित रूप से, हाल के इतिहास में सफलता के चौंका देने के बाद, हर कोई सोचता है कि इसरो के वैज्ञानिकों को अपनी मेहनत को सही ठहराने के लिए आकर्षक पैकेज और मोटी तनख्वाह मिलती है।

ISRO फिलहाल दुनिया की टॉप फाइव स्पेस एजेंसीज में शामिल है. स्वाभाविक है कि उसकी नौकरी, सुविधाएं और कामकाजी माहौल को लेकर भी तमाम जिज्ञासाएं और सवाल हाल के दिनों में उपजे हैं.

ISRO Scientists होना है गर्व की बात

कहीं और काम करने की तरह, यह कर्मचारी और भाग्य पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर, मुझे लगता है कि इसरो में काम करना अच्छा लगता है। यह मानते हुए कि आप कुछ अवांछनीय विभाजन में समाप्त नहीं हुए हैं, काम आम तौर पर अच्छा है।

हम अन्य सेवाओं की तरह स्थानांतरित नहीं होते हैं, वास्तव में, हम केवल इसके लिए अनुरोध करने पर स्थानांतरण प्राप्त करते हैं। मैं बैंगलोर में काम करता हूं, इसलिए मैं श्रीहरिकोटा और महेंद्रगिरी जैसे दूरस्थ स्थानों से काम करने वालों के लिए बात नहीं कर सकता।

बेशक डिजाइनिंग और लांच-व्हीकल-सेटेलाइट पर काम करने वाले डिपार्टमेंट मुख्य भूमिका में होते हैं लेकिन बाकि डिपार्टमेंट उनके सपोर्टिंग ग्रुप के तौर पर काम करते हैं. अलग तरह से भूमिकाओं को अंजाम देते हैं. पक्का मानिए कि इसरो का सेलेक्शन प्रोसेस आसान तो कतई नहीं है.

ISRO Scientists salary

ISRO Scientists salary

शुरुआत में जब आप इसरो में ज्वाइन करते हैं तो एक नए साइंटिस्ट की सेलरी और परिलब्धियां वाकई आकर्षक होती हैं लेकिन बाद में ग्रेड इंक्रीमेंट बहुत आकर्षक नहीं होते. प्रोमोशन टाइम बाउंड हैं. प्रोमोशन में आगे बढना आसान नहीं होता, ये काफी कंपटीटीव है.

ISRO के वैज्ञानिक विभिन्न भूमिकाएँ निभाते हैं। ग्लोबल जॉब्स वेबसाइट, Indeed, के अनुसार, अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में काम करने वाले लोग औसत वार्षिक वेतन 1.5 लाख रुपये से लेकर 6.1 लाख लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यह डेटा वस्तुतः कर्मचारियों द्वारा गुमनाम रूप से प्रस्तुत मजदूरी पर आधारित है, और पिछले तीन वर्षों में नौकरियों के पोर्टल पर पिछले और वर्तमान विज्ञापनों से।

एक सिविल इंजीनियर, उदाहरण के लिए, डिजाइन व्यावहारिकता के लिए चित्र और मानचित्र का विश्लेषण करता है, और प्रति वर्ष रु 2.20 लाख और रु 6.12 लाख के बीच कमा सकता है।

ISRO Scientists salary

फिटर, एक अंतरिक्ष अनुसंधान टीम में, ब्लूप्रिंट का अध्ययन करता है और उपकरणों के कुछ हिस्सों को बनाने और इकट्ठा करने में मदद करता है। वह प्रति वर्ष रु 1.53 लाख और रु 4.08 लाख के बीच कहीं भी जा सकती है।

ISRO में है बहौत अच्छा माहौल

बहौत अच्छे माहौल के साथ सुविधाओं की बात करें यहां कैंटीन खासी सस्ती है. आवास और परिवहन सुविधाएं हैं. बच्चों की पढाई मुफ्त है. हेल्थ कवर और छुट्टियां बेहतर हैं. यानि कहा जा सकता है कि ये ऐसी जगह है जहां कामकाज के बाद आपके पास परिवार के लिए भी काफी समय है.

हफ्ते में पांच दिनों की वर्किंग है और दो दिन का सप्ताहांत. यहां कोई काम ऐसा नहीं , जो आपको घर ले जाकर करना हो. आफिस में मोबाइल साथ ले जाने की अनुमति नहीं होती. हां, जरूरी नहीं कि हर कोई वर्किंग आवर्स के समय का कडाई से पालन करे, वो उसे अपनी तरह से एडजस्ट कर सकते हैं.

ऐसे प्राप्त करें यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया का ATM पिन कोड – बैंक जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी

Self Generate Union Bank Of India ATM Pin Code : यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के ऐसे खाताधारक जिन्होंने अभी हाल ही में नया एटीएम प्राप्त किया है उनके लिए जरुरी है की पूरी पोस्ट को पढ़ें और दिए हुए निर्देशों का पालन करें । यहाँ पर हम आपको एटीएम पिन (चार अंकों का सुरक्षा कोड) प्राप्त करने की प्रक्रिया बताएँगे आपको एटीएम पिन कोड प्राप्त करने के लिए बैंक जाने की जरुरत नहीं होगी ।

Union Bank Of India Balance Inquiry and Toll Free Numbers

IVR के माध्यम से स्वतः ही एटीएम पिन कैसे जेनरेट करें 

इस सुविधा के माध्यम से आप अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर्स से यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया कस्टमर केयर में कॉल कर IVR के माध्यम से अपने एटीएम का पिन कोड जेनरेट या प्राप्त कर सकते हैं |

IVR के द्वारा एटीएम पिन प्राप्त करने के लिए आपको दो चरणों (STEPS) का पालन करना होगा ।

STEP 1 :

  • अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से UBI Toll-Free नंबर्स 1800 22 22 44 या 1800 208 2244 या इन नम्बरों  022-25751500 / 25719600 ( chargeable) पर कॉल करें |
  • IVR निर्देशों को ध्यान से सुने और अपनी सुविधानुसार भाषा का चयन करें ।
  • डेबिट कार्ड की जानकारी के लिए विकल्प 2 का चयन करें ।
  • एटीएम पिन रजिस्ट्रेशन के लिए विकल्प 4 का चयन करें ।
  • अब अपने 16 अंकों के एटीएम नंबर (डेबिट कार्ड नंबर ) को दर्ज करें ।
  • अब अपने एटीएम कार्ड की वैधता अवधि MMYY (ex: 1117) फॉर्मेट में दर्ज करें (एटीएम वैधता अवधि या Expiry Date एटीएम कार्ड नंबर के नीचे दी जाती है )
  • अब आप अपना 15 अंकों का खाता क्रमांक एंटर करें खाता क्रमांक देखने के लिए पासबुक का प्रयोग करें।
  • अब अपना जन्म दिनांक (date of birth) DDMMYYYY फॉर्मेट में दर्ज करें मान लीजिये आपकाजन्म दिनांक 7 जनवरी 1998 हो तो उसे 07011998 फॉर्मेट में दर्ज करें

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलता पूर्वक पूरी हो जाने पर 8 अंकों की ट्रैकर आई डी (Tracker ID ) पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से आपको मिल जाएगी।

STEP 2 :

  • ट्रैकर आई डी प्राप्त होने के बाद फिर से में टोल फ्री नंबर पर कॉल करें|
  • एटीएम पिन जेनेरेट करने के लिए विकल्प 5 का चयन करें|
  • अब अपने 16 अंकों के एटीएम नंबर (डेबिट कार्ड नंबर ) को दर्ज करें ।
  • आपके एटीएम के पीछे लिखा हुआ 3 अंकों का CVV कोड एंटर करें|
  • अब मैसेज द्वारा प्राप्त 8 अंकों की ट्रैकर आई डी नंबर दर्ज करें।
  • अब अपनी स्वेक्षानुसार 4 अंकों का एटीएम पिन कोड एंटर करे ।
  • कन्फर्मेशन के लिए फिर से वही 4 अंकों का पिन कोड एंटर करें|
  • अब IVR के द्वारा आपको सूचित किया जायेगा की आपका एटीएम पिन कोड सफलता पूर्वक जेनरेट किया जा चुका है
  • अब आप बिना किसी परेशानी के अपने एटीएम का प्रयोग लेनदेन में कर सकते हैं

Happy Vishwakarma Jayanti 2022: Wishes, Images, Quotes, Whatsapp messages, status, and photos

Happy Vishwakarma Jayanti 2022:-

Happy Vishwakarma Jayanti- हिंदू धर्म के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना गया है | विश्वकर्मा जयंती के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है | इस दिन फैक्ट्री और कारखानों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा होती है | कहा जाता है कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था | इस साल विश्वकर्मा जयंती (Vishwakarma Jayanti), 17 सितंबर को मनाई जाएगी | इसी दिन कन्या संक्रांति भी मनाई जाती है | धार्मिक मान्यता है कि इस भगवान विश्वकर्मा की विधिवत्त पूजा-अर्चना करने से व्यापार में बढ़ोतरी होती है और व्यक्ति खूब तरक्की करता है |

धार्मिक मान्यता के अनुसार, विश्वकर्मा जयंती हर साल कन्या संक्रांति के दिन मनाई जाती है | इस दिन सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं | भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर और वास्तुकार कहा जाता है | धार्मिक मान्यता है कि इन्होंने ही इंद्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्वर्गलोक, लंका, जगन्नाथपुरी, भगवान शंकर का त्रिशुल, विष्णु का सुदर्शन चक्र का निर्माण किया था | माना जाता है कि विश्वकर्मा वास्तु देव के पुत्र हैं |

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा की विधिवत्त पूजा-अर्चना करने से व्यापार में बढ़ोतरी होती है और मुनाफा होता है | विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर माना जाता है | उन्होंने ही ब्रह्मा जी के साथ मिलकर सृष्टि रचाई थी | पौराणिक कथाओं के अनुसार विश्वकर्मा भगवान ने ही देवताओं के लिए अस्त्र, शस्त्र, भवनों और मंदिरों का निर्माण किया था | बता दें कि विश्वकर्मा भगवान की पूजा सभी कलाकारों, शिल्पकारों और औद्योगिक घरानों से जुड़े लोग करते हैं |

Happy Vishwakarma Jayanti Wishes, Quotes, Whatsapp messages, status in Hindi:-

विश्वकर्मा बाबा की करो हमेशा जयकार, करते है सदा सब पर उपकार,
इनकी लीला है सबसे न्यारी, हे विश्वकर्मा बाबा अर्ज़ सुनो हमारी।
जय विश्वकर्मा जयंती।

हे बाबा तुम हो जगत के पालन करता, हमारे हो तुम दुःख हारता,
हर पल हम नाम तुम्हारे जपते, हमारे हर मुश्किल को दूर करते तुम।
जय बाबा विश्वकर्मा।

बाबा तुम हो सकल सृष्टि करता-धर्ता, ज्ञान सत्य जगत हित धर्ता,
तुम्हारी दृष्टि से नूर है बरसते, आपके दर्शन को हम भक्त तरसते।
जय विश्वकर्मा जयंती।

विश्वकर्मा बाबा का नाम जब हम लेते हैं, तब दिल को हमारे सुकून मिलता है,
जय-जय श्री विश्वकर्मा बाबा, कृपा करे गुरु देव सुधर्मा।
जय बाबा विश्वकर्मा।

विश्वकर्मा जयंती की जय-जयकार, कर रहे भक्त गण दिल से पुकार,
हो जाये जब दर्शन बाबा तुम्हारे, कर दो दुःख दूर अब हमारे।
जय विश्वकर्मा जयंती।

बाबा इस दुनिया में छाई है, आपकी अनेक सुंदर रचना,
सुख और दुःख में हम, नाम आपका हरदम जपना।
जय बाबा विश्वकर्मा।

अब तो दरस दिखा दे बाबा, नयन मेरे तरसे अब तो,
जो देखूं छवि आपकी मनभावन, हो जाये जीवन मेरा फिर पावन।
जय विश्वकर्मा जयंती।

श्रीलपाचार्य परम उपकारी, भुवन पुत्र नाम गुणकारी,
अष्टम बसु सूत नगर, श्रीलप ज्ञान जग कीआवु उजागर।
जय बाबा विश्वकर्मा।

विश्वकर्मा की ज्योति से नूर मिलता है सबको, दिलों का सुरूर मिलता है सबको।
जोभी नाम लेता है विश्वकर्मा का कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है।।
हैप्पी विश्वकर्मा जयंती।

Happy Vishwakarma Jayanti Wishes, Quotes, messages, status in English:-

Hoping that this Vishwakarma Puja will be the start of the year that brings the happiness Dat Lord Vishwakarma fills your home with prosperity & fortune Best wishes on Vishwakarma Puja

Wishing All of You a Very Happy Vishwakarma Pooja
Jai jai shri Vishwakarma bhagwana
Jai jai shri vishweshwar krupa nidhaana
Happy Vishwakarma day 2 u !!!

The creator of machine & tools is known to all, let’s pray & say loudly “sri sri Vishwakarma Baba ki jai” Wish you a happy celebration of Vishwakarma Puja.

Jai jai shri Bhuvna Vishwakarma
Krupa kare shri Gurudev Sudharma
Shriv Aru Vishwakarma mahi
Vigyaani kahe antar nahi
Happy Vishwakarma Jayanti !!

Lord Vishwakarma is the divine craftsman, sculptor, architect & engineer of the Gods and also the creator of the universe. May Lord Vishwakarma always be with you. Happy Vishwakarma Jyanti

May Lord Vishwakarma Bless you and your family with peace and happiness; I wish you a warm, and happy Vishwakarma Day!

On this auspicious day, May you be blessed with skill and creativity. Happy Vishwakarma Day.

This Vishwakarma Day will be the start of the year that brings the happiness in your life, I pray to Lord Vishwakarma that he fill your home with prosperity and fortune.

May lord Vishwakarma crafts your life divinely sculpts it to perfection and engineers it to function smoothly. Happy Vishwakarma Puja.

Let’s worship Lord Vishwakarma on this auspicious day and pray for better future safe working conditions and success. Happy Vishwakarma Puja.

MP e-District से आय प्रमाण पत्र कैसे निकालें

MP e-District से आय प्रमाण पत्र कैसे निकालें, Madhya Pradesh Income Certificate Download Process: नमस्कार दोस्तों www.enterhindi.com में आपका स्वागत है जैसे आप सभी जानते हैं मध्य प्रदेश जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र को ऑनलाइन कर दिया गया है ।

आय व् निवास प्रमाण पत्र आप किसी भी MP ONLINE सेंटर के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं एवं जाति प्रमाण पत्र को लोकसेवा के मध्य से अप्लाई किया जा सकता है।

जिसके बाद प्राप्त पावती नंबर से ऑनलाइन स्टेटस भी चेक किया जा सकता है स्टेटस के साथ साथ DISPOSED होने पर आय,जाति व् निवास को डाउनलोड भी क्या जा सकता है जिसकी जानकारी नीचे दी जा रही है । यदि आपके आय प्रमाण पत्र की मूल प्रति खो जाती है तब भी आप केवल रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से आय प्रमाण पत्र को डाउनलोड कर सकते हैं |

MP e-District से आय प्रमाण पत्र कैसे निकालें

STEP 1: मध्य प्रदेश में आय प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन MP e-District के माध्यम से किया जाता है इसलिए आवेदन की स्थिति जानने के लिए की आधिकारिक वेबसाइट http://www.mpedistrict.gov.in/index.aspx पर जाना होगा । पोर्टल के होम पेज पर MP e-District का विकल्प चुने जैसा की नीचे स्क्रीन शॉट में दिखाया गया है|

MP Income Certificate kaise nikale

STEP 2: अब आप सिटीजन अनुभाग में आवेदन की स्थिति विकल्प का चयन करते हुए आय प्रमाण पत्र की पावती में दिए हुए रजिस्ट्रेशन नंबर,और सुरक्षा कोड को एंटर करें और सर्च बटन पर क्लिक करें ।

MP e-District से  MP आय प्रमाण पत्र कैसे निकालें

STEP 3: अब आप Application Status देखें यदि स्टेटस में Pending दिखा रहा है इसका मतलब आपका आवेदन अभी प्रक्रिया में है और यदि Disposed दिखा रहा है तो आप view लिंक में क्लिक करें

MP e-District से आय प्रमाण पत्र कैसे निकालें

STEP 4: अब आप 4 बटन में क्लिक करके अपना प्रमाण पत्र देख सकते हैं साथ ही प्रिंट भी ले सकते हैं ।

MP e-District से आय प्रमाण पत्र कैसे निकालें Video-

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चीन क्रिकेट क्यों नहीं खेलता? यहाँ जाने Why China doesn’t play cricket

हेलो दोस्तों, जब भी आप चीन में खेलों के बारे में सुनते हैं तो आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा आखिर चीन क्रिकेट क्यों नहीं खेलता? जहां तक ​​भारत का संबंध है, हम सभी जानते हैं कि यहां क्रिकेट बहुत लोकप्रिय खेल है। भारत के कई पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान में भी क्रिकेट के दीवाने हैं। लेकिन भारत एक पड़ोसी देश चीन है जो तकनीक के मामले में काफी आगे है लेकिन क्रिकेट में भी उतना ही पीछे है।

हालाँकि, चीन भी पिछले कुछ वर्षों से क्रिकेट में दिलचस्पी दिखा रहा है। इसके लिए उन्होंने अपनी क्रिकेट टीम भी बनाई है लेकिन अब तक उन्हें उतनी सफलता नहीं मिली है। ऐसा नहीं है कि चीन को खेलों में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन क्रिकेट को छोड़कर चीन अन्य खेलों में बहुत अच्छा कर रहा है।

दुनिया के किसी भी देश में जब भी ग्लोबल लेवल के खेल होते हैं तो चीन उसमें हिस्सा लेता है और उसके खिलाड़ी मेडल भी जीतते हैं। चीन का नाम सबसे ज्यादा खेलों में टॉप 10 देशों में है, लेकिन इन सबके बावजूद अगर चीन क्रिकेट नहीं खेलता है तो इसके पीछे क्या कारण हैं।

चीन क्रिकेट

चीन क्रिकेट क्यों नहीं खेलता?

दरअसल चीन में क्रिकेट न खेलने के कई कारण हैं, यहां हम आपको कुछ मुख्य कारण बताने जा रहे हैं। चीन हमेशा से ओलंपिक का समर्थक रहा है क्योंकि यह एक ऐसा टूर्नामेंट है। जिसमें दुनिया के ज्यादातर देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।

ओलंपिक में होने वाले खेलों के लिए चीन भी काफी मेहनत करता है, यही वजह है कि चीनी खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में काफी मेडल जीतते हैं। चूंकि क्रिकेट ओलंपिक का हिस्सा नहीं है, इसलिए चीन क्रिकेट के खेल को ज्यादा महत्व नहीं देता है।

चीन का राष्ट्रीय खेल टेबल टेनिस है जिसमें वह बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इसके अलावा बैडमिंटन को चीन में भी काफी पसंद किया जाता है। चीन खेलों के जरिए दुनिया भर में अपनी पहचान बनाना चाहता है। चीन उन खेलों पर फोकस कर रहा है जो दुनिया के ज्यादातर देशों में खेले जाते हैं। आइये हम आपको नीचे कुछ कारण बताते हैं जिनसे आपके लिए समझना आसान होगा।

कारण-1

चीन ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक खेल पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है। चीनी लोगों को हमेशा से ही क्रिकेट खेलों की तुलना में ओलंपिक में खेलने के लिए अधिक प्रोत्साहित किया गया है। ऐसा लगता है कि चीन भारत के विपरीत, क्रिकेट जैसे एकल-खिलाड़ी खेल पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, एक ऑलराउंडर ओलंपिक देश होने की अपनी छवि को जारी रखना चाहता है।

कारण-2

अधिकांश देश जो या तो क्रिकेट खेलते हैं या क्रिकेट के शौकीन हैं, या तो अतीत में अंग्रेजों द्वारा उपनिवेश बनाए गए थे या किसी न किसी तरह से इससे जुड़े हुए हैं। सबसे बड़े उदाहरणों में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं जिनके इतिहास ने अंग्रेजों के आने तक क्रिकेट के बारे में कभी नहीं सुना। दूसरी ओर, चीन कभी भी अंग्रेजों का उपनिवेश नहीं रहा है, जो हमें एक और कारण देता है कि क्रिकेट इतना लोकप्रिय क्यों नहीं है।

कारण-3

ओलंपिक के अलावा चीन में और भी कई खेल हैं जो देश में खेल भावना पर हावी हैं। बास्केटबॉल और फ़ुटबॉल चीनियों के बीच सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक होने के अलावा, कई अन्य स्थानीय खेल हैं जो चीनी द्वारा अधिमानतः खेले जाते हैं। इसके अलावा, बैडमिंटन और टेबल टेनिस को उनके फायदे के कारण चीन में सबसे अच्छा खेल माना जाता है। यह एक और कारण बन जाता है कि चीनियों ने कभी क्रिकेट के खेल में जाने या आजमाने के बारे में सोचा भी नहीं। जैसे हम भारतीयों को क्रिकेट और फुटबॉल के अलावा किसी और खेल पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

कारण-4

भारत, पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसे देशों में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल हो सकता है। हालाँकि, जब आप वैश्विक स्तर पर बड़ी तस्वीर देखते हैं तो यह पसंदीदा खेल नहीं है। जी हां, क्रिकेट भी वैश्विक खेलों की सूची में शामिल नहीं है। कुछ देशों को छोड़कर क्रिकेट इतनी बड़ी सनसनी नहीं है। शायद इसीलिए चीनियों ने खेल को आजमाने में दिलचस्पी लेने की जरूरत महसूस ही नहीं की।

निष्कर्ष –

दोस्तों अब हम जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर चीनी टीम क्यों नहीं है। हालांकि, एक चीनी राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है जो अन्य क्रिकेट टीमों के साथ छोटे टूर्नामेंट खेलती है। चीनी क्रिकेट संघ 2004 में आईसीसी का सदस्य बना, लेकिन अभी तक एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी या विश्व कप जैसे बड़े पैमाने पर मैच नहीं खेला है। दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

Top 10 Best Engineering Colleges in Madhya Pradesh Latest List

Top 10 Best Engineering Colleges in Madhya Pradesh

मध्य प्रदेश भारत के प्रसिद्ध राज्यों में से एक है और इसे ‘भारत का दिल (Heart f India)’ के रूप में जाना जाता है | यह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपनी शिक्षा के लिए जाना जाता है | मध्य प्रदेश में कई प्रतिष्ठित शीर्ष 10 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जैसे IIT और कई अन्य जो उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करते हैं | हाल के वर्षों में मध्य प्रदेश भारत में सबसे अच्छा शैक्षिक केंद्र बन गया है, हाल के वर्षों में बहुत सारे इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं और उनमें से कुछ भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेज हैं | इस लेख में, आप मध्य प्रदेश में शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों की नवीनतम सूची जानेंगे |

Top 10 Best Engineering Colleges in Madhya Pradesh Latest List

1. IIT Indore – Indian Institute of Technology

Best Engineering Colleges in Madhya Pradesh

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर सबसे लोकप्रिय संस्थानों में से एक है जिसकी स्थापना वर्ष 2009 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा की गई थी। IIT इंदौर विभिन्न पाठ्यक्रम प्रदान करता है जैसे कि 4 साल का बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी 2 साल का मास्टर ऑफ साइंस आदि। संस्थान इंदौर के शीर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है जो अपने परिसर में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है।

2. MANIT Bhopal – Maulana Azad National Institute of Technology

Best Engineering Colleges in Madhya Pradesh

मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल (एमएएनआईटी भोपाल) इंजीनियरिंग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए उच्च शिक्षा का सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित प्रमुख संस्थान है और इसकी स्थापना 1960 के वर्ष में की गई थी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार से पूर्ण वित्त पोषण सहायता के साथ राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में भारत की संसद के एनआईटी अधिनियम 2007 (संशोधित 2012) के तहत स्थापित कॉलेज

3. IIITDM Jabalpur – PDPM Indian Institute of Information Technology Design and Manufacturing

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी डिजाइन और विनिर्माण संस्थान जबलपुर (IIITDM जबलपुर) मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित IIIT संस्थान में से एक है | इसे पंडित द्वारका प्रसाद मिश्रा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, डिजाइन और विनिर्माण संस्थान के रूप में भी जाना जाता है और इसकी स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी |

4. IIITM Gwalior – Atal Bihari Vajpayee Indian Institute of Information Technology and Management

Best Engineering Colleges in Madhya Pradesh

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी और प्रबंधन संस्थान (ABV IIITM ग्वालियर) की स्थापना वर्ष 1997 में सरकार द्वारा की गई थी। भारत की। ABV IIITM ग्वालियर ग्वालियर किले के पास 160 एकड़ (0.65 किमी 2) के परिसर में स्थित है। संस्थान विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है। 2017 में, संस्थान ने एक बी.टेक सीएसई कार्यक्रम खोला जो इसका पहला स्नातक पाठ्यक्रम है |

5. Amity University Gwalior

एमिटी यूनिवर्सिटी ग्वालियर मध्य प्रदेश के लोकप्रिय निजी संस्थानों में से एक है | कॉलेज की स्थापना वर्ष 2010 में मध्य प्रदेश राज्य के ग्वालियर में हुई थी | यह विभिन्न पूर्णकालिक यूजी, एकीकृत, पीजी, एम.फिल प्रदान करता है | और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा अनुमोदित पीएचडी पाठ्यक्रम | Amity University Gwalior उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के साथ अच्छी तरह से योग्य और समर्पित सहायक कर्मचारी प्रदान करता है |

6.SGSITS Indore – Shri Govindram Seksaria Institute of Technology and Science:-

SGSITS, Indore

श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी और विज्ञान संस्थान (SGSITS), 1952 में स्थापित एक निजी स्वायत्त संस्थान है | इसे SGSITS इंदौर के नाम से भी जाना जाता है | विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने वर्ष 1989 में कॉलेज को स्वायत्त घोषित किया | यह संस्थान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल से संबद्ध है | कॉलेज का कैंपस 35 एकड़ में फैला हुआ है | SGSITS इंदौर में 109 संकाय सदस्य हैं और 3890 छात्र इसके द्वारा प्रस्तावित विभिन्न कार्यक्रमों में नामांकित हैं | NIRF इंजीनियरिंग रैंकिंग 2021 में कॉलेज को 181वां स्थान मिला है |

7. Lakshmi Narain College of Technology, Bhopal

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लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल (पूर्व में एलएनसीटी) मध्य प्रदेश के पहले निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। यह देश भर के मेधावी युवा छात्रों को आकर्षित करने के लिए 1993 में स्थापित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज है। इसकी स्थापना कलचुरी एजुकेशनल ट्रस्ट, भोपाल द्वारा की गई थी |

8. Rabindranath Tagore University, Raisen

रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU), रायसेन की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी | विश्वविद्यालय को पहले AISECT विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता था | रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, रायसेन एक निजी विश्वविद्यालय है और UGC द्वारा मान्यता प्राप्त है | विश्वविद्यालय परिसर 50 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है | इंजीनियरिंग श्रेणी के लिए NIRF Ranking 2021 में विश्वविद्यालय को 186 वें स्थान पर रखा गया है | रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, रायसेन को नैक द्वारा मान्यता प्रदान की गई है |

9. Devi Ahilya Vishwavidyalaya, Indore

DAVV Indore

1964 में स्थापित, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को पहले इंदौर विश्वविद्यालय के रूप में जाना जाता था | विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा ‘ए +’ ग्रेड के साथ मान्यता प्राप्त है | 220 से अधिक कॉलेज हैं जो DAVV Indore से संबद्ध हैं | विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा मान्यता प्राप्त है |

10. TIT Bhopal – Technocrats Institute of Technology

टेक्नोक्रेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (TIT) की स्थापना 1999 में हुई थी | यह राजीव गांधी प्रौदयोगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध एक निजी स्वामित्व वाला सह-शिक्षा संस्थान है | संस्थान राष्ट्रीय प्रत्यायन निकाय (NBA) द्वारा मान्यता प्राप्त है और टीआईटी द्वारा पेश किए जाने वाले सभी पाठ्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा अनुमोदित हैं |

निष्कर्ष –

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को मध्यप्रदेश के सबसे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज के बारे में पता चल गया होगा और साथ ही इन कॉलेज की कुछ ख़ास बातो के बारे में जानकारी मिल पाई होगी। दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

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हेलो दोस्तों , आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से दिल्ली के सबसे अच्छे घूमने वाले स्थानों के बारे में जानेगे तो बने रहिये हमारे साथ। दिल्ली भारत की राजधानी है और देश की धड़कन मानी जाती है। यह शहर कई प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों का घर है और समय के साथ बढ़ता रहता है।

धार्मिक विविधता, साथ ही मुगलों, प्राचीन भारतीयों और अंग्रेजों के सांस्कृतिक प्रभाव, सभी को शहर में देखा जा सकता है। शहर में कई अद्भुत उद्यान हैं जो प्रदूषण और व्यस्त शहरी जीवन से दूर प्रकृति के बीच इत्मीनान से चलने का अवसर देते हैं। सभी उम्र के लोग इसका आनंद ले सकते हैं क्योंकि इसमें सभी के हितों के लिए कुछ न कुछ है। इस खूबसूरत जगह की यात्रा करने का कोई सही समय नहीं है, हालांकि, अक्टूबर से मार्च के महीने पर्यटकों के लिए आदर्श माने जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस समय मौसम सुहावना होता है।

Top 10 visiting places in Delhi 2022

1. Akshardham Temple

Best Visiting places in Delhi

नई दिल्ली का स्वामीनारायण अक्षरधाम नोएडा सीमा के पास एक हिंदू मंदिर है। अक्षरधाम मंदिर, जिसे स्वामीनारायण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। यह भारत के सबसे महान हिंदू मंदिर परिसरों में से एक होने के लिए भी जाना जाता है, और इस वास्तुशिल्प चमत्कार के निर्माण में पांच साल लगे।

मंदिर के मैदान में पालतू जानवरों को स्वीकार नहीं किया जाता है। मंदिर में सेल फोन, कैमरा और वीडियो कैमरा जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान की अनुमति नहीं है। मंदिर खुलने का समय  सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 बजे तक है मंदिर में आरती शाम 6:00 बजे की जाती है।

2. Red Fort

लाल किला दिल्ली, भारत में एक ऐतिहासिक किला है, जो कभी मुगल सम्राटों के प्राथमिक निवास के रूप में कार्य करता था। लाल किला दिल्ली में शीर्ष 10 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के रूप में जाना जाता है, जो दुनिया के सबसे भव्य महलों में से एक है, इसका नाम उस लाल पत्थर के नाम पर रखा गया है जिसके साथ इसे बनाया गया है। 1647 के उद्घाटन के लिए, महल के मुख्य कमरों को समृद्ध टेपेस्ट्री में लपेटा गया था और चीन से रेशम और तुर्की से मखमल से ढका हुआ था।

3. India Gate

इंडिया गेट, शहर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए 80,000 से अधिक भारतीय सैनिकों को समर्पित एक स्मारक है। स्मारक 42 मीटर ऊंचा मेहराब है जिसका निर्माण प्रसिद्ध द्वारा किया गया था। ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस। अखिल भारतीय युद्ध स्मारक को इंडिया गेट कहा जाता है। सप्ताह के प्रत्येक दिन, स्मारक खुला रहता है। हालाँकि, इंडिया गेट जाने का सही समय शाम 7:00 से 9:30 बजे के बीच है।

4. Hauz Khas

हौज खास दिल्ली के सबसे भव्य बाजारों में से एक है। हौज खास मार्केट अपने विविध प्रकार के कैफे और भोजनालयों के लिए प्रसिद्ध है। हैंगआउट स्पॉट के अलावा, यह कई प्रमुख कपड़ों के ब्रांड स्टोर प्रदान करता है, जो सभी अपने विशाल परिधान संग्रह के लिए जाने जाते हैं। हौज खास दक्षिण दिल्ली की सबसे अच्छी लग्जरी कॉलोनियों में से एक है। यह केंद्र में स्थित है, शांतिपूर्ण है, जिसमें भरपूर हरियाली है, जो इसे एक अद्भुत क्षेत्र बनाता है।

5. Connaught Place

कनॉट प्लेस की जॉर्जियाई शैली की वास्तुकला प्रसिद्ध है। क्षेत्र के विशाल पैमाने और स्थापत्य चरित्र ने इसे अन्य इमारतों से अलग कर दिया। संरचना को दो संकेंद्रित वृत्तों में विभाजित किया गया है, जिसमें सात सड़कें बाहरी और आंतरिक मंडलियों को जोड़ती हैं। इस क्षेत्र में बहुत सारे रेस्तरां हैं।

कनॉट प्लेस में रात का खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। दिल्ली का मुख्य बाजार, सीपी, पिस्सू बाजारों और फैंसी दुकानों के मिश्रण के साथ शहर भर के खरीदारों को आकर्षित करता है। सीपी कई स्थानीय बाजारों के भी करीब है, जिसमें शंकर मार्केट और गोल मार्केट शामिल हैं।

6. ISKCON Temple

इस्कॉन दिल्ली मंदिर , जिसे श्री श्री राधा पार्थसारथी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, राधा पार्थसारथी के रूप में भगवान कृष्ण और राधारानी को समर्पित एक प्रसिद्ध वैष्णव मंदिर है। भारत के पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज के साथ मिलकर 5 अप्रैल, 1998 को मंदिर का उद्घाटन किया।

7. Qutub Minar

कुतुब मीनार  एक 73 मीटर ऊंचा टॉवर है जिसका निर्माण 1193 में कुतुब-उद-दीन ऐबक द्वारा किया गया था। दिल्ली के अंतिम हिंदू शासक की हार के बाद, शहर में मुस्लिम प्रभुत्व का सम्मान करने के लिए टॉवर का निर्माण किया गया था। पांच मंजिलों और प्रक्षेपित बालकनियों के साथ, यह टॉवर भारत की सबसे ऊंची संरचना है।

अफगानिस्तान में जाम की मीनार ने कुतुब मीनार को प्रेरित किया, जो प्रारंभिक अफगान वास्तुकला का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है जो जल्द ही भारत-इस्लामी वास्तुकला में विकसित हुआ। कुतुब मीनार दुनिया की सबसे ऊंची ईंट से बनी मीनार है, जिसकी ऊंचाई 72.5 मीटर (239 फीट) है।

8. Humayun’s Tomb

हुमायूँ का मकबरा भारत की मुगल वास्तुकला का पहला रूप है, और कहा जाता है कि इसने ताजमहल की इमारत को प्रेरित किया। यह अपनी अनूठी फ़ारसी वास्तुकला और देश का पहला उद्यान मकबरा होने के लिए भी जाना जाता है।

यह निर्माण अपनी अनूठी शैली के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि यह बाहर की तरफ अष्टकोणीय है लेकिन अंदर से चौकोर है इसकी छत को चित्रित और कटे हुए प्लास्टर से सजाया गया है इसमें एक उच्च गर्दन वाला गुंबद है और इसमें दोहरे गुंबद की विशेषता का अभाव है जो उस समय की कब्रों के लिए सामान्य है, और इसमें एक उच्च गर्दन वाला गुंबद है।

9. Lotus Temple

लोटस टेम्पल दिल्ली, भारत में पूजा का एक बहा हाउस है, जिसे दिसंबर 1986 में स्थापित किया गया था। यह अपने फूलों की तरह डिजाइन के कारण शहर में एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण बन गया है। लोटस टेंपल का नाम इसके आकार के कारण रखा गया है।

कमल का फूल शांति, पवित्रता, प्रेम और अमरता का प्रतीक है, और मंदिर एक जैसा दिखने के लिए बनाया गया है। यह सभी बहाई मंदिरों की तरह धर्मों और मानवता की एकता के लिए प्रतिबद्ध है। सभी धर्मों का एक साथ आने और प्रार्थना करने, पूजा करने और अपने धर्मग्रंथों को पढ़ने के लिए स्वागत है।

10. Jama Masjid

दिल्ली की जामा मस्जिद , जिसे मस्जिद-ए-जहाँ-नुमा के नाम से भी जाना जाता है, भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। यह मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा 1650 और 1656 के बीच स्थापित किया गया था और इसके पहले इमाम, सैयद अब्दुल गफूर शाह बुखारी द्वारा समर्पित किया गया था।

पुरानी दिल्ली की महान मस्जिद मुगल सम्राट शाहजहाँ की अंतिम स्थापत्य कला है, जिसमें एक आंगन है जिसमें 25,000 उपासक हो सकते हैं। मस्जिद का आकार 65 मीटर गुणा 35 मीटर है, जिसमें 100 मीटर वर्ग कोर्ट है। यह 1656 में बनाया गया था और यह मुगल धार्मिक भक्ति का एक शक्तिशाली अनुस्मारक है।

निष्कर्ष –

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को भारत की राजधानी दिल्ली में सबसे अच्छे घूमने वाले स्थानों के बारे में पता चल गया होगा और साथ ही इन स्थानों की कुछ ख़ास बातो के बारे में जानकारी मिल पाई होगी। दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।