MP के किसानों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि अब किसानो को समर्थन मूल्य में गेहूं बेचने के लिए खरीदी केंद्र जाने से पहले स्लॉट बुक करना होगा | पहले 25 मार्च से गेहूं खरीदी शुरू होने वाली थी, लेकिन अब 28 मार्च और 4 अप्रैल से होगी। इस बार दो नए बदलाव हुए हैं।
पहला, किसानों को ऑनलाइन स्लॉट बुक कराना पड़ेगा। स्लॉट बुकिंग के बाद वे 3 दिन के अंदर गेहूं लेकर सेंटर पर पहुंचेंगे। दूसरा, किसान को पूरा गेहूं एक ही बार में बेचना होगा। इंदौर-उज्जैन संभाग में 28 मार्च से ही गेहूं खरीदी होने लगेगी, जबकि भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर समेत अन्य संभागों में किसान 4 अप्रैल से गेहूं बेच सकेंगे।
गेहूं खरीदी सोमवार से शुक्रवार के बीच ही की जाएगी। अब स्लॉट बुक कैसे करें और कब गेहूं लेकर सेंटर पर पहुंचे ये सब जानने के लिए आप सभी लोग हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े, enterhindi.com में आप सभी पाठको का स्वागत है|
किसान स्लॉट कैसे बुक करे:
आप सभी किसान भाई MP E-Uparjan की ऑफिसियल वेबसाइट www.mpeuparjan.nic.in पर जाकर स्लॉट की बुकिंग कर सकते हैं।
किसान स्लॉट कहां से बुक करें?
किसान खुद के मोबाइल से स्लॉट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा MP Online, कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत, लोक सेवा केंद्र, इंटरनेट कैफे, खरीदी केंद्र से भी बुकिंग हो सकेगी।
स्लॉट बुक करने/कराने के कितने रुपए देने होंगे?
किसान खुद अपने मोबाइल या कम्प्यूटर सिस्टम से स्लॉट बुक करते हैं, तो उन्हें चार्ज नहीं देना पड़ेगा। यदि MP Online, कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत, लोक सेवा केंद्र, इंटरनेट कैफे से बुकिंग कराते हैं, तो कुछ रुपए चुकाने पड़ेंगे। इसके लिए सरकार ने फिलहाल राशि तय नहीं की है।
किसान किस समय करें स्लॉट बुकिंग?
सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक किसान स्लॉट बुक कर सकेंगे।
स्लॉट की कितने दिन वैधता?
स्लॉट बुकिंग की वैधता 3 दिन रहेगी। ऑनलाइन तरीके से होने वाली बुकिंग सिर्फ सोमवार से शुक्रवार के बीच ही होगी। किसान शनिवार और रविवार को बुकिंग नहीं करा सकेंगे।
स्लॉट बुकिंग में कोई दिक्कत आए तो क्या करें?
स्लॉट बुकिंग में कोई दिक्कत आए, तो किसान पास के खरीदी केंद्र पर जा सकते हैं। वहां पर बुकिंग हो जाएगी। इसे लेकर अभी सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया है।
किसान किन सेंटरों पर बेच सकेंगे?
किसान अपनी तहसील के किसी भी सेंटर पर गेहूं बेच सकेंगे।
किसान कब-कहां बेच सकेंगे गेंहू ?:
इंदौर और उज्जैन संभाग में सरकार 28 मार्च से 10 मई के बीच गेहूं की खरीदी करेगी। इनमें इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच और आगर शामिल हैं।
नर्मदापुरम, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्वालियर, भोपाल और चंबल संभाग में 4 अप्रैल से 16 मई तक खरीदी होगी। इनमें भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम्, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, निवाड़ी, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिण्ड और श्योपुर जिले शामिल हैं।
MP E-Uparjan में इस बार ये दो बड़े बदलाव किये गए हैं :
स्लॉट बुकिंग सिस्टम पहली बार आया है। किसान खुद ही केंद्र चुन सकते हैं। पहले SMS आते थे और उस हिसाब से किसान गेहूं बेचने जाते थे।
इस बार एक ही बार में पूरा गेहूं बेचना होगा। पहले ऐसा नहीं था। यदि किसी का 150 क्विंटल गेहूं पैदा हुआ, तो किसान उसे दो-तीन हिस्सों में भी बेचने के लिए केंद्र पर जा सकते थे।
वर्तमान समय में ऐसी परिस्थितिया बनती जा रही है कि विभिन्न कारणों से कामकाजी एवं व्यवसायिक क्षेत्र में प्रशिक्षित महिलाये अपना कार्य छोड़ देती है, जैसे विवाह होने के पश्चात ऐसी महिलाय घर परिवार संभालने के उद्देश्य से अपने व्यवसायिक कैरियर का परित्याग कर देती हैं, राजस्थान सरकार द्वारा आगामी 3 वर्षो में ऐसी 15000 महिलाओं को पुनः जॉब दिलवाने तथा वर्क फ्रॉम होम के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के सहयोग से ” बैक टू वर्क” योजना प्रारम्भ करने हेतु माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा घोषणा की गयी है उक्त योजना के क्रियान्वयन में महिला आधिकारिता विभाग, सीएसआर संस्था, राजस्थान नॉलेज कार्पोरेशन लिमिटेड (RKCL) इत्यादि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी|
30 नवंबर, 2021 को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पारिवारिक परिस्थितियों के चलते जॉब छोड़ने वाली महिलाओं के लिये राज्य सरकार की ‘बैक टू वर्क’ योजना को मंज़ूरी दी है।
जागृति: बैक टू वर्क योजना के प्रमुख बिंदु :
उल्लेखनीय है कि शादी के बाद घर-परिवार संभालने एवं अन्य कारणों से कामकाजी महिलाओं को कई बार जॉब छोड़ना पड़ता है। नौकरी छोड़ने वाली इन कामकाजी महिलाओं को निजी क्षेत्र के सहयोग से फिर से जॉब दिलाने या वर्क फ्रॉम होम का अवसर उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार ‘बैक टू वर्क’ योजना लेकर आई है।
इस योजना में आगामी 3 वर्षों में 15 हज़ार महिलाओं को निजी क्षेत्र के सहयोग से फिर से जॉब दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। विधवा, परित्यकता, तलाकशुदा एवं हिंसा से पीड़ित महिलाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी, जो महिलाएँ कार्यस्थल पर जाने में सक्षम नहीं होंगी, उन्हें वर्क फ्रॉम होम का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।
रोज़गार से जुड़ने की इच्छुक महिलाओं को महिला अधिकारिता निदेशालय एवं सीएसआर संस्था के माध्यम से रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये सिंगल विंडो सिस्टम की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अलावा आरकेसीएल के माध्यम से स्किल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना के क्रियान्वयन के लिये सहयोगी संस्था/सीएसआर संस्था के पोर्टल अथवा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर पर लक्षित श्रेणी की महिलाओं से आवेदन लिये जाएंगे।
ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर्ड महिलाओं को श्रेणीवार डाटाबेस के आधार पर निजी क्षेत्र में रोज़गार से जोड़ने का कार्य सीएसआर संस्था द्वारा किया जाएगा। आवश्यकता होने पर सीएसआर संस्था द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर्ड लक्षित श्रेणी की महिलाओं को री-स्किलिंग/अप-स्किलिंग हेतु प्रशिक्षण सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिसका अपडेशन पोर्टल पर किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मॉनिटरिंग कमिटी का गठन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट 2021-22 के वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान ‘बैक टू वर्क’ योजना शुरू करने की घोषणा की थी।
जागृति: बैक टू वर्क योजना हाइलाइट्स :
योजना का नाम
बैक टू वर्क योजना
किसने आरंभ की
राजस्थान राज्य सरकार
लाभार्थी
राज्य की महिलाएं
उद्देश्य
नौकरी छोड़ने वाली महिलाओं को फिर से रोजगार के अवसर प्रदान करना
कामकाजी एवं व्यवसायिक क्षेत्र में प्रशिक्षित महिलाओं के विभिन्न कारणवश जॉब छोड़ देने के कारन उत्पन्न करियर गैप को दूर करना |
कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से ऐसी महिलाओं का क्षमता वर्धन करना |
जॉब प्रदाता एवं जॉब हेतु इक्छुक महिलाओं के लिए सेतु के रूप में कार्य करना व् समन्वय करना |
ऐसी महिलाये जो की कार्य स्थल पर जाने / जाकर कार्य करने हेतु इक्छुक / सक्षम नहीं है उनको निजी क्षेत्र के सहयोग से वर्क फ्रॉम होम की सुविधा उपलब्ध करना|
प्रशिक्षण, रोजगार श्रजन एवं नवाचारों द्वारा, जॉब से किसी कारणवश पृथक हो चुकी महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण कर उन्हें आर्थिक स्वालम्बन की ओर पुनः अग्रसर करने का प्रयाश करना|
महिला अधिकारिता विभाग व् सीएसआर संस्था के माध्यम से रोजगार से जुड़ने की इक्छुक महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु सिंगल विंडो सिस्टम की सुविधा विकसित करना|
जागृति: बैक टू वर्क योजना हेतु पात्रता :
जॉब करने का न्यूनतम 1 वर्ष का अनुभव हो|
किसी कारणवश जॉब छोड़ दिया हो |
राजस्थान का निवासी हो|
जागृति: बैक टू वर्क योजना के लिए प्राथमिकता :
निम्नलिखित श्रेणी की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने में प्राथमिकता दी जाएगी :
विधवा
परित्यक्ता
तलाकशुदा
हिंसा से पीड़ित महिला|
राजस्थान बैक टू वर्क योजना 2022 के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज :
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
शैक्षणिक प्रमाण पत्र
अनुभव प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
राजस्थान बैक टू वर्क योजना 2022 ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया:
आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद होमपेज आपके सामने खुलेगा इस होम पेज पर आपको बैक टू वर्क स्कीम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिंक पर क्लिक करना होगा।
लिंक पर क्लिक करने के बाद एक नए पेज में योजना का आवेदन पत्र आपके सामने खुलेगा।
इस आवेदन पत्र में बुझी हुई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
आवेदन पत्र के साथ पूछे गए जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करें।
आपको यूजर नेम और पासवर्ड भी मिलेगा।
इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।
इस तरह आप इस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) :
1. जागृति बैक टू वर्क योजना क्या है?
जागृति बैक टू वर्क योजना के अंतर्गत राजस्थान सरकार द्वारा उन सभी महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा, जो महिलाएं पहले नौकरी कर रही थी और परिवारिक जिम्मेदारियों के चलते नौकरी छोड़ चुकी है, या कोविड-19 में महिलाओं की नौकरी जा चुकी थी। अब उन्हें राजस्थान सरकार द्वारा Jagriti Bank Work Scheme के अंतर्गत जॉब प्लेसमेंट दी जाएगी।
2. बैक टू वर्क योजना का लाभ कौन सी महिलाओं को मिलेगा?
जागृति बैक वर्क योजना के अंतर्गत जो महिलाएं विधवा, तलाकशुदा, परित्याग, दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन सभी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु योजना में सम्मिलित किया जाएगा।
3. राजस्थान बैक टू वर्क योजना में लाभार्थी कौन होंगे
बैक टू वर्क योजना में राजस्थान की महिलाएं लाभार्थी होंगी
4. राजस्थान बैक टू वर्क योजना किसने शुरू की?
बैक टू वर्क योजना राजस्थान राज्य सरकार ने शुरू की।
5. राजस्थान बैक टू वर्क योजना का उद्देश्य क्या है?
उस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करना है। जिससे वह निजी क्षेत्र में सहायक हो सके।
एमपीऑनलाइन लिमिटेड (MP Online Limited), मध्य प्रदेश ई-गवर्नेंस के लिए और ऑनलाइन मोड के माध्यम से लोगों को सीधे विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाएं प्रदान करने के लिए एक पहल है | सरकार अपने 28,000 अधिकृत कियोस्क / कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से 350 तहसीलों वाले सभी 51 जिलों के लोगों तक पहुंचने की कोशिश करता है | एमपी ऑनलाइन अधिकृत कियोस्क सूची 2022 उपलब्ध, अब आप एमपीऑनलाइन कियोस्क मालिक सूची को प्रिंट/डाउनलोड कर सकते हैं | लोग अब mponline.gov.in पर इंदौर, भोपाल और अन्य शहरों में कियोस्क का पता लगा सकते हैं |
एमपी ऑनलाइन लिमिटेड (MP Online Ltd.) कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए प्रवेश प्रक्रिया, धार्मिक स्थलों के लिए चैरिटी, एमपी में सभी राष्ट्रीय उद्यानों की यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग, बिल भुगतान सुविधा, सरकारी नौकरी में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जैसी विभिन्न ई-सेवाएं प्रदान करता है | लोग नई फ्रेंचाइजी के आवंटन के लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क पंजीकरण फॉर्म / लॉगिन भर सकते हैं, आधिकारिक एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर भी स्थिति की जांच कर सकते हैं | यह पोर्टल एमपी सरकार का आधिकारिक पोर्टल है और Tata Consultancy Services (TCS) के सहयोग से शुरू किया गया है |
एमपीऑनलाइन पोर्टल (MPOnline Portal) गरीब लोगों को लाभान्वित करने के लिए राज्य में स्थित सभी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है | नागरिक इन लाभों का लाभ उठा सकते हैं और mponline कियोस्क सूची में नजदीकी सेवा केंद्रों की जांच कर सकते हैं | साथ ही किसी और मदद के लिए या कोई शिकायत करने के लिए अधिकारियों से संपर्क करें | इंदौर, भोपाल, विदिशा जैसे विभिन्न प्रमुख शहरों में अपने पास के कियोस्क का पता लगाने के लिए लोग mponline.gov.in पर पूरी एमपी ऑनलाइन अधिकृत कियोस्क सूची देख सकते हैं |
चरण 4: यहां उम्मीदवारों को State/ राज्य (मध्य प्रदेश), Division/ संभाग और District/ जिला का चयन करना होगा और फिर एमपीऑनलाइन कियोस्क सूची खोलने के लिए “Search” बटन पर क्लिक करना होगा | कियोस्क की सूची की प्रतिनिधि छवि इस प्रकार है:-
चरण 5: उम्मीदवार अब उपरोक्त विवरण दर्ज करके पूरी सूची देख सकते हैं | मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, विदिशा, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम और शहडोल जैसे प्रमुख संभागों की कियोस्क सूची भी सभी नागरिक देख सकते हैं |
चरण 2: लिंक पर क्लिक करने पर, एमपीऑनलाइन कियोस्क मालिक सूची डाउनलोड पृष्ठ खुल जाएगा जैसा कि नीचे दिखाया गया है |
चरण 3: एमपी ऑनलाइन कियोस्क सूची प्रिंट करने के लिए पेज खोलने के लिए सभी उम्मीदवार अपने डेस्कटॉप / लैपटॉप पर “CTRL + P” बटन दबा सकते हैं | फिर एमपी ऑनलाइन कियोस्क मालिक सूची डाउनलोड करने के लिए गंतव्य को “Save as PDF” के रूप में चुनें |
राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना:-
राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना 2021(MLUPY 2021) के लिए फॉर्म https://sso.rajasthan.gov.in/signin पर आमंत्रित किया है | राज्य में उद्यमों की स्थापना की सुविधा के लिए बैंकों के माध्यम से रियायती ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीएम लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है | इसके अलावा, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY) समाज के सभी वर्गों को रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगी |
राजस्थान MLUPY योजना का उद्देश्य राज्य में उद्यमों की स्थापना को सुविधाजनक बनाने और समाज के सभी वर्गों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए बैंकों के माध्यम से रियायती ऋण प्रदान करना है |
MLUPY Loans इन वित्तीय संस्थानों के माध्यम से दिया जाएगा:-
Nationalized Commercial Bank
Private Sector Scheduled Commercial Bank
Scheduled Small Finance Bank
Regional Rural Bank
Rajasthan Financial Corporation
SIDBI
Type of Enterprise Eligible for MLUPY:-
नए स्थापित उद्यमों के साथ-साथ पूर्व-स्थापित उद्यम भी विस्तार/विविधीकरण/आधुनिकीकरण परियोजनाओं के लिए पात्र होंगे |
Applicants of Mukhyamantri Laghu Udhyog Protsahan Yojana:-
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY) के तहत व्यक्तिगत आवेदक के साथ-साथ संस्थागत आवेदक (स्वयं सहायता समूह/सोसाइटी/साझेदारी फर्म/एलएलपी फर्म/कंपनियां) भी पात्र होंगे | योजनान्तर्गत उद्यम की स्थापना राजस्थान राज्य सरकार द्वारा होगी | व्यक्तिगत आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होगी |
Loan Amount under CM Laghu Udyog Protsahan Yojana:-
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY) के तहत 10 करोड़ रुपये मिलेंगे | व्यवसाय के लिए ऋण की अधिकतम सीमा 1 करोड़ रुपये है | ऋण की प्रकृति समग्र ऋण, सावधि ऋण और कार्यशील पूंजी (CC सीमा सहित) होगी | RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, 10 लाख रुपये तक के ऋण पर संपार्श्विक सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होगी |
Interest Subsidy under Mukhyamantri Laghu Udyog Protsahan Yojana:-
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY) के तहत आवेदन ऑनलाइन जमा करने होंगे | मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY) आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी |
SSO ID Login / Registration for MLUPY Scheme:
सबसे पहले आधिकारिक “Single Sign On Web Portal” https://sso.rajasthan.gov.in/signin पर जाएं |
Homepage आपको अपनी “Digital Identity (SSO ID / Username)” और “Password” दर्ज करने के लिए कहेगा | सभी मौजूदा उपयोगकर्ता अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं और फिर “Login” बटन पर क्लिक कर सकते हैं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है |
लेकिन नए उम्मीदवारों को एसएसओ पहचान के लिए पंजीकरण करना होगा | इस कारण उन्हें “Registration” बटन पर क्लिक करना होगा
| सभी पहली बार उपयोगकर्ता सिंगल साइन ऑन डिजिटल पहचान के लिए पंजीकरण करने के लिए यहां दिए गए लिंक पर सीधे क्लिक कर सकते हैं – https://sso.rajasthan.gov.in/register
SSO ID पंजीकरण पृष्ठ खुल जाएगा जिसमें नागरिक, उद्योग और सरकारी कर्मचारी नाम के 3 खंड होंगे |
यहां उम्मीदवार एकल साइन ऑन पहचान के लिए पंजीकरण करने के लिए अपनी भामाशाह आईडी, आधार आईडी (UID), फेसबुक, गूगल और ट्विटर आईडी दर्ज कर सकते हैं | उद्योग पंजीकरण पूरा करने के बाद, आवेदक दिए गए Username और Password का उपयोग करके लॉगिन कर सकते हैं |
पंजीकरण के लिए व्यवसाय रजिस्टर संख्या (BRN) दर्ज कर सकते हैं | उद्योग पंजीकरण पूरा करने के बाद, आवेदक दिए गए Username और Password का उपयोग करके लॉगिन कर सकते हैं |
यहां SIRF उपयोगकर्ता SSO ID ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया बनाने के लिए अपना SIRF नंबर दर्ज कर सकते हैं | Govt. Employees पंजीकरण पूरा करने के बाद, आवेदक दिए गए Username और Password का उपयोग करके लॉगिन कर सकते हैं |
SSO ID लॉगिन करने पर, एप्लिकेशन दिखाने वाला पेज खुल जाएगा जहां आप नीचे दिखाए गए अनुसार “मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना” टैब पर क्लिक कर सकते हैं |
लिंक पर क्लिक करने पर, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना डैशबोर्ड खुल जाएगा जहां आप “नया आवेदन” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं जैसा कि यहां दिखाया गया है |
बाद में, राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र नीचे के रूप में दिखाई देगा |
आवेदक मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी विवरण सटीक रूप से दर्ज कर सकते हैं और फिर इसे जमा कर सकते हैं |
Instructions for Filling MLUPY Registration Form:-
आवेदन स्वयं भरें। सामान्य आवेदन के लिए किसी सीए या विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं है |
आवेदन के लिए किसी भी मध्यस्थ की सहायता लेने से बचें | उद्योग विभाग द्वारा ई-मित्र को केवल आवेदन भरने की सुविधा के लिए अधिकृत किया गया है, उसका आवेदन स्वीकृत कराने में कोई भूमिका नहीं है, न ही उसे कोई अधिकार है | अतः उसके ऐसे किसी आश्वासन से बचें. ई-मित्र द्वारा यदि आवेदन के लिए 30 रुपये से अधिक राशि की मांग की जाती है, तो उसकी भी शिकायत करें |
आवेदन भरने के लिए जिला उद्योग केंद्र में प्रत्येक बुधवार को विशेष शिविर लगाए जाते हैं | उसमें आकर आप प्रक्रिया समझ सकते हैं |
आवेदन की समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन है | आवेदन भरने के लिए सबसे पहले कागज के प्रपत्र पर आवेदन भर लें, इससे आवेदन को ई-मित्र पर भरवाने में सुविधा होगी |
आवेदन में समस्त सूचना सही-सही भरें | उद्योग के संचालन में भी इससे सुविधा होगी |
आवेदन की उद्योग विभाग द्वारा अभिशंषा के बाद भी ऋण की अंतिम स्वीकृति बैंक द्वारा होती है, अत: संबंधित बैंक से भी समन्वय रखें |
बैंक या उद्योग विभाग द्वारा अच्छे प्रोजेक्ट की स्वीकृति में वरीयता दी जाती है | यदि अपने प्रोजेक्ट में आप भूमि, भवन या अपने संसाधनों से भी पूँजी लगाई जाती है, तो प्रोजेक्ट सरलता से स्वीकृत हो जाते हैं |
पूर्व से स्थापित उद्योग/ सेवा उपक्रमों को विस्तार/ विविधीकरण/ आधुनिकीकरण हेतु आवेदन से पूर्व उद्योग आधार लेना वांछनीय होगा |
आवेदन के साथ अपनी पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज अवश्य लगाएँ या अपलोड करें |
आवेदन भरने के बाद जब तक आपको कोई सूचना देकर न बुलाया जाए, व्यक्तिगत रूप से आने की आवश्यकता नहीं है | 10 लाख रु. से कम ऋण के आवेदन स्वतः कार्यालय स्तर पर परीक्षित हो कर निर्णय कर दिए जाएंगे |
ऋण जारी होने के बाद भी आपको फॉलो अप के लिए प्रगति वेबसाइट या एप पर अपडेट करनी होगी |
आवेदन के बाद अलग-अलग चरणों पर आपको SMS से सूचना भेजी जाएगी | अत: मोबाइल नंबर में परिवर्तन होने पर उसे अपडेट करें |
अपनी सफलता को उद्योग विभाग के पोर्टल पर व सोशल मीडिया पर इस रूप में साझा करें कि बैंक व अन्य उद्योग उसे अपनी उपलब्धि की तरह देखें और आपको अन्य सहायता से भी जोड़े | इससे आपको अपना मार्केट बढ़ाने व लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बनने भी सहायता मिलेगी |
यदि उद्यम के लिए ऋण नहीं मिले, तो निराश नहीं हों | नए सिरे से बेहतर रूप में उद्यम का प्रोजेक्ट बनायें। वैसे उद्यम के लिए ऋण ही सब कुछ नहीं है | आप अन्य समान प्रवृत्ति के लोगों को जोड़ कर, उनका सहयोग लेकर उद्यम शुरू कर सकते हैं | एक स्तर पर उद्यम चलने पर बैंक द्वारा भी सरलता से ऋण स्वीकृत किया जाता है |
आवेदन की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर आने वाली अनुचित माँग या अन्य शिकायत की सूचना 181 पोर्टल या हेल्पलाइन पर दें |
क्या आप जानते हैं Chai Point भारत का सबसे बड़ा चाय रिटेलर है | उनकी चाय ताजा और प्राकृतिक सामग्री से बनाई जाती है जो पूरे देश में पहुंचाई जाती है | चाय की पत्तियां High Quality वाले चाय बागानों और असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी में स्थित कंपनियों से प्राप्त की जाती हैं | चाय के अलावा उनके पास Made-For-Chai के नाम से जाना जाने वाला consumer packaged goods का एक ब्रांड भी है | इस विशेष उत्पाद में bite-sized snacks होते हैं जो उनकी चाय को पूरी तरह से पूरक करते हैं | कंपनी का मुख्य लक्ष्य हर बार एक बढ़िया कप चाय देना है |
Chai Point का मुख्य उद्देश्य अपने ग्राहक को अच्छी क्वालिटी की चाय प्रोवाइड करना है चाहे वह आपके घर या कार्यस्थल या आपके पड़ोस में हो | अपने उद्देश्य के अनुरूप होने के लिए, Chai Point, Shark नामक क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म (cloud-based platform) का उपयोग करता है जो कंपनी को सभी आउटलेट्स पर अपने सभी बिलिंग को तेज और निर्बाध तरीके से ट्रैक करने की अनुमति देता है |
History of Chai Point:-
Chai Point एक भारतीय चाय कंपनी है जिसकी स्थापना 2010 में श्री अमूलीक सिंह बिजराल द्वारा की गई थी | कंपनी अपना मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में चलाती है | कंपनी के वर्तमान में देश भर के लगभग 8 शहरों में 100 से अधिक आउटलेट हैं | Timeline of Chai Point:
जनवरी 2009 – Chai Point का विचार सामने आया – चाय को एक वैश्विक ब्रांड बना दिया |
अप्रैल2010 – बैंगलोर में इन्होने खोला अपना पहला आउटलेट |
दिसंबर 2010 – ग्राहक सहायता वेबसाइट(CAW) लॉन्च की |
फरवरी 2011 – कंपनी को एक Angel investor में शामिल किया गया |
मई 2011 – माउंटेन ट्रेल अकादमी अपने ग्राहकों के लिए सही प्रामाणिक चाय बनाने के लिए स्टाफ सदस्यों को प्रशिक्षण देने का कार्यभार संभालती है |
जून 2011 – कूपन आधारित lottery कार्यक्रम शुरू किया गया |
जनवरी 2012 – Chai Point ने अपने 10वें आउटलेट का उद्घाटन किया और इसमें वड़ा पाओ भी पेश किया जो चाय और समोसे की तुलना में दूसरा सबसे अच्छा संयोजन बन गया |
फरवरी 2012 – Chai Point ने अपना विशेष रूप से निर्मित Chai Glass पेश किया |
मई 2012 – Chai Point ने बैंगलोर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपना 24*7 100% इलेक्ट्रिक चाय आउटलेट पेश किया |
जुलाई 2012 – Chai Point ने मसाला-चाय बिस्किट का अपना संस्करण पेश किया |
जून 2014 – Chai-on-call ने अपनी वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च की |
जनवरी 2015 – Chai Point ने चाय के 30 मिलियन कप पर वार्षिक रन-रेट दिखाया |
अगस्त 2016 – https://chaipoint.com/boxc.html लॉन्च किया गया था |
अक्टूबर 2017 – Chai Point ने amazon.in पर चाय बेचना शुरू किया |
Chai Point अपने ताजा और प्राकृतिक अवयवों के लिए जाना जाता है | उनके सभी उत्पाद बिना किसी प्रिजर्वेटिव के बने होते हैं जो अपने ग्राहकों को हर बार अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के साथ परफेक्ट स्वाद देते हैं | Chai Point अपने ग्राहकों को प्रामाणिक चाय का स्वाद देने के लिए असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी में स्थित सर्वश्रेष्ठ चाय बागानों और कंपनियों की चाय की पत्तियों का उपयोग करता है |
किसी भी अन्य चाय आउटलेट के विपरीत, देश भर में हर आउटलेट में Chai Point के उत्पाद की कीमत स्थिर रहती है | उत्पाद की गुणवत्ता अद्वितीय है यह सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ चाय परीक्षकों द्वारा चाय का स्वाद लिया जाता है | इसलिए प्रत्येक ग्राहक को उच्च गुणवत्ता वाली चाय की पत्तियों के साथ मिश्रित असली मसालों के साथ बेहतरीन विदेशी चाय मिलती है जिससे यह 100% प्राकृतिक हो जाती है |
Chai Point अपने Franchise Outlets को Garden to Glass नामक एक और बेहतरीन सेवा प्रदान करता है, जो अपने ग्राहकों को बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग में वैक्यूम-पैक पूरी चाय की पत्तियां प्रदान करता है ताकि वे घर पर भी इसे पी सकें |
Chai Point की एक अन्य प्रमुख USP है https://chaipoint.com/boxc.html कंपनी कॉर्पोरेट कंपनियों को ताज़ा पीसे हुए चाय और कॉफ़ी स्वचालित डिस्पेंसर प्रदान करती है | यह सुनिश्चित करता है कि काम करने वाले पेशेवरों को भी काम पर चाय के सही कप का स्वाद लेने का मौका मिले |
Chai Point सुनिश्चित करता है कि ऑर्डर करने के 30 मिनट के भीतर आपकी चाय आपके दरवाजे पर आ जाए | यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी चाय की गुणवत्ता और स्वाद बरकरार रहे, चाय प्वाइंट ने Heat Retaining Flask बनाकर एक शानदार विचार पेश किया है, जो आपकी चाय को बिना किसी हानिकारक BPA के 45-60 मिनट तक गर्म रखने का वादा करता है, जिसे बिस्फेनॉल भी कहा जाता है |
Chai Point Franchise खोलने के लिए क्या आवश्यकताएं हैं:-
Area required:
Chai Point के लिए 600-800 वर्ग फुट के क्षेत्र की आवश्यकता होती है |
Skills or experience required:
स्टाफ सदस्यों की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की होगी कि आउटलेट में स्वच्छ और स्वस्थ परिस्थितियों को बनाए रखा जाए | फ्रैंचाइज़ी के मालिक के पास यह सुनिश्चित करने के लिए उद्यमशीलता कौशल होना चाहिए कि उसके उत्पादों की गुणवत्ता में वृद्धि हो और उसके क्षेत्र में ग्राहक आधार में निरंतर वृद्धि हो |
फ्रैंचाइज़ी आउटलेट के कर्मचारियों को innovative होना चाहिए और अपने आस-पास के बाजार को समझने में सक्षम होना चाहिए और अधिक ग्राहकों को अपने आउटलेट में आकर्षित करने के लिए आवश्यक कार्यों को लागू करने में सक्षम होना चाहिए और ग्राहकों के स्वाद और पसंद के आधार पर बिना वर्तमान को प्रभावित किए विभिन्न विदेशी चाय पेश करने का प्रयास करना चाहिए |
Training required:
माउंटेन ट्रेल अकादमी (MTA) अपने सभी चाई पॉइंट फ्रैंचाइज़ी आउटलेट्स को अच्छी तरह से संरचित प्रशिक्षण प्रदान करती है जो आसानी से समझने वाले पाठ्यक्रम में विभाजित हैं | एमटीए का मुख्य उद्देश्य एक मजबूत और सक्षम कार्यबल बनाना है जो कुशल और शिक्षित हो कि कैसे ताज़ी पीसे हुई चाय का एक प्रामाणिक कप अपने ग्राहकों को बनाया और परोसा जाता है |
Minimum staff requirement:
Chai PointOutlet चलाने के लिए कम से कम 4-5 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है |
Financial requirements:
Chai PointFranchise Store स्थापित करने के लिए आवश्यक कुल एकमुश्त निवेश राशि लगभग 25-50 लाख रुपये है जो built-up area पर निर्भर करता है | The profitability explained below:
Total investment made in ABC Chai franchise = Rs.30,00,000
Expenses incurred in a month
Rent paid for a 800 Sq.ft area = Rs.2,40,000
Salaries paid to 6 employees (Rs.10,000*6) = Rs.60,000
Miscellaneous expenses incurred for the month = Rs.20,000
Total expenses incurred in a month = Rs.3,20,000
Income earned in a month
The average footfall of customers in a day = 150 customers
Average amount an individual spends in the chai store = Rs.200
Total income earned in a day (150*Rs.200) = Rs.30,000
Total income earned in a month (Rs.30,000*30) = Rs.9,00,000
Gross profit for the month
Gross profit for the month (50% of Rs.9,00,000) = Rs.4,50,000
Total profit for the moth
Total profit earned in a month (Rs.4,50,000 – Rs.3,20,000) = Rs.1,30,000
You can get back your entire investment based on the profitability example within 1 and half-2 years.
सरकार बेटियों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। जिसके लिए सरकार समय – समय पर बेटियों के उत्थान के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन करती है। समाज में बेटियों को बेटों के समान शिक्षा का अधिकार देने और भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार की ओर से मुख्यमंत्री राजश्री योजना शुरू की गई है।
इस योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर शिक्षा तक उसे आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत कुल मिलाकर बेटियों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। ये सहायता विभिन्न स्तरों पर प्रदान की जाती है।
इस योजना का लाभ केवल सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को ही दिया जाएगा। निजी विद्यालय की बालिकाएं इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकती हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको मुख्यमंत्री राजश्री योजना की पूरी जानकारी देने जा रहे है |
आप इस आर्टिकल के माध्यम से राजस्थान मुख्यमंत्री राजश्री योजना के लाभ, उद्देश्य, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, विशेषताएं, आवेदन करने की प्रक्रिया आदि से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। तो यदि आप मुख्यमंत्री राजश्री योजना 2022 का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना 2022:
बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने एवं उनके स्वास्थ्य तथा शैक्षणिक स्तर में सुधार करने साथ ही उनके समग्र विकास के लिए, राजस्थान राज्य में 1 जून 2016 से मुख्यमंत्री राजश्री योजना लागू की गई है।
यह योजना मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना के स्थान पर लागू की गई है। इस योजना के तहत कुल छह किश्तों में योजना के नियमानुसार प्रत्येक लाभार्थी बालिका के माता -पिता/अभिभावक को कुल राशि 50 हजार रुपए का लाभ प्रदान किया जाता है। यह योजना बालिकाओं का समग्र विकास करने में कारगर साबित होगी।
इसके अलावा इस योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता बालिका के विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश लेने पर भी प्रदान की जाएगी। जिससे कि प्रदेश के नागरिक बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
यह योजना बालिकाओं को समाज में समानता का अधिकार भी प्रदान करेगी। बता दें कि इस योजना के तहत बालिका को छह किश्तों में 50 हजार रुपए दिए जाते हैं। पहली किश्त सरकारी अस्पताल में जन्म के समय और दूसरी किश्त एक साल यानी कि पहले जन्मदिन पर मिलती है। ये दोनों किश्तें 2500-2500 रुपए की मिलती है।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना का उद्देश्य :
राज्य में बालिका के जन्म के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हुए बालिका का समग्र विकास करना।
बालिकाओं के लालन-पालन, शिक्षण व स्वास्थ्य के मामले में होने वाले लिंगभेद को रोकना एवं बालिकाओं का बेहतर शिक्षण व स्वास्थ्य सुनिश्चित करना।
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ-मृत्यु दर में कमी लाना।
बालिका शिशु मृत्यु दर में कमी लाना एवं ठहराव सुनिश्चित करना।
बालिका का सरकारी विद्यालयों में नामांकन एवं ठहराव सुनिश्चित करना।
राजस्थान सरकार के माध्यम से राजश्री योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर शिक्षा तक पैसा दिया जाता है। योजना में मिलने वाले लाभ इस प्रकार से हैं-
बेटी के जन्म पर 2500 रुपए की पहली किस्त दी जाती है।
बेटी की उम्र एक वर्ष होने पर 2500 रुपए की दूसरी किस्त प्रदान की जाती है।
सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर तीसरी किस्त 4 हजार रुपए दी जाती है।
जब बेटी कक्षा 6 में आ जाती है तब चौथी किस्त के रूप में 5 हजार रुपए दिए जाते हैं।
जब बेटी दसवीं कक्षा में प्रवेश लेती है तो पंचवीं किस्त 11 हजार रुपए प्रदान की जाती है।
जब बेटी 12वीं कक्षा पास कर लेती है तो योजना की छठवीं किस्त यानि अंतिम किस्त 25 हजार रुपए दी जाती है।
इस प्रकार इस योजना में बेटी को जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक पढ़ाई करने पर परिवार को कुल 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राजस्थान राज्य सरकार की ओर से प्रदान की जाती है। बेटियों को दी जाने वाली धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
छह किश्तों में मिलने वाली राशि का व्यौरा :
किश्त संख्या
समय
राशि
पहली किश्त
सरकारी अस्पताल में जन्म के दौरान
2,500 रुपए
दूसरी किश्त
बालिका के पहले जन्मदिन पर
2,500 रुपए
तीसरी किश्त
सरकारी स्कूल में कक्षा एक में प्रवेश लेने पर
4000 रुपए
चौथी किश्त
सरकारी स्कूल में कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर
5000 रुपए
पांचवी किश्त
सरकारी स्कूल में कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर
11,000 रुपए
छठी किश्त
सरकारी स्कूल से 12वीं पास करने पर
25,,000 रुपए
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के लिए पात्रता और शर्तें :
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के लिए कुछ पात्रता और शर्तें निर्धारित की गई है जो इस प्रकार से हैं-
मुख्यमंत्री राजश्री योजना में आवेदन के लिए, आवेदन राज्य का मूल निवासी होना जरूरी है। मुख्यमंत्री राजश्री योजना का लाभ केवल राजस्थान की बालिकाओं को ही मिलेगा। अन्य राज्य की बालिकाएं इसकी पात्र नहीं होगी।
इस योजना का लाभ केवल सरकारी स्कूल की बालिकाओं को ही दिया जाएगा। निजी स्कूल में अध्ययनरत बालिकाएं इसकी पात्र नहीं होंगी।
इस योजना में शामिल होने के लिए बालिकाओं का जन्म 1 जून 2016 से के बाद का होना चाहिए।
योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के पास आधार कार्ड और भामाशाह कार्ड होना जरूरी।
जन्म के बाद बेटी का जन्म पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
माता-पिता अथवा अभिभावकों को आवेदन पत्र के साथ बेटी का जन्म प्रमाण-पत्र भी जमा करना होगा।
राजश्री योजना की पहली दो किश्त उन सभी बालिकाओं को मिलेगी जिनका जन्म किसी सरकारी अस्पताल एवं जननी सुरक्षा योजना से रजिस्टर्ड निजी चिकित्सा संस्थानों में हुआ हो।
ऐसी बालिकाएं लाभ की प्रात्र होगी जो राज्य सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं में प्रत्येक चरण में (कक्षा 1, 6, 10 तथा 12) शिक्षारत है अथवा रहीं हैं।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज :
मुख्यमंत्री राजश्री योजना में आवेदन के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्कता होगी जो इस प्रकार से हैं|
आवेदन करने वाले का आधार कार्ड
आवेदन करने वाले का वोटर आईडी कार्ड
आवेदन करने वाले का पहचान-पत्र
आवेदक का मूल निवास प्रमाण-पत्र
माता-पिता या अभिभावक का आय प्रमाण-पत्र
जाति प्रमाण पत्र (यदि अनुसूचित जाति/जनजाति/ओबीसी यदि लागू हो तो)
परिवार राशन कार्ड की फोटो प्रति
भामाशाह कार्ड फोटो प्रति
बालिका का शैक्षणिक दस्तावेज
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया:
मुख्यमंत्री राजश्री योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिला प्रसव पूर्व जांच के दौरान भामाशाह कार्ड एवं बैंक खाता पासबुक का विवरण अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर उपलब्ध करवाएं।
बालिका के जन्म के समय एक यूनिक आईडी प्रदान किया जाता है पहली व दूसरी किस्त के लिए यूनिक आईडी के द्वारा आवेदन करना होगा।
दूसरी किस्त के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा जारी ममता कार्ड के अनुसार सभी टीके लगवाने के आधार पर मिलेगी ।
बालिकाओं के प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने के उपरांत तीसरी किस्त की राशि प्राप्त करने के लिए अभिभावक को ऑनलाइन आवेदन करवाना होगा। यह ऑनलाइन आवेदन शाला दर्पण पर स्कूल के माध्यम से करवाया जा सकता है।
चौथी, पांचवी एवं छठी किस्त कक्षा 6 से दसवीं तक और 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण करने पर अभिभावकों को प्रदान की जाएगी।
राजश्री योजना का लाभ लाभार्थी को सीधा अपने बैंक खाते में मिले, इसके लिए इसे भामाशाह कार्ड से योजना को जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया
सर्वप्रथम आपको नजदीकी ई-मित्र या अटल सेवा केंद्र आधिकारिक वेबसाइटजाना होगा।
अब आपको ई-मित्र या अटल सेवा केंद्र में आवेदन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण एवं जानकारी प्रदान करनी होगी।
संचालक द्वारा आपका फॉर्म भरा जाएगा।
सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी संचालक द्वारा अपलोड किया जाएगा।
आवेदन पत्र को सबमिट करने के पश्चात आपको एक रिफरेंस नंबर प्रदान किया जाएगा।
इस रेफरेंस नंबर के माध्यम से आप अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकेंगे।
इस प्रकार आप मुख्यमंत्री राजश्री योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना की अधिक जानकारी के लिए संपर्क सूत्र :
झारखंड राज्य में कार्यरत मीडिया प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ा जाएगा | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस बाबत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा झारखंड राज्यपत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली-2021 के गठन और संलेख प्रारुप से जुड़े प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है | इस संलेख प्रस्ताव पर अब मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जाएगी | पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली-2021 में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा |
इसमें प्रधान संपादक, समाचार संपादक, उप संपादक, पत्रकार, छाया पत्रकार, वीडियोग्राफर पत्रकार और समाचार व्यंगकार, चित्रकार को शामिल किया गया जो किसी दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक, टैबलॉयड समाचार पत्र, पत्रिका समाचार एजेंसी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यू मीडिया (समाचार आधारित वेब साइट्स/ वेब पोर्टल) में कार्य कर रहे हों तथा दि वर्किग जर्नलिस्ट एंड अदर न्यूज पेपर इंप्लाई (कंडिसंस ऑफ सर्विस) एंड मिसलिनियस प्रॉविजन्स एक्ट 1985 से परिभाषित किए गए हों | यह योजना अधिसूचना जारी होने के दिन से प्रभावी होगी |
झारखंड पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना में कौन शामिल हैं:-
Editor-in-chief
News editors
Deputy editors
Journalists
Photo journalists
Videographers
Journalists
Painters
उपरोक्त में से कोई भी मीडिया कर्मी जो किसी भी दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक, टैब्लॉइड समाचार पत्र, पत्रिका, समाचार एजेंसी, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यू मीडिया (समाचार आधारित वेब साइट / वेब पोर्टल) में काम कर रहा हो और जैसा कि वर्किंग जर्नलिस्ट और अन्य द्वारा परिभाषित किया गया हो समाचार पत्र कर्मचारी (सेवा की शर्तें) और विविध प्रावधान अधिनियम 1985 को झारखंड पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल किया जाएगा |
झारखंड पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू होने की तिथि:-
यह नई झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना अधिसूचना जारी होने के दिन से प्रभावी होगी | झारखंड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियम-2021 मीडिया प्रतिनिधियों के लिए समूह बीमा के रूप में लागू होगा | बीमा के लागू होने की तिथि से, बीमित व्यक्ति के मीडिया प्रतिनिधि के साथ उसकी पत्नी/पति और 21 वर्ष की आयु के दो अविवाहित और आश्रित बच्चों को लाभ मिलेगा |
झारखंड पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए प्रीमियम राशि:-
झारखण्ड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना में निर्धारित प्रीमियम राशि का भुगतान राज्य सरकार एवं बीमित मीडिया प्रतिनिधि द्वारा क्रमश: 80 एवं 20 के अनुपात में किया जायेगा |
झारखंड पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित राशि का दावा कैसे करें:-
बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि (insured media representatives) का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा 5 लाख रुपए का होगा | इसके अतिरिक्त उनके आश्रितों एवं सभी बीमितों को ग्रुप मेडिक्लेम विषयक भी कुल पांच लाख रुपए तक के चिकित्सा खर्च की सुविधा प्रदान की जाएगी | यह बीमा योजना एक वर्ष के लिए मान्य होगा और साथ ही प्रतिवर्ष नवीनीकरण का भी प्रावधान होगा | वहीं, इस योजना के अंतर्गत बीमाधारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके नाम निर्देशित सदस्य अथवा स्थायी रूप से निःशक्त होने होने पर स्वयं बीमा धारक के दावे का निम्न प्रावधान किया गया है |
दावा हेतु अवधारित प्रपत्र में सूचना
पुलिस थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर की प्रति
यथा आवश्यक पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र
RCMS PORTAL: रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम मध्य प्रदेश शासन की एक वेब आधारित ई-गवर्नेंस पहल है राजस्व विभाग द्वारा इस पोर्टल को 01-April-2016 में पांच जिलो में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चालू किया गया था तथा 01-October-2016 को पूरे प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों (लगभग 1500) में इसे लागू कर दिया गया |
इस सॉफ्टवेयर के आने के बाद राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया पूर्णत एवं पारदर्शी हो गई है | उच्च अधिकारियों के लिए मॉनिटरिंग करना आसन हो गया है, जिससे प्रकरणों का निपटारा जल्द से जल्द कर दिया जाता है | आम जनता इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से घर बैठे राजस्व प्रकरणों के लिए आवेदन कर सकते है, प्रचलित प्रकरणों की स्थिति पोर्टल के माध्यम से देख सकते है, तथा आदेश हो जाने के पश्चात आदेश की प्रति पोर्टल के माध्यम से डाउनलोड भी कर सकते है | नागरिक सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए इस पोर्टल का एकीकरण अन्य विभागों के सॉफ्टवेयर से किया गया है जैसे कि :-
पंजीयन विभाग के सम्पदा सॉफ्टवेयर के साथ: ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि की रजिस्ट्री होते ही आर.सी.एम्.एस में नामान्तरण हेतु स्वत: ही प्रकरण दर्ज हो जाता है| संपदा कार्यालय में रजिस्ट्री के साथ आवेदक को आर.सी.एम्.एस में नामान्तरण आवेदन की पावती भी उपलब्ध करा दी जाती है| आवेदक को अलग से नामान्तरण के लिए आवेदन नहीं करना होता है|
भू-अभिलेख सॉफ्टवेयर के साथ: जैसे ही आर.सी.एम्.एस में आदेश किया जाता है वैसे ही आदेश की प्रति रिकॉर्ड अद्यतन हेतु भू अभिलेख में ऑनलाइन भेज दी जाती है| अलग से रिकॉर्ड अद्यतन का आवेदन करने के आवश्यकता नहीं होती साथ ही आवेदक पोर्टल पर उपलब्ध संशोधन पंजी के माध्यम से संशोधित खसरे की प्रति डाउनलोड कर सकता है|
लोक सेवा केंद्र/एम्.पी.ऑनलाइन/सी.एस.सी : इन केन्द्रों के माध्यम से भी आवेदक आर.सीम.एम्.एस में आवेदन कर सकता है | यदि प्रकरण लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत आता है तो उसका निराकरण समय सीमा के अन्दर करना सम्बंधित न्यायालय का दायित्व है |समय सीमा वाले प्रकरणों की मॉनिटरिंग उच्च अधिकारियो द्वारा की जाती है|
संचालनालय संस्थागत वित्त केआर.आर.सी प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर के साथ: बैंक द्वारा कलेक्टर न्यायलय में आर.आर.सी हेतु किए गए आवेदन ,कलेक्टर द्वारा तहसील को हस्तांतरित करते ही आर.सी.एम.एस में तहसील न्यायालय में दर्ज हो जाते है तथा आगे की पूर्ण कार्यवाही आर.सी.एम्.एस पोर्टल के माध्यम से की जाती है
उमंग तथा एम्.पी. मोबाइल एप : केंद्र शासन के उमंग एप तथा मध्य प्रदेश के एम्.पी. मोबाइल एप के माध्यम से भी आर.सी.एम्.एस के प्रकरण का विवरण,सुनवाई की दिनांक देखी जा सकती है साथ ही आदेश की प्रति डाउनलोड की जा सकती है | नागरिकों के लिए mRCMS मोबाइल एप भी विकसित की गई है, जो की गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड की जा सकती है | इस एप के माध्यम से नागरिक प्रकरण का विवरण, प्रकरण में लगी सुनवाई की दिनांक देख सकते है, तथा आदेश की प्रति पोर्टल के माध्यम से डाउनलोड कर सकता है| मध्य प्रदेश के आईटी विभाग द्वारा पोर्टल को नागरिक सेवा में उच्च स्तरीय कार्य करने हेतु वर्ष 2018 में द्वितीय पुरस्कार दिया जा चुका है|
आयुक्त भू अभिलेख मध्य प्रदेश (MP RCMS 2022) का उद्देश्य :
RCMS पोर्टल जो की राजस्व विभाग द्वारा शुरू किया गया है। इस पोर्टल द्वारा मध्य प्रदेश के नागरिक अनेक सुविधाओं और सेवाओं का लाभ घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से ले सकेंगे। राजस्व से जुडी सेवाओं के लिए पोर्टल पर सूचनाएं तथा अनेक सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया है। पोर्टल द्वारा नागरिक राजस्व प्रकरणों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे साथ ही आवेदन की स्थिति को भी को ऑनलाइन देख सकेंगे।राजस्व न्यायालयों की सभी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना तथा नागरिकों को राजस्व से सम्बन्धित सुविधाएँ एवं सूचनाएं प्रदान करना पोर्टल का मुख्य उद्देश्य है।
पोर्टल के द्वारा अन्य विभागों के सॉफ्टवेयर के साथ एकीकरण किया गया है ताकि नागरिकों को पोर्टल की सहायता से मिलने वाली सुविधाओं को सरलीकृत किया जा सके। पोर्टल द्वारा पंजीयन विभाग के सम्पदा सॉफ्टवेयर ,भू-अभिलेख सॉफ्टवेयर ,लोक सेवा केंद्र/M .P ऑनलाइन/CSC आदि विभागों के सॉफ्टवेयर के साथ एकीकरण किया गया है जिससे नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाओं को और सरलता से उपलब्ध कराया जा सके।
RCMS MP 2022 (रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम ) के लाभ :
आरसीएमएस एमपी को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ किया गया है।
इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक नजदीकी कियोस्क माध्यम से खसरे की नकल, किश्त बंद खतौनी एवं नक्शे प्रतिलिपि के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह आवेदन करने के बाद नागरिकों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज भी डाउनलोड किए जा सकते हैं।
इस प्रक्रिया के माध्यम से समय और पैसे दोनों की बचत होगी क्योंकि अब नागरिकों को किसी भी सरकारी कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
इसके अलावा यह प्रक्रिया प्रणाली में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगी।
मध्य प्रदेश के नागरिक भू अधिकार पुस्तिका, रीजेनरेट डिजिटल कॉपी, अभिलेख वार प्रतिलिपि, नक्शा आदि भी डाउनलोड कर सकते हैं।
खसरा प्रतिलिपि , किस्त बंद खतौनी एवं नक्शे प्रतिलिपि हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपने लॉगइन क्रैडेंशियल्स दर्ज करके लॉगइन करना होगा।
स्टेप 5. अब आपको खसरे की प्रतिलिपि या किस्त बंद खतौनी या नक्शे प्रतिलिपि के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7. आप को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
स्टेप 8. अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा।
स्टेप 9. इसके पश्चात आपको आवेदन करें कि विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 10. इस प्रकार आप आवेदन कर सकेंगे।
डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा की प्रतिलिपि डाउनलोड की प्रक्रिया :
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको खसरा की प्रतिलिपि के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7. आप को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
स्टेप 8. सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरने के बाद सबमिट करना होगा |
स्टेप 9. इसके पश्चात आपको आवेदन क्रमांक नंबर प्राप्त होगा |
स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा की प्रतिलिपि डाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
डिजिटल हस्ताक्षरितभू अधिकार ऋण पुस्तिका डाउनलोड करने की प्रक्रिया:
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको भू – अधिकार पुस्तिका के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7. आप को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
स्टेप 8. सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरने के बाद सबमिट करना होगा |
स्टेप 9. इसके पश्चात आपको आवेदन क्रमांक नंबर प्राप्त होगा |
स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित भू – अधिकार पुस्तिका डाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
बी-1 की प्रतिलिपि हेतु आवेदन :
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको बी-1 की प्रतिलिपि के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7. आप को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
स्टेप 8. सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरने के बाद सबमिट करना होगा |
स्टेप 9. इसके पश्चात आपको आवेदन क्रमांक नंबर प्राप्त होगा |
स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित बी-1 की प्रतिलिपिडाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
नक़्शा की प्रतिलिपि हेतु आवेदन :
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको नक़्शा की प्रतिलिपि के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7. आप को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
स्टेप 8. सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरने के बाद सबमिट करना होगा |
स्टेप 9. इसके पश्चात आपको आवेदन क्रमांक नंबर प्राप्त होगा |
स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित बी-1 की प्रतिलिपिडाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
खसरा की प्रतिलिपि(खाते के समस्त) हेतु आवेदन:
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको खसरा की प्रतिलिपि(खाते के समस्त) के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7. आप को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
स्टेप 8. सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरने के बाद सबमिट करना होगा |
स्टेप 9. इसके पश्चात आपको आवेदन क्रमांक नंबर प्राप्त होगा |
स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा की प्रतिलिपि(खाते के समस्त)डाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
अभिलेखागार प्रतिलिपि के लिए आवेदन :
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको अभिलेखागार प्रतिलिपि के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7. आप को आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करनी होगी।
स्टेप 8. सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरने के बाद सबमिट करना होगा |
स्टेप 9. इसके पश्चात आपको आवेदन क्रमांक नंबर प्राप्त होगा |
स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित अभिलेखागार प्रतिलिपिडाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
न्यायालय आदेश की प्रतिलिपि के लिए आवेदन :
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
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स्टेप 5. अब आपको न्यायालय आदेश की प्रतिलिपि के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
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स्टेप 8. सभी महत्वपूर्ण जानकारी भरने के बाद सबमिट करना होगा |
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स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित न्यायालय आदेश की प्रतिलिपिडाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
दस्तावेज़ डाउनलोड करें:
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स्टेप 5. अब आपको दस्तावेज़ डाउनलोड के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
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स्टेप 10. अब आप कुछ समय बाद आवेदन कमांक की मदद से डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज़ डाउनलोडकरके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं |
पे/अनपेड आवेदन ढूंढने की प्रक्रिया :
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स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको पे/अनपेड के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7 इस पेज पर आपको अपना आवेदन क्रमांक तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
स्टेप 8. इसके पश्चात आपको सर्च के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 9. इस प्रकार आप पे/अनपेड आवेदन से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
रीजेनरेट डिजिटल कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया :
स्टेप 1. सर्वप्रथम आपको RCMS Mponline की आधिकारिक वेबसाइटपर जाना होगा।
स्टेप 2. अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
स्टेप 3. होम पेज पर आपको किओस्क लॉगइन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 4. इसके पश्चात आपको अपना यूजर नेम पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।साथ ही सबमिट बटन के विकल्प पर क्लिक करना होगा। सबमिट करते ही एक नया पेज ओपन होगा |
स्टेप 5. अब आपको रीजेनरेट डिजिटल कॉपी के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 6. अब आपकी स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
स्टेप 7 इस पेज पर आपको अपना आवेदन क्रमांक तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
स्टेप 8. इसके पश्चात आपको सर्च के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
स्टेप 9. इस प्रकार आप रीजेनरेट डिजिटल कॉपी आवेदन से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
संपर्क सूत्र :
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न :
1. RCMS का पूरा नाम क्या है ?
RCMS का पूरा नाम रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम है।
2. आरसीएमएस पोर्टल क्या है ?
यह मध्य प्रदेश के राजस्व विभाग द्वारा लॉन्च किया गया पोर्टल है। जिसकी सहायता से राज्य की जनता प्रकरणों की स्थिति को देख सकेगी साथ ही आदेश हो जाने के बाद घर बैठे ऑनलाइन आदेश की प्रति को भी डाउनलोड कर सकेगी|
3. M-RCMS एप क्या है ?
M-RCMS एप राजस्व विभाग द्वारा लॉन्च किये गए वेब पोर्टल का मोबाईल एप्लीकेशन है। जिसकी सहायता से राज्य के नागरिक मोबाइल फ़ोन के जरिये संबंधित सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
4. उमंग एप क्या है ?
यह केंद्र सरकार द्वारा लांच की गयी एप्लीकेशन है जिसकी सहायता से भी आप सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।
5. रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल मध्य प्रदेश की ऑफिसियल वेबसाइट क्या है ?
रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट rcms.mp.gov.in है।
MP IFMIS Portal- IFMIS (Integrated Financial Management Information System)(एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली)
MP IFMIS Portal- IFMIS (Integrated Financial Management Information System) मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग द्वारा develop किया गया Online System है। इसके माध्यम से शासकीय कर्मचारी अपनी वेतन पर्ची यानी SALARY SLIP DOWNLOAD कर सकते हैं। IFMIS (एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली) में HRMIS की ESS (EMPLOYEE SELF SERVICE) सुविधा मिलती है। इसके माध्यम से कोई भी कर्मचारी निम्न सुविधाओं का लाभ उठा सकता है।
अवकाश के लिए आवेदन,
NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र),
GPF (सामान्य भविष्य निधि),
TA (यात्रा भत्ता),
MEDICAL BILL (चिकित्सा भत्ता की प्रक्रिया)
ADVANCE (अग्रिम भुगतान)
LOAN (लोन के लिए आवेदन)
मध्य प्रदेश राज्य के कर्मचारी IFMIS MP treasury salary slip ऑनलाइन पोर्टल की माध्यम से अपने वेतन की जानकारी प्राप्त कर सकते है. वित्त विभाग द्वारा mptreasury.gov.in पोर्टल को जारी किया गया है. यह पोर्टल विभिन्न निदेशालय को नियंत्रित करता है जैसे कि – वित्तीय प्रबंधन और सूचना (FMI), संस्थागत वित्त (IF), लघु बचत, राज्य लॉटरी, पेंशन , स्थानीय धन और लेखा परीक्षा, कोषागार और खाते, आदि की जानकारी IFMIS MP 2022 पोर्टल पर उपलब्ध है.
IFMIS login करके राज्य के सरकारी कर्मचारी अपनी salary slip देख सकते है अथवा इसे डाउनलोड भी किया जा सकता है. राज्य के सरकारी कर्मचारियों को सरकार द्वारा एक लॉगिन आयडी दिया जाता है जिससे MPtreasury पोर्टल लॉगिन करके अपने वेतन की IFMS MP treasury salary slip / pay slip online देख सकते है अथवा Download भी कर सकते है
अगर आप भी मध्य प्रदेश के स्थायी नागरिक है और सरकारी विभाग में कार्यरत है तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. इस लेख में MP treasury ifms सम्बंधित जानकारी प्रदान की गयी है.
What is IFMS ( Integrated Financial Management Information System)?
IFMIS (एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली) क्या है?
IFMIS (Integrated Financial Management Information System) मध्य प्रदेश सरकार के माध्यम से वित्त विभाग द्वारा राज्य सरकारी विभाग में कार्यरत सरकारी कर्मचारी की वेतन पर्ची (Salary slip) की जानकारी ऑनलाइन प्रदान करने के लिए MP IFMS portal को जारी किया गया है. इस पोर्टल की माध्यम से राज्य के सभी सरकारी कर्मचारी अपनी salary Slip देख सकते हैं और साथ ही Salary Slip को डाउनलोड करके इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं | इस Salary Slip में कर्मचारियों के वेतन की संपूर्ण जानकारी होती है जैसे वेतन में की गयी कटौती, कितने समय तक काम किया, आदि की सभी जानकारी इसमें उपलब्ध होती है. ऑनलाइन पोर्टल की माध्यम से अब राज्य के कर्मचारी घर बैठे ही MP treasury ऑनलाइन पोर्टल से MP salary slip / MP pay slip का विवरण प्राप्त कर सकते है
IFMS MP treasury :
मध्य प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए mp treasury ifms पोर्टल जारी किया गया है. अब राज्य के सरकारी विभाग के कर्मचारियों को वित्त विभाग द्वारा संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन के माध्यम से ही प्राप्त होगी. पहले राज्य के सरकारी कर्मचारी को कई बार अपनी वेतन पर्ची देखने या वेतन से सम्बंधित विवरण या वेतन कटौती के बारे में जानने में उन्हें दिक्कतो का सामना करना पड़ता था | लेकिन अब ऑनलाइन पोर्टल की माध्यम से राज्य के कर्मचारी घर बैठे ifmis mp employee login करके अपने वेतन पर्ची का विवरण देख सकते है|
mptreasury.gov.in /ifms का मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य के सभी सरकारी विभाग के कर्मचारी अपने सैलरी स्लिप का विवरण कभी भी कही भी कर सके. अब राज्य के कर्मचारियों अपने वेतन पर्ची सम्बंधित जानकारी को प्राप्त करने के लिए किसी सरकारी कार्यालय या बैंक में जाने की आवश्यकता नहीं होगी. घर बैठे अपने मोबाइल, लैपटॉप की माध्यम से IFMS login करके IFMS MP treasury pay slip download कर सकते है और अपने वेतन पर्ची का विवरण देख सकते है.
MP IFMIS पोर्टल की सुविधा/ लाभ :
IFMIS (Integrated Financial Management Information System) मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग द्वारा develop किया गया Online System है। इसके माध्यम से शासकीय कर्मचारी अपनी वेतन पर्ची यानी SALARY SLIP DOWNLOAD कर सकते हैं। IFMIS (एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली) में HRMIS की ESS (EMPLOYEE SELF SERVICE) सुविधा मिलती है। इसके माध्यम से कोई भी कर्मचारी निम्न सुविधाओं का लाभ उठा सकता है।
अवकाश के लिए आवेदन,
NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र),
GPF (सामान्य भविष्य निधि),
TA (यात्रा भत्ता),
MEDICAL BILL (चिकित्सा भत्ता की प्रक्रिया)
ADVANCE (अग्रिम भुगतान)
LOAN (लोन के लिए आवेदन)
IFMIS login:
यदि आप IFMIS Portal में लॉगिन करना चाहते है तो हमारे द्वारा बताये गये प्रोसेस को फॉलो करके IFMIS Portal को लॉगिन कर सकते हैं
STEP 1:IFMIS Portalमें लॉगिन करने के लिए सर्वप्रथम IFMIS Portal की ऑफिसियल वेबसाइट में https://mptreasury.gov.in/IFMS/ पर जाना होगा | जिसके बाद आप के सामनेहोम पेज ओपन होगा|
STEP 2: अब ओपन हुई वेबसाइट के लॉगिन सेक्शन में जाकर अपना यूजर आई डी और पासवर्ड दर्ज करे और साथ ही लॉगिन सेक्शन में दिया गया कैप्चा भी कैप्चा सेक्शन में भरना होगा |
STEP 3: अपना यूजर आई डी,पासवर्ड और कैप्चा कोड एंटर करने के बाद लॉगिन बटन पर क्लिक करे |
STEP 4: लॉगिन बटन पर क्लिक करते हे आप का अकाउंट लॉगिन हो जायेगा |
अधिक जानकारी प्राप्त करने कि लिए आवेदक हमारी वेबसाइट http://enterhindi.com/की मदद ले सकते है |
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जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में 15 अगस्त 2019 को की गयी। देश के लगभग 50% ऐसे ग्रामीण क्षेत्र है जहां अभी भी लोगो को पानी की समस्या होती है उन क्षेत्रों में पीने के पानी को पहुंचाने के लिए मोदी की ने इस स्कीम का शुभारम्भ किया।
जल शक्ति मंत्रालय के आकड़े के अनुसार अभी तक 18.33 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई गयी है। सरकार द्वारा इस मिशन के लिए 3.60 लाख करोड़ बजट देने का प्रावधान किया है।
जिसमे राज्य सरकार व केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग बजट दिया जाएगा। जल जीवन मिशन (ग्रामीण और शहरी) के माध्यम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के घरों में पीने के पानी के लिए जल कनेक्शन लगाये जाएंगे।
अभी तक कुल 3.27 करोड़ ग्रामीण परिवारों को वाटर कनेक्शन प्रदान किया गया है। इस आर्टिकल में हम आप को जल जीवन मिशन के के बारे में बतायेगे| जल जीवन मिशन के बारे में जानने के लिए हमारे आर्टिकल को अंत तक पूरा पड़े|
चर्चा में क्यों है जल जीवन मिशन :
हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल जीवन मिशन (JJM) के तहत मध्य प्रदेश के लिये 15,381.72 करोड़ रुपए की पेयजल आपूर्ति योजनाओं को मंज़ूरी दी है।
‘जल जीवन मिशन’ का लक्ष्य वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में सुनिश्चित नल जल आपूर्ति या ‘हर घर जल’ सुनिश्चित करना है।
जल जीवन मिशन 2022:
जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में लॉन्च किया गया यह मिशन वर्ष 2024 तक ‘कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन’ (FHTC) के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी की आपूर्ति की परिकल्पना करता है। जल जीवन मिशन का उद्देश्य जल को आंदोलन के रूप में विकसित करना है, ताकि इसे लोगों की प्राथमिकता बनाया जा सके। यह मिशन ‘जल शक्ति मंत्रालय’ के अंतर्गत आता है|
पेयजल और स्वच्छता विभाग ग्रामीण भारत को सेवा वितरण पर ध्यान देने के साथ सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है। विभाग की केंद्र प्रायोजित योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, 2024 तक हर ग्रामीण घर यानी हर घर जल को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने के लिए जल जीवन मिशन में पुनर्गठित किया गया था। जेजेएम के तहत हर घर में नल का जल कनेक्शन के लिए इन-विलेज वाटर सप्लाई) बुनियादी ढाँचा शामिल किया जाएगा|
जल जीवन मिशन योजना हाइलाइट्स :
आर्टिकल
जल जीवन मिशन स्कीम
विभाग
पेयजल और स्वच्छता विभाग
योजना शुरू
15 अगस्त 2019
लाभार्थी
देश के नागरिक
शुरुआत
पीएम नरेंद्र मोदी जी द्वारा
उद्देश्य
सभी राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सुविधा उपलब्ध करवाना
वर्ष 2019 में लॉन्च किया गया यह मिशन वर्ष 2024 तक ‘कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन’ (FHTC) के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी की आपूर्ति की परिकल्पना करता है।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य जल को आंदोलन के रूप में विकसित करना है, ताकि इसे लोगों की प्राथमिकता बनाया जा सके।
यह मिशन ‘जल शक्ति मंत्रालय’ के अंतर्गत आता है।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य :
यह मिशन मौजूदा जल आपूर्ति प्रणालियों और पानी के कनेक्शन की कार्यक्षमता सुनिश्चित करता है; पानी की गुणवत्ता की निगरानी एवं परीक्षण के साथ-साथ सतत् कृषि को भी बढ़ावा देता है।
यह संरक्षित जल के संयुक्त उपयोग; पेयजल स्रोत में वृद्धि, पेयजल आपूर्ति प्रणाली, धूसर जल उपचार और इसके पुन: उपयोग को भी सुनिश्चित करता है।
जल जीवन मिशन की विशेषताए :
जल जीवन मिशन (JJM) स्थानीय स्तर पर पानी की मांग और आपूर्ति पक्ष के एकीकृत प्रबंधन पर केंद्रित है।
वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और पुन: उपयोग के लिये घरेलू अपशिष्ट जल के प्रबंधन जैसे अनिवार्य उपायों हेतु स्थानीय बुनियादी ढाँचे का निर्माण विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों/योजनाओं के साथ अभिसरण में किया जाता है।
यह मिशन जल के सामुदायिक दृष्टिकोण पर आधारित है तथा मिशन के प्रमुख घटक के रूप में व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार शामिल हैं।
जल जीवन मिशन का कार्यान्वयन :
जल समितियाँ ग्राम जल आपूर्ति प्रणालियों की योजना, क्रियान्वयन, प्रबंधन, संचालन और रखरखाव करती हैं।
इनमें 10-15 सदस्य होते हैं, जिनमें कम से कम 50% महिला सदस्य एवं स्वयं सहायता समूहों के अन्य सदस्य, मान्यता प्राप्त सामाजिक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा), आंगनवाड़ी , शिक्षक आदि शामिल होते हैं।
समितियाँ सभी उपलब्ध ग्राम संसाधनों को मिलाकर एक बारगी ग्राम कार्य योजना तैयार करती हैं। योजना को लागू करने से पहले इसे ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाता है।
जल जीवन मिशन का फंडिंग पैटर्न :
केंद्र और राज्यों के बीच फंड शेयरिंग पैटर्न हिमालय तथा उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिये 90:10, अन्य राज्यों के लिये 50:50 और केंद्रशासित प्रदेशों के लिये 100% है।
जल जीवन मिशन की अब तक की प्रगति :
जब मिशन शुरू किया गया था, देश के ग्रामीण परिवारों में से केवल 17% (32.3 मिलियन) के पास नल के पानी की आपूर्ति थी।
आज 7.80 करोड़ (41.14%) घरों में नल के पानी की आपूर्ति है। गोवा, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पुद्दूचेरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में 100% घरेलू कनेक्शन हासिल कर लिया है।
जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के पूरक के लिये, जल जीवन मिशन (शहरी) की घोषणा बजट 2021-22 में की गई थी।
जल जीवन मिशन योजना के लाभ :
जल जीवन मिशन स्कीम के माध्यम से देश के नागरिकों को कौन-कौन से लाभ प्राप्त होते हैं उन सभी लाभों की जानकारी लेख में नीचे दी जा रही है। जल जीवन मिशन के सभी लाभों की सूची नीचे लेख से प्राप्त करें।
जल जीवन मिशन के माध्यम से राज्यों के जिन इलाकों में पानी की सुविधा नहीं है वहां पानी पहुंचाया जाएगा।
इस स्कीम (जल जीवन मिशन स्कीम) लाभ ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को प्रदान किया जाएगा।
जल जीवन मिशन स्कीम के लिए सरकार ने 3.60 लाख करोड़ का बजट देने का प्रावधान दिया जाएगा।
स्कीम के माध्यम से 6 करोड़ घरों में पानी पहुँचाया जाएगा।
घरों में पहुंचाया जाने वाले जल का प्रयोग उम्मीदवार पीने के लिए भी कर सकते हैं।
इस मिशन (जल जीवन मिशन स्कीम) के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सभी उम्मीदवारों को अपने घरों में ही पानी का कनेक्शन प्राप्त हो जाएगा।
अब उन्हें पीने का पानी लेने के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा जिससे लाभार्थियों के समय की भी बचत होगी।
जल जीवन मिशन स्कीम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को Functional Household Tap Connection उपलब्ध करवाना है।
स्कीम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजानिक स्थानों पर भी जल कनेक्शन लगाए जाएंगे।
अभी तक 18.33 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में पानी का कनेक्शन प्रदान किया गया है।
19 करोड़ 17 लाख ,20 हजार 832 ग्रामीण परिवारों को पानी का कनेक्शन प्राप्त किया गया है।
जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो को राहत मिलेगी।
अभी तक 18 जिलों के लोगों को स्कीम का लाभ प्रदान किया गया है।
जल जीवन मिशन से सम्बंधित प्रश्न उत्तर :
1. जल जीवन मिशन की शुरुआत किसने की?
जल जीवन मिशन की शुरुआत प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गयी है।
2. जल जीवन मिशन स्कीम की शुरुआत कब की गयी ?
जल जीवन मिशन की शुरुआत 15 अगस्त 2019 को की गयी।
3. जल जीवन मिशन योजना किसकी है?
जल जीवन मिशन स्कीम की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा की गयी है यह योजना भारत सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों के लिए शुरू की गयी है जिसके माध्यम से उन्हें पानी की सुविधा घर-घर में उपलब्ध कराई जाएगी।
4. हर घर जल योजना कब शुरू हुई?
‘हर घर नल’ योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी. इसका नाम हर घर नल से जल रखा गया था. इस योजना के तहत 2022 तक हर घर तक साफ पीने का पानी मुहैया कराने के लिए की बात कही गई थी. बता दें कि वित्त मंत्री ने 2019 में इस योजना के बारे में लोगों को बताया था
2021 में Data AI कंपनी data.ai एक दिलचस्प रिपोर्ट लेकर आई थी | रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में लोग हर महीने लगभग 38 घंटे मोबाइल ऐप पर वीडियो देखने में बिताते हैं | प्रवृत्ति भारत में समान है | 2021 में प्रकाशित ऑरमैक्स मीडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में 353 मिलियन ओटीटी उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से 96 मिलियन सक्रिय पेड सब्सक्रिप्शन हैं | आज देश में लगभग 40, OTT service providers हैं, और उनमें से सबसे लोकप्रिय में से एक MX Player है |
दुनिया भर में लगभग 280 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के साथ, MX Player ने खुद को OTT Segment में एक शीर्ष खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है | यहां MX Player Success Story के बारे में अधिक जानकारी दी गई है |
MX PLAYER – COMPANY HIGHLIGHTS:-
Startup Name
MX Player
Headquarters
Mumbai, India
Sector
Video Streaming
Founder
Karan Bedi
Founded
2011
Website
www.mxplayer.in
Contact
support@mxplayer.in
MX Player क्या है:-
Indian Video Streaming platform वन-स्टॉप एंटरटेनमेंट जंक्शन है, जहां उपयोगकर्ता वेब सीरीज, टीवी शो, मूवी, म्यूजिक, गेम्स, न्यूज आदि को स्ट्रीम कर सकते हैं | मंच में हिंदी और अंग्रेजी के अलावा सभी शैलियों और विभिन्न भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में वीडियो सामग्री है |
MX Player को 2011 में दक्षिण कोरियाई डेवलपर J2 interactive द्वारा विकसित किया गया था | इसके लॉन्च के दौरान, MX Player सिर्फ एक वीडियो प्लेयर था, जो एक फोन पर स्थानीय रूप से संग्रहीत विभिन्न प्रारूपों की वीडियो फ़ाइलों को चला सकता था | App को सस्ते एंड्रॉइड स्मार्टफोन पर भी वीडियो को सुचारू रूप से चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया था, यही वजह है कि इसने भारत सहित विकासशील देशों में लोकप्रियता हासिल की | दरअसल भारत MX Player का सबसे बड़ा बाजार था | यही कारण है कि भारत की अग्रणी डिजिटल उत्पाद कंपनी Times Internet ने 2018 में 140 मिलियन डॉलर में MX Player का अधिग्रहण किया |
2019 में, टाइम्स इंटरनेट (Times Internet) ने MX Player को वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (video streaming platform) के रूप में फिर से लॉन्च किया | आज की स्थिति में, अपने उपयोगकर्ताओं को ऑफ़लाइन वीडियो चलाने, ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीम करने और Ganna (Times Internet की music streaming service) के माध्यम से संगीत स्ट्रीम करने देता है | हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में मूल शो का निर्माण करने के अलावा, App ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्टूडियो जैसे Goldmine, Hungama, Shemaroo, Paramount pictures आदि के साथ सोर्सिंग सामग्री के लिए करार किया है |
शुरुआत में सिर्फ भारत में लॉन्च किया गया, MX Player ने 2020 में USA, UK, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी OTT सेवाओं का विस्तार किया |
MX Player – Founder & CEO:-
दक्षिण कोरिया स्थित कंपनी J2 interactive द्वारा बनाया गया था, जिसे बाद में 2018 में Times Internet द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया था | अधिग्रहण के बाद से, करण बेदी (Karan Bedi), CEO के रूप में काम कर रहे हैं | करण पहले EROS Digital के COO थे जो भारत का एक और लोकप्रिय OTT है | Stanford University के स्नातक करण बेदी ने कई अन्य स्टार्टअप की स्थापना की है | 2012 में, उन्होंने EdTech स्टार्टअप Tutorific की स्थापना की, जिसे उन्होंने 2014 में छोड़ दिया | वह ContentFlow Technologies के सह-संस्थापक भी हैं, जो शिक्षा और सूचना-संबंधी सामग्री के निर्माण पर केंद्रित कंपनी है |
MX Player – Mission & Vision:-
CEO, करण बेदी के अनुसार, MX Player का vision दुनिया के सबसे बड़े मनोरंजन प्लेटफॉर्मों में से एक होना है और अपने उपयोगकर्ताओं को उनकी ऑनलाइन मनोरंजन जरूरतों के लिए केवल वीडियो स्ट्रीमिंग के अलावा सेवा प्रदान करना है | इसी विजन के अनुरूप ने म्यूजिक स्ट्रीमिंग की शुरुआत की है | फरवरी 2020 मे गेम्स भी लॉन्च किए |
एक विज्ञापन-आधारित वीडियो-ऑन-डिमांड प्लेटफॉर्म (advertisement-based video-on-demand platform) है | यद्यपि प्रो ऐप है जो उपयोगकर्ताओं को विज्ञापनों के बिना सामग्री का आनंद लेने देता है, MX खिलाड़ियों के लिए राजस्व का मुख्य स्रोत विज्ञापन है | कंपनी निकट भविष्य में मुद्रीकरण के नए तरीकों की उम्मीद कर रही है |
MX Player – Growth & Revenue:-
MX Player के पास भारत में ग्राहकों का व्यापक आधार था, तब भी जब प्लेटफॉर्म का स्वामित्व J2 interactive के पास था | Times Internet द्वारा ऐप के अधिग्रहण के बाद, और MX Player को वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के रूप में फिर से लॉन्च करने के बाद, इसने और भी अधिक उपयोगकर्ताओं को आकर्षित किया है | रिपोर्टों के अनुसार, Times Internet द्वारा अधिग्रहण के 18 महीनों के भीतर MX Player के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं में 14% से अधिक की वृद्धि हुई |
2021 में CII-BCG की रिपोर्ट के अनुसार, MX Player के दुनिया भर में 280 मिलियन से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं | ऐप के भारत में लगभग 175 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं | सैन फ्रांसिस्को स्थित एक शोध फर्म ऐप एनी की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, MX Player भारत में दूसरा सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला ऐप है | ऐप ने इंडोनेशिया और रूस में भी लोकप्रियता हासिल की है | उक्त रिपोर्ट के अनुसार, MX Player ने दुनिया भर में शीर्ष 10 सबसे अधिक डाउनलोड किए जाने वाले ऐप्स में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है | 2019 में, ऐप एनी द्वारा MX Player को भारत का शीर्ष स्ट्रीमिंग ऐप नामित किया गया था | जैसा कि 2021 में रिपोर्ट किया गया था, MX Player ने Google Play में 1 बिलियन से अधिक डाउनलोड दर्ज किए |
MX Player के सटीक राजस्व से संबंधित डेटा का खुलासा नहीं किया गया है | लेकिन, मार्च 2020 को समाप्त वित्तीय वर्ष में, MX Player की मूल कंपनी Times Internet का राजस्व 24% बढ़कर 1,625 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, और इस राजस्व का एक बड़ा हिस्सा MX Player से आता है | अक्टूबर 2019 में, MX Player ने Tencent और टाइम्स इंटरनेट से $110.8 की फंडिंग जुटाई |
MX Player – Competitors:-
Hotstar
Amazon Prime Video
Netflix
FAQs:-
क्या MX Player एक Free App है?
हां, MX Player Users के लिए फ्री है | हालाँकि, ऐप का एक विज्ञापन-मुक्त संस्करण है जो एक छोटे से शुल्क के लिए उपलब्ध है |
MX Player का Business Model क्या है?
MX Player एक फ्रीमियम मॉडल पर चलता है | सामग्री उपयोगकर्ताओं के लिए देखने के लिए स्वतंत्र है | हालांकि, उपयोगकर्ता विज्ञापन-मुक्त अनुभव के लिए सदस्यता खरीद सकते हैं | साथ ही, सब्सक्राइबर्स को एमएक्स प्लेयर पर नई रिलीज़ की जल्दी एक्सेस मिलती है |
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मजदूरो के लिए श्रमिक कार्ड योजना (MP Labour Card) शुरू की है इस योजना में मजदूरो को लेबर कार्ड बनवाना होता है श्रमिक कार्ड बनवाने के बाद मजदूरो को कई तरह की योजनाओ का लाभ दिया जाता है |
राज्य के गरीब वर्ग के लिए निरंतर राज्य सरकारें नई-2 योजनाओं की घोषणा करती रहती है, किन्तु सरकार द्वारा जितनी भी गरीब मजदूरों के लिए योजनाए चलाई जाती हैं ये लोग उन योजनाओ का लाभ नहीं उठा पाते और योजनाओ से मिलने वाले लाभ से वंचित रह जाते हैं | जिससे की ये लोग अपनी आर्थिक स्थिति नहीं सुधार पाते |
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को राज्य सरकार द्वारा योजनाओ का लाभ देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा Shrmik Card Madhya Pradesh योजना शुरू कि गई है |
इसमें कारखाने सड़क निर्माण भवन निर्माण आदि कार्यो में लगे मजदुर व कारीगर अपना मजदुर (Labour) कार्ड बना सकते है | और इसके माध्यम से मध्यप्रदेश के मजदुर राज्य सरकार की कई योजना का लाभ ले सकते है |
श्रमिक कार्ड के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकते है:-
राज मिस्त्री हेल्पर
बढ़ई
लोहार
अकुशल कारीगर
भवन निर्माण कारीगर
टाइल मिस्त्री
इलेक्ट्रिशियन
गेट ग्रिल वेल्डिंग रिड्यूसर
मनरेगा कार्य में बागवानी और वानिकी को छोड़कर श्रमिक
सीमेंट घोल मिक्सर
कंक्रीट मिक्सर
रोलर चालक
केन्द्रित और लोहे का बांधना
सड़क पुल आदि बनाने वाले कारीगर और सहायक |
श्रमिक पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज व पात्रता:-
आवासीय योग्यता :- इस योजना में वितरित किये जाने वाले स्मार्ट कार्ड केवल मध्यप्रदेश में असंगठित मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत पंजीकृत होने वाले मजदूरों के लिए है | इसलिए उनका मध्यप्रदेश का पूर्ण रूप से निवासी होना अनिवार्य है |
आयु सीमा :- किसी भी मजदूर को स्मार्ट कार्ड प्राप्त करने के लिए आयु सीमा के अंदर होना अनिवार्य है इसके लिए आयु सीमा 18 साल से 60 साल की दी गई है | केवल इस बीच के लोगों को ही यह कार्ड जारी किया जायेगा |
कृषि भूमि :- यदि कोई कृषि से जुड़े मजदूर यह स्मार्ट कार्ड प्राप्त करना चाहता है तो उसके पास 1 हेक्टर से कम, खुद की कृषि भूमि होनी चाहिए |
इसके अलावा आपको फॉर्म के साथ अपने सारे डॉक्यूमेंट आधार कार्ड , राशन कार्ड, के साथ आप स्वयं इस फॉर्म को ऑनलाइन जमा कर सकते हैं | अगर आपके पास श्रम पोर्टल सेवा के लॉगिन id पासवर्ड है तो आपको सबसे पहले यहां http://shramsewa.mp.gov.in/hi-in/ जाना है इसके बाद Login पर क्लिक करना है |
इसके बाद आपके सामने एक नई विंडो खुलेगी, जिसमें आपके सामने कई विकल्प दिखाई देंगे | इसमें आप सेवाएं विकल्प पर क्लिक करें |
यहाँ आपको श्रमिक कार्ड का प्रमाण पत्र प्रिंट करने का विकल्प दिखाई देगा उस पर क्लिक करें |
जैसे ही आप यहाँ क्लिक करेंगे, इसके बाद आपसे समग्र सदस्य आईडी पूछी जाएगी |
उसे भरें, एवं उसके नीचे एक कैप्चा कोड दिखेगा उसे भी भरे |
और ‘सदस्य की जानकारी देंखे’ वाले विकल्प पर क्लिक करें |
यहाँ आपके सामने आपका स्मार्ट कार्ड खुल जायेगा | आप इसे भविष्य में उपयोग करने के लिए प्रिंट भी करा सकते हैं.
यदि आप ऑफलाइन माध्यम से स्मार्ट कार्ड प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय में विजिट करना होगा |
MP Labour Card Helpline number:-
मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल आर-23 जोन -01, एम.पी नगर, भोपाल मध्यप्रदेश Phone No. : 0755-2552663 Email : BOCBoard@mp.gov.in
Rajasthan Mukhyamantri Scholarship 2021-22 : राजस्थान सरकार ने राज्य के गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना ( Mukhyamantri Scholarship Yojana ) का सुभारम्भ कर दिया है जिसके लिए के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म शुरू हो गए हैं | हर साल की तरह इस साल भी सभी मेधावी छात्र पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ( Post Matric Scholarship ) के लिए आवेदन कर सकते हैं !
इस छात्रवृत्ति योजना ( Rajasthan CM Scholarship Scheme ) का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों को अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करना है ! ताकि पैसों के अभाव में उनकी पढ़ाई छूट न जाए | enterhindi.com में आप सभी लोगो का स्वागत है, राजस्थान मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना से जुडी सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे अतिकाल के पूरा पढ़े |
छात्रवृत्ति योजना ( Scholarship Yojana ) के तहत छात्रों को उनकी दसवीं की पढ़ाई के आधार पर आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है ! सभी मेधावी छात्र जो 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए अध्ययन करना चाहते हैं, वे राजस्थान मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना ( Rajasthan CM Higher Education Scholarship Scheme ) के लिए आवेदन कर सकते हैं !
इस छात्रवृत्ति योजना ( Mukhyamantri Scholarship Yojana ) के तहत केवल एससी, एसटी और ओबीसी छात्र ही आवेदन कर सकते हैं ! राजस्थान पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना ( Rajasthan Post Matric Scholarship ) के तहत 10000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी
राजस्थान मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के लिए पात्रता: Rajasthan Mukhyamantri Scholarship 2021-22
राजस्थान मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना ( Rajasthan CM Scholarship ) के तहत ऑनलाइन पंजीकरण करने से पहले, निम्नलिखित पात्रता मानदंड को पूरा करना होगा |
आवेदक राजस्थान ( Rajasthan ) का मूल निवासी होना चाहिए |
एक परिवार के अधिकतम 2 विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं |
आवेदक एससी, एसटी और ओबीसी से होना चाहिए |
आवेदक का अपना बैंक खाता होना चाहिए जो उसके आधार से जुड़ा हो |
परिवार की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार से कम होनी चाहिए |
राजस्थान छात्रवृत्ति योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:
मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना ( Rajasthan Mukhyamantri Scholarship ) का लाभ लेने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए |
आवेदक छात्र के 2 पासपोर्ट आकार के फोटो
आवेदक का आधार कार्ड
बैंक खाता
जाति प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
शैक्षिक दस्तावेज
राजस्थान मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के के मुख्य तथ्य:
मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का लाभ उन विधार्थियो को मिलेगा जिन्होंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की उच्च माध्यमिक परीक्षा वरीयता सूची में प्रथम एक लाख तक स्थान प्राप्त किया होगा ! Rajasthan Post Matric Scholarship 2021 के अंतर्गत विधार्थियो के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख 5 हज़ार रूपये होनी चाहिए ! विधार्थियो का राष्ट्रीय कृत बैंक में खाता होना अनिवार्य है |
इस योजना ( Rajasthan CM Higher Education Scholarship Scheme ) के अंतर्गत अल्प आय परिवारों के लाभार्थी छात्र छात्राओं को प्रतिमाह 500 रूपये 1 साल में 10 महीने से अधिक नहीं होगा अर्थात अधिकतम 5000 रूपये सलाना दिए जायेगे ! जो छात्र छात्राये पहले से ही किसी ओर योजना के अंतर्गत छात्रवृति प्राप्त कर रहे है तो वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते है |
राजस्थान मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया :
जो छात्र आईटीआई, बीएससी नर्सिंग, टेक्निकल और बीएड कोर्स कर रहे हैं 1 वे भी इस स्कॉलरशिप योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं ! राजस्थान पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना ( Rajasthan Post Matric Scholarship ) के तहत ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा |
STEP1: सबसे पहले आपको सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जयपुर राजस्थान ( Rajasthan ) की आधिकारिक वेबसाइट https://www.sje.rajasthan पर जाना होगा |
STEP2: इसके बाद स्कॉलरशिप पोर्टल पर क्लिक करें |
STEP3: अब आपके सामने स्कॉलरशिप पोर्टल ( Scholarship Portal ) खुल जाएगा ! इसमें आप अपने अनुसार सही विकल्प चुनकर उस पर क्लिक कर सकते हैं !
इस तरह आपका आवेदन राजस्थान ( Rajasthan ) के उच्च शिक्षा विभाग को प्राप्त हो जाएगा ! आवेदन मिलने के बाद सभी आवेदनों की जांच की जाएगी ! इसके बाद सहायता राशि चयनित अभ्यर्थियों के बैंक खाते में जमा करा दी जाएगी ! अधिक जानकारी के लिए आप अपने स्कूल/कॉलेज के शिक्षा विभाग से संपर्क कर सकते हैं ! राजस्थान के सभी छात्र इस छात्रवृत्ति योजना ( Rajasthan CM Higher Education Scholarship Scheme ) का लाभ उठा सकते हैं !
EPFO Pension Rules:- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन या Employee Provident Fund Organization एक ऐसी संस्था है है जो संगठित निजी क्षेत्रों में कार्य कर रहे कर्मचारियों की भविष्य निधि को सुरक्षित करती है और उसकी निगरानी करती हैं । 20 से 20 से ज्यादा कर्मचारी होने की स्थिति में हर प्राइवेट आर्गेनाइजेशन की जिम्मेदारी है की वह नियमानुसार कर्मचारियों के वेतन से PF काटे उतनी ही रकम मिलाकर कर्मचारी के EPFO अकाउंट में जमा कराये ये उनकी जिम्मेदारी और कर्तव्य भी है ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्यवाही के प्रावधान हैं ।
आप स्वयं भी ऑनलाइन पासबुक देखकर पीएफ का पता लगा सकते हैं की आपके EPF अकाउंट में हर माह पीएफ जमाया कराया जा रहा है या नहीं, न जमा होने की स्थिति में आप अपने एम्प्लॉयर को सूचित कर सकते हैं |और उसे जमा करने के लिए कह सकते हैं यदि फिर भी आपका पीएफ जमा नहीं होता है तो सम्बंधित कार्यालय में शिकायत भी कर सकते हैं |
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( Employees Provident Fund Organization ) भविष्य निधि (ईपीएफ) के सदस्यों को भविष्य निधि (PF) कर्मचारी के तहत लाभ के लिए पात्र हैं | इस ईपीएफओ ( EPFO ) लाभ में, एक ईपीएफ खाताधारक को अपने ईपीएफ खाते में अपने मूल वेतन का 12 प्रतिशत योगदान करना होता है | जबकि इसके भर्तीकर्ता कर्मचारी के मूल वेतन का 12 प्रतिशत अपने संबंधित ईपीएफ खातों में जमा करेंगे | यह ईपीएफ पेंशन ( EPF Pension ) योगदान कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के लिए अनिवार्य है |
EPFO Pension Rules:-
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( Employees Provident Fund Organization ) के नियमों के अनुसार, कई ईपीएफओ लाभ हैं जो एक ईपीएफ खाताधारक के लिए पात्र हैं ! लेकिन ईपीएफओ पेंशन ( EPFO Pension ) एक ऐसा लाभ है जिससे अधिकांश ईपीएफओ ग्राहक अनजान हैं |
ईपीएफओ पेंशन ( EPFO Pension ) लाभ नियम में एक महत्वपूर्ण बदलाव के बारे में याद दिलाते हुए, सीएजी इंफोटेक के एमडी, अमित गुप्ता, एक सेबी पंजीकृत कर और निवेश समाधान कंपनी ने कहापहले ईपीएफओ पेंशन लाभ सभी कर्मचारियों को दिया जाता था | लेकिन अब यह केवल उन कर्मचारियों तक सीमित है जिनके मासिक वेतन ₹ 15,000 या उससे कम है | तो, वे कर्मचारी, जिनका मासिक वेतन ₹ 15,000 या उससे कम है | अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( Employees Provident Fund Organization ) पेंशन लाभ के लिए पात्र हैं |
पीएस के तहत पेंशन लाभ: EPFO Pension Rules
58 वर्ष की आयु में पेंशन: 58 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर, एक सदस्य पेंशन लाभ के लिए पात्र होता है | जब वह 58 वर्ष की आयु तक पहुंचता है | तो उसे पेंशन लाभ के लिए पात्र होने के लिए कम से कम दस साल तक सेवा करनी चाहिए | एक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( Employees Provident Fund Organization ) योजना प्रमाणपत्र जारी किया जाता है | जिसका उपयोग मासिक पेंशन निकासी के लिए फॉर्म 10डी भरने के लिए किया जा सकता है !
मासिक पेंशन के लिए पात्र होने से पहले रोजगार छोड़ने पर पेंशन लाभ: यदि कोई सदस्य 58 वर्ष की आयु तक दस वर्षों तक अपनी सेवा जारी रखने में असमर्थ है | तो वह 58 वर्ष की आयु में फॉर्म 10C भरकर पूरी राशि निकाल सकता है | हालांकि, उन्हें सेवानिवृत्ति तक मासिक पेंशन भुगतान नहीं मिलेगा |
विकलांगों पर पेंशन पूरी तरह से और स्थायी रूप से: भले ही उन्होंने पेंशन योग्य सेवा अवधि पूरी की हो या नहीं, एक ईपीएफओ ( EPFO ) सदस्य जो पूरी तरह से और स्थायी रूप से अक्षम हो जाता है, मासिक पेंशन के लिए पात्र है | पेंशन के लिए पात्र होने के लिए, उसके नियोक्ता को अपने ईपीएस खाते में कम से कम एक महीने के लिए धनराशि जमा करनी होगी ! स्थायी विकलांगता के दिन से, सदस्य मासिक ईपीएफओ पेंशन ( EPFO Pension ) के लिए उत्तरदायी होता है ! जो उसके शेष जीवन के लिए प्रदान किया जाता है |
ईपीएफओ के तहत पेंशन की गणना कैसे करें :
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( Employees Provident Fund Organization ) के तहत मासिक पेंशन लाभ कर्मचारी के पेंशन योग्य वेतन और ईपीएफओ पेंशन ( EPFO Pension News ) योग्य सेवा अवधि द्वारा निर्धारित किया जाता है ! राशि की गणना के लिए निम्न सूत्र का उपयोग किया जा सकता है |
पेंशन योग्य वेतन के लिए:
ईपीएफओ पेंशन ( EPFO Pension News) योग्य वेतन पिछले 12 महीनों की सेवा के लिए कर्मचारी का समग्र मासिक वेतन है | पिछले 12 महीनों में किसी भी गैर-अंशदायी दिन को ध्यान में नहीं रखा जाएगा | और कर्मचारी को राशि का भुगतान किया जाएगा |
मान लीजिए कि एक कर्मचारी का मासिक वेतन 30,000 रुपये है | चूंकि नियोक्ता इस वेतन का 8.33 प्रतिशत कर्मचारी के ईपीएस फंड में योगदान देता है, इस मामले में पेंशन योग्य वेतन है |
रु 30,000 x 8.33 / 100 = रु 2,499 (मासिक पेंशन राशि), वार्षिक पेंशन राशि होगी: रु 2,499 x 12 = रु 29,988 |
यदि कोई कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ( Employees Provident Fund Organization ) महीने की पहली तारीख को रोजगार शुरू नहीं करता है तो उसके महीने के वेतन की गणना 30 दिनों के बजाय उसके कार्य दिवसों के आधार पर की जाएगी | यदि कोई व्यक्ति महीने की 5 तारीख को काम करना शुरू कर देता है | तो अगले 25 दिनों के लिए वेतन प्रतिदिन भुगतान की गई राशि के आधार पर निर्धारित किया जाएगा | कहा जा रहा है कि ईपीएस कैलकुलेशन के लिए मासिक वेतन पूरे महीने का वेतन होगा |
E Shram Card Delete- केंद्र सरकार ने ई-श्रम कार्ड की शुरुआत की है, जिसके तहत असंगठित मजदूरों को लाभ देने की कोशिश की जा रही है. इस कार्ड को जिन लोगों ने 31 दिसंबर 2021 से पहले बनवाया था, उनके खाते में सरकार द्वारा एक हजार रुपये की पहली किस्त भेजी गई है.
अब जल्दी ही इसकी दूसरी किस्त आने वाली है. अगर आपने अब तक इस योजना के लिए रजिस्टर नहीं किया है तो जल्दी कर लें, नहीं तो अगली किस्त में आपको पैसा नहीं मिलेगा
ई – श्रम कार्ड के लाभ :
ई-श्रम कार्ड योजना के तहत 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है. किसी हादसे में मौत होने पर 2 लाख रुपये, और विकलांगता होने पर 1 लाख रुपये मिलते हैं. किस्त के रूप में आर्थिक मदद मिलती है. 31 दिसंबर 2021 के पहले रजिस्टर कर लेने वाले लोगों को पहली किस्त मिल चुकी है
ये लोग कर सकते हैं आवेदन:
आप ई-श्रम कार्ड बनवाने के लिए अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र, सीएससी या डाकघर में जाकर इस कार्ड के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं. ई-श्रम कार्ड के लिए वो लोग आवेदन कर सकते हैं. जिनकी उम्र 16 से 59 साल के बीच हो, जो इनकम टैक्स न भरते हों, पीएफ जैसी सुविधाओं का लाभ लेते हों, असंगठित क्षेत्र के मजदूर हों|
ई श्रम कार्ड रद्द कैसे करे? E Shram Card Delete
E Shram Card Delete- यदि गलती से आपने ई श्रम कार्ड रजिस्ट्रेशन कर दिया है और ई श्रम कार्ड डाउनलोड भी कर लिया है जब कि आप ई श्रम कार्ड के लिए पात्र नहीं है और अब आप ई श्रम कार्ड डिलीट करना कहते है तो आप को परेशान होने की जररूत नहीं है, हम आप को ई श्रम कार्ड को डिलीट करने की कुछ आसान स्टेप्स बता रहे है जिनको आप फॉलो करके आसानी से ई श्रम कार्ड को डिलीट / निरस्त कर सकते हैं|
श्रम डिपार्टमेंट ने लेबर कार्ड को डिलीट या कैंसिल करने का विकल्प जारी किया है, आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना ई-केवाईसी अपडेट करते समय लेबर कार्ड कैंसल करने का विकल्प मिलेगा।
मैं ईश्रम का हिस्सा नहीं बनना चाहता। पहले दी गई मेरी आधार सहमति को रद्द करें / / मैं ई श्रम का हिस्सा नहीं बनना चाहता। पहले दी गई मेरी आधार सहमति रद्द करें। यदि आप इस विकल्प पर Click करके ईकेवाईसी को अपडेट करते हैं, तो केवल आपका लेबर कार्ड श्रम पोर्टल के डेटा देश से हटा दिया जाएगा और आपका लेबर कार्ड रद्द कर दिया जाएगा।
ई श्रम कार्ड रद्द कैसे करे? जाने स्टेप बाय स्टेप :- E Shram Card Delete
स्टेप 1. श्रम कार्ड को डिलीट करने के लिए सबसे पहले आपको E -Shram के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा |
स्टेप 2: ऑफिशियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपको Update वाले विकल्प पर Click कर देना होगा |
स्टेप 3: Update वाले विकल्प पर Click करने के बाद आपके सामने एक नया पेज ओपन होकर आएगा जिसमें आपको अपना |
स्टेप 4: UAN Number डालना होगा और अपना Date Of Birth डालना होगा और साथ में ही captcha Code डालकर Get Otp वाले विकल्प पर Click कर देना होगा
स्टेप 5: OTP को डालने के बाद आपको सबमिट वाले विकल्प पर Click कर देना होगा |
स्टेप 6: जैसे ही आप ओटीपी डालकर सबमिट वाले विकल्प पर Click करेंगे आपके सामने आपका E Shram Card का Profile Open हो जाएगा |
स्टेप7. Profile Open होने के बाद आपको नीचे आ जाना है आपको नीचे दो Option मिलेंगे |
✅ 1. I agree that all the information shown above are correct ✅ 2. Revoke Aadhaar consent Click here to read consent form
स्टेप 8 . अब आपको दोनो ही Options पर Click करना होगा |
स्टेप 9. दोनों Option को Click करने के बाद आपके सामने कुछ ऐसा देखने को मिल जाएगा|
I do not want to be part of eShram. Revoke my Aadhaar consent given earlier // मैं ई श्रम का हिस्सा नहीं बनना चाहता। पहले दी गई मेरी आधार सहमति को निरस्त करें।
स्टेप 10. अब आपको Update E Kyc Information वाले विकल्प पर Click कर देना होगा |
स्टेप 11. जैसे आप Update E Kyc Information वाले विकल्प पर Click करेंगे आपका डाटा कि श्रम पोर्टल से हटा दिया जाएगा और आपका इस श्रम कार्ड कैंसिल हो जाएगा |
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक 12 अंकों की संख्या है जो विशिष्ट रूप से प्रत्येक असंगठित कर्मचारी को eSHRAM पोर्टल पर पंजीकरण के बाद सौंपी जाती है। UAN नंबर एक स्थायी नंबर होगा यानी एक बार असाइन किए जाने के बाद, यह कर्मचारी के जीवन भर अपरिवर्तित रहेगा।
2. मैं ITR फ़ाइल करता हूँ क्या मैं ई श्रम कार्ड बनवा सकता हूँ?
जी हाँ बिलकुल बनवा सकते है लेकिन आपके नाम से पहले से कोई UAN Activate नहीं होना चाहिए. और आप असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हो तभी आप अपना ई श्रम कार्ड बनवा सकते है|
3. क्या सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट ई श्रम कार्ड बनवा सकते है?
जी नहीं ! कोई भी विद्यार्थी जो फ़िलहाल अपनी पढ़ाई कर रहे है उन्हें इस कार्ड को नहीं बनवाना है. यह कार्ड सिर्फ मजदुर एवं श्रमिक लोगो को लिए है|
4. ई श्रम कार्ड कैंसिल कैसे करे?
ई श्रम कार्ड कैंसिल करने के लिए आपको श्रम पोर्टल पर अपना यूएएन नंबर डालकर लॉगिन कर लेना होगा उसके बाद आप ही श्रम कार्ड को कैंसिल कर सकते हैं|