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अमरनाथ यात्रा 2020 के लिए पंजीकरण प्रारंभ

अमरनाथ यात्रा 2020 पंजीकरण (Amarnath Yatra 2020):-

अमरनाथ यात्रा 2020 पंजीकरण– अमरनाथ गुफा भारत में जम्मू और कश्मीर में स्थित एक हिंदू पवित्र स्थान है | अमरनाथ यात्रा दक्षिण और दक्षिण कश्मीर के पहाड़ से होते हुए श्री अमरनाथ होली की शेरनी तक जाती है, जो केवल गर्मियों के महीने में श्रद्धा के लिए खोले जाते हैं | हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्री अमरनाथ यात्रा श्रावण पूर्णिमा में संक्रांति का शुभ दिन है | अमरनाथ यात्रा की शुरुआत आमतौर पर 28 जून 2020 से होती है |

पवित्र गुफा श्राइन को वर्ष 2000 में जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल के साथ राज्य विधायक के पूर्व अध्यक्षों के रूप में गठित श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (Shri amarnathji Shrine Board) द्वारा चलाया जाता है | प्रत्येक उम्मीदवार जो इस यात्रा पर जाना चाहते हैं, उन्हें इस यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए | सभी इच्छुक उम्मीदवार जो यात्रा में जाना चाहते हैं, उन्हें अंतिम तिथि से पहले खुद को पंजीकृत करना होगा क्योंकि 20 जून 2020 के महीने में अमरनाथ यात्रा की शुरुआत होगी | अमरनाथ यात्रा 23 जून से शुरू होगी और 3 अगस्त को खत्म हो सकती है |

अमरनाथ यात्रा 2020 पंजीकरण के लिए महत्वपूर्ण तिथियां:-

अमरनाथ यात्रा पंजीकरण की प्रारंभिक तिथि : 1 मार्च 2020

अमरनाथ यात्रा की शुरुआत : 23 जून 2020

अमरनाथ यात्रा का अंत : 3 अगस्त 2020

अमरनाथ यात्रा 2020 की प्रमुख विशेषताएं:-

  • वे सभी उम्मीदवार जो अमरनाथ यात्रा 2020 पर जाना चाहते हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराना होगा क्योंकि यात्रा परमिट का मुद्दा पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाता है |
  • सभी इच्छुक उम्मीदवार ने निर्धारित तिथि पर नजदीकी बैंक शाखाओं में अपना पंजीकरण कराया |
  • केवल एक यात्री के पंजीकरण के लिए केवल एक यात्रा परमिट ही मान्य है | 13 वर्ष से कम आयु या 75 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति या ऐसी महिला जिसकी pregnancy को 6 सप्ताह से अधिक समय नहीं हुआ है यात्रा के लिए पंजीकृत नहीं किया जाएगा | उम्मीदवार को अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण के समय अपना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा |
अमरनाथ यात्रा 2020 पंजीकरण

अमरनाथ यात्रा 2020 पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • आधार कार्ड
  • चिकित्सा संस्थान से प्राप्त स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
  • आवेदन पत्र और अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र आवेदक यात्री को पंजीकरण शाखा द्वारा नि: शुल्क उपलब्ध कराया जा सकता है
  • वैध पासपोर्ट आकार की चार फोटो
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • चुनाव कार्ड
  • पैन कार्ड
  • Photo Id Proof
  • Valid Id Proof
  • अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र |

अमरनाथ यात्रा 2020 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया:-

पंजीकरण आधिकारिक यात्रा के लिए बलटाल युद्ध मार्ग और पहलगाम मार्ग की अनुमति देती है | वह दिन, जिस दिन तीर्थयात्री यात्रा शुरू करने के लिए पंजीकृत होता है, जो सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को यात्रा की अनुमति दी जाती है | यात्रा परमिट पर मुद्रित दिन वह दिन होता है, जिस दिन यात्री को नीचे दिए गए पिछले वर्ष के लिए रंग कोडिंग के अनुसार बालटाल और पहलगाम में पहुंच नियंत्रण द्वार को पार करने की अनुमति दी जाएगी |

Monday : पहलगाम मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग lavender है और बालटाल मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग lemon Chiffon है।

Tuesday : पहलगाम मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग pink lace है और बालटाल मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग blue है |

Wednesday: पहलगाम मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग beige है और बालटाल मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग honeydew है |

Thursday : पहलगाम मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग Peach है और बालटाल मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग lavender है |

Friday : पहलगाम मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग lemon Chiffon है और बालटाल मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग pink lace है |

Saturday : पहलगाम मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग blue है और बालटाल मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग beige है |

Sunday : पहलगाम मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग honeydew है और बालटाल मार्ग के लिए यात्रा परमिट का रंग Peach है |

1st Khelo India Youth Games 2020 शुरू| खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम जांचें

Khelo India Youth Games 2020:-

केंद्र सरकार Khelo India University Games (KIUG) 2020 का पहला संस्करण शुरू करने जा रही है | पैन इंडिया खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (pan India Khelo India University Games) का पहला संस्करण 22 फरवरी 2020 से शुरू होगा और 1 मार्च 2020 को समाप्त होगा | यह आयोजन ओडिशा के भुवनेश्वर के IIT विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा | यह आयोजन Khelo India Youth Games की तर्ज पर होगा |

Khelo India University Games के लिए पंजीकरण फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया की जाँच करें, शेड्यूल और खेलों की सूची https://universitygames.kheloindia.gov.in/ पर देखें | पिछले कुछ वर्षों से, भुवनेश्वर बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करने के लिए एक लोकप्रिय स्थल रहा है | इसमें पुरुष हॉकी विश्व कप 2018 (Men’s Hockey World Cup 2018), राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2019 (Commonwealth Table Tennis Championships 2019) और हीरो गोल्ड कप 4-नेशन महिला फुटबॉल टूर्नामेंट 2019 (Hero Gold Cup 4-Nation Women’s Football tournament 2019) जैसे कार्यक्रम शामिल हैं |

Also Read:

ओडिशा का राजधानी शहर भुवनेश्वर बड़े टिकट आयोजनों को आकर्षित कर रहा है क्योंकि यह 2020 फीफा अंडर -17 महिला फुटबॉल विश्व कप के मेजबान शहरों में से एक है और अब Khelo India University Games के पहले संस्करण की मेजबानी करेगा | युवा प्रतिभाओं को पहचानने और उनका पोषण करने के उद्देश्य से 9 दिनों के लिए KIUG 2020 में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा |

Schedule:-

पैन इंडिया खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (Pan India Khelo India University Games) के पहले संस्करण का आयोजन 9 दिनों यानी 22 फरवरी 2020 से 1 मार्च 2020 तक होने जा रहा है |

 Khelo India Youth Games 2020

शामिल खेलों की सूची:-

KIUG 2020 ओडिशा में 17 खेल विषय होंगे जो नीचे सूचीबद्ध हैं:-

  • Individual events
    • Archery
    • Athletics
    • Boxing
    • Fencing
    • Judo
    • Swimming
    • Weightlifting
    • Wrestling
  • Team Games
    • Badminton
    • Basketball
    • Football
    • Hockey
    • Table Tennis
    • Tennis
    • Volleyball
    • Rugby
    • Kabaddi

शामिल खिलाड़ियों की सूची:-

(KIUG-2020 ओडिशा) में तकनीकी और सहायक कर्मचारियों के अलावा लगभग 80-100 विश्वविद्यालयों के 4,000 एथलीट शामिल होंगे | Khelo India Youth Games में भाग लेने वाले एथलीटों (विश्वविद्यालयवार) की पूरी सूची की जांच लिंक https://universitygames.kheloindia.gov.in/static-assets/pdfs/Athletes%20data%20university%20wise.pdf का उपयोग करके की जा सकती है |

Games के लाभ:-

खेल की घटनाओं और टूर्नामेंट खेल कौशल और दूसरों के साथ संबंधों को विकसित करने के अवसरों के साथ पूर्ण मनोरंजन के लिए हैं | Games ओडिशा 2020 में युवाओं की बड़े पैमाने पर भागीदारी होगी | प्रतिभागी उच्चतम स्तर की खेल-कूद का प्रदर्शन करेंगे और अपने राज्यों में KIUG और ओडिशा के राजदूत के रूप में लौटेंगे | इन घटनाओं में चमकने वाले सभी एथलीटों को अपने करियर को अगले स्तर तक पहचान और मार्गदर्शन और प्रशिक्षण तक बेहतर पहुंच का मौका मिलेगा |

UP Budget 2020: उत्तर प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट

UP Budget 2020:

UP Budget 2020- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख रुपये (5,12,860.72 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम बजट पेश किया है | जो पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले 33 हजार 159 करोड़ रुपये ज्यादा है | वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में यह बजट पेश किया | योगी सरकार ने अपने चौथे बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की हैं। सरकार के इस बजट में शिक्षा, पर्यटन, रोजगार के साथ सुरक्षा-व्यवस्था और इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर जोर दिया गया है | बजट में किसी भी प्रकार का नया टैक्स नहीं लगाया गया है |

UP Budget 2020 में की गई मुख्य घोषणाएं:-

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए की गई घोषणाएं:-

  • किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ, मेडिकल कॉलेज प्रयागराज तथा मेडिकल कॉलेज, मेरठ में डायबिटिक रेटिनोपैथी उपचार सेंटर की स्थापना की जाएगी|
  • नवसृजित जनपदों में 100 बेड के अस्पताल बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है |
  • प्रदेश के जिलों में लागू प्रधानमंत्री मात्र वंदना योजना के लिए 291 करोड़ रुपये प्रस्तावित |
  • किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए 919 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • एसजीपीजीआई के लिए 820 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिए 187 करोड़ रुपये की व्यवस्था |

गृह विभाग के लिए की गई घोषणाएं:- UP Budget 2020

  • पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 650 करोड़ रुपये और अवासीय भवनों के निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है |
  • पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना हेतु 122 करोड़ रूपये की व्यवस्था |
  • विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण हेतु 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • सेफ सिटी लखनऊ योजना हेतु 97 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • उत्तर प्रदेश पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • ‘स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना’ हेतु 14 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • ‘साइबर क्राइम प्रीवेंशन अगेन्स्ट वीमेन एंड चिल्ड्रेन’ हेतु तीन करोड़ रुपये का इंतजाम |

महिला एवं बाल कल्याण के लिए की गई घोषणाएं:-

  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना हेतु 1 हजार 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत निराश्रित महिलाओं और उनके बच्चों के भरण पोषण के लिए 1 हजार 432 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है |

बजट में युवाओं पर फोकस:-

  • बेरोजगारों के लिए खुलेंगे नए प्रशिक्षण 
  • प्रयागराज में लॉ यूनिवर्सिटी खुलेगी 
  • ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार 
  • तीन साल में दो इंवेस्‍टर समिट 
  • वाराणसी में संस्‍कृति केंद्र की स्‍थापना के लिए 180 करोड़ |
  • विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए निर्माण हेतु 60 करोड़ |
  • सीएम शिक्षता प्रोत्साहन योजना लाएंगे।
  • अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 करोड़ |
  • युवाओं को उद्योगों व एमएसएमई इकाइयों में प्रशिक्षण के साथ हर माह 2500 रुपए मासिक प्रशिक्षण भत्ता |
  • प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 करोड़ |
  • प्रयागराज में लॉ यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय, सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़ में तीन नए राज्य विश्वविद्यालय और प्रदेश में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रस्तावित है |

कृषि, उद्यान एवं सहकारिता के लिए घोषणाएं:-

  • वर्ष 2020-21 में खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 641 लाख 74 हजार मीट्रिक टन एवं तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 13 लाख 90 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया |
  • किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आगामी वर्ष में 102 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा है |
  • सरकार द्वारा 46 लाख 20 हजार गन्ना किसानों को 86 हजार 700 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया | पिछले दो वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा दो हजार 143 लाख टन गन्ने की पेराई की गई, जो कि एक रिकॉर्ड है |
UP Budget 2020

ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज:-

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत आगामी वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है | जिसके लिए 6 हजार 240 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है |
  • स्वच्छ भारत मिशन के लिए 5 हजार 791 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।
  • मनरेगा योजना के अंतर्गत आगामी वर्ष में 35 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है | योजना हेतु 4 हजार 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है |
  • मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 369 करोड़ रुपये की व्यवस्था |
  • राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत पंचायतों के क्षमता संवर्द्घन प्रशिक्षण एवं पंचायतों में संरचनात्मक ढांचे की उपलब्धता के लिए 458 करोड़ रुपये प्रस्तावित |

जल शक्ति एवं ग्रामीण जलापूर्ति के लिए एलान:-

  • सरयू नहर परियोजना के लिए 1 हजार 554 करोड़ रुपये प्रस्तावित |
  • ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रमों के अन्तर्गत जल जीवन मिशन के लिए तीन हजार करोड़ रुपये का इंतजाम |
  • मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के नाम से क्रियान्वित किये जाने के लिए 216 करोड़ रुपये प्रस्तावित |

ऊर्जा क्षेत्र के लिए एलान:-

  • सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन में निजी भागीदारी को बढ़ावा एवं निजी निवेश को आकर्षित किये जाने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा नीति-2017 क्रियान्वित की गई है | इस नीति के अंतर्गत वर्ष 2022 तक 10 हजार 700 मेगावाट क्षमता की सौर विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित |

बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के लिए एलान:-

  • उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सहारनपुर, आजमगढ़ एवं अलीगढ़ में तीन नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की जा रही है | प्रदेश में पुलिस फोरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रस्तावित है | इसके अलावा प्रयागराज में लॉ यूनिवर्सिटी व गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना प्रस्तावित |
  • प्रदेश के 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना के लिए 270 करोड़ रुपये की व्यवस्था |

एक्सप्रेस वे एवं एयरपोर्ट के लिए एलान:-

  • पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से बलिया को जोड़ने के लिए बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे तथा गोरखपुर को जोड़ने के लिए 91 किमी लम्बी गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण का निर्णय |
  • मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 637 किलोमीटर लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस- वे’ जो देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे होगा, के लिए दो हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है |
  • जनपद गौतमबुद्घ नगर के जेवर में ‘नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट’ के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित |
  • अयोध्या एयरपोर्ट के लिए 500 करोड़ रुपये तथा रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम एयरपोर्ट्स के लिए 92 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित |

रेलवे भर्ती 2020: 10वीं पास के लिए 570 पदों पर भर्ती

रेलवे भर्ती 2020- पश्चिम मध्य रेलवे भर्ती 2020 (West Central Railway Recruitment 2020):-

रेलवे भर्ती 2020- पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल ने विभिन्न ट्रेड में अप्रेंटिस के कुल 570 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है | इसके तहत कुल 570 पद भरे जाएंगे | ये भर्तियां विभिन्न ट्रेड के लिए की जाएंगी | इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को इन पदों के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://wcr.indianrailways.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा | आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 मार्च 2020 है | इन पदों के लिए कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होंगे | आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का चयन उनके 10वीं के मार्क्स व ITI में प्राप्ताकों के आधार पर किया जाएगा |

पदों का विवरण:- रेलवे भर्ती 2020

इलेक्ट्रिशियन, पद : 138 (अनारक्षित : 56)
फिटर, पद : 116 (अनारक्षित : 47)
वायरमैन, पद : 30 (अनारक्षित : 12)
वेल्डर (गैस एंड इलेक्ट्रिक), पद : 34 (अनारक्षित : 14)
कोपा, पद : 52 (अनारक्षित : 21)
कारपेंटर, पद : 28 (अनारक्षित : 11)
पेंटर, पद : 23 (अनारक्षित : 10)
एसी मेकेनिकल, पद : 10 (अनारक्षित : 04)
मशीनिस्ट, पद : 10 (अनारक्षित : 04)
स्टेनोग्राफर (हिन्दी), पद : 03 (अनारक्षित : 02)
स्टेनोग्राफर (इंग्लिश), पद : 03 (अनारक्षित : 02)
इलेक्ट्रॉनिक मेकेनिक, पद : 15 (अनारक्षित : 06)
केबल जॉइंटर, पद : 02 (अनारक्षित)
डीजल मेकेनिक, पद : 30 (अनारक्षित : 12)
मेसन, पद : 26 (अनारक्षित : 10)
ब्लैकस्मिथ (फाउंड्रामैन), पद : 16 (अनारक्षित : 07)
सर्वेयर, पद : 08 (अनारक्षित : 03)
ड्राफ्टमैन सिविल, पद : 10 (अनारक्षित : 04)
आर्किटेक्चरल असिस्टेंट, पद : 12 (अनारक्षित : 05)
सेक्रेटेरियल असिस्टेंट, पद : 04 (अनारक्षित : 02)

आवश्यक योग्यता:-

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड अथवा संस्थान से दसवीं या समकक्ष परीक्षा पास हो |
  • इसके साथ न्यूनतम 50% फीसदी अंकों के साथ संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट प्राप्त होना चाहिए |

आयु सीमा:-

  • 3 फरवरी 2020 को न्यूनतम 15 और अधिकतम 24 वर्ष से कम होनी चाहिए |
  • अधिकतम आयु सीमा में OBC वर्ग के लिए तीन वर्ष, SC/ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए पांच वर्ष और दिव्यांगों को दस वर्ष की छूट दी जाएगी |

आवेदन शुल्क:-

  • जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों को 170 (100 रुपये प्रोसेसिंग फीस + 70 रुपये एमपी ऑनलाइन पोर्टल शुल्क) इसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड, SBI UPI या नेट बैंकिंग के जरिए कर सकते हैं |
  • SC/ST/EWS/दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों को केवल पोर्टल शुल्क (70 रुपये) देना होगा |

आवेदन प्रक्रिया:- रेलवे भर्ती 2020

रेलवे भर्ती 2020
  • अंत में सफलतापूर्वक जमा किए गए आवेदन का A4 साइज के पेपरपर प्रिंटआउट निकाल कर अपने पास सुरक्षित रखें |

ग्राम स्वराज ई-लर्निंग पोर्टल पर online courses के लिए पंजीकरण कैसे करें?

ग्राम स्वराज पोर्टल:-

केंद्र सरकार ने http://gramswaraj.nirdpr.in/ पर ग्राम स्वराज ई-लर्निंग पोर्टल (GramSwaraj e-learning portal) शुरू किया है | अब लोग आधिकारिक वेबसाइट पर online course के लिए पंजीकरण / लॉगिन कर सकते हैं | लोग अब ऑनलाइन मोड के माध्यम से ग्राम स्वराज ई-लर्निंग पोर्टल (GramSwaraj e-learning portal) पर ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स सूची की जांच कर सकते हैं |

यह पोर्टल राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान और पंचायती राज / National Institute of Rural Development and Panchayati Raj (NIRDPR) द्वारा विकसित किया गया है | हाल ही में शुरू किया गया पोर्टल ग्रामीण विकास पर सीखने की सुविधा प्रदान करेगा और संपूर्ण पाठ्यक्रम सूची उंगलियों पर उपलब्ध है | लोग अब पंचायती राज, कौशल विकास, आजीविका, सोशल ऑडिट आदि जैसे विभिन्न विषयों पर NIRDPR से 43 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का उपयोग कर सकते हैं |

ग्राम स्वराज ई-लर्निंग पोर्टल (GramSwaraj e-learning portal) ऑनलाइन पाठ्यक्रमों तक आसानी से पहुंच प्रदान करेगा, जिसे कहीं से और कभी भी एक्सेस किया जा सकता है | नया ग्रामराज मंच आपके लिए वस्तुतः कनेक्ट करने और NIRDPR कैंपस में आयोजित होने वाले चयनित प्रशिक्षण और कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है |

आरंभ करने के लिए, लोग अपने विवरणों को पंजीकृत कर सकते हैं और पाठ्यक्रम अनुभाग के तहत सूचीबद्ध विषयों से जो कोर्स सीखना चाहते हैं, उसे चुन सकते हैं | यह ग्राम स्वराज ई-लर्निंग पोर्टल (GramSwaraj e-learning portal) ग्रामीण भारत के परिवर्तन को सक्षम करेगा |

ग्राम स्वराज पोर्टल ऑनलाइन पाठ्यक्रम के लिए 2020 पंजीकरण / लॉग इन प्रक्रिया:-

  • सबसे पहले आवेदकों को आधिकारिक पोर्टल http://gramswaraj.nirdpr.in/ पर जाना होगा |
  • मुखपृष्ठ पर, मुख्य मेनू में मौजूद “Register” लिंक पर क्लिक करें |
  • बाद में,पोर्टल ऑनलाइन कोर्स पंजीकरण फॉर्म दिखाई देगा |
ग्राम स्वराज पोर्टल
  • यहां आवेदक ग्रामराजराज ई-लर्निंग पोर्टल (GramSwaraj NIRDPR e-learning portal) पर सभी आवश्यक विवरण भर सकते हैं और ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए “Create My New Account” बटन पर क्लिक करें |
  • बाद में, उम्मीदवार पोर्टल लॉग इन लिंक http://gramswaraj.nirdpr.in/login/ का उपयोग कर कर सकते हैं |

ई-लर्निंग पोर्टल में शामिल सर्टिफिकेट कोर्स की सूची:-

ग्राम स्वराज पोर्टल, पंचायती राज और ग्रामीण विकास पर हिंदी और अंग्रेजी में 43 पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जिसमें पंचायत शासन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है | ग्राम स्वराज अभियान का मुख्य उद्देश्य कहीं से भी कभी भी बड़ी संख्या में अधिकारियों और लाभार्थियों को एक साथ प्रशिक्षण प्रदान करना है | ग्राम स्वराज ई-लर्निंग पोर्टल पर उपलब्ध प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों की पूरी सूची:-

पंचायती राज:

स्थानीय शासन: परिचय
पंचायती राज संस्थाओं की शक्तियां और कार्य
स्थानीय शासन में महिलाएँ
पंचायत प्रबंधन
Introduction to Local Governance
Powers and Functions of Panchayati Raj Institutions
Women in Local Governance
Panchayat Management
Participatory Planning
Gram Panchayat Development Plan (GPDP)
Panchayat Leadership Development
Sustainable Rural Development
e Enablement of Panchayats
Social Accountability and Social Audit
Social Empowerment & Inclusive Development
Governance in Scheduled Areas
सहभागितापूर्ण प्रणलिका
Gram Panchayat Vikas Yojana ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी)
पंचायत नेतृत्व विकास
सतत ग्रामीण विकास
पंचायतो की ई-सक्षमता
सामाजिक जवाबदेही और सामाजिक लेखा परीक्षा
सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास
अनुसूचित क्षेत्रों में शासन

Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana:

Kaushal Panjee (कौशल पंजी)
Retail Sales Associate
DDU-GKY SOP Course: Standard Operating Procedures
Kaushal Disha : PRN Registration Process
Kaushal Salah : Orientation On DDU-GKY
DDU-GKY Project Registration Procedures
Kaushal Pravesh : Induction To DDU-GKY
Kaushal Panjee – English
Vocational Guidance and Counselling Skills for PIAs of DDU-GKY
Process for ESOP Certification
PFMS for SRLM
PFMS for PIA
Kaushal Bharat – DDUGKY ERP
Kaushal Praveen : Training of Trainers
Placement Procedures
Computer Skills
RASQ/0104 : Facilitator’s Guide

Climate Change:-

Sustainable Livelihoods and Adaptation to Climate Change

Biodiversity:

Biodiversity Governance

Distance Education Cell :

Post Graduate Diploma in Sustainable Rural Development (PGDSRD)

हरियाणा पुलिस ने HarSamay Citizen Portal की शुरुआत की |

HarSamay Citizen Portal:-

हरियाणा पुलिस ने आधिकारिक वेबसाइट https://harsamay.gov.in/ पर HarSamay Citizen Portal को ऑनलाइन शुरू किया है | डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) को HarSamay Citizen Portal के साथ एकीकृत किया गया हैं | इस वेबसाइट से, हरियाणा के लोग अब घर बैठे ही पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र (police verification certificate) प्राप्त कर सकते हैं | इनमें चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate), किरायेदार प्रमाणपत्र (Tenant Verification Certificate) और पुलिस निकासी प्रमाणपत्र (Police Clearance Certificate) शामिल हैं |

यह पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में हरियाणा पुलिस की एक और पहल है | हरियाणा में पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र (police verification certificate) प्राप्त करने के लिए अब नागरिकों को SP कार्यालय या पुलिस स्टेशन का दौरा करने की आवश्यकता नहीं है | नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए, ये प्रमाण पत्र अब हरियाणा पुलिस Portal के माध्यम से घर बैठे प्राप्त किए जा सकते हैं |

इस पोर्टल को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य नागरिक सेवा वितरण को तेज, नागरिक अनुकूल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है | हरियाणा पुलिस ने अब नागरिकों को जारी किए गए सत्यापन प्रमाण पत्रों में डिजिटल हस्ताक्षर एकीकृत किए हैं |

HarSamay Citizen Portal काम कैसे करेगा:-

इस पोर्टल पर, लोग अपने घर पर पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं | पहले चरण के रूप में, डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate), किरायेदार प्रमाणपत्र (Tenant Verification Certificate) और पुलिस निकासी प्रमाणपत्र (Police Clearance Certificate) डाउनलोड करने की कार्यक्षमता लोगों को हरियाणा पुलिस द्वारा Portal में उपलब्ध कराई जाएगी |

राज्य सरकार डिजिटल सत्यापन के साथ कर्मचारी सत्यापन (Employee Verification), घरेलू सहायता सत्यापन (Domestic Help Verification), खतरा सत्यापन (Threat Verification) जैसी अन्य सत्यापन सेवाओं को भी एकीकृत करेगा | हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने हरियाणा पुलिस हरसमाई नागरिक पोर्टल की शुरुआत की |

  • पोर्टल अब लिंक https://harsamay.gov.in/ का उपयोग करके एक्सेस किया जा सकता है |
  • होमपेज पर, नीचे दिखाए गए अनुसार “Create Citizen Login” लिंक पर क्लिक करें |
HarSamay Citizen Portal
  • यहाँ आपके सामने हरियाणा पुलिस हरसमय नागरिक पंजीकरण फॉर्म (Haryana Police Harsamay Citizen Registration Form) दिखाई देगा |
HarSamay Citizen Portal
  • यहां उम्मीदवार व्यक्तिगत विवरण, पता, लॉगिन विवरण दर्ज कर सकते हैं और हरियाणा पुलिस के Harsamay Citizen Portal पर नागरिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए “Submit” बटन पर क्लिक कर सकते हैं |

फिर लोग Harsamay Citizen Portal में लॉगिन कर सकते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी डिजिटल हस्ताक्षरित सत्यापन प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं | इससे पहले, लोगों को व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र लेने के लिए अपने संबंधित जिलों के SP कार्यालय का दौरा करना पड़ता था | इस बदलाव के साथ, लोग Harsamay Citizen Portal से सीधे डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाणपत्रों का वितरण कर सकते हैं |

इसके अलावा, पुलिस अब अपने सत्यापन से पूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर सकती है और Harsamay Citizen Portal में डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र उपलब्ध करा सकती है | नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार समय और स्थान के अनुसार login कर सकते हैं और प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं |

राष्ट्रीय आरोग्य निधि (RAN) 2020-21 के लिए जारी दिशानिर्देश

राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना 2020-21:-

केंद्रीय सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना 2020-2021 (RAN Scheme 2020-2021) के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं | स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम के विभिन्न पैकेजों के अंतर्गत आने वाले सभी आयुष्मान भारत लाभार्थियों को RAN योजना 2020-21 के तहत कवर किया जाएगा | जिन लोगों को महंगे इलाज की जरूरत है, अब वे योजना के तहत 15 लाख की वित्तीय सहायता पा सकते हैं |

आयुष्मान भारत लाभार्थी को संबंधित सरकारी अस्पताल से प्रमाणित किया जाएगा कि उसकी स्थिति AB-PMJAY योजना के तहत नहीं है | इस प्रकार रोगी को योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने की अनुमति दी जाएगी | अब योजना को लागू करने में NHA की पूरी जानकारी, दिशानिर्देश और भूमिका की जांच करें |

राष्ट्रीय आरोग्य निधि 2020-21 से जुडी मुख्य बातें:-

आयुष्मान भारत – PM जन आरोग्य योजना सार्वजनिक और निजी अस्पताल में केवल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान करती है | लेकिन कुछ AB-PMJAY लाभार्थी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके लिए उपचार लागत 5 से 15 लाख रुपये के बीच में या अधिक हो सकती है | इस तरह योजना से उन आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को लाभ मिलेगा, जिन्हें 5 लाख रुपये से अधिक के उपचार की आवश्यकता है | वे अब RAN योजना के तहत 15 लाख रुपये तक की सहायता का लाभ उठा सकते हैं |

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने RAN umbrella scheme के संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं | यह निर्णय उन शिकायतों को प्राप्त करने के बाद लिया गया है, जो life-threatening वाली बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीज AB-PMJAY योजना के तहत पूरा इलाज नहीं करवा पाए हैं | केंद्र सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों, सभी क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों, सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों, व्यय विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को ज्ञापन भेजा है |

RAN योजना पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी का दिशानिर्देश:-

राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना (Ayushman Bharat Health Insurance Scheme) के कार्यान्वयन के लिए सर्वोच्च निकाय है | चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, यदि सुझाए गए उपचार को AB-PMJAY पैकेजों की अनुमोदित सूची के तहत कवर नहीं किया गया है, तो AB-PMJAY लाभार्थियों को 15 लाख रु तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती हैं | यह अतिरिक्त सहायता राशि छाता योजना से दी जाएगी | AIIMS और NHA ने स्वास्थ्य मंत्रालय को लिखा था कि AB-PMJAY के तहत इलाज से वंचित मरीजों को RAN umbrella scheme में शामिल किया जा सकता है |

राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना
Illustration of healthy lifestyle

अब वे सभी मरीज जिन्हें गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण PMJAY के तहत इलाज से मना कर दिया गया था | इन बीमारियों में रक्त कैंसर, chronic liver disease और आवश्यक अंग और bone marrow प्रत्यारोपण शामिल हैं | आयुष्मान भारत योजना के तहत उल्लिखित 1,393 मेडिकल पैकेजों में ये सभी बीमारियाँ नहीं हैं | तो अब से, इन गंभीर बीमारियों के इलाज को (RAN) योजना के तहत कवर किया जाएगा |

इससे पहले नवंबर 2019 में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने NHA और AIIMS द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया था | स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले NHA को सुझाव दिया था कि PM-JAY के तहत आने वाली प्रक्रियाओं के तहत अंगों के प्रत्यारोपण को शामिल करने पर विचार किया जाए | इसके अलावा, मंत्रालय ने 5 लाख रुपये प्रति वर्ष की अधिकतम सीमा को बढ़ाने का सुझाव भी दिया, ताकि PMJAY के तहत पात्र मरीज केवल आयुष्मान भारत योजना के तहत सुविधाओं का लाभ उठा सकें |

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हाल ही में बीपीएल कार्ड रखने वाले रोगियों के बारे में शिकायत पर रिपोर्ट मांगी थी कि उन्हें RAN योजना का लाभ नहीं मिल रहा है | इसके अलावा, इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जिन लोगों ने AB-PMJAY योजना का लाभ उठाया था और भले ही वे जीवन के लिए खतरनाक बीमारियों से पीड़ित हों, जिनका खर्च 5 लाख रुपये से अधिक हो, वे आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल नहीं हैं | इसलिए, स्वास्थ्य मंत्रालय ने गरीब रोगियों के हित में दिशानिर्देशों में संशोधन किया है ताकि वे जानलेवा बीमारियों के मामले में 15 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का लाभ उठा सकें |

इनमें किडनी ट्रांसप्लांट, बोन मैरो या लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता वाले मरीज शामिल हैं और PMJAY धारक होने के कारण इलाज कराने में परेशानी झेल रहे हैं | वे सभी अब योजना 2020-21 (RAN Scheme 2020-2021) के तहत कवर किए जाएंगे | केंद्र सरकार की सभी कल्याणकारी नीतियां गरीब लोगों को लाभान्वित करने के लिए हैं, इसलिए उनकी समयबद्ध समीक्षा की जानी चाहिए | नीति निर्माताओं और नौकरशाही को अपने लाभार्थियों के प्रति सशक्त होना चाहिए | जिम्मेदार डॉक्टरों को भी ऐसी चीजों के बारे में सतर्क रहना चाहिए |

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना 2020 के लिए आवेदन कैसे करें?

मध्यप्रदेश श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना 2020:-

भारत में अभी भी लाखों परिवार ऐसे हैं जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं | दिनभर मजदूरी करके वह अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं | बहुत से ऐसे भी परिवार हैं जहाँ न केवल पुरुष बल्कि महिलाएं भी मजदूरी करती हैं | इन परिवारों को यदि दो-चार दिन मजदूरी ना मिले तो खाने-पीने की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं | ऐसे परिवारों में जब कोई महिला गर्भवती होती हैं तो उनकी समस्याएं और ज्यादा बढ़ जाती हैं |

एक तरफ जहां वह मजदूरी करने नहीं जा पाती हैं वहीं दूसरी तरफ जच्चा बच्चा स्वस्थ रखने के लिए खर्चे बढ़ जाते हैं | ऐसे परिवारों के लिए मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना 01 अप्रैल, 2018 से मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना को आरम्भ किया था जिसे वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने भी जारी रखा है |

इस योजना के तहत गर्भावस्था के दौरान तीन महीनों में महिला श्रमिकों को वेतन का आधा वेतन, यानी 50% प्रतिशत वेतन लाभार्थी लाभ के रूप में बच्चों के जन्म पर दिया जाता है | इसके अलावा प्रसव के बाद महिला श्रमिकों को चिकित्सा के दौरान हुए खर्चे को पूरा करने के लिए 1000 हजार रूपये की राशि प्रदान की जाती हैं | इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश सरकार मातृत्व योजना का लाभ ले रही महिला कार्यकर्ता के पति को भी 15 दिनों का पितृत्व प्रसव लाभ प्रदान करती है |

मध्यप्रदेश श्रमिक प्रसूति सहायता योजना 2020 के लाभ:-

  • इस योजना के अंतर्गत गर्भावस्था के अंतिम 3 महीनों में श्रमिक महिलाओं को उनके वेतन का आधा 50% धनराशि हितलाभ के रूप में प्रदान की जाती है |
  • प्रसव के पश्चात चिकित्सा आदि के खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए संबंधित महिला को ₹1000 की धनराशि अतिरिक्त प्रदान की जाती है |
  • इसके साथ ही मातृत्व लाभ योजना का लाभ प्राप्त करने वाली महिला के पति को भी 15 दिनों का पितृत्व प्रसव लाभ प्रदान किया जाता है |
  • इसके साथ ही लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं की डिलीवरी के दौरान बीमारी अथवा अन्य चिकित्सा के कारण अधिकतम महीने मातृत्व लाभ सुविधा प्रदान की जाती है |

मध्यप्रदेश प्रसूति सहायता योजना 2020 के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि:-

मध्यप्रदेश श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना
  • योजना में 16 हजार रुपये की राशि दो किश्तों में दी जायेगी |
  • प्रत्येक पात्र महिला को पहली किस्त के रूप में ₹4000 प्रदान किए जाते हैं | इस धनराशि को प्राप्त करने के लिए महिला को ANMA या डॉक्टर की रिपोर्ट लानी पड़ती हैं।
  • दूसरी 12 हजार रुपये की किश्त शासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने, नवजात शिशु का संस्थागत जन्म उपरांत पंजीयन कराने और शिशु को जीरो डोज, वीसीजी, ओपीडी और एचपीवी टीकाकरण कराने के बाद मिलेगी |
  • प्रदेश में संचालित केन्द्र सरकार की जननी सुरक्षा योजना के पात्र हितग्राहियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा |
  • पहला गर्भधारण करने पर पात्र हितग्राही को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पहली और दूसरी किश्त के रूप में 3 हजार रुपये का भुगतान होगा |
  • शेष एक हजार रुपये की राशि हितग्राही को मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना से की जायेगी |
  • दूसरे गर्भधारण पर हितग्राही को प्रथम किश्त की 4 हजार रुपये की पूरी राशि का भुगतान मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा (प्रसूति सहायता) योजना से ही किया जायेगा |
  • प्रथम प्रसूता प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना में तृतीय किश्त की दो हजार रुपये की राशि शिशु का निर्धारित अवधि में प्रथम टीकाकरण चक्र पूरा करने के बाद ले सकेगी |

प्रसूति सहायता योजना 2020 के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • पहचान प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आयु का प्रमाण पत्र
  • प्रेगनेंसी का प्रमाण पत्र
  • डिलीवरी संबंधित दस्तावेज
  • लेबर रजिस्ट्रेशन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक

प्रसूति सहायता योजना 2020 के लिए पात्रता मानदंड:-

  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए केवल ऐसी महिलाएं आवेदन कर सकती हैं | जो असंगठित क्षेत्र से जुड़ी हुई है | साथ ही इन महिलाओं का रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है |
  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिला को कम से कम 18 वर्ष का होना आवश्यक है |
  • साथ ही आवेदन करने वाली महिलाएं मध्य प्रदेश की मूल निवासी होना भी आवश्यक है |
  • इस योजना का लाभ ऐसी महिलाओं को नहीं प्रदान किया जाएगा। जिनके दो से अधिक बच्चे हैं |
  • इस योजना का लाभ महिलाओं को ही प्रदान किया जाएगा। जिनकी डिलीवरी किसी सरकारी अथवा प्राइवेट हॉस्पिटल में हुई हो |

मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना 2020 के लिए आवेदन कैसे करें –

  • राज्य के जो इच्छुक गर्भवती महिलाये इस योजना के तहत आवेदन करना चाहती है तो वह अपने नज़दीकी लोक स्वास्थ्य केंद्र एवं परिवार कल्याण विभाग में जाकर आवेदन कर सकते है ।
  • वहाँ जाकर आपको एप्लीकेशन फॉर्म प्राप्त करना होगा । इसके बाद आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम ,पता ,आधार नंबर ,गर्भावस्था की तारीक आदि भरनी होगी ।
  • आवेदन फॉर्म भरने के बाद अपने सभी दस्तावेज़ों को आवेदन फॉर्म के साथ अटैच करके जहा से आवेदन फॉर्म प्राप्त किया है वही जमा करना होगा ।
  • भुगतान करने हेतु हितग्राही को केवल ए एन  एम/ चिकित्सक द्वारा भरा हुआ एवं सत्यापित मातृत्व एवं शिशु सुरक्षा कार्ड की प्रति एवं कंडिका 7 में वर्णित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे ।
  • आवेदिका को प्रसव की तारीख से 6 सप्ताह पहले आवेदन करना होगा । यदि किसी कारणवश आवेदन समय पर नहीं किया जा सका है। तो डिलीवरी के पहले अथवा डिलीवरी के तुरंत बाद आवेदन कर सकती है ।

उत्तरप्रदेश सरकार की Internship योजना – छात्रों को प्रशिक्षण में 2500 रुपये का stipend

UP Internship Scheme:-

UP Internship Scheme– उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा 10वीं, 12वीं और स्नातक छात्रों के लिए एक नई उत्तर प्रदेश इंटर्नशिप योजना 2020 (UP Internship Scheme 2020) की घोषणा 9 फरवरी 2020 को की गई है | उत्तर प्रदेश सरकार की यह प्रशिक्षण योजना 2020 युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के उपयुक्त अवसर उपलब्ध कराएगा | छात्रों को 2500 /- रु प्रति माह का वजीफा मिलेगा | जिसमें राज्य सरकार का योगदान 1000/- रुपये और केंद्र सरकार 1500/- रुपये का योगदान होगा |

योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि इंटर्नशिप 2 समय के फ्रेम के लिए आयोजित की जाएगी जिसमें 6 महीने का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और अन्य में 1 वर्ष का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शामिल है | उत्तर प्रदेश सरकार की इंटर्नशिप योजना का प्रमुख उद्देश्य राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को निपटाना है | प्रशिक्षण के सफल समापन पर, प्रत्येक छात्र को अपनी प्रतिभा और कौशल के अनुसार प्लेसमेंट मिलेगा | सरकार लगभग 5,00,000 छात्रों को नौकरी के अवसर प्रदान करेगा | कक्षा 10वीं, 12वीं स्कूलों के सभी छात्र और कॉलेजों से स्नातक की पढ़ाई करने वाले पात्र होंगे |

UP Internship Scheme की मुख्य विशेषताएं:-

  • इस इंटर्नशिप योजना में लाभार्थियों को दी जाने वाली इंटर्नशिप 2 प्रकार से होगी | जिसमें लाभार्थी या तो 6 महीने की ट्रेनिंग ले सकता हैं या फिर उनके लिए यह इंटर्नशिप 1 साल के लिए भी आयोजित होगी |
  • इस योजना में लाभार्थी छात्र एवं छात्राओं को इंटर्नशिप के प्रत्येक महीने में 2500 रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने का निश्चय किया गया है |
  • इंटर्नशिप योजना को उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार दोनों के योगदान को मिलाकर शुरू किया जा रहा है |
  • इस योजना में यूपी राज्य सरकार छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें विभिन्न तकनीकी संस्थानों और कंपनियों के साथ जोड़ेगी और इसके लिए इन संस्थानों और कंपनियों को आर्डर दिया गया हैं |
  • लाभार्थियों को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न तकनीकी संस्थानों और कंपनियों में एक अलग से एचआर सेल बनाया जायेगा | इससे इंटर्नशिप पूरी हो जाने के बाद लाभार्थियों को उनकी योग्यता एवं स्किल के आधार पर नौकरी मिलने में उनकी मदद हो सकेगी |
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से लडकियों के लिए पुलिस विभाग में 20% कोटा निश्चित करने का फैसला लिया गया है | जिससे राज्य की लड़कियां भी राज्य की सुरक्षा में योगदान कर सकेंगी |
  • इंटर्नशिप योजना में राज्य सरकार ने लगभग 5 लाख छात्र एवं छात्राओं को इस योजना के साथ जोड़कर लाभ प्रदान करने का फैसला लिया है |

UP Internship Scheme के लिए पात्रता मापदंड:-

  • इस योजना में इंटर्नशिप प्राप्त करने वाला लाभार्थी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए |
  • लाभार्थी 10वीं, 12वीं और स्नातक करने के लिए कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं हो सकते हैं |
  • अन्य किसी भी व्यक्ति को इस योजना का लाभ प्रदान नहीं किया जायेगा |

UP Internship Scheme के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • शैक्षिक प्रमाण पत्र
  • पते का सबूत
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक खाता विवरण |

शिशुओं के लिए राजस्थान सरकार ला रही है नवजात संरक्षण योजना 2020

राजस्थान नवजात संरक्षण योजना 2020:-

राजस्थान नवजात संरक्षण योजना– राजस्थान के कोटा में 100 से अधिक नवजात बच्चों की मौत के मामले में किरकिरी करवा चुकी प्रदेश सरकार अब नवजात सुरक्षा योजना लाने की तैयारी कर रही है | इस कड़ी में राजस्थान सरकार ने शिशुओं के लिए नवजात सुरक्षा योजना 2020 शुरू करने की घोषणा की है | स्वास्थ्य विभाग जल्द ही उन नवजात शिशुओं के लिए एक नीति लाएगा जो कम वजनी, कुपोषित और समय से पहले पैदा हुए हैं | नवजात सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करना और नवजात शिशुओं की देखभाल करना है | इसके अलावा, कंगारू मदर केयर (Kangaroo Mother Care) पहल भी राज्य में शुरू की जाएगी |

माँ और बच्चे के बीच लगातार skin-to-skin contact प्रदान करने के लिए राजस्थान स्वास्थ्य विभाग कंगारू मदर केयर (Kangaroo Mother Care) तकनीक को बढ़ावा देगा | इसके अलावा, कंगारू मदर केयर पहल के तहत बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए विशेष स्तन दूध पिलाया जाएगा जो एक प्राकृतिक इनक्यूबेटर है | राज्य में शिशु मृत्यु दर (IMR) और मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम करने के लिए Nirogi राजस्थान अभियान पहले ही शुरू कर दिया गया है |

राजस्थान नवजात संरक्षण योजना 2020 की जरुरत क्यों पड़ी:-

नई नवजात सुरक्षा योजना 2020 से शिशु मृत्यु दर को और नीचे लाने में मदद मिलेगी | इस योजना का उद्देश्य नवजात शिशुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करना है | स्वास्थ्य विभाग ने राज्य सरकार की नरोगी राजस्थान योजना में कंगारू मदर केयर को भी शामिल करने का निर्णय लिया है | स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करके नवजात शिशुओं की मृत्यु को रोकने के लिए राजस्थान में कंगारू मदर केयर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे |

Also Read:-

राजस्थान राज्य सरकार कंगारू मदर केयर के लिए 77 मास्टर ट्रेनर तैयार करेगी जो हेल्थकेयर स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर तक जाएंगे | राजस्थान में, शिशु मृत्यु दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 35 मौतें हैं | राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार, राजस्थान में शिशु मृत्यु दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों में 41 मौतें थी | स्वास्थ्य विभाग का नवजात सुरक्षा योजना, नरोगी राजस्थान योजना और कंगारू मदर केयर पहल की शुरुआत करके आईएमआर को और नीचे लाने का लक्ष्य है |

राजस्थान नवजात संरक्षण योजना

कंगारू मदर केयर (Kangaroo Mother Care) तकनीक:-

कंगारू मदर केयर (Kangaroo Mother Care) एक कम लागत वाली तकनीक है जो अत्यधिक व्यावहारिक है और लाखों नवजात शिशुओं को बिना किसी बोझ या स्वास्थ्य देखभाल लागत के बचाने की क्षमता रखती है | इस तकनीक को अभी भी रेखांकित किया गया है और यदि इसका सही उपयोग किया जाए तो यह पहल कई लोगों की जान बचा सकती है | स्वास्थ्य विभाग पिछले कुछ वर्षों से JK Lon अस्पताल में इस तकनीक का उपयोग कर रहा है और अब राजस्थान में डॉक्टरों और नर्सों को प्रशिक्षित किया गया है | कंगारू मदर केयर एक बच्चे को गर्म पानी में डालने की तरह है, जो एक यांत्रिक देखभाल है, लेकिन यह बेहतर परिणामों के साथ एक मानवीय देखभाल है |

राजस्थान नवजात संरक्षण योजना 2020 के मुख्य बिंदु:-

  • राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य ने कहा हे की नवजात शिशुओं के लिए ‘कंगारू मदर केयर’ बेहतरीन concept है |
  • राजस्थान नवजात सुरक्षा योजना के तहत बिना किसी खर्च के केवल ‘स्पर्श चिकित्सा’ के जरिए बच्चा बेहतर स्वास्थ्य पा सकता है |
  • राजस्थान सरकार जल्द ही कंगारू मदर केयर पद्वति को भी ‘निरोगी राजस्थान’ का हिस्सा बना देगी |
  • राजस्थान सरकार इस योजना के लिए 77 मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने जा रही हैं |
  • उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में शिशु मृत्यु दर में हालांकि कमी आई है |
  • पहले जहां यह 41 प्रतिशत था वहीं अब 35 प्रतिशत रह गया है |

बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना 2019-20 के बारे में जानें

बिहार अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना:-

बिहार अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना– बिहार सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए “मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना (Chief Minister Minorities Employment Loan Scheme)”  शुरू की है | इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार अल्पसंख्यक वर्ग के मध्यम आय के परिवारों के युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी | इस योजना के अंतर्गत, राज्य सरकार वर्ष 2019-20 से रोजगार सृजन के लिए सालाना 100 करोड़ रुपये की मंजूरी देगी |

बिहार सरकार ने “मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना (Chief Minister Minorities Employment Loan Scheme)” के दिशानिर्देशों में भी संशोधन किया है | अब, ये नए दिशानिर्देश अल्पसंख्यक परिवारों (मुस्लिम, सिख, पारसी, बौद्ध और ईसाई) युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देंगे |

इसके अलावा, इस योजना के तहत, राज्य सरकार अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं को व्यवसाय और Start Up के लिए 5 लाख रुपये तक की ऋण राशि प्रदान करेगी | राज्य सरकार इन funds का उपयोग revolving fund के रूप में करेगी | बिहार अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना

बिहार अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना

बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना हेतु पात्रता:-

  • उम्मीदवारों की आयु 18 से 50 वर्षों के मध्य होनी चाहिए |
  • उम्मीदवार बिहार के जिस जिले में ऋण राशि के साथ अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता है उसे उस जिले से संबंधित होना चाहिए |
  • उम्मीदवारों को किसी भी सरकारी या अर्ध सरकारी कार्यालय में अपनी सेवा नहीं देना चाहिए |
  • उम्मीदवार को अल्पसंख्यक वर्ग से संबंधित होना चाहिए |
  • इसके अलावा, सभी स्रोतों से परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए |

बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोज़गार ऋण योजना हेतु नियम व शर्तें:-

इस योजना के अंतर्गत बिहार राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर तथा बेरोजगार व्यक्ति 5 लाख रूपए का ऋण स्वरोजगार शुरू करने के लिए निम्नलिखित शर्तों पर प्रदान करेगी:

  • इस योजना के तहत त्रैमासिक गणना की गई धनराशी का 5% ब्याज देना होगा |
  • ऋण लेने की तारीख से 3 महीने की अवधि तक ऋण पर कोई ब्याज नहीं लगेगा |
  • यदि उम्मीदवार ऋण की राशि का भुगतान निर्धारित समय पर करता है। तो उसे सरकार द्वारा ब्याज दर में 5 % की छुट प्रदान की जाएगी |
  • इस योजना के तहत उम्मीदवार को 20 समान त्रैमासिक किश्तों में अपने ऋण का भुगतान करना होगा। यह योजना बेरोजगार व्यक्तियों को उनके  बैंक में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) से लाभ प्रदान करेगी |

बिहार अल्पसंख्यक रोज़गार ऋण योजना हेतु आवश्यक दस्तावेज:-

  • बिहार राज्य से प्रमाणित अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड नंबर
  • आवेदक के किसी राष्ट्रीकृत बैंक का  बैंक खाता नम्बर
  • बिहार राज्य के निवासी होने का प्रमाण पत्र
  • घर के पते का प्रूफ, इसके तहत आप अपने घर के बिजली का बिल या फ़ोन का बिल का फोटोकापी लगा सकते हैं |

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के लिए आवेदन पत्र:-

बेरोजगार उम्मीदवार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना के लिए PDF format में आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं |

आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए  Click Here

बिहार अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना

यहां बेरोजगार उम्मीदवारों को पूरा विवरण भरना होगा और उनकी हाल की तस्वीर को आवेदन पत्र में चस्ता करना होगा | अंत में उम्मीदवारों को ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को भरा हुआ आवेदन फॉर्म सम्बंधित दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा |

सरोजिनी नायडू जयंती स्पेशल- Top 10 famous Quotes

Sarojni Naidu famous Quotes सरोजिनी नायडू जयंती:-

Sarojni Naidu famous Quotes – सरोजिनी नायडू सुप्रसिद्ध कवयित्री और भारत देश के सर्वोत्तम राष्ट्रीय नेताओं में से एक थीं | वह भारत के स्वाधीनता संग्राम में सदैव आगे रहीं | उनके संगी साथी उनसे शक्ति, साहस और ऊर्जा पाते थे | युवा शक्ति को उनसे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी | बचपन से ही कुशाग्र-बुद्धि होने के कारण उन्होंने 13 वर्ष की आयु में Lady of the Lake नामक कविता रची |

वे 1895 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड गईं और पढ़ाई के साथ-साथ कविताएँ भी लिखती रहीं | The Golden Threshold उनका पहला कविता संग्रह था | उनके दूसरे तथा तीसरे कविता संग्रह The Bird of Time तथा The Broken Wing ने उन्हें एक सुप्रसिद्ध कवयित्री बना दिया | आज सरोजिनी नायडू की 141वीं जयंती है |

Also Read:- 13 फ़रवरी 2021- भारत की पहली महिला गवर्नर सरोजिनी नायडू की 142 वीं जयंती

Sarojni Naidu famous Quotes

“A country’s greatness lies in its undying ideals of love and sacrifice that inspire the mothers of the race.”

“We want deeper sincerity of motive, a greater courage in speech and earnestness in action.”

“When there is oppression, the only self-respecting thing is to rise and say this shall cease today, because my right is justice. If you are stronger, you have to help the weaker boy or girl both in play and in the work.”

“Once in the dream of a night I stood
Lone in the light of a magical wood,
Soul-deep in visions that poppy-like sprang;
And spirits of Truth were the birds that sang,
And spirits of Love were the stars that glowed,
And spirits of Peace were the streams that flowed
In that magical wood in the land of sleep.”

“Sense of justice is o­ne of the most wonderful ideals of Islam, because as I read in the Qur’an I find those dynamic principles of life, not mystic but practical ethics for the daily conduct of life suited to the whole world”

“Oh, we want a new breed of men before India can be cleansed of her disease.”

“Nay, do not grieve tho’ life be full of sadness,

Dawn will not veil her spleandor for your grief,

सरोजिनी नायडू जयंती
सरोजिनी नायडू जयंती 141

Nor spring deny their bright, appointed beauty

To lotus blossom and ashoka leaf.

Nay, do not pine, tho’ life be dark with trouble,

Time will not pause or tarry on his way;

To-day that seems so long, so strange, so bitter,

Will soon be some forgotten yesterday.

Nay, do not weep; new hopes, new dreams, new faces,

The unspent joy of all the unborn years,

Will prove your heart a traitor to its sorrow,

And make your eyes unfaithful to their tears. “

“One needs a Seer’s Vision and Angel’s voice to be of any avail. I do not know of any Indian man or woman today who has those gifts in their most complete measure.”

“Shall hope prevail where clamorous hate is rife,

Shall sweet love prosper or high dreams have place

Amid the tumult of reverberant strife

‘Twixt ancient creeds, ‘twixt race and ancient race,

That mars the grave, glad purposes of life,

Leaving no refuge save thy succoring face?”

“My husband is exceedingly busy. For some time the talk of his going had been slack, but just now again there seems to be a move to get him sent to the front!”

13 फ़रवरी 2020- भारत की पहली महिला गवर्नर सरोजिनी नायडू की 141 वीं जयंती

सरोजिनी नायडू जयंती- The Nightingale of India:-

सरोजिनी नायडू जयंती- सुप्रसिद्ध कवयित्री और भारत देश के सर्वोत्तम राष्ट्रीय नेताओं में से एक थीं | वह भारत के स्वाधीनता संग्राम में सदैव आगे रहीं | उनके संगी साथी उनसे शक्ति, साहस और ऊर्जा पाते थे | युवा शक्ति को उनसे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी | बचपन से ही कुशाग्र-बुद्धि होने के कारण उन्होंने 13 वर्ष की आयु में Lady of the Lake नामक कविता रची |

वे 1895 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए इंग्लैंड गईं और पढ़ाई के साथ-साथ कविताएँ भी लिखती रहीं | The Golden Threshold उनका पहला कविता संग्रह था | उनके दूसरे तथा तीसरे कविता संग्रह The Bird of Time तथा The Broken Wing ने उन्हें एक सुप्रसिद्ध कवयित्री बना दिया | आज सरोजिनी नायडू की 141वीं जयंती है |

सरोजिनी नायडू का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा:-

सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ था | उनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय था, जो एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे | मात्र 14 वर्ष की उम्र में सरोजिनी ने सभी अंग्रेजी कवियों की रचनाओं का अध्ययन कर लिया था | 1895 में हैदराबाद के निजाम ने उन्हें वजीफे पर इंग्लैंड भेजा | 1898 में उनका विवाह डॉ. गोविन्द राजालु नायडू से हुआ |

बारह साल की छोटी सी उम्र में ही सरोजिनी ने मैट्रिक की परीक्षा पास कर ली थी और मद्रास प्रेसीडेंसी में प्रथम स्थान प्राप्त किया था | इसके बाद उच्चतर शिक्षा के लिए उन्हें इंग्लैंड भेज दिया गया जहाँ उन्होंने क्रमश: लंदन के ‘किंग्ज़ कॉलेज‘ में और उसके बाद ‘कैम्ब्रिज के गर्टन कॉलेज‘ में शिक्षा ग्रहण की। कॉलेज की शिक्षा में सरोजिनी की विशेष रुचि नहीं थी और इंग्लैंड का ठंडा तापमान भी उनके स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं था | वह स्वदेश लौट आयी |

भारत कोकिला‘ के नाम से प्रसिद्ध श्रीमती सरोजिनी नायडू की महात्मा गांधी से प्रथम मुलाकात 1914 में लंदन में हुई और गांधी जी के व्यक्तित्व ने उन्हें बहुत प्रभावित किया | दक्षिण अफ्रीका में वे गांधीजी की सहयोगी रहीं | वे गोपालकृष्ण गोखले को अपना ‘राजनीतिक पिता‘ मानती थीं | उनके विनोदी स्वभाव के कारण उन्हें ‘गांधी जी के लघु दरबार में विदूषक‘ कहा जाता था |

सरोजिनी नायडू का राजनीतिक करियर:-

सरोजिनी नायडू जयंती

उन्होंने भारतीय समाज में फैली कुरीतियों के लिए भारतीय महिलाओं को जागृत किया | भारत की स्वतंत्रता के लिए विभिन्न आंदोलनों में सहयोग दिया | काफी समय तक वे कांग्रेस की प्रवक्ता रहीं | 1925 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कानपुर अधिवेशन की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष बनीं |

जलियांवाला बाग हत्याकांड से क्षुब्ध होकर उन्होंने 1908 में मिला ‘कैसर-ए-हिन्द‘ सम्मान लौटा दिया था | भारत छोड़ो आंदोलन में उन्हें आगा खां महल में सजा दी गई | वे उत्तरप्रदेश की पहली महिला राज्यपाल बनीं |

उन्होंने भारतीय महिलाओं के बारे में कहा था – ‘जब आपको अपना झंडा संभालने के लिए किसी की आवश्यकता हो और जब आप आस्था के अभाव से पीड़ित हों तब भारत की नारी आपका झंडा संभालने और आपकी शक्ति को थामने के लिए आपके साथ होगी और यदि आपको मरना पड़े तो यह याद रखिएगा कि भारत के नारीत्व में चित्तौड़ की पद्मिनी की आस्था समाहित है।’

सरोजिनी नायडू के जीवन से जुड़ी 10 बातें:- (सरोजिनी नायडू जयंती)

  • सरोजिनी नायडू (Sarojini Naidu) कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थी | इतना ही वह किसी राज्य की पहली पहली गवर्नर भी थी | उन्होंने उत्तर प्रदेश के गवर्नर का पद भार संभाला था |
  • सरोजिनी नायडू के पिता अघोरनाथ चट्टोपध्याय एक वैज्ञानिक और शिक्षाशास्त्री थे | उनकी माता वरदा सुंदरी कवयित्री थीं और बंगाली भाषा में कविताएं लिखती थीं |
  • सरोजिनी नायडू की शादी 19 साल की उम्र में गोविंदाराजुलु नायडू से हुई थी |
  • सरोजिनी नायडू ने साहित्य के क्षेत्र में खास योगदान दिया | बचपन से ही वह कविताएं लिखा करती थीं | उनकी कविताओं का पहला संग्रह ”The Golden Threshold1905 में प्रकाशित हुआ था |
  • उनकी उच्च शिक्षा लंदन के किंग्स कॉलेज और बाद में कैम्ब्रिज के गिरटन कॉलेज से हुई थी |
  • सरोजिनी नायडू ने गांधी जी के अनेक सत्याग्रहों में भाग लिया और 1942 में ‘भारत छोड़ो‘ आंदोलन में जेल भी गईं |
  • सरोजिनी नायडू संकटों से न घबराते हुए एक वीरांगना की तरह गांव-गांव घूमकर देश-प्रेम का अलख जगाती रहीं और देशवासियों को उनके कर्तव्य की याद दिलाती रहीं |
  • सरोजिनी नायडू बहुभाषाविद थी और क्षेत्रानुसार अपना भाषण अंग्रेजी, हिंदी, बंगला या गुजराती में देती थीं | लंदन की सभा में अंग्रेजी में बोलकर इन्होंने वहाँ उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था |
  • सरोजिनी नायडू को ”The Nightingale of India” के नाम से जाना जाता है |
  • सरोजिनी नायडू का निधन 2 मार्च 1949 में हुआ था |

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प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम 2020 तक जारी रहेगा

PM Employment Generation Programme (PMEGP):-

PM Employment Generation Programme– केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-2020 तक प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम/Prime Minister Employment Generation Programme (PMEGP) जारी रखने का निर्णय लिया है | इस बैठक की अध्यक्षता माननीय पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी | तदनुसार, 5500 करोड़ रुपये की यह योजना 15 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी | इच्छुक व्यक्तिगत / गैर-व्यक्तिगत आवेदक PMEGP ई-पोर्टल http://kviconline.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं |

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 12वीं योजना से परे 3 साल के लिए (यानी 2017-18 से 2019-20 तक) PMEGP योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है | राष्ट्रीय स्तर पर इसके कार्यान्वयन के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) को चुना जाता है | राज्य / जिला स्तर पर इसके अलावा KVIC, खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) और जिला उद्योग केंद्र (DIC) के राज्य कार्यालय कार्यान्वयन एजेंसियां ​​हैं | इच्छुक और योग्य उम्मीदवार PMEGP Application Form 2020 की अंतिम तारीख से पहले प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन पत्र भर सकते हैं |

PM Employment Generation Programme (PMEGP) 2020 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:-

  • सर्वप्रथम आवेदकों को PMEGP ई-पोर्टल http://kviconline.gov.in/ पर जाना होगा |
  • इसके बाद Homepage पर, “प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)” या “PMEGP ePortal” लिंक पर क्लिक करें |
  • इसके पश्चात व्यक्तिगत रूप से आवेदन पत्र भरने के लिए “Online Application Form for Individual” लिंक पर क्लिक करें |
  • इसके पश्चात आपके सामने “PMEGP ONLINE APPLICATION FOR INDIVIDUAL APPLICANT” खुलेगा |
PM Employment Generation Programme
  • यहां उम्मीदवारों को सभी विवरण भरने होंगे और pmegp पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए “Submit” बटन पर क्लिक करना होगा |
  • अंत में, पंजीकृत उम्मीदवार “PMEGP Login (Applicant)” बना सकते हैं और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए शेष आवेदन फॉर्म भर सकते हैं |

PMEGP ई-पोर्टल पर प्राप्त व्यक्तियों के सभी आवेदन ऑनलाइन संसाधित हो जाएंगे | ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने से पहले उम्मीदवारों को PMEGP दिशानिर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए |

इसके अलावा, पीएमईजीपी एप्लीकेशन फॉर्म (गैर-व्यक्तिगत) के लिए यहाँ क्लिक करें

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) 2020 के लिए पात्रता मानदंड:-

  • 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति PMEGP योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं |
  • विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख रुपये से और व्यापार और सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये से ऊपर की परियोजनाओं के लिए आवेदक का न्यूनतम 8वीं कक्षा पास होना आवश्यक है |
  • PMEGP केवल नई परियोजनाओं को मंजूरी देता है और यह योजना मौजूदा चल रही परियोजनाओं के लिए लागू नहीं है |
  • सभी स्वयं सहायता समूह गरीबी रेखा से नीचे (BPL) सहित एक पूर्व शर्त के साथ कि इन SHG ने अन्य योजनाओं का लाभ नहीं लिया है पात्र हैं |
  • सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत संस्थाएं, उत्पादन सहकारी समितियां और धर्मार्थ ट्रस्ट भी पात्र हैं |
  • सभी मौजूदा इकाइयाँ PMRY, REGP और किसी भी अन्य केंद्रीय / राज्य सरकार की योजनाओं के लिए पात्र नहीं हैं |
  • यहां तक ​​कि कोई भी इकाई जिसने सरकारी योजना के तहत सरकारी सब्सिडी लिया हो योजना के योग्य नहीं हैं |

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) 2020 के लिए Subsidy:-

PMEGP के तहत परियोजनाओं की लागत की अधिकतम सीमा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 25 लाख और व्यापार / सेवा क्षेत्र, के लिए 10 लाख के बाद केंद्रीय सरकार सब्सिडी प्रदान करेगी |

PM Employment Generation Programme

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) 2020 के लिए मापदंड:-

  • राज्य के पिछड़ेपन की सीमा |
  • पिछले वर्ष के लक्ष्यों की पूर्ति और बेरोजगारी की अधिकता |
  • राज्य / संघ राज्य क्षेत्र की जनसंख्या |
  • पारंपरिक कौशल और कच्चे माल की उपलब्धता |

केंद्र सरकार ने 75 प्रोजेक्ट /जिला का न्यूनतम लक्ष्य प्रदान किया है | सभी जिलों को PMEGP एप्लीकेशन प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर सम्मानित किया जाता है ताकि समग्र विकास हो सके | इसके बाद, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं, SC/ ST, OBC, शारीरिक रूप से अक्षम, एनईआर आवेदकों के लिए सब्सिडी की उच्च दर (25% से 35%) लागू होगी |

आवेदन और आवेदन शुल्क जमा करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है | इसमें आवेदन प्राप्त करना, प्रसंस्करण, बैंकों द्वारा मंजूरी, pmegp ऋण पर मार्जिन मनी सब्सिडी का हस्तांतरण और आवेदक के नाम पर सावधि जमा रसीद (TDR) का निर्माण शामिल है |

PMEGP योजना 2020 में संशोधन / सुधार:-

  • मौजूदा और बेहतर प्रदर्शन करने वाली PMEGP इकाइयों के लिए दूसरी ऋण राशि 1 करोड़ रुपये 15% की सब्सिडी के साथ खुद को उन्नत करने के लिए |
  • PMEGP में मर्जिंग कॉयर उदय योजना (CUY) का प्रावधान |
  • समवर्ती निगरानी और मूल्यांकन परिचय |
  • Compulsory आधार और पैन कार्ड |
  • PMEGP इकाइयों की जियो-टैगिंग |
  • PMEGP संशोधन – होटल / ढाबों और गैर-शाकाहारी भोजन पर मांसाहारी भोजन परोसना / बेचना |
  • KVIC: KVIB: DIC के लिए 30:30:40 के अनुपात का वितरण |
  • विनिर्माण इकाइयों के लिए कार्यशील पूंजी घटक कुल परियोजना लागत का 40% तय है | इसके अलावा सेवा / व्यापार क्षेत्र के लिए, पूंजी घटक परियोजना लागत का 60% तय किया गया है |

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019-20 का रिजल्ट जारी |ऐसे करें चेक |

UPTET Result,उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019-20:-

UPTET Result– उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता रिजल्ट (UPTET Result 2019-20) का लिंक आधिकारिक वेबसाइट पर एक्टिव हो गया है | परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थी आधिकारिक वेबसाइट http://upbasiceduboard.gov.in/ पर अपना रिजल्ट देख कर सकते हैं | 31 जनवरी को एग्जाम की आंसर की जारी की गई थी, जिसके एक हफ्ते के अंदर अब रिजल्ट जारी किया गया | 

कैसा रहा UPTET Primary Result:-

उत्तर प्रदेश में 8 जनवरी को कुल 1514716 परीक्षार्थियों ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2019 दी थी | इनमें से 354703 अभ्यर्थी पास हुए हैं | यानी 23.41 फीसदी परीक्षार्थी यूपीटीईटी में पास हुए हैं | परीक्षा नियामक प्राधिकारी दफ्तर के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 29.74 प्रतिशत तो उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में मात्र 11.46 प्रतिशत परीक्षार्थी ही सफल हुए हैं |

प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए प्रदेश में 1986 केंद्र बनाए गए थे | इसके लिए 1083016 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 990744 परीक्षा में शामिल हुए थे | इनमें से 294635 उत्तीर्ण हुए हैं, जो कुल परीक्षार्थियों का 29.74 प्रतिशत है |

UPTET Result

कैसा रहा UPTET Upper Primary Result:-

उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 1063 केंद्र बनाए गए थे | इसके लिए 573322 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 523972 ने परीक्षा दी थी | इनमें से मात्र 60068 उत्तीर्ण हुए हैं, जो कुल परीक्षार्थियों का 11.46 प्रतिशत ही है |

इस बार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए 16 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था | टीईटी प्राथमिक स्तर की परीक्षा में पर्यावरण के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को खासा परेशान किया | अभ्यर्थियों का दावा है कि इस बार टीईटी में पर्यावरण के प्रश्न ज्यादातर जीव विज्ञान से पूछे गए | वहीं, अंग्रेजी तो सरल नजर आई, लेकिन गणित चार प्रश्नों ने ठंड में भी अभ्यर्थियों का पसीना छुडा दिया |

ऐसे चेक करें रिजल्ट:- UPTET Result

  • सबसे पहले ऑफिशियिल वेबसाइट updeled.gov.in, upbasiceduboard.gov.in पर जाएं |
  • यहां रिजल्ट की लिंक पर क्लिक करें |
  • इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर डालें |
  • लॉगिन करने के बाद अपना यूपीटीईटी रिजल्ट देख पाएंगे |

डायरेक्ट रिजल्ट के पेज में जाने के लिए  यहां क्लिक करें