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Precaution Dose Covid-19: बूस्टर डोज के लिए नहीं कराना होगा नया रजिस्ट्रेशन, केवल बुक करना होगा स्लॉट

Precaution Dose Covid-19:-

देश में कोरोना और कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का ग्राफ एकबार फिर तेजी से बढ़ने लगा है | जानकारों की मानें तो देश में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है और फरवरी के मध्य में ये पीक पर होगा | आशंका है कि उस दौरान देश में रोजाना 5 लाख तक कोरोना के नए केस सामने आ सकते हैं | कोरोना के इस कहर से निपटने के लिए देश में टीकारण की अभियान को और तेज किया गया है |

देश में सोमवार (10 जनवरी 2022) को कोरोना वैक्सीन के दो डोज ले चुके लोगों के लिस्टर बूस्टर डोज यानी ‘Precaution Dose‘ अभियान की शुरुआत होने जा रही है | इसके लिए 8 जनवरी 2022 से आवेदन शुरू हो गया है |

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक जो लोग Covid -19 वैक्सीन की बूस्टर डोज यानी ‘Precaution Dose‘ लगवाना चाहते हैं, उन्हें Cowin Portal पर नए सिरे से यानी नया पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराने की जरूत नहीं है |

Also Read: Corona Vaccine Registration कैसे करें? वैक्सीन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करें |

देश में कोरोना वायरस (Covid 19) के बढ़ते मामलों के बीच 10 जनवरी से हेल्थ वर्कर्स, प्रमुख कर्मचारी और 60 साल से ऊपर वालों को बूस्टर डोज (precaution COVID-19 vaccine) लगाई जाएगी |

बूस्टर डोज के लिए लोगों को अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की कोई आवश्यकता नहीं होगी | जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है, वे सीधे अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं या फिर वैक्सीनेशन सेंटर जा सकते हैं |

स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक इस अभियान के तहत फिलहाल एक ही टीका लगाया जाना है | इसमें किसी भी तरह के मिश्रण (मिक्स-मैच) यानि दो अलग-अलग वैक्सीन की खुराक लगाए जाने की अनुमति नहीं होगी |

यानी जिन लोगों को कोवैक्सिन की पहली और दूसरी खुराक दी गई थी, उन्हें ‘Precaution Dose‘ के तौर पर कोवैक्सिन का ही डोज लेना होगा | इसी तरह जिन्हें कोविशील्ड की पहली और दूसरी खुराक मिल चुकी है, उन्हें तीसरी और अतिरिक्त खुराक में कोविशील्ड का टीका ही लगेगा | ऐसे में टीकाकरण केंद्र पर इस बात का जरूर ध्यान रखें |

Precaution Dose Covid-19

किन्हें लगेगी बूस्टर डोज:-

स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों (Front line workers) और 60 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के लोगों को दी जाने वाली कोविड-19 टीके की Precaution Dose पहली दो खुराक की तरह ही होगी |

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि जिन लोगों ने पहली दो खुराक कोविशील्ड की ली है, उन्हें कोविशील्ड टीका दिया जाएगा और जिन लोगों ने कोवैक्सीन लिया है, उन्हें कोवैक्सीन दिया जाएगा | उन्होंने यह भी कहा कि टीकों के मिश्रण से जुड़ी नयी जानकारी, विज्ञान और आंकड़ों पर भी नजर रखी जा रही है |

फ्री में होगा वैक्सीनेशन:-

शासकीय केंद्र पर सभी नागरिकों का निःशुल्क टीकाकरण किया जायेगा और अगर कोई भी नागरिक निजी टीकाकरण केंद्र में टीकाकरण कराना चाहता है, तो उसे केंद्र सरकार द्वारा घोषित मूल्य पर टीका लगवाना होगा | प्रिकॉशन डोज लेने के लिए पात्र लोगों को केवल स्लॉट बुकिंग करानी होगी | अपने बुक किए गए स्लॉट में जाकर वो वैक्सीन लगवा सकते हैं |

Frequently Asked Questions(FAQs):-

Precaution Dose के लिए आवेदन कब से शुरू हो रहे हैं?

8 जनवरी 2022 से

Precaution Dose कब से लगने शुरू होंगे?

10 जनवरी 2022 से

क्या Precaution Dose के लिए registration करने की आवश्यकता है?

नहीं |

Precaution Dose किसे लगेंगे?

स्वास्थ्यकर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मियों (Front line workers) और 60 वर्ष तथा उससे अधिक उम्र के लोगों को

मैं Precaution Dose के लिए अपॉइंटमेंट कहाँ बुक कर सकता हूँ?

Co-WIN portal (https://www.cowin.gov.in/) पर

क्या मैं प्रत्येक टीकाकरण केंद्र में दिए जा रहे टीके की जांच कर सकता हूं?

हां, टीकाकरण के लिए appointment schedule करते समय, सिस्टम टीकाकरण केंद्र के नाम के साथ उस वैक्सीन का नाम दिखाएगा जिसे प्रशासित किया जाएगा |

क्या मैं Appointment slip डाउनलोड कर सकता हूँ?

हां, Appointment schedule होने के बाद Appointment slip डाउनलोड की जा सकती है |

मैं Nearest Vaccination Center कैसे ढूंढ सकता हूं?

आप अपने स्थान के Nearest Vaccination Center के लिए Co-Win पोर्टल या Aarogya Setu या Umang में मानचित्र, पिन कोड या राज्य और जिले का चयन करके खोज सकते हैं |

Aadhaar Authentication History: कब-कहां और कितनी बार आपका आधार कार्ड इस्तेमाल किया गया है? ऐसे पता लगाएं

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Aadhaar Authentication History:-

आधार कार्ड (Aadhaar Card) भारतीय नागरिकों के लिए सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक है | नागरिकों की बायोमेट्रिक (Biometric) और डेमोग्राफिक (Demographic ) जानकारी आधार कार्ड में दर्ज की जाती है, जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी किया जाता है | भारत में कई सरकारी सर्विस का फायदा उठाने के लिए आधार कार्ड अब अनिवार्य हो गया है |

आधार पैसे के लेन-देन के लिए भी इस्तेमाल हो सकता है क्योंकि प्रत्येक भारतीय का बैंक अकाउंट उसके आधार कार्ड से जुड़ा हुआ है | लेकिन चूंकि इन दिनों ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Scam) बढ़ रही है, इसलिए कई लोग आधार के दुरुपयोग को लेकर भी चिंतित रहते हैं | पर अब आप आसानी से घर बैठे पैसे के लेनदेन के लिए उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की हिस्ट्री का आसानी से पता लगा सकते हैं |

ये डेटा यूआईडीएआई (UIDAI) की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिलता है | यूआईडीएआई (UIDAI) वेबसाइट पर होस्ट किए गए Aadhaar Authentication History सेवा के जरिए आप यह पता लगा सकते हैं कि पर्सनल तौर पर आपने कितनी बार पैसे के लेनदेन के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल किया |

कोई भी आधार कार्ड धारक (Aadhaar card holder) अपने आधार नंबर/वीआईडी ​​(VID) का इस्तेमाल करके और वेबसाइट पर दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करके यूआईडीएआई (UIDAI) वेबसाइट से अपने Aadhaar Authentication History की जांच कर सकता है |

इस सेवा का लाभ उठाने के लिए रजिस्टर मोबाइल नंबर (Registered mobile number) पर ध्यान देना जरूरी है | आधार कार्ड धारक पिछले 6 महीनों में किसी भी Authentication User Agency (AUA) से या उसके द्वारा किए गए सभी Authentication रिकॉर्ड की डिटेल्स देख सकते हैं | हालांकि, एक समय में मैक्सिमम 50 रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं |

Aadhaar Authentication History ऐसे पता लगाएं:-

  • UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट-https://uidai.gov.in/ पर जाएं |
  • यहाँ My Aadhaar ऑप्शन पर जाएं |
  • My Aadhaar ड्रॉपडाउन में Aadhaar Services के तहत आपको ‘Aadhaar Authentication History’ मिलेगा |
  • अब, ‘Aadhaar Authentication History’ पर क्लिक करें |
Aadhaar Authentication History
  • इस लिंक पर क्लिक करते ही आप नए पेज पर पहुँच जाएंगे |
  • यहाँ अपना 12 अंकों का Aadhaar Number और Security Code दर्ज करें | और Send OTP बटन पर क्लिक करें |
Aadhaar Authentication History
  • अब, आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा | उस OTP को दर्ज करें |
Aadhaar Authentication History
  • यहाँ आपको Authentication Type, Date Range(mm/dd/yyyy) का चयन करना है | साथ ही Number of Records और OTP/TOTP दर्ज करें | और Verify OTP/TOTP बटन पर क्लिक करें |
  • अब आपको आधार के इस्तेमाल से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त करें |

Frequently Asked Questions (FAQ’s):-

Aadhaar Authentication History क्या है?

UIDAI वेबसाइट पर होस्ट की गई Aadhaar Authentication History service अतीत में निवासी व्यक्ति द्वारा किए गए प्रमाणीकरण का विवरण प्रदान करती है

एक निवासी अपने Aadhaar Authentication History की जांच कहां कर सकता है?

Authentication History Service को UIDAI की वेबसाइट https://resident.uidai.gov.in/aadhaar-auth-history पर होस्ट किया गया है |

UIDAI वेबसाइट पर Aadhaar Authentication History की जाँच करने की प्रक्रिया क्या है?

निवासी अपनी आधार संख्या/VID ​​का उपयोग करके और वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों का पालन करके UIDAI वेबसाइटों से अपने Aadhaar Authentication History की जांच कर सकते हैं |

Aadhaar Authentication History से निवासी क्या जानकारी प्राप्त कर सकता है?

Auth Modality.
Date & Time of Authentication.
UIDAI Response code.
AUA Name
AUA Transaction ID (With Code)
Authentication Response (Success/Failure)
UIDAI Error code

यह सुविधा मुझे अधिकतम 50 प्रमाणीकरण रिकॉर्ड देखने की अनुमति देती है | मैं और रिकॉर्ड कैसे देख सकता हूं?

आधार नंबर धारक किसी भी प्रमाणीकरण उपयोगकर्ता एजेंसी (AUA) या उसके द्वारा पिछले 6 महीनों में किए गए सभी प्रमाणीकरण रिकॉर्ड का विवरण देख सकता है | हालांकि, एक समय में अधिकतम 50 रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं |

कुछ authentication transactions records विफल दिखा रहे हैं, मुझे क्या करना चाहिए?

प्रत्येक failed authentication transaction record के लिए, specific error code असाइन किया गया है | विफलता का कारण जानने के लिए कृपया उस failed authentication transaction के खिलाफ error code number का विवरण जांचें |

यदि मैंने रिकॉर्ड में सूचीबद्ध कुछ लेन-देन नहीं किए हैं, तो मुझे क्या करना चाहिए?

यदि आधार संख्या धारक द्वारा सूचीबद्ध प्रमाणीकरण लेनदेन नहीं किया जाता है, तो निवासी अधिक जानकारी के लिए संबंधित प्रमाणीकरण उपयोगकर्ता एजेंसी (AUA) से संपर्क कर सकता है |

Authentication Records में AUA Transaction ID क्या है?

आधार संख्या धारक द्वारा किए गए प्रत्येक authentication transaction के लिए, AUA, लेनदेन की पहचान करने के लिए एक unique Transaction ID उत्पन्न करता है और प्रमाणीकरण अनुरोध के हिस्से के रूप में इसे UIDAI को भेजता है | Response Code के साथ इस Transaction ID का उपयोग आधार संख्या धारक द्वारा AUA से आगे की पूछताछ के लिए किया जा सकता है |

उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल: शिकायत पंजीकरण व स्थिति कैसे देखें?

उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल:-

उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल (Uttar Pradesh Anti Bhu Mafia Portal) का शुभारम्भ राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा लोगो को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है |

इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश के किसान और नागरिक अपने ज़मीन पर किये गए अवैध कब्ज़े की शिकायत दर्ज करा सकते है और अपनी शिकायत को राज्य सरकार तक पंहुचा सकते है | इस Uttar Pradesh Anti Bhu Mafia Portal पर नागरिको द्वारा दर्ज की गई शिकायतों का सम्बंधित विभाग द्वारा शीघ्र निवारण किया जायेगा |

भूमि के अवैध तरीके से किये गए कब्ज़े से जुडी शिकायतों का समाधान सम्बंधित अधिकारियो द्वारा नहीं किया जाता और लोगो की समस्या ऐसे ही बनी रहती है | इस ऑनलाइन पोर्टल पर जो भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी उनके समाधान के लिए सरकार ने हर तहसील हर मंडल में एंटी भू माफिया टास्क फाॅर्स को बनाया है जो लोगो की समस्याओ को समाधान जल्द से जल्द  करेंगी |

इस सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारी 24*7 आपकी सेवा में उपलब्ध रहेंगे | उत्तर प्रदेश के जो लोग शिकायत पंजीकरण चाहते है तो वह Uttar Pradesh Anti Bhu Mafia जनसुनवाई पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन कर सकते है और इस सुविधा का लाभ उठा सकते है |

उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल पर शिकायत पंजीकरण कैसे करे:-

  • सर्वप्रथम आवेदक को उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट http://jansunwai.up.nic.in/ABMP.html पर जाना होगा | आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |
उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल
  • इस होम पेज पर आपको शिकायत पंजीकरण का विकल्प दिखाई देगा | आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा | विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल खुल जायेगा |
उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल
  • इसके बाद आपको अपना मोबाइल नंबर ,ईमेल आईडी और कैप्चा कोड आदि जानकारी भरनी होगी ।सभी जानकारी भरने के बाद आपको OTP भेजे के बटन पर क्लिक करना होगा |
  • OTP भेजे के बटन पर क्लिक करने के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा जिसे आप निर्धारित स्थान पर दर्ज कर “सबमिट करे लिंक” पर क्लिक करना होगा |
  • अब आपके सामने एंटी भू माफिया शिकायत पंजीकरण का पेज खुल जायेगा यहाँ आपको अपनी शिकायत सही-सही दर्ज करनी होगी ।आखिर में आप अपने द्वारा दर्ज जानकारी की जांच कर “सन्दर्भ सुरक्षित करे” लिंक पर क्लिक करने होगा | इस प्रकार आपका ऑनलाइन शिकायत पंजीकरण पूरा हो जायेगा |
  • आपको शिकायत पंजीकरण का नंबर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की सहायता से प्रदान किया जायेगा | इस पंजीकरण नंबर की सहायता से आप अपनी एंटी भू माफिया शिकायत की स्थिति की जाँच कर सकते है |

उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल पर शिकायत पंजीकरण की स्थिति कैसे देखे:-

  • सबसे पहले आपको आधिकारिक वेबसाइट http://jansunwai.up.nic.in/ABMP.html पर जाना होगा | आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |
  • इस होम पेज पर आपको शिकायत की स्थिति का विकल्प दिखाई देगा | आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा |
Uttar Pradesh Bhu Mafia Portal
  • विकल्प पर क्लिक करने  के बाद आपके समाने अगला पेज खुल जायेगा इस पेज पर आपको संदर्भ की स्थित देखे का एक फॉर्म खुल जायेगा | इस फॉर्म में आपको शिकायत संख्या ,मोबाइल नंबर, Email ID और Captcha Code आदि जानकरी भरनी होगी |
  • सभी जानकरी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा | फिर आपके शिकायत पंजीकरण की स्थिति आ जाएगी |

शिकायत के निवारण में देरी पर क्या करे:-

  • सबसे पहले आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा | आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा । इस होम पेज पर आपको अनुस्मारक भेजे का विकल्प दिखाई देगा | आपको इस विकल्प पर क्लिक करे |
एंटी भू माफिया पोर्टल शिकायत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
  • इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने आगे का पेज खुल जायेगा | इस पेज पर आपको शिकायत पजीकरण संख्या को दर्ज करना होगा | इसके बाद आपको खोजे के बटन पर क्लिक करना होगा |
  • अब आपके द्वारा दर्ज कराई गयी शिकायत की स्थिति आपको आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगी | यहाँ से आप दर्ज की गई शिकायत पर हुई कार्यवाही की जानकारी ले सकते हैं |

एंटी भू माफिया शिकायत पंजीकरण पोर्टल फीडबैक दर्ज करें:-

  • सर्वप्रथम आपको ऑफिसियल वेबसाइट के होम पेज पर आपकी प्रतिक्रिया के ऑप्शन पर जाकर क्लिक करना होगा | ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने आगे का पेज खुल जायेगा ।
उत्तर प्रदेश एंटी भू माफिया पोर्टल
  • इस पेज पर आपको शिकायत पंजीकरण संख्या, मोबाइल नंबर तथा कैप्चा कोड भरते हुए अपना फीडबैक दर्ज करना होगा | इसके बाद आप अपने द्वारा दर्ज फीडबैक की जांच कर “दर्ज करे” पर क्लिक करना होगा |
  • इस प्रकार आपका फीडबैक दर्ज कर लिए जायेगा जिस पर सम्बंधित उच्चाधिकारी स्तर की कार्यवाही आपके द्वारा दिए गए एक या दो स्टार रेटिंग के आधार पर होगी |

January 2022 Nishtha FLN Training Module 7 & 8 प्रश्न्नोत्तरी पीडीऍफ़ के साथ

Nishtha FLN Training Module 7: प्राथमिक कक्षाओं में बहुभाषी शिक्षण प्रश्न्नोतरी

Description : ‘प्राथमिक कक्षाओं में बहुभाषी शिक्षण​ – प्रशिक्षण 7 लिंक: https://bit.ly/MPN-FLN-Course7
इस कोर्स में बताया गया है आरंभिक शिक्षण में बच्चों की मातृभाषा को इस्तेमाल करना क्यों अनिवार्य है और ऐसा करने के लिए किन रणनीतियों को अपनाया जा सकता है। यह कोर्स हमें सीखने-सिखाने की प्रक्रियाओं में बच्चों की भाषा के प्रयोग के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने में मदद करेगा
दीक्षा पोर्टल /एप में लॉग इन कैसे करेंजानने के लिए क्लिक करें
Start Date : 1 January 2022   End Date:  31 January 2022
प्रश्न क्रमांक 1.
इनमें से कौन सा कथन बहुभाषी शिक्षण के संदर्भ में सही है
  1. बच्चों की भाषा को दूसरी भाषा सिखाने के लिए स्कैफोल्ड के रूप में प्रयोग किया जाता है
  2. शिक्षण पद्धति केवल भाषा शिक्षण के लिए ही प्रयोग की जाती है
  3. नई भाषा को जल्दी से जल्दी शिक्षण का माध्यम बनाया जाना चाहिए
  4. कोई नई भाषा जब शिक्षण का माध्यम बन जाए तब बच्चे की भाषा को हटा दिया जाना चाहिए

उत्तर 1: बच्चों की भाषा को दूसरी भाषा सिखाने के लिए स्कैफोल्ड के रूप में प्रयोग किया जाता है

प्रश्न क्रमांक 2.
भारत की जनगणना 2011 के अनुसार भारत में कुल कितनी मात्र भाषाएं बोली जाती है
  1. 1369
  2. 1469
  3. 1269
  4. 1569

उत्तर 2:  1369

प्रश्न क्रमांक 3.
प्रत्येक राज्य और राज्य के भीतर प्रत्येक स्थानीय प्राधिकारी भाषा संबंधी अल्पसंख्यक वर्गों के बालकों को शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की पर्याप्त सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास करेगा यह कथन कौन से दस्तावेज में कहा गया है
  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
  2. भारत का संविधान
  3. आरटीई 2009
  4. Ncf-2005

उत्तर 3:   भारत का संविधान

प्रश्न क्रमांक 4.
ज्ञान के सृजन के लिए किस भाषा की आवश्यकता है
  1. राजभाषा
  2. मानक भाषा
  3. परिचित भाषा
  4. राष्ट्रभाषा

उत्तर 4:  परिचित भाषा

प्रश्न क्रमांक 5.
ज्ञान के सृजन के लिए किस भाषा का पुल आवश्यक है
  1. राष्ट्रभाषा
  2. मानक भाषा
  3. परिचित भाषा
  4. अपरिचित भाषा

उत्तर 5:  परिचित भाषा  

प्रश्न क्रमांक 6.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मातृभाषा के प्रयोग के बारे में क्या कहती है
  1. कक्षा 5 के बाद केवल स्कूल की भाषा का प्रयोग की ही किया जाना चाहिए
  2. बहुभाषी शिक्षण से बच्चे शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में पूरी तरह भाग नहीं ले पाते
  3. बच्चों के पढ़ने लिखने की शुरुआत स्कूल की भाषा से ही होनी चाहिए
  4. छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा के माध्यम से बेहतर रूप से सीखते हैं

उत्तर 6:   छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा के माध्यम से बेहतर रूप से सीखते हैं

प्रश्न क्रमांक 7.
वह भाषा जो औपचारिक तौर पर पाठ्य पुस्तकों शिक्षण सामग्री और शिक्षण प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाती है वह भाषा…. कहलाती है
  1. शिक्षक की भाषा
  2. मातृभाषा
  3. शिक्षण का माध्यम
  4. घर की भाषा

उत्तर 7:  शिक्षण का माध्यम

प्रश्न क्रमांक 8.
कक्षा में दूसरी भाषा सिखाने की आधारभूत शर्त नहीं है
  1. बच्चों को L2 का अधिकता अधिक अनुभव देना
  2. L2 को बच्चों के लिए सरल समझने योग्य रोचक और अर्थपूर्ण बनाना
  3. शुरुआत से ही L2 की शब्दावली सिखाना
  4. शुरुआत में ही L2 में आधारभूत शब्द भंडार विकसित करना

उत्तर 8:  शुरुआत से ही L2 की शब्दावली सिखाना

प्रश्न क्रमांक 9.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान मिशन की सफलता के लिए आवश्यक है
  1. बच्चों की परिचित भाषा का प्रयोग करना
  2. सामान्य ज्ञान पर जोर देना
  3. कक्षा एक से अंग्रेजी की शिक्षा
  4. प्रति सप्ताह है परीक्षा लेना

उत्तर 9: बच्चों की परिचित भाषा का प्रयोग करना

प्रश्न क्रमांक 10.
इनमें से कौन सा वाक्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार नहीं है
  1. छोटे बच्चे अपनी मातृभाषा के माध्यम से सबसे बेहतर ढंग से सीखते हैं
  2. मातृभाषा में शिक्षण से बच्चे अन्य भाषाएं नहीं सीख पाते क्योंकि उसके लिए समय ही बचता
  3. बच्चों के पढ़ने लिखने की शुरुआत उनकी अपनी भाषा में होनी चाहिए
  4. कम से कम पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई बच्चों की भाषा में ही होनी चाहिए

उत्तर 10:  मातृभाषा में शिक्षण से बच्चे अन्य भाषाएं नहीं सीख पाते क्योंकि उसके लिए समय ही बचता

प्रश्न क्रमांक 11.
रोजमर्रा के जीवन में हममें से अधिकतर लोग कैसी भाषा का प्रयोग करते हैं
  1. राष्ट्रभाषा
  2. मानक भाषा
  3. शुद्ध भाषा
  4. मिली जुली भाषा

उत्तर 11:  मिली जुली भाषा

प्रश्न क्रमांक 12.
बहुभाषी शिक्षण के संदर्भ में निम्न में से गलत वाक्य चुने
  1. शिक्षक और बच्चों द्वारा भाषाओं का मिलाजुला प्रयोग किया जाता है
  2. विद्यार्थी और भाषा में सर्वश्रेष्ठ ढंग से सीखते हैं जिससे वह अच्छी तरह जानते हैं
  3. प्रथम भाषा में जितना अधिक अध्यापन और शिक्षण होता है शैक्षणिक परिणाम उतने ही बेहतर होते हैं
  4. अलग-अलग भाषाओं को कक्षा में जगह देने से बच्चे के सीखने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है

उत्तर 12:  अलग-अलग भाषाओं को कक्षा में जगह देने से बच्चे के सीखने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है

प्रश्न क्रमांक 13.
प्राथमिक स्कूलों में लगभग 25 पर्सेंट बच्चों को आरंभिक वर्षों में गंभीर चुनौतियों का सामना क्यों करना पड़ता है
  1. पालक का बच्चों को स्कूल में ना भेजना
  2. बच्चों के घर से विद्यालय की दूरी का अधिक होना
  3. घर की ओर स्कूल की भाषा में अंतर होना
  4. स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का ना होना

उत्तर 13:  घर की ओर स्कूल की भाषा में अंतर होना

प्रश्न क्रमांक 14.
असम में चाय के बगीचों में काम करने वाले आदिवासी समूहों के बीच की भाषा को कह सकते हैं
  1. असमिया भाषा
  2. मानक भाषा
  3. लिंक भाषा
  4. राज्य भाषा

उत्तर 14: लिंक भाषा

प्रश्न क्रमांक 15.
भाषा के कारण क्षति उठाने वाले बच्चों में कौन शामिल नहीं है
  1. बच्चे जिनकी भाषा लिखित रूप से पर्याप्त रूप से विकसित है पर शिक्षा के माध्यम के रूप में उपलब्ध नहीं है
  2. ऐसे बच्चे जो अंतर राज्य सीमा क्षेत्रों पर रहने के कारण किसी अन्य भाषा में पढ़ते हैं
  3. अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों को हिंदी में पढ़ते हैं
  4. अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले बच्चे जिनके घर में अंग्रेजी भाषा का माहौल है

उत्तर 15: अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाले बच्चे जिनके घर में अंग्रेजी भाषा का माहौल है

प्रश्न क्रमांक 16.
शिक्षण का कार्य में L1 का प्रयोग करने से
  1. बच्चे रखने में बेहतर हो जाते हैं
  2. बच्चों को अकादमी अवधारणाएं समझने में मुश्किल होती है
  3. बच्चे कुंठित महसूस करते हैं
  4. बच्चों को सभी विषय समझने में मदद मिलती है

उत्तर 16:  बच्चों को सभी विषय समझने में मदद मिलती है

प्रश्न क्रमांक 17.
बहुभाषी शिक्षण के लाभ में शामिल नहीं है
  1. आत्मविश्वास की भावना पैदा होना
  2. कक्षा एक में अंग्रेजी पढ़ना लिखना सीख जाना
  3. सभी विषयों की बेहतर समझ होना
  4. शैक्षिक परिणामों का बेहतर होना

उत्तर 17: कक्षा एक में अंग्रेजी पढ़ना लिखना सीख जाना

प्रश्न क्रमांक 18.
प्रथम भाषा से तात्पर्य है
  1. लिंक भाषा
  2. अकादमिक भाषा
  3. स्कूल की मानक भाषा
  4. बच्चे की समझ की भाषा

उत्तर 18:   बच्चे की समझ की भाषा

प्रश्न क्रमांक 19.
यूडीआईएसई के अनुसार भारत के स्कूलों में शिक्षण का माध्यम कितनी भाषा है
  1. 33
  2. 36
  3. 30
  4. 39

उत्तर 19:  36

प्रश्न क्रमांक 20.
कमला जी कक्षा 2 के बच्चों को हिंदी सिखाना चाहती हैं उन्हें अपनी कक्षा में निम्न में से कौन-सी रणनीति अपनानी चाहिए
  1. हिंदी भाषा में बड़े और जटिल वाक्यों से पढ़ने के अभ्यास करवाना
  2. कक्षा में केवल हिंदी भाषा का प्रयोग करना और बच्चों की भाषा को कम से कम जगह देना
  3. हिंदी भाषा का प्रयोग पूरी तरह से बच्चों के हिंदी समझने की स्तर के अनुसार करना
  4. बच्चों को अधिक से अधिक हिंदी लिखने का कार्य देना

उत्तर 20:  हिंदी भाषा का प्रयोग पूरी तरह से बच्चों के हिंदी समझने की स्तर के अनुसार करना

प्रश्न क्रमांक 21.
बहुभाषिकता का अर्थ है
  1. किसी व्यक्ति को अपनी भाषा के साथ अंग्रेजी का ज्ञान होना
  2. किसी व्यक्ति का एक भाषा को जानना व प्रयोग करना
  3. कक्षा में हिंदी और अंग्रेजी भाषा में शिक्षण करना
  4. किसी व्यक्ति का दो या दो से अधिक भाषाओं का प्रयोग करना

उत्तर 21: किसी व्यक्ति का दो या दो से अधिक भाषाओं का प्रयोग करना

प्रश्न क्रमांक 22.
कोर्स में वारली पेंटर की कहानी देने का उद्देश्य क्या है
  1. आवश्यकतानुसार एक से अधिक भाषाओं के उपयोग के बारे में बताना
  2. हिंदी भाषा का प्रयोग कुशलता से कर पाने के बारे में बताना
  3. बारली समुदाय के बारे में बताना
  4. पेंटर की आर्ट गैलरी के बारे में बताना

उत्तर 22:  आवश्यकतानुसार एक से अधिक भाषाओं के उपयोग के बारे में बताना

प्रश्न क्रमांक 23.
इथियोपिया के भाषा संबंधी मॉडल के अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है कि
  1. मातृभाषा में अध्यापक से बच्चे गणित विषय में अच्छा प्रदर्शन कर पाए
  2. आरंभिक कक्षा में ही अकादमी भाषा में अध्यापन से बच्चे सभी विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाए
  3. मातृभाषा में अध्यापन से बच्चों ने सभी विषयों में बेहतर प्रदर्शन किया
  4. आरंभिक कक्षा में अंग्रेजी भाषा में अध्यापन से बच्चे विज्ञान विषय में बेहतर प्रदर्शन कर पाए

उत्तर 23:  मातृभाषा में अध्यापन से बच्चों ने सभी विषयों में बेहतर प्रदर्शन किया

प्रश्न क्रमांक 24.
बहुभाषी शिक्षण पद्धति की विशेषता नहीं है
  1. बच्चों की भाषा का कक्षा में भरपूर प्रयोग करना
  2. कक्षा में किसी एक भाषा का प्रभुत्व तो होना
  3. भाषाओं का मिलाजुला प्रयोग करना
  4. सभी भाषाओं को सम्मान मिलना

उत्तर 24: कक्षा में किसी एक भाषा का प्रभुत्व तो होना

प्रश्न क्रमांक 25.
सीखने की प्रक्रिया में ज्ञात से अज्ञात या परिचित से अपरिचित की ओर ही बढ़ाना चाहिए यह बात आई है
  1. Ncf-2005 में
  2. NEP 1986 में
  3. आरटीई 2009 में
  4. NEP 2000 में

उत्तर 25: Ncf-2005 में

प्रश्न क्रमांक 26.
निम्न में से कौन सा बच्चा सबसे अधिक मुश्किलों का सामना करेगा
  1. शबाना जिसके घर की भाषा अंग्रेजी है और कक्षा में भी अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई होती है
  2. कमला जिसके घर की भाषा वागडी है और कक्षा में बागड़ी एवं हिंदी भाषा का मिलाजुला प्रयोग होता है
  3. दीपक जिसके घर की भाषा संथाली है और बाजार में हिंदी भाषा सुनने के कुछ अनुभव मिलते हैं और कक्षा में हिंदी भाषा में पढ़ाई होती है
  4. रमेश जिसके घर और समुदाय में सब भोजपुरी बोलते हैं और कक्षा में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग होता है

उत्तर 26: रमेश जिसके घर और समुदाय में सब भोजपुरी बोलते हैं और कक्षा में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग होता है

प्रश्न क्रमांक 27.
इस कोर्स में हमने यह सीखा कि
  1. बच्चों का आकलन केवल अंग्रेजी भाषा में ही किया जाना चाहिए
  2. जहां तक संभव हो सके कक्षा में बच्चों की भाषा के प्रयोग से बचना चाहिए
  3. हर हाल में कक्षा 1 से 10 तक शिक्षण का माध्यम बच्चों की भाषा ही होनी चाहिए
  4. जिन क्षेत्रों में बच्चों की भाषा को शिक्षण का माध्यम नहीं बनाया जा सकता वहां बच्चों की भाषा का कार्य नैतिक तौर पर मौखिक प्रयोग करना चाहिए

उत्तर 27:   जिन क्षेत्रों में बच्चों की भाषा को शिक्षण का माध्यम नहीं बनाया जा सकता वहां बच्चों की भाषा का कार्य नैतिक तौर पर मौखिक प्रयोग करना चाहिए

प्रश्न क्रमांक 28.
कमला राजस्थान के कोटा जिले में रहती है उसके घर की भाषा हाड़ौती है उसने स्कूल शुरू होने के 4 महीने बाद स्कूल में दाखिला लिया है और उसका आज स्कूल में पढ़ाती हैं आप ऐसा क्या करेंगे जिससे कमला सहज महसूस कर सके

उत्तर 28: 

प्रश्न क्रमांक 29.
बहुभाषिकता का अर्थ है –
  1. किसी व्यक्ति को अपनी भाषा के साथ अंग्रेजी का ज्ञान होना |
  2. कक्षा में हिंदी और अंग्रेजी भाषा में शिक्षण करना |
  3. किसी व्यक्ति का एक भाषा को जानना व् प्रयोग करना |
  4. किसी व्यक्ति का दो या दो से अधिक भाषाओँ का प्रयोग करना

उत्तर 29: किसी व्यक्ति का दो या दो से अधिक भाषाओँ का प्रयोग करना

प्रश्न क्रमांक 30.
इनमें से शोधकर्ता बुल्फ का कथन है
  1. शिक्षक चाहे गणित का हो या विज्ञान का वह भाषा का ही शिक्षक होता है
  2. जब बच्चे भाषा सीखते हैं तो वह बहुत सारे विषयों में से केवल एक विषय सीख रहे होते हैं
  3. पढ़ना लिखना सीखना मौखिक भाषा के समंदर में तैरना है
  4. शिक्षा में भाषा ही सब कुछ नहीं है लेकिन भाषा के बिना शिक्षा में सब कुछ कुछ भी नहीं है

उत्तर 30:  शिक्षा में भाषा ही सब कुछ नहीं है लेकिन भाषा के बिना शिक्षा में सब कुछ कुछ भी नहीं है

प्रश्न क्रमांक 31.
भाषा शिक्षण से जुड़ी भ्रांति चुनिए
  • बहु भाषा शिक्षण में अपेक्षित भाषा सीखने सिखाने के लिए बच्चों की मातृभाषा का प्रयोग भी किया जाता है
  • घर की भाषा के प्रयोग से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है
  • बच्चों की भाषा उन्हें अन्य भाषाएं सीखने के लिए मजबूत आधार देती हैं
  • जितनी छोटी उम्र में बच्चों को अपरिचित भाषा में पाठ्य पुस्तकें पढ़ने के लिए देंगे बच्चे वह भाषा उतनी जल्दी सीखेंगे

उत्तर 31:जितनी छोटी उम्र में बच्चों को अपरिचित भाषा में पाठ्य पुस्तकें पढ़ने के लिए देंगे बच्चे वह भाषा उतनी जल्दी सीखेंगे

प्रश्न क्रमांक 32.
इनमें से मिश्रित भाषा का उदाहरण नहीं है
  1. बच्चे L1 L2 का मिलाजुला प्रयोग करते हैं
  2. बच्चे L1 में बोलते हैं और शिक्षक L2 में जवाब देते हैं
  3. बच्चे L2 में बोलते हैं और शिक्षक L1 में जवाब देते हैं
  4. शिक्षक L2 में बोलते हैं और बच्चे L2 में जवाब देते हैं

उत्तर 32:  शिक्षक L2 में बोलते हैं और बच्चे L2 में जवाब देते हैं

प्रश्न क्रमांक 33.
आरंभिक वर्षों में बच्चों की शिक्षा का माध्यम उनके घर की भाषा ही होनी चाहिए क्योंकि
  1. भाषा अधिक अंक अर्जित करने का आधार है
  2. भाषा पढ़ने और लिखने का आधार है
  3. भाषा बोलने और सुनने का आधार है
  4. भाषा सोचने समझने वह सभी विषयों को सीखने का आधार है

उत्तर 33: भाषा सोचने समझने वह सभी विषयों को सीखने का आधार है

प्रश्न क्रमांक 34.
गलत कथन चुने
  1. मात्रभाषा में अध्यापन से बच्चों को अन्य भाषाएं सीखने में कठिनाई होती है
  2. आरंभिक कक्षा में बच्चों को स्कूल की अपरिचित भाषा सिखाने के लिए उनके घर की भाषा का सहारा लिया जाना चाहिए
  3. बच्चे की प्रथम भाषा की मजबूत नींव उसके अन्य भाषा सीखने में मदद करती है
  4. बच्चे अपनी भाषा में सोच विचार के कौशल सीख लेते हैं तो उन्हें दूसरी भाषा में भी इस्तेमाल कर पाते हैं

उत्तर 34:  मात्रभाषा में अध्यापन से बच्चों को अन्य भाषाएं सीखने में कठिनाई होती है

प्रश्न क्रमांक 35.
आरंभिक वर्षों में l2 के विकास के संदर्भ में निम्न में से कौन सी रणनीति लाभदायक नहीं होगी
  1. L2 सिखाने के लिए वर्णमाला को याद कराना और पाठ्यपुस्तक के अभ्यास करना
  2. कक्षा में तनाव रहित और संयुक्त वातावरण बनाना जिससे बच्चे कक्षा में कोई भी भाषा का प्रयोग करने में सहज महसूस करें
  3. L2 में बच्चों के स्तर की सहज मौखिक बातचीत और गतिविधियां कराना
  4. L2 में आधारभूत शब्द भंडार विकसित करने पर कक्षा में जोर देना

उत्तर 35: L2 सिखाने के लिए वर्णमाला को याद कराना और पाठ्यपुस्तक के अभ्यास करना

प्रश्न क्रमांक 36.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बहुभाषी शिक्षण के संदर्भ में उल्लेख किया गया है
  1. जहां तक संभव हो कक्षा आठवीं तक के बच्चों के शिक्षण का माध्यम अंग्रेजी ही हो
  2. जहां तक संभव हो कक्षा पांचवी तक शिक्षण का माध्यम बच्चों की समझ की भाषा हो
  3. जहां तक संभव हो कक्षा पांचवी तक शिक्षण का माध्यम राज्य की भाषा है
  4. जहां तक संभव हो कक्षा आठवीं में बच्चों को शिक्षण का माध्यम चुनने की स्वतंत्रता हो

उत्तर 36:  जहां तक संभव हो कक्षा पांचवी तक शिक्षण का माध्यम बच्चों की समझ की भाषा हो

प्रश्न क्रमांक 37.
भाषा अंतर्निहित निपुणता का सिद्धांत किसके द्वारा दिया गया था
  1. हैलिडे
  2. जिम कमिंस
  3. वायगोत्स्की
  4. पियाजे

उत्तर 37: जिम कमिंस

प्रश्न क्रमांक 38.
लिंक भाषा का प्रयोग किस परिस्थिति में किया जाता है
  1. जब किसी एक समुदाय की भाषा को शिक्षण का माध्यम बनाना हो
  2. जब एक ही भाषा समुदाय के लोग एक साथ रहते हो
  3. जब किसी एक समझा की भाषा को मानक बनाना हो
  4. जब विभिन्न भाषा संबंधी समुदाय के लोग एक साथ रहते हो

उत्तर 38:  जब विभिन्न भाषा संबंधी समुदाय के लोग एक साथ रहते हो

प्रश्न क्रमांक 39.
वह भाषा जो औपचारिक तौर पर पाठ्य पुस्तकों शिक्षण सामग्री और शिक्षण प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाती है वह भाषा कहलाती है
  1. शिक्षण का माध्यम
  2. घर की भाषा
  3. मातृभाषा
  4. शिक्षक की भाषा

उत्तर 39: शिक्षण का माध्यम

प्रश्न क्रमांक 40.
भारत में हुई 2011 की जनगणना से यह बात उभरकर सामने आई है कि
  1. अधिकतर लोग एक से अधिक भाषाएं बोलते हैं
  2. केवल 7 पर्सेंट लोग दो भाषाएं बोलते हैं
  3. केवल 7 पर्सेंट लोग आवश्यकता के अनुसार अंग्रेजी बोलते हैं
  4. अधिकतर लोग केवल अपनी मातृभाषा ही बोल पाते हैं

उत्तर 40:  अधिकतर लोग एक से अधिक भाषाएं बोलते हैं

निष्ठा FLN प्रशिक्षण मॉड्यूल-8 प्रश्नोत्तरी | Nishtha FLN 3.0 Module 8 Answer Key

Description : सीखने का आकलन 8 लिंक: https://bit.ly/MPN-FLN-Course8
इस कोर्स में बुनियादी साक्षरता और संख्‍याज्ञान (एफएलएन) के संदर्भ में सीखने के आकलन का संक्षि‍प्त विवरण प्रस्तुत किया गया है। 
Start Date: 1 January 2022   End Date:  31 January 2022
प्रश्न क्रमांक 1.
अभिभावक घर पर बुनियादी साक्षरता को बढ़ावा और प्रोत्साहन… सुनिश्चित करके दे सकते हैं
  1. डी- आई – वाई खिलौने
  2. आयु उपयुक्त श्रेणी बद्ध कहानी पुस्तकें, खिलौने और हस्तकौशल्य वस्तुएँ
  3. अनेक हस्तकौशल्य वस्तुओं की उपलब्धता
  4. घेरा समय की व्यवस्था

उत्तर 1:  आयु उपयुक्त श्रेणी बद्ध कहानी पुस्तकें, खिलौने और हस्तकौशल्य वस्तुएँ

प्रश्न क्रमांक 2.
आकलन सूचना शिक्षक की एफएलएन पठन सामग्री का निर्णय और नियोजन करने में सहायता करती है
  1. वास्तविक वृतांत लिखने और पोर्टफोलियो में संकलित करने के लिए
  2. ध्यान पूर्वक अवलोकन के साथ 11वीं शती कौशलों का प्रयोग करते हुए बच्चों के सीखने को पढ़ाने और मार्गदर्शन करने के लिए
  3. शिक्षक डायरी लिखने और स्कूल के मुख्याध्यापक को रिपोर्ट करने के लिए
  4. बच्चों के सीखने को सतर्क अवलोकन के साथ उपयुक्त शिक्षण विधि का प्रयोग करते हुए पढ़ाने और मार्गदर्शन करने के लिए

उत्तर 2: बच्चों के सीखने को सतर्क अवलोकन के साथ उपयुक्त शिक्षण विधि का प्रयोग करते हुए पढ़ाने और मार्गदर्शन करने के लिए

प्रश्न क्रमांक 3.
 पढ़ने का बहाना करने के लिए एक गतिविधि 
  1. बुनियादी साक्षरता
  2. बुनियादी श्रवण
  3. बुनियादी संप्रेषण
  4. बुनियादी सृजनात्मकता

उत्तर 3: बुनियादी साक्षरता   

प्रश्न क्रमांक 4.
आकलन नियोजित व्यवस्थित और संचरित होता है और…. का अभिन्न अंग होता है
  1. घर पर सीखना
  2. पाठ्यचर्या / पाठ्यक्रम
  3. बच्चों का मार्गदर्शन
  4. समूह गतिविधियां

उत्तर 4: पाठ्यचर्या / पाठ्यक्रम

प्रश्न क्रमांक 5.
छोटे बच्चों के एफएलएन के लिए सीखने और विकास के अवलोकन और आकलन के लिए निम्नलिखित तकनीक की आवश्यकता होती है-
  1. पोर्टफोलियो
  2. विविध उपकरण और आकलन की तकनीके
  3. रेटिंग स्केल
  4. जांच सूची

उत्तर 5: विविध उपकरण और आकलन की तकनीके

प्रश्न क्रमांक 6.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रशिक्षण में शामिल होना चाहिए
  1. प्री – स्कूल और सभी प्राथमिक शिक्षकों को
  2. प्री स्कूल और ग्रेड 1 और 2 के शिक्षकों को
  3. प्री स्कूल और केवल ग्रेड 1 के शिक्षकों को
  4. केवल प्री स्कूल शिक्षकों को

उत्तर 6:  प्री – स्कूल और सभी प्राथमिक शिक्षकों को  

प्रश्न क्रमांक 7.
शिक्षण अधिगम युक्तियों में हास्य और मजा शामिल करने से सीखना बन जाता है
  1. मजेदार
  2. जटिल एवं भ्रामक
  3. चुनौतीपूर्ण और भ्रामक
  4. सरल और बेहतर समझ के साथ प्रेरणादायक

उत्तर 7: सरल और बेहतर समझ के साथ प्रेरणादायक

प्रश्न क्रमांक 8.
गतिविधियों में बच्चों की सक्रिय संलग्न ता प्राप्त करने के लिए प्रमुख है-
  1. 460 डिग्री
  2. 260 डिग्री
  3. 560 डिग्री
  4. 360 डिग्री

उत्तर 8: 360 डिग्री

प्रश्न क्रमांक 9.
निम्नलिखित मे से कौन सा रूब्रिक को आकलन के साधन के रूप मे प्रयोग करने के लिए सही नहीं है –
  1. एक शिक्षक के लिए बच्चे के लिए उत्तीर्ण /अनुत्तीर्ण करने का अवसर
  2. आकलन की कसौटी
  3. पूरा किया जाने के लिए कार्य का विवरण
  4. आकलन के लिए आंकड़ा

उत्तर 9:  एक शिक्षक के लिए बच्चे के लिए उत्तीर्ण /अनुत्तीर्ण करने का अवसर

प्रश्न क्रमांक 10.
बच्चे विविध पृष्ठभूमियों से आते हैं और विविध प्रकार के अवलोकन एक वास्तविक विस्तृत आंकड़ा प्रदान करते हैं जिस पर शिक्षक कर सकता है
  1. चिंतन और बच्चों से उनके प्रदर्शन के बारे में बातचीत
  2. बच्चों के प्रदर्शन के बारे में चिंतन और अभिभावकों से बातचीत
  3. चिंतन और सभी कार्यो के नमूने को पोर्टफोलियो मे रखना
  4. बच्चों के साक्षरता और संख्याज्ञान प्रवीणता स्तर में सुधार लाने के लिए चिंतन और उपयुक्त योजना का विकास

उत्तर 10: बच्चों के साक्षरता और संख्याज्ञान प्रवीणता स्तर में सुधार लाने के लिए चिंतन और उपयुक्त योजना का विकास

प्रश्न क्रमांक 11.
जारी आकलन सूचना… के लिए आवश्यक है
  1. विकासात्मक उपयुक्त एफ एल एन कार्यक्रम के नियोजन एवं कार्यान्वयन
  2. एफ एल एन कार्यक्रम के लिए संसाधन एकत्र करना
  3. बच्चों के क्षेत्र भ्रमण के नियोजन
  4. एफ एल एन कार्यक्रम के लिए गतिविधि क्षेत्रों का निर्माण

उत्तर 11: विकासात्मक उपयुक्त एफ एल एन कार्यक्रम के नियोजन एवं कार्यान्वयन

प्रश्न क्रमांक 12.
जब एक बच्चा खिलौनों को एक पंक्ति में सबसे बड़े से सबसे छोटे की ओर देख रहा हो तो शिक्षक वास्तव में बच्चे की… में प्रगति का अवलोकन कर रहा है
  1. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत समस्या समाधान
  2. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत नमूने बनाना
  3. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत गिनने का कौशल
  4. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत क्रमबद्ध करने का कौशल

उत्तर 12: बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत क्रमबद्ध करने का कौशल

प्रश्न क्रमांक 13.
गणित या हस्त कौशल क्षेत्र शिक्षकों को बच्चों के बारे में एक अपरिपक्व आकलन प्रदान करेगा
  1. लेखन कौशल
  2. सामग्री को संभालना
  3. संगीत की समझ
  4. संज्ञानात्मक विकास

उत्तर 13: संज्ञानात्मक विकास

प्रश्न क्रमांक 14.
एफ एल एन में आकलन का उद्देश्य है
  1. बुनियादी अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साथ साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में अमूर्त सूचना
  2. बाल वाटिका अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में बुनियादी सूचना प्रदान करना
  3. प्राथमिक स्कूल शिक्षा अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में कुछ सूचना प्रदान करना
  4. बुनियादी अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में ठोस सूचना प्रदान करना

उत्तर 14: बुनियादी अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में ठोस सूचना प्रदान करना

प्रश्न क्रमांक 15.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए आकलन…. सुनिश्चित करने में सहायता करता है
  1. बच्चों के सृजनात्मक कौशल
  2. सीखने की योग्यताओं या सम्भाव्य योग्यताओं की प्रारंभिक पहचान
  3. एफ एल एन में समस्या क्षेत्र
  4. एफ एल एन में कमजोर क्षेत्र

उत्तर 15: सीखने की योग्यताओं या सम्भाव्य योग्यताओं की प्रारंभिक पहचान

प्रश्न क्रमांक 16.
 बच्चों के अवलोकन और विश्वसनीय सूचना एकत्र करने का तरीका नहीं है
  1. रेटिंग स्केल
  2. वृतांत अभिलेख
  3. साथी शिक्षक से बात करना
  4. जांच सूची

उत्तर 16: साथी शिक्षक से बात करना

प्रश्न क्रमांक 17.
हम बुनियादी अवस्था में बच्चों को एफ एल एन सीखने के लिए निम्न द्वारा प्रोत्साहित करते हैं
  1. बाल साहित्य
  2. खेल आधारित, गतिविधि आधारित, ठोस अनुभवों और खिलौने / खेल
  3. गतिविधि वर्कशीट
  4. खिलौने और खेल

उत्तर 17: खेल आधारित, गतिविधि आधारित, ठोस अनुभवों और खिलौने / खेल

प्रश्न क्रमांक 18.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में खिलौना आधारित शिक्षण विधि को एकीकृत करने का अंतिम लक्ष्य है
  1. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक संवाद करने विकासात्मक उपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने समीक्षात्मक ढंग से अभिव्यक्त करने और समस्या
  2. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने विकासात्मक अनुपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने और समस्या समाधान
  3. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने उच्च श्रेणी की पुस्तकों का आनंद लेने, स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने और समस्या समाधान
  4. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने उच्च श्रेणी की विकासात्मक उपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने

उत्तर 18: बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने उच्च श्रेणी की विकासात्मक उपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने

प्रश्न क्रमांक 19.
 किए हुए आकलन को अभिभावकों को संप्रेषित किया जाना आवश्यक है 
  1. शैक्षणिक वर्ष के अंत में
  2. उपर्युक्त पूर्व निर्धारित अंतराल पर
  3. 6 महीने के पश्चात
  4. प्रत्येक टीम या प्रोजेक्ट की समाप्ति पर

उत्तर 19: उपर्युक्त पूर्व निर्धारित अंतराल पर

प्रश्न क्रमांक 20.
 एक एचपीसी हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड के संकेतों में शामिल है
  1. 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण संरचना और सहयोग
  2. 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन बदला प्रबंधन समस्या समाधान सृजनात्मक संप्रेषण और सहयोग
  3. 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण और सहयोग
  4. 21 शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन उपभोक्ता समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण और सहयोग

उत्तर 20: 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण और सहयोग

प्रश्न क्रमांक 21.
कक्षा पुस्तकालय या साक्षरता क्षेत्र में निम्नलिखित नहीं होता
  1. लेखन क्षेत्र
  2. पठ्न पुस्तक क्षेत्र
  3. पुस्तक निर्माण क्षेत्र
  4. ब्लॉक बिल्डिंग

उत्तर 21:  ब्लॉक बिल्डिंग

प्रश्न क्रमांक 22.
एच पी सी कार्ड घर और स्कूल के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होगा और इसके साथ नियमित अभिभावक शिक्षक मीटिंग होगी
  1. बच्चों की समग्र शिक्षा में सरपंच और समुदाय के साथ संयुक्त होने के लिए
  2. बच्चों के समग्र शिक्षा और विकास में परिवारों के सहोदर भाई बहनों को सहभागी बनाने के लिए
  3. बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास में अभिभावकों और सरपंच को सक्रिय रूप से सहभागी बनाने के लिए
  4. अपने बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास में अभिभावकों / परिवारों को सक्रिय से सहभागी बनाने के लिए

उत्तर 22:  अपने बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास में अभिभावकों / परिवारों को सक्रिय से सहभागी बनाने के लिए

प्रश्न क्रमांक 23.
 पहेलियों पर काम करना और उन्हें सुलझाना बुनियादी संख्याज्ञान की गतिविधि है किंतु यह भी संकेत करती है
  1. सूक्ष्म गत्यात्मक योग्यताएं
  2. लेखन कौशल
  3. रंग भरने की योग्यता
  4. घसीटा मारना / काटा पीटी योग्यताएं

उत्तर 23: सूक्ष्म गत्यात्मक योग्यताएं

प्रश्न क्रमांक 24.
गणितीय हस्त कौशल क्षेत्र में नहीं होता
  1. पहेलियां मिलान कार्ड्स लेसिंग कार्ड्स
  2. डोरी और मोती जोड़-तोड़ वाली वस्तुएं और छोटे खिलौने
  3. पेंट और ब्रुश
  4. छोटे खिलौने जैसे कार ट्रक पशु मानव आकृतियां

उत्तर 24: पेंट और ब्रुश

प्रश्न क्रमांक 25.
खिलौने और शैक्षणिक खेल सामग्री को विकासात्मक रूप से उपयुक्त सांस्कृतिक रूप से उचित और….. होना चाहिए
  1. सभी बच्चों की रुचियों उसे जुड़ा और सीखने के प्रतिफलों से सुयोजित
  2. सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और अपने घर के परिवेश से सुयोजित
  3. सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और सीखने के प्रति फलों से सुयोजित
  4. सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और पूर्व ज्ञान से सुयोजित

उत्तर 25:  सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और अपने घर के परिवेश से सुयोजित

प्रश्न क्रमांक 26.
एक बच्चा एक पंक्ति में रखी वस्तुओं को छू और गिन रहा है शिक्षक बच्चे की… में प्रगति का अवलोकन कर रहा है
  1. बुनियादी साक्षरता
  2. बुनियादी संख्या ज्ञान
  3. सामाजिक भावात्मक विकास
  4. सूक्ष्म गत्यात्मक कौशल

उत्तर 26: बुनियादी संख्या ज्ञान

प्रश्न क्रमांक 27.
360 डिग्री रिपोर्ट कार्ड में शामिल होगा
  1. साक्षरता और संख्याज्ञान पहलू
  2. केवल शैक्षिक पहलू
  3. सृजनात्मक और मनो सामाजिक पहलू
  4. एक बच्चे के व्यक्तित्व के सभी पहलू

उत्तर 27: एक बच्चे के व्यक्तित्व के सभी पहलू

प्रश्न क्रमांक 28.
शिक्षक को सकारात्मक होना चाहि…………… के लिए
  1. प्रत्येक बच्चे की सीखने
  2. प्रत्येक लड़की के सीखने
  3. शारीरिक रूप से विकलांग बच्चे के सीखने
  4. सीखने की क्षमता वाले बच्चे

उत्तर 28: प्रत्येक बच्चे की सीखने

प्रश्न क्रमांक 29.
 शिक्षकों को आदर्श साक्षर / गणितीय व्यवहार की आवश्यकता होती है
  1. शिक्षक डायरी लिखते समय
  2. अभिभावकों से बात करते समय
  3. घर के लिए काम सौंपते समय
  4. गतिविधियों के लिए निर्देश देते समय

उत्तर 29: गतिविधियों के लिए निर्देश देते समय

प्रश्न क्रमांक 30.
बाल केंद्रित समय पर किया गया आकलन बच्चों को स्कूल के लिए तैयार होने और… में मदद करेगा
  1. उन्हें स्वस्थ दुरुस्त और साक्षर व्यक्ति के रूप में विकसित करने
  2. उन्हें स्वस्थ संज्ञानात्मक और भावात्मक रूप से सक्षम व्यक्ति के रूप में विकसित करने
  3. उन्हें साक्षर व्यक्ति के रूप में विकसित करने
  4. उन्हें ईश्वर से डरने वाले व्यक्ति के रूप में विकसित करने

उत्तर 30: उन्हें स्वस्थ संज्ञानात्मक और भावात्मक रूप से सक्षम व्यक्ति के रूप में विकसित करने

प्रश्न क्रमांक 31.
निम्नलिखित में से कौन सी एफ एल एन गतिविधि नहीं है
  • कहानी सुनना और कहानी के बारे में बात करना
  • पेंसिल को निर्दिष्ट डिब्बे में रखना
  • गणितीय शब्दावली का प्रयोग करना
  • कक्षा गतिविधियों के समय निर्देशों का पालन करना

उत्तर 31: पेंसिल को निर्दिष्ट डिब्बे में रखना

प्रश्न क्रमांक 32.
बुनियादी और प्रारंभिक स्तर पर आने वाले बच्चों का आय वर्ग क्या होता है
  1. 3 से 5 वर्ष
  2. 3 से 8 वर्ष
  3. 3 से 4 वर्ष
  4. 3 से 11 वर्ष

उत्तर 32:  3 से 11 वर्ष

प्रश्न क्रमांक 33.
कौन सा पोर्टफोलियो का हिस्सा नहीं है
  1. फोटोग्राफ
  2. ड्राइंग
  3. कक्षा में उत्तर देना
  4. कार्य पत्रिका

उत्तर 33:  कक्षा में उत्तर देना

प्रश्न क्रमांक 34.
एफ़ एल एन में शिक्षक बच्चों का सबसे अच्छा काम एकत्रित करता है और उसे एक फाइल फोल्डर में सीखने के प्रमाण के रूप में रखता है फोल्डर को कहा जाता है
  1. कला फोल्डर
  2. पोर्टफोलियो
  3. उपस्थित रिकॉर्ड

उत्तर 34:  पोर्टफोलियो

प्रश्न क्रमांक 35.
खिलौने वाले टेलीफोन और बोलती पुस्तकें तकनीकी सहायता प्राप्त खिलौने हैं जो काफी हद तक …को बढ़ावा देते हैं
  1. संख्या ज्ञान कौशलों
  2. भावात्मक विकास
  3. भाषा और संप्रेषण कौशलों
  4. लेखन कौशलों

उत्तर 35: भाषा और संप्रेषण कौशलों

प्रश्न क्रमांक 36.
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार स्कूल आधारित आकलन के लिए सभी बच्चों का कार्ड जो अभिभावकों को संप्रेषित किया जाएगा होगा
  1. सृजनात्मक स्वरूप का
  2. समग्र स्वरूप का
  3. प्रगतिशील स्वरूप का
  4. भविष्य वादी स्वरूप का-

उत्तर 36:  समग्र स्वरूप का

प्रश्न क्रमांक 37.
परिभाषा से, 360 रिपोर्ट हैं
  1. समग्र और त्रिआयामी
  2. समग्र और एकल आयामी
  3. समग्र और बहुआयामी
  4. समग्र और द्विआयामी

उत्तर 37:  समग्र और बहुआयामी

प्रश्न क्रमांक 38.
जब शिक्षक बच्चे से कहानी की पुस्तक का मुख्य आवरण और पीछे का आवरण दिखाने को कहता है तो शिक्षक… में प्रगति का अवलोकन कर और आकलन कर रहा है
  1. बुनियादी साक्षरता
  2. बुनियादी ईवीएस पर्यावरण अध्ययन
  3. बुनियादी सूचना गत्यात्मक कौशल
  4. बुनियादी संख्या ज्ञान

उत्तर 38:  बुनियादी साक्षरता

प्रश्न क्रमांक 39.
शिक्षक को द्वितीय भाषा पर बल नहीं देना चाहिए
  1. यदि बच्चा इंग्लिश बोलता है
  2. यदि बच्चा सहज नहीं है
  3. यदि बच्चा हिंदी बोलता है
  4. यदि बच्चा किसी भी भिन्न भाषा पृष्ठभूमि से आता है

उत्तर 39:  यदि बच्चा सहज नहीं है

प्रश्न क्रमांक 40.
कक्षा में वह कौन से क्षेत्र होते हैं जहां बच्चों को विकास के विशिष्ट क्षेत्र से संबंधित प्रायोगिक सामग्री मिलती है
  1. अध्ययन केंद्र
  2. संगीत केंद्र
  3. देखभाल केंद्र
  4. सीखने के गतिविधि केंद्र

उत्तर 40:  सीखने के गतिविधि केंद्र

उत्तरप्रदेश पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तरप्रदेश पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना 2022:-

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना (UP Pandit Deendayal Gramodyog Rozgar Yojana 2022) के लिए आवेदन पत्र http://upkvib.gov.in/ पर ऑनलाइन आमंत्रित कर रही है | पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र राज्य भर के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा करने के लिए आमंत्रित किया जाता है |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने योजना के तहत ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है | राज्य सरकार राज्य के युवाओं को 25 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करेगी |

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी का समाधान करने, ग्रामीण शिक्षित बेरोजगार नवयुवकों के शहरों की ओर पलायन को रोकने या कम करने तथा अधिक से अधिक रोजगार का अवसर गॉव में ही उपलब्ध कराने एवं “एक जनपद एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत स्थापित उद्योगों को नवीन तकनीक के साथ–साथ उनकी वित्तीय एवं आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निहितार्थ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के व्यक्तिगत उद्यमियों को उत्प्रेरित करने के उद्देश्य से पं० दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना की संरचना की गई है |

इस योजना के अर्न्तगत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अर्न्तगत वित्तपोषित/स्थापित इकाईयों को ब्याज उपादान की सुविधा अनुमन्य की जायेगी, जिसके अन्तर्गत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना में तीनों एजेन्सियों क्रमशः जिला उद्योग केन्द्र, खादी एवं ग्रमोद्योग आयोग तथा उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा प्रायोजित समस्त ग्रामीण इकाईयां आच्छादित होंगी | पं० दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान वित्तीय वर्ष से क्रियान्वित होगी|

उत्तरप्रदेश पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना की विशेषताएं:-

  • पं० दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना उत्तर प्रदेश के जनपदों में बढ़ती बेरोजगारी को दूर करने में सहायक सिद्ध होगी |
  • उक्त योजनान्तर्गत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की वित्तपोषित इकईयों को परियोजना लागत से मार्जिनमनी सब्सिडी एवं उद्यमी अंशदान को घटाने के बाद अवशेष ऋण धनराशि पर ब्याज उपादान (अधिकतम 13 प्रतिशत तक) की सुविधा ऋण के प्रथम वितरण की तिथि से तीन वर्षों तक प्रदान की जायेगी |
  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में लागत अधिक होने से सामान्यतः इकाईयां बीमार हो जाती हैं तथा रोजगार प्रदान नहीं कर पाती हैं | इस योजना के द्वारा ऐसी सम्भावनाओं से निजात मिलेगी तथा भविष्य में स्थापित ईकाईयाँ सुदृढ़ होगी एवं रोजगार की सम्भावना बेहतर होगी |
  • योजनान्तर्गत समस्त संगत प्रक्रियाएँ चालू वित्तीय वर्ष से ऑनलाइन की जायेगी |

उत्तरप्रदेश पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:-

उत्तरप्रदेश सरकार पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना आवेदन पत्र आधिकारिक वेबसाइट http://upkvib.gov.in/ या http://ptdeendayal.data-center.co.in/ पर आमंत्रित कर रही है | उत्तर प्रदेश सरकार उन उम्मीदवारों को प्रशिक्षण सुविधाएं भी प्रदान करेगी जिन्हें पं दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत किसे चुना जाएगा | उत्तरप्रदेश सरकार की मंशा पूरे राज्य में युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने की है |

  • चरण 1: इच्छुक उम्मीदवार को आधिकारिक पोर्टल http://upkvib.gov.in/ पर जाना होगा |
  • चरण 2: Homepage पर, “ऑनलाइन सेवाएं” अनुभाग पर जाएँ और फिर “पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग कार्य योजना” लिंक पर क्लिक करें | Direct Link – http://ptdeendayal.data-center.co.in/
उत्तरप्रदेश पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना
  • चरण 3: फिर यूपी पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना ई-पोर्टल खुल जाएगा जैसा कि नीचे दिखाया गया है: –
उत्तरप्रदेश पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना
  • चरण 4: इस पृष्ठ पर पहुंचने पर, पं दीनदयाल ग्रामोद्योग योजना आवेदन प्रारूप डाउनलोड करने के लिए “आवश्यक प्रारूप डाउनलोड करें” लिंक पर क्लिक करें |
  • चरण 5: फिर “डीपीआर” प्रारूप के साथ-साथ “कार्यस्थल विश्राम” को “डाउनलोड” लिंक का उपयोग करके डाउनलोड किया जा सकता है | यहां पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना आवेदन फॉर्म खोलने के लिए लिंक डाउनलोड करें |
  • चरण 6: यह पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना आवेदन पत्र उद्यमी / व्यवसाय के विवरण (इकाई स्थान के लिए प्रमाण पत्र) के साथ-साथ आवास प्रमाण पत्र (पता प्रमाण) के रूप में काम करेगा |

पं0 दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना हेतु अनिवार्य पात्रता:-

  • प्रदेश में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रेषित ऋण आवेदन पत्रों के स्वीकृत/वितरित ऋण के बाद ही इकाईयॉ इस योजना के अन्तर्गत ब्याज उपादान हेतु पात्र होंगी |
  • वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृति परियोजनाओं पर ब्याज उपादान देय होगा |
  • भारत सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार हेतु संचालित लाभार्थीपरक किसी योजना में ब्याज उपादान में लाभ प्राप्त व्यक्ति इस योजना का पात्र नहीं होगा |

ब्याज उपादान प्राप्त करने हेतु अपेक्षित दस्तावेज:-

उक्त योजनान्तर्गत इकाई को मिलने वाली ब्याज उपादान की धनराशि क्लेम किये जाने हेतु वित्तपोषक बैंक द्वारा निम्नानुसार प्रपत्र उपलब्ध कराया जायेगा |

  • प्रायोजक एजेन्सी का फारवर्डिंग लेटर
  • वित्तपोषक बैंक द्वारा इकाई का ऋण स्वीकृति पत्र
  • इकाई के ऋण खाते का अद्यतन बैंक स्टेटमेंट
  • टर्म डिपाजिट रिसीट (TDR) से सम्बन्धित अभिलेख
  • ब्याज उपादान दावा पत्रक निर्धारित प्रारूप पर
  • बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा ईकाई की निरीक्षण रिपोर्ट
  • लाभार्थी के साथ उद्यम कार्यस्थल का फोटोग्राफ |

उत्तरप्रदेश बाल सेवा योजना 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तरप्रदेश बाल सेवा योजना 2022:-

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रतिदिन हमारे देश को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है | देश में कई सारे ऐसे बच्चे हैं जिनके माता पिता में से कोई एक या फिर दोनों माता-पिता कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई है |

उत्तर प्रदेश में भी लगभग 197 ऐसे बच्चों की पहचान की गई है जिनके माता पिता की मृत्यु हो गई है एवं 1799 ऐसे बच्चों की पहचान की गई है जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है |

ऐसे सभी बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आरंभ की गई है | इस योजना के माध्यम से इन बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी जिससे वह अपना जीवन यापन कर सकें |

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को आरंभ किया गया है | इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों की मदद की जाएगी जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है |

इस योजना की घोषणा 30 मई 2021 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा की गई थी | इस योजना के माध्यम से ना केवल बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी बल्कि उनकी पढ़ाई से लेकर उनके विवाह तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा |

Mukhyamantri Bal Seva Yojana के अंतर्गत बच्चों की पालन पोषण के लिए बच्चे को या फिर उसके अभिभावक को ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी | इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान किए जाएंगे |

यदि बच्चे की आयु 10 वर्ष से कम है और उनका कोई अभिभावक नहीं है उनको राजकीय बाल गृह में आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी | लड़कियों को भी अलग से आवासीय सुविधा प्रदान की जाएगी एवं वह सभी बच्चे जो स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहे हैं उन्हें लैपटॉप/टेबलेट भी इस योजना के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे |

 

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ:-

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोरोनावायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए आरंभ की गई है | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 22 जुलाई 2021 को इस योजना का शुभारंभ किया गया है |

इस मौके पर प्रदेश के चिन्हित 4050 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में प्रतिमाह ₹4000 के हिसाब से 3 माह के 12-12 हजार रुपए वितरित किए गए हैं |

इस योजना के अंतर्गत अब कोरोना के अलावा दूसरी बीमारियों के कारण अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है | इस मौके पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा 10 लाभार्थी बच्चों को स्वीकृति पत्र, स्कूल बैग, चाकलेट, आदि प्रदान किया गया है |

इनमें से दो बच्चों को टैब भी प्रदान किया गया है | इस मौके पर मुख्यमंत्री जी द्वारा यह घोषणा की गई है कि कोरोनावायरस के कारण निरक्षित हुई महिलाओं के लिए भी एक नई योजना शुरू की जाएगी |

UP Bal Seva Yojana के लाभ एवं विशेषताएं:-

  • Mukhyamantri Bal Seva Yojana को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा 30 मई 2021 को आरंभ किया गया है |
  • इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों की मदद की जाएगी जिनके माता पिता की मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हो गई है |
  • इस योजना के अंतर्गत न केवल बच्चों की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी बल्कि उनको पढ़ाई से लेकर उनके विवाह तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा |
  • सभी पात्र बच्चों के पालन पोषण के लिए प्रतिमाह उनको ₹4000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी |
  • यह आर्थिक सहायता बच्चे के वयस्क होने तक प्रदान की जाएगी |
  • इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लड़कियों की शादी के लिए ₹101000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी |
  • इस योजना के अंतर्गत आने वाले बच्चे की आयु यदि 10 वर्ष से कम है और उसका कोई अभिभावक नहीं है तो इस स्थिति में बच्चे को आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी |
  • यह सुविधा राजकीय बाल गृह के माध्यम से प्रदान की जाएगी |
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से सभी पढ़ाई कर रहे बच्चों को लैपटॉप या टेबलेट भी प्रदान किया जाएगा |
  • इस योजना का लाभ उन बच्चों को भी प्रदान किया जाएगा जिन्होंने अपने लीगल गार्डियन या फिर आय अर्जित करने वाले अभिभावक को कोरोना संक्रमण के कारण खो दिया है |
  • सभी अवयस्क लड़कियों को भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह एवं अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा एवं आवास की सुविधा प्रदान की जाएगी |

आईटीआई प्रक्षिक्षुओ के लिए जारी की गई पात्रता की शर्तें:-

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का आरंभ किया गया था | इस योजना के अंतर्गत आईटीआई प्रशिक्षु को भी लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है |

जिसके लिए 8 जून 2021 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्रधानाचार्य डॉ नरेश कुमार जी के द्वारा पात्रता की शर्त जारी कर दी गई | सभी पात्र लाभार्थियों को लैपटॉप, टेबलेट, विवाह के लिए आर्थिक सहायता एवं प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान की जाएगी |

वह सभी ITI Trainee जो इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें अपने जिले के नोडल ITI में आवेदन करना होगा | ITI Trainee के लिए पात्रता की शर्तें कुछ इस प्रकार है |

  • प्रशिक्षु की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए |
  • आवेदक के माता पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई होनी चाहिए |
  • यदि आवेदक के माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु मार्च 2020 से पहले हुई हो और दूसरे की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण हुई हो तो इस स्थिति में भी इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है |
  • यदि आवेदनकर्ता के माता पिता की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पहले हुई हो और लीगल अभिभावक की मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारण हुई हो तो वह भी इस योजना का पात्र है |
  • वह बच्चे भी मुख्यमंत्री बाल सेवा  योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे जिनके माता-पिता में से आय अर्जित करने वाले अभिभावक की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई हो |
  • इसके अलावा यदि माता-पिता दोनों जीवित है लेकिन आय अर्जित करने वाले अभिभावक की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है और जीवित माता-पिता की वार्षिक आय ₹200000 या फिर उससे कम हो तो इस स्थिति में भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा |

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की पात्रता:-

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए |
  • वह बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने दोनों माता-पिता को खो दिया हो |
  • अपने लीगल गार्डियन को कोरोना वायरस संक्रमण के कारण खोने वाले बच्चे इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं |
  • वह बच्चे जिन्होंने अपने आय अर्जित करने वाले अभिभावक को कोविड-19 के कारण खो दिया हो |
  • वह बच्चे जिनके माता-पिता में से कोई एक ही जीवित था और उनकी मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई हो |
  • बच्चे की आयु 18 वर्ष या फिर 18 वर्ष से कम होनी चाहिए |
  • एक परिवार के सभी बच्चे (जैविक एवं कानूनी रूप से गोद लिए गए) इस योजना का लाभ प्राप्त कर पाएंगे |
  • वर्तमान में जीवित माता या पिता की आए ₹200000 या फिर ₹200000 से कम होनी चाहिए |

UP Mukhyamantri Bal Seva Yojana के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज:-

  • उत्तर प्रदेश के निवासी होने का घोषणा पत्र
  • बच्चे का आयु प्रमाण पत्र
  • 2019 से मृत्यु का साक्ष्य
  • बच्चे एवं अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्व आवेदन
  • माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र (यदि माता-पिता दोनों की मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में आय प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी नहीं है।)
  • शिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया:-

यदि आप यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित प्रक्रिया को फॉलो करना होगा:-

  • यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं तो आपको ग्राम विकास/पंचायत अधिकारी या विकासखंड या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जाना होगा और यदि आप शहरी क्षेत्र में रहता है कि आपको लेखपाल, तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाना होगा |
  • आपको कार्यालय से इस योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा |
  • अब आपको आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि दर्ज करनी होगी |
  • इसके पश्चात आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अटैच करना होगा |
  • अब आपको यह आवेदन पत्र कार्यालय में जमा करना होगा |
  • इस प्रकार आप यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाएंगे |
  • जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति द्वारा पात्र बच्चों को चिन्हित करने के बाद 15 दिन के अंदर आने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी |
  • इस योजना के अंतर्गत माता पिता की मृत्यु के 2 वर्ष के भीतर आवेदन किया जा सकता है |
  • अप्रूवल प्राप्त होने की तिथि से ही इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा |

 

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना 2022:-

उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी आत्मानिर्भर कृषक समन्वय विकास योजना 2022 को मंजूरी दे दी है। कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आत्मनिर्भर किसान एकीकृत विकास योजना को मंजूरी मिली है |

नई योजना चालू वित्त वर्ष 2022 से ही लागू हो जाएगी | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार द्वारा ने कृषि विकास योजना को मंजूरी दी गई है |

यूपी आत्मानिर्भर कृषक समन्वय विकास योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के दृष्टिकोण को साकार करना है | किसानों की वित्तीय स्थिति को बढ़ाने के लिए, सरकार एक किसान की अपनी जमीन में पैदा होने वाली फसलों के तत्काल भुगतान पर ध्यान केंद्रित कर रही है |

उत्तर प्रदेश में, किसान मुख्य रूप से गेहूं, मक्का, ज्वार, गन्ना और अन्य फसलों का उत्पादन करते हैं | इसलिए किसानों को अपनी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार नए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) खोलने की योजना बना रहा है |

यूपी आत्मानिर्भर कृषक समन्वय विकास योजना के तहत प्रदेश में नए एफपीओ खोले जाएंगे | केंद्र सरकार द्वारा 3 नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के बाद कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए यह आत्मनिर्भर कृषि एकीकृत विकास योजना एक बड़ा कदम है |

यूपी राज्य में खेती की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए, चालू वित्त वर्ष से ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में एफपीओ की स्थापना की जाएगी | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में 3 दिसंबर 2022 को कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भर कृषक एकीकृत विकास योजना को 2022 से लागू करने की मंजूरी दी|

Overview on UP Atmanirbhar Krishak Samanvit Vikas Yojna:-

Name of SchemeUP Atmanirbhar Krishak Samanvit Vikas Yojana 2022
in Hindiआत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना
State NameUttar Pradesh
Who Launched itCM Yogi Adityanath
Who Presented BudgetFinance Minister Suresh Khanna
BeneficiariesFarmers of UP state
ObjectivesTo raise the financial status of farmers and double farmer’s income
Year of ImplementationFY 2021-22 onward
Fund AllocationRs. 100 Crore
BenefitTo raise the income of farmers
Official Websitehttp://upagriculture.com/

उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर कृषक समवित विकास योजना में FPO का गठन:-

यूपी आत्मानिर्भर कृषक समाज विकास योजना के तहत, राज्य के प्रत्येक विकास खंड में अगले तीन वर्षों में लगभग 1,475 किसान उत्पादक संगठन (FPO) बनाए जाएंगे | यूपी सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2031-32 तक योजना के क्रियान्वयन हेतु 1,220.92 करोड़ रुपये का खर्च वहन करने की संभावना है |

आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना हेतु ऑनलाइन आवेदन:-

उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के द्वारा अभी हाल ही में आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना 2021 का बजट निर्धारित किया गया है आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार के ऑनलाइन पोर्टल को यूपी सरकार के द्वारा अभी लॉन्च नहीं किया गया है पोर्टल लॉन्च होते ही या आवेदन से संबंधित नोटिफिकेशन जारी होते ही आपको हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से आवेदन से संबंधित सूचना को अपडेट किया जायेगा | इसके लिए अभी आपको कुछ समय का इन्तजार करना होगा | ऑनलाइन आवेदन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप हमारे वेबसाइट को समय-समय पर चेक करते रहें |

आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना हेतु पात्रता मानदंड:-

  • आवेदक किसान होना चाहिए |
  • केवल वही किसान जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं आत्मानबीर कृषक समवित विकास योजना के लिए पात्र होंगे |
  • आवेदक किसानों के पास अपनी कृषि भूमि से संबंधित सभी दस्तावेज होने चाहिए |

आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना हेतु आवश्यक दस्तावेज:-

  • आवेदक किसान के लिए आवासीय प्रमाण पत्र
  • किसान के परिवार का वार्षिक आय प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • वोटर कार्ड
  • भूमि संबंधित दस्तावेज
  • बैंक पासबुक विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • निवास प्रमाण पत्र
  • किसान पहचान पत्र

Aadhaar Virtual Id क्या है? जानें इससे जुड़े हर जरूरी सवालों के जवाब

Aadhaar Virtual ID क्या है:-

सुरक्षा के कारणों से अगर आप अपना आधार नंबर शेयर नहीं करना चाहते हैं, तो आधार की नियामक संस्था यूआईडीएआई (UIDAI) आपको एक और विकल्प देती है। ये विकल्प है वर्चुअल आईडी/Virtual ID (VID) के प्रयोग की | Virtual ID (VID) आधार नंबर से जुड़ा हुआ 16 अंकों का अस्थायी नंबर है | ई-केवाईसी (e-KYC) के दौरान VID का प्रयोग पहचान के सत्यापन के लिए किया जा सकता है |

Virtual ID (VID) के प्रयोग से किसी तरह का डेटा लीक होने की आशंका नहीं रहती है | KYC सत्यापन के समय इस नंबर का प्रयोग किया जा सकता है | यह एक अस्थाई आईडी है जो तय समय के बाद रद्द हो जाती है |

Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने देश के सभी नागरिकों को 16 अंकों का Aadhaar Virtual ID Number, generate करने की सुविधा प्रदान की है | अब, लोगों को कहीं भी अपना 12 अंको का Bio metric Identification Number / Aadhaar number बताने की जरुरत नहीं है | लोग UIDAI पोर्टल पर generate / retrieve VID के माध्यम से इसे कर सकते हैं और इसे कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं |

Aadhaar Virtual Id

Aadhaar Card का इतनी जगह उपयोग किये जाने पर उसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है | इसलिए हमें Aadhaar Card की Saftey का ध्यान रखना होता है | और इसीलिए सरकार ने अब Virtual ID का इस्तेमाल करने की बात कही है | जिससे की अगर आप अपने Aadhaar Card Number को Share नहीं करना चाहते तो आप इस Virtual ID का प्रयोग कर सकते है |

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Virtual ID 16 Digit का नंबर होता है | जिसे आप अपने Aadhaar Card के 12 नंबर की जगह इस्तेमाल कर सकते है | किसी भी Aadhaar Card के लिए कुछ ही देर में Virtual ID बनाई जा सकती है | जिससे की किसी भी तरह का Verification या KYC आसानी से हो जाती है |

तथा आप एक ही Aadhaar Number से कितनी भी Virtual ID बना सकते है | Virtual ID एक प्रकार से जानकारी रखने वाला Aadhaar Card का एक Clone होता है। जिसमें User की Basic Detail जैसे Name, Address और Photo ही Share की जा सकेगी |

आप VID ​​कैसे प्राप्त कर सकते हैं:-

VID केवल आधार नंबर धारक द्वारा ही Generate किया जा सकता है | UIDAI द्वारा minimum validity period (वर्तमान में 1 कैलेंडर दिन के रूप में सेट किया गया है, यानी अगले दिन 00:00 बजे के बाद एक नया VID ​​उत्पन्न किया जाएगा) करने के बाद वे समय-समय पर अपना VID ​​(एक नया VID ​​बना सकते हैं) भी बदल सकते हैं | किसी भी समय आधार संख्या के लिए केवल एक VID मान्य होगा | UIDAI आधार संख्या धारकों को अपना VID Generate करने, भूल जाने की स्थिति में अपना VID ​​पुनः प्राप्त करने और अपने VID ​​को एक नए नंबर से बदलने के लिए विभिन्न विकल्प प्रदान करेगा | ये विकल्प UIDAI’s resident portal, eAadhaar download, Aadhaar Enrolment centre, mAadhaar mobile application आदि के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे | वर्तमान में, UIDAI’s resident portal पर VID Generation की सुविधा उपलब्ध है | जब भी आवश्यक होगा, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से निवासियों को VID ​​भेजा जाएगा |

आधार हेल्पलाइन नंबर 1947 पर एक SMS भेजकर भी VID Generate किया जा सकता है | आपको “आधार संख्या के अंतिम 4 अंक” टाइप करना होगा और इसे पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से 1947 पर भेजना होगा |

Virtual ID ​​​​का expiry period क्या होता है:-

इस समय VID के लिए कोई समाप्ति अवधि निर्धारित नहीं है | VID तब तक वैध रहेगा जब तक आधार संख्या धारक द्वारा एक नया VID जनरेट नहीं किया जाता है |

क्या VID के re-generation से वही VID या भिन्न VID बन जाएगा:-

Minimum validity period (वर्तमान में 1 कैलेंडर दिन के रूप में निर्धारित) के बाद, आधार संख्या धारक के regeneration के अनुरोध पर, एक नया VID उत्पन्न होगा और पिछला VID निष्क्रिय कर दिया जाएगा | यदि आप Retrieve VID ​​​​की पुनर्प्राप्ति का विकल्प चुनते हैं, तो last active VID ​​​​आधार संख्या धारक को भेजी जाएगी |

क्या कोई एजेंसी VID, Store कर सकती है:-

नहीं, चूंकि VID अस्थायी है और आधार संख्या धारक द्वारा बदला जा सकता है, VID को संग्रहीत करने का कोई मूल्य नहीं है | एजेन्सियां किसी भी डेटाबेस या लॉग में वीआईडी ​​को स्टोर नहीं करती हैं |

VID के मामले में, क्या मुझे प्रमाणीकरण के लिए सहमति प्रदान करने की आवश्यकता है:-

हां, VID आधारित प्रमाणीकरण के लिए आधार संख्या धारक की सहमति आवश्यक है | एजेंसी को आधार संख्या धारक को प्रमाणीकरण के उद्देश्य से सूचित करना और प्रमाणीकरण करने के लिए स्पष्ट सहमति एकत्र करना आवश्यक है |

क्या VID ​​का इस्तेमाल OTP या biometrics या demographics authentication के लिए किया जा सकता है:-

हां | प्रमाणीकरण API इनपुट में आधार संख्या के स्थान पर VID का उपयोग किया जा सकता है | प्रमाणीकरण के लिए इनपुट के रूप में VID को स्वीकार करने के लिए विभिन्न संस्थाएं 31 मई 2019 तक अपने आधार प्रमाणीकरण आवेदन को अपडेट कर चुकी हैं |

क्या होगा अगर कोई आधार नंबर धारक VID भूल जाता है? क्या वह पुनः प्राप्त कर सकता/सकती है?

हां, UIDAI नए और/या मौजूदा VID ​​​​Generate करने के कई तरीके प्रदान करता है | ये विकल्प UIDAI’s resident portal, eAadhaar, Aadhaar Enrolment centre, mAadhaar mobile application आदि के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे | वर्तमान में, UIDAI’s resident portal पर VID generation की सुविधा उपलब्ध है | जब भी आवश्यक होगा, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से निवासियों को VID ​​नंबर भेजा जाएगा |

उत्तरप्रदेश विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तरप्रदेश विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना 2022:-

उत्तरप्रदेश विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना 2022 (UP Electrical Accidents Compensation Yojana) ऑनलाइन आवेदन पत्र उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा आमंत्रित किया जाता है |

यूपी विद्युत दुर्घटना मुआवजा ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म अब https://www.upenergy.in/uppcl वेबसाइट पर उपलब्ध है | सभी इच्छुक उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश में UPPCL नई विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना के लिए निर्देशों की जांच कर सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं |

UPPCL विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना का उद्देश्य किसी विभागीय कर्मचारी या संविदा कर्मचारी (काम के दौरान) या बाहरी व्यक्ति (बिजली के तार के संपर्क में आने वाले) या किसी जानवर के साथ विद्युत दुर्घटना होने पर परेशानी मुक्त तरीके से मुआवजा प्रदान करना है | इसके अलावा, अगर बिजली की आग दुर्घटना के कारण उनकी फसल नष्ट हो जाती है तो पीड़ित मुआवजे के लिए भी आवेदन कर सकते हैं |

कोई भी उपभोक्ता जो विद्युत दुर्घटना मुआवजा प्राप्त करना चाहता है, वह अब https://www.upenergy.in/ या ई-सुविधा या जन सुविधा केंद्रों पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है |

यूपी विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना 2022 हेतु पंजीकरण प्रक्रिया:-

उत्तरप्रदेश विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना
  • फिर विद्युत दुर्घटनाओं के मुआवजे के लिए ऑनलाइन आवेदन के निर्देश के लिए पेज खुल जाएगा | इस पृष्ठ पर “Registration” टैब पर क्लिक करें या सीधे http://application.uppcl.org/electricalaccident/Account/Registration पर क्लिक करें |
  • तदनुसार, यूपी विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म 2022 दिखाई देगा जैसा कि नीचे दिखाया गया है: –
उत्तरप्रदेश विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना
  • खुद को पंजीकृत करने के लिए, नाम, लिंग, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, आधार नंबर, पता और अन्य संबंधित विवरण जैसे विवरण भरने होंगे | सभी विवरण और कैप्चा को सही ढंग से भरने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें |
  • सबमिट बटन पर क्लिक करने के बाद आपके दर्ज किए गए मोबाइल नंबर पर एक OTP (One Time Password) भेजा जाएगा | आपको एक पॉप-अप संदेश प्राप्त होगा | “OK” बटन पर क्लिक करें | प्राप्त ओटीपी को संबंधित क्षेत्र में भरे |
  • आपका उपयोगकर्ता नाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा और आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजा जाएगा |

लॉग इन करने के लिए उस यूजरनेम और पासवर्ड का इस्तेमाल करें | यदि आपको कोई OTP प्राप्त नहीं हुआ है तो “Resend OTP” बटन पर क्लिक करें | ध्यान दें कि * से चिह्नित फ़ील्ड अनिवार्य हैं |

Login कैसे करें:-

  • सबसे पहले UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट https://www.upenergy.in/ पर जाएं |
  • होमपेज पर, नीचे दिखाए गए अनुसार ‘COMPLAINTS / STATUS’ अनुभाग के तहत “Apply Compensation of Electrical Accidents” लिंक पर क्लिक करें या सीधे http://application.uppcl.org/electricalaccident/Instructions/Instructions.html पर क्लिक करें |
  • फिर विद्युत दुर्घटनाओं के मुआवजे के लिए ऑनलाइन आवेदन के निर्देश के लिए पेज खुल जाएगा | इस पृष्ठ पर “Login” टैब पर क्लिक करें या सीधे http://application.uppcl.org/electricalaccident पर क्लिक करें |
  • तदनुसार, यूपी विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना लॉगिन पृष्ठ नीचे दिखाए अनुसार दिखाई देगा: –
उत्तरप्रदेश विद्युत दुर्घटना मुआवजा योजना
  • यदि आप एक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं तो संबंधित क्षेत्रों में अपना “User Name”, “Password” और “Captcha Text” सही ढंग से भरें | सभी विवरण सही ढंग से भरने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें |
  • जो उपयोगकर्ता पंजीकृत नहीं हैं, वे स्वयं को पंजीकृत कराने के लिए “Register Here(New User)” बटन पर क्लिक करें |
  • यदि आप अपना पासवर्ड भूल गए हैं तो “Forget Password” बटन पर क्लिक करें और आवश्यक कार्यवाही करें |
  • यदि आप लॉग इन करने से पहले सभी क्षेत्रों को फिर से भरना चाहते हैं, तो “Reset” बटन पर क्लिक करें |

विभागीय कर्मचारी के साथ विद्युत दुर्घटना होने पर मुआवजे के लिए आवेदन कैसे करें:-

  • आवेदक / शिकायतकर्ता का विवरण, पीड़ित पक्ष से संबंध, पता, पीड़ित का विवरण, दुर्घटना स्थल का विवरण और अन्य संबंधित विवरण जैसे विवरण भरें |
  • साथ ही मेडिकल सर्टिफिकेट/पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मालिकाना अधिकार प्रमाणपत्र और आवेदक के पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की स्कैन कॉपी JPEG/JPG/PDF प्रारूप में संलग्न करें, जिनकी फाइल का आकार 1 MB से अधिक नहीं होना चाहिए |
  • सभी विवरण सही ढंग से भरने के बाद “Save” बटन पर क्लिक करें |
  • फॉर्म जमा करने के बाद, भविष्य के संदर्भ के लिए “Print Complaint Form” बटन पर क्लिक करें |
  • यदि आप फॉर्म जमा करने से पहले सभी क्षेत्रों को फिर से भरना चाहते हैं, तो “Reset” बटन पर क्लिक करें |
  • * मार्क वाले फील्ड अनिवार्य हैं |

काम के दौरान संविदा कर्मचारी के साथ विद्युत दुर्घटना होने पर मुआवजे के लिए आवेदन कैसे करें:-

  • आवेदक / शिकायतकर्ता का विवरण, पीड़ित पक्ष से संबंध, पता, पीड़ित का विवरण, दुर्घटना स्थल का विवरण और अन्य संबंधित विवरण जैसे विवरण भरें |
  • साथ ही मेडिकल सर्टिफिकेट/पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मालिकाना अधिकार प्रमाणपत्र और आवेदक के पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की स्कैन कॉपी JPEG/JPG/PDF प्रारूप में संलग्न करें, जिनकी फाइल का आकार 1 MB से अधिक नहीं होना चाहिए |
  • सभी विवरण सही ढंग से भरने के बाद “Save” बटन पर क्लिक करें |
  • फॉर्म जमा करने के बाद, भविष्य के संदर्भ के लिए “Print Complaint Form” बटन पर क्लिक करें |
  • यदि आप फॉर्म जमा करने से पहले सभी क्षेत्रों को फिर से भरना चाहते हैं, तो “Reset” बटन पर क्लिक करें |
  • * मार्क वाले फील्ड अनिवार्य हैं |

पशु के साथ विद्युत दुर्घटना होने पर मुआवजे के लिए आवेदन कैसे करें:-

  • आवेदक / शिकायतकर्ता का विवरण, प्रभावित पशु का विवरण, दुर्घटना स्थल का विवरण और अन्य संबंधित विवरण जैसे विवरण भरें |
  • साथ ही JPEG/JPG/PDF फॉर्मेट में प्रोप्राइटरी राइट्स सर्टिफिकेट और आवेदक के पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की स्कैन की हुई कॉपी भी संलग्न करें, जिनकी फाइल का आकार 1 MB से अधिक नहीं होना चाहिए |
  • सभी विवरण सही ढंग से भरने के बाद “Save” बटन पर क्लिक करें |
  • फॉर्म जमा करने के बाद, भविष्य के संदर्भ के लिए “Print Complaint Form” बटन पर क्लिक करें |
  • यदि आप फॉर्म जमा करने से पहले सभी क्षेत्रों को फिर से भरना चाहते हैं, तो “Reset” बटन पर क्लिक करें |
  • * मार्क वाले फील्ड अनिवार्य हैं |

बिजली की आग दुर्घटना के कारण फसल नष्ट होने पर मुआवजे के लिए आवेदन कैसे करें:-

  • आवेदक / शिकायतकर्ता का विवरण, प्रभावित फसलों का विवरण, दुर्घटना स्थल का विवरण और अन्य संबंधित विवरण जैसे विवरण भरें |
  • साथ ही JPEG/JPG/PDF प्रारूप में मालिकाना अधिकार प्रमाण पत्र और शिकायतकर्ता के पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की स्कैन की हुई कॉपी भी संलग्न करें, जिनकी फाइल का आकार 1 MB से अधिक नहीं होना चाहिए |
  • सभी विवरण सही ढंग से भरने के बाद “Save” बटन पर क्लिक करें |
  • फॉर्म जमा करने के बाद, भविष्य के संदर्भ के लिए “Print Complaint Form” बटन पर क्लिक करें |
  • यदि आप फॉर्म जमा करने से पहले सभी क्षेत्रों को फिर से भरना चाहते हैं, तो “Reset” बटन पर क्लिक करें |
  • मार्क वाले फील्ड अनिवार्य हैं |

उत्तर प्रदेश राशन कार्ड 2022 की पात्रता सूचि में अपना नाम कैसे देखें

Uttar Pradesh ration card 2022:-

खाद्य एवं रसद विभाग (Food and Civil Supplies Department), उत्तर प्रदेश ने उत्तरप्रदेश राशन कार्ड सूची 2022 (District wise) जारी किया है | सभी नागरिक जिन्होंने राशन कार्ड के लिए नया पंजीकरण किया है, अब वे National Food Security Act (NFSA) की योग्य सूची में अपने नाम की जांच सकते हैं |

इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार जिनके नाम राशन कार्ड 2022 की नई सूची में नहीं हैं और नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वो निर्धारित प्रारूप में खाद्य एवं रसद विभाग (Food and Civil Supplies Department) की आधिकारिक वेबसाइट http://fcs.up.gov.in/FoodPortal.aspx में आवेदन कर सकते हैं |

उत्तर प्रदेश सरकार ने लाभार्थियों के नाम की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए वर्ष 2022 (uttar pradesh ration card 2022) की इस राशन कार्ड की नई सूची को सार्वजनिक किया है | लोग NFSA पात्र लाभार्थी सूची 2022 में अपना नाम ऑनलाइन भी पा सकते हैं | लोग अब गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के लिए बनाए गए राशन कार्ड में / TDPS द्वारा निर्मित अंत्योदय लाभार्थियों के लिए बनाए गए राशन कार्ड में भी अपना नाम ढूंढ सकते हैं |

राशन कार्ड अधिकांश सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए APL/BPL लोगों के लिए एक आवश्यक दस्तावेज है | यह ध्यान देने योग्य बात है कि राशन कार्ड धारक केवल आस-पास स्थित राशन की दुकानों से ही रियायती दरों पर राशन खरीद सकते हैं |

उत्तर प्रदेश राशन कार्ड 2022 में लाभार्थी का नाम देखें:-

  • सर्वप्रथम खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ‘आपूर्ति’ पोर्टल http://fcs.up.gov.in/FoodPortal.aspx पर जाएं |
  • इसके पश्चात Homepage पर महत्वपूर्ण लिंक अनुभाग के अंतर्गत “एन.एफ.एस.ए की पात्रता सूची” लिंक पर क्लिक करें |
  • जिसके पश्चात आपके सामने पूरे उत्तर प्रदेश की जिलेवार राशन कार्ड सूची 2022 दिखाई देगी |
  • यहां उम्मीदवारों को लाभार्थियों की राशन कार्ड सूची खोलने के लिए उपयुक्त जिले पर फिर उनके पंचायत, दुकानदार के नाम के आगे राशन कार्ड नंबर क्लिक करना होगा |
  • अंततः उम्मीदवार नीचे दी गई सूची में अपना नाम manual रूप से देख सकते हैं |
  • इसके अलावा, उम्मीदवार भविष्य में किसी भी संदर्भ के लिए उत्तरप्रदेश राशन कार्ड सूची 2022 का printout ले सकते हैं |

जिन उम्मीदवारों का नाम ग्राम पंचायत वार उत्तर प्रदेश राशन कार्ड सूची में मौजूद नहीं है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है |(uttar pradesh ration card 2022) ऐसे उम्मीदवार आधिकारिक राशन कार्ड पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में नई राशन कार्ड सूची (राशन कार्ड सूची) में नाम शामिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं |

राशन कार्ड सूची 2022 में ऑनलाइन नाम खोजें:-

अगर किसी उम्मीदवार को उपरोक्त प्रक्रिया समझने में मुश्किल आ रही है, तो वह अपना नाम यूपी राशन कार्ड नई सूची 2022 में ऑनलाइन पा सकते हैं:-

  • सर्वप्रथम खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ‘आपूर्ति’ पोर्टल http://fcs.up.gov.in/FoodPortal.aspx पर जाएं |
  • इसके पश्चात Homepage पर त्वरित लिंक अनुभाग के अंतर्गत “एन.एफ.एस.ए की पात्रता सूची में खोजें” लिंक पर क्लिक करें |
  • इसके पश्चात आपके सामने नई यूपी राशन कार्ड सूची का ऑनलाइन पेज खुलेगा |
  • यहां उम्मीदवार उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड नई सूची में नाम खोजने के लिए अपने जिले, क्षेत्र, कार्ड के प्रकार, परिवार के मुखिया का नाम चुन सकते हैं |

6 जनवरी 2022 तक आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य में लगभग 3.6 करोड़ NFSA राशन कार्ड धारक और लगभग 41 लाख अंत्योदय राशन कार्ड धारक हैं, इस प्रकार कुल 3.6 करोड़ राशन कार्ड धारक हैं |

UP BPL/ अंत्योदय राशन कार्ड धारक का नाम ऑनलाइन खोजें :-

निम्नलिखित चरणों के माध्यम से सभी बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्ड धारक टीपीडीएस द्वारा निर्मित सूची में अपना नाम ऑनलाइन पा सकते हैं:-

  • सर्वप्रथम खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ‘आपूर्ति’ पोर्टल http://fcs.up.gov.in/FoodPortal.aspx पर जाएं |
  • इसके पश्चात Homepage पर header में स्थित “बी.पी.एल./अंत्योदय कार्ड खोजें” लिंक को scroll कर “TPDS के अन्तर्गत जारी हुए बी.पी.एल./अन्त्योदय राशन कार्ड खोजें” लिंक पर क्लिक करें |
  • इसके पश्चात आपके सामने UP BPL/ अंत्योदय राशन कार्ड धारकों की सूची दिखाई देगी |
  • यहां उम्मीदवार नाम, क्षेत्र, शहर, ग्राम पंचायत, कार्ड प्रकार और अन्य विवरण दर्ज कर सकते हैं और UP BPL / अंत्योदय राशन कार्ड सूची खोलने के लिए “खोजें” बटन पर क्लिक कर सकते हैं |

उत्तरप्रदेश सरकार सभी नागरिकों के लिए नए राशन कार्ड जारी करने जा रही है चाहे वे BPL या APL उम्मीदवार हो | नागरिकों को विभिन्न राशन की दुकानों से वितरकों के माध्यम से राशन प्राप्त करने के लिए अंत्योदय या NFSA राशन कार्ड धारक होना आवश्यक है | इसके अलावा, सभी नागरिक उत्तर प्रदेश के खाद्य और नागरिक आपूर्ति की आधिकारिक वेबसाइट पर यूपी राशन कार्ड नई सूची में अपना नाम ऑनलाइन देख सकते हैं |

उत्तर प्रदेश राशन कार्ड की पात्रता सूचि में अपना नाम कैसे देखें, वीडियो से समझे

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MSP for RMS 2022-23: Rabi Marketing Season 2022-23 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की जांच करें

MSP for RMS 2022-23:-

केंद्र सरकार ने रबी फसलों के MSP 2021-22 या रबी मार्केटिंग सीजन/Rabi Marketing Season (RMS) 2022-23 के लिए एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दे दी है | लोग अब सभी अनिवार्य रबी फसलों 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की जांच कर सकते हैं, जिनका विपणन 2022-23 में किया जाना है | अब स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप रबी फसलों के MSP 2021-2022 में वृद्धि की गई है |

मसूर और रेपसीड और सरसों (400 रुपये प्रति क्विंटल) के लिए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि की घोषणा की गई है, इसके बाद चना (130 रुपये प्रति क्विंटल) और कुसुम (114 रुपये प्रति क्विंटल) का स्थान है | जौ और गेहूं के लिए क्रमशः 35 और 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि घोषित किया गया है | अंतर पारिश्रमिक का उद्देश्य फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है |

Rabi Crops MSP – MSP for RMS 2022-23:-

रबी की फसल सर्दियों में उगाई जाती है और वसंत ऋतु में काटी जाती है | नई उगाई गई रबी फसल MSP 2021-22 रबी विपणन सीजन (RMS) 2022-23 में विपणन की जाने वाली फसलों के लिए लागू होगी | यह नई MSP नीति लाभ के मार्जिन के रूप में न्यूनतम 50% का आश्वासन देगी |

रबी फसलों के MSP 2021-22 में वृद्धि 2022 तक किसान की आय को दोगुना करने और उनके कल्याण में काफी सुधार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है | यहां हम आपको रबी फसलों 2021-22 न्यूनतम समर्थन मूल्य या RMS 2022-23 के लिए MSP निर्दिष्ट करने वाली पूरी तालिका प्रदान कर रहे हैं |

CropMSP for RMS 2021-22 (Rs. / quintal)MSP for RMS 2022-23 (Rs. / quintal)Cost of production 2022-23 (Rs. / quintal)Absolute Increase in MSPReturn over cost (%)
Wheat19752015100840100
Barley1600163510193560
Gram51005230300413074
Masur (Lentil)51005500307940079
Rapeseed & Mustard465050502523400100
Safflower53275441362711450

नई रबी फसलों के एमएसपी में भुगतान की गई सभी लागत शामिल होंगी:-

2021-22 सीज़न के लिए रबी फसलों के लिए इन नए MSP या MSP RMS 2022-23 में सभी भुगतान की गई लागतें शामिल होंगी जो किसानों द्वारा निम्नलिखित बातों पर खर्च की जाती हैं:

  • मानव श्रम किराए पर लिया,
  • बैल श्रम / मशीन श्रम
  • जमीन में पट्टे के लिए किया गया किराया
  • बीज, उर्वरक, खाद जैसे भौतिक आदानों पर होने वाला व्यय
  • सिंचाई शुल्क
  • उपकरणों और कृषि भवनों पर मूल्यह्रास
  • कार्यशील पूंजी पर ब्याज
  • पंप सेटों के संचालन के लिए डीजल/बिजली
  • पारिवारिक श्रम का इनपुट मूल्य |

विपणन सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के लिए MSP में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में घोषित अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर MSP तय करने के सिद्धांत के अनुरूप है |

कैबिनेट समिति द्वारा रबी फसलों के MSP 2021-22 में वृद्धि:-

रबी विपणन सीजन (RMS) 2022-23 में विपणन की जाने वाली रबी फसलों के लिए, मसूर और रेपसीड और सरसों (400 रुपये प्रति क्विंटल) के लिए एमएसपी में उच्चतम वृद्धि की सिफारिश की गई है |

यह रबी फसल MSP 2021-22 की वृद्धि के बाद चना (130 रुपये प्रति क्विंटल) किसानों की आय बढ़ाने के लिए है | कुसुम के MSP में 114 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं के MSP में 40 प्रति क्विंटल, जौ की फसलों के लिए सबसे कम वृद्धि देखी गई है जो 35 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है |

गेहूं और रेपसीड और सरसों (100%) के मामले में किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर अपेक्षित रिटर्न सबसे अधिक होने का अनुमान है, इसके बाद दाल (79%), चना (74%), जौ (60%) और कुसुम (50%) का स्थान आता है | केंद्र सरकार एमएसपी के साथ-साथ खरीद के रूप में सहायता प्रदान करेगी |

Procurement of Rabi Crops at MSP in RMS 2022-23:-

भारतीय खाद्य निगम (FCI) और अन्य राज्य एजेंसियां ​​अनाज के मामले में किसानों को मूल्य समर्थन देना जारी रखेंगी | संबंधित राज्य सरकारें केंद्र सरकार से अनुमोदन के साथ मोटे अनाज की खरीद करने जा रही हैं | इसके अलावा, राज्य सरकार यहां तक ​​कि एनएफएसए के तहत खरीदी गई पूरी मात्रा का वितरण भी करेगा |

सरकार एनएफएसए के तहत जारी मात्रा के लिए सब्सिडी प्रदान करेगा | सरकार ने दालों का बफर स्टॉक स्थापित किया है और दालों की घरेलू खरीद भी मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत की जा रही है |

NAFED, SFAC और अन्य केंद्र सरकार की एजेंसियां ​​दलहन और तिलहन की खरीद जारी रखेंगी | नोडल एजेंसियों को हुए नुकसान की पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रतिपूर्ति की जा सकती है |

उत्तर प्रदेश कन्या विद्या धन योजना 2022 हेतु ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तर प्रदेश कन्या विद्या धन योजना 2022:-

यूपी कन्या विद्या धन योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई बालिका शिक्षा के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है | इस योजना के तहत, यूपी सरकार 12 वीं बोर्ड परीक्षा में योग्यता प्राप्त करने वाली प्रत्येक छात्रा को 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है |

यूपी कन्या विद्या धन योजना उन लड़कियों के लिए शुरू की गई है जो महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायता से शिक्षा प्राप्त कर रही हैं | उत्तर प्रदेश सरकार उन सभी लड़कियों को 30,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगी, जिन्होंने सीबीएसई या यूपी राज्य बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की है | वित्तीय सहायता से 12वीं पास लड़कियों को अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी |

इस योजना के लिए केवल यूपी बोर्ड, राज्य माध्यमिक शिक्षा परिषद, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र, यूपी मदरसा परिषद और यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद की छात्राएं ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं |

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में सक्षम बनाने के लिए सहायता प्रदान करने के लिए यूपी कन्या विद्या धन योजना शुरू की थी | ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में रहने वाली मेधावी लड़कियों को 12वीं पास करने के बाद छात्रवृत्ति मिलेगी | सहायता राशि उन छात्राओं को दी जाएगी जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी शिक्षा जारी रखने में असमर्थ हैं |

नोट – यह योजना मेधावी छात्राओं के कल्याण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शुरू की गई थी | वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के बजाय यूपी कन्या विद्या धन योजना शुरू नहीं की है | लड़कियों के लिए पहले से ही एक और योजना चला रही है, जिसका नाम है यूपी कन्या सुमंगला योजना |

उत्तरप्रदेश कन्या धन योजना हेतु पात्रता मानदंड:-

योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से समर्थन देना है | यह योजना गरीब परिवारों की लड़कियों को समर्पित है जो धन की कमी के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं | योजना के लिए पात्र होने के लिए, छात्रा को अपनी इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षाओं में योग्यता प्राप्त करनी चाहिए | यूपी कन्या विद्या धन योजना के लिए पात्र बनने के लिए उम्मीदवार को पूरी पात्रता मानदंड नीचे दिए गए हैं: –

  • आवेदक लड़की उत्तर प्रदेश की निवासी होनी चाहिए |
  • आवेदक छात्रा को सीबीएसई या यूपी स्टेट बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए |
  • उसने 12वीं कक्षा में योग्यता हासिल की होगी |
  • मेधावी छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय (सभी स्रोतों से) 48,000 रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए |

गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी की छात्राओं को वरीयता दी जाएगी, जिन्होंने पहले ही यूपी कन्या धन योजना के लिए आवेदन किया है |

यूपी कन्या विद्या धन योजना के दस्तावेजों की सूची:-

  • लड़की आवेदक का आधार कार्ड
  • अधिवास / निवास प्रमाण पत्र
  • 12 वीं कक्षा की मार्कशीट और इंटरमीडिएट की सर्टिफिकेट जेरोक्स कॉपी की सेल्फ अटेस्टेड
  • बैंक के खाते का विवरण
  • आय प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति
  • बीपीएल श्रेणी प्रमाणपत्र (वैकल्पिक) |

योजना की मुख्य विशेषताएं:-

  • इस योजना का उद्देश्य मेधावी 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण लड़कियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है |
  • यूपी कन्या धन योजना छात्राओं को खर्चों की चिंता किए बिना अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाएगी |
  • लड़कियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा क्योंकि सरकार 12वीं की परीक्षा में मेरिट हासिल करने पर वित्तीय सहायता देगी |
  • गरीब परिवारों की लड़कियां अब उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले सकेंगी |
  • महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से लड़कियां अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने में सक्षम होंगी |
  • इसके अलावा, यूपी कन्या धन योजना के माध्यम से, लड़कियां उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारतीय राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकेंगी |

योजना लाभार्थी सूची:-

सीतापुर1226
लखनऊ2169
बलरामपुर375
बहराइच1008
गोंडा1382
रायबरेली1214
अमेठी589
श्रावस्ती25
बारांबकी1009
सुल्तानपुर1367
सीतापुर1226

कन्या विद्या धन योजना ऑनलाइन आवेदन:-

  • सबसे पहले यूपी कन्या विद्या धन योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं |
  •  होमपेज पर, कन्या विद्या धन योजना अनुभाग के तहत “Download” टैब पर क्लिक करें |
  • ऑनलाइन मोड के माध्यम से, आप यूपी कन्या विद्या धन योजना आवेदन पत्र पीडीएफ डाउनलोड कर सकेंगे |
  • फॉर्म डाउनलोड करने के बाद, आपको डाउनलोड किए गए यूपी कन्या विद्या धन योजना ऑनलाइन फॉर्म का प्रिंटआउट लेना होगा |
  • आगे आपको नाम, ई-मेल आईडी, पता, आय वर्ग, जाति विवरण, बैंक खाता विवरण, 12 वीं कक्षा की परीक्षा विवरण आदि जैसे विवरण भरने होंगे |
  • अंत में, आप संबंधित अधिकारियों को सहायक दस्तावेजों के साथ पूरा यूपी कन्या विद्या धन योजना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं |

यूपी कन्या विद्या धन योजना का भरा हुआ आवेदन फॉर्म उस स्कूल में जमा करना होगा जहां से 12वीं पास है | स्कूल तब विवरणों का मूल्यांकन और सत्यापन करेगा और भरे हुए आवेदन पत्र को संबंधित डीआईओएस कार्यालय / जिला विद्यालय संरक्षक (स्कूल के जिला निरीक्षक) को जमा करेगा |

यूपी कन्या विद्या धन योजना वेबसाइट का पता:-

  • मथुरा: http://mathura.nic.in/
  • गाजियाबाद: http://ghaziabad.nic.in/
  • मैनपुरी: http://mainpuri.nic.in/
  • एटा: http://etah.nic.in/
  • अमेठी: http://amethi.nic.in/
  • अमरोहा: http://www.amroha.nic.in/
  • औरया: http://auraya.nic.in/
  • आजमगढ़ : http://azamgarh.nic.in/
  • बागपत: http://bagpat.nic.in/
  • बहराइच: http://behraich.nic.in
  • अलीगढ़ : http://aligarh.nic.in/
  • हाथरस: http://hathras.nic.in/
  • आगरा: http://agra.nic.in/
  • इलाहाबाद: http://allahabad.nic.in/
  • अम्बेडकर नगर: http://ambedkarnagar.nic.in/
  • बलिया: http://ballia.nic.in/
  • बलरामपुर: http://balrampur.nic.in/
  • बांदा: http://banda.nic.in/
  • बाराबंकी: http://barabanki.nic.in/
  • बरेली: http://bareilly.nic.in/
  • बस्ती: http://basti.nic.in/
  • भदोही: http://srdnagar.nic.in/
  • बिजनौर: http://bijnor.nic.in/
  • बदायु: http://badaun.nic.in/
  • बुलंदशहर: http://bulandshahar.nic.in/
  • कासगंज: http://kanshiramnagar.nic.in/

कन्या विद्या धन योजना लाभार्थी सूची सांख्यिकी:-

  • अलीगढ़ – 1375
  • हाथरस – 641
  • अम्बेडकर नगर – 1657
  • अमेठी – 610
  • अमरोहा – 801
  • औरया – 856
  • आजमगढ़ – 3316
  • बदायु – 605
  • बुलंदशहर – 1224
  • कासगंज – 411
  • मथुरा – 1106
  • आगरा – 1930
  • इलाहाबाद – 3493
  • गाजियाबाद – 1096
  • मैनपुरी – 984
  • एटा – 783
  • बागपत – 493
  • बहराइच – 909
  • बलिया – 2152
  • बलरामपुर – 340
  • बांदा – 578
  • बाराबंकी – 963
  • बरेली – 1261
  • बस्ती – 1374
  • भदोही – 905
  • बिजनौर – 1564

उत्तरप्रदेश के नागरिक Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना 2021-22 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तरप्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना 2021-22:-

उत्तरप्रदेश में ही नहीं बल्‍क‍ि पूरे देश में Covid के चलते बहुत से लोगो ने अपनी जान गवाई है | कोरोना की पहली व दूसरी लहर में ऐसे बहुत से परिवार हैं जो अनाथ व बेरोजगार हो गए हैं | इस समस्‍या को देखते हुए उत्तरप्रदेश सरकार ने यूपी कोविड-19 अनुग्रह सहायता योजना (UP Covid-19 Anugrah Sahayata Scheme) की शुरूआत की है | जिसके चलते राज्‍य के उन सभी परिवारों को 50 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की जाएगी | जिनके परिजनों की Covid जैसी महामारी से मृत्‍यु हो गई |

कोविड़-19 अनुग्रह सहायता योजना की शुरूआत 23 अक्‍टूबर 2021 को यूपी राज्‍य सरकार द्वारा की गई है | जिसके तहत जो भी मृत्‍क परिवार का सदस्‍य योजना का लाभ लेना चाहता है तो उसे राहत आयुक्‍त कार्यालय की अधिकारीक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा | तथा उस आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी विस्‍तार से भरनी होगी | जिसके बाद आपको योजना का लाभ दे दिया जाऐगा |

उत्तरप्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना का उदेश्‍य:-

Uttar Pradesh Covid-19 Anugrah Sahayata Yojana का मुख्‍य उदेश्‍य राज्‍य में कोविड महामारी से हुई मृत्‍यु के परिवार जनों को आर्थिक सहायता राशि‍ दी जाएगी | क्‍योकि ऐसे बहुत से परिवार है जिन्‍होने अपने मुख्‍य सदस्‍य को खोया है अर्थात परिवार उसी पर निर्भर रहता था | इसी कारण काे देखते हुए यूपी सरकार ने कोविड- अनुग्रह सहायता योजना के तहत मृतक के परिवारों को 50 हजार रूपये की धनराशि देगी | ताकी वो अपना जीवन आराम से व्‍यतीत कर सके |

उत्तरप्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना के पात्र:-

  • योजना का लाभ केवल उत्तरप्रदेश राज्‍य के मूल निवासी ही उठा सकते है |
  • कोविड- 19 अनुग्रह सहायता योजना के तहत वह ही व्‍यक्ति आवेदन कर सकता है जिसके परिवार के सदस्‍य की मृत्‍यु कोरोना संक्रमण से हुई हो |
  • योजना के अतंर्गत लाभ उठाने के लिए मृतक व्‍यक्त‍ि का मृत्‍यु प्रमाण पत्र कोविड-19 से जुडा हुआ होना चाहिए | तो ही आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकेगे अन्‍यथा नहीं |
  • योजना के मुताबित राज्‍य के मृतक परिवार के सदस्‍यों को 50,000 रूपये की धनराशि दी जाएगी |

उत्तरप्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना के जरूरी दस्‍तावेज:-

यदि आप उत्तर प्रदेश राज्‍य के निवासी है और आपने भी अपने परिवार के किसी सदस्‍य को कोविड के कारण खोया है और आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो नीचे दिए गऐ निम्‍नलिखित दस्‍तावेज जरूर होने चाहिए |

  • मृतक का प्रमाण पत्र
  • बैंक खाते की पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • वारिसानों (वारिस) की सहमति पत्र
  • आर.टी.पी.सी.आर, मॉलिक्‍यूलर टेस्‍ट, चिकित्‍सीय उपचार
  • रैपिड एन्‍टीजन टेस्‍ट, चिकित्‍सीय जांच की काॅपी (कोविड-19 डायगनोस) कोई भी दस्‍तावेज |

उत्तर प्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना 2021-22 के लिए ऑफलाइन आवेदन कैसे करे:-

  • यदि आप इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑफलाइन आवेन करना चाहते है तो सबसे पहले आपको इस योजना का आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा |
  • जिसके लिए आपको राहत आयुक्‍त कर्यालय की Official Website पर जाना होगा | यहा जाने के बाद होम पेज पर अनुग्रह सहायता हेतु दिशा निर्देश पर क्लिक करना होगा |
  • जैसे ही आप इस पर क्लिक करेगे तो आपके सामने दिशा निर्देश का एक पीडीएफ खुल जाएगा जिसमें आपको सबसे नीचें आना है और वहा पर सलग्‍नंक 2 पर यूपी कोविड-19 अनुग्रह सहायता योजना का आवेदन फॉर्म मिल जाएगा |
  • नीचे दी गई फोटो की तहर आवेदन फॉर्म खुल जाएगा |
उत्तरप्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना
  • जिसके बाद आपको इस आवेदन फॉर्म का print out निकालकर इसमें पूछी गई सभी जानकरी विस्‍तार से भरकर आपकी एक फोटो चिपका देनी है |
  • जिसके बाद इस आवेदन फॉर्म के साथ जरूरी डॉक्‍यूमेंट अटैच करके सबंधित विभाग में जमा करा देना है | जिसके बाद आपको ऑफलाइन आवेदन फॉर्म ले लिया जाएगा |

उत्तर प्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना 2021-22 के लिए हेतु ऑनलाइन आवेदन:-

यदि आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है तो नीचे दिए गऐ निदेर्शो का स्‍टेप-बाय-स्‍टेप पालन करे:

  • उत्तर प्रदेश कोविड-19 अनुग्रह सहायता योजना 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको राहत आयुक्‍त की Official Website पर जाना होगा |
  • जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करेगे तो आपके सामने होम पेज खुल जाएगा इस पेज पर आपको कोविड-के संक्रमण से मृत व्‍यक्तियों के परिजना को रू. 50,000/- की अनुग्रह सहायता का ऑप्‍शन दिखाई देगा |
  • आपको इस ऑप्‍शन पर क्लिक कर देना है |
उत्तरप्रदेश Covid-19 अनुग्रह सहायता योजना
  • जैसे ही आप इस ऑप्‍शन पर क्लिक करेगे तो आपके सामने एक और नया पेज खुल जाएगा |
  • इस नऐ पेज पर आपको आवेदन भरे के ऑप्‍शन पर क्लिक करना है जैसे ही आप इस पर क्लिक करोगे तो आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा |
  • आपको सबसे पहले फॉर्म में अपने मोबाइल नबंर का ओटीपी के जरिए सत्‍यापन करना है |
  • जिसके बाद आपको आवेदन फॉर्म में मृतक व्‍यक्ति का पूरा विवरण आवेदन का बैंक की पूरी डिटैल, तथा अन्‍य सभी जानकारीया भरनी होगी |
  • ये सब भरने के बाद फॉर्म में अपने दस्‍तावेज को अपलोड करना है | जो भी मांगे एक डॉक्‍यूमेंट वो सभी अपलोड करने है |
  • जिसके बाद आपको पुन: आवेदन फॉर्म को चैक कर लेना है की सही भरा है या नही जिसके बाद आप सबमिट के बटन पर क्लिक करे | जिसके लिए आपको प्रेषित करे के ऑप्‍शन पर क्लिक करना होगा |
  • इस प्रकार आपको यूपी कोविड-19 अनुग्रह सहायता योजना का ऑनलाइन आवेदन फॉर्म की प्रक्रिया का पूरा करोगे | और इसका लाभ उठा सकोगे |

आवेदन पत्र की स्थिति कैसे जानें:-

  • उत्तर प्रदेश कोविड-19 अनुग्रह सहायता योजना 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको राहत आयुक्‍त की Official Website पर जाना होगा |
  • जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करेगे तो आपके सामने होम पेज खुल जाएगा इस पेज पर आपको कोविड-के संक्रमण से मृत व्‍यक्तियों के परिजना को रू. 50,000/- की अनुग्रह सहायता का ऑप्‍शन दिखाई देगा |
  • आपको इस ऑप्‍शन पर क्लिक कर देना है |
  • जैसे ही आप इस ऑप्‍शन पर क्लिक करेगे तो आपके सामने एक और नया पेज खुल जाएगा |
  • इस नऐ पेज पर आपको आवेदन पत्र की स्थिति जानें के ऑप्‍शन पर क्लिक करना है जैसे ही आप इस पर क्लिक करोगे तो आपके सामने नया पेज खुल जाएगा |
  • इस पेज पर मोबाइल नंबर और आवेदन संख्या दर्ज कर खोजें बटन पर क्लिक करें |

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना:-

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना– भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने अंतिम बजट में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना 2022 (Pradhan Mantri Shram Yogi Mandhan Pension Yojana 2022) शुरुआत की है |

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के अंतर्गत, सभी कामगारों को हर महीने पेंशन के रूप में 3000/- रूपये दिए जाएंगे | प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत 100 रुपये के मासिक योगदान पर कामगारों को उनकी 60 साल की आयु के बाद हर महीने 3000 रुपये पेंशन मिलेगी | प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कामगारों को रिटायरमेंट के बाद एक न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान करता है |

श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना से 10 करोड़ कामगारों को लाभ होगा | प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना अगले पांच सालों में असंगठित क्षेत्र के लिए विश्व की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन सकती है | भारत में करीब 50 करोड़ श्रमयोगी हैं |

जिसमें से 90 प्रतिशत हिस्सा असंगठित क्षेत्र में काम करता है | ऐसे कामगारों को आमतौर पर सरकारों की ओर से तय न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलता और न ही पेंशन या Health Insurance जैसी Social security मिल पाती है |

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के अंतर्गत रिटायरमेंट के उपरांत हर महीने 3000/- रूपये की पेंशन दी जाएगी | जिससे उनकी वित्तीय सहायता की जा सके | सरकार की इस श्रमयोगी मानधन योजना के तहत केवल वह कामगार पात्र होंगे | जिनकी सैलरी 15000/- रूपये या उससे कम है | श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के अंतर्गत देश के करीबन 42 करोड़ ऐसे कामगारों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा |

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का उद्देश्य:-

PMSYM Yojana  का  मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्रो के श्रमिकों को 60 साल की आयु के बाद 3000 रु की पेंशन धनराशि देकर आर्थिक सहायता प्रदान करना है तथा इस योजना के ज़रिये मिलने वाली धनराशि के द्वारा लाभार्थी बुढ़ापे में अपना जीवन यापन कर सके तथा अपनी आर्थिक ज़रूरतों को पूरा कर सके | 

PMSYM Scheme 2022 के ज़रिये श्रमयोगियो को आत्मनिर्भर बनाना तथा सशक्त बनाना | भारत सरकार सभी गरीबो तथा मजदुर श्रमिकों को अपनी सरकारी योजनाओ के ज़रिये लाभ पहुँचाना तथा आर्थिक रूप से मदद करना चाहती है |

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना 2022 के मुख्य तथ्य:-

  • योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम भारतीय जीवन बीमा निगम एक नोडल एजेंसी की तरह कार्य करेगा |
  • लाभार्थी द्वारा मासिक प्रीमियम भी LIC कार्यालय में जमा कराया जाएगा तथा योजना के पूर्ण होने पर लाभार्थी को मासिक पेंशन भी एलआईसी द्वारा ही प्रदान की जाएगी |
  • यह मासिक पेंशन लाभार्थी के खाते में सीधा बैंक ट्रांसफर के माध्यम से स्थानांतरित की जाएगी |
  • यदि आप प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो किसी भी नजदीकी भारतीय जीवन निगम के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं अथवा नीचे दी गई ऑनलाइन वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं |
  • आंकड़ों के मुताबिक, 6 मई तक करीब 64.5 लाख लोग इसमें अपना पंजीकरण करा चुके हैं |

Pradhanmantri Shram Yogi Mandhan Yojana का लाभ कौन नहीं उठा सकता:-

  • संगठित क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति
  • कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य
  • राष्ट्रीय पेंशन योजना के सदस्य
  • राज्य कर्मचारी बीमा निगम के सदस्य
  • आयकर का भुगतान करने वाले लोग

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लाभार्थी:-

  • छोटे और सीमांत किसान
  • भूमिहीन खेतिहर मजदूर
  • मछुआरे
  • पशुपालक
  • ईट भट्टा और पत्थर खदानों में लेबलिंग और पैकिंग करने वाले
  • निर्माण और आधारभूत संरचनाओं में कार्य करने वाले
  • चमड़े के कारीगर
  • बुनकर
  • सफाई कर्मी
  • घरेलू कामगार
  • सब्जी तथा फल विक्रेता
  • प्रवासी मजदूर आदि

श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के लाभ:-

  • प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना 2022 के अंतर्गत देश के सभी असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे नागरिको को हर महीने पेंशन के रूप में 3000/- रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी|
  • इसके अलावा, इस सरकारी पेंशन का लाभ केवल वह नागरिक ही उठा सकता है जिसकी महीने की आय 15000/- रूपये या उससे कम है |
  • जो पात्र उम्मीदवार इस श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना का लाभ लेना चाहता है उन्हें हर महीने अपने बैंक अकाउंट में 100/- रूपये की धनराशि को जमा करना होगा |
  • श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना का लाभ देश के 10 करोड़ असंगठित क्षेत्र में कार्यरत नागरिको को दिया जाएगा |
  • पेंशन का लाभ उन्हें 60 वर्ष की आयु होने के बाद ही पेंशन के रूप में मिलना शुरू कर दिया जाएगा|

श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के लिए पात्रता मानदंड:-

  • श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र में कार्यरत नागरिको को दिया जाएगा |
  • महीने की आय 15000/- रूपये या उससे कम होनी चाहिए |
  • श्रमयोगी 18 वर्ष से 40 वर्ष की आयु तक श्रमयोगी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसके बाद 60 वर्ष की उम्र के बाद उसे पेंशन मिलना शुरू होगी |

श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • आय प्रमाण पत्र
  • निवासी प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • पता प्रमाण
  • आधार कार्ड
  • बैंक संबंधी पूरी जानकारी |

श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के तहत पेंशन व प्रीमियर राशि:-

योजना शुरू करने की आयुअधिकतम आयुसदस्यों का मासिक अंशदानसरकार का मासिक अंशदानकुल अंशदान
18605555110
19605858116
20606161122
21606464128
22606868136
23607272144
24607676152
25608080160
26608585170
27609090180
28609595190
2960100100200
3060105105210
3160110110220
3260120120240
3360130130260
3460140140280
3560150150300
3660160160320
3760170170340
3860180180360
3960190190380
4060200200400

श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:-

  • सबसे पहले आपको प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://maandhan.in/ पर जाना होगा |
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना
  • Homepage पर आपको “Click Here to apply now” बटन पर क्लिक करना होगा | इसके पश्चात आपके सामने एक नया page खुलेगा | यहाँ आपको Self Enrollment पर क्लिक करना होगा |
  • यहाँ अपना mobile number दर्ज करें और अपना नाम, Email Id और Captcha दर्ज करें | इसके पश्चात GENERATE OTP बटन पर क्लिक करना होगा |
  • इसके पश्चात आपके सामने Enrollment फॉर्म दिखाई देगा | जिसमे आपको व्यक्ति की सारी जानकारी भर देनी हैं ! जिससे उसका रजिस्ट्रेशन पूर्ण हो जाये |
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना

Pradhanmantri Shram Yogi Mandhan Yojana Apply Online Through CSC:-

  • इच्छुक पात्र व्यक्ति निकटतम CSC Centre का दौरा करेगा |
  • नामांकन प्रक्रिया के लिए आवश्यक शर्तें निम्नलिखित हैं:
    • आधार कार्ड
    • IFSC कोड के साथ बचत/जन धन बैंक खाता विवरण (बैंक पासबुक या चेक लीव/बुक या बैंक खाते के साक्ष्य के रूप में बैंक विवरण की प्रति)
  • नकद में प्रारंभिक योगदान राशि ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) को दी जाएगी |
  • VLE प्रमाणीकरण के लिए आधार कार्ड पर मुद्रित आधार संख्या, ग्राहक का नाम और जन्म तिथि का printout लेगा |
  • VLE बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर, ईमेल पता, जीएसटीआईएन, वार्षिक कारोबार आय, जीवनसाथी (यदि कोई हो) और नामांकित विवरण जैसे विवरण भरकर ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करेगा |
  • पात्रता शर्तों के लिए स्व-प्रमाणन किया जाएगा |
  • System, Subscriber की उम्र के अनुसार देय मासिक योगदान की स्वतः गणना करेगा |
  • Subscriber, VLE को पहली सदस्यता राशि का नकद भुगतान करेगा |
  • Enrollment cum Auto Debit mandate form, print किया जाएगा और ग्राहक द्वारा आगे हस्ताक्षरित किया जाएगा | VLE इसे scan करेगा और सिस्टम में अपलोड करेगा |
  • एक अद्वितीय श्रम योगी पेंशन खाता संख्या/ Shram Yogi Pension Account Number (SPAN) तैयार की जाएगी और श्रम योगी कार्ड (Shram Yogi Card) मुद्रित किया जाएगा |

Frequently Asked Questions(FAQs):-

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना क्या है?

प्रधान मंत्री श्रम योगी मानधन असंगठित श्रमिकों के लिए एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसकी मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम है |

इस योजना की सदस्यता कौन ले सकता है?

18-40 वर्ष के आयु वर्ग में कोई भी असंगठित श्रमिक, जिसकी नौकरी आकस्मिक प्रकृति की है, जैसे कि घर पर काम करने वाले, रेहड़ी-पटरी वाले, हेड लोडर, ईंट भट्ठा, मोची, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, रिक्शा चलाने वाले, 15,000/- रुपये से कम मासिक आय वाले ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक, स्वयं के खाते के श्रमिक, कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, बीड़ी श्रमिक, हथकरघा श्रमिक, चमड़ा श्रमिक आदि | कर्मचारी को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस), कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन योजना जैसी किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत कवर नहीं किया जाना चाहिए और वह आयकर दाता नहीं है |

इस योजना का क्या लाभ है?

यदि कोई असंगठित श्रमिक योजना की सदस्यता लेता है और 60 वर्ष की आयु तक नियमित योगदान का भुगतान करता है, तो उसे न्यूनतम मासिक पेंशन 3000/- रुपये उसकी मृत्यु के बाद, पति या पत्नी को मासिक पारिवारिक पेंशन मिलेगी जो कि पेंशन का 50% है |

लाभार्थी कितने वर्षों तक योगदान देगा?

एक बार जब लाभार्थी 18-40 वर्ष के बीच की प्रवेश आयु में योजना में शामिल हो जाता है, तो उसे 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक योगदान देना होता है |

योजना के तहत कितनी पेंशन मिलेगी? किस उम्र में?

योजना के तहत न्यूनतम पेंशन रु. 3000/- प्रति माह का भुगतान किया जाएगा | यह पेंशन ग्राहक की 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर शुरू होगी |

योगदान का तरीका क्या है?

मुख्य रूप से, योगदान का तरीका ऑटो-डेबिट द्वारा मासिक आधार पर होता है | हालांकि इसमें तिमाही, अर्धवार्षिक और वार्षिक अंशदान के प्रावधान भी होंगे | कॉमन सर्विस सेंटर में पहले अंशदान का भुगतान नकद में किया जाना है |

क्या कोई प्रशासनिक लागत होगी?

ग्राहक के लिए कोई प्रशासनिक लागत नहीं होगी क्योंकि यह विशुद्ध रूप से भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना है |

निष्ठा FLN प्रशिक्षण मॉड्यूल-8 प्रश्नोत्तरी | Nishtha FLN 3.0 Module 8 Answer Key

निष्ठा FLN प्रशिक्षण मॉड्यूल-8 प्रश्नोत्तरी | Nishtha FLN 3.0 Module 8 Answer Key

Description : सीखने का आकलन 8 लिंक: https://bit.ly/MPN-FLN-Course8
इस कोर्स में बुनियादी साक्षरता और संख्‍याज्ञान (एफएलएन) के संदर्भ में सीखने के आकलन का संक्षि‍प्त विवरण प्रस्तुत किया गया है। 
Start Date: 1 January 2022   End Date:  31 January 2022
दीक्षा पोर्टल /एप में लॉग इन कैसे करेंजानने के लिए क्लिक करें
January 2022 Nishtha FLN Training Module 7 प्रश्न्नोत्तरी पीडीऍफ़ के साथClick Here
प्रश्न क्रमांक 1.
अभिभावक घर पर बुनियादी साक्षरता को बढ़ावा और प्रोत्साहन… सुनिश्चित करके दे सकते हैं
  1. डी- आई – वाई खिलौने
  2. आयु उपयुक्त श्रेणी बद्ध कहानी पुस्तकें, खिलौने और हस्तकौशल्य वस्तुएँ
  3. अनेक हस्तकौशल्य वस्तुओं की उपलब्धता
  4. घेरा समय की व्यवस्था

उत्तर 1:  आयु उपयुक्त श्रेणी बद्ध कहानी पुस्तकें, खिलौने और हस्तकौशल्य वस्तुएँ

प्रश्न क्रमांक 2.
आकलन सूचना शिक्षक की एफएलएन पठन सामग्री का निर्णय और नियोजन करने में सहायता करती है
  1. वास्तविक वृतांत लिखने और पोर्टफोलियो में संकलित करने के लिए
  2. ध्यान पूर्वक अवलोकन के साथ 11वीं शती कौशलों का प्रयोग करते हुए बच्चों के सीखने को पढ़ाने और मार्गदर्शन करने के लिए
  3. शिक्षक डायरी लिखने और स्कूल के मुख्याध्यापक को रिपोर्ट करने के लिए
  4. बच्चों के सीखने को सतर्क अवलोकन के साथ उपयुक्त शिक्षण विधि का प्रयोग करते हुए पढ़ाने और मार्गदर्शन करने के लिए

उत्तर 2: बच्चों के सीखने को सतर्क अवलोकन के साथ उपयुक्त शिक्षण विधि का प्रयोग करते हुए पढ़ाने और मार्गदर्शन करने के लिए

प्रश्न क्रमांक 3.
 पढ़ने का बहाना करने के लिए एक गतिविधि 
  1. बुनियादी साक्षरता
  2. बुनियादी श्रवण
  3. बुनियादी संप्रेषण
  4. बुनियादी सृजनात्मकता

उत्तर 3: बुनियादी साक्षरता   

प्रश्न क्रमांक 4.
आकलन नियोजित व्यवस्थित और संचरित होता है और…. का अभिन्न अंग होता है
  1. घर पर सीखना
  2. पाठ्यचर्या / पाठ्यक्रम
  3. बच्चों का मार्गदर्शन
  4. समूह गतिविधियां

उत्तर 4: पाठ्यचर्या / पाठ्यक्रम

प्रश्न क्रमांक 5.
छोटे बच्चों के एफएलएन के लिए सीखने और विकास के अवलोकन और आकलन के लिए निम्नलिखित तकनीक की आवश्यकता होती है-
  1. पोर्टफोलियो
  2. विविध उपकरण और आकलन की तकनीके
  3. रेटिंग स्केल
  4. जांच सूची

उत्तर 5: विविध उपकरण और आकलन की तकनीके

प्रश्न क्रमांक 6.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रशिक्षण में शामिल होना चाहिए
  1. प्री – स्कूल और सभी प्राथमिक शिक्षकों को
  2. प्री स्कूल और ग्रेड 1 और 2 के शिक्षकों को
  3. प्री स्कूल और केवल ग्रेड 1 के शिक्षकों को
  4. केवल प्री स्कूल शिक्षकों को

उत्तर 6:  प्री – स्कूल और सभी प्राथमिक शिक्षकों को  

प्रश्न क्रमांक 7.
शिक्षण अधिगम युक्तियों में हास्य और मजा शामिल करने से सीखना बन जाता है
  1. मजेदार
  2. जटिल एवं भ्रामक
  3. चुनौतीपूर्ण और भ्रामक
  4. सरल और बेहतर समझ के साथ प्रेरणादायक

उत्तर 7: सरल और बेहतर समझ के साथ प्रेरणादायक

प्रश्न क्रमांक 8.
गतिविधियों में बच्चों की सक्रिय संलग्न ता प्राप्त करने के लिए प्रमुख है-
  1. 460 डिग्री
  2. 260 डिग्री
  3. 560 डिग्री
  4. 360 डिग्री

उत्तर 8: 360 डिग्री

प्रश्न क्रमांक 9.
निम्नलिखित मे से कौन सा रूब्रिक को आकलन के साधन के रूप मे प्रयोग करने के लिए सही नहीं है –
  1. एक शिक्षक के लिए बच्चे के लिए उत्तीर्ण /अनुत्तीर्ण करने का अवसर
  2. आकलन की कसौटी
  3. पूरा किया जाने के लिए कार्य का विवरण
  4. आकलन के लिए आंकड़ा

उत्तर 9:  एक शिक्षक के लिए बच्चे के लिए उत्तीर्ण /अनुत्तीर्ण करने का अवसर

प्रश्न क्रमांक 10.
बच्चे विविध पृष्ठभूमियों से आते हैं और विविध प्रकार के अवलोकन एक वास्तविक विस्तृत आंकड़ा प्रदान करते हैं जिस पर शिक्षक कर सकता है
  1. चिंतन और बच्चों से उनके प्रदर्शन के बारे में बातचीत
  2. बच्चों के प्रदर्शन के बारे में चिंतन और अभिभावकों से बातचीत
  3. चिंतन और सभी कार्यो के नमूने को पोर्टफोलियो मे रखना
  4. बच्चों के साक्षरता और संख्याज्ञान प्रवीणता स्तर में सुधार लाने के लिए चिंतन और उपयुक्त योजना का विकास

उत्तर 10: बच्चों के साक्षरता और संख्याज्ञान प्रवीणता स्तर में सुधार लाने के लिए चिंतन और उपयुक्त योजना का विकास

प्रश्न क्रमांक 11.
जारी आकलन सूचना… के लिए आवश्यक है
  1. विकासात्मक उपयुक्त एफ एल एन कार्यक्रम के नियोजन एवं कार्यान्वयन
  2. एफ एल एन कार्यक्रम के लिए संसाधन एकत्र करना
  3. बच्चों के क्षेत्र भ्रमण के नियोजन
  4. एफ एल एन कार्यक्रम के लिए गतिविधि क्षेत्रों का निर्माण

उत्तर 11: विकासात्मक उपयुक्त एफ एल एन कार्यक्रम के नियोजन एवं कार्यान्वयन

प्रश्न क्रमांक 12.
जब एक बच्चा खिलौनों को एक पंक्ति में सबसे बड़े से सबसे छोटे की ओर देख रहा हो तो शिक्षक वास्तव में बच्चे की… में प्रगति का अवलोकन कर रहा है
  1. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत समस्या समाधान
  2. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत नमूने बनाना
  3. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत गिनने का कौशल
  4. बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत क्रमबद्ध करने का कौशल

उत्तर 12: बुनियादी संख्या ज्ञान के तहत क्रमबद्ध करने का कौशल

प्रश्न क्रमांक 13.
गणित या हस्त कौशल क्षेत्र शिक्षकों को बच्चों के बारे में एक अपरिपक्व आकलन प्रदान करेगा
  1. लेखन कौशल
  2. सामग्री को संभालना
  3. संगीत की समझ
  4. संज्ञानात्मक विकास

उत्तर 13: संज्ञानात्मक विकास

प्रश्न क्रमांक 14.
एफ एल एन में आकलन का उद्देश्य है
  1. बुनियादी अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साथ साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में अमूर्त सूचना
  2. बाल वाटिका अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में बुनियादी सूचना प्रदान करना
  3. प्राथमिक स्कूल शिक्षा अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में कुछ सूचना प्रदान करना
  4. बुनियादी अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में ठोस सूचना प्रदान करना

उत्तर 14: बुनियादी अवस्था पर काम करने वाले शिक्षकों को बच्चों के साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए सीखने के स्तर के बारे में ठोस सूचना प्रदान करना

प्रश्न क्रमांक 15.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के लिए आकलन…. सुनिश्चित करने में सहायता करता है
  1. बच्चों के सृजनात्मक कौशल
  2. सीखने की योग्यताओं या सम्भाव्य योग्यताओं की प्रारंभिक पहचान
  3. एफ एल एन में समस्या क्षेत्र
  4. एफ एल एन में कमजोर क्षेत्र

उत्तर 15: सीखने की योग्यताओं या सम्भाव्य योग्यताओं की प्रारंभिक पहचान

प्रश्न क्रमांक 16.
 बच्चों के अवलोकन और विश्वसनीय सूचना एकत्र करने का तरीका नहीं है
  1. रेटिंग स्केल
  2. वृतांत अभिलेख
  3. साथी शिक्षक से बात करना
  4. जांच सूची

उत्तर 16: साथी शिक्षक से बात करना

प्रश्न क्रमांक 17.
हम बुनियादी अवस्था में बच्चों को एफ एल एन सीखने के लिए निम्न द्वारा प्रोत्साहित करते हैं
  1. बाल साहित्य
  2. खेल आधारित, गतिविधि आधारित, ठोस अनुभवों और खिलौने / खेल
  3. गतिविधि वर्कशीट
  4. खिलौने और खेल

उत्तर 17: खेल आधारित, गतिविधि आधारित, ठोस अनुभवों और खिलौने / खेल

प्रश्न क्रमांक 18.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में खिलौना आधारित शिक्षण विधि को एकीकृत करने का अंतिम लक्ष्य है
  1. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक संवाद करने विकासात्मक उपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने समीक्षात्मक ढंग से अभिव्यक्त करने और समस्या
  2. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने विकासात्मक अनुपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने और समस्या समाधान
  3. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने उच्च श्रेणी की पुस्तकों का आनंद लेने, स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने और समस्या समाधान
  4. बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने उच्च श्रेणी की विकासात्मक उपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने

उत्तर 18: बच्चों की समीक्षात्मक चिंतन सृजनात्मक सोच संवाद करने उच्च श्रेणी की विकासात्मक उपयुक्त पुस्तकों का आनंद लेने स्वतंत्रता पूर्वक अभिव्यक्त करने

प्रश्न क्रमांक 19.
 किए हुए आकलन को अभिभावकों को संप्रेषित किया जाना आवश्यक है 
  1. शैक्षणिक वर्ष के अंत में
  2. उपर्युक्त पूर्व निर्धारित अंतराल पर
  3. 6 महीने के पश्चात
  4. प्रत्येक टीम या प्रोजेक्ट की समाप्ति पर

उत्तर 19: उपर्युक्त पूर्व निर्धारित अंतराल पर

प्रश्न क्रमांक 20.
 एक एचपीसी हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड के संकेतों में शामिल है
  1. 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण संरचना और सहयोग
  2. 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन बदला प्रबंधन समस्या समाधान सृजनात्मक संप्रेषण और सहयोग
  3. 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण और सहयोग
  4. 21 शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन उपभोक्ता समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण और सहयोग

उत्तर 20: 21वीं शती कौशल जैसे की समीक्षात्मक चिंतन समस्या समाधान सृजनात्मकता संप्रेषण और सहयोग

प्रश्न क्रमांक 21.
कक्षा पुस्तकालय या साक्षरता क्षेत्र में निम्नलिखित नहीं होता
  1. लेखन क्षेत्र
  2. पठ्न पुस्तक क्षेत्र
  3. पुस्तक निर्माण क्षेत्र
  4. ब्लॉक बिल्डिंग

उत्तर 21:  ब्लॉक बिल्डिंग

प्रश्न क्रमांक 22.
एच पी सी कार्ड घर और स्कूल के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी होगा और इसके साथ नियमित अभिभावक शिक्षक मीटिंग होगी
  1. बच्चों की समग्र शिक्षा में सरपंच और समुदाय के साथ संयुक्त होने के लिए
  2. बच्चों के समग्र शिक्षा और विकास में परिवारों के सहोदर भाई बहनों को सहभागी बनाने के लिए
  3. बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास में अभिभावकों और सरपंच को सक्रिय रूप से सहभागी बनाने के लिए
  4. अपने बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास में अभिभावकों / परिवारों को सक्रिय से सहभागी बनाने के लिए

उत्तर 22:  अपने बच्चों की समग्र शिक्षा और विकास में अभिभावकों / परिवारों को सक्रिय से सहभागी बनाने के लिए

प्रश्न क्रमांक 23.
 पहेलियों पर काम करना और उन्हें सुलझाना बुनियादी संख्याज्ञान की गतिविधि है किंतु यह भी संकेत करती है
  1. सूक्ष्म गत्यात्मक योग्यताएं
  2. लेखन कौशल
  3. रंग भरने की योग्यता
  4. घसीटा मारना / काटा पीटी योग्यताएं

उत्तर 23: सूक्ष्म गत्यात्मक योग्यताएं

प्रश्न क्रमांक 24.
गणितीय हस्त कौशल क्षेत्र में नहीं होता
  1. पहेलियां मिलान कार्ड्स लेसिंग कार्ड्स
  2. डोरी और मोती जोड़-तोड़ वाली वस्तुएं और छोटे खिलौने
  3. पेंट और ब्रुश
  4. छोटे खिलौने जैसे कार ट्रक पशु मानव आकृतियां

उत्तर 24: पेंट और ब्रुश

प्रश्न क्रमांक 25.
खिलौने और शैक्षणिक खेल सामग्री को विकासात्मक रूप से उपयुक्त सांस्कृतिक रूप से उचित और….. होना चाहिए
  1. सभी बच्चों की रुचियों उसे जुड़ा और सीखने के प्रतिफलों से सुयोजित
  2. सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और अपने घर के परिवेश से सुयोजित
  3. सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और सीखने के प्रति फलों से सुयोजित
  4. सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और पूर्व ज्ञान से सुयोजित

उत्तर 25:  सभी बच्चों की रुचियों से जुड़ा और अपने घर के परिवेश से सुयोजित

प्रश्न क्रमांक 26.
एक बच्चा एक पंक्ति में रखी वस्तुओं को छू और गिन रहा है शिक्षक बच्चे की… में प्रगति का अवलोकन कर रहा है
  1. बुनियादी साक्षरता
  2. बुनियादी संख्या ज्ञान
  3. सामाजिक भावात्मक विकास
  4. सूक्ष्म गत्यात्मक कौशल

उत्तर 26: बुनियादी संख्या ज्ञान

प्रश्न क्रमांक 27.
360 डिग्री रिपोर्ट कार्ड में शामिल होगा
  1. साक्षरता और संख्याज्ञान पहलू
  2. केवल शैक्षिक पहलू
  3. सृजनात्मक और मनो सामाजिक पहलू
  4. एक बच्चे के व्यक्तित्व के सभी पहलू

उत्तर 27: एक बच्चे के व्यक्तित्व के सभी पहलू

प्रश्न क्रमांक 28.
शिक्षक को सकारात्मक होना चाहि…………… के लिए
  1. प्रत्येक बच्चे की सीखने
  2. प्रत्येक लड़की के सीखने
  3. शारीरिक रूप से विकलांग बच्चे के सीखने
  4. सीखने की क्षमता वाले बच्चे

उत्तर 28: प्रत्येक बच्चे की सीखने

प्रश्न क्रमांक 29.
 शिक्षकों को आदर्श साक्षर / गणितीय व्यवहार की आवश्यकता होती है
  1. शिक्षक डायरी लिखते समय
  2. अभिभावकों से बात करते समय
  3. घर के लिए काम सौंपते समय
  4. गतिविधियों के लिए निर्देश देते समय

उत्तर 29: गतिविधियों के लिए निर्देश देते समय

प्रश्न क्रमांक 30.
बाल केंद्रित समय पर किया गया आकलन बच्चों को स्कूल के लिए तैयार होने और… में मदद करेगा
  1. उन्हें स्वस्थ दुरुस्त और साक्षर व्यक्ति के रूप में विकसित करने
  2. उन्हें स्वस्थ संज्ञानात्मक और भावात्मक रूप से सक्षम व्यक्ति के रूप में विकसित करने
  3. उन्हें साक्षर व्यक्ति के रूप में विकसित करने
  4. उन्हें ईश्वर से डरने वाले व्यक्ति के रूप में विकसित करने

उत्तर 30: उन्हें स्वस्थ संज्ञानात्मक और भावात्मक रूप से सक्षम व्यक्ति के रूप में विकसित करने

प्रश्न क्रमांक 31.
निम्नलिखित में से कौन सी एफ एल एन गतिविधि नहीं है
  • कहानी सुनना और कहानी के बारे में बात करना
  • पेंसिल को निर्दिष्ट डिब्बे में रखना
  • गणितीय शब्दावली का प्रयोग करना
  • कक्षा गतिविधियों के समय निर्देशों का पालन करना

उत्तर 31: पेंसिल को निर्दिष्ट डिब्बे में रखना

प्रश्न क्रमांक 32.
बुनियादी और प्रारंभिक स्तर पर आने वाले बच्चों का आय वर्ग क्या होता है
  1. 3 से 5 वर्ष
  2. 3 से 8 वर्ष
  3. 3 से 4 वर्ष
  4. 3 से 11 वर्ष

उत्तर 32:  3 से 11 वर्ष

प्रश्न क्रमांक 33.
कौन सा पोर्टफोलियो का हिस्सा नहीं है
  1. फोटोग्राफ
  2. ड्राइंग
  3. कक्षा में उत्तर देना
  4. कार्य पत्रिका

उत्तर 33:  कक्षा में उत्तर देना

प्रश्न क्रमांक 34.
एफ़ एल एन में शिक्षक बच्चों का सबसे अच्छा काम एकत्रित करता है और उसे एक फाइल फोल्डर में सीखने के प्रमाण के रूप में रखता है फोल्डर को कहा जाता है
  1. कला फोल्डर
  2. पोर्टफोलियो
  3. उपस्थित रिकॉर्ड

उत्तर 34:  पोर्टफोलियो

प्रश्न क्रमांक 35.
खिलौने वाले टेलीफोन और बोलती पुस्तकें तकनीकी सहायता प्राप्त खिलौने हैं जो काफी हद तक …को बढ़ावा देते हैं
  1. संख्या ज्ञान कौशलों
  2. भावात्मक विकास
  3. भाषा और संप्रेषण कौशलों
  4. लेखन कौशलों

उत्तर 35: भाषा और संप्रेषण कौशलों

प्रश्न क्रमांक 36.
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार स्कूल आधारित आकलन के लिए सभी बच्चों का कार्ड जो अभिभावकों को संप्रेषित किया जाएगा होगा
  1. सृजनात्मक स्वरूप का
  2. समग्र स्वरूप का
  3. प्रगतिशील स्वरूप का
  4. भविष्य वादी स्वरूप का-

उत्तर 36:  समग्र स्वरूप का

प्रश्न क्रमांक 37.
परिभाषा से, 360 रिपोर्ट हैं
  1. समग्र और त्रिआयामी
  2. समग्र और एकल आयामी
  3. समग्र और बहुआयामी
  4. समग्र और द्विआयामी

उत्तर 37:  समग्र और बहुआयामी

प्रश्न क्रमांक 38.
जब शिक्षक बच्चे से कहानी की पुस्तक का मुख्य आवरण और पीछे का आवरण दिखाने को कहता है तो शिक्षक… में प्रगति का अवलोकन कर और आकलन कर रहा है
  1. बुनियादी साक्षरता
  2. बुनियादी ईवीएस पर्यावरण अध्ययन
  3. बुनियादी सूचना गत्यात्मक कौशल
  4. बुनियादी संख्या ज्ञान

उत्तर 38:  बुनियादी साक्षरता

प्रश्न क्रमांक 39.
शिक्षक को द्वितीय भाषा पर बल नहीं देना चाहिए
  1. यदि बच्चा इंग्लिश बोलता है
  2. यदि बच्चा सहज नहीं है
  3. यदि बच्चा हिंदी बोलता है
  4. यदि बच्चा किसी भी भिन्न भाषा पृष्ठभूमि से आता है

उत्तर 39:  यदि बच्चा सहज नहीं है

प्रश्न क्रमांक 40.
कक्षा में वह कौन से क्षेत्र होते हैं जहां बच्चों को विकास के विशिष्ट क्षेत्र से संबंधित प्रायोगिक सामग्री मिलती है
  1. अध्ययन केंद्र
  2. संगीत केंद्र
  3. देखभाल केंद्र
  4. सीखने के गतिविधि केंद्र

उत्तर 40:  सीखने के गतिविधि केंद्र

FAQ

Q. मेरा प्रमाण पत्र क्यों नहीं आ रहा

सभी शिक्षक बंधू ध्यान दें FLN Module प्रश्न उत्तर करते समय आपको 70% अंक अर्जित करना अनिवार्य है अन्यथा आपको सर्टिफिकेट प्रदान नहीं किया जायेगा

Q. मेरा प्रश्न उत्तर वाला Module अब नहीं ओपन हो रहा

अभी सभी को ध्यान देने की जरूरत है की आपको अधिकतम 3 चांस ही दिए जायेंगे और हर बार प्रश्नोत्तर का क्रम या प्रश्न बदल दिए जाते हैं