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Nishtha FLN Training Module 4: NISHTHA FLN_बुनियादी साक्षरता एवं संख्‍याज्ञान में समुदाय एवं अभिभावकों की सहभागिता

Description : प्रशिक्षण 4 लिंक:  https://bit.ly/3pQTsaz
बुनियादी साक्षरता एवं संख्‍याज्ञान मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामुदायिक सहभागिता महत्वपूर्ण है। य‍ह प्रशि‍क्षण कार्यक्रम विद्यालय, माता – पिता, परिवार और समुदाय के समन्वि‍त प्रयासों से बच्चों की शि‍क्षा को सहज बनाने के लिए विकसित किेया गया है। प्रशि‍क्षण के माध्‍यम से हम समन्वि‍त प्रयासों को सहज बनाने के तरीकों को जानने का प्रयास करेंगे।

Course Modules

  • कोर्स का सिंहावलोकन
  • एफएलएन में समुदाय एवं अभि‍भावकों की सहभागिता – परिचय
  • सार्थक सहभागिता क्या है?
  • बुनियादी साक्षरता एवं संख्‍याज्ञान संबंधी गतिविधि‍यों में अभि‍भावकों एवं समुदाय की सहभागिता की आवश्‍यकता क्यों?
  • माता–पिता, परिवार, समुदाय और विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMCs) की भूमिका
  • अभिभावक, समुदाय तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की संबद्धता हेतु रणनीतियाँ
  • एफएलएन संवर्द्धन हेतु अभिभावकों की सहभागिता संबंधी गतिविधियाँ (तनाव रहित सफलता के लिए एफएलएन गतिविधियाँ)
  • अभि‍भावकों और समुदाय को सहभागी बनाने में आने वाली चुनौतियां।
  • सारांश
  • पोर्टफोलियो गति‍विधि
  • अतिरिक्त संसाधन
  • मूल्यांकन
  • कोर्स समापन

इन्हें भी पढ़ें

NISHTHA FLN_बुनियादी साक्षरता एवं संख्‍याज्ञान में समुदाय एवं अभिभावकों की सहभागिता प्रश्न्नोतरी

प्रश्न क्रमांक 1.
बुनियादी भाषा और साक्षरता कौशल किससे संबंधित है
  1. बच्चों की ड्राइंग में रुची
  2. बच्चों का अंकगणित ज्ञान
  3. बच्चों की भाषा अभिव्यक्ति एवं संचार कौशल
  4. बच्चों की त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता

उत्तर 1:  बच्चों की भाषा अभिव्यक्ति एवं संचार कौशल

प्रश्न क्रमांक 2.
अभिभावकों और समुदाय को बच्चों के सीखने के स्तर के बारे में जानकारी क्यों होनी चाहिए
  1. सीखने के प्रति फलों को बेहतर सीखने के लिए
  2. विद्यालय में स्वयंसेवक के रूप में सहयोग देने के लिए
  3. विद्यालय के सहभागी बनने के लिए
  4. शिक्षकों के कार्य का समालोचनात्मक विश्लेषण के लिए

उत्तर 2:  सीखने के प्रति फलों को बेहतर सीखने के लिए

प्रश्न क्रमांक 3.
अभिभावकों को किस स्तर के सीखने के प्रति फलों के प्रति जागरूक होना चाहिए
  1. बाल वाटिका और कक्षा 1
  2. विभिन्न कक्षाओं के स्तर पर
  3. बाल वाटिका
  4. कक्षा 2 और 3

उत्तर 3:  विभिन्न कक्षाओं के स्तर पर

प्रश्न क्रमांक 4.
विकलांग बच्चों को घर में शिक्षण देने में अभिभावकों की मदद कैसे की जा सकती है
  1. विशेष शिक्षक के द्वारा घर में देखभाल करके
  2. अभिभावक पहले से ही सक्षम है इसलिए किसी भी प्रकार के सहयोग की आवश्यकता नहीं है
  3. होम स्कूलिंग के लिए विशेष शिक्षकों के साथ मिलकर काम करने वाले संसाधनों केंद्रों द्वारा घर में शिक्षण में मार्गदर्शन देकर
  4. विशेष शिक्षक की नियुक्ति करके

उत्तर 4:  होम स्कूलिंग के लिए विशेष शिक्षकों के साथ मिलकर काम करने वाले संसाधनों केंद्रों द्वारा घर में शिक्षण में मार्गदर्शन देकर

प्रश्न क्रमांक 5.
पालक शिक्षक संघ की बैठक में जब शिक्षिका द्वारा किताब उल्टी पकड़ने की बात करती है तो वह बच्चे की किस समझ के बारे में बात कर रही है
  1. किताब पकड़ने के तरीके और संख्यात्मक ज्ञान के बारे में
  2. किताब पकड़ने और ज्ञान सोचकर कौशल के बारे में
  3. बुनियादी साक्षरता और किताब पकड़ने के तरीके के बारे में
  4. किताब पकड़ने के तरीके और सृजनात्मक कौशल के बारे में

उत्तर 5:  बुनियादी साक्षरता और किताब पकड़ने के तरीके के बारे में

प्रश्न क्रमांक 6.
जब विद्यालयों में मित्रवत व्यवहार के साथ परिवार का सदस्यों का स्वागत होता है तो इनमे से कौन सा काम करना आसान होता है
  1. अभिभावकों के साथ एक मनोरंजक शाम की कार योजना बनाना
  2. बच्चों को काफी ज्यादा गृह कार्य देना
  3. विद्यालय में दान के लिए अभिभावकों का सहयोग लेना
  4. सफल साझेदारी बनाना

उत्तर 6:  सफल साझेदारी बनाना

प्रश्न क्रमांक 7.
अभिभावक व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से प्रासंगिक उपयुक्त गतिविधियों को स्थापित करा सकते हैं उचित प्रसंग क्या हो सकता है
  1. बच्चे और गांव का परिवेश
  2. आसपास का परिवेश व अनुभव
  3. विद्यालय का परिवेश व अनुभव
  4. बच्चे का परिवेश तथा अनुभव

उत्तर 7:  बच्चे का परिवेश तथा अनुभव

प्रश्न क्रमांक 8.
अभिभावक और विद्यालय के बीच दोनों तरफ से संवाद कौशल की कमी का निम्नलिखित में से कौन सा बड़ा कारण है
  1. सपोर्ट स्टाफ की कम रुचि व प्रतिक्रिया
  2. अभिभावकों और समुदाय की कम रुचि होना
  3. महिला मंडलों की कम रुचि
  4. सरपंच की कम सक्रियता

उत्तर 8:  अभिभावकों और समुदाय की कम रुचि होना

प्रश्न क्रमांक 9.
बुनियादी साक्षरता तथा संख्या ज्ञान कौशल को कैसे बढ़ाया जा सकता है
  1. विद्यालय संचालन की समय अवधि बढ़ाकर
  2. बच्चों को गृह कार्य देकर
  3. बुनियादी साक्षरता तथा संख्या ज्ञान गतिविधियों में अभिभावकों की शिक्षा तथा सहभागिता बढ़ाकर
  4. अधिक शिक्षकों को नियुक्त करके

उत्तर 9:  बुनियादी साक्षरता तथा संख्या ज्ञान गतिविधियों में अभिभावकों की शिक्षा तथा सहभागिता बढ़ाकर

प्रश्न क्रमांक 10.
स्थानीय रूप से उपलब्ध निशुल्क सामग्री का कलात्मक गतिविधियों के साथ प्रयोग व प्रदर्शन करना किस प्रकार की गतिविधि है
  1. संलग्न रहने वाली गतिविधि
  2. सृजनात्मक गतिविधि
  3. सहभागिता वाली गतिविधि
  4. घूमने वाली गतिविधियां

उत्तर 10:  संलग्न रहने वाली गतिविधि

प्रश्न क्रमांक 11.
अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों को प्री स्कूल शिक्षा कार्यक्रम से कैसे संबंध किया जाना चाहिए
  1. नियमित संवाद कार्य विद्यालयों तथा पालक शिक्षक संघ की बैठकों और अभिभावकों के सम्मेलनों के माध्यम से
  2. विशेषज्ञों द्वारा कार्य विद्यालयों के आयोजन के माध्यम से
  3. केवल ईमेल और पत्रों के माध्यम से
  4. पालक शिक्षक संघ की बैठकों के माध्यम से

उत्तर 11:  नियमित संवाद कार्य विद्यालयों तथा पालक शिक्षक संघ की बैठकों और अभिभावकों के सम्मेलनों के माध्यम से

प्रश्न क्रमांक 12.
बुनियादी साक्षरता के लिए बच्चों को घर पर करवाई जाने वाली गतिविधि का चयन निम्नलिखित में से करें
  1. साझा पठन
  2. चम्मच को गिनना तथा रखना
  3. सामूहिक गपशप
  4. कोलाज बनाना

उत्तर 12:  साझा पठन

प्रश्न क्रमांक 13.
Fln मिशन के दिशानिर्देशों मैं अभिभावकों को संबंध करने के लिए निम्न में से कौन सा सुझाव दिया गया है
  1. स्वास्थ्य रिकॉर्ड साझा करना
  2. आकलन के परिणामों को साझा करना
  3. शिक्षकों की उपस्थिति साझा करना
  4. विद्यालय के बजट को साझा करना

उत्तर 13:  आकलन के परिणामों को साझा करना

प्रश्न क्रमांक 14.
जब अभिभावक बच्चों के साथ मिलकर सस्ते खिलौने बनाते हैं तो किस प्रकार के विकास में सहयोगी होते हैं
  1. सृजनात्मक विकास के साथ बच्चों में परिवारिक लगाव भी महसूस होता है
  2. सृजनात्मक विकास के साथ बच्चों को स्थानिक तथा आकार अवधारणाओं पर अनुपात तथा पृष्ठभूमि की समझ मिलती है
  3. सृजनात्मक विकास के साथ बच्चों को अभिभावकों के साथ गुणवत्ता युक्त समय बिताने का मौका मिलता है
  4. सृजनात्मक विकास के साथ बच्चों को माता-पिता से वार्तालाप का अवसर प्राप्त होता है

उत्तर 14:  सृजनात्मक विकास के साथ बच्चों को स्थानिक तथा आकार अवधारणाओं पर अनुपात तथा पृष्ठभूमि की समझ मिलती है

प्रश्न क्रमांक 15.
समुदाय से सहयोग व समर्थन प्राप्त करने के क्या तरीके हैं
  1. सामूहिक रूप से एकत्र होना
  2. मीडिया संसाधन लोकगीत नुक्कड़ नाटक कठपुतली शो
  3. नृत्य
  4. फिल्म प्रदर्शन

उत्तर 15:  मीडिया संसाधन लोकगीत नुक्कड़ नाटक कठपुतली शो

प्रश्न क्रमांक 16.
निम्नलिखित में से कौन सी गतिविधि अभिभावकों के द्वारा घर पर बुनियादी संख्या ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए नहीं हो सकती
  1. अक्षरों के साथ अनुरेखन
  2. चम्मच और कटोरी की गिनती
  3. समाचार पत्र में अंको को गौर से देखना
  4. स्टैंसिल की सहायता से नंबर लिखना

उत्तर 16:  अक्षरों के साथ अनुरेखन

प्रश्न क्रमांक 17.
अभिभावक घर के विभिन्न हिस्सों को लेवल करके मुदित और संख्यात्मक वातावरण निर्मित कर सकते हैं यह घर के कौन से हिस्से हो सकते हैं
  1. कमरे रसोई टॉयलेट शरीर के अंग टिफिन बॉक्स
  2. कमरे रसोई दरवाजे शरीर के अंग टिफिन बॉक्स
  3. कमरे रसोई शरीर के अंग स्कूल बैग
  4. कमरे रसोई स्कूल बैग टॉयलेट दरवाजे

उत्तर 17: कमरे रसोई स्कूल बैग टॉयलेट दरवाजे

प्रश्न क्रमांक 18.
Fln मैं अभिभावकों और समुदाय की कम सहभागिता का मुख्य कारण क्या है
  1. अभिभावकों /समुदाय के द्वारा फंड एवं दान की कमी
  2. अभिभावकों और विद्यालय में संवाद कौशल और तरीकों का अभाव
  3. Fln के लिए उपयुक्त खिलौनों का आभाव
  4. विद्यालय में बैठक हाल का आभाव

उत्तर 18:  अभिभावकों और विद्यालय में संवाद कौशल और तरीकों का अभाव

प्रश्न क्रमांक 19.
बच्चों शिक्षा में अध्यापकों की संबद्धता की आवश्यकता का मुख्य कारण क्या है
  1. बच्चों के विकास और सीखने मैं एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने के लिए
  2. निम्न गुणवत्ता शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए
  3. अपर्याप्त पठन कार्यक्रम की भरपाई करने के लिए
  4. शिक्षकों और प्रशासन के बीच में संचार की कमी को दूर करने के लिए

उत्तर 19:  बच्चों के विकास और सीखने मैं एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने के लिए

प्रश्न क्रमांक 20.
अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद और संचार उन्हें किस और प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण है
  1. विद्यालय प्रबंधन समिति में अभिभावकों और परिवार की सहभागिता कराना
  2. विद्यालय की सांस्कृतिक गतिविधियों में अभिभावकों और परिवार की सहभागिता कराना
  3. Fln गतिविधियों में अभिभावकों और परिवार को शामिल करना
  4. विद्यालय के मेलों के आयोजन में अभिभावकों और परिवार की सहभागिता कराना

उत्तर 20:  Fln गतिविधियों में अभिभावकों और परिवार को शामिल करना

प्रश्न क्रमांक 21.
घर के वातावरण को प्रिंट से संबंध बनाना अभिभावकों तथा परिवारों द्वारा बच्चे के कौन से कौशल को सुदृढ़ करता है
  1. शारीरिक और गत्यात्मक विकास कौशल
  2. लेखन कौशल
  3. बुनियादी साक्षरता कौशल
  4. अन्वेषण कौशल

उत्तर 21:  बुनियादी साक्षरता कौशल

प्रश्न क्रमांक 22.
विद्यालय और परिवारों के बीच सहयोग के समर्थन करने का महत्वपूर्ण कारण क्या है
  1. इस तरह के सहयोग से बच्चों को विद्यालय और घर पर सीखने में सहयोग मिलना
  2. अभिभावकों की निगरानी की वजह से शिक्षक द्वारा अपना काम अधिक ध्यान से करना
  3. विद्यालय में भ्रष्टाचार को रोकना
  4. बच्चों की उपस्थिति पर अभिभावकों द्वारा निगरानी रखना

उत्तर 22:  इस तरह के सहयोग से बच्चों को विद्यालय और घर पर सीखने में सहयोग मिलना

प्रश्न क्रमांक 23.
सामुदायिक सहभागिता विद्यालय और बच्चों के लिए क्यों उपयोगी है
  1. यदि समुदाय सहयोग करता है तो शिक्षक सुरक्षित महसूस करते हैं
  2. समुदाय के पास ताकत होती है
  3. समुदाय अपने क्षेत्र में जो कुछ भी मौजूद है उस पर हावी रहता है
  4. समुदाय के पास भौतिक वित्तीय और मानवीय बहुत से संसाधन होते हैं जो विद्यालय और बच्चों के लिए लाभदायक हो सकते हैं

उत्तर 23:  समुदाय के पास भौतिक वित्तीय और मानवीय बहुत से संसाधन होते हैं जो विद्यालय और बच्चों के लिए लाभदायक हो सकते हैं

प्रश्न क्रमांक 24.
fln संबंधित शिक्षा में सहयोग करने के लिए परिवारों का क्या जानना अति महत्वपूर्ण है
  1. वर्कशीट बनाना
  2. प्रत्येक स्तर पर सीखने के प्रतिफल
  3. बच्चों को दिया गया गृह कार्य
  4. पाठ्य पुस्तकों की विषय वस्तु

उत्तर 24:  प्रत्येक स्तर पर सीखने के प्रतिफल

प्रश्न क्रमांक 25.
अभिभावकों द्वारा बच्चों की कहानी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कौन-कौन सी गतिविधियां की जा सकती है
  1. गाने गाना
  2. जोर से बोल कर पढ़ना
  3. बच्चों के साथ हुआ वार्तालाप
  4. कहानियों का चयन

उत्तर 25:  जोर से बोल कर पढ़ना

प्रश्न क्रमांक 26.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के लक्ष्य कौन सी चार क्षेत्रों में निर्धारित किए गए हैं
  1. मौखिक भाषा, ड्राइंग, लेखन एवं संख्या ज्ञान
  2. मौखिक भाषा सुनना लेखन एवं संख्या ज्ञान
  3. मौखिक भाषा पठन लेखन एवं संख्या ज्ञान
  4. मौखिक भाषा बोलना लेखन एवं संख्या ज्ञान

उत्तर 26:  मौखिक भाषा पठन लेखन एवं संख्या ज्ञान

प्रश्न क्रमांक 27.
बुनियादी साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों को बच्चों के साथ गाना चाहिए तथा ऐसे करते हुए उन्हें क्या पहचानने के लिए प्रोत्साहित करें
  1. एक कविता में पैरा ग्राफ की संख्या
  2. मुद्रित शब्द
  3. पृष्ठों की संख्या
  4. गीत और कविता में तुकबंदी वाले शब्द

उत्तर 27:  गीत और कविता में तुकबंदी वाले शब्द

प्रश्न क्रमांक 28.
बच्चों की शिक्षा के लिए अभिभावकों की अपेक्षा हो तथा उनके वास्तविक सहयोग के बीच खाई होने का मुख्य कारण क्या है
  1. शिक्षक अभिभवकों से कोई सुझाव नहीं लेना चाहते
  2. अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सार्थक सहभागिता का पर्याप्त उन्मुखीकरण नहीं है
  3. बच्चे विद्यालय और घर के बीच भ्रमित रहते हैं
  4. अभिभावक इच्छुक नहीं होते

उत्तर 28:  अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सार्थक सहभागिता का पर्याप्त उन्मुखीकरण नहीं है

प्रश्न क्रमांक 29.
भिभावको को नियमित अपडेट भेजने के लिए निम्न में से कौन सा विकल्प बेहतर है
  1. डायरी पर नोट लिख कर देना
  2. बच्चे की यूनिफार्म पर पिन से नोट अटैच करना
  3. बच्चे के बैग में लूज सर्कुलर रखना
  4. बच्चों को मौखिक रूप से बताना

उत्तर 29:  डायरी पर नोट लिख कर देना

प्रश्न क्रमांक 30.
विद्यालय और परिवारों के बीच मजबूत संबंध बनाने के लिए बहुत से तरीके हैं इस उद्देश की प्राप्ति के लिए निम्न में से सबसे अधिक क्या आवश्यक है
  1. शिक्षक के साथ अच्छे संबंध होने पर अभिभावकों को पुरस्कार दें
  2. शिक्षक बच्चों की केवल अच्छी रिपोर्ट अभिभावकाें को दें
  3. अभिभावकों को अच्छे व्यंजन शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ बांटे
  4. बच्चों के सीखने और विकास के सभी पहलुओं पर दोनों के बीच निरंतर संवाद हो

उत्तर 30:  बच्चों के सीखने और विकास के सभी पहलुओं पर दोनों के बीच निरंतर संवाद हो

प्रश्न क्रमांक 31.
बुनियादी स्तर पर FLN कौशल बढ़ाने के लिए अभिभावकों का सहयोग क्यों आवश्यक है
  1. अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाने में संतुष्ट महसूस करते हैं
  2. बच्चे छोटे होते हैं और अभिभावकों की बात मानते हैं
  3. क्योंकि बच्चे घर पर विद्यालय के अतिरिक्त सर्वाधिक समय व्यतीत करते हैं इसलिए घर से सहयोग अति महत्वपूर्ण है
  4. यदि बच्चे घर पर पढ़ते हैं तो शिक्षकों में भी आत्मविश्वास रहता है

उत्तर 31:  क्योंकि बच्चे घर पर विद्यालय के अतिरिक्त सर्वाधिक समय व्यतीत करते हैं इसलिए घर से सहयोग अति महत्वपूर्ण है

प्रश्न क्रमांक 32.
बुनियादी स्तर पर बच्चों को आयु और विकास अनुरूप उपयुक्त खेल खिलौने देने से उन्हें कौन से नए कौशल का अभ्यास करने का अवसर मिलता है
  1. खेल एवं फिटनेस
  2. गणित एवं अक्षर ज्ञान
  3. संगीत मय लय एवं ताल के साथ थिरकना
  4. सृजनात्मक सोच पूर्ण एवं हलन चलन गतिविधियों तथा पारस्परिक चर्चा

उत्तर 32:  सृजनात्मक सोच पूर्ण एवं हलन चलन गतिविधियों तथा पारस्परिक चर्चा

प्रश्न क्रमांक 33.
अभिभावक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ऐसे खिलौने और खेल सामग्री जो बच्चों के लिए हानिकारक नहीं है उनकी पहचान कर सकते हैं तथा उनका उपयोग कर सकते हैं
  1. रटकर सीखने के लिए
  2. स्वयं खोजपूर्ण तरीके से सीखने के लिए
  3. केवल खिलौनों के माध्यम से सीखने के लिए
  4. खिलौनों के माध्यम से जबरदस्ती सीखने के लिए

उत्तर 33:  स्वयं खोजपूर्ण तरीके से सीखने के लिए

प्रश्न क्रमांक 34.
घर पर उत्तेजक वातावरण के निर्माण के लिए क्या उपलब्ध कराना चाहिए
  1. बच्चों का खेल तथा उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का नियमित अवलोकन करके
  2. पत्रिकाओं कहानी की किताबें खिलौनों जोड़-तोड़ मधुर वाली सामग्री तथा पारस्परिक बातचीत के माध्यम से
  3. सोच विकसित करने के लिए बहुत सारे खिलौने
  4. जोड़ तोड़ मरोड़ की सामग्री के साथ कार्नर बना कर

उत्तर 34:  पत्रिकाओं कहानी की किताबें खिलौनों जोड़-तोड़ मधुर वाली सामग्री तथा पारस्परिक बातचीत के माध्यम से

प्रश्न क्रमांक 35.
अभिभावकों व समुदाय को अनुपयोगी तथा पुनर नवीनीकरण सामग्री लाने के लिए कहने से किस में मदद मिलती है
  1. Fln गतिविधियों में बच्चों के सीखने को बढ़ावा देने के लिए
  2. Fln गतिविधियों से संबंधित बच्चों के लिए सुरक्षित खेल और खिलौनों का सृजन करने के लिए
  3. अनुपयोगी सामग्री की उपयोगिता समझने के लिए
  4. बच्चों के सीखने में सहयोग के लिए

उत्तर 35:  Fln गतिविधियों से संबंधित बच्चों के लिए सुरक्षित खेल और खिलौनों का सृजन करने के लिए

प्रश्न क्रमांक 36.
जब विद्यालयों में मित्रवत व्यवहार के साथ परिवार के सदस्यों का स्वागत होता है तो इनमे से कौन सा काम करना आसान होता है
  1. बच्चों को काफी ज्यादा ग्रह कार्य देना
  2. विद्यालय में दान के लिए अभिभावकों का सहयोग लेना
  3. सफल साझेदारी बनाना
  4. अभिभावकों के साथ एक मनोरंजक शाम की कार्य योजना बनाना

उत्तर 36:  सफल साझेदारी बनाना

प्रश्न क्रमांक 37.
बुनियादी स्तर पर अभिभावकों की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है इस स्तर पर किस आयु वर्ग के बच्चे सम्मिलित हैं
  • 3 से 6 वर्ष
  • 5 से 9 वर्ष
  • 4 से 8 वर्ष
  • 3 से 8 वर्ष

उत्तर 37:  3 से 8 वर्ष

प्रश्न क्रमांक 38.
विद्यालय में एफएलएन संसाधन केंद्र का निर्माण अभिभावकों के लिए कैसे उपयोगी होगा
  1. नियमित रूप से विद्यालय जाना तथा शिक्षकों से मुलाकात करना
  2. बच्चों के शिक्षण में सहयोग के लिए आवश्यक सामग्री तथा पुस्तकों को विद्यालय से उधार लेना
  3. किताबों पठन पाठन सामग्री और संसाधनों में रुचि विकसित करना
  4. विद्यालय की सतत संपर्क बनाए रखना

उत्तर 38:  बच्चों के शिक्षण में सहयोग के लिए आवश्यक सामग्री तथा पुस्तकों को विद्यालय से उधार लेना

प्रश्न क्रमांक 39.
अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए शिक्षित करने के लिए निम्नलिखित में से किस तरीके का उपयोग किया जाना चाहिए
  1. शिक्षकों को समुदाय के नेताओं से मार्गदर्शन लेने के लिए कहना
  2. उन्हें रोज समाचार पत्र पड़ने के लिए कहना
  3. अभिभावकों की सुविधा के अनुसार औपचारिक और अनौपचारिक संवाद खुला रखना
  4. शिक्षकों को अभिभावकों से संपर्क में रहने के लिए कहना

उत्तर 39:  अभिभावकों की सुविधा के अनुसार औपचारिक और अनौपचारिक संवाद खुला रखना

प्रश्न क्रमांक 40.
शिक्षक शिक्षिका अच्छे संप्रेषण कौशल पालन कर रहा/रही है यदि वह
  1. माता पिता के प्राप्त संदेश प्राप्त करता /करती है और संदेश पर अपनी टिप्पणी जोड़कर उसे आगे बढ़ाता/ बढ़ाती है
  2. अभिभावकों के संदेश प्राप्त करती है लेकिन आगे संवाद के लिए सुविधा नहीं देती
  3. अभिभावकों की संदेश प्राप्त करता है /करती है लेकिन संवाद को आगे नहीं बढ़ाता/बढ़ाती
  4. कुछ खास अभिभावकों से बात और संवाद करता/करती है

उत्तर 40:  माता पिता के प्राप्त संदेश प्राप्त करता /करती है और संदेश पर अपनी टिप्पणी जोड़कर उसे आगे बढ़ाता/ बढ़ाती है

NISHTHA FLN_बुनियादी साक्षरता एवं संख्‍याज्ञान में समुदाय एवं अभिभावकों की सहभागिता प्रश्न्नोत्तरी PDF

Ola के Drivers कैंसिल कर रहे हैं आपकी Ride, जानें ऐसे कर सकते है शिकायत दर्ज |

OLA Driver Complaint

देश के बड़े-बड़े शहरों में अब ओला (OLA) ने अपनी पकड़ बहुत तेज कर ली है | देश के महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत अब कई छोटे शहरों में भी ओला (OLA) का चलन बढ़ रहा है |

लेकिन हाल ही में ओला (OLA) के ड्राइवरों की तरफ से कई बार राइड कैंसिल करने के मामले सामने आ रहे हैं | OLA का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोगों को राइड बुक होने के बाद ड्राइवर की कुछ बातों का जवाब देना पड़ता है। जैसे-

  • आपकी ड्रॉप लोकेशन क्या है?
  • आप ऑनलाइन पेमेंट करेंगे या कैश?

इन दो सवालों के जवाब सुनने के बाद ड्राइवर आपको लेने आता है या फिर आपकी राइड कैंसिल कर देता है | राइड कैंसिल हुई तो आपके पास दोबारा बुकिंग करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचता है |अगर आप भी ऐसी किसी परेशानी से गुजरे हैं तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि इनके खिलाफ शिकायत कहां करनी है |

Ola क्या है?:-

ओला (OLA) एक भारतीय कैब कंपनी है, जिसकी मदद से आप किराए पर गाडी बुक कर सकते हैं, अगर आपको कहीं जाना है, और ऑटो बुक करनी है, तो आप इस एप की मदद से ऐसा कर सकते हैं, इस एप को भावेश अग्रवाल ने नो साल पहले बनाया था, लेकिन इसकी लोकप्रियता पिछले तीन चार सालो में बढ़ी है | यह एप आपको फ़ोन में जरूर रखना चाहिए, क्युकी इसका काम कहीं भी पड़ सकता है, ओला (OLA) के जैसे और भी टेक्सी बुकिंग एप है, जैसे Uber, Meru, In Driver |

Also Read: Ola क्या है? जानें Ola Cab Book करने का तरीका

कैसे करें शिकायत?:- OLA Driver Complaint

OLA Driver Complaint- वैसे तो ओला (OLA) ने सफर करना, एक जगह से दूसरे जगह जाना आसान कर दिया है | लेकिन कभी-कभी राइड्स को लेकर कई शिकायतें देखने को मिलती हैं | ओला (OLA) में सफर के दौरान अगर आपको कोई परेशानी हुई है तो राइड खत्म होने के बाद आप राइड और ड्राइवर के बारे में रिव्यू दे सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं | रेटिंग के साथ-साथ आप एक कमेंट बॉक्स में भी अपने शब्दों में अपनी शिकायत को दर्ज करा सकते हैं |

  • अगर आपको ओला राइड से जुड़ी कोई भी शिकायत दर्ज करानी है तो इसके आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं | सबसे पहले आप Ola App में जाकर Login करें | इसके बाद आपको कंमेंट बॉक्स में कमेंट करना है और अपनी समस्या से Ola कंपनी को अवगत कराना है | आपको बता दें कि जब आपकी राइड पूरी हो जाती है, तो कंपनी आपसे Ride और Driver के बारे में review लेती हैं |
  • इसमें आपको दोनों के लिए रेंटिंग करनी होती है | इतना हीं नहीं रेटिंग के साथ-साथ यहां कमेंट बॉक्स भी होता है, जहां पर आप अपनी राइड से जुड़ी कोई भी समस्या लिख सकते हैं | यदि आप उस समय अपनी शिकायत दर्ज नहीं करवा पाएं हैं, तो बाद में भी आप कंपनी को अपनी समस्या से रूबरू करा सकते हैं |

वेबसाइट से भी कर सकते हैं शिकायत:-

  • इसके अलावा आप Ola की ऑफिशल वेबसाइट https://www.olacabs.com/ पर मौजूद support वाले ऑपशन में जाकर how can we help ?  में जाकर कंप्लेन कर सकते हैं | आप इस चैट बॉक्स में जाकर चैट के जरिए अपनी समस्या कंपनी को बता सकते हैं |

आपको बता दें कि ओला एप में support का ऑपशन होता है, जिस पर क्लिक करके आप शिकायत कर सकते हैं |
इसके लिए आपको पहले अपनी राइड चुननी है, जिससे संबंधित शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं |
उसके बाद आपके सामने कई तरह की शिकायतों के ऑपशन आएंगे | उन सबमें से आपको अपनी समस्या का चुनाव करके उस पर क्लिक करना है | ऐसा करने से आपकी शिकायत कंपनी तक पहुंच जाएगी |

Ola Toll Free Complaint Number080-67350900/080-46655300

किन शिकायतों को कर सकते हैं दर्ज?:-

Ola में आप कई तरह की शिकायतों को दर्ज करा सकते हैं | इसमें ड्राइवर्स की ओर से कैंसिल की गई राइड (Cancel Ride), कैंसिलेशन फीस (Cancellation Fees), किराए या फीस से संबंधित शिकायत, ड्राइवर्स के व्यवहार को लेकर शिकायत, वाहन संबंधिक शिकायत और दूसरी शिकायतें भी दर्ज करा सकते हैं

Frequently Asked Questions(FAQs):-

मैं Ola Customer Care से कैसे बात कर सकता हूं?

Phone number 080-67350900/080-46655300

मैं ओला से कैसे शिकायत कर सकता हूं?

आप Ola Customer Care को 080-67350900 पर कॉल कर सकते हैं या support@olacabs.com पर ईमेल कर सकते हैं |

क्या मैं फोन पर ओला बुक कर सकता हूं?

Haryana: किसान मित्र योजना 2022 ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीकरण

हरियाणा किसान मित्र योजना 2022 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा शुरू करने की घोषणा कर दी गयी है इस योजना के अंतर्गत हरियाणा राज्य के किसानो को सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरकार द्वारा आसान तरीके से पहुँचाया जायेगा। 

किसान मित्र योजना का लाभ  दो एकड़ या इससे कम भूमि वाले किसानों को पहुंचाया जायेगा। इस योजना के तहत राज्य में कृषि के साथ-साथ पशुपालन, डेरी, बागवानी व अन्य संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े किसानों को लाभ मिलेगा |

किसान मित्र योजना का लाभ किसानों को विभिन्न प्रकार की सेवाएं जैसे कि नकद निकासी, नकद जमा, बैलेंस पूछताछ, पिन परिवर्तन, नई पिन बनाना, मिनी स्टेटमेंट चेक करना, चेक बुक अनुरोध करना, आधार नंबर अपडेशन अनुरोध, मोबाइल नंबर अपडेशन और अन्य संबंधित सेवाओं प्रदान करके दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत बैंक के साथ साझेदारी में 1000 किसान एटीएम भी स्थापित किए जाएंगे।

हरियाणा किसान मित्र योजना

किसानों के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी, बागवानी व अन्य संबंधित क्षेत्रों के किसानों को भी इस योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। किसान मित्र योजना 2022 के माध्यम से राज्य के सभी किसान प्रेरित होंगे तथा अन्य संबंधित क्षेत्र भी विकसित होंगे।

किसान मित्र योजना के माध्यम से 15 करोड़ रुपए का अतिरिक्त अनुदान प्राप्त होगा। यह योजना प्रदेश के किसानो को सशक्त एवं सक्षम बनाने के लिए आरंभ की गई है। दोस्तों आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से इस योजना से जुडी सभी जानकारी जैसे आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन आदि प्रदान करने जा रहे है अतः हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

किसान मित्र योजना:

हरियाणा सरकार की ओर से किसान मित्र योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य राज्य के किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। इस योजना का लाभ राज्य के उन सभी किसानों को दिया जाएगा जिनके पास 2 एकड़ या उससे कम भूमि है।

योजना के तहत कृषि क्षेत्र के ही डेयरी, बागवानी एवं अन्य संबंधित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत प्रगतिशील किसानों द्वारा छोटे किसानों को प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र में सुधार पर भी जोर दिया जाएगा।

100 किसानों पर तैनात होगा एक किसान मित्र:

इस योजना के साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य के सभी गांवों में किसान मित्रों को नियुक्त करने का फैसला भी किया है। प्रदेश में इस समय 17 लाख किसान हैं। प्रत्येक सौ किसानों की संख्या को आधार बनाकर एक किसान मित्र नियुक्त किया जाएगा।

यह किसान मित्र किसानों को आधुनिक खेती, कृषि कल्याण योजनाओं तथा कृषि के क्षेत्र में हो रही नई-नई शोध आदि के बारे में बताएगा। किसान मित्र वालंटियर स्तर पर भर्ती किए जाएंगे।

इन किसानों को मिलेगा किसान मित्र योजना का लाभ:

जैसा कि ये योजना छोटे किसानों के लिए चलाई जा रही है जिनके पास दो एकड़ या उससे कम कृषि योग्य भूमि है। इस योजना का मकसद छोटे किसानों की मदद करके उन्हे लाभ पहुंचाना है। बता दें कि इस योजना के माध्यम से किसानों को अन्य योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। 

किसान मित्र योजना 2022 का उद्देश्य:

राज्य के किसानो, पशुपालन, डेरी, बागवानी छोटे किसानों को प्रेरित करने के लिए शुरू की गयी है इस योजना के ज़रिये कृषि के साथ-साथ पशुपालन, डेरी, बागवानी व अन्य संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े किसानों को लाभ पहुँचाना। 

इस योजना के ज़रिये हरियाणा को 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। हरियाणा किसान मित्र योजना 2022 के ज़रिये राज्य के किसानो को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना।  किसान मित्र योजना के साथ जुड़ कर किसान अपनी आय में बढ़ोत्तरी कर पाने में सक्षम होंगे|

राज्य सरकार ने इस योजना को पशुपालन क्षेत्र का विकास करने के लिए भी शुरू किया है | किसानों को दूध की उत्पादकता का कार्य करने के लिए पशुपालन क्रेडिट कार्ड योजना देने का ऐलान किया है. इस योजना के तहत दो एकड़ या इससे कम भूमि वाले किसानों को सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनाओ का लाभ प्रदान करना।

हरियाणा किसान मित्र योजना 2022 हाइलाइट्स:

योजना का नामकिसान मित्र योजना
इनके द्वारा शुरू की गयीमुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
लाभार्थीराज्य के किसान
उद्देश्यसरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना

किसान मित्र योजना से होने वाले लाभ:

  • किसान मित्र योजना का लाभ राज्य के लघु किसानों के साथ-साथ डेयरी, बागवानी एवं अन्य सबंधित क्षेत्र के लोगों को भी दिया जाएगा।
  • योजना के तहत किसानों को सभी कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
  • योजना के तहत प्रगतिशील किसानों के द्वारा छोटे किसानों को प्रेरित किया जाएगा जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार को अतिरिक्त 15 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। 
  • किसान मित्र योजना के तहत 1000 किसान एटीएम स्थापित किए जाएंगे। 

किसान मित्र योजना के लिए पात्रता और शर्तें:

किसान मित्र योजना हरियाणा के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, जो इस प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
  • निवास का प्रमाण-पत्र
  • किसान का पहचान-पत्र
  • खेत की भूमि से जुड़े कागजात
  • बैंक खाते का विवरण इसके लिए पासबुक की कॉपी
  • किसान का आधार से लिंक मोबाइल नंबर

किसान मित्र योजना के लिए आवेदन कैसे करें आवेदन :

राज्य के जो इच्छुक किसान लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो उन्हें अभी थोड़ा इंतज़ार करना होगा। क्योकि अभी इस योजना को शुरू करने की घोषणा की है अभी हरियाणा किसान मित्र योजना 2022  को पूरी तरह से शुरू नहीं की गयी है। 

जैसे ही इस योजना के शुरू होने के बाद आवेदन प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा तो हम आपको अपने इस आर्टिकल में माध्यम से बता देंगे। जैसे ही आवेदन प्रक्रिया को शुरू किया जावेगा वैसे ही राज्य के सभी लाभार्थी किसान नागरिक इस किसान मित्र योजना 2022 के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

राष्ट्रीय बांस मिशन: अब बांस की खेती से होगी बंपर कमाई

राष्ट्रीय बांस मिशन योजना-

भारत के किसान पारंपरिक कृषि को छोडक़र व्यावसायिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं और व्यावसायिक खेती से कमाई भी ज्यादा कर रहे हैं | आज हम आपको ऐसी ही एक खेती के बारे में बता रहे हैं जिससे किसान करोड़पति बन सकता है |

जी, हां बांस की खेती एक ऐसी खेती जिससे किसान मात्र 20 साल के समय में एक करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा कमा सकता है वह भी केवल एक बार लागत लगाकर | बांस की खेती में किसान को हर साल खाद-बीज, कीटनाशक आदि पर खर्च नहीं करना पड़ता है |

बांस की खेती से किसान प्रति हेक्टेयर प्रति साल करीब 7 लाख रुपए कमा सकता है | इसी प्रकार वह मात्र 15 साल में एक करोड़ से अधिक रुपए कमा सकता है | केंद्र सरकार भी राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत बांस की खेती को प्रोत्साहित कर रही है और 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी समय-समय पर उपलब्ध कराती है |

राष्ट्रीय बांस मिशन योजना: एक हेक्टेयर से होगी 7 लाख रुपए की आमदनी

देश में बांस की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत 2014 से लगातार काम कर रही है | केंद्र सरकार ने बांस को पेड़ों की श्रेणी से हटा दिया है |

अब कोई भी बांस की खेती कर सकता है और इसके उत्पादों की खरीद-फरोख्त कर सकता है | बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए बांस के पौधे नि:शुल्क और सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाते हैं |

देश के 13.96 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में बांस मौजूद है | विश्व में बांस की करीब 136 प्रजातियां हैं जबकि भारत में 10 प्रमुख प्रजातियों की व्यावसायिक रूप से खेती की जाती है| बांस उत्पादन में भारत अग्रणी राज्य है इसके बावजूद निर्यात बहुत कम है |

किसान करोड़पति बनने के लिए बांस की खेती कर सकते हैं | जहां पारंपरिक खेती में हर फसल में खाद-बीज, कीटनाशक, सिंचाई और मानवीय श्रम पर बहुत अधिक पैसा खर्च होता है वहीं बांस की खेती में इन सबकी जरूरत नहीं पड़ती है | किसान एक हेक्टेयर जमीन पर बांस की खेती करके प्रतिवर्ष 7 लाख रुपए कमा सकता है |

बांस की खेती के लिए आवश्यक बातें:-

  • अगर आप बांस की खेती करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच करानी चाहिए | बांस की खेती के लिए 6.5 से 7.5 पीएम मान वाली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है |
  • बांस की खेती से सबसे उचित मौसम मार्च का महीना है | बांस की खेती में सबसे पहले नर्सरी तैयार करके उसमें पौध लगाई जाती है | पौध लगाने के लिए गहरी बुवाई कर क्यारियां बनानी होती है | बुवाई के पहले सप्ताह में पौध निकल आती है | पौधों के कुछ बड़े होने पर इनकी रोपाई करनी चाहिए |
  • अगर आप गैर पारंपरिक तरीकों से भी बांस की खेती करना चाहते हैं तो जड़ काटकर, कलम कटिंग या शाखाओं की कंटिंग जैसी विधियां अपना सकते हैं |
  • बांस की खेती में किसी भी प्रकार की खाद या कीटनाशक की जरूरत नहीं पड़ती है |
  • बांस का पौधा भूमि संरक्षण का काम करता है और मिट्टी के कटाव को भी रोकता है |
  • बांस पर्यावरण की दृष्टि से भी फायदेमंद है | यह कार्बनडाइआक्साइड ग्रहण करता है और ऑक्सीजन छोड़ता है |

बांस की खेती से ऐसे कमाएंगे पैसा:-

बांस की खेती से किसान लगातार मुनाफा कमा सकते हैं | इसकी खेती करके पारंपरिक फसलों की अपेक्षा ज्यादा पैसा कमाया जा सकता है | किसान एक हेक्टेयर भूमि में 625 पौधे 4 से 4 मीटर की दूरी पर लगाकर 5वें वर्ष में 3125 बांस प्राप्त कर सकता है |

बांसों की पैदावार अब लगातार बढ़ती रहेगी | 8वें साल किसान को 6250 बांसों की उपज मिलेगी | किसान इन बांसों को बाजार में बेचकर 5 से 7 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर का कमाई कर सकता है | यहां आपको बता दें कि किसान बांस के खेत में अन्य कृषि फसलों से भी कमाई कर सकता है |

किसान भाई बांस के साथ सफेद मूसली, अदरक, हल्दी आदि फसलें लगाकर अतिरिक्त कमाई कर सकता है | बांस का पौध एक बार स्थायी होने पर 40 से 48 साल तक उपज देता है |

अगर किसान भाई कम मेहनत और कम लागत में ज्यादा कमाई करना चाहते हैं तो बांस की खेती सबसे अच्छा विकल्प है | घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बांस की मांग हमेशा बनी रहती है |

बांस की खेती पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलती है | एक बार बांस का पौध लगाने पर करीब 40-48 साल तक बांस की फसल लगातार मिलती है | बांस की मांग कागज उद्योग, कार्बनिक कपड़े, जैव ईंधन आदि उद्योगों में सबसे ज्यादा  है | बांस का उपयोग सजावट के लिए बनी वस्तुओं और टिंबर आदि बिजनेस में बहुत होता है |

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना: नर्सरी, मशरूम उत्पादन, पैक हाउस एवं कोल्ड स्टोरेज पर छत्तीसगढ़ सरकार से मिलेगी सब्सिडी

एकीकृत बागवानी मिशन योजना:-

सरकार की ओर से किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के प्रयास निरंतर जारी हैं | केंद्र के साथ ही राज्य सरकारें भी किसानों को कई योजनाओं के माध्यम से लाभ दे रही हैं | इन्हीं योजनाओं में से एक योजना है एकीकृत बागवानी मिशन योजना | इसके योजना के तहत किसानों को बागवानी से संबंधित कार्यों के लिए सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है | इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से किसानों को बागवानी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य के किसानों को नर्सरी, मशरूम उत्पादन, पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज पर भारी सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है |

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर एकीकृत बागवानी मिशन के तहत विभिन्न घटकों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं | इसके लिए राज्य के इच्छुक किसान इस योजना के तहत विभिन्न प्रकार की नर्सरी, मशरूम उत्पादन, पैक हाउस एवं कोल्ड स्टोरेज आदि पर सब्सिडी का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं | अनुदान प्राप्त करने हेतु इच्छुक कृषकों, निजी उद्यमी, सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं से संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी छत्तीसगढ़ द्वारा 10 मार्च तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं |

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के लिए ये लोग होंगे पात्र:-

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना वर्ष 2022-23 के तहत विभिन्न प्रकार की घटक, गतिविधियों के लिए सब्सिडी दी जा रही है | इसके लिए ये लोग आवेदन करने के पात्र होंगे- 

  • राज्य के सभी किसान
  • राज्य के निजी उद्यमी
  • सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाएं |

योजना के तहत विभिन्न घटकों पर कितनी मिलेगी सब्सिडी:-

छत्तीसगढ़ सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना वर्ष 2022-23 के तहत विभिन्न घटकों पर सब्सिडी अलग-अलग सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है | यह सब्सिडी लागत मूल्य का 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी | अलग-अलग घटकों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी का विवरण इस प्रकार से है-

हाई टेक नर्सरी पर दिए जाने वाला अनुदान: एकीकृत बागवानी मिशन योजना

हाई टेक नर्सरी के तहत दी जाने वाली सब्सिडी संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना वर्ष 2022-23 अंतर्गत निजी क्षेत्र में हाईटेक नर्सरी यूनिट की स्थापना लागत एक करोड़ रुपए पर संबंधित हितग्राही/संस्था को 40 लाख रुपए का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है |

छोटी एवं प्लग टाइप नर्सरी पर मिलने वाला अनुदान:

इसी तरह निजी क्षेत्र में छोटी नर्सरी इकाई लागत 15 लाख रुपए पर 7.50 लाख रुपए की सब्सिडी दी जा रही है वहीं प्लग टाईप नर्सरी के लिए 104 लाख रुपए की लागत तय की गई है, जिस पर लाभार्थी व्यक्तियों को 52 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी |

टिश्यू कल्चर यूनिट पर मिलने वाला अनुदान:

विद्यमान टिश्यू कल्चर यूनिट का सुदृढीकरण लागत 20 लाख रुपए पर 10 लाख रुपए का अनुदान दिया जा रहा है | वहीं टिश्यू कल्चर यूनिट लागत 2.50 करोड़ रुपए पर एक करोड़ रुपए रुपए का अनुदान देय होगा | वहीं सीड इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट लागत 2 करोड़ रुपए पर एक करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा |

मशरूम उत्पादन इकाई के लिए मिलने वाला अनुदान:

  • मशरूम उत्पादन इकाई लगाने के लिए 20 लाख रुपए लागत आ रही है, इस पर लाभार्थी किसानों को 8 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा |
  • वहीं मशरूम स्पॉन यूनिट की स्थापना करने में 15 लाख रुपए की खर्च आता है जिस पर लाभार्थी किसानों को 6 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा |
  • इसी तरह मशरूम कम्पोस्ट यूनिट लगाने में 20 लाख रुपए की लागत आ रही है। इस पर 8 लाख रुपए की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है |
  • इसके अलावा फर्स्ट लाइन डेमोस्ट्रेशन यूनिट लागत 25 लाख रुपए पर 18.75 लाख रुपए का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है |

पैक हाउस पर मिलने वाला अनुदान:

सामान्य क्षेत्र अंतर्गत इंटिग्रेटेड पैक हाऊस यूनिट लागत 50 लाख रुपए पर 17.50 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी | वहीं प्री-कूलिंग यूनिट लागत 25 लाख रुपए पर 8.75 लाख रुपए सब्सिडी दी जाएगी |

कोल्ड स्टोरेज के लिए मिलने वाला अनुदान:

  • कोल्ड रूम (स्टेंटिक) यूनिट लागत 15 लाख रुपए पर 5.25 लाख रुपए, कोल्ड स्टोरेज टाइप 1 यूनिट लागत 4 करोड़ रुपए पर 1.40 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा |
  • कोल्ड स्टोरेज टाइप-1 (अनुसूचित क्षेत्र) लागत 4 करोड़ रुपए पर 2 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा |
  • वहीं कोल्ड स्टोरेज टाइप-2 (वैकल्पिक प्रौद्योगिकी सामान्य क्षेत्र) लागत 35 लाख रुपए पर 12.25 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा |

एकीकृत बागवानी मिशन योजना

  • रेफ्रिजेरेटेड वेन (सामान्य क्षेत्र) लागत 26 लाख रुपए पर 9.10 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा |
  • राइपनिंग चेंबर (सामान्य क्षेत्र) प्रति मेट्रिक टन क्षमता पर 35 हजार रुपए रुपए का अनुदान दिया जाएगा |
  • प्राइमरी मोबाइल/मिनरल प्रोसेसिंग यूनिट (सामान्य क्षेत्र) लागत 25 लाख रुपए का 10 लाख रुपए तक अनुदान देय होगा |
  • मोबाइल प्री-कूलिंग यूनिट (सामान्य क्षेत्र) लागत 25 लाख रुपए 8.75 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी |
  • थोक बाजार (सामान्य क्षेत्र) लागत 100 करोड़ रुपए पर 25 करोड़ रुपए रुपए का अनुदान दिया जाएगा |
  • ग्रामीण बाजार/अपनी मंडी (सामान्य क्षेत्र) लागत 25 लाख रुपए पर 10 लाख रुपए रुपए का अनुदान देय होगा |
  • वहीं खुदरा बाजार/आउटलेट (सामान्य क्षेत्र) लागत 25 लाख रुपए पर 5.25 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी |
  • स्थिर/मोबाइल वेडिंग कोर्ट (सामान्य क्षेत्र) लागत 30 हजार रुपए पर 15 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाएगी |
  • वहीं संग्रहण, कटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग इकाई इत्यादि की यूनिट लागत 15 लाख रुपए पर 6 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा |

सब्सिडी का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान कहां करें आवेदन:-

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं | इस संबंध में जिला कार्यालय में पदस्थ उप संचालक, सहायक संचालक उद्यान एवं संचालनालय से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है | प्रस्ताव संबंधित जिला कार्यालयों में जमा करना होगा | प्राप्त प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर ‘पहले आओ पहले पाओ‘ के तहत स्वीकार किया जाएगा |

योजना में आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज:-

जैसा कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत विभिन्न घटकों पर राज्य के किसानों को भी सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है | इसके लिए आपको ऑफलाइन आवेदन करना होगा | आवेदन के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी | ये दस्तावेज इस प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाला किसान का आधार कार्ड
  • आवेदन करने वाले किसान का निवास प्रमाण-पत्र
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • बैंक अकाउंट विवरण, इसके लिए पासबुक की कॉपी
  • फॉर्म के साथ प्रस्ताव जमा करना होगा जिसमें घटक का उल्लेख करना होगा |

Rajasthan Labour Card 2022: राजस्थान श्रमिक कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

राजस्थान श्रमिक कार्ड, Rajasthan Labour Card 2022:-

राजस्थान श्रमिक कार्ड, राजस्थान राज्य सरकार द्वारा श्रमिक कार्ड योजना का शुभारम्भ किया गया है | कोरोना की स्थिति को देखते हुए राजस्थान श्रमिक कार्ड 2022 बनाना बहुत ही आवश्यक हो गया है गरीब मजदूरों के लिए इस कार्ड को प्रारम्भ किया गया है |

इस योजना से श्रमिक व् श्रमिक के परिवार को बहुत से लाभ प्राप्त होंगे | राजस्थान श्रमिक कार्ड योजना राजस्थान के श्रमिकों के लिए है | अन्य राज्य के व्यक्ति इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते |

राज्य के गरीब वर्ग के लिए सरकार निरंतर राज्य सरकारें नई-2 योजनाओं की घोषणा करती रहती है, किन्तु सरकार द्वारा जितनी भी गरीब मजदूरों के लिए योजनाए चलाई जाती हैं ये लोग उन योजनाओ का लाभ नहीं उठा पाते और योजनाओ से मिलने वाले लाभ से वंचित रह जाते हैं | जिससे की ये लोग अपनी आर्थिक स्थिति नहीं सुधार पाते|

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को राज्य सरकार द्वारा योजनाओ का लाभ देने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा Shrmik Card jharkhand योजना शुरू कि गई है | इसमें कारखाने सड़क निर्माण भवन निर्माण आदि कार्यो में लगे मजदुर व कारीगर अपना मजदुर (Labour) कार्ड बना सकते है | और इसके माध्यम से राजस्थान के मजदुर राज्य सरकार की कई योजना का लाभ ले सकते है |

राजस्थान श्रमिक कार्ड के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकते है:-

  • राज मिस्त्री हेल्पर
  • बढ़ई
  • लोहार
  • अकुशल कारीगर
  • भवन निर्माण कारीगर
  • टाइल मिस्त्री
  • इलेक्ट्रिशियन
  • गेट ग्रिल वेल्डिंग रिड्यूसर
  • मनरेगा कार्य में बागवानी और वानिकी को छोड़कर श्रमिक
  • सीमेंट घोल मिक्सर
  • कंक्रीट मिक्सर
  • रोलर चालक
  • केन्द्रित और लोहे का बांधना
  • सड़क पुल आदि बनाने वाले कारीगर और सहायक |

श्रमिक पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज व पात्रता:-

  • श्रमिक के पास आधार कार्ड होना चाहिए |
  • बैंक अकाउंट नंबर
  • मोबाइल नंबर
  • उम्मीदवार श्रमिक की आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए |
  • राशन कार्ड
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • परिवार के सभी सदस्यों का का आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • श्रमिक प्रमाण पत्र
  • परिवार के एक ही सदस्य का श्रमिक कार्ड बनेगा |
  • जिन श्रमिकों ने 12 महीने में 90 दिन श्रमिक के रूप में कार्य किया है वे इस योजना में अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते है |

राजस्थान श्रमिक कार्ड से मिलने वाली योजनाओं का लाभ:-

  • निर्माण श्रमिक जीवन व् भविष्य सुरक्षा योजना – इस योजना के तहत यदि आप किसी बीमा प्रीमियम को लेते है तो आपको उसमे पैसे जमा करने होते हैं लेकिन उस बीमा में सरकार द्वारा पैसे जमा किये जाते है |
  • निर्माण श्रमिक शिक्षा व् कौशल विकास योजना – मजदूर कार्ड बनाने से लाभार्थी के बच्चे को 8 से 25 हजार तक हर वर्ष छात्रवृति प्रदान की जाएगी |
  • निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना – निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना के अंतर्गत घर बनाने के लिए 50 लाख तक राशि मुहैया कराई जाएगी |
  • प्रसूति सहयता योजना – प्रसूति योजना में यदि महिला लड़के को जन्म देती है तो राज्य सरकार द्वारा माता को 20 हजार रूपये प्रदान करेगी यदि लड़की का जन्म होता है तो माता को 21 हजार रूपये दिए जायेंगे |
  • शुभशक्ति योजना – शुभशक्ति योजना के अंतर्गत यदि लाभार्थी के यहां 1 बेटी का जन्म होता है तो उन्हें राज्य सरकार द्वारा 50 हजार रूपये दिए जायेंगे | यदि 2 बेटियों का जन्म होता है तो सरकार 1 लाख रूपये लाभार्थी को प्रदान करेगी |
  • सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारीयो हेतु सहायता योजना – इस योजना के अंतर्गत उम्मीदवार 1 से 3 लाख तक की वित्तीय राशि प्राप्त कर सकते हैं | इस योजना के लिए वे श्रमिक पात्र होंगे जो हिताधिकारी के रूप में मंडल में पंजीकृत हो |

राजस्थान श्रमिक कार्ड 2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन:-

  • सबसे पहले उम्मीदवार राजस्थान श्रमिक जन सूचना पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट https://jansoochna.rajasthan.gov.in/ पर जाएँ |
  • इसके बाद आपके सामने एक फॉर्म खुल जायेगा आपको एप्लिकेशन फॉर्म डाउनलोड पर क्लिक करना होगा |
  • डाउनलोड करने के बाद आप आवेदन फॉर्म में पूछी गयी जानकारी जैसे नाम पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि आदि दर्ज करनी होगी |
  • उम्मीदवार फॉर्म का प्रिंट निकालकर अपने नजदीकी या अपने क्षेत्र के श्रम विभाग कार्यालय में या मंडल सचिव द्वारा निर्धारित किसी विभाग या अन्य अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा। लेकिन इसके लिए भी उम्मीदवार को समय दिया जायेगा आप उचित समय पर ही अपना आवेदन फॉर्म जमा कर दें |

ऑफलाइन आवेदन:-

श्रमिक कार्ड के लिए जो व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते वे इसके लिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते है। ऑफलाइन आवेदन में उम्मीदवार को श्रमिक विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म लाना होगा उसके बाद आवेदन फॉर्म में आपको सारी जानकारी सही दर्ज करनी होगी। जानकारी गलत दर्ज करने पर आपको इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा। इसके बाद आवेदन फॉर्म के साथ मांगे गए दस्तावेज भी संलग्न करके उसी विभाग में जमा कर दे |

MP Anganwadi Bharti 2022 Rewa Sambhag | Eligibility | syllabus | Selection Process

MP Anganwadi Recruitment 2022: मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी (Madhya Pradesh Anganwadi) द्वारा आंगनबाडी कार्यकर्ता आंगनबाडी सहायिका और मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ता (Anganwadi Worker, Helper and Mini Anganwadi Worker) और मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ता सीधी भर्ती के लिए नवीनतम नोटिफिकेशन जारी की है। 

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी 2022 पाने के लिए सभी इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार MP Anganwadi Bharti रोजगार समाचार में भाग ले सकते है। आंगनबाड़ी जॉब नोटिफिकेशन के लिए अंतिम तिथि 08 मार्च 2022 तक MP Anganwadi Application Form विभाग की अधिकारिक वेबसाइट mpwcdmis.gov.in  के माध्यम से मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी डाऊनलोड करके ऑफलाइन फॉर्म अप्लाई कर सकते है।

कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग नर्मदापुरम संभाग होशंगाबाद ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका 145 पदों पर भर्ती हेतु MP Anganwadi Vacancy जारी किया है। 

मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी भर्ती 2022 के लिए योग्य एवं इच्छुक महिला उम्मीदवार महिला एवं बाल विकास विभाग मध्य प्रदेश की ऑफिशल वेबसाइट mpwcdmis.gov.in के माध्यम Mp Anganwadi Application Form डाउनलोड कर अंतिम तिथि 08 मार्च 2022 तक निर्धारित पते परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना, परियोजना….. जिला ….. मध्य प्रदेश पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। MP Anganwadi Recruitment से जुड़ी पदों की संख्या, विभागीय अधिसूचना, आवेदन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता, अंतिम तिथि, सिलेबस एवं अन्य जानकारी इस लेख के माध्यम से अवलोकन कर सकते हैं। 

Important Dates | महत्त्वपूर्ण तिथियाँ
आवेदन करने सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण तिथियाँ
आवेदन करने की की प्रारंभिक तिथि22/02/2022 
आवेदन करने की अंतिम तिथि08/03/2022
आवेदन का मोड ऑफलाइन
नौकरी का स्थान मध्य प्रदेश
Application Fees | आवेदन शुल्क
मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी सरकारी नौकरी के लिए एमपी आंगनबाड़ी फार्म प्रस्तुत करना चाहते हैं। वह उम्मीदवार महिला एवं बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश द्वारा निर्धारित माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। MP Anganwadi Application Fees विवरण नीचे तालिका पर जांच कर सकते हैं।
वर्ग का नामशुल्क
सामान्य 0
ओबीसी0
एससी / एसटी0

महिला एवं बाल विकास विभाग :

मध्यप्रदेश में 15 अगस्त, 86 को महिला एवं बाल विकास संचालनालय का गठन किया गया तथा महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित समस्त योजनायें आदिम जाति कल्याण विभाग और पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग से इस संचालनालय को हस्तान्तरित की गई। प्रारंभ में यह संचालनालय पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण में रहा तथा वर्ष 1988 में पृथक से महिला एवं बाल विकास विभाग का गठन किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग के हितग्राही समाज के कमजोर वर्ग, महिलाएं और बच्चे हैं, जिनके विकास व कल्याण का कार्य आसान एवं अल्प अवधि में पूरा होने वाला नहीं है। विभाग की कई योजनाओं का विस्तार हुआ हैं, वहीं लाडली लक्ष्मी योजना,अटल बाल मिशन, समेकित बाल संरक्षण योजना जैसी नई योजनाएं भी संचालित की जा रही है।

गतिशील रहते हुए विभाग ने विकास के लिए प्रत्येक चुनौती को स्वीकार किया है। उपलब्धि के आंकड़ें बड़े नहीं है किन्तु समाज में महिलाओं की स्थिति में निरंतर सुधार हुआ है, महिलाओं में अपने अधिकारों व हितों के प्रति जागरुकता आई है, बच्चों के कुपोषण में कमी आई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के उद्देश्य:-

संचालनालय महिला एवं बाल विकास के उद्देश्य निम्नानुसार है:-

1. प्रदेश की गर्भवती /धात्री महिलाओं तथा 0-6 वर्ष के बच्चों को स्वास्थ्य व पोषण सेवायें प्रदान की जाती है।
2. बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास तथा स्वास्थ्य व पोषण की स्थिति में सुधार लाना।

एमपी आंगनवाड़ी भर्ती 2022 अवलोकन (MP Anganwadi Recruitment 2022 Overview):

WCD Mp Anganwadi Rewa Sambhag Vacancy 2022 Details

विभाग का नाममहिला एवं बाल विकास विभाग
भर्ती बोर्डडब्लूसीडी होशंगाबाद संभाग
पद का नामआंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका
कुल पद107 पद
सैलरीविभागीय विज्ञापन देखें
लेवलराज्य स्तरीय
श्रेणीसरकारी नौकरी
आवेदन प्रक्रियाऑफलाइन
परीक्षा मोडसाक्षात्कार
भाषाहिंदी
नौकरी स्थानमध्य प्रदेश
आधिकारिक साइटmpwcdmis.gov.in

डब्ल्यूसीडी एमपी आंगनवाड़ी नौकरी पोस्ट विवरण :

WCD Mp Anganwadi Rewa Sambhag Job Post Details

Number Of Post | कुल पदों की संख्या
एमपी आंगनबाड़ी रीवा संभाग जॉब 2022 पद विवरण नीचे तालिका जांच कर सकते हैं।
पद का नामपदों की संख्या
1. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता54
2. सहायिका88
2. मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता03
कुल पद145
Eligibility | Age Limit | शैक्षणिक योग्यता | उम्र सीमा
शैक्षणिक योग्यता एवं उम्र सीमा की विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय विज्ञापन की जांच कर लेवे।
शैक्षिक योग्यता5 वीं / 10वीं / 12वीं
आयु सीमा18 – 35
आयु में छूटमानदंडों के अनुसार
Salary Level | वेतनमान
महिला एवं बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश के माध्यम से एमपी आंगनवाड़ी वैकेंसी 2022 के अंतर्गत जिन अभ्यर्थियों का चयन होगा उन अभ्यर्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित मानदेय के आधार पर प्रतिमाह वेतन भुगतान किया जावेगा।
Required Documents | आवश्यक दस्तावेज
महिला एवं बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश के माध्यम से एमपी आंगनवाड़ी वैकेंसी 2022 के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज निम्ननानुसार है |
1. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
2. पहचान पत्र
3. जाति प्रमाण पत्र
4. निवास प्रमाण पत्र
5. जन्म तिथि प्रमाण पत्र
6. पासपोर्ट साइज फोटो
7. रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र
How To Apply | कैसे आवेदन करें
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:- मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी आवेदन फार्म प्रस्तुत करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विभाग द्वारा निर्धारित पते पर पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट के माध्यम से अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
Selection Process | चयन प्रक्रिया
मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी जॉब्स 2022 के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग होशंगाबाद संभाग द्वारा उम्मीदवारों के चयन हेतु नीचे दर्शित प्रक्रिया आयोजित किया जाएगा जिसमें सभी अभ्यार्थियों को सफलता प्राप्त करना अनिवार्य है :-
» इंटरव्यू
» मेडिकल टेस्ट
» दस्तावेज सत्यापन
मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी जॉब्स चयन प्रक्रिया की सम्पूर्ण जानकारी के लिए नीचे Mp Anganwadi Official Notification की भलीभांति जांच कर लेवे|
Important Links | महत्त्वपूर्ण लिनक्स
आवेदन से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण लिंक नीचे दिए जा रहे हैं
ऑफलाइन आवेदनClick Here
डाउनलोड नोटिफिकेशनClick Here
महिला बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइटClick Here

अक्सर पूछे जाने प्रश्न :

1 . एमपी आंगनबाड़ी जॉब के लिए योग्यता क्या है?

Mp Anganwadi Jobs के लिए अभ्यार्थी को 8वीं / 10वीं / 12वीं पास होना चाहिए हैं।

2. एमपी आंगनबाड़ी वैकेंसी के लिए आवेदन कैसे करें?

WCD MP Anganwadi Vacancy 2022 के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

3.  एमपी आंगनबाड़ी भर्ती के लिए आयु सीमा क्या है?

मध्य प्रदेश आंगनबाड़ी जॉब के लिए अभ्यार्थी की आयु सीमा 18 से 35 वर्ष के बीच होना चाहिए।

Happy Mahashivratri 2022: Wishes, Images, Status, Quotes, Messages and WhatsApp Greetings

Happy Mahashivratri 2022:

शिव और शक्ति के उत्सव के रूप में, Happy Mahashivratri तब होती है जब विश्व सद्भाव के लिए शिव और शक्ति की ऊर्जा को एक साथ लाया जाता है | इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है | लोग मंदिर में ‘हर हर महादेव‘ और ‘ओम नमः शिवाय‘ का जाप कर प्रार्थना करते हैं |

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की महाशिवरात्रि (Mahashivratri) 1 मार्च दिन मंगलवार को मनाई जाएगी | शिव भक्तों के लिए ये दिन किसी त्योहार से कम नहीं होता| इस दिन शिव जी के भक्त भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर व्रत रखते हैं | इसके अलावा लोग चारों पहर पूजा कर भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं |

महा शिवरात्रि, जिसका अर्थ है ‘भगवान शिव की रात‘, देश भर में सबसे अधिक मनाए जाने वाले हिंदू त्योहारों में से एक है | इस शुभ दिन पर हजारों लोग मंदिरों में आते हैं और भगवान को प्रसन्न करने के लिए प्रार्थना करते हैं | माना जाता है कि भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह भी इसी दिन हुआ था | इस दिन कई लोग शिव लिंग के सामने मिठाई, फूल, दूध और बेल पत्र चढ़ाते हैं |

Happy Mahashivratri 2022 Wishes

Happy Mahashivratri Wishes in Hindi 2022:-

भोले बाबा आएं आपके घर,
जीवन को खुशियों से दें भर।
न हो जीवन में कोई दुख,
घर-परिवार में बना रहे सुख।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

आज जमा लो भांग का रंग,
आपके जीवन बीते खुशियों के संग।
भोलेनाथ की कृपा बसरे आप पर,
जिंदगी में भर जाए नई उमंग।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

सारा जगत है मेरे भोले बाबा की शरण में,

शीश झुकाते हैं हम भगवान शिव के चरण में।

महाकाल बना लो हमें अपने चरणों की धूल

इस शिवरात्रि ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाएं श्रद्धा के फूल।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

महाशिवरात्रि पर करिए भोले भंडारी का जाप

महाकाल के जाप से धुल जाते हैं सारे पाप।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

भोलेनाथ की भक्ति से नूर मिलता है

शिव के भजनों से दिल को सुरूर मिलता है।

जो भी जपता से श्रद्धा से प्रभु का नाम

कुछ न कुछ उसे जरूर मिलता है।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

विश पीने का आदि है मेरा भोला

नागों की माला और बाघों का चोला

पीछे चलता है भूतों का टोला

मस्ती में डूबा मेरा महाकाल, मेरा भोला

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

Happy Mahashivratri Wishes 2022:-

“Wishing a very Happy Sawan Shivratri to everyone. May Lord Shiva and Goddess Parvati are always there to bless you and show you the right path in life.”

“On the occasion of Sawan Shivratri, I wish that all your dreams come true and Lord Shiva is always there to bestow you with his love. Happy Shivratri.”

“Warm greetings on the occasion of Shivratri to you. May you be blessed with everlasting happiness and success in life with the blessings of Lord Shiva.”

“Om Namah Shivay! Wishing a blessed and cheerful Shivratri to you my dear. May Lord Shiva is always there with you in this journey called life.”

“On the occasion of Maha Shivratri, I extend my warm wishes to you and your loved ones. May this auspicious occasion inspire you to be like Lord Shiva.”

“Let us come together to offer our prayers to Lord Shiva and seek his blessings for a happy life. Wishing a very Happy Maha Shivratri to you.”

“As we celebrate the festival of Maha Shivratri, I pray that we always have the love and blessings of Lord Shiva on us. Happy Maha Shivratri to you.”

“May the celebrations of Maha Shivratri fill into our hearts many new hopes and colors. Warm greetings on Maha Shivratri 2022 to you.”

Happy Mahashivratri Quotes 2022:-

Happy Mahashivratri 2022

Let’s spend the night of Shivratri by chanting the name of Lord Shiva and seek his divine blessings! Happy Maha Shivratri

May the glory of the divine Shiva remind us of our capabilities, and help us attain success. Happy Maha Shivaratri

Heart gets Love; Hand gets Rose, And you get my best wishes on the birthday of Lord Shiva! Happy Shivratri!

Happy Maha Shivratri
On the occasion of Maha Shivaratri, I pray to Lord Shiva that His blessings may always be with you.

Happy Mahashivratri
May all your wishes come true and the blessings of God remain with you always. Wish you Mahashivratri!

Mahashivratri 2022

Happy Mahashivratri Messages 2022:-

“Wishing a very Happy Shivratri to all my loved ones. May there is peace, happiness, good fortune and good health to empower you.”

“On the occasion of Shivratri, I wish all my family and friends the best of health, prosperity and glory. Have a blessed Shivratri.”

“May Bhole Nath is always there to bless us with happiness and together. Wishing a very Happy Shivratri to my dear ones.”

“The occasion of Shivratri reminds us to thank Lord Shiva for all his blessings and seek his love for our lives. Wishing a very Happy Shivratri to all.”

“May lord Shiva shower his blessings on your entire family. May this festival remove all the evils in your life and keep your happy”

” God bless you and your family. This Maha shivratri, may Lord Shiva show you the divine path of truthfulness.”

” Maha Shivratri is the night id union of Goddess Parvathi with Shiva and a night of destruction and night of creation.”

” Lord Shiva is very kind and helps all the needy and his devotees. He has the power to change our fate. On this auspicious day Mahadev should remove all the difficulties and hive happiness and peace to all.”

Frequently Asked Question(FAQs):-

कब है महाशिवरात्रि ?

महाशिवरात्रि (Mahashivratri) 1 मार्च दिन मंगलवार को मनाई जाएगी |

महाशिवरात्रि 2022 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

महाशिवरात्रि 1 मार्च को सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 2 मार्च को सुबह 10 तक रहेगी | महाशिवरात्रि पहले पहर की पूजा: 1 मार्च 2022 को शाम 6:21 से 9:27 तक | महाशिवरात्रि दूसरे पहर की पूजा: 1 मार्च को रात्रि 9:27 से 12:33 तक | महाशिवरात्रि तीसरे पहर की पूजा: 2 मार्च को रात्रि 12:33 से सुबह 3:39 तक | महाशिवरात्रि चौथे पहर की पूजा: 2 मार्च 2022 को सुबह 3:39 से 6:45 तक | व्रत का पारण: 2 मार्च 2022, बुधवार को सुबह 6:45 |

महाशिवरात्रि पूजा का क्या महत्व है?

महाशिवरात्रि पर्व के यदि धार्मिक महत्व की बात की जाए तो महाशिवरात्रि शिव और माता पार्वती के विवाह की रात्रि मानी जाती है | मान्यता है इस दिन भगवान शिव ने सन्यासी जीवन से ग्रहस्थ जीवन की ओर रुख किया था | महाशिवरात्रि की रात्रि को भक्त जागरण करके माता-पार्वती और भगवान शिव की आराधना करते हैं | मान्यता है जो भक्त ऐसा करते हैं उनकी सभी मनोकामना पूरी होती है |

History of Ukraine: यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब देश है यूक्रेन जानें कैसा है यूक्रेन का इतिहास?

यूक्रेन का इतिहास (History of Ukraine):-

यूक्रेन में रूस का हमला जारी है | यूक्रेन पर आक्रमण से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को एक फर्जी देश के रूप में वर्णित किया और कहा कि इसका कोई इतिहास, पहचान नहीं है | पुतिन के अनुसार, आधुनिक यूक्रेन पूरी तरह से रूस द्वारा बनाया गया था | यहां हम आपको यूक्रेन के इतिहास के बारे में बताएंगे |

यूक्रेन यूरोप के पूर्व में है और इसके उत्तर-पूर्व, पूर्व और दक्षिण-पूर्व में रूस और दक्षिण में काला सागर है | दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम और उत्तर में, यूक्रेन मोल्दोवा, रोमानिया, हंगरी, स्लोवाकिया, पोलैंड और बेलारूस के साथ सीमाएं साझा करता है |

यह रूस के बाद यूरोप का सबसे बड़ा देश है, जिसका क्षेत्रफल 603,550 वर्ग किमी या महाद्वीप का लगभग 6% है | यूक्रेन निश्चित रूप से रूस के सामने काफी छोटा है | रूस 4 मिलियन वर्ग किमी और यूरोप के 40% हिस्से में फैला है |

जुलाई 2021 में यूक्रेन की जनसंख्या 43.7 मिलियन आंकी गई थी | इसमें से 77.8% यूक्रेनी जातीयता के थे और 17.3% रूसी थे | रूसी बोलने वाले ज्यादातर पूर्व में रहते हैं, जो रूस के साथ सीमा के करीब है | यहां रूसी सरकार ने आठ साल तक सशस्त्र विद्रोह को प्रोत्साहित करने और बनाए रखने के बाद इस सप्ताह दो राज्यों की स्वतंत्रता को मान्यता दे दी |

सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय के मामले में यूक्रेन यूरोप का सबसे गरीब देश है | इसमें लौह अयस्क और कोयले का भंडार है, और मक्का, सूरजमुखी तेल, लौह और लौह उत्पादों और गेहूं का निर्यात करता है |

यूक्रेन 1922 से 1991 तक रूस का हिस्सा था जब मास्को सोवियत संघ या सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ की राजधानी था | इसे सोवियत संघ (SU) के रूप में भी जाना जाता था | उस चरण के दौरान USSR दुनिया का सबसे बड़ा देश था |

सोवियत संघ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा शासित एक दलीय राज्य था | USSR के दूसरे सबसे बड़े गणराज्य यूक्रेन ने 1991 में अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की |

यूक्रेन के आजादी के बाद का इतिहास:-

  • 1991- सोवियत रिपब्लिक ऑफ यूक्रेन के नेता लियोनिड क्रैवचुक (Leonid Kravchuk) ने मास्को से आजाद होने की घोषणा की. क्रैवचुक (Kravchuk) राष्ट्रपति चुने गए|
  • 1994 : राष्ट्रपति चुनाव में लियोनिड कुचामा ने क्रैवचुक को पराजित किया |
  • 1999 : अनियमितताओं के आरोपों के बीच कुचामा फिर राष्ट्रपति चुने गए |
  • 2004 : रूस समर्थक विक्टर यानुकोविच (Viktor Yanukovich) को राष्ट्रपति चुना गया, लेकिन धांधली के आरोपों के बाद फिर चुनाव कराए गए | पश्चिम समर्थक पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर युशचेंको राष्ट्रपति निर्वाचित हुए |
  • 2005 : युशचेंको (Yushchenko) ने सत्ता संभाली और यूक्रेन को क्रेमलिन के प्रभाव से निकालने और नाटो व यूरोपीय यूनियन की ओर बढ़ने का वादा किया |
  • 2008 : नाटो ने वादा किया कि एक दिन यूक्रेन गठबंधन का सदस्य होगा |
  • 2010 : इस साल हुए राष्ट्रपति चुनावों में यानुकोविच (Yanukovich) ने राष्ट्रपति पद हासिल किया | यूक्रेन के काला सागर बंदरगाह में रूसी नौसेना को लीज के बदले में दोनों देशों के बीच गैस मूल्य समझौता हुआ |
  • 2013 : यानुकोविच सरकार ने यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापार वार्ता स्थगित की और मास्को के साथ आर्थिक संबंध बहाल करने का विकल्प चुना |
  • 2014 : हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद संसद ने यानुकोविच को पद से हटाया | डोनबास के पूर्वी क्षेत्र में रूस समर्थित अलगाववादियों ने आजादी की घोषणा की | पश्चिम समर्थित एजेंडे के साथ बिजनेसमैन पेट्रो पोरोशेंको (Petro Poroshenko) ने राष्ट्रपति चुनाव जीता | इसी साल एम्सटरडम से कुआलालंपुर जा रहे एक यात्री विमान एमएच17 ईएन को मिसाइल से मार गिराया गया | जांचकर्ताओं ने रूस पर अंगुली उठाई, लेकिन उसने इन्कार किया |
  • 2017 : यूक्रेन और यूरोपीय यूनियन के बीच एसोसिएशन एग्रीमेंट | इससे वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त व्यापार के लिए बाजार खुले और वीजा मुक्त यात्रा मुमकिन हुई |
  • 2019: पूर्व हास्य अभिनेता वोलोडिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskiy) ने पोरोशेंको (Poroshenko) को राष्ट्रपति चुनाव में पराजित किया | पूर्वी यूक्रेन में युद्ध खत्म करने का वादा किया |
  • 2021 : जेलेंस्की ने बाइडन से अपील की कि वह यूक्रेन को नाटो में शामिल होने दें | यूक्रेन में क्रेमलिन समर्थक विपक्षी नेता विक्टर मेडमेडचुक पर जेलेंस्की सरकार ने प्रतिबंध लगाए | रूस ने यूक्रेन सीमा पर सैन्य जमावड़ा बढ़ाया | इसी साल अक्टूबर में यूक्रेन ने पहली बार पूर्वी सीमा पर तुर्किश बेरक्टर टीबी2 ड्रोन का इस्तेमाल किया | इस पर रूस ने नाराज होकर सैन्य जमावड़ा बढ़ाना शुरू कर दिया | दिसंबर में यूक्रेन पर हमला करने की दशा में बाइडन ने रूस को आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी दी |
  • जनवरी 2022: अमेरिका और रूस के राजनयिक यूक्रेन पर मतभेदों को कम करने में असफल रहे | रूसी बलों का बेलारूस पहुंचना शुरू हो गया और तनाव लगातार बढ़ता गया |
  • फरवरी 2022: तनाव घटाने के लिए वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं |  रूस ने यूक्रेन के हिस्सों, डोनेस्क और लुहांस्क को अलग देश की मान्यता दे दी है | इस पर फिलहाल संयुक्त राष्ट्र परिषद में बैठक जारी है |

यूक्रेन पर रूस की बमबारी सोमवार को पांचवें दिन भी जारी है | दूसरी तरफ, इस टकराव को रोकने और रूस पर दबाव बनाने की कोशिशें भी चल रही हैं | इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के स्पेशल इमरजेंसी सेशन में भेजने के लिए सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वोटिंग हुई | प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में 1 वोट पड़ा | भारत, चीन और UAE ने फिर वोटिंग से दूरी बनाए रखी |

Frequently Asked Questions (FAQs):-

यूक्रेन रूस से कब अलग हुआ?

1991 में यूक्रेन सोवियत संघ से अलग हुआ था |

यूक्रेन में कौन से धर्म के लोग रहते हैं?

इस देश का प्रमुख धर्म ईसाई है। यहां ईसाई धर्म के लोग बहुसंख्यक हैं | यहां दूसरे नंबर पर मुस्लिम लोग रहते हैं

यूक्रेन की आधिकारिक भाषा क्या है?

यूक्रेन की आधिकारिक भाषा यूक्रेनी है |

यूक्रेन की राजधानी क्या है?

कीव या किएव यूक्रेन की राजधानी और प्रमुख शहर है |

यूक्रेन कितना बड़ा देश है?

यह रूस के बाद यूरोप का सबसे बड़ा देश है, जिसका क्षेत्रफल 603,550 वर्ग किमी या महाद्वीप का लगभग 6% है |

मध्य प्रदेश भू-अधिकार योजना: हर भूमिहीन परिवार को मुफ्त प्लाट देगी शिवराज सरकार

मध्य प्रदेश भू-अधिकार योजना:-

प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश भू-अधिकार योजना के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं | योजना के तहत जिन परिवारों के पास भू-खण्ड नहीं है, उन्हें राज्य सरकार नि:शुल्क प्लॉट उपलब्ध कराएगी | गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे राज्य सरकार का ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर भू-खण्ड आवंटन के दिशा-निर्देश राज्य शासन द्वारा जारी कर दिए गए हैं |

मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसे घर जिनमें एक से अधिक परिवार रहते हैं, उन्हें सरकार रहने के लिए नि:शुल्क प्लॉट उपलब्ध कराएगी| योजना के तहत परिवार का मतलब पति-पत्नी और बच्चे से है | यदि उनके पास रहने का कोई भू-खण्ड नहीं है तो राज्य सरकार उन्हें पट्टा देगी | इससे प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनने की राह भी खुल जाएगी और बाकी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा |

मध्य प्रदेश भू-अधिकार योजना के लिए आवश्यक शर्तें:-

इस योजना में जिला कलेक्टर को आबादी भूमि की उपलब्धता के संबंध में अधिकार दिया गया है | आवंटन हेतु प्लाट का अधिकतम क्षेत्रफल 60 वर्ग मीटर होगा | परिवार का अर्थ है पति और पत्नी और उनके अविवाहित बेटे और बेटियां | केवल वही आवेदक परिवार आवेदन करने के पात्र होंगे जो संबंधित गांव के निवासी हैं | आवासीय भूखंड प्राप्त करने के लिए आवेदन सारा (SAARA) पोर्टल https://saara.mp.gov.in/ के माध्यम से ऑनलाइन जमा करना होगा |

योजना के तहत पात्र परिवारों की ग्रामवार सूची संबंधित ग्रामवासियों से आपत्ति व सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से प्रकाशित की जाएगी, जिनकी समयावधि दस दिन से कम नहीं होगी | सूचना चौपाल, गुड़ी, चावड़ी आदि सार्वजनिक स्थानों और ग्राम पंचायत कार्यालयों में चस्पा की जाएगी | पात्र आवेदकों को उपलब्धता के आधार पर पति-पत्नी के संयुक्त नाम से भूमि स्वामित्व का अधिकार दिया जाएगा | प्लॉट के आवंटन के लिए कोई प्रीमियम देय नहीं होगा | प्राप्त आवेदनों एवं स्वीकृत प्रकरणों की मॉनीटरिंग राजस्व आयुक्त द्वारा की जाएगी |

दिशानिर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कौन से परिवार योजना के तहत भू-खंड प्राप्त करने के अधिकारी नहीं होंगे | जिन परिवारों के पास स्वतंत्र रूप से रहने के लिए आवास है, 5 एकड़ से अधिक भूमि है, जो परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकान से राशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं हैं, यदि परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता है या शासकीय सेवा में है, वे व्यक्ति योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे |

Apply Online for MP Mukhyamantri Awas Bhu-adhikar Yojna:-

  • मप्र मुख्यमंत्री आवास भू-अधिकार योजना के तहत संबंधित जिला कलेक्टरों को आबादी भूमि की उपलब्धता के संबंध में अधिकार दिया गया है |
  • आवंटन हेतु प्लाट का अधिकतम क्षेत्रफल 60 वर्ग मीटर होगा |
  • केवल वही आवेदक परिवार आवेदन करने के पात्र होंगे जो संबंधित गांव के निवासी हैं |
  • आवासीय भूखंड प्राप्त करने के लिए, आवेदन SAARA पोर्टल के माध्यम से https://saara.mp.gov.in/ पर ऑनलाइन जमा करना होगा |

एमपी मुख्यमंत्री आवास भू अधिकार योजना (MP Mukhyamantri Awasiya Bhu Adhikar Yojana) के अंतर्गत पात्र परिवारों की ग्रामवार सूची ग्रामीणों से आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से प्रकाशित की जायेगी |

Mahashivratri 2022: कब है महाशिवरात्रि? यहां देखें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और आरती

Mahashivratri 2022:-

इस साल फाल्गुन माह (Phalgun Maas) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की महाशिवरात्रि (Mahashivratri) 1 मार्च दिन मंगलवार को मनाई जाएगी | शिव भक्तों के लिए ये दिन किसी त्योहार से कम नहीं होता | इस दिन शिव जी के भक्त भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर व्रत रखते हैं | इसके अलावा लोग चारों पहर पूजा कर भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं |

महाशिवरात्रि को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं | एक कथा के अनुसार माता पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठिन तपस्या की थी | जिसके फलस्वरूप फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को माता पार्वती का विवाह भगवान शिव से हुआ | इसी कारण इस दिन को अत्यन्त ही महत्वपूर्ण माना जाता है |

महाशिवरात्रि पर्व के यदि धार्मिक महत्व की बात की जाए तो महाशिवरात्रि शिव और माता पार्वती के विवाह की रात्रि मानी जाती है | मान्यता है इस दिन भगवान शिव ने सन्यासी जीवन से ग्रहस्थ जीवन की ओर रुख किया था | महाशिवरात्रि की रात्रि को भक्त जागरण करके माता-पार्वती और भगवान शिव की आराधना करते हैं | मान्यता है जो भक्त ऐसा करते हैं उनकी सभी मनोकामना पूरी होती है |

मान्यता है कि इस दिन महादेव का व्रत रखने से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है | महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के लिंग स्वरूप का पूजन किया जाता है | यह भगवान शिव का प्रतीक है | शिव का अर्थ है- कल्याणकारी और लिंग का अर्थ है सृजन |

महाशिवरात्रि 2022 पूजा मुहूर्त:-

महाशिवरात्रि 1 मार्च को सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 2 मार्च को सुबह 10 तक रहेगी |

  • महाशिवरात्रि पहले प्रहर की पूजा: 1 मार्च 2022 को 6:21 pm से 9:27 pm तक
  • महाशिवरात्रि दूसरे प्रहर की पूजा: 1 मार्च को रात्रि 9:27 pm से 12:33 am तक
  • महाशिवरात्रि तीसरे प्रहर की पूजा: 2 मार्च को रात्रि 12:33 am से सुबह 3:39 am तक
  • महाशिवरात्रि चौथे प्रहर की पूजा: 2 मार्च 2022 को 3:39 am से 6:45 am तक
  • व्रत का पारण: 2 मार्च 2022, बुधवार को 6:45 am

महाशिवरात्रि पूजन विधि:-

फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि साल की सबसे बड़ी शिवरात्रि में से एक मानी जाती है | इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद घर के पूजा स्थल पर जल से भरे कलश की स्थापना करें | इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति की स्थापना करें | फिर अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा आदि भगवान को अर्पित करें. साथ ही पजून करें और अंत में आरती करें |

मान्यतानुसार, इस दिन भगवान की पूजा रात्रि के समय एक बार या फिर संभव हो तो चार बार करनी चाहिए | वेदों का वचन है कि रात्रि के चार प्रहर बताये गये हैं | इस दिन हर प्रहर में भगवान शिव की पूजा अत्यंत फलदायी है | इस पूजा से सभी कामनाएं पूर्ण होती हैं |

महाशिवरात्रि का उपवास व जागरण:-

ऋषि महर्षियों ने समस्त आध्यात्मिक अनुष्ठानों में उपवास को महत्त्वपूर्ण माना है | गीता के अनुसार उपवास विषय निवृत्ति का अचूक साधन है | आध्यात्मिक साधना के लिये उपवास करना परमावश्यक है | उपवास के साथ रात्रि जागरण का महत्व है | उपवास से इन्द्रियों और मन पर नियंत्रण करने वाला संयमी व्यक्ति ही रात्रि में जागकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील हो सकता है | इन्हीं सब कारणों से इस महारात्रि में उपवास के साथ रात्रि में जागकर शिव पूजा करते हैं |

Frequently Asked Question(FAQs):-

कब है महाशिवरात्रि ?

महाशिवरात्रि (Mahashivratri) 1 मार्च दिन मंगलवार को मनाई जाएगी |

महाशिवरात्रि 2022 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

महाशिवरात्रि 1 मार्च को सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 2 मार्च को सुबह 10 तक रहेगी | महाशिवरात्रि पहले पहर की पूजा: 1 मार्च 2022 को शाम 6:21 से 9:27 तक | महाशिवरात्रि दूसरे पहर की पूजा: 1 मार्च को रात्रि 9:27 से 12:33 तक | महाशिवरात्रि तीसरे पहर की पूजा: 2 मार्च को रात्रि 12:33 से सुबह 3:39 तक | महाशिवरात्रि चौथे पहर की पूजा: 2 मार्च 2022 को सुबह 3:39 से 6:45 तक | व्रत का पारण: 2 मार्च 2022, बुधवार को सुबह 6:45 |

महाशिवरात्रि पूजा का क्या महत्व है?

महाशिवरात्रि पर्व के यदि धार्मिक महत्व की बात की जाए तो महाशिवरात्रि शिव और माता पार्वती के विवाह की रात्रि मानी जाती है | मान्यता है इस दिन भगवान शिव ने सन्यासी जीवन से ग्रहस्थ जीवन की ओर रुख किया था | महाशिवरात्रि की रात्रि को भक्त जागरण करके माता-पार्वती और भगवान शिव की आराधना करते हैं | मान्यता है जो भक्त ऐसा करते हैं उनकी सभी मनोकामना पूरी होती है |

PMASBY: प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना 2022

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना- दिन सोमवार दिनांक 25/10/2021 को योजना पीएमएसबीवाई का शुभारंभ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से उत्तर प्रदेश के वाराणसी से किया गया। योजना की लागत 64 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, ये भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना होगी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से अलग होगी

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना योजना 64 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की है और इसका मकसद देश में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना है. इस योजना की घोषणा इस साल बजट में की गई थी.

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना 2022:

इस योजना को हेल्थ सेक्टर के तीन क्षेत्रों पर ध्यान देने के लिए आरंभ किया गया है। यह तीन क्षेत्र बचाव, इलाज तथा रिसर्च है। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा अगले 6 साल के लिए 64180 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana 2022 के अंतर्गत मौजूदा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाया जाएगा तथा आने वाले समय की चुनौतियों को देखते हुए नए संस्थानों का भी विकास किया जाएगा। जिससे कि आने वाले समय में भी हमारा देश स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ता रहे। यह योजना नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत संचालित की जाएगी। आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना की फंडिंग पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 17000 ग्रामीण तथा 11000 शहरी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर को समर्थन प्रदान किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना

  1. योजना की लागत 64 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, ये भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना होगी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से अलग होगी |
  2. इस योजना का मकसद शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में क्रिटिकल केयर सुविधाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं में मौजूद कमियों को दूर करना है |
  3. PMASBY के तहत चिन्हित किए गए 10 सबसे प्रमुख राज्यों के 17,788 ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं में मौजूद कमियों को दूर करना है |
  4. जिन जिलों में 5 लाख से ज्यादा आबादी है, वहां क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के जरिए क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जबकि बाकी जिलों को रेफरल सेवाओं के माध्यम से कवर किया जाएगा

PKL Final 2022 : Patna Pirates vs Dabang Delhi K.C. Dream11 prediction and tips

Patna Pirates vs Dabang Delhi- PKL Final 2022 :

136 मैचों, 12 टीमों और दो महीने से अधिक के action के बाद, वह समय आ गया जब अंतिम दो टीमें खिताब के लिए आज आपस में भिड़ेंगी |

पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) और दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) के बीच प्रो कबड्डी लीग (PKL) सीजन 8 का फाइनल आज 25 फरवरी शुक्रवार को बेंगलुरु के शेरेटन ग्रैंड व्हाइटफील्ड होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में खेला जाएगा | मैच भारतीय समयानुसार रात 8:30 बजे से शुरू होगा |

प्रशांत कुमार (Prashanth Kumar) के नेतृत्व में, तीन बार के चैंपियन पटना पाइरेट्स प्रो कबड्डी के चल रहे संस्करण में सबसे प्रमुख पक्ष रहे हैं |

22 मैचों में 86 अंकों के साथ टेबल-टॉपर के रूप में लीग चरण समाप्त करने के बाद, पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) ने यू.पी. योद्धा (U.P. Yoddha) को सेमीफाइनल में 38-27 से हराकर पीकेएल फाइनल में प्रवेश किया |

वहीं, दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) ने बुधवार को दूसरे सेमीफाइनल में बेंगलुरु बुल्स (Bengaluru Bulls) को 40-35 से हराकर अपने लगातार दूसरे प्रो कबड्डी फाइनल में प्रवेश किया |

जोगिंदर नरवाल (Joginder Narwal) की अगुवाई वाली टीम इससे पहले लीग चरण में 22 मैचों में 75 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी |

PAT vs DEL Dream11 prediction:- Patna Pirates vs Dabang Delhi

Patna Pirates vs Dabang Delhi

पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) और दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) प्रो कबड्डी लीग में 14 बार एक-दूसरे का सामना कर चुके हैं, जिसमें पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) आमने-सामने रिकॉर्ड 7-6 से आगे हैं |

हालांकि, दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) ने पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) को प्रो कबड्डी सीजन 8 में मिले दोनों मौकों पर हराया है |

दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) ने इस सीज़न में पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) के साथ अपनी पहली भिड़ंत में PAT को 32-29 से हराया, और दुसरे मुकाबले में 26-23 की जीत के साथ पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) पर डबल जीत हासिल की |

हालिया फॉर्म को देखते हुए दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) अपने पहले PKL खिताब का दावा करने के लिए पसंदीदा के रूप में मैदान में उतरेगा | लेकिन तीन बार के विजेताओं की संभावनाओं को खारिज करना मूर्खता होगी |

PAT vs DEL Dream11 team tips for Pro Kabaddi Season 8 final:-

Top tip: Best raider

दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) के स्टार रेडर नवीन कुमार (Naveen Kumar) प्रो कबड्डी सीजन 8 में एक असाधारण खिलाड़ी रहे हैं | 22 वर्षीय ने इस सीजन में 16 मैचों में 194 रेड अंक जमा करते हुए 167 सफल रेड पूरी की हैं |

अब तक 1519 fantasy points अर्जित करने के बाद, पीकेएल सीजन 8 के फाइनल के लिए अपनी fantasy kabaddi team में नवीन कुमार (Naveen Kumar) को चुनना चाहिए |

Top tip: Best defender

डिफेंडरों में पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) के नीरज कुमार (Neeraj Kumar) पीकेएल सीजन 8 के फाइनल के लिए पसंदीदा fantasy pick होंगे |

राइट कवर डिफेंडर (right cover defender) ने इस सीजन में 22 मैचों में दो High 5s और एक सुपर टैकल सहित 53 टैकल अंक जमा करते हुए 52 सफल टैकल किए हैं |

नीरज ने पहले ही 1400 fantasy points अर्जित कर लिए हैं और दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) के खिलाफ अंतिम मैच में अपने टैली में और अंक जोड़ना चाहेंगे |

Top tip: Best all-rounder

ऑलराउंडर स्थान के लिए, प्रो कबड्डी सीजन 8 की अंतिम फंतासी टीम में मोहम्मदरेज़ा चियानेह (Mohammadreza Chiyaneh) को बिना दिमाग लगाए चुनना है | ईरानी ऑलराउंडर पहले ही PKL के एक सीजन में 10 High 5s दर्ज करने वाले पहले डिफेंडर बनकर इतिहास रच चुके हैं

| 94.55 प्रतिशत fantasy players द्वारा चुने गए, मोहम्मदरेज़ा चियानेह (Mohammadreza Chiyaneh), जिनके पास इस सीजन में 87 टैकल पॉइंट हैं, ने 2138 fantasy points अर्जित किए हैं और शुक्रवार को पीकेएल फाइनल में पटना पाइरेट्स के लिए एक बार फिर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है |

PAT vs DEL probable starting lineups:-

PAT starting 7 (probable): सचिन तंवर (Sachin Tanwar) , नीरज कुमार (Neeraj Kumar), सजीं चंद्रशेकर (Sajin Chandrashekar), प्रशांत कुमार (कप्तान)/ Prashanth Kumar (captain), गुमान सिंह (Guman Singh), सुनील (Sunil), मोहम्मदरेज़ा चियानेह (Mohammadreza Chiyaneh)

DEL starting 7 (probable): नवीन कुमार (Naveen Kumar), जीव कुमार (Jeeva Kumar), मंजीत छिल्लर (Manjeet Chhillar), विजय (Vijay), आशु मलिक (Ashu Malik), संदीप नरवेल (Sandeep Narwal), जोगिंदर नरवेल (कप्तान) /Joginder Narwal (captain)

Frequently Asked Question(FAQs):-

प्रो कबड्डी लीग (PKL) सीजन 8 का फाइनल किसके बीच खेला जाएगा?

पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) और दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) के बीच

प्रो कबड्डी लीग (PKL) सीजन 8 का फाइनल कब खेला जाएगा?

25 फरवरी 2022 शुक्रवार को बेंगलुरु के शेरेटन ग्रैंड व्हाइटफील्ड होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में खेला जाएगा | मैच भारतीय समयानुसार रात 8:30 बजे से शुरू होगा |

पटना पाइरेट्स (Patna Pirates) की Pridicted Team क्या होगी?

सचिन तंवर (Sachin Tanwar) , नीरज कुमार (Neeraj Kumar), सजीं चंद्रशेकर (Sajin Chandrashekar), प्रशांत कुमार (कप्तान)/ Prashanth Kumar (captain), गुमान सिंह (Guman Singh), सुनील (Sunil), मोहम्मदरेज़ा चियानेह (Mohammadreza Chiyaneh)

दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) की Pridicted Team क्या होगी?

 नवीन कुमार (Naveen Kumar), जीव कुमार (Jeeva Kumar), मंजीत छिल्लर (Manjeet Chhillar), विजय (Vijay), आशु मलिक (Ashu Malik), संदीप नरवेल (Sandeep Narwal), जोगिंदर नरवेल (कप्तान) /Joginder Narwal (captain)

MP: आयुष्मान योजना से जुडे मध्य प्रदेश के 996 अस्पताल, देखिए कौन से जुड़े हॉस्पिटल आयुष्मान योजना से

आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल MP- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सदस्यों को सालाना पांच लाख तक का फ्री इलाज मुहैया कराने के लिए मप्र में 23 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई थी। इस योजना से अब तक मप्र के 996 अस्पताल जुड़ गए हैं। इनमें 472 सरकारी और 524 निजी अस्पताल इम्पैनल हुए हैं। आयुष्मान कार्ड धारी मरीज इन अस्पतालों में फ्री इलाज करा सकते हैं। 

आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल Madhya Pradesh

आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल

अपने जिले के आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों की सूची जानने के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया… आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल

स्टेप 1. सबसे पहले इस लिंक पर जाएं…क्लिक करें। 

आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल

स्टेप 2. इसके बाद State कॉलम में Madhya Pradesh और District कॉलम में अपने जिले का चयन करें।

स्टेप 3. Hospital Type कॉलम में सरकारी/निजी अस्पताल श्रेणी का चयन करें या इसे खाली छोड़ दें।

स्टेप 4. Speciality कॉलम में यदि बीमारी श्रेणी का पता हो तो दर्ज करें अन्यथा खाली छोड़ें।

स्टेप 5. Hospital Name का कॉलम खाली छोड़ें और Empanelment Type कॉलम में PMJAY का चयन करें।

स्टेप 6.  नीचे दिए रिक्त स्थान में Captchaode डालें और Search बटन पर क्लिक करें। 

स्टेप 7.  इसके बाद अस्पतालों की सूची दिखने लगेगी|

आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पताल

जानकारी और शिकायत के लिए इन टोल फ्री नंबर्स पर करें संपर्क :

आयुष्मान भारत निरामयम मध्यप्रदेश योजना के तहत अलग-अलग बीमारियों के नि:शुल्क इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों को चिह्नित और संबद्ध किया गया है। अस्पताल में इलाज कराने जाएं तो आयुष्मान के तहत वहां उपलब्ध मुफ्त उपचार के बारे में जानकारी लेने के लिए टोलफ्री हेल्पलाइन नम्बर 18002332085 या 14555 पर कॉल कर सकते है। अस्पताल द्वारा पैसे मांगे जाने और अन्य शिकायतों के लिए भी इन नंबर्स पर कम्पलेन कर सकते हैं।

ऐसे बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड:

आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हितग्राही पूरे प्रदेश में कहीं भी लोक सेवा केन्द्र, कॉमन सर्विस सेन्टर, यूटीआई-आईटीएसएल, चिन्हित ग्राम रोजगार सहायक व वार्ड इंचार्ज और भर्ती पर आयुष्मान योजना में इम्पैनल अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।

5 जनवरी से आपके द्वार आयुष्मान का तीसरा राउंड शुरू:

मध्यप्रदेश में1.08 करोड पात्र परिवारों के 4.7 करोड सदस्यों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए 5 जनवरी 2022 से आपके द्वार आयुष्मान के तीसरे चरण का अभियान चलाया जा रहा है।

55 फीसदी हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बने:

अब तक प्रदेश में लगभग 2.61 करोड (55.5%) आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर देश में पहले नंबर पर है। मार्च 2022 तक 75% पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

94 फीसदी पात्र परिवारों में एक सदस्य का कार्ड बना:

आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अन्तर्गत मध्यप्रदेश में 94 प्रतिशत पात्र परिवारों में कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। आयुष्मान भारत निरामयम मप्र के सीईओ अनुराग चौधरी ने बताया कि इस योजना से लगातार अस्पताल जुड़ रहे हैं। सामान्य बीमारियों से लेकर अंग प्रत्यारोपण में आयुष्मान योजना से गरीब मरीजों को लाभ मिल रहा है।

Russia Ukraine War: आखिर क्या है विवाद ? 10 बिंदुओं में जानिए पूरा मामला

Russia Ukraine War:-

रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हो गई है | रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की ओर से सैन्य कार्रवाई के आदेश के बाद यूक्रेन पर हमला किया जा रहा है| इस युद्ध ने यूरोप में महायुद्ध व तीसरे विश्व के हालात पैदा कर दिए हैं |

जहाँ रूस ने पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने का एलान किया है तो अमेरिका के नेतृत्व में नाटो भी मैदान संभाल सकता है | यूक्रेन ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं | ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर इस विवाद की जड़ क्या है?

हालांकि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव का मामला कोई नया नहीं है | दरअसल यूक्रेन (Ukraine) यूरोपीय संघ (EU) के काफी निकट है लेकिन ये नजदीकी रूस को पसंद नहीं है| साल 1991 में यूक्रेन ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता की घोषणा की थी |

जिसके बाद यूरोपीय संघ से यूक्रेन की नजदीकियां बढ़ी | यूक्रेन अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य संगठन नाटो (NATO) का सदस्य बनना चाहता है लेकिन रूस (Russia) ये नहीं चाहता है कि यूक्रेन नाटो की विस्तार योजना का हिस्सा बने |

10 बिंदुओं में जानें रूस और यूक्रेन के विवाद की जड़:-

  • मौजूदा टकराव वर्ष 2013 में उभरा था, जब यूक्रेन में रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच ने यूरोपीय यूनियन से चल रही अहम राजनीतिक एवं कारोबारी डील रोक दी थी | इस फैसले के विरोध में वहां कई हफ्ते प्रदर्शन हुए थे | कई जगहों पर हिंसक आंदोलन हुए थे | मार्च, 2014 में रूस ने क्रीमिया पर नियंत्रण कर लिया | इसके कुछ ही समय बाद यूक्रेन के डोनत्स्क और लुहांस्क में रूस समर्थक अलगाववादियों ने इन क्षेत्रों को स्वायत्त घोषित कर दिया | फ्रांस और जर्मनी के प्रयासों से इन क्षेत्रों को स्वायत्त घोषित करने के लिए यूक्रेन और रूस में समझौता भी हुआ, लेकिन यह टकराव नहीं रुका |
  • संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक मार्च, 2014 से अब तक विभिन्न टकराव में 3,000 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है | 1990 के दशक तक यूक्रेन पूर्व सोवियत संघ का ही प्रमुख हिस्‍सा था | सोवियत संघ के विघटन के बाद यूक्रेन और रूस दोनों संप्रभु राष्‍ट्र बन गए | यह शीत युद्ध का दौर था | इस दौरान सोवियत संघ और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर था | सोवियत संघ के विघटन के बाद इससे अलग हुए राज्‍यों ने अपनी स्‍वतंत्र विदेश नीति स्‍वीकार की | हालांकि, सोव‍ियत संघ के विघटन के बाद भी रूस और अमेरिका के बीच रिश्‍ते बहुत मधुर नहीं रहे | दोनों देशों के बीच संबंधों में एक खिंचाव रहा | उधर, यूरोप से सटे स्‍वतंत्र राज्‍य पश्चिमी देशों और अमेरिका के नजदीक आए | सोव‍ियत संघ से स्‍वतंत्र हुए राज्‍यों का यूरोपीय देशों और अमेरिका की निकटता रूस को पसंद नहीं आई |
  • यूक्रेन स्‍वतंत्र होने के बाद यूरोपीय संघ के निकट आया | यूक्रेन की यूरोपीय संघ से निकटता रूस को कभी नहीं भाई | इतना ही नहीं वर्ष 2014 के बाद से ही यूक्रेन अमेरिका के नेतृत्‍व वाले सैन्‍य संगठन नाटो का सदस्‍य देश बनना चाहता है | नाटो और यूक्रेन की समीपता ने रूस की चिंता को बढ़ा दिया | रूस कदापि नहीं चाहता कि उसकी सीमा तक नाटो की पहुंच हो | रूस की यह भी नाराजगी है कि यूक्रेन के चलते अमेरिकी सेना और नाटो के सदस्‍य देश उसकी सीमा तक पहुंच रहे हैं | रूस इसे एक बड़े खतरे के रूप में देखता है |
  • खास बात यह है कि यूक्रेन और रूस की सीमा एक दूसरे से मिलती है, ऐसे में सीमा पर नाटो और अमेरिका की हलचल रूस की सुरक्षा के लिए खतरा हैं | उन्‍होंने कहा है कि रूस को जब भी अपनी सुरक्षा पर खतरा लगेगा वह यूक्रेन के साथ युद्ध से पीछे नहीं हटेगा | हालांकि रूस यह बार-बार दावा करता रहा है कि वह यूक्रेन पर हमला नहीं करेगा | उधर, अमेरिका की खुफ‍िया रिपोर्ट के आधार पर यह कहा जा रहा है क‍ि जनवरी या अंत तक रूस यूक्रेन पर हमला कर सकता है |
  • नाटो और अमेरिका लगातार रूस को चेतावनी दे रहे हैं | नाटो का कहना है कि यदि रूस ने यूक्रेन पर हमले जैसा कदम उठाया तो उसे कीमत चुकानी पड़ेगी | उसे आर्थिक, वित्तीय और राजनीतिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है | यूक्रेन अभी नाटो का सदस्य नहीं है, ऐसे में उसकी सहायता को लेकर नाटो के पास सीमित विकल्प है |
  • 2014 के बाद रूस व यूक्रेन में लगातार तनाव व टकराव को रोकने व शांति कायम कराने के लिए पश्चिमी देशों ने पहल की | फ्रांस और जर्मनी ने 2015 में बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में दोनों के बीच शांति व संघर्ष विराम का समझौता कराया |
  • हाल ही में यूक्रेन ने नाटो से करीबी व दोस्ती गांठना शुरू किया | यूक्रेन के नाटो से अच्छे रिश्ते हैं | 1949 में तत्कालीन सोवियत संघ से निपटने के लिए नाटो यानी ‘उत्तर अटलांटिक संधि संगठन‘ बनाया गया था | यूक्रेन की नाटो से करीबी रूस को  नागवार गुजरने लगी |
  • अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया के 30 देश नाटो के सदस्य हैं | यदि कोई देश किसी तीसरे देश पर हमला करता है तो नाटो के सभी सदस्य देश एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं | रूस चाहता है कि नाटो अपना विस्तार न करे | राष्ट्रपति पुतिन इसी मांग को लेकर यूक्रेन व पश्चिमी देशों पर दबाव डाल रहे थे |
  • आखिरकार रूस ने अमेरिका व अन्य देशों की पाबंदियों की परवाह किए बगैर गुरुवार को यूक्रेन पर हमला बोल दिया | अब यदि नाटो ने रूस पर जवाबी कार्रवाई की और योरप के अन्य देश इस जंग में कूदे तो तीसरे विश्व युद्ध का खतरा बढ़ जाएगा |

Frequently Asked Questions (FAQs):-

यूक्रेन, सोवियत संघ से कब आजाद हुआ था?

1 दिसंबर 1991 को

यूक्रेन के NATO में शामिल होने की बात कब चली?

2008 में 

NATO का Full Form क्या है?

North Atlantic Treaty Organization जिसे North Atlantic Alliance भी कहते हैं |

NATO क्या करता है?

NATO का मकसद साझा सुरक्षा नीति पर काम करना है | अगर कोई बाहरी देश किसी NATO देश पर हमला करता है, तो उसे बाकी सदस्य देशों पर हुआ हमला माना जाएगा और उसकी रक्षा के लिए सभी देश मदद करेंगे |

NATO में कितने देश शामिल हैं?

आज NATO में 30 देश शामिल हैं |

यूक्रेन के राष्ट्रपति कौन हैं?

वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky)

रूस के राष्ट्रपति कौन हैं?

व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin)