राष्ट्रीय बांस मिशन: अब बांस की खेती से होगी बंपर कमाई

0
561
राष्ट्रीय बांस मिशन योजना
rashtriya bans mission yojana

राष्ट्रीय बांस मिशन योजना-

भारत के किसान पारंपरिक कृषि को छोडक़र व्यावसायिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं और व्यावसायिक खेती से कमाई भी ज्यादा कर रहे हैं | आज हम आपको ऐसी ही एक खेती के बारे में बता रहे हैं जिससे किसान करोड़पति बन सकता है |

जी, हां बांस की खेती एक ऐसी खेती जिससे किसान मात्र 20 साल के समय में एक करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा कमा सकता है वह भी केवल एक बार लागत लगाकर | बांस की खेती में किसान को हर साल खाद-बीज, कीटनाशक आदि पर खर्च नहीं करना पड़ता है |

बांस की खेती से किसान प्रति हेक्टेयर प्रति साल करीब 7 लाख रुपए कमा सकता है | इसी प्रकार वह मात्र 15 साल में एक करोड़ से अधिक रुपए कमा सकता है | केंद्र सरकार भी राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत बांस की खेती को प्रोत्साहित कर रही है और 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी समय-समय पर उपलब्ध कराती है |

राष्ट्रीय बांस मिशन योजना: एक हेक्टेयर से होगी 7 लाख रुपए की आमदनी

देश में बांस की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत 2014 से लगातार काम कर रही है | केंद्र सरकार ने बांस को पेड़ों की श्रेणी से हटा दिया है |

अब कोई भी बांस की खेती कर सकता है और इसके उत्पादों की खरीद-फरोख्त कर सकता है | बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए बांस के पौधे नि:शुल्क और सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाते हैं |

देश के 13.96 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में बांस मौजूद है | विश्व में बांस की करीब 136 प्रजातियां हैं जबकि भारत में 10 प्रमुख प्रजातियों की व्यावसायिक रूप से खेती की जाती है| बांस उत्पादन में भारत अग्रणी राज्य है इसके बावजूद निर्यात बहुत कम है |

किसान करोड़पति बनने के लिए बांस की खेती कर सकते हैं | जहां पारंपरिक खेती में हर फसल में खाद-बीज, कीटनाशक, सिंचाई और मानवीय श्रम पर बहुत अधिक पैसा खर्च होता है वहीं बांस की खेती में इन सबकी जरूरत नहीं पड़ती है | किसान एक हेक्टेयर जमीन पर बांस की खेती करके प्रतिवर्ष 7 लाख रुपए कमा सकता है |

बांस की खेती के लिए आवश्यक बातें:-

  • अगर आप बांस की खेती करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी की जांच करानी चाहिए | बांस की खेती के लिए 6.5 से 7.5 पीएम मान वाली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है |
  • बांस की खेती से सबसे उचित मौसम मार्च का महीना है | बांस की खेती में सबसे पहले नर्सरी तैयार करके उसमें पौध लगाई जाती है | पौध लगाने के लिए गहरी बुवाई कर क्यारियां बनानी होती है | बुवाई के पहले सप्ताह में पौध निकल आती है | पौधों के कुछ बड़े होने पर इनकी रोपाई करनी चाहिए |
  • अगर आप गैर पारंपरिक तरीकों से भी बांस की खेती करना चाहते हैं तो जड़ काटकर, कलम कटिंग या शाखाओं की कंटिंग जैसी विधियां अपना सकते हैं |
  • बांस की खेती में किसी भी प्रकार की खाद या कीटनाशक की जरूरत नहीं पड़ती है |
  • बांस का पौधा भूमि संरक्षण का काम करता है और मिट्टी के कटाव को भी रोकता है |
  • बांस पर्यावरण की दृष्टि से भी फायदेमंद है | यह कार्बनडाइआक्साइड ग्रहण करता है और ऑक्सीजन छोड़ता है |

बांस की खेती से ऐसे कमाएंगे पैसा:-

बांस की खेती से किसान लगातार मुनाफा कमा सकते हैं | इसकी खेती करके पारंपरिक फसलों की अपेक्षा ज्यादा पैसा कमाया जा सकता है | किसान एक हेक्टेयर भूमि में 625 पौधे 4 से 4 मीटर की दूरी पर लगाकर 5वें वर्ष में 3125 बांस प्राप्त कर सकता है |

बांसों की पैदावार अब लगातार बढ़ती रहेगी | 8वें साल किसान को 6250 बांसों की उपज मिलेगी | किसान इन बांसों को बाजार में बेचकर 5 से 7 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर का कमाई कर सकता है | यहां आपको बता दें कि किसान बांस के खेत में अन्य कृषि फसलों से भी कमाई कर सकता है |

किसान भाई बांस के साथ सफेद मूसली, अदरक, हल्दी आदि फसलें लगाकर अतिरिक्त कमाई कर सकता है | बांस का पौध एक बार स्थायी होने पर 40 से 48 साल तक उपज देता है |

अगर किसान भाई कम मेहनत और कम लागत में ज्यादा कमाई करना चाहते हैं तो बांस की खेती सबसे अच्छा विकल्प है | घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बांस की मांग हमेशा बनी रहती है |

बांस की खेती पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलती है | एक बार बांस का पौध लगाने पर करीब 40-48 साल तक बांस की फसल लगातार मिलती है | बांस की मांग कागज उद्योग, कार्बनिक कपड़े, जैव ईंधन आदि उद्योगों में सबसे ज्यादा  है | बांस का उपयोग सजावट के लिए बनी वस्तुओं और टिंबर आदि बिजनेस में बहुत होता है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here