इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है | आज ही के दिन महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय (Lala Lajpat Rai) का जन्म हुआ था | आज लाला लाजपत राय की 155वीं जयंती है | लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब के मोंगा जिले में हुआ था | लाला लाजपत राय को पंजाब केसरी यानी पंजाब का शेर कहा जाता था |
देश के स्वतंत्रता आंदोलन में लाला लाजपतराय का महत्वपूर्ण योगदान रहा | वो अपनी रचनाओं से भी लोगों को देशप्रेम और स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करते रहते थे | भारत को स्वाधीनता दिलाने में उनका त्याग, बलिदान तथा देशभक्ति अद्वितीय और अनुपम थी | उनका साहित्य-लेखन एक महत्वपूर्ण आयाम है | वे ऊर्दू तथा अंग्रेजी के समर्थ रचनाकार थे |
किशोरावस्था में स्वामी दयानंद सरस्वती से मिलने के बाद आर्य समाजी विचारों ने उन्हें प्रेरित किया साथ ही वे आजादी के संग्राम में तिलक के राष्ट्रीय चिंतन से भी बेहद प्रभावित रहे | आगे चलकर लाला लाजपत राय ने स्वतंत्रता आंदोलन में कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया |
3 फरवरी 1928 को जब साइमन कमीशन भारत आया था तो उसके विरोध में पूरे देश में आग भड़की थी | लाला लाजपतराय ने इसके विरोध में लाहौर में आयोजित बड़े आंदोलन का नेतृत्व किया और अंग्रेजी की हुकूमत को हिला दिला | इस आंदोलन में अंग्रेजों ने जनता पर लाठियां बरसाई | लाठियों के वार के कारण लाला लाजपतराय 17 नवंबर 1928 को शहीद हो गए थे |
लाला लाजपत राय कीप्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा:-
लाला लाजपत राय ने 1880 में कलकत्ता तथा पंजाब विश्वविद्यालय से एंट्रेंस की परीक्षा एक वर्ष में पास की और आगे पढ़ने के लिए लाहौर आए | 1982 में एफए की परीक्षा पास की और इसी दौरान वे आर्यसमाज के सम्पर्क में आए और उसके सदस्य बन गये |
लाला लाजपत रायका राजनीतिक सफर:-
1885 में स्थापना के वक्त से ही कांग्रेस में प्रमुख स्थान रखने वाले लाजपत राय 1888 में पहली बार कांग्रेस के इलाहाबाद अधिवेशन में सम्मिलित हुए, जिसकी अध्यक्षता मिस्टर जॉर्ज यूल ने की थी | 1894 में अंग्रेजों से लड़ने के लिए आर्थिक मजबूती के मकसद से पंजाब नेशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कंपनी की शुरुआत की तो 1905 में जब अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन कर दिया, तब लालाजी ने सुरेंद्रनाथ बनर्जी, लोकमान्य तिलक और विपिन चंद्र पाल जैसे आंदोलनकारियों से हाथ मिला कांग्रेस में उग्र विचारों की जगह बनाई |
लाला लाजपत रायकाइंग्लैंड का दौरा :-
लाला जी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन पंजाब में पूरी तरह से सफल रहा, जिस कारण लाला लाजपत राय को पंजाब का शेर व पंजाब केसरी के नाम से पुकारा जाने लगा | प्रथम विश्वयुद्ध (1914-18) के दौरान लाला लाजपत राय एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में इंग्लैंड गए और देश की आजादी के लिए प्रबल जनमत जागृत किया |
वहां से वे जापान होते हुए अमेरिका चले गए और स्वाधीनता-प्रेमी अमेरिकावासियों के समक्ष भारत की स्वाधीनता का पथ प्रबलता से प्रस्तुत किया | लाला लाजपत राय युवाओं के प्रेरणास्रोत थे | उनसे प्रेरित हो भगत सिंह, उधम सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि देशभक्तों ने अंग्रेजों से लोहा लिया था |
अंग्रेजो वापस जाओ का नारा दिया :-
साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लालाजी ने ‘अंग्रेजो वापस जाओ’ का नारा दिया और कमीशन का डटकर विरोध जताया | 3 फरवरी 1928 को जब साइमन कमीशन भारत आया तो उसके विरोध में पूरे देश में आग भड़की थी | 30 अक्टूबर 1928 को लाहौर में साइमन कमीशन के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में लाठीचार्ज के चलते लाला जी बुरी तरह से घायल हो गए |
18 दिन जख्मों से लड़ते हुए आखिर 17 नवंबर 1928 को जीवन की डोर टूट गई | लाठीचार्ज के ठीक एक महीने बाद 17 दिसंबर को ब्रिटिश पुलिस के अफसर सांडर्स को गोली से उड़ा दिया गया, जिसके लिए राजगुरु, सुखदेव और भगतसिंह को फांसी की सजा सुनाई गई |
गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक :-
लाला लाजपत राय ने पंजाब में पंजाब नेशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कंपनी की स्थापना भी की थी | वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे | इन्होंने एक मुख्तार के रूप में भी काम किया, वहीं 1892 तक रोहतक और हिसार में एक सफल वकील के रूप में रहे | इसके बाद लाहौर चले गए और आर्य समाज के अतिरिक्त्त राजनैतिक आंदोलन के साथ जुड़ गए |
आर्य समाज को पंजाब में लोकप्रिय बनाया:-
लाला लाजपत राय ने स्वामी दयानन्द सरस्वती के साथ मिलकर आर्य समाज को पंजाब में लोकप्रिय बनाया | लाला हंसराज के साथ दयानन्द एंग्लो वैदिक विद्यालयों का प्रसार किया, लोग जिन्हें आजकल डीएवी स्कूल्स व कालेज के नाम से जाना जाता है | लालाजी ने अनेक स्थानों पर अकाल में शिविर लगाकर लोगों की सेवा भी की थी |
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CAG Auditor, Accountantभर्ती 2021: भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक/Comptroller and Auditor General of India (CAG) ने लेखा परीक्षक (Auditor) और लेखाकार (Accountant) के 10811 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नवीनतम अधिसूचना जारी की है | लेखा परीक्षक (Auditor) और लेखाकार (Accountant) के 10811 पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट https://cag.gov.in/en के माध्यम से 19 फरवरी 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं |
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CAG Auditor, Accountantभर्ती 2021 की आवश्यक तिथियां:-
ऑनलाइन आवेदन की प्रारंभिक तिथि – 27/01/2021
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि – 19/02/2021
CAG Auditor, Accountantभर्तीके पदों का विवरण:-
State/ Branch
Auditor
Accountants
Andhra Pradesh
144
120
Arunachal Pradesh
29
24
Assam
106
180
Bihar
180
174
Chhattishgarh
139
102
Delhi
513
–
Goa
29
–
Gujarat
225
180
Haryana
117
137
Himachal Pradesh
97
120
Jammu Kashmir
132
150
Jharkhand
125
108
Karnataka
242
246
Kerala
208
384
Madhya Pradesh
251
269
Maharashtra
277
336
Manipur
27
60
Meghalaya
26
54
Mizoram
20
36
Nagaland
23
30
Odissa
179
240
Punjab
208
168
Rajasthan
234
144
Sikkim
16
18
Tamilnadu
306
288
Telangana
220
132
Tripura
34
54
Uttarakhand
70
90
Uttar Pradesh
289
330
West Bengal
430
228
Commercial Audit Offices
486
–
Railway Audit Offices
427
–
Defence Audit Offices
255
–
P&T Audit Offices
303
–
Regional Training Institute
42
–
Total = 10811
6409
4402
CAG Auditor, Accountantभर्ती का वेतनमान:-
Auditor & Accountant के लिए वेतनमान –Level- 5 Rs. 29200-92300/-
CAG Auditor, Accountantभर्ती आवश्यकशैक्षिक योग्यता और अनुभव:-
एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री, निर्दिष्ट भाषा के लिए भाषा प्रवीणता, और निर्धारित स्तर पर और परीक्षण किया जाना है, राज्य के राज्य लेखाकार जनरल के कार्यालय में जिसमें रिक्तियां मौजूद हैं और भर्ती होनी है |
CAG Auditor, Accountantभर्ती 2021के लिए आयु सीमा:-
न्यूनतम आयु सीमा – 18 वर्ष
अधिकतम आयु सीमा – 27 वर्ष
CAG Auditor, Accountantभर्ती 2021के लिए आवेदन शुल्क:-
आधिकारिक अधसूचना देखें |
CAG Auditor, Accountantभर्तीके लिएचयन प्रक्रिया:-
Test.
How to Apply:- CAG भर्ती 2021, Auditor, Accountant
Mode of Apply: Through Online.
Job Location: All India.
CAGAuditor, Accountantभर्ती के लिए Important Links:-
CAGAuditor, AccountantRecruitmentNotificationPDFClick Here
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, अब अपने आधार को अपने बैंक खाते से जोड़ना अनिवार्य नहीं है | लेकिन फिर भी यदि आप चाहते हैं कि आप अपने आधार को अपने बैंक खाते से लिंक करें, तो आप कर सकते हैं किन्तु यह याद रखें कि यह अब अनिवार्य नहीं है | इस लेख में हम बताएँगे की अपना आधार कैसे लिंक करें और यदि आपके पास एक से ज्यादा बैंक खाते हैं तो यह पता करें कि आपका कौन सा बैंक खाता आधार से लिंक है | आधार को बैंक खाते से लिंक करने के कई तरीके हैं | जिनमें से कुछ नीचे दिखाए गए हैं |
Branch के माध्यम से बैंक खाते को आधार से कैसे लिंक करें
अपने बैंक की शाखा पर जाएं |
अपने आधार या अपने ई-आधार को ले जाएं |
अनुरोध पत्र भरें |
अपने आधार की एक प्रति के साथ फॉर्म जमा करें |
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शाखा आपके आधार और आपके खाते को लिंक कर देगी |
आपको अपने अनुरोध की स्थिति की जानकारी के साथ अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक SMS प्राप्त होगा |
Internet Banking के माध्यम से बैंक खाते को आधार से कैसे लिंक करें
अपने इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल पर Login करें |
अपने आधार और बैंक खाते को जोड़ने के लिए अनुभाग पर जाएँ |
उस खाते का चयन करें जिसे आप लिंक करना चाहते हैं, अपना आधार नंबर दर्ज करें, और ’Submit’ बटन पर क्लिक करें |
आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर के अंतिम दो अंक स्क्रीन पर प्रदर्शित होंगे |
आपके आधार को लिंक करने के आपके अनुरोध की स्थिति आपको SMS के माध्यम से भेजी जाएगी |
Mobile App के माध्यम से बैंक खाते को आधार से कैसे लिंक करें
Google Play Store या App Store से Mobile Banking App डाउनलोड करें |
Application खोलें और अपने खाते (User Name और Password) से जुड़े credentials दर्ज करें | यदि कोई सुरक्षा सत्यापन है, तो उसे भी पूरा करें |
“Requests”/”Service” Requests” या किसी अन्य भिन्नता पर क्लिक करें |
“Link Aadhaar”/”Update Aadhaar Number” या किसी अन्य भिन्नता को कहने वाले विकल्प की तलाश करें |
उस खाते को चुनें जिसमें आप अपने आधार को लिंक करना चाहते हैं |
अपना आधार नंबर दर्ज करें (आपसे पुष्टिकरण के लिए इसे फिर से दर्ज करने के लिए कहा जा सकता है)
यदि लागू हो तो किसी भी नियम और शर्तों को स्वीकार करें |
“Update” / “Confirm” या किसी अन्य भिन्नता का चयन करें |
ATM के माध्यम से बैंक खाते को आधार से कैसे लिंक करें:-
अपने बैंक के ATM पर जाएं |
बैंक खाते से सम्बंधित debit card लगाएं करें और PIN दर्ज करें |
Screen में मौजूद विकल्पों में से Aadhaar-Bank Account link विकल्प का चयन करें |
How To Check Which Bank Account link with your Aadhaar
STEP 1: सबसे पहले आपको UIDAI AADHAR की आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.gov.in/ पर जाना होगा फिर Aadhaar Services कॉलम में सबसे नीचे Check Aadhaar / Bank Linking Status लिंक पर आपको क्लिक करना है क्लिक करते ही आप अगले पेज पर पहुँच जायेंगे जैसा की नीचे इमेज में दिखाया गया है |
STEP 2: अब आपको अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करना है,आधार नंबर दर्ज करने के बाद नीचे दिया हुआ कोड Enter Security Code बॉक्स में दर्ज करें यदि कोड को पढ़ने में कोई परेशानी हो रही हो तो Refresh के logo पर क्लिक करें नया कोड आपके स्क्रीन में आ जायेगा उसे एंटर करें,कोड एंटर करने के बाद Send OTP बटन पर क्लिक करें |
STEP 3: जैसे ही आप Send OTP बटन पर क्लिक करेंगे आपके स्क्रीन में आधार एवं बैंक अकाउंट से लिंक सम्बंधित जानकारी आपके स्क्रीन में आ जाएगी जैसे की आधार नंबर (Aadhar Number),बैंक लिंकिंग स्टेटस (Bank Linking Status),बैंक लिंकिंग डेट (Bank Linking Date) एवं बैंक नेम (Bank Name) |
इस प्रकार से आप अपने आधार एवं बैंक लिंकिंग स्टेटस की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं |इसी प्रकार की और महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करें या हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें |
EWS Certificate Online Application :- नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश के सामान्य वर्ग के नागरिकों के हित में बहुत बड़ा कदम उठाया है | सामान्य वर्ग के नागरिकों की काफी समय से चली आ रही आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था को लागू करने की मांग को केंद्र सरकार ने लागू कर दिया है |
अब देश में SC, ST और OBC के नागरिकों के साथ ही सामान्य वर्ग के नागरिक भी आरक्षण का लाभ उठा सकते हैं | सामान्य वर्ग के नागरिकों को भी अब आरक्षण प्रदान किया जाएगा | सामान्य वर्ग को आरक्षण प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा कुछ नियम और कानून बनाए गए हैं | जिनका पालन करने वाले सामान्य वर्ग के नागरिक ही इस आरक्षण व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं |
आरक्षण व्यवस्था के अंतर्गत सामान्य वर्ग के नागरिकों को केवल आधार पर ही आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाएगा | ऐसे सभी नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं | और वह सामान्य वर्ग के नागरिक हैं | उन्हें 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाएगा | आरक्षण का लाभ प्राप्त करने के लिए सामान्य वर्ग के गरीब नागरिकों को यह साबित करना होगा। कि वह वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर हैं | और उन्हें आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाना चाहिए |
सरकार ने सामान्य वर्ग के सभी आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों की पात्रता जांचने और उन्हें लाभ प्रदान करने के लिए EWS Certificate जारी करने की व्यवस्था की गई है | EWS Certificate के माध्यम से सभी पात्र नागरिक आरक्षण व्यवस्था का लाभ प्राप्त कर सकते हैं |
EWS Certificate क्या है:-
EWS Certificate का Full Form Economically Weaker SectionsCertificate है | अर्थात आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | EWS Certificate, इनकम सर्टिफिकेट की तरह ही है जो आपकी आर्थिक स्थिति को दर्शाता है | सरकार द्वारा यह सर्टिफिकेट जारी करने का मुख्य उद्देश्य हाल में ही मोदी सरकार द्वारा सामान्य जाति के कमजोर वर्ग के नागरिकों को आरक्षण का लाभ दिलाना है |
जैसा की आप जानतें हैं केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बहुत सी नौकरियां निकलती रहती है | जिनमे SC, ST और OBC का कोटा निर्धारित रहता है | अब सामान्य वर्ग के नागरिकों का भी 10% कोटा निर्धारित रहेगा | और सामान्य वर्ग के नागरिकों को आर्थिक आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाएगा | सामान्य वर्ग के ऐसे नागरिक जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं | और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही आरक्षण प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको EWS Certificate बनवाना होग |
EWS प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंड:- EWS Certificate 2021:-
आवेदक को सामान्य श्रेणी का होना चाहिए |
अगर आपकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम हैं तो आप आरक्षण के लिए पात्र हैं |
अगर आपके पास 5 एकड़ से कम खेती की जमीन हैं तो आप आरक्षण के लिए पात्र हैं |
अगर आपके पास 1000 square feet से कम का मकान हैं तो आप आरक्षण के लिए पात्र हैं |
अगर आपके पास नगरपालिका में 100 yards से कम का आवासीय भूखंड है तो आप आरक्षण के लिए पात्र हैं |
अगर आपके पास गैर-अधिसूचित नगरपालिका में 200 yards से कम का आवासीय plot है तो आप आरक्षण के लिए पात्र हैं |
EWS प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:- EWS Certificate 2021:-
जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत में मौजूद निम्न वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर (SC/ ST/ OBC) लोगो के उत्थान के लिए सरकार ने 49.5% सीट्स पहले से ही आरक्षित कर रखी हैं | अब इस नए 10% आरक्षण योजना के बाद सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के उम्मीदवारों के लोगो को भी शिक्षा और नौकरी में लाभ मिलेगा |
SC/ ST और OBC वालो की तरह इस EWS श्रेणी में आने वालो के लिए भी एक अलग Cutt-off निश्चित किया जायेगा जिससे उन्हें परीक्षा पास करके नौकरी मिलने में सहायता होगी |
पारिवारिक आय कैसे निर्धारित कि जाएगी:-
आवेदक की आय
माता-पिता की आय
आवेदक के भाई-बहन जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम हो उनकी आय
साथ ही आवेदक के पति-पत्नी की आय
आवेदक के बच्चो जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम हो उनकी आय |
EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया:-
अगर आप चाहे तो अपनी नज़दीकी तहसील में जाकर वहां के तहसीलदार या SDO से बनवा सकते है |
आप अपने लोकल जनसेवा केंद्र में जाकर किसी भी Agent के माध्यम से भी ये सर्टिफिकेट बनवा सकते है |
जिला अधिकारी / अतिरिक्त जिला अधिकारी / कलेक्टर / उपायुक्त / अतिरिक्त उपायुक्त / प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट / उप-विभागीय मजिस्ट्रेट / तालुका मजिस्ट्रेट / कार्यकारी मजिस्ट्रेट / अतिरिक्त सहायक आयुक्त आय और संपत्ति प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं |
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के लिए, आपको EWS प्रमाणपत्र फॉर्म की आवश्यकता होगी | इसके लिए आपको ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी, आप इस फॉर्म को किसी दुकान से खरीद सकते हैं या आप कार्यालय से मुफ्त फॉर्म भी प्राप्त कर सकते हैं और आप इंटरनेट से भी फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं |
Download Digital Voter ID Card- भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 25 जनवरी 2021 को e-EPIC (Electronic Electoral Photo Identity Card) लॉन्च किया है | डिजिटल वोटर आईडी कार्ड (Digital Voter ID Card) डाउनलोड प्रक्रिया राष्ट्रीय मतदाता दिवस से शुरू की गई है |
अब किसी भी व्यक्ति को मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) की हार्ड कॉपी रखने की जरूरत नहीं होगी | सरकार द्वारा शुरू की गई इस सुविधा के तहत अब कोई भी मतदाता अपने वोटर कार्ड की सॉफ्ट कॉपी अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर पर डाउनलोड कर सकता है |
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा शुरू किए गए वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) के इलेक्ट्रॉनिक संस्करण के तहत अब भारत के नागरिक आधार कार्ड जैसे ही डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी डाउनलोड कर सकेंगे | कानून मंत्री द्वारा इस सुविधा की शुरुआत आज 25 जनवरी को यानी ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ (National Voters’ Day) के मौके पर किया गया है |
चुनाव आयोग के मुताबिक e-Electoral Photo Identity Card (e-EPIC Card) निर्वाचक फोटो पहचान पत्र का डिजिटल संस्करण है और इसे Digital Locker जैसे माध्यमों से सुरक्षित रखा जा सकता है | ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ के मौके पर शुरू किए गए इस डिजिटल वोटर कार्ड को PDF में सेव किया जा सकता है |
डिजिटल वोटर आईडी कार्ड की मुख्य सुविधाएँ:- Download Digital Voter ID Card
e-EPIC एक non-editable secure PDF संस्करण है |
पहले चरण में, केवल नए मतदाता जिन्होंने अपने मतदाता कार्ड के लिए आवेदन किया है और चुनाव आयोग के साथ अपने मोबाइल नंबर पंजीकृत किए हैं, वे अपने डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड करने में सक्षम हैं |
1 फरवरी 2021 से, सभी मतदाता अपनी डिजिटल प्रतियां डाउनलोड करने में सक्षम होंगे, यदि उनके फोन नंबर चुनाव आयोग के साथ जुड़े हुए हैं |
जिन मतदाताओं के पास अपने फोन नंबर लिंक नहीं हैं, उन्हें इसे डाउनलोड सुविधा का लाभ उठाने के लिए करना होगा |
डिजिटल मतदाता पहचान पत्र PDF फॉर्मेट में होंगे |
नए मतदाताओं को अपने वोटर आईडी कार्ड की हार्ड कॉपी भी मिल जाएगी |
डिजिटलीकरण यह सुनिश्चित करने के लिए है कि वोटर आईडी कार्ड प्राप्त करने में कोई देरी न हो क्योंकि भौतिक कार्ड को प्रिंट करने और मतदाता तक पहुंचने में समय लगता है | विचार यह है कि दस्तावेज़ को तेज़ी से वितरण और आसान पहुँच प्रदान की जाए |
Digilocker पर डिजिटल वोटर आईडी कार्ड स्टोर किए जा सकते हैं |
डिजिटल कार्ड एक सुरक्षित QR Code ले जाएगा |
चुनाव आयोग की वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए मतदाता कार्ड का ई-संस्करण लॉन्च किया जा रहा है |
डिजिटल वोटर आईडी कार्ड या e-EPIC मोबाइल फोन या पर्सनल कंप्यूटर पर डाउनलोड किया जा सकता है |
e-EPIC डाउनलोड करने से पहले KYC कराना होगा | यह सुविधा मिलने के बाद वोटर को Address change होने पर बार-बार नया कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं रहेगी | इसके लिए सिंगल e-EPIC काफी होगा | QR Code में बदले पते के साथ इसे नए सिरे से डाउनलोड किया जा सकता है |
जिन वोटर्स का वोटर ID कार्ड खो गया है या खराब हो गया है, वे free में डुप्लीकेट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे | अभी इसके लिए 25 रुपए देने होते हैं |
इस कदम से One Nation-One Election Card की योजना पर आगे बढ़ा जा सकेगा |
Download Digital Voter ID Card, NVSP Portal सेe-EPIC कैसेडाउनलोड करें:-
सबसे पहले आपको e-EPIC डाउनलोड करने के लिए नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल की वेबसाइट https://nvsp.in/ पर जाना होगा |
Homepage पर, Download e-EPIC विकल्प मौजूद है और यह non-clickable करने योग्य है, इसलिए इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको पहले NVSP पोर्टल पर पंजीकरण / लॉगिन करना होगा |
इस प्रयोजन के लिए, यहाँ दिखाए अनुसार “Login / Register” बटन पर क्लिक करें |
इस लिंक पर क्लिक करने पर, आपको नीचे दिखाए गए अनुसार NVSP Account Login page पर भेज दिया जाएगा |
यहां आवेदक डिजिटल वोटर आईडी कार्ड के लिए NVSP खाता पंजीकरण पेज खोलने के लिए “Don’t have account, Register as a new user” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं |
सफल पंजीकरण और फिर NVSP पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद, उम्मीदवार इस मोड से डिजिटल वोटर आईडी कार्ड (e-EPIC) डाउनलोड कर सकेंगे |
यहां आप निम्नलिखित सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं – Enroll To Vote, Check My Enrollment, Update My Details, Find My Polling Station, Know My BLO, Download E-EPIC
डिजिटल वोटर आईडी कार्ड डाउनलोड सहित इन सुविधाओं का उपयोग करने के लिए, आपको लॉगिन और पंजीकरण करना होगा जैसा कि नीचे दिखाया गया है |
यहां आवेदक मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी या वोटर आईडी नंबर और पासवर्ड के साथ लॉगिन कर सकते हैं या facebook, twitter, gmail, linkedin जैसे सोशल मीडिया खातों के साथ लॉगिन कर सकते हैं | बस डिजिटल वोटर आईडी कार्ड (e-EPIC) डाउनलोड सुविधा का उपयोग करने के लिए लॉगिन करें |
Republic Day Wishes 2021- भारत इस साल अपना 72वां गणतंत्र दिवस (72nd Republic Day) मना रहा है | हर साल 26 जनवरी को भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं | इस दिन हर भारतीय देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आता है | गणतंत्र क्या है? या गणतंत्र का अर्थ (Meaning of Republic) क्या है?, गणतंत्र का अर्थ है जनता के लिए जनता द्वारा शासन |
दरअसल, 26 जनवरी 1950 को हमारा देश गणतांत्रिक देश के रूप में सामने आया | इसी दिन भारत का संविधान (Constitution of India) भी लागू किया गया | भारत का संविधान लिखित एवं दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है | संविधान का निर्माण भारतरत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) की अध्यक्षता में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में पूरा किया गया था |
संविधान लागू होने से पहले भी 26 जनवरी का बहुत ही महत्व था, क्योंकि 1929 को राष्ट्र को स्वतंत्र बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में किया गया था | इसमें यह घोषणा हुई थी कि अगर 26 जनवरी 1930 तक अंग्रेज सरकार भारत को उपनिवेश का पद नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र कर देगा और ऐसा ही हुआ अंग्रेज सरकार ने जब कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की |
इसके बाद आजादी के लिए सक्रिय आंदोलन शुरु हो गया | तब से प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाने लगा | भारत माता के वीर सपूतों ने अपने मातृभूमि के सम्मान एवं आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था |
ऐसे महान देशभक्तों के त्याग और बलिदान के कारण ही हमारा देश, गणतांत्रिक देश हो सका | हमारे देश में कदम-कदम पर शौर्य का इतिहास अंकित है | किसी ने सच ही कहा है- ‘कण-कण में सोया शहीद, पत्थर-पत्थर इतिहास है |’ ऐसे ही अनेक देशभक्तों की शहादत का परिणाम है, हमारा गणतांत्रिक देश भारत |
Republic Day wishes 2021 in Hindi :-
तैरना है तो समंदर में तैरो, नदी नालों में क्या रखा है, प्यार करना है तो वतन से करो, इन बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
ना जियो घर्म के नाम पर, ना मरों घर्म के नाम पर, इंसानियत ही है धर्म वतन का, बस जियों वतन के नाम पर ||भारत माता की जय||
कुछ नशा तिरंगे की आन है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है, हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिंदुस्तान की शान का है. गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!
इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है, झूम उठो देशवासियों गणतंत्र दिवस फिर आया है। गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!
यही खुवाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना, अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना, न दे दोलत न दे शोहरत, कोई शिकवा नही हमको, झुका दूँ सर मै दुश्मन का यही हिम्मत का घन देना, अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!
नहीं सिर्फ जशन मनाना, नहीं सिर्फ जंडे लहराना, ये काफी नहीं है वतन पर. यादों को नहीं भुलाना, जो कुर्बान हुए उनके लफ़्ज़ों को आगे बढ़ाना, खुदा के लिए नहीं, ज़िन्दगी वतन के लिए लुटाना गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
फिर से खुद को जगाते हैं, अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं, याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी, जिनके कारण हम गणतंत्र दिवस का आनंद उठाते हैं। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।
Republic Day wishes 2021 in English:-
We are all 72 years old together as a nation, no matter the age of our bodies. And the power of unity is that we are celebrating the 72nd year of Republic Day together. Wish you a very Happy Republic Day!
On this day let us make a promise to strive for justice, freedom and equal rights for every Indian and for peace and unity among all who are fortunate enough to live in this glorious nation. Wish you a very Happy Republic Day!
I wish you a very Happy Republic Day 2021! Let us spend some time today in reflection of the true heroes of India who sacrificed their lives to give us freedom.
You should be proud that you are an Indian because those who are born in this great country are truly blessed. Happy Republic Day 2021!
Rejoice in the glory of the nation and do not forget to thank the soldiers, who’s vigilance and sacrifice keeps us safe. I wish you a very Happy Republic Day 2021!
On this special occasion, let us make a promise to our motherland that we will do all we can to enrich and preserve our heritage and our national ethos. Wishing you all a very Happy Republic Day 2021!
Let us join our hands and work together to protect our nations from all the social evils that are tarnishing it’s greatness. I wish you a very Happy Republic Day 2021!
Our brave heroes waged a valiant struggle for years so that the future generations could live their lives with freedom and dignity. This is a day to celebrate them and what they fought for. Wishing you all a very Happy Republic Day!
On this special anniversary, let us make a promise tp our mother land that we will do all we can to enrich and preserve it’s glorious heritage and make it even better. I wish you a very Happy Republic Day 2021!
Freedom has not come easy, it is because of the sacrifices of our freedom fighters, so never take it for granted. I wish you a very Happy Republic Day 2021!
A thousand salutes to all in this great nation of ours. May we make it become even more prosperous and great. I wish you a very Happy Republic Day 2021!
Freedom of thought, strength in our convictions and pride in our heritage. Let’s salute our brave martyrs on Republic Day. Happy Republic Day!
भारत इस साल अपना 72वां गणतंत्र दिवस (72nd Republic Day) मना रहा है | हर साल 26 जनवरी को भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं | इस दिन हर भारतीय देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आता है | गणतंत्र क्या है? या गणतंत्र का अर्थ (Meaning of Republic) क्या है?, गणतंत्र का अर्थ है जनता के लिए जनता द्वारा शासन |
दरअसल, 26 जनवरी 1950 को हमारा देश गणतांत्रिक देश के रूप में सामने आया | इसी दिन भारत का संविधान (Constitution of India) भी लागू किया गया | भारत का संविधान लिखित एवं दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है | संविधान का निर्माण भारतरत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) की अध्यक्षता में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में पूरा किया गया था |
संविधान लागू होने से पहले भी 26 जनवरी का बहुत ही महत्व था, क्योंकि 1929 को राष्ट्र को स्वतंत्र बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में किया गया था | इसमें यह घोषणा हुई थी कि अगर 26 जनवरी 1930 तक अंग्रेज सरकार भारत को उपनिवेश का पद नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र कर देगा और ऐसा ही हुआ अंग्रेज सरकार ने जब कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की |
इसके बाद आजादी के लिए सक्रिय आंदोलन शुरु हो गया | तब से प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाने लगा | भारत माता के वीर सपूतों ने अपने मातृभूमि के सम्मान एवं आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था |
ऐसे महान देशभक्तों के त्याग और बलिदान के कारण ही हमारा देश, गणतांत्रिक देश हो सका | हमारे देश में कदम-कदम पर शौर्य का इतिहास अंकित है | किसी ने सच ही कहा है- ‘कण-कण में सोया शहीद, पत्थर-पत्थर इतिहास है |’ ऐसे ही अनेक देशभक्तों की शहादत का परिणाम है, हमारा गणतांत्रिक देश भारत |
गणतंत्र दिवस का इतिहास:-
गणतंत्र दिवस का इतिहास बड़ा ही रोचक है | एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया |
साल 1929 की दिसंबर में लाहौर में पंडित जावरहलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस का अधिवेशन किया गया था | इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित करते हुए इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियन का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा |
26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब बैठक में उपस्थित सभी क्रांतिकारियों ने अंग्रेज सरकार के शासन से भारत को आजाद करने और पूर्णरूपेण स्वतंत्रता को साकार करने के लिए 26 जनवरी 1930 को ‘स्वतंत्रता दिवस‘ के रूप में एक ऐतिहासिक पहल बनाने की शपथ ली थी |
उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा | इसके बाद 15 अगस्त 1947 को वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद इस दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा | भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से शुरू किया | संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे |
26 जनवरी को कैसे लागू हुआ संविधान :-
संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयां थी, जिसमें प्रारूप समिति (Drafting committee) सबसे प्रमुख और महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना‘ या ‘निर्माण करना‘ था | प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे | प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया |
अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किए | इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया | 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (Constituent Assembly) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई | इसलिए 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है |
गणतंत्र दिवस की परेड:– यह देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर आयोजित होती है | यह परेड 8 किलोमीटर की होती है और इसकी शुरुआत रायसीना हिल से होती है | उसके बाद राजपथ, इंडिया गेट से होते हुए ये लाल किले पर समाप्त होती है |
गणतंत्र दिवस की पहली परेड :- 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र दिवस की पहली परेड, राजपथ के बजाय तत्कालीन इर्विन स्टेडियम (अब नेशनल स्टेडियम) में हुई थी | उस वक्त इर्विन स्टेडियम के चारों तरफ चारदीवारी नहीं थी और उसके पीछे लाल किला साफ नजर आता था |
संविधान की तारिख और समय:-26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था |
पूर्ण स्वराज दिवस :-26 जनवरी 1930 को ध्यान में रखते हुए भारत के संविधान को 26 जनवरी को लागू किया गया था |
21 तोपों की सलामी:- राष्ट्रगान के दौरान 21 तोपों की सलामी दी जाती है. 21 तोपों की ये सलामी राष्ट्रगान की शुरूआत से शुरू होती है और 52 सेकेंड के राष्ट्रगान के खत्म होने के साथ पूरी हो जाती है |
झाकियों का प्रदर्शन:- हर साल गणतंत्र दिवस पर राज्यों की झाकियां निकलती हैं, जिसका टीवी पर लाइव प्रसारण भी किया जाता है | गणतंत्र दिवस के मौके पर खासतौर पर झाकियां देखने के लिए कई लोग इंडिया गेट भी जाते हैं |
राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day) हर साल 25 जनवरी को युवाओं को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने और प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है | वोट डालना एक मूल अधिकार है | राष्ट्रीय मतदाता दिवस इसलिए भी मनाया जाता है की पूरे देश में मतदाताओं की संख्या बढ़े, विशेषकर युवा मतदाताओं की | यह मतदाताओं के बीच चुनावी प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी मनाया जाता है | इस साल 11वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है|
यह दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम है | इस दिन भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि भारत के प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य की नींव रखता है | इसलिए हर एक व्यक्ति का वोट राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनता है | भारत में जितने भी चुनाव होते हैं, उनको निष्पक्षता से संपन्न कराने की जिम्मेदारी ‘भारत निर्वाचन आयोग‘ की होती है |
National Voters Day 2021 wishes in Hindi:-
“बड़े हो या जवान। सभी करें मतदान।।”
“जागरूक समाज की क्या पहचना। शत-प्रतिशत होगा मतदान।।”
“समय वोट के लिए निकालें। जिम्मेदारी कभी ना टाले।।”
“बनो देश के भाग्य विधाता। अब जागो प्यारे मतदाता।।”
“घर-घर साक्षरता ले जाएंगे। मतदाता जागरूक बनाएंगे।।”
“न जाति पे, न धर्म पे। बटन दबेंगा, कर्म पे।।”
“छोड़ो अपने सारे काम। पहले चलो करें मतदान।।”
“छोड़ के अपने सारे काम। पहले चलो करे मतदान।।”
“हम मतदाता जिम्मेदार। डालें वोट सभी नर-नार।।”
“लोकतंत्र की सुनो पुकार। मत खोना अपना मत अधिकार।।”
“नहीं करेंगे यदि मतदान। होगा बहुत बड़ा नुक़सान।।”
“न नशे से, न नोट से। किस्मत बदलेगी वोट से।।”
“वोट की कीमत कभी न लेंगे। लेकिन वोट ज़रूर देंगे।।”
“मत देना अपना अधिकार। बदले में ना लो उपहार।।”
“ये है सबकी ज़िम्मेदारी। डालें वोट सभी नर-नारी।।”
“वोट करें वफ़ादारी से। चयन करें समझदारी से।।”
“लोकतंत्र का यह आधार। वोट न कोई हो बेकार।।”
“वोट डालने जाना है। अपना फर्ज़ निभाना है।।”
“जब भी वोट डालने जांए। पहचान पत्र साथ ले जांए।।”
“सबकी सुनें, सभी को जानें। निर्णय अपने मन का मानें।।”
National Voters Day 2021 wishes in English:-
“Democracy is based upon the conviction there are extraordinary possibilities in ordinary people.”
“The most important office, and the one which all of us can and should fill, is that of private citizen.”
“Our political leaders will know our priorities only if we tell them, again and again, and if those priorities begin to show up in the polls.”
“Voting is the expression of our commitment to ourselves, one another, this country, and this world.”
“This process of election affords a moral certainty that the office of President will seldom fall to the lot of any man who is not in an eminent degree endowed with the requisite qualifications.”
“Talk is cheap, voting is free; take it to the polls.”
“Democracy is about voting and it’s about a majority vote. And it’s time that we started exercising the Democratic process.”
“The first duty of a man is to think for himself.”
“Voting is as much an emotional act as it is an intellectual one.”
“We can all agree on the importance of voting.”
“Not voting is not a protest. It is a surrender.”
“There’s no such thing as a vote that doesn’t matter.”
“By voting, we add our voice to the chorus that forms opinions and the basis for actions.”
“People shouldn’t be afraid of their government. Governments should be afraid of their people.”
“I love voting day. I love the sight of my fellow citizens lining up to make their voices heard.”
“We do not have government by the majority. We have government by the majority who participate.”
“Bad officials are elected by good citizens who don’t vote.”
“Somewhere inside of all of us is the power to change the world.”
प्रधानमंत्री किसान एफपीओ योजना (PM Kisan FPO Yojana) 2020-2021 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म आधिकारिक वेबसाइट https://enam.gov.in/web/ पर उपलब्ध है | केंद्र सरकार ने किसान उत्पादक संगठन (FPO) योजना 2020-2021 का गठन और संवर्धन शुरू किया है|
इस योजना में, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों के लिए पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए 2019-20 से 2023-24 तक पांच वर्षों की अवधि में 10,000 FPO बनाएंगे | केंद्र सरकार प्रत्येक FPO के लिए उसकी स्थापना से 5 साल तक समर्थन जारी रखेगा |
सभी किसान उत्पादक संगठनों (FPO) का उद्देश्य छोटे किसानों को मंच प्रदान करने का है | यह किसानों को सामूहिक रूप से अपनी चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाता है जैसे कि कृषि आदानों और उपज के विपणन तक पहुंच |
PM Kisan FPO Yojana 2020-2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन:-
लोग आधिकारिक पोर्टल https://enam.gov.in/web/ पर प्रधानमंत्री किसान एफपीओ योजना (PM Kisan FPO Yojana) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं | प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2020 को उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में किसान निर्माता संगठनों की देशव्यापी शुरूआत की | ये FPO सहकारी मंच किसानों को व्यवसायी के रूप में बदल देंगे क्योंकि 86% किसान छोटे और सीमांत श्रेणी में आते हैं जिनकी 1.1 हेक्टेयर से कम भूमि है |
FPO किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम करेगा, किसानों को 2022 तक Doubling Farmers Income का सपना साकार करेगा | अब तक किसान केवल फसलों के उत्पादक थे, लेकिन अब PM मोदी की FPO योजना के माध्यम से, वे व्यापारियों के साथ अपनी उपज की कीमतों पर बातचीत करने और व्यापार करने में सक्षम होंगे |
FPO enam Portal पर ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं:-
FPOs/FPCs, e-NAM Portal पर वेबसाइट (www.enam.gov.in) या मोबाइल ऐप के माध्यम से या नजदीकी eNAM mandi में निम्नलिखित विवरण प्रदान कर सकते हैं :-
FPOs/ FPCs के नाम
अधिकृत व्यक्ति (MD/CEO /Manager) का नाम, पता, email Id और contact no.
बैंक खाता विवरण (बैंक का नाम, शाखा, खाता संख्या, IFSC कोड) |
FPO क्या है:-
किसान उत्पादक संगठनों (Farmer Producer Organizations) के पीछे अवधारणा यह है कि किसान, जो कृषि उत्पादों के उत्पादक हैं, समूह बना सकते हैं | इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के गठन में राज्य सरकारों का समर्थन करने के लिए कृषि और सहकारिता विभाग द्वारा लघु कृषक कृषि व्यवसाय संघ (SFAC) को अनिवार्य किया गया था |
PM Kisan FPO Yojana बनी किसानों की आय:-
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पांच राज्यों में मधुमक्खी पालक को स्थापित करने की घोषणा की है | यह घोषणा केंद्र सरकार की PM Kisan FPO Yojana के अंतर्गत की गई है | जिसके अंतर्गत सरकार द्वारा 10000 एफपीओ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है | 26 नवंबर 2020 को 5 जिलों में एफपीओ का शुभारंभ किया गया है | यह 5 जिले मध्य प्रदेश का मुरैना, पश्चिम बंगाल का सुंदरवन, बिहार का पूर्वी चंपारण, राजस्थान का भरतपुर तथा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का नाफेड है|
इस योजना के माध्यम से भारत को शहद उत्पादन में आगे बढ़ाना है | इन 5 जिलों के FPO 4 से 5 हजार शहद उत्पादकों को लाभ पहुंचेगा तथा 60,000 क्विंटल शहद उत्पन्न होगा |जो कि नफेड की मदद से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा | SPO के सभी सदस्य संगठन अपनी गतिविधियों का प्रबंधन खुद कर सकेंगे | जिससे कि बाजार तक बेहतर पहुंच बन सके |
इस योजना के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचेगा और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी | पीएम किसान एफपीओ योजना के लिए सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपए का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत निर्धारित किया गया है | किसानों की आय दोगुनी करने में एफपीओ का एक बहुत ही बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहेगा |
किसान एफपीओ योजना की विशेषताएं:-
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि मोदी सरकार 10,000 नए किसान उत्पादक संगठन बनाएगी।
साल 2024 तक इस पर 6865 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार हर FPO किसानो को 5 साल के लिए सरकारी समर्थन दिया जायेगा।
केंद्र सरकार संगठन के काम को देखने के बाद 15 लाख रुपए की सहायता देगी। इस सहायता की पूरी राशि तीन वर्षों में मिलेगी।
इसमें वही सारे फायदे मिलेंगे जो एक कंपनी को मिलते हैं. इससे कुल 30 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
इस योजना का मकसद किसी उद्योग के बराबर ही खेती से मुनाफा हासिल करना है।
देश में कृषि का विस्तार होगा और किसानों के आर्थिक हालात भी बेहतर होंगे।
इस योजना के अंतर्गत देश के किसानों को दी जाने वाली धनराशि नकद दी जाएगी । इस योजना में छोटे और सीमांत किसानों के समूह बनेंगे, जिससे उन्हें लाभ मिलेगा।
पीएम किसान FPO योजना 2021 के लाभ:-
इस योजना का लाभ देश के किसानो को प्रदान किया जायेगा।
इस योजना के अंतर्गत देश किसान उत्पादक संगठनो को केंद्र सरकार द्वारा 15 लाख रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी सरकार द्वारा यह धनराशि तीन साल के भीतर प्रदान की जाएगी।
पीएम किसान FPO योजना 2021 के तहत अगर संगठन मैदानी क्षेत्र में काम करता है तो उसमें कम से कम 300 किसान जुड़े होने चाहिए। इसी तरह यह संगठन पहाड़ी क्षेत्र में काम करता है तो 100 किसानो को इससे जुड़े होने चाहिए। तभी वह इस योजना का लाभ उठा सकते है।
इस योजना के तहत देश के किसान अन्य प्रकार के भी फायदे होंगे जैसे बने संगठनों से जुड़े किसानों को अपनी उपज के लिए बाजार मिलेगा। साथ ही उनके लिए खाद, बीज, दवाई और कृषि उपकरण जैसा जरूरी सामान खरीदना बेहद आसान होगा।
देश के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो उन्हें इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day) हर साल 25 जनवरी को युवाओं को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने और प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है | वोट डालना एक मूल अधिकार है | राष्ट्रीय मतदाता दिवस इसलिए भी मनाया जाता है की पूरे देश में मतदाताओं की संख्या बढ़े, विशेषकर युवा मतदाताओं की | यह मतदाताओं के बीच चुनावी प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी मनाया जाता है | इस साल 11वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है |
यह दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम है | इस दिन भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि भारत के प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य की नींव रखता है | इसलिए हर एक व्यक्ति का वोट राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनता है | भारत में जितने भी चुनाव होते हैं, उनको निष्पक्षता से संपन्न कराने की जिम्मेदारी ‘भारत निर्वाचन आयोग‘ की होती है |
राष्ट्रीय मतदाता दिवस का इतिहास:-
25 जनवरी, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) का स्थापना दिवस है जो 1950 को अस्तित्व में आया था | इस दिन को पहली बार 2011 में मनाया गया था ताकि युवा मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके |
इसमें कोई संदेह नहीं कि यह वोट के अधिकार और भारत के लोकतंत्र मनाने का भी दिन है | चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं, विशेष रूप से पात्र लोगों के नामांकन में वृद्धि करना है | पहले मतदाता की पात्रता आयु 21 वर्ष थी लेकिन 1988 में इसे घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया था | 1998 के साठवें संशोधन विधेयक ने भारत में मतदाता पात्रता की आयु कम कर दी |
राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व:-
भारत एक लोकतांत्रिक देश है | हर नागरिक को वोट देने का मूल अधिकार है | उन्हें अपने नेता का चयन करने का अधिकार है, जो देश का नेतृत्व करने में सक्षम हों, आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकें, परिवर्तन ला सकें, इत्यादि | राष्ट्रीय मतदाता दिवस का भारत में अपना ही महत्व है क्योंकि देश का भविष्य नेता में निहित है जिन्हें हम चुनते हैं |
अगर हम सही नेता का चयन नहीं करते हैं तो देश की प्रगति और विकास बाधित होगा और देश के लोगों पर भी इसका असर पड़ेगा | यह देश का नेता है जो विभिन्न बुनियादी बड़ी परियोजनाओं और कई चीजों का फैसला करता है |
यदि बुनियादी प्रणाली को ठीक से विकसित नहीं किया जाएगा, तो इससे सड़कों के निर्माण, बिजली कनेक्शन की समस्याएं, इत्यादि पैदा हो सकती हैं | इसलिए, हमें युवाओं को भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नेटवर्क का निर्माण करना चाहिए, जो बिना असफल हुए अपने वोट डालने को सुनिश्चित कर सकें |
राष्ट्रीय मतदाता दिवस Theme:-
Theme 2020: “Electoral Literacy for a Stronger Democracy”
Theme 2019: “No Voter to be left behind”
Theme 2018: “Accessible Elections”
Theme 2017: “Empowering Young and Future Voters”
Theme 2016: “Inclusive and qualitative participation”
CSMC 52वीं बैठक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने प्रधान मंत्री आवास योजना शहरी /Pradhan Mantri Awas Yojana Urban (PMAY-U) के तहत 1.68 लाख (1,68,606) अधिक किफायती घरों को मंजूरी दी है |
पीएमएवाई शहरी आवास योजना (PMAY Urban Housing Scheme) के तहत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में गरीब लोगों को जिनके पास अपना घर नहीं है उन्हें सस्ते घर उपलब्ध कराना है | 20 जनवरी 2021 को आयोजित CSMC की 52 वीं बैठक में केंद्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति ने PMAY-U के तहत और अधिक घरों को मंजूरी दी |
CSMC की 52वीं बैठक में 2,524/- करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की गई है और 7,639 करोड़ रुपये का निवेश मंजूर किया गया हैं | अब स्वीकृत कुल केंद्रीय सहायता राशि 1.76 लाख करोड़ रुपये है जबकि अब तक स्वीकृत कुल निवेश 6.8 लाख करोड़ रुपये है | केंद्र सरकार 11 राज्यों में इन 1.68 लाख नए घरों का निर्माण करने जा रहा है | केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित पक्के घरों की संचयी संख्या अब पीएमएवाई शहरी (PMAY-U) आवास योजना के तहत 1.10 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है |
CSMC 52वीं बैठक में लिए गए मुख्य फैसले:-
प्रधान मंत्री आवास योजना- शहरी (PMAY-U) के तहत Central Sanctioning and Monitoring Committee (CSMC) की 52वीं बैठक में 1,68,606 नए घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई है | इस बैठक में 14 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया | इन घरों का निर्माण लाभार्थी LED निर्माण, भागीदारी में किफायती आवास और In-Situ Slum पुनर्विकास में किए जाने का प्रस्ताव है | राज्यों ने विभिन्न मुद्दों जैसे कि भूमि, स्थलाकृतिक खतरों, अंतर-शहर प्रवास, ऊर्ध्वाधर की वरीयताओं के परिवर्तन आदि के कारण परियोजनाओं के संशोधन के लिए अपने प्रस्ताव रखे | 70 लाख से अधिक घरों में निर्माण विभिन्न चरणों में है और 41 लाख से अधिक मकान बनकर तैयार हो चुके हैं |
पीएम आवास मिशन के तहत प्रगति स्थिर रही है | केंद्र सरकार सभी बुनियादी भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के साथ घरों को पूरा करने की ओर बढ़ना है | राज्य / संघ राज्य क्षेत्र लाभार्थियों को आवासों की पूर्ति और वितरण पर ध्यान केंद्रित करेंगे | केंद्र सरकार राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों से सस्ती किराया आवास परिसरों (ARHCs) योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने का आग्रह करता है |
सभी राज्य / केंद्र शासित प्रदेश छह शहरों अगरतला (त्रिपुरा), रांची (झारखंड), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), इंदौर (मध्य प्रदेश), राजकोट (गुजरात) और चेन्नई (तमिलनाडु) में शुरू किए गए लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स (एलएचपी) से सीख सकते हैं | बड़े पैमाने पर आवास के लिए प्रौद्योगिकी को पूरे देश में दोहराया और बढ़ाया जा सकता है |
CSMC 52 वीं बैठक COVID-19 महामारी के दौरान दूसरी CSMC बैठक थी | आवास और शहरी कार्य मंत्रालय 2022 तक शहरी भारत के सभी पात्र लाभार्थियों को पक्के मकान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जब राष्ट्र 75 वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाएगा |
CSMC की 52 वीं बैठक में स्वीकृत नए मकानों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें:-
समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित सभी गरीब और वंचित लोग अब प्रधानमंत्री आवास योजना ऑनलाइन फॉर्म भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं | केंद्र सरकार ने 20 जनवरी 2021 को आयोजित CSMC की 52 वीं बैठक में 1,68,606 अधिक किफायती घरों को मंजूरी दी है | 70 लाख से अधिक घर निर्माण के विभिन्न चरणों में है | 41 लाख से ज्यादा घर बनकर तैयार हो चुके हैं | राजीव आवास योजना (RAY) योजना की परियोजनाओं को रद्द करने के बाद, पीएम आवास योजना शहरी (PMAY-U) के तहत शहरी गरीबों के लिए स्वीकृत घरों की संख्या अब 1.1 करोड़ से अधिक है |
PMAY-U आवास योजना के तहत पिछले CSMC बैठकों में स्वीकृत मकान:-
CSMC 51st Meeting – 10.28 Lakh More Houses in PMAY Urban
CSMC 50th Meeting – 6.4 lakh More Houses in PMAY Urban
CSMC 49th Meeting – 3.31 Lakh More Houses in PMAY Urban
CSMC 48th Meeting – 2.32 Lakh More Houses in PMAY(U)
CSMC 47th Meeting – 1.3 Lakh More Houses in PMAY Urban
CSMC 46th Meeting – 3 Lakh More Houses in PM Awas Yojana Urban
CSMC 45th Meeting – 1.4 Lakh More homes under PMAY Urban Housing Scheme
CSMC 44th Meeting – 2.5 Lakh More Houses in PM Awas Yojana Urban
CSMC 43rd Meeting – 5.6 Lakh More Houses in PMAY U Housing Scheme
CSMC 42nd Meeting – 4.78 lakh more houses under PMAY Urban affordable housing scheme
उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना /CM Apprenticeship Promotion Scheme( CMAPS) 2020-2021 शुरू करने जा रही है | इस CMAPS योजना में, उत्तरप्रदेश राज्य सरकार आवेदक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें निश्चित अवधि के लिए निश्चित रोजगार से जोड़ने जा रहा है |
सभी युवाओं को इंटर्नशिप में प्रशिक्षु के रूप में काम करते समय प्रति माह 2,500/- रुपये वजीफे के रूप में प्रदान किए जाऐंगे | सभी लोग अब UP CM Apprenticeship Promotion Scheme ऑनलाइन पंजीकरण / आवेदन फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं |
इसके अलावा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (CMAPS) 2020-2021, उत्तर प्रदेश सरकार ने युवा उदयमिता विकास अभियान (YUVA) योजना की भी घोषणा की है | उत्तर प्रदेश युवा हब योजना में, राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक जिले में युवा केंद्र खोले जाएंगे | उत्तर प्रदेश CMAPS योजना 2020-2021 के लिए, CM योगी आदित्यनाथ ने UP बजट 2020-2021 में 100 करोड़ रुपये आवंटित किया है |
CMAPS के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया:-
राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (National Apprenticeship Promotion Scheme) की तरह, उत्तर प्रदेश राज्य सरकार CM Apprenticeship Promotion Scheme (CMAPS) 2020-2021 के लिए भी ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित करेगा | जैसे ही राज्य सरकार CMAPS ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म 2020-2021 को आमंत्रित करेगा, हम इसे यहां update करेंगे | तब तक, आवेदक National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) ऑनलाइन फॉर्म अप्लाई करें|
सर्वप्रथम आवेदक आधिकारिक अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण पोर्टल https://apprenticeshipindia.org/ पर जाएं |
यहां आवेदक “Register” section पर स्क्रॉल कर सकते हैं और फिर “Candidate” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं |
इसके पश्चात NAPS योजना ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के लिए नीचे दिखाए अनुसार दिखाई देगा |
यहां उम्मीदवार अपने विवरणों को सटीक रूप से दर्ज कर सकते हैं और शिक्षुता प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए “Submit” बटन पर क्लिक कर सकते हैं | अंत में आवेदक होमपेज के ऊपरी दाएं कोने पर मौजूद “Login” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं या सीधे https://apprenticeshipindia.org/login पर क्लिक कर सकते हैं |
पोर्टल के माध्यम से अनुबंध पंजीकरण निर्दिष्ट और वैकल्पिक ट्रेडों के लिए होना चाहिए | विकसित राष्ट्रों की तुलना में भारत में उद्योग तैयार कर्मचारियों की कमी है | इस कमी को दूर करने के लिए, केंद्रीय सरकार देश में विश्व स्तरीय कार्यबल बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) शुरू की है | NAPS अपनी तरह की पहली योजना है जिसमें सरकार प्रशिक्षुओं को संलग्न करने के लिए नियोक्ताओं को वित्तीय सहायता दे रही है | योजना basic training भी प्रदान करती है, जो apprenticeship training का अनिवार्य घटक है |
Apprenticeship Training Portal पर Apprentice खोजें:-
सबसे पहले आधिकारिक Apprenticeship Training Portal, https://apprenticeship.gov.in/pages/Apprenticeship/home.aspx पर जाएं |
Homepage पर, main menu में मौजूद “Apprentices” टैब पर स्क्रॉल करें और फिर “Apprentice Search” लिंक पर क्लिक करें |
तदनुसार, NAPS योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर Apprentice Search पेज नीचे दिखाए अनुसार दिखाई देगा |
यहां आवेदक पंजीकरण संख्या, स्थापना नाम, राज्य, जिला, उम्मीदवार प्रकार, क्षेत्र, व्यापार प्रकार, व्यापार, लिंग, आधार दर्ज कर सकते हैं |
अंत में, आवेदक “Search” बटन पर क्लिक करके https://apprenticeship.gov.in/pages/Apprenticeship/home.aspx पर NAPS योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर Apprentice Search कर सकते हैं |
केंद्र सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना/ National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) 2021-2022 की शुरुआत की है | इस योजना का उद्देश्य छात्रों को उनके क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करना है जो उन्हें placement में मदद करेगा और एक उपयुक्त नौकरी प्राप्त करेगा | NAPS का उद्देश्य सभी युवाओं को इंटर्नशिप में प्रशिक्षु के रूप में काम करते समय नियोक्ताओं के साथ प्रति माह 1500/- रुपये वजीफा साझा करना है |
इसके साथ ही, basic training providers के साथ basic training cost का साझा भी किया जाएगा | जिसकी अधिकतम सीमा तक प्रति प्रशिक्षु 500 घंटे /3 महीने के लिए 7500/- रुपये है | लोग अब राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण / आवेदन पत्र भरकर आवेदन कर सकते हैं | राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) ITI छात्रों / Freshers / MES Pass-outs / PMKVY उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रीय योजना है |
अब आप आधिकारिक वेबसाइट https://msde.gov.in/schemes-initiatives/apprenticeship-training/naps या https://mescindia.org/naps.php पर विवरण पढ़ने के बाद शिक्षुता प्रशिक्षण ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म भर सकते हैं | NAPS योजना को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के तहत प्रशिक्षण महानिदेशक (DGT) द्वारा लागू किया जाएगा | यह योजना देश भर में सबसे शक्तिशाली कौशल-वितरण योजनाओं में से एक होगी |
NAPS 2021-22 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया:-
सर्वप्रथम आवेदक आधिकारिक अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण पोर्टल https://apprenticeshipindia.org/ पर जाएं |
यहां आवेदक “Register” section पर स्क्रॉल कर सकते हैं और फिर “Candidate” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं |
इसके पश्चात NAPS योजना ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के लिए नीचे दिखाए अनुसार दिखाई देगा |
यहां उम्मीदवार अपने विवरणों को सटीक रूप से दर्ज कर सकते हैं और शिक्षुता प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए “Submit” बटन पर क्लिक कर सकते हैं | अंत में आवेदक होमपेज के ऊपरी दाएं कोने पर मौजूद “Login” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं या सीधे https://apprenticeshipindia.org/login पर क्लिक कर सकते हैं |
पोर्टल के माध्यम से अनुबंध पंजीकरण निर्दिष्ट और वैकल्पिक ट्रेडों के लिए होना चाहिए | विकसित राष्ट्रों की तुलना में भारत में उद्योग तैयार कर्मचारियों की कमी है | इस कमी को दूर करने के लिए, केंद्रीय सरकार देश में विश्व स्तरीय कार्यबल बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) शुरू की है | NAPS अपनी तरह की पहली योजना है जिसमें सरकार प्रशिक्षुओं को संलग्न करने के लिए नियोक्ताओं को वित्तीय सहायता दे रही है | योजना basic training भी प्रदान करती है, जो apprenticeship training का अनिवार्य घटक है |
Apprenticeship Training Portal पर Apprentice खोजें:-
सबसे पहले आधिकारिक Apprenticeship Training Portal, https://apprenticeship.gov.in/pages/Apprenticeship/home.aspx पर जाएं |
Homepage पर, main menu में मौजूद “Apprentices” टैब पर स्क्रॉल करें और फिर “Apprentice Search” लिंक पर क्लिक करें |
तदनुसार, NAPS योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर Apprentice Search पेज नीचे दिखाए अनुसार दिखाई देगा |
यहां आवेदक पंजीकरण संख्या, स्थापना नाम, राज्य, जिला, उम्मीदवार प्रकार, क्षेत्र, व्यापार प्रकार, व्यापार, लिंग, आधार दर्ज कर सकते हैं |
अंत में, आवेदक “Search” बटन पर क्लिक करके https://apprenticeship.gov.in/pages/Apprenticeship/home.aspx पर NAPS योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर Apprentice Search कर सकते हैं |
NAPS 2021-22 के उद्देश्य:-
National Apprenticeship Promotion Scheme (NAPS) अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक नई योजना है | इसे 19 अगस्त 2016 को लॉन्च किया गया था | अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग में उद्योग में कार्यस्थल पर Basic Training और On-the-Job Training/Practical Training शामिल है |
NAPS, 19 अगस्त, 2016 की अधिसूचना तिथि से प्रभावी है |
योजना का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुता प्रशिक्षण को बढ़ावा देना और प्रशिक्षुओं की व्यस्तता को बढ़ाना है |
NAPS 2021-22 के घटक:-
1500 रुपये प्रति माह प्रति शिक्षु की अधिकतम सीमा तक नियोक्ताओं के साथ वजीफा साझा करना |
Basic training providers के साथ Basic training cost की शेयरिंग अधिकतम 500 घंटे/3 महीने प्रति प्रशिक्षु के लिए 7500 रुपये |
NAPS योजना के लिए Employers की पात्रता और आवश्यकताएँ:-
केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए TIN/TAN और EPFO/ESIC/LIN/ किसी अन्य पहचानकर्ता के माध्यम से नियोक्ता सत्यापन (Employer validation) |
नियोक्ता का आधार लिंक्ड बैंक खाता होना चाहिए |
Apprenticeship छात्रों को तकनीकी कौशल प्रदान करने और उन्हें उद्योग तैयार करने का एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक तरीका है
NAPS योजना के लिए Apprentices की पात्रता और आवश्यकताएँ:-
Category of Apprentice
ITI Pass Out
Dual-Mode Trainee of ITI
PMKVY / MES Pass Out
Fresher
Minimum Age (Years)
14
14
14
14
Maximum Age (Years)
Not Applicable
Not Applicable
Not Applicable
21
Minimum Educational Qualification
As per Trade
As per Trade
As per Trade
As per Trade
Aadhar Number
Mandatory
Mandatory
Mandatory
Mandatory
Aadhar linked Bank Account
Mandatory
Mandatory
Mandatory
Mandatory
NAPS योजना के लिए Basic Training Providers की पात्रता और आवश्यकताएँ:-
सरकारी और निजी आईटीआई में कुल स्वीकृत सीटों के साथ अतिरिक्त सीटें होनी चाहिए ।
घर में बुनियादी प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ प्रतिष्ठान |
BTP उद्योग समूहों द्वारा स्थापित / समर्थित है |
RDAT द्वारा बुनियादी प्रशिक्षण सुविधाओं का भौतिक सत्यापन |
Shubhas Chandra Bose Quotes– तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा !’ यह कहना था भारत के महान स्वतंत्रता सैनानी “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस” का | नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फौज की स्थापना की और देश में राज्य कर रहे अंग्रेज़ों के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया, जिसने भारत को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्व भूमिका निभाई | उनके द्वारा दिया गया ‘जय हिन्द जय भारत का नारा, भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया हैं |
हमारे देश भारत की आजादी के लिए अनेक महापुरुषों ने अपना सबकुछ यहा तक की अपने जीवन को भी स्वतंत्रता के लिए न्योछावर कर दिया इन्ही आजादी की लड़ाई में प्रमुख योगदान देने वाले आजादी के महानायक सुभाष चन्द्र बोस का भी नाम भी अमर है |
आजादी हिन्द फ़ौज की स्थापना करने वाले सुभाष चन्द्र बोस स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ एक महान नेता भी थे जिन्होंने अपने दम पर इतने बड़े विशाल आजाद हिन्द फ़ौज की स्थापना किया था और अंग्रेजो के दांत खट्टे कर दिए थे |
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनमोल विचार in Hindi:-
“एक सच्चे सैनिक को सैन्य प्रशिक्षण और आध्यात्मिक प्रशिक्षण दोनों की ज़रुरत होती है।”
“राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों ; सत्यम् , शिवम्, सुन्दरम् से प्रेरित है।”
“मेरे पास एक लक्ष्य है जिसे मुझे हर हाल में पूरा करना हैं। मेरा जन्म उसी के लिए हुआ है ! मुझे नेतिक विचारों की धारा में नहीं बहना है।”
“अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है।”
“अपने पूरे जीवन में मैंने कभी खुशामद नहीं की है। दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता “
” जीवन की अनिश्चितता से मैं जरा भी नहीं घबराता “
” आज हमारे पास एक इच्छा होनी चाहिए ‘मरने की इच्छा’, क्योंकि मेरा देश जी सके – एक शहीद की मौत का सामना करने की शक्ति, क्योंकि स्वतंत्रता का मार्ग शहीद के खून से प्रशस्त हो सके। “
” जब आज़ाद हिंद फौज खड़ी होती हैं तो वो ग्रेनाइट की दीवार की तरह होती हैं ; जब आज़ाद हिंद फौज मार्च करती है तो स्टीमर की तरह होती हैं। “
” भविष्य अब भी मेरे हाथ में है। “
” राजनीतिक सौदेबाजी का एक रहस्य यह भी है जोआप वास्तव में हैं उससे अधिक मजबूत दिखते हैं। “
” अजेय (कभी न मरने वाले) हैं वो सैनिक जो हमेशा अपने राष्ट्र के प्रति वफादार रहते हैं, जो हमेशा अपने जीवन का बलिदान करने के लिए तैयार रहते हैं। “
” मैंने अपने अनुभवों से सीखा है ; जब भी जीवन भटकता हैं, कोई न कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती। “
” इतिहास गवाह है की कोई भी वास्तविक परिवर्तन चर्चाओं से कभी नहीं हुआ। “
” एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद, एक हजार जीवन में खुद को अवतार लेगा। “
” यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का भुगतान अपने रक्त से करें। आपके बलिदान और परिश्रम के माध्यम से हम जो स्वतंत्रता जीतेंगे, हम अपनी शक्ति के साथ संरक्षित करने में सक्षम होंगे। “
” अच्छे चरित्र निर्माण करना ही छात्रों का मुख्य कर्तव्य होना चाहियें। “
” मेरी सारी की सारी भावनाएं मृतप्राय हो चुकी हैं और एक भयानक कठोरता मुझे कसती जा रही है। “
” माँ का प्यार स्वार्थ रहित और होता सबसे गहरा होता है ! इसको किसी भी प्रकार नापा नहीं जा सकता। “
” हमारा कार्य केवल कर्म करना हैं ! कर्म ही हमारा कर्तव्य है ! फल देने वाला स्वामी ऊपर वाला है। “
” संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमे आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ ,जो पहले मुझमे नहीं था। “
” जीवन में प्रगति का आशय यह है की शंका संदेह उठते रहें, और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता रहे। “
Shubhas Chandra Bose Quotes in English:-
“It is blood alone that can pay the price of freedom. Give me blood and I will give you freedom!”
“India is calling. Blood is calling to blood. Get up, we have no time to lose. Take up your arms ! we shall carve our way through the enemy’s ranks, or if God wills, we shall die a martyr’s death. And in our last sleep we shall kiss the road that will bring our Army to Delhi”
“One individual may die for an idea, but that idea will, after his death, incarnate itself in a thousand lives”
“Men, money and materials cannot by themselves bring victory or freedom. We must have the motive-power that will inspire us to brave deeds and heroic exploits”
“When we stand, the Azad Hind Fauj has to be like a wall of granite; when we march, the Azad Hind Fauj has to be like a steamroller”
“One individual may die for an idea, but that idea will, after his death, incarnate itself in a thousand lives”
“Reality is, after all, too big for our frail understanding to fully comprehend. Nevertheless, we have to build our life on the theory which contains the maximum truth”
“Life loses half its interest if there is no struggle-if there are no risks to be taken”
“We cannot sit still because we cannot, or do not , know the Absolute Truth”
“I have no doubt in my mind that our chief national problems relating to the eradication of poverty, illiteracy and disease and the scientific production and distribution can be tackled only along socialistic lines”
प्रश्न – एन.ई.पी. 2020 स्चूली शिक्षा के मौजूदा 10+2 डिजाईन किस्मे बदलने का प्रस्ताव देता है
5+3+4
3+5+3+5
5+3+3+4
इनमे से कोई नहीं
उत्तर : 5+3+3+4
प्रश्न –विकलांग व्यक्ति अधिनियम 2016 (R. P. W.D.अधिनियम 2016) समावेशी शिक्षा को शिक्षा की एक प्रणाली के रूप में परिभाषित करता है, जिसमे विकलांगता और बिना विकलांगता वाले छात्र सामिल हैं ?
एक ही स्कूल में भाग लें लेकिन विकलांगता वाले छात्र अलग कक्षाओं में सीखते हैं
एक साथ सीखें और शिक्षण और सीखने के प्रणाली सामान बनी हुई है
एक साथ सीखें और सीखने के प्रणाली उपयुक्त रूप से अनुकूलित है
सभी
सही उत्तर : एक साथ सीखें और शिक्षण और सीखने की प्रणाली उपयुक्त रूप से अनुकूलित है
शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में जेंडर आयामों की प्रासंगिकता की प्रासंगिकता NISHTHA TRAINING MODULE 4 5 6 –
यह मॉड्यलू जेंडर एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं के बारे में एक दृष्टि प्रदान करता है। यह इस बात की गहन जानकारी देता है कि जेंडर को अलग-अलग विषयों में कैसे समझा और रूपांतरित किया जा सकता है। मॉड्यलू शिक्षकों को जेंडर संबंधित मुद्दों पर संवेदनशीलता और समझ को गहन करने में सहायक होगा, साथ ही उन्हें जेंडर संबंधी समेकित पद्धतियाँ विकसित करने में व्यावहारिक रूप से उपयोगी दिशा-निर्देश प्रदान करेगा
नीचे आपको निष्ठा प्रशिक्षण 4, 5 6 (NISHTHA TRAINING MODULE 4 5 6) के प्रश्न एवं उत्तर दिए जा रहे हैं जिसकी सहायता से आप सही सही उत्तर दे सकते हैं तथा साथ पीडीऍफ़ भी दी जा रही है जिसे आप डाउनलोड कर प्रिंट निकाल सकते हैं |
शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन में आई.सी.टी. (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) का समन्वय :- सूचना एवं संचार तकनीक (आईसीटी ) व शिक्षा शास्त्र का शिक्षण – अधिगम में समायोजन का मॉड्यूल शिक्षक/शिक्षक प्रशिक्षक को शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन में उपयुक्त आईसीटी को प्रयोग करने में सक्षम बनाता है।
प्रश्न– ई– सामग्री निर्माण के निशुल्क एवं ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर/मंच है –
HSP
सभी
स्क्रैच
ऑडेसिटी और ओपनशॉट वीडियो एडिटर
उत्तर – सभी
प्रश्न– निम्नलखित में से कौन का कथन सत्य नहीं है
ओपनशॉट वीडियो एडिटर गॆम्स और एनिमेशन बनाने के लिए फ्री ऑनलाइन प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर है।
फ्री माइंड और फ्री प्लेन, माइंड मैपिंग के निशुल्क सॉफ्टवेयर है, जिनका इस्तेमाल विचारो और अवधारणाओं की चित्र के माध्यम से प्रस्तुतिकरण के लिए किया जाता है।
गूगल फॉर्म (Google forms), काहुट (kahoot), हॉट पोटैटो (hot potato) और मेंटिमीटर (Mentimeter), आंकलन के लिए ऑनलाइन टूल्स/प्लेटफॉर्म है।
स्टलेरियम, जियोजब्रा, कालजियम और एवोगड्रो विषय विशेष निशुल्क और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है।
उत्तर- ओपनशॉट वीडियो एडिटर गॆम्स और एनिमेशन बनाने के लिए फ्री ऑनलाइन प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर है।
प्रश्न – ई– पाठशाला है.
हर समय और हर जगह पर निशुल्क उपलब्ध
सभी
सभी शैक्षिक ई- संस्थानों जैसे; पाठयपुस्तक, ऑडियो, पत्र- पत्रिका अन्य प्रिंट और नॉन- प्रिंट किस्म के शैक्षिक ई- संस्थानो का प्रदर्शन और प्रसार
एक वेब पोर्टल या मोबाईल एप जो छात्रों, शिक्षकों, माता – पिता और शोधकर्ता के लिए शैक्षिक संस्थान उपलब्ध कराता है।
उत्तर – सभी
प्रश्न– एक फ्री और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है
कोई भी नहीं
जिसे कॉपीराइट धारक से पुन: उपयोग और पुनर्वितरण की अनुमति की आवश्यक होती है
स्वामित्व (proprietary) वाले सॉफ्टवेयर
जिसे उपयोग करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है।
उत्तर – कोई भी नहीं
प्रश्न– आईसीटी समेकित शिक्षण के लिए विषय– वस्तु विश्लेषण की क्या आवश्यकता है।
आईसीटी उपकरणों का उपयोग करके कक्षा में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन।
विभिन्न आईसीटी उपकरणों का उपयोग करके शिक्षण दृष्टिकोण या विधियों कि योजना
सीखने के परिणामों को प्राप्त करने और उनका आंकलन करने के लिए उन अवधारणाओं पर जोर दें, जहा आईसीटी को एकीकृत किया जा सकता है,
सभी
उत्तर – सभी
प्रश्न– ओपन एजुकेशनल रिसोर्स (OER) है
यह पूर्ण पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम सामग्री, मॉड्यूल, पाठयपुस्तक, स्ट्रीमिंग वीडियो, सॉफ्टवेयर, और कोई भी अन्य उपकरण, सामग्री या तकनीक का samaveshthai को ज्ञान के अभिगमन में मदद करता है
NROER सुलभ स्कूल विषय अवधारणा आधारित एक पुस्तकालय है जिसमे ऑडियो, वीडियो, सीखने कि वस्तुएं, चित्र, प्रश्न बैंक, गतिविधियां/प्रस्तुतियां है , जिन्हें डाउनलोड और साझा किया का सकता है और टिप्पणी की जा सकती है।
अधिगम, शिक्षण और मू्यांकन के लिए उपयोगी स्वतंत्ररूप से उपलब्ध खुलेआम लाइसेंस प्राप्त सामग्री और मीडिया
सभी
उत्तर – सभी
प्रश्न– ई – सामग्री है
सूचना को की इलेक्ट्रॉनिक उपकारणों, कंप्यूटर/संगणक जाल – तंत्र इंटरनेट द्वारा उपलब्ध कराई जाए
ररिपॉजिटरी और वेब पोर्टल जैसे NROER , ई- पाठशाला , साक्षात, ओलाब आदि से प्राप्त सामग्री
डिजिटल टेक्स्ट, चित्र, ऑडियो, वीडियो, एनिमेशन, इंटरैक्टिव और सिमुलेशन के रूप में सामग्री।
सभी
उत्तर – सभी
प्रश्न – आईसीटी कैसे अधिनियम, शिक्षण और मूल्यांकन में सहयोग देता है ?
श्रव्य- दृश्य सहित ज्ञानेन्द्रिय ग्रहणशील रणनीति प्रदान करता है जिससे अधिगम की वृद्धि होती है।
स्वयं निर्धारित गति से अधिगम और अवधारणा निर्माण को प्रोत्साहित करता है।
अधिगम के साधनों को कहीं और कभी भी अधिगम का अवसर प्रदान करता है।
सभी
उत्तर – सभी
प्रश्न– अधिगम एवम् शिक्षण के लिए आई सी टी क्यों महत्वपर्ण हैं?
NISHTHA TRAINING MODULE 6 QUESTION AND ANSWER PDF :
कला समेकित शिक्षा एक शिक्षण मॉडल है, जो ‘कला के माध्यम से सीखने’ पर आधारित है। यह मॉड्यूल शिक्षार्थियों को अपने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में कला को समेकित करने में, सीखने में, और अभ्यास करने में सक्षम बनाता है। यह मॉड्यूल कला समेकित शिक्षण गतिविधियों को योजना बनाना, विभिन्न तरीकों का उपयोग करना जैसे कि कला आधारित आइस-ब्रेकर, बुद्धिशीलता, कला निर्माण, विचारणा, कल्पना, खोज, अवलोकन, प्रतिबिंबित, स्वतंत्र रूप से व्यक्त करना, लेखन आदि सभी गतिविधियाँ ,प्रयोगिक अनुभूति की परिकल्पना से बनाए जाने आदि को समेकित करता है । कला समेकित शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षार्थी को प्रदान पर्याप्त जानकारी प्रदान करें|
प्रश्न-1 कला समेकित शिक्षा के माध्यम से शिक्षक क्या विकसित कर सकेगे ?
क अनूलाभव के लिए गतिविधियां
काला प्रतियोगिता की भावना
अकादमिक परिणाम के लिए परीक्षा के संसाधन
कला आधारित ऐतिहासिक परियोजनाएं
उत्तर – क अनूलाभव के लिए गतिविधियां
प्रश्न-2 निम्नलिखित में से कौन सी कला प्रदर्शन कला नहीं है ;
स्वाभिनय
चित्रकला
संगीत
नृत्य
उत्तर – चित्रकला
प्रश्न-3 कला समेकित गतिविधियां इनमें से किस सिद्धांत पर आधारित है?
अनुभव आधारित अधिनियम
रट कर याद करना
पाठ्य पुस्तक से नकल करना
सही उत्तर लिखना
उत्तर – अनुभव आधारित अधिनियम
प्रश्न– 4 समेकित का अर्थ है ?
विज्ञान के अलावा अन्य विषयो के साथ कला का संयोजन
विभिन्न पाठ्यक्रम क्षेत्रों के शिक्षण के साथ कला का संयोजन
कम से कम एक कला रूप के विषय का गहन ज्ञान
भाषा और सामाजिक आध्यन के साथ कला का संयोजन
उतर – विभिन्न पाठ्यक्रम क्षेत्रों के शिक्षण के साथ कला का संयोजन
प्रश्न -5 कला समेकित शिक्षा की गतिविधियों को वीडियो देखने के बाद, कौन सी ध्वनियां उंगलियों से बनाई जा सकती हैं?
हवा की ध्वनि
आग की ध्वनि
पानी की ध्वनि
बारिश की ध्वनि
उत्तर – बारिश की ध्वनि
प्रश्न – 6 विशेष जरूरतों वाले बच्चों (CSWN) को निम्न में से किसके माध्यम से आनंददायी अधिगम में लगाया जा सकता है?
पाठ को याद करवा कर
लिखने का अभ्यास करवा कर
कला समेकित शिक्षा
ऊंची आवाज में पढ़ कर
उत्तर – कला समेकित शिक्षा
प्रश्न-7 कला समेकित शिक्षा में, ‘कला’ को किस संदर्भ में लिया गया है?
शिक्षण- शास्त्र का एक टूल
लोक कला
परंपरागत कला
परीक्षा की एक कला
उत्तर– शिक्षण- शास्त्र का एक टूल
प्रश्न– 8 कला रूपों के एकीकरण के माध्यम से, शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है;
संभव नहीं है
केवल एक अवधारणा है
गलत
सही
उत्तर– गलत
प्रश्न– 9 गणित की विभिन्न अवधारणाऍ, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और भाषा को समेकित अधिगम के ज़रिए प्रभावकारी ढंग से पढ़ाया जा सकता है ;
सही
गलत
संभव नहीं है
केवल इक अवधारणा है
उत्तर– सही
प्रश्न– 10 समेकित शिक्षा निम्नलखित में से किन क्षेत्रों के विकास में सहायक होती है;
NISHTHA TRAINING MODULE 7 QUESTION AND ANSWER PDF :-
प्रश्न : गणित में सीखने की अक्षमता का आकलन निम्नलिखित परीक्षणों में से किसके द्वारा उचित रूप से किया का सकता है?
अभिकषमता परीक्षण (एप्टीट्यूड टेस्ट )
नैदानिक परीक्षण
छानबीन परीक्षण
उपलब्धि परीक्षण
उत्तर: नैदानिक परिक्षण
प्रश्न : एक शिक्षक कक्षा के कार्य को एकत्रित कर पढ़ती है, फिर छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले पाठ की योजना बनाते हुए समायोजित करती है | वह कर रही है :
सीखने के लिए आकलन
सीखने के रूप में आकलन
सीखने का आकलन
सीखने पर आकलन
उत्तर :सीखने के लिए आकलन
प्रश्न : सतत और व्यापक आकलन आवश्यक है :-
अधिक- बारंबार त्रुटियों की तुलना में कम – बारंबार त्रुटियों को ठीक करने के लिए
शिक्षा बोर्ड की जवाबदेही को कम करने के लिए
यह समझने के लिए कि कैसे अधिगम को अवलोकन, रिकॉर्ड और बेहतर बनाया जा सकता है
शिक्षण के साथ परीक्षणों को सुधरने के लिए
उत्तर : यह समझने के लिए कि कैसे अधिगम को अवलोकन, रिकॉर्ड और बेहतर बनाया जा सकता है
प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सा एक उपयुक्त प्रारंभिक आकलन कार्य नहीं है?
खुले प्रश्न
परियोजना
अवलोकन
छात्रों की रैंकिंग
उत्तर: छात्रों की रैंकिंग
प्रश्न: कक्षा में समूह गतिविधियों द्वारा छात्रों में निम्नलिखित में से केसे विकसित किया जाता है ?
नेतृत्व की भावना
सहयोग
अनुशासन
उत्साह की भावना
उत्तर: सहयोग
प्रश्न : छात्र अधिगम मानदंड हिस्सा है
सीखने के लिए आकलन
सीखने के रूप में आकलन
सीखने का आकलन
सीखने पर आकलन
उत्तर: सीखने का आकलन
प्रश्न : निम्न में से कौन सी विद्यालय आधारित आकलन की मुख्य विशेषता है?
योग्यता आधारित गतिविधि
शिक्षक केन्द्रित गतिविधि
सामग्री आधारित गतिविधि
प्रशिक्षण आधारित गतिविधि
उत्तर : योग्यता आधारित गतिविधि
प्रश्न : आकलन का उद्देश्य है :
छात्रों की उपलब्धियों का आकलन करना
किसी चीज की गुणवत्ता के बारे में निर्णय लेना
किसी एक विषय में छात्र का परिक्षण करना
किसी छात्र को अंक प्रदान करना
उत्तर : किसी चीज की गुणवत्ता के बारे में निर्णय लेना
प्रश्न : निर्देश के अंत में उपलब्धि का आकलन करना :
NISHTHA TRAINING MODULE 8 QUESTION AND ANSWER PDF – MP_पर्यावरण अध्ययन का शिक्षाशास्त्र प्रश्न्नोत्तरी
प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन सा कथन पाठ्यचर्या सम्बन्धी अपेक्षाओं और सीखने के प्रतिफलों के बारे में सही है ?
प्रत्येक कक्षा के लिए सीखने के प्रतिफल अलग होते हैं
पाठ्यचर्या सम्बन्धी और सीखने के प्रतिफलों के बीच कोई सम्बन्ध नही है
प्रत्येक कक्षा के लिए अपेक्षाएं अलग होती हैं
सीखने के प्रतिफल पाठ्यचर्या अपेक्षाओं को हासिल करने में मदद करेंगे
उत्तर :प्रत्येक कक्षा के लिए सीखने के प्रतिफल अलग होते हैं
प्रश्न 2: कक्षा 1 और 2 में, पर्यावरण अध्ययन :
किसी भी तरह से नही पढाया जाता है
पढ़ना संभव नही है
भाषा और गणित के साथ पढाया जाता है
अलग विषय के रूप में पढाया जाता है
उत्तर :भाषा और गणित के साथ पढाया जाता है
प्रश्न 3: प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन के सीखने के उदेश्यों में शामिल नहीं किया जाता है :
विद्यार्थियों को वैज्ञानिक नियम याद करने में मदद करना
विद्यार्थियों को उनके सामाजिक – सांस्कृतिक पर्यावरण को समझने में मदद करना
शिक्षार्थियों को उनके भौतिक पर्यवरण को समझने में मदद करना
शिक्षार्थियों को उनके परिवेश को जागरूक करना और महत्त्व बताना
उत्तर : विद्यार्थियों को वैज्ञानिक नियम याद करने में मदद करना
प्रश्न 4: विभिन्न मापदंडों के लिए विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति और उनके स्तरों का पता लगाने के लिए निम्नलिखित विकल्पों में से कोण सा सबसे उपयुक्त है?
लिखित परीक्षा
मौखिक परीक्षा
वर्कशीट
रूब्रिक्स
उत्तर : रूब्रिक्स
प्रश्न 5: पर्यावरण को सुरक्षित रखने वाले तीन ‘र’ हैं
रिजर्व, रिड्यूस, रिसाइकल
रिकवर, रियूज, रिटेन
रेकग्नाइज़, रिसाइकल, रियूज
रिड्यूस, रियूज, रिसाइकल
उत्तर : रिड्यूस, रियूज, रिसाइकल
प्रश्न 6: निम्नलिखित में से कौन सा पर्यावरण अध्ययन शिक्षण – अधिगम के अनुरूप नही हैं ?
प्रत्येक बच्चे को प्रश्न पूछने का अधिकार है|
प्रत्येक बच्चा अपने ज्ञान का सर्जन स्वयं करता है |
प्रत्येक बच्चा अपने तरीके से अद्वितीय है |
प्रत्येक बच्चा अपनी पाठ्यचर्या का सर्जन करता है
उत्तर : प्रत्येक बच्चा अपने ज्ञान का सर्जन स्वयं करता है |
प्रश्न 7:निम्नलिखित में से कौन सा बच्चों के बीच व्यक्तिगत सामाजिक गुणों को बढ़ने में मदद करता है ?
सम्बंधित मुद्दे पर विशेष व्याख्यान आयोजित करना |
कक्षा में इस पर शिक्षक द्वारा प्रतिदिन 5 मिनट की बात करना |
विषय पर प्रश्नोत्तरी आयोजित करना |
कक्षा में सहयोगी और सहकारी रूप से सीखने को बढ़ावा देना |
उत्तर : कक्षा में सहयोगी और सहकारी रूप से सीखने को बढ़ावा देना |
प्रश्न 8:प्राथमिक स्तर के पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या में होना चाहिए :
केवल पाठ्यपुस्तक में संकल्पनों की पूरी व्याख्या पर ध्यान केन्द्रित करें |
शब्दों की पूर्ण रूप से सही परिभाषा पर अधिक जोर दे |
अध्याय के अंत में अधिक अभ्यास प्रश्न शामिल करें |
आसपास की चीजों की जाँच पड़ताल करने के अवसर उपलब्ध करवाएं
उत्तर :आसपास की चीजों की जाँच पड़ताल करने के अवसर उपलब्ध करवाएं
प्रश्न 9: पर्यावरण अध्ययन जिसे बढ़ावा नहीं देता है :
करके सीखना
पूछताछ और जांच – पड़ताल
परिभाषाओं को याद करना
बहुत सवाल पूछना
उत्तर : परिभाषाओं को याद करना
प्रश्न 10:राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के अनुसार पर्यावरण अध्ययन के लिए कौन सा वाक्यांश सही है ?
पर्यावरण अध्ययन को विज्ञानं और सामाजिक विज्ञानं की तरह अलग से पढाया जाना चाहिए |
पर्यावरण अध्ययन की पृकृति अंतर- विषयक है |
पर्यावरण अध्ययन को केवल पर्यावरण की संकल्पनाओं पर केन्द्रित रहना चाहिए |
पर्यावरण की प्रकृति एकल – विषयक है |
उत्तर : पर्यावरण अध्ययन की पृकृति अंतर- विषयक है |
NISHTHA TRAINING MODULE 10 QUESTION AND ANSWER PDF :
यह मॉड्यूल उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विज्ञान की प्रासंगिकता की चर्चा के साथ शुरू होता है। इस स्तर पर सामाजिक विज्ञान विषय के सीखने के उद्देश्यों को इसके बाद सूचीबद्ध किया गया है। इस मॉड्यूल का तीसरा पहलू सामाजिक विज्ञान में तीन विषयों का परिचय देना है- इतिहास, भूगोल और सामाजिक और राजनीतिक जीवन। इसके बाद कक्षा-विशिष्ट सीखने के प्रतिफल और सीखने-सिखाने की प्रस्तावित प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई है जिनका सामाजिक विज्ञान के शिक्षक कक्षाओं में उपयोग कर सकते हैं । प्रत्येक विषय क्षेत्र से एक आदर्श गतिविधि प्रदान की गई है – इतिहास, भूगोल और सामाजिक और राजनीतिक जीवन। प्रत्येक गतिविधि को पूरा करने के बाद, शिक्षक शिक्षार्थियों की वैचारिक समझ का आकलन कर सकता है।महत्वपूर्ण संदर्भ जिनका इस्तेमाल शिक्षक कर सकते हैं मॉड्यूल के अंत में सूचीबद्ध हैं।
MP_सामाजिक विज्ञान का शिक्षणशास्त्र Module 10 link
NISHTHA TRAINING MODULE 10 QUESTION AND ANSWER PDF
प्रश्न 1 : राजतंत्रात्मक शासन की प्रणाली में कौन निर्णय लेता है और सरकार चलाता है ?
मुख्यंत्री
प्रधानमंत्री
राजा या रानी
राष्ट्रपति
उत्तर 1: राजा या रानी
प्रश्न 2: सामाजिक विज्ञानं / सामाजिक अध्ययन वर्ग में मॉक संसद का सञ्चालन करने का मुख्या कारण क्या है ?
राजनीति संस्थाओं के कामकाज की कुछ समझ विकसित करना
कक्षा में छात्रों के व्यव्हार का आकलन करने के लिए
राजनीति विज्ञानं की अवधारणाओं को याद रखना
स्कूल के लिए धन जुटाने के लिए
उत्तर 2: जनीति संस्थाओं के कामकाज की कुछ समझ विकसित करना
प्रश्न 3: एक ग्लोब के बारे में निम्नलिखित बयान में से कौन सा सही नहीं है ?
स्पर्श ग्लोब विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाता सकता है
ग्लोब पृथ्वी का एक माडल है
एक ग्लोब की विशेषताओं में अंक्षाश और देशांतर है
ग्लोब महाद्वीप का सही आकार नहीं दिखता है है
उत्तर 3: ग्लोब महाद्वीप का सही आकार नहीं दिखता है
प्रश्न 4 :23.5 डिग्री दक्षिण अक्षांश के रूप में जाना जाता है
कर्क रेखा
भूमध्य रेखा
मानक मध्यान्ह रेखा
मकर रेखा
उत्तर 4: मकर रेखा
प्रश्न 5:निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है :
अक्षांश रेखाओं को मेरिडियन कहा जाता है
देशांतर की सभी रेखाएं लम्बाई में भिन्न होती हैं
देशांतर रेखाओं को सामानांतर रेखाए भी कहा जाता है
अक्षांशों की सभी रेखाएं भूमध्य रेखा से छोटी होती हैं
उत्तर 5: अक्षांशों की सभी रेखाएं भूमध्य रेखा से छोटी होती हैं
प्रश्न 6:कॉलम ए को कॉलम बी के साथ मैच करें और दिए गये कोड का उपयोग करके सही उत्तर का चयन करें |
उत्तर : A- IV, B-III,C-I,D-II
प्रश्न 7: साहित्यिक स्त्रोत हैं :
पत्थर के औजार, मिटटी के बर्तन, जले हुए आनाज
महाकाव्य, पुराण, स्मृति
गड्ढे में बने घर, सिक्का
ग्लोब, नक़्शे, जानवरों की हड्डियाँ
उत्तर 7: महाकाव्य, पुराण, स्मृति
प्रश्न 8: विभिन्न आजीविकाओं के बारे में पढ़ाते समय, निम्नलिखित में से कौन सी विधि सबसे उपयुक होगी ?
व्याख्यान विधि का उपयोग करना
बहसों का आयोजन
पाठ्यपुस्तक को जोर से पढना
ड्रा / लिखें और चर्चा करें
उत्तर 8: ड्रा / लिखें और चर्चा करें
प्रश्न 9: कौन सी विधि शिक्षार्थी द्वारा इस सीखने के प्रतिफल की योग्यता को प्राप्त करने के लिए सबसे सटीक होगी जाँच करना की क्या लोगों के पास जीविका कमाने के सामान अवसर हैं ?
व्याख्यान विधि का उपयोग करना
केवल पाठ्यपुस्तकों से पढना
पूरा करने हेतु दिया गया कार्य
परियोजना आधारित ज्ञान
उत्तर 9: परियोजना आधारित ज्ञान
प्रश्न 10:सामाजिक विज्ञान का पठन – पाठन बढ़ावा देता है
उच्च स्तर पर इन विषयों का अध्ययन करने के लिए तैयार होना
स्वतंत्रता, विश्वाश और विविधता के लिए सम्मान जैसे मानवीय मूल्य
सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सरकार के नजरिये का ज्ञान
पाठ्यपुस्तक में व्यक्त किये गए विचारों को जानने और उनका पालन करने की क्षमता
उत्तर 10: स्वतंत्रता, विश्वाश और विविधता के लिए सम्मान जैसे मानवीय मूल्य
NISHTHA TRAINING MODULE 12 QUESTION AND ANSWER PDF –MP_विज्ञान का शिक्षाशास्त्र प्रश्नोत्तरी पीडीऍफ़
प्रश्न 1 : शिक्षक ने शिक्षार्थियों को हर्बल उड्डयन में अपनी ऊंचाई का उपयोग करते हुए पौधों की तुलनात्मक …………….विकल्प देखने के लिए दीक्षा पोर्टल पर जाएँ|
केवल 1 सही है |
1, 2 और 3 सही है |
केवल 2 सही है |
केवल 3 सही है |
उत्तर 1 : 1, 2 और 3 सही है |
प्रश्न 2: शिक्षक ने छात्रों को नोटबुक में अपनी पसंद के पौधों के स्केच बनाने और उसे रंगने, चित्र लेने और कोलाज बनाने के लिए एक गतिवधि में शामिल किया |
केवल झाडियों के बारे में |
केवल पेधों के बारे में |
केवल शाक के बारे में |
पौधों की वृत्तियों में विविधिता
उत्तर 2 : पौधों की वृत्तियों में विविधिता
प्रश्न 3 : विभिन्न पौधों की प्रवृत्तियों के सेता के संग्रह के लिए कक्षा ४ के छात्रों के साथ एक शिक्षक द्वारा संचालित हर्बल उड्डयन में प्रकृति की सैर के दौरान, विषय शिक्षक ने निष्कर्ष निकाला की कुछ…….
शिक्षार्थी पौधों को उनकी प्रवृत्तियों के आधार पर वर्गीकृत करने में सक्षम होंगे |
शिक्षार्थी जीवन के प्रति मूल्यों का प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे |
शिक्षार्थी विभिन्न पौधों का सम्बन्ध एक दुसरे के साथ स्थापित कर सकेंगे |
शिक्षार्थी पर्यावरण सरंक्षण के लिए प्रयास करने में सक्षम होंगे |
उत्तर 3 : शिक्षार्थी पौधों को उनकी प्रवृत्तियों के आधार पर वर्गीकृत करने में सक्षम होंगे |
प्रश्न 4 : आप नीचे दी गयी गतिविधि छात्रों के समक्ष प्रदर्शित कर रहे हैं | प्याज को काटकर पानी में मिला दिया | अब यह जल धनात्मक लिटमस परिक्षण दिखायेगा इसके कारण का अध्ययन करते हैं
क्षार उस विलयन में बनता है जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं |
अम्ल उस विलयन में बनता है जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं |
क्षार उस विलयन में बनता है जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं |
अम्ल उस विलयन में बनता है जो नीले लिटमस को लाल कर देते हैं |
उत्तर 4 : अम्ल उस विलयन में बनता है जो नीले लिटमस को लाल कर देते हैं |
प्रश्न 5 : छात्रों से कहा जाता है की प्रोटीन से बने विभिन्न रेशों के बारे में जानकारी एकत्र करें |निम्न में से किसके बारे में वे जानकारी एकत्र करेंगे |
पॉलिस्टर
सूती
रेयोंन
रेशम
उत्तर 5 :
प्रश्न 6 : कक्षा में घोल के बारे में चर्चा करते हुए आप एक विद्यार्थी को पानी में किसी पदार्थ डालने के लिए आमंत्रित करते हैं | पदार्थ की निश्चित मात्र को जोड़ने के बाद …
घोल असंतृप्त हो जायेगा |
पानी जमने लगेगा |
घोल संतृप्त हो जायेगा |
पदार्थ जमने लगेगा
उत्तर 6 : घोल संतृप्त हो जायेगा |
प्रश्न 7 : आप छात्रों को यह महसूस करने में मदद करना चाहते हैं सभी ध्वनियाँ मनुष्य के लिए श्रव्य नहीं हैं | आपकी राय में इसकी सबसे प्रभावी कार्यनीति क्या हो सकती है ?
रोल प्ले
परियोजना
स्थानीय दौरा
प्रश्नोत्तरी
उत्तर 7:परियोजना
प्रश्न 8: ध्वनि उत्पन्न करने के विभिन्न तरीकों का परिचय कराने के लिए, पडोसी कक्षा के एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों को किसी भी तरीके से ध्वनि उत्पन्न करने का अवसर ……
विद्यार्थियों को गतिविधि करने के लिए सभी कक्षाओं से दूर खेल के मैदान में ले जाएँ |
कक्षा के दरवाजे और खिड़कियाँ बंद कर दें और विद्यार्थियों से जोर से न बोलने के लिए कहें |
विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियाँ घर पर करने के लिए कहें |
उत्तर 8: विद्यार्थियों को गतिविधि करने के लिए सभी कक्षाओं से दूर खेल के मैदान में ले जाएँ |
प्रश्न 9: मीरा आपकी कक्षा में एक दृष्टिबाधित छात्रा है | निम्नलिखित में से कौन सा दृष्टिकोण आप उसका समावेश सभी गतिविधियों में सुनिश्चित करने के लिए अपनाएंगे ?
कंपन करने वाली विभिन्न वस्तुओं को छूने और महसूस करने के लिए उन्हें सुविधा प्रदान करना |
टेबल की सतह पर फैलाये हुए चावल के दानों को महसूस करवाना |
एक अन्य छात्रा का ये बताना की वह क्या अवलोकन कर रही है |
सभी दृष्टिकोण का मिश्रण
उत्तर 9: सभी दृष्टिकोण का मिश्रण
प्रश्न 10:भारत में, स्कूली शिक्षा के किस चरण में विज्ञान को एक अलग विषय शास्त्र के रूप में शुरू किया जाता है ?
NISHTHA TRAINING MODULE 14 QUESTION AND ANSWER PDF – MP_विद्यालयी शिक्षा में नयी पहलें प्रश्न्नोत्तरी
प्रश्न 1 : नेशनल अचीवमेंट सर्वे की आवश्यकता क्यों है?
देश की जनसँख्या का आकलन करने के लिए |
शिक्षक के ज्ञान का आकलन करने के लिए |
सीखने के परिणामों का आकलन करने के लिए |
बच्चे के ज्ञान का आकलन करने के लिए |
उत्तर 1 : सीखने के परिणामों का आकलन करने के लिए |
प्रश्न 2: राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में समग्र शिक्षा की कार्यान्वयन संस्था कौन सी है ?
राज्य कार्यान्यन समिति |
राज्य वित्त विभाग |
राज्य परियोजना निदेशक का कार्यालय |
राज्य का खजाना |
उत्तर 2 : राज्य कार्यान्यन समिति |
प्रश्न 3 : समग्र शिक्षा योजना के मुख्या घटक (विकल्प) |
3, 4, 5, 6
2, 3, 4, 5
3, 4, 5, 6
2, 4, 5, 6
उत्तर 3 : 2, 3, 4, 5
प्रश्न 4 : समग्र शिक्षा किन वर्गों में शामिल है?
कक्षा 1 से 8 तक |
कक्षा एक से वारहवी तक |
कक्षा एक से दस तक |
पूर्व विद्यालय से बारहवीं तक|
उत्तर 4 : पूर्व विद्यालय से बारहवीं तक|
प्रश्न 5 : समग्र शिक्षा एक एकीकृत योजना है, जिसमें सरकार की तीन पूर्ववर्ती प्रायोजित योजनायें हैं
सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक शिक्षा अभियान, MDM
SSA, RMSA, शिक्षक शिक्षा
SSA, RMSA, MDM
सर्व शिक्षा अभियान, रूसा, शिक्षक शिक्षा
उत्तर 5 :SSA, RMSA, शिक्षक शिक्षा
प्रश्न 6 :स्कूल शिक्षा से सम्बंधित सभी जानकारी प्रदान करने हेतु देश भर के पंद्रह लाख स्कूलों को जोड़ने के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया पोर्टल:
कार्तवीर्य पोर्टल |
जिज्ञासु पोर्टल |
शगुन पोर्टल |
दीक्षा पोर्टल |
उत्तर 6 : शगुन पोर्टल |
प्रश्न 7 : निम्नलिखित में से कौन दोपहर का भोजन योजना का द्रष्टिकोण नहीं है |
अतिथि भोजन |
विद्यालयी पोषण उद्यान |
खाना पकाने की प्रतियोगिता |
तिथि भोजन |
उत्तर 7:अतिथि भोजन |
प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन सा भारत में समावेशी शिक्षा के इतिहास में एक मील का पत्थर है ?
नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कालरशिप.2008 |
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, 2009 |
एकलव्य माडल आवासीय विद्यालय,1998 |
सर्व शिक्षा अभियान,2000|
उत्तर 8:सर्व शिक्षा अभियान,2000|
प्रश्न 9: वर्तमान समय में डाटा एकत्र करने के लिए सरकार द्वारा शुरू किया गया ऑनलाइन पोर्टल :
यूनियन बैंक आफ इंडिया शुल्क जमा पोर्टल |
दीक्षा एप |
UDISE |
शाला दर्पण |
उत्तर 9: UDISE |
प्रश्न 10:प्रारंभिक स्तर पर राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण किन कक्षाओं में बच्चों की सीखने की उपलब्धि का आकलन करने के लिए किया गया है |
कक्षा 3, 5 और 8|
कक्षा 1 से 9|
दसवीं कक्षा तक |
कक्षा 3 से 9 तक
उत्तर 10:कक्षा 3 से 9 तक
DOWNLOAD : NISHTHA TRAINING MODULE 14 QUESTION AND ANSWER PDF – MP_विद्यालयी शिक्षा में नयी पहलें प्रश्न्नोत्तरी
NISHTHA TRAINING MODULE 15 QUESTION AND ANSWER PDF – MP_विद्यालयी शिक्षा में नयी पहलें प्रश्न्नोत्तरी
प्रश्न 1 : पूर्व – प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम प्रशिक्षण में शामिल होना चाहिए
पूर्व – प्राथमिक और ग्रेड 1 शिक्षक |
पूर्व – प्राथमिक और सभी प्राथमिक शिक्षक |
केवल पूर्व – प्राथमिक शिक्षक को |
पूर्व – प्राथमिक और ग्रेड 1 और 2 के शिक्षक
उत्तर 1 : पूर्व – प्राथमिक और ग्रेड 1 और 2 के शिक्षक
प्रश्न 2:…….मान्यता है कि भाषा शब्द, शब्दांश, तुकांत और ध्वनियों से बनी है |
इनमे से कोई नहीं |
ध्वनि जागरूकता |
मौखिक भाषा का विकास |
प्रिंट जागरूकता |
उत्तर 2 : ध्वनि जागरूकता |
प्रश्न 3 : संज्ञानात्मक विकास के एक उप – आयाम के रूप में मैथमेटिकल थिंकिंग शामिल है
आकार और स्थान की समझ |
कथावाचन |
खेलना |
उछालना / कूदना
उत्तर 3 : आकार और स्थान की समझ |
प्रश्न 4 : पूर्व -प्राथमिक शिक्षा वर्षों के दौरान मूल्याङ्कन सुनिश्चित करने में मदद करता है |
उपरोक्त सभी |
विकासात्मक देरी की प्रारंभिक पहचान |
विशेष शैक्षिक आवश्यकताएं |
संभावित क्षमताएं
उत्तर 4 : उपरोक्त सभी |
प्रश्न 5 : छोटे बच्चों के खेलने के अवलोकन और आकलन के लिए निम्नलिखित तकनीकी की आवश्यकता होती है ?
पोर्टफोलियो |
रेटिंग स्केल |
ऊपर के सभी
चेकलिस्ट |
उत्तर 5 :ऊपर के सभी
प्रश्न 6 :निम्नलिखित में से कौन सा घटक/तत्व संयोजन/लिंकेज स्थापित करने के लिए है ?
उपरोक्त सभी |
प्रबंध (मैनेजमेंट)
स्थानीय |
कार्यक्रम के अनुसार |
उत्तर 6 : उपरोक्त सभी |
प्रश्न 7 : पूर्व प्राथमिक केंद्र आने वाले छोटे बच्चों के लिए आयु समूह क्या है ?
2-3 साल
3-4 साल
4-5 साल
3-6 साल
उत्तर 7:3-6 साल
प्रश्न 8: कक्षा के भीतर के क्षेत्र हैं जहाँ बच्चों को विकास के एक विशिष्ट आयाम से सम्बंधित सामग्री मिलती है |
लर्निंग सेण्टर |
अध्ययन केंद्र |
देखभाल केंद्र |
संगीत केंद्र |
उत्तर 8:लर्निंग सेण्टर |
प्रश्न 9: पाठ्यचर्या चलने के दौरान पूर्व प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम में शिक्षण शास्त्र के तीन मुख्या तत्व/घटक क्या हैं ?
खेल, अनुभवात्मक अधिगम और पर्यावरण|
खेल, परस्पर संवाद और परिवेश |
खेल, अनुभवात्मक सीखना और कहानी कहना |
खेल, कहानी कहना और पढना
उत्तर 9: खेल, परस्पर संवाद और परिवेश |
प्रश्न 10:हम पूर्व प्राथमिक केंद्र में बच्चों को सीखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं |
केवल खिलौने |
विकास हेतु खेल एवं आयु आधारित उपयुक गतिविधियाँ और सामग्री |
टेबल और कुर्सी पर बैठकर काम |
एक्टिविटी वर्कशीट |
उत्तर 10:विकास हेतु खेल एवं आयु आधारित उपयुक गतिविधियाँ और सामग्री |
AINING MODULE 16 QUESTION AND ANSWER PDF – MP_मापदंड-पूर्व-व्यावसायिक शिक्षा प्रश्न्नोत्तरी
NISHTHA TRAINING MODULE 16 QUESTION AND ANSWER PDF – MP_विद्यालयी शिक्षा में नयी पहलें प्रश्न्नोत्तरी
प्रश्न 1 : शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति …………ज्ञापित है की “व्यावसायिक शिक्षा के व्यवस्थित सुव्यवस्थित एवं कठोरता से लागू कार्यक्रमों की शुरुआत प्रस्तावित शैक्षिक पुनर्गठन में महत्त्वपूर्ण है |
2020
1968
1992
1986
उत्तर 1 :1986
प्रश्न 2:रोजगार कौशल माड्यूल को 9 वीं से 12 वीं कक्षा तक व्यावसायिक पाठ्यक्रम के भाग के रूप में पेश किया गया है जिसमें संचार कौशल, स्व-प्रबंधन कौशल, सूचना एवं संचार प्रद्योगिकी कौशल ……..कौशल और हरित कौशल शामिल है –
विचार कौशल |
अनुकूलन क्षमता कौशल |
उद्यमिता कौशल |
पारस्परिक कौशल |
उत्तर 2 : उद्यमिता कौशल |
प्रश्न 3 : ईश्वर भाई पटेल समिति (1977)ने एस. यू. पी. डब्ल्यू को एक उद्देश्यपूर्ण सार्थिक के रूप में विघटित किया …………जिसके परिणामस्वरूप वस्तुओं या सेवाओं का काम होता है, जो समुदाय के लिए उपयोगी है –
अच्छा
मैनुअल
मशीन
सामान्य
उत्तर 3 : मैनुअल
प्रश्न 4 : पूर्व व्यावसायिक शिक्षा ण केवल किताबी ज्ञान और ज्ञान के अनुप्रयोग के बीच की सीमाओं को कम करती है, बल्कि यह बच्चों के कार्यक्षेत्रों में कौशल की आवश्यकताओं को भी उजागर करती है इस प्रकार से उसकी मदद करती है –
सभी
भविष्य के लिए करियर का रास्ता तय करें |
कौशल प्रशिक्षण के लिए तैयार करें |
रोजगार कौशल को विकसित करें |
उत्तर 4 : सभी
प्रश्न 5 : शिक्षा का व्यावसायिक विकास ………….और बुनयादी तकनीकी कौशल के साथ-साथ उच्च माध्यमिक स्तर पर स्कूली शिक्षा के वर्षों के दौरान सामान्य शिक्षा के विकास का प्रावधान है और इसके लिए माध्यमिक स्तर के बाद व्यक्तियों को रोजगार में वृद्धि करना और उन्हें रोजगार के अवसर के लिए तैयार करना है | –
पूर्व व्यावसायिक शिक्षा |
व्यावसायिक शिक्षा |
जेनटिक |
कार्य शिक्षा |
उत्तर 5 : जेनटिक |
प्रश्न 6 :अब पूर्व – व्यावसायिक शिक्षा को समग्र शिक्षा के तहत कक्षा से …………तक स्कूली शिक्षा के व्यावसायिक के रूप में परिकल्पित किया जा रहा है |
9वीं
8वीं
7वीं
6वीं
उत्तर 6: 8वीं
प्रश्न 7 : महात्मा गांधी ने (1973) में कहा था कि मैनुअल और ……….कार्य को परीक्षा में जगह मिलनी चाहिए
प्रायोगिक |
उत्पादक |
मौलिक |
बुनयादी |
उत्तर 7:उत्पादक |
प्रश्न 8: कार्य अनुभव को ……….के रूप में जाना जाता है –
व्याहारिक कार्य |
सामान्य कार्य |
पूर्व – व्यावसायिक कार्य |
सामाजिक रूप से उपयोगी उत्पादक कार्य
उत्तर 8:सामाजिक रूप से उपयोगी उत्पादक कार्य
प्रश्न 9: योग्यता एक …………..और औसत दर्जे का ज्ञान एवं कौशल है |
लागू |
अवलोकनीय |
प्रायोगत्मक |
नष्टकारी
उत्तर 9: अवलोकनीय |
प्रश्न 10:भारतीय शिक्षा को हंटर कमीशन के नाम से भी जाना जाता है जिसमें कहा गया है की विश्विद्यालय के पाठ्क्रमों में प्रवेश परीक्षा के लिए छात्रों को तैयार करने के पहले दो विशिष्ट धाराएँ होनी चाहिए इसकी ……..व्यवसाय के लिए |
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