Republic Day 2021: जानें क्या है ‘गणतंत्र’ का मतलब, 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं गणतंत्र दिवस |

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Republic Day 2023
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Republic Day 2021:-

भारत इस साल अपना 72वां गणतंत्र दिवस (72nd Republic Day) मना रहा है | हर साल 26 जनवरी को भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं | इस दिन हर भारतीय देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आता है | गणतंत्र क्या है? या गणतंत्र का अर्थ (Meaning of Republic) क्या है?, गणतंत्र का अर्थ है जनता के लिए जनता द्वारा शासन |

दरअसल, 26 जनवरी 1950 को हमारा देश गणतांत्रिक देश के रूप में सामने आया | इसी दिन भारत का संविधान (Constitution of India) भी लागू किया गया | भारत का संविधान लिखित एवं दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है | संविधान का निर्माण भारतरत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) की अध्यक्षता में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में पूरा किया गया था |

संविधान लागू होने से पहले भी 26 जनवरी का बहुत ही महत्व था, क्योंकि 1929 को राष्ट्र को स्वतंत्र बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में किया गया था | इसमें यह घोषणा हुई थी कि अगर 26 जनवरी 1930 तक अंग्रेज सरकार भारत को उपनिवेश का पद नहीं प्रदान करेगी तो भारत अपने को पूर्ण स्वतंत्र कर देगा और ऐसा ही हुआ अंग्रेज सरकार ने जब कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की |

इसके बाद आजादी के लिए सक्रिय आंदोलन शुरु हो गया | तब से प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को पूर्ण स्वराज दिवस के रूप में मनाया जाने लगा | भारत माता के वीर सपूतों ने अपने मातृभूमि के सम्मान एवं आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था |

ऐसे महान देशभक्तों के त्याग और बलिदान के कारण ही हमारा देश, गणतांत्रिक देश हो सका | हमारे देश में कदम-कदम पर शौर्य का इतिहास अंकित है | किसी ने सच ही कहा है- ‘कण-कण में सोया शहीद, पत्थर-पत्थर इतिहास है |’ ऐसे ही अनेक देशभक्तों की शहादत का परिणाम है, हमारा गणतांत्रिक देश भारत |

गणतंत्र दिवस का इतिहास:-

गणतंत्र दिवस का इतिहास बड़ा ही रोचक है | एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया |

साल 1929 की दिसंबर में लाहौर में पंडित जावरहलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस का अधिवेशन किया गया था | इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित करते हुए इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियन का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत को पूर्ण रूप से स्‍वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा |

Republic Day 2021

26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब बैठक में उपस्थित सभी क्रांतिकारियों ने अंग्रेज सरकार के शासन से भार‍त को आजाद करने और पूर्णरूपेण स्‍वतंत्रता को साकार करने के लिए 26 जनवरी 1930 को ‘स्‍वतंत्रता दिवस‘ के रूप में एक ऐतिहासिक पहल बनाने की शपथ ली थी |

उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा | इसके बाद 15 अगस्त 1947 को वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद इस दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा | भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से शुरू किया | संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे |

26 जनवरी को कैसे लागू हुआ संविधान :-

संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयां थी, जिसमें प्रारूप समिति (Drafting committee) सबसे प्रमुख और महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना‘ या ‘निर्माण करना‘ था | प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे | प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया |

अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किए | इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया | 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (Constituent Assembly) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई | इसलिए 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है |

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गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्‍य:-

  • गणतंत्र दिवस की परेड:– यह देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर आयोजित होती है | यह परेड 8 किलोमीटर की होती है और इसकी शुरुआत रायसीना हिल से होती है | उसके बाद राजपथ, इंडिया गेट से होते हुए ये लाल किले पर समाप्‍त होती है |
  • गणतंत्र दिवस की पहली परेड :- 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र दिवस की पहली परेड, राजपथ के बजाय तत्‍कालीन इर्विन स्‍टेडियम (अब नेशनल स्‍टेडियम) में हुई थी | उस वक्‍त इर्विन स्‍टेडियम के चारों तरफ चारदीवारी नहीं थी और उसके पीछे लाल किला साफ नजर आता था |
  • संविधान की तारिख और समय:- 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था |
  • पूर्ण स्वराज दिवस :-26 जनवरी 1930 को ध्यान में रखते हुए भारत के संविधान को 26 जनवरी को लागू किया गया था |
  • 21 तोपों की सलामी:- राष्ट्रगान के दौरान 21 तोपों की सलामी दी जाती है. 21 तोपों की ये सलामी राष्ट्रगान की शुरूआत से शुरू होती है और 52 सेकेंड के राष्ट्रगान के खत्म होने के साथ पूरी हो जाती है |
  • झाकियों का प्रदर्शन:- हर साल गणतंत्र दिवस पर राज्यों की झाकियां निकलती हैं, जिसका टीवी पर लाइव प्रसारण भी किया जाता है | गणतंत्र दिवस के मौके पर खासतौर पर झाकियां देखने के लिए कई लोग इंडिया गेट भी जाते हैं |

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