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OBC Reservation Bill: OBC आरक्षण पर राज्यों को अधिकार देने वाला बिल

OBC Reservation Bill:-

केंद्र सरकार ने 9 अगस्त 2021 सोमवार को लोकसभा में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC समुदाय) से जुड़ा एक अहम विधेयक पेश किया | सरकार ने 127वें संविधान संशोधन विधेयक को पेश किया है | इस विधेयक में राज्य सरकारों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार देने का प्रावधान है | हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दी थी | केंद्र सरकार जो संशोधन विधेयक लेकर आई है, उसमें प्रावधान है कि राज्य सरकारें अब अपने यहां OBC की लिस्ट तैयार कर सकेंगी | यानी अब राज्यों को किसी जाति को OBC में शामिल करने के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं रहना होगा | इसका मतलब है कि अब राज्य सरकारें अपने यहां किसी जाति को OBC समुदाय में शामिल कर पाएगी |

ये 127वां संविधान संशोधन बिल है, जिसे आर्टिकल 342A(3) के तहत लागू किया जाएगा | इससे राज्य सरकारों को ये अधिकार होगा कि वह अपने हिसाब से ओबीसी समुदाय की लिस्ट तैयार कर सकें | संशोधित बिल के पारित होने के बाद राज्यों को इसके लिए केंद्र पर निर्भर नहीं रहना होगा |

OBC Reservation Bill की जरुरत क्यों पड़ी:-

सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 5 मई को एक आदेश दिया था | इस आदेश में कहा गया कि राज्यों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरी और एडमिशन में आरक्षण देने का अधिकार नहीं है | इसके लिए जजों ने संविधान के 102वें संशोधन का हवाला दिया | इसी फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मराठों को ओबीसी में शामिल कर आरक्षण देने के फैसले पर भी रोक लगा दी थी |

दरअसल, 2018 में हुए इस 102वें संविधान संशोधन में नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज (National Commission for Backward Classes) की शक्तियों और जिम्मेदारियों को बताया गया था | इसके साथ ही ये 342A संसद को पिछड़ी जातियों की लिस्ट बनाने का अधिकार देता है | इस संशोधन के बाद विपक्षी पार्टियां ये आरोप लगाती थीं कि केंद्र संघीय ढांचे को बिगाड़ रहा है | 5 मई को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का केंद्र ने भी विरोध किया | इसी के बाद 2018 के संविधान संशोधन में बदलाव की कवायद शुरू हुई |

OBC Reservation Bill

नए बिल में क्या है:-

ये बिल संविधान के 102वें संशोधन के कुछ प्रावधानों को स्पष्ट करने के लिए लाया गया है | इस बिल के पास होने के बाद एक बार फिर राज्यों को पिछड़ी जातियों की लिस्टिंग का अधिकार मिल जाएगा | वैसे भी 1993 से ही केंद्र और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश दोनों ही OBC की अलग-अलग लिस्ट बनाते रहे हैं | 2018 के संविधान संशोधन के बाद ऐसा नहीं हो पा रहा था | इस बिल के पास होने के बाद दोबारा से पुरानी व्यवस्था लागू हो जाएगी | इसके लिए संविधान के आर्टिकल 342A में संशोधन किया गया है | इसके साथ ही आर्टिकल 338B और 366 में भी संशोधन हुए हैं |

इस बिल के पास होते ही राज्य सरकारें अपने राज्य के हिसाब से अलग-अलग जातियों को OBC कोटे में डाल सकेंगी | इससे हरियाणा में जाट, राजस्थान में गुर्जर, महाराष्ट्र में मराठा, गुजरात में पटेल, कर्नाटक में लिंगायत आरक्षण का रास्ता साफ हो सकता है | ये जातियां लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रही हैं | हालांकि सुप्रीम कोर्ट इंदिरा साहनी केस का हवाला देकर इन पर रोक लगाता रहा है |

आरक्षण क्या है:-

आरक्षण (Reservation) का अर्थ अपना जगह सुरक्षित करना है | यात्रा करने के लिए रेल का डिब्बा हो, किसी भी स्तर पर चुनाव लड़ना हो या फिर किसी सरकारी विभाग में नौकरी पाना हो | हर किसी की इच्छा होती है उस स्थान पर शख्स की जगह सुरक्षित हो |

आरक्षण क्यों दिया जाता है:-

भारत में सरकारी सेवाओं और संस्थानों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं रखने वाले पिछड़े समुदायों तथा अनुसूचित जातियों और जनजातियों के सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए भारत सरकार ने सरकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्रों की इकाइयों और धार्मिक/भाषाई अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को छोड़कर सभी सार्वजनिक तथा निजी शैक्षिक संस्थानों में पदों तथा सीटों के प्रतिशत को आरक्षित करने के लिए कोटा प्रणाली लागू की है | भारत के संसद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधित्व के लिए भी आरक्षण नीति को विस्तारित किया गया है |

भारत में आरक्षण की नींव किसने रखी:-

भारत में आरक्षण की शुरूआत 1882 में हंटर आयोग के गठन के साथ हुई थी| उस दौरान विख्यात समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले ने सभी को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा तथा अंग्रेज सरकार की नौकरियों में आनुपातिक आरक्षण/प्रतिनिधित्व की मांग की थी | इसके बाद 1891 के आरंभ में त्रावणकोर के सामंती रियासत में सार्वजनिक सेवा में योग्य मूल निवासियों की अनदेखी और विदेशियों को भर्ती करने के खिलाफ प्रदर्शन किया | इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में भारतीयों के लिए आरक्षण की मांग उठाई |

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2021 की 9वीं क़िस्त जारी की |

PMkisan 9वीं क़िस्त जारी की, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2021:-

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2021 की लाभार्थी सूची, PMkisan 9वीं क़िस्त की घोषणा को केंद्र सरकार द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर जारी कर दिया गया है | देश के जिन छोटे व सीमांत किसानो ने सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया है वह लाभार्थी PM Kisan Samman Nidhi Yojana की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लाभार्थी नई सूची में अपना नाम देख सकते है | जिन लोगो का नाम इस किसान सम्मान निधि योजना सूची 2021 में आएगा उन्हें सरकार द्वारा 6000 रूपये की आर्थिक सहायता तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी |

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 9वीं किस्त जारी की | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किसानों के खाते में 2000 रुपए की किस्त जमा की | कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 9.75 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 19,508 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए | इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को संबोधित कर लाभार्थी किसानों से बातचीत की |

देश जिन छोटे व सीमांत किसानो ने अभी तक इस योजना के तहत आवेदन नहीं है वह जल्द से जल्द इस योजना में आवेदन करे और फिर PM Kisan Samman Nidhi Yojana 2021 की लाभार्थी सूची में अपना नाम देखे और इस योजना का लाभ उठाये | इस सूची के तहत 2 हेक्टेयर तक की भूमि वाले छोटे व सीमांत किसानो को ही सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी | सभी किसान घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से लाभार्थी सूची में अपना नाम बड़ी सरलता से देख सकते है |

PM किसान सम्मान योजना में नामांकित होने के बाद भी लगभग 1.3 करोड़ किसानों को पैसा नहीं मिल रहा है | यह आधार कार्ड संख्या, बैंक खाता संख्या या गलत बैंक नंबर के साथ पंजीकृत बैंक खाते में दर्ज विसंगति के कारण है | जो किसान, किसान कल्याण योजना के तहत नामांकित होने के बाद भी अपना पैसा प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें किसान टोल फ्री नंबर 11800-180-1551, या PM किसान हेल्पलाइन नंबर 011-24300606/011-23388092 या PM किसान लैंडलाइन नंबर 011-23381092 पर कॉल करना होगा |

भारत सरकार (GoI) बिना किसी संपार्श्विक के 1.6 लाख रुपये तक केसीसी ऋण देती है या केसीसी रखने वाले छोटे किसानों को गारंटी देती है | कर और निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, किसान 3 साल में 5 लाख रुपये तक KCC ऋण ले सकते हैं | KCC ऋण की ब्याज दर भी 4 प्रतिशत प्रति वर्ष से बहुत कम है | लेकिन, किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा का लाभ उठाने के लिए, किसान को PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक खाता खोलना होगा |

आपके अकाउंट में पैसा आया या नहीं ऐसे करें चेक:-

  • सबसे पहले प्रधानमंत्री किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं |
  • अब दाहिनी तरफ मौजूद ‘Farmers Corner’ पर जाएं |
  • यहां आपको ‘Beneficiary Status’ का ऑप्शन मिलेगा |
  • ‘Beneficiary Status’ के ऑप्शन पर क्लिक करें |
  • अब आपके सामने नया पेज खुलेगा |
  • नए पेज पर आप आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर या मोबाइल नंबर में से कोई एक विकल्प चुनना होगा |
  • आपने जिस विकल्प को चुना है, वह नंबर दिए गए स्थान पर डालें |
  • अब आपको ‘Get Data’ के लिंक पर क्लिक करना है | अब आपके सामने पूरा डेटा आ जाएगा |

खाते में नहीं आए पैसे तो क्या करें:-

अगर आपके खाते में पैसा नहीं आया है तो आप अपने लेखपाल, कानूनगो और जिला कृषि अधिकारी से बातचीत कर सकते हैं | इसके अलावा अगर वहां पर बात न बने तो आप केंद्रीय कृषि मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर की मदद ले सकते हैं | आप हेल्पलाइन नंबर 155261, या टोल फ्री 1800115526 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं | इसके अलावा आप मंत्रालय के इस नंबर (011-23381092) से भी संपर्क कर सकते हैं |

Hariyali Teej 2021: कब है हरियाली तीज व्रत? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व व मान्यता

Hariyali Teej 2021:-

Hariyali Teej 2021- हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत ही अधिक खास होता है | हिंदू पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत सावन महीने शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है | इस साल हरियाली तीज का पर्व 11 अगस्त 2021 को मनाया जाएगा | इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती है और भगवान शिव और माता पर्वती की पूजा करती हैं |

हरियाली तीज का व्रत सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लम्बी आयु और सुखी दामपत्य जीवन की कामना से रखती हैं | करवा चौथ की तरह ही ये व्रत भी अत्यंत कठिन और महत्वपूर्ण है | इस व्रत में व्रत धारण करने वाली स्त्रियां पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करती हैं और संध्या काल में भगवान शिव और पार्वती माता की विधि-पूर्वक पूजा कर पति की लम्बी आयु की कामना करती हैं |

हरियाली तीज 2021 पूजन के शुभ मुहूर्त-

हरियाली तीज व्रत रखने की तारीख- बुधवार, 11 अगस्त 2021
राहुकाल- बुधवार- दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक। (राहुकाल में पूजा नहीं करनी चाहिए)श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि मंगलवार, 10 अगस्त को शाम 06.11 मिनट से शुरू होगी और 11 अगस्त 2021, बुधवार को शाम 04.56 मिनट पर समाप्त होगी |

  • अमृत काल- सुबह 01:52 से 03:26 तक
  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:29 से 17:00 तक
  • विजय मुहूर्त- दोपहर 14 से 03.07 तक
  • गोधूलि बेला- शाम 23 से 06.47 तक
  • निशिता काल- रात 14 से 12 अगस्त सुबह 12:25 तक
  • रवि योग- 12 अगस्त सुबह 09:32 से 05:30 तक

हरियाली तीज व्रत कथा-

हरियाली तीज उत्सव को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है | पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था | इस कड़ी तपस्या से माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया |

कथा के अनुसार माता गौरी ने पार्वती के रूप में हिमालय के घर पुनर्जन्म लिया था | माता पार्वती बचपन से ही शिव को वर के रूप में पाना चाहती थीं | इसके लिए उन्होंने कठोर तप किया | एक दिन नारद जी पहुंचे और हिमालय से कहा कि पार्वती के तप से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु उनसे विवाह करना चाहते हैं | यह सुन हिमालय बहुत प्रसन्न हुए | दूसरी ओर नारद मुनि विष्णुजी के पास पहुंच गए और कहा कि हिमालय ने अपनी पुत्री पार्वती का विवाह आपसे कराने का निश्चय किया है | इस पर विष्णुजी ने भी सहमति दे दी | नारद इसके बाद माता पार्वती के पास पहुंच गए और बताया कि पिता हिमालय ने उनका विवाह विष्णु से तय कर दिया है |

यह सुन पार्वती बहुत निराश हुईं और पिता से नजरें बचाकर सखियों के साथ एक एकांत स्थान पर चली गईं | सुनसान जंगल में पहुंचकर माता पार्वती ने एक बार फिर तप शुरू किया | उन्होंने रेत से शिवलिंग का निर्माण किया और उपवास करते हुए पूजन शुरू किया | भगवान शिव इस तप से प्रसन्न हुए और मनोकामना पूरी करने का वचन दिया | इस बीच माता पार्वती के पिता पर्वतराज हिमालय भी वहां पहुंच गए | वह सत्य बात जानकर माता पार्वती की शादी भगवान शिव से कराने के लिए राजी हो गए |शिव इस कथा में बताते हैं कि बाद में विधि-विधान के साथ उनका पार्वती के साथ विवाह हुआ | शिव कहते हैं, ‘हे पार्वती! तुमने जो कठोर व्रत किया था उसी के फलस्वरूप हमारा विवाह हो सका | इस व्रत को निष्ठा से करने वाली स्त्री को मैं मनोवांछित फल देता हूं |’

पूजन की विधि:-

हरियाली तीज का व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं रखती हैं | इस दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त हो कर शिव-पार्वती का स्मरण कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए | इसके बाद दिन भर अन्न और जल भी ग्रहण नहीं किया जाता है | हरियाली तीज की शाम को अपने हाथों से बनाए गए कच्ची मिट्टी के शिव-पार्वती की प्रतिमा की पूजा जाती है। पूजा में भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, मदार, रोली, अछत आदि चढ़ाया जाता है | जबकि माता पार्वती को श्रृगांर का समान चुनरी, सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी आदि चढ़ाना चाहिए | पंचामृत का भोग लगा कर भगवान शिव और माता पार्वती से पति की दीर्घ आयु और सुखी दामंपत्य जीवन की कामना करनी चाहिए |

हरियाणा हर हित स्टोर योजना 2021 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें

हरियाणा हर हित स्टोर योजना 2021:-

उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एवं रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं | युवाओं को प्रशिक्षण से लेकर ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है | हरियाणा सरकार द्वारा भी ऐसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं | उन योजनाओं में से एक है हरियाणा हर हित स्टोर योजना (Haryana Har Hith Store Yojana) | इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को रिटेल स्टोर खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा |

इस योजना को हरहित कृषि उद्योग निगम लिमिटेड द्वारा आरंभ किया गया है | जिसको प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में कार्यान्वित किया जाएगा | इस योजना के माध्यम से एग्रो रिटेल स्टोर खोलने के लिए कौशल प्रशिक्षण, आईटी समर्थन, लॉजिस्टिक सेवा, उत्पादों की खरीद, इन स्टोर fit-out जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी | इन स्टोर में लगभग 2000 खाद्य पदार्थ, व्यक्तिगत देखभाल और घरेलू देखभाल उत्पाद लॉन्च किए जाएंगे | पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1500 एवं शहरी क्षेत्रों में लगभग 500 स्टोर खोले जाएंगे | Haryana Har Hith Store Yojana 2021 के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा एवं रोजगार के अवसर पैदा होंगे | इसके अलावा उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान किए जाएंगे | इन रिटेल स्टोर को खोलने के लिए नागरिकों को फ्रेंचाइजी लेनी होगी |

फ्रेंचाइजी के माध्यम से हरियाणा के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में रिटेल आउटलेट की स्थापना की जाएगी | 3000 या अधिक आबादी वाले गांव में 200 वर्ष का रिटेल आउटलेट खोलने का प्रावधान रखा गया है | इसके अलावा नगर पालिका समितियां या परिषद के ऐसे वार्ड जिनकी जनसंख्या 10000 हो वहां पर भी एक आउटलेट खोलने का प्रावधान रखा गया है | इस संख्या को विभाग द्वारा बढ़ाया भी जा सकता है |

हरियाणा हर हित स्टोर योजना का उद्देश्य:-

हरियाणा हर हित स्टोर योजना मुख्य उद्देश्य उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है | इसके अलावा इस योजना के माध्यम से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे | ग्राहकों को भी इस योजना के माध्यम से उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त होगा | इसके अलावा इस योजना के माध्यम से सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, स्टार्टअप, एफपीओ एवं स्वयं सहायक समूह को मजबूती प्राप्त होगी | हरियाणा हर हित स्टोर योजना के माध्यम से सहकारी समिति बाजार तक पहुंच पाएंगे | इसके अलावा इस योजना के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा भी प्राप्त होगा | इस योजना के कार्यान्वयन से बेरोजगारी की दर में गिरावट भी आएगी |

हरियाणा हर हित स्टोर योजना 2021 के लाभ:-

  • हरियाणा हर हित स्टोर योजना से उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा |
  • यह स्टोर खोलने के लिए ना कोई रॉयल्टी ना कोई फ्रेंचाइजी फीस देनी होगी |
  • स्टोर पर की गई बिक्री पर औसतन 10% मार्जिन प्राप्त किया जा सकेगा |
  • इन स्टोर के माध्यम से डोर स्टेप डिलीवरी भी सुनिश्चित की जाएगी |
  • बैंकों से मुद्रा लोन दिलाने में भी सहायता की जाएगी |
  • इसके अलावा इस योजना के माध्यम से सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले उत्पाद ग्राहक द्वारा प्राप्त किए जा सकेंगे |
  • इस योजना के अंतर्गत आईटी और स्टोर ब्रांडिंग में भी सहायता प्रदान की जाएगी |
  • प्रशिक्षण और व्यवसाय कौशल विकास भी इस योजना के अंतर्गत प्रदान किया जाएगा |
  • इस योजना के अंतर्गत मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग समर्थन भी प्रदान किया जाएगा |
  • ग्राहकों को अधिक ऑफर एवं छूट प्रदान की जाएगी |

फ्रेंचाइजी प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंड:-

  • यदि आवेदक की आयु 21 से 35 वर्ष है तो उसे प्राथमिकता प्रदान की जाएगी |
  • इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष है |
  • आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास है |
  • ना ही आवेदक को कभी दोषी ठहराया गया हो और ना ही उस पर कोई आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए |
  • आवेदक की सरकारी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की वित्तीय देनदारी शेष नहीं होनी चाहिए |
  • आवेदक उसी गांव या वार्ड का निवासी होना चाहिए |
  • दुकान ग्राउंड फ्लोर पर होनी चाहिए |
  • ग्रामीण क्षेत्र में 200 वर्ग फुट की दुकान होनी चाहिए, छोटे शहरी क्षेत्र में 200 से 800 वर्ग फुट की दुकान होनी चाहिए एवं बड़े शहरी क्षेत्र में 800 से ज्यादा वर्क फूट की दुकान होनी चाहिए |

फ्रेंचाइजी प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज:-

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • दुकान और वाणिज्यिक स्थापना का लाइसेंस
  • ITR फाइलिंग
  • ट्रेड लाइसेंस
  • बिजली मीटर कनेक्शन
  • GST नंबर

फ्रेंचाइजी पार्टनर को मिलने वाले लाभ:-

फ्रेंचाइजी पार्टनर का मार्जिन:

इस योजना के माध्यम से फ्रेंचाइजी पार्टनर को 10% मार्जिन की गारंटी प्रदान की जाती है | इसका तात्पर्य यह है कि यदि प्रतिमाह फ्रेंचाइजी पार्टनर ने ₹150000 की बिक्री की तो उसे ₹15000 की राशि प्रदान कि जाएगी | बिक्री मिश्रण में राष्ट्रीय ब्रांडों की हिस्सेदारी 40% होना अनिवार्य है | फ्रेंचाइजी बिक्री और मार्जिन बढ़ाने के लिए फ्रेंचाइजी पार्टनर द्वारा विचार योजना एवं छूट दी जा सकती है |

आईटी सपोर्ट:

IT की आधारभूत संरचना स्थापित करने के लिए फ्रेंचाइजी पार्टनर को सहायता प्रदान की जाएगी | इसके अलावा ₹100000 रुपए 5 वर्षों के लिए प्रति आउटलेट संगत सॉफ्टवेयर के साथ डिस्प्ले, हैंड हेल्ड POS मशीन प्रदान करने के लिए प्रति आउटलेट निवेश किया जाएगा | POS मशीन प्राप्त करने के लिए फ्रेंचाइजी पार्टनर द्वारा ₹500 प्रतिमाह या फिर एकमुश्त 30000 रूपये का भुगतान किया जाएगा | जिसके पश्चात मशीन का स्वामित्व फ्रेंचाइजी पार्टनर को प्रदान किया जाएगा |

ब्रांडिंग, विज्ञापन तथा डिजिटल मार्केटिंग सुपोर्ट:

HAICL द्वारा विज्ञापनों के लिए लीफलेट, डांगलर्स, पोस्टर जैसी प्रचार सामग्री प्रदान की जाएगी | इसके अलावा ब्रांड तथा उत्पादों के प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से विज्ञापन दिए जाएंगे |

ऋण सहायता:

सभी शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदकों को सूचीबद्ध बैंकों की सूची प्रदान की जाएगी | इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से लोन की प्राप्ति की जा सकती है | लोन का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को बैंकों द्वारा निर्धारित किए गए मानदंडों को पूरा करना होगा | वह सभी आवेदक जो बैंक द्वारा प्रदान किए गए मानदंडों को पूरा नहीं करेंगे उन्हें फ्रेंचाइजी नहीं प्रदान की जाएगी |

लॉजिस्टिक सुविधा:

इस योजना के अंतर्गत फ्रेंचाइजी पार्टनर को लॉजिस्टिक सुविधा भी प्रदान की जाएगी | जिसके माध्यम से ग्राहकों को समय से डोर स्टेप डिलीवरी की जाएगी | यह डिलीवरी 48 से 72 घंटे के बीच की जाएगी |

इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा:

इस योजना के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा भी प्रदान की जाएगी | सभी 200 वर्ग फुट के आउटलेट के लिए 12 वॉल रैंक, 1 गंडोला, 1 ग्लो साइन बोर्ड और 1 कैश काउंटर प्रदान किया जाएगा | जिसकी कीमत ₹75000 से लेकर ₹100000 तक की होगी | इसके अलावा भी रेकी और परिवहन शुल्क की लागत अतिरिक्त होगी |

पूर्ण निर्मित दुकान में कुल निवेश

निवेश का विवरणग्रामीण क्षेत्रलघु शहरी क्षेत्रबड़ा शहरी क्षेत्र
वापसी योग्य सुरक्षा जमा राशि₹10000₹25000₹50000
व्यापार सहायता शुल्क₹30000₹30000₹30000
स्टॉक भरना₹200000₹500000 से लेकर ₹90000018 लाख रुपए से 2000000 रुपए
स्टोर पिक्चर₹75000 से लेकर ₹100000₹300000 से लेकर ₹400000₹600000 से ₹800000
कुल निवेश3.15-3.40 लाख8.55-13.55 लाख24.80-28.80 लाख

फैब्रिकेटेड दुकान में अनुमानित कुल निवेश

निवेश का विवरणराशि
वापसी योग्य सुरक्षा जमा राशि₹10000
व्यापार सहायता शुल्क30000 रुपए
स्टॉक भरना₹200000
स्टोर पिक्चर₹75000 से लेकर ₹100000
फैब्रिकेटेड दुकान+ स्टोर फिशर4 से 5 लाख रुपए
कुल निवेश6.40-7.40 लाख

हरियाणा हर हित स्टोर योजना 2021 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया:-

सर्वप्रथम आपको हरियाणा हर हित स्टोर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा |

हरियाणा हर हित स्टोर योजना
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा |
  • होम पेज पर आपको रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
हरियाणा हर हित स्टोर योजना
  • इसके पश्चात आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलकर आएगा |
  • आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म में निम्नलिखित जानकारी दर्ज करनी होगी।
    • फैमिली आईडी
    • नाम
    • मोबाइल नंबर
    • ईमेल एड्रेस
    • डिस्ट्रिक्ट
  • इसके पश्चात आपको जनरेट ओटीपी के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
  • अब आपको प्राप्त हुआ ओटीपी को ओटीपी बॉक्स में दर्ज करना होगा |
  • इसके बाद आपको रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
  • इस प्रकार आप रजिस्ट्रेशन कर पाएंगे |

पारदर्शी किसान सेवा योजना: लाभ, उद्देश्य, किसान पंजीकरण,शिकायत दर्ज कैसे करें?

पारदर्शी किसान सेवा योजना:-

पारदर्शी किसान सेवा योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग और राज्य सरकार द्वारा किसानो को लाभ पहुंचाने के लिए की गयी है | इस योजना के अंतर्गत राज्य के किसानो को कृषि वेबसाइट पर कृषि संबंधी अनुदान आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया जायेगा | उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा ऑफिसियल वेबसाइट http://upagripardarshi.gov.in/Index-hi.aspx पर राज्य के किसानो को अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही है | इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लीकेशन फॉर्म जारी किये है |

राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण के लिए कृषि विभाग की ऑफिसियल वेबसाइट को जारी कर दिया है | राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी Pardarshi Kisan Seva Yojana के तहत सभी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अपना पंजीकरण करना चाहते है वे ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है |

पारदर्शी सेवा योजना के तहत लाभ पाने वाले कृषक किसान को आधार पंजीकरण नंबर बताना होगा जिन किसानों ने अपना आधार पंजीकरण नहीं कराया है आधार पंजीकरण कराने हेतु आवेदन करना होगा | पारदर्शी किसान सेवा योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानो को अनुदान सीधे बैंक अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किया जायेगा इसलिए आवेदक का बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए |

पारदर्शी किसान सेवा योजना पर उपलब्ध सेवाएं:-

  • उन्नतशील खेती के तरीके
  • बीजो की जांच
  • किसान क्रेडिट कार्ड
  • कृषको को देय सुविधाएं
  • प्राकर्तिक संसाधन प्रबंधन
  • किस माह में क्या करे
  • असली खाद की पहचान
  • फसलों के किट एवं रोग
  • विशेष कार्यक्रम
  • मिटटी की जांच
  • कृषि उपयोगी यंत्र
  • प्रश्नोत्तरी |

पारदर्शी किसान सेवा योजना का उद्देश्य:-

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के किसानो की कृषि के उत्पादकता में वृद्धि करना और कृषि के विकास की दर को गति प्रदान करना | जिससे राज्य के किसानो की आर्थिक स्थिति को सुधारकर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना | पारदर्शी किसान सेवा योजना के ज़रिये किसानो को आय में वृद्धि होगी | इसके अतिरिक्त प्रदेश के क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए क्षेत्र विशेष हेतु उपयुक्त योजनाओं का क्रियान्वयन एवं कृषकों को रोजगार के नये अवसर प्रदान करना है |

कृषि उत्पादन की विकास दर प्रति वर्ष 5.1 प्रतिशत बनाये रखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रदान करने हेतु कृषि की नवीन तकनीकी का प्रचार-प्रसार तथा कृषकों की कृषि से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान करना | प्रदेश की समस्याग्रस्त भूमि यथा-जलमग्न, ऊसर, बंजर, बीहड़ आदि को उपचारित करके कृषि क्षेत्रफल में वृद्धि करते हुये उपजाऊ बनाना | इस योजना के ज़रिये कृषि निवेशों की आपूर्ति निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप कृषकों के मध्य उपलब्ध कराना |

UP Pardarshi Kisan Seva Yojana के लाभ:-

  • इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के किसान भाइयो को भी प्रदान किया जायेगा |
  • पारदर्शी किसान सेवा योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके किसान भाई सभी प्रकार के बीज कृषि यंत्र तथा कृषि रक्षा रसायन से सम्बंधित अनुदान प्राप्त कर सकते है |
  • किसानो को दी जाने वाली अनुदान धनराशि सीधे लाभार्थी किसान के बैंक अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाएगी |
  • UP Pardarshi Kisan Seva Yojana के अंतर्गतकृषकों को विभिन्न पारिस्थितिकीय परिस्थितियों में उपयुक्त फसलों से अधिक उत्पादन लेने हेतु विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तकनीकी प्रदर्शन का आयोजन एवं उनके परिणामों से कृषकों को परिचित कराया जायेगा |
  • कृषि उत्पादन में प्राकृतिक आपदाओं, कीट/रोग आदि जोखिम के कारण होने वाली क्षति की पूर्ति के लिये प्रदेश में संचालित कृषि बीमा योजनाओं को व्यापकता प्रदान करना |
  • इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किसानो को अगर किसी तरह की समस्या है तो वह ऑनलाइन दर्ज करवा सकते है और अपनी समस्या का निवारण प्राप्त कर सकते है |

किसान पंजीकरण के दस्तावेज़:-

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए |
  • आवेदक का बैंक अकाउंट अनिवार्य है |
  • किसान के पास अपनी भूमि का खाता नंबर भी होना चाहिए |
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • राशन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो |

पारदर्शी किसान सेवा योजना में किसान पंजीकरण कैसे करे:-

सर्वप्रथम आवेदक को पारदर्शी किसान सेवा योजना कृषि विभाग की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा | ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |

पारदर्शी किसान सेवा योजना
  • इस होम पेज पर आपको किसान पंजीकरण  का ऑप्शन दिखाई देगा | आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा | ऑप्शन पर क्लिक करना के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा | इस पेज पर आपको पंजीकरण फॉर्म खुल जायेगा |
  • पंजीकरण में आपको पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम ,पता ,आधार नंबर ,बैंक अकाउंट डिटेल्स आदि भरनी होगी | सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा |
  • इस तरह आपका इस पोर्टल पर पंजीकरण हो जायेगा और आप इस पोर्टल पर दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठा सकते है |

पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कैसे करे:-

  • सबसे पहले आपको कृषि विभाग उत्तर प्रदेश की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा | ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |
  • इस होम पेज पर आपको संपर्क करे का सेक्शन दिखाई देगा आपको इस सेक्शन में से शिकायत दर्ज करे के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा |
पारदर्शी किसान सेवा योजना
  • ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा | इस पेज पर आपको शिकायत दर्ज करने के लिए फॉर्म दिखाई देगा | आपको इस फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम ,पता ,जनपद , विषय ,शिकायत , फ़ोन नंबर ,कैप्चा कोड आदि भरनी होगी |
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको सुरक्षित करे के बटन पर क्लिक करना होगा |इस तरह आपको शिकायत दर्ज हो जाएगी | कुछ समय बाद आपको समस्या का समाधान आप तक पंहुचा दिया जायेगा |

पोर्टल पर शिकायत की स्थिति कैसे देखे:-

  • सर्वप्रथम लाभार्थी को कृषि विभाग की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा | ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल कर आ जायेगा | इस पेज पर आपको संपर्क करे के सेक्शन में से शिकायत की स्थिति के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा |
  • ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा | इस पेज पर आपको अपनी शिकायत संख्या को दर्ज करना होगा |
  • शिकायत संख्या दर्ज करने के बाद आपको खोजे के बटन पर क्लिक करना होगा | इसके बाद आपके सामने की गयी शिकायत की स्थिति आ जाएगी | आप इस स्थिति को देख सकते है |

International Youth Day 2021 : अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है

International Youth Day 2021 :-

मनुष्य अपने जीवन में जीवन से मरण तक लेकर 6 अवस्थाओं से गुजरता है शिशु ,बाल, किशोर, युवा, प्रौढ़ और वृद्धावस्था | इन सभी अवस्थाओं में किशोर से युवा और युवा से प्रौढ होने तक की अवस्था ही सबसे महत्वपूर्ण  होती है |

यही वह अवस्था होती है जब समाज की प्रगति को सबसे सशक्त बढ़ोतरी मिलती है कहते हैं कि युवा किसी भी समाज का इंजन होता लेकिन यह तभी संभव है जब समाज की नींव यानी बाल्यकाल संस्कारित हो किशोरावस्था ऐसा समय होता है | जब बालक कच्ची मिट्टी के समान होता है दादा- दादी, नाना- नानी ,माता- पिता और गुरु इत्यादि कुम्हार की तरह इस भाभी युवक के जीवन को सुदृढ़ आकार देकर समाज के लिए एक जिम्मेदार विकल्प प्रस्तुत करते हैं |

दुनिया को प्रगति के पथ पर ले जाने के उद्देश्य से समाज के सभी बुद्धिजीवियों ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की शुरुआत की थी संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णय के अनुसार सन 1985 को अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष घोषित किया गया था | लेकिन सन 2000 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन किया गया | पूरे विश्व में भारत को युवाओं का देश कहा जाता है यहां 35 वर्ष की आयु तक के 65 करोड़ युवा हैं अर्थात हमारे देश में पूरे विश्व को संपन्न एवं समृद्ध दिशा देने की अथाह शक्ति उपलब्ध है |

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य:-

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस (International Youth Day) का उद्देश्य युवाओं की आवाज, कार्यों और उनकी सार्थक पहल को विश्वस्तर पर पहचान दिलाना है | इसके साथ ही इस दिन सामाजिक, आर्थिक और राजनीती के मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी और उनकी भूमिका पर चर्चा करना है |

17 दिसंबर 1999 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने फैसला लिया गया कि 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाएगा | यह फैसला युवाओं के लिए जिम्मेदार मंत्रियों के विश्व सम्मेलन द्वारा 1998 में दिए गए सुझाव के बाद लिया गया | साल 2000 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन किया गया था |

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस क्यों मनाया जाता है:-

जहां परिवर्तन अनेकों उपलब्धियां सुविधाएं और चमत्कार लेकर आ रहा है वहीं युवा वर्ग के लिए तीव्र गति से भागने की क्षमता की चुनौती भी ला रही है ताकि युवा वर्ग इतना क्षमतावान हो कि वह तेजी से हो रहे परिवर्तन को समझ सके उसे अपना सके नई खोज नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर अपने कार्यशैली परिवर्तित कर सके | वह अपने तथा दूसरों के जीवन को सम्मानजनक एवं सुविधा संपन्न बना सकता है |

आज के युवा वर्ग को विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा में शामिल होना आवश्यक हो गया है | यह प्रतिस्पर्धा एक और समाज को सुख शांति तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है, और दूसरी तरफ चिंता, निराशा, व्यसन और बेलगाम उपद्रव की ओर आगे बढ़ा रही है | आजकल युवा विभिन्न बुरी आदतों में लिप्त होकर अपना जीवन तो बर्बाद कर ही रहे हैं | साथ ही साथ अपने सगे संबंधियों मित्रों अभिभावकों के लिए चिंता के विषय बनते जा रहे हैं |

घर पर प्रेम हीन संबंध सफल होने के दौड में पिछड़ने का डर और उसके कारण होने वाला मानसिक तनाव अंधाधुंध भौतिकवाद का प्रसार, शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक शोषण ,मादक द्रव्यों का नशा, यह सब कुछ ऐसे मुख्य कारण हैं | जो युवा को निरोत्सुक करके आत्महत्या जैसे आशाहीन कृत्य करने पर मजबूर कर रहे हैं | यदि युवा को सही दिशा देने के लिए कार्य करना है तो समस्त मानव समाज का उत्तर दायित्व है कि किसी कोमल पौधे की तरह उन्हें एक संतोषप्रद मानसिक सामाजिक और आध्यात्मिक वातावरण में ताकि वे अपनी संपूर्ण ऊर्जा से कार्यवान हो |

और अपना तथा इस समाज का सर्वोच्च भला कर सके यदि हर युवा को सही दिशा में मार्गदर्शन मिले और वह उस मार्गदर्शन को स्वीकार करे और अपने जीवन में उसे अपनाएं तो संपूर्ण मानव समाज के लिए इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता |

विश्व आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व आदिवासी दिवस 2021:-

अपनी दुनिया को अपनी संस्कृति से खूबसूरत बनाने वाले आदिवासी समुदाय को अपना अस्तित्व बचाने के लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ रहा है | आदिवासी जनसंख्या विश्व के 90 से अधिक देशों में है | उदारीकरण, जलवायु परिवर्तन ,नस्लभेद ,वर्ग भेद ,रंगभेद सहित कई कारणों के चलते आदिवासियों को अपना अस्तित्व और सम्मान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है |

9 अगस्त को प्रतिवर्ष अन्तर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जाता है | इस दिन विश्वभर में आदिवासी समुदाय के लोग, आदिवासी संगठन और संयुक्त राष्ट्र व कई देशों की सरकारी संस्थानों के द्वारा परिचर्चा, नाच-गान और सामूहिक समारोह का आयोजन किया जाता है | 9 अगस्त 1995 को पहली बार विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन किया गया था | यह दिवस दुनियाभर में आदिवासियों का सबसे बड़ा दिवस है |

इस दिवस को खास तौर पर मनाया जाने भी लगा है | इस दौरान आदिवासियों की मौजूदा हालात, समस्‍याएं और उनकी उपलब्धियों पर चर्चा हो रही है | प्रकृति के सबसे करीब रहनेवाले आदिवासी समुदाय ने कई क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाई है | संसाधनों के आभाव में भी इस समुदाय के लोगों ने अपनी एक खास पहचान बनाई है | गीत-संगीत-नृत्‍य से हमेशा ही आदिवासी समुदाय का एक गहरा लगाव होता है | उनके गीतो-नृत्‍यों में प्रकृति से लगाव का पुट दिखता है |

विश्व आदिवासी दिवस का उद्देश्य:-

विश्व के 195 देशों में से 90 देशों में 5,000 आदिवासी समुदाय हैं, जिनकी जनसंख्या लगभग 37 करोड़ हैं | उनकी अपनी 7,000 भाषाएं हैं। लेकिन इनके अधिकारों का सबसे ज्यादा हनन होता रहा है | इसी को मद्देनजर रखते हुए विश्व आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जिसका मूल उद्देश्य है आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं बढ़ावा को सुनिश्चित करना | इसके अलावा खासकर विश्व के पर्यावरण संरक्षण में आदिवासियों के योगदान को चिन्हित करना |

विश्व आदिवासी दिवस का इतिहास:-

आदिवासियों के अधिकारों का मसला और आदिवासी दिवस मनाने के पीछे एक लम्बा इतिहास है | आदिवासियों के साथ हो रहे प्रताड़ना एवं भेदभाव के मुद्दे को अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने, जो लीग आफ नेशन के बाद यूनाईटेड नेशन्स का एक प्रमुख अंग बना, 1920 में उठाना शुरू किया | इस संगठन ने 1957 में ‘इंडिजिनस एंड ट्राईबल पापुलेशन कान्वेंशन सं. 107 नामक दस्तावेज को अंगीकृत किया, जो आदिवासी मसले का पहला अन्तर्राष्ट्रीय दस्तावेज है, जिसे दुनियाभर के आदिवासियों के उपर किये जाने वाले प्रताड़ना एवं भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित किया गया था |

अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने पुनः 1989 में उक्त दस्तावेज को संशोधित करते हुए ‘इंडिजिनस एंड ट्राईबल पीपुल्स कान्वेशन 169, जिसे आईएलओ कान्वेंशन 169 भी कहा जाता है, जारी किया | यह दस्तावेज आदिवासियों के आत्म-निर्णय के अधिकार को मान्यता देते हुए जमीन, इलाका और प्राकृतिक संसाधनों पर आदिवासियों के मालिकाना हक को स्वीकृति प्रदान करता है | इसी दस्तावेज ने संयुक्त राष्ट्र के द्वारा 13 दिसंबर 2007 को जारी किये गये आदिवासी अधिकार घोषणा-पत्र में प्रमुख भूमिका निभाया |

विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को क्यों मनाया जाता है:-

आदिवासी दिवस मनाने के पीछे संयुक्त राज्य अमेरिका के आदिवासियों की सबसे बड़ी भूमिका है | अमेरिकी देशों में 12 अक्टूबर को कोलम्बस दिवस मनाने की प्रथा है, जिसका वहां के आदिवासियों ने घोर विरोध करते हुए उसी दिन आदिवासी दिवस मनाना शुरू किया | उन्होंने सरकारों से मांग किया कि कोलम्बस दिवस के जगह पर आदिवासी दिवस मनाया जाना चाहिए क्योंकि कोलम्बस उस उपनिवेशी शासन व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके लिए बड़े पैमाने पर जनसंहार हुआ है |

यह मामला संयुक्त राष्ट्र पहुंचा | अमेरिकी देशों के आदिवासियों के साथ हुए भेदभाव के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से 1977 में जेनेवा में एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया | इस सम्मेलन में कोलम्बस दिवस को हटाकर उसके जगह पर आदिवासी दिवस मनाने की मांग की गई | इस तरह से यह मांग जोर पकड़ता गया | आदिवासियों ने 1989 से आदिवासी दिवस मनाना शुरू कर दिया, जिसे काफी समर्थन मिला | अंततः 12 अक्टूबर 1992 को अमेरिकी देशों में कोलम्बस दिवस के जगह पर आदिवासी दिवस मनाने की परंपरा शुरू हो गई |

इसी बीच संयुक्त राष्ट्र ने आदिवासी अधिकारों को लेकर अन्तर्राष्ट्रीय कार्यदल का गठन किया, जिसकी प्रथम बैठक 9 अगस्त 1982 को जेनेवा में हुआ | संयुक्त राष्ट्र ने 1994 को आदिवासी वर्ष घोषित किया | 23 दिसंबर 1994 को संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1995 से 2004 को प्रथम आदिवासी दशक घोषित किया तथा आदिवासियों के मुद्दे पर 9 अगस्त 1982 को हुए प्रथम बैठक के स्मरण में 9 अगस्त को प्रतिवर्ष आदिवासी दिवस मनाने की घोषणा की | इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र ने 2005 से 2014 को द्वितीय आदिवासी दशक घोषित किया, जिसका मकसद आदिवासियों के मानव अधिकार, पर्यावरण, शिक्षा, स्वस्थ्य, आर्थिक एवं सामाजिक विकास के मुद्दों को सुलझाने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है |

विश्व आदिवासी दिवस दुनियाभर के आदिवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने और उन्हें बढ़ावा देने का दिन है | इसलिए प्रतिवर्ष 9 अगस्त को हमें अपनी एकजुटता, अपने अधिकारों के लिए संघर्ष और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित चाहिए | इस दिन हमें घोषणा करना चाहिए कि हम आदिवासी अपनी मातृभूमि के प्रथम निवासी है | यहां की जमीन, इलाका और प्राकृतिक संसाधनों पर हमारा पहला हक है |

Uttarakhand Mukhyamantri Vatsalya Yojana 2021

उत्तराखंड वात्सल्य योजना 2021 Uttarakhand Mukhyamantri Vatsalya Yojana 2021:-

उत्तराखंड वात्सल्य योजना 2021उत्तराखंड सरकार ने COVID-19 के कारण अनाथ बच्चों के लिए एक नई मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की घोषणा की है | इस मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना में, राज्य सरकार उन बच्चों की देखभाल करेंगे, जिन्होंने अपने माता-पिता या परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को कोरोनावायरस संक्रमण से खो दिया है | उत्तराखंड मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत, राज्य सरकार इन बच्चों की 21 वर्ष की आयु पूरी करने तक उनकी शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगा |

उत्तराखंड राज्य मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना 2021 (Uttarakhand Mukhyamantri Vatsalya Yojana 2021) में COVID-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को 3,000 रुपये प्रति माह प्रत्येक बच्चा को प्रदान किया जाएगा | इसके अलावा, जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जब तक वे वयस्क नहीं हो जाते, तब तक उनकी पैतृक संपत्ति का हिस्सा नहीं बेचा जाता है | ऐसे अनाथ बच्चों को भी उत्तराखंड सरकार की नौकरियों में 5% क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाएगा | मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 22 मई 2021 को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की घोषणा की है |

List of Children Orphaned due to COVID-19 in Uttarakhand:-

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को जल्द से जल्द COVID-19 अनाथ बच्चों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है | राज्य सरकार मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का लाभ प्रदान करने के लिए राज्य में कोरोनावायरस अनाथों की सूची तैयार कर रहा है | मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि “माता-पिता या परिवार के मुखिया को खोना एक बड़ा नुकसान है और बच्चे के विकास और भविष्य को प्रभावित करता है | इसलिए, सरकार ने इन बच्चों की हर संभव मदद करने का फैसला किया है |”

Other State Schemes Similar to CM Vatsalya Scheme:- उत्तराखंड वात्सल्य योजना 2021

हाल ही में उत्तराखंड से पहले, आंध्र प्रदेश, पंजाब और दिल्ली सहित कई अन्य राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों ने इसी तरह की योजना शुरू की है | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घोषणा की कि उनकी सरकार उन बच्चों की जिम्मेदारी लेगी, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में COVID-19 की दूसरी लहर के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया है |

इस बीच, सीएम रावत ने एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को COVID​​​​-19 की अगली लहर के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया और उन्हें बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा | बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए | मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों को वायरस की अगली लहर के लिए गांव-वार योजना तैयार करने की आवश्यकता है |

Proper Biomedical Waste Disposal to Contain COVID-19 Wave:-

मुख्यम्नत्री रावत ने बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण की आवश्यकता पर भी बल दिया | नगर पालिकाओं में शहरी विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग को उचित जैव चिकित्सा अपशिष्ट निपटान सुनिश्चित करना चाहिए | मुख्यम्नत्री ने कहा कि कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए | मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए |

Focus on Rural Areas to Contain COVID-19 Outbreak:-

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया | विकेंद्रीकृत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए | आशा और ANM कार्यकर्ताओं को उचित रूप से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए | प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी तैयार किए जाएं |

ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड -19 मामलों को रोकने के लिए, अधिकारियों को ग्राम सभाओं को भी शामिल करना चाहिए | दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मोबाइल टेस्टिंग वैन, मोबाइल लैब, दूर-दराज के क्षेत्रों के लिए सैंपलिंग वैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं | ग्रामीण इलाकों में मेडिकल किट मुहैया कराई जाए और गांवों में क्वारंटाइन सेंटरों को जरूरी सुविधाओं से लैस किया जाए |

Adequate Oxygen Supply to Tackle Coronavirus:-

मुख्यमंत्री रावत ने आगे कहा कि प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को शीघ्र पूर्ण किया जाए | “राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है | अब, हमारे सभी आईसीयू को जल्द ही चालू किया जाना चाहिए | कोविड-19 से संबंधित सूचनाओं की रीयल-टाइम डेटा प्रविष्टि बनाए रखने की आवश्यकता है |” इस बीच, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में COVID-19 परीक्षण को बढ़ाने की आवश्यकता है | दूसरे राज्यों से आने वालों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जाए | जनजागरूकता में ग्राम समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए |

CM Rise शिक्षक प्रशिक्षण । कोर्स 2 ज्ञान का खज़ाना प्रश्नोत्तरी । स्व मूल्यांकन प्रश्नोत्तरी ।

CM Rise शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम

शृंखला “घर-सीखने का संसाधन”

इस कोर्स शृंखला का दूसरा कोर्स “ज्ञान का खज़ाना” दीक्षा एप पर उपलब्ध है।

कोर्स पर जाने हेतु कृपया इस लिंक पर क्लिक करें- https://bit.ly/CMRise-घर-सीखनेकासंसाधन-2

यह कोर्स कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के साथ ही जिला अधिकारियों, डाइट फेकल्टी, ब्लॉक अधिकारियों, जन शिक्षकों सहित डाईट में अध्ययनरत डी. एड. विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है।

प्रशिक्षण कक्ष

राज्य शिक्षा केन्द्र,
मध्य प्रदेश, भोपाल

DIKSHA: शृंखला का दूसरा कोर्स “ज्ञान का खज़ाना” प्रश्न्नोत्तरी

प्रश्न 1: फीडबैक देते समय निम्न में से किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है विकल्प दीक्षा एप्प पर देखें

  1. a और b
  2. b और c
  3. a और c
  4. a और d

उत्तर : A और D

प्रश्न 2: सुनीता मैडम ने अपनी कक्षा 6 के विद्यार्थी रोहन को गतिविधि सम्बंधित निम्न निर्देश दिए – “रोहन तुम्हे अपनी गणित की किताब खोलनी है विज्ञानं की नहीं औ उसमे से कुछ कठिन सवाल हल करके मुझे जल्द से जल्द दिह्काओ और उसके बाद हिंदी की किताब से कुछ कवितायें भी याद कर लेना “

  • a और b
  • b और c
  • b और d
  • c और d

उत्तर : b और d

प्रश्न 3: घर को संसाधन के तौर पर उपयोग करते हुए, बच्चों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रियता से संलग्न करने के लिए प्रकाश सर हर रोज बच्चों को नै गतिविधियाँ देते हैं एवं उस पर आधारित कार्य करने को कहते है | किन्तु उनके कुछ बच्चे दी गयी गतिविधियाँ को समयनुसार पूर्ण नहीं कर प् रहे हैं | ऐसी स्थिति में आप प्रकाश सर को क्या करने को सलाह देंगे ?

  1. निरंतरता बनाये रखने के लिए बच्चों को लगातार हर रोज नै गतिविधिया देते रहें
  2. अभिभावकों के साथ बातचीत कर बच्चों के लिए घर पर एक अनुशासित माहौल बनाने को कहें
  3. बच्चों की बर्तमान परिस्थिति और चुनौतियों के आधार पर उन्हें सीखने की गति के अनुसार गतिविधिया देने को कहे
  4. बच्चों से प्रतिदिन बातचीत कर उन्हें गतिविधियाँ समय से देने का आदेश देने को कहें

उत्तर : बच्चों की बर्तमान परिस्थिति और चुनौतियों के आधार पर उन्हें सीखने की गति के अनुसार गतिविधिया देने को कहे

प्रश्न 4: अभिभावकों से बातचीत करते समय सरिता मैडम ने पाया की कई अभिभावकों के पास स्मार्ट फ़ोन तो हैं पर उसका उपयोग फोटो खींचना या फोटो साझा करना आदि में वे सक्षम नहीं है एवं उनके बच्चे भी कम उम्र के हैं | ऐसी स्थिति में अगर आप सरिता मैडम की जगह होते तो उन्हें क्या सलाह देते (विकल्प दीक्षा एप्प पर देखें )

  1. a और c
  2. c और d
  3. केवल c
  4. केवल d

उत्तर : केवल c

प्रश्न 5: रीता मैडम अपनी कक्षा 6 के बच्चों में कहानियों को पढ़ या सुनकर उनकी बेहतर समझ चाहती हैं | उन्हें कुछ कहानियां घर में जा कर देती है एवं कुछ अभिभावकों को फ़ोन में रिकार्ड कर के भेज देती है | आपके हिसाब से उपरोक्त उद्देश्य का प्रभावी क्रियान्वयन करने के लिए रीता मैडम को कौन सी गतिविधि करनी चाहिए|

  1. बच्चों को ऊँची आवाज में कहानी का वचन करने के लिए कहना चाहिए |
  2. बच्चों से पूछना चाहिए की वे कहानी के पात्र की जगह होते तो क्या करते |
  3. बच्चों को किताब से देख कर सभी पत्रों के चित्र कापी करने के लिए कहना चाहिए |
  4. बच्चों को कहानियां को कॉपी में नोट करने को कहना चाहिए|

उत्तर : बच्चों से पूछना चाहिए की वे कहानी के पात्र की जगह होते तो क्या करते |

प्रश्न 6:राकेश सर ने पाया की उनकी कक्षा के बच्चे अपने स्वस्थ्य और उससे सम्बंधित आदतों को लेकर गंभीर नहीं हैं और वर्तमान स्थिति में यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है | एक शिक्षक के तौर पर आप राकेश सर को क्या सुझाव देंगे? (विकल्प दीक्षा एप्प पर देखें )

  1. A और D
  2. A और C
  3. B सिर्फ
  4. D सिर्फ

उत्तर : B सिर्फ

प्रश्न 7:बच्चों के काम पर विवेचना द्वारा प्रतिक्रिया देने पर निम्नलिखित में से कौन सा वाकया सही है ? (विकल्प दीक्षा प्रश्नोत्तरी में देखें )

  1. दोनों सही है |
  2. A सही है B गलत है |
  3. B सही और A गलत है |
  4. B सही है

उत्तर : B सही और A गलत है |

प्रश्न 8: अनीता मैडम ने अपनी छात्रा रिंकू को कुछ नए शब्द और उन पर वाकया लिखने को कहा | रिंकू ने जब काम दिखाया तो अनीता मैडम ने उसे चेक करके चार गलत वाक्यों को सुधार कर लेन को कहा | आपके अनुसार अनीता मैडम रिंकू के काम पर और क्क्य प्रतिक्रिया दे सकती है (विकल्प दीक्षा एप पर देखें )

  • A और B |
  • A,B और D |
  • सिर्फ A |
  • सिर्फ C

उत्तर : सिर्फ C

गुजरात सूर्यशक्ति किसान योजना – किसानों के लिए Solar Panel Scheme

Suryashakti Kisan Yojana:-

गुजरात सरकार ने किसान कल्याण के लिए सूर्यशक्ति किसान योजना (SKY) 2021 शुरू की है | इस योजना के तहत किसान सौर ऊर्जा का उपयोग सिंचाई के लिए कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड के माध्यम से भी बेच सकते हैं | सोलर पैनल लगाने के लिए किसानों को कुल लागत का केवल 5 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा | किसानों को 7 साल के लिए केंद्र और राज्य सरकार 60% की सब्सिडी प्रदान करेगा जबकि शेष 35% के लिए, राज्य सरकार कम लागत का कर्ज देगा |

किसान इन सौर पैनलों के माध्यम से बिजली पैदा कर सकते हैं और इसे राज्य सरकार को बेच सकते हैं | सरकार 7 साल के लिए प्रति यूनिट 7 रुपये की दर से बिजली खरीदेगा जबकि शेष 18 वर्षों के लिए प्रति यूनिट 3.5 रुपये की दर से बिजली खरीदेगा | Suryashakti Kisan Yojana के 33 जिलों के 15 लाख किसानों को कवर करने और 7,060 फीडरों के माध्यम से उन्हें सौर ऊर्जा प्रदान करने की उम्मीद है |

गुजरात के मुख्यमंत्री ने गुजरात के किसानों के लिए बिजली संचयन योजना के रूप में महत्वाकांक्षी सूर्यशक्ति किसान योजना शुरू की | यह योजना किसानों को अपने निजी उपभोग के लिए अपने खेतों में सौर पैनल स्थापित करके बिजली पैदा करने में सक्षम बनाती है और अतिरिक्त बिजली को बेचकर कमाई भी करती है | गुजरात सूर्यशक्ति किसान योजना पायलट चरण की शुरुआत 19 अक्टूबर 2018 को बारडोली जिले से की गई थी |

Suryashakti Kisan Yojana का उद्देश्य:-

गुजरात सरकार पूरे राज्य में सूर्यशक्ति किसान योजना या SKY योजना लागू करेगी | सूर्यशक्ति किसान योजना का मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा का उपयोग करना और बिजली उत्पन्न करने के लिए इसका उपयोग करना है | अब किसान बिजली पैदा कर सकते हैं और इसका उपयोग सिंचाई के उद्देश्य से इसका उपयोग कर सकते हैं और अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड के माध्यम से बेच सकते हैं | यह योजना पहले से ग्रिड से जुड़े किसानों के लिए है | किसी दिए गए एजी फीडर पर अधिक से अधिक किसानों को शामिल करना वांछनीय है | संचार और कार्यान्वयन में आसानी के लिए एक फीडर पर किसान को एक समिति बनानी चाहिए |

किसान को ग्रिड से जुड़ा सोलर पीवी सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा | 1.25 kW PV सिस्टम प्रति hp प्रदान किया जाना है (उदाहरण के लिए- 10 hp = 12.5 kW PV सिस्टम) | प्रतिस्पर्धात्मक रूप से खोजी गई दरों पर पैनल में शामिल इंस्टॉलरों के माध्यम से स्थापना | “SKY” फीडर को दिन के समय 12 घंटे तक चालू रखना होगा |

Suryashakti Kisan Yojana Funding:-

किसान से 5% न्यूनतम अग्रिम निवेश
किसान की ओर से 35% ऋण
गुजरात सरकार से 30% सब्सिडी (ऋण के माध्यम से)
भारत सरकार से 30% सब्सिडी |

राज्य सरकार नाबार्ड से 65% पूंजीगत व्यय का 7 साल के लिए <=6% ब्याज पर ऋण लेगा |

Suryashakti Kisan Yojana Returns:-

Net Metering:

  • किसान सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे, और अतिरिक्त उत्पन्न बिजली को ग्रिड में इंजेक्ट करेंगे |
  • बिलिंग चक्र के अंत में शुद्ध निकाली गई ऊर्जा के आधार पर किसान को राजस्व प्राप्त होगा |

Revenue During First 7 Years:

  • Rs. 3.50 per kWh, feed-in tariff by DisCom
  • गुजरात सरकार द्वारा 3.50 रुपये प्रति kWh निकासी-आधारित प्रोत्साहन (सब्सिडी), अधिकतम 1,000 kWh प्रति hp प्रति वर्ष अनुबंध भार तक |

Revenue During Next 18 Years:

  • Rs. 3.50 per kWh, feed-in tariff by DisCom

सूर्यशक्ति किसान योजना के प्रमुख लाभ:-

बिजली बिल से राहत
अधिशेष बिजली की बिक्री से अतिरिक्त आय
दिन के समय 12 घंटे की ग्रिड-गुणवत्ता वाली बिजली
8 से 18 महीने के भीतर निवेश पर वापसी
ऋण चुकौती के बाद पीवी प्रणाली का स्वामित्व |
पीवी सिस्टम पर 7 साल की परफॉर्मेंस गारंटी |
राज्य सरकार द्वारा पीवी सिस्टम पर बीमा |

बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें?

बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना:-

पश्चिम बंगाल राज्य में लगभग 7.5 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे भविष्य निधि की राज्य सहायता योजना, भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याण योजनाओं और परिवहन श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे | राज्य सरकार ने भविष्य निधि के लिए सदस्यता भुगतान के लिए 25/- रुपये प्रति माह लाभार्थी के योगदान के लिए माफ करने का फैसला किया है | पश्चिम बंगाल सरकार 1 अप्रैल 2020 से लाभार्थियों की ओर से स्वयं राशि का योगदान करने का निर्णय लिया है |

इस प्रकार इस योजना का नाम बदलकर बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना (BM-SSY) कर दिया गया, जहां कोई भी नामांकित लाभार्थी एक भी रुपया खर्च किए बिना सभी उपलब्ध लाभों का लाभ उठा सकता है |

बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ:-

  • बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना में राज्य के भूमिहीन किसान भी शामिल हैं |
  • असंगठित क्षेत्रों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) प्रदान करने और अन्य लाभ के संबंध में भी प्रावधान है |
  • मजदूरों को लाभ पाने के लिए कोई प्रीमियम पैसा नहीं देना पड़ता है | पश्चिम बंगाल सरकार गरीब मजदूरों की ओर से प्रीमियम राशि का भुगतान करेगी |
  • सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत, लगभग 1.5 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है |
  • आयु सीमा 60 वर्ष से ऊपर निर्धारित की गई है | लाभ पाने के लिए मजदूरों को 60 वर्ष की आयु तक पहुंचना होगा |
  • लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 2 लाख रुपये और विकलांगों को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे |

योजना के लिए पात्रता मानदंड:-

  • आवेदक पश्चिम बंगाल का निवासी होना चाहिए |
  • आवेदक की आयु 18-16 वर्ष होनी चाहिए |
  • निर्माण और परिवहन श्रमिकों को छोड़कर परिवार की कुल आय 6500/- रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए |

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • आवेदक का फोटो
  • आधार कार्ड
  • बैंक पासपोर्ट
  • वोटर आई कार्ड आवेदन (फॉर्म -1)
  • SASPFUW/BOCWA/WBTWSSS के तहत जारी पासबुक
  • कार्यकर्ता को जारी किया गया पहचान पत्र
  • निर्भरता पासबुक |

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:-

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://bmssy.wblabour.gov.in/ पर जाएं |
  • होमपेज पर, “New Registration” टैब पर क्लिक करें जैसा कि नीचे दिए गए चित्र में दिखाया गया है |
बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना
  • बीना मुल्य सामाजिक सुरक्षा योजना खोलें फॉर्म लागू करें |
  • पश्चिम बंगाल बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म 2021 दिखाई देगा |

यहां आवेदक कार्यकर्ता की श्रेणी, नाम, जन्म तिथि, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर, पहचान प्रमाण, जाति, राशन कार्ड नंबर, धर्म, लिंग, वैवाहिक स्थिति, पिता का नाम, माता का नाम, मासिक पारिवारिक आय दर्ज कर सकते हैं | इसके अलावा राज्य का नाम, जिले का नाम, अनुमंडल, प्रखंड/नगर पालिका/निगम, जीपी/वार्ड, पिन कोड, डाकघर, पुलिस थाना, मकान नंबर दर्ज करना होगा |

अंत में, आवेदक बीना मुल्य सामाजिक सुरक्षा योजना ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए “Register” बटन पर क्लिक कर सकते हैं |

CBSE 12वीं का रिजल्ट आज: इन 6 platform पर चेक कर सकते हैं नतीजे

CBSE-12th result 12वीं का रिजल्ट:-

CBSE-12th result- सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन / Central Board of Secondary Education (CBSE) आज दोपहर 2 बजे 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी करेगा | स्टूडेंट्स CBSE की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.nic.in के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं | लेकिन, कई बार रिजल्ट जारी होते ही भारी ट्रैफिक के चलते वेबसाइट क्रैश हो जाती है। ऐसे में स्टूडेंट्स वेबसाइट के अलावा ‍इन तरीकों से भी अपने रिजल्ट चेक कर सकते हैं |

इन 6 platform पर चेक करें नतीजे:- CBSE-12th result

  • वेब पोर्टल:

वेबसाइट की लोडिंग स्पीड स्लो होने या साइट क्रैश होने पर स्टूडेंट्स इन वेबसाइट्स पर अपने रिजल्ट चेक कर सकते हैं |

www.cbseresults.nic.in

www.cbse.nic.in

examresults.com

  • उमंग ऐप:

स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट उमंग मोबाइल प्लेटफॉर्म या उमंग ऐप (Umang App) पर भी देख सकते हैं | यह ऐप एंड्रॉइड, iOS और विंडोज-आधारित स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है |

  • SMS:

स्टूडेंट्स बोर्ड के परिणाम SMS के जरिए भी देख सकेंगे | इसके लिए अपने मोबाइल पर cbse12 टाइप कर 7738299899 पर भेजें |

  • टेलीफोन और IVRS:

स्टूडेंट्स टेलीफोन कॉल या इंटरैक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम (IVRS) के जरिए भी अपना रिजल्ट हासिल कर सकते हैं | इसके लिए स्टूडेंट्स को बोर्ड के दिए नंबर पर कॉल करना होगा | दिल्ली के स्टूडेंट्स 24300699 पर कॉल कर नतीजे पता कर सकते हैं | जबकि, देश के अन्य हिस्सों से स्टूडेंट्स 011 – 24300699 के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे |

  • डिजिलॉकर:

इस बार भी बोर्ड रिजल्ट ऑनलाइन जारी करने के साथ डिजीलॉकर पर भी मार्कशीट शेयर करेगा | डिजिलॉकर के जरिए डॉक्यूमेंट एक्सेस करने के लिए रोल नंबर की बजाय आधार कार्ड नंबर और उससे जुड़े मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा | इसके अलावा बोर्ड ने पिछले साल फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम भी पेश किया था | ऐसे में स्टूडेंट के पास आधार कार्ड नहीं होने पर भी वह डिजिलॉकर का इस्तेमाल कर सकेगा | डिजिलॉकर मोबाइल ऐप गूगल प्ले या एपल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है |

गूगल प्ले

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.digilocker.android) या

Apple ऐप स्टोर

https://apps.apple.com/in/app/digilocker/id1320618078

क्या है डिजिलॉकर:-

डिजिलॉकर डॉक्यूमेंट्स और सर्टिफिकेट को जमा, शेयर और वेरिफाई करने के लिए बनाया गया एक सुरक्षित क्लाउड प्लेटफॉर्म है | इसमें अकाउंट बनाने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें –

  • सबसे पहले digitallocker.gov.in पर क्लिक करें |
  • अब आधार कार्ड के मुताबिक अपना नाम और जन्मतिथि दर्ज करें |
  • इसके बाद अपना जेंडर और मोबाइल नंबर दर्ज करें |
  • अब 6 अंकों का सुरक्षा पिन सेट करें |
  • अपनी ईमेल आईडी और आधार नंबर दर्ज करें |
  • जानकारी अपलोड कर एक यूजरनेम बनाएं |

डिजिलॉकर अकाउंट बनने के बाद डॉक्यूमेंट ब्राउज पर क्लिक करें और अपने बोर्ड परीक्षा डॉक्यूमेंट देखने के लिए अपना बोर्ड रोल नंबर दर्ज करें |

छत्तीसगढ़ राजीव गाँधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना 2021

राजीव गाँधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना:-

छत्तीसगढ़ सरकार छत्तीसगढ़ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना 2021 (CG Rajiv Gandhi Gramin Bhoomihin Krishi Majdoor Nyay Yojana 2021) शुरू करने जा रही है | इस योजना के तहत, सरकार भूमिहीन परिवारों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 28 जुलाई 2021 को राजीव गाँधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की घोषणा की है |

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम अनुपूरक बजट के लिए मांग प्रस्तावों पर हुई बहस का जवाब देते हुए सीजी राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना 2021 की घोषणा की है | चर्चा के बाद 2,485.59 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया |

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए निधि आवंटन:-

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना जल्द शुरू की जाएगी | इस योजना में जिन परिवारों के पास कृषि भूमि नहीं है और जो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि श्रम या मनरेगा के काम (आजीविका के लिए) पर निर्भर हैं, उन्हें 6,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता दी जाएगी | ग्रामीण आबादी के अन्य वर्ग जैसे नाई, धोबी (धोबी), लोहार, पुजारी भी राजीव ग्रामीण भूमि कृषि अधिकारी योजना के अंतर्गत आएंगे |

चालू वित्तीय वर्ष से सीजी राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लागू की जाएगी | राज्य सरकार ने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए अनुपूरक बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है |

प्रमुख लाभार्थी कौन हैं:-

  • जिन परिवारों के पास कृषि भूमि नहीं है |
  • कृषि श्रम या मनरेगा पर निर्भर परिवार ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के लिए काम करते हैं |
  • नाई
  • धोबी
  • लोहार
  • पुजारी |

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अन्य घोषणा:-

मुख्यमंत्री बघेल ने दावा किया “केंद्र ने राज्य से 60 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने की सहमति दी थी, लेकिन केवल 24 लाख मीट्रिक टन लिया, और राज्य सरकार को शेष स्टॉक को घाटे में नीलाम करना पड़ा | इसके बावजूद हम कर्ज लेकर भी हर हाल में किसानों का साथ देते रहे हैं |”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान कुछ सुविधाओं की कमी ने एक चुनौती पेश की, लेकिन अब सरकार राज्य भर में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है | इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग के लिए 957 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है | दूसरी लहर के दौरान, राज्य सरकार ने न केवल स्थिति को संभालने का अच्छा काम किया, बल्कि अन्य राज्यों को भी चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति की |

दुर्ग जिले में निजी संचालित चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण के लिए 39 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है | राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, दुर्ग (अधिग्रहण) विधेयक, 2021 विधानसभा में पेश किया | बिल पर अभी चर्चा होनी बाकी है | बिलासपुर जिले के नागोई गांव में 126 करोड़ रुपये की लागत से 1500 बंदियों को रखने की क्षमता वाली विशेष जेल के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है |

UP Lok Kalyan Mitra Internship Program 2021 क्व लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें ?

UP Lok Kalyan Mitra Internship Program 2021:-

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नया उत्तरप्रदेश लोक कल्याण मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम 2021 (UP Lok Kalyan Mitra Internship Program 2021) शुरू किया है | इस कार्यक्रम में योगी सरकार राज्य के 822 ब्लॉक (प्रत्येक ब्लॉक में 1 अर्थात 822) और राज्य स्तर पर 2 (कुल 824) लोक कल्याण मित्रों की नियुक्ति करेगी | ब्लॉक स्तर पर नियुक्त सभी लोक कल्याण मित्र को 30,000 रुपये जबकि राज्य स्तर पर नियुक्त सभी लोक कल्याण मित्र को 40,000 रुपये का वेतन मिलेगा | इस उद्देश्य के लिए, प्रत्येक इच्छुक उम्मीदवार को इस इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा |

उत्तरप्रदेश लोक कल्याण मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम 2021 के तहत नियुक्त ये लोग योगी सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे और पूरे राज्य में फीडबैक तंत्र को मजबूत करेंगे | कुल 822 नियुक्त लोक कल्याण मित्रों में से लड़कियों के लिए 30% आरक्षण होगा | इन लोक मित्रों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से 1 वर्ष के लिए किया जाएगा और इसके लिए उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा |

UP Lok Kalyan Mitra Internship Program 2021 के लिए आवेदन प्रक्रिया:-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने लिखित परीक्षा के माध्यम से 824 लोक कल्याण मित्र (ब्लॉक स्तर पर 822 और राज्य स्तर पर 2) नियुक्त करने का निर्णय लिया है | प्रत्येक लोक कल्याण मित्र को अगले एक साल तक ब्लॉक स्तर पर काम करने का मौका मिलेगा और अगले साल उन्हें नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा | इच्छुक युवा जो समाज में बदलाव लाना चाहते हैं, वे इस इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं | लोक कल्याण मित्र पोर्टल तक पहुंचने का सीधा लिंक http://lokkalyanmitr.up.gov.in/ है |

उत्तरप्रदेश लोक कल्याण मित्र इंटर्नशिप कार्यक्रम आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी | उत्तरप्रदेश सरकार प्रखंड स्तर पर उम्मीदवारों के चयन के लिए DM के नेतृत्व में कमेटी बनाएगी | इसमें मुख्य विकास अधिकारी, सूचना विभाग के प्रतिनिधि और जिले के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे | नियुक्ति 1 वर्ष के लिए संविदा के आधार पर होगी और चयनित आवेदकों को स्थायी करने का अधिकार अकेले सीएम योगी आदित्यनाथ के पास है |

लोक कल्याण मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए वेतन और पात्रता:-

  • उम्मीदवारों को किसी भी सामाजिक मंच पर कम से कम 2 वर्ष का अनुभव होना चाहिए |
  • उम्मीदवार को इंजीनियरिंग, मेडिकल, आर्ट्स स्ट्रीम में स्नातक होना चाहिए |
  • लोक कल्याण मित्र इंटर्नशिप के लिए आवेदक 21-40 वर्ष के आयु वर्ग के होने चाहिए |

UP Lok Kalyan Mitra Training Advertisement:-

सूचना विभाग इस उत्तरप्रदेश लोक कल्याण मित्र प्रशिक्षण 2021 के लिए नोडल विभाग है | सभी लोक कल्याण मित्रों को सरकारी योजनाओं की अवधारणा को समझना होगा और इसके क्रियान्वयन पर फीडबैक भी लेना होगा | प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय लोक कल्याण मित्र को 25,000 रुपये वेतन के रूप में और 5,000 रुपये भत्ते के रूप में (कुल 30,000 रुपये) प्रदान किए जाएंगे | प्रत्येक राज्य स्तरीय लोक मित्र को 35,000 रुपये वेतन के रूप में और 5,000 रुपये भत्ते के रूप में (कुल 40,000 रुपये) प्रदान किए जाएंगे |

UP Lok Kalyan Mitra Internship Program

उनके पास गांवों का दौरा करने का कार्य होगा और यदि किसी व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, तो इसके पीछे क्या कारण है? लोक कल्याण मित्र प्रशिक्षुओं को लोगों को उचित समाधान देना होगा | लोगों को योजना का लाभ दिलाने में मदद के लिए हर योजना को ऑनलाइन किया जाएगा |

Patanjali Dealership 2021: Patanjali Store कैसे खोलें ?

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Patanjali Dealership 2021:

पतंजलि आयुर्वेदिक के बारे में हम सब अच्छे से जानते हैं | यह अब भारत में सबसे अधिक बिकने वाली उत्पाद निजी कंपनी में से एक है | इस कंपनी के सीईओ श्री बालकृष्ण हैं और यह पूरा प्रोजेक्ट योग गुरु बाबा रामदेव के अधीन काम करता है | पिछले कुछ वर्षों में पतंजलि आयुर्वेद का सालाना कारोबार लगभग 10000 करोड़ रुपये है | यह एक ब्रांड है जो आयुर्वेदिक उत्पाद प्रदान करता है | पतंजलि के लॉन्च के बाद इसके उत्पाद को बाजार में बहुत ही अच्छी मांग हो रही है, तो दोस्तों यदि आप पतंजलि स्टोर लेना चाहते है और अपना स्टोर खोलना चाहते है | पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की शुरुआत 2006 में बाबा रामदेव ने आचार्य बालकृष्ण के साथ की थी |

इस कंपनी का उद्देश्य नवीनतम तकनीक और प्राचीन ज्ञान के साथ आयुर्वेद के अनुरूप समन्वय स्थापित करना था | धीरे-धीरे कंपनी ने अनेको उत्पादों को बनाना शुरू कर दिया | अफोर्डेबल प्राइस पर प्यूरिटी और क्वालिटी के कारण जल्द ही कंपनी के उत्पाद काफी प्रसिद्ध हो गए | शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पतंजलि के उत्पादों की मांग तेज़ी से बढ़ी है जिससे Patanjali Store खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित किये गए है |

पतंजलि स्टोर खोलने का खर्च:-

  • प्रत्येक व्यापार,व्यवसाय को आरम्भ करने के लिए इन्वेस्मेंट की आवश्यकता होती है जिसे व्यवसाय की पूंजी कहते है |
  • बिज़नेस की भाषा में पूंजी को कुंजी कहा जाता है क्योकि इसके माध्यम से ही व्यापार को सही प्रकार से चलाया जा सकता है |
  • अगर आप पतांजलि की डीलरशिप लेने चाहते है तो आपको कुछ इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा |
  • पतंजलि स्टोर खोलने के लिए आपको कम से कम 04 से 05 लाख रूपए पूंजी के रूप में लगानी होगी |

पतंजलि स्टोर के लिए पात्रता मानदंड:-

  • पतंजलि स्टोर के लिए न्यूनतम 2000 वर्ग फुट का Area होना आवश्यक है |
  • इस स्टोर के तहत रुपये की एक सुरक्षा जमा डिमांड ड्राफ्ट के रूप में 5 लाख (दिव्या फार्मेसी के नाम 2.5 लाख और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार में 2.5 लाख) जमा करने होंगे |
  • Patanjali Store लेने वाले आवेदक को स्थान की 5-6 तस्वीरें, पैन कार्ड, पांच पासपोर्ट आकार के फोटो, पहचान प्रमाण, पते का प्रमाण, बिक्री पंजीकरण की प्रति, मेगा स्टोर के स्वामित्व या किराए आदि को आवेदन पत्र के साथ अटैच करना होगा |
  • Patanjali Store के लिए आपको 1 करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश की जरूरत है |
  • आवेदक एक आम व्यक्ति होना चाहिए और किसी भी तरह से अदालत द्वारा दोषी नहीं होना चाहिए |
  • पतंजलि स्टोर पर केवल दिव्य फार्मेसी उत्पादों, पतंजलि आयुर्वेद और संस्थान द्वारा अनुमोदित उत्पादों को ही बेचा जाएगा, इन दुकानों पर कोई अन्य वस्तु नहीं बेची जा सकती है |
  • केवल शहर के मुख्य बाजार और प्राइम लोकेशन में ही Patanjali Store खोला जा सकता है |

पतंजलि स्टोर के लिए आवश्यक दस्तावेज़:-

  • आवेदक आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • स्टोर लोकेशन की 5 से 6 फोटो
  • आवेदक स्वयं पासपोर्ट आकार का फोटो 5
  • कोई अन्य पहचान प्रमाण
  • बिक्री पंजीकरण की प्रति
  • मेगा स्टोर का Ownership या रेंट डीड |

पतंजलि स्टोर के लिए आवेदन प्रक्रिया:-

  • सबसे पहले आपको पतंजलि आयुर्वेद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा | इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा |
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको डाउनलोड सेक्शन में Patanjali Store लिंक पर क्लिक करना होगा | Download >> Patanjali Store
Patanjali Dealership 2021
  • अब आपके सामने पतंजलि स्टोर खोलने के लिए आवेदन फॉर्म खुल जायेगा। आपको सभी प्रोसीजर पुरे करते हुए आवेदन फॉर्म को भरना होगा |
Patanjali Dealership 2021
  • इस आवेदन फॉर्म में आपको पतंजलि स्टोर के लिए स्थान, इन्वेस्टमेंट, स्टोर का एरिया आदि जानकारी उपलब्ध करानी होगी |
  • इसके बाद कंपनी के अधिकारियों द्वारा आपके फॉर्म की जाँच की जाएगी, सब सही पाए जाने पर आपको पतंजलि स्टोर डीलरशिप,फ्रैंचाइज़ी प्रदान की जाएगी |
  • इस प्रकार आप दिए गए आसान से चरणों का पालन कर पतंजलि स्टोर डीलरशिप, फ्रैंचाइज़ी ले सकते है | इससे सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए आप हमसे कमेंट सेक्शन में सवाल पूछ सकते हैं |

अपने नजदीकी Patanjali Store की स्थिति जाने:-

शहरस्टोर की स्थिति
Patanjali Store in Noidaस्थान देखें
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Patanjali Store in Greater Noidaस्थान देखें
Patanjali Store in Moradabadस्थान देखें
Patanjali Store Kamla Nagar Agraस्थान देखें
Patanjali Store in Kanpurस्थान देखें
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