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E Shram Portal के अंतर्गत शामिल योजनाएं : जानें पात्रता एवं लाभ

e-Shram Yojana:-

देश के संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं आरंभ की जाती है | जिससे कि सभी श्रमिकों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सके | लेकिन काफी सारे श्रमिक ऐसे होते है जो योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र तो होते है लेकिन किसी कारणवश वह योजना का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं | ऐसे सभी श्रमिकों के लिए भारत सरकार द्वारा ई-श्रम पोर्टल (e-Shram Yojana Portal) का शुभारंभ किया गया है | इस पोर्टल पर सभी श्रमिकों से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी |

E Shram Yojana के माध्यम से 38 करोड असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का नेशनल डेटाबेस तैयार किया जाएगा जो कि आधार से जोड़ा जाएगा | जिससे मजदूरों, रेहड़ी पटरी वालों एवं घरेलू कामगारों को एक साथ जोड़ा जाएगा | पोर्टल पर श्रमिक का नाम, पता, शैक्षिक योग्यता, कौशल का प्रकार, परिवार से संबंधित जानकारी आदि दर्ज की जाएगी | श्रमिकों को एक साथ जोड़ने के साथ-साथ इस पोर्टल के माध्यम से उनको कई तरह की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी | सभी पंजीकृत श्रमिकों को एक 12 अंकों का ई कार्ड प्रदान किया जाएगा जो कि पूरे देश में मान्य होगा | इस कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को कई तरह की योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जाएगा |

सरकार के द्वारा शुरू किए गए e Shram Portal Registration के बाद और संगठित क्षेत्र के कामगारों को सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाएं जैसे कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना ( PMSMY) , प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) , प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) इत्यादि जैसी योजनाओं का भी लाभ मिल सकेगा और इन योजनाओं के अंतर्गत बीमा कवरेज लगभग ₹200000 तक का होता है |

E Shram Portal कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को उनके काम के आधार पर बांटा जाएगा | जिससे कि उन को रोजगार प्रदान करने में भी सहायता प्राप्त होगी | इसके अलावा डेटाबेस के माध्यम से सरकार को श्रमिकों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं लांच करने एवं उनका बेहतर संचालन करने में भी सहायता प्राप्त होगी | ई-श्रम पोर्टल का संचालन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा किया जाएगा |

पिछले माह सरकार द्वारा ई श्रम पोर्टल का शुभारंभ किया गया था | इस पोर्टल पर अब तक 27 लाख से अधिक असंगठित क्षेत्र के कामगारों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है | इस बात की जानकारी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई है | श्रम एवं रोजगार मंत्रालय असंगठित क्षेत्र के कामगारों का पंजीकरण करवाने के लिए विभिन्न शिविरों का भी आयोजन कर रही है | ऐसे ही एक शिविर का आयोजन 9 सितंबर 2021 को नई दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में किया गया |

E Shram Yojana Portal के अंतर्गत शामिल योजनाएं:-

प्रधान मंत्री श्रम योगी मान-धन पेंशनयोजना (PM-SYM):-

  • स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजनाएं |
  • लाभार्थी की प्रवेश आयु के आधार पर मासिक अंशदान 55 रुपये से 200 रुपये तक होता है |
  • इस योजना के तहत, लाभार्थी द्वारा मासिक 50% अंशदान देय है और केंद्र सरकार द्वारा इसमें बराबर का योगदान दिया जाता है |

पात्रता :

भारतीय नागरिक होना चाहिए |
असंगठित कामगार (फेरी वाले, कृषि संबंधी काम, निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूर, चमड़ा उद्योग में काम करने वाले, हथकरघा, मिड-डे मील, रिक्शा या ऑटो व्हीलर, कूड़ा बीनने वाले, बढ़ई, मछुआरे आदि के रूप में काम करने वाले कामगार आदि)
18-40 वर्ष का आयु वर्ग
मासिक आय 15,000/- रुपये से कमहो और EPFO/ESIC/NPS(सरकारी वित्त पोषित) स्कीम का सदस्य नहीं है |

लाभ:

  • 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद, लाभार्थी 3,000/- रुपये की न्यूनतम सुनिश्चित मासिक पेंशन प्राप्त करने के हकदार हैं |
  • लाभार्थी की मृत्यु पर, पति या पत्नी 50% मासिक पेंशन के लिए पात्र हैं |
  • यदि पति और पत्नी, दोनों इस योजना में शामिल होते हैं, तो वे 6000/- रुपये संयुक्त रूप से मासिक पेंशन के पात्र होंगे |

National Pension Scheme for Shopkeepers, Traders, and the Self-employed Persons (NPS-Traders):-

  • स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजनाएं
  • लाभार्थी की प्रवेश आयु के आधार पर मासिक अंशदान 55 रुपये से 200 रुपये तक होता है |
  • इस योजना के तहत, लाभार्थी द्वारा मासिक 50% अंशदान देय है और केंद्र सरकार द्वारा समानमिलानयोगदान का भुगतान किया जाता है |

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए
  • दुकानदार या मालिक जिनके पास छोटी दुकानें, रेस्तरां, होटल हों याजो रियल एस्टेट ब्रोकर आदि हों |
  • 18-40 वर्ष की आयु
  • EPFO/ESIC/PM-SYM में शामिल न हों |
  • वार्षिक टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से अधिक न हो |

लाभ:

योजना के तहत, 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद, लाभार्थी 3000/- रुपये की न्यूनतम सुनिश्चित मासिक पेंशन प्राप्त करने के पात्र हैं |

प्रधानमंत्री जीवन ज्योतिबीमा योजना (PMJJBY):-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए |
  • 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग का हो |
  • आधार के साथ जनधन या बचत बैंक खाता हो |
  • बैंक खाते से ऑटो-डेबिट हेतु सहमति |
  • 330/- रुपये प्रति वर्ष की दर से प्रीमियम |

लाभ:

  • किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये

नोट: यह योजना वित्तीय सेवा विभाग द्वारा बैंकों के माध्यम से उपलब्ध |

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY):-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए |
  • 18 से 70 वर्ष कीआयु वर्ग का हो |
  • आधार के साथ जनधन या बचत बैंक खाता हो |
  • बैंक खाते से ऑटो-डेबिट हेतु सहमति
  • 12/- रुपये प्रति वर्ष की दर से प्रीमियम |

लाभ:

  • दुर्घटना में मृत्यु और स्थायी विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये |

नोट: यह योजना वित्तीय सेवा विभाग द्वारा बैंकों के माध्यम से उपलब्ध |

अटल पेंशन योजना:-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए
  • 18-40 वर्ष के बीच आयु होनी चाहिए
  • बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए |

लाभ:

  • अंशदाता अपनी पसंद से 1,000-5,000 रुपये की पेंशन प्राप्त कर सकता है या वह अपनी मृत्यु के बाद पेंशन की संचित राशि भी प्राप्त कर सकता है |
  • संचित राशि पति/ पत्नी को दी जाएगी या यदि पति/ पत्नी की भी मृत्यु हो गई है तब नामिती को दी जाएगी |

नोट: यह योजना वित्तीय सेवा विभाग द्वारा बैंकों के माध्यम से उपलब्ध |

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS):-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए
  • गरीबी रेखा से नीचे के सभी परिवार पात्र हैं |
  • कोई भी परिवार जिसमें 15 से 59 वर्ष की आयु के बीच का कोई सदस्य नहीं है |
  • जिनके पास कोई स्थायी नौकरी नहीं है और वे केवल अनियत श्रम में संलग्न हैं |

लाभ:

  • प्रत्येक महीने 35 कि.ग्रा. चावल या गेहूं, जबकि गरीबी रेखा से ऊपर का परिवार मासिक आधार पर 15 कि.ग्रा. खाद्यान्न हेतु पात्र है |
  • प्रवासी कामगारों को जहां भी वे काम कर रहे हैं, खाद्यान्न प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए वननेशन-वनराशनकार्ड (ओएनओआरसी) को लागू किया जा रहा है |

प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G):-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए
  • कामगार सहित कोई परिवार, जिसमे 15 और 59 वर्ष की आयु के बीच का कोई सदस्य नहीं है |
  • कोई भी परिवार जिसमें कोई निःशक्त सदस्य है, वह प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए भी पात्र है |
  • जिनके पास कोई स्थायी नौकरी नहीं है और वे केवल अनियत श्रम में संलग्न हैं |

लाभ:

लाभार्थी को मैदानी क्षेत्रों में 1.2 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों में 1.3 लाख की सहायता प्रदान की जाती है |

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)- वृद्धावस्था संरक्षण:-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए |
  • कोई भी व्यक्ति जिसके पास अपने स्वयं के आय के स्रोत से या परिवार के सदस्यों या अन्य स्रोतों से वित्तीय सहायता के माध्यम से जीविका का बहुत कम या कोई नियमित साधन नहीं हैं |

लाभ:

  • विभिन्न आयु वर्ग के लिए 300 रुपये से 500 रुपये की दर से केंद्रीय अंशदान |
  • राज्य के अंशदान के आधार पर मासिक पेंशन 1000/- रुपये से 3000/- रुपये तक है |

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY):-

पात्रता:

  • ऐसे परिवार जिनमें 16-59 वर्ष के आयु वर्ग के भीतर कोई वयस्क/पुरुष कमाऊ सदस्य नहीं है
  • कच्ची दीवारों और छत वाले एक कमरे में रहने वाले परिवार
  • ऐसे परिवार जिनमें 16-59 वर्ष की आयु के भीतर कोई सदस्य नहीं है
  • एक परिवार जिसमे कोई स्वस्थ वयस्क सदस्य न हो और एक विकलांग सदस्य हो
  • मैला ढोने वाले परिवार
  • भूमिहीन परिवार जो अपने परिवार की आय का एक बड़ा हिस्सा शारीरिक श्रम से कमाते हैं |

लाभ:

द्वितीयक और तृतीयक देखभाल हेतु अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तकका निःशुल्कस्वास्थ्य कवरेज |

बुनकरों के लिए स्वास्थ्य बीमा स्कीम (HIS):-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए |
  • बुनकर अपनी आय का कम से कम 50% हथकरघा बुनाई से अर्जित करता हो |
  • सभी बुनकर, चाहे वह पुरुष हों या महिला, “स्वास्थ्य बीमा योजना” के अंतर्गत शामिल होने के पात्र हैं |

लाभ:

लाभार्थी 15,000/- रुपये के पैकेज का लाभ उठाएंगे जिसमें पहले से मौजूद बीमारियां और नई बीमारियां दोनों शामिल हैं | चिकित्सा शर्तों के अनुसार राशि के संवितरण के संदर्भ में विभाजन इस प्रकार है- प्रसूति प्रसुविधा (पहले दो बच्चों के लिए प्रति बच्चा)- 2500/- रुपये, नेत्र उपचार– 75/- रुपये, ऐनक–250/- रुपये, आवासीय अस्पताल में भर्ती-4000/- रुपये, आयुर्वेदिक/ यूनानी/ होमीयोपैथिक/ सिद्ध- 4000/- रुपये, अस्पताल में भर्ती (पूर्व एवं पश्चात सहित)-15000/- रुपये, शिशु कवरेज-500/- रुपये, बाह्य रोगी विभाग एवं प्रति बीमारी सीमा- 7500/- रुपये |

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (NSKFDC):-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए
  • सफाई कर्मचारी और हाथ से मैला ढोने वाले में शामिल व्यक्ति |

लाभ:

यह योजना सफाई कर्मचारियों, हाथ से मैला ढोने वालों और उनके आश्रितों को SCA/RRB/राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से स्वच्छता संबंधी गतिविधियों और भारत और विदेशों में शिक्षा हेतु किसी भी व्यवहार्य आय सृजन करने वाली योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है |

हाथ से मैला ढोने वालों के पुनर्वास हेतु स्व-रोजगार योजना (संशोधित):-

पात्रता:

  • भारतीय नागरिक होना चाहिए |
  • प्रत्येक परिवार से एक, पहचान किए गए मैला ढोने वाला, (जैसा कि पैरा 2.3.1 में परिभाषित किया गया है) 40,000/- रुपये की एकमुश्त नकद सहायता (ओटीसीए) या समय-समय पर यथा संशोधित राशि के ओटीसीए के लिए पात्र होंगे |

लाभ:

हाथ से मैला ढोने वाले और उनके आश्रितों (जैसा कि पैरा 2.3.2 में परिभाषित किया गया है) को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्तीय और विकास निगम (NSKFDC) द्वारा समय-समय पर आयोजित ऐसे प्रशिक्षणों की सूची से स्वयं की पसंद का निःशुल्ककौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। 3,000/- रुपये (तीन हजार रुपये मात्र) का मासिक वजीफा या समय-समय पर यथा निर्धारित कोई राशि NSKFDCद्वारा प्रदान की जाएगी |

Frequently Asked Questions (FAQs):-

क्या NDUW में e shramik registration के लिए कार्यकर्ता को कोई शुल्क देना होगा?

नहीं, श्रमिकों को नए पंजीकरण के लिए कुछ भी भुगतान नहीं करना पड़ता है, लेकिन CSC से बनवाने पर श्रमिक को 20 रुपये की राशि का भुगतान करेगा |

क्या UAN कार्ड की कुछ वैधता होती है?

यह जीवन भर के लिए मान्य है |

क्या कर्मचारी को हर साल यूएएन कार्ड का नवीनीकरण कराना होता है?

यदि जानकारी में परिवर्तन होता है या कोई अन्य विवरण अद्यतन किया जाता है, तो श्रमिक को अवश्य ही कार्ड को फिर से प्रिंट करें |

यदि कर्मचारी आयकर नहीं दे रहा है लेकिन रिटर्न दाखिल कर रहा है। क्या वह योग्य है?

हाँ, श्रमिक इस मामले में रजिस्टर प्राप्त कर सकता है |

क्या कोई हेल्पडेस्क है जिससे हम अपने प्रश्नों के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं?

हाँ, श्रमिक 14434 पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच NDUW पर किसी भी प्रश्न के लिए कॉल कर सकते हैं या ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं |

UP BC सखी योजना 2022: उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी 2022 ऑनलाइन पंजीकरण

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना को उत्तर प्रदेश के मख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के द्वारा 22 मई 2020 को राज्य की महिलाओ को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गयी है | इस योजना के अंतर्गत  राज्य की महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा  रोजगार के अवसर प्रदान  किये जायेगे |

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार  ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) सखी तैनात करने का फैसला किया गया है। अब ग्रामीण लोगो को बैंक तक की यात्राएं नहीं करनी पड़ेंगी क्योंकि “सखी” घर पर पैसे की डिलीवरी करेगी।

तो दोस्तों आइये आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से इस उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी योजना से जुड़ी सभी जानकारी प्रदान करने जा रहे है अतः हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े |

उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी योजना के तहत 52000 महिलाओं को भर्ती किया जाएगा। हर बैंकिंग कॉरस्पॉडेंट सखी को 6 महीने तक 4000 रुपए प्रतिमाह सरकार की तरफ से प्रदान किये जाएंगे।

इसके साथ साथ बैंकों द्वारा लेनदेन करने की स्थिति में महिलाओं को कमीशन भी दिया जायेगा। उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी स्कीम के शुरू होने से अब राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बैंक जाने की जरूरत नहीं होगी।

अब राज्य सरकार ने सखी की मदद से आप लोग के लिए घर बैंक की डिलीवरी की सुविधाएं शुरू कर दी है। इस योजना के शुरू होने से महिलाओं को रोजगार प्राप्त होगा।

UP BC सखी योजना :

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सखी योजना  के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब डिजिटल मोड के माध्यम से लोगों के घर पर बैंकिंग सेवाएं और पैसे का लेनदेन करेंगी।

जिससे ग्रामीण लोगो को भी सुविधाएं होंगी और महिलाओ को भी रोजगार मिलेगा | नई उत्तर प्रदेश सखी योजना  से ग्रामीण महिलाओं को कमाई के लिए काम करने में मदद मिलेगी|

इन महिलाओ को (बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) सखी) को 6 महीने तक 4 हजार रुपये की धनराशि प्रति माह सरकार द्वारा दी जाएगी | इसके अलावा बैंक से भी महिलाओ को  लेनदेन पर कमिशन मिलेगा | जिससे उनकी हर महीने आय निश्चित हो जाएगी।

इस योजना के अंतर्गत बैंक से संबंधित सुविधाओं को प्रत्येक ग्रामीण नागरिक के घर तक पहुंचाया जाएगा। यह काम बीसी सखी द्वारा किया जाएगा। प्रथम चरण में इस योजना के अंतर्गत 682 में से 640 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी योजना की तैनाती की जा रही है। इसके पश्चात उनको प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। 

640 ग्राम पंचायतों में होगी BC सखी की नियुक्ति :

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश BC सखी योजना  को आरंभ किया गया है । इस योजना के अंतर्गत बैंक से संबंधित सुविधाओं को प्रत्येक ग्रामीण नागरिक के घर तक पहुंचाया जाएगा।

यह काम बीसी सखी द्वारा किया जाएगा। प्रथम चरण में इस योजना के अंतर्गत 682 में से 640 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की तैनाती की जा रही है। इसके पश्चात उनको प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

प्रत्येक गांव में इस योजना के अंतर्गत एक महिला को बीसी सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। जो गाव के नागरिकों को बैंक से संबंधित सुविधाएं प्रदान करेंगी।

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना का उद्देश्य :

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना  के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैंकिंग सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। जिससे कि लोगों को घर बैठे बैंकिंग सुविधा प्राप्त करने का लाभ मिलेगा तथा इससे कई सारी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना हाइलाइट्स :

योजना का नामउत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना 
शुरू की गईमुख्य मंत्री UP योगी आदित्य नाथ जी
अंतर्गतउत्तर प्रदेश सरकार
योजना का लाभरोजगार के अवसर प्रदान करना, ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग को सरल बनाना
लांच की तारीख22 मई 2020
योजना के लाभार्थीमहिलाओं को रोजगार प्राप्त होगा, व ग्रामीण लोगों को सरल बैंकिंग की सेवा
मुख्य उदेश्यप्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाना

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना में 58 हजार महिलाओं का चयन :

इस योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत केवल महिलाएं ही पात्र होंगे। यह योजना पुरुषों के लिए नहीं है। इस लिए राज्य सभी महिला जो बीसी सखी योजना के लिए पात्र है वो सभी योजना का लाभ ले सकती है।

आपको बता दे की इस योजना में अभी तक केवल 58 हजार महिलाओं शामिल किया है। योगी आदित्यनाथ जी ने बैठक में महिलाओं को प्रशिक्षित करके उन्हें कार्यस्थल पर तैनात करने का निर्देश दिया है।

ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं और उन्हें बीसी सखी पंचायत भवन से अपना काम करने के लिए भी कहा गया है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण लोगों तक बैंक सुविधाएं महिलाएं पहुंचाएगी।

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना की कार्य योजना :

  • ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बैंक से लोन दिलाना।
  • जनधन सेवाएं प्रदान करना।
  • लोन की रिकवरी कराना।
  • घर घर जाकर बैंक खाते से जमा अथवा निकासी करवाना।

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना में मिलने वाली सैलरी :

  • उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना के अंतर्गत पहले 6 महीने तक चयनित बीसी सखी को 4000 रुपए हर महीने दिए जाएंगे।
  • BC सखी को बैंकिंग डिवाइस खरीदने के लिए अलग से 50000 रुपए सरकार की और से दिए जाएंगे।
  • महिलाओं को बैंकिंग कार्यों के लिए अलग से कमीशन प्रदान कराया जाएगा।
  • 6 महीने पूरे होने के बाद चयनित सखी को केवल कमीशन के माध्यम से ही कमाई मिलेगी।

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना की पात्रता :

उत्तर प्रदेश राज्य की जो भी महिला राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के तहत आवेदन करके लाभ प्राप्त करना चाहती है। उन्हें नीचे दी गई पात्रता को पूरा करना होगा। तभी वह सभी योजना का लाभ उठा सकेंगे।

  • सरकार द्वारा शुरू की गयी योजना के तहत महिलाएं को उत्तर प्रदेश राज्य मूल निवासी होना अनिवार्य है।
  • महिला को दसवीं पास होना जरूरी है।
  • योजना के तहत महिला को बैंकिंग सेवाओ को समझ जरुरी होगा।
  • उम्मीदवार महिलाएं को पैसो का लेन-देंन करने में सक्षम होनी चाहिए।
  • उत्तर प्रदेश सखी योजना के तहत उन महिलाओं कोशामिल किया जाएगा जो बैंकिंग के काम-काज को समझ सके तथा पढ़ -लिख सके।

उत्तर प्रदेश बैंकिंग (BC) सखी योजना मोबाइल ऍप :

आपको बता दे की बीसी सखी मोबाइल ऐप को शुरू महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा अमेठी जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 16 अगस्त 2020 को शुरू की गई थी।

इसी बीसी सखी मोबाइल ऐप की सहायता से महिलाएं आवेदन कर सकती है। और इसी पर उन्हें चयन प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी और रिजल्ट भी दिया दिखाई देगा। यदि आप भी बीसी सखी मोबाइल ऐप को अपने फ़ोन में डाउनलोड कर सकते है।

उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी 2022 ऑनलाइन पंजीकरण:

इस योजना के अंतर्गत महिला आवेदक को आवेदन करने के लिए सरकार ने एक मोबाइल ऍप लॉन्च किया है जो इच्छुक लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे।

स्टेप1: सबसे पहले महिला लाभार्थियों को अपने एनरोइड मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर को ऑप्शन पर जाना होगा। गूगल प्ले स्टोर के सर्च बार से  BC Sakhi App को सर्च करना होगा। ऍप सर्च करने के बाद ऍप के लिंक पर क्लिक करना होगा और फिर आपको BC Sakhi App Downlaod करना होगा।

UP BC सखी योजना

स्टेप2 : आपके सामने होम पेज खुल जायेगा। इसके पश्चात् आपको  अपना फोन नंबर दर्ज करना होगा।उसके बाद आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर एक 6 नंबर का ओटीपी आ जायेगा आपको ओटीपी दर्ज करना होगा।

स्टेप3: ओटीपी दर्ज करने के बाद आपकी स्क्रीन पर कुछ दिशा -निर्देश आजायेंगे। आपको सारे दिशा -निर्देश ध्यान से पढ़ने होंगे उसके बाद आप नेक्सट पर क्लिक कर दे।

BC सखी योजना

स्टेप4: नेक्स्ट पर क्लिक करते ही आप नए पेज पर पहुंच जायेंगे।सबसे पहले आपको बेसिक प्रोफाइल पर क्लिक करना होगा उसके बाद आप पूछी गयी सारी जानकारी दर्ज करनी होगी। जानकारी दर्ज करने के बाद आप सेव और सब्मिट कर दे।

स्टेप5: ऐसे ही आपको सारे भाग में दी हुयी जानकारी दर्ज करनी होगी उसके बाद आप सब्मिट के बटन पर क्लिक करते जाएँ। इसके बाद आपको अपने मांगे गए सारे दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।

आपको यहाँ कुछ साधारण से प्रश्नो के उत्तर भी देने होंगे , सभी प्रश्नो के उत्तर बहुविकल्पीय होंगे। प्रश्न सरल होने जो की हिंदी व्याकरण , गणित , अंग्रेजी से पूछे जायेंगे। आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने पर एप्प के मेसेज पर आपको सूचना मिल जाएगी। चयनित उम्मीदवार या जो चयनित नहीं हो पाएंगे उन्हें एप्प के माध्यम से सूचना दे दी जाएगी।

Contact Information (संपर्क जानकारी ):

यदि आप उत्तर प्रदेश बैंकिंग सखी 2022 योजना में किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 8005380270 है।

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री Covid-19 बाल कल्याण योजना 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री Covid-19 बाल कल्याण योजना 2021:-

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कई नागरिकों की मृत्यु हुई है | कोरोनावायरस की दूसरी लहर के कारण कई ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने अपने माता पिता को खोया है |काफी सारे बच्चे भी इस महामारी के कारण अनाथ हो गए हैं | ऐसे सभी बच्चों के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना आरंभ की गई है | इस योजना के माध्यम से अनाथ हुए बच्चों को पेंशन प्रदान की जाएगी | मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना (MP Mukhyamantri Covid-19 Bal Kalyan Yojana) को आरंभ किया गया है |

इस योजना के अंतर्गत उन सभी बच्चों को प्रतिमाह ₹5000 की पेंशन प्रदान की जाएगी जिनके माता-पिता या फिर अभिभावक की मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हुई है | यह पेंशन बच्चे की 21 साल की आयु होने तक प्रदान की जाएगी | इसके अलावा शिक्षा एवं राशन सुविधा भी प्रदान की जाएगी | इस योजना का लाभ वह सभी बच्चे उठा पाएंगे जिनके माता-पिता या फिर अभिभावक की मृत्यु 1 मार्च 2020 से लेकर 31 जुलाई 2021 के बीच हुई है | इस योजना का लाभ केवल प्रदेश के मूलनिवासी ही उठा सकते हैं | प्रत्येक जिले में इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 6 सदस्य कमेटी का गठन किया गया है |

Mukhyamantri Covid-19 Bal Kalyan Yojana का लाभ वह बच्चे भी उठा पाएंगे जिनके माता-पिता का निधन कोरोना संक्रमण के इलाज के 2 महीने बाद हुआ है | इस योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली पेंशन लाभार्थी के खाते में जमा की जाएगी | मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत बच्चों की प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा ली गई है |

MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 के तहत शिक्षा से संबंधित सुविधा एवं आवेदन:-

इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा पहली कक्षा से लेकर स्नातक तक शिक्षा सहायता भी प्रदान की जाएगी | पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक शासकीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी | निजी स्कूलों में भी राइट टू एजुकेशन प्रधान के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाएगी | कक्षा 9 से 12 तक यदि बच्चा निजी स्कूल में अध्ययनरत है तो प्रतिवर्ष ₹10000 की आर्थिक सहायता इस योजना के अंतर्गत प्रदान की जाएगी | उच्च शिक्षा के लिए लाभार्थियों को शासकीय केंद्र एवं राज्य शासन के अनुदानित विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में प्रवेश परीक्षा शुल्क एवं अन्य समस्त वार्षिक वास्तविक शुल्क जमा करने की छूट प्रदान की जाएगी | यदि छात्र निजी विश्वविद्यालय में अध्ययनरत होता है तो इस स्थिति में मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा वार्षिक वास्तविक शुल्क या फिर ₹15000 (इन दोनों में से जो भी कम हो) की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचाई जाएगी |

वे सभी बच्चे जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है एवं उनकी देखरेख करने के लिए कोई भी इच्छुक नहीं है तथा उनके पास रहने का कोई साधन नहीं है ऐसे सभी बच्चों के लिए भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा, संरक्षण आदि जैसी सहायता बाल कल्याण समिति द्वारा प्रदान की जाएगी | ऐसे सभी बच्चे प्रदेश में संचालित बाल देखरेख संस्थान में प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे | इन सभी बच्चों को मासिक आर्थिक एवं मासिक राशन का लाभ नहीं प्रदान किया जाएगा | लेकिन 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद इन बच्चों को पूरी सहायता मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के प्रावधान के अनुसार प्रदान की जाएगी |

MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 के तहत आर्थिक सहायता:-

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के तहत उन सभी बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी जिनके माता-पिता एवं अभिभावकों की कोविड-19 संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई हो | इस योजना के अंतर्गत उन सभी बच्चों को 21 साल की आयु होने तक ₹5000 की प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाएगी | जिससे कि वह अपना भरण-पोषण कर सकें | यह आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचाई जाएगी। यदि लाभार्थी की आयु 18 वर्ष से कम है तो यह सहायता राशि चिन्हांकित संरक्षक व बच्चे के संयुक्त खाते में जमा की जाएगी | 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद यह राशि बच्चे के व्यक्तिगत खाते में हस्तांतरित कर की जाएगी |

MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 के लाभ तथा विशेषताएं:-

  • मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ किया गया है |
  • इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों को प्रतिमाह ₹5000 की पेंशन प्रदान की जाएगी जिनके माता-पिता या फिर अभिभावक की मृत्यु कोरोनावायरस संक्रमण के कारण हुई है |
  • यह पेंशन बच्चों को 21 साल की आयु होने तक प्रदान की जाएगी |
  • इसके अलावा बच्चों को शिक्षा एवं राशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी |
  • इस योजना का लाभ वह सभी बच्चे उठा पाएंगे जिनके माता-पिता या फिर अभिभावक की मृत्यु 1 मार्च 2020 से लेकर 31 जुलाई 2021 के बीच हुई है |
  • MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 के कार्यान्वयन के लिए 6 सदस्य कमेटी का गठन प्रत्येक जिले में किया गया है |
  • इस योजना का लाभ वह बच्चे भी उठा पाएंगे जिनके माता-पिता का निधन कोरोनावायरस संक्रमण के इलाज के 2 महीने बाद हुआ है |
  • मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जमा की जाएगी |
  • इस योजना के अंतर्गत निर्वाह भत्ता के रूप में ₹1500 की आर्थिक सहायता एवं वाहन भत्ते के रूप में ₹500 की आर्थिक सहायता भी प्रतिमाह प्रदान की जाएगी |
  • प्रदेश के बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक निशुल्क शिक्षा भी इस योजना के अंतर्गत प्रदान की जाएगी |

MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 की पात्रता:-

  • आवेदक मध्य प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए |
  • अभिभावक या फिर माता पिता की मृत्यु 1 मई 2021 से 30 जून 2021 के बीच कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई होनी चाहिए |
  • आवेदक के परिवार को पहले से किसी सरकारी पेंशन का लाभ ना प्राप्त हो रहा हो |
  • आवेदक के परिवार को मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ ना प्राप्त हो रहा हो |
  • इस योजना के अंतर्गत वह बच्चे भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं जिनके माता-पिता की मृत्यु पहले हो गई हो लेकिन उनके अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई हो |
  • वह बच्चे भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु पहले हो गई हो और दूसरे की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई हो |
  •  इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 21 वर्ष या फिर उससे कम होनी चाहिए |
  • यदि बच्चा स्नातक पाठ्यक्रम में अध्ययनरत है तो वह इस योजना का लाभ 24 वर्ष की आयु तक या स्नातक पाठ्यक्रम की निर्धारित अवधि पूरी होने तक उठा सकता है |

MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज:-

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • कोरोन से माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु का मेडिकल बोर्ड प्रमाण पत्र |
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ |

MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana 2021 में ऑफलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया:-

  • सर्वप्रथम आपको नगर निगम आयुक्त, सीएमओ या फिर जनपद पंचायत के सीईओ के ऑफिस जाना होगा |
  • अब आपको वहां से इस योजना में आवेदन करने के लिए आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा |
  • इसके पश्चात आप को आवेदन पत्र में पूछी गई सभी जानकारी जैसे कि आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा |
  • अब आप को आवेदन पत्र से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अटैच करना होगा |
  • इसके पश्चात आपको इस आवेदन पत्र को नगर निगम आयुक्त, सीएमओ या फिर जनपद पंचायत के सीईओ के ऑफिस में जमा करना होगा |
  • इस प्रकार आप मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाया गया |

MP Covid-19 Bal Kalyan Yojana योजना 2021 में ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया:-

यदि आप मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित प्रक्रिया को फॉलो करना होगा:

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री Covid-19 बाल कल्याण योजना
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री Covid-19 बाल कल्याण योजना
  • इसके पश्चात आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा |
  • इस पेज पर आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, पासवर्ड आदि दर्ज करना होगा |
  • अब आपको Register के बटन पर क्लिक करना होगा |
  • इसके पश्चात आपको लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
  • अब आपको अपना मोबाइल नंबर तथा पासवर्ड दर्ज करना होगा |
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री Covid-19 बाल कल्याण योजना
  • इसके बाद आपको सबमिट करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
  • अब आप को मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना 2021 के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
  • अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा |
  • आपको आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा |
  • अब आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा |
  • इसके बाद आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा |
  • इस प्रकार आप मुख्यमंत्री कोविड-19 बल कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाएंगे |

Frequently Asked Questions(FAQs):-

मुख्यमंत्री कोविड 19 बाल कल्याण योजना क्या है?

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का आयोजन किया गया | इस योजना के तहत राज्य के जिन बच्चो के माता पिता का मृत्यु कोरोना संक्रमण के कारन हुआ ऐसे बच्चो को सरकार पेंशन प्रदान करेगी |

MP covid19 kalyan yojana के तहत कितने रूपए की पेंशन प्रदान की जाती है?

लाभार्थी बच्चो को 5000 रूपए प्रति माह पेंशन प्रदान की जाती है |

बच्चे के कितने साल तक पेन्सिओ दि जाएगी?

पेंशन की राशि बच्चे के 21 साल आयु तक पेंशन प्रदान की जाएगी |

क्या लाभार्थी बच्चो को शिक्षण भी मुफ्त होगा?

हाँ, सभी लाभार्थी बच्चो को पहली से लेकर पीएचडी तक संपूर्ण शिक्षण मुफ्त होगा |

इस योजना के तहत आवेदक को भत्ता कितना दिया जायेगा?

इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी बच्चो को 1500 रूपए का आर्थिक सहायता निर्वाह भत्ता प्रदान किया जायेगा और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों वाहन भत्ता 500 रूपए प्रति माह दिया जायेगा |

मुख्यमंत्री कोविड 19 बाल कल्याण योजना के लिए आवेदन कैसे करे?

इस योजना के तहत आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन के माध्यम से भी कर सकते है | http://covidbalkalyan.mp.gov.in/ इस पोर्टल की माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है |

MP Education: School Based Assessment, विद्यालय आधारित आकलन

School Based Assessment: विद्यालय आधारित आकलन

विद्यालय आधारित आकलन (SBA) शिक्षण अधिगण की प्रकिया के दौरान समग्र रूप से सीखने के प्रतिफलों के सन्दर्भ में निर्दिष्ट दक्षताओं को प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है | विद्यालय आधरित आकलन “सीखने के लिए आकलन “ की व्यपाक प्रकिया में निहित है |

विद्यालय आधरित आकलन शिक्षकों आकलन शिक्षकों को बच्चे की सीखने की प्रगति का निरीक्षण करने , समय पर प्रतिक्रिया देने और बचे सीखने की कठिनाइयों को दूर करने में मदद करने के लिए सहायता प्रदान करता है | विद्यालय आधारित आकलन(SBA) सुक्ष्म स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता की निगरानी में मदद करता है | आकलन इस तरीके से किया जाना चाहिए जिससे सिख्सको पर बोझ न पड़े और उनके शिक्षण अधिगम को प्रभावित किया जा सके |

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के क्रियान्वन में कमियों के कारन उत्पन्न हुई विकृतियो और कमियों को दूर करने के लिए विद्यालय आधारित आकलन (SBA) को अगली पीढ़ी के आकलन के रूप में प्रस्तावित किया गया है |

यह एक बार में बाहरी (बोर्ड ) परीक्षा और आंतरिक परीक्षा के संयोजन सीसीई और एसबीए के रूप में अनुक्रम में चौथा हो सकता है |

विद्यालय आधारित आकलन

इस मॉड्यूल में विद्यालय आधारित आकलन (एस.बी.ए.) से संबंधित विभिन्न पहल शामिल हैं, जिन पर विद्यालयी स्तर पर सभी हितधारकों, विशेषकर शिक्षकों द्वारा विचार किया जाना महत्वपर्ण है। यह मॉड्यूल परीक्षा के रूप में आकलन की पष्‍ठृ भमिू और देश में सतत एवं व्यापक मलू्‍यांकन (सी.सी.ई.) और विद्यालय आधारित आकलन(एस.बी.ए.) को उजागरकरता है। यह इस बात का सझुाव देता है कि बच्चों में परीक्षण और परीक्षा की बाहरी, कें द्रीकृतऔर कठोर प्रक्रियाओ से संबधित भय के तत्व को कम करने के लिए विद्यालय-आधारित आकलन में पाठ्यचर्या और परीक्षा में सधुार कै से लाया जाए। मानदड औं र आकलन के उद्शदे्य पर प्रकाश डालते हुए मॉड्यूल उन रणनीतियों का विवरण देता है, जिनका उपयोग विद्यालय आधारित आकलन के लिए किया जा सकता है। यह मॉड्यूल विभिन्न हितधारकों को, विशेष रूप से शिक्षकों को, पढ़ाने और विद्यालय आधारित आकलन में शिक्षण और आकलन के लिए बाल-केंद्रित दृष्‍टिकोण का उपयोग करने में मदद करता है।

अधिगम के उद्देश्य:

  • विद्यालय आधारित आकलन की उत्पत्त‍ि और महत्‍व को समझने में
  • आकलन के लिए शिक्षार्थी-केंद्रित दृष्‍टिकोणों से परिचित होने में
  • आकलन प्रक्रियाओ के साथ शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के एकीकरण की सुविधा पाने में
  • आकलन के उद्देश्य से प्रासंगिक विषय क्षेत्रों में संदर्भ-आधारित उदाहरण विकसित करने में

पृष्ठभूमि (Background):

स्वतंत्रता के समय भारत में शिक्षा की व्यवस्था मखु्य रूप से परीक्षा-आधारित थी और लिखित परीक्षाओ में उनके प्रदर्शन के आधार पर लोगों को वर्गीकृत किया जाता था। भारत में शिक्षा की प्रणाली को लोगों की ज़रूरत और आकांक्षा के अनसुार तैयार करने के लिएराष्ट्रीय शिक्षा नीति (1968) ने व्यापक आकलन के लिए तर्क दिया, जिस के तहत परीक्षाओं में विद्यार्थियों का प्रदर्शन मापने हेत पु ाठ्यचर्या और पाठ्य सहगामी, दोनों पहलओु को शामिल किया गया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1986) ने आकलन की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में एक अभिन्न अग के रूप में कल्पना की, जो बच्चे के विकास और उन्नति का प्रमाण प्रदान करता है। उद्शदे्यों को रेखांकित करते हुए यह कहा गया कि शिक्षण की अवधि में पाठ्यचर्या और पाठ्य सहगामी, दोनों ही पहलओु में विद्यार्थियों के विकास और उन्नति का सतत और व्यापक मलू्‍यांकन किया जाए।

सतत और व्यापक मलू्‍यांकन (सी.सी.ई.) की अवधारणा का उपयोग भारत में विद्यालय शिक्षा के साहित्य में 30 वर्षों से अधिक समय से किया जा रहा है। इसका उपयोग विद्यालय में शिक्षण-अधिगम की प्रक्रियाओ के फलस्वरूप बच्चों के विकास और उन्नति को समझने के लिए किया जाता है। प्रत्येक विद्यालय, संस्था और व्यक्‍तिगत रूप से सी.सी.ई. की व्यापक योजना के स्वतंत्र उपयोग के कारण, लोगों के मन में कई विकृतियाँ/भ्रम उत्पन्न हुए हैं,जो योजना के साथ-साथ प्रणाली की विश्‍वसनीयता को नुकसान पहुँचाते हैं। उनमें से कुछ हैं—

  • शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया पर परीक्षाओ का हावी होना।
  • केवल संज्ञानात्मक पहलओु पर ध्यान केंद्रित करना और व्यवहार के सकारात्मक औरमनो-गत्‍यात्‍मक पहलओु की उपेक्षा करना
  • शिक्षकों पर अभिलेख तैयार करने और रिकॉर्डरखने पर अत्यधिक काम करने के कारण भार बढ़ना |
  • रटंत प्रणाली पर ज़ोर देना।
  • परीक्षा की कई तकनीकों के यांत्रिक उपयोग से प्रतिफलजनित कुप्रथाएँ|
  • शिक्षकों में रुचि की कमी और विद्यार्थियों की लापरवाही के कारण शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होना।
  • शिक्षण व्यवसाय और विद्यालय प्रणाली की विश्‍वसनीयता का नुकसान |
  • अभिभावकों का सी.सी.ई. स्वरूप से संतुष्ट न होना।

सी.सी.ई. में अविश्‍वास के मखु्य कारण इस प्रकार थे—

  • ‘सतत’ शब्द को ‘आवर्ती’ के रूप में गलत समझा गया था। आकलन को ‘शिक्षण’ और ‘शिक्षा’ के साथ समेकित किया जाना चाहिए था, लेकिन इस पर क्‍लास टेस्‍ट, इकाई टेस्‍ट, वार्षिक परीक्षा का प्रभुत्व था। परीक्षा का अत्‍यधिक प्रयोग शिक्षा की परूी प्रक्रिया पर हावी हो गया था।
  • ‘व्यापक’ शब्द का उल्लेख बच्चे के विकास और उन्‍नति के सभी पहलओु के आकलन के रूप में किया जाना था, जिसमें बच्चे के विकास और उन्‍नति के भावात्‍मक और मनो- गत्‍यात्‍मक पहलओु का आकलन हो, लेकिन शिक्षकों के पास उपयक्‍तु उपकरण न होनेके कारण ऐसा नहीं हो सका और इसलिए सी.सी.ई. कार्यान्वयन में व्यापक पहलओु के आकलन की बात अपनी समग्रता में अधूरी ही रह गई|
  • ‘आकलन’ शब्द को ‘माप’ शब्द का पर्याय माना जाता था। भौतिक दनिुया में जिस तरह की वैधता और विश्‍वसनीयता के साथ माप की जाती है, सी.सी.ई. में मलू्‍यांकन भी इसी तरह की सटीकता और शुद्धता के साथ बच्चे के विकास और उन्‍नति को मापने के लिए किया गया था।जबकि व्यवहारगत पहलओु के आकलन (अंतराल मापनी)
    की तुलना में भौतिक दनिुया में आकलन की प्रकृति/अनपुात मापनी अलग होती है।
  • एक अन्य महत्वपर्ण मुद्दा , आकलन में कई उपकरणों और तकनीकों के उपयोग से संबंधित था। यहाँ तक कि सी.सी.ई. में भी आकलन हेतु केवल कागज़-पेंसिल परीक्षा के उपयोग का वर्चस्व था |

इन सभी गंभीर मुद्दों के बावजद सी.सी.ई. योजना के इरादों पर किसी को संदेह नहीं था।इसलिए सी.सी.ई. योजना के क्रियान्वयन पहलुओं को फिर से देखना वांछनीय माना गया।सी.सी.ई. के क्रियान्वयन में कमियों के कारण उत्पन्न विकृतियों और कमियों को दूर करने के लिए विद्यालय आधारित आकलन को अगली पीढ़ी के आकलन के रूप में
प्रस्तावित किया गया है। यह सी.सी.ई. और अब एस.बी.ए के रूप में वाह्य और आंतरिक परीक्षा के संयोजन से एक ही वाह्य (बोर्ड) परीक्षा होने के क्रम में चौथा हो सकता है।

विद्यालय आधारित आकलन (एस.बी.ए.):

विद्यालयों आधारित आकलन को ऐसे परिभाषित किया जा सकता है—

  • आकलन, जो शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया के दौरान समग्र रूप से सीखने के प्रतिफलों के संदर्भ में निर्दिष्‍ट दक्षताओ को प्राप्‍त करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • ‘अधिगम हेत आकलन’ के व्यापक शैक्षिक दर्शन के भीतर, शिक्षण और अधिगम कीप्रक्रिया में निहित आकलन।
  • विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों का आकलन।

विद्यालय आधािरत आकलन की मुख्य विशेषताएँ:

  • शिक्षण-अधिगम और आकलन को एकीकृत करना
  • शिक्षकों पर प्रलेखन, रिकॉर्डिंग, रिपोर्टिंग का कोई भार नहीं है
  • बाल-केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण शास्त्र
  • विषयवस्‍तु याद रखने के बजाय (अधिगम प्रतिफल आधारित) योग्यता विकास पर ध्यान देना
  • आकलन के दायरे को स्व-आकलन और साथियों द्वारा आकलन के अलावा शिक्षक द्वारा आकलन के माध्यम से व्यापक बनाना
  • भय रहित, तनाव मक्‍तु और बढ़ी हुई भागीदारी/सहभागिता
  • उपलब्धि के आकलन के बजाय/और/के रूप में सीखने के आकलन पर ध्यान
  • शिक्षकों और व्यवस्था पर विश्‍वास बढ़ाना
  • बच्चों में आत्मविश्‍वास बढ़ाना

आकलन— क्या, क्यों और कैसे :

आकलन का मखु्य उद्शदे्य बच्चों की सीखने की ज़रूरतों को समझने के लिए उन्हें अपनी दक्षता बढ़ाने में सहायता देना है और यदि सीखने में कोई परेशानी है तो उसे दरू करने में उसकी मदद करना है। आकलन के ‘क्यों, क्या और कै से’ को समझने के लिए, हम इस पर एक नज़र डालते हैं—

– आकलन के मापदंड क्या हैं?

– इससे कौन-सा उद्शदे्य पराू होगा?

यह उपखंड निम्न मापदंडों पर विस्तार से बात करता है— सीखने के प्रतिफल आकलन की मखु्य विशेषताएँ और विवरण सहित इसका उद्देश्य कि कक्षा और विद्यालय आधारित आकलन रणनीतियों का उपयोग करके बच्चों के सीखने और विकास का निरीक्षण कैसे कर सकते हैं।

यह भी पढ़े :-

निष्‍ठा : स्‍कूल प्रमखों और शिक्षकों की समग्र उन्‍नति के लिए राष्‍ट्रीय पहल -प्रशिक्षण पैकेज Module 4 .pdf

अधिक जानकारी प्राप्त करने कि लिए आवेदक हमारी वेबसाइट http://enterhindi.com/की मदद ले सकते है |

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NFT: NFT कैसे बन गया है पैसा कमाने का नया तरीका?

आप सभी दोस्तों का enterhindi.com में स्वागत है आज मै आप सभी लोगो के लिए एक नई जानकारी ले कर आया हूं, आज हम आप लोगो को NFT ( Non Fungible Token) के बारे में बताने जा रहा हूं, NFT क्या है? और NFT कैसे बन गया है पैसा कमाने का नया तरीका?

NFT : नॉन-फंजिबल टोकन (Non Fungible Token):

दुनिया बदलने के साथ अब धन कमाने या बिजनेस की भाषा में कहें तो इन्‍वेस्‍ट करने के तरीके भी पूरी तरह से बदल गए हैं, इसी नई ईजाद ने एक शब्‍द को जन्‍म दिया है, जिसे आजकल बिजनेस मार्केट में एनएफटी (NFT) कहा जा रहा है।

एनएफटी आज वो शे है, जिसमें आने के लिए दुनिया के कई औद्योगि‍क घरानों की हस्‍ति‍यों से लेकर भारत के बॉलीवुड स्‍टार अमिताभ बच्‍चन, सलमान खान और तमाम क्र‍िकेट खि‍लाड़ी लालायि‍त हैं।

आखि‍र क्‍या है एनएफटी (NFT) का अर्थ, कैसे काम करता है, कैसे यह दुनिया समेत भारत में अपनी जगह बना रहा है और दुनिया में क्‍या होगा इसका भविष्‍य। यह समझने के लिए के लिए इसके बारे में सबकुछ जानना जरूरी है।
क्‍या है
‘NFT’

What is NFT? क्या है NFT (Non Fungible Token) नॉन-फंजिबल टोकन :

एनएफटी का अर्थ होता है नॉन-फंजिबल टोकन (Non Fungible Token). यह एक तरह की डि‍जिटल असेट यानी संपत्‍त‍ि है। इसे ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए संभाला जाता है। इस तकनीक की मदद से जीआईएफ, तस्वीरें, वीडियो क्‍लि‍प्‍स, कोई पेंटिंग और अन्य कीमती डिजिटल संपत्तियों का मालिकाना हक तय होता है। यह सारी चीजें आजकल डि‍जिटल असेट में आती हैं और इसकी खरीदी -बिक्री डिजिटल रूप में ही होती है।

Non Fungible Token

एनएफटी को और बेहतर तरीके से समझने के लिए इसे हम ‘नीलामी’ की तरह समझ सकते हैं। मान लीजिए, कोई आर्ट-वर्क या फिर कोई ऐसी चीज, जिसकी दूसरी कॉपी दुनिया में है ही नहीं, उसे NFT कर के लोग पैसे कमाते हैं।
उदाहरण के तौर पर जब आप ऑनलाइन एनएफटी में कोई पेंटिंग, जीआईएफ, वीडियो क्लिप्स आदि खरीदते है, तो यह सभी चीजें आपको फिजिकल रूप में नहीं मिलेगी, इनके बजाए आपको एक तरह यूनिक टोकन दिया जाएगा, जिसे एनएफटी टोकन कहा जाता है।

अगर यह टोकन आपके पास है, तो आप इन डि‍जिटल सामग्र‍ियों या असेट के मालिक हैं। मतलब आपको डिजिटल ओनरशिप माना जाएगा। इसके बाद आप इन्‍हें अपने फायदे-नुकसान के हिसाब से खरीद या बेच सकते हैं। एनएफटी आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ही की जाती है। मतलब अगर आप कुछ NFT करना चाहते हैं, तो उसके लिए जो ट्रांजैक्शन होगा, वो क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ही होगा।

क्‍या है एनएफटी(NFT) टोकन्‍स?

एनएफटी यानी ये यूनिक टोकन्स आपकी डिजिटल असेट्स होते हैं, जो वैल्यू को जनरेट करते हैं। उदाहरण के लिए आप 100 रुपये के नोट को 50 रुपये के दो नोटों में बांट या बदल सकते हैं, और इसका मूल्य समान होगा। यह कोई घर या कोई पेंटिंग भी हो सकते हैं। यानी आप अपनी डि‍जिटल संपत्‍त‍ि को या टुकड़े की तरह, एनएफटी में खरीद और बेच सकते हैं।

कैसे होता है NFT?:-

एनएफटी यानी इस (Non Fungible Token) के स्वामित्व या मालिकाना हक के लिए एक Ownership सर्टिफिकेट मिलता है। जिस किसी व्‍यक्‍ति की कोई चीज, कोई आईटम, आर्ट, तस्‍वीर, वीडि‍यो, जीआईएफ आदि इस कैटगरी में आते हैं, उन्हें ओनरशिप के सर्टिफिकेट के साथ ही उस आयटम से सम्बंधित सभी अधिकार उसके ऑनर के पास चले जाते हैं। खास बात है कि एनएफटी आने के बाद अब कुछ समय से ऑनलाइन गेमिंग, क्रिप्टो आर्ट आदि के लिए भी एनएफटी टोकन का इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

कैसे होती है NFT में खरीद-फरोख्‍त?:-

जैसा कि एनएफटी करने के लिए डि‍जिटल ही एक जरिया है, इसलिए इसमें एक खास तरह की तकनीक का इस्‍तेमाल किया जाता है, जिसे ब्‍लॉकचेन तकनीक (Blockchain Technology) कहा जाता है। इसमें भी आजकल एथरियम ब्‍लॉकचेन उपयोग किया जा रहा है, जिसमें एक बार एंट्री होने के बाद उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या डि‍लिट नहीं की जा सकती।

NFT में कैसे होती है ‘कमाई’?:-

गेमिंग के जरिए: इसमें सबसे ज्‍यादा डिजिटल गेमिंग के जरिए कमाई की संभावना बताई जाती है। गेमिंग सेगमेंट में इसको काफी अहम माना जाता है। इसकी मदद से लोग पैसा भी कमा रहे हैं। मसलन, अगर आपके पास कोई वर्चुअल रेस ट्रैक है तो उसके बदले में दूसरे प्लेयर्स को इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने होंगे।

निवेश की स्‍थि‍ति: निवेशकों को NFT पर कमाई के लिए लंबे वक्‍त तक इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि मार्केट में किसी खास सिक्के की डि‍मांड हो, लेकिन बेचने वाला तैयार न हो।

किसी दूसरे देश के स्मृति चिन्ह या फिर किसी खास म्यूजिम के सिक्के की वैल्यू सामने वाले के लिए बहुत ज्यादा हो वहीं, दूसरी तरफ किसी और व्यक्ति की नजर में उसकी कोई खास वैल्यू न हो। इस तरह इसके निवेश में अच्छा पैसा कमाने के लिए इंतजार एक अहम चीज है।

कैसे काम करती है ‘Blockchain Technology’ :-

ब्‍लॉकचेन तकनीक एक ऐसा प्लेटफॉर्म हैं, जहां ना सिर्फ डिजिटल करेंसी बल्की किसी भी चीज को डिजिटल बनाकर उसका रिकॉर्ड रखा जा सकता है। यानी ब्लॉकचैन एक डिजिटल लेजर हैं। वहीं बिटक्वॉइन एक डिजिटल माध्यम है, जिसके जरिए हम और आप या कोई अन्य कुछ चीजें बेच और खरीद सकता है।

NFT का इतिहास:

नॉन-फंजिबल टोकन अर्थात एनएफटी को पहली बार मई 2014 में केविन मैककॉय (Kevin McCoy) और अनिल दास (Anil Dash) द्वारा बनाया गया था। यह इथेरियम (Ethereum) ब्लॉकचेन तकनीक के सिद्धांत पर काम करता है। कोई ऐसी तकनीकी आर्ट, जिसके बारे में यह दावा किया जाता है कि वह यूनिक है और उसका मालिकाना हक यानी ऑनर्स राइट किसी एक खास व्‍यक्‍ति के पास ही है। इसी मालिकाना हक को नॉन-फंजिबल टोकन या एनएफटी कहा जाता है।

भारत में NFT का भविष्य:

भारत में एनएफटी के फ्यूचर के लिए अलग-अलग राय है। क्‍योंकि यह बि‍ल्‍कुल नया कांसेप्ट है। क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भी भारत में लोगों के बीच आशंकाएं थीं, ठीक उसी तरह एनएफटी को लेकर भी अभी कई तरह की धारणाएं हैं।

एनएफटी की वजह से कई लोग इस बात को लेकर हैरान है कि कोई सिर्फ ऑनलाइन मौजूद प्रॉपर्टी के लिए (जो उन्हें फिजिकली नहीं मिलती) इतना पैसा कैसे खर्च कर सकता है। लेकिन भारत में रसूखदार हस्‍तियों की इसे लेकर की गई घोषणाओं से लगता है कि बहुत जल्‍दी ही भारत में यह अपनी जगह बना लेगा। इसके साथ ही भारत में एनएफटी को लॉन्च करने के लिए ‘क्रिप्टो एक्सचेंज’ नाम की एक भारतीय कंपनी भी इसकी तैयारी के लिए जानी जाती है।

क्‍या है NFT का ‘मार्केट’?

एक शोध कंपनी DappRadar के अनुसार Ethereum ब्लॉकचेन में जारी NFT का कुल मूल्य 14.3 बिलियन डॉलर है, जो पिछले साल लगभग 340 मिलियन डॉलर था। मार्केट रिसर्च फर्म हैरिस द्वारा मार्च में की गई एक स्टडी के अनुसार, 11% अमेरिकी का कहना है कि उन्होंने एनएफटी खरीदा है। जो कमोडिटी मार्केट में खरीदारी करने वाले लोगों से कुछ प्रतिशत (यानी 1 फीसदी) ही कम है।

एक अन्य एनालिस्ट जेफ़रीज़ के मुताबिक एनएफटी का मूल्य अगले साल में दोगुना हो जाएगा और साल 2025 तक 80 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा टोकन का इस्‍तेमाल भी बहुत तेजी से बढ़ जाएगा।

Aadhar Supervisor Exam Registration 2022: आधार सुपरवाइजर एग्जाम रजिस्ट्रेशन, ऐसे करे आवेदन

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Aadhar Supervisor Exam Registration- यदि आप ऑपरेटर या पर्यवेक्षक के रूप में आधार नामांकन केंद्र के लिए काम करना चाहते हैं तो दोनों के लिए एक ही परीक्षा है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आपको प्रमाणन प्राप्त होगा और तब से आप भारत में कहीं भी किसी भी नामांकन एजेंसियों के साथ काम कर सकते हैं।

Aadhar Card Center (आधार सेंटर) लेने के लिए आपके पास आधार का सुपरवाइजर सर्टिफिकेट (Aadhar Supervisor Certificate) होना जरूरी है. ऐसे में अगर आप भी आधार सेंटर लेने के बारे में सोचते तो आपको आधार सुपरवाइजर सर्किटिफिकेट जरुर लेना चाहिए.

NSEIT Aadhar Supervisor Certificate Online लेने के बारे में हम स्टेप बाय स्टेप जानकारी देने जा रहे हैं, कि अगर आप भी NSEIT Certificate के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते है.

NSEIT Certificate Registration Online के बाद किस तरह से एग्जाम होता है? Aadhar Supervisor Certificate Fee कितना होता है? और किस तरह से आप कोNSEIT Certificate Download कर सकते है. संपूर्ण जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताया जाएगा|

NSEIT Certificate क्या है?

आधार सुपरवाइजर सर्टिफिकेट को NSEIT Certificate भी बोला जाता है. एक्चुअली जो भी लोग आधार सेंटर लेना चाहते हैं जैसे कि डेमोग्राफी आधार सेंटर हो गया या फिर Bio+ Demographic सेंटर. उसमें इसकी आवश्यकता पड़ती है.

अगर आपके पास NSEIT Certificate नहीं है तो आप आधार सेंटर नहीं ले सकते हैं. NSEIT Certificate Exam के लिए सबसे पहले अप्लाई करना होता है उससे बाद आपके द्वारा सेलेक्ट किया गए सेंटर पर जाकर UIDAI NSEIT Exam देना पड़ता है. पास होने के बाद ये सर्टिफिकेट आपको दिया जाता है

NSEIT Certificate Exam हेतु योग्यता:- Aadhar Supervisor Exam Registration

  • उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष होनी चाहिए
  • उम्मीदवार ने कक्षा 12वीं पूरी कर ली हो और स्नातकों को वरीयता दी जाएगी
  • उम्मीदवार को आधार कार्ड के लिए नामांकित होना चाहिए और उसका आधार नंबर यूआईडीएआई पोर्टल का उपयोग करके उत्पन्न होना चाहिए
  • उम्मीदवार के पास कंप्यूटर पर काम करने का अच्छा ज्ञान और अनुभव होना चाहिए और उसे स्थानीय भाषा के कीबोर्ड और लिप्यंतरण के साथ सहज होना चाहिए

NSEIT Certificate Exam के लिए आवश्यक दस्तावेज :- Aadhar Supervisor Exam Registration

नएसईआईटी लिमिटेड के माध्यम से आधार ऑपरेटर/पर्यवेक्षक/सीईएलसी ऑपरेटर प्रमाणन परीक्षा के लिए आवेदन पत्र जमा करने से पहले उम्मीदवार को निम्नलिखित दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए/होनी चाहिए|

  • ओटीपी सत्यापन के लिए उम्मीदवार के पास आधार में अपना नवीनतम मोबाइल नंबर पंजीकृत होना चाहिए
  • परीक्षा तिथि पर सत्यापन के लिए उम्मीदवार ने पिछले 3 महीनों में आधार में अपना नवीनतम फोटोग्राफ अपडेट किया होगा
  • उम्मीदवार के आधार नंबर को किसी भी नामांकन एजेंसी या यूआईडीएआई द्वारा काली सूची में नहीं डाला जाना चाहिए|
  • उम्मीदवार के पास डाउनलोड किये गए ई-आधार की नवीनतम कॉपी https://eaadhaar.uidai.gov.in या नवीनतम फोटो के साथ आधार पत्र होना चाहिए|
  • उम्मीदवार के पास https://resident.uidai.gov.in/offlineaadhaar से डाउनलोड “आधार पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी- एक्सएमएल फाइल” और “शेयर कोड” होना चाहिए
  • उम्मीदवारों को शिक्षा योग्यता, नामांकन एजेंसी कोड, परीक्षा भूमिका, परीक्षा भाषा, ईमेल आईडी, पसंदीदा परीक्षा केंद्र का चयन करना होगा और आवेदन पत्र जमा करना होगा। उम्मीदवार को इनका सही चयन करना चाहिए, क्योंकि चयन को बदलने का कोई प्रावधान नहीं है आवेदन पत्र जमा किया गया है|

NSEIT Certificate Exam के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2022 :

स्टेप1: आधार सुपरवाइजर सर्टिफिकेट लेने के लिए सबसे पहले आपको एग्जाम देना पड़ता है. एग्जाम देने से पहले आपको एक एग्जाम का रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा. रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे पहले आपको इस ऑफिशियल NSEIT Exam Portal पर जाना है |

स्टेप2: NSEIT Portal के होम पेज पर आने के बाद आपके सामने कुछ इस तरह का इंटरफेस मिलेगा. जहां पर सबसे पहले आपको Create New User के बटन पर क्लिक करके Aadhar XML FILE डाउनलोड करके अपलोड कर अपने आप को रजिस्टर करना होगा|

Aadhar Supervisor Exam Registration

स्टेप3: रजिस्टर करने के बाद आपको यूजरनेम पासवर्ड दिया जाएगा. जिससे आप लॉगिन करके एक न्यू पासवर्ड बना लेंगे और मांगे गए सभी जानकारी भरेंगे. अब Basic Details, Personal Details, exam सेंटर और डेट सेलेस्ट करे और पेमेंट करके फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दे|

NSEIT Certificate कैसे डाउनलोड करे:

अगर आप एग्जाम दे देते हैं और पास भी कर लेते हैं तो आपने रजिस्ट्रेशन करते समय जो भी यूजरनेम पासवर्ड बनाया है उससे लॉगिन करके आप अपने डैशबोर्ड से अपने सर्टिफिकेट को बड़ी आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं|

MP एजुकेशन पोर्टल पर अचल संपत्ति विवरण की प्रविष्टि एवं प्रावधान

EDUCATION PORTAL PAR ACHAL SAMPATTI KA VIVRAN UPLOAD KAISE KAREN: नमस्कार साथियो मैं हूँ विनीत और इस समय आप हैं www.enterhindi.com पर साथियो हम समय समय पर विषेश प्रकार की उपयोगी जानकारियां लाते रहते हैं इसलिए इस वेबसाइट को विजिट करते रहें ताकि आपको महत्त्वपूर्ण जानकारियां मिलती रहे तो चलिए बात करते हैं आज के टॉपिक पर

सामान्य प्रशासन द्वारा जारी आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है जिसमें परिपत्र दिनांक १५ फरवरी २०१० एवं ३ मई २०१० का उल्लेख है उक्त परिपत्र के अनुसार विभाग में कार्यरत सभी शासकीय अधिकारीयों /कर्मचारियों के अचल संपत्ति विवरण की प्रविष्टि विभागीय वेबसाइट पर किया जाना है। इस सम्बन्ध में एजुकेशन पोर्टल पर एक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है।पोर्टल पर लॉगिन करने के पश्चात अचल संपत्ति विवरण लिंक का चयन कर सम्बंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों के अचल संपत्ति विवरण की प्रविष्टि कर सकेंगे।
सर्वप्रथम सामान्य विभाग प्रशासन द्वारा जारी प्रोफार्मा में सभी अधिकारी/कर्मचारी से जानकारी प्राप्त करने के पश्चात उक्त जानकारी को पीडीऍफ़ फाइल में स्केनउक्त फाइल को पोर्टल पर उपलब्ध प्रोफार्मा में अपलोड किया जाना ह। यह कार्य निश्चित समय में सम्पादित किया जाना है अतः आपको निर्देशित किया जाता है की आपके अधीनस्थ सभी कर्मचारियों के अचल संपत्ति विवरण की जानकारी पोर्टल पर 5 दिवस के अंदर प्रविष्टि की जाये।
विभाग द्वारा जारी आदेश की प्रति देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

सरकारी कर्मचारियों की लिए क्या होते है प्रावधान

साथियों ऐसा नहीं है की आज की वर्तमान सरकार द्वारा रातों रात यह आदेश जारी कर दिया गया है बल्कि पूर्व से ही सभी सरकारी अधिकारीयों/कर्मचारियों के लिए यह प्रावधान है की वो अपनी अचल समपत्ति की जानकारी विभाग के माध्यम से सरकार को उपलब्ध कराएँगे तो चलिए देखते हैं क्या होते हैं शासकीय सेवकों के लिए प्रावधान –

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 सिविल सेवाओं और पदों पर नियुक समस्त व्यक्तियों को लागू किये गए हैं। उपरोक्त नियमों के नियम 19 (1)नमन अचल संपत्ति विवरण प्रस्तुत किये जाने के सम्बन्ध में निम्नानुसार प्रावधान है –

(1) प्रत्येक शासकीय सेवक किसी भी सेवा या पद पर उसके पहली बार नियुक्त होने पर तथा उसके पश्चात ऐसे अंतरालों पर, जो शासन द्वारा उल्लेखित किये जाएँ, अपनी आस्तियों दायित्यों की विवरणी निम्नलिखित के सम्बन्ध में पूर्ण विशिष्टियों देते हुए ऐसे फार्म में जो की शासन द्वारा विहित किये जाएँ, प्रस्तुत करेगा –

उसके द्वारा दाय में प्राप्त की गयी या उसके स्वामित्व की या उसके द्वारा अर्जित की गयी या उसके स्वयं के नाम से अथवा उसके कुटुंब के किसी सदस्य के नाम से अथवा किसी अन्य व्यक्ति के नाम से पत्ते या बंधक पर उसके द्वारा धारित अचल संपत्ति (यह नियम चतुर्थ श्रेणी के सेवकों के लिए लागु नहीं। )

(2) संदर्भित ज्ञापन दिनांक 05/01/1994 द्वारा ये निर्देश जारी किये गए थे की प्रत्येक शासकीय सेवक अपने अचल संपत्ति का विवरण विहित प्रपत्र में सक्षम अधिकारी को प्रतिवर्ष 31 जनवरी के पूर्व प्रस्तुत करेगा। यदि कोई शासकीय सेवक उपनियम में विहित विवरणी प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो इसे अवचार मानकर उसके विरुद्ध आचरण नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये।

(3) शासन द्वारा निर्णय लिया गया है की सभी विभाग/ विभागाध्यक्ष उनके अधीनस्थ सभी शासकीय सेवकों का अद्द्तन अचल संपत्ति विवरण उनके विभाग की वेबसाइट पर दिनांक 30 अप्रैल 2010 तक आवश्यक रूप से उपलब्ध कराए। विभागाध्यक्ष एवं नियंत्रण रखने वाले अधिकारीयों की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी की वे देखें की उनके अधीनस्थ समस्त अधिकारी/कर्मचारी अपना संपत्ति विवरण यधसमय प्रस्तुत करें एवं प्राप्त अचल संपत्ति विवरण विभाग की वेबसाइट पर सार्वजानिक कर दिया गया है । यह जानकारी प्रतिवर्ष वेबसाइट पर अद्द्तन की जाएगी|

MP एजुकेशन पोर्टल पर अचल संपत्ति विवरण की प्रविष्टि कैसे करेंगे EDUCATION PORTAL PAR ACHAL SAMPATTI KA VIVRAN UPLOAD KAISE KAREN

एजुकेशन पोर्टल में अचल संपत्ति का विवरण देने से पहले शासन या विभाग द्वारा प्रोफार्मा उपलब्ध कराया गया है। जारी परफॉर्म डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें डाउनलोड प्रोफार्मा

उक्त फार्मेट को डाउनलोड कर प्रिंट लेवें तत्पश्चात अचल संपत्ति का विवरण नियमानुसार प्रविष्ट कर स्केन करें तथा पीडीऍफ़ फार्मेट में उक्त प्रोफार्मा को बदल लें

STEP 1: एजुकेशन पोर्टल पर जाएँ http://www.educationportal.mp.gov.in/
एजुकेशन पोर्टल पर अचल संपत्ति की प्रविष्टि के लिए सर्प्रथम आपको एजुकेशन पोर्टल http://www.educationportal.mp.gov.in/ पर जाना होगा। अब एजुकेशन पोर्टल अपने यूनिक कोड एवं पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन करें यदि आप एजुकेशन पोर्टल का पासवर्ड भूल गया हैं तो यहाँ क्लिक करें
STEP 1: MY HOME
अब नीचे दिए गए चित्र के अनुसार आपको डैशबॉर्ड स्क्रीन पर दिखेगा जिसमें आपको लेफ्ट कार्नर में MY HOME लिंक पर क्लिक करना है
STEP 2: ई सेवा पुस्तिका पर क्लिक करे
अब मुख्य पृष्ठ में थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें और ऑनलाइन सेवाएं सेक्शन में जाकर ई सेवा पुस्तिका लिंक पर क्लिक करे
STEP 3: UPLOAD FILE
अब आप UPLOAD FILE मीनू में आपको UPLOAD YOUR ANNUAL PROPERTY RETURN की लिंक में क्लिक करना है
STEP 3: UPLOAD PDF FILE
अब आप देखेंगे की स्क्रीन पर कुछ निर्देश दिए गए हैं अतः नियमानुसार सत्र का चयन करते हुए अचल सम्पति प्रोफार्मा की प्रविष्टि को अपलोड पीडीऍफ़ में अपलोड करें यदि आप केवल मोबाइल से फोटो लेकर अपलोड करेंगे तो वह फील अपलोड नहीं होगी अतः आपको अचल सपत्ति प्रोफार्मा को भरकर स्केन करें और फिर पीडीऍफ़ में चेंज करेंगे तभी अपलोड कर पाएंगे | जिअसे ही आप विवरण अपलोड कर देंगे तो आपकी फलिए सफलतापूर्वक अपलोड की जा चुकी है इस प्रकार का मैसेज स्क्रीन पर आएगा
निर्देश:
1 : कृपया अचल संपत्ति के विवरण को PDF Format में ही अपलोड करें!
2 : कृपया अचल संपत्ति के विवरण पेज को अपलोड करने से पहले फाइल का साइज़ जांच ले !
3 : अचल संपत्ति के विवरण पेज का साइज़ 200 KB (Kilo Bytes) से अधिक का नहीं होना चाहिए!”
4 : सभी प्राप्त प्रपत्रों को black & white मे 75 DPI या 150 DPI Resolution मे स्कैन करा कर 150-200 KB तक की PDF फ़ारमैट फ़ाइल को Portal पर अपलोड करें |
5 : स्कैन करते समय ध्यान दे की फ़ाइल को black and white मे ही स्कैन किया जा रहा है एवं RESOLUTION की सेटिंग 75DPI या 150 DPI ही है। इन सेटिंग्स से फ़ाइल 150 से 200 KB तक की है बनेगी। छोटी फ़ाइल को अपलोड करने मे भी कम समय लगेगा| |
STEP 3: PRINT RECIEPT
अब जैसे ही आप दोबारा अचल संपत्ति प्रविष्टि को अपलोड करने की कोशिश करेंगे फ़ो आपको नीचे एक मैसेज दिखाई देगा अचल संपत्ति के विवरण की PDF फ़ाइल पहले से ही सर्वर पर अपलोड की जा चुकी है | क्या आप इसे दुबारा से अपलोड करना चाहते है? यदि आप दोबारा अपलोड करना चाहते हैं तो फिर से सत्र का चयन करते हुए पीडीऍफ़ फाइल को लिंक करते हुए अपलोड कर सकते हैं

विभाग द्वारा जारी आदेश की प्रति देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

MP e-Uparjan : किसान रबी फ़सल बिक्री हेतु गेहूं खरीदी केंद्र (उपार्जन केंद्र) की जानकारी कैसे पता करें

MP e-Uparjan खरीदी केंद्र (उपार्जन केंद्र) की जानकारी:-

MP e-Uparjan खरीदी केंद्र (उपार्जन केंद्र) की जानकारी– मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष के लिए गेहूं खरीदी की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए भोपाल, इंदौर, उज्जैन के शहरी केंद्रों को छोड़कर सभी जिलों में लगभग 4305 खरीद केंद्र बनाये गए हैं ।

गेहू खरीदी केंद्रों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अति आवश्यक रूप से की जाये तथा सभी केंद्रों में सैनिटाइज़शन की पूर्ण व्यवस्था हो जिसके लिए सरकार द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं ।

कोरोना वायरस के कारण उससे बचाव के लिए उचित कदम सरकार द्वारा उठए जा रहे हैं जिसके कारण गेहूं खरीदी हेतु नियमों में कुछ बदलाव किया गया है जिसकी जानकारी किसानों को होना अतिआवश्यक है ।

इस बार खरीदी हेतु मैसेज माध्यम से बुलाया जायेगा जिनकी संख्या प्रति केंद्र में प्रतिदिन 6 से ज्यादा नहीं होगी । जिन किसान भाइयों को खरीदी हेतु मैसेज प्राप्त होता है केवल वही किसान अपनी उपज को केंद्रों में ले जा सकता है ।

किसानों को मैसेज के माध्यम खरीदी केंद्र में पहुँचने का दिनांक तथा समय के बारे में सूचित किया जायेगा, अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्रित न हो इसलिए ऐसे दिशा निर्देश सरकार द्वारा जारी किये गए हैं ।

सरकार के लिए हर एक किसान महत्त्वपूर्ण है इसलिए जल्दबाजी या अफवाह में ध्यान न दें प्रत्येक किसान की फसल को खरीदना सरकार की जिम्मेदारी है जिसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है साथ ही सभी को कोरोना संक्रमण से बचाना सरकार की प्राथमिकता है । अतः अनावश्यक रूप से भीड़ एकत्रित न करें न ही उसका हिस्सा बनें ।

पंजीयन करने के पश्चात जरुरी है की पंजीयन की पावती प्राप्त करें यदि आप ऑनलाइन पंजीयन करते हैं तो आपको ऑनलाइन सेण्टर द्वारा पंजीयन दे दिय जायेगा लेकिन यदि खरीदी केंद्र के मध्य से पंजीयन कराया है

तो किसी भी ऑनलाइन सेण्टर में जाकर पंजीयन की पावती का प्रिंट ले सकते हैं ।पंजीयन की पावती कैसे प्राप्त करनी है हमारी बताई गयी प्रोसेस के माध्यम से पता चल जायेगा इसलिए इस प्रक्रिया को ध्यान से पढ़ें |

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Gehun Panjiyan Kaise NikalenMP e-Uparjan खरीदी केंद्र (उपार्जन केंद्र) की जानकारी

STEP 1: सबसे प्रथम आप इ उपार्जन की वेबसाइट http://mpeuparjan.nic.in/mpeuparjan/Home.aspx पर जाएँ | अब आप WHEET (गेहूं) वाले सेक्शन में रबी 2020-21 वाली लिंक पर क्लिक करें ।

Kisaan Panjiyan Kaise Nikalen

STEP 2 : किसान कोड से पंजीयन सम्बंधित जानकारी प्राप्त करे लिंक पर क्लिक करें ।

KISAAN PANJIYAN KAISE NIKALEN 2020-21

STEP 3 : मोबाइल नंबर के माध्यम से आप किसान पंजीयन की प्रतिलिपि प्राप्त कर सकते हैं । इसलिए दिए गए विकल्प में से किसी भी एक विकल्प का चयन करके सम्बंधित क्रमांक दर्ज करें और किसान की जानकारी सर्च करते ही स्क्रीन में किसान पंजीयन केंद्र से सम्बंधित जानकारी प्राप्त हो जाएगी जिसका प्रिंट लेकर सुरक्षित रख लें |

MP e-Uparjan खरीदी केंद्र (उपार्जन केंद्र) की जानकारी

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शिक्षार्थियों के समग्र विकास के लिए व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों का विकास| Nishtha Module 2 Quiz Answers | Module 2 Answer Key | Diksha Module 2 Answers | दीक्षा मॉड्यूल 2 Ans

Nishtha Module 2 Quiz Answers

कोर्स सिंहावलोकन
व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों का परिचय
व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों के बारे में समझ विकसित करना – परिप्रेक्ष्य लेना
व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों के बारे में समझ विकसित करना
स्कूल में व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों को पोषित करने के अवसर
शिक्षार्थियों के बारे में समझ
शिक्षार्थियों के समग्र विकास को सुगम बनाने के लिए गुण और कौशल
गुण 2 : विश्वसनीयता
गुण 3 : स्वयं और दूसरों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण
गुण 4: प्रभावी संवाद कौशल
तदनुभूति
सारांश
पोर्टफोलियो गतिविधि
अतिरिक्त संसाधन
मूल्यांकन

कोर्स 1: पाठ्यचर्या और समावेशी कक्षा की प्रश्न्नोत्तरी के लिए यहाँ क्लिक करें

Nishtha Module 2 Quiz Answers- दीक्षा एप HS/HSS निष्ठा प्रशिक्षण लिंक इन चारों प्रशिक्षणओं को 10 सितंबर2021 तक पूर्ण करना है लिंक आपको प्रेषित की जा रही है…
🔰📚 कोर्स 1 mp_sec_पाठ्यचर्या और समावेशी कक्षा https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_31334140218182860818183?referrer=utm_source%3Dmobile%26utm_campaign%3Dshare_content

🔰📚 कोर्स 2
mp_sec_शिक्षार्थियों के समग्र विकास के लिए व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों का विकास https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_31334140442392166417278?referrer=utm_source%3Dmobile%26utm_campaign%3Dshare_content

🔰📚 कोर्स 3
mp_sec_कला समेकित शिक्षा https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_31334140492465766418202?referrer=utm_source%3Dmobile%26utm_campaign%3Dshare_content

🔰📚 कोर्स 4
mp_sec_पठन, पाठन और मूल्यांकन में सूचना प्रौद्योगिकी तकनीक की भूमिका https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_31334140365578240017252?referrer=utm_source%3Dmobile%26utm_campaign%3Dshare_conten

MP_SEC_शिक्षार्थियों के समग्र विकास के लिए व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों का विकास प्रश्न्नोत्तरी, Nishtha Module 2 Quiz Answers

प्रश्न 1: छात्रों के स्कूलों में प्रवेश करते ही गर्मजोशी से मुस्कुराते हुए स्वागत करने से जिस विकास में मदद मिलती है :
विश्वसनीयता
संवेदनशीलता
मुस्कराहट
तदानुभूति

उत्तर 1: विश्वसनीयता

प्रश्न 2: निम्न में से कौन प्रभावी मौखिक संवाद है
समूह बातचीत
आत्मविश्वाश और स्पष्ट आवाज
जब कोई बोल रहा हो तो दूसरों का मजाक उड़ाना
ध्यान भटकाने के लिए आँख से संपर्क बनाना

उत्तर 2: आत्मविश्वाश और स्पष्ट आवाज

प्रश्न 3: छात्रों को जानना और समझना जिस तरह से प्राप्त किया जा सकता है
मूल्याङ्कन करके
निर्णयात्मक होकर
जिज्ञासु होकर
संवेदनशील होकर

उत्तर 3: संवेदनशील होकर

प्रश्न 4: प्रभावी संवाद तब होता है जब :
यह धाराप्रवाह होता है
समझने में असमर्थ होता है
इसमें सावधानी शामिल है
यह एकतरफा प्रक्रिया होती है

उत्तर 4: यह धाराप्रवाह होता है

प्रश्न 5: बातचीत में सच्ची दिलचस्पी लेना संकेत है
स्वीकृति का
तदानुभूति का
चिंता का
नेतृत्व का

उत्तर 5: तदानुभूति का

प्रश्न 6: एक सकारात्मक सीखने का माहौल किसके द्वारा नहीं बनाया जा सकता
उपयुक्त अनुशासन तकनीकों का उपयोग करके
सभी बच्चों की विशिष्टता को स्वीकारना
प्रभावी कक्षा प्रबंधन
छात्रों की उनके सहपाठियों के साथ तुलना करना

उत्तर 6: छात्रों की उनके सहपाठियों के साथ तुलना करना

प्रश्न 7: निम्न में से कौन प्रभावी संवाद के लिए आवश्यक नहीं है :
सारे जबाब देना
चौकस रहना
भावनाओं को समझना
चुप्पी को समझना

उत्तर 7:

प्रश्न 8: शिक्षार्थियों के प्रति सम्मान सम्प्रेषित करने के लिए, एक शिक्षक को चाहिए :
उनकी खामियों से बचना
उन्हें हमेशा अपना रास्ता रहने दें
उनकी हरकतों पर सवाल नहीं
उन्हें उनके नाम से सम्बोधित करें

उत्तर 8: उन्हें उनके नाम से सम्बोधित करें

प्रश्न 9: स्वयं के कार्यों की जिम्मेदारी लेना दर्शाता है
नेतृत्व
सकारात्मक सामाजिक कौशल
संवाद
स्वीकृति

उत्तर 9: नेतृत्व

प्रश्न 10: सकारात्मक वातावरण विकसित करने में मदद करने के लिए किसी को होना चाहिए :
आलोचनात्मक
निर्णयात्मक
तेजी से सोचने और प्रतिक्रिया देने वाला
धैर्यवान और देखभाल करने वाला

उत्तर 10: धैर्यवान और देखभाल करने वाला

प्रश्न 11: स्वयं में और दूसरों में अच्छाई देखना, पहल करना और सहयोगी होना इंगित करता है :
तदानुभूतिपूर्ण समझ को
परिपेक्ष्य लेने को
गंभीरता को
सकारात्मक रवैया को

उत्तर 11: सकारात्मक रवैया को

प्रश्न 12: निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है
सभी शिक्षार्थी अद्वतीय हैं
एक विविध कक्षा सभी के लिए सीखने के अवसर पैदा करने में एक बाधा है
अलग अलग बच्चे अलग अलग गति से सीखते हैं
सभी बच्चे स्कूल में होने के लिए हैं

उत्तर 12: एक विविध कक्षा सभी के लिए सीखने के अवसर पैदा करने में एक बाधा है

प्रश्न 13: तदानुभूति तब होती है जब कोई :
स्वयं को समझता है।
दूसरों की चिंता और सन्दर्भ को समझता है
दूसरों के लिए खेद महसूस करता है
स्वयं के साथ तर्क करता है

उत्तर 13: दूसरों की चिंता और सन्दर्भ को समझता है

प्रश्न 14 :निम्न में से कौन सी तदानुभूति सम्प्रेषित करने का एक तरीका नहीं है ?
मौखिक सावधानी
गैर मौखिक सावधानी
व्यक्ति के लिए दया दिखाना
व्यक्ति के अनुभव के तरीके के साथ तारतम्य

उत्तर 13:

प्रश्न 15: यदि कोई छात्र समूह में काम करते समय हमेशा संघर्ष करता है तो छात्र को सीखने की जरुरत है :
सहयोग
टीमभावना
करुणा
टीम का निर्माण करना

उत्तर 15: सहयोग

प्रश्न 16: कक्षा नौवीं का एक छात्र स्कूल फीस का भुगतान नहीं कर पाया छात्र कक्षा मूल्याङ्कन में भी ज्यादा प्रगति नहीं दिखा रहा(पूरा प्रश्न दीक्षा एप पर देखें )
आँख से संपर्क
मुसकुराहट
संवेदनशीलता
विश्वास

उत्तर 16: संवेदनशीलता

प्रश्न 17: संवेदनशीलता के गुण का सही विवरण चुनें :
दूसरों के साथ काम करने में सक्षम होना
दूसरों का परिपेक्ष्य लेना
दूसरों की भावनाओं और विचारों से अवगत होना
स्वयं और दूसरों के विचारों और भावनाओं के प्रति ईमानदारी

उत्तर 17:

प्रश्न 18: बाधाओं का सामना करने का सबसे अच्छा तरीका है :
उन्हें स्वीकार करना
इसमें शामिल अन्य लोगों के साथ काम करना
उन्हें स्वीकार, विश्लेषण और सही करना
उन्हें नजरअंदाज करना और आगे बढ़ना

उत्तर 18: उन्हें स्वीकार, विश्लेषण और सही करना

प्रश्न 19: अपने छात्रों के बीच संघर्ष के मामले में आप एक शिक्षक के रूप में कोण सी रणनीति लागू करेंगे
अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे और तय करेंगे की संघर्ष को कैसे सुलझाया जाये
मामले को स्कूल के प्राचार्य के पास भेंजेंगे
छात्रों के बीच एक संवाद की सुविधा को संभव करके
मामले को यह सोचकर नजर अंदाज करेंगे की समय बीतने के साथ यह सुलझ जायेगा

उत्तर 19: छात्रों के बीच एक संवाद की सुविधा को संभव करके

प्रश्न 20: निम्न में से कौन सा एक संवेदन शील लक्षण है
गैर मौखिक अभियक्ति/प्रदर्शित करने में असमर्थ
दूसरों के गैर मौखिक अभियक्तियों का अवलोकन करने में सक्षम
जल्दी से यह समझने में असमर्थ की दूसरे क्या कह रहे हैं
दूसरों की भाषा दक्षता का अवलोकन करने में सक्षम

उत्तर 20:

किसानों को तोहफा: गेहूं समेत इन रबी फसलों की MSP में बढ़ोतरी | Check MSP for RMS 2022-23

रबी फसलों की MSP में बढ़ोतरी:-

रबी फसलों की MSP- केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को तय कर दिया है | 8 सितम्बर 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद फसलों के नए rates जारी कर दिए गए | इसके मुताबिक, गेहूं की MSP में 40, चना की MSP में 130 और सरसों की MSP में सबसे अधिक 400 रुपए की बढ़ोतरी की गई है |

केंद्र सरकार ने रबी फसलों की MSP में उस वक्त बढ़ोतरी की घोषणा की है, जब देश के किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ बीते कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं| किसान संगठनों की मांग की है कि सरकार तीनों नए कृषि कानून को वापस ले | साथ ही वे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी चाहते हैं जबकि सरकार साफ कर चुकी है कि MSP को खत्म नहीं किया जाएगा और एक बार फिर रबी फसलों की MSP में बढ़ोतरी की घोषणा हो चुकी है |

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की जानकारी दी | केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गेहूं के समर्थन मूल्य में 40, जौ की एमएसपी में 35, चना में 130, मसूर व सरसों में 400 और सूर्यमुखी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 114 रुपए की बढ़ोतरी की गई है |

MSP of Rabi Marketing Season 2022-23:- रबी फसलों की MSP

रबी फसलों की MSP

रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2022-23 के लिए रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई घोषणा के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि देशभर के औसत उत्पादन को मद्देनजर रखते हुए MSP में कम से कम डेढ़ गुना इजाफा किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को तर्कसंगत और उचित कीमत मिल सके | किसान खेती में जितना खर्च करता है, उसके आधार पर होने वाले लाभ का अधिकतम अनुमान किया गया है | इस संदर्भ में गेहूं, कैनोला व सरसों (प्रत्येक में 100 प्रतिशत) लाभ होने का अनुमान है | इसके अलावा दाल (79 प्रतिशत), चना (74 प्रतिशत), जौ (60 प्रतिशत), कुसुम के फूल (50 प्रतिशत) के उत्पादन में लाभ होने का अनुमान है |

पिछले कुछ वर्षों से तिलहन, दलहन, मोटे अनाज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में एकरूपता लाने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास किए जाते रहे हैं, ताकि किसान इन फसलों की खेती अधिक रकबे में करने के लिए प्रोत्साहित हों | इसके लिए वे बेहतर प्रौद्योगिकी और खेती के तौर-तरीकों को अपनायें, ताकि मांग और आपूर्ति में संतुलन पैदा हो |

रबी फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन (2022-23) के लिए MSP:-

  • गेहूं की MSP 2015 रुपए प्रति क्विंटल
  • चना की MSP 5230 रुपए प्रति क्विंटल
  • जौ की MSP 1635 रुपए प्रति क्विंटल
  • मसूर दाल MSP 5500 रुपए प्रति क्विंटल
  • सूर्यमुखी MSP 5441 रुपए प्रति क्विंटल
  • सरसों MSP 5050 रुपए प्रति क्विंटल

पिछले साल के मुकाबले किस फसल की कितनी MSP बढ़ाई गई:-

  • गेहूं की MSP में 40 रुपए की बढ़ोतरी
  • चना की MSP में 130 रुपए की बढ़ोतरी
  • जौ की MSP में 35 रुपए की बढ़ोतरी
  • मसूर दाल की MSP में 400 रुपए की बढ़ोतरी
  • सूर्यमुखी की MSP में 114 रुपए की बढ़ोतरी
  • सरसों की MSP में 400 रुपए की बढ़ोतरी

क्या है MSP:-

MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य/Minimum Support Price) वह दर है जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है | मौजूदा समय में, सरकार खरीफ और रबी दोनों मौसमों में उगाई जाने वाली 23 फसलों के लिए MSP तय करती है | खरीफ (गर्मी) फसलों की कटाई के तुरंत बाद अक्टूबर से रबी (सर्दियों) फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है | गेहूं और सरसों रबी की प्रमुख फसलें हैं |

दिल्ली मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा योजना 2022 की घोषणा की गई

दिल्ली मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा योजना 2022:-

6 फरवरी 2021 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के द्वारा एक दिल्ली कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी | इस बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि 9वी कक्षा के मेधावी छात्रों को ₹5000 की प्रोत्साहन राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान की जाएगी |

यह प्रोत्साहन राशि लगभग 1000 मेधावी छात्रों को प्रदान की जाएगी | इस योजना को सरकार ने दिल्ली मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा योजना का नाम दिया है | इस योजना के माध्यम से छात्रों में वैज्ञानिक प्रवृत्ति का बढ़ावा होगा | वह सभी सामान्य वर्ग के छात्र जिन्होंने 8वीं कक्षा में 60% तथा SC, ST, OBC तथा दिव्यांग वर्ग के छात्र जिन्होंने 8वीं कक्षा में 55% अंक प्राप्त किए हैं उन्हें इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा |

  • सरकार द्वारा इस योजना को आरंभ करते हुए यह कहा गया है कि इस योजना के माध्यम से मेधावी तथा प्रतिभाशाली छात्रों को बढ़ावा दिया जाएगा | देश के सभी छात्र देश का भविष्य हैं और आगे जाकर यह छात्र वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, आर्किटेक्ट आदि बनेंगे | जिससे कि हमारे देश का विकास होगा | दिल्ली मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा योजना (Delhi Mukhyamantri Vigyan Pratibha Pariksha Yojana 2022) का लाभ सरकारी, गवर्मेंट एडिड तथा मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र उठा सकते हैं |

विद्यालय एवं कार्यालयों का डिजिटलीकरण:-

सरकार द्वारा दिल्ली मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा योजना 2022 की घोषणा करते हुए एक नया निर्णय भी लिया गया है | इस निर्णय के अनुसार शिक्षा विभाग के द्वारा अपने विद्यालय एवं दफ्तरों का डिजिटलीकरण किया जाएगा | शिक्षा विभाग द्वारा 1200 कंप्यूटर, 1200 मल्टी फंक्शनल प्रिंटर तथा 1200 यूपीएस लगवाने का निर्णय लिया गया है | इस डिजिटलीकरण के माध्यम से समय की बचत होगी | जिसे बच्चों की शिक्षा में निवेश किया जा सकेगा |

डिजिटलीकरण के माध्यम से कार्यालय का कार्यभार भी कम होगा | इस डिजिटलीकरण के लिए सरकार द्वारा 10.85 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है | दिल्ली सरकार शिक्षा विभाग को पूरी तरह से डिजिटल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी | अब सभी प्रकार के दैनिक कार्य डिजिटल माध्यम से किए जाएंगे | इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी तथा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी |

दिल्ली मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा योजना का उद्देश्य:-

इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई की तरफ प्रोत्साहित करना है | इस योजना के माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी | इस प्रोत्साहन राशि का वह अपनी आगे की शिक्षा के लिए भी उपयोग कर सकते हैं | Delhi Mukhyamantri Vigyan Pratibha Pariksha Yojana 2022 के माध्यम से छात्र अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित होंगे | इस योजना के माध्यम से छात्रों में वैज्ञानिक प्रवृत्ति को भी बढ़ावा मिलेगा | इस योजना के अंतर्गत 9वी कक्षा के छात्रों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी जिससे कि मेधावी तथा प्रतिभाशाली छात्रों को बढ़ावा मिलेगा |

दिल्ली मुख्यमंत्री विज्ञान प्रतिभा परीक्षा योजना के लाभ तथा विशेषताएं:-

  • दिल्ली मुख्यमंत्री वैज्ञानिक प्रतिभा परीक्षा योजना को 6 फरवरी 2021 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के द्वारा आरंभ किया गया है |
  • इस योजना के अंतर्गत 9वी कक्षा के मेधावी छात्रों को ₹5000 की प्रोत्साहन राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान की जाएगी |
  • यह प्रोत्साहन राशि लगभग 1000 मेधावी छात्रों को प्रदान की जाएगी |
  • इस योजना के माध्यम से छात्रों में वैज्ञानिक प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा |
  • वह सभी छात्र जिन्होंने आठवीं कक्षा में 60% अंक प्राप्त किए हैं उन्हें इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा |
  • SC, ST, OBC तथा दिव्यांग वर्ग के छात्रों के लिए 5% की छूट इस योजना के अंतर्गत प्रदान की गई है | इसका मतलब यह है कि इन वर्गों के छात्रों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए 55% अंक प्राप्त करने होंगे |
  • Mukhyamantri Vigyan Pratibha Pariksha Yojana 2022 के माध्यम से मेधावी तथा प्रतिभाशाली छात्रों को बढ़ावा मिलेगा |
  • इस योजना का लाभ सरकारी, गवर्नमेंट एडिड तथा मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र उठा सकते हैं |

दिल्ली मुख्यमंत्री वैज्ञानिक प्रतिभा परीक्षा योजना की पात्रता:-

  • छात्र दिल्ली का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है |
  • छात्र ने 8वीं कक्षा प्रतिशत 60 प्रतिशत या फिर उससे अधिक अंकों में पास की हो |
  • एससी, एसटी, ओबीसी तथा दिव्यांग छात्रों को 5% की छूट प्रदान की जाएगी |
  • इस योजना का लाभ सरकारी, गवर्नमेंट एडेड तथा मान्यता प्राप्त स्कूल के छात्र उठा सकते हैं |

मुख्यमंत्री वैज्ञानिक प्रतिभा परीक्षा योजना के महत्वपूर्ण दस्तावेज:-

  • आधार कार्ड
  • 8वीं कक्षा का रिपोर्ट कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र
  • निवास का प्रमाण
  • आवेदन पत्र
  • राशन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर

दिल्ली मुख्यमंत्री वैज्ञानिक प्रतिभा परीक्षा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया:-

यदि आप दिल्ली मुख्यमंत्री वैज्ञानिक प्रतिभा परीक्षा योजना 2022 के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो अभी आपको कुछ समय इंतजार करना होगा | सरकार द्वारा अभी केवल इस योजना की घोषणा की गई है | जल्द सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया सक्रिय की जाएगी | जैसे ही सरकार द्वारा  Delhi Mukhyamantri Vigyan Pratibha Pariksha Yojana 2022 के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया बताई जाएगी हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से जरूर बताएंगे |

उज्जवला योजना (PMUY 2.0) के दूसरे चरण की शुरुआत: जानें क्या आपको मिलेगा लाभ?

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना:-

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्जवला योजना के दूसरे चरण (PMUY 2.0) की शुरुआत करेंगे | उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए योजना की शुरुआत होगी | इस दौरान प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों से बात भी करेंगे |

साल 2016 में उत्तर प्रदेश से ही योजना के पहले चरण की शुरुआत हुई थी | इसी साल वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने उज्जवला योजना के तहत 1 करोड़ अतिरिक्त LPG कनेक्शन के लिए भी फंड जारी किया था | ये अतिरिक्त कनेक्शन उन गरीब परिवारों को दिए जाएंगे, जो उज्जवला योजना के पहले चरण में शामिल नहीं हो सके थे |

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का पहला चरण:-

‘स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन’ के नारे के साथ 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से उज्जवला योजना के पहले चरण की शुरुआत की गई थी | इसके तहत 5 करोड़ गरीब परिवार की महिलाओं को गैस कनेक्शन बांटने का लक्ष्य रखा गया था | योजना को लाने का उद्देश्य महिलाओं को चूल्हे के धुंए से बचाकर उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और LPG का उपयोग बढ़ाकर प्रदूषण को कम करना था |

अप्रैल 2018 में सरकार ने योजना के लाभार्थियों का दायरा बढ़ाते हुए 7 और कैटेगरी की महिलाओं को भी योजना में शामिल किया था | इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अंत्योदय अन्न योजना, अति पिछड़ा वर्ग, चाय बागान वर्कर, वनवासी और द्वीपों में रहने वाले लोग शामिल हैं | इसके बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 8 करोड़ हो गई |

उज्जवला योजना के दूसरे चरण में क्या बदलाव किए गए:-

उज्जवला के पहले चरण में सरकार LPG कनेक्शन के लिए 1600 रुपए (Deposit Money) की आर्थिक सहायता देती थी | इस योजना के तहत गैस कनेक्शन पाने वाले परिवार स्टोव और सिलेंडर के लिए बिना ब्याज के लोन भी ले सकते थे | दूसरे चरण में LPG कनेक्शन के अलावा पहले सिलेंडर की रीफिलिंग भी फ्री होगी। इसके अलावा गैस चूल्हा भी मुफ्त में दिया जाएगा |

दूसरे चरण में आवेदन के लिए जरूरी पेपरवर्क और डॉक्युमेंट को भी कम किया गया है | KYC के लिए किसी नोटरी या हलफनामे की जरूरत नहीं होगी | साथ ही दूसरी जगह पर रह रहे लोगों के पास अगर निवासी प्रमाण पत्र नहीं है, तो उन्हें सेल्फ डिक्लेरेशन का ऑप्शन भी मिलेगा | नौकरीशुदा लोगों और प्रवासी मजदूरों को इस कदम से बड़ी राहत मिलेगी |

उज्जवला योजना के तहत किसे मिलेगा गैस कनेक्शन:-

  • 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को | महिला नीचे दी गई किसी एक कैटेगरी में से होनी चाहिए |
  • एससी, एसटी, प्रधानमंत्री आवास योजना (Rural), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), अंत्योदय अन्न योजना (AAY), चाय और पूर्व-चाय बागान जनजाति, वन निवासी, 14-सूत्रीय घोषणा के अनुसार SECC परिवारों या आइलैंड और रिवर आइलैंड में रहने वाले लोग | घर में किसी भी कंपनी का कोई दूसरा गैस कनेक्शन नहीं होना चाहिए |

उज्जवला योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • असम और मेघालय को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के लिए eKYC होना जरूरी है |
  • पहचान और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड। (असम और मेघालय के लिए जरूरी नहीं)
  • राशन कार्ड या ऐसा डॉक्युमेंट जिसमें परिवार के सदस्यों के नाम हो |
  • लाभार्थी और परिवार के व्यस्क सदस्यों का आधार कार्ड |
  • बैंक अकाउंट नंबर और IFSC |
  • पासपोर्ट साइज फोटो |

आधार कार्ड में दूसरी जगह का पता होने पर आप वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक स्टेटमेंट, राशन कार्ड, बिजली/ टेलीफोन बिल (पिछले 3 महीने तक का), पानी बिल, फ्लैट अलॉटमेंट/पजेशन लेटर, LIC पॉलिसी, हाउस रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट, लीज एग्रीमेंट का इस्तेमाल भी एड्रेस प्रूफ के तौर पर दे सकते हैं |

उज्जवला योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:-

  • सबसे पहले https://www.pmuy.gov.in/ujjwala2.html वेबसाइट ओपन करें |
  • यहां आपको 3 अलग-अलग गैस कंपनी का ऑप्शन दिखेगा – Indane, HP और Bharat गैस | अपनी सहूलियत के हिसाब से आपके घर के नजदीक जिस कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर हो उसके सामने Apply पर क्लिक करें |
  • क्लिक करने के बाद आप एक कंपनी की वेबसाइट पर रिडायरेक्ट कर दिए जाएंगे | यहां अपने डॉक्युमेंट के आधार पर पूरी डिटेल एंटर करें |

ऑनलाइन आवेदन पूरा होने के बाद डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन भी होगा | आपने जो भी डॉक्युमेंट अपलोड किए हैं वो कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के पास ले जाएं | ध्यान रखें, सभी डॉक्युमेंट्स ओरिजिनल होना चाहिए | ओरिजिनल डॉक्युमेंट के बिना वेरिफिकेशन नहीं होगा |

उज्जवला योजना के तहत कहाँ कितने कनेक्शन:-

  • उत्तरप्रदेश – 14728593
  • मध्यप्रदेश – 7143500
  • राजस्थान – 63584272
  • छत्तीसगढ़ – 2988243
  • महाराष्ट्र – 4418563
  • झारखण्ड – 3258264
  • दिल्ली – 76138
  • हरियाणा – 725690
  • बिहार – 8523347
  • पंजाब – 1219518
  • गुजरात -2898837

PM Krishi Udan Yojana 2.0: किसानों के उत्पादों के परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

PM Krishi Udan Yojana 2.0:-

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA), केंद्र सरकार ने 27 अक्टूबर 2021 को कृषि उड़ान योजना 2.0 (PM Krishi Udan Yojana 2.0) शुरू की है | नई कृषि उड़ान 2.0 योजना पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और आदिवासी क्षेत्रों से खराब होने वाले खाद्य उत्पादों के परिवहन पर ध्यान केंद्रित करेगी | इसके तहत कृषि उत्पादों के परिवहन में किसानों की सहायता के लिए उत्तर-पूर्व, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों के हवाई अड्डों में कार्गो से संबंधित इंफ्रास्ट्रकचर का निर्माण किया जाएगा | इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है | किसानों की आय दोगुनी करने का मतलब न केवल उपज के लिए बाजार में मूल्य बढ़ाना है, बल्कि इसका मतलब किसानों के लिए एक आदर्श बदलाव भी है |

PM Krishi Udan Yojana 2.0 क्या है:-

भारत सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसा करने के लिए आमूल-चूल बदलाव की जरूरत है | किसानों की आय दोगुनी करने का मतलब न केवल उपज के लिए बाजार में मूल्य बढ़ाना है, बल्कि इसका मतलब किसानों के लिए एक आदर्श बदलाव भी है | कृषि उड़ान योजना 2.0 के तहत, MoCA घरेलू एयरलाइनों के लिए निम्नलिखित शुल्कों में पूर्ण छूट प्रदान करेगा: –

  • Landing
  • Parking
  • Terminal Navigation
  • Route Navigation Facilities

Airports Covered under Krishi Udaan 2.0:-

नागरिक उड्डयन मंत्रालय लेह, श्रीनगर, नागपुर, नासिक, रांची बागडोगरा, रायपुर और गुवाहाटी में टर्मिनल स्थापित करेगा | इसने कृषि उड़ान 2.0 योजना के तहत कवर किए जाने वाले 53 हवाई अड्डों का चयन किया है, जो प्रमुख रूप से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा संचालित किया जाएगा |

इसके साथ ही कृषि उड़ान 2.0 योजना के तहत आठ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग भी शुरू किए जाएंगे | बेबी कॉर्न उत्पादों के परिवहन के लिए अमृतसर-दुबई मार्ग, लीची के शेष भारत के परिवहन के लिए दरभंगा और शेष भारत में जैविक उत्पादों के परिवहन के लिए सिक्किम शामिल हैं |

इस कृषि योजना में 8 मंत्रालय संयुक्त रुप से काम करेंगे | हर एक मंत्रालय का एक अलग योगदान होगा | ताकि किसान को ज्यादा आमदनी मिले और शीघ्र गति से वो अपना उत्पादन बाजारों में पहुंचा पाए | हमने बेबीकार्न के लिए अमृतसर-दुबई, लीची के लिए दरभंगा-आल इंडिया, आर्गेनिक प्रोड्यूस के लिए सिक्किम-आल इंडिया, सीफूड के लिए चेन्नई-विजाग-कोलकाता से सुदूर पूर्व, अनानास के लिए अगरतला-दिल्ली-दुबई, डिब्रूगढ़-दिल्ली-दुबई को मंदारिन आरेंज और दालों और फलों के लिए गुवाहाटी-हांगकाग की पहचान की है |

मंत्रालय ने राज्यों से कृषि उड़ान 2.0 योजना के तहत विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर बिक्री कर को घटाकर 1 प्रतिशत करने को कहा है | एएआई के साथ मंत्रालय 2021-22 में अगरतला, श्रीनगर, डिब्रूगढ़, दीमापुर, हुबली, इंफाल, जोरहाट, लीलाबारी, लखनऊ, सिलचर, तेजपुर, तिरुपति और तूतीकोरिन में हब एंड स्पोक मॉडल स्थापित करेगा |

2022-23 में, वे अहमदाबाद, भावनगर, झारसुगुडा, कोझीकोड, मैसूर, पुडुचेरी, राजकोट और विजयवाड़ा, आगरा, दरभंगा, गया, ग्वालियर, पाकयोंग, में खराब होने वाले उत्पादों के परिवहन के लिए एक हब और स्पोक मॉडल विकसित करेंगे | पंतनगर, शिलांग, शिमला, उदयपुर और वडोदरा और 2024-25 में होलांगी और सेलम को कवर किया जाएगा |

प्रधान मंत्री कृषि उड़ान योजना 2021 का मुख्य उदेश्य :-

  • किसानो के लिए कृषि ही एकमात्र आय का साधन होता है | जिसके लिए बहुत बार उन्हें कर्ज भी लेना पड़ता है | इससे बचने हेतु योजना लाई गई है |
  • ऐसे में अगर किसी कारण वश उनका उत्पादन ख़राब हो जाए | तो वह समय उनके लिए बहुत ही मुश्किल होता है | उन्हें ऐसे हालत का सामना न करना पड़े इसलिए इस योजना का आरम्भ किया जा रहा है |
  • योजना की वजह से किसानो की आय दोगुना हो जाएगी |
  • किसान भाइयों के जीवन स्तर को सुधारा जाएगा |
  • फसल को समय से उनकी मंडी तक पहुंचाया जाएगा |
  • फसल समय से पहुंचने से किसानो को उसके उचित दाम मिल सकेंगे |
  • किसानो की फसल को देश हे नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंचाया जाएगा |

कृषि उड़ान योजना की पात्रता:-

  • सर्वप्रथम आवेदक भारत निवासी होना चाहिए |
  • आवेदक का किसान होना अनिवार्य है |
  • आप केवल ऐसी फसलों के लिए सहायता ले सकतें हैं | जो जल्दी ख़राब होती हैं |
  • वहीँ आवेदक की आय का मुख्य स्त्रोत केवल कृषि होना चाहिए |

Haryana KG to PG Scheme 2022: हरियाणा सरकार ने मुफ्त शिक्षा की घोषणा की

Haryana KG to PG Scheme 2022:-

हरियाणा सरकार द्वारा Haryana KG to PG Scheme 2022 या मुफ्त शिक्षा योजना राज्य सरकार द्वारा घोषित की गई है | सीएम मनोहर लाल खट्टर के अनुसार, हरियाणा सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कम आय वाले परिवार के किसी भी प्रतिभाशाली छात्र को उसकी आकांक्षाओं को पूरा करने के अवसर से वंचित न किया जाए | इस योजना में, राज्य सरकार 1.8 लाख रुपये से कम की पारिवारिक आय वाले छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगी |

हरियाणा केजी से पीजी योजना के तहत, राज्य सरकार उन छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगी, जिनकी पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है | हरियाणा मुफ्त शिक्षा योजना का लाभ उठाने के लिए, आवेदक के परिवार के पास परिवार पहचान पत्र या परिवार आईडी होना चाहिए |

योजना का नामहरियाणा केजी से पीजी योजना
हिंदी मेंहरियाणा मुफ्त शिक्षा योजना
द्वारा घोषितसीएम मनोहर लाल खट्टर
घोषणा की तिथि22 अक्टूबर 2021
उद्देश्यजिन छात्रों के परिवार की आय < 1.8 लाख रुपये
आधिकारिक वेबसाइटNA

Haryana KG to PG योजना की घोषणा:-

मुख्यमंत्री ने हरियाणा के सुपर 100 कार्यक्रम के एक भाग के रूप में 2020 में सिविल सेवा परीक्षा और 2021 में जेईई एडवांस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के साथ बातचीत करते हुए Haryana KG to PG Scheme की घोषणा की है | सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि “नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार किंडरगार्टन से स्नातकोत्तर स्तर तक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य में संस्थानों की स्थापना की जा रही है | अगर आप में हुनर ​​है तो आपको आपके सपने पूरे करने से कोई नहीं रोक सकता…चाहे आप किसी गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हों | मुझे उम्मीद है कि आप जिस भी क्षेत्र को चुनेंगे उसमें आप सभी हरियाणा को गौरवान्वित करेंगे |”

मुख्यमंत्री ने जेईई एडवांस परीक्षा पास करने वाले कम आय वाले परिवारों के 29 बच्चों की प्रशंसा की | सीएम ने कहा, “आप में से प्रत्येक को यह याद रखना चाहिए कि आपने समाज की सेवा के लिए करियर विकल्प के रूप में सिविल सेवा को चुनने का फैसला किया है क्योंकि आपकी सेवा अवधि के दौरान आपको विविध क्षेत्रों में काम करने के असंख्य अवसर मिलेंगे | इसलिए, मुझे उम्मीद है कि आप में से प्रत्येक हरियाणा को गौरवान्वित करने के लिए उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा |

Phase 1 of Haryana Free Education Scheme 2022:-

हरियाणा मुफ्त शिक्षा योजना चरण 1 में, सरकार 4 विश्वविद्यालयों में केजी से पीजी तक शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था करेगी | कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने इस शैक्षणिक सत्र यानी 2021-22 से केजी से पीजी योजना के तहत दिए जाने वाले प्रवेश की तैयारी शुरू कर दी है | सीएम खट्टर ने कहा कि “वर्तमान में, सरकार के लगभग हर विंग में मानव इंटरफेस को बदलने के लिए डिजिटल सुधार लाए गए हैं | ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण नीति इसका सबसे बड़ा उदाहरण है क्योंकि इस प्रणाली के तहत 90% से अधिक शिक्षक संतुष्ट हैं | इसी तरह, सिस्टम को पेपरलेस, फेसलेस और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न ऑनलाइन सुधार लाए जा रहे हैं |

सीएम ने यहां तक ​​कहा कि “पिछले सात वर्षों में, हम क्रांतिकारी सुधार लाने के लिए विभिन्न कार्य कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि सरकारी कल्याण लाभ पिरामिड के निचले हिस्से तक पहुंचें … मैं अब संतुष्ट और अभिभूत हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी मेहनत को पहचाना है |”

Hanuman Jayanti 2022: Wishes, Greetings, SMS, Quotes to send on WhatsApp, Facebook

Hanuman Jayanti 2022:-

Hanuman Jayanti 2022- इस साल हनुमान जयंती अप्रैल को मनाई जाएगी | भगवान हनुमान को भगवान राम के सबसे बड़े भक्तों में से एक माना जाता है और उनके जन्मदिन को हनुमान जयंती के रूप में जाना जाता है | यह त्योहार उनके भक्तों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है |

हनुमान जयंती का महत्व:-

भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान हनुमान का जन्म वानरराज केसरी- जो बंदरों के राजा हैं की पत्नी अंजना से हुआ माना जाता है जब उन्हें मुनि विश्वामित्र ने उन्हें परेशान करने के लिए श्राप दिया था |

यह भी माना जाता है कि अंजना ने श्राप से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव की पूजा की थी | कुछ लोग यह भी कहते हैं कि उसने पूजा की थी और उन्हें अपने गर्भ में बच्चे का हिस्सा बनने का आग्रह किया था | और इसीलिए, यह कहा जाता है कि हनुमान भगवान शिव के अवतार हैं |

यह भी माना जाता है कि राजा दशरथ ने संतान प्राप्ति के लिए पुत्रकामेष्टि यज्ञ अनुष्ठान किया था | अनुष्ठान करने के बाद उन्हें पवित्र प्रसाद प्राप्त हुआ था | लेकिन एक पतंग ने इसका टुकड़ा पकड़ लिया और इस तरह पवन देव (पवन के देवता) ने हनुमान को अंजना को सौंप दिया और इस तरह हनुमान का जन्म हुआ | इस प्रकार, हनुमान को पवनपुत्र हनुमान के नाम से भी जाना जाता है |

Hanuman Jayanti 2022 Wishes in Hindi

निराश मन में आशा तुम जागते हो
राम जी के नाम को सबको सुनाते हो
पर्वत जैसी निश्चलता है अंदर तुम्हारे
नर्म धूप की कोमलता है अंदर तुम्हारे
हनुमान जन्म दिवस की शुभकामना।

करो कृपा मुझ पर ऐ हनुमान
जीवन-भर करूं मैं तुम्हे प्रणाम
जग में सब तेरे ही गुण गाते हैं
हरदम चरणों में तेरे शीश नवाते हैं
हनुमान जयंती की शुभकामनाएं

करूं मैं विनती तुमसे बारम्बार
कर दो प्रभु मेरा तुम बेडा पार
महिमा तुम्हारी सब भक्त हैं गाते
नंगे पग तेरे दर पर सब आते
हनुमान जयंती की हार्दिक बधाई

Hanuman Jayanti 2022 hindi wish

 हनुमान है नाम महान,
हनुमान करे बेड़ा पार,
जो जपता है नाम हनुमान,
होते सब दिन उसके एक समान
हनुमान जयंती की शुभकामनाएं

हनुमान तुम बिन राम हैं अधूरे
करते तुम भक्तों के सपने पूरे
माँ अंजनी के तुम हो राजदुलारे
राम-सीता को लगते सबसे प्यारे
हैप्पी हनुमान जयंती

भीड़ पड़ी तेरे भक्तों पर बजरंगी
सुन लो अर्ज़ अब तो दाता मेरी
हे महावीर अब तो दर्शन दे दो
पूरी कर दो तुम कामना मेरी
हैप्पी हनुमान जयंती

shri hanuman jayanti hindi images

करो कृपा मुझ पर है हनुमान
जीवन-भर करूँ मैं तुम्हे प्रणाम
जग में सब तेरे ही गुण गाते हैं
हरदम चरणों में तेरे शीश नवाते हैं
हैप्पी हनुमान जयंती

भूत पिशाच निकट नहीं आवे
महावीर जब नाम सुनावे
नासाये रोग हरे सब पीरा
जपत निरंतर हनुमत वीरा
हनुमान जन्मोत्सव की बधाई।

Hanuman Jayanti 2022 hindi status

बजरंगी तेरी पूजा से हर काम होता है
दर पर तेरे आते ही दूर अज्ञान होता है
राम जी के चरणों में ध्यान होता है
इनके दर्शन से बिगड़ा हर काम होता है
हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें

सब सुख लहै तुम्हारी सरना
तुम रक्षक काहू को डरना
हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

Hanuman Jayanti 2022

अंजनी के लाल मैं पानी,
तुम हो चन्दन,हे महाबीर तुमको
कहते दुःख-भंजन,इस जग के नर-नारी
सब शीश झुकाते हैं,नाम बड़ा है तेरा सब
गुण तेरे गाते हैंहनुमान जयंती की हार्दिक बधाई

बजरंगी तेरी पूजा से हर काम होता है,
दर पर तेरे आते ही दूर अज्ञान होता है,
रामजी के चरणों में ध्यान होता है,
आपके दर्शन से बिगड़ा हर काम होता है।
हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

मेरे तन मन में राम हैं,
मेरे रोम-रोम में राम हैं,
मेरे मन में भी
राम का ही नाम हैं.
आपको हनुमान जन्मोत्सव की
हार्दिक शुभ कामनाए एवम् बधाईया।

बजरंगी तेरी पूजा से हर काम होता है,
दर पर तेरे आते ही दूर अज्ञान होता है,
रामजी के चरणों में ध्यान होता है,
आपके दर्शन से बिगड़ा हर काम होता है।
हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

करो कृपा मुझ पर ऐ हनुमान
जीवन-भर करूं मैं तुम्हे प्रणाम
जग में सब तेरे ही गुण गाते हैं
हरदम चरणों में तेरे शीश नवाते हैं
हनुमान जयंती की शुभकामनाएं

करो कृपा मुझ पर हे हनुमान,
जीवन-भर करूं मैं तुम्हे प्रणाम,
जग में सब तेरे ही गुण गाते हैं,
हरदम चरणों में तेरे शीश नवाते हैं।।
हनुमान जयंती की शुभकामनाएं

आया जन्म दिवस राम भक्त हनुमान का,
अंजनी के लाल का, पवन पुत्र हनुमान का।
लगाओ सब मिलकर जयकारा हनुमान का,
सबको शुभ हो जन्मदिवस भगवान का।
Happy Hanuman Jayanti

jai hanuman ji status hindi

करो कृपा मुझ पर हे हनुमान,
जीवन-भर करूं मैं तुम्हे प्रणाम,
जग में सब तेरे ही गुण गाते हैं
हरदम चरणों में तेरे शीश नवाते हैं।
हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

बजरंगी तेरी पूजा से हर काम होता है
दर पर तेरे आते ही दूर अज्ञान होता है
राम जी के चरणों में ध्यान होता है
इनके दर्शन से बिगड़ा हर काम होता है
Happy Hanuman Jayanti

Hanuman Jayanti 2022 Wishes English:-

May Lord Hanuman bless you with all you need and desire. Happy Hanuman Jayanti.

Sending warm wishes to you and your family. May you always be happy. Happy Hanuman Jayanti.

May we always be kind to one another on this auspicious Hanuman Jayanti and on the days to come. Happy Hanuman Jayanti!

Happy Hanuman Jayanti! Wish you the very best in all your future endeavors.

May Lord Hanuman bless you with the strength to take on whatever hand life deals you. Happy Hanuman Jayanti!

Let us hope that everyone feels peaceful and full of joy on this special occasion. Happy Hanuman Jayanti!

May we all be inspired by the teachings of Lord Mahavir to do good things for others and for ourselves. Happy Hanuman Jayanti.

Happy Hanuman Jayanti! May all your prayers be answered by Lord Hanuman.

Wishing you and your family a blessed day! May Lord Hanuman always be with you and may he guide you by showing you the light even when it feels like there is only darkness.

May Lord Hanuman – “The One who Grows” inspire you to grow each day into a better version of yourself. Happy Hanuman Jayanti!