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वर्ष 2022 में इन अरबपतियों की नेटवर्थ में कमी आई है और इनकी नेटवर्थ में हुई है बढ़ोत्तरी

भारत के अरबपति:-

भारत के अरबपति– भारत में जिस तहर डिजिटल मुहिम तेजी पकड़ रही है, धनाढ्यों की इनकम भी बढ़ रही है | भारत में 30 मिलियन डालर (लगभग 226 करोड़ रुपये) या उससे अधिक की शुद्ध संपत्ति वाले अल्ट्रा-हाई-नेटवर्थ वालों (ultra high networth individuals) की संख्या में पिछले साल 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है |

इसकी वजह इक्विटी बाजारों में तेजी और डिजिटल क्रांति रहे हैं | नाइट फ्रेंक के अनुसार भारत 2021 में विश्व स्तर पर अरबपतियों की आबादी में तीसरे स्थान पर है | अमेरिका 748 अरबपति के साथ नंबर एक पर है, इसके बाद 554 अरबपति के साथ चीनी और 145 अरबपति के साथ भारत का नंबर है |

द वेल्थ रिपोर्ट 2022 के अपने नवीनतम संस्करण में प्रॉपर्टी एडवाइजर नाइट फ्रैंक ने कहा कि पूरी दुनिया में अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (UHNWI) की संख्या 2021 में 9.3 प्रतिशत बढ़कर 6,10,569 हो गई, जो पिछले साल 5,58,828 थी |

नाइट फ्रैंक ने एक बयान में कहा कि भारत में UHNWI (30 मिलियन डालर या उससे अधिक के साथ नेट एसेट) की संख्या में 2021 में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो APAC में सबसे ज्‍यादा है। भारत में UHNWI की संख्या 2021 में बढ़कर 13,637 हो गई, जो पिछले वर्ष 12,287 थी |

प्रमुख भारतीय शहरों में बेंगलुरु में UHNWI की संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है | यहां यह 17.1 प्रतिशत बढ़कर 352 हो गई, इसके बाद दिल्ली (12.4 प्रतिशत, 210) और मुंबई (9 प्रतिशत, 1,596) का स्थान रहा |

‘नाइट फ्रैंक ने 2026 तक UHNWI की संख्या 2021 के 13,637 से 39 प्रतिशत बढ़कर 19,006 होने का अनुमान जताया है | 2016 में UHNWI की संख्या 7,401 थी |

नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि इक्विटी बाजार और डिजिटल नीति अपनाने से ज्‍यादातर अरबपति बने हैं | सेल्‍फ मेड अरबपति की संख्‍या में वृद्धि भारत में अविश्वसनीय रही है |

नेटवर्थ में कमी वाले टॉप-5 भारत के अरबपति:-

  • अजीम प्रेमजी (Azim Premji): अजीम हाशिम प्रेमजी जो विप्रो लिमिटेड के अध्यक्ष है | 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक अजीम प्रेमजी
  • (Azim Premji) की नेटवर्थ में 1,00,931 करोड की कमी आई है |
  • शिव नाडर (Shiv Nadar): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक शिव नाडर (Shiv Nadar) की नेटवर्थ में 58,152 करोड की कमी आई है |
  • राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani) की नेटवर्थ में 48,447 करोड की कमी आई है |
  • कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla) की नेटवर्थ में 17,934 करोड की कमी आई है |
  • साइरस पूनावाला (Cyrus S. Poonawalla): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक साइरस पूनावाला (Cyrus S. Poonawalla) की नेटवर्थ में 15,294 करोड की कमी आई है |

नेटवर्थ में बढ़ोत्तरी वाले भारत के अरबपति:-

  • गौतम अडाणी (Gautam Adani): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक गौतम अडाणी (Gautam Adani) की नेटवर्थ में 1,96,468 करोड की बढ़ोत्तरी हुई है | वह अदानी समूह के अध्यक्ष और संस्थापक हैं |
  • मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की नेटवर्थ में 30,278 करोड की बढ़ोत्तरी हुई है|
  • दिलीप सांघवी (Dilip Shanghvi): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक दिलीप सांघवी (Dilip Shanghvi) की नेटवर्थ में 3,027 करोड की बढ़ोत्तरी हुई है |
  • उदय कोटक (Uday Kotak): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक उदय कोटक (Uday Kotak) की नेटवर्थ में 3,027 करोड की बढ़ोत्तरी हुई है |
  • विक्रम लाल (Vikram Lal): 1 जनवरी 2022 से 30 मई 2022 तक विक्रम लाल (Vikram Lal) की नेटवर्थ में 310 करोड की बढ़ोत्तरी हुई है |

FAQs:-

वर्ष 2022 में किस भारतीय अरबपति की नेटवर्थ में सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है

गौतम अडाणी (Gautam Adani)

वर्ष 2022 में किस भारतीय अरबपति की नेटवर्थ में सबसे ज्यादा कमी आई है

अजीम प्रेमजी (Azim Premji)

Airtel का मालिक कौन है ? Who is the owner of Airtel

हेलो दोस्तों , एयरटेल एक ऐसा नाम है जो भारत को दुनिया भर  के लाखों लोगों के साथ भारत के लाखों लोगों से जोड़ता है । आज, यह टेलीकॉम दिग्गज दुनिया के सबसे भरोसेमंद दूरसंचार ब्रांडों में से एक है। दिल्ली शहर तक सीमित एक क्षेत्रीय ऑपरेटर से एशिया प्रशांत क्षेत्र में दूसरे सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर तक कंपनी की मामूली यात्रा प्रेरणादायक से कम नहीं है। चलिए आपको एयरटेल का इतिहास बताते हैं।

एयरटेल का मालिक –

दोस्तों इस कंपनी  के मालिक सुनील मित्तल है, जिन्होंने अपनी कंपनी के लिए लैंडलाइन फोन असेंबल करने से लेकर भारत में एक सेल्युलर नेटवर्क के अपने पुस्चेज़ तक कड़ी मेहनत की है जब यह सिर्फ एक नई अवधारणा थी, इसे एक अवधि के भीतर एक घरेलू नाम बनाने के लिए काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा है।

एयरटेल का इतिहास

दोस्तों 1986 में भारतीय दूरसंचार उद्योग में विनम्र शुरुआत से; एयरटेल की जड़ें भारती टेलीकॉम लिमिटेड में हैं। 1986 में सुनील भारती मित्तल द्वारा स्थापित , कंपनी पुश बटन टेलीफोन की पेशकश करने वाली भारत में पहली थी, जब देश के बाकी हिस्सों में अभी भी रोटरी फोन का उपयोग किया जा रहा था। आपको बता दें की उनकी पहली साझेदारी जर्मनी के सीमेंस एजी के साथ थी, और उन्होंने ताइवान से आयात करने के बजाय भारत में पुश-बटन लैंडलाइन बनाना शुरू कर दिया, जैसा कि पहले हुआ करता था।

इसके बाद कंपनी ने भारतीय बाजार में विभिन्न दूरसंचार तकनीकों को लॉन्च किया और इसके दिल में नवाचार था। दिल्ली में एक सेलुलर नेटवर्क बनाने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए, भारती टेलीकॉम लिमिटेड ने वर्ष 1992 में कंपनी के मोबाइल संचालन के लिए जमीनी कार्य किया।

 इसने दिल्ली में वर्ष 1995 में भारती टेली-वेंचर्स के रूप में परिचालन शुरू किया। सेवा को विभिन्न अधिग्रहणों और साझेदारियों द्वारा विभिन्न अन्य राज्यों में विस्तारित किया गया था।

एयरटेल कंपनी प्रोफाइल-

दोस्तों कंपनी कुछ अद्भुत रणनीतिक योजना से गुजरी है लक्ष्य हमेशा जीवन से बड़ा था। सुनील भारती मित्तल ने 2003 में एयरटेल नाम के एक ही ब्रांड के तहत अपने सभी मोबाइल टेलीकॉम उपक्रमों को रीब्रांड किया।

कंपनी लगातार कड़ी मेहनत और रोज़मर्रा के नवाचार के साथ भारत की सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर बन गई है।दोस्तों एयरटेल ने हमेशा प्रतिस्पर्धा से एक कदम आगे रहने के लिए विभिन्न अत्याधुनिक रणनीतियों को अपनाया था। अपने शुरुआती वर्षों में क्षेत्रीय ऑपरेटरों को प्राप्त करने से लेकर, विभिन्न निगमों को आउटसोर्सिंग गतिविधियों के लिए एक छतरी के नीचे पूरे संचालन को रीब्रांड करने से, एयरटेल हमेशा उद्योग में मानक स्थापित करता है।

वे एकमात्र ऐसी कंपनी हैं जिनके पास विपणन, बिक्री और वित्त को छोड़कर अपने संचालन का हर हिस्सा है और कम लागत और उच्च मात्रा के ‘मिनट फैक्ट्री’ मॉडल का निर्माण, आउटसोर्स किया गया है। उनका उपकरण भागीदार एरिक्सन है , और नोकिया और आईटी समर्थन आईबीएम द्वारा प्रदान किया जाता है । एयरटेल ने कम लागत और उच्च मात्रा में उत्पादन के उद्देश्य से एक स्मार्ट “मिनट फैक्ट्री” मॉडल बनाया।

दैनिक कार्यों की आउटसोर्सिंग और वित्त, बिक्री, विपणन और प्रबंधन जैसे मुख्य कार्यों को बनाए रखते हुए, ब्रांड ने स्थायी व्यवसाय मॉडल का निर्माण किया जिसने कंपनी के लिए समय के साथ अद्भुत काम किया। कंपनी के सीईओ अभी गोपाल विट्टल हैं, और अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुनील मित्तल हैं, जो स्वयं इस कंपनी के मालिक हैं।

एयरटेल नेटवर्क कहाँ -कहाँ हैं

दोस्तों एयरटेल भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफ्रीकी महाद्वीप के कुछ देशों और चैनल द्वीप समूह में परिचालन करती है।

वे सब्सक्राइबर्स के मामले में दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर नेटवर्क में से एक हैं, और आपको बता दें की 20 से अधिक देशों में इसकी व्यावसायिक उपस्थिति है।

एयरटेल की मार्केटिंग स्ट्रेटेजीज –

दोस्तों 2004 में, एयरटेल शानदार विचारों के साथ बैलिस्टिक हो गया। विश्व प्रसिद्ध संगीतकार एआर रहमान के सहयोग से उनका थीम गीत सामने आया जो ग्राहकों के बीच एक त्वरित हिट था। इस धुन ने एयरटेल के इतिहास में एक अनोखी जगह बनाई। वैश्विक पहचान स्थापित करने के लिए कंपनी ने 2010 में एक नए लोगो और एक नए थीम गीत के साथ खुद को रीब्रांड किया। आपको बता दें की आज, कंपनी 2जी, 3जी और 4जी और ५जी जैसे वायरलेस सेवाओं, हाई स्पीड इंटरनेट, फिक्स्ड लाइन टेलीफोनी और डीटीएच सेवाओं जैसे विभिन्न उत्पादों की पेशकश करती है।

19 वर्षों की अवधि में, कंपनी भारत के एक शहर में मोबाइल टेलीफोनी सेवाओं की पेशकश से 20 से अधिक देशों में अपने परिचालन का विस्तार करने के लिए चली गई। दोस्तों 250 मिलियन से अधिक ग्राहकों के आधार के साथ दुनिया में चौथा सबसे बड़ा मोबाइल ऑपरेटर होने के नाते , एयरटेल की सफलता की कहानी हमेशा उन लोगों को प्रेरित करेगी जो सपने देखने की हिम्मत करते हैं।

आशा करता हूँ आपको यह आर्टिकल से कुछ न कुछ सीखने को जरूर मिला होगा अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स पर पूछ सकते हैं।

Soil Health Card 2022 : मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2022, 75 लाख किसानों को वितरित किए जाएंगे सॉयल हेल्थ कार्ड

Soil Health Card: सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम को भारत सरकार द्वारा वर्ष  2015 में देश के किसानो को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गयी है | इस योजना के अंतर्गत देश के किसानो की जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन करके एक अच्छी फ़सल प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी |

इस Soil Health Card Scheme के तहत किसानों को एक हेल्थ कार्ड दिया जायेगा, जिसमें किसानों के जमीन की मिट्टी किस प्रकार की है इसकी जानकारी (Farmers will be informed about the soil type of the land) दी जाएगी और किसान अपनी जमीन की मिटटी की गुणवत्ता के आधार पर अच्छी फसल की खेती कर सके |

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना 2022 :

केंद्र सरकार Soil Health Card प्रत्येक 3 साल में किसानों को प्रदान किया जाएगा। कार्ड किसानों को उनके खेतों की गुणवत्ता के अनुरूप प्रदान किया जाएगा जो कि 3 साल के लिए 1 बार होगा।

इस स्कीम के अनुसार सरकार का 3 साल के अंदर ही पूरे भारत में लगभग 14 करोड़ किसानों को यह कार्ड जारी (The objective is to issue this card to about 14 crore farmers in India.) करने का उद्देश्य है |

इस मृदा हेल्थ कार्ड में खेतों के लिए  पोषण/ उर्वरकों के बारे में बताया जाएगा | सॉइल हेल्थ कार्ड एक रिपोर्ट कार्ड है जिसमे मिट्टी के गुण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी |

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना हाइलाइट्स:

योजना का नामसॉइल हेल्थ कार्ड योजना
इनके द्वारा शुरू की गयीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी
कब शुरू की गयीवर्ष 2015 में
उद्देश्यदेश के किसानो को लाभ पहुँचाना
विभागकृषि और किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार
ऑफिसियल वेबसाइटhttps://soilhealth.dac.gov.in/

जानें, क्या है सॉयल हेल्थ कार्ड योजना और इससे किसानों को लाभ :

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 75 लाख किसानों के खेत की मिट्टी की जांच का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नाम हर खेत- हर स्वस्थ खेत अभियान रखा गया है। इसके तहत राज्य के 140 ब्लॉक की कृषि योग्य भूमि की जांच की जाएगी।

इस अभियान में मिट्टी की जांच के बाद किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड प्रदान किए जाएंगे। इससे मिट्टी की गुणवत्ता का पता चलेगा और उसी आधार पर किसानों को खाद व उर्वरक डालने की सिफारिश की जाएगी। इससे बेहतर उत्पादन के साथ ही स्वस्थ उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह लक्ष्य 4 साल में पूरा कर लिया जाएगा। 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2022 का उद्देश्य:

इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानो को उनकी ज़मीन की अध्य्यन करके मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करना | जिससे किसान ज्यादा से ज्यादा खेती कर सके | किसानों को उनके खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य के अनुसार फसल लगाने  के लिए प्रोत्साहित करना है |

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2022  के ज़रिये मिट्टी की गुणवत्ता अनुसार फसल लगाने से फसल की उत्पादक क्षमता बढ़ेगी जिससे कि किसानों की आय भी बढ़ेगी और  खाद के उपयोग से मिट्टी के आधार और संतुलन को बढ़ावा देना है जिससे किसानों को कम कीमत में अधिक पैदावर मिल सके|

किसान विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे कार्ड :

मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस योजना के अंतर्गत अब किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड को विभाग की वेबसाइट से अपने फोन नंबर या मेरी फसल मेरा ब्यौरा का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर डाउनलोड कर सकेंगे।

इसके लिए हरियाणा कृषि विभाग की ओर से हर खेत-स्वास्थ खेत नाम से एक पोर्टल लांच किया गया है। इसी के साथ विभाग की ओर से मिट्टी का नमूना एकत्रित करने और उसका विशलेषण करने की पुस्तक का भी विमोचन किया गया है। 

मिट्टी के नमूनों का किया जाएगा रजिस्ट्रेशन :

कृषि विभाग द्वारा इस पोर्टल पर मिट्टी के लिए गए नमूनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के समय किसान के मोबाइल पर एक एसएमएस आएगा जिसके जरिये आपको पता चलेगा कि आपके खेत की मिट््टी के लिए गए नमूने को जांच के लिए किस प्रयोगशाला में भेजा गया है।

मिट्टी जांच रिपोर्ट के आने के बाद किसान वही खाद या उर्वरक डालेंगे जिसकी सिफारिश इस कार्ड में की जाएगी। इससे किसानों का अनावश्यक रूप से खाद व उर्वरक डालने का खर्च बच जाएगा जिससे खेती की लागत में कमी आएगी। 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दर्ज होने वाली जानकारियाँ :

मृदा स्वास्थ्य कार्ड में मिट्टी से संबंधित कई जानकारी दर्ज की जाएगी जो इस प्रकार से हैं-

  • मिट्टी की सेहत
  • खेत की उत्पादक क्षमता
  • पोषक तत्व की मौजूदगी एवं पोषक तत्व की कमी
  • मिट्टी में नमी की मात्रा 
  • अन्य उपस्थित पोषक तत्व
  • खेतों की गुणवत्ता सुधारने हेतु उचित दिशा-निर्देश।

सॉयल हेल्थ कार्ड बनवाने के लाभ :

सॉयल हेल्थ कार्ड बनवाने से किसानों को जो लाभ होंगे, वे इस प्रकार से हैं-

  • सॉयल हेल्थ कार्ड से किसानों को उनकी खेत की जमीन या मिट्टी की पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है । जिससे वह अपनी जमीन पर किसानी कर पैदावार को बढ़ा सकते हैं।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसान को यह भी बताया जाएगा कि उनकी जमीन के ऊपर किस प्रकार के खाद का प्रयोग किया जाएगा और इस खाद की मात्रा कितनी रखनी हैं।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों की जमीन का परीक्षण किया जाता है। इसके बाद खेत में मिट्टी के विषय में संपूर्ण जानकारी किसान को उपलब्ध कराई जाती है।
  • जो किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का लाभ लेता है और उसके तहत बताई गई प्रक्रिया का पालन करके खेती करता है तो उसे कम लागत पर बेहतर उत्पादन और स्वास्थ उत्पादन प्राप्त हो सकता है। 

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम 2022 कैसे काम करता है ?

  • सर्वप्रथम अधिकारी आपके खेत की मिट्टी के सेम्पल को इकठ्ठा करेंगे |
  • इसके बाद मिट्टी को परीक्षण के लिए लेबोरेटरी में भेजा जायेगा |
  • वहां विशेषज्ञ मिटटी की जाँच करते हैं और मिटटी के बारे में सभी जानकारियाँ प्राप्त करते हैं।
  • इसके बाद वे विभिन्न मिट्टी के सैंपल की ताकत और कमजोरी की सूची बनायेंगे.
  • यदि मिट्टी में कुछ कमी है तो उसके सुधार के लिए सुझाव देंगे और उसकी एक सूची बनायेंगे |
  • उसके बाद इस रिपोर्ट को एक-एक करके किसान के नाम के साथ ऑनलाइन अपलोड किया जाता है |
  • जिससे की किसान अपने मिटटी का रिपोर्ट जल्द से जल्द देख सके और उनके मोबाइल पर भी इसकी जानकारी दी जाती है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लिए कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन :

यदि कोई किसान सॉयल हेल्थ कार्ड प्राप्त चाहता है तो इसके लिए सबसे पहले उन्हें सॉयल हेल्थ कार्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर अपनी खेत की मिट्टी का सैंपल देना होगा। प्रयोगशाला में जांच के बाद किसानों सॉयल हेल्थ कार्ड प्रदान किया जाएगा। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसकी प्रक्रिया इस प्रकार से हैं- 

  • सबसे पहले आपको सॉयल हेल्थ कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://soilhealth.dac.gov.in/ पर जना होगा।
  • यहां होम पेज पर सॉयल हेल्थ कार्ड लॉगिन वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा और अपना राज्य का चयन करना होगा।
  • राज्य का चयन करते ही और कंटिन्यू करते ही आपके सामने एक नया पेज खुल कर आ जाएगा। 
  • यहां पर आपको कुछ ऑप्शन देखने को मिलेंगे जैसे-सॉयल हेल्थ कार्ड लॉगिन, रजिस्टर न्यू यूजर, फोरगेट पासवर्ड।
  • अब यहां आपको सॉयल हेल्थ कार्ड न्यू रजिस्ट्रेशन के लिए आपको रजिस्टर न्यू यूजर के ऑप्शन का चयन करना होगा।
  • जैसे ही आप सॉयल हेल्थ कार्ड रजिस्टर न्यू यूजर का चयन करेंगे आपके सामने एक पेज खुलकर आएगा
  • यहां पर आपका स्टेट यानि राज्य पर टिक करना होगा और अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म कंप्लीट करना होगा।
  • इस ऑप्शन के अंतर्गत आपको अपना लॉगिन नेम, पासवर्ड बनाना होगा और यूजर लॉगिन एकाउंट डिटेल-यूजर रोल में आपको क्या-क्या करवाना है व दिख जाएगा उसका चयन करना होगा। जैसे कि जनरेट सॉयल हेल्थ कार्ड, सैम्पल रजिस्ट्रेशन, फर्टिलाइजर रिकमेेंडशन, लैब चार्जेज इत्यादि का चयन करना होगा।
  • दिए गए कैप्चा कोड को डाल सबमिट करना होगा।
  • इस तरह आपका सॉयल हेल्थ कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी जो जाएगी।

सॉयल हेल्थ कार्ड कैसे डाउनलोड करे :

यदि आपका सॉयल हेल्थ कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन और मिट्टी जांच हो जाती है तो इसकी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। इस रिपोर्ट को आप ऑनलाइन डाउनलोड करके देख सकते हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड करने की प्रक्रिया इस प्रकार से है-

  • सबसे पहले इसके आधिकारिक वेबसाइट https://soilhealth.dac.gov.in/ पर जाना होगा।  
  • यहां होम पेज पर फार्मर कार्नर के अंतर्गत आपको प्रिंट यूअर सॉयल हेल्थ कार्ड का ऑप्शन दिखाई देगा।  
  • प्रिंट यूअर सॉयल हेल्थ कार्ड ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपके सामने नया पेेज खुल जाएगा।
  • जहां पर सबसे पहले आपको अपने राज्य का चयन करना होगा और फिर कंटीन्यू के बटन पर क्लिक करना होगा। 
  • अब आपको यहां पर अपना राज्य, संबंधित जिला, गांव के साथ किसान अपना नाम, गांव ग्रिड नंबर, मिट्टी का सैम्पल नंबर दर्ज करना होगा। बता दें कि आपको सैम्पल नंबर तब दिया जाता है जब आप मिट्टी की जांच के लिए सैम्पल देते हैं।
  • इन सभी जानकारी को भरने के बाद आपको सर्च के बटन पर क्लिक करना होगा । जैसे ही आप सर्च करेंगे आपके सामने सॉयल हेल्थ कार्ड आ जाएगा।
  • इस सॉयल हेल्थ कार्ड को डाउनलोड और प्रिंट करके आपने पास रख सकेंगे।

जानिए कौन है कानपुर हिंसा का मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी

हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi):-

पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में उत्तर प्रदेश में कानपुर के जाजमऊ में जुमे की नमाज के बाद दुकानें बंद कराने की कोशिश के दौरान दो समुदायों के लोगों के बीच हिंसा हो गई | पुलिस ने इस हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी समेत 29 लोगों को गिरफ्तार किया है | मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi) के तार पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से भी जुड़ने के अहम सबूत पुलिस को मिले हैं | पुलिस ने हाशमी के घर से PFI से जुड़े 4 और संगठनों के डाक्यूमेंट्स बरामद किए हैं |

हयात जफर हाशमी मौलाना मोहम्मद अली (एमएमए) जौहर फैंस एसोसिएशन का प्रमुख है | वह कानपुर में लंबे समय से मुस्लिम नेता के रूप में चर्चित रहा | विवादों से उसका पुराना नाता है | सीएए और एनआरसी के दौरान भी उसके कई धरना प्रदर्शनों में भाग लिया |

आखिर कौन है हयात जफर हाशमी : 

हयात जफर हाशमी कानपुर का मुस्लिम नेता है | वह मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन (MMA) का चीफ है | हाशमी ने CAA और NRC के दौरान यूपी के कई धरना-प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था | इसके अलावा जाजमऊ में मनाही के बावजूद जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने के मामले में भी जफर पर कई मुकदमे दर्ज कराए गए | हयात जफर हाशमी मुस्लिमों का सरपरस्त बनने की चाह में आए दिन किसी ना किसी इस्लामिक संगठनों के साथ काम करता रहा | मुस्लिमों का मसीहा बनने के लिए हाशमी अक्सर किसी न किसी मुस्लिम संगठन के साथ मिलकर काम करता है |

हयात जफर हाशमी ने पिछले दिनों आज़ान विवाद के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे को भी धमकी दी थी | हाशमी ने कहा था, ”पहले भी कई बार नापाक ताकतों ने साजिश रची थी, लेकिन नाकाम रहे | राज ठाकरे ने तीन मई तक का समय दिया है कि अगर तीन मई तक लाउडस्पीकर से आजान बंद नहीं हुई तो वह मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ तेज आवाज में करेगा | अगर वाकई वह अपने बाप की औलाद है तो ऐसा करके देखे |”

हयात जफर हाशमी का विवादों से गहरा नाता:- 

  • हयात जफर हाशमी पर आरोप है कि उसने अपनी मां और बहन को मकान खाली कराने के नाम कानपुर के कलेक्टोरेट ऑफिस में आत्मदाह के लिए उकसाया था | दोनों ने खुद को आग के हवाले कर दिया और बाद में उनकी मौत हो गई | 
  • 21 अक्टूबर, 2021 को जफर हाशमी ने मूलगंज से मेस्टन रोड, शिवाला बाजार, रामनारायण बाजार होते हुए फूलबाग तक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला था | इस जुलूस को लेकर उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था | 
  • हाशमी ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे को भी धमकी दी थी | दरअसल, राज ठाकरे ने कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान बंद नहीं हुई तो वो 3 मई को उनके सामने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पढ़ेंगे | इस पर हाशमी ने राज ठाकरे को धमकी दी थी |

पुलिस को मिले हाशमी के खिलाफ ये अहम सबूत :- 

पुलिस की टीमों ने शनिवार रात हयात जफर हाशमी के घर छापा मारा, जहां से कई दस्तावेज जब्त किए | हयात के घर और उसके मोबाइल की जांच करने पर AIIC, RIF, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) जैसे संगठनों से जुड़े डॉक्यूमेंट मिले हैं | ये सभी डॉक्यूमेंट फंडिंग से जुड़े हैं | इन चारों संस्थाओं की फंडिंग PFI करता है। पुलिस को शक है कि हयात जफर हाशमी भी PFI से जुड़ा हुआ था | इसके अलावा हिंसा के दौरान हाशमी की लोकेशन भी यतीमखाना चौराहे के पास मिली | वहीं दंगों में शामिल दूसरे साजिशकर्ताओं की लोकेशन भी यही थी |

FAQs:-

हयात जफर हाशमी कौन है?

हयात जफर हाशमी कानपुर का मुस्लिम नेता है | वह मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन (MMA) का चीफ है | साथ ही यह वर्तमान में हुई कानपुर हिंसा का मुख्य आरोपी हैं |

कानपुर हिंसा का मास्टरमाइंड कौन है?

हयात जफर हाशमी

Uttarakhand Board Result 2022- 10वीं-12वीं का रिजल्ट जारी यहां देखें परिणाम

Uttarakhand Board Result 2022:10वीं-12वीं

उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम 6 जून 2022 को शाम 4 बजे घोषित करेगा | उत्तराखंड बोर्ड ने 10वीं 12वीं कक्षा की परीक्षा मार्च/अप्रैल 2022 में आयोजित की थी |

कक्षा 10-12 की परीक्षा में बैठने वाले छात्र अपने परिणाम के इन्तजार में हैं | छात्र UBSE 2022, 10वीं 12वीं के परिणाम को आधिकारिक वेबसाइट ubse.uk.gov.in, uaresults.nic.in पर देख सकते हैं |

छात्र यूके बोर्ड का रिजल्ट SMS के जरिए भी चेक कर सकते हैं | इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के अंतर्गत हाईस्कूल में कुल 1,29,778 और इंटरमीडिएट में कुल 1,13,164 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी |

उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (यूबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2021-2022 के लिए हाई स्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की हैं | नामांकित छात्र परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 10-12 की परीक्षा में उपस्थित हुए |

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से राज्य में 1333 परीक्षा केंद्रों पर 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च, 2022 से 19 अप्रैल, 2022 के दौरान सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी |

यूबीएसई बोर्ड 6 जून 2022 को कक्षा 10 वीं और कक्षा 12 वीं के परिणाम घोषित करेगा | छात्र Login credential के माध्यम से यूके बोर्ड कक्षा 10 वीं 12 वीं का परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट से देख सकते हैं | आधिकारिक घोषणा के बाद, हम यहां यूके बोर्ड परिणाम 2022 कक्षा 10 वीं 12 वीं की जांच करने के लिए सीधा लिंक प्रदान करेंगे |

Department NameUttarakhand Board of School Education (UBSE)
Academic Session2021-2022
ExaminationUK Board Class 10th 12th Examination 2022
UBSE 10th 12th Exam Date28 March to 19 April 2022
UK Board Result Release Date6 June 2022 at 4 PM
Official Websiteubse.uk.gov.in
uaresults.nic.in

Uttarakhand Board Result 2022 Name Wise

उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूबीएसई) के अधिकारी सोमवार, 6 जून, 2022 को यूके बोर्ड 10वीं 12वीं का परिणाम घोषित करेंगे | जो छात्र मार्च – अप्रैल 2022 के महीने में कक्षा 10 वीं 12 वीं की परीक्षा में उपस्थित हुए |

वे छात्र अब रोल नंबर और कैप्चा कोड का उपयोग करके आधिकारिक वेबसाइट से कक्षा 10वीं और 12वीं (विज्ञान, वाणिज्य, कला स्ट्रीम) के लिए यूके बोर्ड परिणाम देख सकते हैं | छात्र यूके बोर्ड रिजल्ट नाम वार भी देख सकते हैं | छात्र परिणाम मार्कशीट की हार्ड कॉपी ले सकते हैं और विषयवार अंक, ग्रेड, व्यक्तिगत विवरण और अन्य महत्वपूर्ण विवरण जैसे विवरण देख सकते हैं |

छात्र अपना परिणाम एसएमएस के माध्यम से भी चेक कर सकेंगे | छात्र UK12 (कक्षा 12वीं के लिए) या UK10 (कक्षा 10वीं के लिए) और अपना रोल नंबर टाइप करें | इसे  56263 पर भेजें | आपका परिणाम आपके मोबाइल फोन पर आ जाएगा |

Previous Year Result Statistics:-

YearTotal Students Appeared Overall Pass % 
Class 10th  Previous Year Result Statistics  
20211,47,72599.09
20201,47,15576.91
20191,49,95076.43
Class 12th  Previous Year Result Statistics
2021 —99.56
20201,19,16480.26
20191,24,86780.13

कैसे चेक कर सकेंगे अपना परिणाम:- Uttarakhand Board Result 2022

  • छात्रों को यूबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट ubse.uk.gov.in, uaresults.nic.in पर जाना होगा |
  • होम पेज से साइडबार को चेक करें |
  • परिणाम पोर्टल खोलें और इसे खोलें |
  • हाई स्कूल (10 वीं) और इंटरमीडिएट (12 वीं) परिणाम लिंक खोलें |
  • रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें |
  • इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें |
  • यूके कक्षा 10 वीं या 12 वीं के परिणाम की मार्कशीट डाउनलोड करें |
  • परीक्षा के उद्देश्यों के लिए रिजल्ट मार्कशीट का प्रिंटआउट लें |

FAQs:-

यूके बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट 2022 कब जारी होगा?

यूबीएसई हाई स्कूल, इंटर के परिणाम 6 जून 2022 से उपलब्ध होंगे।

यूके बोर्ड इंटरमीडिएट और हाई स्कूल परिणाम 2022 लिंक की जांच कैसे करें?

यूके बोर्ड 10वीं 12वीं रिजल्ट 2022 को आप वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर चेक कर सकते हैं |

भारत की राजधानी क्या है? What is the capital of India?

भारत की राजधानी क्या है?

हेलो दोस्तों आज मै आपलोगों को भारत की राजधानी के बारे में बताने जारहा हूँ दोस्तों भारत, जिसे भारत गणराज्य भी कहा जाता है, दक्षिण एशिया में स्थित है। भारत 7 वां सबसे बड़ा देश है और दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है।

आधिकारिक भाषा हिंदी और अंग्रेजी है, लेकिन भारत के संविधान द्वारा निर्धारित कोई राष्ट्रीय भाषा नहीं है। हिंदी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है जिसके बाद पंजाबी और फिर उर्दू है।

हिंदू धर्म सबसे आम धर्म है जिसमें 82% आबादी धर्म का पालन करती है, 12.86% इस्लाम, 0.87% ईसाई धर्म, और केवल 0.11% बौद्ध धर्म। इंडो-आर्यन सबसे बड़ा जातीय समूह है जिसके बाद द्रविड़ और फिर मंगोलॉयड हैं।

भारत की राजधानी

दोस्तों भारत का राजधानी शहर या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) नई दिल्ली है। दिल्ली को दो भागों में बांटा गया है- पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली की स्थापना 1639 में हुई थी जबकि नई दिल्ली की स्थापना 15 दिसंबर, 1911 को हुई थी। नई दिल्ली भारत के उत्तर-मध्य भाग में स्थित है और दिल्ली शहर के दक्षिण में स्थित है।

दोस्तों प्रारंभ में, राजधानी शहर कोलकाता में था जब ब्रिटेन के किंग जॉर्ज पंचम ने 1911 में राजधानी को दिल्ली ले जाने का आदेश दिया था। नई दिल्ली का निर्माण 1912 में शुरू हुआ था, लेकिन नई राजधानी 1931 में समर्पित की गई थी।

आपको बता दें की यह दुनिया का पांचवा सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। दिल्ली भारत का सबसे बड़ा शहर है जिसका क्षेत्रफल 1484 वर्ग किलोमीटर है और नई दिल्ली 42.7 वर्ग किलोमीटर में फैला है

दिल्ली से पहले भारत की राजधानी क्या थी ?

दोस्तों दिल्ली से पहले भारत की राजधानी कलकत्ता थी। आपको बता दें की  राजधानी को नई दिल्ली में स्थानांतरित करने के कारणों को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है; ऐतिहासिक, राजनीतिक और भौगोलिक कारण। राजनीतिक कारणों से, दिल्ली कई राज्यों की राजधानी रही है जो भारतीय इतिहास में थे।

कलकत्ता में केंद्रित एक शक्तिशाली आंदोलन भी था जिसने अंग्रेजों का विरोध किया इसलिए राजधानी को स्थानांतरित कर दिया गया। दोस्तों भौगोलिक कारणों से 18वीं शताब्दी में ब्रिटेन ने कलकत्ता पर पहले ही अधिकार कर लिया था, लेकिन शेष भारत अभी भी उनकी पहुंच से बाहर था। इसलिए अंग्रेजों के लिए अपनी राजधानी को नई दिल्ली में स्थानांतरित करना स्वाभाविक था।

इसके अलावा, भारत के उत्तरी और मध्य भाग के कई क्षेत्र ब्रिटिश उपनिवेश थे। दोस्तों ऐतिहासिक कारणों से, लाल किला जो नई दिल्ली में स्थित है, अंग्रेजों के लिए एक अनुस्मारक है जब उन्होंने 1857 में मुगल शासक को हराया था। इसके अलावा, प्रिंस ऑफ वेल्स के स्वागत के लिए दिल्ली में दरबार आयोजित किया गया था; इसलिए अंग्रेजों ने दिल्ली को शाही विरासत से जोड़ा।

राजधानी के रूप में नई दिल्ली के सामने आने वाली समस्याएं-

दोस्तों नई दिल्ली को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य समस्याओं में से एक अधिक जनसंख्या है जो ग्रामीण-शहरी प्रवास के परिणामस्वरूप है। इसने उपलब्ध दुर्लभ संसाधनों पर भारी दबाव डाला है।

शहर में कई वाहनों के कारण भारी जाम लग गया। सड़क की धूल, शोरगुल वाले पड़ोसियों, कारखानों और वाहनों के कारण भारी प्रदूषण (वायु, शोर, पानी और मिट्टी) भी होता है।

उच्च जनसंख्या वृद्धि के कारण, शहर गंभीर शहरीकरण समस्याओं का सामना कर रहा है जैसे बिजली की कमी, सुरक्षा, आवास की समस्याएं, जिसके कारण मलिन बस्तियों, सार्वजनिक परिवहन और खराब अपशिष्ट निपटान का विकास हुआ है।

भारत के राजधानी का कितना क्षेत्रफल है?

दोस्तों आपको बता दें की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का क्षेत्रफल 1484 किलो मीटर स्क्वायर है। दिल्ली क्षेत्र की लम्बाई उत्तर से दक्षिण 51.9 km है जबकि पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई 48.48 km है।

दिल्ली के मुख्य पर्यटन स्थलों के क्या नाम हैं?

दोस्तों दिल्ली का मुख्य पर्यटन केंद्र – राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, केन्द्रीय सचिवालय, पुराना किला, सफदरजंग का मकबरा, जंतर मंतर, क़ुतुब मीनार, लौह स्तंभ, हुमायूँ का मकबरा, लाल किला, सफदरजंग का मकबरा, लोधी मकबरा, निज़ामुद्दीन ,पारलौकिक दरगाह, जामा मस्जिद, बिरला मंदिर, आद्या कात्यायिनी शक्तिपीठ, बंगला साहब गुरुद्वारा, बहाई मंदिर, इंडिया गेट, जंतर मंतर, मुगल उद्यान, गार्डन ऑफ फाइव सेंसिस, तालकटोरा गार्डन, लोदी गार्डन, चिड़ियाघर, कमल मंदिर और नेशनल म्यूजियम आदि हैं।

भारत के 28 राज्यों के राजधानियों के नाम नीचे दिए गए हैं –

  1. अरुणाचल प्रदेश – इटानगर
  2. असम – दिसपुर
  3. उत्तर प्रदेश – लखनऊ
  4. उत्तराखण्ड – देहरादून
  5. ओड़िशा – भुवनेश्वर
  6. आंध्र प्रदेश – अमरावती / हैदराबाद
  7. कर्नाटक – बंगलोर
  8. केरल – तिरुवनंतपुरम
  9. गोआ – पणजी
  10. गुजरात – गांधीनगर
  11. छत्तीसगढ़ – रायपुर
  12. झारखंड – रांची
  13. तमिलनाडु – चेन्नई
  14. तेलंगाना – हैदराबाद
  15. त्रिपुरा – अगरतला
  16. नागालैंड – कोहिमा
  17. पश्चिम बंगाल – कोलकाता
  18. पंजाब – चंडीगढ़
  19. बिहार – पटना
  20. मणिपुर – इम्फाल
  21. मध्य प्रदेश – भोपाल
  22. महाराष्ट्र – मुंबई
  23. मिज़ोरम – आइजोल
  24. मेघालय – शिलांग
  25. राजस्थान – जयपुर
  26. सिक्किम – गंगटोक
  27. हरियाणा – चंडीगढ़
  28. हिमाचल प्रदेश – शिमला

भारत के केन्द्रशासित प्रदेशों के राजधानी के नाम –

  1. अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह – पोर्ट ब्लेयर
  2. जम्मू और कश्मीर – श्रीनगर/जम्मू
  3. लद्दाख – लेह
  4. चंडीगढ़ – चंडीगढ़
  5. दमन और दीव – दमन
  6. दादरा और नागर हवेली – सिलवासा
  7. पॉण्डिचेरी – पुडुचेरी
  8. लक्षद्वीप – कवरत्ती
  9. दिल्ली – नई दिल्ली

Byju’s का मालिक कौन है ? Who is the owner of Byju’s?

हेलो दोस्तों COVID-19 की शुरुआत के कारण ऑनलाइन सीखना 2022  में मुख्य आकर्षणों में से एक बन गया। सरकारों ने वायरस के प्रसार को सीमित करने के लिए स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था जिसके बाद , इसने शिक्षकों और छात्रों को अपने शिक्षण सत्र ऑनलाइन लेने के लिए मजबूर किया है।

दोस्तों Byju’s (थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के तहत संचालन) बैंगलोर, भारत में स्थित एक प्रौद्योगिकी कंपनी है। इसने एक ऑनलाइन शिक्षण मंच विकसित किया जिसमें कई स्नातक और स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम शामिल हैं।    

हम आपको बता दें की एक कंपनी जिसने आसान और अधिक उन्नत ऑनलाइन सीखने के अनुभवों के लिए एक मंच प्रदान किया है, वह भारत स्थित बायजू है जो दुनिया भर में 100 मिलियन से भी अधिक उपयोगकर्ताओं को पूरा करता है और इसका वैल्यूएशन  $ 20 बिलियन से भी अधिक है।

Byju’s का मालिक

बायजू की सफलता की कहानी –

दोस्तों इससे पहले कि कोरोनावायरस महामारी ने दुनिया भर के लाखों शिक्षार्थियों की शिक्षा को बाधित किया, वैश्विक शैक्षिक प्रौद्योगिकी उद्योग में पहले से ही महत्वपूर्ण विकास हुए थे। 2019 में ऑनलाइन शिक्षा में लगभग 18.6 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया था

 दोस्तों यह जानकार आपको हैरानी होगी की बायजू  की संख्या 2025 तक 350 बिलियन डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है। इन संख्याओं के साथ, ऑनलाइन सीखने के लिए अंततः भविष्य में पारंपरिक शिक्षण विधियों से आगे निकल जाना आश्चर्यजनक नहीं होगा।

हालाँकि दोस्तों , अगले कुछ वर्षों में ऑनलाइन सीखने में एक बड़ी छलांग लगाते हुए देखा जा रहा है, फिर भी कई मुद्दे अभी भी कक्षाओं का संचालन करने वाले प्रशिक्षकों और घर से अपनी कक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों दोनों के लिए चिंता का कारण बन रहे हैं। दोनों पक्षों ने अस्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी, महंगे शिक्षण उपकरण और बाहरी विकर्षणों को कुछ मुख्य कारकों के रूप में उद्धृत किया है जो ऑनलाइन कक्षाओं की प्रभावशीलता को बहुत प्रभावित करते हैं।

इन मुद्दों के बावजूद, दुनिया भर में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र लगातार ई-लर्निंग क्षमताओं में सुधार कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस प्रकार की मिश्रित शिक्षा न केवल पारंपरिक तरीकों का पूरक होगी बल्कि अंततः भविष्य में इससे आगे निकल जाएगी।

हम आपको बता दें की एक कंपनी जो ऑनलाइन सीखने में बड़ी भूमिका निभाना चाहती है, वह है बायजू। भारत से संचालित, बायजू की कक्षाओं में ऐसे पाठ्यक्रम शामिल हैं जो प्राथमिक शिक्षा विषयों (कक्षा 1 से 12 या के -12) को कवर करते हैं।

यह इन पाठ्यक्रमों के साथ-साथ जेईई, एनईईटी और आईएएस के लिए परीक्षाओं के लिए अभ्यास परीक्षा भी प्रदान करता है। पाठ्यक्रम लाइसेंस प्राप्त शिक्षकों द्वारा तैयार किए जाते हैं जो या तो कंपनी द्वारा नियोजित होते हैं या परामर्श भूमिकाओं में काम करते हैं। हालांकि अधिकांश उपयोगकर्ताओं को इन पाठ्यक्रमों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए खर्च करने की आवश्यकता होती है,

बायजू कुछ पाठ्यक्रमों पर सीमित समय अवधि के लिए छात्रवृत्ति कार्यक्रम प्रदान करता है। बायजू ऐप के साथ, उपयोगकर्ता कंप्यूटर, फोन और टैबलेट जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी कर सकते हैं।

दोस्तों 2011 में स्थापित, Byu’s ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त वृद्धि देखी है। कंपनी के पास 80 मिलियन से ज्यादा पंजीकृत छात्र और 3.5 मिलियन दे भी ज्यादा सशुल्क सब्सक्रिप्शन हैं।

 बायजू के लर्निंग ऐप का उपयोग करने वाले केवल भारत के छात्र ही नहीं हैं, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों के छात्र हैं। इसने कंपनी को भारत में तीन और कार्यालय और दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में एक और कार्यालय खोलने की अनुमति दी है । दोस्तों बायजू का मुख्यालय बन्नेरघट्टा मेन रोड, बैंगलोर में है, और यह भारत के साथ-साथ दुबई में भी तीन अन्य स्थानों पर संचालित होता है। कंपनी के तीन स्थानों पर लगभग 3,200 कर्मचारी कार्यरत हैं।

Byju’s का इतिहास

दोस्तों बायजू की स्थापना 2011 में बायजू रवींद्रन और उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने की थी। दोनों पूर्व शिक्षक हैं। अपने सह-संस्थापक से इसका नाम लेते हुए, ऐप को भारतीय छात्रों के लिए वैकल्पिक शिक्षण समाधान प्रदान करने के लिए रवींद्रन और गोकुलनाथ द्वारा विकसित किया गया था।

शुरुआत में थिंक एंड लर्न नाम से, कंपनी को 2012 डेलॉइट टेक्नोलॉजी फास्ट 50 इंडिया और डेलॉइट टेक्नोलॉजी फास्ट 500 एशिया पैसिफिक में मान्यता मिली थी । तब से, कंपनी नियमित रूप से दो डेलॉइट सूचियों में दिखाई दी है।

दोस्तों 2015 में, थिंक एंड लर्न को बायजू के रूप में पुनः ब्रांडेड किया गया था और पहले से ही हर महीने 200,000 छात्रों को आकर्षित कर रहा था। उसी वर्ष कंपनी ने $40 मिलियन भी जुटाए।

2017 में, बायजू ने माता-पिता को अपने बच्चों की पढ़ाई पर नज़र रखने में मदद करने के लिए बायजू का पेरेंट कनेक्ट ऐप पेश किया।      

2019 में, कंपनी का उपयोगकर्ता आधार 900,000 उपयोगकर्ताओं द्वारा मासिक सदस्यता का भुगतान करने के साथ बढ़कर 15 मिलियन हो गया था । कंपनी पूर्व प्रायोजक ओप्पो की जगह भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की आधिकारिक प्रायोजक भी बन गई।  

मार्च 2021 में, बायजू ने नकद और इक्विटी सौदे में आकाश एजुकेशनल सर्विसेज का अधिग्रहण किया। कंपनी ने एसोसिएशन के लिए इक्विटी के लिए लगभग $ 1 बिलियन नकद और लगभग $ 600 मिलियन (नकद और स्टॉक) का भुगतान करने की सूचना दी। अधिग्रहण को एडटेक उद्योग में सबसे बड़ा माना जाता है।

1988 में स्थापित, आकाश ने भारत में छात्रों के लिए कक्षा, ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम प्रदान किए। आकाश का अधिग्रहण करने के कुछ दिनों बाद, बायजू ने एमसी ग्लोबल एडटेक इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स के नेतृत्व में 460 मिलियन डॉलर जुटाए । बायजू की फंडिंग अब कुल 3 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो गई है।

Byju’s का मालिक कौन है –

दोस्तों बायजू रवींद्रन और दिव्या गोकुलनाथ दोनों ही कंपनी के दैनिक कार्यों की देखरेख करते हैं। दोनों कई पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता भी हैं, जिसमें रवींद्रन ने 2020 फोर्ब्स इंडिया एंटरप्रेन्योर फॉर द ईयर पुरस्कार जीता .

जबकि गोकुलनाथ को हाल ही में फोर्ब्स एशिया की पावर बिजनेसवुमेन और फॉर्च्यून इंडिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में से एक के रूप में मान्यता दी गई थी। दोनों एक परीक्षा की तैयारी कक्षा में मिले थे और अब उनकी कुल संपत्ति $5 बिलियन के आस पास  है। कंपनी ने 400 मिलियन डॉलर से भी अधिक की कमाई के साथ 2022 में बायजू का राजस्व अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया ।

Byju’s का मुकाबला –

दोस्तों आपको बता दें की बायजू भारत में इकलौता ई-लर्निंग प्रदाता नहीं है। इसे डेक्सलर एजुकेशन, एडुकॉम्प सॉल्यूशंस, इग्नू और एनआईआईटी सहित अन्य ऑनलाइन लर्निंग ऐप प्रदाताओं से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईआईटी) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) देश की दो सबसे पुरानी ई-लर्निंग कंपनियां हैं। क्रमशः 1981 और 1985 में स्थापित, NIIT और IGNOU संस्थानों, निगमों और व्यक्तियों के लिए सीखने और प्रशिक्षण समाधान प्रदान करते हैं।

 इग्नू के देश में लगभग 67 केंद्र हैं और वर्तमान में चार मिलियन से अधिक छात्रों (ग्रेड स्कूल, हाई स्कूल और कॉलेज) को पूरा करता है। एडुकॉम्प सॉल्यूशंस की स्थापना 1994 में हुई थी और इसने दो दशकों से अधिक समय तक 30 मिलियन से अधिक शिक्षार्थियों की सहायता की है। एडुकॉम्प सॉल्यूशंस चार खंडों के लिए ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करता है: हायर लर्निंग सॉल्यूशंस (एचएलएस), स्कूल लर्निंग सॉल्यूशंस (एसएलएस), के -12 स्कूल, और ऑनलाइन, पूरक और वैश्विक व्यापार (ओएसजी)। डेक्सलर एजुकेशन की स्थापना 2001 में हुई थी और यह डिजिटल शिक्षा और शिक्षा परामर्श समाधानों में माहिर है। विशेष रूप से, यह व्यक्तियों और निगमों के लिए अनुकूलित सीखने के अनुभव प्रदान करता है।

ऑनलाइन शिक्षा शिक्षा का भविष्य और एडटेक उद्योग में बायजू के लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के साथ, दुनिया भर के लाखों व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन शिक्षण अधिक सुलभ होने में अधिक समय नहीं लगेगा। byju’s ने बहुत कम टाइम में बहुत ऊँची उड़ान उड  चुका है।   

Satyendar Jain Biography: दिल्‍ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सत्‍येंद्र जैन का जीवन परिचय

Satyendar Jain Biography (सत्‍येंद्र जैन):-

Satyendar Jain Biography- सत्येंद्र जैन दिल्ली के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हैं जो आम आदमी पार्टी के नेता है | उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया हैं |

एजेंसी दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को 9 जून तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया गया है | पिछले महीने ईडी ने सत्‍येंद्र जैन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया था | उसने अस्‍थायी तौर पर इन चार कंपनियों के अलावा एक और कंपनी से जुड़ी 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया था |

इन कंपनियों में अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफोसॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेजे आइडियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं | इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति के मामले में स्वाति जैन, सुशीला जैन, अजीत प्रसाद जैन और इंदु जैन की संपत्तियों को भी कुर्क किया गया था |

वित्तीय अपराधों की जांच करने वाली जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री 2015-16 में कोलकाता स्थित फर्मों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे |

हिरासत की अवधि के दौरान जैन भोजन के लिए दिल्ली के मंत्री अरविन्द केजरीवाल के अनुरोध के बाद अनुमति मिल गयी गई है | हालांकि, जैन मंदिर में रोजाना दर्शन करने के उनके एक और अनुरोध को खारिज कर दिया गया है | जांच एजेंसी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया कि श्री जैन ने 2015-17 के दौरान ₹ 1.67 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की |

सत्‍येंद्र जैन का जीवन परिचय:- Satyendar Jain Biography

नाम (Name)सत्येंद्र जैन
जन्म तारीख (Date of birth)3 अक्टूबर 1964 
उम्र( Age)57 साल (2022 में )
जन्म स्थान (Place of born )किरथल, बागपत, उत्तर प्रदेश 
शिक्षा (Education )आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन 
स्कूल (School )रामजस स्कूल, नंबर 2, दिल्ली
कॉलेज (College )इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स 
राशि (Zodiac Sign)कर्क राशि
कद (Height )5 फ़ीट 8 इंच
वजन (Weight )78 किग्रा
आँखों का रंग (Eye Color)काला
बालो का रंग( Hair Color)काला
नागरिकता(Nationality)भारतीय
धर्म (Religion)हिन्दू
पार्टी (Party )आप (AAP )
पेशा (Occupation)राजनीतिज्ञ
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)  विवाहिक
संपत्ति (Net Worth )7 करोड़

कौन है सत्येंद्र जैन:-

सत्येंद्र कुमार जैन दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के राजनेता हैं | वह अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के सात कैबिनेट मंत्रियों में से एक हैं | उनके पोर्टफोलियो में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, उद्योग, गृह, बिजली, जल, शहरी विकास और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण शामिल हैं |

वह वर्तमान में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल में हैं | अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, गुरुद्वारा चुनाव और उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया|

अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, उद्योग, गृह, PWD, बिजली, जल, परिवहन के रूप में कार्य किया |

सत्येंद्र जैन का जन्म:-

सत्येंद्र जैन का जन्म किरथल, बागपत, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था | उनका जन्म 3 अक्टूबर 1964 को हुआ था | 2022 तक उनकी उम्र 57 साल है | उनका पूरा नाम सत्येंद्र कुमार जैन है | सत्येंद्र जैन के पिता का राम शरण जैन और माँ का नाम दयावती जैन है | 

उनके पिता एक सेवानिवृत्त शिक्षक थे, जो उत्तर प्रदेश राज्य में बागपत तहसील में अपने गृहनगर किरथल से जैन के जन्म के बाद दिल्ली चले गए थे | उसके माता-पिता जीवित नहीं हैं | 1 मई 2022 को कोविड-19 के कारण उनके पिता का निधन हो गया |

सत्येंद्र जैन का परिवार 

पिता का नाम (Father’s Name)राम शरण जैन
माता का नाम (Mother’s Name)दयावती जैन
पत्नी (Wife )पूनम जैन
बेटी (Daughter )2 –सौम्या जैन और श्रेया जैन

सत्येंद्र जैन का करियर:-

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन में शामिल होने के बाद जैन ने राजनीति में अपना कदम रखा |
  • राजनीति में शामिल होने से पहले जैन ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) में काम किया, बाद में एक आर्किटेक्चरल कंसल्टेंसी फर्म स्थापित करने के लिए नौकरी छोड़ दी |
  • जैन समाज कल्याण संगठनों के साथ काम में भी शामिल रहे हैं; वह दृष्टिबाधित लोगों की मदद करने के लिए काम करने वाली संस्था दृष्टि और शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांगों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए समर्पित संगठन स्पर्श के साथ जुड़े रहे हैं |
  • उन्होंने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, उद्योग, गृह, पीडब्ल्यूडी, बिजली, जल, शहरी विकास और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के रूप में कार्य किया | 
  • वह वर्तमान में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल में हैं। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, गुरुद्वारा चुनाव और उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया |
  • उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, उद्योग, गृह, पीडब्ल्यूडी, बिजली, जल, परिवहन के रूप में कार्य किया |
  • वह हाल ही में शकूर बस्ती विधानसभा क्षेत्र से फिर से चुने गए  विधानसभा चुनाव और वर्तमान में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, उद्योग, गृह, पीडब्ल्यूडी, बिजली, जल, शहरी विकास और सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के मंत्री के रूप में कार्यरत हैं |
  • 2022 में, जैन को हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया था |

सत्येंद्र जैन के विवाद 

  • 2017 में सीबीआई द्वारा केस दर्ज करने के बाद से जैन पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है | जैन से 2018 में पूछताछ की गई थी जिसके बाद मामले में कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई थी |
  • 2022 की शुरुआत में, आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सूत्रों से जानकारी मिली है कि सरकारी एजेंसियां ​​2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जैन को गिरफ्तार करने की योजना बना रही हैं |
  • मई 2022 में ईडी ने उन्हें 2017 के मामले में गिरफ्तार कर लिया | दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे फर्जी मामला बताया |

FAQs:-

सत्येंद्र जैन कौन है?

सत्येंद्र कुमार जैन दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के राजनेता हैं | वह अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के सात कैबिनेट मंत्रियों में से एक हैं |

सत्येंद्र जैन की पत्नी कौन है?

पूनम जैन

सत्येंद्र जैन के पास कितनी संपत्ति है?

7 करोड़ रूपये

Shark Tank India Season 2 के लिए Registration कैसे करें?

Shark Tank India Season 2:-

शार्क टैंक इंडिया का सीजन 1 अब खत्म हो चुका है और दर्शकों ने इसे अपार प्यार दिया है | अब शो के निर्माता Shark Tank India Season 2 के साथ आ रहे हैं | समाचार सूत्रों के अनुसार Studio NEXT जो शो का निर्माता है, आगामी महीनों में Shark Tank India Season 2 लॉन्च करने जा रहा है |

इस पोस्ट में आप Shark Tank India Season 2 की रिलीज़ तारीख, सीज़न 2 पंजीकरण और शार्क टैंक इंडिया सीज़न 2 जजों की सूची समाप्त होने के बारे में जानकारी पा सकते हैं |

यदि आप एक उद्यमी हैं और कुछ निवेश के साथ शार्क की जरूरत है तो आपको शार्क टैंक इंडिया पंजीकरण और अपने विचार के बारे में उनके सामने पिच करना होगा |

जैसा कि Shark Tank India Season 2 की योजना बनाई जा रही है, आप अपने व्यवसाय को शार्क को पिच करने के लिए तैयार कर सकते हैं और फिर अपने व्यवसाय के लिए निवेश प्राप्त कर सकते हैं |

Shark Tank India Season 1 की अपार सफलता के बाद, निर्माता सीज़न 2 को पिछले जजों के साथ रिलीज़ करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं|

Shark Tank India Season 2 Release Date:-

Name of the ShowShark Tank India
Current SeasonSeason 2
Developer of the SHowStudio NEXT
PurposeInvestment in Indian Startups and Entrepreneurs
ChannelSony TV and Sonyliv App
Season 1 Start Date20 December 2021
Season 1 End Date4th February 2022
Total Investment in Season 1 ₹ 40 Crore
Shark Tank India Season 2 Start DateMay 2022
Shark Tank India Season 2 RegistrationAvailable Now
Shark tank India JudgesNamita Thapar, Vineeta Singh, Piyush Bansal, Aman Gupta, Anupam Mittal, Ghazal Alagh, and Host Rannvijay Sangha
Shark India Season 2 Release Date09 May 2022
Shark Tank India Season 2 Selection ProcessPersonal Interview and General Discussion

Shark Tank India Season 2 Registration Form

शार्क टैंक सीजन 2 के लिए पंजीकरण 09/05/2022 से शुरू हो गया है | इच्छुक उम्मीदवार https://sharktank.sonyliv.com/ वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं |

Shark Tank India Season 2
  • शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 जून 2022 में रिलीज होने जा रही है |
  • शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 पंजीकरण को सफलतापूर्वक भरने के लिए आपको अपने व्यवसाय विवरण, गृह राज्य, गृह शहर और अन्य समान विवरण भरने होंगे |
  • स्क्रीनिंग से पहले व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे |
  • दूसरे, शार्क टैंक इंडिया सीज़न 2 पंजीकरण फॉर्म अभी तक बाहर नहीं हुआ है, लेकिन हम आपको उनके जारी होते ही जानकारी देने का आश्वासन देते हैं |
  • आपको स्क्रीनिंग टेस्ट में उपस्थित होना होगा और आपको अपने व्यवसाय को मंच पर प्रस्तुत करने की अनुमति होगी |
  • उसके बाद न्यायाधीश तय करते हैं कि वे अपने व्यवसाय में निवेश करने जा रहे हैं या नहीं |
  • पिछले Shark Tank India में सभी जजों ने ₹40 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया था |

Shark Tank India Season 2 Judges List:-

Name of SharkKnown For
Ashneer GroverCo-founder of BharatPe
Aman GuptaCo-founder of boAt
Anupam MittalFounder and CEO of Shaadi.com and People Group
Ghazal AlaghCo-founder of MamaEarth
Namita ThaparCo Founder of Emcure Pharmaceuticals
Peyush BansalFounder of Lenskart
Vineeta SinghCo-founder of SUGAR Cosmetics

शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 में भाग कैसे लें:-

सबसे पहले आपको शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 पंजीकरण फॉर्म की प्रतीक्षा करनी होगी |
एक बार जब यह ऑनलाइन जारी हो जाता है तो आपको इसे भरना होगा और उनके द्वारा आपको आमंत्रित करने की प्रतीक्षा करनी होगी |
उसके बाद क्लियरिंग पर शार्क टैंक इंडिया की टीम द्वारा एक स्क्रीनिंग टेस्ट किया जाएगा जिसे आप शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 में भाग ले सकेंगे |
अब आपको अपने व्यवसाय के लिए सभी शार्क को प्रभावित करने के लिए अच्छी तैयारी करनी होगी और फिर उनसे निवेश प्राप्त करना होगा |
इस तरह आप शार्क टैंक इंडिया सीजन 2 में हिस्सा ले सकते हैं |

Gayatri Jayanti 2022: जानें कब है गायत्री जयंती? पूजा मुहूर्त और महत्व

Gayatri Jayanti 2022:

पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है | धार्मिक मान्यता के अनुसार गायत्री जयंती, मां गायत्री का जन्मोत्सव है | इसलिए इस दिन उनकी विशेष आराधना की जाती है |

इस एकादशी को निर्जला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है | निर्जला एकादशी को सभी एकादशी में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है | गायत्री जयंती के दिन विधि- विधान से गायत्री माता की पूजा- अर्चना करनी चाहिए |

हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में मां गायत्री को वेद माता के नाम से जाना जाता है | मां गायत्री के पांच मुख और दस हाथ हैं | उनके इस रूप में चार मुख चारों वेदों के प्रतीक हैं एवं उनका पांचवा मुख सर्वशक्तिमान शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है | मां के दस हाथ भगवान विष्णु के प्रतीक हैं | इतना ही नहीं त्रिदेवों की आराध्य भी मां गायत्री को ही कहा गया है |

गायत्री जयंती का शुभ मुहूर्त:- Gayatri Jayanti 2022

एकादशी तिथि प्रारम्भ – जून 10, 2022 को प्रातः 07:25 बजे से 
एकादशी तिथि समाप्त – जून 11, 2022 को प्रातः 05:45 बजे

कौन हैं गायत्री माता:-

Gayatri Jayanti 2022

चारों वेद, शास्त्र और श्रुतियां सभी गायत्री से ही पैदा हुए माने जाते हैं | वेदों की उत्पति के कारण इन्हें वेदमाता कहा जाता है, ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं की आराध्य भी इन्हें ही माना जाता है इसलिये इन्हें देवमाता भी कहा जाता है |

समस्त ज्ञान की देवी भी गायत्री हैं इस कारण गायत्री को ज्ञान-गंगा भी कहा जाता है | इन्हें भगवान ब्रह्मा की दूसरी पत्नी भी माना जाता है | मां पार्वती, सरस्वती, लक्ष्मी की अवतार भी गायत्री को कहा जाता है |

कैसे हुआ माता गायत्री का अवतरण:-

माना जाता है कि सृष्टि के आदि में ब्रह्मा जी पर गायत्री मंत्र प्रकट हुआ | मां गायत्री की कृपा से ब्रह्मा जी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या अपने चारों मुखों से चार वेदों के रुप में की|

आरंभ में गायत्री सिर्फ देवताओं तक सीमित थी लेकिन जिस प्रकार भगीरथ कड़े तप से गंगा मैया को स्वर्ग से धरती पर उतार लाए उसी तरह विश्वामित्र ने भी कठोर साधना कर मां गायत्री की महिमा अर्थात गायत्री मंत्र को सर्वसाधारण तक पंहुचाया |

कैसे हुआ माता गायत्री का विवाह:-

कहा जाता है कि एक बार भगवान ब्रह्मा यज्ञ में शामिल होने जा रहे थे | मान्यता है कि यदि धार्मिक कार्यों में पत्नी साथ हो तो उसका फल अवश्य मिलता है लेकिन उस समय किसी कारणवश ब्रह्मा जी के साथ उनकी पत्नी सावित्री मौजूद नहीं थी इस कारण उन्होंनें यज्ञ में शामिल होने के लिए वहां मौजूद देवी गायत्री से विवाह कर लिया |

गायत्री जयंती का महत्व:-

सनातन धर्म में गायत्री जयंती का बहुत अधिक महत्व माना गया है | मान्यता है कि मां गायत्री से ही चारों वेदों की उत्पत्ति मानी गई है | कहते हैं कि गायत्री जयंती के दिन विधि-विधान के साथ जो साधक पूजा करते हैं उसे वेदों वेदों के अध्ययन करने के समान फल की प्राप्ति होती है |

शिक्षा प्राप्त करने वाले और आध्यात्मिक अध्यापन करने वालों के लिए यह दिन अतिउत्तम रहता है | इस दिन गायत्री मंत्र के जाप का विशेष महत्व होता है |

‘ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।

गायत्री जयंती की पूजा-विधि:-

  • गायत्री जयंती के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें | 
  • वस्त्र धारण करने के बाद मंदिर की साफ-सफाई करके गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें |
  • इसके बाद मां गायत्री और समस्त देवी-देवताओं को प्रणाम करें व दीप प्रज्वलित करें |
  • मां गायत्री का ध्यान करते हुए पुष्प अर्पित करें |
  • इसके बाद आसन लगाकर वहीं पर गायत्री मंत्र का जाप करें |
  • जाप पूर्ण हो जाने के पश्चात मां को भोग लगाएं |

FAQ’s:-

गायत्री माता का जन्म कैसे हुआ?

ब्राह्मण ऋक् है, क्षत्री यजु: है, वैश्य अथर्व है, शूद्र साम | इस प्रकार यह चतुर्विध विभागीकरण हुआ | यह चारों प्रकार के ज्ञान उस एक चैतन्य शक्ति के ही प्रस्फुरण हैं, जो सृष्टि के आरम्भ में ब्रह्माजी ने उत्पन्न की थी और जिसे शास्त्रकारों ने गायत्री नाम से सम्बोधित किया है | इस प्रकार चारों वेदों की माता गायत्री हुई |

गायत्री का जन्म कब हुआ?

गायत्री जयंती दो जून को मनाई जाएगी | इस दिन गायत्री माता के जन्म हुआ था और धार्मिक मान्यता के गायत्री माता के जन्म में ब्रह्माजी मुख का विशेष योगदान रहा है | शास्त्रों में देवी गायत्री को वेद माता के नाम से भी जाना गया है और उन्हें ये नाम इसलिए मिला क्योंकि वेदों की उत्पत्ति का कारण देवी ही हैं |

गायत्री जयंती क्या है?

पूर्व काल में कई बार ऋषियों ने पाया कि अनाड़ी साधकों द्वारा गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो रही है | इसके दुरुपयोग से पीढ़ियां बिगड़ने लगीं. तो उन्हें कठोर कदम उठाने पड़े | उन्होंने गायत्री मंत्र को श्रापित (प्रभावहीन) कर दिया |

गायत्री माता का वाहन क्या है?

इनका वाहन हंस है तथा इनकी कुमारी अवस्था है | इनका यही स्वरूप ब्रह्मशक्ति गायत्री के नाम से प्रसिद्ध है | इसका वर्णन ऋग्वेद में प्राप्त होता है | मध्याह्न काल में इनका युवा स्वरूप है |

PM Kisan 2022 Big Updates : पीएम मोदीजी जी जारी की पीएम किसान योजना की 11वीं किस्त, लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे देखें|

PM Kisan Beneficiary List 2022:-

10 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में पीएम किसान योजना की 11वीं किस्त भेजी जा चुकी है | किसान इस किस्त का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं | हालांकि, कई किसानों के खाते में अभी भी 2 हजार की किस्त पहुंच नहीं पाई है | ऐसे में अगर आपको पैसै नहीं मिले हैं तो थोड़ा इंतजार कीजिए या उन कारणों का पता कीजिए |

पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) पूरी तरह से केंद्र सरकार की योजना है | इसमें 100 फीसदी फंडिंग केंद्र सरकार देती है | यह योजना एक दिसंबर 2018 से प्रभावी है, जिसमें किसानो को प्रतिवर्ष 6000 रुपए सम्मान निधि के रूप में देने की योजना है |

एक किसान के परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं | लाभ योग्य परिवारों की पहचान की जिम्मेदारी पूरी तरह राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेश पर है | सहायता राशि सीधे लाभांवित किसानों के खाते में हस्तांतरित की जाती है | इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को स्थानीय पटवारी/ राजस्व अधिकारी या इस योजना के लिए नामित नोडल अधिकारी से संपर्क करना होगा | इस योजना के लिए कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) पर निर्धारित शुल्क का भुगतान कर किसान अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं |

Also Read:

PM Kisan Beneficiary List 2022 जिसकी 11वीं किस्त केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जा चुकी है जो की आपके द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में प्राप्त हो चुके हैं और यदि नहीं हुए हैं तो आप हमारी बताई गयी प्रक्रिया के आधार पर पीएम किसान सम्मान निधि की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं |

क्योंकि अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार बहुत से ऐसे अकाउंट हैं जिनके फॉर्म में कुछ न कुछ समस्याएं पायी गयी हैं जैसे आधार से नाम का मिलान न होना, बैंक अकाउंट की गलत जानकारी फीड होना आदि जिसके कारण अभी भी बहुत से ऐसे किसान बंधू हैं जिनको सम्मान निधि प्राप्त नहीं हुयी है |

PM Kisan Beneficiary List 2022, PM KISAAN SAMMAN NIDHI STATUS की स्थिति को तीन माध्यमों से पता किया जा सकता है : स्थिति का पता लगन के लिए रजिस्ट्रेशन के वक्त दिए हुए मोबाइल नंबर या अकाउंट नंबर का उपयोग करें

  • Aadhar Number
  • Account Number
  • Mobile Number

पीएम किसान सम्मान निधि योजना लाभार्थी सूची:- PM Kisan Beneficiary List 2022

  • सबसे पहले आप गूगल सर्च करें PM KISAAN और पहली लिंक पर क्लिक करें या सीधे आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए http://pmkisan.gov.in/ लिंक पर क्लिक करें |
  • Homepage पर मेन्यू बार देखें और यहां ‘Farmers Corner’ पर जाएं |
  • यहां ‘Benificiery List’ के लिंक पर क्लिक करें |
PM Kisan Beneficiary List
  • इसके बाद अपना राज्य (State), जिला (District), उप-जिला (Sub-District), ब्लॉक (Block) और गांव (Village) विवरण दर्ज करें |
PM Kisan Beneficiary List 2022
  • इतना भरने के बाद Get Report पर क्लिक करें और पाएं पूरी लिस्ट |
PM Kisan Beneficiary List 2022

Also Read: PM किसान पहचान पत्र क्या है ? PM किसान लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा |

पीएम किसान किस्त की जानकारी:-

  • PM Kisan Yojana 1st installment ——–> Released in February 2019
  • PM Kisan Yojana 2nd installment ——-> Released on 2 April 2019.
  • PM Kisan Yojana 3rd installment ——–> Released on August 2019.
  • PM Kisan Yojana 4th installment ——–> Released on Dec 2019.
  • PM Kisan Yojana 5th Installment ——-> Released on April 1, 2020
  • PM Kisan Yojana 6th Installment ——-> Released on 1 August 2020.
  • PM Kisan Yojana 7th Installment ——-> Released on 25 December 2020.
  • PM Kisan Yojana 8th Installment ——-> Released on 14 May 2021.
  • PM Kisan Yojana 9th Installment ——-> Released on 9th Aug 2021.
  • PM Kisan Yojana 10th Installment ——> Released on 1st Jan 2022.
  • PM Kisan Yojana 11th Installment ——> Released on 31st May 2022.

इन किसानों को मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा:-

पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) का फायदा उठाने के लिए किसान के नाम खेती की जमीन होनी चाहिए | पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए किसान के नाम खेती की जमीन होनी चाहिए | यदि कोई किसान खेती कर रहा है लेकिन खेत उसके नाम नहीं है, तो वह लाभार्थी नहीं होगा| अगर खेत उसके पिता या दादा के नाम है तो भी पीएम किसान योजना का फायदा नहीं उठा सकते |

इन किसानों को नहीं मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा:-

  • सरकारी कर्मचारी नहीं उठा सकते लाभ : अगर कोई खेती की जमीन का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी है या रिटायर हो चुका हो, मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री उन्हें पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिलता | इसके अलावा प्रोफेशनल रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजिनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या इनके परिवार के लोगों को इस योजना का फायदा नहीं मिलता |
  • 10000 से अधिक पेंशन पाने वाले को नहीं मिलता फायदा : अगर कोई व्यक्ति खेत का मालिक है लेकिन उसे 10 हजार रुपये महीने से अधिक पेंशन मिलती है, वह इस योजना के लाभार्थी नहीं हो सकते | आयकर देने वाले परिवारों को भी इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा |
  • छोटे और सीमान्त परिवारों को लाभ: दिशानिर्देशों में छोटे और सीमान्त किसानों को ऐसे किसान परिवार के रूप में परिभाषित किया गया है जिनमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के पास संबंधित राज्य या संघ शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार सामूहिक रूप से खेती योग्य भूमि दो हेक्टेयर अथवा इससे कम है |
  • दुसरे के खेतों में काम करने वाले किसान नहीं उठा सकते लाभ: गांवों में बहुत से किसान दूसरों के खेतों पर किसानी का काम तो करते हैं लेकिन खेत के मालिक नहीं होते | खेत के मालिक को फसल का कुछ हिस्सा या पैसे देते हैं | ऐसे किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते |
  • जमीन का इस्तेमाल कृषि कार्य की जगह दूसरे कामों में करने वाले नहीं ले सकते लाभ: जो खेती की जमीन का इस्तेमाल कृषि कार्य की जगह दूसरे कामों में कर रहे हैं उन्हें भी इस योजना का फायदा नहीं मिल सकता |

Frequently Asked Questions(FAQs):-

1. पीएम किसान सम्मान निधि योजना कब से प्रभावी है?

वर्ष 2018 से

2. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की फंडिंग किसके द्वारा है?

पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) पूरी तरह से केंद्र सरकार की योजना है | इसमें 100 फीसदी फंडिंग केंद्र सरकार देती है |

3. पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रतिवर्ष कितनी राशि प्रदान की जाती है?

किसानो को प्रतिवर्ष 6000 रुपए सम्मान निधि प्रदान की जाती है |

4. वर्तमान में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की कौन सी क़िस्त जारी की गई है?

11वीं किस्त

5. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त कब जारी की गई

31st May 2022

6. पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (PM Kisan Scheme) के तहत पात्र किसानों को एक साल में 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है | किसानों को यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है |

कोको-कोला का मालिक कौन है ? (Who is the owner of Coco-Cola)

कोको-कोला का मालिक कौन है

हेलो दोस्तों गर्मियों का सीजन आते ही लोग कोको कोला पीना स्टार्ट कर देते जिससे गर्मी से राहत मिले , दोस्तों कोको कोला पीते समय लोगो के मन में कभी न कभी ये सवाल जरूर आता है की इसको आखिर बनाया किसने होगा और इस चीज़ को जानने के लिए जरूर उत्सुक होंगे तो दोस्तों आज मैं आप लोगों को कोको कोला का इतिहास बताने जा रहा हूँ साथ ही कोको कोला को किसने बनाया ये भी बताऊंगा

दोस्तों  8 मई 1886 में, कोका-कोला का आविष्कार अटलांटा, जॉर्जिया के एक फार्मासिस्ट डॉक्टर जॉन पेम्बर्टन ने किया था। कोका-कोला कंपनी के अनुसार , पेम्बर्टन ने प्रसिद्ध पेय के लिए सिरप विकसित किया, जिसे स्थानीय जैकब की फार्मेसी में नमूना लिया गया और “उत्कृष्ट” माना गया। एक नया “स्वादिष्ट और ताज़ा” पेय बनाने के लिए सिरप को कार्बोनेटेड पानी के साथ जोड़ा गया था।

कोको-कोला का मालिक

कोका-कोला का जन्म

दोस्तों आपको बता दें की कोका-कोला का नाम पेम्बर्टन के बुककीपर फ्रैंक रॉबिन्सन द्वारा दिया गया एक सुझाव था। कोका के पत्ते के अर्क और कोला नट से कैफीन के लिए बुलाए जाने वाले सिरप के लिए , कोका कोला नाम के साथ आना आसान था।

दोस्तों हालांकि, रॉबिन्सन, जो उत्कृष्ट कारीगरी के लिए जाने जाते थे, ने सोचा कि नाम में दो Cs का उपयोग करना विज्ञापन में आकर्षक लगेगा। जैसे कोला कोला बन गया, और ब्रांड नाम का जन्म हुआ। रॉबिन्सन को आज के प्रसिद्ध लोगो के रूप में काम करने वाले बहने वाले अक्षरों का उपयोग करके पहली लिखित ” कोका-कोला ” बनाने का श्रेय दिया जा सकता है।

दोस्तों आपको बता दें की शीतल पेय पहली बार 8 मई, 1886 को अटलांटा में जैकब की फार्मेसी में सोडा फाउंटेन में जनता को बेचा गया था। शीतल पेय के लगभग नौ सर्विंग्स प्रत्येक दिन बेचे जाते थे ।

 उस पहले वर्ष की बिक्री कुल मिलाकर लगभग $50 हो गई। व्यवसाय का पहला वर्ष अधिक सफल नहीं था, हालांकि, पेय बनाने के लिए पेम्बर्टन को $ 70 से अधिक खर्च करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप नुकसान हुआ।

आसा कैंडलर ने कोका-कोला खरीदा

दोस्तों आपको बता दें की 1887 में, अटलांटा के एक अन्य फार्मासिस्ट और व्यवसायी, आसा कैंडलर ने कोका-कोला के लिए पेम्बर्टन से $ 2,300 का फॉर्मूला खरीदा। दुर्भाग्य से, कुछ साल बाद ही पेम्बर्टन की मृत्यु हो गई। 1890 के दशक के अंत तक, कोका-कोला अमेरिका के सबसे लोकप्रिय फव्वारा पेय में से एक था, मुख्य रूप से कैंडलर के उत्पाद के आक्रामक विपणन के कारण।

कैंडलर के नेतृत्व में, कोका-कोला कंपनी ने 1890 और 1900 के बीच सिरप की बिक्री में 4,000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की। जबकि कोका-कोला कंपनी इस दावे का खंडन करती है, ऐतिहासिक साक्ष्य बताते हैं कि यह संभावना है कि, 1905 तक, शीतल पेय, जिसे टॉनिक के रूप में विपणन किया गया था, में कोकीन के अर्क के साथ-साथ कैफीन युक्त कोला नट भी शामिल था।

 जबकि 1914 तक कोकीन को अवैध नहीं माना जाता था, लाइव साइंस के अनुसार , कैंडलर ने 1900 की शुरुआत में नुस्खा से कोकीन निकालना शुरू किया, और कोकीन के निशान 1929 तक प्रसिद्ध पेय में मौजूद हो सकते थे, जब वैज्ञानिक इसे हटाने में सक्षम थे।

कोका-कोला की सफल बिक्री में विज्ञापन एक महत्वपूर्ण कारक था, और सदी के अंत तक, पेय संयुक्त राज्य और कनाडा में बेचा गया था। लगभग उसी समय, कंपनी ने पेय बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त स्वतंत्र बॉटलिंग कंपनियों को सिरप बेचना शुरू किया। आज भी अमेरिकी शीतल पेय उद्योग इसी सिद्धांत पर संगठित है।

सोडा फाउंटेन

1960 के दशक तक, छोटे शहर और बड़े शहर के निवासियों ने स्थानीय सोडा फाउंटेन या आइसक्रीम सैलून में कार्बोनेटेड पेय का आनंद लिया। अक्सर दवा की दुकान में स्थित, सोडा फाउंटेन काउंटर सभी उम्र के लोगों के लिए एक बैठक स्थल के रूप में कार्य करता है।

अक्सर लंच काउंटर के साथ मिलकर, सोडा फाउंटेन की लोकप्रियता में गिरावट आई क्योंकि वाणिज्यिक आइसक्रीम, बोतलबंद शीतल पेय और फास्ट-फूड रेस्तरां लोकप्रिय हो गए।

नए कोक का जन्म

दोस्तों आपको बता दें की 23 अप्रैल 1985 को, तेजी से प्रतिस्पर्धी कोला बाजार के कारण बिक्री में गिरावट के जवाब में व्यापार रहस्य “न्यू कोक” फॉर्मूला शुरू किया गया था। हालाँकि, नया नुस्खा विफल माना गया था।

कोका-कोला के प्रशंसकों में नकारात्मक, कुछ का कहना है कि शत्रुतापूर्ण, नए नुस्खा के प्रति प्रतिक्रिया थी, और तीन महीने के भीतर, मूल कोला जिसने जनता के दिलों और स्वादों पर कब्जा कर लिया था, वापस आ गया।

 मूल कोला स्वाद की वापसी कोका-कोला क्लासिक की नई ब्रांडिंग के साथ हुई। न्यू कोक अलमारियों पर बना रहा, और 1992 में कोक को फिर से ब्रांडेड किया गया, इससे पहले 2002 में इसे बंद कर दिया गया था।

अब तक कोका-कोला एक सार्वजनिक रूप से कारोबार वाली फॉर्च्यून 500 से ज्यादा कंपनी है, जिसका वार्षिक राजस्व कई बिलियन डॉलर है। कंपनी के पास 146,200 से अधिक कर्मचारियों का कार्यबल है, और इसके उत्पादों की खपत प्रतिदिन एक अरब से अधिक पेय की दर से की जाती है।

कोको-कोला का विज्ञापन

दोस्तों 1969 में, द कोका-कोला कंपनी और उसकी विज्ञापन एजेंसी, मैककैन-एरिकसन ने अपने लोकप्रिय “थिंग्स गो बेटर विद कोक” अभियान को समाप्त कर दिया, इसे एक अभियान के साथ बदल दिया, जो “इट्स द रियल थिंग” नारे पर केंद्रित था।

 एक हिट गीत के साथ शुरुआत करते हुए, नए अभियान में वह दिखाया गया जो अब तक बनाए गए सबसे लोकप्रिय विज्ञापनों में से एक साबित हुआ। गीत “आई विल लाइक टू बाय द वर्ल्ड ए कोक” कोका-कोला के रचनात्मक निर्देशक बिल बैकर के दिमाग की उपज था जैसा कि उन्होंने गीतकारों बिली डेविस और रोजर कुक को समझाया, “मैं एक गीत देख और सुन सकता था जो इलाज करता था पूरी दुनिया जैसे कि यह एक व्यक्ति था – एक व्यक्ति जिसे गायक मदद करना चाहता है और जानना चाहता है। मुझे यकीन नहीं है कि गीत कैसे शुरू होना चाहिए, लेकिन मुझे आखिरी पंक्ति पता है।” इसके साथ ही उन्होंने पेपर नैपकिन निकाला जिस पर उन्होंने लाइन लिखी थी, “मैं दुनिया को एक कोक खरीदना चाहता हूं और इसे कंपनी में रखना चाहता हूं।” 12 फरवरी, 1971 को, “आई विल लाइक टू बाय द वर्ल्ड ए कोक” को संयुक्त राज्य भर में रेडियो स्टेशनों पर भेज दिया गया था।

आपको बता दें की यह तुरंत फ्लॉप हो गया, कोका-कोला के बॉटलर्स विज्ञापन से नफरत करते थे और अधिकांश ने इसके लिए एयरटाइम खरीदने से इनकार कर दिया था। जितनी बार विज्ञापन चलाया गया, जनता ने ध्यान नहीं दिया।

 बैकर ने मैककैन को कोका-कोला के अधिकारियों को समझाने के लिए राजी किया कि विज्ञापन अभी भी व्यवहार्य है लेकिन एक दृश्य आयाम की आवश्यकता है । कंपनी ने अंततः फिल्मांकन के लिए $ 250,000 से अधिक की मंजूरी दी, उस समय एक टेलीविजन विज्ञापन के लिए समर्पित सबसे बड़े बजट में से एक।

टेलीविज़न विज्ञापन “आई विल लाइक टू बाय द वर्ल्ड ए कोक” जुलाई 1971 में संयुक्त राज्य अमेरिका में जारी किया गया था और प्रतिक्रिया तत्काल और नाटकीय थी।

 उस वर्ष नवंबर तक, कोका-कोला और उसके बॉटलर्स को विज्ञापन के बारे में 100,000 से अधिक पत्र प्राप्त हुए थे। गाने की मांग इतनी अधिक थी कि कई लोगों ने रेडियो स्टेशनों को फोन किया और डीजेज को विज्ञापन चलाने के लिए कहा।

दोस्तों आज कोको कोला बहुत ऊंचाइयों पर पहुंच गया है और बहुत सारी ड्रिंक्स कंपनी को टक्कर देता है , आशा करता हूँ दोस्तों आपको कोको कोला के बारे में जानकार अच्छा लगा होगा अगर आप कुछ सवाल करना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में मैसेज कर सकते हैं।

MP EDUCATION- SESSION 2021-22: शैक्षणिक सत्र 2021-22 में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था|

MP EDUCATION- SESSION 2021-22

DPI Updates: लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश गौतम नगर भोपाल-462021 के आदेश क्रमांक / समग्र शि.अ. / अतिथि शिक्षक / 2021/2371 भोपाल, दिनांक 25/08/2021 के द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था के सम्बन्ध में निर्देश जारी किए गए हैं।

शैक्षणिक सत्र 2021-22 में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था के सम्बन्ध में द्वारा जारी निर्देश के साथ ही प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित करने की समय सीमा जारी की गई है।

उक्त संदर्भित पत्र में निर्देश इस प्रकार हैं :-

  1. कोविड-19 के संक्रमण के कारण प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर की कक्षाएं बंद है परंतु नामांकन, पाठ्य पुस्तक वितरण तथा हमारा घर हमारा विद्यालय कार्य किये जा रहे है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिये प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिये अतिथि शिक्षक की व्यवस्था हेतु निम्नानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

2. प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत नियमित शिक्षकों की संख्या के आधार पर निम्नानुसार संख्या मे अतिथि आमंत्रित किये जाए|

MP EDUCATION- SESSION 2021-22

3. जिन विद्यालयों में 3 से कम शिक्षक है उन विद्यालयों के लिये गणित, अंग्रेजी सामाजिक विज्ञान में से जिस विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हो उस विषय के लिये निम्नानुसार संख्या में अतिथि शिक्षक आमंत्रित किये जाये।

4. बिन्दु क्रमांक 2 एवं 3 के अनुसार अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता वाले विद्यालयों की सूची Education Portal से प्राप्त करते हुए GFMS पोर्टल पर उपलब्ध कराई जायेगी।

5.अतिथि शिक्षक आमंत्रण की प्रक्रिया में निम्नानुसार कार्यवाही करें –

5.1. अतिथि शिक्षक के आमंत्रण में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 11.10.2018 को दिये गये निर्णय की निम्नानुसार कण्डिका 27 (iii) का पालन किया जाए “The vacancies, if any the Guest Teachers engaged in pursuance to the Circular dated 07.07.2018, shall be filled up on the basis of merit list school-wise already prepared”. 

5.2. उक्त निर्णय के परिपालन में विद्यालय में उपलब्ध पेनल से मेरिट के क्रम में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षक को ही प्राथमिकता के आधार पर रखा जाये संबंधित से असहमति की स्थिति लिखित में असहमति प्राप्त कर अभिलेख में संधारित करें तथा पेनल से अगले क्रम के अभ्यर्थी को आमंत्रित किया जाये।

5.3. विद्यालय में किसी विषय का पैनल उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में GFMS पोर्टल से ब्लॉक / जिले के पेनल को डाऊनलोड कर मेरिट के क्रम में संबंधित से सहमति प्राप्त कर आमंत्रित करें। इस प्रक्रिया के द्वारा आमंत्रित करते समय मेरिट का ध्यान रखा जाए। उच्च वरीयता क्रम के अभ्यर्थी की असहमति की स्थिति में असहमति को लिखित में प्राप्त कर अभिलेख में संधारित किया जाए, जिससे कि भविष्य में शिकायतें उदभूत न हो| 

5.4. अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित करने के पूर्व यह सुनिश्चित करें कि आवेदक की GFMS पोर्टल में पंजीकृत जानकारी सत्यापित है अर्थात आवेदक के पास स्कोर कार्ड है तथा स्कोर कार्ड में उस विषय के पेनल में स्कोर प्रदर्शित हो रहा है। संस्था प्रमुख GFMS पोर्टल से आवेदक का स्कोर कार्ड डाऊनलोड कर अभिलेख में संधारित करें। किसी भी स्थिति में ऑफलाईन रूप से अतिथि शिक्षक को आमंत्रित नहीं किया जाए।

5.5. शून्य नामांकन वाले विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित नहीं किया जाए।

5.6. प्राथमिक विद्यालय (1-5) का नामांकन 20 से कम है तथा एक भी नियमित शिक्षक नहीं है तो केवल एक अतिथि शिक्षक को आमंत्रित किया जा सकता है।

5.7. प्राथमिक विद्यालय (1-5) का नामांकन 20 से अधिक है तथा एक भी नियमित शिक्षक नहीं है तो दो अतिथि शिक्षक को आमंत्रित किया जा सकता है। एक नियमित शिक्षक है तो 01 अतिथि शिक्षक आमंत्रित किया जा सकता है।

5.8. प्राथमिक विद्यालय (15) में 2 या अधिक शिक्षक है तो अतिथि शिक्षक को आमंत्रित नहीं किया जाए। इसी प्रकार माध्यमिक विद्यालय (6-8), जिनमें 3 या अधिक शिक्षक है, उन माध्यमिक विद्यालयों में अतिथि शिक्षक आमंत्रित नहीं किया जाए। 

5.9. विद्यालय जिनकी केटेगरी 1-10, 6-10, 1-12, 6-12 हैं, उन EPES विद्यालयों में नामांकन 6-10 के आधार पर वर्ग-2 के विरुद्ध अतिथि शिक्षक की व्यवस्था एंकर विद्यालय (हाई / हायर सेकेण्डरी) द्वारा की गई है। अतः उक्त केटेगरी के विद्यालयों में माध्यमिक कक्षाओं के अध्यापन अतिथि शिक्षक की मांग नहीं की जाए।

लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश (DPI) द्वारा 27/08/2021 को जारी पत्र के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2021-22 में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित करने की समय सीमा।

MP EDUCATION- SESSION 2021-22

लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश (DPI) द्वारा जारी आदेश प्रारूप प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करे।

यह भी पढ़े :

* अतिथि शिक्षक रजिस्ट्रेशन 2022-23

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June 2022 Movies : June 2022 में रिलीज़ होने वाली फ़िल्में और वेब सीरीज

June 2022 Movies and Web series

हर महीने कई दिलचस्प और रोमांचक बॉलीवुड फ़िल्में और वेब सीरीज रिलीज होते है | जून 2022 (June 2022 Movies and Web series) सिने लवर्स के लिए काफी सारा कंटेंट मौजूद होगा | सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं बल्कि साउथ सिनेमा और वेब सीरीज में भी इस महीने दर्शकों को काफी कुछ देखने को मिलेगा |

सम्राट पृथ्वीराज से आश्रम 3 और द ब्वॉय्ज 3 से मिस मार्वल तक, हॉलीवुड- बॉलीवुड और साउथ सिनेमा फैन्स सभी के लिए काफी कुछ खास होगा | इस बार भी जून में दर्शकों को एक से बढ़कर एक फिल्में थिएटर में और वेब सीरीज OTT Platform पर देखने मिलने वाली है |

इसमें प्रकाश झा के निर्देशन में बनीं आश्रम 3, वेब सीरीज ब्रोकन न्यूज, कोड एम जैसे सीरीज शामिल है | ब्रोकन न्यूज से सोनाली बेंद्रे ओटीटी पर डेब्यू कर रही है |

June में रिलीज़ होने वाली फ़िल्में और वेब सीरीज:- June 2022 Movies and Web series

सम्राट पृथ्वीराज:-

  • फिल्म: सम्राट पृथ्वीराज
  • कहां देखें: सिनेमाघर
  • रिलीज डेट: 3 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: अक्षय कुमार, मानुषी छिल्लर, सोनू सूद, संजय दत्त
  • स्टोरी: सम्राट पृथ्वीराज उर्फ ​​पृथ्वीराज एक 2022 बॉलीवुड जीवनी-ऐतिहासिक-नाटक है जिसे डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी द्वारा लिखित और निर्देशित किया गया है, जिन्होंने सबसे बड़े टेलीविजन महाकाव्य चाणक्य का निर्देशन किया था |
  • सम्राट पृथ्वीराज राजा पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर आधारित है |
  • सम्राट पृथ्वीराज 3 जून, 2022 को दुनिया भर में रिलीज़ होगी | सुपरस्टार अक्षय कुमार महान योद्धा की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने घोर के बेरहम आक्रमणकारी मुहम्मद के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी, जबकि भव्य मानुषी ने उनकी प्यारी संयोगिता की भूमिका निभाई | यह फिल्म ‘पृथ्वीराज रासो’ कविता पर आधारित है |
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  • पृथ्वीराज चौहान कौन थें ? Prithviraj Chauhan Biography in Hindi
  • संयुक्ता कौन थी? जानें पृथ्वीराज चौहान और संयुक्त की प्रेम कहानी

मेजर:-

  • फिल्म: मेजर
  • कहां देखें: सिनेमाघर
  • रिलीज डेट: 3 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: अदिवी शेष, प्रकाश राज, शोभिता, सई मांजरेकर और रेवती
  • स्टोरी: मेजर एक बॉलीवुड जीवनी-ड्रामा है, जिसका निर्देशन शशि किरण टिक्का ने किया है | फिल्म स्टार आदिवासी शेष मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के रूप में हैं | फिल्म हिंदी, तेलुगु और मलयालम में रिलीज होंगी | महेश बाबू की जीएमबी एंटरटेनमेंट और ए+एस मूवीज के सहयोग से सोनी पिक्चर्स फिल्म्स इंडिया द्वारा निर्मित, मेजर की 3 जून, 2022 को दुनिया भर में नाटकीय रिलीज होने की उम्मीद है | मेजर सेना के अधिकारी मेजर संदीप उन्नीकृष्ण के जीवन का चित्रण करते हैं, जो 2008 के मुंबई हमलों में शहीद हो गए थे |

विक्रम:-

  • फिल्म: विक्रम
  • कहां देखें: सिनेमाघर
  • रिलीज डेट: 3 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: कमल हासन, विजय सेतुपति और फहद फासिल
  • स्टोरी: विक्रम एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के बारे में है जो एक अपहृत सरकारी अधिकारी को बचाने के मिशन पर जाता है।” फहद फासिल को अधिकारी अमर के रूप में देखा जाएगा, जबकि कमल ने ‘विक्रम’ (1986) से खुफिया एजेंट कमांडर एके विक्रम की भूमिका को दोहराया |

आश्रम 3:-

  • वेब सीरीज: आश्रम 3
  • कहां देखें: एमएक्स प्लेयर (MX Player)
  • रिलीज डेट: 3 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: बॉबी देओल, ईशा गुप्ता, त्रिधा चौधरी, अदिति पोहनकर और दर्शन कुमार
  • स्टोरी: आश्रम 3 एमएक्स प्लेयर का सबसे पॉपुलर औऱ चर्चिक वेब सीरीज में से एक है | इसके दोनों सीजन सुपरहिट रहे थे और तीसरे सीजन का फैंस काफी बेताबी से इंतजार कर रहे थे | प्रकाश झा के निर्देशन में बनीं आश्रम 3, 3 जून को एमएक्स प्लेयर पर रिलीज होगी | बाबा निराला बने बॉबी देओल इस बार को खुद भक्तो के सामने भगवान बताते दिखेंगे | सीरीज का ट्रेलर रिलीज होते ही फैंस की एक्साइमेंट लेवल काफी बढ़ गई थी | इसमें ईशा गुप्ता भी बाबा निराला पर जादू चलाते दिखेगी |

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द ब्वॉय्ज सीजन 3:-

  • वेब सीरीज: द ब्वॉय्ज सीजन 3
  • कहां देखें: Amazon Prime Video
  • रिलीज डेट: 3 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: कार्ल अर्बन, जैक क्वैड, एंटनी स्टार, एरिन मोरियार्टी, डोमिनिक मैकएलिगॉट, जेसी टी अशर
  • स्टोरी: आश्रम 3 एमएक्स प्लेयर का सबसे पॉपुलर औऱ चर्चिक वेब सीरीज में से एक है | इसके दोनों सीजन सुपरहिट रहे थे और तीसरे सीजन का फैंस काफी बेताबी से इंतजार कर रहे थे | प्रकाश झा के निर्देशन में बनीं आश्रम 3, 3 जून को एमएक्स प्लेयर पर रिलीज होगी | बाबा निराला बने बॉबी देओल इस बार को खुद भक्तो के सामने भगवान बताते दिखेंगे | सीरीज का ट्रेलर रिलीज होते ही फैंस की एक्साइमेंट लेवल काफी बढ़ गई थी | इसमें ईशा गुप्ता भी बाबा निराला पर जादू चलाते दिखेगी |

जनहित में जारी:-

  • फिल्म: जनहित में जारी
  • कहां देखें: सिनेमाघर
  • रिलीज डेट: 10 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: नुसरत भरूचा, अन्नू कपूर, अनुद ढाका, पावेल गुलाटी और पारितोष त्रिपाठी
  • स्टोरी: जनहित में जारी एक बॉलीवुड ड्रामा है, जिसका निर्देशन जय बसंतू सिंह ने किया है | फिल्म में विजय राज, नुसरत भरुचा और टीनू आनंद मुख्य भूमिका में हैं | फिल्म का निर्माण राज शांडिल्य, विमल के लाहोटी, बंटी राघव, श्रद्धा चंदावरकर, विनोद भानुशाली और कमलेश भानुशाली ने किया है | जनहित में जारी की पटकथा जय बसंतू सिंह, राज शांडिल्य, राजन अग्रवाल और सोनाली सिंह ने लिखी है | जनहित में जारी एक युवा लड़की के बारे में है जो भारत के मध्य प्रदेश के एक छोटे से शहर में कंडोम बेचती है |

ब्रोकन न्यूज:-

  • वेब सीरीज: ब्रोकन न्यूज
  • कहां देखें: Zee 5
  • रिलीज डेट: 10 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: जयदीप अहलावत, श्रिया पिलगांवकर, तारुक रैना, इंद्रनील सेनगुप्ता, फैसल राशिद, किरण कुमार
  • स्टोरी: वेब सीरीज ब्रोकन न्यूज इस बार काफी चर्चा में है. सीरीज 10 जून से जी5 पर स्ट्रीम होगा | इस सीरीज से बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्र से ओटीटी की दुनिया में कदम रख रही है | इसमें जयदीप अहलावत, श्रिया पिलगांवकर, तारुक रैना, इंद्रनील सेनगुप्ता, फैसल राशिद, किरण कुमार, भी अहम रोल में हैं | विनय वैकुल द्वारा निर्देशित इस सीरीज का ट्रेलर हाल ही में रिलीज किया गया था |

निकम्मा:-

  • फिल्म: निकम्मा
  • कहां देखें: सिनेमाघर
  • रिलीज डेट: 17 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: अभिमन्यु दस्सानी, शिर्ली सेटिया और शिल्पा शेट्टी
  • स्टोरी: निकम्मा एक बॉलीवुड एक्शन-ड्रामा है, जिसका निर्देशन सब्बीर खान ने किया है | फिल्म में अभिमन्यु दासानी [अभिनेत्री भाग्यश्री के बेटे] और शर्ली सेतिया मुख्य भूमिकाओं में हैं | 13 साल के लंबे अंतराल के बाद इस फिल्म से शिल्पा शेट्टी ने बॉलीवुड में वापसी की है |

जुग जुग जियो:-

  • फिल्म: जुग जुग जियो
  • कहां देखें: सिनेमाघर
  • रिलीज डेट: 24 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: कियारा आडवाणी, वरुण धवन, अनिल कपूर, नीतू कपूर, मनीष पॉल और प्राजक्ता कोली
  • स्टोरी: जग जुग जीयो एक बॉलीवुड कॉमेडी ड्रामा है, जिसका निर्देशन राज मेहता ने किया है | फिल्म में वरुण धवन, कियारा आडवाणी, अनिल कपूर और नीतू कपूर मुख्य भूमिका में हैं |

फॉरेंसिक:-

  • वेब सीरीज: फॉरेंसिक
  • कहां देखें: Zee 5
  • रिलीज डेट: 24 जून 2022
  • प्रमुख स्टार कास्ट: विक्रांत मैसी, राधिका आप्टे, प्राची देसाई, विंदू दारा सिंह और रोहित रॉय
  • स्टोरी: फिल्म फॉरेंसिक को आप जी 5 पर देख सकते है | इसमें विक्रांत मैसी, राधिका आप्टे, प्राची देसाई, रोहित रॉय हैं | राधिका पुलिस ऑफिर के रोल में है तो विक्रांत फॉरेंसिक अफसर के रोल में नजर आएंगे | ये एक मलयालम फिल्म का रीमेक है, जो इसी नाम से रिलीज हुई थी|

GFMS पोर्टल में अतिथि शिक्षक eKyc कैसे करें ?

Guest Faculty eKYC

बहुत समय से आधार ekyc का इन्तजार कर रहे अतिथि शिक्षकों के लिए अब GFMS पोर्टल पर Guest Faculty eKYC प्रक्रिया को स्टार्ट कर दिया गया है । इच्छुक आवेदक नीचे बताई जा रही प्रक्रिया का पालन कर खुद ऑनलाइन ekyc कर सकते हैं । फिर भी कोई परेशानी है या आपको प्रक्रिया समझ में ना आये तो नीचे कमेंट के माध्यम से और जानकारी ले सकते हैं या नजदीकी किसी ऑनलाइन सेण्टर में जाकर ekyc करा सकते हैं ।

ekyc ऐसे आवेदकों को करना है जिन्होंने अभी अभी रजिस्ट्रेशन कराया है या की पुराना रजिस्ट्रेशन भी हो जिन्होंने अभी तक आधार ekyc वो भी इस अब ekyc करा सकते हैं ।ध्यान रहे आधार ekyc करने से पहले आपका आवेदन संकुल से वेरीफाई होना चाहिए ।

Guest Faculty eKYC करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें

  • ekyc के लिए आपके पास यूजर नेम (रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर) एवं पासवर्ड जो की रजिस्ट्रेशन के समय मिला था को लाना या आपके पास होना जरुरी है अन्यथा आप लॉगिन नहीं कर पाएंगे|
  • eKyc लिए समग्र सदस्य आई डी का होना जरुरी यह और सबसे जरुरी आपकी समग्र सदस्य आईडी आधार से लिंक हो यदि नहीं है तो अपने रोजगार सहायक या ब्लॉक ऑफिस मन संपर्क करें और आधार लिंक कराएं |
  • तीसरी और सबसे महत्त्वपूर्ण बात आपके आधार से मोबाइल का लिंक होना जरुरी है ताकि आप OTP प्राप्त कर वेरीफाई कर सकें ।यदि नहीं है तो आपको घबराने की जरुरत नहीं है आप नजदीक किसी ऑनलाइन सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक से भी eKyc करा सकते हैं ।

आधार Ekyc के लिए नीचे बताई जा रही प्रोसेस को फॉलो करें :-

STEP 1: आधार Ekyc के लिए सबसे पहले आप GFMS पोर्टल
http://gfms.mp.gov.in/ पर जाएँ सबसे ऊपर मेनू लिंक में login लिंक पर क्लिक करें |

STEP 2:लॉगिन करने के पश्चात KYC मेनू में Aadhaar Ekyc लिंक पर क्लिक करें

Guest Faculty eKYC

STEP 3: अब आप अपनी नौ अंकों के समग्र आईडी एवं रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एंटर करें और Initiate Aadhaar eKYC बटन पर क्लिक करें |

Guest Faculty eKYC

STEP 4 : आपके द्वारा एंटर समग्र एवं रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को वेरीफाई करने के पश्चात Get Details बटन पर क्लिक करके आगे बढ़ें ।

Guest Faculty eKYC

STEP 5: आधार नंबर एंटर करने के बाद यहाँ पर aadhaar eKYC करने के दो विकल्प आपके पास हैं पहला यदि आधार से मोबाइल नंबर लिंक है और आपका नंबर एक्टिव है तो पहले विकल्प का चयन करें और प्राप्त OTP के माध्यम से eKYC प्रक्रिया को पूरा करें ।
इसके अलावा यदि आपका मोबाइल नंबर लिंक न हो इस स्थिति में बायोमेट्रिक eKYC क माध्यम से aadhaar eKYC के लिए नजदीक ऑनलाइन सेंटर जाएँ |

Guest Faculty eKYC

यह भी पढ़े :

* अतिथि शिक्षक रजिस्ट्रेशन 2022-23

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