जानिए कौन है कानपुर हिंसा का मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी

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हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi):-

पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में उत्तर प्रदेश में कानपुर के जाजमऊ में जुमे की नमाज के बाद दुकानें बंद कराने की कोशिश के दौरान दो समुदायों के लोगों के बीच हिंसा हो गई | पुलिस ने इस हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी समेत 29 लोगों को गिरफ्तार किया है | मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi) के तार पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से भी जुड़ने के अहम सबूत पुलिस को मिले हैं | पुलिस ने हाशमी के घर से PFI से जुड़े 4 और संगठनों के डाक्यूमेंट्स बरामद किए हैं |

हयात जफर हाशमी मौलाना मोहम्मद अली (एमएमए) जौहर फैंस एसोसिएशन का प्रमुख है | वह कानपुर में लंबे समय से मुस्लिम नेता के रूप में चर्चित रहा | विवादों से उसका पुराना नाता है | सीएए और एनआरसी के दौरान भी उसके कई धरना प्रदर्शनों में भाग लिया |

आखिर कौन है हयात जफर हाशमी : 

हयात जफर हाशमी कानपुर का मुस्लिम नेता है | वह मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन (MMA) का चीफ है | हाशमी ने CAA और NRC के दौरान यूपी के कई धरना-प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था | इसके अलावा जाजमऊ में मनाही के बावजूद जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने के मामले में भी जफर पर कई मुकदमे दर्ज कराए गए | हयात जफर हाशमी मुस्लिमों का सरपरस्त बनने की चाह में आए दिन किसी ना किसी इस्लामिक संगठनों के साथ काम करता रहा | मुस्लिमों का मसीहा बनने के लिए हाशमी अक्सर किसी न किसी मुस्लिम संगठन के साथ मिलकर काम करता है |

हयात जफर हाशमी ने पिछले दिनों आज़ान विवाद के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे को भी धमकी दी थी | हाशमी ने कहा था, ”पहले भी कई बार नापाक ताकतों ने साजिश रची थी, लेकिन नाकाम रहे | राज ठाकरे ने तीन मई तक का समय दिया है कि अगर तीन मई तक लाउडस्पीकर से आजान बंद नहीं हुई तो वह मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ तेज आवाज में करेगा | अगर वाकई वह अपने बाप की औलाद है तो ऐसा करके देखे |”

हयात जफर हाशमी का विवादों से गहरा नाता:- 

  • हयात जफर हाशमी पर आरोप है कि उसने अपनी मां और बहन को मकान खाली कराने के नाम कानपुर के कलेक्टोरेट ऑफिस में आत्मदाह के लिए उकसाया था | दोनों ने खुद को आग के हवाले कर दिया और बाद में उनकी मौत हो गई | 
  • 21 अक्टूबर, 2021 को जफर हाशमी ने मूलगंज से मेस्टन रोड, शिवाला बाजार, रामनारायण बाजार होते हुए फूलबाग तक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला था | इस जुलूस को लेकर उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था | 
  • हाशमी ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे को भी धमकी दी थी | दरअसल, राज ठाकरे ने कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान बंद नहीं हुई तो वो 3 मई को उनके सामने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पढ़ेंगे | इस पर हाशमी ने राज ठाकरे को धमकी दी थी |

पुलिस को मिले हाशमी के खिलाफ ये अहम सबूत :- 

पुलिस की टीमों ने शनिवार रात हयात जफर हाशमी के घर छापा मारा, जहां से कई दस्तावेज जब्त किए | हयात के घर और उसके मोबाइल की जांच करने पर AIIC, RIF, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) जैसे संगठनों से जुड़े डॉक्यूमेंट मिले हैं | ये सभी डॉक्यूमेंट फंडिंग से जुड़े हैं | इन चारों संस्थाओं की फंडिंग PFI करता है। पुलिस को शक है कि हयात जफर हाशमी भी PFI से जुड़ा हुआ था | इसके अलावा हिंसा के दौरान हाशमी की लोकेशन भी यतीमखाना चौराहे के पास मिली | वहीं दंगों में शामिल दूसरे साजिशकर्ताओं की लोकेशन भी यही थी |

FAQs:-

हयात जफर हाशमी कौन है?

हयात जफर हाशमी कानपुर का मुस्लिम नेता है | वह मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन (MMA) का चीफ है | साथ ही यह वर्तमान में हुई कानपुर हिंसा का मुख्य आरोपी हैं |

कानपुर हिंसा का मास्टरमाइंड कौन है?

हयात जफर हाशमी

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