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राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 – 434 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन करें

राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020:-

राजस्थान हाईकोर्ट ने आशुलिपिक ग्रेड तृतीय (Stenographer Grade III) के लगभग 434 पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है | इसमें आशुलिपिक हिंदी (Stenographer Hindi) और आशुलिपिक अंग्रेजी (Stenographer English) के पदों पर भर्ती की जाएगी | राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अवधि 30 जनवरी 2020 को दोपहर 1:00 बजे से 28 फरवरी 2020 को शाम 5:00 बजे तक रहेगी |

इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार राजस्थान हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट https://hcraj.nic.in/hcraj/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं | आशुलिपिक के लिए आवेदन करने से पहले राजस्थान हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर दिया गया पूरा भर्ती विज्ञापन जरूर पढ़ें लें |

राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 के लिए शैक्षणिक योग्यता:-

किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं या समकक्ष योग्यता के साथ कंप्यूटर एप्लिकेशन में डिप्लोमा होना चाहिए | सीनियर सेकेंडरी + हिंदी का ज्ञान + डिप्लोमा (कंप्यूटर साइंस/ कंप्यूटर एप्लीकेशन) | पूरी जानकारी के लिए आवेदक ऑफिशियल वेबसाइट देख सकते है |

राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 के लिए आयु सीमा:-

28 फरवरी 2020 के अनुसार उम्मीदवारों की आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए | सरकारी नियम विनियमन के अनुसार अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / पीडब्ल्यूडी / पीएच उम्मीदवारों को छूट |

राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 के लिए महत्वपूर्ण तिथियां:-

ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ होने की तिथि: 30-01-2020

ऑनलाइन आवेदन के लिए अंतिम तिथि: 28-02-2020

राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 के लिए वेतनमान:-

चयनित अभ्यर्थी नियमानुसार 2 वर्ष की अवधि तक ₹23700 प्रतिमाह पारिश्रमिक पर परिविक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी के रूप में रहेंगे | पे मैट्रिक्स लेवल संख्या L-10 के अनुसार पे स्केल ₹33800 से ₹106700 दे होगा |

राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 के लिए आवेदन शुल्क:-

सामान्य वर्ग/ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग/ अन्य पिछड़ा वर्ग/ अति पिछड़ा वर्ग/ अन्य राज्य के आवेदक : 650 रुपये

राजस्थान राज्य के अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के आवेदक और दिव्यांगजन : 400 रुपये

राजस्थान हाई कोर्ट स्टेनोग्राफर भर्ती 2020 के लिए चयन प्रक्रिया:-

योग्य उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और ट्रेड टेस्ट के आधार पर किया जाएगा |

स्वयं पोर्टल के माध्यम से Animation, Artificial Intelligence और Robotics के लिए अप्लाई करें |

Swayam Portal Learning (स्वयं पोर्टल):-

Swayam Portal Learning– मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Human Resource Development) ने वर्ष 2016 में ने Study Webs of Active Learning for Young Aspiring Minds (SWAYAM- स्वयं) पोर्टल लॉन्च किया था | SWAYAM- स्वयं एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं, जहां IIT, IIM जैसे इंस्टीट्यूट्स की फैकल्टी कक्षा नौवीं से लेकर ग्रेजुएशन तक के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन पढ़ाते हैं |

पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन सभी कोर्सेस में नि:शुल्क रजिस्टर किया जा सकता है और पढ़ाई की जा सकती है | हालांकि सर्टिफिकेट लेने के लिए स्टूडेंट्स को पोर्टल पर ही सशुल्क रजिस्ट्रेशन कराना होता है | जिसकी फीस 1000 रुपए है | इसके साथ ही स्टूडेंट्स को 70 अंकों की परीक्षा पास करनी होती है और 30 अंकों के internal assessment जमा करने होते हैं |

स्वयं पोर्टल में शामिल Course:- Swayam Portal Learning

यहां पढ़ाए जाने वाले इंटरनेशनल और सेल्फ पेस्ड कोर्सेस All India Council for Technical Education (AICTE) से, इंजीनियरिंग कोर्सेस Consortium for Educational Communication (CEC) से, इंजीनियरिंग कोर्सेस National Programme on Technology Enhanced Learning (NPTEL) से, नॉन टेक्निकल पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेस University Grants Commission (UGC) से, अंडरग्रेजुएट कोर्सेस Consortium for Educational Communication (CEC) से, स्कूल एजुकेशन कोर्सेस National Council of Educational Research and Training (NCERT) और National Institute of Open Schooling (NIOS) से, मैनेजमेंट कोर्सेस Indian Institute of Management Bangalore (IIMB) और टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम National Institute of Technical Teachers Training & Research (NITTTR) से मान्यता प्राप्त हैं |

Swayam Portal Learning

Animation Course के लिए Apply करें:-

यह कोर्स मुख्यत: विजुअल इफेक्ट्स एंड एनिमेशन (Visual Effects & Animation), डिजाइन इंजीनियरिंग और गेम टेक्नोलॉजी में कॅरिअर बनाने वाले स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया है | कोर्स में फिल्म, टेलीविजन, एडवरटाइजिंग (Advertising), वेब, मोशन कैप्चर और गेम डिजाइन में किस तरह एनिमेशन और VFX का उपयोग किया जाता है यह सिखाया जाता है | इसके लिए यश राज फिल्म्स के क्रिएचर एनिमेटर भुवनेश कुमार, कनाडा के VFX डायरेक्टर महमूद तारिक आदि सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स स्टूडेंट्स को विडियो के माध्यम से पढ़ाएंगे |

  • पढ़ाने वाले प्रोफेसर- डॉ. अभिषेक कुमार
  • यूनिवर्सिटी- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू)
  • अवधि- 15 सप्ताह का कोर्स
  • परीक्षा की तारीख- 9 मई 2020
  • आवेदन की अंतिम तारीख- 28 फरवरी, 2020

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Super Conductivity Course के लिए Apply करें:-

इस कोर्स में प्रिंसिपल्स ऑफ सुपर कंडक्टिविटी (), लंदन इक्वेशन्स, क्वांटम लॉजिक सर्किट आदि की पढ़ाई कराई जाती है। यह कोर्स खास तौर पर B.Tech(मटीरियल साइंस), M.Sc(फिजिक्स, मटीरियल साइंस) और PHD के स्टूडेंट्स के लिए डिजाइन किया गया है | कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स को सॉलिड स्टेट (फिजिक्स) की जानकारी होना अनिवार्य है |

  • पढ़ाने वाले प्रोफेसर- सौरभ बसु
  • यूनिवर्सिटी- आईआईटी गुवाहाटी
  • अवधि- 4 सप्ताह का कोर्स
  • परीक्षा की तारीख- 29 मार्च, 2020
  • आवेदन की अंतिम तारीख- 3 फरवरी, 2020

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Artificial Intelligence Course के लिए Apply करें:-

कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन कर रहे स्टूडेंट्स के लिए यह कोर्स डिजाइन किया गया है | इसमें इनरोल करने से पहले डेटा स्ट्रक्चर और प्रोबेबििलटी की जानकारी होनी जरूरी है | इस कोर्स को करने के बाद स्टूडेंट्स AI से जुड़े अन्य एडवांस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबल हो जाएंगे |

  • पढ़ाने वाले प्रोफेसर- मौसम कुमार
  • यूनिवर्सिटी- आईआईटी दिल्ली
  • अवधि- 12 सप्ताह का कोर्स
  • परीक्षा की तारीख- 26 अप्रैल, 2020
  • आवेदन की अंतिम तारीख- 3 फरवरी, 2020

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Robotics के लिए Apply करें:-

बेसिक मैथेमैटिक्स की जानकारी रखने वाले स्टूडेंट्स इस कोर्स में इनरोल कर सकते हैं | यह कोर्स मुख्यत: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और मैथेमैटिक्स के स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया है |

  • पढ़ाने वाले प्रोफेसर- एन सुकावनम और एम फेलिक्स ऑरलैंडो
  • यूनिवर्सिटी- आईआईटी रुड़की
  • अवधि- 8 सप्ताह का कोर्स
  • परीक्षा की तारीख- 29 मार्च, 2020
  • आवेदन की अंतिम तारीख- 3 फरवरी, 2020

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Modern Indian Writing के लिए Apply करें:-

भारतीय साहित्य को मॉडर्न तरीके से कैसे लिखा जाए यह कोर्स में सिखाया जाता है | इस कोर्स में रवींद्रनाथ टैगोर सहित विभिन्न साहित्यकारों के साहित्य को अंग्रेजी भाषा में ट्रांसलेट करने की कला सिखाई जाती है |

  • पढ़ाने वाले प्रोफेसर- ए दिव्या
  • यूनिवर्सिटी- आईआईटी मद्रास
  • अवधि 12 सप्ताह का कोर्स
  • परीक्षा की तारीख- 25 अप्रैल, 2020
  • आवेदन की अंतिम तारीख- 3 फरवरी, 2020

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लाला लाजपत राय जयंती स्पेशल: Famous Quotes और अनमोल विचार

लाला लाजपत राय जयंती स्पेशल:

इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है | आज ही के दिन महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय (Lala Lajpat Rai) का जन्म हुआ था | आज लाला लाजपत राय की 155वीं जयंती है | लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब के मोंगा जिले में हुआ था | लाला लाजपत राय को पंजाब केसरी यानी पंजाब का शेर कहा जाता था |

देश के स्वतंत्रता आंदोलन में लाला लाजपतराय का महत्वपूर्ण योगदान रहा | वो अपनी रचनाओं से भी लोगों को देशप्रेम और स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करते रहते थे | भारत को स्वाधीनता दिलाने में उनका त्याग, बलिदान तथा देशभक्ति अद्वितीय और अनुपम थी | उनका साहित्य-लेखन एक महत्वपूर्ण आयाम है | वे ऊर्दू तथा अंग्रेजी के समर्थ रचनाकार थे |

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लाला लाजपत राय के famous Quotes:-

The shots that hit me are the last nails to the coffin of British rule in India

If I had the power to influence Indian journals, I would have the following headlines printed in bold letters on the first page: Milk for the infants, food for the adults and education for all

The government which attacks its own innocent subjects has no claim to be called a civilised government. Bear in mind, such a government does not survive long. I declare that the blows struck at me will be the last nails in the coffin of the British rule in India

Since the cruel killing of cows and other animal have commenced, I have anxiety for the future generation

I do honestly and sincerely believe in the necessity or desirability of Hindu-Muslim unity. I am also fully prepared to trust the Muslim leaders. But what about the injunctions of the Koran and Hadis? The leaders cannot over-ride them. Are we then doomed? I hope not. I hope your learned mind and wise head will find some way out of this difficulty

“Every blow that they hurled at us drove one more nail into the coffin of the Empire”

“I always believed that my silence on several topics will be an advantage in the long run”

लाला लाजपत राय के सुविचार:-

“अतीत को देखते रहना व्यर्थ है, जब तक उस अतीत पर गर्व करने योग्य भविष्य के निर्णाण के लिए कार्य न किया जाए “

“दूसरों पर विश्वास न रखकर स्वंय पर विश्वास रखो. आप अपने ही प्रयत्नों से सफल हो सकते हैं क्योंकि राष्ट्रों का निर्माण अपने ही बलबूते पर होता है”

” नेता वह है जिसका नेतृत्व प्रभावशाली हो, जो अपने अनुयायियों से सदैव आगे रहता हो, जो साहसी और निर्भीक हो “

“वास्तविक मुक्ति दुखों से निर्धनता से, बीमारी से, हर प्रका की अज्ञानता से और दासता से स्वतंत्रता प्राप्त करने में निहित है “

“पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ शांतिपूर्ण साधनों से उद्देश्य पूरा करने के प्रयास को ही अहिंसा कहते हैं”

” पराजय और असफलता कभी-कभी विजय की और जरूरी कदम होते हैं “

” सार्वजनिक जीवन में अनुशासन को बनाए रखना बहुत ही जरूरी है, वरना प्रगति के मार्ग में बाधा खड़ी हो जायेगी “

” देशभक्ति का निर्णाण न्याय और सत्य की दृढं चट्टान पर ही किया जा सकता है “

” इंसान को सत्य की उपासना करते हुए सांसारिक लाभ पाने की चिंदा किए बिना साहसी और ईमानदार होना चाहिए “

” वह समाज कदापि नहीं टिक सकता जो आज की प्रतियोगिता और शिक्षा के समय में अपने सदस्यों को प्रगति का पूरा-पूरा अवसर प्रदान नहीं करता है”

28 जनवरी 2020: लाला लाजपत राय की 155वीं जयंती

लाला लाजपत राय की 155वीं जयंती:-

इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है | आज ही के दिन महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय (Lala Lajpat Rai) का जन्म हुआ था | आज लाला लाजपत राय की 155वीं जयंती है | लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को पंजाब के मोंगा जिले में हुआ था | लाला लाजपत राय को पंजाब केसरी यानी पंजाब का शेर कहा जाता था |

देश के स्वतंत्रता आंदोलन में लाला लाजपतराय का महत्वपूर्ण योगदान रहा | वो अपनी रचनाओं से भी लोगों को देशप्रेम और स्वतंत्रता के लिए प्रेरित करते रहते थे | भारत को स्वाधीनता दिलाने में उनका त्याग, बलिदान तथा देशभक्ति अद्वितीय और अनुपम थी | उनका साहित्य-लेखन एक महत्वपूर्ण आयाम है | वे ऊर्दू तथा अंग्रेजी के समर्थ रचनाकार थे |

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किशोरावस्था में स्वामी दयानंद सरस्वती से मिलने के बाद आर्य समाजी विचारों ने उन्हें प्रेरित किया साथ ही वे आजादी के संग्राम में तिलक के राष्ट्रीय चिंतन से भी बेहद प्रभावित रहे | आगे चलकर लाला लाजपत राय ने स्वतंत्रता आंदोलन में कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया |

3 फरवरी 1928 को जब साइमन कमीशन भारत आया था तो उसके विरोध में पूरे देश में आग भड़की थी | लाला लाजपतराय ने इसके विरोध में लाहौर में आयोजित बड़े आंदोलन का नेतृत्व किया और अंग्रेजी की हुकूमत को हिला दिला | इस आंदोलन में अंग्रेजों ने जनता पर लाठियां बरसाई | लाठियों के वार के कारण लाला लाजपतराय 17 नवंबर 1928 को शहीद हो गए थे |

लाला लाजपत राय की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा:-

लाला लाजपत राय ने 1880 में कलकत्ता तथा पंजाब विश्वविद्यालय से एंट्रेंस की परीक्षा एक वर्ष में पास की और आगे पढ़ने के लिए लाहौर आए | 1982 में एफए की परीक्षा पास की और इसी दौरान वे आर्यसमाज के सम्पर्क में आए और उसके सदस्य बन गये |

लाला लाजपत राय का राजनीतिक सफर:-

1885 में स्थापना के वक्त से ही कांग्रेस में प्रमुख स्थान रखने वाले लाजपत राय 1888 में पहली बार कांग्रेस के इलाहाबाद अधिवेशन में सम्मिलित हुए, जिसकी अध्यक्षता मिस्टर जॉर्ज यूल ने की थी | 1894 में अंग्रेजों से लड़ने के लिए आर्थिक मजबूती के मकसद से पंजाब नेशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कंपनी की शुरुआत की तो 1905 में जब अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन कर दिया, तब लालाजी ने सुरेंद्रनाथ बनर्जी, लोकमान्य तिलक और विपिन चंद्र पाल जैसे आंदोलनकारियों से हाथ मिला कांग्रेस में उग्र विचारों की जगह बनाई |

लाला लाजपत राय का इंग्लैंड का दौरा :-

लाला जी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन पंजाब में पूरी तरह से सफल रहा, जिस कारण लाला लाजपत राय को पंजाब का शेरपंजाब केसरी के नाम से पुकारा जाने लगा | प्रथम विश्वयुद्ध (1914-18) के दौरान लाला लाजपत राय एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में इंग्लैंड गए और देश की आजादी के लिए प्रबल जनमत जागृत किया |

वहां से वे जापान होते हुए अमेरिका चले गए और स्वाधीनता-प्रेमी अमेरिकावासियों के समक्ष भारत की स्वाधीनता का पथ प्रबलता से प्रस्तुत किया | लाला लाजपत राय युवाओं के प्रेरणास्रोत थे | उनसे प्रेरित हो भगत सिंह, उधम सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि देशभक्तों ने अंग्रेजों से लोहा लिया था |

अंग्रेजो वापस जाओ का नारा दिया :-

साइमन कमीशन का विरोध करते हुए लालाजी ने ‘अंग्रेजो वापस जाओ’ का नारा दिया और कमीशन का डटकर विरोध जताया | 3 फरवरी 1928 को जब साइमन कमीशन भारत आया तो उसके विरोध में पूरे देश में आग भड़की थी | 30 अक्टूबर 1928 को लाहौर में साइमन कमीशन के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में लाठीचार्ज के चलते लाला जी बुरी तरह से घायल हो गए |

18 दिन जख्मों से लड़ते हुए आखिर 17 नवंबर 1928 को जीवन की डोर टूट गई | लाठीचार्ज के ठीक एक महीने बाद 17 दिसंबर को ब्रिटिश पुलिस के अफसर सांडर्स को गोली से उड़ा दिया गया, जिसके लिए राजगुरु, सुखदेव और भगतसिंह को फांसी की सजा सुनाई गई |

गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक :-

लाला लाजपत राय ने पंजाब में पंजाब नेशनल बैंक और लक्ष्मी बीमा कंपनी की स्थापना भी की थी | वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे | इन्होंने एक मुख्तार के रूप में भी काम किया, वहीं 1892 तक रोहतक और हिसार में एक सफल वकील के रूप में रहे | इसके बाद लाहौर चले गए और आर्य समाज के अतिरिक्त्त राजनैतिक आंदोलन के साथ जुड़ गए |

आर्य समाज को पंजाब में लोकप्रिय बनाया:-

लाला लाजपत राय ने स्वामी दयानन्द सरस्वती के साथ मिलकर आर्य समाज को पंजाब में लोकप्रिय बनाया | लाला हंसराज के साथ दयानन्द एंग्लो वैदिक विद्यालयों का प्रसार किया, लोग जिन्हें आजकल डीएवी स्कूल्स व कालेज के नाम से जाना जाता है | लालाजी ने अनेक स्थानों पर अकाल में शिविर लगाकर लोगों की सेवा भी की थी |

प्रधानमंत्री पोषण अभियान 2020 : हर घर पोषण त्यौहार

प्रधानमंत्री पोषण अभियान 2020:-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से पोषण अभियान (Poshan Abhiyaan) शुरू किया है | केंद्र सरकार के प्रमुख प्रधानमंत्री मोदी पोषण अभियान 2020 में सभी राज्यों, जिलों और कस्बों को शामिल किया जाएगा | लोग अब प्रधानमंत्री पोषण अभियान की गतिविधियों की सूची और विषय-वस्तु ऑनलाइन http://poshanabhiyaan.gov.in/#/ पर देख सकते हैं |

इस प्रधानमंत्री पोषण अभियान की टैगलाइन “सही पोषण देश रोशन” है | इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिशुओं, गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली माताओं को पर्याप्त पोषण प्रदान करना है | पोशन अभियान बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण परिणामों में सुधार करने के लिए भारत का प्रमुख कार्यक्रम है | यह leveraging तकनीक, एक लक्षित दृष्टिकोण और अभिसरण द्वारा किया जाता है |

केंद्र सरकार इसे जन अभियान (जन आन्दोलन) में बदलने के लिए पोषण अभियान के साथ बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ना चाहती है | अब तक, लगभग 9,42,48,135 लोग पोषण अभियान में भाग ले चुके हैं | इनमें से 1,72,56,529 पुरुष वयस्क हैं जबकि 3,09,08,019 महिला वयस्क हैं | इस सामूहिक अभियान में 1,96,00,703 पुरुष बच्चे और 2,15,59,626 महिला बच्चे शामिल हैं |

PM मोदी पोषण अभियान 2020 की गतिविधियों की ऑनलाइन सूची:-

PM मोदी पोषण अभियान की आधिकारिक वेबसाइट http://poshanabhiyaan.gov.in/ है | पोषण अभियान में की जाने वाली गतिविधियों की पूरी सूची इस प्रकार है:

  • पोषण रैली
  • एनीमिया शिविर
  • क्षेत्र स्तरीय महासंघ (एएलएफ) बैठकें
  • CBE – समुदाय आधारित घटनाएँ (ICDS)
  • सामुदायिक रेडियो गतिविधियाँ
  • सहकारी / संघ
  • साइकिल रैली
  • दिन-एनआरएलएम एसएचजी मीट
  • डेफाइट डायरिया अभियान (D2)
  • किसान क्लब की बैठक
  • हाट बाज़ार गतिविधियाँ
  • किसानों का त्यौहार
  • घर का दौरा
  • स्थानीय नेता बैठक
  • नुक्कड नाटक / लोक कार्यक्रम
  • पंचायत की बैठक
  • पोषण मेला (रैली)
  • प्रभात फेरी
  • शौचालयों को पानी उपलब्ध कराना
  • आंगनबाड़ी केंद्रों में सुरक्षित पेयजल
  • स्कूलों में सुरक्षित पेयजल (गतिविधियाँ)
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) बैठकें
  • युवा समूह की बैठक
  • पोषण वॉक (कार्यशाला)

PM मोदी पोषण अभियान 2020 के विषय :-

  • स्तनपान
  • किशोर एड, आहार, विवाह की आयु
  • रक्ताल्पता
  • एंटेनाटल चेकअप
  • ईसीसीई
  • खाद्य दुर्ग और सूक्ष्म पोषक तत्व
  • विकास की निगरानी
  • स्वच्छता, जल, प्रतिरक्षा
  • विकास की निगरानी
  • पोषण (कुल मिलाकर पोषण आहार)

गुजरात सरकार द्वारा पोषण अभियान:-

भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की योजना की तर्ज पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने गुजरात में राज्य व्यापी “पोषण अभियान” शुरू किया है | 2 साल का पोषण अभियान सभी शहरों, कस्बों और गांवों को कवर करेगा | गुजरात सरकार ने 23 जनवरी 2020 को पोशन योजना शुरू की | रुपाणी ने आंगनवाड़ी, आशा और ANM कार्यकर्ताओं के लिए 12,000/- रुपये के नकद पुरस्कारों की घोषणा की जो आगामी वर्ष में कुपोषण को दूर करने का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे |

मध्यप्रदेश सरकार की “आपकी सरकार आपके द्वार योजना”

आपकी सरकार आपके द्वार योजना:-

मध्य प्रदेश सरकार ने “आपकी सरकार आपके द्वार योजना 2020” की शुरुआत की | इस योजना के तहत, राज्य सरकार एक निश्चित शुल्क पर लोगों को उनके घर पर सरकारी सेवाएं प्रदान करेगी | मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 25 जनवरी 2020 को होटल मैरियट में आयोजित हुए एक समारोह में इस योजना को पायलट आधार पर इंदौर शहर में शुरू किया है | लोग अब आपकी सरकार आपके द्वार योजना 2020 के तहत शामिल योजनाओं / सेवाओं की सूची की जाँच कर सकते हैं |

मध्यप्रदेश आपकी सरकार आपके द्वार योजना 2020″ के तहत सेवाओं को मध्य प्रदेश लोक सेवा वितरण गारंटी अधिनियम के तहत पेश किया जाएगा | सभी आवेदक इन सेवाओं के लिए लोक सेवा केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे | आवेदन पत्र के साथ आवेदक को आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है | आवेदन करने के कुछ घंटे बाद ही प्रमाण पत्र आपके घर पहुंच जाएगा |

आवेदन जमा करने के 24 घंटे के भीतर दस्तावेजों की होम डिलीवरी के लिए 50/- रुपये की राशि का शुल्क लिया जाएगा | समय पर डिलीवरी नहीं होने पर, सेवा प्रदाताओं को आवेदक को 250/- रुपये का भुगतान करना होगा |

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यह योजना मुख्य्मंत्री कमलनाथ के सपने को साकार करेगी, यह सुनिश्चित करने के लिए कि मध्यप्रदेश की तुलना पिछड़े और छोटे राज्यों के बजाय भारत के अग्रणी राज्यों के साथ की जाए | सरकार और नागरिकों दोनों की प्रगति के लिए Aapki Sarkar Aapke Dwaar पहल महत्वपूर्ण है | इसके अलावा, यह द्वार प्रदाय योजना (आपकी सरकार आपके द्वार योजना 2020) लोगों की सोच और दृष्टिकोण में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी क्योंकि सामूहिक प्रयास बेहतर परिणाम लाएंगे |

आपकी सरकार आपके द्वार योजना की योजनाओं / सेवाओं की सूची:-

मध्य प्रदेश सरकार की द्वार प्रदाय योजना “आपकी सरकार आपके द्वार योजना 2020” के तहत, राज्य सरकार नागरिकों को 24 घंटे के भीतर पांच सेवाएं प्रदान करेगा | योजनाओं और सेवाओं के इस डोरस्टेप डिलीवरी की पहल से राज्य की पहचान में बदलाव आएगा | आपकी सरकार आपके द्वार योजना, सरकार और प्रशासन के लोगों के साथ-साथ लोगों की रवैया और कार्य संस्कृति में भी परिवर्तन लाएगा जो वर्तमान समय के साथ संतुलन बनाए रखने में सहायक होगा | द्वार प्रदाय योजना के तहत 24 घंटे में दरवाजे पर प्रदान की जाने वाली पांच सेवाएं इस प्रकार हैं:-

  • आय प्रमाण पत्र
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • मृत्यु प्रमाणपत्र
  • खसरा-खतौनी की नकल |

इसके लिए, विकल्प का चयन करने के बाद, नागरिकों को लोक सेवा केंद्र या इसके पोर्टल पर आवेदन करना होगा | लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत MP Aapki Sarkar Aapke Dwaar Yojana 2020 के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जाएंगी |

लोक सेवा गारंटी योजना के तहत, लोगों की आवश्यकताओं को तेजी से पूरा करने के लिए लोक सेवा केंद्रों की संख्या 326 से बढ़ाकर 426 कर दी गई है | इन लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से, मध्यप्रदेश सरकार लगातार 300 दिनों तक राज्य के लोगों को 464 सेवाएँ प्रदान कर रहा है | सेवा केंद्रों को प्रतिदिन 25K से 30K आवेदन प्राप्त होते हैं, जिन्हें तुरंत संबंधित विभागों को निर्धारित अवधि के भीतर निवारण के लिए भेज दिया जाता है |

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री लोगों को विश्वसनीय व्यवस्था दे रहे हैं और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा रहे हैं | मुख्यमंत्री जल्द ही मिल मजदूरों के हितों में और अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए एक नया तोहफा देंगे |

आपकी सरकार आपके द्वार योजना 2020 के लिए इंदौर को ही क्यों चुना गया:-

स्वच्छता के मामले में इंदौर पूरे देश में शीर्ष पर है | यह स्थानीय प्रशासन और लोगों की भागीदारी के कारण हुआ है | इसलिए, द्वार प्रदाय योजना के माध्यम से, सरकार लोगों के साथ मिलकर काम करना चाहती है ताकि हम पूरे राज्य पर गर्व कर सकें | लगभग 70% आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए किसानों की क्रय शक्ति को बढ़ाने की आवश्यकता है | यह क्रय शक्ति हमारी किराने की दुकानों और छोटे व्यापार और व्यवसायों के व्यापार को बढ़ावा देगी |

साथ ही, रोजगार के बड़े अवसर भी उपलब्ध होंगे | निवेश के अनुकूल राज्य और राज्य के लोगों से मिली शक्ति के बल पर, सरकार मध्य प्रदेश का एक नया नक्शा बना रहा है |

Republic Day 2020: जानें गणतंत्र दिवस का इतिहास और उससे जुड़े रोचक तथ्‍य

गणतंत्र दिवस का इतिहास, Republic Day 2020:

गणतंत्र दिवस का इतिहास– भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है | इस साल देश 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है | दरअसल, 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान लागू हुआ, जिसके उपलक्ष्य में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है | एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए भारतीय संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था |

डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान को दो साल, 11 महीने और 18 दिनों में तैयार कर राष्ट्र को समर्पित किया था | हमारा संविधान विश्‍व का सबसे बड़ा संविधान माना जाता है | इसे बनाने वाली संविधान सभा के अध्यक्ष भीमराव अंबेडकर थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे |

गणतंत्र दिवस का इतिहास:-

गणतंत्र दिवस का इतिहास बड़ा ही रोचक है | एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया |

साल 1929 की दिसंबर में लाहौर में पंडित जावरहलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस का अधिवेशन किया गया था | इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित करते हुए इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियन का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत को पूर्ण रूप से स्‍वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा |

गणतंत्र दिवस का इतिहास

26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब बैठक में उपस्थित सभी क्रांतिकारियों ने अंग्रेज सरकार के शासन से भार‍त को आजाद करने और पूर्णरूपेण स्‍वतंत्रता को साकार करने के लिए 26 जनवरी 1930 को ‘स्‍वतंत्रता दिवस‘ के रूप में एक ऐतिहासिक पहल बनाने की शपथ ली थी |

उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा | इसके बाद 15 अगस्त 1947 को वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद इस दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा | भारत के आज़ाद हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से शुरू किया | संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे |

26 जनवरी को कैसे लागू हुआ संविधान :-

संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयां थी, जिसमें प्रारूप समिति (Drafting committee) सबसे प्रमुख और महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना‘ या ‘निर्माण करना‘ था | प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव आंबेडकर थे | प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर ने 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया |

अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किए | इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया | 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (Constituent Assembly) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई | इसलिए 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है |

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गणतंत्र दिवस से जुड़े रोचक तथ्‍य:-

  • गणतंत्र दिवस की परेड:– यह देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर आयोजित होती है | यह परेड 8 किलोमीटर की होती है और इसकी शुरुआत रायसीना हिल से होती है | उसके बाद राजपथ, इंडिया गेट से होते हुए ये लाल किले पर समाप्‍त होती है |
  • गणतंत्र दिवस की पहली परेड :- 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र दिवस की पहली परेड, राजपथ के बजाय तत्‍कालीन इर्विन स्‍टेडियम (अब नेशनल स्‍टेडियम) में हुई थी | उस वक्‍त इर्विन स्‍टेडियम के चारों तरफ चारदीवारी नहीं थी और उसके पीछे लाल किला साफ नजर आता था |
  • संविधान की तारिख और समय:- 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था |
  • पूर्ण स्वराज दिवस :-26 जनवरी 1930 को ध्यान में रखते हुए भारत के संविधान को 26 जनवरी को लागू किया गया था |
  • 21 तोपों की सलामी:- राष्ट्रगान के दौरान 21 तोपों की सलामी दी जाती है. 21 तोपों की ये सलामी राष्ट्रगान की शुरूआत से शुरू होती है और 52 सेकेंड के राष्ट्रगान के खत्म होने के साथ पूरी हो जाती है |
  • झाकियों का प्रदर्शन:- हर साल गणतंत्र दिवस पर राज्यों की झाकियां निकलती हैं, जिसका टीवी पर लाइव प्रसारण भी किया जाता है | गणतंत्र दिवस के मौके पर खासतौर पर झाकियां देखने के लिए कई लोग इंडिया गेट भी जाते हैं |

Republic Day 2021: Republic Day Speech in Hindi

Republic Day Hindi Speech 2021:

Republic Day Hindi Speech– भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है | इस साल देश 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है | दरअसल, 26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान लागू हुआ, जिसके उपलक्ष्य में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है | एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए भारतीय संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था |

सभी सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों व स्कूलों में इस दिन झंडा फहराया जाता हैं । गणतंत्र दिवस पर कई स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन स्कूल, कॉलेज आदि में भी किए जाते हैं। अगर आप भी इस मौके पर भाषण देने की योजना बना रहे हैं तो इस दिन आप देश की लोकतान्त्रिक व्यवस्था को लेकर अपने विचार भी अन्य लोगो के सामने रख सकते हैं |(Republic Day Hindi Speech)

Republic Day Speech in Hindi:-

आप सभी को नमस्कार व गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं | मैं… सबसे पहले आप लोगों को हमारे साथ गणतंत्र दिवस मनाने के लिए धन्यवाद कहना चाहूँगा | आज 26 जनवरी को हम भारत के 71वा गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं |

जैसा की आप सभी जानते हैं कि यह एक राष्ट्रीय त्यौहार हैं और हम सभी एक भारतीय होने के नाते इसे मनाते हैं | अन्य धार्मिक उत्सवो के तरह राष्ट्रीय उत्सवों का भी अपना महत्व होता हैं | आज के दिन 1950 भारत को अपना सविंधान मिला था और इसी उपलक्ष्य में आज के दिन को हम मनाते हैं |

यह तो सभी को ज्ञात है कि पहले हमारा देश पराधीन था और यहाँ अंग्रेजों (British) का राज था | गुलामी के समय हम लोगों को अंग्रेजों के कानून नियम व कायदे मानने होते थे | भारतीयों को अंग्रेज हेय द्रष्टि से देखते थे | भारतीयों को अपने ही देश में कोई अधिकार प्राप्त नहीं था | अंग्रेज भारतीयों पर अनेक प्रकार से अत्याचार करते थे | जिसके फलस्वरूप देश के युवा, बुधिजीवी व आम जन मानस ने स्वतंत्रता के लिए संग्राम शुरू कर दिया |

अंत में 15 अगस्त 1947 को भारत को आज़ादी मिली और उसके ढाई साल बाद 26 जनवरी 1950 को भारत डेमोक्रेटिक रिपब्लिक बना | यह दिन इसलिए अधिक महत्वपूर्ण हैं क्यूंकि 26 जनवरी 1950 से पहले भारतीय अंगेजों के बनाये हुए कानून को मानने के लिए विवश थे |

गणतंत्र का अर्थ (Republic Day Meaning) है देश में रहने वाले लोगों को अपने प्रतिनिधियों को राजनीतिक नेता के रूप में चुनने का अधिकार | हमारे नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के काफी संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली और भारत का अपना संविधान बना |

भारत के सविंधान में सभी नागरिकों के मूल कर्तव्यों, नियम और कानून का उल्लेख है | भारत में विविधता में एकता दिखाने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक बड़ा प्रदर्शन इस दिन किया जाता है | गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय सेना का शक्ति प्रदर्शन देश के लोगों को सुरक्षित होने का आश्वासन देता हैं |

अंत में  इस भाषण को समाप्त करने से पहले, मैं आप सभी को गणतंत्र दिवस के बारे में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का मौका देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं व आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई भी देना चाहता हूँ |

वन्दे मातरम् , वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्…

भारत माता की जय…

धन्यवाद ,

मध्यप्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में MP STEAM Syllabus 2020 लागू किया जाएगा

MP STEAM Syllabus 2020:-

आज विश्व में हर क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है, उसमें शिक्षा भी अछूती नहीं है | परिवर्तन के इस दौर में हमारे शिक्षकों का अपग्रेड होना जरूरी है, अन्यथा हम अपनी भावी पीढ़ी को आज के और आने वाले समय के अनुकूल शिक्षित नहीं कर पाएंगे | इसी बात को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में “मध्य प्रदेश स्टीम पाठ्यक्रम 2020 (MP STEAM Syllabus 2020)” शुरू करने की योजना बनाई है |

STEAM का अर्थ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित है | मध्य प्रदेश स्टीम पाठ्यक्रम को लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा | अगर इसे सही तरीके से लागू किया जाए तो मध्य प्रदेश स्टीम योजना से राज्य 1.21 लाख छात्र-छात्राएं जो स्कूलों में पढ़ाई करते हैं लाभान्वित होंगे |

STEAM क्या है:-

अंग्रेजी में स्टीम की स्पेलिंग है STEAM… इसका अर्थ है –

S – साइंस
T – टेक्नोलॉजी
E – इंजीनियरिंग
A – आर्ट्स
M – मैथेमेटिक्स

STEAM मॉडल छात्रों को पढ़ाने पर आधारित एक तरह का पाठ्यक्रम है, जो स्टेम (STEM – Science, Technology, Engineering, Mathematics) के बाद एक अगला कदम है | पहले यह सिर्फ साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स विषय पर आधारित था, लेकिन मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा के लिए इसमें आर्टस जोड़ा गया है | STEM पाठ्यक्रम एक अंतःविषय और लागू दृष्टिकोण में छात्रों को पढ़ाने पर आधारित था | MP STEAM Syllabus वर्तमान समय में छात्रों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के लिए समय की आवश्यकता है |

मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए एक राज्य स्तरीय समिति बनाई है | समिति की अध्यक्ष स्कूल शिक्षा की प्रमुख सचिव हैं | विभाग इस सत्र से प्रदेश के 1,500 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस मॉड्यूल को लागू करेगा | इसे लागू करने के लिए विभाग करिकुलम मैपिंग कर रहा है |

MP STEAM Syllabus 2020 का विवरण:-

MP STEAM Syllabus
  • स्कूल शिक्षा विभाग MP Steam Syllabus शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है | संयुक्त राज्य अमेरिका, कोरिया और अन्य देशों के STEAM विशेषज्ञों द्वारा पूरा होने के बाद, (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित) मॉड्यूल होना है | वित्त वर्ष 2020 में निजी और सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया |
  • छात्रों के साथ interactive सत्र आयोजित करने के लिए शैक्षिक सत्र 2019-20 के अंत से पहले शिक्षकों को 1 महीने का समय मिलेगा | उस अवधि के दौरान पाठ्यक्रम और उपचारात्मक कक्षाओं का संशोधन स्टीम पाठ्यक्रम के अनुसार किया जाएगा | नए 2020-21 शैक्षणिक सत्र में कक्षाओं में रंगीन पहेली का परिचय होगा, जिसके माध्यम से बच्चे दैनिक जीवन से संबंधित प्रश्न का रचनात्मक तरीके से जवाब देंगे |
  • MP Steam Curriculum सीखने की प्रक्रिया को दिलचस्प बना देगा क्योंकि इसमें गणित और कला का समामेलन होगा | आसपास मौजूद वस्तुओं का उपयोग प्रदर्शन और शिक्षण उद्देश्यों के लिए किया जाएगा | STEAM एक सफल शिक्षा module है जो छात्रों की शैक्षिक अंतर्दृष्टि को प्राकृतिक तरीके से विकसित करता है और कम उम्र में उनके झुकाव की पहचान करता है |

MP STEAM Syllabus 2020 का कार्यान्वयन:-

स्कूल शिक्षा विभाग को “MP Steam Syllabus 2020-21” को लागू करने के लिए पाठ्यक्रम और बजट प्रावधानों में मध्यम संशोधन करना होगा | 1 चरण में, इस मॉड्यूल को राज्य भर में जिला स्तर पर कुछ स्कूलों में पेश किया जाएगा, जो परिणामों के आधार पर अगले चरण में बाद में बढ़ाया जाएगा | तहसील और ब्लॉक के शिक्षक जिला स्तर (Tehsil & Block Teacher District Level) पर इन CLAM कार्यशालाओं में भाग लेंगे और नई अवधारणा का पहला अनुभव प्राप्त करेंगे |

MP STEAM Syllabus 2020 के लाभ:-

  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला और गणित के 5 विषयों में STEAM learning महत्व को रोजमर्रा की गतिविधियों में उपयोग किया जाता है |
  • दिलचस्प गतिविधियों के माध्यम से समस्या समाधान, रचनात्मक और विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ावा दिया जाएगा |
  • हमारी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली कई नौकरियों में STEAM विषय शामिल हैं |
  • इस शिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से तैयार किए गए छात्रों के पास दूसरों की तुलना में रोजगार प्राप्त करने की अधिक संभावना है |

छत्तीसगढ़ मधुर गुड़ योजना 2021 – सब्सिडी दर और पात्रता की जाँच करें

छत्तीसगढ़ मधुर गुड़ योजना 2021:-

आप सभी जानते ही होंगे कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है, जिसे खत्म करने के लिए सरकार भी पुरजोर कोशिश करती है | लेकिन छत्तीसगढ़ की एक और समस्या बच्चों और महिलाओं की है जो कुपोषण और एनीमिया के शिकार हैं | एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में लगभग 37% बच्चे कुपोषित हैं | इसके साथ, 42% महिलाएं ऐसी हैं जो एनीमिया से पीड़ित हैं |

इस समस्या को खत्म करने के लिए, छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मधुर गुड़ योजना (Chief Minister Madhur Gur Yojana ) शुरू की गई है | इस योजना के माध्यम से, सरकार लोगों में विटामिन C और आयरन की कमी को दूर करना चाहती है | छत्तीसगढ़ में कुपोषित बच्चों की बढ़ती संख्या सरकार की प्रमुख चिंता बनी हुई है | इसलिए, इस योजना को शुरू करके, सरकार बच्चों को शिक्षित करना चाहती है |

इस योजना के तहत प्रदान किए गए लाभों से बच्चे और महिलाएं लाभान्वित होंगे | जिससे परिवार के साथ-साथ समाज भी मजबूत होगा | इस नई सरकारी योजना के तहत, सरकार राशन की दुकानों के माध्यम से रियायती दर पर गुड़ उपलब्ध कराएगी |

छत्तीसगढ़ मधुर गुड़ योजना

छत्तीसगढ़ मधुर गुड़ योजना 2021 की मुख्य विशेषताएं:-

यह योजना छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में शुरू की जा रही है | इसके बाद, यह जल्द ही पूरे राज्य में फैल जाएगा | इस योजना में, 6 लाख गरीब, कुपोषित और एनीमिया से पीड़ित बच्चे छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से लाभान्वित होंगे |

  • छत्तीसगढ़ राज्य में कई महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें पोषण युक्त भोजन प्रदान नहीं होता है और इसके कारण वे अनीमिया जैसी बीमारी से पीढित हो जाती है | इसलिए यह योजना महिलाओं को भी सुपोषित बनाने के लिए है |
  • लाभार्थियों को किफायती दाम में गुड़ प्रदान किया जाना है, जिसके सेवन से लाभार्थियों में विटामिन C एवं आयरन में वृद्धि होगी और वे सुपोषित हो सकेंगे |
  • मधुर गुड़ योजना से बस्तर संभाग के 6 लाख 59 हजार से अधिक गरीब परिवारों को लाभ पहुंचेगा |
  • इस योजना के क्रियान्वयन में हर साल 50 करोड़ रूपए खर्च किए जाएगें |
  • योजना में लाभार्थियों को मात्र 17 रूपये में प्रतिमाह 2 किलो गुड़ प्रदान किया जायेगा |
  • बस्तर क्षेत्र में वितरण के लिए 15 हजार 800 टन गुड़ उपलब्ध किया जाएगा |
  • मधुर गुड़ योजना को शुरू कर सरकार कुपोषण एवं एनीमिया की समस्या को तो ख़त्म करेगी ही, साथ ही इससे लोगों में होने वाली मलेरिया जैसी बीमारी से भी मुक्ति दिलाये की बात कहीं गई है |
  • इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह भी है कि इससे शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर दोनों में ही कमी आयेगी |

इसके अलावा आपको बता दें कि सरकार स्कूल और आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए भी अंडे देगी, ताकि सभी बच्चों को पोषण मिल सके और कोई भी कुपोषण से बीमार न हो सके | इस तरह की योजना को अब तक किसी भी क्षेत्र में लागू नहीं किया गया है |

छत्तीसगढ़ मधुर गुड़ योजना 2021 के लिए पात्रता मानदंड:-

  • इस योजना में छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के अंदर आने वाले लोगों को सुपोषित होने का लाभ दिया जाना है | इसके अलावा कोई भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पायेगा |
  • अक्सर देखा जाता हैं कि गरीब परिवार के बच्चों में ही कुपोषित होने की समस्या सबसे अधिक होती है | इसलिए इस योजना में भी गरीब परिवार से संबंध रखने वाले लोगों को लाभ प्रदान किया जायेगा |
  • इस योजना की पात्रता मापदंड में यह उल्लेख किया गया है कि जो बच्चे एवं महिलाओं में कुपोषण की समस्या हैं उन्हें ही इस योजना का लाभ मिलेगा |

छत्तीसगढ़ मधुर गुड़ योजना 2021 का लाभ कैसे लें:-

मधुर गुड़ योजना का लाभ लेने के लिए जनता को अपने करीबी राशन की दुकान की जाना होगा, वहां पर सरकार की तरफ से सब्सिडी रेट में उन्हें गुड दिया जायेगा | इसके साथ ही लाभार्थी को निम्नलिखित दस्तावेज अपने साथ ले जाने होंगे:-

योजना 2021 के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • मूल निवासी प्रमाण पत्र (Docmicile Certificate)
  • पहचान प्रमाण पत्र (Photo ID)
  • बीपीएल कार्ड (BPL Ration Card)
  • आधार कार्ड (Aadhaar Card)

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उत्तरप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2020

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2020:-

उत्तर प्रदेश ने किसानों के कल्याण के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2020 (UP Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2020) की शुरुआत की है | उत्तरप्रदेश राज्य सरकार इस दुर्घटना बीमा योजना के तहत, खेतों में काम करते हुए मरने वाले या विकलांग होने वाले किसान परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा |

यह नई योजना उत्तर प्रदेश योजना 2020 मौजूदा Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana की जगह लेगी | यह निर्णय 21 जनवरी 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिया गया है |

उत्तरप्रदेश मुख्‍यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्‍याण योजना 2020 के तहत किसान की मृत्यु के मामले में, उसके परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा | नई सरकारी बीमा योजना से लगभग 2.38 करोड़ किसान परिवारों को लाभ होने वाला है | इस योजना में बटाईदार भी शामिल होंगे, जो अन्य व्यक्तियों के खेतों में काम करते हैं और फसल कटने के बाद फसल को साझा करते हैं |

उत्तरप्रदेश राज्य सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना को लागू करने का भी फैसला किया है |योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश सरकार ने Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है | इस योजना में, आकस्मिक मृत्यु / विकलांगता से पीड़ित सभी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा | योजना का लाभ 14 सितंबर 2019 से मिलेगा |

उत्तरप्रदेश में किसानों के लिए शुरू की गई यह आकस्मिक बीमा योजना 100% राज्य सरकार पोषित है | यह प्रायोजित योजना कलेक्टरों के माध्यम से लागू की जाएगी |

Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2020 के लाभार्थी कौन हैं:-

यह आकस्मिक बीमा योजना निम्नलिखित व्यक्तियों को कवर करेगी:-

  • खाताधारक / संयुक्त खाता धारक किसान |
  • किसान परिवार में माता, पिता, पति, पत्नी, बालिका, लड़का बच्चे, बहू, पोता और पोती शामिल हैं |
  • भूमिहीन किसान जो पटटे पर ली गई भूमि पर खेती करते हैं |
  • बटाईदार जो दूसरे व्यक्ति के खेतों पर काम करते हैं और फसल कटने के बाद फसल को साझा करते हैं |

योजना के लिए आवेदन पत्र कैसे जमा करें:-

किसान या उनके परिवार के सदस्य जिला कलेक्टर को एक आवेदन लिख सकते हैं | इस आवेदन पत्र में किसानों को हुई घटना के बारे में सभी विस्तृत जानकारी होनी चाहिए | लिखित आवेदन नीचे दिए गए समय सीमा के भीतर तहसील कार्यालय में जमा किया जाना चाहिए | अधिकारियों द्वारा उचित सत्यापन के बाद, केस के आधार पर सहायता राशि किसानों या उनके परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित की जाएगी |

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना

योजना के लिए आवेदन करने की समय सीमा:-

सभी किसान या उनके परिवार के सदस्य दिए गए समय सीमा के भीतर Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana के लिए आवेदन कर सकते हैं:-

  • 45 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना होगा |
  • हालांकि, कलेक्टर 1 महीने या 30 दिनों का अतिरिक्त समय दे सकता है |
  • 75 दिनों के बाद जमा किए गए आवेदनों पर सहायता के लिए विचार नहीं किया जाएगा |

कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता राशि:-

योजना के तहत किसान की मृत्यु / अपंगता की स्थिति में, उनके नामांकित व्यक्ति को 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी | यदि किसान पहले से ही प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत कवर किया गया है, तो किसान के परिवार को दी जाने वाली कुल राशि शेष राशि होगी | उदाहरण के लिए- यदि किसी परिवार को अन्य बीमा योजना से 2 लाख मिलते हैं, तो राज्य सरकार कुल 5 लाख रुपये में से शेष 3 लाख की राशि का भुगतान योजना के तहत करेगी |

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण:-

योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए, उत्तरप्रदेश सरकार जल्द ही एक समर्पित पोर्टल लॉन्च करेगा | लोग उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे | उन सभी किसानों या उनके परिवार के सदस्यों ने, जिन्होंने ऑनलाइन विधि को चुना है, को तहसील कार्यालय का दौरा करने या कलेक्टर को आवेदन लिखने की आवश्यकता नहीं है | लोग यहां निर्दिष्ट ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं |

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए पात्रता:-

उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए पात्र बनने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा :-

  • यह योजना किसानों और उनके परिवार के सदस्यों को कवर करेगी जिनकी उम्र 18 से 70 वर्ष के बीच है |
  • किसान और उनका परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए |

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की आधिकारिक वेबसाइट के लिए यहाँ क्लिक करें

कैबिनेट के फैसले खंड के लिए यहाँ क्लिक करें

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विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

राजस्थान सरकार की मुफ्त स्कूटी वितरण योजना 2020

राजस्थान मुफ्त स्कूटी वितरण योजना 2020 :-

राजस्थान सरकार द्वारा देवनारायण स्कूटी एवं प्रोत्साहन योजना और कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना को एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है | सभी छात्राएं जो स्कूटी लेने की इच्छुक है वह अपना आवेदन यहां पर कर सकती है | देवनारायण स्कूटी एवं प्रोत्साहन योजना और कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना के अंतर्गत सभी मेधावी लड़कियों को सरकार द्वारा स्कूटी वितरित की जाती है | राजस्थान सरकार द्वारा बच्चों को आगे पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहन कर देने के लिए ही इस योजना का शुभारंभ किया गया है |

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 18 जनवरी 2020 को घोषणा की कि मेधावी आदिवासी लड़कियों को 6000 स्कूटर दिए जाएंगे | आदिवासी लड़कियों को मुफ्त स्कूटर आदिवासी क्षेत्र विकास (TAD) विभाग द्वारा दिया जाएगा | जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (Tribal Regional dept) की आधिकारिक वेबसाइट tad.rajasthan.gov.in है |

मेधावी छात्र स्कूटी वितरण योजना में राजस्थान मूल कि वे छात्राएं जिन्होंने राजकीय विद्यालय से 9वीं या दसवीं कक्षा में अध्ययन कर लिया है | 10th तथा 12th कक्षा में परीक्षा में 75% तक अंक या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, और स्नातक पढ़ाई में नियमित अध्ययनरत है | छात्राओं को राजस्थान सरकार की तरफ से स्कूटी वितरित की जाएगी |

राजस्थान मुफ्त स्कूटी वितरण योजना 2020 का उद्देश्य:-

  • इस योजना को शुरू करने का प्रमुख उद्देश्य है, कि प्रदेश में छात्राओं के स्तर को बढ़ावा दिया जाए तथा उन्हें आगे आने का मौका मिले |
  • इस योजना के शुरू होने से लड़कियों की जन्म दर में भी वृद्धि होगी |
  • इस योजना के माध्यम से लोग अपनी बच्चियों को भी ना केवल स्कूल तक की पढ़ाई करवाएंगे बल्कि आगे की विद्यालय तथा महाविद्यालय की पढ़ाई भी करवाने के लिए हामी भरेंगे |
  • हम सभी जानते हैं कि राजस्थान काफी पिछड़ा हुआ प्रदेश है और वहां के लोग लड़कियों को आगे बढ़ाने में विश्वास कम रखते हैं लेकिन इस योजना के माध्यम से उन्हें भी आगे बच्चों को बढ़ाने में हौसला मिलेगा | साथ ही सरकार द्वारा दी जाने वाली स्कालरशिप भी बच्चों को फायदेमंद रहेगी |

राजस्थान मुफ्त स्कूटी वितरण योजना 2020 के लिए पात्रता मानदंड:-

  • इस योजना का लाभ लेने वाली छात्रायें राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए। 
  • आवेदक छात्रा के पास राजस्थान का निवास प्रमाण पत्र (Residence Certificate) होना चाहिए |
  • “मुफ्त स्कूटी योजना” का लाभ लेने के लिए छात्रा 10 वीं और 12वीं की कक्षा में 75% से अधिक अंकों से पास होनी चाहिए |
  • इस योजना के लाभ लेने के लिए छात्रायें अनुसूचित जाति और जनजाति की होनी चाहिए |
  • इस योजना का लाभ शादीशुदा छात्रायें भी प्राप्त कर सकती हैं |
  • आवदेक छात्रा के माता -पिता किसी सरकारी नौकरी में कार्यरत नहीं होने चाहिए |
  • छात्रा के परिवार की वार्षिक आय एक लाख रूपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए |

Also Read:- राजस्थान गार्गी पुरस्कार 2020 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

राजस्थान मुफ्त स्कूटी वितरण योजना 2020 के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • आधार कार्ड की फोटो कॉपी (Photo Copy of Aadhaar Card)
  • निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)
  • पैन कार्ड की फोटो कॉपी (Photo Copy of Pan Card)
  • इंटर मीडियट का प्रमाण पत्र (Certificate of Intermediate)
  • आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
  • अनसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र (Scheduled Tribes Certificate)
  • बैंक पासबुक की फोटो कॉपी (Photo Copy of Bank Passbook) |

राजस्थान मुफ्त स्कूटी वितरण योजना 2020 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:-

  • राजस्थान मुफ्त स्कूटी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले Higher Technical and Medical Education की आधिकारिक वेबसाइट http://hte.rajasthan.gov.in/ पर क्लिक करना होगा |
  • इसके पश्चात आपको Homepage पर Online Scholarship पर क्लिक करना होगा |
  • इसके पश्चात आपके सामने पेज खुल जायेगा यहाँ Devanarayana Scooty & Incentive Scheme and Kalibai Bhil Meritorious Students Scooty Scheme लिंक पर क्लिक करना होगा |
राजस्थान मुफ्त स्कूटी वितरण योजना
  • अब आपको मुफ्त स्कूटी योजना का फॉर्म प्राप्त होगा। इस फॉर्म को डाउनलोड करें |
राजस्थान मुफ्त स्कूटी वितरण योजना
  • इस फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकरियों को ध्यान पूर्वक भरें। अगर फॉर्म भरते समय इसमें कोई गलती पायी गयी तो आप फॉर्म मान्य नहीं होगा |
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Top Quotes : नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनमोल विचार

Shubhas Chandra Bose Quotes :-

Shubhas Chandra Bose Quotes– तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा !’ यह कहना था भारत के महान स्वतंत्रता सैनानी “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस” का | नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फौज की स्थापना की और देश में राज्य कर रहे अंग्रेज़ों के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया, जिसने भारत को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्व भूमिका निभाई | उनके द्वारा दिया गया ‘जय हिन्द जय भारत का नारा, भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया हैं |

हमारे देश भारत की आजादी के लिए अनेक महापुरुषों ने अपना सबकुछ यहा तक की अपने जीवन को भी स्वतंत्रता के लिए न्योछावर कर दिया इन्ही आजादी की लड़ाई में प्रमुख योगदान देने वाले आजादी के महानायक सुभाष चन्द्र बोस का भी नाम भी अमर है |

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आजादी हिन्द फ़ौज की स्थापना करने वाले सुभाष चन्द्र बोस स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ एक महान नेता भी थे जिन्होंने अपने दम पर इतने बड़े विशाल आजाद हिन्द फ़ौज की स्थापना किया था और अंग्रेजो के दांत खट्टे कर दिए थे |

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनमोल विचार in Hindi:-

“एक सच्चे सैनिक को सैन्य प्रशिक्षण और आध्यात्मिक प्रशिक्षण दोनों की ज़रुरत होती है।”

“राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्शों ; सत्यम् , शिवम्, सुन्दरम् से प्रेरित है।”

“मेरे पास एक लक्ष्य है जिसे मुझे हर हाल में पूरा करना हैं।  मेरा जन्म उसी के लिए हुआ है ! मुझे नेतिक विचारों की धारा में नहीं बहना है।”

“अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है।”

“अपने पूरे जीवन में मैंने कभी खुशामद नहीं की है।  दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता “

” जीवन की अनिश्चितता से मैं जरा भी नहीं घबराता “

” आज हमारे पास एक इच्छा होनी चाहिए ‘मरने की इच्छा’,  क्योंकि मेरा देश जी सके – एक शहीद की मौत का सामना करने की शक्ति, क्योंकि स्वतंत्रता का मार्ग शहीद के खून से प्रशस्त हो सके। “

” जब आज़ाद हिंद फौज खड़ी होती हैं तो वो ग्रेनाइट की दीवार की तरह होती हैं ; जब आज़ाद हिंद फौज मार्च करती है तो स्टीमर की तरह होती हैं। “

” भविष्य अब भी मेरे हाथ में है। “

” राजनीतिक सौदेबाजी का एक रहस्य यह भी है जोआप वास्तव में हैं उससे अधिक मजबूत दिखते हैं। “

” अजेय (कभी न मरने वाले) हैं वो सैनिक जो हमेशा अपने राष्ट्र के प्रति वफादार रहते हैं, जो हमेशा अपने जीवन का बलिदान करने के लिए तैयार रहते हैं। “

” मैंने अपने अनुभवों से सीखा है ; जब भी जीवन भटकता हैं, कोई न कोई किरण उबार लेती है और जीवन से दूर भटकने नहीं देती। “

” इतिहास गवाह है की कोई भी वास्तविक परिवर्तन चर्चाओं से कभी नहीं हुआ। “

” एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद, एक हजार जीवन में खुद को अवतार लेगा। “

” यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता का भुगतान अपने रक्त से करें। आपके बलिदान और परिश्रम के माध्यम से हम जो स्वतंत्रता जीतेंगे, हम अपनी शक्ति के साथ संरक्षित करने में सक्षम होंगे। “

” अच्छे चरित्र निर्माण करना ही छात्रों का मुख्य कर्तव्य होना चाहियें। “

” मेरी सारी की सारी भावनाएं मृतप्राय हो चुकी हैं और एक भयानक कठोरता मुझे कसती जा रही है। “

” माँ का प्यार स्वार्थ रहित और होता सबसे गहरा होता है ! इसको किसी भी प्रकार नापा  नहीं जा सकता। “

” हमारा कार्य केवल कर्म करना हैं ! कर्म ही हमारा कर्तव्य है ! फल देने वाला स्वामी ऊपर वाला  है। “

” संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमे आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ ,जो पहले मुझमे नहीं था। “

” जीवन में प्रगति का आशय यह है की शंका संदेह उठते रहें, और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता रहे। “

Shubhas Chandra Bose Quotes

Shubhas Chandra Bose Quotes in English:-

“It is blood alone that can pay the price of freedom. Give me blood and I will give you freedom!”

“India is calling. Blood is calling to blood. Get up, we have no time to lose. Take up your arms ! we shall carve our way through the enemy’s ranks, or if God wills, we shall die a martyr’s death. And in our last sleep we shall kiss the road that will bring our Army to Delhi”

“One individual may die for an idea, but that idea will, after his death, incarnate itself in a thousand lives”

“Men, money and materials cannot by themselves bring victory or freedom. We must have the motive-power that will inspire us to brave deeds and heroic exploits”

“When we stand, the Azad Hind Fauj has to be like a wall of granite; when we march, the Azad Hind Fauj has to be like a steamroller”

“One individual may die for an idea, but that idea will, after his death, incarnate itself in a thousand lives”

“Reality is, after all, too big for our frail understanding to fully comprehend. Nevertheless, we have to build our life on the theory which contains the maximum truth”

“Life loses half its interest if there is no struggle-if there are no risks to be taken”

“We cannot sit still because we cannot, or do not , know the Absolute Truth”

“I have no doubt in my mind that our chief national problems relating to the eradication of poverty, illiteracy and disease and the scientific production and distribution can be tackled only along socialistic lines”

23 जनवरी: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 124वीं जयंती

Subhash chandra bose jayanti सुभाष चंद्र बोस जयंती:-

सुभाष चंद्र बोस भारत के युवाओं के सबसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और करिश्माई प्रभावकों में से एक थे | उनकी देशभक्ति, स्वतंत्रता का आह्वान और वांछित लक्ष्य हासिल करने से पहले रुकने से इंकार करने के कारण उन्हें हीरो बना दिया गया | अपने राष्ट्रवादी स्वभाव और नेतृत्व की विशेषता के कारण, महात्मा गांधी सबसे पहले नेताजी के रूप में उन्हें संबोधित करते थे |

सुभाष चंद्र बोस का प्रारंभिक जीवन:-

Subhash chandra bose jayanti – नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को कटक (उड़ीसा) में प्रभाती दत्त बोस और जानकीनाथ बोस के घर हुआ था | उनके पिता कटक में सफल वकील थे और उन्हें “राय बहादुर” की उपाधि मिली | उन्होंने अपने भाई-बहनों की तरह ही कटक के प्रोटेस्टेंट यूरोपियन स्कूल (वर्तमान में स्टीवर्ट हाई स्कूल) से स्कूली शिक्षा प्राप्त की | वे 16 वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण की शिक्षाओं से प्रभावित थे |

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फिर उन्हें भारतीय सिविल सेवा की तैयारी के लिए उनके माता-पिता द्वारा इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में भेजा गया | 1920 में उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा पास की, लेकिन अप्रैल 1921 में, भारत में राष्ट्रवादी उथल-पुथल की सुनवाई के बाद, उन्होंने अपनी उम्मीदवारी से इस्तीफा दे दिया और भारत वापस आ गए |

सुभाष चंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संबंध:-

Subhash chandra bose jayanti

वह असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए, जिसकी शुरुआत महात्मा गांधी ने की, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को एक शक्तिशाली अहिंसक संगठन बनाया | आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए, उन्हें महात्मा गांधी द्वारा चित्त रंजन दास के साथ काम करने की सलाह दी गई जो उनके राजनीतिक गुरु बन गए | उसके बाद वे बंगाल कांग्रेस के स्वयंसेवकों के युवा शिक्षक और कमांडेंट बन गए |

उन्होंने “स्वराज” अखबार शुरू किया | 1927 में, जेल से रिहा होने के बाद, बोस कांग्रेस पार्टी के महासचिव बने और जवाहरलाल नेहरू के साथ स्वतंत्रता के लिए काम किया | 1938 में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया और उन्होंने एक राष्ट्रीय योजना समिति का गठन किया, जिसने व्यापक औद्योगीकरण की नीति तैयार की | हालांकि, यह गांधीवादी आर्थिक विचार के अनुरूप नहीं था, जो कुटीर उद्योगों की धारणा से जुड़ा था और देश के अपने संसाधनों के उपयोग से लाभान्वित हुआ था |

बोस का संकल्प 1939 में आया, जब उन्होंने पुनर्मिलन के लिए गांधीवादी प्रतिद्वंद्वी को हराया | बहरहाल, गांधी के समर्थन की कमी के कारण “बागी अध्यक्ष” ने इस्तीफा देने के लिए बाध्य महसूस किया |

सुभाष चंद्र बोस द्वारा All India Forward Bloc का गठन:-

All India Forward Bloc भारत में एक वामपंथी राष्ट्रवादी राजनीतिक दल था, जो 1939 में सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में भारत कांग्रेस के भीतर एक धड़े के रूप में उभरा | सुभाष चंद्र बोस कांग्रेस में अपने वामपंथी विचारों के लिए जाने जाते थे | Forward Bloc का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस पार्टी के सभी कट्टरपंथी तत्वों को लाना था | ताकि वह भारत के पूर्ण स्वतंत्रता के अर्थ को समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के पालन के साथ फैला सके |

सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज:-

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आजादी के लिए संघर्ष में एक महत्वपूर्ण विकास आजाद हिंद फौज का गठन और कार्यकलाप था, जिसे भारतीय राष्ट्रीय सेना या INA के रूप में भी जाना जाता है | राश बिहारी बोस, एक भारतीय क्रांतिकारी जो भारत से भाग गया था और कई वर्षों तक जापान में रहा था, जिसने दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में रहने वाले भारतीयों के समर्थन से भारतीय स्वतंत्रता लीग की स्थापना की |

जब जापान ने ब्रिटिश सेनाओं को हराया और दक्षिण-पूर्व एशिया के लगभग सभी देशों पर कब्जा कर लिया, तो लीग ने भारतीय राष्ट्रीय सेना को युद्ध के भारतीय कैदियों के बीच से भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त करने के उद्देश्य से गठित किया | जनरल मोहन सिंह, जो ब्रिटिश भारतीय सेना में एक अधिकारी थे, जिस ने इस सेना को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई |

इस बीच, सुभाष चंद्र बोस 1941 में भारत से भाग गए और भारत की स्वतंत्रता (Subhash chandra bose jayanti ) के लिए काम करने के लिए जर्मनी चले गए | 1943 में, वह भारतीय स्वतंत्रता लीग का नेतृत्व करने के लिए सिंगापुर आए और भारतीय राष्ट्रीय सेना (आज़ाद हिंद फौज) का पुनर्निर्माण करके इसे भारत की स्वतंत्रता के लिए एक प्रभावी साधन बनाया | आजाद हिंद फौज में लगभग 45,000 सैनिक शामिल थे, जो युद्ध के भारतीय कैदियों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में बसे हुए भारतीय भी थे |

21 अक्टूबर 1943 को, सुभास बोस, जो अब नेताजी के नाम से लोकप्रिय थे, ने सिंगापुर में स्वतंत्र भारत (आज़ाद हिंद) की अनंतिम सरकार के गठन की घोषणा की | नेताजी उस अंडमान में गए जिस पर जापानियों का कब्जा था और वहां उन्होंने भारत का झंडा फहराया था | 1944 की शुरुआत में, आजाद हिंद फौज (INA) की तीन इकाइयों ने भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्सों पर अंग्रेजों को भारत से बाहर करने के लिए हमले में भाग लिया |

द्वितीय विश्व युद्ध 1945 में फासीवादी जर्मनी और इटली की हार के साथ समाप्त हुआ | युद्ध में लाखों लोग मारे गए थे | जब युद्ध अपने अंत के करीब था और इटली और जर्मनी पहले ही हार गए थे, तो यूएए ने जापान-हिरोशिमा और नागासाकी के दो शहरों पर परमाणु बम गिराए | कुछ ही पलों में, ये शहर ज़मीन पर जल गए और 200,000 से अधिक लोग मारे गए | जापान ने इसके तुरंत बाद आत्मसमर्पण कर दिया | यद्यपि परमाणु बमों के उपयोग ने युद्ध को बंद कर दिया, लेकिन इसने दुनिया में नए तनाव और अधिक से अधिक घातक हथियार बनाने के लिए एक नई प्रतियोगिता का नेतृत्व किया, जो सभी मानव जाति को नष्ट कर सकता है |

मुफ्त बस पास योजना : हरियाणा अटल बिहारी वाजपेयी श्रमिक अवागमन योजना

श्रमिक अवागमन योजना:-

श्रमिक अवागमन योजना हरियाणा सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी श्रमिक अवागमन योजना 2020 (Atal Bihari Vajpayee Shramik Avagaman Yojana 2020) शुरू करने का निर्णय लिया है | इस योजना के तहत, निर्माण श्रमिक, राज्य परिवहन (हरियाणा रोडवेज) की बसों में अपने घरों और काम के स्थानों के बीच मुफ्त यात्रा कर सकेंगे | हरियाणा राज्य सरकार सभी निर्माण मजदूरों को नि: शुल्क बस पास प्रदान करेगा |

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने जल्द ही कंस्ट्रक्शन लेबर फ्री बस पास योजना शुरू करने की घोषणा की है | मुख्य रूप से, निर्माण श्रमिक गरीब श्रेणी के हैं और उनकी मजदूरी इतनी अधिक नहीं है | अपनी दैनिक मजदूरी से, वे केवल अपने घर का खर्च वहन करने में सक्षम हैं | लेकिन अपने काम की जगह पर जाने के लिए भी उन्हें बस में पैसे देने पड़ते हैं |

अब राज्य सरकार उन्हें मुफ्त हरियाणा रोडवेज बस पास प्रदान करेगा और उन्हें अपनी जेब से बस यात्रा के लिए कोई राशि नहीं देनी होगी | निर्माण श्रमिकों के लिए हरियाणा रोडवेज फ्री बस पास योजना को लागू करने का निर्णय हरियाणा भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) की 19वीं बैठक में लिया गया है |

श्रमिक अवागमन योजना

अटल बिहारी वाजपेयी श्रमिक अवागमन योजना की मुख्य विशेषताएं:-

आधुनिक समय की दुनिया में जहां समाज के सभी वर्ग प्रगति कर रहे हैं, वहीं हरियाणा सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है कि गरीब भी सफल है | निर्माण मजदूर के रूप में काम कर रहे गरीब लोगों के एक समूह को अब यात्रा में राहत मिलेगी | प्रत्येक निर्माण श्रमिक अब काम पर जाते समय मुफ्त बस पास योजना का लाभ उठा सकता है |

हरियाणा अटल बिहारी वाजपेयी श्रमिक अवागमन योजना 2020 के तहत मुफ्त बस पास प्रदान किए जाएंगे | हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बस पास सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे जिसका भार भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा | निर्माण श्रमिक राज्य परिवहन की बसों में अपने निवास और कार्य स्थानों के बीच आवागमन करने में सक्षम होंगे |

उन्होंने गुरुग्राम में The Haryana Building and Others Construction Workers Welfare Board की 19वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की है | बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस योजना का नाम “अटल बिहारी वाजपेयी श्रमिक अविगम योजना” रखा जाएगा | सार्वजनिक परिवहन (हरियाणा रोडवेज बसों) में यात्रा करने वाले श्रमिकों की लागत का बोर्ड द्वारा ध्यान रखा जाएगा |

उप मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों को परिवहन विभाग के अधिकारियों के परामर्श से तौर-तरीकों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए | उप मुख्यमंत्री ने महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारियों को महिला श्रमिकों के बीच सेनेटरी नैपकिन और स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान चलाने का भी निर्देश दिया |

अब से हरियाणा सरकार मजदूर बेटियों की शादियों के लिए दो किस्तों में 1,01,000 रुपये देगी | पहली किस्त शादी से पहले जारी की जाने वाली राशि 50,000 रुपये की होगी | जबकि दूसरी किस्त शादी समारोह के बाद 51,000 रुपये दिए जाएंगे |