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कोरोना वायरस क्या है? इसके लक्षण व रोकथाम के बारे में जानें |

कोरोना वायरस क्या है:- In Hindi

कोरोना वायरस क्या है जैसा की आप सभी जानते हैं की कोरोना वायरस (nCOV) की शुरुआत चीन के शहर वुहान से हुई और धीरे-धीरे इसके मरीज दुनिया के लगभग सभी बड़े देशों में मिलने लगे जिसमें अभी तक 72 देशों के मरीजों में कोरोना वायरस के लक्षण देखें गए हैं | चीन के बाद अगर कोई देश सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं तो वो दक्षिण कोरिया और इटली हैं | ईरान भी बहुत पीछे नहीं है | दुनिया में चल रहे काेरोना वायरस (COVID-19 Novel Coronavirus Outbreak) के प्रकोप से अब भारत देश भी अछूता नहीं रहा है | भारत में 5 मार्च 2020 तक 29 पॉज़िटिव (Coronavirus Cases in India) मामले सामने आए हैं |

यह एक अलग-अलग वायरसों का एक परिवार है जिसका मुख्य स्रोत जानवर और मनुष्य है। इसका संक्रमण का सबसे आम लक्षण बुखार है | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस को आधिकारिक तौर पर ‘COVID-19’ नाम दिया है | यहां CO का मतलब ‘Corona’, VI का मतलब Virus, D का मतलब ‘Disease‘ और ‘19‘ साल 2019 के लिए, जब यह बीमारी पैदा हुई | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि इस वायरस का प्रकोप पहली बार देखा जा रहा है |

कोरोना वायरस क्या है

यह बीमारी नाक या मुंह के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है | ‘COVID-19’ से पीड़ित शख्स जब खांसता या सांस लेता है तो उस वक्त इसके फैलने की सबसे ज्यादा संभवाना होती है | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक यही वजह है कि बीमार रहने वाले व्यक्ति से 1 मीटर (3 फीट) से अधिक दूर रहना महत्वपूर्ण है |

कोरोना वायरस के लक्षण:-

किसी को कोरोना वायरस है या नहीं यह लक्षणों (Coronavirus Symptoms) को देख कर पता किया जा सकता है पर याद रहे की यह सिर्फ प्राथमिक लक्षण है क्यूंकि पूरी रिपोर्ट सिर्फ डॉक्टर द्वारा किए गए टेस्टों से ही पता लगाई जा सकती है:-

  • तेज बुखार होना साथ में पसीना आना
  • बार-बार कफ आना
  • खांसी का बार-बार उठना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • सिर में तेज दर्द होना
  • छींके आना
  • शरीर में दर्द होना |
कोरोना वायरस क्या है

अगर किसी को ऊपर बताए गए लक्षण 2-14 दिन तक बने रहते हैं तो उसको कोरोना वायरस हो सकता है | ध्यान रखें की जल्दी से जल्दी अपने नजदीकी डॉक्टर से मिल लें क्यूंकि समय के साथ-साथ इससे आपके फेफड़े भी खत्म होते चले जाते हैं और आपातकालीन की स्थिति बन जाती है |

कोरोना वायरस के बचाव व रोकथाम उपाय:-

जैसा की आप सभी जानते हैं की अभी तक इसके लिए किसी तरह की दवाई नहीं (Coronavirus Vaccine) खोजी गई है पूरी दुनिया के देश मिल कर बीमारी का उपचार (Coronavirus Prevention Methods & Cure) तलाशने में लगे हुए है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रोकथाम व बचाव के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं जो निम्न्लिखित हैं:

  • देश में पैसे वायरस को दूर-दूर तक पहुंचाने के लिए काफी है इसलिए नोट, सिक्का आदि को छूने के बाद अच्छे से हाथ धो ले |
  • खाना खाने से पहले किसी अच्छे औषधीय साबुन से हाथ जरूर साफ करें |
  • सर्वजानिक स्थलों, जगहों पर न जाये, अगर बहुत जरूरी हो तो हाथों में दस्ताने, चेहरे पर मास्क (Coronavirus Mask) जरूर लगाएँ |
  • हमारे देश में लोग अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़े का इस्तेमाल हजारों सालों से करते आये हैं आप भी इस तरह की काढ़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं
  • खाँसने या छिंकने वाले लोगों से कम से कम 3 मीटर की दूरी बना कर रखें |
  • दिन में कई बार किसी हाथ धोये |
  • किसी से हाथ ना मिलाएँ |
  • फेफड़ों को तंदरुस्त बनाने वाले उत्पादों का सेवन करें |
  • अपना मोबाइल, पर्स, डेबिट, क्रेडिट कार्ड किसी को ना दे |
  • जितना हो सके धूप में अवश्य बैठे |
कोरोना वायरस क्या है

Cryptocurrency क्या है? जानिए इससे जुडी पूरी जानकारी

Cryptocurrency क्या है? ई-मुद्राओं के बारे में जानकारी।

क्या आपने पहले बिटकॉइन (Bitcoin) का नाम जरूर सुना होगा, और अगर नहीं सुना होगा, तो कोई बात नहीं है आज हमारे आर्टिकल Cryptocurrency क्या है? में आपको बिटकॉइन की भी जानकारी मिल जाएगी। जैसे जैसे चीज़ें आगे आरही हैं, और सभी चीज़ें ऑनलाइन होती जा रहीं हैं, उसी तरह से ही अब डिजिटल करेंसी मतलब Cryptocurrency भी चर्चित है, आज हम आपको इसी के बारे में कुछ जानकारी देने वाले हैं, तो आइये जानते हैं की Cryptocurrency क्या है? और कैसे काम करता है।

Cryptocurrency क्या है? What is Cryptocurrency in Hindi

Cryptocurrency एक तरह की डिजिटल पेमेंट है, इसमें पेमेंट मेथड पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में किया जाता है। साइबर कैश कही जाने वाली इन मुद्राओं की चर्चा दुनिया भर में है। क्रिप्टोकोर्रेंसी को वर्चुअल करेंसी (Virtual Currency) या डिजिटल करेंसी (Digital Currency) भी कहा जा सकता है। Cryptocurrency को आप न तो देख सकते हैं, न छू सकते हैं, क्योंकि भौतिक रूप में क्रिप्टो करेंसी का मुद्रण नहीं किया जाता। इसलिए इसे आभासी मुद्रा कहा जाता है। पिछले कुछ सालों में ऐसी करेंसी काफी प्रचलित हुई है।

किसी भी देश में लेनदेन के लिए जो नोट और सिक्के चलन में होते हैं उन्हें करेंसी कहते हैं। करेंसी या तो कागज की होती है या किसी धातु की। जैसे भारत में रुपये के नोट और सिक्के चलते हैं। हाल फिलहाल में वर्चुअल करेंसी की चर्चा है। मसलन, बिटकॉइन, नेमकाइन, लाइटकाइन, लिब्रा और पीपीकाइन, जैसी और भी कई हैं। इस तरह की वर्चुअल करेंसी को क्रिप्टोकरेंसी कहा जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी मुद्रा है जिसे डिजिटल माध्यम के रूप में निजी तौर पर जारी किया जाता है। यह क्रिप्टोग्राफी व ब्लॉकचेन जैसी डिस्ट्रीब्यूटर लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) के आधार पर काम करती है। आसानी से समझने के लिए ब्लॉकचेन एक ऐसा बहीखाता है जिसमें लेनदेन को ब्लॉक्स के रूप में दर्ज किया जाता है और क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल कर उन्हें लिंक कर दिया जाता है।

क्रिप्टोकोर्रेंसी सिर्फ digital form में मौजूद होता है, और इसे ख़रीदा और बेचा भी ऑनलाइन किआ जाता है। डिजिटल करेंसी का उपयोग सिर्फ ऑनलाइन ही चीज़ों को खरीदने और बेचने के लिए यूज़ किआ जा सकता है, आप इसका इस्तेमाल ऑफलाइन चीज़ों के लिए यूज़ नहीं कर सकते हैं। इसका उपयोग आप सिर्फ ऑनलाइन ही कर सकते हैं।

क्रिप्टोकोर्रेंसी से आप बिना बैंक कर सकते हैं पेमेंट

इस वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल कर दुनिया के किसी कोने में किसी व्यक्ति को पेमेंट किया जा सकता है और सबसे खास बात यह है कि इस भुगतान के लिए किसी बैंक को माध्यम बनाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। यह पीयर टू पीयर टेक्नोलॉजी पर आधारित होता है, जिसमे किसी भी फिजिकल करेंसी की की जरुरत नहीं पड़ती है, अब कहीं से भी इससे लेन देने कर सकते हैं।

आरबीआई के सर्कुलर को चुनौती देने के लिए इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आईएएमएआई द्वारा कहा गया कि केंद्रीय बैंक के इस कदम से क्रिप्टोकरेंसी में होने वाली वैध कारोबारी गतिविधियों पर प्रभावी रूप से पाबंदी लग गई है, जिसके जवाब में आरबीआई ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। आरबीआई ने कहा कि उसने क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मनी लाउंड्रिंग और टेरर फंडिंग के खतरे के मद्देनजर यह कदम उठाया है।

सबसे पहली क्रिप्टो करेंसी

दुनिया की पहली क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) है। इसको जमा करना माइनिंग (Mining) कहलाता है। क्रिप्टो करेंसी को दुनिया के किसी भी कोने में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है और किसी भी प्रकार की करेंसी में कनवर्ट किया जा सकता है जैसे डॉलर, यूरो, रूपया आदि। कम्प्यूटर नेटवर्कों के जरिए इस मुद्रा से बिना किसी माध्यम के ट्रांजेक्‍शन किया जा सकता है। वहीं, इस डिजिटल करंसी को डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है, Digital Currencies बहौत सारे देशों में बैन कर दिए गए है, क्यू की इससे बहौत से अवैध काम हो रहे हैं.

निजी धन छुपाने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है. कुछ अधिक धनी लोग जो अपना धन छुपाना चाहते हैं, वे पहले स्विस बैंक की शरण लेते थे, किन्तु अब वहाँ पैसे जमा करना मुश्किल है. उसके बाद उनके पास सोना, हीरा आदि खरीदने का विकल्प आता है, जिसकी सहायता से वे पैसे कहीं पर छुपा सकें. लेकिन ये सारी चीज़े भी प्रशासन की नज़र में आ सकती हैं. अतः अब इसके बाद बिटकॉइन आ जाने पर वे अपने पैसे से बिटकॉइन आसानी से ख़रीद सकते हैं. यह पूरी तरह से डिजिटल करेंसी है.

Cryptocurrency के जैसी ही और करेंसी।

आपने ये तो जान लिए की Cryptocurrency क्या है? या Cryptocurrency क्या होता है, आइये अब जानते हैं की क्रिप्टोकोर्रेंसी के जैसे ही और कौन-कौन सी करेंसी होती है, उनके बारे में।

  1. Bitcoin

अगर हम Cryptocurrency की बात करें और Bitcoin की बात न हो तब तो ये बिलकुल भी मुमकिन नहीं है. क्यूंकि Bitcoin दुनिया से सबसे पहला Cryptocurrency है. जिसे Satoshi Nakamoto ने 2009 में बनाया था. ये एक digital currency है जिसे की केवल online ही goods और services खरीदने के लिए इस्तमाल किया जाता है. यह एक De-centrallized currency है जिसका मतलब है की इसपर Government या कोई भी institution का कोई भी हाथ नहीं है. अगर हम आज की बात करें तो इसका मूल्य अब काफी बढ़ गया है जो की अब लगभग 13 Lacks के करीब है एक coin का मूल्य. इससे आप इसके वर्तमान के महत्व के बारे में पता लगा सकते हैं.

2. Red Coin

बिटकॉइन के अलावा भी अन्य कई क्रिप्टो करेंसी हैं जिनका उपयोग विशेष अवसरों पर किया जा सकता है जिसमें से एक है “रेड कॉइन”। इसका उपयोग लोगों को टिप देने के लिए किया जाता है।

3. Light Coin

इसका अविष्कार वर्ष 2011 में हुआ था. यह भी नामित कॉइन की ही तरह डीसेंट्रलाइज्ड तकनीक की सहायता से कार्य करता है. इसकी सहायता से बिटकॉइन अधिक तेज़ कार्य होता है.

4. Voise coin

यह उभरते हुये संगीतकारों के लिए तैयार किया गया एक ऐसा मंच है जहां गायक अपने संगीत का स्वयं मूल्य निर्धारण कर सकते हैं। वे मुफ्त में संगीत का सैंपल ट्रैक प्रदान कर सकते हैं। साथ ही, मंच पर संगीत उत्साही और उपयोगकर्ताओं से समर्थन भी प्राप्त कर सकते हैं। इस मंच का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्र कलाकारों का मुद्रीकरण करना है। 

5. Zcase

Zcash, 2016 के उत्तरार्ध में लॉन्च किए गए एक विकेन्द्रीकृत और ओपन-सोर्स क्रिप्टोक्यूरेंसी का वादा करता है। “अगर बिटकॉइन पैसे के लिए HTTP की तरह है, तो zcash HTTPS है,” खुद को परिभाषित करने के लिए एक अनुरूप zcash का उपयोग होता है।

6. Libra

लिब्रा कॉइन फेसबुक की बनाई गई डिजिटल करेंसी है. फेसबुक लिब्रा के लिए एक वॉलेट विकसित कर रही है, जिससे इसे स्टोर किया जा सकेगा। क्रिप्टोकरेंसी के रूप में लोग लिब्रा को खरीद व बेच सकेंगे।

7. Monero

यह भी एक प्रकार की क्रिप्टो करेंसी है जिसमें विशेष प्रकार की सिक्योरिटी का उपयोग किया जाता है। इसे रिंग सिग्नेचर नाम से जाना जाता है। इसका उपयोग डार्क वेब और ब्लॉक मार्केट में बहुत अधिक होता है। इसकी सहायता से स्मगलिंग की जाती है। इस करेंसी से कालाबाजारी आसानी से की जा सकती है।

यदि हम क्रिप्टो करेंसी की ग्रोथ के बारे में बात करें तो इसमें इन्वेस्टमेंट करना काफी फायदे का सौदा होता है। आज मार्केट में लगभग 1000 प्रकार की क्रिप्टो करेंसी मौजूद है और इन सभी कॉइन्स की कीमत लॉन्चिंग के समय ना के बराबर थी। हालांकि कुछ ही सालों में इनकी कीमत 1000 डॉलर तक भी पहुंच गई है। अब आप बिटकॉइन को ही ले लीजिए। जब बिटकॉइन लांच हुआ था तब दुनिया भर में रोजाना 1 करोड़ डॉलर की ट्रांजैक्शन होती थी जिसमें 1 डॉलर भी बिटकॉइन की ट्रांजैक्शन नहीं की जाती थी। लेकिन आज के समय में बिटकॉइन की 1 हफ्ते में 1 ट्रिलियन डॉलर की ट्रांजैक्शन की जा रही है जबकि पूरी दुनिया में फिजिकल करेंसी की हफ्ते भर की ट्रांजैक्शन लगभग 70 ट्रिलियन डॉलर की हो जाती है। 1 डॉलर की कीमत से शुरू हुआ बिटकॉइन आज 1200 डॉलर की कीमत तक पहुंच चुका है।

Cryptocurrency के क्या फायदे हैं?

  • क्रिप्टो करेंसी का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होता है जो अपना धन छुपाकर रखना चाहते हैं। इसलिए क्रिप्टो करेंसी पैसे छुपाकर रखने का सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है।
  • क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल करेंसी है जिसमें धोखाधड़ी की उम्मीद बहुत कम होती है।
  • क्रिप्टो करेंसी को कोई अथॉरिटी कंट्रोल नहीं करती जिसके चलते नोटबंदी और करेंसी का मूल्य घटने जैसा खतरा किसी के सामने नहीं आता।
  • अधिकतर क्रिप्टो करेंसी के वॉलेट उपलब्ध हैं जिसके चलते ऑनलाइन खरीदारी, पैसे का लेन-देन सरल हो चुका है।
  • क्रिप्टो करेंसी पूरी तरह से सुरक्षित है। बस आपको उसके लिए ऑथेंटिकेशन रखने की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऐसी करेंसी ब्लॉकचेन पर आधारित है।
  • कई देश ऐसे हैं जहां कैपिटल कंट्रोल नहीं है। मतलब कि यह बात तय ही नहीं है कि देश से बाहर कितना पैसा भेजा जा सकता है और कितना मंगवाया जा सकता है।
  • अधिक पैसा होने पर क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना फायदेमंद है क्योंकि इसकी कीमतों में बहुत तेजी से उछाल आता है।

Cryptocurrency के क्या नुकसान हैं?

  • इसका उपयोग गलत कामों के लिए जैसे हथियार की खरीद-फरोख्त, ड्रग्स सप्लाई, कालाबाजारी आदि में आसानी से किया जा सकता है।
  • क्रिप्टो करेंसी का सबसे बड़ा नुकसान तो यही है कि इसका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है, क्योंकि इसका मुद्रण नहीं किया जा सकता।
  • इसका एक और नुकसान यह है कि यदि कोई ट्रांजैक्शन आपसे गलती से हो गया तो आप उसे वापस नहीं मंगा सकते हैं जिससे आपको घाटा होता है।
  • यह काफी खतरनाक भी हो सकता है। चौथा, इसको हैक करने का भी खतरा बना रहता है।
  • Cryptocurrency में एक बार transaction पूर्ण हो जाने पर उसे reverse कर पाना असंभव होता है क्यूंकि इसमें वैसे कोई options ही नहीं होती है.
  • इसको कंट्रोल करने के लिए कोई देश, सरकार या संस्था नहीं है जिससे इसकी कीमत में कभी बहुत अधिक उछाल देखने को मिलता है।

तो दोस्तों अब आपको समझ में आगया होगा की Cryptocurrency क्या है? और ये कैसे काम करता है, अगर आपको कोई चीज़ जो की Cryptocurrency के बारे में हो, या फिर आप हमसे कुछ पूछना चाहते हों तो आप निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं, हम आपकी मदद करने की पूरी कोसिस करेंगे।

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Holi 2020: रंगों का त्यौहार जिसके हैं कई रंग | 499 साल बाद बना है बेहद खास योग

Holi 2020: बेहद खास योग

Holi 2020- हिंदू धर्म में जितने भी त्‍योहार मनाए जाते हैं, सभी को सौभाग्‍य और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है | जल्‍द ही आप सभी का पसंदीदा त्‍योहार होली आने वाला है | इस बार 9 और 10 मार्च को देश भर में होली का त्‍योहार धूमधाम के साथ मनाया जाएगा | फाल्‍गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन रंगों का त्‍योहार होली मनाया जाता है | इस साल 9 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और 10 मार्च को अबीर-गुलाल से होली खेली जाएगी | इस बार होली के खास मौके में ग्रहों का भी 499 साल बाद बेहद खास संयोग बन रहा है |

हिंदू पंचांग को देखने से पता लगता है कि इस बार फाल्‍गुन पूर्णिमा 9 मार्च को है | इस दिन करियर और धन संपत्ति के कारक माने जाने वाले देवताओं के गुरु बृहस्‍पति और न्‍याय के देवता शनि अपनी-अपनी राशियों में रहेंगे | जिसे सुख-समृद्धि और धन-वैभव के लिहाज से अच्‍छा माना जा रहा है | देवगुरु धनु राशि में और शनि मकर राशि में रहेंगे | इससे पहले ग्रहों का यह संयोग 3 मार्च 1521 में बना था |

Holi 2020: इसके हैं अपने ही रंग

होली का त्योहार रंगों का त्योहार है | उत्तर भारत में इस दिन लोग एक दूसरे को रंग लगाकर गले मिलते हैं | हांलाकि कुछ लोगों का शौक अलग-अलग जगहों के त्योहारों को देखने का होता है | जैसे मथुरा और वृंदावन की होली पूरे देश में बल्कि विदेशों में भी मशहूर है | यहां पर लठ्ठमार होली से लेकर फूलों की होली तक खेली जाती है | जिसे देखने और शामिल होने दूर-दूर से लोग आते हैं |

ऐसे ही मणिपुर में भी होली शानदार तरीके मनाई जाती है | अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर मणिपुर में योसंग त्योहार और होली का उत्सव यहां 6 दिन तक चलता है | इस दौरान खाने-पीने के पारंपरिक स्वाद का जायका आप ले सकते हैं | वो अलग बात है होली यहां का पारंपरिक त्योहार नहीं है लेकिन इसे बेहद शानदार तरीके से मनाया जाता है |

असम में होली को डोल जात्रा के रूप में जाना जाता है | यहां उत्तर भारत कि तरह दो दिनों तक होली मनाई जाती है | पहले दिन लोग होली मिट्टी की झोपड़ी जलाते हैं, जैसे उत्तर भारत में होलिका दहन होता है।दूसरे दिन रंगों और पानी से होली खेली जाती है |

Holi 2020

केरल अपनी शानदार सभ्यता के लिए जाना जाता है लेकिन रंगों का त्योहार होली यहां उतनी ही धूम के साथ मनाया जाता है | जो लोग होली में कुछ हटकर अनुभव करना चाहते हैं उनके लिए केरल में होली मनाना यादगार रहेगा | होली को यहां मंजुल कुली और उक्कुली के रूप में जाना जाता है |

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त:-

  • 9 मार्च, सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा |
  • संध्या काल में– 06 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 49 मिनट तक
  • भद्रा पुंछा – सुबह09 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 51 मिनट तक
  • भद्रा मुखा : सुबह 10 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक
  • 10 मार्च, मंगलवार को रंगो का त्योहार होली मनाई जाएगी |

होलिका दहन की कथा:-

शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन की परंपरा भक्त और भगवान के संबंध का अनोखा एहसास है | कथानक के अनुसार भारत में असुरराज हिरण्यकश्यप राज करता था | उनका पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का अनन्य भक्त था, लेकिन हिरण्यकश्यप विष्णु द्रोही था |

हिरण्यकश्यप ने पृथ्वी पर घोषणा कर दी थी कि कोई देवताओं की पूजा नहीं करेगा | केवल उसी की पूजा होगी, लेकिन भक्त प्रहलाद ने पिता की आज्ञा पालन नहीं किया और भगवान की भक्ति लीन में रहा | हिरण्यकश्यप ने पुत्र प्रहलाद की हत्या कराने की कई बार कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया तो उसने योजना बनाई | इस योजना के तहत उसने बहन होलिका की सहायता ली | होलिका को वरदान मिला था, वह अग्नि से जलेगी नहीं |

योजना के तहत होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई, लेकिन भगवान ने भक्त प्रहलाद की सहायता की | इस आग में होलिका तो जल गई और भक्त प्रहलाद सही सलामत आग से बाहर आ गए | तब से होलिका दहन की परंपरा है | होलिका में सभी द्वेष भाव और पापों को जलाने का संदेश दिया जाता है |

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-U) के तहत चयनित शहरों की सूची देखें

(PMAY-U) City List 2020

(PMAY-U) City List 2020- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) – हाउसिंग फॉर आल हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी की महत्त्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है । प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत नवम्बर 2016 में इस उद्देश्य से की गयी थी की 2022 तक सबके पास अपना खुद का पक्का घर हो प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2019 तक एक करोड़ एवं 2022 तक दो करोड़ पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है । खैर इस पोस्ट लिखने का मेरा आशय प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में बताना नहीं है क्योंकि लगभग आप सभी लोग इसके बारे में जानते हैं इस पोस्ट को लिखने का उद्देश्य यह है की यदि आपने या आपके किसी परिचित ने इस योजना के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन किया है तो उसका नाम लाभार्थी की सूचि में आया की की नहीं और यदि आया तो कैसे पता करेंगे|

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-U):- (PMAY-U) City List 2020

केंद्र सरकार ने प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4427 शहरों का चयन किया है | प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY-U) के तहत, सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2022 तक 2 करोड़ से अधिक घर उपलब्ध कराए जाएं | योजना के तहत किफायती घर शहरी गरीब या EWS/ LIG श्रेणियों से संबंधित लोगों को प्रदान किए जाएंगे | केंद्र सरकार ने पहले ही देश भर में 1 करोड़ से अधिक घरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है |

सूची में उच्चतम 666 शहरों के साथ तमिलनाडु सबसे आगे है, जहां शहरी गरीबों को पीएम आवास योजना के तहत किफायती आवास उपलब्ध कराए जाएंगे | अंडमान और निकोबार और दमन और दीव योजना के लिए प्रत्येक में चुने गए सिर्फ 1 शहर के साथ सूची में सबसे नीचे हैं | केंद्र सरकार ने MoU, स्थापित SLNA (राज्य स्तरीय नोडल एजेंसियां/ State Level Nodal Agencies) पर हस्ताक्षर किए हैं और पूरे देश में सभी 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SLSMC का गठन किया है | कुल 4427 शहरों में से, 472 शहर 35 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में class 1 शहर हैं |

(PMAY-U) City List 2020

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित शहरों की राज्यवार सूची:- (PMAY-U) City List 2020

अंडमान और निकोबार (1 शहर), आंध्र प्रदेश (111 शहर), अरुणाचल प्रदेश (33 शहर), असम (102 शहर), बिहार (142 शहर), छत्तीसगढ़ (168 शहर), चंडीगढ़ (1 शहर), डी एंड एन हवेली (1) शहर), दमन और दीव (2 शहर), दिल्ली (5 शहर), गुजरात (171 शहर), गोवा (14 शहर), हरियाणा (80 शहर), हिमाचल प्रदेश (54 शहर), जम्मू और कश्मीर (80 शहर), झारखंड (51 शहर), कर्नाटक (275 शहर), केरल (93 शहर), लद्दाख (2 शहर), मध्य प्रदेश (379 शहर), मणिपुर (28 शहर), महाराष्ट्र (391 शहर), मेघालय (10 शहर), मिजोरम (23 शहर), नागालैंड (32 शहर), ओडिशा (116 शहर), पुडुचेरी (6 शहर), पंजाब (164 शहर), राजस्थान (189 शहर), सिक्किम (8 शहर), तमिलनाडु (666 शहर), तेलंगाना (142 शहर), त्रिपुरा (20 शहर), उत्तर प्रदेश (653 शहर), उत्तराखंड (91 शहर), पश्चिम बंगाल (125 शहर) |

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती घरों के लिए एक अलग प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की भी घोषणा की है | इस योजना के तहत, ग्रामीण गरीबों के लिए लगभग 3 करोड़ घरों का निर्माण किया जाएगा | PAMY की राज्यवार प्रगति रिपोर्ट पीडीएफ प्रारूप में निम्न लिंक से डाउनलोड की जा सकती है |

PAMY की राज्यवार प्रगति रिपोर्ट पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

दोनों योजना के तहत, सरकार प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, गृह ऋण ब्याज पर सब्सिडी आदि के रूप में कुछ राशि प्रदान करती है |

रेलवे भर्ती 2020: 10वीं पास के लिए 2792 पदों पर भर्ती

रेलवे भर्ती 2020 10th:

रेलवे भर्ती 2020 10th– रेलवे भर्ती 2020- पूर्वी रेलवे ने विभिन्न ट्रेड में अप्रेंटिस के कुल 2792 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है | इसके तहत कुल 2792 पद भरे जाएंगे | ये भर्तियां विभिन्न ट्रेड के लिए की जाएंगी | इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को इन पदों के लिए आधिकारिक वेबसाइट http://www.rrcer.com/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा | आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 मार्च 2020 है |

इन पदों के लिए कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होंगे | आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का चयन उनके 10वीं के मार्क्स व ITI में प्राप्ताकों के आधार पर किया जाएगा | इसके लिए 15 वर्ष से 24 वर्ष के बीच की आयु वाले उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं |

पदों का विवरण:- रेलवे भर्ती 2020 10th

हावड़ा डिवीजन में भर्ती

पद वैकेंसी
फिटर 281
वेल्डर 61
मच (एमवी) 09
मेकेनिकल (डीजल) 17
ब्लैकस्मिथ 09
मशीनिस्ट 09
कारपेंटर 09
पेंटर 09
लाइनमैन (जनरल) 09
वायरमैन 09
एसी मेकेनिक 08
इलेक्ट्रीशियन 220
मैकेनिक मशीन टूल 09

आसनसोल डिवीजन में भर्ती

 पद वैकेंसी
 फिटर151
 टर्नर 14
 वेल्डर (जी एंड ई) 96
 इलेक्ट्रीशियन 110
 डीजल 41

सियालदाह डिवीजन में भर्ती

पदवैकेंसी
फिटर 185
 वेल्डर 60
 इलेक्ट्रीशियन 91
 लाइनमैन 40
 वायरमैन 40
 इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक 75
 रेफ्रीजेरेटर और एसी मैकेनिक 35
रेलवे भर्ती 2020 10th

मालदा डिवीजन में भर्ती

पद वैकेंसी
 इलेक्ट्रीशियन 41
 एसी मेकेनिक 6
 फिटर 47
 वेल्डर 3
 पेंटर 2
 कारपेंटर 2

कांचरापा वर्कशॉप में भर्ती

 पदवैकेंसी
 फिटर 66
 वेल्डर 39
 इलेक्ट्रीशियन 73
 मशीनिस्ट 6
 वायरमैन 3
 कारपेंटर 9
 पेंटर 10

लीलुआ वर्कशॉप में भर्ती

पदवैकेंसी
 फिटर 80
 मशीनिस्ट 11
 टर्नर 5
 वेल्डर (जी एंड ई) 68
 इलेक्ट्रीशियन 15
 वायरमैन 15
 रेफ्रिजेरेशन और एयर कंडीशनिंग 5
 पेंटर जनरल 5

जमालपुर वर्कशॉप में भर्ती

पदवैकेंसी
 फिटर 260
 वेल्डर (जी एंड ई) 220
 मशीनिस्ट 48
 टर्नर 48
 इलेक्ट्रीशियन 43
 डीजल मैकेनिक 65

आवश्यक योग्यता:-

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड अथवा संस्थान से दसवीं या समकक्ष परीक्षा पास हो |
  • इसके साथ न्यूनतम 50% फीसदी अंकों के साथ संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट प्राप्त होना चाहिए |

आयु सीमा:-

  • 3 फरवरी 2020 को न्यूनतम 15 और अधिकतम 24 वर्ष से कम होनी चाहिए |
  • अधिकतम आयु सीमा में OBC वर्ग के लिए तीन वर्ष, SC/ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए पांच वर्ष और दिव्यांगों को दस वर्ष की छूट दी जाएगी |

आवेदन शुल्क:-

  • जनरल श्रेणी के उम्मीदवारों को 170 (100 रुपये प्रोसेसिंग फीस + 70 रुपये एमपी ऑनलाइन पोर्टल शुल्क) इसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड, SBI UPI या नेट बैंकिंग के जरिए कर सकते हैं |
  • SC/ST/EWS/दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों को केवल पोर्टल शुल्क (70 रुपये) देना होगा |

10वीं, 12वीं पास छात्रों के लिए निकली भर्ती : बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी ने 660 पदों के लिए आवेदन मांगे

बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी 2020:

बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति ने विभिन्न श्रेणी के कुल 660 पदों को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं | राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत परामर्शदाता (Counselor), हेल्थ कंसल्टेंट (Health Consultant), जिला शहरी स्वास्थ्य सलाहकार (District Urban Health Consultant), ऑडियोमेट्रिक असिस्टेँट (audiometric assistant) समेत अन्य पदों पर भर्तियां की जाएंगी | इनमें सबसे अधिक 579 पद काउंसलर के भरे जाएंगे |

इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा | इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट http://statehealthsocietybihar.org/ पर ऑनलाइन अप्लाय कर सकते हैं | आवेदन करने की अंतिम तारीख 17 मार्च 2020 है |

बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी 2020 के पदों की संख्या:

बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी 2020
पदसंख्या
परामर्शदाता579
जिला शहरी स्वास्थ्य सलाहकार13
जिला सामुदायिक मोबलाइज़र26
ऑडियोमेट्रिक असिस्टेंट11
श्रवण बाधित बच्चों के लिए प्रशिक्षक11
दंत स्वास्थिक10
दंत चिकित्सा सहायक10

बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी 2020 के लिए योग्यता:-

परामर्शदाता (Counselor):-

मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क/सोशियोलॉजी/साइकोलॉजी में बैचलर डिग्री प्राप्त हो |

जिला शहरी स्वास्थ्य सलाहकार (District Urban Health Consultant) :-

मान्यता प्राप्त संस्थान से पब्लिक हेल्थ मास्टर डिग्री हो अथवा पब्लिक हेल्थ/हॉस्पिटल मैनेजमेंट/हेल्थ मैनेजमेंट/हेल्थ केयर मैनेजमेंट की विशेषज्ञता के साथ दो वर्षीय एमबीए/पीजी डिप्लोमा हो | इसके साथ ही हेल्थ सर्विस के क्षेत्र में कम से कम दो वर्ष का कार्यानुभव प्राप्त होना चाहिए |

जिला सामुदायिक मोबलाइज़र (District Community Mobilizer):-

मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में मास्टर डिग्री हो अथवा रूरल डेवलपमेंट की विशेषज्ञता के साथ किसी भी विषय में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए | या 
रूरल डेवलपमेंट/रूरल मैनेजमेंट की विशेषज्ञता के साथ दो वर्षीय एमबीए/पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा हो |

ऑडियोमेट्रिक असिस्टेँट (Audiometric assistant):-

मान्यता प्राप्त स्कूली शिक्षा बोर्ड से बारहवीं पास होने के साथ ही ऑडियोलॉजी में एक वर्षीय डिप्लोमा होना चाहिए |

श्रवण बाधित बच्चों के लिए प्रशिक्षक (Hearing Impaired Children):-

बारहवीं पास होने के साथ ही ऑडियोलॉजी में न्यूनतम एक वर्षीय डिप्लोमा होना चाहिए |

दंत स्वास्थिक (Dental hygienist):-

बायोलॉजी विषय के साथ पास हो और डेंटल टेक्निशियन/डेंटल हाइजीनिस्ट/डेंटल मेकेनिक में डिप्लोमा कोर्स किया हो | इसके साथ ही स्टेट डेंटल काउंसिल में पंजीकरण होना अनिवार्य है |

दंत चिकित्सा सहायक (Dental assistant):-

दसवीं की परीक्षा पास होने के साथ ही डेंटल असिस्टेंट का छह से 12 महीने का कोर्स किया हो |

आयु सीमा:-

  • न्यूनतम 18 और अधिकतम 37 वर्ष | इसकी गणना 1 जनवरी 2020 के आधार पर होगी |
  • पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (पुरुष/महिला) के लिए आयु सीमा अधिकतम 40 वर्ष |
  • अनारक्षित/EWS वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष |
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (पुरुष/महिला) उम्मीदवारों के लिए अधिकतम 42 वर्ष |
  • दिव्यांग श्रेणी के आवेदकों के लिए आयु सीमा में दस वर्ष की छूट का प्रावधान किया गया है |

बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी 2020 के लिए आवेदन शुल्क:-

  • सामान्य/EWS/BC/MBC और अन्य राज्यों के सभी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये |
  • बिहार के SC/ST/दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये |
  • इसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड अथवा नेट बैंकिंग के जरिए कर सकते हैं |
  • ऑनलाइन शुल्क भुगतान करते समय उम्मीदवारों को बैंक चार्ज अलग से देना होगा |

बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी 2020 के लिए चयन प्रक्रिया:-

योग्य उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में प्राप्त अंकों और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा |

GST Helpdesk के लिए नया Toll Free Number शुरू किया गया

GST Helpdesk Toll Free Number

GST क्या है:-

GST Helpdesk Toll Free Number – GST का मतलब है Goods & Service Tax के लिए है | यह वस्तु और सेवाओं के बिक्री, निर्माण और उपयोग पर लगाया जाने वाला एक प्रकार का कर है | समग्र आर्थिक विकास के उद्देश्य से Goods and Service Tax राष्ट्रीय स्तर पर सेवाओं और वस्तुओं पर लागू किया जाता है | GST को विशेष रूप से केंद्र और राज्यों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं पर लगाए जाने वाले अप्रत्यक्ष करों को बदलने के लिए बनाया गया है |

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Toll Free Number

Goods & Service Tax को अलग-अलग देशों द्वारा विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर लगाए गए Value Added Tax के रूप में परिभाषित किया जा सकता है | वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाने वाला कर, भिन्न-2 देशों में भिन्न-2 हो सकता है | Goods & Service Tax सरकार के लिए राजस्व एकत्र करने के लिए लगाया जाता है | इस tax का भुगतान वस्तु और सेवाओं के उपभोक्ताओं द्वारा किया जाता है और व्यापार संस्थाओं द्वारा इसे एकत्रित किया जाता है और सरकार को अग्रेषित कर दिया जाता है | (GST Helpdesk Toll Free Number )

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GST Return क्या है? (What is GST RETURN?)

अगर आप कोई व्यवसाय कर रहे हैतो आपको व्यवसाय के स्वामी और एक करदाता के रूप में, व्यसाय
में होनी वाली लेन-देन से प्राप्त होने वाली इनकम की घोषणा GST रिटर्न के माध्यम से करनी होगी।
GST रिटर्न एक डॉक्यूमेंट होता है जिसमे अपने व्यवाय के में किये गए लेन-देन का विवरण
देना होता है.

जिससे आपको बिक्री , खरीद, बिक्री पर एकत्र कर (आउटपुट टैक्स), और खरीद पर भगुतान किये गए कर (इनपुट टैक्स) ये सभी सूचनाएं देनी होती है। सामान्य शब्दों में GST रिटर्न एक विवरण होता है जिससे व्यापार में बेचीं गयी तथा खरीदी गयी सेवा या वस्तओु का विवरण होता है ताकि ये पता चल सके की व्यापार को कितना GST सरकार को देना है। GST रिटर्न कई प्रकार के होते है और आपको अपने व्यापार के केटेगरी के हिसाब से GST रिटर्न भरना होगा।

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GST Helpdesk Toll Free Number:-

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) ने GST Helpdesk के लिए एक नया टोल-फ्री नंबर ‘1800 103 4786’ शुरू किया है | इस Indirect Tax से जुड़े सवालों या समस्या के समाधान के लिए इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है | यह टोल-फ्री नंबर 365 दिन काम करेगा |

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इस पर सुबह नौ बजे से शाम नौ बजे तक कॉल किया जा सकता है | नए टोल-फ्री नंबर की शुरुआत के साथ GST Helpdesk के रूप में काम कर रहे पुराने नंबर 0120-24888999 को सेवा से हटा दिया गया है | GSTN ने एक बयान में यह जानकारी दी | इसके मुताबिक GST Helpdesk के सिस्टम को और बेहतर और पारदर्शी बनाया गया है | इसके साथ ही taxpayers की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए फीचर्स लॉन्च किए गए हैं |

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इस Helpdesk पर अब 10 और नई भाषाओं में जानकारी ली जा सकती है | अब तक GST Helpdesk पर सिर्फ हिन्दी और अंग्रेजी में ही जानकारी मिलती थी | अब बंगाली, मराठी, तेलुगू, तमिल, गुजराती, कन्नड़, ओडिया, मलयालम, पंजाबी और असमी भाषा में भी आप GST Helpdesk Agent से बात कर सकेंगे |

NIC भर्ती 2020: 495 पदों के लिए आवेदन करें

NIC भर्ती 2020:-

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र/National Informatics Centre (NIC) ने Group B Scientist और Scientific/Technical Assistant के कुल 495 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना (notification) जारी किया है | इन पदों के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट https://www.calicut.nielit.in/nic/ पर 26 मार्च 2020 तक ऑनलाइन अप्लाय कर सकते हैं | राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र/National Informatics Centre (NIC) ने 23 फरवरी को अपने वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 26 फरवरी से शुरू होंगे | साथ ही यह भी बताया कि लिखित परीक्षा की तारीख का ऐलान बाद में किया जाएगा |

NIC भर्ती 2020 के लिए पदों का विवरण:-

पदों की संख्या- 495

ग्रुप बी साइंटिस्ट (Group B Scientist)- 288
साइंटिफिक/टेक्निकल असिस्टेंट (Scientific/Technical Assistant)- 207

NIC भर्ती 2020

NIC भर्ती 2020 के लिए शैक्षिक योग्यता:-

Group B Scientist –

आवेदक के पास इंजीनियरिंग (BE) में बैचलर डिग्री, या प्रौद्योगिकी में स्नातक (BTech), या इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और कंप्यूटर पाठ्यक्रम (DOEACC) बी-स्तर के प्रत्यायन, या इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स के एसोसिएट सदस्य (AMIE) या इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार इंजीनियरों के स्नातक संस्थान (GIETE) से डिग्री होनी चाहिए |

विज्ञान (MSc) में मास्टर डिग्री या कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री या इंजीनियरिंग / प्रौद्योगिकी (ME /MTech) में मास्टर डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं | दर्शनशास्त्र में मास्टर (MPhil) वाले लोगों के लिए भी मान्य हैं |

Scientific/Technical Assistant

आवेदक के पास BE/ BTech/ MSc/ MS/ MCA इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार, कंप्यूटर विज्ञान, कंप्यूटर और नेटवर्किंग सुरक्षा, सॉफ्टवेयर सिस्टम, सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना विज्ञान होना चाहिए |

NIC भर्ती 2020 के लिए आवेदन शुल्क:-

अनारक्षित व पिछड़ा वर्ग के लिए परीक्षा शुल्क – 800 रुपये

एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी/महिला के लिए परीक्षा शुल्क – कोई शुल्क नहीं

NIC भर्ती 2020 के लिए चयन प्रक्रिया:-

Group B Scientist पद के लिए – चयन एक लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा |

Scientific/Technical Assistant – चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा |

लिखित परीक्षा 3 घंटे के लिए होगी और केवल अंग्रेजी भाषा में आयोजित की जाएगी |

NIC भर्ती 2020 के लिए आयु सीमा:-

सामान्य और EWS के लिए – 30 वर्ष

SC/ ST और सेवा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए – 35 वर्ष

OBC उम्मीदवारों के लिए – 33 वर्ष

PWD उम्मीदवारों के लिए – 40 वर्ष

सभी इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 26 फरवरी (सुबह 10 बजे) से 26 मार्च 2020 (शाम 5 बजे) तक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं |

आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020: 267 पदों के लिए आवेदन करें

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020:-

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020- (JPSC) ने वर्ष 2017, 2018 और 2019 के लिए संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के लिए अधिसूचना जारी कर दी है | झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने पुलिस उपाधीक्षक, उप कलेक्टर और अन्य के 267 पदों के लिए आवेदन मांगे है | इन पदों के लिए सभी उम्मीदवार आवेदन की आखिरी तारीख तक ऑनलाइन अप्लाय कर सकते हैं |

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा 26 फरवरी 2020 को जारी विज्ञापन (सं. 01/2020) के अनुसार झारखण्ड PSC परीक्षा 2017,2018 और 2019 के लिए संयुक्त रूप से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 01 मार्च 2020 से आरंभ की जानी है | उम्मीदवार अपना आवेदन 30 मार्च 2020 तक जमा करा पाएंगे | हालांकि, आवेदन शुल्क का भुगतान 01 अप्रैल 2020 तक किया जा सकता है |

झारखण्ड राज्य सिविल सेवा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, http://jpsc.gov.in/ से नोटिफिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं |

नोटिफिकेशन डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020 के लिए पदों का विवरण:-

पदसंख्या
उप कलेक्टर82 
सहायक नगर आयुक्त65
झारखंड शिक्षा सेवा वर्ग -239
योजना अधिकारी / जिला योजना अधिकारी07
पुलिस उप अधीक्षक40
जिला समादेश16
सहायक नियोजन अधिकारी18

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020 के लिए आयु सीमा:-

सिविल सेवा परीक्षा लेने के लिए आयोग ने उम्र की न्यूनतम गणना 1 अगस्त 2019 से और अधिकतम उम्र की गणना 1 अगस्त 2011 से निर्धारित की है |

अनारक्षित के लिए अधिकतम उम्र सीमा 35 वर्ष है, जबकि SC/ST के लिए अधिकतम उम्र सीमा 40 वर्ष, पिछड़ा वर्ग व अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 37 वर्ष, महिला के लिए अधिकतम उम्र सीमा 38 वर्ष निर्धारित है | राज्य सरकार के वैसे कर्मचारी, जिन्होंने 3 वर्ष की लगातार सेवा पूरी कर ली है, उनको अपनी श्रेणी के लिए निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा में 5 वर्ष की छूट रहेगी | निगम, बोर्ड और स्थानीय निकाय के कर्मी सरकारी सेवक के रूप में मान्य नहीं होंगे | इसलिए उन्हें उम्र सीमा में इस तरह की छूट नहीं दी जायेगी | दिव्यांग (कम से कम 40 प्रतिशत) उम्मीदवार को अपनी श्रेणी के लिए निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा में 10 वर्ष की छूट रहेगी | भूतपूर्व सैनिकों को अधिकतम उम्र सीमा में पांच वर्ष की छूट रहेगी |

झारखंड प्रशासनिक सेवा, जिला समादेष्टा, सहायक नगर आयुक्त/कार्यपालक पदाधिकारी/विशेष पदाधिकारी, नियोजन पदाधिकारी/जिला शिक्षा सेवा वर्ग/सहायक योजना पदाधिकारी के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 21 वर्ष निर्धारित है | जबकि, पुलिस उपाधीक्षक के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 20 वर्ष निर्धारित है |

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020 के लिए चयन प्रक्रिया:-

झारखण्ड पीसीएस परीक्षा 2020 के लिए आवेदन के इच्छुक उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक या समकक्ष योग्यता उत्तीर्ण होना चाहिए | इन पदों के लिए प्रीलिम्स/ मेन्स परीक्षा के बाद इंटरव्यू में प्रदर्शन के अनुसार कैंडिडेट का सिलेक्शन होगा |

झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती 2020 के लिए आवेदन शुल्क:-

अनारक्षित व पिछड़ा वर्ग के लिए परीक्षा शुल्क – 600 रुपये + बैंक चार्ज

एससी/एसटी/आदिम जनजाति के लिए परीक्षा शुल्क – 150 रुपये + बैंक चार्ज |

दिव्यांग का शुल्क नहीं लगेगा | इस बार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है | अन्य राज्य से झारखंड में विवाह करनेवाली महिला को आरक्षण नहीं मिलेगा |

भर्ती के लिए वेतनमान:-

वेतनमान 9,300 – 34,800/-  रुपये

प्रारंभिक परीक्षा दो पत्रों में होगी | जिनके पूर्णांक 200-200 अंक के होंगे | इनके प्राप्तांक मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के अंकों के साथ नहीं जोड़े जायेंगे | प्रारंभिक परीक्षा OMR शीट पर ली जायेगी | प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा का न्यूनतम अर्हतांक अनारक्षित के लिए 40%, BC I के लिए 34%, BC II के लिए 36.5%, एससी/एसटी/महिला के लिए 32% और आदिम जनजाति के लिए 30% निर्धारित है |

टमाटर, प्याज, आलू की कीमतों पर नजर रखने के लिए जारी Operation Greens MIEWS Portal

MIEWS Portal Operation Greens :-

MIEWS Portalकेंद्र सरकार ने ऑपरेशन ग्रीन्स मार्केट इंटेलिजेंस एंड अर्ली वार्निंग सिस्टम/ Operation Greens Market Intelligence & Early Warning System (MIEWS) पोर्टल को https://miews.nafed-india.com/ पर लॉन्च किया है | यह Early Warning System टमाटर, प्याज और आलू (TOP) फसल की कीमतों पर नजर रखने के लिए है | पोर्टल 3 महीनों के लिए 3 प्रमुख सब्जियों के थोक मूल्यों का पूर्वानुमान बताएगा ग्लूट के कारण मूल्य नकद के मामले में समय पर कार्रवाई करने के लिए सरकार को सतर्क करेगा |

सरकार किसानों को सब्सिडी प्रदान करके Operation Greens के तहत समय पर बाजार में हस्तक्षेप कर सकते हैं | यह सब्सिडी सरप्लस बाजारों से लेकर उपभोग करने वाले बाजार तक उत्पादन के परिवहन के लिए है | जैसे ही 3 खराब होने वाली शीर्ष वस्तुओं की कीमतें 3 साल के निम्न स्तर पर आएंगी ऑपरेशन ग्रीन्स MIEWS पोर्टल पर अलर्ट देना शुरू कर देगा |

यह गिरावट फसल के समय देखी जा सकती है या जब कीमत में गिरावट साल भर पहले के मुकाबले 50% से अधिक होती है या जब दरों में गिरावट केंद्र / राज्य सरकार द्वारा निर्दिष्ट अवधि के लिए निर्धारित बेंचमार्क से कम हो | सहकारी नेफेड ने टमाटर, प्याज, आलू के मूल्य श्रृंखला के एकीकृत विकास के लिए MIEWS पोर्टल विकसित किया है |

ऑपरेशन ग्रीन्स मार्केट इंटेलिजेंस एंड अर्ली वार्निंग सिस्टम/ Operation Greens Market Intelligence & Early Warning System (MIEWS) पोर्टल निजी फर्म Agriwatch द्वारा निगरानी किए गए 128 बाजारों से इन 3 जिंसों के थोक मूल्य और Agmark द्वारा ट्रैक की गई 1,200 मंडियों का डेटा दिखाएगी |

TOP Crops के लिए Operation Greens MIEWS Portal:-

कुछ कृषि उपज के मूल्य वृद्धि पर अंकुश लगाने और उनकी मांग-आपूर्ति के अंतराल को कम करने के लिए, केंद्रीय सरकार ऑपरेशन ग्रीन्स योजना MIEWS पोर्टल शुरू किया |

Operation Greens MIEWS पोर्टल के लिए यहाँ क्लिक करें

MIEWS Portal

केंद्र सरकार कीमतों की निगरानी करने के लिए पोर्टल खेती, उपज, उत्पादन, आयात और निर्यात के तहत क्षेत्र के साथ आई है | इस MIEWS पोर्टल में अन्य प्रासंगिक जानकारी भी शामिल हैं जैसे कि फसल कैलेंडर, फसल कृषि विज्ञान में कृषि प्रोसेसर, व्यापारियों और नीति निर्माताओं के लिए दृश्य प्रारूप का उपयोग करना आसान है |

Operation Greens MIEWS Portal की मुख्य बातें:-

मार्केट इंटेलिजेंस एंड अर्ली वार्निंग सिस्टम / Operation Greens Market Intelligence & Early Warning System (MIEWS) टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों की निगरानी करने जा रहा है, जो एक भारतीय रसोई घर की प्रमुख सामग्री है | यह ऑपरेशन ग्रीन्स योजना सरकारी हस्तक्षेप के लिए अलर्ट उत्पन्न करेगी | एग्रीकल्चर मार्केटिंग इंफॉर्मेशन नेटवर्क (AGMARK) के डेटा में 1200 मंडियों को शामिल किया गया है और एग्रीवाच के तहत 128 मंडियों को ट्रेंड के लिए इस्तेमाल किया जाएगा | केंद्र सरकार MIEWS निगरानी प्रणाली के माध्यम से कृषि उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाना चाहता है |

ऑपरेशन ग्रीन्स MIEWS पोर्टल, TOP फसलों के मूल्य की निगरानी के लिए कृषि वस्तुओं का देशव्यापी डेटाबेस तैयार करेगा | यह पोर्टल किसानों को चक्रीय उत्पादन से बचने के साथ-साथ राज्य सरकारों के लिए ग्लूट्स की स्थितियों में एक प्रारंभिक चेतावनी प्रदान करेगा | MIEWS पोर्टल केचप से खाद्य प्रोसेसर की मदद भी करेगा, चिप्स निर्माताओं को फ्लाक, मौसमी प्रवृत्ति को जानने के लिए, आने वाले महीनों में अपेक्षित कीमतें और राज्यों में जहां फसल की उपलब्धता है |

ऑपरेशन ग्रीन्स योजना की शर्तों में यह शामिल है कि ग्लूट स्थिति के दौरान, उत्पादक क्षेत्रों से उपभोग केंद्रों तक अधिशेष उत्पादन की निकासी की जाएगी | केंद्रीय सरकार के लिए। MIEWS प्रणाली समय पर बाजार हस्तक्षेप के लिए आपूर्ति की स्थिति की निगरानी में मदद करेगी और ग्लूट के समय में तेजी से प्रतिक्रिया में सहायता करेगी | यह ग्लूट क्षेत्रों से उत्पादन को घाटे / खपत वाले क्षेत्रों में स्थानांतरित करने और निर्यात और आयात निर्णय लेने के लिए इनपुट प्रदान करने के लिए किया जाना चाहिए |

नया Market Intelligence & Early Warning System 3 महीने आगे के लिए मूल्य पूर्वानुमान के साथ कम कीमत और उच्च मूल्य अलर्ट देगा | देश भर में टमाटर, प्याज और आलू की फसलों की कीमतों और आवक का पूर्वानुमान होगा, जिसमें पिछले सीजन के साथ इंटरैक्टिव चार्ट और तुलना शामिल है | कीमतें और आगमन, क्षेत्र, उपज और उत्पादन, फसल कृषि और व्यापार प्रोफ़ाइल जैसे अनुभाग जनता के लिए सुलभ होंगे |

PM-Kisan Samman Nidhi Yojana Mobile App शुरू की गई

PM-Kisan Mobile App – Samman Nidhi Yojana Mobile App:-

PM-Kisan Mobile App– केंद्र सरकार ने एंड्रॉइड फोन उपयोगकर्ताओं के लिए प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना मोबाइल ऐप (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana Mobile App) APK शुरू किया है | कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 24 फरवरी 2020 को सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-किसान योजना (PM-Kisan Yojana) की पहली वर्षगांठ पर पीएम किसान मोबाइल ऐप (PM-Kisan Mobile App) शुरू किया है |

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इस योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र किसानों को 6,000 रुपये प्रतिवर्ष प्रदान करना है | सभी नए Android उपयोगकर्ता अब Google play store से PM किसान सम्मान निधि योजना मोबाइल ऐप (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana Mobile App) डाउनलोड कर सकते हैं | प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) सबसे पहले 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश में शुरू किया गया था |

पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्य इस केंद्रीय क्षेत्र योजना को लागू कर रहे हैं | इस योजना में, प्रत्येक किसान को हर साल 2,000 रुपये की 3 बराबर किस्तें मिलती हैं | अब केंद्रीय सरकार Android उपयोगकर्ताओं के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना मोबाइल ऐप APK डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध कराएगी | PM-KISAN राशि सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) मोड के माध्यम से पात्र किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है |

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PM-Kisan Samman Nidhi Yojana Mobile App download करें:-

भारत सरकार के तहत कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय को पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana) को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है | सभी किसान अब नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से PM-Kisan App को Google play store से डाउनलोड कर सकते हैं |

PM-Kisan Samman Nidhi Yojana Mobile App download करने के लिए यहाँ क्लिक करें

पीएम किसान सम्मान निधि मोबाइल ऐप एपीके को NIC eGov Mobile Apps द्वारा विकसित किया गया है | हाल ही में शुरू किया गया PM-KISAN ऐप सभी Android उपकरणों के साथ संगत है | कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण (DAC&FW) सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) को लागू करेंगी |

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प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना मोबाइल ऐप (PM-Kisan Samman Nidhi Yojana Mobile App) को हाल ही में 25 फरवरी 2020 को अपडेट किया गया था और इसका आकार 9 MB है | पीएम किसान सम्मान निधि योजना मोबाइल ऐप का current 1.4 version उपलब्ध है और स्थापना और सफलतापूर्वक काम करने के लिए 4.1 Android संस्करण की आवश्यकता है |

PM Kisan Mobile App

PM-Kisan Samman Nidhi Yojana Mobile App की सुविधाएँ:-

केंद्र सरकार PM-किसान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए भारत कई कदम उठा रहा है | विभिन्न सार्वजनिक इंटरफेस पहले से ही विकसित किए गए थे जैसे कि किसानों के लिए pmkisan.gov.in | नए App में निम्नलिखित विशेषताएं शामिल होंगी:-

  • Beneficiary Status
  • Aadhaar Verification
  • Status of Self Registered Farmer
  • New Farmer Registration
  • About the Scheme
  • PM Kisan Helpline

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PM-Kisan app स्वयं पंजीकरण, भुगतान की स्थिति की जांच करने, आधार के अनुसार नाम में सुधार करने का विकल्प प्रदान करने जा रहा है | यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पीएम किसान लाभों का लाभ उठाने के लिए आधार अनिवार्य है | PM-KISAN मोबाइल ऐप भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है |

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अब तक, 14 करोड़ किसानों के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 9.74 करोड़ किसानों को PM-किसान योजना के तहत पंजीकृत किया गया है | इनमें से, लगभग 8.45 करोड़ किसानों को राज्य सरकारों द्वारा डेटा सत्यापित किए जाने के बाद भुगतान किया गया है | योजना की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए सरकार Doubling Farmers Income by 2022 के लक्ष्य को साकार करने के लिए PM-KISAN ऐप लॉन्च किया है | यह App पंजीकृत किसानों के खातों में सीधे लाभ हस्तांतरित करने के लिए end-to-end प्रौद्योगिकी समाधान प्रदान करेगा |

महाराष्ट्र सरकार शुरू करने जा रही है महा ई-कौशल मिशन 2020

Maha E-Skill 2020 Mission (महा ई-कौशल मिशन 2020):-

Maha E-Skill 2020 Mission– महाराष्ट्र सरकार युवाओं के लिए महा ई-कौशल मिशन 2020 शुरू करने जा रही है | इस योजना के तहत, राज्य सरकार लगभग 1 लाख स्नातकों को सरकारी कार्यालयों में इंटर्नशिप प्रदान करेगी | राज्य सरकार इस प्रशिक्षण परियोजना पर हर साल 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी | महाराष्ट्र सरकार द्वारा इसकी घोषणा 6 मार्च 2020 को पेश होने वाले राज्य के बजट में होने की संभावना है |

महा ई-कौशल मिशन 2020, 1000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ अगले 4 वर्षों की अवधि के लिए जारी रहेगा | महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि योजना को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया जाएगा क्योंकि यह देश में बढ़ती बेरोजगारी से निपटने और रोजगार देने के लिए है |

महा ई-कौशल मिशन 2020 (Maha E-Skill 2020 Mission) युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करने और उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी पाने के कौशल को भी बढ़ाएगा | युवा अपनी आजीविका कमाने और सम्मान का जीवन जीने में सक्षम होंगे |

महा ई-कौशल मिशन 2020 से जुडी मुख्य बातें:-

Maha E-Skill 2020 Mission

राज्य सरकार महाराष्ट्र में स्नातकों को इंटर्नशिप प्रदान करने के लिए महा ई-कौशल मिशन 2020 (Maha E-Skill 2020 Mission) शुरू करेगा | राज्य सरकार पहले साल 250 करोड़ रुपये खर्च करेगा और अगले 4 साल तक योजना को जारी रखेगा | इस परियोजना की घोषणा महाराष्ट्र बजट 2020-21 में की जाएगी | पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा वर्तमान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम (CM Fellowship Programme) को रद्द करने के लिए कहने पर इस योजना को मंजूरी दी गई है |

पिछले महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री फैलोशिप कार्यक्रम (CM Fellowship Programme) में, युवा सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के समन्वय में काम कर रहे थे | युवाओं को स्थानीय स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करने का काम दिया गया | महाराष्ट्र कौशल विकास विभाग के आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महा ई-कौशल 2020 मिशन के तहत 1 लाख स्नातक युवाओं को अवसर प्रदान करेगा |

जिन स्नातकों को महा ई-कौशल मिशन 2020 (Maha E-Skill 2020 Mission) के तहत नामांकित किया जाएगा, वे शिक्षा के क्षेत्र के बावजूद काम करेंगे | ये युवा विभिन्न सरकारी विभाग तहसील स्तर से लेकर मन्त्रालय तक के विभाग के साथ सीधे काम करेंगे |

महा ई-कौशल मिशन 2020 (Maha E-Skill 2020 Mission) के पहले 6 महीनों में प्रैक्टिकल शामिल होंगे | यहां प्रशिक्षु सरकार के कार्यों, विभिन्न कार्यों और विभागों के बारे में जानेंगे | अगले साल में, युवाओं को उनके संबंधित विभागों में काम दिया जाएगा |

केंद्र सरकार ने आधार प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस जारी करेगी

आधार-प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस (Aadhar Authenticated Digital Farmers Database):-

आधार-प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस– केंद्र सरकार जून के महीने में भारत का पहला आधार प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस (Aadhar Authenticated Digital Farmers Database) जारी करने जा रही है | कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के नए मास्टर डेटाबेस का उपयोग किसान संबंधित सरकारी योजनाओं को लागू करने के लिए किया जाएगा | पहले आधार प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस 2020-21 (Aadhar Authenticated Digital Farmers Database 2020-21) में सरकार के पास उपलब्ध किसानों की सभी प्रकार की वास्तविक सूचियों का समेकन होगा |

भारत सरकार मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Cards), किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Cards), फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme), पीएम-किसान (PM-Kisan)और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का डेटाबेस है | केंद्र सरकार सभी डेटाबेसों को लिंक और एकीकृत करेगा और किसानों का एक आधार प्रमाणित डेटा (one aadhaar authenticated data of farmers) तैयार करेगा | कृषि निर्मित योजनाओं को लागू करने के लिए नव निर्मित प्रथम आधार प्रमाणीकृत डिजिटल किसान डेटाबेस 2020-21 का उपयोग किया जाएगा |

आधार-प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस से जुडी मुख्य बातें:-

किसान डेटाबेस जो वर्तमान में केंद्र सरकार के पास उपलब्ध है, उसे एक डेटाबेस में एकीकृत किया जाएगा | पहला आधार प्रमाणित किसान डेटाबेस 2020-21 को निम्नलिखित योजनाओं के लाभार्थियों के विलय डेटाबेस द्वारा बनाया जाएगा:-

आधार-प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना (Soil Health Card Scheme)
  • किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Kisan Credit Card Scheme)
  • फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme)
  • पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana)
  • अन्य कृषि विभाग की योजनाएँ (Other agricultural department schemes)

नव निर्मित भारत के पहले आधार प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस 2020-21 का उपयोग सभी सरकारी योजनाओं के लिए एक संदर्भ बिंदु के रूप में किया जाएगा | यह डेटाबेस केवल प्रामाणिक लाभार्थियों तक पहुँचने में हमारी मदद करेगा | पहले आधार प्रमाणित डिजिटल किसान डेटाबेस को 60 मिलियन किसानों के रिकॉर्डों के साथ जारी किया जाएगा और उनकी भूमि की मैपिंग भी की जाएगी |

केंद्र सरकार ने किसानों के आधार प्रमाणित डेटाबेस तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है | केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों से कहा है कि वे किसानों की भूमि की जाँच करें | PM-KISAN योजना में, भारत सरकार को 9 करोड़ (90 मिलियन) से अधिक किसानों का डेटाबेस मिला है | इसमें से, 84% लाभार्थी किसानों का विवरण अब आधार प्रमाणित है | यह एक सतत प्रक्रिया और सरकार इसे अपडेट करते रहेगी |

किसानों के जरूरतों की पहचान करने में सरकार की मदद करने के लिए किसानों को 2020-21 के पहले आधार प्रमाणित डिजिटल डेटाबेस के निर्माण में मदद मिलेगी | किसानों की इस आवश्यकता की पहचान उनके उत्पादन और फसल की किस्मों के आधार पर की जाएगी | केंद्र सरकार भूमि की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए रसायनों और उर्वरकों के उपयोग को कम करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे | वास्तविक भूमि रिकॉर्ड और फसल जो किसान पैदा कर रहे हैं, सरकारी मदद और योजनाओं को उनकी जरूरतों के लिए चलाने में मदद करेंगे |

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना 2019-2020 के खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य सूची देखें

Bhavantar Bhugtan Yojana List 2019-20 :-

Bhavantar Bhugtan Yojana List 2019-20- मध्य प्रदेश राज्य सरकार पूरे राज्य में किसानों के कल्याण और कृषि के क्षेत्र में बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए प्रोत्साहित करने के लिए “मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना” नामक योजना को जारी रखा है | मध्य प्रदेश सरकार ने “मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना 2019-20” के अंतर्गत किसानों के पंजीकरण के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं | जल्द से जल्द पंजीयन करा लें पंजीयन हेतु आवेदन आपके नजदीकी खरीदी केंद्र या की ऑनलाइन कंप्यूटर केंद्र से करा सकते हैं या खुद भी ऑनलाइन इ-उपार्जन एप्लीकेशन के माध्यम से या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं |

ऑनलाइन पंजीयन नवीनीकरण हेतु आवश्यकता होगी आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर की ध्यान रखें यदि किसान के आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होगा तो पंजीयन की प्रक्रिया को पूर्ण नहीं कर पाएंगे साथ ही खसरा या श्रीं पुस्तिका की कॉपी पंजीयन करते समय अपने पास रखें |

इसके अंतर्गत खरीफ के समर्थन मूल्य तथा किसान के द्वारा कृषि उपज मंडी समिति के प्रांगण में उपज विक्रय किये जाने पर पाए जाने वाले घोषित मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि को इस योजना प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाएगा |

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के मुख्य बिंदु:- Bhavantar Bhugtan Yojana List 2019-20

  • यह योजना सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उनके उत्पाद के लाभकारी मूल्य मिले |
  • समर्थन मूल्य और बिक्री की कीमत (मंडियों में) के बीच अंतर सीधे राज्य सरकार द्वारा किसानों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा |
  • मोबाइल ऐप किसानों और उनके उत्पादन के बारे में डेटा संकलित करेगा |
  • फसल की लाभकारी कीमतों का सुझाव मध्य प्रदेश कृषि उत्पाद लागत और विपानन द्वारा किया जाएगा |
  • यह योजना सुनिश्चित करेगी कि विस्थापन, जमीन की सीमा और उत्परिवर्तन से संबंधित मामलों को तीन महीने के भीतर संबोधित किया जाना चाहिए |
  • हालांकि, अगर किसान दावा करते हैं कि तीन महीने के बाद उनका मामला अविवादित होने के बावजूद भी लंबित है, सरकार उस किसान को इनाम देगी और संबंधित कर्मचारी से इनाम की कटौती की जाएगी और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी |
Bhavantar Bhugtan Yojana List 2019-20

खरीफ की फसल 2019 -20 के समर्थन मूल्य सूची:-

मोटा अनाज, धान   –   1815 रु/ क्विंटल

धान ग्रेड ए    –   1835 रु/ क्विंटल

ज्वार    –   2550 रु/ क्विंटल

बाजरा    –   2000 रु/ क्विंटल

सोयाबीन    –   3710 रु/ क्विंटल

मक्का    –   1760 रु/ क्विंटल

कपास   –   5255 से 5550 रु/ क्विंटल

उड़द    –   5700 रु/ क्विंटल

तुअर    –   5800 रु/ क्विंटल

भावांतर योजना के बारे मे किसानों की समस्याओं का उत्तर देने के लिए सरकार ने राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया है, सभी किसान 0755-2550495 पर सुबह 7 से रात 11 बजे तक अपनी समस्या के बारे मे पूंछ सकते है | (Bhavantar Bhugtan Yojana List 2019-20)

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना 2020

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना 2020:-

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने यूपी इंटर्नशिप योजना 2020 नामक योजना की शुरुआत की है| उत्तर प्रदेश में बहुत से युवा बेरोजगार हैं | उन बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए इस योजना चलाया गया है | मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना’ के तहत पहले चरण में 35 हजार युवाओं को निजी संस्थानों में काम सीखने का मौका मिलेगा | काम सीखने के बाद सरकार निजी संस्थानों में शिशिक्षुओं (intern) को नौकरी दिलाने के भी प्रयास करेगी | काम सीखने के दौरान शिशिक्षु को 2500 रुपये महीने मिलेंगे |

इसमें 1500 रुपये केंद्र व 1000 रुपये राज्य सरकार देगी | सरकार को शिशिक्षुओं को अपने हिस्से की अप्रेन्टिसशिप एक हजार रुपये देने में इस साल 63 करोड़ रुपये खर्च होंगे | व्यवसायिक शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार से 63 करोड़ रुपये मांगे हैं | व्यवसायिक शिक्षा विभाग ने सरकार को ‘मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना’ का पूरा खाका खींचकर भेजा है | विभाग ने यह भी बताया कि शिशिक्षु अधिनियम के तहत सरकारी, सहकारी, निगम व निजी उद्योग अपने यहां कुल कार्मिकों की संख्या का ढाई से 15 फीसदी तक अप्रेन्टिसशिप के तहत युवाओं को काम सीखने का मौका देते हैं |

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना

उत्तर प्रदेश इंटर्नशिप योजना के लाभ :-

  • इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 6 महीने और साल भर की इंटर्नशिप करने वाले प्रत्येक नौजवान को मानदेय के तौर पर हर महीने 2500 रुपये दिया जाएगा |
  • उत्तर प्रदेश इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत युवाओ की इंटर्नशिप पूरी होने के बाद रोजगार के अवसर भी प्रदान किये जायेगे |
  • इस योजना के तहत राज्य को जो लोग इंटर्नशिप कर रहे है वह लाभ उठा सकते है |
  • इंटर्नशीप के तहत 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन करने वाले नौजवानों को विभिन्न तकनीकी संस्थानों और उद्योगों से जोड़ा जाएगा |
  • राज्य सरकार ने लगभग 5 लाख छात्र एवं छात्राओं को इस योजना के साथ जोड़कर लाभ प्रदान करने का फैसला लिया है |
  • इस योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं, 12वीं स्कूलों के सभी छात्र और कॉलेजों से स्नातक की पढ़ाई करने वाले पात्र होंगे |

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना के लिए पात्रता मापदंड :-

  • इस योजना का लाभ उत्तरप्रदेश के निवासियों के लिए हैं, अन्य राज्य के युवा इस योजना का लाभ उठाने के लिए समर्थ नहीं है |
  • इस योजना में ऐसे स्कूली छात्र एवं छात्राएं पात्र होंगे जोकि 10वीं या 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं |
  • इस योजना में कॉलेज की पढाई करने वाले छात्र एवं छात्राएं भी पात्र हैं, और इनके लिए 5 विशेष केटेगरी बनाई गई हैं. इन केटेगरी के अंतर्गत ग्रेजुएशन पास करने वाले अपरेंटिस, आईटीआई पास करने वाले अप्रेंटिसशिप, इंजीनियरिंग की पढाई पास करने वाले छात्र एवं छात्राएं, पीएचडी एवं डिप्लोमा करने वाले छात्र – छात्राओं को शामिल कर लाभ प्रदान किया जायेगा |
  • इस योजना में लाभार्थियों को जिन जगहों पर काम सिखाया जायेगा, यानि ट्रेनिंग दी जाएगी वे जगहें राज्य की प्राइवेट संस्थानें होंगी |

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री शिशिक्षु प्रोत्साहन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज :-

  • आवासीय या मूल निवासी प्रमाण पत्र की कॉपी
  • आधार कार्ड की कॉपी
  • ग्रेजुएशन की मार्कशीट की कॉपी
  • आईटीआई पास करने वाले अप्रेंटिसशिप के प्रमाण पत्र की कॉपी
  • इंजीनियरिंग, पीएचडी या डिप्लोमा करने वाले छात्र – छात्राओं का प्रमाण स्वरुप डिग्री की कॉपी आदि |