उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘Chikitsa Setu Mobile App’ की शुरुआत की |

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UP Chikitsa Setu Mobile App

UP Chikitsa Setu Mobile App:-

कोरोना वैश्विक महामारी से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई Mobile App जिसका नाम “Chikitsa Setu Mobile App” शुरू की है इस App में उपलब्ध सामग्री से फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स अपने प्रशिक्षण को उपयोगी व प्रभावी बना सकेंगे | कोरोना एक वैश्विक महामारी है जिसके कारण विश्व भर में 275000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 40 लाख से अधिक लोग अब तक इस संक्रमण के शिकार हुए हैं। भारत में भी तमाम सावधानियों और सतर्कता के बावजूद संक्रमण की संख्या 1 लाख पार कर चुकी है और मरने वालों की संख्या 3,500 तक पहुंच गई है | पिछले दो-ढाई महीनों के दौरान हम लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि कोरोना जैसे वायरस की कोई दवा नहीं, इसका एक ही बचाव है – सावधानी और सतर्कता |

जागरूकता के माध्यम से हम इस प्रकार की वायरस जनित बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा सकते हैं। पूरी दुनिया से जो आंकड़े आ रहे हैं उनमें 40% से अधिक मामले ऐसे होते हैं जिनमें इंफेक्शन का कारण मेडिकल इंफेक्शन है | ट्रेनिंग पर फोकस करते हुए एक बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने “Chikitsa Setu Mobile App” प्रारंभ किया है |

UP Chikitsa Setu Mobile App से जुडी मुख्य बातें:-

  • चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा लॉन्च यह देश का पहला चिकित्सक प्रशिक्षण एप है | यह #COVID19 के संक्रमण से बचाव व उपचार हेतु कार्यरत कोरोना वॉरियर्स यथा चिकित्सकों, पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मियों, अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों आदि के लिए तैयार किया गया है |
  • App में छोटे-छोटे वीडियो के माध्यम से #COVID19 से बचाव, PPE किट, N-95 मास्क का प्रयोग, संक्रमित मरीजों को शिफ्ट करने आदि के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी दी गई है | यह वीडियो किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं |
  • ‘चिकित्सा सेतु’ एप की सामग्री जनपदों के चिकित्सकों आदि के feedback पर आधारित है | यह App आम जनमानस के लिए भी उपयोगी है | App मूलतः हिन्दी में है, लेकिन इसे अन्य भाषाओं में भी डब किया जा सकता है |
  • App में कोरोना वायरस से सम्बन्धित हेल्पलाइन के नम्बर तथा भारत सरकार के दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं | एप के माध्यम से वेबिनार भी आयोजित किया जा सकता है | एप का विकास KGMU, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा National Institute of Smart Government द्वारा किया गया है |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा की अब हर जनपद में एक testing lab स्थापित होगी | इसके लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री कार्यवाही को आगे बढ़ाएं | टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि की जाए एवं इस संबंध में पूल टेस्टिंग को अपनाया जाए |

UP Chikitsa Setu Mobile App की भूमिका:-

चिकित्सा सेतु एप एक बहुत महत्वपूर्ण एप है, COVID-19 संक्रमण से पहले स्वयं बचते हुए, फिर दूसरों को इससे बचने के लिए प्रेरित करना यह इसका आधार बन सकता है | इसी दृष्टि से ‘UP Chikitsa Setu App’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेनिंग का एक ऐसा माध्यम दे दिया है, जिसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति को एप में दिखाए गए निर्देशों का पालन कर कोरोना जैसी महामारी पर अंकुश लगाने व उस पर नियंत्रण करने में सफलता प्राप्त होगी | इस बीमारी से सतर्कता व जागरूकता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बीमारी की कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी है |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा की हमारे चिकित्सक, पैरामेडिक्स, नर्सिंग स्टाफ, वाॅर्ड ब्वाय, स्वच्छता में लगे हुए कर्मी, सुरक्षा में लगे हुए कर्मी- सभी कोरोना वाॅरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं | इन सबको हर हाल में सुरक्षित रखना है क्योंकि यह हमारी फ्रंटलाइन हैं | कोरोना की चेन को तोड़ने में जिन योद्धाओं को बड़ी भूमिका का निर्वहन करना है, जब वे स्वयं संक्रमित होकर जहां-तहां क्वारंटाइन या आइसोलेशन के लिए चले जाएंगे तो शेष लड़ाई बाधित होगी | एक अदृश्य शत्रु के खिलाफ पूर्ण सतर्कता व सावधानी के साथ ट्रेनिंग प्रक्रिया को पूरे पारदर्शी तरीके से लागू करने में ही हम सब इस पर विजय प्राप्त कर सकते हैं |

चिकित्सा सेतु एप को व्यावहारिक बनाने के साथ ही इसे किसी भी प्रकार के साइबर अटैक से भी बचाने का प्रयास करें। इसका कहीं भी दुरुपयोग न होने पाए इसके बारे में भी हमें पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए जब हम लोगों ने कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई आरम्भ की थी तब हमारे पास सैनिटाइजर की कमी थी। इसके साथ ही, PPE किट व N-95 मास्क की कमी थी, ट्रिपल लेयर मास्क के लिए भी हम लोगों को हाथ फैलाने पड़ते थे | परंतु आज देश व प्रदेश में भी इसकी पर्याप्त उपलब्धता है और हमने इसमें आत्मनिर्भरता भी हासिल की है |

प्रदेश में हमारे हर जनपद में कोविड L-1 व L-2 के अस्पताल हैं। हमने वहां ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध करवाई है | ट्रेनिंग की उचित व्यवस्था की है | इस सबके बावजूद ट्रेनिंग का पार्ट बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है | चिकित्सा व्यवस्था को हम दो महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित करते हैं- 1. मैक्रो मैनेजमेंट, 2. माइक्रो मैनेजमेंट | तनिक भी असावधानी हम सबको बहुत बड़ी कीमत चुकाने के लिए मजबूर कर सकती है |

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