निर्विक योजना : निर्यात ऋण विकास योजना

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निर्यात ऋण विकास योजना

निर्यात ऋण विकास योजना:-

निर्यात ऋण विकास योजना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2020-21 में छोटे निर्यातकों के लिए बीमा कवर बढ़ाने और उसकी लागत कम करने के लिए निर्विक (निर्यात ऋण विकास) योजना की घोषणा की | उच्च निर्यात लोन वितरण को हासिल करने के लिए एक नई योजना ‘निर्विक’ शुरू की जा रही है | यह छोटे निर्यातकों के लिए अधिक बीमा कवर, कम प्रीमियम और दावा निस्तारण के लिए सरल प्रक्रियाओं का प्रावधान करती है |

निर्विक योजना सरकार दवारा उन लोगो के लिए शुरू की गई है, जो लोग निर्यात का कार्य करते है | इस योजना को एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के तहत लागू किया जाएगा | इस योजना को के “निर्यात ऋण विकास योजना” के नाम से भी जाना जाता है निर्विक योजना से निर्यातकों को बहुत अधिक फायदा होने वाला है | इसमें निर्यातकों को आसान ऋण प्रधान किया जाएगा और मूलधन तथा ब्याज का 90% तक बीमा में कवर कर दिया जाएगा |

यदि किसी निर्यातक की बकाया राशि 80 करोड़ से कम की है तो सरकार उनको प्रधानमंत्री निर्विक योजना के तहत ECGC दवारा 60% तक की ऋण गारंटी प्रदान करेगी | तथा केंद्र सरकार दवारा छोटे निर्यातकों के लिए प्रीमियम को घटाकर 0.6% कर दिया जाएगा |

वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार एक ‘निर्विक’ ( निर्यात ऋण विकास योजना) योजना लाने जा रही है, जिसके तरह निवेशकों को लोन दिया जाएगा | साथ ही अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश कराने का टारगेट है | साथ ही इस योजना में 90 फीसदी तक इंश्योरेंस दिया जाएगा | इसके लिए सरकार Electronic Manufacturing Industry में ज्यादा काम करेगी और Mobile, Electronic Manufacturer को बढ़ावा दिया जाएगा |

निर्यात ऋण विकास योजना की विशेषताएं:

  • निर्विक निर्यात योजना के तहत मूलधन तथा ब्याज पर 90% तक बीमा के दवारा कवर दिया जाएगा |
  • इस बीमा में post shipment credit और pre post shipment दोनो ही शामिल होंगे |
  • इस बढ़े हुए cover में यह ध्यान रखा जाएगा कि विदेशी और रुपए निर्यात ऋण के ब्याज दर को 4% और 8% के बीच रखा जाए |
  • जिन निर्यातकों के खाते 80 करोड़ से कम की सीमा के है उनके प्रीमियम की दर 0.60% प्रतिवर्ष होगी तथा 80 करोड़ रुपए से अधिक वालो को 0.72% प्रतिवर्ष होगी |

निर्विक योजना का उद्देश्य:-

  • प्रधानमंत्री निर्विक योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य कारण निर्यातकों के लिए ऋण की उपलब्धता और सामर्थ्य को बढ़ावा देना है |
  • यह फैसला भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने और ईसीजीसी प्रक्रियाओं को निर्यातक के अनुकूल बनाने के लिए सहायता करेगा |
  • यह नई योजना करों की प्रतिपूर्ति के साथ MSME निर्यातकों को लाभान्वित करेगी | ECGC बीमा कवर बैंकों को अन्य सुविधा प्रदान करेगा |
  • उधारकर्ता की क्रेडिट रेटिंग खाते में बढ़ाई जाएगी |
  • बढ़े हुए बीमा कवर से यह सुनिश्चित होगा कि निर्यातकों के लिए विदेशी और रुपये निर्यात ऋण की ब्याज दर 4 प्रतिशत और 8 प्रतिशत से नीचे है |
  • केंद्र सरकार की निर्यात ऋण विकास योजना (NIRVIK Scheme) बीमा कवर से पूंजीगत राहत के कारण ऋण की लागत में कमी आने के आसार हैं |

निर्विक निर्यात योजना के लाभ:-

  • इससे निर्यात के ऋण में वृद्धि होगी जिससे कि निर्यातकों को और भी अधिक कार्य के अवसर प्राप्त होंगे |
  • इस योजना से भारतीय निर्यात क्षेत्र में एक competation भी बनेगा |
  • यह योजना ECGC के प्रक्रिया के अनुकूल होगा |
  • इससे निर्यात के क्षेत्र में समय के अनुसार और पर्याप्त कार्यों के लिए पैसे सुनिश्चित हो पाएंगे |

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