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निष्ठा FLN प्रशिक्षण मॉड्यूल-10 प्रश्नोत्तरी | Nishtha FLN 3.0 Module 10 Question & Answer

Description : बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान हेतु विद्यालय नेतृत्व – प्रशिक्षण 10 लिंक: https://bit.ly/MPN-FLN-C10

बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) हेतु विद्यालय नेतृत्व विकास का दृष्टिकोण विद्यालय प्रमुखों और शिक्षकों के लिए की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालय प्रमुखों एवं शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करना है ताकि वे 3-9 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्राप्त करने हेतु अपने विद्यालय का नेतृत्व कर सकें। 
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Start Date : 1 February 2022   End Date:  28 February 2022
प्रश्न क्रमांक 1.
उस पद को चिह्नित करें, जिसे विद्यालय में बच्चे की प्रगति में सीखने के अंतराल (लर्निंग गेप) को लगातार बढ़ने के रूप में समझा जा सकता है
  1. सीखने की क्षमता में संचयी कमी
  2. सीखने की क्षमता में कुल कमी
  3. पढ़ने की क्षमता में कुल कमी
  4. लिखने की क्षमता में संचयी कमी

उत्तर 1: सीखने की क्षमता में संचयी कमी

प्रश्न क्रमांक 2. संचार’ की भागीदारी के प्रकार में शामिल है
  1. यह विश्वास करना कि अभिभावक बच्चों के सीखने को प्रोत्साहित नहीं कर सकते
  2. अभिभावक से बात न करना
  3. अभिभावक के साथ बच्चों के पोर्टफोलियो पर नियमित रूप से चर्चा करना
  4. अभिभावक को सूचित करना कि उनके बच्चे कार्य-प्रदर्शन में सक्षम नहीं हैं

उत्तर 2: अभिभावक के साथ बच्चों के पोर्टफोलियो पर नियमित रूप से चर्चा करना

प्रश्न क्रमांक 3.
एक पाठ को सटीकता, गति, अभिव्यक्ति और समझ के साथ पढ़ने की क्षमता, जो बच्चों को पाठ से अर्थ निकालने के लिए सक्षम बनाना, कहलाता है।
  1. कूटवाचन (डिकोडिंग)
  2. पढ़ने की समझ
  3. धाराप्रवाह पढ़ना
  4. मौखिक भाषा विकास

उत्तर 3: धाराप्रवाह पढ़ना

प्रश्न क्रमांक 4.
कक्षा 3 बच्चों के लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण चरण है, क्योंकि यह बदलाव का प्रतीक है।
  1. ‘पढ़ने के लिए सीखना’ से ‘लिखने के लिए पढ़ना’ में
  2. ‘लिखने के लिए सीखना’ से ‘सीखने के लिए पढ़ना’ में
  3. ‘लिखने के लिए सीखना’ से ‘लिखने के लिए पढ़ना’ में
  4. ‘पढ़ने के लिए सीखना’ से ‘सीखने के लिए पढ़ना’ में

उत्तर 4:  ‘पढ़ने के लिए सीखना’ से ‘सीखने के लिए पढ़ना’ में

प्रश्न क्रमांक 5.
बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) को सुदृढ़ करने हेतु विद्यालय नेतृत्व के लिए कौन-सा मॉडल उपयुक्त नहीं है?
  1. अनुकूलक नेतृत्व
  2. अकादमिक नेतृत्व
  3. परिवर्तनकारी नेतृत्व
  4. सहयोगात्मक नेतृत्व

उत्तर 5: अकादमिक नेतृत्व

प्रश्न क्रमांक 6.
बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के संदर्भ में वयस्क और बच्चे के बीच क्या संबंध होना चाहिए?
  1. भयमुक्त और आनंदपूर्ण
  2. शिक्षक-विद्यार्थी
  3. भावनात्मक दूरी बनाए रखना
  4. अनुशासन परक

उत्तर 6:  भयमुक्त और आनंदपूर्ण

प्रश्न क्रमांक 7.
सहयोगात्मक नेतृत्व की विशेषताओं में से एक है –
  1. हितधारकों के बीच परस्पर विश्वास और सम्मान का निर्माण
  2. साक्षरता और संख्यात्मक विकास
  3. बच्चों का सामाजिक-भावनात्मक विकास
  4. बच्चों का संज्ञानात्मक विकास

उत्तर 7: हितधारकों के बीच परस्पर विश्वास और सम्मा

प्रश्न क्रमांक 8.
एक नेतृत्वकर्ता को 3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के आकलन का आयोजन करना चाहिए
  1. उन्हें वर्गीकृत करने के लिए
  2. रैंक के अनुसार उन्हें रोक रखने के लिए
  3. उनकी ग्रेडिंग के लिए
  4. उनकी क्षमता, आवश्यकता और रुचियों का आकलन करने के लिए

उत्तर 8:  उनकी क्षमता, आवश्यकता और रुचियों का आकलन करने के लिए

प्रश्न क्रमांक 9.
 प्रभावी विद्यालय-अभिभावक के जुड़ाव में विश्वास करने वाले नेतृत्वकर्ताओं के यह कहने की अधिक संभावना है कि
  1. केवल अंग्रेजी बोलने वाले अभिभावक ही अपने बच्चों की मदद कर सकते हैं
  2. सभी अभिभावक अपने बच्चों का समर्थन कर सकते हैं
  3. केवल कुछ अभिभावक ही अपने बच्चों का समर्थन कर सकते हैं
  4. गरीब अभिभावक अपने बच्चों का समर्थन नहीं कर सकते

उत्तर 9: सभी अभिभावक अपने बच्चों का समर्थन कर सकते हैं

प्रश्न क्रमांक 10.
निम्नलिखित में से कौन एक अनुकूलक नेतृत्वकर्ता की विशेषता नहीं है?
  1. लोगों की नहीं सुनना
  2. भरोसा पैदा करना
  3. प्रभाव डालना
  4. कठिन और बहुआयामी चुनौतियों का सामना करना

उत्तर 10:  लोगों की नहीं सुनना

प्रश्न क्रमांक 11.
 शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्व सकारात्मक रूप से प्रभाव डालता है
  1. नेतृत्वकर्ता के कल्याण पर
  2. बच्चों की सीखने की क्षमता पर
  3. शिक्षक व्यवहार पर
  4. विद्यालय की चारदीवारी के निर्माण पर

उत्तर 11: बच्चों की सीखने की क्षमता पर

प्रश्न क्रमांक 12.
शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्वकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी विद्यालयी प्रक्रियाओं में …………
  1. प्रधानाचार्य केंद्र में रहे
  2. शिक्षक केंद्र में रहे
  3. विद्यालय केंद्र में रहे
  4. बच्चे केंद्र में रहें

उत्तर 12: 

प्रश्न क्रमांक 13.
: बच्चों की तर्क करने और दैनिक जीवन में सरल संख्यात्मक अवधारणाओं को प्रयोग करने की क्षमता को …..के भाग के रूप में माना जा सकता है।
  1. प्रारंभिक साक्षरता
  2. प्रारंभिक संख्या ज्ञान
  3. प्रारंभिक श्रवण
  4. प्रारंभिक मापन

उत्तर 13:  प्रारंभिक संख्या ज्ञान

प्रश्न क्रमांक 14.
सहयोगात्मक नेतृत्व की विशेषताओं में से एक है –
  1. बच्चों का संज्ञानात्मक विकास
  2. बच्चों का सामाजिक-भावनात्मक विकास
  3. साक्षरता और संख्यात्मक विकास
  4. हितधारकों के बीच परस्पर विश्वास और सम्मान का निर्माण

उत्तर 14: हितधारकों के बीच परस्पर विश्वास और सम्मान का निर्माण

प्रश्न क्रमांक 15.
विद्यालय में प्रातःकाल आगमन समय को बनाये रखने के लिए पहली कक्षा के शिक्ष को कौन-सी रणनीति अपनानी चाहिए?
  1. देर से आने वालों को विद्यालय प्रमुख के कार्यालय में भेजना
  2. बच्चों के लिए सामूहिक पठन जैसे नियमित आगमन कार्यों की शुरुआत करना, ताकि उन्हें समय पर आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके
  3. बच्चों को कुछ न कहना
  4. आगमन समय के आधार पर अंक पाने और खोने की प्रणाली

उत्तर 15: बच्चों के लिए सामूहिक पठन जैसे नियमित आगमन कार्यों की शुरुआत करना, ताकि उन्हें समय पर आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके

प्रश्न क्रमांक 16.
नेतृत्वकर्ता पूर्व-प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के साथ प्रभावी संबंध कैसे बना सकता है?
  1. बच्चों की विकासात्मक आवश्यकताओं के बारे में शिक्षकों के साथ चर्चा करके और योजना बनाकर
  2. शिक्षकों को एक सख्त दिनचर्या का पालन करने के लिए कहकर
  3. विद्यालय खाते का विवरण साझा करके
  4. शिक्षकों को 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करके

उत्तर 16:  बच्चों की विकासात्मक आवश्यकताओं के बारे में शिक्षकों के साथ चर्चा करके और योजना बनाकर

प्रश्न क्रमांक 17.
3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सीखने के आकलन हेतु उपयुक्त रणनीतियों में से एक होगी
  1. बच्चों को निर्धारित दिनचर्या का पालन करने के लिए कहना
  2. मासिक परीक्षण करना
  3. चित्रात्मक जानकारी एकत्र करना
  4. विविध गतिविधियां करते हुए बच्चों का अवलोकन करना

उत्तर 17: विविध गतिविधियां करते हुए बच्चों का अवलोकन करना

प्रश्न क्रमांक 18.
 निम्नलिखित में से कौन ‘लर्निंग एट होम’ (घर पर सीखना) की भागीदारी के प्रकार में शामिल नहीं है?
  1. बच्चों की सीखने की ज़रूरतों, रुचियों और ताकतों के बारे में समझने में अभिभावक की मदद करना
  2. यदि अभिभावक निरक्षर हैं, तो उनके साथ भेदभाव करना
  3. शिक्षकों का अभिभावक के साथ चर्चा करना कि वे घर पर सीखने का माहौल कैसे बना सकते हैं
  4. अभिभावक के साथ उन गतिविधियों की एक सूची साझा करना, जो वह सीखने में सहायता के लिए घर पर कर सकते हैं

उत्तर 18:  यदि अभिभावक निरक्षर हैं, तो उनके साथ भेदभाव करना

प्रश्न क्रमांक 19.
इनमें से किसे एक “प्रवेश द्वार कौशल” के रूप में माना जा सकता है जो औपचारिक विद्यालयी शिक्षा प्रक्रियाओं में बच्चे के प्रवेश को चिह्नित करता है?
  1. प्रारंभिक पठन एवं लेखन कौशल
  2. प्रारंभिक साक्षरता और संख्या ज्ञान कौशल
  3. प्रारंभिक बोलने के कौशल
  4. प्रारंभिक गणितीय कौशल

उत्तर 19:  प्रारंभिक साक्षरता और संख्या ज्ञान कौशल

प्रश्न क्रमांक 20.
इनमें से कौन शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्व के ढांचे का हिस्सा नहीं है?
  1. सीखने-सिखाने की प्रक्रियाओं को सक्षम करना
  2. विज्ञान प्रयोगशालाओं में प्रयोगों का नेतृत्व करना
  3. विज़न एवं पाठ्यचर्या लक्ष्यों को परिभाषित करना
  4. हितधारकों के साथ नेटवर्क बनाना

उत्तर 20:  विज्ञान प्रयोगशालाओं में प्रयोगों का नेतृत्व करना

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प्रश्न क्रमांक 21.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के संदर्भ में विद्यालय विकास योजना हेतु इनमें से क्या आवश्यक है
  1. प्रशासनिक कार्य
  2. 3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की विकास संबंधी आवश्यकताओं की योजना बनाना
  3. विद्यालय का तकनीकी उन्नयन
  4. स्टाफ़ का व्यावसायिक विकास

उत्तर 21:3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की विकास संबंधी आवश्यकताओं की योजना बनाना

प्रश्न क्रमांक 22.
एक शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्वकर्ता की भूमिका है।
  1. बच्चों के लिए विभिन्न शैक्षणिक अभ्यासों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करना
  2. बच्चों को अनुशासित करना
  3. अभिभावक को गलत सूचना प्रदान करना
  4. ग्रेड देने के क्रम में बच्चों का आकलन करना

उत्तर 22:  बच्चों के लिए विभिन्न शैक्षणिक अभ्यासों पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करना

प्रश्न क्रमांक 23.
निम्नलिखित में से कौन-सा बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान का विकासात्मक लक्ष्य नहीं है?
  1. बच्चों का प्रभावी पाठक बनना
  2. बच्चों का प्रभावी संचारक बनना
  3. बच्चों का संबद्ध विद्यार्थी बनना और तात्कालिक माहौल से जुड़ना
  4. बच्चों का स्वास्थ्य और कल्याण बनाए रखना

उत्तर 23:  बच्चों का प्रभावी पाठक बनना

प्रश्न क्रमांक 24.
3-9 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के साथ व्यवहार करते समय एक नेतृत्वकर्ता का सही रवैया क्या होना चाहिए?
  1. भेदभावपूर्ण रवैया
  2. कठोर व्यवहार
  3. सख्त आचरण
  4. सकारात्मक और लचीली मानसिकता

उत्तर 24:सकारात्मक और लचीली मानसिकता

प्रश्न क्रमांक 25.
शिक्षाशास्त्रीय नेतृत्व विशेषज्ञता का एक व्यापक क्षेत्र है जिसमें एक नेतृत्वकर्ता के पास……. होने की आवश्यकता होती है
  1. 3-9 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए उपयोगी शिक्षाशास्त्रों का गहन ज्ञान
  2. 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए लेन-देन परक शिक्षाशास्त्र का ज्ञान
  3. प्राथमिक कक्षा के शिक्षण विषयों की समझ
  4. प्रयोगात्मक मॉडल की समझ

उत्तर 25: 3-9 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए उपयोगी शिक्षाशास्त्रों का गहन ज्ञान

प्रश्न क्रमांक 26.
विज़न के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
  1. विज़न स्टेटमेंट में भविष्य के प्रयोजनों की झलक मिलनी चाहिए
  2. विज़न को एक दिशा में होना चाहिए
  3. भविष्य दृष्टि की कोई निर्दिष्ट समय-सीमा नहीं होती है
  4. विज़न मूल्य संचालित होना चाहिए

उत्तर 26: भविष्य दृष्टि की कोई निर्दिष्ट समय-सीमा नहीं होती है

प्रश्न क्रमांक 27.
परिवर्तनकारी नेतृत्व के लिए इनमें से कौन-सा सही नहीं है?
  1. एक साझी विज़न का निर्माण
  2. शिक्षकों का व्यावसायिक विकास
  3. वित्तीय प्रबंधन
  4. शिक्षकों को प्रेरित करना

उत्तर 27:  वित्तीय प्रबंधन

प्रश्न क्रमांक 28.
विद्यालय किस प्रकार विभिन्न परिवारों को बाल शिक्षा में शामिल नहीं कर सकते हैं?
  1. परिवारों के साथ जानकारी और ज़िम्मेदारी साझा करके
  2. परिवारों की आवश्यकताओं को संबोधित करके
  3. विद्यार्थियों को केवल गृहकार्य देकर
  4. परिवारों के साथ जुड़ाव पर भरोसा करके

उत्तर 28: विद्यार्थियों को केवल गृहकार्य देकर

प्रश्न क्रमांक 29.
नेतृत्व के किस मॉडल में, बच्चों की सांस्कृतिक और भाषाई पृष्ठभूमि के आधार पर विद्यालयी प्रक्रियाओं को निर्मित करने की बात की जाती है
  1. नवाचारी नेतृत्व
  2. रणनीतिक नेतृत्व
  3. संदर्भ-विशिष्ट नेतृत्व
  4. अकादमिक नेतृत्व

उत्तर 29: संदर्भ-विशिष्ट नेतृत्व

प्रश्न क्रमांक 30.
  एक नेतृत्वकर्ता का वह गुण, जो प्रारंभिक स्तर पर सीखने के लिए उपयुक्त नहीं है
  1. भरोसा पैदा करना
  2. सत्तावादी होना
  3. बच्चे को केंद्र में रखना
  4. लचीली मानसिकता

उत्तर 30:  सत्तावादी होना

प्रश्न क्रमांक 31.
 एक बच्चा अपने बाएँ हाथ से लिखता है और इस तरह काम करने में सहज है, उसे चाहिए
  • दाएँ हाथ से लिखने के लिए तैयार करना
  • चिकित्सा सहायता लेने के लिए भेजना
  • हतोत्साहित करना
  • उसकी पसंद को प्रोत्साहित करना

उत्तर 31:उसकी पसंद को प्रोत्साहित करना

प्रश्न क्रमांक 32.
बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की अवधारणा…. बच्चों पर लागू होती है।
  1. 3-9 वर्ष आयु वर्ग के
  2. 6-14 वर्ष आयु वर्ग के
  3. 5-13 वर्ष आयु वर्ग के
  4. 3-10 वर्ष आयु वर्ग के

उत्तर 32: 3-9 वर्ष आयु वर्ग के

प्रश्न क्रमांक 33.
बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) को सुदृढ़ करने हेतु विद्यालय नेतृत्व के लिए कौन-सा मॉडल उपयुक्त नहीं है?
  1. परिवर्तनकारी नेतृत्व
  2. अनुकूलक नेतृत्व
  3. सहयोगात्मक नेतृत्व
  4. अकादमिक नेतृत्व

उत्तर 33: अकादमिक नेतृत्व

प्रश्न क्रमांक 34.
इनमें से कौन सी अवधारणा विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) के नेतृत्व हेतु प्रासंगिक नहीं है?
  1. बच्चे प्रेरित विद्यार्थी बनते हैं
  2. समुदाय और अभिभावक के साथ संवाद नहीं करना
  3. सांस्कृतिक रूप से उत्तरदायी शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सक्षम करना
  4. 3-9 वर्ष आयु वर्ग के लिए प्रासंगिक शिक्षाशास्त्र पर शिक्षकों की कोचिंग

उत्तर 34:  समुदाय और अभिभावक के साथ संवाद नहीं करना

प्रश्न क्रमांक 35.
हितधारकों के साथ सहयोगात्मक प्रक्रिया….. प्रोत्साहित कर सकती हैं।
  1. बच्चों की पढ़ने की आदतों को
  2. शिक्षकों के बीच समय की पाबंदी को
  3. विद्यार्थियों के बीच रचनात्मकता को
  4. विद्यार्थियों के सीखने के प्रतिफलों हेतु साझा जवाबदेही को

उत्तर 35: विद्यार्थियों के सीखने के प्रतिफलों हेतु साझा जवाबदेही को

प्रश्न क्रमांक 36.
3-9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए इनमें से कौन-सा शिक्षाशास्त्र प्रासंगिक नहीं है?
  1. खेलपरक
  2. सुकरात संवाद
  3. गतिविधि आधारित
  4. खिलौना आधारित

उत्तर 36: सुकरात संवाद

प्रश्न क्रमांक 37.
 शिक्षकों को नयी जानकारी प्रस्तुत करनी चाहिए और इसे उन चीजों के साथ जोड़ना चाहिए, जिन्हें बच्चे
  1. पहले से ही जानते हैं
  2. नहीं जानते हैं
  3. जानना नहीं चाहते हैं
  4. सीखने के लिए प्रतिरोधी हैं

उत्तर 37: पहले से ही जानते हैं

प्रश्न क्रमांक 38.
एक नेतृत्वकर्ता 3-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को के माध्यम से संलग्न कर सकता है।
  1. व्याख्यान विधि
  2. प्रदर्शन विधि
  3. खेल आधारित शिक्षाशास्त्र
  4. वैज्ञानिक प्रयोगों

उत्तर 38:  खेल आधारित शिक्षाशास्त्र

प्रश्न क्रमांक 39.
विद्यालय नेतृत्व कर सकता है –
  1. बच्चों के बीच सुदृढ़ प्रारंभिक अधिगम क्षमता का निर्माण
  2. विद्यालय प्रमुख के दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन में मदद
  3. विद्यालय प्रमुख में अनुशासन लाना
  4. शिक्षक प्रबंधन में सहायता

उत्तर 39: बच्चों के बीच सुदृढ़ प्रारंभिक अधिगम क्षमता का निर्मा

प्रश्न क्रमांक 40.
 इनमें से कौन विद्यालय-परिवार-समुदाय के बीच एक प्रकार की भागीदारी नहीं है?
  1. संचार करना
  2. पालन-पोषण करना
  3. सहभागिता करना
  4. स्वयंसेवा (वालंटियर) करना

उत्तर 40:  सहभागिता करना

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PM-UDAY Yojana : ऑनलाइन आवेदन की स्थिति की जांच कैसे करें ?

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PM UDAY Yojana ऑनलाइन आवेदन की स्थिति:-

PM UDAY Yojana ऑनलाइन आवेदन की स्थिति– दिल्ली में अनाधिकृत कॉलोनियों में संपत्ति के अधिकार को प्रदान करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया है | सभी लोग अब https://delhi.ncog.gov.in/login पर PM-UDAY योजना के लिए पंजीकरण / आवेदन पत्र ऑनलाइन भर सकते हैं | PM UDAY योजना का आधिकारिक नाम प्रधान मंत्री – दिल्ली आवास योजना में अनधिकृत कॉलोनियाँ हैं | तो सभी आवेदक जो दिल्ली में अनाधिकृत कॉलोनी में अपने घरों की रजिस्ट्री करवाना चाहते हैं, आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं |

Also Read:

PM-UDAY Yojana 2020 के तहत, अनाधिकृत कॉलोनियों के लोगों को मालिकाना हक मिलेगा | ऐसी कॉलोनियों के अंतर्गत आने वाले घरों की ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल पहले से ही सक्रिय है | एक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं और बहुत मामूली शुल्क देकर रजिस्ट्री कागजात प्राप्त कर सकता है | पहले की रिपोर्टों के अनुसार, इन कॉलोनियों में लगभग 40 लाख लोग रहते हैं और अब उन्हें अपने घरों का स्वामित्व मिलेगा |(PM UDAY Yojana ऑनलाइन आवेदन की स्थिति)

इसके अलावा, रजिस्ट्री होने के बाद, लोग दिल्ली में अपने घरों और फ्लैटों के खिलाफ ऋण प्राप्त कर सकेंगे | 25 अप्रैल 2020 तक, अनाधिकृत कॉलोनियों के निवासियों द्वारा लगभग 2,57,006 आवेदन भरे गए हैं | यह एक मेगा स्कीम है क्योंकि 20% आबादी इन अनाधिकृत कॉलोनियों, में रहती है | अब तक 50% रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर चुका है |

PM UDAY योजना के लिए आवेदन की स्थिति:- Online

  • आधिकारिक वेबसाइट https://delhi.ncog.gov.in/login पर जाएं |
  • Homepage पर, नीचे दिखाए गए अनुसार “Published Applications” लिंक पर क्लिक करें |
PM Uday Published Disposed Applications
  • फिर नीचे दिए गए अनुसार PM-UDAY Published Application Status page दिखाई देगा:
PM UDAY Yojana ऑनलाइन आवेदन की स्थिति
  • यहां आवेदक अपना PM-UDAY case ID, कॉलोनी का नाम और नंबर, आवेदक का नाम, आवेदन जमा करने की तारीख, पता, भूखंड संख्या, जिनमें से लागू की गई मंजिल, सड़क की जांच कर सकते हैं | इसके अलावा, लोग “Objection” लिंक पर क्लिक करके आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं |
  • निपटाए गए आवेदनों की जांच करने के लिए, “Disposed Application” लिंक पर क्लिक करें | फिर PM-UDAY Disposed Application Status पेज दिखाई देगा |
PM UDAY Yojana ऑनलाइन आवेदन की स्थिति

PM UDAY Help Desk:-

आवेदकों की सुविधा के लिए, DDA ने अनधिकृत कॉलोनी regularisation के लिए दिल्ली भर में 50 Help Desk खोले हैं | लोग अब DDA कार्यालयों में Help Desk का विवरण देख सकते हैं | लिंक https://delhi.ncog.gov.in/HelpDesk1 का उपयोग करके Help Desk और संपर्क विवरण के स्थान की जाँच की जा सकती है | सहायता अधिकारियों द्वारा आवेदकों का मार्गदर्शन करने के लिए अनुभवी अधिकारियों द्वारा मदद की जाती है और आवेदकों को सहायता प्रदान करने के लिए कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा से लैस हैं, जिनके पास DDA के पोर्टल पर अपने आवेदन जमा करने की सुविधा नहीं है | आवेदक अपना आवेदन जमा करने के लिए किसी भी जानकारी या सहायता के लिए वहां जा सकते हैं |

Jammu and Kashmir NREGA Job Card List 2022-23 में कैसे देखें अपना नाम

JAMMU AND KASHMIR NREGA Job Card List 2022-23– महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act 2005) के तहत देश के उन गरीब परिवारों को जॉब कार्ड प्रदान किया जाता है |

जिसमें जॉब कार्ड धारक या NREGA Job Card List 2022-23 लाभार्थी द्वारा किए जाने वाले कार्य का विवरण होता है | प्रतिवर्ष, प्रत्येक लाभार्थी के लिए नया नरेगा जॉब कार्ड तैयार किया जाता है जिसे आसानी से MGNREGA की आधिकारिक वेबसाइट http://nrega.nic.in/netnrega/mgnrega_new/Nrega_home.aspx पर देखा जा सकता है |

NREGA Job Card List 2022 का उपयोग करते हुए, आप अपने गाँव / कस्बे के लोगों की पूरी सूची की जाँच कर सकते हैं कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में NREGA के तहत कौन काम करेंगे | 

कुछ मानदंडों के आधार पर प्रतिवर्ष कुछ नए लोगों को NREGA Job Card सूची में जोड़ा जाता है और हटा दिया जाता है | जो भी व्यक्ति NREGA मानदंडों को पूरा करता है वह NREGA Job Card के लिए आवेदन कर सकता है |

Jammu And Kashmir NREGA Job Card List 2022-23 सूची डाउनलोड करने की प्रक्रिया:-

Jammu And Kashmir नरेगा लिस्ट में शामिल मजदूरों की लिस्ट या नाम जानने के लिए आप नीचे बताई जा रही प्रोसेस का पालन करें | (Jammu And Kashmir NREGA Job Card List 2022-23:-)

Also Read: NREGA Job Card सूची में अपना नाम जांचें

  • Jammu And Kashmir नरेगा सूचि में शामिल जॉब कार्ड लिस्ट की जानकारी के लिए सबसे पहले आपको नरेगा की आधिकारिक वेबसाइट nrega.nic.in में जाना होगा, जिससे MGNREGA gram Panchayat module (reports) पृष्ठ खुल जाएगा जैसा कि नीचे दिखाया गया है |
  • आप सीधे https://nrega.nic.in/netnrega/statepage.aspx?Page=C&Digest=GmpYzpnzFJIVhl6rY0MeSw लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं और नीचे दिखाए गए पेज पर अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नाम का चयन कर सकते हैं |
  • इसके पश्चात उपयुक्त राज्य के लिंक पर क्लिक करें जैसा कि ऊपर दी गई तालिका में दिखाया गया है जिससे मनरेगा ग्राम पंचायत मॉड्यूल (रिपोर्ट) पेज खुल जाएगा | Direct link: https://mnregaweb2.nic.in/netnrega/loginframegp.aspx?page=C&state_code=14
  • इसके पश्चात वित्तीय वर्ष, जिला, ब्लॉक, पंचायत का चयन करें और फिर Job card number और नाम सहित पूरी रिपोर्ट खोलने के लिए “Proceed” बटन पर क्लिक करें |
  • यहां नाम के अगले कॉलम में job card number पर क्लिक करें जिससे MGNREGA job card खुलेगा |
  • इस job card को ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है और इसका उपयोग रोजगार के अवसर प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है |

MGNREGA Act, 2005 क्या है:-

महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA या NREGA) एक भारतीय श्रम कानून और सामाजिक सुरक्षा उपाय है जिसका उद्देश्य “काम के अधिकार (right to work)” की गारंटी देना है और सितंबर 2005 में पारित किया गया था |

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है- प्रत्येक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का मजदूरी रोजगार | इसके लिए वयस्क सदस्यों को स्वेच्छा से अकुशल कार्य करना चाहिए |

नरेगा को 1 अप्रैल 2008 से भारत के सभी जिलों को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा और लोक निर्माण कार्यक्रम के रूप में शामिल करने के लिए लागू किया गया था |

मनरेगा का एक अन्य उद्देश्य टिकाऊ संपत्ति (जैसे सड़क, नहर, तालाब और कुएं) बनाना है | आवेदक के निवास के 5 किमी के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना है, और न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जाना है |

नरेगा योजना से गरीब लोगों को कैसे लाभ होता है:-

यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक बेरोजगारी भत्ते के हकदार हैं | इसका अर्थ है कि यदि सरकार रोजगार प्रदान करने में विफल रहती है, तो उसे उन लोगों को कुछ निश्चित बेरोजगारी भत्ते प्रदान करने होंगे |

इस प्रकार, नरेगा योजना के तहत रोजगार एक कानूनी अधिकार है | मनरेगा को मुख्य रूप से ग्राम पंचायतों (जीपी) द्वारा लागू किया जाना है और ठेकेदारों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है |

आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और ग्रामीण संपत्ति बनाने के अलावा, नरेगा पर्यावरण की रक्षा करने, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने, ग्रामीण-शहरी प्रवास को कम करने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है |

कानून अपने प्रभावी प्रबंधन और कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए कई सुरक्षा उपाय प्रदान करता है | अधिनियम में स्पष्ट रूप से कार्यान्वयन के लिए सिद्धांतों और एजेंसियों, अनुमत कार्यों की सूची, वित्तपोषण पैटर्न, निगरानी और मूल्यांकन, और सबसे महत्वपूर्ण रूप से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत उपायों का उल्लेख है |

Frequently Asked Question(FAQs):-

जॉब कार्ड क्या है?

जॉब कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो मनरेगा के तहत श्रमिकों के अधिकारों को दर्ज करता है | यह कानूनी रूप से पंजीकृत परिवारों को काम के लिए आवेदन करने का अधिकार देता है, पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और श्रमिकों को धोखाधड़ी से बचाता है |

रोजगार के लिए खुद को पंजीकृत करने की प्रक्रिया क्या है?

मनरेगा में अकुशल मजदूरी रोजगार पाने के इच्छुक वयस्क सदस्य वाले परिवार पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं | पंजीकरण के लिए आवेदन स्थानीय ग्राम पंचायत को निर्धारित प्रपत्र या सादे कागज पर दिया जा सकता है | प्रवास करने वाले परिवारों को अधिकतम अवसर देने के लिए, पंजीकरण भी पूरे वर्ष जीपी कार्यालय में खोला जाएगा |

MGNREGA में परिवार को कैसे परिभाषित किया गया है?

परिवार का अर्थ है एक परिवार के सदस्य जो रक्त, विवाह या दत्तक द्वारा एक-दूसरे से संबंधित हैं और सामान्य रूप से एक साथ रहते हैं और भोजन साझा करते हैं या एक सामान्य राशन कार्ड रखते हैं |

MGNREGA के तहत पात्र परिवारों की पहचान में घर-घर जाकर सर्वेक्षण का क्या महत्व है?

Door to Door सर्वेक्षण उन पात्र परिवारों की पहचान करने में मदद करता है जो छूट गए हैं और अधिनियम के तहत पंजीकृत होना चाहते हैं | यह प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा प्रत्येक वर्ष किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह सर्वेक्षण वर्ष के उस समय आयोजित किया जाता है जब लोग रोजगार की तलाश में या अन्य कारणों से अन्य क्षेत्रों में पलायन नहीं करते हैं |

जॉब कार्ड पंजीकरण के लिए कौन आवेदन कर सकता है ?

मनरेगा में अकुशल रोजगार पाने के इच्छुक वयस्क सदस्य वाले परिवार पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं |

जॉब कार्ड पंजीकरण की आवृत्ति क्या है?

साल भर

परिवार की ओर से जॉब कार्ड के लिए किसे आवेदन करना चाहिए?

परिवार की ओर से कोई भी वयस्क सदस्य आवेदन कर सकता है |

एक घर में एक वयस्क की परिभाषा क्या है?

वयस्क का अर्थ है वह व्यक्ति जिसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो |

क्या घर के सभी वयस्क सदस्य जॉब कार्ड के लिए पंजीकरण करा सकते हैं?

अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक परिवार के वयस्क सदस्य मनरेगा के तहत जॉब कार्ड प्राप्त करने के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं |

क्या जॉब कार्ड के लिए पंजीकरण करते समय विवरण प्रदान करने के लिए कोई पूर्व-मुद्रित प्रपत्र है?

राज्य सरकार मनरेगा परिचालन दिशानिर्देश 2013 के प्रासंगिक अनुबंधों में निर्धारित प्रारूप के अनुसार एक मुद्रित फॉर्म उपलब्ध करा सकती है | हालांकि, एक मुद्रित फॉर्म पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए |

जॉब कार्ड के लिए आवेदन करते समय ग्राम पंचायत को किन मुद्दों को सत्यापित करने की आवश्यकता है?

ग्राम पंचायत को यह सत्यापित करने की आवश्यकता है कि क्या परिवार वास्तव में एक इकाई है जैसा कि आवेदन में कहा गया है, आवेदक परिवार संबंधित जीपी में स्थानीय निवासी हैं और आवेदक घर के वयस्क सदस्य हैं | सत्यापन की प्रक्रिया आवेदन प्राप्त होने के एक पखवाड़े के भीतर पूरी कर ली जाएगी |

जॉब कार्ड के लिए पंजीकरण कितने वर्षों के लिए वैध है?

पंजीकरण पांच साल के लिए वैध है और आवश्यकता पड़ने पर नवीनीकरण / पुनर्वैधीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इसे नवीनीकृत / पुन: मान्य किया जा सकता है |

यदि आवेदन में निहित जानकारी गलत पाई जाती है, तो अपनाई जाने वाली प्रक्रिया क्या है?

ग्राम पंचायत आवेदन को PO के पास भेजेगी | PO, तथ्यों के स्वतंत्र सत्यापन के बाद और संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देने के बाद, जीपी को निर्देश दे सकता है कि या तो (i) परिवार को पंजीकृत करें या (ii) आवेदन को अस्वीकार करें या (iii) आवेदन पत्र विवरणों को सही करें और फिर से प्रक्रिया करें |

यदि किया गया आवेदन सही है तो जॉब कार्ड (जेसी) जारी करने की समय सीमा क्या है?

एक पखवाड़े के भीतर एक परिवार की पात्रता का पता लगाने के बाद सत्यापन पूरा होने के बाद, ऐसे सभी पात्र परिवारों को जॉब कार्ड जारी किए जाने चाहिए |

क्या जॉब कार्ड घर के किसी सदस्य को सौंपा जा सकता है?

हां, इसे जीपी के कुछ अन्य निवासियों की उपस्थिति में आवेदक के घर के किसी भी वयस्क सदस्य को सौंपा जा सकता है |

क्या जॉब कार्ड (उस पर चिपका हुआ फोटो सहित) की लागत आवेदक द्वारा वहन की जानी चाहिए?

नहीं, जॉब कार्ड की लागत, उस पर चिपकाए गए फोटो सहित, प्रशासनिक खर्चों के तहत कवर की जाती है और कार्यक्रम की लागत के एक हिस्से के रूप में वहन की जाती है |

यदि किसी व्यक्ति को जॉब कार्ड जारी न करने की शिकायत है, तो उसे मामले का प्रतिनिधित्व किसके पास करना है?

मामले को पीओ के संज्ञान में लाया जा सकता है | यदि शिकायत पीओ के खिलाफ है, तो मामले को ब्लॉक या जिला स्तर पर डीपीसी या नामित शिकायत-निवारण प्राधिकरण के संज्ञान में लाया जा सकता है |

क्या जॉब कार्ड जारी न करने के संबंध में शिकायतों को दूर करने के लिए कोई समय-सीमा है?

हां, ऐसी सभी शिकायतों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा |

क्या खोए हुए जॉब कार्ड के लिए डुप्लीकेट जॉब कार्ड प्रदान करने का कोई प्रावधान है ?

हां, जॉब कार्डधारक डुप्लीकेट जॉब कार्ड के लिए आवेदन कर सकता है, यदि मूल जॉब कार्ड खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है | आवेदन ग्राम पंचायत को दिया जाएगा और एक नए आवेदन के रूप में संसाधित किया जाएगा, अंतर यह है कि पंचायत द्वारा बनाए गए जेसी की डुप्लिकेट प्रति का उपयोग करके विवरणों को भी सत्यापित किया जा सकता है |

जॉब कार्ड का संरक्षक कौन है?

यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जेसी हमेशा उस परिवार की कस्टडी में रहे जिसे यह जारी किया गया है | यदि किसी भी कारण से, यानी रिकॉर्ड का अपडेशन, इसे कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा लिया जाता है, तो इसे अपडेट के बाद उसी दिन वापस कर दिया जाना चाहिए | बिना किसी वैध कारण के किसी पंचायत या मनरेगा पदाधिकारी के कब्जे में पाए जाने वाले जेसी को अधिनियम की धारा 25 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा |

क्या परिवार का कोई वयस्क सदस्य मजदूरी रोजगार प्राप्त कर सकता है?

पंजीकृत परिवार का प्रत्येक वयस्क सदस्य, जिसका नाम Job Card में आता है, अकुशल शारीरिक श्रम के लिए आवेदन करने का हकदार होगा |

क्या जॉब कार्ड रद्द किया जा सकता है?

नहीं, पैरा 4, अनुसूची II के अनुसार कोई भी जॉब कार्ड रद्द नहीं किया जा सकता है, सिवाय इसके कि जहां यह डुप्लीकेट पाया जाता है, या यदि पूरा परिवार स्थायी रूप से ग्राम पंचायत के बाहर किसी स्थान पर चला गया है और अब गांव में नहीं रहता है |

एक आवेदक कब बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्र है?

यदि किसी आवेदक को रोजगार की तलाश में उसके आवेदन की प्राप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो अग्रिम आवेदन के सभी मामलों में, रोजगार की मांग की तारीख से या आवेदन की तारीख के 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान किया जाना चाहिए | जो भी बाद में है | अन्यथा, बेरोजगारी भत्ता देय हो जाता है | इसकी गणना कंप्यूटर सिस्टम या प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) द्वारा स्वचालित रूप से की जाएगी |

बेरोजगारी भत्ता के भुगतान के लिए कौन जिम्मेदार है ?

मनरेगा की धारा 7(3) के तहत राज्य सरकार संबंधित परिवार को बेरोजगारी भत्ता देने के लिए उत्तरदायी है | राज्य सरकार देय बेरोजगारी भत्ता की दर निर्दिष्ट करेगी, बेरोजगारी भत्ता के भुगतान की प्रक्रिया को नियंत्रित करने वाले नियम बनाएगी और बेरोजगारी भत्ते के भुगतान के लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान करेगी |

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ROJGAR PANJIYAN : क्या आप अपना रोजगार पंजीयन भूल गये ?

Rojgar Panjiyan Number Kaise Jane

ROJGAR PANJIYAN NUMBER KAISE JANE – हेलो दोस्तों जैसा की आपको बता दे मध्य प्रदेश रोजगार पोर्टल को अपडेट कर दिया गया है हालाँकि पिछले पोर्टल के अनुसार हमने आपको रोजगार पोर्टल से संबधित जानकारी पहले दी थी लेकिन पोर्टल में कई अहम् बदलाव किये जा चुके हैं इसलिए हम यहाँ फिर से आपको जानकारी दे रहे हैं |

दोस्तों मध्य प्रदेश में होने वाली वाली लगभग सभी सरकारी नौकरियों की भर्ती में ऑनलाइन फॉर्म भरते समय हमें जीवित रोजगार पंजीयन की आवश्यकता होती है लेकिन होता क्या है आपको जानकारी के आभाव में आपके पास रोजगार पंजीयन होते हुए भी आपको पता नहीं होता है की रोजगार पंजीयन है क्या और यदि पहले से पंजीयन है तो उसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है |

यदि आप दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की कोशिश करते हैं तो आलरेडी रजिस्टर्ड का एरर मेसज डिस्प्ले होता है इसलिए सबसे पहले हमारी इस पोस्ट में बताई गयी प्रक्रिया का अनुसरण करें जिससे यदि आप पहले से रजिस्टर्ड हों तो आपको आपका रोजगार पंजीयन नंबर मिल सके |

HOW TO KNOW YOUR ROJGAR REGISTRATION NUMBER, MP ROJGAR PORTAL

STEP 1: रोजगार पंजीयन की सभी जानकारी के लिए सबसे पहले आप आधिकारिक पोर्टल http://mprojgar.gov.in/ पर जाएँ | अब मुख्य प्रष्ठ में KNOW YOUR REGISTRATION लिंक पर क्लिक करें जैसा की नीचे इमेज में दिखाया गया है |

ROJGAR PANJIYAN NUMBER KAISE JANE

STEP 2: उपरोक्त्त लिंक में क्लिक करने के बाद अब आप इस पेज में अपना पहला नाम दर्ज करें, जेंडर का चुनाव करें और अपना आधार नंबर दर्ज करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें |

ROJGAR PANJIYAN NUMBER KAISE JANE

STEP 3: और सबसे अंत में प्रक्रिया पूरी करने के बाद यदि आपका रोजगार पंजीयन पहले से है तो इस प्रकार का डिस्प्ले आएगा जहाँ पर आपके नाम के साथ रोजगार पंजीयन नंबर तथा रोजगार पंजीयन की तिथि दी गयी होगी |

ROJGAR PANJIYAN NUMBER KAISE JANE

Nishtha FLN Training Module 9 प्रश्न्नोत्तरी पीडीऍफ़ के साथ

Description : बुनियादी संख्यात्मकता​ – Nishtha FLN Training Module 9 प्रशिक्षण 9 लिंक: https://bit.ly/MPN-FLN-C9
यह कोर्स प्रारंभिक बाल्यावस्था की शिक्षा और देखभाल केंद्रों जैसे आंगनवाड़ी, केवल नर्सरी स्कूलों और प्राथमिक स्कूलों से जुड़े नर्सरी स्कूलों में संख्यात्मकता की समझ के निर्माण में शिक्षकों और कार्यकर्ताओं की मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पाठ्यक्रम में 8-9 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों के बीच साक्षरता के साथ एकीकृत प्रारंभिक गणितीय और संख्यात्मक कौशल की एक मजबूत नींव बनाने के लिए सामग्री ज्ञान और शैक्षणिक प्रक्रियाएं शामिल हैं। 

Nishtha FLN Training Module 9

दीक्षा पोर्टल /एप में लॉग इन कैसे करेंजानने के लिए क्लिक करें
Start Date : 1 February 2022   End Date:  28 February 2022
प्रश्न क्रमांक 1.
गणना की प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थी
  1. क्रम में संख्या नामों को बोलता है
  2. नंबर के नाम लिखता है
  3. एक-एक करके वस्तुओं की और संकेत करता है
  4. दो समूहों में वर्गीकृत करता है

उत्तर 1: नंबर के नाम लिखता है

प्रश्न क्रमांक 2.
निम्नलिखित में से कौन एक गणितीय प्रक्रिया नहीं है?
  1. दृश्य के रूप मे देखना
  2. अनुमान
  3. रटकर याद रखना
  4. स्थानिक समझ

उत्तर 2:  रटकर याद रखना

प्रश्न क्रमांक 3.
वह प्रक्रिया जिसके द्वारा व्यक्तियों के बीच गणितीय प्रतीकों, संकेतों, आरेखों, आलेखों के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाता है, …… के रूप में जाना जाता है
  1. भाषा अधिग्रहण
  2. गणितीय संचार
  3. गणितीय भाषा
  4. पहली भाषा सीखना

उत्तर 3: गणितीय संचार

प्रश्न क्रमांक 4.
 निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म एक दूसरे के पूरक नहीं हैं?
  1. जोड़ और घटाव
  2. घटाव और गुणा
  3. जोड़ और गुणा
  4. गुणा और भाग

उत्तर 4:  घटाव और गुणा

प्रश्न क्रमांक 5.
कितनी बार 4 जोड़ने से 16 प्राप्त होगा?
  1. 20 बार
  2. 64 बार
  3. 4 बार
  4. 16बार

उत्तर 5: 4 बार

प्रश्न क्रमांक 6.
एक संग्रह की कार्डिनैलिटी को तुरंत समझने की क्षमता, आमतौर पर बिना गिनती के चार या पांच से अधिक नहीं को कहा जाता है? 
  1. वर्गीकरण
  2. सुबिटिज़ेस्न 
  3. क्रमबद्धता
  4. संरक्षण

उत्तर 6:  सुबिटिज़ेस्न  

प्रश्न क्रमांक 7.
वस्तुओं के मिलान या जोड़ी बनाने की गतिविधियाँ किस पूर्व-संख्या कौशल के विकास में मदद करेंगी?
  1. प्रत्येक से अलग पत्राचार
  2. गिनती
  3. क्रमबद्धता
  4. वर्गीकरण

उत्तर 7: प्रत्येक से अलग पत्राचार

प्रश्न क्रमांक 8.
निम्नलिखित में से किसमें एक-संग -एक संगतता शामिल नहीं है?
  1. मेल मिलाना
  2. समूहन
  3. अक संग एक मिलाना
  4. जोड़े बनाना

उत्तर 8:  समूहन

प्रश्न क्रमांक 9.
 वैन हील के ज्यामितीय विचारों के स्तर के अनुसार, दूसरा स्तर__है
  1. अमूर्तिकरण
  2. दृढ़ता
  3. विजूलाइजेस्न
  4. अनौपचारिक परिणाम

उत्तर 9: अमूर्तिकरण

प्रश्न क्रमांक 10.
गुणन सीखने/समझने में उपयुक्त क्रम क्या होना चाहिए?
  1. I, ii, iii, iv
  2. iv, ii, iii, i
  3. ii, iv, i, iii
  4. iv, iii, i, ii

उत्तर 10:  ii, iv, i, iii

प्रश्न क्रमांक 11.
निम्नलिखित में से कौन गणित अधिगम के आकलन का आयाम नहीं है?
  1. प्रक्रियात्मक ज्ञान
  2. संचार
  3. गणितीय तर्क
  4. गणित के प्रति स्वभाव

उत्तर 11: प्रक्रियात्मक ज्ञान

प्रश्न क्रमांक 12.
निम्नलिखित में से किसमें दिए गए नियम के अनुसार वस्तुओं के संग्रह का क्रम शामिल नहीं है?
  1. पैटर्निंग
  2. व्यवस्था
  3. श्रृंखला
  4. वर्गीकरण

उत्तर 12: वर्गीकरण

प्रश्न क्रमांक 13.
संख्याओं को सीखने से पहले एक बच्चे को वस्तुओं को क्रमबद्ध करने में सक्षम होना चाहिए, क्योंकि क्रम…
  1. संख्याओं पर संक्रियाओं के लिए आवश्यक है
  2. संख्या नामों का पाठ करने के बारे में
  3. गणना से संबंधित नहीं
  4. संख्याओं को क्रम में रखने या क्रम में रखने से संबंधित

उत्तर 13:  संख्याओं को क्रम में रखने या क्रम में रखने से संबंधित

प्रश्न क्रमांक 14.
प्रारंभिक अवस्था में गणित सीखने के दौरान, एक बच्चे से यह अपेक्षा नहीं की जाती है कि….
  1. नंबर सेंस से पहले गिनना सीखें
  2. गणितीय रूप से सोचें और तर्क के साथ निर्णय लें
  3. गणितीय तकनीकों के लिए आवश्यक परम्पराओं को जानें
  4. स्थान और आकृतियों को समझने के लिए शब्दावली का प्रयोग करें

उत्तर 14: गणितीय तकनीकों के लिए आवश्यक परम्पराओं को जानें

प्रश्न क्रमांक 15.
 ‘शून्य’ की अवधारणा को निम्नलिखित में से किस संक्रिया के माध्यम से सर्वोत्तम रूप से प्रस्तुत किया जा सकता है?
  1. योग
  2. विभाजन
  3. घटाव
  4. गुणा

उत्तर 15: घटाव

प्रश्न क्रमांक 16.
सुबिटाइजिंग क्या है?
  1. गिनने की क्षमता
  2. वस्तुओं की संख्या को केवल उन्हें देखकर और वास्तव में प्रत्येक वस्तु को गिनने के बिना पहचानने की क्षमता।
  3. वस्तुओं के बीच भेदभाव करने की क्षमता
  4. 10 तक की संख्या के नाम बताने की क्षमता

उत्तर 16:  वस्तुओं की संख्या को केवल उन्हें देखकर और वास्तव में प्रत्येक वस्तु को गिनने के बिना पहचानने की क्षमता।

प्रश्न क्रमांक 17.
निम्नलिखित में से कौन संख्या की समझ विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल नहीं है?
  1. संख्या नामों का बोलना
  2. से बड़ी/ से छोटी जैसी संख्याओं की तुलना
  3. दैनिक जीवन के कार्यो मे संक्रियाओं का अनुप्रयोग
  4. मूल संचालन जैसे जोड़/घटाव

उत्तर 17: संख्या नामों का बोलना

प्रश्न क्रमांक 18.
संख्याओं का उपयोग किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन करने के लिए किया जाता है जब उन्हें एक विशिष्ट क्रम में व्यवस्थित किया जाता है।
  1. सौंदर्य विषयक
  2. नाम के रूप मे उपयोग
  3. कार्डिनल
  4. क्रमवाचक

उत्तर 18:  क्रमवाचक

प्रश्न क्रमांक 19.
वस्तुओं को वर्गीकृत करने के लिए आवश्यक आवश्यकता है:
  1. आकृतियों के नाम पढ़ें
  2. वस्तुओं को उनकी विशेषताओं से पहचानें
  3. वस्तुओं के नाम जानें
  4. वस्तुओं के नाम का पाठ करें

उत्तर 19:  वस्तुओं को उनकी विशेषताओं से पहचानें

प्रश्न क्रमांक 20.
संख्याओं को पढ़ाने का सही क्रम क्या है?
  1. i, iv, ii, iii
  2. i, ii, iii, iv
  3. ii, i, iii, iv
  4. i, iv, iii, ii

उत्तर 20:  i, iv, iii, ii

प्रश्न क्रमांक 21.
निम्नलिखित में से कौन डेटा प्रबंधन का एक घटक नहीं है?
  1. डेटा का निर्माण
  2. डेटा का संग्रहण
  3. डेटा की व्याख्या
  4. डेटा का प्रतिनिधित्व

उत्तर 21:डेटा का निर्माण

प्रश्न क्रमांक 22.
निम्नलिखित में से कौन सा आकलन का उपयुक्त तरीका नहीं है?
  1. आंकलन के लिए श्रव्य-दृश्य उपकरण का प्रयोग
  2. बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार एक व्यक्तिपरक परीक्षा
  3. स्व-मूल्यांकन का उपयोग
  4. याद रखने पर आधारित एक परीक्षा

उत्तर 22:  याद रखने पर आधारित एक परीक्षा

प्रश्न क्रमांक 23.
मापन शिक्षण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा उपागम नहीं होना चाहिए?
  1. तुलना की भाषा का उपयोग करने के अवसर प्रदान करें
  2. गतिविधियों और अन्य अनुभवों को देना जिनमें माप शामिल है
  3. शिक्षक द्वारा माप की मानक इकाइयों और उनके रूपांतरणों को सीधे पेश करना
  4. बच्चों को माप के लिए अपनी इकाइयाँ निकालने दें

उत्तर 23:  शिक्षक द्वारा माप की मानक इकाइयों और उनके रूपांतरणों को सीधे पेश करना

प्रश्न क्रमांक 24.
निम्नलिखित में से कौन सा परिदृश्य जोड़ और घटाव से संबंधित शब्द समस्याओं में शामिल नहीं है?
  1. समूहों की तुलना
  2. वस्तुओं का वर्गीकरण
  3. समान मात्रा में वृद्धि या कमी
  4. दो या दो से अधिक समूहों का संयोजन

उत्तर 24: वस्तुओं का वर्गीकरण

प्रश्न क्रमांक 25.
अंक क्या होते हैं?
  1. संख्याओं का आकार
  2. संख्याओं के लिए प्रतीक
  3. संख्या के नाम
  4. संख्याओं का मान

उत्तर 25: संख्याओं के लिए प्रतीक

प्रश्न क्रमांक 26.
वस्तुओं के समूह के आकार को मापने और संप्रेषित करने के लिए निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है?
  1. उपरोक्त सभी
  2. नाममात्र संख्या
  3. कार्डिनल संख्या
  4. क्रमसूचक संख्या

उत्तर 26: कार्डिनल संख्या

प्रश्न क्रमांक 27.
सीमा के पास 12 गुलाब हैं। शिफा के पास 15 गुलाब हैं। किसके पास ज्यादा है और कितने से?’ उपरोक्त शब्द समस्या में किस घटाव संदर्भ का प्रयोग किया गया है?
  1. तुलना
  2. क्या बचा
  3. पूरक जोड़
  4. समूह से निकालना

उत्तर 27:   तुलना

प्रश्न क्रमांक 28.
निम्नलिखित में से कौन एक बच्चे को प्रारम्भिक वर्षों में संख्यात्मकता में दक्ष बनाने का उद्देश्य नहीं है?
  1. यह बाद के चरणों में सीखने के परिणामों को प्राप्त करने में मदद करता
  2. यह दैनिक जीवन में तार्किक सोच और तर्क को विकसित करने में मदद करता है
  3. यह उन्हें तेजी से गणना करने में मदद करता है
  4. यह उन्हें संख्याओं के साथ कार्य करने में मदद करता है

उत्तर 28: यह उन्हें तेजी से गणना करने में मदद करता है

प्रश्न क्रमांक 29.
यदि छात्र विभिन्न त्रिभुजों के गुणों का नाम बता सकते हैं लेकिन अभी तक उनके बीच संबंध नहीं देख पा रहे हैं, तो वे वैन हील ज्यामितीय सोच मॉडल के किस चरण में हैं?
  1. विश्लेषण
  2. औपचारिक परिणाम
  3. दृढ़ता
  4. अमूर्तता

उत्तर 29: विश्लेषण

प्रश्न क्रमांक 30.
 पूर्वशालीय शिक्षकों को निम्नलिखित में से किससे बचना चाहिए?
  1. बच्चों को संक्रियाओं की समझ से पहले संख्याए लिखने को कहना
  2. बच्चों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर केन्द्रित होना
  3. कक्षा में और घर पर गणितीय सोच को बढ़ावा देने वाली वस्तुओं को शामिल करना
  4. गणितीय अवधारणाओं पर केंद्रित भाषा का प्रयोग करना

उत्तर 30:  बच्चों को संक्रियाओं की समझ से पहले संख्याए लिखने को कहना

प्रश्न क्रमांक 31.
निम्नलिखित में से कौन सा सत्य नहीं है?
  • सभी आयत समांतर होते चतुर्भुज हैं
  • सभी आयत वर्ग होते हैं
  • सभी वर्ग समांतर होते चतुर्भुज हैं
  • सभी वर्ग आयत होते हैं

उत्तर 31:सभी आयत वर्ग होते हैं

प्रश्न क्रमांक 32.
निम्नलिखित में से कौन सा गुणन सीखने का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है?
  1. पहाड़ों का स्मरण और उनका पाठ
  2. गुणन एल्गोरिथ्म सीखना और प्रशन हल करना
  3. गुणन को ‘कितनी बार’ जोड़ने के रूप में समझना
  4. गुणन तथ्यों को याद रखना

उत्तर 32: गुणन को ‘कितनी बार’ जोड़ने के रूप में समझना

प्रश्न क्रमांक 33.
निम्नलिखित में से कौन सा बुनयादी संख्यातमकता का घटक नहीं है?
  1. संख्या के नाम याद रखना
  2. डेटा संधारण
  3. गणितीय संचार
  4. पैटर्न्स

उत्तर 33: संख्या के नाम याद रखना

प्रश्न क्रमांक 34.
निम्नलिखित में से कौन-सा पूर्व-संख्या कौशल नहीं है:
  1. वर्गीकरण
  2. अंक जानना
  3. क्रमबद्धता
  4. एक-संग-एक संगतता

उत्तर 34:  अंक जानना

प्रश्न क्रमांक 35.
निम्नलिखित में से कौन-सा संख्याओं का प्रकार और उपयोगिता नहीं है?
  1. नाम के रूप में उपयोग की गई संख्या
  2. गणन संख्या
  3. सौंदर्य संख्या
  4. क्रमसूचक संख्या

सौंदर्य संख्या

प्रश्न क्रमांक 36.
एक-संग-एक संगतता की समझ के निर्माण के लिए, बच्चों को … का अर्थ समझने की आवश्यकता नहीं है।
  1. कई और कुछ
  2. से अधिक/कम
  3. संख्या निर्देश करने की प्रणाली
  4. जीतने एक समूह मे हे उतने

उत्तर 36: संख्या निर्देश करने की प्रणाली

प्रश्न क्रमांक 37.
कब कहा जाता है कि एक बच्चे ने आकार और स्थान की समझ हासिल नहीं की है?
  1. जब बच्चा स्थान और आकृतियों का वर्णन करने के लिए अपनी शब्दावली का उपयोग करता है
  2. जब बच्चा पर्यावरण में वस्तुओं और उनकी ज्यामितीय विशेषताओं को देखता है
  3. जब बच्चा किसी वस्तु और उसके आकार के बीच संबंध की खोज और संचार करता है
  4. जब बच्चा बिना समझे घन, घनाभ, गोला आदि आकृतियों के नाम रटता है

उत्तर 37: जब बच्चा बिना समझे घन, घनाभ, गोला आदि आकृतियों के नाम रटता है

प्रश्न क्रमांक 38.
जिन चीजों में कुछ विशेषताएं समान हैं, उन्हें एक साथ रखने से … की क्षमता में वृद्धि होती है।
  1. संख्या समझ
  2. क्रमबद्धता
  3. वर्गीकरण
  4. गणितीय संचार

उत्तर 38:  संख्यात्मकता की मजबूत बुनियाद सुनिश्चित करने के लिए बच्चों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए….

प्रश्न क्रमांक 39.
संख्यात्मकता की मजबूत बुनियाद सुनिश्चित करने के लिए बच्चों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए
  1. प्रश्न पत्र के माध्यम से, जिसमें पाठ्यपुस्तकों से अधिक प्रश्न हैं
  2. सतत रचनात्मक/अनुकूली विधियों के माध्यम से
  3. साप्ताहिक और मासिक परीक्षणों के माध्यम से
  4. वार्षिक रूप से राज्य/जिला प्राधिकरण द्वारा

उत्तर 39: सतत रचनात्मक/अनुकूली विधियों के माध्यम से

प्रश्न क्रमांक 40.
निम्नलिखित में से कौन-सी मूलभूत संख्यात्मक कौशल को बढ़ाने के लिए एक उपयुक्त शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं है?
  1. गणित में कविताओं, तुकबंदी, कहानियों, पहेलियों का उपयोग करना
  2. जोड़-तोड़ का उपयोग
  3. बहुत सारे अभ्यास प्रश्न हल करवाना
  4. घरेलू भाषा में निर्देश

उत्तर 40:  बहुत सारे अभ्यास प्रश्न हल करवाना

MP-e Uparjan से धान पंजीयन पावती कैसे निकालें

MP E-UPARJAN MP Dhan Panjiyan Parchi 2022: जून जुलाई में बोई जाने वाली खरीफ फसल जैसे धान की खरीदी कृषि उपज मंडियों के माध्यम से प्रारम्भ हो चुकी है सभी किसानों को मैसेज के माध्यम से सूचित भी किया जा चुका है जिसके लिए से रजिस्टर्ड मोबाइल या किसान कोड के माध्यम से ऑनलाइन पावती निकलकर आपको उपज मंडी में जमा करना होता है.

कुछ किसान बंधू विचलित हो जाते हैं और परेशान हो जाते है की आखिर ये है क्या चीज़ कहाँ से और किस प्रकार मिलेगी । हम ये तो नहीं कह सकते की सभी किसान बंधू ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं और वो इस आर्टिकल को पढ़ सकते हैं लेकिन उनके घर में जरूर कोई न कोई होगा जो की इंटरनेट का उपयोग करता होगा यदि आप भी उन्ही में से हैं तो इस पोस्ट को पढ़ें और उनकी मदद करें की कैसे वो ऑनलाइन पंजीयन सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं|

MP Dhan Panjiyan Parchi

जैसा की आप सभी जानते हैं धान खरीदी हेतु पंजीयन की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। और आप कृषि उपज मंडी या ऑनलाइन माध्यम से पंजीयन कर लिया है या करा लिया है तो पंजीयन की पावती निकलने के लिए नीचे बताई जा रही प्रक्रिया को फालो करें।

STEP 1: धान पंजीयन रजिस्ट्रेशन प्रिंट करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट http://mpeuparjan.nic.in/ पर जाएँ। गूगल में MP E-UPARJAN सर्च करके भी इस वेबसाइट तक पहुँच सकते हैं|अब होम पेज में खरीफ सेक्शन में जाकर खरीफ 2022-23 लिंक पर क्लिक करें जैसा की नीचे इमेज में दिखाया गया है।

MP Dhan Panjiyan Parchi

STEP 2: किसान पंजीयन/आवेदन सर्च टैब पर क्लिक करें

MP E-UPARJAN DHAN PANJIYAN 2021

STEP 3: किसान पंजीयन की जानकारी आवेदन/किसान कोड, मोबाइल न.,समग्र न. में से किसी एक को प्रविष्ट करें और सुरक्षा कोड को दर्ज करते हुए किसान सर्च बटन पर क्लिक करें।

MP E-UPARJAN DHAN PANJIYAN 2021

STEP 4: जैसे ही किसान सर्च बटन पर क्लिक करेंगे किसान पंजीयन से सम्बंधित सभी जानकारी आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगी अब आप इस पंजीयन का प्रिंट लेने के लिए प्रिंट बटन में क्लिक करें और पंजीयन का प्रिंट लेकर इसे सुरक्षित रख लें

MP Dhan Panjiyan Parchi

NOTE: यदि आपको किसान पंजीयन की जानकारी प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा हो रही है तो हमें कमेंट के माध्यम से बताएं हमारी टीम आपको जरूर मदद करेगी

बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना 2022: जानें योजना के उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं, पात्रता |

बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना 2022:-

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कई प्रकार की योजनाएं आरंभ की जा रहे हैं | बिहार सरकार द्वारा भी ऐसी ही एक योजना आरंभ की गई है | जिसका नाम बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना है | इस योजना के माध्यम से वह सभी बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई है उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी |

बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा 30 मई 2021 को बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना का आरंभ किया गया है | इस योजना के माध्यम से उन बच्चों को आर्थिक तथा आवासीय सहायता प्रदान की जाएगी जिन के माता पिता की मृत्यु या फिर माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है | ऐसे सभी बच्चों को 18 वर्ष की आयु होने तक ₹1500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी |

इसके अलावा वह सभी बच्चे जिनके अभिभावक नहीं है उन्हें भी देखरेख बाल गृह के माध्यम से की जाएगी | अनाथ बच्चियों को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में नामांकन प्रदान किया जाएगा | इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको जल्द से जल्द आवेदन करवाना होगा |

योजना का नामबिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना
किसने आरंभ कीबिहार सरकार
लाभार्थीकोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चे।
उद्देश्यकोरोना वायरस के कारण अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
आधिकारिक वेबसाइटजल्द लॉन्च की जाएगी
साल2022
आर्थिक सहायता₹1500
आवेदन का प्रकारऑनलाइन/ऑफलाइन

बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना का उद्देश्य:-

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जिससे वह आर्थिक तंगी से निबट सके | अब इस योजना के कारण बच्चों को अपने भरण-पोषण करने के लिए दूसरे पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी | इस योजना के माध्यम से प्राप्त हुई आर्थिक सहायता से वे आत्मनिर्भर बनेंगे तथा उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा | इसी के साथ Mukhyamantri Bal Sahayata Yojana के माध्यम से उन बच्चों को आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी जिनके अभिभावक नहीं है जिससे कि आवास हीन बच्चों को आवास की सुविधा प्रदान की जा सके |

बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना 2022 के लाभ तथा विशेषताएं:-

  • Bihar Mukhyamantri Bal Sahayata Yojana 2022 को बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा 30 मई 2021 को आरंभ किया गया है |
  • इस योजना के माध्यम से कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी |
  • यह आर्थिक सहायता ₹1500 रुपए की होगी |
  • आर्थिक सहायता के साथ-साथ उन बच्चों को आवासीय सहायता भी प्रदान की जाएगी जिनके अभिभावक नहीं है |
  • यह आवासीय सहायता बालग्रह के माध्यम से प्रदान की जाएगी |
  • अनाथ हुई बच्चियों को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में नामांकन प्रदान किया जाएगा |
  • Bihar Mukhyamantri Bal Sahayata Yojana का लाभ केवल 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे ही उठा सकते हैं |

बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना 2022 की पात्रता एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज:-

  • आवेदक बिहार का स्थाई निवासी होना चाहिए |
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष या फिर 18 वर्ष से कम होनी चाहिए |
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • राशन कार्ड
  • माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मोबाइल नंबर |

बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना 2022 के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

यदि आप बिहार मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना 2022 के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको अभी कुछ समय इंतजार करना होगा | अभी केवल इस योजना की घोषणा की गई है | जल्द बिहार सरकार द्वारा Bihar Mukhyamantri Bal Sahayata Yojana के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया सक्रिय की जाएगी | जैसे ही बिहार सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत आवेदन से संबंधित कोई भी जानकारी प्रदान की जाएगी हम आपको अपने माध्यम से जरूर बताएंगे | कृपया आप हमारे इस लेख से जुड़े रहे |

OTT Platform क्या है ? OTT का फुल फॉर्म क्या है ? जानें सबकुछ आसान शब्दों में |

OTT Platform:-

पिछले कुछ दिनों से एक शब्द काफी चर्चे में है और वह है OTT | यह शब्द सुनते ही कई लोग सोचने लग जाते हैं की OTT ka Full Form kya hai? आज इस पोस्ट में हम जानेंगे की OTT Full Form क्या हैओटीटी का पूरा नाम क्या है? ओटीटी प्लेटफॉर्म क्या है? (Meaning of OTT Platform in Hindi) और Top 10 OTT Platform (ओटीटी प्लेटफार्म) कौन से हैं? OTT Platform के लाभ कौन कौन से हैं?

इंटरनेट ने हमारे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव किया है | इंटरनेट और ऐसी कई आधुनिक तकनीकों ने हमारे कई काम करने के तरीके को बदल दिया है | इसके साथ ही आजकल कई OTT Platform भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं | आजकल कई कारणों से फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज नहीं की जा रही है | जिसके चलते फिल्म मेकर्स ने नया तरीका अपनाया और उन्होंने फिल्मों को OTT Platform पर रिलीज करना शुरू कर दिया | इसलिए वेब सीरीज पहले से ही OTT Platforms पर रिलीज की जा रही है |

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Amazon Prime के अलावा Netflix, Hotstar जैसे कई OTT Platform पर वेब सीरीज और फिल्में रिलीज की जाती हैं | OTT Platform की वजह से आज दर्शकों को फिल्में देखने के लिए थिएटर तक दूर नहीं जाना पड़ता | App पर क्लिक करें और फिर फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज से भरा पूरा समुद्र आपके सामने होगा | तो आइए सबसे पहले जानते हैं की OTT का Full Form क्या है और OTT Platform क्या होता है?

OTT का Full Form क्या है:-

OTT का Full Form है “Over The Top” | हिंदी में OTT को “ओवर द टॉप” कहा जाता है | यह एक प्रकार की Streaming Service है जो की इंटरनेट कनेक्शन पर कंटेंट वितरित करती है | OTT के मदद से स्मार्टफोन पर सभी TV Program के साथ-साथ We Series, Comedy Program, Live Matches और फिल्मों की Streaming की जा सकती है |

अब आपको पता चल चुका है की OTT का Full Form क्या है? आइए अब जानते हैं की OTT Platform क्या है ?

OTT Platform क्या होता है:-

OTT (Over-The-Top) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो High speed internet connection के जरिए Film और TV Show या अन्य Content मुहैया कराता है | इसका उपयोग मुख्य रूप से Entertainers, Advertisers, Marketers आदि, नई फिल्मों, विज्ञापन उत्पादों और सेवाओं, Live Video Streaming आदि की स्क्रीनिंग के लिए कर रहे हैं | OTT Platform कई लोगों को एक वैकल्पिक मंच प्रदान किया है जिससे घर बैठे ही बिना Theatre गए वीडियो कंटेंट देखा जा सकता है |

आमतौर पर हमें अपना पसंदीदा कार्यक्रम या फिल्म देखने के लिए Cable TV COnnection या DTH Connection की आवश्यकता होती है, लेकिन आजकल उपयोगकर्ताओं को OTT Content देखने के लिए केवल Internet Connectivity और एक हार्डवेयर डिवाइस की आवश्यकता होती है | ये सभी प्लेटफॉर्म अपने यूजर्स को अलग-अलग तरह का कंटेंट देते हैं | यूजर्स के OTT Platform के अनुभव को देखते हुए Artificial intellegence की मदद से अलग-अलग तरह के कंटेंट देखने की सलाह दी जाती है |

इन प्लेटफॉर्म पर video content देखने के लिए App का Subscription लेना पड़ता है | हालांकि अधिकांश प्लेटफ़ॉर्म मुफ्त में सामग्री प्रदान करते हैं और कुछ प्लेटफॉर्म पर वीडियो कंटेंट देखने के लिए ऐप का Subscription लेना पड़ता है | इस तरह, OTT Platform कुछ चुनिंदा film production house के साथ प्लेटफार्म में कुछ Premium Content Add करती है जिसे आप Subscription के बाद ही Stream कर सकते हैं |

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OTT Platform Services के प्रकार:-

Ad-based video-on-demand OTT (AVOD OTT):

AVOD OTT Services के माध्यम से यूजर्स को ऐसे वीडियो देखने को मिलते हैं जिसमे Ads लगे होते हैं | यूजर्स को इसके पैसे नहीं देने होते हैं | इसका Monetization वीडियो विज्ञापन के माध्यम से होता है | Youtube इसका सबसे अच्छा उदाहरण है |

Subscription Video-on-Demand (SVOD) or Subscription OTT:

SVOD OTT Services यूजर्स को तब दी जाती हैं जब उनके पास विडियो स्ट्रीमिंग के लिए Paid Subscription Access होता है | इसके लिए यूजर्स को सबसे पहले भुगतान करना होता है | Amazon Prime, Netflix, Hulu आदि SVOD OTT Platform के उदाहरण हैं |

Transaction Based Video-on-Demand (TVOD) OTT:

TVOD OTT एक ऐसी सर्विस है जिसे यूजर Pay Per View मॉडल के हिसाब से खरीद सकते हैं | यानी आप कोई वीडियो या फिल्म देखने के लिए उसे खरीद सकते हैं या किराए पर देख सकते हैं | Apple iTunes और VUDU आदि TVOD OTT Platform के उदाहरण हैं |

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भारत में लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफार्म कौन – कौन से हैं:-

OTT Platforms की कीमतें क्या – क्या हैं:-

OTT PlatformsSubscription Plans
1. NetflixMobile: ₹149
Basic: ₹199
Standard: ₹499
Premium: ₹649
2. Amazon PrimeMonthly: ₹129
Yearly: ₹999
3. Disney+ HotstarVIP: ₹399 (Yearly)
Premium: ₹1499 (Yearly)
Premium: ₹299 (Monthly)
4. Zee5Monthly: ₹99
3 Months: ₹299
Yearly: ₹499
5. Sony LIVLIV Premium
Monthly: ₹299
6 Months: ₹699
Yearly: ₹999

LIV Special+
With Ads: ₹199
No Ads: ₹399

WWE Network
Yearly: ₹299
6. VootMonthly: ₹99
Yearly: ₹399
7. Alt Balaji3 Months: ₹100
6 Months: ₹180
12 Months: 300
8. MX PlayerFREE
9. JIO CinemaFREE
10. YouTube PremiumMonthly: ₹139
3 Months: ₹399
11. HoichoiYearly: ₹599
Yearly: ₹899
12. AddatimesYearly: ₹399
Yearly: ₹599
13. KliKKMonthly: ₹99
Yearly: ₹399

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भारत में OTT Content का भविष्य:-

इंटरनेट के विकास के साथ, Netflix जैसी कंपनियों ने लोगों के मनोरंजन के तरीके को बदल दिया है | Netflix और Amazon Prime जैसे प्लेटफॉर्म बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं | ओटीटी सामग्री को इंटरनेट के माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध कराया जाता है | अमेरिका ओटीटी प्लेटफॉर्म भारत में बहुत लोकप्रिय है और हाल के दिनों में ओटीटी सेवा भी भारत में लोकप्रियता हासिल कर रही है | जानकारों के मुताबिक मनोरंजन के लिए OTT कंटेंट आने वाले समय में सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा |

Frequently Asked Question (FAQ’s):-

OTT Platform क्या होता है?

ओटीटी प्लेटफार्म का पूरा नाम है “Over The Top” प्लेटफार्म | जो किसी केबल कनेक्शन के बजाय Internet Enabled Devices के लिए Video Streaming की सुविधा प्रदान करते हैं. यह एक प्रकार का App होता है जिसपर Content देखने के लिए Subscription लेना पड़ता है |

क्या OTT Platform की सर्विस फ्री है या आपको पैसे देने पड़ते हैं?

OTT का उपयोग करने के लिए, आपको अपने स्मार्टफोन या इंटरनेट चलाने वाले अन्य डिवाइस पर अपनी पसंद का ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐप डाउनलोड करना होगा, सदस्यता लेनी होगी ताकि हम इसका इस्तेमाल कर सकें |

OTT Platform का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है?

OTT का उपयोग करने के लिए, आपको अपने स्मार्टफोन या इंटरनेट चलाने वाले अन्य डिवाइस पर अपनी पसंद का ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐप डाउनलोड करना होगा, सदस्यता लेनी होगी ताकि हम इसका इस्तेमाल कर सकें |

भारत की सबसे बेहतरीन OTT Service कौन सी है?

भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किये जाने वाले ओटीटी सर्विसेज Netflix, Amazon Prime Video, Netflix, Hotstar, Voot, Alt Balaji आदि हैं |

बिहार जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

Bihar Caste Certificate बिहार जाति प्रमाण पत्र:-

जाति प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज है जो यह प्रमाणित करने के लिए उपयोग किया जाता है कि कोई व्यक्ति किस जाति विशेष का है | एक जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) प्राप्त करके, एक व्यक्ति भारत सरकार से विभिन्न लाभों का लाभ उठा सकता है | जाति प्रमाण पत्र को सामुदायिक प्रमाण पत्र के रूप में भी जाना जाता है |

आज के समय में जाति प्रमाण पत्र एक बहुत जरूरी दस्तावेज़ है | फिर चाहे विद्यार्थियों को फॉर्म भरना हो या छात्राव्रती के लिए आवेदन करना हो इस दस्तावेज़ की जरूरत हर अभ्यर्थी को होती है | इसके अलावा आवेदक को सरकार द्वारा चलाई जा रही बहुत सी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है |

हमने जान तो लिया कि यह दस्तावेज कितना महत्वपूर्ण है पर इसे प्राप्त कैसे करें | बिहार सरकार प्रदेश के नागरिकों को बहुत सी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा रही है | इन डिजिटल सेवा सेवाओं का उपयोग करके नागरिक सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ अब घर बैठे अपने mobile और laptop से उठा सकते हैं |

पहले जहां छोटे छोटे कार्यों के लिए भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे और लंबी लंबी लाइनों में लगना पड़ता था जिससे नागरिक को अपना काफी समय भी नष्ट करना पड़ता था | वहीं अब इन सभी सेवाओं का लाभ आप घर बैठे बिना किसी परेशानी के उठा सकते हैं |

योजना का नामबिहार जाति प्रमाण पत्र
इसके द्वारा शुरू की गयीबिहार सरकार
लाभार्थीSC/ST/OBC जाति के लोग
उद्देश्यऑनलाइन माध्यम से जाति प्रमाण पत्र
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन/ऑफलाइन
ऑफिसियल वेबसाइटhttps://serviceonline.bihar.gov.in/

बिहार जाति प्रमाण पत्र बनाने का उद्देश्य क्या है:-

जाति प्रमाण पत्र के बनाने के लिए सरकार द्वारा नागरिकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा जारी की है जिसके माध्यम से इच्छुक उम्मीदवार घर पर बैठ कर ही जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकें | सभी उम्मीदवार ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से Jati Praman Patra के लिए आवेदन कर सकते हैं | जाति प्रमाण पत्र का प्रयोग राज्य के नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ, फीस में छूट, दस्तावेजों को बनाने व स्कूल/ कॉलेजों में एडमिशन के लिए करते हैं |

जाति प्रमाण पत्र कि आवश्यकता कहाँ पड़ती है:-

  • स्कूलों और कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए |
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के लिए |
  • शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए |
  • आरक्षित श्रेणियों में रोजगार प्राप्त करने के लिए |
  • सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने के लिए |
  • आवास और स्वरोजगार योजनाओं के लिए आवेदन करने के लिए |
  • नागरिकों को घर आवंटित करने के लिए |
  • जमीन देने के लिए |
  • चुनाव में उम्मीदवार के रूप में खड़ा होने के लिए |

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जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • राशन कार्ड की फोटो कॉपी
  • स्वप्रमाणित घोषणा पत्र
  • पहचान पत्र
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

जाति प्रमाण पत्र के लिए पात्रता:-

  • आवेदक को किसी भी आरक्षित वर्ग जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित होना चाहिए |
  • आवेदक एक भारतीय नागरिक होना चाहिए |
  • आवेदक बिहार का रहने वाला होना चाहिए |
  • आवेदक की आयु 3 वर्ष से अधिक होनी चाहिए |

जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया:-

  • सर्वप्रथम आवेदक को RTPS की आधिकारिक वेबसाइट https://serviceonline.bihar.gov.in/ पर जाना होगा |
  • इसके पश्चात पर Homepage पर मौजूद ऑनलाइन आवेदन —-> लोक सेवाएं —-> सामान्य प्रशासन विभाग —-> जाति प्रमाण -पत्र का निर्गमन —> अंचल स्तर पर लिंक पर क्लिक करना होगा |
  • इसके पश्चात नीचे दिखाए गए image की तरह एक घोषणा पत्र दिखाई देगा इसे पढ़कर I Agree विकल्प पर क्लिक करे |
  • इसके पश्चात आपको नीचे दिखाए गए image की तरह page open होगा | यहां पर आपको दो विकल्पों में से एक का चयन करना है कि आप अपना आवेदन कहां से प्राप्त करना चाहते हैं |
  • उपरोक्त विकल्प का चयन करने के पश्चात आपके सामने एक box open होगा | यहां पर आपको अपना नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में दर्ज करना होगा |
  • इसके पश्चात आपको certificate के स्थान पर जाति प्रमाण पत्र का चयन करना होगा और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज कर Next बटन पर क्लिक करना होगा |
  • Next बटन पर क्लिक करने के पश्चात आपके मोबाइल नंबर पर एक पासवर्ड आएगा | उस पासवर्ड को यहां पर दिए गए बॉक्स में भरकर आप को अपना मोबाइल नंबर verify करना होगा |
  • मोबाइल नंबर verify करने के पश्चात आपके सामने एक फार्म ओपन होगा | यहां फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी को आपको सही-सही भरना होगा |
  • सभी जानकारी को सही-सही भरने के पश्चात आपको Submit बटन पर क्लिक करना होगा | और जैसे ही आप Submit बटन पर क्लिक करेंगे | आपका फॉर्म submit हो जाएगा |
  • इसके साथ ही आपको एक registration slip भी प्रदान की जाएगी | इस slip को आप screen shot लेकर save कर सकते हैं | अथवा इसका Printout निकाल कर अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं |
  • कुछ दिनों के बाद आपका जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा | आप अपने रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग करके अपने प्रमाण पत्र पत्र की स्थिति को track कर सकते सकते हैं |

बिहार जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:-

  • सबसे पहले आपको अपने सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ अपने नजदीकी तहसील कार्यालय में जाना होगा |
  • तहसील कार्यालय में जाने के बाद यहाँ आपको सम्बंधित प्राधिकारी से आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा | आप आधिकारिक वेबसाइट से भी आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते है |
  • इसके बाद आपको आवेदन पत्र में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम, पता, जाति, मोबाइल नंबर आदि दर्ज करना होगा | सभी जानकारी दर्ज करने के बाद आपको अपने सभी दस्तावेजों को आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना होगा | इसके बाद आपको अपना आवेदन फॉर्म वही पर जमा करना होगा |
  • इसके बाद आपको एक पावर्ती पर्ची दी जाएगी जिसकी सहायता से आप आवेदन की स्थिति जाँच सकते है |
  • अब संबंधित अधिकारियों द्वारा आपके आवेदन की पुष्टि होने के बाद आपको कुछ दिनों में जाति प्रमाण पत्र बना कर दे दिया जायेगा |

Frequently Asked Questions(FAQ’s):-

बिहार RTPS की आधिकारिक वेबसाइट पर कौन -कौन से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं ?

RTPS की ऑफिसियल वेबसाइट पर आप जाति, आवास, निवास प्रमाण पत्र बना सकते हैं |

Caste Certificate कैसे चेक करें ?

आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना Caste Certificate चेक कर सकते है |

बिहार जाति प्रमाण पत्र आवेदन कैसे करें ?

हमने अपने आर्टिकल के माध्यम से आपको आवेदन करने की पूरी जानकारी दी है | आप हमारे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना आवेदन कर सकते हैं |

क्या हमें मैसेज के माध्यम से आवेदन की स्थिति का पता चल सकता है ?

हाँ, उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन फॉर्म में जिस मोबाइल नंबर को भरा होगा उस नंबर पर RTPS एप्लिकेशन नंबर आया होगा उस नंबर को 56060 पर मैसेज कर दें जिसके बाद आप स्थिति ट्रेक कर पाएंगे |

हम बिहार जाति प्रमाण पत्र बनाने के कैसे-कैसे आवेदन कर सकते हैं ?

जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए उम्मीदवार ऑनलाइन/ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन कर सकते हैं |

Rocket Boys Review: देश की तकदीर बदल देने वाले दो लड़कों डॉ.विक्रम साराभाई और डॉ.होमी जहांगीर भाभा की कहानी

Rocket Boys Review:-

आज यह कहने-सुनने में गर्व होता है कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी ऊंचाइयां हासिल की हैं | चांद पर अपना यान उतार दिया है, मंगल तक यान भेज दिया है | साथ ही आज हम विश्व की प्रमुख परमाणु शक्ति भी हैं | मगर यह कोई रातों रात हुआ चमत्कार नहीं है |

इसके पीछे देश के भविष्य को देखने वाली दृष्टि से लेकर भारत को विश्व में सम्मानजनक स्थिति दिलाने की दृढ़ इच्छाशक्ति वाले वैज्ञानिक, विचारक और राष्ट्रीय नेता शामिल हैं | Sony LIV पर रिलीज हुई Web Series Rocket Boys यहां उन दो महान वैज्ञानिकों की कहानी कहती है, जिन्होंने सोते-जागते भारत के लिए संपन्न, समृद्ध, स्वाभिमानी और सशक्त भविष्य के सपने देखे | ये Rocket Boys हैं, भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की संकल्पना करने वाले डॉ. विक्रम साराभाई |

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Movie Reviewरॉकेट ब्वॉयज (Rocket Boys)
कलाकारजिम सर्भ , इश्वाक सिंह , रेजिना कसांड्रा , सबा आजाद , दिब्येंदु भट्टाचार्य , रजित कपूर , नमित दास और अर्जुन राधाकृष्णन
लेखकअभय कोराने , अभय पन्नू और कौसर मुनीर
निर्देशकअभय पन्नू
निर्मातारॉय कपूर फिल्म्स और एम्मे एंटरटेनमेंट
OTTSony LIV
फोटोग्राफी के निर्देशकहर्षवीर ओबेराई
Rocket Boys Review

क्या है Rocket Boys की कहानी:-

आपको बता दे यह एक पीरियड ड्रामा दो असाधारण भारतीय भौतिकविदों-डॉ. होमी जहांगीर भाभा (जिम सर्भ) और डॉ विक्रम अंबालाल साराभाई (इश्वाक सिंह) – जिन्होंने भारत के भविष्य का निर्माण करते हुए इतिहास रचा |

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Rocket Boys Season 1 Review in Hindi:-

आपको बता दे ‘रॉकेट बॉयज‘ दो महान भौतिकविदों, डॉ. होमी जहांगीर भाभा की कहानी कहता है, जिन्हें बोलचाल की भाषा में “भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक” के रूप में जाना जाता है – जो भारत में रहने और सीवी रमन के भारतीय संस्थान में शामिल होने से पहले कैम्ब्रिज में एक विज्ञान शोधकर्ता थे | उन्होंने मुंबई में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BRC) की स्थापना और नेतृत्व करने से पहले टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) में भौतिकी के प्रोफेसर के रूप में काम किया | और डॉ विक्रम अंबालाल साराभाई– को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के पिता” के रूप में माना जाता है |

करीब 40-40 मिनिट की आठ कड़ियों वाली रॉकेट बॉय्ज की कहानी शुरू होती है 1962 में चीन के हाथों भारत की सैन्य पराजय के साथ | तब होमी (जिम सारभ) तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू (रजित कपूर) से कहते हैं कि जरूरी नहीं कि चीन भविष्य में हमलावर नहीं होगा, इसलिए जरूरी है कि हम परमाणु बम बनाएं | नेहरू असमंजस में हैं | होमी के मित्र और कभी उनके छात्र रहे विक्रम साराभाई (इश्वाक सिंह) परमाणु बम बनाए जाने का खुला विरोध करते हैं क्योंकि दुनिया दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा-नागासाकी पर गिराए परमाणु बमों से हुई तबाही देख चुकी है | होमी और विक्रम के इस टकराव के साथ कहानी फ्लैशबैक में 1930 के दशक में चली जाती है और फिर दोनों का जीवन यहां से आकार लेता नजर आता है |

होमी विश्व युद्ध के दौरान भारत लौट कर कलकत्ता के एक साइंस कॉलेज में प्रोफेसर हो जाते हैं, जबकि विक्रम कैंब्रिज में अपना रिसर्च छोड़ कर घर आ जाते हैं | होमी जहां परमाणु विज्ञान में दिलचस्पी रखते हैं, वहीं विक्रम की सपना देश का पहला रॉकेट बनाने का है | अपनी चाल चलता समय दोनों को एक मुकाम पर लाता है और वे मिल कर काम करते हैं | जहां होमी प्रोफेसर हैं और विक्रम उनके स्टूडेंट | धीरे-धीरे दोनों दोस्त बन जाते हैं | बावजूद इसके कि दोनों के विचार कई मुद्दों पर मेल नहीं खाते और तकरार लगातार चलती है, उनकी दोस्ती बरकरार रहती है | दोनों के व्यक्तित्व यहां विरोधाभासी नजर आते हैं |

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1942 में महात्मा गांधी के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन से प्रभावित होकर होमी और विक्रम कॉलेज में एक दिन अंग्रेजों का यूनियन जैक उतार कर स्वराज का तिरंगा लहरा देते हैं और उनका मुश्किल वक्त शुरू होता है | होमी कॉलेज से अपनी नौकरी छोड़ कर मुंबई चले जाते हैं और जेआरडी टाटा के साथ उनका नया सफर शुरू होता है | दूसरी तरफ विक्रम पढ़ाई के साथ-साथ कपड़ा मिल मालिक पिता के कारोबार में हाथ बंटाने लगते हैं | वे कपड़ा मिलों को आधुनिक बनाना चाहते हैं लेकिन यूनियन लीडरों का विरोध सहना पड़ता है | ऐसे में उनका रॉकेट बनाने का सपना पीछे चला जाता है | रॉकेट बॉय्ज की कहानी यहां से दोनों महान-मस्तिष्कों की उलझनों, सपनों को साकार करने में आने वाली रुकावटों, निजी जिंदगी के उतार-चढ़ावों और भावनात्मक उथल-पुथल को सामने लेकर आती है | विक्रम जहां एक डांसर मृणालिनी (रेजिना कैसेंड्रा) से प्रेम में पड़ कर विवाह कर लेते हैं, वहीं वकील पीप्सी (सबा आजाद) से होमी की मोहब्बत अधूरी रहती है | यहां सीवी रमन और एपीजे अब्दुल कलाम (अर्जुन राधाकृष्णन) जैसे महान वैज्ञानिक भी कहानी का हिस्सा बन कर आते हैं | हालांकि फोकस इन पर नहीं है |

दो सफल वैज्ञानिक की रियल लाइफ पर है आधारित स्टोरी (Rocket Boys Review):-

निखिल आडवाणी, रॉय कपूर फिल्म्स और एम्मे एंटरटेनमेंट द्वारा बनाया गया यह जीवनी पर आधारित काल्पनिक नाटक, शुरू से ही लुभावना है, सफलतापूर्वक अतीत के प्रतिष्ठित क्षणों को फिर से बना रहा है, विशेष रूप से वे जो स्वतंत्रता से पहले और बाद के युग में हुए थे | अभय कोराने की अवधारणा इन वैज्ञानिकों की वास्तविक जीवन की घटनाओं और नए स्वतंत्र और संघर्षरत देश को प्रौद्योगिकी पथ में आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों को बताते हुए दर्शकों के लिए गहन और प्रेरक दोनों है |

पहले ‘मुंबई डायरीज‘, ‘ये मेरी फैमिली‘ जैसे शो में सहायक निर्देशक के रूप में काम कर चुके लेखक-निर्देशक अभय पन्नू की आठ-भाग वाली श्रृंखला एक विस्मयकारी कहानी है जो उन दोनों की वास्तविक जीवन की घटनाओं को दर्शाती है जो पहले दोस्त बने थे | और भारत के परमाणु कार्यक्रम पर काम करने की कल्पना की |

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यह विक्रम साराभाई के शुरुआती जीवन और संघर्षों का वर्णन करता है, जिन्होंने अपने कॉलेज परिसर में प्रयोग करना शुरू किया, और होमी भाभा, एक विज्ञान प्रोफेसर, जो साराभाई के विचारों और चल रहे प्रयोगों से प्रभावित हैं, और कैसे वे भारत को परमाणु शक्ति बनाने के लिए अपनी यात्रा शुरू करते हैं और कैसे शुरू करते हैं |

ए पी जे अब्दुल कलाम का भी ही अहम् रोल (Rocket Boys Review):-

बाद के एपिसोड में एक नवोदित वैज्ञानिक पर भी प्रकाश डाला गया, कोई और नहीं बल्कि खुद ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (अर्जुन राधाकृष्णन) द्वारा निबंधित थे, जिन्होंने अंतरिक्ष में पहले रॉकेट लॉन्च पर साराभाई के साथ मिलकर काम किया था | यह उस भूमिका को भी दर्शाता है जो पूर्व प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (रजित कपूर) ने भारत के परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में निभाई थी | इसके अतिरिक्त, पटकथा में ऐतिहासिक कतरनें शामिल हैं जो 1940 और 1960 के दशक की शुरुआत में हुई घटनाओं को प्रमाणित करने के लिए कथा के साथ चलती हैं |

यहां दो लोगों का विशेष रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए: फोटोग्राफी के निर्देशक हर्षवीर ओबेराई, जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले और बाद के युगों को फिर से बनाया, और संपादक माहिर जावेरी, जिनकी सटीक कटौती समयरेखा के बीच कथा को तेजी से स्थानांतरित करने में सहायता करती है | इसके अतिरिक्त, उमा बीजू और बीजू एंटनी द्वारा पुराने कपड़ों के आउटफिट ने युग को फिर से बनाने और कहानी में एक यथार्थवादी दिखने वाले तत्व को जोड़ने में मदद की |

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निष्ठा (FLN) 3.0 बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पर आधारित कोर्स शृंखला के अगले
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Description : बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान हेतु विद्यालय नेतृत्व – प्रशिक्षण 10 लिंक: https://bit.ly/MPN-FLN-C10

बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) हेतु विद्यालय नेतृत्व विकास का दृष्टिकोण विद्यालय प्रमुखों और शिक्षकों के लिए की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालय प्रमुखों एवं शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करना है ताकि वे 3-9 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्राप्त करने हेतु अपने विद्यालय का नेतृत्व कर सकें। 
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यह दोनों कोर्स कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के साथ ही जिला अधिकारियों, डाइट फेकल्टी, ब्लॉक अधिकारियों सहित सभी जनशिक्षकों के लिए अनिवार्य हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु :

1) कोर्स करने हेतु दीक्षा ऐप पर अपने यूनीक आईडी (जो आप एमशिक्षा मित्र एप पर उपयोग करते है) से ही लॉग इन करें।

2) उक्त दोनों कोर्स राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा निर्देशित समय-सीमा में पूर्ण करना आवश्यक है।

3) प्रत्येक कोर्स को क्रमानुसार ही पूर्ण करें, पहले कोर्स को समझ के साथ पूर्ण करने के बाद ही दूसरा कोर्स शुरू करे।

3) कोर्स में दी गई पोर्टफ़ोलियो गतिविधियों को पूर्ण करें तथा अपने शिक्षक साथियों से साझा करें।

4) प्रत्येक कोर्स के अंत में दी गई मूल्यांकन प्रश्नोत्तरी में न्यूनतम 70% अंक प्राप्त होने पर ही डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किये जायेंगे। इस हेतु आपको अधिकतम 3 प्रयास दिए जाएंगे। अतः कोर्स को ध्यानपूर्वक पूर्ण करें।

5) सर्वोच्च महत्वपूर्ण : प्रत्येक कोर्स की सीख को अपनी कक्षा के बच्चों को सिखाने की दिशा में लेकर जाए।

धन्यवाद।

प्रशिक्षण कक्ष

राज्य शिक्षा केन्द्र,
मध्य प्रदेश, भोपाल

विक्रम साराभाई का जीवन परिचय: जानें कौन थे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक

विक्रम साराभाई :- vikram sarabhai biography in hindi

आपने यह तो सुना ही होगा कि Sony LIV OTT Platform पर 4 फरवरी 2022 से रॉकेट ब्वॉयज (Rocket Boys) नामक web series के पहले season की streaming शुरू हो गयी है | Release होते ही web series की स्टोरी और इसके कलाकार चर्चा में हैं |

हों भी क्यों न जिसके जीवन पर आधारित है वो कोई आम लोग नहीं भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की संकल्पना करने वाले डॉ. विक्रम साराभाई की है |

लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर कौन है विक्रम साराभाई? तो हम आपको बता दें कि विक्रम साराभाई एक ऐसा नाम है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष के प्रत्येक कार्यक्रमों में जनक की उपाधि दी गई है | इनके जीवन के बारे में पूरी जानकारी आज हम आपको देने वाले हैं |

डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई भारत के प्रमुख वैज्ञानिक थे | इन्होंने 86 वैज्ञानिक शोध पत्र लिखे एवं 40 संस्थान खोले | इनको विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन 1966 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था | डॉ. विक्रम साराभाई के नाम को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से अलग नहीं किया जा सकता | यह जगप्रसिद्ध है कि वह विक्रम साराभाई ही थे जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान दिलाया | लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने अन्य क्षेत्रों जैसे वस्त्र, भेषज, आणविक ऊर्जा, इलेक्ट्रानिक्स और अन्य अनेक क्षेत्रों में भी बराबर का योगदान किया |

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बिंदु (Point)जानकारी (Information)
नाम (Name)विक्रम अंबालाल साराभाई
जन्म दिनांक (Date of Birth)12 अगस्त 1919
जन्म स्थान (Birth Place)अहमदाबाद, गुजरात
पिता का नाम (Father Name)अंबालाल साराभाई
माता का नाम (Mother Name)सरला साराभाई
पेशा (Profession)वैज्ञानिक
धर्म (Religion)जैन
मृत्यु (Death)30 दिसंबर 1971

डॉक्टर विक्रम साराभाई का जन्म एवं परिवार:- vikram sarabhai biography in hindi

भारत में एक महान वैज्ञानिक डॉक्टर विक्रम साराभाई ने अहमदाबाद की धरती पर जन्म लिया, वह तिथि सन 1919 में अगस्त महीने की 12 तारीख थी | डॉक्टर साराभाई किसी ऐसे वैसे गरीब परिवार से नहीं बल्कि अहमदाबाद के एक सबसे बड़े उद्योगपति परिवार के सुपुत्र थे | उनके पिता अंबालाल साराभाई कई उद्योगों के मालिक थे | वे भारतीय स्वतंत्रता में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे चुके थे, साथ ही वह एक भारतीय वैज्ञानिक, भौतिक विज्ञानी और खगोल शास्त्र भी थे |

डॉ विक्रम साराभाई की माता श्रीमती सरला देवी ने मांटेसरी पद्धति की प्रक्रिया का पालन करते हुए निजी स्कूल बनाया | उनका उद्देश्य केवल बच्चों के लिए पूरे संभव विकास का था, क्योंकि वे सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि बच्चों को और कई प्रकार की शिक्षा देना चाहती थी | विक्रम अपने आठ भाई बहनों में से एक इकलौते ऐसे थे, जिन्होंने भारत को सम्माननीय और गर्व से भरा देश बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया |

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डॉक्टर विक्रम साराभाई का शुरूआती जीवन एवं शिक्षा:-

बचपन से ही विज्ञान के प्रति उनका लगाव बहुत अधिक था, जिसने बाद में ऐसा रुप लिया कि वे भारत के महान वैज्ञानिक के रूप में उभर कर आए | विक्रम साराभाई ने अपनी शिक्षा भारत में ही रह कर नहीं बल्कि विदेशों में भी जाकर पूरी की | उन्होंने भारत में रहकर अपनी प्राथमिक एवं माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण की, और फिर अपनी आगे की पढ़ाई यानि मैट्रिक्स की पढ़ाई के लिए कैंब्रिज विश्वविद्यालय के सेंट जॉन कॉलेज से जुड़ने के लिए इंग्लैंड पहुंच गए |

विज्ञान के प्रति उनका गहरा जुड़ाव होने की वजह से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे सन 1947 में भारत लौट आए | जब वे भारत लौटे थे उस समय भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था | डॉ विक्रम साराभाई भारत के स्वतंत्रता सेनानी रह चुके कुछ प्रसिद्ध हस्तियों से प्रेरित हुए और उनके साथ उन्होंने अपने जीवन में बहुत बड़े-बड़े काम किए, जिनमें से मुख्य कृष्णमूर्ति, मोतीलाल नेहरू, श्रीनिवास, शास्त्री जवाहरलाल नेहरू, सरोजिनी नायडू, मौलाना आजाद, सीवी रमन और महात्मा गांधी जी आदि थे | इसके बाद वे एक नवीन प्रवर्तक उद्योगपति और दूरदर्शी भी बने |

डॉक्टर विक्रम साराभाई का व्यक्तिगत जीवन:-

विक्रम साराभाई का विवाह 1942 में हुआ | उन्होंने एक शास्त्रीय नृत्यांगना मृणालिनी के साथ विवाह किया और उसे अपना जीवनसाथी बनाया | उन दोनों की शादी भारत के चेन्नई शहर में हुई | बाद में उनके दो बच्चे भी हुए, जिसमें से बेटी का नाम मालिका और उनके बेटा कार्तिकेय था |

बेटी ने अपने करियर में अभिनेत्री और प्रसिद्ध कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई, वहीं उनका बेटा विज्ञान क्षेत्र में महारथ हासिल कर चुका था |  हालांकि उनकी पत्नी मृणालिनी के साथ उनका वैवाहिक जीवन लंबे समय तक नहीं चल पाया | बाद में डॉक्टर कमला चौधरी के साथ उनके प्रेम संबंध रहे |

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विक्रम साराभाई के कार्य:-

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की स्थापना उनकी प्रमुख उपलब्धियों में से एक है | उन्होंने भारत जैसे विकासशील देश के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम के महत्व के बारे में सरकार को राज़ी किया | डॉ साराभाई विज्ञान में अधिक दिलचस्पी रखते थे और 1966 में सामुदायिक विज्ञान केंद्र की स्थापना अहमदाबाद में की | आज इस केंद्र को विक्रम साराभाई सामुदायिक विज्ञान केंद्र के नाम से जाना जाता है |
  • डॉ साराभाई ने भारतीय उपग्रहों के परिपालन के लिए परियोजना बनाई, जिसके परिणामस्वरूप प्रथम भारतीय उपग्रह, आर्यभट्ट रुसी कॉस्मोड्रोम से 1975 में कक्षा में स्थापित किया गया | उन्होंने कास्मिक किरणों के समय परिवर्तन पर भी अनुसंधान किये और बयाया कि “अवशिष्ट परिवर्तन विस्तृत और विश्वव्यापी है तथा यह सौर क्रियाकलापों के परिवर्तन से संबंधित है |”
  • भारत में उन्होंने अंतर-भूमंडलीय अंतरिक्ष, भू-चुम्बकत्व और सौर-भूमध्यरेखीय संबंध पर अध्ययन किया | डॉ. विक्रम साराभाई ने 86 वैज्ञानिक शोध पत्र भी लिखे. उन्होंने अनेक संस्थानों की स्थापना में सहयोग किया | देश में विज्ञान के क्षेत्र में उन्होंने हर संभव मदद की | अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | इस संस्थान के लिए जब धन की आवश्यकता थी तो उन्होंने अपने परिवार और मित्रों को इस अनुसंधान संस्थान को धन देने के लिए राज़ी किया था |
  • 11 नवंबर 1947 को अहमदाबाद में विक्रम साराभाई ने भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की नीवं रखी | उस समय उनकी उम्र केवल 28 वर्ष थी | भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला इस दिशा में उनका पहला क़दम था | साराभाई ही संस्थानों के निर्माता और संवर्धक थे | विक्रम साराभाई ने 1966 से 1971 तक भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला में कार्य किया |

डॉक्टर विक्रम साराभाई को इसरो का पिता क्यों कहा जाता हैं:-

नई सोच से उन्होंने भारतीय सरकार को इस बात का आश्वासन दिलाया कि भारत में अंतरिक्ष सेंटर होने से भारत के विकास को गति मिलेगी और हमारी आने वाली पीढ़ी अंतरिक्ष से जुड़ी बातों के बारे में आसानी से जान पाएगी जिसके लिए आवश्यक है कि भारत में एक स्पेस सेंटर खोला जाए | उनके विचारों से प्रभावित होकर भारतीय सरकार ने भारत में अंतरिक्ष सेंटर खोलने की अनुमति दी जिसकी वजह से डॉक्टर साराभाई को स्पेस सेंटर खोलने के लिए प्रेरणा मिली | स्पेस सेंटर की नीव रखने वाले डॉक्टर साराभाई को इसीलिए इसरो का पिता कहा जाता है |

विक्रम साराभाई के पुरस्कार:-

  • पद्मभूषण (1966)
  • शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार (1962)
  • पद्म विभूषण, मरणोपरांत (1972)

डॉ. साराभाई द्वारा स्थापित संस्थान:-

  • भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), अहमदाबाद
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट (IIM), अहमदाबाद
  • कम्यूनिटी साइंस सेंटर, अहमदाबाद
  • दर्पण अकाडेमी फ़ॉर परफ़ार्मिंग आर्ट्स, अहमदाबाद (अपनी पत्नी के साथ मिल कर)
  • विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम
  • स्पेस अप्लीकेशन्स सेंटर, अहमदाबाद (यह संस्थान साराभाई द्वारा स्थापित छह संस्थानों/केंद्रों के विलय के बाद अस्तित्व में आया)
  • फ़ास्टर ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR), कल्पकम
  • वेरिएबल एनर्जी साइक्लोट्रॉन प्रॉजेक्ट, कोलकाता
  • इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (ECIL), हैदराबाद
  • यूरेनियम कार्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (UCIL),जादूगुडा, बिहार

डॉक्टर विक्रम साराभाई की मृत्यु:-

डॉ साराभाई ने अपने कार्यकाल में बहुत बड़े-बड़े काम किए अंत में रूचि रॉकेट के लॉन्च के बाद ठीक उसी दिन पहले थुम्बा रेलवे स्टेशन की आधारशिला उन्होंने रखी थी | उसके बाद 30 दिसंबर 1971 को मात्र 52 साल की उम्र में हार्ट अटैक की वजह से अचानक उनकी मृत्यु हो गई |

डॉक्टर विक्रम साराभाई से जुड़े रोचक तथ्य:-

  • इस महान वैज्ञानिक के सम्मान में तिरूवनंतपुरम में स्थापित थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लाँचिंग स्टेशन (Thumba Equatorial Rocket Launching Station) और सम्बध्द अंतरिक्ष संस्थाओं का नाम बदल कर विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र (Vikram Sarabhai Space Centre) रख दिया गया |
  • उनके पिता अंबालाल साराभाई एक संपन्न उद्योगपति थे |
  • भारत में इंटरमीडिएट विज्ञान की परीक्षा उत्‍तीर्ण करने के बाद विक्रम साराभाई इंंग्‍लैंड चले गये और ‘केम्ब्रिज विश्वविद्यालय’ के सेंट जॉन कॉलेज में भर्ती हुए |
  • अहमदाबाद में ‘भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला’ की स्थापना में उन्होंने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी |
  • ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ (Indian Space Research Organisation) की स्थापना विक्रम साराभाई की महान उपलब्धियों में एक थी |
  • इनको विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सन 1966 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था |
  • विक्रम साराभाई को सन 1966 में पद्म भूषण एवम 1972 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था |
  • Thiruvananthapuram के Thumba स्थित पहला rocket launching station Dr. Homi Jahangir Bhabha और साराभाई के सहायता से स्थापित किया गया था |
  • इनकी शादी एक प्रसिद्ध classical dancer मृणालिनी से हुआ और इनकी शादी में इनके कोई भी family member नहीं थे |

PMKVY: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2022, ऑनलाइन आवेदन व पंजीकरण फॉर्म

PMKVY Registration Online 2022- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) को नि:शुल्क अल्पावधि कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने तथा कौशल प्रमाणन हेतु युवाओं को नकद पुरस्कार प्रदान करके इसे प्रोत्साहित करने के लिए देश में कौशल विकास बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए 2015 में शुरू किया गया था। इसकी समग्र अवधारणा युवाओं के उद्यम और नियोजनीयता दोनों को बढ़ावा देने है। 2015-16 में अपने प्रायोगिक चरण के दौरान, 19.85 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया था।

इस योजना के तहत देश के बेरोजगार युवाओ को कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, फूड प्रोसेसिंग,फर्नीचर और फिटिंग, हैंडीक्रॉफ्ट, जेम्स एवं ज्वेलरी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे करीब 40 तकनीकी क्षेत्र के ट्रेनिंग प्रदान  की जाएगी ।

देश के युवा अपनी इच्छानुसार जिस पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते है उसे चुन सकते है । प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत भारत सरकार ने देश के हर राज्य तथा शहर में प्रशिक्षण केंद्र खुलवा दिए है।

जिसमे लाभार्थियों को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा । इस Pradhanmantri Kaushal Vikas Yojana 2022 के तहत केंद्र सरकार युवाओं के लिए अगले 5 साल के लिए उद्यमिता शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था करती है।

प्रायोगिक पीएमकेवीवाई (2015-16) के सफल कार्यान्वयन के बाद, पीएमकेवीवाई 2016-20 को सेक्टर और भौगोलिक दोनों के संदर्भ में स्तर बढ़ाकर और मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत आदि जैसे भारत सरकार के अन्य मिशनों के वृहत्त संरेखण के माध्यम से शुरू किया गया था। यह स्कीम सामान्य लागत मानदंडों से संरेखित है और इसका कुल बजट परिव्यय 12000 करोड़ रुपये है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2022: PMKVY Registration Online 2022

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) को नि:शुल्क अल्पावधि कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने तथा कौशल प्रमाणन हेतु युवाओं को नकद पुरस्कार प्रदान करके इसे प्रोत्साहित करने के लिए देश में कौशल विकास बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए 2015 में शुरू किया गया था।

इसकी समग्र अवधारणा युवाओं के उद्यम और नियोजनीयता दोनों को बढ़ावा देने है। इस योजना के तहत देश के बेरोजगार युवाओ को कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, फूड प्रोसेसिंग,फर्नीचर और फिटिंग, हैंडीक्रॉफ्ट, जेम्स एवं ज्वेलरी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे करीब 40 तकनीकी क्षेत्र के ट्रेनिंग प्रदान  की जाएगी ।

देश के युवा अपनी इच्छानुसार जिस पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते है उसे चुन सकते है । प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत भारत सरकार ने देश के हर राज्य तथा शहर में प्रशिक्षण केंद्र खुलवा दिए है।

जिसमे लाभार्थियों को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा । इस प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2022 के तहत केंद्र सरकार युवाओं के लिए अगले 5 साल के लिए उद्यमिता शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था करती है।

124000 नागरिकों द्वारा किया गया आवेदन:

जैसे कि हम सभी लोग जानते हैं पिछले वर्ष जून में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के अंतर्गत प्रधानमंत्री जी के द्वारा एक नया कार्यक्रम शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लगभग एक लाख नागरिकों को स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करना है।

इस योजना के अंतर्गत 425 जिलों के 33 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 124000 नागरिको द्वारा 13 जनवरी 2022 तक आवेदन किया गया है। इनमें से कई नागरिको के द्वारा ट्रेनिंग पूरी करके काम करना भी शुरू कर दिया है। इन सभी नागरिकों में से 59000 नागरिकों द्वारा 12वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त कर ली गई है।

जिसके पश्चात उनके द्वारा ITI सर्टिफिकेट कोर्स किया है एवं 54000 नागरिकों द्वारा दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की गई है। 289 नागरिकों द्वारा 9वी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की गई है। 559 नागरिकों द्वारा 8वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की गई है, 33 नागरिकों द्वारा 7वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की गई है, 26 नागरिकों द्वारा 6ठी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की गई है एवं 64 नागरिकों द्वारा 5वी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की गई है।

लगभग 1400 उम्मीदवारों के पास बैचलर डिग्री इन आर्ट है, 199 उम्मीदवारों के पास बीकॉम की डिग्री है, 63 उम्मीदवारों के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है, 593 नागरिकों के पास बीएससी की डिग्री है एवं 29 नागरिको के पास बीबीए की डिग्री हैं  इसके अलावा इनमें से कई नागरिक पोस्ट ग्रेजुएट भी है।

90 नागरिकों के पास MA की डिग्री है, 41 नागरिकों के पास एमएससी की डिग्री है, 11 नागरिकों के पास एमबीए की डिग्री है एवं 25 नागरिकों के पास एमकॉम की डिग्री है। इसके अलावा कुछ नागरिकों के पास एम.ऐड, एम. आर्क, एमसीए आदि की डिग्री है।

स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित प्रशिक्षण की दो बड़ी श्रेणियां: PMKVY Registration Online 2022

हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा दो बड़ी श्रेणियों- ताजा प्रशिक्षण और उपस्किल्लिंग के तहत छह अनुकूल पाठ्यक्रम विकसित किए गए हैं। प्रशिक्षण की अवधि 3 से 4 महीने के बीच है।

उम्मीदवारों को बुनियादी उपकरण जैसे कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और पल्स ऑक्सीमीटर में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा आपात स्थितियों से निपटने में सहायता प्रदान करने के लिए भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। घरेलू सहयोगी सेवाओं में सहायता प्रदान करने जैसे कि रोगियों का रिकॉर्ड बनाए रखने, रैपिड एंटीजन प्रशिक्षण करने आदि में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

यह प्रशिक्षण प्रधान मंत्री कौशल केंद्र और अन्य संबंधी प्रशिक्षण केंद्रों में आयोजित किए जा रहे हैं। मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा यह भी जानकारी प्रदान की गई है कि उन उम्मीदवारों का डाटा अभी संकलित नहीं किया गया है जिन्हें कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी प्राप्त हो गई है। ज्यादातर उम्मीदवारों द्वारा नए प्रशिक्षण से इस श्रेणी का विकल्प चुना गया है जो चिकित्सा क्षेत्र में नए व्यक्तियों के लिए थी।

4000 से अधिक कारीगरों को किया जाएगा प्रशिक्षित :

केंद्र सरकार द्वारा 28 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के पूर्व शिक्षण घटक की मान्यता के अंतर्गत नागालैंड के 4000 से अधिक बेत और बास कारीगरों को कौशल के लिए पायलट परियोजना आरंभ की गई है।

जिससे कि स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को पारंपरिक हस्तशिल्प में मूल्यांकन एवं प्रमाणन प्रदान किया जा सके। इस परियोजना के माध्यम से 4000 से अधिक शिल्पकार और कारीगरों का कौशल बढ़ाया जाएगा। इस बात की जानकारी कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई।

इस योजना के माध्यम से दीमापुर में लगभग 4100 कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस योजना को विभिन्न चरणों में लागू किया जाएगा। जिसमें ब्रिज मॉड्यूल के साथ आरपीएल के माध्यम से कारीगरों और बुनकरों का चयन तथा प्रशिक्षण शामिल है।

मंत्रालय द्वारा यह भी जानकारी प्रदान की गई थी कारीगरों एवं बुनकरों का चयन नागालैंड के पारंपरिक शिल्प समूह में किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक बैच 12 दिन तक संचालित की जाएगी। जिसमें 12 घंटे की ओरियंटेशन एवं 60 घंटे का ब्रिज मॉड्यूल शामिल है। प्रशिक्षण के पश्चात कारीगर को रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। इस योजना का कार्यान्वयन मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एवं हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा किया जाएगा।

10900 कारीगरों को प्रदान किया जाएगा नमदा शिल्प प्रशिक्षण

कौशल विकास और उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर द्वारा दो पायलट प्रोजेक्ट लांच किए गए हैं। जिनके माध्यम से कश्मीर के पारंपरिक नमदा शिल्प को पुनर्जीवित और उत्प्रेरित किया जाएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से 6 जिले (श्रीनगर, बारामूला, बांदीपोरा, बडगाम और आनंदगढ़) के 30 नमदा समूह के 2250 नागरिकों को लाभ पहुंचेगा।

नमदा सामान्य बुनाई प्रक्रिया के स्थान पर फेल्टिंग तकनीक के माध्यम से ऊन का बना रग(rug) होता है। कच्चे माल की कमी, कुशल जनशक्ति और तकनीक की कमी के कारण वर्ष 1998 और 2008 के बीच इस व्यवसाय में लगभग 100% की गिरावट आई है। नमदा पहल प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत एक विशेष पायलट परियोजना है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के रिकॉग्निशन आफ हायर लर्निंग घटक के अंतर्गत 10900 कारीगरों और बुनकरों को इस योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। नमदा प्रोजेक्ट को तीन साइकिल की 25 बैच में लागू किया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 महीने का होगा। पूरी साइकिल 14 से 16 महीने में पूर्ण हो जाएगी। अगले माह इसी तरह की एक पायलट परियोजना नागालैंड राज्य में भी आरंभ की जाएगी। जिसमें 4000 से अधिक कारीगरों और बुनकरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उत्तर रेलवे द्वारा 3500 युवाओं को प्रदान किया जाएगा प्रशिक्षण:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत उत्तर रेलवे द्वारा 3500 युवाओं को ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। यह ट्रेनिंग लखनऊ और बनारस में प्रदान की जाएगी। यह ट्रेनिंग प्रदान करने के लिए लखनऊ के चारबाग में ट्रेनिंग के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

वह सभी युवा जो यह ट्रेनिंग प्राप्त करना चाहते हैं वह रेलवे की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। शॉर्टलिस्ट होने पर रेलवे द्वारा प्रशिक्षण के लिए आमंत्रण भेजा जाएगा। यह कौशल प्रशिक्षण भारतीय रेलवे द्वारा प्रदान किया जाएगा। जो कि उद्योगों से संबंधित होगा। यह प्रशिक्षण प्राप्त करके युवा बेहतर आजीविका प्राप्त कर सकेंगे।

इस योजना को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा जुलाई 2015 में आरंभ किया गया था। इस योजना को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा लागू किया जाता है। रेलवे के जोनल रेल एवं उत्पादन इकाई आने वाले 3 वर्षों में 2500 एवं 1000 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट को प्रदान किया जाएगा 100 घंटे का प्रशिक्षण:

यह प्रशिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण देने के लिए बनारस लोकोमोटिव वर्क्स को नोडल एजेंसी बनाया गया है। नोडल एजेंसी द्वारा फिटर एवं इलेक्ट्रिशियन को शॉर्टलिस्ट किया गया है।

सभी शॉर्टलिस्ट किए गए लाभार्थियों को 100 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिसके लिए पाठ्यक्रम मॉड्यूल भी तैयार किया गया है। इस मॉड्यूल में 70% प्रशिक्षण व्यवहारिक होगा एवं 30% सैद्धांतिक सामग्री शामिल होगी। 20 अगस्त 2021 से पहला एवं दूसरा बैच आरंभ होने जा रहा है।

जिसके लिए उत्तर रेलवे द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यह अधिसूचना उत्तर प्रदेश के पर्यवेक्षक प्रशिक्षण केंद्र, चारबाग, लखनऊ में जारी की गई है। जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को आवेदन फॉर्म भरना होगा।

यह आवेदन फॉर्म रेलवे की वेबसाइट से भरा जा सकता है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी रेलवे की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। इस प्रयास से बेरोजगार युवाओ को रोजगार प्राप्त करने में मदद होगी। यह प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आपको किसी भी प्रकार की फीस जमा करने की आवश्यकता नहीं है। 18 से 35 वर्ष के नागरिक जिन्होंने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की है वह इस योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र है।

कौशल विकास योजना में अब तक 1.37 करोड़ नागरिको को जोड़ा गया है :

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना एक ऐसी योजना है जिसमे केंद्र सरकार देश के 10 और 12 वी कक्षा बीच में छोड़ने वाले बेरोजगार युवाओ को फ्री में कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।

केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए दिन प्रतिदिन देश के कई युवा इस योजना से जुड़ रहे है इस योजना के अंतर्गत अब तक देश के 1.25 करोड़ युवा सफलता प्राप्त कर चुके हैं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के आरम्भ होने से लेकर अब तक देश के 1.37 करोड़ युवा अपना नामांकन यानि रजिस्ट्रेशन करवा चुके है। इस योजना के अंतर्गत 10 जुलाई 2021 तक 700 से अधिक जिलों में 137 लाख लाभार्थियों का नामांकन किया जा चुका है।

कोविड-19 फ्रंटलाइन वर्कर के लिए कस्टमाइज क्रैश कोर्स:

COVID-19 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 18 जून 2021 को सुबह 11:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक अनुकूलित क्रैश कोर्स कार्यक्रम आरंभ किया गया ।

यह क्रैश कोर्स 26 राज्यों में स्थित 111 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। कोविड-19 फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए कस्टमाइज क्रैश कोर्स प्रोग्राम की घोषणा करने के बाद प्रधानमंत्री जी द्वारा देश को संबोधित किया इस कोर्स के माध्यम से कोविड योद्धाओं को कौशल में वृद्धि होगी।

कोविड-19 फ्रंटलाइन वर्कर क्रैश कोर्स कार्यक्रम के माध्यम से 6 अनुकूलित नौकरी भूमिकाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जोकि होम केयर सपोर्ट, बेसिक केयर सपोर्ट, एडवांस केयर सपोर्ट, इमरजेंसी केयर सपोर्ट, सैंपल कलेक्शन सपोर्ट तथा मेडिकल स्टेटमेंट सपोर्ट है। इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के अंतर्गत आरंभ किया गया है जिसका कुल बजट 276 करोड़ रुपए है। इस कार्यक्रम के माध्यम से वर्तमान और भविष्य की गैर चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मियों की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना कृषि क्षेत्र कौशल प्रशिक्षण:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को देश के बेरोजगार नागरिको को विभिन्न पाठ्यक्रमों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया है। 31 मार्च 2021 को नेशनल कॉलेटरल मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा यह घोषणा की गई है कि उन्होंने इस योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कृषि कौशल परिषद के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के अनुसार देश के नागरिकों को कृषि क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। इन कौशल प्रशिक्षण को तीन भागों में विभाजित किया गया है। जो कि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, पूर्व शिक्षण और विशेष परियोजनाएं हैं।

  • नेशनल कॉलेटरल मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा लगभग 8 से 9 प्रकार के कौशल के लिए पूर्व शिक्षण को मान्यता दी जाएगी एवं पूरे भारत के 19 शहरों में से लगभग 920 लोगों को यह प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • कृषि कौशल परिषद द्वारा विभिन्न नौकरी भूमिकाओं के लिए व्यवसायिक मानकों का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय कौशल परिषद द्वारा एक योग्यता फ्रेमवर्क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय कौशल परिषद द्वारा प्रशिक्षण के लिए मान्यता प्रक्रिया का निर्माण किया जाएगा एवं प्रशिक्षुओं का प्रमाणीकरण किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से भारत के कृषि क्षेत्र का विकास होगा एवं बेरोजगार नागरिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के उद्देश्य:

  • बड़ी संख्या में युवाओं को उद्योग के अनुकूल गुणवत्ता कौशल प्रशिक्षण लेने के लिए सक्षम बनाना और जुटाना ताकि वे रोजगारपरक बनें और अपनी आजीविका कमा सकें।
  • मौजूदा कार्यबल की उत्पादकता में वृद्धि करना और देश की वास्तविक जरूरतों के साथ कौशल प्रशिक्षण को जोड़ना।
  • प्रमाणन प्रक्रिया के मानकीकरण को बढ़ावा देना और कौशल की रजिस्ट्री बनाने के लिए आधार रखना।
  • दो साल (2022 – 2023 ) की अवधि में 10 मिलियन युवाओं को लाभ।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के प्रमुख घटक :

  1. 1. अल्पावधि प्रशिक्षण (एसटीटी) – पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण केंद्रों (टीसीएस) में प्रदान किया जा रहा अल्पावधि प्रशिक्षण स्कूल/कॉलेज अधूरा छोड़ने वाले या बेरोजगार उम्मीदवारों पर केन्द्रित है। प्रशिक्षण की अवधि जॉब रोलों के अनुसार भिन्न-भिन्न होती है, किंतु, अधिकांश पाठ्यक्रम 200-600 घंटे (2-6 महीने) के बीच की अवधि के होते हैं। प्रशिक्षण सॉफ्ट कौशल, उद्यमशीलाता, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता पाठ्यचर्या के एक भाग के साथ राष्ट्रीय कौशल अर्हता ढांचा (एनएसक्यूएफ) अनुसार प्रदान किया जाता है। उम्मीदवारों का मूल्यांकन और प्रमाणन सफलापूर्वक पूरा होने पर, उन्हें प्रशिक्षण भागीदारों (टीपी) द्वारा नियोजन सहायता प्रदान की जाती है।
  2. 2. पूर्व शिक्षण मान्यता (आरपीएल) – पूर्व शिक्षण अथवा कौशल वाले व्यक्तियों का पूर्व शिक्षण मान्यता (आरपीएल) स्कीम के अंतर्गत आकलन और प्रमाणन किया जाता है। आरपीएल का उद्देश्य देश के असंगठित कार्यबल की दक्षताओं को एनएसक्यूएफ के अनुरूप करना है। प्रशिक्षण/अभिमुखीकरण की अवधि 12-80 घंटे के बीच होती है।
  3. 3. विशेष परियोजनाएं – पीएमकेवीवाई के विशेष परियोजना घटक में सरकारी निकायों, निगमों/उद्योग निकायों तथा विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की परिकल्पना की है और उपलब्ध अर्हता पैको (क्यूपी)/राष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों (एनओएस) के अंतर्गत विशेष जॉब रोलों में प्रशिक्षण निर्धारित नहीं हैं। यह ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनमें पीएमकेवीवाई के अंतर्गत अल्पावधि प्रशिक्षण के नियमों और शर्तों के अनुसार कुछ भिन्नता हो सकती है।

इस स्कीम को दो घटकों के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है:

  1. 1. केंद्र प्रायोजित केंद्र प्रबंधित (सीएससीएम): यह घटक राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। पीएमकेवीवाई 2016-20 की 75% धनराशि और इतने ही भौतिक लक्ष्य सीएससीएम के अंतर्गत आवंटित किए गए हैं।
  2. 2. केंद्र प्रायोजित राज्य प्रबंधित (सीएसएसएम): यह घटक राज्य कौशल विकास मिशनों (एसएसडीएम) के माध्यम से राज्य सरकारों द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। पीएमकेवीवाई 2016-20 की 25% धनराशि और इतने ही भौतिक लक्ष्य सीएसएसएम के अंतर्गत आवंटित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2022 हाइलाइट्स:

योजना का नामप्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)
किस ने लांच कीकेंद्र सरकार
लाभार्थीदेश के बेरोजगार युवा
उद्देश्यदेश के युवाओं को उद्योग के अनुकूल गुणवत्ता कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना
आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें
साल2022
ट्रेनिंग पार्टनर्स की संख्या32000
ट्रेनिंग के क्षेत्रों की संख्या40
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 :

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का तीसरा चरण आरंभ हो चूका है है। यह चरण 15 जनवरी 2021 से आरंभ हो गया है । जिसके अंतर्गत देश के सभी 600 जिलों को कवर किया जाएगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के अंतर्गत लगभग 8 लाख लोगों को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिस पर 948.90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3.0 के अंतर्गत नई पीढ़ी एवं कविड़ से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत कौशल एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा की गई थी। कौशल विकास योजना 3.0 के अंतर्गत 200 से अधिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को जोड़ा गया है।

पीएमकेवीवाई 1.0 और पीएमकेवीवाई 2.0 से मिले अनुभव के माध्यम से पीएमकेवीवाई 3.0 में सुधार किया गया है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को 15 जुलाई 2015 को आरंभ किया गया था। अब तक लाखों लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में पाठ्यक्रम की सूची:

  • स्किल  कौंसिल फॉर पर्सन विथ डिसेबिलिटी कोर्स
  • हॉस्पिटैलिटी तथा टूरिज्म कोर्स
  • टेक्सटाइल्स कोर्स
  • टेलीकॉम कोर्स
  • सिक्योरिटी सर्विस कोर्स
  • रबर कोर्स
  • रिटेल कोर्स
  • पावर इंडस्ट्री कोर्स
  • प्लंबिंग कोर्स
  • माइनिंग कोर्स
  • एंटरटेनमेंट तथा मीडिया कोर्स
  • लोजिस्टिक्स कोर्स
  • लाइफ साइंस कोर्स
  • लीठेर कोर्स
  • आईटी कोर्स
  • आयरन तथा स्टील कोर्स
  • भूमिकारूप व्यवस्था कोर्स
  • स्वास्थ्य देखभाल कोर्स
  • ग्रीन जॉब्स कोर्स
  • जेम्स तथा ज्वेलरी कोर्स
  • फर्नीचर तथा फिटिंग कोर्स
  • फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री कोर्स
  • इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स
  • निर्माण कोर्स
  • माल तथा पूंजी कोर्स
  • बीमा, बैंकिंग तथा फाइनेंस कोर्स
  • सुंदरता तथा वैलनेस
  • मोटर वाहन कोर्स
  • परिधान कोर्स
  • कृषि कोर्स

प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (पीएमकेके):

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने “कुशल भारत मिशन” के अंतर्गत भारत के प्रत्येक जिले में अत्याधुनिक, विजिबल, आकांक्षीय मॉडल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की पहल की है। इन मॉडल प्रशिक्षण केंद्रों को “प्रधानमंत्री कौशल केंद्र” (पीएमकेके) के नाम से जाना जाता है।

पीएमकेके नियोजनीयता पर ध्यान देने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम चलाने और कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए एक आकांक्षीय मूल्य सृजित करने में सक्षम हैं। पीएमकेके अल्पावधि प्रशिक्षण ईकोसिस्टम को अनिवार्य संचालन वितरण मॉडल से एक स्थायी संस्थागत मॉडल में बदलने की कल्पना करता है।

पीएमकेके की स्थापना के लिए निवेश सहायता प्रदान की जाती है। एनएसडीसी प्रति पीएमकेके अधिकतम 70 लाख रुपए तक के सुरक्षित ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

वित्तीय सहायता, कैपेक्स सहायता (पूंजीगत सहायता) (उपयोग नहीं किया जाएगा/अचल संपत्ति के सृजन हेतु) के लिए प्रदान की जाती है, जिसमें निम्नलिखित घटक शामिल होते हैं:


i. मशीनरी और उपकरणों की खरीद सहित प्रशिक्षण अवसंरचना

ii. प्रशिक्षण सहायता और अन्य संबंधित मदें

iii. केंद्र का आंतरिक साज-सज्जा

पीएमकेके की मुख्य विशेषताएं:

  • केंद्र का आकार: निर्मित क्षेत्र 3000 वर्ग फुट – 8000 वर्ग फुट (जिले की जनसंख्या के आधार पर)
  • सभी केंद्रों में मानकीकृत बाह्य और आंतरिक ब्रांडिंग और अवसंरचनात्मक आवश्यकताएं
  • स्थानीय युवाओं की महत्वाकांक्षाओं के लिए जिले की जनसंख्या पर आधारित पाठ्यक्रम
  • स्मार्ट क्लासरूम, दृश्य-श्रव्य प्रशिक्षण उपकरण, बायोमेट्रिक उपस्थिति
  • समर्पित परामर्श, जुटाव और नियोजन प्रकोष्ठ
  • पीएमकेवीवाई दिशानिर्देशों के अनुसार आवासीय सहायता
  • पीएमकेवीवाई दिशानिर्देशों के अनुसार, विनिर्माण ट्रेडों में अनिवार्य प्रशिक्षण

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ट्रेनिंग पार्टनर की सूची:

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत युवाओं का कौशल विकास किया जाता है जिससे कि उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो। यह कौशल विकास ट्रेनिंग पार्टनर्स के माध्यम से किया जाता है। ट्रेनिंग पार्टनर की सूची सरकार द्वारा समय-समय पर अपडेट की जाती है। इसमें नए पार्टनर को जोड़ा जाता है और कुछ पुराने पार्टनर को हटाया जाता है जो पॉलिसी के दिशा निर्देशों का पालन नहीं कर रहे है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 20 अक्टूबर 2020 तक देश भर में 32000 ट्रेनिंग सेंटर हैं। ट्रेनिंग पार्टनर्स की सूची कुछ इस प्रकार है।

StateDistrictSectorPartner NameNo. of Centers
Uttar PradeshKanpur NagarRetailFuture Sharp Skills Ltd1
HaryanaKurukshetraAutomotiveTecHum International Private Limited3
Uttar PradeshVaranasiTextiles And HandloomsSurabhi Skills Pvt. Ltd.4
KarnatakaDakshina KannadaRetailRetailers Association of India (RAI)89
KarnatakaNA dummy partner 1.12
PunjabFaridkotInfrastructure EquipmentLikith TP26
Himachal PradeshKangraAgricultureSamarth Eduskills Pvt Ltd17
DelhiNew DelhiTourism & HospitalityTata STRIVE21
KarnatakaBengaluru UrbanInfrastructure EquipmentCosmos Manpower Pvt Ltd5
RajasthanJodhpurMiningSCMS40
HaryanaFaridabadApparelSentio Advisory Private Limited97
TripuraWest TripuraTourism & HospitalityOrion Edutech Private Limited295
MaharashtraThaneLogisticsNidan Technologies Private Limited50
PunjabPatialaRetailDreamland Immigration Co. Pvt. Ltd.6
KarnatakaBengaluru UrbanSportsDummy PIA18
Tamil NaduMaduraiLife SciencesLife Sciences Sector Skill Development Council7
Andhra PradeshKrishnaElectronics and HardwareELECTRONICS SECTOR SKILL COUNCIL OF INDIA109
KarnatakaDakshina KannadaGems and JewelleryGoldsmith Academy Pvt Ltd52
MaharashtraPuneTourism & HospitalityCLR Facility Services6
BiharWest ChamparanConstructionCradle Life Sciences Pvt Ltd10
TripuraWest TripuraApparelValeur Fabtex Private Limited10
MaharashtraAmravatiBFSIDRISHTEE SKILL DEVELOPMENT CENTER PRIVATE LIMITED25
JharkhandRamgarhSecurityDirectorate of Indian Army Veterans (DIAV)108
JharkhandKodarmaAutomotivePossit Skill Organisation30
HaryanaPanipatApparelModelama Skills Private Limited62
Uttar PradeshVaranasiTourism & HospitalityTourism and Hospitality Skill Council9
KarnatakaBengaluru UrbanTourism & HospitalityOrange Tech Solutions28
AssamKarbi AnglongTextiles And HandloomsTextile Sector Skill Council134
RajasthanAlwarInfrastructure EquipmentRam Pratap6
TelanganaRangaReddyIT-ITeSVISRI Technologies & Solutions12
Uttar PradeshAligarhPersons with DisabilityPradeep6
KarnatakaBengaluru UrbanBeauty and WellnessPooja1
KeralaThrissurAgricultureThe Kerala Agro Industries Corporation Limited218
Madhya PradeshSeoniElectronics and HardwareShri Vinayak Creative Fashions Pvt.Ltd34
MaharashtraPuneConstructionCREDAI484
NANAApparelADS SKILLS PVT LTD127
BiharSaranBeauty and WellnessBeauty & Wellness Sector Skill Council223
MaharashtraThaneRetailArrina Education Services Private Limited (Talentedge)159
MaharashtraMumbaiElectronics and HardwareNational Yuva Cooperative Society Limited74
RajasthanJaipurHandicrafts and CarpetJaipur Rugs Foundation96
Andhra PradeshVisakhapatnamApparelIL & FS Skills Development Corporation Limited883
TelanganaRangaReddyTelecomSynchroServe Global Solutions Private Limited104
Uttar PradeshGhaziabadPlumbingIndian Plumbing Skills (IPSC)49
HaryanaRohtakLeatherLeather Sector Skill Council320
KarnatakaBengaluru UrbanHealthcareIndian Air Force8
BiharSiwanElectronics and HardwareAmulett Educational Services Pvt. Ltd.20
Madhya PradeshJabalpurRetailMP State Cooperative Union Ltd3
TelanganaWarangalTelecomTelecom Sector Skill Council310
PunjabLudhianaBeauty and WellnessSRI SRI RURAL DEVELOPMENT PROGRAMME TRUST54
MaharashtraThaneTourism & HospitalityRustomjee Academy for Global carrers282
HaryanaGurgaonPlumbingIndian Plumbing Skills Council(IPSC)1
KeralaKottayamRubberRubber Skill Development Council110
Andhra PradeshKrishnaBeauty and WellnessVLCC healthcare Limited167
BiharPatnaAutomotivePrerna Engineering Education Group Pvt Ltd21
RajasthanJodhpurTelecomEdujobs Academy Pvt Ltd148
Tamil NaduNilgirisAgricultureProwins Agri System8
Uttar PradeshSitapurBFSIMahendra Skills Training & Development Pvt. Ltd.202
HaryanaGurgaonTourism & HospitalityUpdater Services Private Limited4
DelhiSouth DelhiTourism & HospitalityPrimero Skills And Training Pvt.Ltd16
Tamil NaduKarurElectronics and HardwareAaruthal Foundation30
Uttar PradeshFarrukhabadSecurityAWPO112
Uttar PradeshGhaziabadPowerRooman Technologies Private Limited236
AssamKamrupSecurityOlive Heritage Education And Welfare Society7
BiharMuzaffarpurPlumbingLabournet Services India Pvt. Ltd.773
MaharashtraPuneIT-ITeSLaurus Edutech Life Skills Pvt. Ltd.5
KarnatakaMysuruApparelAnkush Thakur39
RajasthanSawai MadhopurAgricultureIndian Society for Agribusiness Professionals (ISAP)19
KarnatakaMysuruApparelDummy Pia 25
Jammu and KashmirPulwamaIT-ITeSCARE COLLEGE12
TelanganaHyderabadDomestic WorkerVolksy Technologies Private Limited60
Tamil NaduKanyakumariRubberREEP Trust66
AssamHailakandiPersons with DisabilityLok Bharti Skilling Solutions Private Limited46
TelanganaRangaReddyAgricultureGMR Varalakshmi Foundation4
DelhiSouth DelhiDomestic WorkerDWSSC19
Uttar PradeshKanpur NagarRetailIACT Education Pvt. Ltd7
KarnatakaNAFood ProcessingAssocom India Private Limited47
DelhiNew DelhiApparelAvante Corporation2
HaryanaGurgaonLogisticsSafeducate Learning Pvt Ltd357
PunjabLudhianaRubberMentor Skills India LLP39
RajasthanJhalawarAgricultureEmpower Pragati20
HaryanaFaridabadConstructionEscorts Skill Development13
DelhiCentral DelhiAutomotiveGandhi Smriti and Darshan Samiti1
NANAIT-ITeSArteva Consulting Private Limited34
West BengalJalpaiguriApparelApparel Training and Design Center78
KeralaErnakulamTelecomIndian Navy13
HaryanaGurgaonTourism & HospitalityLeap Skills Academy Private Limited427
Uttar PradeshGorakhpurIT-ITeSNavjyoti Corporate Solutions13
Arunachal PradeshNA Dummy Tourism and Hospitality Sector Skill Council28
West BengalHowrahConstructionAmbuja Cement Foundation17
Uttar PradeshVaranasiApparelKeshwa Skills Training Institute under Creation India Society23
West BengalJalpaiguriAgricultureVivo Skills & Training4
PunjabLudhianaConstructionAkanksha RPL-Construction29
Uttar PradeshAmbedkar NagarPowerINDRAPRASTHA ACADEMY FOUNDATION7
TelanganaRangaReddyAgricultureSuguna Foundation1
TelanganaHyderabadHealthcareApollo Medskills Limited1
KarnatakaMysuruConstructionDummy Project 3229
JharkhandRanchiGreen JobsSector Council for Green Jobs3
Uttar PradeshMoradabadLogisticsLogistics Skill Council19
RajasthanJaipurGems and JewelleryGems and Jewellery Skill Council of India6
Madhya PradeshDatiaMiningMosaic Network Pvt Ltd136
DelhiNew DelhiSecurityPeregrine Guarding Private Limited1
Uttar PradeshVaranasiRetailNavodaya Institute17
DelhiNew DelhiAgricultureAshpra Skills Private Limited50
Madhya PradeshVidishaElectronics and HardwareAISECT Skills Mission201
RajasthanJaipurSecuritySSSDC70
TripuraWest TripuraRubberThe Rubber Board92
BiharPurniaLife SciencesSatya Sri Sai Social Welfare Trust4
Uttar PradeshBastiFurniture and FittingsFurniture & Fittings Skill Council570
HaryanaGurgaonFurniture and FittingsMahesh Pandey8
KarnatakaMysuruApparelBlind Bind1
Uttar PradeshGautam Buddha NagarBeauty and WellnessSBJ Centre of Excellence Pvt Ltd3

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लाभ:

  • इस योजना का लाभ देश के 10वीं, 12वीं कक्षा ड्राप आउट (बीच में स्कूल छोड़ने वाले) युवा उठा सकते है।
  • देश के युवाओ को इस योजना के अंतर्गत रोजगार प्रदान करने के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।
  • इस योजना के तहत युवाओ को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार मुहैया कराया जायेगा।
  • इस योजना के तहत देश के बेरोजगार युवाओ को कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, फूड प्रोसेसिंग,फर्नीचर और फिटिंग, हैंडीक्रॉफ्ट, जेम्स एवं ज्वेलरी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे करीब 40 तकनीकी क्षेत्र के ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी ।
  • केंद्र सरकार युवाओं के लिए अगले 5 साल के लिए इस योजना के तहत उद्यमिता शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था करती है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की पात्रता:

  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी भारतीय नागरिक होना चाहिए ।
  • यह योजना केवल उन लोगों के लिए लक्षित है जो बेरोजगार हैं और जिनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है।
  • कॉलेज / स्कूल ड्रॉपआउट – आवेदक को हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं का बुनियादी ज्ञान होना चाहिए।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लिए दस्तावेज़:

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • वोटर आईडी कार्ड
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2022 में पंजीकरण कैसे करे?: PMKVY Registration Online 2022

जो इच्छुक लाभार्थी पीएम कौशल विकास स्कीम 2022 के तहत आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे ।

स्टेप1: सर्वप्रथम आवेदक को योजना की Official Website पर जाना होगा ।ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा ।

PMKVY Registration Online 2022

स्टेप2: इस होम पेज पर आपको Quick Link क ऑप्शन दिखाई देगा । आपको इस ऑप्शन में से Skill India के ऑप्शन दिखाई देगा । आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा ।

PMKVY Registration Online 2022

स्टेप3: ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने आगे का पेज खुला जायेगा । आपको इस पेज पर आपको I want to skill myself का ऑप्शन दिखाई देगा ।आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा ।

PMKVY Registration Online 2022

स्टेप4 : इस ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जायेगा । इसके बाद आपके सामने Registration Form खुल जायेगा ।इस रजिस्ट्रेशन में आपको पूछी गयी सभी जानकारी जैसे Basic Details, Second Location Details, Third Preferences of Training Sector, Fourth Associated Program and fifth Interested In आदि भरनी होंगी ।

स्टेप5: सभी जानकरी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा ।

PMKVY Registration Online 2022

स्टेप6: पंजीकरण फॉर्म के सफल जमा होने के बाद आपको लॉगिन करना होगा । लॉगिन करने के लिए आपको Login के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा ।

स्टेप7: ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने लॉगिन फॉर्म  खुल जायेगा । इस फॉर्म में आपको यूजरनाम हुए पासवर्ड डालकर लॉगिन बटन आपको  क्लिक करना होगा । इस तरह आपका पंजीकरण पूरा हो जायेगा ।

Contact us

  • सबसे पहले आपको योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।
  • इस होम पेज पर आपको Contact us का ऑप्शन दिखाई देगा। आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
PMKVY Registration Online 2022
  • ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा। इस पेज पर आपको कांटेक्ट नंबर की सारी डिटेल्स मिल जाएगी |

Helpline Number

हमने अपने इस लेख में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2022 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी आपको प्रदान कर दी है। यदि आप अभी भी किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप टोल फ्री नंबर पर संपर्क करके या फिर ईमेल करके अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं। टोल फ्री नंबर तथा ईमेल आईडी कुछ इस प्रकार है।

  • Toll-Free Number- 08800055555
  • Email Id- pmkvy@nsdcindia.org

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate):-

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र- जैसे की आप सभी जानते है कि आज के समय में जाति प्रमाण पत्र होना कितना आवश्यक है | क्योंकि जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) आपके किसी एक विशेष जाति के होने का प्रमाण देता है | किसी व्यक्ति के जाति प्रमाण पत्र के माध्यम से उसके जाति या वर्ग का पता लगाया जा सकता है |

इस सर्टिफिकेट के लिए देश का कोई भी नागरिक आवेदन कर सकते है | संविधान में पिछड़ी हुए जाति के नागरिकों के लिए विशेष कानून बनाये गए है | ये लाभ आपको तभी मिल पाएंगे जब आपके पास वैध जाति प्रमाण पत्र होगा |

आज के समय में पिछडे वर्ग के लोगों की ख़राब स्थिति को सुधारने के लिए, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी बहुत सी सुविधाओं और योजनाओ में आरक्षण व छात्रवृत्ति जैसे बहुत से लाभ प्राप्त करने हेतु जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है, जिससे बहुत सी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति या पिछड़े वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा और उनकी स्थिति में सुधार आ सकेगा |

आर्टिकलJati Praman Patra West Bengal apply Online
राज्यपश्चिम बंगाल
वर्ष2021-22
पोर्टल का नामBackward Classes Welfare Department, Government of West Bengal
लाभार्थीSC/ST/OBC
उद्देश्यजाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए ऑनलाइन
सुविधा उपलब्ध करवाना
आवेदनOnline/Offline
Official Websitehttps://castcertificatewb.gov.in/

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र बनाने का उद्देश्य क्या है:-

जाति प्रमाण पत्र के बनाने के लिए सरकार द्वारा नागरिकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा जारी की है जिसके माध्यम से इच्छुक उम्मीदवार घर पर बैठ कर ही जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकें | सभी उम्मीदवार ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यम से Jati Praman Patra के लिए आवेदन कर सकते हैं | जाति प्रमाण पत्र का प्रयोग राज्य के नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ, फीस में छूट, दस्तावेजों को बनाने व स्कूल/ कॉलेजों में एडमिशन के लिए करते हैं |

जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता:-

  • जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता आपको सबसे अधिक अपनी जाति प्रमाण करने के लिए पड़ती है |
  • यदि आप पश्चिम बंगाल सरकार से चलाई गयी योजनाओं में आवेदन करना चाहते हैं तो आपको SC, ST तथा OBC वर्ग से होने पर जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता मुख्य रूप से पड़ती है |
  • सरकारी नौकरी में या अन्य जगह आरक्षण पाने के लिए भी आपको जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है |
  • विद्यालयों में भी एडमिशन करते समय आपको इसकी आवश्यकता पड़ सकती है |

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र से मिलने वाले लाभ:-

  • पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र के माध्यम से राज्य के नागरिक सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं |
  • इस प्रमाण पत्र का प्रयोग दस्तावेजों के रूप में भी किया जाता है | जैसे- स्कूल, कॉलेजों में एडमिशन के लिए, छात्रवृति का लाभ लेने के लिए, आदि |
  • West Bengal Jati Praman Patra के माध्यम से आयु सीमा में भी छूट मिलती है |
  • सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान होता है |
  • स्कूल/कॉलेजों में फीस के लिए छूट दी जाति है |
  • पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र को बनाने के लिए आपको कहीं जाने की आवश्यकता यानि कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है |
  • आप इसे ऑनलाइन माध्यम से बना सकते हैं |
  • इससे आपके समय और पैसे दोनों की बचत होगी |

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उम्मीदवार पश्चिम बंगाल का मूल निवासी होना चाहिए |
  • आवेदक की पहचान का विवरण
  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • आयु प्रमाण पत्र
  • दसवीं की मार्कशीट
  • बारहवीं की मार्कशीट
  • पंचायत / नगरपालिका से प्राप्त प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र |

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:-

  • पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र का आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको Backward Classes Welfare Department के आधिकारिक पोर्टल https://castcertificatewb.gov.in/ में जाना होगा | अब Home Page में आपको Citizen’s Corner के तहत Apply SC/ST/OBC या Apply SC/ST/OBC Link 2 लिंक पर क्लिक करना होगा |
पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र
  • यह आपको अगले पृष्ठ पर ले जाएगा जहां ऑनलाइन आवेदन पत्र उपलब्ध होगा | आवश्यक जानकारी जैसे नाम आवासीय पता ईमेल आईडी आदि के साथ फॉर्म को सही ढंग से भरें |
पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र
  • आवेदन में जानकारी भरने के बाद “Save And Continue” पर क्लिक करें |
  • अगले पृष्ठ पर आपको सभी आवश्यक विवरण जैसे कि मतदाता पहचान पत्र, आयु प्रमाण, फोटो पहचान इत्यादि को भरना चाहिए |
पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र
  • दस्तावेज़ का विवरण प्रदान करने के बाद, आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इसे अपलोड करें |

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:-

  • पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र ऑफलाइन आवेदन के लिए सबसे पहले अपनी तहसील, या सम्बन्धित कार्यालय में जाएँ |
  • वहां से आवेदन फॉर्म लें, आवेदन फॉर्म को भर कर उसमे सम्बन्धित दस्तावेजों को अटैच करें |
  • सभी दस्तावेजों को अटैच करने के बाद फॉर्म को उसी कार्यालय में जमा कर दें जहां से अपने फॉर्म लिया था |

Frequently Asked Questions(FAQ’s):-

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए ऑफिसियल वेबसाइट क्या है ?

पश्चिम बंगाल जाति प्रमाण पत्र का आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको Backward Classes Welfare Department के आधिकारिक पोर्टल https://castcertificatewb.gov.in/ में जाना होगा | इस वेबसाइट का लिंक हमने आपको अपने इस लेख में उपलब्ध कराया है |

जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता होती है ?

जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आधार कार्ड, दसवीं की मार्कशीट, मोबाइल नंबर, बारहवीं की मार्कशीट, मूल निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पैन कार्ड आदि दस्तावेजों का होना जरुरी है |

जाति प्रमाण पत्र क्या होता है?

जातिप्रमाण पत्र एक सरकारी डॉक्युमनेट है इसका उपयोग हर सरकारी काम या गैर सरकारी कामो में किया जाता है केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा जारी की गयी योजाओं का लाभ लेने के लिए भी जातिप्रमाण पत्र माँगा जाता है |

जाति प्रमाण पत्र किस किस माध्यम से बन सकता है?

जाति प्रमाण पत्र आप ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से बनवा सकते है | हमने आपको अपने आर्टिकल में दोनों तरीकों से आवेदन करने की प्रक्रिया ऊपर बता दी है, जिसके लिए आर्टिकल को ऊपर पढ़े |

जाति प्रमाण पत्र की वैलिडिटी कितने समय तक होती है?

अगर आप ऑनलाइन माध्यम से इसे बनवाते है तो इसकी वैलिडिटी 2 साल तक रहती है | 2 वर्षों के पश्चात आप को अपना जाती प्रमाण पत्र को रीन्यू करवाना होगा |

मोबाइल नंबर या समग्र आईडी से गेहूं पंजीयन सम्बंधित जानकारी कैसे प्राप्त करे

Kisaan Panjiyan Kaise Nikalen 2022-23

Kisaan Panjiyan Kaise Nikalen– जैसा की आप सभी जानते हैं वर्ष 2022-23 के लिए गेहू खरीदी हेतु पंजीयन की प्रक्रिया को चालू कर दिया गया है समय रहते आप पंजीयन सम्बंधित प्रक्रिया को प्रून करा लें या अभी तक नहीं कराया है तो हमारी बताई गयी प्रक्रिया के माध्यम से आप खुद ऑनलाइन पंजीयन कर लें ।


पंजीयन करने के पश्चात जरुरी है की पंजीयन की पावती प्राप्त करें यदि आप ऑनलाइन पंजीयन करते हैं तो आपको ऑनलाइन सेण्टर द्वारा पंजीयन दे दिय जायेगा लेकिन यदि खरीदी केंद्र के मध्य से पंजीयन कराया है तो किसी भी ऑनलाइन सेण्टर में जाकर पंजीयन की पावती का प्रिंट ले सकते हैं । पंजीयन की पावती कैसे प्राप्त करनी है हमारी बताई गयी प्रोसेस के माध्यम से पता चल जायेगा इसलिए इस प्रक्रिया को ध्यान से पढ़ें |

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STEP 1: सबसे प्रथम आप इ उपार्जन की वेबसाइट http://mpeuparjan.nic.in/mpeuparjan/Home.aspx पर जाएँ | अब आप WHEET (गेहूं) वाले सेक्शन में रबी 2020-21 वाली लिंक पर क्लिक करें ।

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STEP 2 : किसान कोड से पंजीयन सम्बंधित जानकारी प्राप्त करे लिंक पर क्लिक करें ।

STEP 3 : मोबाइल नंबर या समग्र आईडी या पंजीयन के वक्त प्राप्त किसान पंजीयन के माध्यम से आप किसान पंजीयन की प्रतिलिपि प्राप्त कर सकते हैं । इसलिए दिए गए विकप में से किसी एक का चयन करके सम्बंधित क्रमांक दर्ज करें । और किसान की जानकारी सर्च करते ही स्क्रीन में किसान पंजीयन सम्बंधित जानकारी प्राप्त हो जाएगी जिसका प्रिंट लेकर सुरक्षित रख लें

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