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RTE proposal 2022 -23: निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम 12(1)(ब) अन्र्तगत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 या प्री-स्कूल की प्रथम प्रवेषित कक्षा मे न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान है। इन प्रवेषित बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रति बालक व्यय अथवा स्कूल द्वारा ली जाने वाली वास्तविक शुल्क मे से जो भी न्यूनतम हो, का भुगतान जिले से सीधे स्कूल को किया जाता है।
फीस प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी करने के उद्वेश्य से आरटीई के तहत प्रायवेट स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत समस्त बच्चों का आधार तथा बायोमेट्रिक मशीन से आधार सत्यापन प्रारंभ किया जा रहा है। आधार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पूर्व में ही पत्र के माध्यम से सूचित किया जा चुका है।
आरटीई के तहत निःशुल्क हेतु पात्र वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग व वंचित समूह:- RTE proposal
वंचित समूह – वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार और 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता वाले बच्चे शामिल।
कमजोर वर्ग – कमजोर वर्ग में गरीबी रेखा के नीचे के परिवार शामिल।
HIV ग्रस्त बच्चे
वंचित समूह, कमजोर वर्ग तथा HIV ग्रस्त वर्ग का प्रमाण –
वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति के लिए राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार के लिए संबंधित पट्टा या वन अधिकार अधिनियम के तहत जारी अधिकार पत्र, निःशक्तता वाले बच्चों के लिए 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता का चिकित्सीय प्रमाण पत्र या उपरोक्त सभी के लिए किसी अन्य शासकीय दस्तावेज में दर्ज जानकारी के आधार पर प्रवेश।
कमजोर वर्ग के लिए बी.पी.एल./ अंतयोदय कार्ड मान्य।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा पंजीकृत अनाथ बच्चे
HIV ग्रस्त केटेगरी का है तो जिला मेडिकल वोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र
कोविड-19 से माता-पिता/अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ बच्चे
सत्र 2020-21 एवं 2021 – 22 की फीस प्रतिपूर्ति हेतु अशासकीय स्कूल द्वारा की जाने वाली प्रक्रियाः-
अशासकीय स्कूल द्वारा सत्र 2022-23 की फीस प्रपोजल तैयार करने के प्रक्रिया निम्ननानुसार होगी : RTE proposal
अशासकीय स्कूल सर्व प्रथम सत्र 2020 -21 का प्रपोजल तैयार कर लॉक करे इसके पश्चात सत्र 2021 – 22 का प्रपोजल तैयार करने की कार्यवाही करना होगा |
सर्वप्रथम सत्र 2022 -23 चुने और निम्नांकित कार्यवाही करना होगा :
बैंक विवरण दर्ज करे :
स्कूल द्वारा खाता धारक का नाम, IFSC कोड एवं खाता क्रमांक दर्ज करना है , स्कूल द्वारा बैंक पासबुक को देखकर ही जानकारी दर्ज करना है अन्यथा गलत खाते में राशि जाने की सम्भावना अथवा पेमेंट फेल हो जायेगा |
2. स्कूल फीस प्रबंधन :
स्कूल द्वारा अन्य बच्चो से ली जाने वाली वार्षिक फीस का विवरण स्कूल द्वारा दर्ज किया जाये | स्कूल का फीस स्ट्रक्चर अपलोड करे ऑप्शन में स्कूल का कक्षावार फीस स्ट्रक्चर अपलोड किया जाना अनिवार्य है | सत्र का फीस स्ट्रक्चर तथा अन्य बच्चो से ली जाने वाली प्रत्येक कक्षा की फीस की एक एक रसीद की एक पीडीऍफ़ फाइल बनाकर पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है , स्कूल द्वारा यदि गलत फीस दर्ज की जाती है तो स्कूल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही होगी | स्कूल कृपया ध्यान रखे की फीस चुने हुए सत्र की दर्ज की जाना है मासिक फीस दर्ज नहीं किया जाना है |
4. स्कूल सीट प्रबधन :
शाला द्वारा सत्र 2022 -23 में कक्षावार कुल सीटें एवं आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों की संख्या दर्ज की जाये। स्कूल द्वारा कुल सीट एवं आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों की संख्या को दर्ज किया जाना है। सत्र 2022 -23 में प्रवेश हेतु जिन स्कूलों द्वारा इन सीटो को भरा गया है वह कक्षा इसमें प्रर्दषित नही होगी।
5. छात्र पंजीयन :
इसमें शाला में आरटीई के तहत निःशुल्क अध्ययनरत बच्चो की जानकारी दर्ज की जाये| सत्र चुनने के बाद इस ऑप्शन में दो ऑप्शन चुनने हेतु प्रदर्शित होंगे |
नवीन प्रवेश : इसमें सत्र में ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से चयनित तथा स्कूल द्वारा मोबाइल ऍप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग किये गए बच्चो की सूची प्रदर्शित होगी | सूची में प्रदर्शित हो रहे बच्चो के नाम के सम्मुख ऑप्शन चुनने पर बच्चे का स्कॉलर नंबर एवं क्रमांक दर्ज किया जाये | सत्र 2022 -23 के लिए ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से प्रवेश लिए गए बच्चो का वास्तविक प्रवेश सत्र 2022 -23 में लिए हुआ था | केवल सत्र 2022 -23 हेतु ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से नवीन प्रवेश लिए गए बच्चो की फीस प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी |
पूर्व से अध्ययन रत बच्चे : स्कूल में पूर्व सत्र 2021 -22 के बच्चे समग्र आई दी दर्ज कर प्रदर्शित होंगे | यदि बच्चे के नाम या अन्य कोई जानकारी में विसंगति है तो समग्र की जानकारी स्थानीय निकाय में जाकर पालक द्वारा संसोधन करा लिया जाये | यदि पिता / माता का नाम समग्र आईडी के साथ दर्ज नहीं है तो बच्चे का माता /पिता का नाम समग्र में अपडेट करना अनिवार्य होगा | समग्र आईडी दर्ज करने के उपरांत प्रदर्शित हो रहर बच्चे के नाम एवं अन्य विवरण का मिलान होने के उपरांत बच्चे का स्कॉलर नंबर दर्ज करे |
6 . बच्चे को अगली कक्षा में प्रदोन्नत करना अथवा शाला छोड़ने की स्थिति का कारण दर्ज करना :
बच्चो को अगली कक्षा में प्रदोन्नत करते हुए प्रदोन्नत किये बच्चो का वार्षिक परीक्षा परिणाम (उत्तीर्णता का प्रतिशत अथवा ग्रेड) दर्ज करे | यदि बच्चे द्वारा किसी कारण से स्कूल छोड़ दिया गया है तो शाला छोड़ने का कारण दर्ज किया जाकर लॉक किया जाये |
7. छात्र का फोटो अपलोड करे :-
बच्चे का नवीनतम फोटो JPEG फॉर्मेट में अपलोड कर लॉक किया जायेगा |
8. छात्र का आधार सत्यापन :-
चूँकि कोविड -19 के कारण स्कूलों का भौतिक सञ्चालन बंद रहा है एवं कोविड के कारन कई परिवार अन्यत्र भी चले गए हैं इसलिए फीस प्रतिपूर्ति केवल वास्तविक बच्चो की हो इसलिए सत्र में स्कूल में अध्ययनरत समस्त बच्चो का आधार सत्यापन केवल बायोमैट्रिक मशीन से किया जाना अनिवार्य किया गया है एवं इस प्रक्रिया से आधार सत्यापित होने वाले बच्चे ही फीस प्रतिपूर्ति हेतु पात्र होंगे |
बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से यदि किसी बच्चे का आधार सटेपन नहीं हो रहा है तो बच्चे का आधार अपडेट आधार सेंटर में जाकर करना होगा | 05 वर्ष की आयु के पूर्व यदि किसी बच्चे का आधार बना है एवं यदि उसकी आयु 05 वर्ष पूर्ण हो गयी है तो बच्चे का आधार अपडेशन करना अनिवार्य होता है | आधार नामांकन पर्ची में बच्चे की फिंगर प्रदर्शित होती है उसमे जिस फिंगर में सही का निशान लगा है उस फिंगर का रखकर आधार सत्यापन किया जायेगा तो आसानी से होगा |
9. छात्र की उपस्थिति दर्ज करना :-
आधार सत्यापन के उपरांत कक्षा लगने के कुल दिवस तथा बच्चे की वार्षिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी | स्कूल द्वारा केवल उन्ही बच्चो की उपस्थिति दर्ज की जाये कि यदि भविष्य में किसी पालक द्वारा ऑनलाइन कक्षा नहीं लगने के सम्बब्ध में अवगत कराया जाना पाया जाता है तो सम्बंधित स्कूल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाये | सत्र 2022 -23 की फीस प्रतिपूर्ति प्रपोजल बनाते समय नवीन प्रवेशित (नोशनल एडमिशन ) बच्चो की उपस्थिति 0 (जीरो) अंकित की जाये |
10. फीस प्रतिपूर्ति प्रस्ताव बनाये :-
बच्चो के आधार सत्यापन तथा सत्र में 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति होने पर बच्चे का नाम फीस प्रतिपूर्ति तैयार करने हेतु प्रदर्शित होगा | स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा OTP दर्ज कर फीस प्रतिपूर्ति प्रपोजल लॉक किया जायेगा | ध्यान रखा जाये की स्कूल द्वारा सर्वप्रथम 2022 -23 का प्रपोजल तैयार किया जाये | सत्र 2022 – 23 समस्त बच्चो का प्रपोजल लॉक करने के उपरांत ही सत्र 2022 – 23 का प्रपोजल तैयार किया जाये |
11. सत्र 2022 -23 की फीस पप्रतिपूर्ति हेतु स्कूल द्वारा अधिकतम 02 ही प्रपोजल तैयार सकेंगे | इसी प्रकार सत्र 2022 -23 हेतु अधिकतम 02 बार ही प्रपोजल तैयार किया जा सकेगा | अतः अशासकीय स्कूल ध्यान रखे की समस्त पात्र बच्चो का प्रपोजल अधिकतम 02 प्रपोजल में सम्मलित हो जाये अन्यथा स्कूल द्वारा फीस प्रतिपूर्ति हेतु सेष रह गए बच्चो का प्रपोजल तैयार नहीं हो सकेगा |
Best Places in India : पहले जहां गर्मी की छुट्टियों में लोग बच्चों के साथ दादी-नानी मां के घर जाना पसंद करते थे वहीं अब उनकी लिस्ट में हिल स्टेशन्स और बीच डेस्टिनेशन्स शामिल हो चुके हैं। वैसे मई-जून की गर्मियां तो शरीर को तपा देने वाली होती हैं, ऐसे में पहाड़ों या बीच पर जाकर ही सुकून मिलता है।
इस वजह से मनाली, शिमला और दार्जिलिंग जैसी जगहों पर मई-जून के महीने में पर्यटकों की बहुत ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। हिल स्टेशन्स या बीच डेस्टिनेशन पर मौज-मस्ती के साथ आप ट्रेकिंग, हाइकिंग, पैरा ग्लाइडिंग और व्हाइट-वाटर राफ्टिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटीज भी कर सकते हैं।
मनाली:
मनाली भारत के हिमाचल प्रदेश का एक खूबसूरत पहाड़ी शहर है, जो अपने लुभावने दृश्यों और मनभावन मौसम के लिए जाना जाता है। ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग जैसी कई एक्विटीज हैं यहां करने के लिए। मनाली नेचुरल ब्यूटी से भरपूर है।
बर्फ से ढकी पहाड़ियां, बहती नदी और हरी-भरी घाटियां इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाने का कम करती हैं। मनाली आकर मशहूर रोहतांग दर्रा, सोलांग घाटी और हडिम्बा मंदिर देखने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए।
मुन्नार
केरल के पश्चिमी घाट में स्थित मुन्नार के मनमोहक नजारों को देखने वैसे तो सालभर पर्यटक आते हैं, लेकिन गर्मियों के वक्त इनकी संख्या एकदम से बढ़ जाती है।
मुन्नार अपने विशाल चाय बागानों, पहाड़ियों और वाइल्ड लाइफ के लिए मशहूर है। एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान और मट्टुपेट्टी बांध ऐसे दो दर्शनीय स्थल हैं जिन्हें आपको यहां आकर बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए।
अंडमान
अंडमान और निकोबार आईलैंड हर घूमने वालों की लिस्ट में शामिल होता है। यह जगह अपने नीले-साफ समुद्र, सफेद रेत के समुद्र तटों के लिए मशहूर है, जहां वेकेशन मनाने दूर देशों से भी पर्यटक आते हैं। यहां स्कूबा डाइविंग, स्नोर्कलिंग जैसी कई वाटर एक्टिविटीज हैं, जो आपके अंडमान ट्रिप को मजेदार और यादगार बना सकती हैं।
कुर्ग
धुंध से ढकी पहाड़ियों, हरे-भरे नजारों और सुगंधित कॉफी के बागानों के कुर्ग को “भारत का स्कॉटलैंड” कहा जाता है। इस जगह की खूबसूरती एक्सप्लोर करने के लिए पैदल जितनी हो सके यात्रा करें। जगह-जगह बहते झरने कुर्ग की नजारों को और ज्यादा मनभावन बना देते हैं। वैसे तो यह जगह हनीमून कपल्स के बीच ज्यादा फेमस है लेकिन ऐसा नहीं है आप यहां दोस्तों और फैमिली के साथ जाकर भी जमकर एंजॉय कर सकते हैं।
Academic Bank of Credit (ABC ID) : एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) एक वर्चुअल/डिजिटल स्टोरहाउस है जिसमें प्रत्येक छात्र द्वारा उनकी सीखने की यात्रा के दौरान अर्जित किए गए क्रेडिट की जानकारी होती है।
यह छात्रों को अपना खाता खोलने और कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में प्रवेश करने और छोड़ने के लिए कई विकल्प देने में सक्षम करेगा।
शिक्षा किसी भी देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। वहां के नागरिकों के शिक्षा पर देश का विकास निर्भर करता है। ऐसे ही समय के साथ साथ शिक्षा में बदलाव या नवीनीकरण भी आवश्यक होता है |
इसी के आधार पर हमारे देश में भी केंद्र सरकार द्वारा नयी शिक्षा नीति को लागू किया है। इस नयी शिक्षा नीति से न सिर्फ शिक्षा के स्तर में बढ़ोतरी होगी बल्कि गुणवत्ता के मामले में भी सुधार होगा। इसी शिक्षा नीति के तहत Academic Bank of Credit (ABC) को भी लागू किया गया है। इस सिस्टम के जरिये सभी विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।
आज इस आर्टिकल में हम आप को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स स्कीम के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। जैसे कि ABC ID card क्या है और इस स्कीम के तहत अपनी आईडी कैसे बनाएं आदि अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आप को इस आर्टिकल में मिल जाएंगी। जानने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।
Academic Bank of Credit (ABC) Scheme :
केडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ स्कीम हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने की है। ये स्कीम नयी शिक्षा नीति के तहत शुरू की गयी है जिसका सीधा लाभ शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को मिलता है।
विशेषकर ये स्कीम उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगी जिन्हे अपनी पढाई किन्ही कारणों के चलते बीच में छोड़ देते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को इस स्कीम के जरिये अपनी छोड़ी हुई पढ़ाई को फिर से वहीँ से शुरू करने का अवसर मिलता है। इसके लिए उन्हें फिर से अपनी पढ़ाई शुरू नहीं करनी होती।
इस स्कीम Academic Bank of Credit (ABC) Scheme का लाभ वो छात्र ही उठा सकेंगे जिनके शिक्षण संस्थान यूजीसी के अंतर्गत मान्यताप्राप्त हों और साथ ही उन्होंने स्कीम के तहत अपना पंजीकरण कराया हो। तभी इस संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
Academic Bank of Credit (ABC) :
Academic Bank of Credit (ABC) एक प्रकार का वर्चुअल स्टोर हाउस है, जिस में सभी विद्यार्थियों का डेटा रिकॉर्ड होगा। ध्यान दिला दें कि जिन संस्थानों ने अपना पंजीकरण / रजिस्ट्रेशन एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट स्कीम में कराया होगा, उन्ही संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को ये सुविधा प्राप्त होगी। उन्ही के रिकॉर्ड्स स्टोर होंगे।
साथ ही बता दें कि स्कीम के तहत संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराये गए विद्यार्थियों के डेटा को ही स्टोर किया जाएगा तथा वे ही मान्य होंगे। Academic Bank of Credit (ABC) एक कमर्शियल बैंक की तरह कार्य करेगा जिसके ग्राहक विद्यार्थी होंगे।
इसका लाभ उन छात्रों को प्राप्त होगा जो बीच में पढाई छोड़ देते हैं। यदि छात्र अपनी पढ़ाई छोड़ते हैं तो उन्हें उनके कोर्स के दौरान के समयावधि के अनुसार सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री प्रदान की जाएगी। जैसे कि – अगर किसी छात्र ने फर्स्ट ईयर के बाद पढाई छोड़ी है तो उसे एक साल का सर्टिफिकेट, सेकंड ईयर के बाद डिप्लोमा और तीन साल पर डिग्री प्रदान की जाएगी।
कैसे काम करेगा एकेडमिक बैंक?
Academic Bank of Credit में सभी विद्यार्थियों का अकाउंट खोला जाएगा। जिसके बाद उन सभी को एक विशेष आईडी मिलेगी और उन्हें स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन करना होगा। छात्रों के इन शैक्षणिक खाते (Academic Account) में संबंधित संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम के लिए क्रेडिट प्रदान किया जाएगा। ABC के तहत छात्रों को अपने सुविधनुसार पढाई पूरी करने की छूट दी जाएगी।
जैसे कि यदि विद्यार्थी ABC खाता है और वो पढ़ाई छोड़ने के बाद फिर से अपनी पढ़ाई शुरू करना चाहता है तो उसे ऐसा करने की परमिशन दी जाएगी। इस प्रकार विद्यार्थियों के पास कॉलेज में Multiple Entry और Exit की सुविधा दी जाएगी। ABC में स्टोर क्रेडिट की अधिकतम शेल्फ लाइफ 7 साल होगी। 7 साल के बाद इसका फायदा नहीं मिलेगा।
How to Register Academic Bank of Credit (ABC ID):
STEP1: सबसे पहले आप को Academic Bank of Credit की आधिकारिक वेबसाइट https://www.abc.gov.in/ पर जाना होगा।
STEP2: होम पेज पर My Account सेक्शन में “Student” के विकल्प पर क्लिक करें।
STEP3. अब आप को स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन/ लॉगिन मेन्यू का ऑप्शन मिलेगा।
STEP4. यहाँ “New User” पर क्लिक करें।
STEP5. अगले पेज पर आप को स्टूडेंट रजिस्ट्रशन फॉर्म (Student Registration Form) मिलेगा।
Note: यहाँ पर किसी भी यूनिवर्सिटी का चयन कर सकते है|
STEP6. पूछी गयी सभी जानकारियों को दर्ज करें।
STEP7. जिन विद्यार्थियों के पास पहले से अकाउंट है तो वह सीधे ही लॉगिन कर सकते है।
STEP8. विद्यार्थी को अपने मोबाइल नंबर/ आधार नंबर/यूजर नेम में से किसी भी एक की जानकारी दर्ज करनी है और फिर Academic Bank of Credit के होम पेज पर Student’s Login की प्रक्रिया को पूरा करने हेतु “Sign In With OTP” बटन को प्रेस कर दें।
STEP9. इस प्रकार आप की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
How to create ABC ID card in Digi locker :
सबसे पहले Academic Bank of Credit Scheme की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
होम पेज पर आप को Account सेक्शन में दिए गए विकल्पों में से “Student” का चुनाव करना है।
अब अपने मोबाइल नंबर/ आधार नंबर/यूजर नेम में सेकिसी एक की जानकारी दर्ज़ करने के बाद “Sign In” के बटन पर क्लिक करें।
अब अपना मोबाइल नंबर टाइप करके “Generate OTP” के ऑप्शन पर क्लिक करें।
मोबाइल नंबर पर मिलने वाले OTP को निर्धारित स्थान पर दर्ज करें और सत्यापित करें।
अगले पेज पर आप को अपना नाम, जन्मतिथि, लिंग, यूजर नाम, पिन आदि जानकारी भरने के बाद I Agree पर टिक मार्क करने के बाद “Verifiy” पर क्लिक करना है।
अब आप को आधार नंबर को दर्ज करके अकाउंट को वेरीफाई करने के लिए “Continue” पर क्लिक करना है।
अब आधार कार्ड से लिंक्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP मिलेगा जिसे निर्धारित स्थान पर टाइप करें और “सबमिट” बटन दबाकर वेरीफाई करें।
अब आपको ABC ID कार्ड के सफलतापूर्वक बनने का मैसेज मिल जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न :
1. एबीसी अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट क्या है?
एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) एक आभासी/डिजिटल स्टोरहाउस है जिसमें प्रत्येक छात्र द्वारा उनकी सीखने की यात्रा के दौरान अर्जित किए गए क्रेडिट की जानकारी होती है। यह छात्रों को अपना खाता खोलने और कॉलेजों या विश्वविद्यालयों में प्रवेश करने और छोड़ने के लिए कई विकल्प देने में सक्षम करेगा।
2. डिजिलॉकर में एबीसी आईडी कार्ड का क्या उपयोग है?
छात्र अपने एबीसी खाते में क्रेडिट की उपलब्धता को सत्यापित करने के लिए एबीसी पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण पर, एक एबीसी आईडी बनाई जाएगी, जिसे शैक्षणिक संस्थानों को जमा करना होगा ताकि क्रेडिट उनके संबंधित एबीसी खातों में भेजे जा सकें।
3. क्रेडिट का अकादमिक बैंक कब शुरू होगा?
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जुलाई 2021 को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट योजना शुरू की है। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट वेबसाइट अब abc.gov.in पर कार्य कर रही है। यूजीसी एबीसी योजना को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की स्थापना और संचालन) विनियमन, 2021 के रूप में अधिसूचित करता है।
4. मैं एबीसी आईडी पर अपना विश्वविद्यालय कैसे बदलूं?
सबसे पहले, आपको डिजिलॉकर से एबीसी आईडी प्राप्त करनी होगी और ड्रॉपडाउन सूची से सही संस्थान का चयन करना होगा , आप आसानी से अपने विश्वविद्यालय का नाम बदल सकते हैं। यह अपडेट हो जाएगा।
5. क्या डिजिलॉकर सेफ है?
डिजीलॉकर (DigiLocker) एक बहुत सुरक्षित सिस्टम है,यह क्लाउड और मोबाइल ऐप आधार प्रमाणीकरण द्वारा सुरक्षित हैं। आपको प्रदान की गई सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अपना आधार नंबर और OTP प्रदान करना होगा।
निर्जला एकादशी 31 मई, बुधवार को है। इस एकादशी का व्रत करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन जरूरतमंद लोगों को दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन लोग सच्ची श्रद्धा भाव से निर्जला व्रत करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। निर्जला एकादशी को लेकर शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं। इन नियमों को मानकर पूजा करने से आपके घर में सुख समृद्धि आती है।
निर्जला एकादशी को सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि ये व्रत किसी भी प्रकार के भोजन और पानी के बिना किया जाता है। निर्जला एकादशी साल की चौबीस एकादशियों के तुल्य है। द्वापर युग में भीम ने भी निर्जला एकादशी का व्रत किया था। इस वजह से इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।यह व्रत आत्म संयम सिखाता है। निर्जला एकादशी व्रत में विष्णु जी की पूजा करने से सभी 24 एकादशियों का फल मिलता है। ऐसे में व्रत-पूजा में कोई अवरोध न हो इसलिए आज ही पूजा की सामग्री एकत्रित कर ले |
निर्जला एकादशी पूजा सामग्री (Nirjala Ekadashi Puja Samagri)-
*भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र, पूजा की चौकी, पीला कपड़ा *पीले फूल, पीले वस्त्र, फल (केला, आम, ऋतुफल), कलश, आम के पत्ते *पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर, शहद), तुलसी दल, केसर, इत्र, इलायची *पान, लौंग, सुपारी, कपूर, पानी वाली नारियल, पीला चंदन, अक्षत, पंचमेवा *कुमकुम, हल्दी, धूप, दीप, तिल, आंवला, मिठाई, व्रत कथा पुस्तक, मौली *दान के लिए- मिट्टी का कलश, सत्तू, फल, तिल, छाता, जूते-चप्पल |
निर्जला एकादशी की पूजा विधि (Nirjala Ekadashi Puja vidhi)-
निर्जला एकादशी का व्रत करने के लिए नियम संयम का पालन एक दिन पहले ही यानी कि दशमी तिथि से ही शुरू कर दिया जाता है। भगवान विष्णु को पीतांबरधारी माना गया है, इसलिए उनकी पूजा में पीले रंग का खास ध्यान रखा जाता है। पीले रंग के वस्त्र पहनकर, पीले फूल, पीले निर्जला एकादशी की पूजा तिल, गंगाजल, तुलसी पत्र, श्रीफल बहुत महत्वपूर्ण माने जाते है।
इस दिन श्रीहरि विष्णु की पूजा के साथ मां लक्ष्मी और तुलसी की उपासना भी जरुर करे। मान्यता है तुलसी पूजा के बिना एकादशी का व्रत-पूजन अधूरा रहता है। इस दिन विष्णु जी का , जल में तिल मिलाकर “ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करते हुए विष्णु जी का अभिषेक करें। समस्त पूजन सामग्री लक्ष्मी-नारायण को अर्पित करें। मिठाई में तुलसी दल डालकर विष्णु जी को चढ़ाएं। किसी गौशाला में गायों की देखभाल के लिए दान-पुण्य करें। गरीबों को गर्मी से राहत पाने की चीजों का दान करें।
शाम को तुलसी में घी का दीपक लगाकर उसमें काला या सफेद तिल डालें। अगले दिन द्वादशी तिथि में व्रत का पारण करें। इस विधि के साथ व्रत करने और पूजा करने से आपको निर्जला एकादशी व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होगा और ईश्वर आपसे प्रसन्न होंगे।मान्यता है इससे लक्ष्मी जी प्रसन्न रहती हैं और साधक को धन-धान्य से परिपूर्ण रहने का आशीर्वाद देती है।
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि शुरू – 30 मई 2023, दोपहर 01.09
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि समाप्त – 31 मई 2023, दोपहर 01.47
लाभ (उन्नति) – सुबह 05.24 – सुबह 07.08
अमतृ (सर्वोत्तम) – सुबह 07.08 – सुबह 08.51
शुभ (उत्तम) – सुबह 10.35 – दोपहर 12.19
व्रत पारण समय – सुबह 05.23 – सुबह 08.09 (1 जून 2023)
निर्जला एकादशी व्रत कथा (Ekadashi Vrat Katha)–
निर्जला एकादशी पर भूल से भी न करें ये काम:-
निर्जला एकादशी के दिन देर तक न सोएं और सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और पूजा पाठ करके अपनी दिनचर्या आरंभ करें |
निर्जला एकादशी के दिन भूलकर भी काले रंग के वस्त्र न पहनें। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है | यहां तक कि जो लोग व्रत नहीं करते हैं उन्हें भी इस दिन काले वस्त्र नहीं पहनने चाहिए |
निर्जला एकादशी के दिन बाल कटवाना, शेविंग करवाना और नाखून काटना भी वर्जित माना गया है |
निर्जला एकादशी के दिन प्याज लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए | अगर आपके घर में कोई व्रत नहीं भी है तो भी प्याज लहसुन का प्रयोग न करें | मान्यता है कि निर्जला एकादशी के दिन इन नियमों का जो पालन करता है उन पर विष्णुजी की कृपा बनी रहती है |
डिटॉक्स वॉटर ( ditox water ) दरअसल हमारे शरीर में मौजूद टॉक्सिन यानी विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर करने के लिए फलों, हरी सब्जियों और कई तरह की जड़ी बूटियों से तैयार खास पेय पदार्थ है । इसे फ्रूट फ्लेवर वॉटर भी कहा जा सकता है। किसी जूस के मुकाबले इसमें कैलरी की मात्रा बहुत ही कम होती है।
यह किडनी और लिवर को क्लीन करने और हेल्दी बनाए रखने में मददगार होता है। वजन कम करने के लिए क्या आपने कभी डिटॉक्स वाटर (Detox Water) ट्राई किया है। दरअसल, डिटॉक्स वाटर एक ऐसा हेल्दी ड्रिंक है, जिसमें फलों और सब्जियों को पानी में डालकर बनाया जाता है।
इसमें उन्हीं फलों और सब्जियों को अधिक शामिल करना चाहिए, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट अधिक हो। इससे पानी में मौजूद न्यूट्रिएंट तत्व बढ़ जाते हैं। जिससे नॉर्मल पानी की तुलना में डिटॉक्स वाटर को पीना सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होता है।
Detox Water Benefits:
आज की लाइफ स्टाइल में खुद के लिए समय निकालना हर किसी के लिए आसान काम नहीं होता है। व्यस्त जिंदगी में उलझे लोगों को वेट कम करने और तमाम तरह के हेल्थ बेनिफिट्स के लिए घंटों मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में डिटॉक्स वॉटर कई परेशानियों को कम करने में आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
डिटॉक्स वाटर हमारे शरीर को हाइड्रेट तो करता ही है, शरीर में बढ़ते टॉक्सिन (Toxin) को भी कम करने में हेल्प करता है। डिटॉक्स की प्रक्रिया जैसे ही शरीर के अंदर शुरू होती है इसका प्रभाव शरीर के कई अंगों पर नजर आने लगता है। उदाहरण के तौर पर स्किन हेल्दी दिखने लगती है, डायजेशन सिस्टम सही तरीके से काम करने लगता है और वजन भी तेजी से कम होता दिखाई पड़ता है।
डिटॉक्स वॉटर शरीर( Body) को लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखते हैं जिससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती है|
इस पानी से पेट साफ रहता है और पाचन (Digestion) भी बेहतर हो जाता है |
चेहरे पर दाग-धब्बे निकलने लगें तो डिटॉक्स वॉटर पीने पर त्वचा बेहतर होने में मदद मिलती है |
शरीर को ताजगी मिलती है |
मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है जिससे तेजी से वजन घटना (Weight Loss) शुरू हो जाता है |
शरीर के अंदरूनी अंगो की अच्छी सफाई हो जाती है |
शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और बार-बार थकावट नहीं लगती |
घर पर इस तरह बनाएं डिटॉक्स वॉटर-
इसे आप आसानी से अपने घर पर बना सकते हैं। इसके लिए ताजा फल, सब्जियां और हर्ब के साथ केवल पीने के पानी की जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं कि हम अलग अलग फ्लेवर के डिटॉक्स वॉटर को कैसे बना सकते हैं।
किन चीजों से बनाएं डिटॉक्स वाटर–
डिटॉक्स वाटर में किसी भी सब्जी और फल को काटकर तैयार किया जाता है | इसमें फल-सब्जी को पेस्ट या पाउडर बनाकर नहीं डाला जाता है |
आप डिटॉक्स वाटर बनाने के लिए खीरा, अदरक, नींबू, सेब, संतरा, पुदीना, हल्दी, अनानास, तरबूज, बेरीज, तुलसी, आम आदि को मिक्स कर सकते हैं |
1.खीरा डिटॉक्स वॉटर-
खीरे की कुछ स्लाइस काटें और इसे आधे लीटर ठंडे या नॉर्मल टेंपरेचर के पानी में डाल दें। अपने स्वादानुसार इसमें काला नमक, नींबू की स्लाइस या नींबू का रस डालकर इसे 4 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। 4 घंटे बाद इसे बाहर निकाल दें।
आप इसका सेवन रोजाना सुबह खाली पेट कर सकते हैं। यही नहीं आप इसे दिनभर भी पी सकते हैं। इसमें पुदीना की 6-7 पत्तियां डालकर आप इसके स्वाद को और अधिक बढ़ा सकते हैं।
2.एप्पल सिनेमन डिटॉक्स वॉटर-
कटे हुए सेब की कुछ स्लाइस और कुछ सिनेमन के टुकड़े आधे लीटर पानी में मिलाएं और स्वाद के लिए इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें डालकर 4 घंटे के लिए इसे फ्रिज में रख दें। इसे सुबह खाली पेट इस्तेमाल करें।
इसके लगातार सेवन से कई बीमारियां दूर रहती हैं। एप्पल को डिटॉक्स वॉटर की तरह बनाकर पीने से किडनी की गंदगी भी साफ होती है और किडनी फंक्शन भी दुरुस्त रहता है। सिनेमन यानी दालचीनी मिल जाने से शरीर के टॉक्सिन को हटाने में भी यह सक्षम हो जाता है।
3.ऑरेंज जिंजर डिटॉक्स वॉटर-
ऑरेंज की स्लाइस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें और एक छोटे अदरक के टुकड़े को कद्दूकश कर संतरे के टुकड़ों के साथ आधे लीटर पानी में डालकर रखें।
स्वाद के लिए आप इसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें मिला सकते हैं। 3 से 4 घंटे तक फ्रिज में रखें और रोजाना इसका सेवन करें। यह वेट कम करेगा और स्किन को अच्छा बनाएगा।
4.नारियल पानी और नींबू का रस –
नारियल पानी में नींबू के रस (Lemon Juice) की कुछ बूंदे डालकर मिलाएं और पीले। शरीर ताजगी से भर जाएगा और सभी टॉक्सिंस भी शरीर से निकल जाएंगे। यह पानी डिहाइड्रेशन होने से रोकता है और शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद भी साबित होता |
5. दालचीनी और शहद-
औषधीय गुणों से भरपूर दालचीनी को पानी में मिलाकर पीने से न केवल हमारा मोटापा कम होता है बल्कि हमें कई बीमारियों से भी बचाता है। एंटीफंगल और एंटीबैक्टिरियल गुणों से भरपूर दालचीनी को उबलते हुए पानी में डालें और कुछ देर गैस पर पकने दें। इसके बाद पानी को ठंडा होने के लिए छोड़ दें और उसमें शहद मिलाकर पी लें। ध्यान रखें कि दालचीनी को कम मात्रा में ही इस्तेमाल करे। इससे आपकी चर्बी धीरे धीरे कम होने लगेगी।
सिर्फ 5 मिनट में बनाएं ये डिटॉक्स वॉटर-
जब स्वास्थ्य और खूबसूरती को बनाए रखने की बात आती है तो पेट स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि हेल्दी आंत संक्रमण और बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है।
लेकिन पेट को हेल्दी रखने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स और स्ट्रिक्ट डाइट की आवश्यकता नहीं है। यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ आसान और पॉकेट-फ्रेंडली तरीके हैं कि आपका पेट हेल्दी रहे। एक उपाय जिसे कई महिलाओं का विश्वास हैं, वह डिटॉक्स ड्रिंक है।
‘इस तथ्य के अलावा कि यह बहुत स्वादिष्ट है, यह आपके शरीर के लिए बहुत अच्छा है। यह वेट लॉस, एनर्जी के लेवल, पीएच लेवल, त्वचा, इम्यूनिटी में मदद करता है और बहुत हाइड्रेटिंग है। इसे बनाने में सिर्फ 5 मिनट लगते हैं लेकिन बहुत बड़ा फर्क दिखाई देता है।
वजन होगा कम और चेहरा करेगा ग्लो–
चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए आपका अंदर से हेल्दी होना बहुत जरूरी है। अनहेल्दी डाइट, लाइफस्टाइल, बहुत ज्यादा स्मोकिंग, एल्कोहल के सेवन से हमारी बॉडी में कई तरह के विषाक्त पदार्थ जमा होते रहते हैं, जो बॉडी के लिए तो नुकसानदायक होते ही है साथ ही स्किन पर भी इसका नजर आता है।
कील- मुंहासों के साथ चेहरे पर बुढ़ापा नजर आने लगता है। अगर आप भी इन समस्याओं से परेशान हैं और इन्हें दूर करने का कारगर उपाय ढूंढ रही हैं, तो डिटॉक्स वॉटर(Ditox water) कर सकते हैं आपकी इसमें मदद। तो आइए जानते हैं घर में इन्हें आसानी से बनाने का तरीका साथ ही किस वक्त पिएं जिससे मिले ज्यादा से ज्यादा फायदे।
‘सूर्य नमस्कार'( Surya Namaskar) का शाब्दिक अर्थ सूर्य को अर्पण या नमस्कार करना है। यह योग आसन शरीर को सही आकार देने और मन को शांत व स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका है |
सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है। यह अकेला अभ्यास ही हमारे सम्पूर्ण शरीर का व्यायाम करा देता है। इसके दैनिक अभ्यास से हमारा शरीर निरोगी, स्वस्थ और चेहरा सुन्दर हो जाता है। महिलायें हों या पुरुष, बच्चे हों या वृद्ध, सूर्य नमस्कार सभी के लिए बहुत लाभदायक होता है| सूर्य नमस्कार सभी को प्रायः काल करना ही चाइये।
सूर्य नमस्कार, जिसे सूर्य को नमस्कार करने वाले आसन के रूप में भी जाना जाता है। 12 योग मुद्राओं का एक सेट है। ये आसन सूर्य को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक खास सीरीज ( Set)) में किया जाता है।
सूर्य नमस्कार के 12 आसन कौन-कौन से हैं?
सूर्य नमस्कार के 12 आसन इस प्रकार से है -:
प्रणाम आसन
हस्तउत्तानासन
हस्तपाद आसन
अश्व संचालन आसन
दंडासन
अष्टांग नमस्कार
भुजंग आसन
पर्वत आसन
अश्वसंचालन आसन
हस्तपाद आसन
हस्तउत्थान आसन
ताड़ासन
सूर्य नमस्कार करने का तरीका :
जमीन पर आसन बिछाकर सीधा खड़े हो जाएं।
अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को बगल से ऊपर उठाएं।
सांस छोड़ते हुए हथेलियों को जोड़ते हुए छाती के सामने प्रणाम मुद्रा में ले आएं I
सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और पीछे ले जाएं।
सांस छोड़ते हुए और रीढ़ की हड्डी सीधी रखते हुए कमर से आगे झुकें।
पूरी तरह सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों को पंजो के पर जमीन पर रखेंI
अब सांस लेते हुए जितना हो सके दायां पैर पीछे ले जाएं और बायां पैर दोनों हथेलिओं के बीच में रखें।
सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरी बॉडी को सीधी रेखा में रखें I
आराम से दोनों घुटने ज़मीन पर लाएं और सांस छोडें I
अपने हिप्स को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और पूरी बॉडी को आगे की ओर खिसकाएंI
अपनी छाती और ठुड्डी को जमीन से छुएं I
अब आगे की ओर सरकते हुए, भुजंगासन में छाती को उठाएंI
सांस छोड़ते हुए हिप्स और रीढ़ की हड्डी के निचले भाग को ऊपर उठाएं।
सांस लेते हुए दायां पैर दोनों हाथों के बीच ले जाएं और बायां घुटना जमीन पर रख सकते हैंI
सांस छोड़ते हुए बायां पैर आगे लाएं और हथेलियों को जमीन पर ही रहने देंI
सांस लेते हुए रीढ़ की हड्डी को धीरे धीरे ऊपर लाएं। हाथों को ऊपर और पीछे की ओर ले जाएं और हिप्स को को आगे की तरफ धकेलें।
अब सांस छोड़ते हुए पहले बॉडी को सीधा करें फिर हाथों को नीचे लाएंI
अब थोड़ी देर आराम करें फिर इस क्रिया को 5 से 10 बार दोहराएं |
सूर्य नमस्कार के लाभ : Surya Namaskar benefits
सूर्य नमस्कार से हृदय, यकृत, आँत, पेट, छाती, गला, पैर शरीर के सभी अंगो के लिए बहुत से लाभ हैं। सूर्य नमस्कार सिर से लेकर पैर तक शरीर के सभी अंगो को बहुत लाभान्वित करता है। यही कारण है कि सभी योग विशेषज्ञ इसके अभ्यास पर विशेष बल देते हैं। सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर, मन और आत्मा मजबूत होते हैं। पृथ्वी पर सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है। सूर्य नमस्कार के शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक कई लाभ हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सूर्य नमस्कार डेली ही करना चाहिए।
सूर्य नमस्कार के हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits Of Surya Namaskar )
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है (Boosts Immunity)-सूर्य नमस्कार का अभ्यास लसीका प्रणाली या लिम्फैटिक सिस्टम को स्टिम्युलेट करता है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों और अपशिष्ट उत्पादों को निकालने में मदद करता है, जिससे इम्यूनिटी बढ़ती है।
पाचन में सुधार करता है (Improves Digestion)-सूर्य नमस्कार पाचन अंगों को स्टिम्युलेट करके पाचन में सुधार करने में मदद करता है।
कार्डियोवैस्क्युलर हेल्थ को सुधारता है (Enhances Cardiovascular Health)-सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से लो ब्ल्ड प्रेशर , सर्कुलेशन को सुधारना और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
सूर्य नमस्कार के मेंटल बेनिफिट्स (Mental Benefits Of Surya Namaskar AKA Sun Salutation Pose)
एकाग्रता को सुधारना (Improves Concentration)-सूर्य नमस्कार के अभ्यास के लिए ध्यान और एकाग्रता की आवश्यकता होती है, जो एकाग्रता और याददाश्त में सुधार करने में मदद करता है।
मूड को बेहतर बनाना (Enhances Mood)-सूर्य नमस्कार एंडोर्फिन के स्राव में मदद करता है, जो अच्छा महसूस कराने वाले हार्मोन हैं जो मूड को बेहतर बना सकते हैं और डिप्रेशन की भावनाओं को कम कर सकते हैं।
Surya Namaskar Mantra in hindi – सूर्य के नाम: नाम मंत्र
MP Board Result 2023 : माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी (व्यावसायिक) विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डी. पी. एस. ई.), शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण पत्रोपाधि मुख्य परीक्षा 2023 के परीक्षा परिणाम दिनांक 25.05. 2023 को दोपहर 12.30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल मुख्यालय के विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र स्थित आडिटोरियम में मान्यनीय मंत्री स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन द्वारा घोषित किये जा रहे हैं |
मध्य प्रदेश 10वीं और 12वीं के चेक करने के लिए, उम्मीदवारों को एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं प्रवेश पत्र पर उल्लिखित अपना रोल नंबर और आवेदन संख्या दर्ज करना आवश्यक है।
इस वर्ष मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2023 के लिए 18 लाख से अधिक छात्र उपस्थित हुए हैं। बोर्ड ने 1 मार्च से 27 मार्च, 2023 तक एमपी 10 वीं की परीक्षा आयोजित की थी, जबकि कक्षा एमपीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा 2 मार्च से 5 अप्रैल 2023 तक आयोजित की गई थी।
एमपी बोर्ड रिजल्ट कैसे डाउनलोड करें? (MP Board Result 2023)
Google Play Store पर MPBSE MOBILE App अथवा MP Mobile App डाउनलोड करे और Know Your Result का चयन करने के बाद अपना अनुक्रमांक (रोल नंबर ) तथा आवेदन क्रमांक (एप्लीकेशन नंबर) प्रविष्ट (Submit ) कर परीक्षा परिणाम ज्ञात करे|
मार्कशीट में सुधार कराएं
एमपी बोर्ड 10 और 12वी की मार्कशीट सुधार हेतु कैसे आवेदन करें?
एमपी बोर्ड 10-12 का रिजल्ट रिलीज होने के बाद अगर साइट क्रैश हो जाएं तो छात्र एसएमएस भेज कर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे.
छात्र को सबसे पहले अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाना होगा।
फिर बिना स्पेस के MPBSE10 या MPBSE12 टाइप करें और अपना रोल नंबर डालकर 56263 पर भेज दें।
आपको एक SMS प्राप्त होगा जिसमें प्राप्त कुल अंक दिखाई देंगे।
एमपी बोर्ड 2023 में एक विषय में फेल होने पर क्या होगा?
एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र एक विषय में फेल होने पर या कम नंबर आने पर कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। रिजल्ट जारी होने बाद बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन करेगा।
जो उम्मीदवार बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक प्राप्त करने में असमर्थ हैं, वे कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। कंपार्टमेंट परीक्षा से संबंधित विवरण बोर्ड परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद घोषित किया जाएगा।
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में आज एलिमिनेटर का मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच खेला जाएगा। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। दोनों टीमों ने लीग इतिहास में 3 बार एक दूसरे का सामना किया है और तीनों मैच में लखनऊ को जीत मिली है। मैच रोमांचक होगा क्योंकि दोनों टीमों में से जीतने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने के लिए एक और मुकाबला खेलना होगा। वहीं, हारने वाली टीम का सफर यही खत्म हो जाएगा।
LSG ने लगातार दूसरी बार आईपीएल के प्लेऑफ में क्वालीफाई किया। पिछले सीजन में भी लखनऊ ने क्वालीफाई किया था। टीम पिछली बार एलिमिनेटर में बेंगलुरु के खिलाफ हार गई थी। लखनऊ की टीम में सभी बल्लेबाजों के पार शॉट्स की वैरायटी है। निकोलस पूरन 174 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ जबरदस्त हिटिंग फॉर्म में हैं। वहीं, गेंदबाजी में बिश्नोई शानदार फॉर्म में है।
दोनों टीमों के हेड टु हेड में लखनऊ मुंबई पर भारी है। IPL के इतिहास में अब तक मुंबई इंडियंस लखनऊ सुपर जायंट्स को हरा नहीं सका है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच में बैलेंस रहेगा। इसमें फास्ट बॉलर के साथ ही स्पिनर्स को भी मदद मिलेगी। शुरू में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग मिलेगी, जबकि मैच के अगले चरणों में स्पिनर भी गेम में आएंगे। पहली पारी का औसत स्कोर 160-170 रन है।
MI vs LSG Match Details
Mumbai Indians vs Lucknow Super Giants, Eliminator Match, Indian Premier League, 2023
Date: 24 May 2023
Time: 07:30 PM IST
Venue: MA Chidambaram Stadium, Chennai.
GT vs CSK Head-to-head
Total Matches Played: 3
MI Won: 0
LSG Won: 3
Tied: 0
No Result: 0
MI Vs LSG Dream11 Team Prediction Today Match Team
शिवलिंग पर जल कैसे चढ़ाएं- समुद्र मंथन के बारे मे सब जानते हैं । जब देवता और राक्षस समुद्र मंथन कर रहे थे तो समुद्र से भयानक विष निकलने लगा था । उस विष को भगवान शिव ने धारण किया था । लेकिन उस विष के प्रभाव से शिवजी का शरीर बहुत गर्म हो गया और उनके शरीर से ज्वालाएं निकलने लगी।
उनकी गर्मी शांत करने के लिए सभी लोग उन पर जल चढ़ाने लगे । जब तक विष निकलता रहा तब तक शिव जी उस विष को ग्रहण करते रहे । और गर्मी शांत करने के लिए सभी लोग उन पर जल गिराते रहे ।
इससे शिवजी की गर्मी शांत हुई और वे बड़े प्रसन्न हुए । तब उन्होंने प्रण लिया कि जब भी कोई उन पर जल चढ़ाएगा वो उसके जीवन से हर प्रकार का संकट यानि विष ग्रहण कर लेंगे ।
इसीलिए संकट निवारण , शिवजी की प्रसन्नता तथा आशीर्वाद के लिए शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है |
शिवलिंग पर जल कैसे चढ़ाएं:-
शिवलिंग एक प्रकार का प्रतीक चिन्ह होता है जो कि भगवान शिव के मंदिरों के अंदर स्थापित होता है | शिवलिंग गोलाकार होता है | शिवलिंग का ऊपरी अंडाकार भाग पर शिव का प्रतिनिधित्व करता है व निचला हिस्सा यानी पीठम् पराशक्ति का प्रतिनिधित्व करता है | आपको बता दें कि धातु या चिकनी मिट्टी से बना हुआ शिवलिंग स्तम्भाकार या अंडाकार होता है |
वास्तव में शिवलिंग हमारे ब्रह्मांड की आकृति है | यह शिव और माता पार्वती की समानता का प्रतीक भी है और दोनों की समानता का भी प्रतीक है | इस संसार के अंदर पुरूष और स्त्री दोनों का समान रूप से वर्चस्व है | शिवलिंग निराकार प्रभु और सर्वशक्तिमान प्रभु की याद दिलाता है |
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के नियम बताए गए हैं | इनका पालन करने से प्रभु प्रसन्न होते हैं और मनोकामना पूर्ण करते हैं |सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है | लेकिन इसके भी नियम हैं, जिनका पालन नहीं करने पर भोलेनाथ नाराज हो जाते हैं | क्या आप जानते हैं कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए कौन सा बर्तन इस्तेमाल होता है | जल चढ़ाते हुए किस दिशा में मुंह होना चाहिए? और क्या मंत्र बोलना चाहिए? अगर नहीं तो चलिए आपको बताते हैं |
किस दिशा में होना चाहिए मुंह:-
भगवान शिव को जल चढ़ाते वक्त आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर कभी नहीं होना चाहिए| इस दिशा को भगवान शिव का प्रवेश द्वार माना जाता है| इसलिए इस दिशा की ओर मुंह करके जल चढ़ाने से भगवान शिव के द्वार में रुकावट पैदा होती है और वह नाराज हो जाते हैं| शिवलिंग पर जल चढ़ाते वक्त आपका मुख उत्तर दिखा की ओर होना चाहिए|इस दिशा को भगवान शिव का बायां अंग कहा गया है, जो माता पार्वती को समर्पित है| इस दिशा में मुंह करके जल देने से माता पार्वती और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त होती है|
किस पात्र का करें इस्तेमाल :-
भगवान शिव का अभिषेक जलधारा से ही करना चाहिए. जैसे जल की धारा एकदम पतली बह कर आती है ठीक वैसे ही एक धार में धीरे-धीरे भगवान शिव को जल चढ़ाना चाहिए | ध्यान रहे कि भगवान को हमेशा दाहिने हाथ से जल चढ़ाएं और बाएं हाथ से दाहिने हाथ का स्पर्श करें |
तांबे के लोटे से चढ़ाएं जल:-
शिवजी का अभिषेक करने के लिए तांबे का पात्र सबसे अच्छा माना जाता है | कांसे या चांदी के पात्र से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है, लेकिन जल अभिषेक के लिए कभी भी स्टील का बर्तन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए |
जल चढ़ाते समय कौनसे मंत्र का पाठ करें:-
शिव जी को जल अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए |
ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च ,
नमः शन्कराय च मयस्कराय च ,
नमः शिवाय च शिवतराय च ।।
यदि इस मंत्र का उच्चारण ना कर पायें तो “ ॐ नमः शिवाय ” का जप भी कर सकते हैं |
शिवलिंगपरचढ़ाहुआजलपीनाचाहिएयानहीं :-
भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से और शिवलिंग पर जल चढ़ाने से जातक को बहुत फायदा होता है। ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न हो जाते है,और भक्त की मनोकामना जल्दी पूर्ण करते है |
इसलिए प्रदीप मिश्रा जी के कहे मुताबित शिव लिंग को जल अर्पित करने के बाद आप जो पात्र अपने घर से लेकर गए है उसमे थोड़ा जल भर ले उसे खुद पिए और अपने घरजनो को भी पिलाए। इसको पीने से आपको कभी बीमारी का कोई सामना नहीं करना पड़ेगा और अगर बीमारी है भी तो वो धीरे- धीरे खतम होने लगती है |
शिवलिंग पर हमेशा बैठकर जल चढ़ाएं। इतना ही नहीं, रुद्राभिषेक करते वक्त भी खड़े न रहे। पुराणों में कहा गया है कि अगर आप खड़े होकर जल चढ़ाते हैं तो वह भगवान शिव को समर्पित नहीं होता और ना ही उसका लाभ मिलता है |
शिवलिंग का जल किस दिशा में गिरना चाहिए:-
शिवलिंग पर जल चढाने के दौरान शिवलिंग का पानी उत्तर दिशा की तरफ गिरना चाहिये। इसलिए ही तो शिवलिंग की जलहरी की दिशा उत्तर दिशा होती है। ऐसा माना जाता है की शिवलिंग की जलहरी की उत्तर दिशा होने से यह हमे अधिक शक्ति देने वाला होता हैं, तथा इससे सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है।
Pallavi Kesharwani: आपने योग गुरु बनने का क्यों सोचा?
आज के भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना सभी के लिए मुश्किल हो गया है | जिसके कारण लोगों में तरह-तरह की बीमारियां बढती जा रही है | ऐसे में योग “YOG” लोगों को स्वस्थ रहने में सहारा दे रहा है | भारत की संस्कृति योग से जुड़ी है, योग का प्रयोग प्राचीन काल से हो रहा है, अब इस क्षेत्र ने देश के साथ विदेश तक में अपनी पहचान बनाई है, जिसके कारण इस क्षेत्र में कई रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं | अब लोग योग के द्वारा अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते है, इसके लिए योग्य योगा अध्यापक की आवश्यकता होगी |
Pallavi Kesharwani योगा टीचर बनने के लिए कई यूनिवर्सिटी के द्वारा विभिन्न कोर्स का संचालन किया जाता है | इस कोर्स की मान्यता सम्बद्ध कॉलेजों को दी जाती है | छात्र ऐसे ही कॉलेज में प्रवेश लेकर ग्रेजुएशन, पीजी (PG) व बीपीएड (B.P.ED) कोर्स कर सकते है | ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए 50 फीसदी अंक के साथ 12वीं पास करना अनिवार्य है | वहीं बीपीएड में एडमिशन लेने के लिए ग्रेजुएशन की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है | अगर शारीरिक शिक्षा विषय है तो बेहतर होगा |
योग का क्या महत्व है?
शरीर में चुस्ती फुर्ती आती है। योग करने से बीमारियां दूर होती है तथा शुगर व बीपी कंट्रोल भी होता है। गर्भावस्था में भी योग करना लाभदायक होता है। विद्यार्थियों के लिए भी योग का बहुत अधिक महत्व है। योग करने से मानसिक तनाव दूर होता है जिससे अध्ययन में सहायता मिलती है।शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में योग मदद करता है। शरीर और मन को शांत करने के लिए यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है। यह तनाव और चिंता का प्रबंधन करने में भी सहायता करता है और आपको आराम से रहने में मदद करता है। योग आसन शक्ति, शरीर में लचीलेपन लाता है और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए जाना जाता है।
आप खुद को कैसे डिफाइन करती हैं?:-
इसके जबाब में पल्लवी केशरवानी (Pallavi Kesharwani) कहती हैं,
“आगे बढ़ो और अपना सबसे बेस्ट दो। चुनौतियों का अनुमान पहले से न लगाएं और सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।“
इसीलिए मैंने भी सोचा की अब मुझे भी कुछ करना है आगे बढ़ना है। पर क्या ? फिर मैना सोचा कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे मै अपने साथ -साथ अपने समाज और परिजनों का भी सहयोग कर सकू और फिर मै योग (YOGA) का कोर्स ज्वाइन कर ली | PG YOGA पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन योगा एक साल की अवधि का फुल टाइम कोर्स है |
ये कोर्स उन इच्छुक उम्मीदवारों के लिए डिजाइन किया गया है जो कि योगा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं या प्रोफेशनल तरीके से काम करना चाहते हैं। पीजी इन योगा कोर्स में छात्रों को योगा से संबंधित प्रैक्टिकल (PRACTICAL) व थ्योरेटिकल (THEORETICAL) नॉलेज दी जाती है। बता दें कि भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी योगा का स्कोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है |
अब तक हमारे द्वारा लगभग 500 से ज्यादा लोगो को योग का प्रशिक्षण दिया जा चूका है और यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही रही है |
आपकी सबसे बड़ी चुनौतियां क्या थीं?:-
Pallavi Kesharwani- मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती ये थी की मैं अपने इस busy life में अपने लिए भी कुछ समय निकलू। घर और बच्चो को संभालने के साथ – साथ अपने सपने भी पुरे करू। इसमें मेरे पति में भी मेरा साथ दिया। फिर मैं P G YOG कोर्स ज्वाइन कर ली ,जो की 1 साल का course है | ये course मैं पंडित शम्भूनाथ यूनिवर्सिटी (pandit shambhunath university )से कर रही। इस कोर्स में practical और theory दोनों ही होता है। योग तो सबको ही आता होगा but सही तरीके से करने में ही इसका लाभ मिलता है।
आपकी सबसे बढ़ी सीख क्या रही?:-
किसी भी काम को सफलतापूर्वक करने के लिए मेहनत, ईमानदारी, लगन और दृण निश्चय का होना बहुत जरूरी होता है। वक्त कितना भी बदल जाए लेकिन कुछ चीजें जो मनुष्य के जीवन को प्रभावित करती है वे कभी नही बदलेंगी जैसे, शास्त्रों में कही बाते आज भी मनुष्य के जीवन को वैसे ही प्रभावित करती है, जैसे सदियों पहले करती थी। हर मनुष्य अपने जीवन में ऊंचाईयों को पाना चाहता है। लेकिन कुछ काम ऐसे हैं, जो हमें कर ही लेना चाइये जिससे हमारे सपने पुरे हो जाए। इससे मुझे यही सीख मिलती है की अगर आप कोई भी काम का ठान ले तो कुछ भी कर सकते है।( Nothing Is Impossible ).आपको समय देना होगा खुद के लिए क्यूकी लाइफ उतनी ही है इसी समय हम जो कर पाय वो कर सकते है।
FAQ
Q.1 अंतराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है ? …
Ans- 5 june
Q.2 योग किसका मिलन है?
Ans- योग शारीरिक व्यायाम, शारीरिक मुद्रा (आसन), ध्यान, सांस लेने की तकनीकों और व्यायाम को जोड़ता है। इस शब्द का अर्थ ही ‘योग’ या भौतिक का स्वयं के भीतर आध्यात्मिक के साथ मिलन है। यह सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना के मिलन का भी प्रतीक है, जो मन और शरीर, मानव और प्रकृति के बीच एक पूर्ण सामंजस्य का संकेत देता है।
Q.3 क्या आप भी योग सीख सकते है ?
Ans- जी हाँ आप भी मेरे साथ ऑनलाइन क्लास ज्वाइन कर सकते है। जिस किसी को भी योग क्लास ज्वाइन करना है वो मुझे 7898970235 नंबर पे WhatsApp कर सकते है।
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच पहला क्वालिफायर खेला जाएगा। मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। आगे स्टोरी में हम फैंटेसी-11 के टॉप खिलाड़ियों के बारे में जानेंगे। उनका IPL रिकॉर्ड और पिछले प्रदर्शन पर भी नजर डालेंगे, जिन्हें आप अपनी फैंटेसी टीम में शामिल कर सकते हैं।
गुजरात का यह दूसरा ही सीजन है। पिछले साल टीम चैंपियन बनी थी, लेकिन चेन्नई ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। हालांकि CSK ने ओवरऑल 12वीं बार प्लेऑफ में जगह बनाई है। क्वॉलिफायर-1 में जीतने वाली टीम फाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगी। वहीं, हारने वाली टीम के पास फाइनल तक पहुंचने के लिए एक और मौका होगा। उसे एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम के खिलाफ क्वालिफायर-2 में एंट्री मिलेगी।
चेन्नई को इस सीजन अब तक खेले गए 14 मैचों में से आठ में जीत और पांच में हार मिली। वहीं एक मैच बारिश के कारण रद्द रहा। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई 17 अंक लेकर पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर रही। टीम के ओपनर डेवोन कॉन्वे और ऋतुराज गायकवाड ने इस सीजन 688 रन पार्टनरशिप में बनाए हैं। ऐसे में अगर आज दोनों चले तो टीम बड़ा स्कोर बना सकती है।
GT vs CSK Match Details
Gujarat Titans vs Chennai Super Kings, Qualifier 1 Match, Indian Premier League, 2023
Date: 23 May 2023
Time: 07:30 PM IST
Venue: Chepauk Stadium.
GT vs CSK Head-to-head
Total Matches Played: 3
GT Won: 3
CSK Won: 0
Tied: 0
No Result: 0
GT Vs CSK Dream11 Team Prediction Today Match Team 1
Captain and Vice-Captain choice (GT vs CSK Tata IPL 2023)
Sanchar Saathi Portal: अगर आपका मोबाइल फोन कहीं खो गया है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप घर बैठे अपने मोबाइल फोन को ब्लॉक कर सकते हैं. सरकार का ये पोर्टल आपकी मदद करेगा |
वर्ल्ड टेलिकॉम डे से एक दिन पहले आज यानी मंगलवार (16 मई) को टेलिकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संचार साथी पोर्टल लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब कोई भी इस पोर्टल पर मोबाइल खोने की जानकारी देगा, तो इसके बाद कुछ आइडेंटिटी वैरिफिकेशन होंगे।
उसके तुरंत बाद ऑनलाइन टेलिकॉम ऑपरेटर और लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसी के साथ इंटरैक्ट करके यह पोर्टल फोन को ब्लॉक कर देगा।
वैष्णव ने कहा कि केवल सिम को ब्लॉक कर देना कोई सॉल्यूशन नहीं है, फोन को ब्लॉक करना जरूरी होता है। इसके साथ ही इस पोर्टल के जरिए कोई भी यह चेक कर सकता है कि उसके नाम से कितनी सिम चालू हैं। अगर आपको इसमें ऐसा कोई नंबर दिखाई देता है जो आपने नहीं लिया है तो उसे भी ब्लॉक करा सकता हैं।
चोरी किए गए मोबाइल को यूज करना नहीं होगा आसान :
रेल और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव (IT Minister Ashwini Vaishnaw) ने 16 मई को संचार साथी पोर्टल को लॉन्च (Sanchar Saathi Portal Launched) किया.
इस पोर्टल के जरिए आप अपने खोए हुए मोबाइल नंबर को ब्लॉक और अनब्लॉक कर सकते हैं. ऐसे में अगर अब चोरी किए गए मोबाइल का इस्तेमाल करना आसान नहीं रहेगा.
इस पोर्टल पर आप खोए हुए मोबाइल को आसानी से शिकायत दर्ज करा पाएंगे. इसके साथ ही उसे अब ट्रैक करने में भी मदद मिलेगी. ध्यान देने वाली बात ये है कि चोरी हुए मोबाइल के बारे में संचार साथी पोर्टल पर जानकारी दर्ज करवाने पर मोबाइल ऑपरेटर को इसकी जानकारी मिल जाएगी.
इसके बाद उस मोबाइल के मिलने की खबर अपडेट होने के बाद इसे चालू किया जाएगा. इस पोर्टल के जरिए आपको यह भी पता चलेगा कि एक आईडी पर कुल कितने सिम कार्ड जारी किए गए हैं|
IMEI नंबर बदलने पर भी ट्रैक हो सकेगा फोन :
अभी क्रिमिनल्स ज्यादातर मोबाइल चोरी करने के बाद डिवाइस का IMEI नंबर बदल देते हैं, जिसके कारण मोबाइल ट्रैक या ब्लॉक नहीं हो पाता था। राजकुमार उपाध्याय ने बताया कि ये पोर्टल IMEI नंबर बदलने के बाद भी डिवाइस को ट्रैक और ब्लॉक कर सकेगा।
पोर्टल की मदद से बरामद हुए 8000 फोन :
संचार साथी पोर्टल के अनुसार, अब तक इस पोर्टल के माध्यम से 4.81 लाख से अधिक खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक किया जा चुका है।
इसके साथ ही 2.43 लाख से अधिक मोबाइल को ट्रैक किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इस पोर्टल की मदद से 8 हजार फोन बरामद किए जा चुके हैं।
चोरी किए गए मोबाइल को कैसे करें ब्लॉक:
STEP 1: अगर आपका मोबाइल चोरी हो गया है और आपके उसे दुरुपयोग से बचाने के लिए ब्लॉक करना चाहते हैं तो https://sancharsaathi.gov.in/ पर क्लिक करें.
STEP 2: इसमें Citizen Centric Services को चुनें |
STEP 3: यहां आपको Block Your Lost/Stolen Mobile का विकल्प दिखेगा जिस पर क्लिक करें|
STEP 4: इस ऑप्शन को चुनने के बाद ही आपके सामने एक पेज खुलेगा जहां आपको मोबाइल से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी |
STEP 5: आपको दोनों मोबाइल नंबर, 15 डिजिट का दोनों IMEI नंबर दर्ज करना होगा |
STEP 6: इसके साथ ही आपको डिवाइस मॉडल और मोबाइल का इनवॉइस भी अपलोड करना होगा |
STEP 7: फिर आपको मोबाइल खोने की तारीख, टाइम, जिला और राज्य की जानकारी भी फिल करना होगी |
STEP 8: इसके साथ ही आपको पुलिस में दर्ज की गई शिकायत नंबर, पुलिस स्टेशन का लोकेशन, राज्य और जिले का नाम भी दर्ज करना होगा |
STEP 9: पुलिस शिकायत की कॉपी अपलोड कर दें यहां |
STEP 10 : फिर अपनी पर्सनल जानकारी जैसे नाम, एड्रेस, ईमेल जैसी जानकारी दर्ज कर दें
STEP 11 : आखिरी में Disclaimer को चुनें और फॉर्म सब्मिट कर दें
STEP 12: इस फॉर्म को जमा होने के बाद आपके फोन को ब्लॉक कर दिया जाएगा |
STEP 13 : इस के जरिए आप फोन को ट्रैक भी कर सकते हैं |
टेलीकॉम क्षेत्र में फ्रॉड को रोकने की कोशिश :
इस पोर्टल को लॉन्च करते वक्त आईटी टेलीकॉम और रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में डिजिटल इंडिया के मिशन को बढ़ाने और टेलीकॉम यूजर्स की सेफ्टी को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने संचार सारथी पोर्टल शुरू किया है.
इसके जरिए चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने के लिए सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) की शुरुआत की गई ह. अब यूजर्स यह भी जान सकेंगे कि उनके आई़डी और नाम पर कितने सिम रजिस्टर्ड है.
इसके अलावा एएसटीआर (Artificial Intelligence and Facial Recognition powered Solution for Telecom SIM Subscriber Verification) का इस्तेमाल करके फर्जी सिम यूजर्स की भी पहचान की जा सकेगी. पोर्टल के लॉन्च पर अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि कुल 40 लाख फर्जी मोबाइल कनेक्शन की पहचान की गई है |
MP Board Result 2023 : बोर्ड ऑफ सेंकेंडरी एजुकेशन, मध्य प्रदेश जल्द ही एमपी बोर्ड दसवीं और बारहवीं के नतीजे जारी कर सकता है. वे छात्र जिन्होंने इस साल की मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षाएं दी हों, वे आधिकारिक वेबसाइट https://mpresults.nic.in/याhttps://mpbse.nic.in/results.htmlसे अपना रिजल्ट-कम-मार्क्स स्टेटमेंट देख और डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवार डाउनलोड करने के स्टेप, टॉपर सूची, पास प्रतिशत और एमपी बोर्ड रिजल्ट 2023 पर नई अपडेट यहां देखें।
हाल ही में, बोर्ड ने MP Board Result 2023 10वीं, 12वीं के परिणाम 2023 की मेजबानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल से प्रस्ताव आमंत्रित करते हुए एक नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार, 10वीं, 12वीं के परिणाम की मेजबानी के लिए प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 11 मई है।
मध्य प्रदेश 10वीं और 12वीं के चेक करने के लिए, उम्मीदवारों को एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं प्रवेश पत्र पर उल्लिखित अपना रोल नंबर और आवेदन संख्या दर्ज करना आवश्यक है।
इस वर्ष मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2023 के लिए 18 लाख से अधिक छात्र उपस्थित हुए हैं। बोर्ड ने 1 मार्च से 27 मार्च, 2023 तक एमपी 10 वीं की परीक्षा आयोजित की थी, जबकि कक्षा एमपीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा 2 मार्च से 5 अप्रैल 2023 तक आयोजित की गई थी।
एमपी बोर्ड रिजल्ट कैसे डाउनलोड करें? (MP Board Result 2023)
एमपी बोर्ड 10-12 का रिजल्ट रिलीज होने के बाद अगर साइट क्रैश हो जाएं तो छात्र एसएमएस भेज कर भी अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे.
छात्र को सबसे पहले अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाना होगा।
फिर बिना स्पेस के MPBSE10 या MPBSE12 टाइप करें और अपना रोल नंबर डालकर 56263 पर भेज दें।
आपको एक SMS प्राप्त होगा जिसमें प्राप्त कुल अंक दिखाई देंगे।
एमपी बोर्ड 2023 में एक विषय में फेल होने पर क्या होगा?
एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र एक विषय में फेल होने पर या कम नंबर आने पर कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। रिजल्ट जारी होने बाद बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन करेगा।
जो उम्मीदवार बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक प्राप्त करने में असमर्थ हैं, वे कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। कंपार्टमेंट परीक्षा से संबंधित विवरण बोर्ड परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद घोषित किया जाएगा।
नमस्कार दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम आपको बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के महाराज धीरेन्द्र कृष्ण (Dhirendra Krishna Shastri) के जीवन परिचय के बारे में बताएंगे। जैसे कि आप सभी जानते है कि धीरेन्द्र कृष्ण को हनुमान जी का ही अवतार माना जाता है और लोगों के मन में इनके प्रति श्रद्धा बढ़ती जा रही है।
कुछ लोग इन्हें चमत्कारी महाराज के नाम से भी जानते है। आज हर कोई बागेश्वर बालाजी महाराज के बारे में जानना चाहता है। इसलिए इस आर्टिकल में हम आपको इनके जीवन से सभी पहलूओं से अवगत करवाएंगे। तो चलिए जानते है धीरेन्द्र कृष्ण जी या बागेश्वर महाराज कौन है–
बागेश्वर धाम के बहुत सारे वीडियो आज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है जिससे लोगों में बागेश्वर धाम के प्रति श्रद्धा बढ़ती जा रही है। इस धाम पर बालाजी का दरबार लगता है इसलिए यहां हजारों की संख्या में लोग आकर दर्शन करते हैं।
भारत में ही नहीं विदेशो में भी यहां आकर बालाजी के दर्शन करते है। इस धाम का कार्यभार धीरेन्द्र कृष्ण जी संभालते है। इसलिए इन्हें बागेश्वर महाराज और बालाजी महाराज के नाम से भी जाना जाता है।
लोग धीरेन्द्र कृष्ण को हनुमान जी का अवतार मानते है। हनुमान जी का ये मंदिर कई वर्षों पुराना है और धीरेन्द्र कृष्ण की पिछली 3-4 पीढ़ियां इस मंदिर में पूजारी रही है। धीरेन्द्र कृष्ण जी के दादा जी ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया था। इस दरबार में काफी सालों से विशाल दरबार लगता है और लाखों की संख्या में यहां श्रद्धालु आते है।
धीरेन्द्र कृष्ण 2003 से इस दरबार को संभाल रहें है। इन्होंने 9 वर्ष के उम्र में हनुमान जी की पूजा करनी शुरू कर दी थी। इन्होंने आज तक अपने सभी कर्तव्यों का पालन किया है जैसे इनके पूर्वज करते आए है।
इन्होंने अपने प्रवचनों से श्रद्धालु की श्रद्धा को और ज्यादा मजबूत किया है। धीरेन्द्र कृष्ण ने बचपन से ही हनुमान जी को अपना सब कुछ अर्पित कर दिया। इनका ध्यान खेलकूद की तरफ भी नहीं गया, ये सिर्फ हनुमान जी के पूजा में लीन रहते थे।
महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जीवन परिचय:- (Dhirendra Krishna Shastri)
बागेश्वर बालाजी महाराज पं० धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक नजर (Dhirendra Krishna Shastri)
पूरा नाम (Full Name)
श्री धीरेंद्र कृष्ण जी (Dhirendra Krishna Shastri)
उपनाम (Nick Name)
बागेश्वर धाम महाराज
प्रसिद्ध नाम (Famous Name)
• बालाजी महाराज • बागेश्वर महाराज • धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
जन्म-तिथि (Date of Birth)
4 जुलाई 1996
जन्म-स्थान (Birth Place)
गड़ा, छतरपुर, मध्य प्रदेश
पिता (Father Name)
राम कृपाल गर्ग
माता (Mother Name)
सरोज गर्ग
दादाजी (Grandfather Name)
भगवान दास गर्ग
भाई-बहन(Siblings)
शालिग्राम गर्ग जी महाराज (छोटे भाई) एक बहन
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)
अविवाहित
प्रमुख मित्र(Friends)
• शेख मुबारक • राजाराम
शैक्षिक योग्यता(Educational Qualifications)
कला वर्ग में स्नातक (B.A)
बोलचाल की भाषा(Language Known)
• बुंदेली • संस्कृत • हिंदी • अंग्रेजी
व्यवसाय(Profession)
• सनातन धर्म प्रचारक • कथावाचक • दिव्य दरबार • प्रमुख बागेश्वर धाम • यूट्यूब चैनल
गुरु(Guru)
श्री दादा जी महाराज सन्यासी बाबा
बागेश्वर धाम(Bageshwar Dham)
गड़ा गंज, छतरपुर, मध्य प्रदेश
मंदिर(Devotee of)
श्री बालाजी हनुमान को समर्पित
इनकम (Income)
₹8000 + प्रतिदिन ₹3.5 लाख प्रतिमाह₹40 लाख प्रतिवर्ष
नेट-वर्थ(Net-Worth)
₹19.5 करोड़
बागेश्वर सरकार – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का प्रारंभिक जीवन:-
धीरेंद्र जी (Dhirendra Krishna Shastri) का जन्म 4 जुलाई 1996 को छतरपुर के पास स्थित, गड़ागंज ग्राम में हुआ था। इनका पूरा परिवार आज भी, उसी गड़ागंज में रहता है। जहां पर प्राचीन बागेश्वर धाम का मंदिर स्थित है। इनका पैतृक घर भी यहीं पर है। यही इनके दादा जी पंडित भगवान दास गर्ग (सेतु लाल) भी रहते थे।
इनके दादा जी ने चित्रकूट के निर्मोही अखाड़े से दीक्षा प्राप्त की थी। जिसके बाद वे गड़ा गांव पहुंचे। जहां उन्होंने बागेश्वर धाम मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया थ। यहीं पर धीरेंद्र कृष्ण के दादाजी भी दरबार लगाया करते थे। उन्होंने आश्रम सन्यास आश्रम ग्रहण कर लिया था |
धीरेंद्र महाराज के गड़ागंज वाले पैतृक घर में, माता-पिता व उनका एक छोटा भाई भी रहता है। इनके पिताजी का नाम रामकृपाल गर्ग था। जो नशे की आदी थे। जिस कारण वह ज्यादा कुछ करते नहीं थे। इनकी माता जी का नाम सरोज गर्ग है। धीरेंद्र के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग जी महाराज हैं।