Pallavi Kesharwani: बढ़ती उम्र नहीं रोक पाई एक मां का हौसला, पल्लवी इस तरह बनीं योग गुरु |

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Pallavi Kesharwani

Pallavi Kesharwani: आपने योग गुरु बनने का क्यों सोचा?

आज के भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ख्‍याल रखना सभी के लिए मुश्किल हो गया है | जिसके कारण लोगों में तरह-तरह की बीमारियां बढती जा रही है | ऐसे में योग “YOG” लोगों को स्‍वस्‍थ रहने में सहारा दे रहा है | भारत की संस्कृति योग से जुड़ी है, योग का प्रयोग प्राचीन काल से हो रहा है, अब इस क्षेत्र ने देश के साथ विदेश तक में अपनी पहचान बनाई है, जिसके कारण इस क्षेत्र में कई रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं | अब लोग योग के द्वारा अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते है, इसके लिए योग्य योगा अध्यापक की आवश्यकता होगी |

Pallavi Kesharwani योगा टीचर बनने के लिए कई यूनिवर्सिटी के द्वारा विभिन्‍न कोर्स का संचालन किया जाता है | इस कोर्स की मान्यता सम्बद्ध कॉलेजों को दी जाती है | छात्र ऐसे ही कॉलेज में प्रवेश लेकर ग्रेजुएशन, पीजी (PG) व बीपीएड (B.P.ED) कोर्स कर सकते है | ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए 50 फीसदी अंक के साथ 12वीं पास करना अनिवार्य है | वहीं बीपीएड में एडमिशन लेने के लिए ग्रेजुएशन की परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है | अगर शारीरिक शिक्षा विषय है तो बेहतर होगा |

योग का क्या महत्व है?

शरीर में चुस्ती फुर्ती आती है। योग करने से बीमारियां दूर होती है तथा शुगर व बीपी कंट्रोल भी होता है। गर्भावस्था में भी योग करना लाभदायक होता है। विद्यार्थियों के लिए भी योग का बहुत अधिक महत्व है। योग करने से मानसिक तनाव दूर होता है जिससे अध्ययन में सहायता मिलती है।शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में योग मदद करता है। शरीर और मन को शांत करने के लिए यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है। यह तनाव और चिंता का प्रबंधन करने में भी सहायता करता है और आपको आराम से रहने में मदद करता है। योग आसन शक्ति, शरीर में लचीलेपन लाता है और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए जाना जाता है।

आप खुद को कैसे डिफाइन करती हैं?:-

इसके जबाब में पल्लवी केशरवानी (Pallavi Kesharwani) कहती हैं,

आगे बढ़ो और अपना सबसे बेस्ट दो। चुनौतियों का अनुमान पहले से न लगाएं और सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान दें।

इसीलिए मैंने भी सोचा की अब मुझे भी कुछ करना है आगे बढ़ना है। पर क्या ? फिर मैना सोचा कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे मै अपने साथ -साथ अपने समाज और परिजनों का भी सहयोग कर सकू और फिर मै योग (YOGA) का कोर्स ज्वाइन कर ली | PG YOGA पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन योगा एक साल की अवधि का फुल टाइम कोर्स है |

ये कोर्स उन इच्छुक उम्मीदवारों के लिए डिजाइन किया गया है जो कि योगा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं या प्रोफेशनल तरीके से काम करना चाहते हैं। पीजी इन योगा कोर्स में छात्रों को योगा से संबंधित प्रैक्टिकल (PRACTICAL) व थ्योरेटिकल (THEORETICAL) नॉलेज दी जाती है। बता दें कि भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी योगा का स्कोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है |

अब तक हमारे द्वारा लगभग 500 से ज्यादा लोगो को योग का प्रशिक्षण दिया जा चूका है और यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही रही है |

आपकी सबसे बड़ी चुनौतियां क्या थीं?:-

Pallavi Kesharwani- मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती ये थी की मैं अपने इस busy life में अपने लिए भी कुछ समय निकलू। घर और बच्चो को संभालने के साथ – साथ अपने सपने भी पुरे करू। इसमें मेरे पति में भी मेरा साथ दिया। फिर मैं P G YOG कोर्स ज्वाइन कर ली ,जो की 1 साल का course है | ये course मैं पंडित शम्भूनाथ यूनिवर्सिटी (pandit shambhunath university )से कर रही। इस कोर्स में practical और theory दोनों ही होता है। योग तो सबको ही आता होगा but सही तरीके से करने में ही इसका लाभ मिलता है।

आपकी सबसे बढ़ी सीख क्या रही?:-

किसी भी काम को सफलतापूर्वक करने के लिए मेहनत, ईमानदारी, लगन और दृण निश्चय का होना बहुत जरूरी होता है। वक्त कितना भी बदल जाए लेकिन कुछ चीजें जो मनुष्य के जीवन को प्रभावित करती है वे कभी नही बदलेंगी जैसे, शास्त्रों में कही बाते आज भी मनुष्य के जीवन को वैसे ही प्रभावित करती है, जैसे सदियों पहले करती थी। हर मनुष्य अपने जीवन में ऊंचाईयों को पाना चाहता है। लेकिन कुछ काम ऐसे हैं, जो हमें कर ही लेना चाइये जिससे हमारे सपने पुरे हो जाए। इससे मुझे यही सीख मिलती है की अगर आप कोई भी काम का ठान ले तो कुछ भी कर सकते है।( Nothing Is Impossible ).आपको समय देना होगा खुद के लिए क्यूकी लाइफ उतनी ही है इसी समय हम जो कर पाय वो कर सकते है।

FAQ

Q.1 अंतराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है ? …

Ans- 5 june

Q.2 योग किसका मिलन है?

Ans- योग शारीरिक व्यायाम, शारीरिक मुद्रा (आसन), ध्यान, सांस लेने की तकनीकों और व्यायाम को जोड़ता है। इस शब्द का अर्थ ही ‘योग’ या भौतिक का स्वयं के भीतर आध्यात्मिक के साथ मिलन है। यह सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना के मिलन का भी प्रतीक है, जो मन और शरीर, मानव और प्रकृति के बीच एक पूर्ण सामंजस्य का संकेत देता है।

Q.3 क्या आप भी योग सीख सकते है ?

Ans- जी हाँ आप भी मेरे साथ ऑनलाइन क्लास ज्वाइन कर सकते है। जिस किसी को भी योग क्लास ज्वाइन करना है वो मुझे 7898970235 नंबर पे WhatsApp कर सकते है।

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