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RSK MP : कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये बच्चों के एडमिट कार्ड एवं अटेंडेंस शीट कैसे जनरेट करे?

जैसे कि आप सभी लोग जानते है किमें कक्षा 5 और 8 वीं की वार्षिक परीक्षा होने वाली हैं जिसके लिये सभी शाला प्रभारी को विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि समय अवधि में 5 और 8 वीं में पढ़ने वाले बच्चों का वेरिफिकेशन कराना सुनिश्चित कराना था | जिसके लिए कुछ आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए थे | वे दिशा निर्देश इस प्रकार थे |

कक्षा 5 एवं 8 का वार्षिक परीक्षा परिणाम कैसे चेक करें

RSK MP 2022: कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये बच्चों की डेली अटेंडेंस (उपस्थिति) वेरीफाई कैसे करें

कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा हेतु छात्रों के वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक निर्देश।- RSK MP 2022

  1. समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के पांचवी एवं आठवीं मैं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का वेरिफिकेशन किया जाना है।
  2. इसके लिए www.rskmp.in पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है।
  3. लॉगिन होने के उपरांत उक्त आईडी पर केवल संबंधित शाला के बच्चे वेरिफिकेशन हेतु दिखाई देंगे।
  4. लिस्ट में सभी बच्चों को एक-एक करके वेरीफाई करना होगा।
  5. इस वेरिफिकेशन के दौरान प्रत्येक बच्चे की जानकारी सही की जानी है।
  6. जिस बच्चे की जानकारी वेरीफाई हो जाएगी उसका कलर लिस्ट में हरा हो जाएगा।
  7. लिस्ट में दिख रहे जो बच्चे शाला में अध्ययनरत नहीं है उसे डिलीट किया जा सकेगा।
  8. जो बच्चे अन्य शालाओं में मैप है उन्हें अपनी इस शाला में ऐड किया जा सकेगा। लेकिन यहां ऐड होने से उसका शिक्षा पोर्टल में अपडेशन नहीं रहेगा यह डाटा केबल परीक्षा हेतु अलग से बन रहा है।
  9. वेरिफिकेशन केवल एक ही बार होगा अतः प्रत्येक बच्चे के वेरिफिकेशन के समय जानकारी सही-सही होनी चाहिए।
  10. उक्त कार्य प्रत्येक शाला को 20 मार्च तक पूर्ण करना है।
  11. जिन बच्चों की समग्र आईडी नहीं है उन पर शासन द्वारा 20 मार्च के बाद निर्णय लिया जावेगा।

उक्त आदेश का अनुशरण करते हुए दिए हुए समयावधि में सभी शाला प्रभारी प्राथिमकता से इस कार्य को पूरा कर लिया है |

कक्षा 5 एवं 8 का वार्षिक परीक्षा परिणाम कैसे चेक करें

कक्षा 5 एवं कक्षा 8 का वार्षिक परीक्षा परिणाम देखने के लिए यहाँ क्लिक करे

यह भी पढ़े :

कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा हेतु छात्रों के वेरिफिकेशन का कार्य पूरा हो जाने के बाद अब rskmp.in पोर्टल पर बच्चों के एडमिट कार्ड एवं अटेंडेंस शीट अपलोड कर दी गयी है

तो आइये जानते है कि कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये बच्चों के एडमिट कार्ड एवं अटेंडेंस शीट कैसे जनरेट करे

कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये बच्चों के एडमिट कार्ड एवं अटेंडेंस शीट जनरेट करने के लिए निम्न प्रोसेस को फॉलो करना पड़ेगा |

STEP 1: सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है। अतः सभी शाला प्रभारी अपनी यूनिक आईडी एवं पासवर्ड में अपनी जन्मतिथि दर्ज कर पोर्टल पर लॉगिन करें ध्यान रखें जन्मतिथि वही दर्ज करना है जो आपके सर्विस बुक में दर्ज है अन्यथा आपको पोर्टल में लॉगिन करने में परेशानी होगी।

RSK MP 2022

STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर तीन मेनू प्रदर्शित होने ITEM BANK ,5 8 ANNUAL EXAM और LOGOUT|

RSK MP 2022

STEP 3: उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको 5 8 ANNUAL EXAM में क्लिक करना हैं जिसके अंतर्गत सबमेनू में आप को Generate Admit Card वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है |

STEP 4: Generate Admit Card वाले ऑप्शन पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा | जिमसे आप को विकास खंड , संकुल केंद्र , एग्जाम सेंटर और जिस भी Class का आप को एडमिट कार्ड जनरेट करना है , इन सभी को सेलेक्ट करना है | और Show बटन पर क्लिक करना है |

STEP 5: Show बटन पर क्लिक करते ही आप देखेगे कि आप के उस एग्जाम सेंटर के अंतर्गत सभी बच्चो के एडमिट कार्ड जेनेरेट हो जायेगे | अब हम जेनेरेट हुए एडमिट कार्ड को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट)

STEP 6: अब हम जेनेरेट हुए एडमिट कार्ड को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट) सेव करेंगे और उसका प्रिंट निकल लेंगे | यदि हम एडमिट कार्ड्स को पीडीऍफ़ फॉर्मेट में सेव करते हैं तो एक पेज में तीन एडमिट कार्ड प्रिंट होंगे |

अब इसी तरह से हम अटेंडेंस शीट को जेनेरेट करनाचाहते हैं तो निम्न प्रोसेस को फॉलो करना पड़ेगा |

STEP 1: सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है। अतः सभी शाला प्रभारी अपनी यूनिक आईडी एवं पासवर्ड में अपनी जन्मतिथि दर्ज कर पोर्टल पर लॉगिन करें ध्यान रखें जन्मतिथि वही दर्ज करना है जो आपके सर्विस बुक में दर्ज है अन्यथा आपको पोर्टल में लॉगिन करने में परेशानी होगी।

RSK MP 2022

STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर तीन मेनू प्रदर्शित होने ITEM BANK ,5 8 ANNUAL EXAM और LOGOUT|

STEP 3: उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको 5 8 ANNUAL EXAM में क्लिक करना हैं जिसके अंतर्गत सबमेनू में आप को Generate Attendance Sheet वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है |

STEP 4: Generate Attendance Sheet वाले ऑप्शन पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा | जिमसे आप को विकास खंड , संकुल केंद्र , एग्जाम सेंटर और जिस भी Class का आप को Attendance Sheet जनरेट करना है , इन सभी को सेलेक्ट करना है | और Show बटन पर क्लिक करना है |

STEP 5: Show बटन पर क्लिक करते ही आप देखेगे कि आप के उस एग्जाम सेंटर के अंतर्गत सभी बच्चो के Attendance Sheet जेनेरेट हो जायेगे | अब हम जेनेरेट हुए Attendance Sheet को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट)

STEP 6: अब हम जेनेरेट हुए Attendance Sheet को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट) सेव करेंगे और उसका प्रिंट निकल लेंगे |

यह भी पढ़े :

RSK MP 2022: 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा Project Work & Co-Curricular Activities मार्क्स कैसे फीड करें

JEEVAN PRAMAAN: जीवन प्रमाण पत्र कैसे बनाये?

जीवन प्रमाण : पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (JEEVAN PRAMAAN):

वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह जीवन के इस पड़ाव में उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उनकी ज़रूरतें पूरी करने में और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता करती है। पेंशनभोगियों को सेवानिवृत्ति के बाद बैंक जैसे अधिकृत पेंशन संवितरण एजेंसी में अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराना पड़ता है, जिसके बाद ही उन्हें पेंशन दी जाती है।

जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए पेंशनभोगी को अधिकृत पेंशन संवितरण एजेंसी में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना पड़ता है या फिर जिस कार्यालय में वह काम करते थे वहाँ के प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया जीवन प्रमाण-पत्र संवितरण एजेंसी को उपलब्ध कराना पड़ता है। पेंशन प्राप्त करने के लिए संवितरण एजेंसी में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना और जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना ही पेंशनभोगियों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। यह भी देखा गया है कि इसके कारण ऐसे पेंशनभोगियों को समस्या होती है जो वृद्ध और शारीरिक रूप से कमज़ोर हैं और जो जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए हर समय प्रमाणन प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं रह सकते। इसके साथ ही बहुत से सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने परिवार के साथ रहने के लिए एवं कई अन्य कारणों से कहीं और रहने लगते हैं जिसके कारण पेंशन प्राप्त करने में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

जीवन प्रमाण के रूप जानी जाने वाली भारत सरकार की पेंशनभोगी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र योजना का उद्देश्य जीवन प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर इसे आसान बनाना है। इसका लक्ष्य जीवन प्रमाण-पत्र की पूरी प्रक्रिया को पेंशनभोगियों के लिए सुविधाजनक और आसान बनाना है। इस पहल के द्वारा अब पेंशनभोगियों को संवितरण एजेंसी और प्रमाणन प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं रहना होगा जो उनके लिए लाभदायक है एवं इस तरह उन्हें अनावश्यक बाधाओं का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

कहां बनेंगे जीवन प्रमाण पत्र :DLC (Digital Life Certificate):

जीवन प्रमाण पत्र देश के हेड पोस्ट ऑफिस स्थित जीवन प्रमाण सेंटर (JPC) में बनेंगे। सभी डाकघर को जेपीसी बनाने के निर्देश दिये गये हैं। वहीं अगर आप चाहते हैं, तो घर बैठे ऑनलाइन मोड से भी DLC (Digital Life Certificate) बनावा सकते हैं।

जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किन दस्तावेज की जरुरत होगी :

  1. यूजर को आधार नंबर, बैंक से लिंक मोबाइल नंबर और बैंक या पोस्ट ऑफिस जैसी किसी पेंशन डिस्बर्सिंग एजेंसी से आधार के रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी।
  2. किसी बॉयोमेट्रिक डिवाइस, स्मार्टफोन, टैबलेट क मददद से खुद भी DLC आईडी जेनरेट की जा सकती है।

क्यों जरुरी होता है जीवन प्रमाण पत्र :

  • ये प्रमाण पत्र सभी रिटार्यड हो चुके कर्मचारियों के जीवित होने का प्रमाण होता है |
  • जिससे की उन्हें आसानी से पेंशन प्राप्त हो सके |
  • इसकी मदद से व्यक्ति अन्य बहुत सारे सरकारी योजनाओ का लाभ प्राप्त कर सकता है |
  • इस प्रमाण पत्र की मदद से सभी आवेदकों का सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा |
  • जीवन प्रमाण पत्र बनाने के लिए अब ऑनलाइन के माध्यम से भी आवेदन कर सकते है |
  • जिससे आपके समय की बचत हो जाती है |

जीवन प्रमाण पत्र कैसे बनाये?

STEP1: आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले जीवन प्रमाण की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा |

STEP2: ऑफिसियल वेबसाइट पर क्लिक करते ही होम पेज ओपन होगा, जिस पर Get a certificate का विकल्प आएगा|

STEP3: अब आप को Get a certificate के विकल्प पर क्लिक करना होगा |

STEP4: Get a certificate क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज open होगा |

STEP5:जिसमे आपको तीन विकल्प मिलेगा |

STEP6: अगर आप आप कंप्यूटर/लैपटॉप से आवेदन कर रहे है | तो आपको window के विकल्प पर क्लिक करना होगा |

STEP7: लेकिन अगर आप फ़ोन से इसके लिए आवेदन कर रहे है तो आपको Mobile के विकल्प पर क्लिक करना होगा |

STEP8: उसके बाद आपके सामने एक नया पेज ओपन होगा |

STEP9: जिसमे आपको अपना फ़ोन नंबर और ईमेल आईडी  डालकर I Agree to Download पर क्लिक करना होगा | जिसके बाद एक एप्लीकेशन डाउनलोड हो जाएगी|

STEP10: एप्लीकेशन को इनस्टॉल करके इसमें अपनी सारी जानकारी को भरना होगा|

STEP11:समस्त जानकारी भरने के बाद बायो मेट्रिक देना होगा | बायो मेट्रिक वेरीफाई होने के बाद आप जीवन प्रमाण ID इशू हो जाएगी|

STEP11:जीवन प्रमाण ID प्राप्त होने के बाद आप अपना जीवन प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते है|

1 अक्टूबर 2022 से घर बैठे बनेगा लाइफ सर्टिफिकेट(DLC), जानिए इसका पूरा प्रोसेस

Digital Life Certificate (DLC) पीएम मोदी सरकार की तरफ से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है जो आगामी 1 अक्टूबर 2021 से लागू हो रही है। जिसकी मदद से लोग घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनवा पाएंगे। 

Digital Life Certificate (DLC): जीवन प्रमाण पत्र :

पहले Digital Life Certificate (DLC) बनवाने के लिए सीनियर सिटीजन को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था जिसकी वजह से यह डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सम्बंधित बैंक ब्रांच या पोस्ट ऑफिस में समय पर नहीं जमा हो पता था जिसकी वजह से उनकी पेंशन रुक जाती थी | जिसको वजह से उनको और भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था |

कुछ समय पहले पंकज त्रिपाठी की फिल्म कागज रिलीज हुयी थी, जिसमें पंकज त्रिपाठी को अपना लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। पंकज त्रिपाठी की तरह ही देश के ना जाने कितने लोग रोजाना अपने जिंदा होने का सबूत देने के लिए पोस्ट ऑफिस और अन्य सरकारी दफ्तर के चक्कर काटते हैं। इस जद्दोजहद को कम करने इरादे से पीएम मोदी सरकार की तरफ से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो आगामी 1 अक्टूबर 2021 से लागू हो रही है। जिसकी मदद से लोग घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनवा पाएंगे।  इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप को घर बैठे लाइफ सर्टिफिकेट कैसे बनेगा इसकी जानकारी साझा कर रहे हैं तो आइए जानते हैं इसका पूरा प्रोसेस.

कहां बनेंगे जीवन प्रमाण पत्र :DLC (Digital Life Certificate):

जीवन प्रमाण पत्र देश के हेड पोस्ट ऑफिस स्थित जीवन प्रमाण सेंटर (JPC) में बनेंगे। सभी डाकघर को जेपीसी बनाने के निर्देश दिये गये हैं। वहीं अगर आप चाहते हैं, तो घर बैठे ऑनलाइन मोड से भी DLC (Digital Life Certificate) बनावा सकते हैं।

कैसे ऑनलाइन बनवाएं जीवन प्रमाण पत्र : DLC (Digital Life Certificate):

STEP 1: सबसे पहले Jeevanpramaan.gov.in/app पर विजिट करना होगा।

STEP 2: इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करना होगा।

STEP 3: इसके बाद पेंशनर को प्रमाण आईडी फोन पर SMS के जरिए मिलेगी।

STEP 4:इसकी मदद से पेंशनर्स DLC (Digital Life Certificate) डाउनलोड और प्रिंट कर सकेंगे।

जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किन दस्तावेज की जरुरत होगी :

  1. यूजर को आधार नंबर, बैंक से लिंक मोबाइल नंबर और बैंक या पोस्ट ऑफिस जैसी किसी पेंशन डिस्बर्सिंग एजेंसी से आधार के रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी।
  2. किसी बॉयोमेट्रिक डिवाइस, स्मार्टफोन, टैबलेट क मददद से खुद भी DLC आईडी जेनरेट की जा सकती है।

जीवन प्रमाण पत्र (DLC ) बनने के बाद क्या करें :-

DLC (Digital Life Certificate) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जीवन प्रमाण पत्र यूनीक आईडी में बदल जाएगा। इसके बाद अगर पेंशनर्स जीवित हैं, तो उसका प्रमाण पत्र बैंक ब्रांच या पोस्ट ऑफिस में अपने आप पहुंच जाएगा। 

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Dev Uthani Ekadashi 2022: क्यों मनाया जाता है देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह का त्यौहार ?

Dev Uthani Ekadashi 2022:- देवउठनी एकादशी क्यों मनाई जाती है?

Ekadashi 2021- हिंदू धर्म में सबसे शुभ और पुण्यदायी मानी जाने वाली एकादशी, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है | पौराणिक मान्यता के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी के बीच श्रीविष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और फिर भादों शुक्ल एकादशी को करवट बदलते हैं |  पुण्य की वृद्धि और धर्म-कर्म में प्रवृति कराने वाले श्रीविष्णु कार्तिक शुक्ल एकादशी को निद्रा से जागते हैं |

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रीहरि विष्णु इसी दिन राजा बलि के राज्य से चातुर्मास का विश्राम पूरा करके बैकुंठ लौटे थे, इस एकादशी को कई नामों से जाना जाता है जिनमें देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी प्रमुख हैं | इ इस एकादशी तिथि को तुलसी विवाह किया जाता है |

इसलिए कहा जाता है देवउठनी:- Ekadashi 2022

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है | शास्त्रों में लिखा है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने (जिनको चातुर्मास कहा जाता है) की योगनिद्रा के बाद शयन से जागृत होते हैं | इसलिए इस एकादशी को देवउठनी या देवोत्थान एकादशी के नाम से जाना जाता है और श्रीहरी की इस दिन विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है |

देवशयनी एकादशी को सभी शुभ कार्य बंद हो जाते हैं और देवउठनी एकादशी के साथ फिर से सभी शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं | इसलिए कार्तिक अमावस्या पर दीपावली के अवसर पर देवी लक्ष्मी की आराधना बगैर श्रीहरी के की जाती है, क्योंकि श्रीहरी उस वक्त योगनिद्रा में रहते हैं | देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने पर देवी-देवता श्रीहरी और देवी लक्ष्मी की एक साथ पूजा कर देव दीपावली मनाते हैं | इसके साथ ही इस दिन से परिणय संस्कार यानी मांगलिक प्रसंगों का प्रारंभ भी हो जाता है |

अगले दिन शालिग्राम-तुलसी विवाह:-

स्कंदपुराण के कार्तिक माहात्मय में भगवान शालिग्राम की स्तुति की गई है और कहा गया है कि इसके दर्शन से समस्त तीर्थों का फल प्राप्त होता है | प्रति वर्ष कार्तिक मास की द्वादशी को महिलाएं प्रतीक स्वरूप तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह करवाती हैं | इस वर्ष गुरुवार, 26 नवंबर को शालिग्राम और तुलसी का विवाह होगा. उसके बाद ही हिंदू धर्म के अनुयायी विवाह आदि शुभ कार्य प्रारंभ करते हैं |

तुलसी से क्यों किया था भगवान विष्णु ने विवाह:- देवउठनी एकादशी क्यों मनाई जाती है?

शंखचूड़ नामक दैत्य की पत्नी वृंदा अत्यंत सती थी. बिना उसके सतीत्व को भंग किए शंखचूड़ को परास्त कर पाना असंभव था | श्री हरि ने छल से रूप बदलकर वृंदा का सतीत्व भंग कर दिया और तब जाकर शिव ने शंखचूड़ का वध किया | वृंदा ने इस छल के लिए श्री हरि को शिला रूप में परिवर्तित हो जाने का शाप दिया | श्री हरि तबसे शिला रूप में भी रहते हैं और उन्हें शालिग्राम कहा जाता है |

इन्ही वृंदा ने अगले जन्म में तुलसी के रूप में पुनः जन्म लिया था | श्री हरि ने वृंदा को आशीर्वाद दिया था कि बिना तुलसी दल के कभी उनकी पूजा सम्पूर्ण ही नहीं होगी | जिस प्रकार भगवान शिव के विग्रह के रूप में शिवलिंग की पूजा की जाती है | उसी प्रकार भगवान विष्णु के विग्रह के रूप में शालिग्राम की पूजा की जाती है | शालिग्राम एक गोल काले रंग का पत्थर है जो नेपाल के गण्डकी नदी के तल में पाया जाता है, इसमें एक छिद्र होता है और पत्थर के अंदर शंख, चक्र, गदा या पद्म खुदे होते हैं |

Happy Dev Uthani Ekadashi 2022: Best Wishes, Facebook Messages, WhatsApp Status, Greetings

Happy Dev Uthani Ekadashi 2022:-

Happy Dev Uthani- हिंदू धर्म में सबसे शुभ और पुण्यदायी मानी जाने वाली एकादशी, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है | पौराणिक मान्यता के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी के बीच श्रीविष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और फिर भादों शुक्ल एकादशी को करवट बदलते हैं |  पुण्य की वृद्धि और धर्म-कर्म में प्रवृति कराने वाले श्रीविष्णु कार्तिक शुक्ल एकादशी को निद्रा से जागते हैं |

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रीहरि विष्णु इसी दिन राजा बलि के राज्य से चातुर्मास का विश्राम पूरा करके बैकुंठ लौटे थे, इस एकादशी को कई नामों से जाना जाता है जिनमें देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी प्रमुख हैं |

Happy Dev Uthani 2022 wishes and Facebook Messages, WhatsApp Status:-

We pray that Lord Vishnu removes all obstacles from your spiritual and earthly life.
Happy Devutthana Ekadashi!

May Lord Vishnu bless you and your family.
Happy Dev Uthani Ekadashi!

One who fasts on Ekadashi
And worships Lord Vishnu with utmost devotion
Attains much more benefits
Than those who study all spiritual literature.
Happy Dev Uthani Ekadashi!

Har ghar key aangan mein tulsi,
Tulsi badi mahaan hai.
Jis ghar mein ye tulsi rehti,
Vo ghar swarg samaan hai.
Happy Devutthana Ekadashi!!

Dev uthani ekadashi ke shubh avsar par
Bhagwan Vishnu aapki sabhi manokamanaayen poori karen!
Happy Dev Uthani Ekadashi!!

Wishing you happiness and success with the blessings of Lord Vishnu. Wishing you a warm and blessed Devutthana Ekadashi.

Happy Dev Uthani Ekadashi

Happy Ekadashi to you and your family! May Lord Vishu and Goddess Lakshmi give you all happiness, wealth and prosperity.

On the occasion of Dev Uthani Ekadashi, I pray that the blessings of Lord Vishnu are always there to show you the right path to walk on..

Let us celebrate Dev Uthani Ekadashi with our loved ones to thank Lord Vishnu for all his blessings and love, for all his support and guidance.

Dev uthani ekadashi ke shubh avsar par
Bhagwan Vishnu aapki sabhi manokamanaayen poori karen!
Happy Dev Uthani Ekadashi!!

Tulsi sang shaaligraam byaahe,
Saz gai unki Jodi,
Tulsi vivaah ke lagan shuru hue,
Jaldi le ke aao piya doli.
Shubh Tulsi Vivah!!

Let’s worship the sacred plant of Tulsi on Tulsi vivah day & always be happy.
Dev Uthani Ekadashi Wishes to all!

Tulsi Vivah marks the end of the monsoon
And the beginning of the Hindu wedding season.
Happy Dev Uthani Ekadashi Wishes to all!

O, Lord Vishnu!
We pray to you to remove all the obstacles
That stand in our spiritual & earthly life
Happy Dev Uthani Ekadashi!

Happy Dev Uthani Ekadashi 2022: Best Wishes, Facebook Messages, WhatsApp Status, Greetings

Dev Uthani Ekadashi 2022:-

Happy Dev Uthani Ekadashi 2021- हिंदू धर्म में सबसे शुभ और पुण्यदायी मानी जाने वाली एकादशी, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है | पौराणिक मान्यता के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी के बीच श्रीविष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और फिर भादों शुक्ल एकादशी को करवट बदलते हैं |  पुण्य की वृद्धि और धर्म-कर्म में प्रवृति कराने वाले श्रीविष्णु कार्तिक शुक्ल एकादशी को निद्रा से जागते हैं |

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रीहरि विष्णु इसी दिन राजा बलि के राज्य से चातुर्मास का विश्राम पूरा करके बैकुंठ लौटे थे, इस एकादशी को कई नामों से जाना जाता है जिनमें देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी प्रमुख हैं | इस एकादशी तिथि को तुलसी विवाह किया जाता है |

Happy Dev Uthani 2022 wishes and Messages, WhatsApp Status in Hindi:-

देवउठनी एकादशी के शुभ अवसर पर
भगवान विष्णु आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करें।।
देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं

उठो देव हमारे, उठो इष्ट हमारे

खुशियों से आंगन भर दो,

जितने मित्र-गण रहे सुख-दुख के सहारे,

उन्हें खुशियों से नवाज़ें।।

देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं

तुलसी संग शालिग्राम ब्याहेसज गई उनकी जोड़ीतुलसी विवाह संग लगन शुरू हुएजल्दी ले के आओ पिया डोलीदेवउठनी एकादशी की शुभकामनाएं।।

देवउठनी एकादशी के शुभ अवसर परभगवान विष्णु आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करें।।देवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं

गन्ने के मंडप सजाएंगे हम,विष्णु- तुलसी का विवाह रचाएंगे हम,आप भी होना खुशियों में शामिल,तुलसी का विवाह मिलकर कराएंगे हम,तुलसी विवाह की शुभकामनाएं

भगवान विष्णु के आशीर्वाद से कीजिए शुभ कार्य का आरंभदेवउठनी एकादशी की हार्दिक बधाई!

हर घर के आंगन में तुलसीतुलसी बड़ी महान हैजिस घर में ये तुलसी रहतीवो घर स्वर्ग सामान हैदेवउठनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं

सबसे सुंदर वो नजारा होगा,दिवार पे दीयों का माला होगा,हर आंगन में तुलसी मां विराजेंगी और आपके लिए पहला विश हमारा होगा।।देवउठनी एकादशी की शुभकामनाएं।।

Happy Dev Uthani 2022 wishes and Messages, WhatsApp Status in English:-

We pray that Lord Vishnu removes all obstacles from your spiritual and earthly life.
Happy Devutthana Ekadashi!

May Lord Vishnu bless you and your family.
Happy Dev Uthani Ekadashi!

One who fasts on Ekadashi
And worships Lord Vishnu with utmost devotion
Attains much more benefits
Than those who study all spiritual literature.
Happy Dev Uthani Ekadashi!

Har ghar key aangan mein tulsi,
Tulsi badi mahaan hai.
Jis ghar mein ye tulsi rehti,
Vo ghar swarg samaan hai.
Happy Devutthana Ekadashi!!

Dev uthani ekadashi ke shubh avsar par
Bhagwan Vishnu aapki sabhi manokamanaayen poori karen!
Happy Dev Uthani Ekadashi!!

Wishing you happiness and success with the blessings of Lord Vishnu. Wishing you a warm and blessed Devutthana Ekadashi.

Happy Dev Uthani Ekadashi

Happy Ekadashi to you and your family! May Lord Vishu and Goddess Lakshmi give you all happiness, wealth and prosperity.

On the occasion of Dev Uthani Ekadashi, I pray that the blessings of Lord Vishnu are always there to show you the right path to walk on..

Let us celebrate Dev Uthani Ekadashi with our loved ones to thank Lord Vishnu for all his blessings and love, for all his support and guidance.

Dev uthani ekadashi ke shubh avsar par
Bhagwan Vishnu aapki sabhi manokamanaayen poori karen!
Happy Dev Uthani Ekadashi!!

Tulsi sang shaaligraam byaahe,
Saz gai unki Jodi,
Tulsi vivaah ke lagan shuru hue,
Jaldi le ke aao piya doli.
Shubh Tulsi Vivah!!

Let’s worship the sacred plant of Tulsi on Tulsi vivah day & always be happy.
Dev Uthani Ekadashi Wishes to all!

Tulsi Vivah marks the end of the monsoon
And the beginning of the Hindu wedding season.
Happy Dev Uthani Ekadashi Wishes to all!

O, Lord Vishnu!
We pray to you to remove all the obstacles
That stand in our spiritual & earthly life
Happy Dev Uthani Ekadashi!

RBI Digital Currency क्या है? और e-rupee ट्रांजैक्शन UPI से कैसे अलग होगा? जाने यहाँ पर …

RBI Digital Currency: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि e-rupee की शुरुआत देश में करेंसी के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। यह बिजनेस करने के तरीके और ट्रांजैक्शन के तरीके को बदल देगा। FICCI के बैंकिंग सम्मेलन – FIBAC 2022 में शक्तिकांत दास ने ये बयान दिया। दास ने कहा कि RBI सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के सभी पहलुओं का पता लगाना चाहता है।

RBI गवर्नर ने कहा, ‘कल, हमने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) प्रोजेक्ट का ट्रायल शुरू किया… जहां तक ​​पूरी इकोनॉमी की फंक्शनिंग का संबंध है, यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। रिजर्व बैंक दुनिया के उन कुछ केंद्रीय बैंकों में से एक है, जिसने यह पहल की है।’ उन्होंने कहा, ‘हम निकट भविष्य में CBDC को पूर्ण रूप से लॉन्च करने का प्रयास करेंगे।

RBI की डिजिटल करेंसी क्या है? (RBI Digital Currency)

RBI को अभी इकोनॉमी में मनी फ्लो के लिए नोटों की प्रिंटिंग करनी पड़ती है। इसे छपाने में काफी खर्च आता है और कुछ सालों में ये खराब हो जाती है। इस कारण नई करेंसी फिर से छापना पड़ती है। e-rupee में करेंसी की प्रिटिंग और खराब होने का झंझट नहीं रहेगा। इसे मोबाइल वॉलेट में आसानी से स्टोर किया जा सकेगा। इसे फिजिकल करेंसी की तरह ही एक्सेप्ट किया जाएगा।

e-rupee ट्रांजैक्शन UPI से कैसे अलग होगा?

UPI से ट्रांजैक्शन करने के लिए बैंक अकाउंट में पैसा जमा होना चाहिए। इसके लिए या तो हमें खुद फिजिकल करेंसी को अकाउंट में डिपॉजिट करना होगा या फिर कही से अपने बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाना होगा। इसका मतलब यह है कि किसी न किसी को एक बार तो फिजकल करेंसी अकाउंट में डिपॉजिट करना ही होगी तभी ये ट्रांसफर पॉसिबल हो पाएगा।

e-rupee ट्रांजैक्शन में बैंक अकाउंट की जरूरत ही नहीं होगी। RBI फिजिकल करेंसी की जगह सीधे वॉलेट में पैसा ट्रांसफर करेगा। इसका मतलब है कि आप अभी जिस तरह से अपने पॉकेट में नोट रखते है उसकी जगह वॉलेट में e-rupee रखेंगे और एक दूसरे को पेमेंट कर सकेंगे। इसकी पूरी प्रोसेस क्या होगी आने वाले दिनों में जब ये पूरी तरह से लॉन्च होगा तो ज्यादा साफ हो जाएगी।

होलसेल और रिटेल के लिए अलग-अलग करेंसी:

RBI की डिजिटल करेंसी दो तरह की हैं- CBDC होलसेल और CBDC रिटेल। होलसेल का इस्तेमाल बैंक जैसे बड़े वित्तीय संस्थान, बड़ी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां और दूसरे बड़े सौदे करने वाले संस्थान करेंगे। रिटेल करेंसी का इस्तेमाल लोग रोजमर्रा के लेनदेन के लिए हो सकेगा। बैंक बैलेंस चेक करने की तरह ही वॉलेट में e-rupee चेक करना होगा। e-rupee ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है।

RBI Digital Currency के फीचर्स:

पायलट प्रोजेक्ट अनुभवों के आधार पर इसे बाद में पूरी तरह से लॉन्च किया जाएगा। इसके फीचर्स की बात करें तो e-rupee में इंटरबैंक सेटलमेंट की जरूरत नहीं। ये ज्यादा रियल टाइम और ट्राजैक्शन की लागत भी काफी कम। यह मीडिएटर के बिना समय पर पेमेंट सुनिश्चित करेगा। e-rupee फेक करेंसी की समस्या से निजात दिलाने में मदद करेगा। कागज के नोट छापने का खर्च बचेगा और करेंसी खराब भी नहीं होगी।

होलसेल लॉन्च, रिटेल महीने के आखिर तक:

अभी RBI ने पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में CBDC होलसेल को लॉन्च किया है। इसके लिए SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक और HSBC को चुना गया है। दूसरे चरण में इस महीने के आखिर तक रिटेल करेंसी को लॉन्च किया किया जाएगा। यह पहले चुनिंदा स्थानों में शुरू होगी। इसमें सभी आयु वर्ग के लोगों को शामिल किया जाएगा।

100 का नोट छापने में 15-17 रुपए का खर्च:

RBI के अनुसार, भारत में 100 रुपए के नोट को प्रिंट करने में 15-17 रुपए का खर्च आता है। एक करेंसी नोट अधिकतम चार साल तक चलता है। केंद्रीय बैंक को नए नोट छापने होते हैं जिनकी कीमत हजारों करोड़ रुपए होती है। वित्त वर्ष 2021-22 में RBI ने 4.19 लाख अतिरिक्त नोट छापे थे, जिनकी कीमत हजारों करोड़ रुपए थी। डिजिटल करेंसी की लागत लगभग शून्य है।

ये है भारतीय मूल के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की सूची 2022

हाल ही में ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया है। सुनक दो महीने में ब्रिटेन के तीसरे प्रधान मंत्री बने हैं, जिन्हें बढ़ते आर्थिक संकट और एक युद्धरत राजनीतिक दल से निपटने का काम सौंपा गया था।

चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए भारतीय मूल के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की सूची लेकर आए हैं। छात्रों के यह पता होना जरूरी है कि भारतीय मूल के लोग किस देश में किस पद पर नियुक्त होकर दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

बता दें कि जब भी कोई भारतीय मूल दुनिया के किसी भी देश में किसी भी पद पर नियुक्त होते हैं भारत में उस दिन को बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। जैसे की हाल ही में दीवाली के शुभ अवसर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में ऋषि सुनक को नियुक्त किया गया तो भारत ने उनकी जीत का जश्न मनाया गया।

भारतीय मूल के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्ष (List of Heads of State & Government of Indian Origin):-

हाल ही में ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया है | सुनक दो महीने में ब्रिटेन के तीसरे प्रधान मंत्री बने हैं, जिन्हें बढ़ते आर्थिक संकट और एक युद्धरत राजनीतिक दल से निपटने का काम सौंपा गया था | चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए भारतीय मूल के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की सूची लेकर आए हैं|

छात्रों के यह पता होना जरूरी है कि भारतीय मूल के लोग किस देश में किस पद पर नियुक्त होकर दुनिया में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। बता दें कि जब भी कोई भारतीय मूल दुनिया के किसी भी देश में किसी भी पद पर नियुक्त होते हैं भारत में उस दिन को बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है | जैसे की हाल ही में दीवाली के शुभ अवसर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में ऋषि सुनक को नियुक्त किया गया तो भारत ने उनकी जीत का जश्न मनाया गया |

पूर्ण या आंशिक भारतीय मूल के संप्रभु देशों के दो दर्जन से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की एक लंबी सूची है | अमेरिका, कनाडा और अन्य जैसे बड़े देशों में कई भारतीय हैं, जो सरकार में शीर्ष नेतृत्व के पदों पर पहुँच गए हैं, वे अब प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिसमें कमला देवी हैरिस संयुक्त राज्य अमेरिका की वर्तमान उपाध्यक्ष या आयरलैंड के पूर्व प्रथम भारतीय मूल के प्रधान मंत्री लियो वराडकर शामिल हैं |

विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के बाहर 3 करोड़ से अधिक NRI और OCI रहते हैं, जिनमें से लगभग 200+ भारतीय मूल के लोग पहले से ही 15 देशों में अपनी सबसे महत्वपूर्ण क्षमता में सेवा कर रहे हैं |

भारतीय मूल के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की सूची:-

नाम (जन्म-मृत्यु)देशकार्यालयपदकार्यकालजन्मस्थल
सीवूसागुर रामगुलाम (1900-1985)मॉरीशसमॉरीशस के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख14 साल, 110 दिनबेले रिव, ब्रिटिश मॉरीशस
अल्फ्रेडो नोब्रे दा कोस्टा (1923-1996)पुर्तगालपुर्तगाल के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख86 दिनलिस्बन, पुर्तगाल
महाथिर मोहम्मद (जन्म 1925)मलेशियामलेशिया के प्रधानमंत्रीसरकार का प्रमुख24 साल, 38 दिनअलोर सेटर, ब्रिटिश मलाया
देवन नायर (1923-2005)सिंगापुरसिंगापुर के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान3 साल, 155 दिनमेलाका, जलडमरूमध्य बस्तियाँ
फ्रेड रामदत मिसिएर (1926-2004)सूरीनामसूरीनाम के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान5 साल, 351 दिनपारामारिबो, सूरीनाम
अनिरुद्ध जगन्नाथ (1930–2021)मॉरीशसमॉरीशस के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख18 साल, 225 दिनला कैवर्न, ब्रिटिश मॉरीशस
एरोल अलीबक्स (जन्म 1948)सूरीनामसूरीनाम के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख316 दिनपारामारिबो, सूरीनाम
प्रेताप राधाकिशुन (1934-2001)सूरीनामसूरीनाम के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख264 दिनपारामारिबो, सूरीनाम
नूर हसनाली (1918-2006)त्रिनिदाद और टोबैगोत्रिनिदाद और टोबैगो के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान9 साल, 362 दिनसैन फर्नांडो, ब्रिटिश त्रिनिदाद और टोबैगो
रामसेवक शंकर (जन्म 1937)सूरीनामसूरीनाम के राष्ट्रपतिराज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख2 साल, 333 दिननीउव एम्स्टर्डम, सूरीनाम
वीरसामी रिंगाडू (1920-2000)मॉरीशसमॉरीशस के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान110 दिनपोर्ट लुइस, ब्रिटिश मॉरीशस
कसम उतीम (जन्म 1941)मॉरीशसमॉरीशस के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान9 साल, 230 दिनपोर्ट लुइस, ब्रिटिश मॉरीशस
छेदी जगन (1918-1997)गुयानागुयाना के राष्ट्रपतिराज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख4 साल, 148 दिनAnkerville, पोर्ट मौरेंट, ब्रिटिश गयाना
बासदेव पांडे (जन्म 1933)त्रिनिदाद और टोबैगोत्रिनिदाद और टोबैगो के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख6 साल, 45 दिनसेंट जूलियन विलेज, प्रिंसेस टाउन, ब्रिटिश त्रिनिदाद और टोबैगो
नवीन रामगुलाम (जन्म 1947)मॉरीशसमॉरीशस के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख14 साल, 59 दिनपोर्ट लुइस, ब्रिटिश मॉरीशस
महेंद्र चौधरी (जन्म 1942)फ़िजीफिजिक के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख1 साल, 8 दिनबीए, ब्रिटिश फिजिक
भरत जगदेव (जन्म 1964)गुयानागुयाना के राष्ट्रपतिराज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख12 साल, 114 दिनयूनिटी विलेज, ब्रिटिश गयाना
एस. आर. नाथन (1924–2016)सिंगापुरसिंगापुर के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान11 साल, 364 दिनसिंगापुर, जलडमरूमध्य बस्तियाँ
कमला प्रसाद-बिसेसर (जन्म 1952)त्रिनिदाद और टोबैगोत्रिनिदाद और टोबैगो के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख5 साल, 108 दिनसिपरिया, ब्रिटिश त्रिनिदाद और टोबैगो
डोनाल्ड रामोटार (जन्म 1950)गुयानागुयाना के राष्ट्रपतिराज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख3 साल, 164 दिनकैरिया कैरिया, ब्रिटिश गयाना
कैलाश पुरयाग (जन्म 1947)मॉरीशसमॉरीशस के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान2 साल, 312 दिनकैंप फौक्वेरो, ब्रिटिश मॉरीशस
अमीना गुरीब-फाकिम (जन्म 1959)मॉरीशसमॉरीशस के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान2 साल, 291 दिनसूरीनाम, ब्रिटिश मॉरीशस
एंटोनियो कोस्टा (जन्म 1961)पुर्तगालपुर्तगाल के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख6 साल, 332 दिनलिस्बन, पुर्तगाल
प्रविंद जगन्नाथ (जन्म 1961)मॉरीशसमॉरीशस के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुख5 साल, 274 दिनला कैवर्न, ब्रिटिश मॉरीशस
लियो वराडकर (जन्म 1979)आयरलैंडताओसीचसरकार का प्रमुख3 साल, 13 दिनडबलिन, आयरलैंड
हलीमा याकूब (जन्म 1954)सिंगापुर सिंगापुर के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान5 साल, 40 दिनब्रिटिश सिंगापुर
पृथ्वीराजसिंह रूपुन (जन्म 1959)मॉरीशसमॉरीशस के राष्ट्रपतिराज्य के प्रधान2 साल, 326 दिनक्वात्रे बोर्न्स, ब्रिटिश मॉरीशस
चान संतोखी (जन्म 1959)सूरीनामसूरीनाम के राष्ट्रपतिराज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख2 साल, 100 दिनलेलीडॉर्प, सूरीनाम
इरफान अली (जन्म 1980)गुयाना गुयाना के राष्ट्रपतिराज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख2 साल, 83 दिनलियोनोरा, गुयाना
वेवेल रामकलावन (जन्म 1961)सेशेल्स सेशेल्स के राष्ट्रपतिराज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख1 साल, 363 दिनमाहे, सेशेल्स
ऋषि सुनक (जन्म 1980)यूनाइटेड किंगडमयूनाइटेड किंगडम के प्रधान मंत्रीसरकार का प्रमुखसाउथेम्प्टन, इंग्लैंड, यूनाइटेड किंगडम

Twitter Blue Tick: ट्विटर के ब्लू टिक के लिए आवेदन कैसे करें? स्टेप बाय स्टेप जाने यहाँ

Twitter Blue Tick- हेलो दोस्तों क्या आप जानना चाहते हैं कि एक सत्यापित ट्विटर उपयोगकर्ता कैसे बनें और पता करें कि हर कोई इसके बारे में क्यों बात कर रहा है? दोस्तों आपको बता दें की अधिकांश व्यक्ति “ब्लू टिक” प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक प्रयास करेंगे। एक ब्लू टिक उपयोगी है क्योंकि यह इंगित करता है कि आप एक वैध उपयोगकर्ता हैं जिस पर भरोसा किया जा सकता है।

दोस्तों आपको बता दें की इससे पहले कि ट्विटर आपको पद के लिए विचार करे, आपको अपनी पहचान साबित करनी होगी, एक बड़ी ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति होनी चाहिए, एक सक्रिय ट्विटर खाता होना चाहिए, और एक ब्लू टिक  उपयोगकर्ता बनने का अनुरोध सबमिट करना चाहिए।

दोस्तों धोखाधड़ी वाले खातों द्वारा प्रतिरूपण को रोकने के लिए, सूक्ष्म प्रभावकों, विचारकों और छोटे उद्यमों के लिए सत्यापन के लिए पंजीकरण करना और वह नीला बैज प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।

यदि आपका ट्विटर अकाउंट सत्यापित है, तो धोखेबाजों के लिए आपकी पहचान का उपयोग कपटपूर्ण गतिविधियों में करना अधिक कठिन होगा, जैसे कि गलत सूचना फैलाना या आपके अनुयायियों की व्यक्तिगत जानकारी चुराने के लिए झूठी प्रतियोगिता आयोजित करना।

Twitter Blue Tick

ब्लू टिक क्या है? (Blue Tick)

दोस्तों अगर आपको नहीं पता कि ब्लू टिक क्या होता है तो आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि अगर कोई यूजर ऑथेंटिक है तो ट्विटर इसे दिखाने के लिए ब्लू टिक देता है।
दोस्तों आपको बता दें की ट्विटर पर पॉलिसी से मिली जानकारी के मुताबिक, सेलेब्रिटीज और सरकारी संस्थान ट्विटर वेरिफिकेशन के लिए अप्लाई करके ब्लू टिक हासिल कर सकते हैं. दोस्तों आपको यह ध्यान देना होगा कि ब्लू टिक प्राप्त करने के लिए आपका खाता प्रामाणिक और सक्रिय होना चाहिए।

ट्विटर में ब्लू टिक के लिए की खाता में आवश्यकताएँ-

  • पहला सक्रिय ट्विटर सत्यापन के लिए विचार करने के लिए, आपके खाते में तीन विशेषताएं होनी चाहिए। यह सक्रिय, महत्वपूर्ण और वैध होना चाहिए।
  • दूसरा उल्लेखनीयता आपकी प्रोफ़ाइल किसी जानी-मानी कंपनी या सेलिब्रिटी से जुड़ी होनी चाहिए। सत्यापन प्रक्रिया का पहला चरण “हमें बताएं कि आप कौन हैं”, इस प्रकार एक उच्च प्रोफ़ाइल होना आवश्यक है।
  • तीसरा प्रामाणिक आपकी प्रोफ़ाइल वास्तविक होनी चाहिए, जिसका अर्थ है कि आपको वह व्यक्ति होना चाहिए जो आप होने का दावा करते हैं।

ट्विटर पर सत्यापित (ब्लू टिक) होने के लिए, इन चरणों का पालन करें:

  • सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आपका ट्विटर खाता पर्याप्त स्तर की गतिविधि बनाए रखता है।
  • सत्यापन प्रक्रिया आरंभ करने के लिए, अपनी खाता सेटिंग में जाएं और “सत्यापन का अनुरोध करें” चुनें।
  • ट्विटर सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रकट होने वाली पॉप-अप विंडो पर “अभी प्रारंभ करें” पर क्लिक करें।
  • यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि ट्विटर पर कौन सी श्रेणी आपका सबसे अच्छा वर्णन करती है, तो “अन्य” चुनें और स्वयं को समझाएं।
  • सहायक साक्ष्य (जैसे, आपकी आधिकारिक वेबसाइट, आपके बारे में लेख, आदि) प्रदान करके दिखाएं कि आपने सही चुनाव किया है।
  • एक आधिकारिक संपर्क विधि, जैसे कंपनी की वेबसाइट, ईमेल पता, या सरकार द्वारा जारी फोटो आईडी प्रदान करके अपनी पहचान साबित करें।
  • एक बार जब आप समाप्त कर लें, तो “सबमिट करें” दबाएं और ट्विटर पर प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा करें।

ट्विटर ब्लू टिक कीमत –

दोस्तों जैसे ही दुनिया के सबसे अमीर आदमी ने ट्विटर पर कब्जा किया, सोशल मीडिया कंपनी कई बदलावों के दौर से गुजर रही है। एलोन मस्क ने मंगलवार को सबसे बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ट्विटर का ब्लू टिक, जो एक उपयोगकर्ता को ‘सत्यापित’ करता है, अब प्रति माह 8 अमरीकी डालर की कीमत पर उपलब्ध होगा।

एलोन मस्क ने  ट्वीट किया, “ट्विटर का वर्तमान लॉर्ड्स एंड फार्मर्स सिस्टम जिसमें नीला चेकमार्क है या नहीं है, वह बकवास है। लोगों को शक्ति! $ 8 / माह के लिए Blue Tick,” उन्होंने ट्वीट किया। मस्क ने यह भी कहा कि क्रय शक्ति समता के अनुपात में मूल्य को देश द्वारा समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्यापित ट्विटर उपयोगकर्ताओं को उत्तरों, उल्लेखों और खोजों में भी प्राथमिकता मिलेगी, जो स्पैम/घोटालों को हराने के लिए आवश्यक है। वे लंबे वीडियो और ऑडियो पोस्ट करने और आधे विज्ञापन देखने में भी सक्षम होंगे।

मस्क ने लिखा, “आपको यह भी मिलेगा: – उत्तर, उल्लेख और खोज में प्राथमिकता, जो स्पैम / घोटाले को हराने के लिए आवश्यक है – लंबे वीडियो और ऑडियो पोस्ट करने की क्षमता – आधे विज्ञापन।” यह ट्वीट उन अटकलों के बीच आया है कि ट्विटर जल्द ही सत्यापित उपयोगकर्ताओं से उनके हैंडल पर Blue Tick के लिए मासिक शुल्क लेना शुरू कर सकता है। मासिक शुल्क के बारे में पिछले कुछ दिनों में काफी अटकलें लगाई जा रही थीं, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि यह लगभग 5 अमरीकी डालर प्रति माह होगा, जबकि अन्य इसे बढ़ाकर 20 अमरीकी डालर कर देंगे।

RSK MP:कक्षा 5 और 8 वीं परीक्षा के लिये बच्चों का वेरिफिकेशन लिस्ट में कैसे जोड़ें स्टेप बाय स्टेप जाने पूरी प्रक्रिया

How To Add Student from 5th & 8th student verification list: सत्र 2021-2022 में कक्षा 5 और 8 वीं परीक्षा होने वाली हैं जिसके लिये सभी शाला प्रभारी को विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि समय अवधि में 5 और 8 वीं में पढ़ने वाले बच्चों का वेरिफिकेशन कराना सुनिश्चित करें | प्रोसेस जानने से पहले विभाग द्वारा जारी आदेश पढ़ें जिसके कुछ विन्दु इस प्रकार हैं :-

कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा हेतु छात्रों के वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक निर्देश।- 5th & 8th student verification list

  1. समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के पांचवी एवं आठवीं मैं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का वेरिफिकेशन किया जाना है।
  2. इसके लिए www.rskmp.in पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है।
  3. लॉगिन होने के उपरांत उक्त आईडी पर केवल संबंधित शाला के बच्चे वेरिफिकेशन हेतु दिखाई देंगे।
  4. लिस्ट में सभी बच्चों को एक-एक करके वेरीफाई करना होगा।
  5. इस वेरिफिकेशन के दौरान प्रत्येक बच्चे की जानकारी सही की जानी है।
  6. जिस बच्चे की जानकारी वेरीफाई हो जाएगी उसका कलर लिस्ट में हरा हो जाएगा।
  7. लिस्ट में दिख रहे जो बच्चे शाला में अध्ययनरत नहीं है उसे डिलीट किया जा सकेगा।
  8. जो बच्चे अन्य शालाओं में मैप है उन्हें अपनी इस शाला में ऐड किया जा सकेगा। लेकिन यहां ऐड होने से उसका शिक्षा पोर्टल में अपडेशन नहीं रहेगा यह डाटा केबल परीक्षा हेतु अलग से बन रहा है।
  9. वेरिफिकेशन केवल एक ही बार होगा अतः प्रत्येक बच्चे के वेरिफिकेशन के समय जानकारी सही-सही होनी चाहिए।
  10. उक्त कार्य प्रत्येक शाला को 25 नवंबर 2023 तक पूर्ण करना है।
  11. जिन बच्चों की समग्र आईडी नहीं है उन पर शासन द्वारा 25 नवंबर 2023 के बाद निर्णय लिया जावेगा।

उक्त आदेश का अनुशरण करते हुए दिए हुए समयावधि में सभी शाला प्रभारी प्राथिमकता से इस कार्य को पूरा करना सुनश्चित करें|

इसे भी पढ़ें

5 और 8 वीं परीक्षा के लिये बच्चों का वेरिफिकेशन लिस्ट में कैसे जोड़ें स्टेप बाय स्टेप जाने पूरी प्रक्रिया (5th & 8th student verification list)

STEP 1: उक्त आदेशानुसार सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है। अतः सभी शाला प्रभारी अपनी यूनिक आईडी एवं पासवर्ड में अपनी जन्मतिथि दर्ज कर पोर्टल पर लॉगिन करें ध्यान रखें जन्मतिथि वही दर्ज करना है जो आपके सर्विस बुक में दर्ज है अन्यथा आपको पोर्टल में लॉगिन करने में परेशानी होगी।

5th & 8th student verification list

STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर तीन मेनू प्रदर्शित होने ITEM BANK ,5 8 ANNUAL EXAM और LOGOUT|

STEP 3: उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको 5 8 ANNUAL EXAM में क्लिक करने हैं जिसमे आपको तीन और सबमीनू मिलेंगे STUDENT VERIFICATION, STUDENT ADD और REPORT इस सबके बारे में भी आप जान लिए किसका क्या काम है

  • STUDENT VERIFICATION:– 8 ANNUAL EXAM के लिए वेरिफिकेशन इसी लिंक से किया जाना है
  • STUDENT ADD:– मान लीजिये कोई बच्चा आपके स्कूल में पढता है लेकिन गलती से किसी और स्कूल में मैप हो गया है तो आप यहाँ से केवल और केवल एग्जाम हेतु उस बच्चे को ऐड कर सकते हैं। यहाँ ऐड करने से उस बच्चे के लिए एडमिट कार्ड और एग्जाम पेपर जारी हो सकेंगे अन्यथा नहीं। और यहाँ पर जोड़ने का ये बिकुल यह मतलब नहीं है की वह आपकी मैपिंग लिस्ट में जुड़ जायेगा
  • REPORT : कितने बच्चे जोड़ते हैं कितने हटाते हैं उसके बाद की FAINAL लिस्ट रिपोर्ट पर देखी जा सकती है
5th & 8th student verification list

STEP 4: 5-8 Annual Exam मेनू में Student Add लिंक पर क्लिक करें

STEP 4: अब आप उस छात्र की समग्र आईडी दर्ज करेंगे जिसको आप 5 – 8 कक्षा में जोड़ना चाहते हैं। समग्र आईडी दर्ज करने के बाद show बटन पर क्लिक करें

STEP 5: उक्त छात्र जिसे आप जोड़ना चाहते हैं उसकी कुछ जानकारी आपकी स्क्रीन पर आ जावेगी गलती होने पर उसमें भी सुधार करके एवं आवश्यक मांगी वाली जानकारी भरने के बाद जिस कक्षा में जोड़ना चाहते हैं उसका चयन करते हुए नीची दी गयी बटन ऐड बटन पर क्लिक करें। छात्र सफलता पूर्वक जुड़ जाने के बात आप फिर से वेरिफिकेशन लिस्ट में जाकर देख सकते हैं तथा वेरीफाई कर सकते हैं

5 और 8 वीं परीक्षा के लिये बच्चों का वेरिफिकेशन कैसे करे स्टेप बाय स्टेप जाने पूरी प्रक्रिया

RSK MP: कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा 2023 के लिये बच्चों का वेरिफिकेशन कैसे करे स्टेप बाय स्टेप जाने पूरी प्रक्रिया

STUDNET VERIFICATION FOR 5 AND 8 EXAM: सत्र 2022 -2023 में कक्षा 5 और 8 वीं परीक्षा होने वाली हैं जिसके लिये सभी शाला प्रभारी को विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि समय अवधि में 5 और 8 वीं में पढ़ने वाले बच्चों का वेरिफिकेशन कराना सुनिश्चित करें | प्रोसेस जानने से पहले विभाग द्वारा जारी आदेश पढ़ें जिसके कुछ विन्दु इस प्रकार हैं :-

RSK MP 2022: कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये बच्चों की डेली अटेंडेंस (उपस्थिति) वेरीफाई कैसे करें

कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा हेतु छात्रों के वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक निर्देश।

  1. समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के पांचवी एवं आठवीं मैं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का वेरिफिकेशन किया जाना है।
  2. इसके लिए www.rskmp.in पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है।
  3. लॉगिन होने के उपरांत उक्त आईडी पर केवल संबंधित शाला के बच्चे वेरिफिकेशन हेतु दिखाई देंगे।
  4. लिस्ट में सभी बच्चों को एक-एक करके वेरीफाई करना होगा।
  5. इस वेरिफिकेशन के दौरान प्रत्येक बच्चे की जानकारी सही की जानी है।
  6. जिस बच्चे की जानकारी वेरीफाई हो जाएगी उसका कलर लिस्ट में हरा हो जाएगा।
  7. लिस्ट में दिख रहे जो बच्चे शाला में अध्ययनरत नहीं है उसे डिलीट किया जा सकेगा।
  8. जो बच्चे अन्य शालाओं में मैप है उन्हें अपनी इस शाला में ऐड किया जा सकेगा। लेकिन यहां ऐड होने से उसका शिक्षा पोर्टल में अपडेशन नहीं रहेगा यह डाटा केबल परीक्षा हेतु अलग से बन रहा है।
  9. वेरिफिकेशन केवल एक ही बार होगा अतः प्रत्येक बच्चे के वेरिफिकेशन के समय जानकारी सही-सही होनी चाहिए।
  10. उक्त कार्य प्रत्येक शाला को 25 नवंबर 2022 तक पूर्ण करना है।
  11. जिन बच्चों की समग्र आईडी नहीं है उन पर शासन द्वारा 25 नवंबर 2022 के बाद निर्णय लिया जावेगा।

RSK MP 2022: कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये बच्चों के एडमिट कार्ड एवं अटेंडेंस शीट कैसे जनरेट करे?

इसे भी पढ़ें

उक्त आदेश का अनुशरण करते हुए दिए हुए समयावधि में सभी शाला प्रभारी प्राथिमकता से इस कार्य को पूरा करना सुनश्चित करें|

5 और 8 वीं परीक्षा के लिये बच्चों का वेरिफिकेशन कैसे करे स्टेप बाय स्टेप जाने पूरी प्रक्रिया

STEP 1: उक्त आदेशानुसार सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है। अतः सभी शाला प्रभारी अपनी यूनिक आईडी एवं पासवर्ड में अपनी जन्मतिथि दर्ज कर पोर्टल पर लॉगिन करें ध्यान रखें जन्मतिथि वही दर्ज करना है जो आपके सर्विस बुक में दर्ज है अन्यथा आपको पोर्टल में लॉगिन करने में परेशानी होगी।

STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर तीन मेनू प्रदर्शित होने ITEM BANK ,5 8 ANNUAL EXAM और LOGOUT|

STEP 3: उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको 5 8 ANNUAL EXAM में क्लिक करने हैं जिसमे आपको तीन और सबमीनू मिलेंगे STUDENT VERIFICATION, STUDENT ADD और REPORT इस सबके बारे में भी आप जान लिए किसका क्या काम है

  • STUDENT VERIFICATION:- 8 ANNUAL EXAM के लिए वेरिफिकेशन इसी लिंक से किया जाना है
  • STUDENT ADD:- मान लीजिये कोई बच्चा आपके स्कूल में पढता है लेकिन गलती से किसी और स्कूल में मैप हो गया है तो आप यहाँ से केवल और केवल एग्जाम हेतु उस बच्चे को ऐड कर सकते हैं। यहाँ ऐड करने से उस बच्चे के लिए एडमिट कार्ड और एग्जाम पेपर जारी हो सकेंगे अन्यथा नहीं। और यहाँ पर जोड़ने का ये बिकुल यह मतलब नहीं है की वह आपकी मैपिंग लिस्ट में जुड़ जायेगा
  • REPORT : कितने बच्चे जोड़ते हैं कितने हटाते हैं उसके बाद की फनल लिस्ट रिपोर्ट पर देखी जा सकती है

STEP 4: अब चलते हैं स्टूडेंट वेरिफिकेशन लिंक में कक्षा का चयन करें जिसका वेरिफिकेशन करना है चयन करके सबमिट करते ही सभी बच्चों की लिस्ट स्क्रीन पर होगी जिसके सामने वेरिफिकेशन तथा डिलीट (REMOVE) की बटन दी गयी है यदि उपरोक्त लिस्ट में से किसी बच्चे को हटाना चाहते हैं तो उसके सामने वाली डिलीट बटन पर क्लिक करें।

STEP 5: यहाँ पर लिस्ट में उपलब्ध सभी बच्चों का वेरिफिकेशन करना है अतः प्रत्येक बच्चे के सामने वेरिफिकेशन लिंक दी गयी है इस लिंक पर क्लिक करने पर आपके सामने एक नहीं विंडो ओपन होगी जिस उस बच्चे की सभी जानकारी दी गयी होगी जानकारी को देखें और यदि कोई आवश्यक सुधार हो तो सुधार कर वेरीफाई करें इस प्रकार प्रक्रिया को हर बच्चे के लिए दोहरानी है।

STEP 6: सभी जानकारी सुधार करने के पश्चात नीचे दिए वेरीफाई बटन पर क्लिक करते ही एक नहीं विंडो ओपन होगी जिसमें yes verified it बटन पर क्लिक करना है |ध्यान रहे आप एक बार ही वेरीफाई कर सकते अतः सभी जानकारी को सही सही भरना अनिवार्य है

STEP 7:वेरीफाई होते ही STUDENT DETAILS VERIFIED SUCCESSFULLY का मैसेज आएगा

STEP 8: जैसे ही छात्र की जानकारी वेरीफाई हो जाती है उस छात्र का बैकग्राउंड ग्रीन कलर में हो जायेगा और उसके सामने से वेरीफाई तथा रिमूव बटन हट जायेगा।

TIPS: वेरिफिकेशन के लिए सभी बच्चों की लिस्ट इस प्रकार बना लें इससे वेरिफिकेशन में आसानी होगी

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Morbi Bridge Collapse: गुजरात टाउन में झूला पुल का निर्माण किसने और कब किया था?

Morbi Bridge- हेलो दोस्तों ,रविवार, 31 अक्टूबर को गुजरात के मोरबी शहर में एक सस्पेंशन ब्रिज गिरने से 140 से अधिक लोगों की मौत हो गई। जबकि पुल हाल के दिनों में जीर्ण-शीर्ण हो गया था, इसे एक इंजीनियरिंग चमत्कार माना जाता था जब इसे औपनिवेशिक काल के दौरान बनाया गया था आपको बता दें की 19वीं सदी का पुल, जिसे स्थानीय रूप से झूलता पुल या हैंगिंग ब्रिज कहा जाता है, शहर का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। यह दरबारगढ़ पैलेस को मच्छू नदी पर स्थित लुखधीरजी इंजीनियरिंग कॉलेज से जोड़ता है।

Morbi Bridge

मोरवी पुल को पहले को किसने बनाया था ?

इसे मोरवी रियासत के शासक सर वाघजी रावजी ठाकोर ने उस समय उपलब्ध नवीनतम यूरोपीय तकनीक का उपयोग करके और 3.5 लाख रुपये की कीमत पर बनाया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन बॉम्बे गवर्नर सर रिचर्ड टेम्पल ने 20 फरवरी 1879 को किया था।

रावजी का जन्म 1858 में हुआ था और 1870 में 12 साल की उम्र में उन्हें मोरबी का राजा नियुक्त किया गया था। उन्हें 1887 में भारतीय साम्राज्य के सबसे प्रतिष्ठित आदेश का नाइट ग्रैंड कमांडर और भारतीय साम्राज्य के सबसे प्रतिष्ठित आदेश का कमांडर बनाया गया था। 1897 ब्रिटिश क्राउन द्वारा। उन्होंने विशेष रूप से मोरबी में भारत का पहला आर्ट-डेको महल बनवाया। 1922 में रियासत के शासक की मृत्यु हो गई।

मोरवी पुल गिरने के कुछ प्रमुख खामियां हैं जो अब तक सामने आई हैं –

  • मच्छू नदी पर बने सस्पेंशन-केबल ब्रिज में नगर पालिका का ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ नहीं था। मोरबी नगर पालिका के मुख्य अधिकारी संदीपसिंह जाला ने कहा, “नवीनीकरण कार्य पूरा होने के बाद इसे जनता के लिए खोल दिया गया था। लेकिन स्थानीय नगर पालिका ने अभी तक कोई फिटनेस प्रमाण पत्र (नवीनीकरण कार्य के बाद) जारी नहीं किया था।”
  • एक निजी फर्म द्वारा सात महीने के मरम्मत कार्य के बाद चार दिन पहले ही निलंबन पुल को जनता के लिए फिर से खोल दिया गया था। घटना ने इसके जीर्णोद्धार पर सवाल खड़ा कर दिया है।
  • पुल एक सदी पुराना पुल था और मोरबी में प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक था, यह किसी की समझ से परे है, भीड़ प्रबंधन क्यों नहीं था, वह भी छुट्टी- रविवार को। घटना से कुछ क्षण पहले के वीडियो से पता चलता है कि पुल पर भीड़भाड़ थी।
  • यह एक मुक्त सार्वजनिक स्थान नहीं था। पुल में प्रवेश पाने के लिए किसी ने 15 रुपये में टिकट खरीदा है। तो, अपनी क्षमता से अधिक (लगभग 100) लगभग 400 टिकट कैसे बिके या इतनी बड़ी संख्या में लोगों को पुल में प्रवेश करने की अनुमति कैसे दी गई?
  • यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि सप्ताहांत में हर पर्यटक स्थल पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारी या पुलिस कर्मी मौजूद होते हैं या नहीं।

मोदी मंगलवार को मोरबी जाएंगे

दुर्घटना के बाद, मोदी ने राज्य विधानसभा चुनाव से पहले सोमवार को अहमदाबाद में होने वाला अपना रोड शो रद्द कर दिया। इस बीच, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी कई एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान की निगरानी के लिए रात भर मोरबी में रहे।

राज्य के सूचना विभाग ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की पांच टीमें, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की छह प्लाटून, वायु सेना की एक टीम, सेना के दो कॉलम और भारतीय नौसेना की दो टीमों के अलावा स्थानीय बचाव दल अभियान में शामिल थे।

संघवी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार ने पुल ढहने की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। गुजरात सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है, जबकि मोदी ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवार को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का वादा किया है।

भारतीय राज्यों के स्थापना दिवस की सूची: जानिए कब हुआ किस भारतीय राज्य का गठन

भारतीय राज्यों के स्थापना दिवस:-

भारत में राज्य स्थापना दिवस राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के गठन को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है | सन् 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के साथ, भारतीय राज्यों को भाषाई आधार पर व्यवस्थित किया गया | जिसमें से कुछ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपना स्थापना दिवस आधिकारिक राज्य अवकाश के रूप में मनाते हैं | बता दें कि भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं | यहां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उनके संबंधित स्थापना दिवस पर राज्य समारोह, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाते हैं | आज हम देखेंगे की किस राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की स्थापना कब हुई |

भारतीय राज्यों के स्थापना दिवस की सूची:-

  • आंध्र प्रदेश: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा स्थापित |
  • अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 द्वारा एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बनाया गया | अरुणाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1986 द्वारा एक राज्य में परिवर्तित किया गया
  • असम: अहोम साम्राज्य के रूप में स्थापित, 1874 में उत्तर-पूर्व सीमांत प्रांत, 1905 में पूर्वी बंगाल और असम, 1912 में असम प्रांत के रूप में पुनर्गठित, 1950 में राज्य का दर्जा हासिल किया |
  • बिहार: बिहार और उड़ीसा प्रांत के रूप में स्थापित, 1936 में बिहार प्रांत के रूप में पुनर्गठित, 1950 में राज्य का दर्जा हासिल किया |
  • छत्तीसगढ़: मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 द्वारा स्थापित |
  • गोवा: गोवा राज्य अधिनियम, 1986 द्वारा स्थापित |
  • गुजरात: बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 द्वारा स्थापित |
  • हरियाणा: पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 द्वारा स्थापित |
  • हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश (प्रशासन) आदेश, 1948 द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रांत के रूप में स्थापित, 1950 में हिमाचल प्रदेश (भाग सी राज्य) के रूप में पुनर्गठित, 1956 में हिमाचल प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश, 1971 में राज्य का दर्जा हासिल किया |
  • झारखंड: बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 द्वारा स्थापित |
  • कर्नाटक: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा मैसूर राज्य के रूप में स्थापित, 1973 में कर्नाटक का नाम बदल दिया गया |
  • केरल: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा स्थापित |
  • मध्य प्रदेश: 1950 में राज्य का दर्जा हासिल किया |
  • महाराष्ट्र: बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960 द्वारा स्थापित |
  • मणिपुर: पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 द्वारा स्थापित |
  • मेघालय: पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 द्वारा स्थापित |
  • मिजोरम: उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 द्वारा एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बनाया गया। मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 द्वारा एक राज्य में परिवर्तित किया गया |
  • नगालैंड: नागालैंड राज्य अधिनियम, 1962 द्वारा स्थापित |
  • उड़ीसा: 1936 में उड़ीसा प्रांत के रूप में स्थापित, 1950 में राज्य का दर्जा हासिल किया, 1 नवंबर, 2011 को ओडिशा का नाम बदल दिया गया |
  • पंजाब: पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 द्वारा स्थापित |
  • राजस्थान: 1950 में राज्य का दर्जा प्राप्त किया |
  • सिक्किम: 1975 में भारत के संविधान के छत्तीसवें संशोधन द्वारा स्थापित |
  • तमिलनाडु: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा मद्रास राज्य के रूप में स्थापित, 1969 में तमिलनाडु का नाम बदल दिया गया |
  • तेलंगाना: आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 द्वारा स्थापित |
  • त्रिपुरा: पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 द्वारा स्थापित |
  • उत्तर प्रदेश: 1950 में राज्य का दर्जा हासिल किया |
  • उत्तराखंड: उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 द्वारा उत्तरांचल के रूप में स्थापित, 2007 में उत्तराखंड का नाम बदल दिया गया |
  • पश्चिम बंगाल: 1950 में राज्य का दर्जा हासिल किया |

भारतीय केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस की सूची:-

  • अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा स्थापित |
  • चंडीगढ़: पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 द्वारा स्थापित |
  • दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव: दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव (केंद्र शासित प्रदेशों का विलय) अधिनियम, 2019 द्वारा स्थापित |
  • दिल्ली: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा स्थापित |
  • जम्मू और कश्मीर व लद्दाख: जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 द्वारा स्थापित |
  • लक्षद्वीप: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा स्थापित |
  • पुदुचेरी: 1962 में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा हासिल किया, 2007 में पुदुचेरी का नाम बदल दिया |

FAQ’s:-

भारत का पहला राज्य कौन सा है?

आंध्र राज्य: भारत का पहला राज्य, आंध्र राज्य 1 अक्टूबर, 1953 को बनाया गया था।

भारत में नवीनतम कौन सा राज्य बनाया गया है?

तेलंगाना, एक भौगोलिक और राजनीतिक इकाई के रूप में, 2 जून 2014 को भारत के 29वें और सबसे युवा राज्य के संघ के रूप में स्थापित किया गया था | राज्य का क्षेत्रफल 1,12,077 वर्ग किलोमीटर है और इसकी आबादी 3,50,03,674 है |

भारत का सबसे छोटा राज्य कौन है?

गोवा भारत का सबसे छोटा राज्य है जिसका क्षेत्रफल 3702 वर्ग किमी है |

भारत का सबसे अमीर राज्य कौन सा है?

महाराष्ट्र: 366.67 अरब अमेरिकी डॉलर का जीएसडीपी महाराष्ट्र भारत का सबसे अमीर राज्य है | जिसकी राजधानी मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी के रूप में भी जाना जाता है |

भारत का कौन सा राज्य सुंदर है?

केरल भारत के सबसे सुंदर राज्यों में से एक है |

Madhya Pradesh Sthapna Diwas: 1 नवंबर को मध्‍य प्रदेश मनाएगा अपना स्‍थापना दिवस |

मध्‍य प्रदेश स्‍थापना दिवस:-

मध्य प्रदेश 1 नवंबर को अपना स्‍थापना दिवस मनाएगा | सन् 1956 में राज्‍यों के पुनर्गठन के फलस्‍वरूप 1 नवंबर 1956 को नया राज्‍य मध्‍य प्रदेश अस्तित्‍व में आया | 31 अक्‍टूबर को मध्‍य प्रदेश का विभाजन करके एक नवंबर 2000 को देश के 26 वें राज्‍य के रूप में छत्‍तीसगढ़ का गठन किया गया | देश का हृदय प्रदेश मध्य प्रदेश अपने प्राकृतिक क्षेत्रों से लेकर इतिहास के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को अपने में समाए हुए हैं | यहां के जंगलों में देश में सबसे ज्यादा बाघ हैं तो सांची, खजुराहो में इतिहास समाया हुआ है |

चूंकि देश के मध्‍य भाग में मध्‍य प्रदेश स्थित है इसलिये इसे भारत का हृदय प्रदेश भी कहा जाता है | मध्‍य प्रदेश का जन्‍म देश को आजादी मिलने के बाद हुआ | 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो मध्य भारत और विंध्य प्रदेश के नए राज्यों को पुरानी सेंट्रल इंडिया एजेंसी से अलग कर दिया गया | तीन साल बाद 1950 में मध्य प्रांत और बरार का नाम बदलकर मध्य प्रदेश कर दिया गया |

मध्‍य प्रदेश की भू सरंचना:-

मध्य प्रदेश की सीमाएं पांच राज्यों की सीमाओं से मिलती हैं | मध्‍य प्रदेश के उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र और पश्चिम में गुजरात तथा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान राज्‍य है | भू वैज्ञानिक दृष्टि से मध्‍य प्रदेश सर्वाधिक प्राचीनतम गोंडवानालैंड भू संहति का भू भाग है | इसकी सरंचना आद्य, महाकल्‍प शैल समूह के आसपास हुई मानी जाती है |

मध्‍य प्रदेश की अर्थ व्‍यवस्‍था कृषि प्रधान है | राज्‍य की 70फीसद से अधिक जनसंख्‍या गांव में रहती है जिसका प्रत्‍यक्ष संबंध कृषि से है, मध्‍य प्रदेश का पहला आकाशवाणी केंद्र इंदौर में स्‍थापित किया गया | इसकी शुरुआत 22 मई 1955 को की गई थी |

मध्‍य प्रदेश की संस्‍कृति और इतिहास:-

मध्‍य प्रदेश की संस्‍कृति और इतिहास काफी समृद्ध है जिनमें अनेक रोचक पहलुओं की जानकारी मिलती है | मध्‍य प्रदेश का राज्‍य पशु बारहसिंघा और राज्‍य पक्षी दूधराज है | मध्‍य प्रदेश का राजकीय वृक्ष बरगद है | कर्क रेखा मध्‍य प्रदेश राज्‍य के बीच से नर्मदा नदी के लगभग समानांतर गुजरती है | मध्‍य प्रदेश को भारत के एकमात्र हीरा उत्‍पादक राज्‍य के रूप में भी जाना जाता है |

मध्‍य प्रदेश राज्‍य खनिज संसाधनों की दृष्टि से बहुत संपन्‍न राज्‍य है | झारखंड के बाद मध्‍य प्रदेश का देश में दूसरा स्‍थान है | देश में सबसे अधिक राष्‍ट्रीय उद्यान और अभयारण्‍य का क्षेत्र मध्‍य प्रदेश में है | टाइगर स्‍टेट कहे जाने वाले राज्‍य मध्‍य प्रदेश में देश में सर्वाधिक बाघों वाला प्रदेश भी है |

मध्‍य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्‍थल:-

मध्य प्रदेश में स्थित भीमबेटका गुफाये पाषाण काल की है जिससे यह अनुमान लगाया जाता है कि मध्यप्रदेश 30 हजार ईसा पूर्व अस्तित्व में था | ये गुफाएं भारत में एक विश्व धरोहर स्थल भी हैं | भीमबैटका, पचमढ़ी, खजुरोहा, सांची के स्‍तूप, ग्‍वालियर का किला, मांडू, बाघ की गुफाएं, उज्‍जैन महाकालेश्‍वर और ओंकारेश्‍वर मध्‍य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्‍थल हैं | भीमबैटका में 600 गुफाओं का संग्रह है और इसे भारत के सबसे पुराने गुफा संग्रहों में से एक माना जाता है | यह अपनी अद्भुत राक नक्काशियों और चित्रों के लिए पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है |

12 शिव ज्योर्तिलिंग में से 2 (ओंकारेश्वर एवं महाकालेश्वर) मध्‍य प्रदेश में हैं | जानकारी के अनुसार भागवत पुराण के अनुसार मध्‍य प्रदेश के उज्जैन शहर के सांदीपनि आश्रम में भगवान कृष्ण, उनके भाई बलराम और उनके मित्र सुदामा ने अपनी शिक्षा पूरी की थी | उज्जैन में हर 12 साल में शिप्रा नदी के किनारे कुम्भ मेला लगता है |

मध्य प्रदेश से जुड़ी कुछ रोचक बातें:-

  • मध्‍य प्रदेश का राज्‍य पशु बारहसिंघा और राज्‍य पक्षी दूधराज है | मध्‍य प्रदेश का राजकीय वृक्ष बरगद है |
  • मध्‍य प्रदेश को भारत के एकमात्र हीरा उत्‍पादक राज्‍य के रूप में भी जाना जाता है | पन्‍ना की रत्‍नगर्भा धरती ने अनेक लोगों की जिंदगी बदल दी है |
  • मध्‍य प्रदेश की संस्‍कृति और इतिहास काफी समृद्ध है जिनमें अनेक रोचक पहलुओं की जानकारी मिलती है |स्‍वाधीनता संग्राम के इतिहास में भी मध्‍य प्रदेश के योगदान की जानकारी मिलती है |
  • कर्क रेखा मध्‍य प्रदेश राज्‍य के बीच से नर्मदा नदी के लगभग समानांतर गुजरती है |
  • भीमबैटका, पचमढ़ी, खजुरोहा, सांची के स्‍तूप, ग्‍वालियर का किला, मांडू, बाघ की गुफाएं, उज्‍जैन महाकालेश्‍वर और ओंकारेश्‍वर मध्‍य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्‍थल हैं |
  • भीमबैटका में 600 गुफाओं का संग्रह है और इसे भारत के सबसे पुराने गुफा संग्रहों में से एक माना जाता है | यह अपनी अद्भुत राक नक्काशियों और चित्रों के लिए पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है |
  • कुछ राक शेल्टर 100,000 साल से भी पहले बसे हुए थे | भीमबेटका साइट भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे पुरानी ज्ञात राक कला है, जो 30,000 से अधिक वर्षों से अधिक पुरानी है | ये गुफाएं भारत में एक विश्व धरोहर स्थल भी हैं | मध्य प्रदेश में स्थित भीमबेटका गुफाये पाषाण काल की है जिससे यह अनुमान लगाया जाता है कि मध्यप्रदेश 30 हजार ईसा पूर्व अस्तित्व में था |
  • देश में सबसे अधिक राष्‍ट्रीय उद्यान और अभयारण्‍य का क्षेत्र मध्‍य प्रदेश में है |
  • टाइगर स्‍टेट कहे जाने वाले राज्‍य मध्‍य प्रदेश में देश में सर्वाधिक बाघों वाला प्रदेश भी है।
  • मध्‍य प्रदेश राज्‍य खनिज संसाधनों की दृष्टि से बहुत संपन्‍न राज्‍य है | इस लिहाज से झारखंड के बाद मध्‍य प्रदेश का देश में दूसरा स्‍थान है |
  • मध्‍य प्रदेश की अर्थ व्‍यवस्‍था कृषि प्रधान है | राज्‍य की 70फीसद से अधिक जनसंख्‍या गांव में रहती है जिसका प्रत्‍यक्ष संबंध कृषि से है |

FAQ’s:-

मध्यप्रदेश राज्य की स्थापना कब हुई?

वहीं 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के बाद देश में सन् 1952 में पहले आम चुनाव हुए, जिसके कारण संसद एवं विधान मण्‍डल कार्यशील हुए | प्रशासनिक दृष्टि से इन्‍हें श्रेणियों में विभाजित किया गया था | सन् 1956 में राज्‍यों के पुनर्गठन के फलस्‍वरूप 1 नवंबर 1956 को नया राज्‍य मध्‍यप्रदेश अस्तित्‍व में आया |

1 नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश में कितने जिले थे?

1956 में गठन के समय कुल जिले 43 थे | 1998 में बड़े जिलों से 16 नए जिले बनाए गए जिनसे मध्यप्रदेश में कुल जिलों की संख्या 61 हो गई |

मध्य प्रदेश की पुरानी राजधानी कौन सी है?

१९५० में सर्वप्रथम मध्य प्रांत और बरार को छत्तीसगढ़ और मकराइ रियासतों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश का गठन किया गया था | तब इसकी राजधानी नागपुर में थी |

मध्य प्रदेश का 53 वां जिला कौन सा है?

मध्यप्रदेश सरकार राज्य में एक नया जिला बनाने जा रहा है | नागदा मध्यप्रदेश का 53वां जिला बनेगा |

मध्य प्रदेश का 54 वा जिला कौन सा है?

चाचौड़ा 

1 नवम्बर 2022 छत्तीसगढ़ मना रहा है 23 वां स्थापना दिवस

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस:-

आज प्रदेश का 23वां स्थापना दिवस है | आज ही के दिन 1 नवम्बर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग हो कर यह अस्तित्व में आया | वर्ष 2000 से पूर्व छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था | लेकिन अब स्वयं एक राज्य के रूप में पहचाना जाने लगा है | जिसकी राजधानी रायपुर है | इस दौरान पूरे प्रदेश में हर जगह अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे |

जानकारी के अनुसार तीन दिन तक चलने वाले छत्‍तीसगढ़ राज्‍योत्‍सव समारोह में प्रदेश की लोक संस्कृति और लोक कलाओं का मंचन होगा | जीई रोड स्थित साइंस कॉलेज मैदान में शाम सात बजे से राज्योत्सव का रंगारंग आगाज होगा। मौजूदा सरकार ने राज्योत्सव का थीम ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़” रखा है। इस कारण समारोह में बाहर के किसी भी कलाकार को नहीं बुलाया गया है |

इस बार राज्योत्सव के मंच पर बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र के लोक नृत्य, लोक गाथा और अन्य कलाएं देखने को मिलेंगी | सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभिन्न् विभागों के स्टॉल लगे होंगे | मतलब, राज्योत्सव पूरी तरह से छत्तीसगढ़ी रंग में रंगा होगा |

क्यों मिला छत्तीसगढ़ को यह नाम:-

राज्य का पौराणिक नाम तो कौशल राज्य है, जो भगवान श्रीराम की ननिहाल कहा जाता है | लगभग 300 साल पहले गोंड जनजाति के शासनकाल के दौरान इस राज्य को छत्तीसगढ़ नाम मिला था | छत्तीसगढ़ के नाम को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं पर असल कारण था गोंड राजाओं के 36 किले | जसे किलों को गढ़ भी कहा जाता था | इसी कारण इस क्षेत्र का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा |

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस

ज्यादातर इतिहासकारों का मानना है कि कल्चुरी राजाओं द्वारा 36 किले या कई गांवों को मिलाकर गढ़ बनाए गए थे | इस इलाके को कोसल या दक्षिण कोसल के तौर पर जाना जाता था | यह उस समय की बात है जब रामायण काल से सत्रहवीं शताब्दी का दौर चल रहा था | कल्चुरी राजाओं के समय में छत्तीसगढ़ की राजधानी आज के समय के बिलासपुर के पास स्थित शहर रतनपुर, हुआ करता था |

शिवनाथ नदी के उत्‍तर में कल्‍चुरियों की रतनपुर शाखा के अंतर्गत 18 गढ़ और दक्षिण में रायपुर शाखा के अंतर्गत 18 गढ़ बनाए गए थे |

रतनपुर राज्‍य के अधीनस्‍थ 18 गढ़ों के नाम:-

  • रतनपुर
  • विजयपुर
  • पंडर भट्टा
  • पेंड्रा
  • केन्‍दा
  • बिलासपुर
  • खरौद
  • मदनपुर (चांपा)
  • कोटगढ़
  • कोसगई (छुरी)
  • लाफागढ़ (चैतुरगढ़)
  • उपरोड़ागढ़
  • मातिनगढ़
  • करकट्टी-कंड्री
  • मारो
  • नवागढ़
  • सेमरिया

रायपुर राज्‍य के अधीनस्‍थ 18 गढ़ों के नाम:-

  • रायपुर
  • सिमगा
  • ओमेरा
  • राजिम
  • फिंगेश्‍वर
  • लवन
  • पाटन
  • दुर्ग
  • सारधा
  • सिरसा
  • अकलबाड़ा
  • मोहंदी
  • खल्‍लारी
  • सिरपुर
  • सुअरमार
  • सिंगारपुर
  • टैंगनागढ़
  • सिंघनगढ़ |

FAQ’s:

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस कब मनाया जाता है?

प्रदेश में हर साल 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस मनाया जाता है |

छत्तीसगढ़ का गठन किस वर्ष एक अलग राज्य के रूप में हुआ था?

अगस्त 2000 में भारतीय विधायिका ने छत्तीसगढ़ बनाने के लिए मध्य प्रदेश पुनर्गठन विधेयक पारित किया |

छत्तीसगढ़ का नाम छत्तीसगढ़ क्यों पड़ा?

वैसे तो अनेक कहानियां छत्तीसगढ़ के नाम पर प्रचलित हैं | पर असल कारण था गोंड राजाओं के 36 किले | जी हां, इन 36 किलों को गढ़ भी कहा जाता है | इन्हीं के कारण इस राज्य का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा |

छत्तीसगढ़ की स्थापना कब और किसने की?

3 अगस्त 2000 राज्यसभा में विधेयक प्रस्तुत किया गया और 9 अगस्त 2000 को राज्यसभा में पारित किया गया | इसे 25 अगस्त 2000 तत्कालीन राष्ट्रपति के आर नारायण ने मध्‍य्रपदेश राज्‍य पुर्नगठन अधिनियम का अनुमोदित किया | 1 नवंबर 2000 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई |

छत्तीसगढ़ का पुराना नाम क्या है?

छत्तीसगढ़ को पहले दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता है |

छत्तीसगढ़ की मातृभाषा क्या है?

छत्तीसगढ़ी भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में बोली जाने वाली भाषा है | यह हिन्दी के अत्यन्त निकट है और इसकी लिपि देवनागरी है | छत्तीसगढ़ी का अपना समृद्ध साहित्य व व्याकरण है | छत्तीसगढ़ी 2 करोड़ लोगों की मातृभाषा है |