RSK MP 2023 Project Work & Co-Curricular Activities- 2022-2023 में कक्षा 5 और 8 वीं की वार्षिक परीक्षा का कार्य पूरा हो चुका है साथ ही फाइनल एग्जाम के मार्क्स भी संकुल केंद्रों के माध्यम से फीड किये जा चुके हैं।
लेकिन अब सभी शाला प्रभारियों को निर्देशित किया गया है की वे स्वयं के आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से https://www.rskmp.in/ पोर्टल में मार्क्स फीड करना सुनिश्चित करें ताकि फाइनल रिजल्ट समय रहते घोषित किया जा सके साथ ही मार्कशीट भी प्रिंट की जा सकें
RSK MP 2022: 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा Project Work & Co-Curricular Activities मार्क्स फीड करने के लिए निम्न प्रोसेस को फॉलो करना पड़ेगा |
STEP 1: सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल परशाला प्रभारी की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है।
अतः सभी शाला प्रभारी अपनी यूनिक आईडी एवं पासवर्ड में अपनी जन्मतिथि दर्ज कर पोर्टल पर लॉगिन करें ध्यान रखें जन्मतिथि वही दर्ज करना है जो आपके सर्विस बुक में दर्ज है अन्यथा आपको पोर्टल में लॉगिन करने में परेशानी होगी।
STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर मेनू प्रदर्शित होंगे ITEM BANK , 5-8 EXAM (2022-23) और My Account|
STEP 4: Internal Mark List में जाकर सबसे पहले आप छात्रों की सूचि डाउनलोड करके प्रिंट ले प्रिंट लेकर उसमें मार्क्स को फीड करना सुनिश्चित करें उसके बाद आप ऑनलाइन फीडिंग करें ताकि गलती होने की कोई सम्भावना न रहे
STEP 3: उपरोक्त दिए हुए मेनू में से आपको 5-8 EXAM (2022-23) में क्लिक करना हैं जिसके अंतर्गत सबमेनू में आप को Internal Marks Entry वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है |
STEP 4: उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको 5 8 ANNUAL EXAM में क्लिक करना हैं जिसके अंतर्गत Co-Curricular Activities मार्क्स एंट्री करने के लिए उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको Co-Curricular Activities में क्लिक करना हैं
STEP 5: प्रोजेक्ट वर्क मार्क्स एवं Co-Curricular Activities मार्क्स एंट्री के लिए कक्षा का चयन करें जिसके मार्क्स आप फीड करना चाहते हैं | उपरोक्त चयन के आधार पर लिस्ट आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी जिसमें आपको बच्चों के नंबर फीड करना होगा
STEP 6: मार्क्स फीड होने के पश्चात नीचे दिए हुए वेरीफाई बटन पर क्लिक करने सबमिट कर देना है इस प्रकार आप मार्क्स फीड कर पाएंगे
कक्षा 5 में अतिरिक्त भाषा में क्या दर्ज करना है
कक्षा 5 में प्रोजेक्ट का नंबर फीड करते समय अतिरिक्त भाषा में 0 दर्ज करें
यदि छात्र अनुपस्थिति है उस स्थिति में क्या करना होगा
छात्र के अनुपस्थिति होने पर भी मार्क्स में 0 दर्ज करें
सह शैक्षणिक में अनुपस्थित छात्र के लिए क्या करना होगा
सह शैक्षणिक में अनुपस्थित छात्र के लिए भी ग्रेड देना अनिवार्य है अब छात्र की कुशलता के आधार पर ग्रेडिंग कर सकते हैं
Rsk Mp add children without samgra ID: अन्य प्रदेश के ऐसे विद्यार्थी जो मध्य प्रदेश के स्कूलों में दर्ज हैं ऐसे विद्यार्थियों को राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा RSK MP PORTAL पर कक्षा 5 और 8 वीं की वार्षिक परीक्षा के लिए जोड़ने सुविधा उप्लब्ध करवा दी गयी है|
अन्य प्रदेश के ऐसे विद्यार्थी जो मध्य प्रदेश के स्कूलों में अध्ययन कर रहे हैं और उनकी समग्र आई डी नहीं है, ऐसे विद्यार्थीओ को पोर्टल पर जोड़ने की सुविद्या शुरू हो गयी है
यह सुविधा केवल और केवल जिले स्तर पर उपलब्ध होगी
समस्त जानकारी सुनिश्चित करते हुए ही इन विद्यार्थीओ को पोर्टल पर जोड़ने के निर्देश गए हैं जिन विद्यार्थियों की समग्र आई डी है उन्हें न जोड़े, बाद में किसी भी प्रकार से इनकी आई डी परिवर्तित नहीं की जाएगी|
कक्षा 5 और कक्षा 8 वीं परीक्षा के लिए बिना समग्र आई डी वाले बच्चो को कैसे ऐड करे?:
कक्षा 5 और कक्षा 8 वीं परीक्षा के लिए बिना समग्र आई डी वाले बच्चो को जोड़ने के लिए निम्न प्रोसेस करनी पड़ेगी :
STEP 1: उक्त आदेशानुसार सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल पर शाला के RTE पोर्टल के यूजर आईडी एवं पासवर्ड लॉगिन करना होगा |
STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर कई सारे मेनू प्रदर्शित होंगे इसमें से 5-8 EXAM (2022-23) में वर्क करना है
STEP 3: उपरोक्त दिए हुए में से आपको 5-8 EXAM (2022-23) में क्लिक करने हैं जिसमे से आपको सबमीनू में Student Add (Without Samgra ID) वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है |
STEP 4: Student Add (Without Samgra ID) में क्लिक करने के बाद एक नया पेज ओपन होगा जिसमे आप को स्कूल का Dise Code एंटर करना है उसके बाद स्टूडेंट की साडी डिटेल एंटर करना है और उस के बाद Confirm & Add वाली बटन पर क्लिक करना है |
STEP 5:Confirm & Add वाली बटन पर क्लिक करते ही Student Added Successfully का massage दिखाई देगा |
इस प्रकार से अन्य प्रदेश के ऐसे विद्यार्थी जो मध्य प्रदेश के स्कूलों में अध्ययन कर रहे हैं और उनकी समग्र आई डी नहीं है उनको बड़ी आसानी से जोड़ सकते है और उनका वार्षिक परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी करवा सकते हैं |
Mukhyamantri Ladli Bahna Yojana 2023: मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की शुभारम्भ मध्य प्रदेश सरकार यानि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी के द्वारा किया गया है मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन,उनके स्वास्थ एवं पोषण स्तर में सतत सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने हेतु शासन द्वारा मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना प्रारंभ की जा रही है|
योजना के तहत बहनो को 1000 रुपये प्रति माह दिया जायेगा एवं सालाना 12 हजार रूपये राज्य सरकार द्वारा दिये जायेंगे। यह योजना 5 मार्च 2023 से शुरू हो गयी है जिसके लिए आवेदन की शरुआत 25 मार्च 2023 से की जावेगी । यह राज्य की महिलाओ के लिए सबसे बड़ी योजना सरकार ने शुरू की है, जो लगभग राज्य के प्रत्येक घर में पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 का संछिप्त परिचय :
विभाग
महिला एवं बाल विकास विभाग
योजना का नाम
लाडली बहना योजना
हितग्राही मूलक है या नही
अधिकार क्षेत्र
राज्य प्रवर्तित योजना
योजना कब से प्रारंभ की गयी
2023-03-15
योजना का उद्येश्य
प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन,उनके स्वास्थ एवं पोषण स्तर में सतत सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करने हेतु शासन द्वारा मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना प्रारंभ की जा रही है.
लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते / लाभार्थी चयन प्रक्रिया
योजना अंतर्गत पात्रता :- योजना के अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिला पात्र होफी जो- * मध्यप्रदेश में स्थानीय निवासी हों. * विवाहित हो, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित होंगी. * आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्तिथि में 23 वर्ष पूर्ण कर चुकी हों तथा 60 वर्ष की आयु से कम हो.
लाभार्थी वर्ग
सामान्य ,अन्य पिछड़ी जाति ,अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,अल्पसंख्यक ,पीडित महिला
लाभार्थी का प्रकार
महिला ,परित्यक्ता ,विधवा ,गर्भवती महिला ,धात्री माता
लाभ की श्रेणी
वित्तीय सहायता /भत्ता
योजना का क्षेत्र
Urban and Rural
आवेदन/संपर्क/पंजीयन/प्रशिक्षण कहाँ करें
कैंप/ ग्राम/ पंचायत/ वार्ड कार्यालय/ आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से
पदभिहित अधिकारी
समय सीमा
आवेदन प्रक्रिया
योजना अंतर्गत अपात्रता :- • जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो. • जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग उपक्रम मंडल स्थानीय निकाय में नियमित स्थाई कर्मी संविदा कर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हूं परंतु महान सेवी कर्मी तथा आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियोजित कर्मचारी अपात्र नहीं होंगी. • जो स्वयं भारत सरकार/राज्य सरकार की किसी भी योजना के अंतर्गत प्रतिमाह राशी रुपए 1000/- या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही है. • जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद विधायक हो • जिनके परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड/निगम/मंडल/उपक्रम का अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष/संचालक सदस्य हो. • जिनके परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि(पंच एवं उपसरपंच को छोड़कर) हो. • जिनके परिवार के सदस्यों के पास संयुक्त रुप से कुल 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो.(यहां पर परिवार का अर्थ पति-पत्नी एवं आश्रित बच्चों से) • जिनके परिवार के सदस्यों के नाम से पंजीकृत चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर सहित) रहे हो.
आवेदन शुल्क
निःशुल्क
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 के सम्बन्ध में बार -बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):
1. मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना 2023 के क्या उद्देश्य हैं?
उत्तर – महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका सुदृढ़ करना।
2.योजना अंतर्गत हितग्राहियों की पात्रता क्या निर्धारित की गयी है?
उत्तर- योजना में उल्लेखित अपात्रता की श्रेणी में नहीं आने वाली, 01 जनवरी 1963 के पश्चात् परन्तु 01 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवंपरित्यक्ता महिला सहित) वर्ष 2023 में आवेदन हेतु पात्र होगी।
3.क्या योजना अंतर्गत परिवार की आय की कोई भी सीमा है ?
उत्तर- हाँ, योजना के अंतर्गत ऐसी महिलाऐं अपात्र होंगी, जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिकआय रुपये 2.5 लाख से अधिक हो।
4. क्या आयकर दाता होने पर भी योजना का लाभ मिलेगा ?
उत्तर- नहीं, यदि आवेदिका के परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो, तो योजना अंतर्गत वह अपात्र होगी।
5. योजना अंतर्गत आयकर दाता से आशय क्या है?
उत्तर- आयकर दाता से आशय ऐसे व्यक्ति से है, जिसके द्वारा विगत वर्ष में आयकर योग्य आय होने के कारण आयकर रिटर्न दाखिल किया हो।
6. क्या शासकीय सेवा में कार्यरत महिलाओं को भी योजना का लाभ मिलेगा?
उत्तर. नहीं, यदि आवेदिका के परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम / मण्डल/स्थानीय निकाय में नियमित / स्थाईकर्मी/संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो, तो वह अपात्र होगी, परंतु मानसेवीकर्मी तथा आउटसोर्सिग ऐजेंसी के माध्यम से नियोजित कर्मचारी अपात्र नहीं होंगी।
7.क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता/सहायिका/आशा कार्यकर्त्ता अथवा अन्य मानसेवी कर्मी योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकेंगी ?
उत्तर – जी हाँ, यदि महिला योजना में उल्लेखित अपात्रता की श्रेणी में नहीं आती है तो वह लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र है। किसी महिला के मात्र आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता/सहायिका / आशा कार्यकर्ता अथवा अन्य मानसेवी कर्मी होने के कारण वह अपात्र नहीं होगी।
8. आवेदिका किसी अन्य योजना में भी लाभार्थी है और उस योजना से प्रति माह 1000/- रु से कम प्राप्त कर रही है, तो क्या आवेदिका इस योजना के लिए पात्र है?
उत्तर- हाँ, 1000 रूपए में बची हुई शेष राशि का भुगतान आवेदिका को किया जायेगा। (सिर्फ सामाजिक न्याय विभाग की पेंशनकर्ता के लिए उदाहरण: यदि आवेदिका सामाजिक न्याय विभाग की पेंशनकर्ता है एवं आवेदिका को 600 रुपए की राशि मासिक प्राप्त हो रही है तो ऐसे में 400 रूपए की शेष राशि जोहकर आपको दिए जायेंगे।
9.यदि आवेदिका के परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकाय में जनप्रतिनिधि है तो क्या योजना का लाभ मिलेगा ?
उत्तर- नहीं, यदि आवेदिका के परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकाय में निर्वाचित जनप्रतिनिधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा, किन्तु पंच एवं उपसरपंच होने पर आवेदिका अपात्र नहीं होगी।
10. यदि आवेदिका के परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद / विधायक अथवा केंद्र सरकार या राज्य सरकार के किसी बोर्ड/निगम/मंडल / उपक्रम का अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/ संचालक/सदस्य हो तो क्या आवेदिका योजना का लाभ ले सकती है?
उत्तर नहीं आवेदिका को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
11. योजना अंतर्गत लाभ लेने हेतु आवेदिका को किन-किन प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होगी ?
उत्तर – योजना अंतर्गत लाभ लेने हेतु आवेदिका को आवेदन पत्र के साथ किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है। आवेदिका द्वारा “आवेदन हेतु आवश्यक जानकारी के पत्रक में की गयी स्व-घोषणा ही पर्याप्त है।
12. आवेदिका को योजना अंतर्गत लाभ लेने हेतु “आवेदन हेतु आवश्यक जानकारी का पत्रक कहाँ से प्राप्त होगा ?
उत्तर – पत्रक ग्राम पंचायत कार्यालय, वार्ड कार्यालय, योजना अंतर्गत आयोजित शिविर में अथवा आंगनवाडी केन्द्र से निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है।
13. आवेदिका को अपने “आवेदन हेतु आवश्यक जानकारी के पत्रक की ऑनलाइन प्रविष्टि कहाँ करानी होगी ?
उत्तर -आवेदिका को अपने आवेदन हेतु आवश्यक जानकारी के पत्रक की ऑनलाइन प्रविष्टि में आयोजित होने वाले कैम्प में करानी होगी।
हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से बतायेगे की आप फेसबुक में अपना पासवर्ड कैसे चेंज कर सकते हैं आप इस आर्टिकल के माध्यम से डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों विधियों से जानेगे अपने फेसबुक का पासवर्ड चेंज करना। चकिए दोस्तों स्टेप बाय स्टेप जान लेते हैं फेसबुक का पासवर्ड चेंज करना।
दोस्तों कई उपयोगकर्ता सोशल मीडिया साइट तक पहुंच को आसान बनाने के लिए अपने कंप्यूटर और मोबाइल उपकरणों पर फेसबुक में लॉग इन रहना चुनते हैं। हालाँकि, जब आप अनजाने में लॉग आउट करते हैं, तो हो सकता है कि आपको अपना पासवर्ड याद न हो। आप अपना पासवर्ड पुनर्प्राप्त नहीं कर सकते क्योंकि Facebook इसे नहीं जानता है, लेकिन आप इसे रीसेट कर सकते हैं।
डेस्कटॉप पर Facebook का पासवर्ड कैसे चेंज करें ?
यदि आप किसी ऐसे उपकरण का उपयोग कर रहे हैं जिसे हाल ही में आपके Facebook खाते में लॉग इन किया गया था, तो हो सकता है कि Facebook आपको हाल ही में लॉगिन करके अपना दिन बचाने में सक्षम हो। यदि आप अपनी खाता प्रोफ़ाइल देखते हैं, तो इसे अपने खाते में स्वचालित रूप से लॉग इन करने के लिए चुनें।
अगर आप किसी नए डिवाइस पर हैं या Facebook को आपका पिछला लॉगिन याद नहीं है, तो Facebook Find Your Account पेज पर जाएँ।
अपना ईमेल पता, फोन नंबर, अपना पूरा नाम या अपना उपयोगकर्ता नाम दर्ज करें। फिर, खोज का चयन करें।
यदि आपने कोई ईमेल पता या फ़ोन नंबर दर्ज किया है और Facebook को एक मेल प्राप्त होता है, तो चुनें कि आप अपना पासवर्ड रीसेट कोड कैसे प्राप्त करना चाहते हैं, और फिर जारी रखें चुनें।
यदि आपने खोज क्षेत्र में कोई नाम दर्ज किया है, तो फेसबुक आपको समान खोज परिणाम दिखाता है। यदि आप अपना प्रोफ़ाइल चित्र देखते हैं, तो यह मेरा खाता है चुनें, या मैं इस सूची में नहीं हूं चुनें।
यदि आपने अपना खाता चुना है, तो चुनें कि आप पासवर्ड रीसेट कोड कैसे प्राप्त करना चाहते हैं और फिर जारी रखें चुनें।
अगर आपको अपना खाता मिल गया है, लेकिन आपके पास आपके द्वारा सेट किए गए फ़ोन नंबर और ईमेल तक पहुंच नहीं है, तो Facebook आपकी पहचान सत्यापित नहीं कर सकता है।
यदि आपको अपना खाता मिल गया है और आपने अपना रीसेट कोड प्राप्त करने के लिए कोई विधि चुनी है, तो आपको प्राप्त सुरक्षा कोड दर्ज करें और जारी रखें चुनें।
एक नया पासवर्ड दर्ज करें और जारी रखें चुनें। दोस्तों अब आपने आपने अपना सफलतापूर्वक अपना फेसबुक का पासवर्ड बदल दिया है।
अगर किसी और के पास आपके पुराने पासवर्ड तक पहुंच है, तो फेसबुक आपको अन्य उपकरणों से लॉग आउट करने की सलाह देने वाला एक संदेश प्रदर्शित करता है। अन्य उपकरणों से लॉग आउट करें या लॉग इन रहें का चयन करें और फिर जारी रखें चुनें।
मोबाईल में फेसबुक ऐप से फेसबुक पासवर्ड रीसेट कैसे करें ?
दोस्तों यदि आप आईओएस या एंड्रॉइड डिवाइस पर फेसबुक का उपयोग करते हैं, तो यहां बताया गया है कि अपना खाता कैसे पुनर्प्राप्त करें।
फेसबुक लॉगिन स्क्रीन पर, पासवर्ड फॉरगॉट पर टैप करें।
फ़ोन नंबर, ईमेल पता, नाम या उपयोगकर्ता नाम दर्ज करें।
अपनी सेटिंग्स के आधार पर ईमेल के माध्यम से पुष्टि करें या टेक्स्ट के माध्यम से पुष्टि करें चुनें और फिर जारी रखें पर टैप करें।
पासवर्ड रीसेट कोड दर्ज करें।
मुझे लॉग इन रखें चुनें या अन्य उपकरणों से मुझे लॉग आउट करें और जारी रखें पर टैप करें।
एक नया पासवर्ड दर्ज करें और जारी रखें पर टैप करें। अब आप अपने फेसबुक अकाउंट में वापस आ गए हैं।
निष्कर्ष –
दोस्तों उम्मीद करता हूँ आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों फेसबुक में पासवर्ड चेंज करने के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी और साथ ही मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों में आपने फेसबुक का पासवर्ड चेंज करने के स्टेप समझ आगये होंगे दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।
STUDNET ADMIT CARD FOR 5 AND 8 EXAM: सत्र 2022 -2023 में कक्षा 5 और 8 वीं परीक्षा होने वाली हैं जिसके लिये सभी शाला प्रभारी को विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि समय अवधि में 5 और 8 वीं में पढ़ने वाले बच्चों का वेरिफिकेशन कराना सुनिश्चित करना है और साथ ही एडमिट कार्ड में हुए गलतियों का सुधार भी करना है | इसके लिए पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध करवा दी गयी है | प्रोसेस जानने से पहले विभाग द्वारा जारी आदेश पढ़ें और साथ ही हमारे द्वारा बताई गयी प्रोसेस को भी फॉलो करे :-
कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा हेतु छात्रों के वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक निर्देश।
समस्त अशासकीय स्कूल के पांचवी एवं आठवीं मैं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का वेरिफिकेशन किया जाना है।
इसके लिए www.rskmp.in पोर्टल पर शाला के RTE पोर्टल के यूजर आईडी एवं पासवर्ड लॉगिन किया जा सकता है।
लॉगिन होने के उपरांत उक्त आईडी पर केवल संबंधित शाला के बच्चे वेरिफिकेशन हेतु दिखाई देंगे।
लिस्ट में सभी बच्चों को एक-एक करके वेरीफाई करना होगा।
इस वेरिफिकेशन के दौरान प्रत्येक बच्चे की जानकारी सही की जानी है।
जिस बच्चे की जानकारी वेरीफाई हो जाएगी उसका कलर लिस्ट में हरा हो जाएगा।
लिस्ट में दिख रहे जो बच्चे शाला में अध्ययनरत नहीं है उसे डिलीट किया जा सकेगा।
जो बच्चे अन्य शालाओं में मैप है उन्हें अपनी इस शाला में ऐड किया जा सकेगा। लेकिन यहां ऐड होने से उसका शिक्षा पोर्टल में अपडेशन नहीं रहेगा यह डाटा केबल परीक्षा हेतु अलग से बन रहा है।
वेरिफिकेशन केवल एक ही बार होगा अतः प्रत्येक बच्चे के वेरिफिकेशन के समय जानकारी सही-सही होनी चाहिए।
उक्त आदेश का अनुशरण करते हुए दिए हुए समयावधि में सभी शाला प्रभारी प्राथिमकता से इस कार्य को पूरा करना सुनश्चित करें|
शासकीय स्कूल कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा 2023 के लिये RSK पोर्टल लॉगिन और बच्चों का वेरिफिकेशन और एडमिट कार्ड में सुधार कैसे करे स्टेप बाय स्टेप जाने पूरी प्रक्रिया :
STEP 1: उक्त आदेशानुसार सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल पर शाला के RTE पोर्टल के यूजर आईडी एवं पासवर्ड लॉगिन करना होगा |
STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर कई सारे मेनू प्रदर्शित होंगे इसमें से 5-8 EXAM (2022-23) में वर्क करना है
STEP 3: उपरोक्त दिए हुए में से आपको 5-8 EXAM (2022-23) में क्लिक करने हैं जिसमे आपको सबमीनू मिलेंगे STUDENT VERIFICATION,
STUDENT VERIFICATION:- 8 ANNUAL EXAM के लिए वेरिफिकेशन इसी लिंक से किया जाना है
STEP 4: अब चलते हैं स्टूडेंट वेरिफिकेशन लिंक में कक्षा का चयन करें जिसका वेरिफिकेशन या सुधार करना है चयन करके सबमिट करते ही सभी बच्चों की लिस्ट स्क्रीन पर होगी जिसके सामने एडिट का बटन दिखाई देगा उस दिए गए एडिट के बटन पर क्लिक करना है यहाँ पर उस बच्चे को ही हटाया जा सकता है जिसका वेरिफिकेशन नहीं किया गया है यदि उपरोक्त लिस्ट में से किसी बच्चे को हटाना चाहते हैं तो उसके सामने वाली डिलीट बटन पर क्लिक करें।
STEP 5: यहाँ पर लिस्ट में जिस बच्चे की डिटेल में सुधार करना है उसके सामने दिख रही एडिट बटन पर क्लिक करना है , एडिट बटन पर क्लिक करते ही कुछ इस तरह से स्क्रीन ओपन होगी | अब आप उस बच्चे की डिटेल में सुधार करके Update के बटन पर क्लिक करेंगे|
STEP 6: सभी जानकारी सुधार करने के पश्चात नीचे दिए वेरीफाई बटन पर क्लिक करते ही एक नहीं विंडो ओपन होगी जिसमें yes verified it बटन पर क्लिक करना है |ध्यान रहे आप एक बार ही वेरीफाई कर सकते अतः सभी जानकारी को सही सही भरना अनिवार्य है
STEP 7:वेरीफाई होते ही STUDENT DETAILS UPDATED SUCCESSFULLY का मैसेज आएगा
STEP 8: इस तरह से किसी भी भी बच्चे की डिटेल में सुधार कर सकते हैं|
हेलो दोस्तों , यदि आप सोच रहे हैं, “SSD क्या है?” लेकिन इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते, आप सही जगह पर आए हैं। सॉलिड-स्टेट ड्राइव (SSD) एक स्टोरेज डिवाइस है जो डेटा को पढ़ने, लिखने और स्थायी पावर स्रोत के बिना स्थायी रूप से स्टोर करने की अनुमति देता है। SSD हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) से कैसे भिन्न है? इनमें से कोनसा बेहतर है? और आप अपनी आवश्यकताओं के लिए सही SSD कैसे चुन सकते हैं? आज हम ये सभी सवालो के जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से जानेगे तो बने रहिये हमारे साथ।
SSD क्या है –
SSD एक नॉन-वोलेटाइल स्टोरेज डिवाइस है, जो सॉलिड स्टेट ड्राइव के लिए है। एसएसडी फ्लैश मेमोरी चिप्स पर डेटा स्टोर करता है और बिजली बंद होने पर भी डेटा को स्थायी स्थिति में रखता है। कभी-कभी, इस स्टोरेज डिवाइस को सॉलिड-स्टेट डिस्क या सॉलिड-स्टेट डिवाइस भी कहा जाता है।
इलेक्ट्रोमैकेनिकल ड्राइव की तुलना में, SSD में कम विलंबता और जल्दी पहुंच होती है। ये स्टोरेज डिवाइस डेटा को सेमीकंडक्टर सेल्स में स्टोर करते हैं। HDD (हार्ड डिस्क ड्राइव) के विपरीत, SSD में कोई मूविंग पार्ट नहीं होता है। इसलिए इन्हें सॉलिड-स्टेट ड्राइव कहा जाता है।
SSD के प्रकार –
सॉलिड-स्टेट ड्राइव (SSD) के कई प्रकार निम्नलिखित हैं:
mSATA
2
PCIe
NVMe
SSD और HDD के बीच का अंतर –
HDD कैसे काम करता है –
SSD की तुलना में HDD लगभग लंबे समय तक रहे हैं। आप उन्हें विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे डेस्कटॉप, लैपटॉप, गेम कंसोल, मोबाइल फोन और टैबलेट में पा सकते हैं। हालाँकि, अब इसे संचालन के तरीके के कारण डेटा संग्रहीत करने के लिए एक पुरानी तकनीक माना जाता है।
यदि आप पुराने रिकॉर्ड प्लेयर से परिचित हैं, तो एचडीडी थोड़ा समान है। HDD एक इलेक्ट्रो-मैकेनिकल, वोलेटाइल स्टोरेज डिवाइस है जिसमें कई प्लेटर्स (डिस्क) होते हैं जो एक स्पिंडल (केंद्रीय अक्ष) के चारों ओर घूमते हैं। इसमें एक यांत्रिक भुजा होती है जो इसे डेटा लिखने और पढ़ने में सक्षम बनाती है। दो लोकप्रिय HDD आकार हैं: 2.5-इंच HDD लैपटॉप में उपयोग किया जाता है और 3.5-इंच HDD डेस्कटॉप में पाया जाता है। एक HDD की गति प्रति मिनट उसके द्वारा किए जाने वाले स्पिन/रोटेशन की संख्या पर निर्भर करती है।
SSD कैसे काम करता है –
HDD के विपरीत, SSD स्टोरेज डिवाइस में मूविंग पार्ट्स और लगभग तुरंत एक्सेस टाइम नहीं होता है। एसएसडी के साथ, डेटा को माइक्रोचिप्स में संग्रहीत किया जाता है, जिससे यह तेज़ हो जाता है। SSD HDD की तुलना में आकार में छोटा है और इसे सीधे मदरबोर्ड पर भी लगाया जा सकता है। आप कह सकते हैं कि यह USB मेमोरी स्टिक का अधिक उन्नत और परिष्कृत रूप है। SSD फ्लैश-आधारित मेमोरी पर निर्भर करता है, जिसमें NOR और NAND दो सबसे लोकप्रिय फ्लैश प्रकार हैं।
अधिकांश SSD NAND फ्लैश मेमोरी का उपयोग करते हैं क्योंकि यह लिखने के लिए तेज़ है और NOR की तुलना में आकार में छोटा है। नंद एक गैर-वाष्पशील फ्लैश है जो डिस्क बंद होने पर भी इसमें डेटा संग्रहीत रखता है। जबकि HDD में डेटा पढ़ने और लिखने के लिए एक यांत्रिक हाथ होता है, SSD डेटा को पढ़ने और लिखने के लिए एक प्रोसेसर (नियंत्रक) का उपयोग करता है। यह डेटा को स्टोर करने, पुनर्स्थापित करने, कैशिंग और सफाई करने का भी प्रभारी है।
SSD, HDD से बेहतर क्यों है –
अब, स्टोरेज ड्राइव की लड़ाई पर आते हैं। जबकि अच्छी ओल ‘स्पिनिंग डिस्क अभी भी कई डेटा केंद्रों और बजट उपभोक्ताओं द्वारा बेची और उपयोग की जाती है, अधिक उद्यम और उपभोक्ता एसएसडी की ओर बढ़ रहे हैं।दोस्तों गति एक HDD पर SSD का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण लाभ है।
चूंकि इसमें मूविंग पार्ट्स नहीं होते हैं, इसलिए SSD डेटा को HDD की तुलना में 10 गुना तेजी से पढ़ सकता है और 20 गुना तेजी से लिख सकता है। इसके अलावा, एचडीडी की प्रतिलिपि प्रक्रिया 30 एमबी/एस और 150 एमबी/एस के बीच होती है, जबकि एक मानक एसएसडी 500 एमबी/एस लेता है। इस तरह, एसएसडी तेजी से बूट समय, एप्लिकेशन और फाइलों के लिए लोड समय (जैसे गेम और वीडियो), और डेटा ट्रांसफर प्रदान करते हैं।
बहुत सारे यांत्रिक कार्यों पर एचडीडी की निर्भरता के कारण, यह बिजली-भूख भंडारण है। इसके विपरीत, SSD अधिक ऊर्जा-कुशल होते हैं और कम बिजली की खपत करते हैं, बैटरी जीवन को लम्बा खींचते हैं। एसएसडी अधिक गर्मी प्रतिरोधी होते हैं, जबकि एचडीडी सिस्टम के समग्र प्रदर्शन से समझौता करते हुए अधिक गरम हो जाते हैं। कोई मूविंग पार्ट्स नहीं होने से SSD को टिकाऊपन के मामले में HDD पर बढ़त मिलती है।
यह एक अधिक विश्वसनीय भंडारण उपकरण है, कंपन नहीं करता है, और झटके सह सकता है, जो HDD नहीं कर सकता। SSDs भी शांत होते हैं, जबकि HDD शोर वाले होते हैं। SSD HDD की तुलना में हल्के होते हैं, जो उन्हें प्रदर्शन और कार्यक्षमता में अधिक कुशल बनाते हैं।
SSD का सबसे ज्यादा कहाँ उपयोग किया जाता है –
1. व्यापार –
SSD उन व्यवसायों और उद्यमों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है जो डेटा के ढेर को प्रबंधित और संग्रहीत करते हैं, इसकी उच्च गति, उच्च प्रदर्शन और स्थानांतरण और एक्सेस समय दाखिल करने में विश्वसनीयता के लिए धन्यवाद। उदाहरण के लिए प्रोग्रामिंग और ग्राफिक डिजाइन को लें। हालांकि एचडीडी ग्राफिक डिजाइनरों और प्रोग्रामर के बीच इसकी बड़ी भंडारण क्षमता के कारण आम है, पेशेवरों ने हाल ही में एसएसडी की ओर अपनी गति के लिए स्थानांतरित कर दिया है। वे एचडीडी की तुलना में कम समय सीमा में अधिक प्रोजेक्ट वितरित कर सकते हैं।
2. वेबसाइट होस्टिंग –
वेब होस्टिंग उद्योग में गति एक आवश्यक कारक है। यदि आपकी वेबसाइट धीरे-धीरे लोड होती है, तो आप राजस्व और ट्रैफ़िक खो देंगे, अंततः आपके ऑनलाइन व्यवसाय को मार देंगे। क्या आप जानते हैं कि Google पर आपकी वेबसाइट की रैंकिंग सुधारने के लिए गति एक महत्वपूर्ण कारक है?
3. गेमिंग –
SSD गेमिंग के प्रति उत्साही लोगों के बीच लोकप्रिय है, और इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। एसएसडी का प्रदर्शन गति से लेकर स्थायित्व और ऊर्जा दक्षता तक गेमिंग के लिए आदर्श है। गेम इन दिनों भारी बनावट और मॉडल से भरे हुए हैं जिन्हें एचडीडी के साथ लोड होने में 3 मिनट तक लग सकते हैं। लेकिन SSD के साथ, वही गेम एक मिनट से भी कम समय में लोड हो जाएगा।
SSD के लाभ –
SSD कम बिजली की खपत करते हैं।
डेटा को पढ़ने और लिखने की गति तेज होती है।
एसएसडी का मुख्य लाभ यह है कि यह कम शोर पैदा करता है क्योंकि एसएसडी गैर-यांत्रिक हैं।
SSDs की उच्च गति के कारण, फ़ाइलें जल्दी से स्थानांतरित हो जाती हैं।
SSD के नुकसान –
सॉलिड-स्टेट ड्राइव का सबसे महत्वपूर्ण नुकसान लागत है क्योंकि वे महंगे हैं।
आप सभी के मन में जिज्ञासा तो होगी ही कि Right To Education Act (RTE) क्या है तो आइये जानते है कि Right To Education Act (RTE) क्या है? शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और RTE कब लागु हुआ?
Right To Education Act :- किसी भी देश की ताकत और भविष्य उस देश के बच्चे होते है। ऐसे में बच्चो के बालपन में उनका अच्छे से शिक्षण मिलना बहुत जरूरी है, ताकि आगे आने वाले समय में देश के लिए अच्छे नागरिक बन सके। पहले के जमाने में शिक्षण का स्तर बिगड़ चुका था। अमीर के बच्चे ही अच्छी पढ़ाई कर पाते थे तो वहीं दूसरी ओर गरीब बच्चो को पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक एक्ट जारी किया और इस एक्ट का नाम दिया RTE (Right To Education) Act.
RTE Act, 2009 ( शिक्षा का अधिकार अधिनियम,2009) :- RIGHT OF CHILDREN TO FREE AND COMPULSORY EDUCATION ACT, 2009
Right To Education Act (RTE) भारत की संसद का एक अधिनियम है जिसे 4 अगस्त 2009 को अधिनियमित किया गया था। बाद में 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी रूप से लागू किया गया। जिसमे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का महत्व पूर्ण आधिकार देता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू करने वाला, और हर एक बच्चे को शिक्षा का अधिकार देने वाला भारत दुनिया के 135 देशों में शामिल हुआ।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 सभी जातियों के बालक तथा बालिकाओं को जो 6 से 14 वर्ष के हो उन्हें नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है।
शिक्षा का अधिकार कानून :-
वंचित समूह और कमज़ोर वर्ग के बच्चों का प्रायवेट स्कूलों की प्रथम कक्षा में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था:-
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बनाये गये नियम दिनांक- 26 मार्च 2011 से लागू। नियम अंतर्गत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए प्रायवेट स्कूलों तथा केन्द्रीय विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में कक्षा 1 में अथवा प्री स्कूल की शिक्षा से प्रारंभ होने वाले प्रायवेट स्कूलों की प्रवेशित कक्षा में, न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य। शासन द्वारा नियमानुसार फीस की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था।
स्कूल की पड़़ोस की बसाहटों में निवासरत् इन वर्गों के परिवार के बच्चें उपरोक्त सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
प्रवेश के बाद संबंधित स्कूल में कक्षा 8 तक निःशुल्क अध्ययन की सुविधा।
वंचित समूह और कमजोर वर्ग कौन हैं ?
वंचित समूह – वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार और 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता वाले बच्चे शामिल।
कमजोर वर्ग – कमजोर वर्ग में गरीबी रेखा के नीचे के परिवार शामिल।
HIV ग्रस्त बच्चे
वंचित समूह, कमजोर वर्ग तथा HIV ग्रस्त वर्ग का प्रमाण –
वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति के लिए राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार के लिए संबंधित पट्टा या वन अधिकार अधिनियम के तहत जारी अधिकार पत्र, निःशक्तता वाले बच्चों के लिए 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता का चिकित्सीय प्रमाण पत्र या उपरोक्त सभी के लिए किसी अन्य शासकीय दस्तावेज में दर्ज जानकारी के आधार पर प्रवेश।
कमजोर वर्ग के लिए बी.पी.एल./ अंतयोदय कार्ड मान्य।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा पंजीकृत अनाथ बच्चे
HIV ग्रस्त केटेगरी का है तो जिला मेडिकल वोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र
कोविड-19 से माता-पिता/अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ बच्चे
Important Point of Right to Education Act 2009:
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के महत्वपूर्ण बिंदु –
1- Right To Education Act 2009 के अंतर्गत देश में सरकारी स्कूल में 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी
2- इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों में 6-14 वर्ष की उम्र वाले 25% गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करनी होगी। यदि उपर बताए गए रूल्स को कोई स्कूल फॉलो नहीं करने पर वसूली गयी फीस से 10 गुना अधिक जुर्माना तथा स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
3- मान्यता रद्द होने के बाद भी स्कूल संचालित करने पर एक लाख रूपये तथा इसके बाद रोज़ाना दस हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। Right To Education (RTE) Act( के तहत देश के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की ज़िम्मेदारी केंद्र तथा राज्य के हाथों में होगी। हर स्कूल में लड़कों और लड़कियों के लिए स्वच्छ और अलग शौचालय होना चाहिए। स्कूलों को मुफ्त में पीने का पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
4- कई बार ऐसा हो जाता है कि किसी कारण से बच्चे का एडमिशन नहीं हो पाता है लेकिन Right To Education (RTE) Act की मदद से किसी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ है तो वो अपनी उम्र के अनुसार प्रवेश ले सकते है|
5- Right To Education (RTE) Act में विकलांग बच्चों का भी विशेष ध्यान दिया गया है इस एक्ट के तहत जो विकलांग बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की उम्र को 14 से बढ़ाकर 18 वर्ष की गयी है| इस एक्ट में शिक्षकों का भी उल्लेख किया है। Right To Education (RTE) Act अधिनियम के अनुसार कोई भी सरकारी शिक्षक स्कूल के अलावा अपना खुद का प्राइवेट ट्यूशन नहीं चला सकते है।
RTE Act के तहत प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेज –Documents Required For RTE MP Admission Under RTE Act
आधार कार्ड
समग्र आईडी
पासपोर्ट फोटो
जन्म प्रमाण पत्र
बीपीएल कार्ड
जाति प्रमाण पत्र
मोबाइल नंबर
शिक्षकों के लिए RTE Act के नियम और कानून – RTE Act Rules and Regulations For Teachers:-
Right To Education Act के अनुसार यह प्रयास किया गया है कि देश के प्रत्येक राज्य, जिला, तालुका और गाव में शिक्षकों की संख्या अच्छी हो। सभी बच्चों को सही से शिक्षा मिल सके उस प्रयास से बच्चो और शिक्षकों की संख्या इस प्रकार रहे की सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल पाए।
पहले के जमाने में देखा गया था कि ज्यादातर शिक्षक सिर्फ शहर में पढ़ना चाहते है, और गाव में ये संख्या बहुत कम होती जा रही थी। तो RTI Act देश में शहर और गाव के दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की समान संख्या में पोस्टिंग करता है। इसके अलावा Right To Education Act उचित रूप से अच्छे और काबिल शैक्षणिक योग्यता वाले शिक्षकों की नियुक्ति करता है।
अधिक जानकारी प्राप्त करने कि लिए आवेदक हमारी वेबसाइट http://enterhindi.com/की मदद ले सकते है |
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RSK MP 2022 class 5th and 8th Admit Card : जैसे कि आप सभी लोग जानते है कि सत्र 2023-24में कक्षा 5 और 8 वीं की वार्षिक परीक्षा होने वाली हैं जिसके लिये सभी शाला प्रभारी को विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि समय अवधि में 5 और 8 वीं में पढ़ने वाले बच्चों का वेरिफिकेशन कराना सुनिश्चित कराना था | जिसके लिए कुछ आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए थे | वे दिशा निर्देश इस प्रकार थे |
कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा हेतु छात्रों के वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक निर्देश।- RSK MP 2023-24 class 5th and 8th Admit Card
समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के पांचवी एवं आठवीं मैं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का वेरिफिकेशन किया जाना है।
इसके लिए www.rskmp.in पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है।
लॉगिन होने के उपरांत उक्त आईडी पर केवल संबंधित शाला के बच्चे वेरिफिकेशन हेतु दिखाई देंगे।
लिस्ट में सभी बच्चों को एक-एक करके वेरीफाई करना होगा।
इस वेरिफिकेशन के दौरान प्रत्येक बच्चे की जानकारी सही की जानी है।
जिस बच्चे की जानकारी वेरीफाई हो जाएगी उसका कलर लिस्ट में हरा हो जाएगा।
लिस्ट में दिख रहे जो बच्चे शाला में अध्ययनरत नहीं है उसे डिलीट किया जा सकेगा।
जो बच्चे अन्य शालाओं में मैप है उन्हें अपनी इस शाला में ऐड किया जा सकेगा। लेकिन यहां ऐड होने से उसका शिक्षा पोर्टल में अपडेशन नहीं रहेगा यह डाटा केबल परीक्षा हेतु अलग से बन रहा है।
वेरिफिकेशन केवल एक ही बार होगा अतः प्रत्येक बच्चे के वेरिफिकेशन के समय जानकारी सही-सही होनी चाहिए।
उक्त कार्य प्रत्येक शाला को 20 मार्च तक पूर्ण करना है।
जिन बच्चों की समग्र आईडी नहीं है उन पर शासन द्वारा 20 मार्च के बाद निर्णय लिया जावेगा।
उक्त आदेश का अनुशरण करते हुए दिए हुए समयावधि में सभी शाला प्रभारी प्राथिमकता से इस कार्य को पूरा कर लिया है |
कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा हेतु छात्रों के वेरिफिकेशन का कार्य पूरा हो जाने के बाद अब rskmp.in पोर्टल पर बच्चों के एडमिट कार्ड एवं अटेंडेंस शीट अपलोड कर दी गयी है
RSK MP 2022 Admit Card | कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें
कक्षा 5 और 8 वीं वार्षिक परीक्षा के लिये बच्चों के एडमिट कार्ड एवं अटेंडेंस शीट जनरेट करने के लिए निम्न प्रोसेस को फॉलो करना पड़ेगा |
STEP 1: सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | संकुल केंद्र कि आइडी एवम पासवर्ड का उपयोग आपको प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए करना होगा ध्यान रहे आपकी यूनिक आईडी एवं पासवर्ड से आप प्रवेश पत्रडाउनलोड नहीं कर पाएंगे इसलिए संकुल केंद्र की आईडी एवं पासवर्ड का ही उपयोग करें|
STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर तीन मेनू प्रदर्शित होने ITEM BANK ,5 8 ANNUAL EXAM और LOGOUT|
STEP 3: उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको 5 8 ANNUAL EXAM में क्लिक करना हैं जिसके अंतर्गत सबमेनू में आप को Generate Admit Card वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है |
STEP 4:Generate Admit Card वाले ऑप्शन पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा | जिमसे आप को विकास खंड , संकुल केंद्र , एग्जाम सेंटर और जिस भी Class का आप को एडमिट कार्ड जनरेट करना है , इन सभी को सेलेक्ट करना है | और Show बटन पर क्लिक करना है |
STEP 5:Show बटन पर क्लिक करते ही आप देखेगे कि आप के उस एग्जाम सेंटर के अंतर्गत सभी बच्चो के एडमिट कार्ड जेनेरेट हो जायेगे | अब हम जेनेरेट हुए एडमिट कार्ड को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट)
STEP 6: अब हम जेनेरेट हुए एडमिट कार्ड को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट) सेव करेंगे और उसका प्रिंट निकल लेंगे | यदि हम एडमिट कार्ड्स को पीडीऍफ़ फॉर्मेट में सेव करते हैं तो एक पेज में तीन एडमिट कार्ड प्रिंट होंगे |
अब इसी तरह से हम अटेंडेंस शीट को जेनेरेट करनाचाहते हैं तो निम्न प्रोसेस को फॉलो करना पड़ेगा
STEP 1: सर्वप्रथम आप राज्य शिक्षा केंद्र की www.rskmp.in आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ | पोर्टल पर शाला के किसी भी शिक्षक की यूनिक आईडी एवं पासवर्ड के रूप में संबंधित शिक्षक की जन्मतिथि से लॉगिन किया जा सकता है। अतः सभी शाला प्रभारी अपनी यूनिक आईडी एवं पासवर्ड में अपनी जन्मतिथि दर्ज कर पोर्टल पर लॉगिन करें ध्यान रखें जन्मतिथि वही दर्ज करना है जो आपके सर्विस बुक में दर्ज है अन्यथा आपको पोर्टल में लॉगिन करने में परेशानी होगी।
STEP 2: सफलतापूर्वक लॉगिन हेने के पश्चात कुछ इस प्रकार का डैशबोर्ड आपको दिखाई देगा जहाँ पर तीन मेनू प्रदर्शित होने ITEM BANK ,5 8 ANNUAL EXAM और LOGOUT|
STEP 3: उपरोक्त दिए हुए तीन मेनू में से आपको 5 8 ANNUAL EXAM में क्लिक करना हैं जिसके अंतर्गत सबमेनू में आप को Generate Attendance Sheet वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है |
STEP 4:Generate Attendance Sheet वाले ऑप्शन पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा | जिमसे आप को विकास खंड , संकुल केंद्र , एग्जाम सेंटर और जिस भी Class का आप को Attendance Sheet जनरेट करना है , इन सभी को सेलेक्ट करना है | और Show बटन पर क्लिक करना है |
STEP 5:Show बटन पर क्लिक करते ही आप देखेगे कि आप के उस एग्जाम सेंटर के अंतर्गत सभी बच्चो के Attendance Sheet जेनेरेट हो जायेगे | अब हम जेनेरेट हुए Attendance Sheet को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट)
STEP 6: अब हम जेनेरेट हुए Attendance Sheet को जिस भी फॉर्मेट में सेव करना चाहते है (जैसे की पीडीऍफ़ फॉर्मेट) सेव करेंगे और उसका प्रिंट निकल लेंगे |
1. वर्तमान में किस सत्र हेतु निः शुल्क प्रवेश प्रक्रिया चल रही है ?
सत्र 2023 -24 हेतु
2. यदि सत्र 2022 -23 में ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से एडमिशन हुआ है और प्रवेश ले लिया है तो क्या अब सत्र 2023 -24 में आवेदन कर सकते हैं ?
नहीं | सत्र 2023 -24 हेतु ऑनलाइन आवेदन करने के लिए वह आवेदक पात्र नहीं होगा जिसने सत्र 2022 -23 की ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से आवंटित स्कूल में प्रवेश ले लिया है |
3. आरटीई के तहत किस वर्ग के बच्चो को निः शुल्क प्रवेश की पात्रता है ?
ऐसे बच्चे आवेदन हेतु पात्र है जिनके माता – पिता निम्न वर्ग से सम्बंधित हो :- वंचित समूह 1. अनुसूचित जाति 2. अनुसूचित जनजाति 3. वनसमूह के पट्टाधारी परिवार, 4. विमुक्त जाति परिवार (विमुक्त जाति में शामिल है – बंजारा, हाबुड़ा, भाटू, चंद्रवेदिया, बैरागी, कंजर, सांसी, बनछडा, मोघिया, कालबेलिया, भानमत, बगरी,नट , पारधी, बेदिया , कुचबन्दिया, बिजोरिया , कबूतरी, संधिया, पासी एवं सनोरिया) में शामिल पालक के बच्चे| 5. निः शक्त बच्चे (मेडिकल बोर्ड से जारी प्रमाण पत्र अनुसार) 6. HIV ग्रस्त बच्चे कमजोर वर्ग : वैध बीपीएल कार्ड/ अंत्योदय कार्ड धारी परिवार के बच्चे | * अनाथ बच्चे (अनाथ आश्रम में पढ़ने वाले बच्चे) बच्चे का वर्तमान फोटो, आधार नंबर, समग्र आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जिस आरछित कोटा के अंतर्गत प्रवेश हेतु आवेदन किया है उसका प्रमाण पत्र|
4. किस उम्र के बच्चो को प्रवेश की पात्रता है |
RTE शिक्षा का अधिकारआयु के सम्बन्ध में निम्नानुसार पात्रता होगी :
5. क्या आधार नंबर अनिवार्य है?
हाँ आधार नंबर अनिवार्य है |
6. निवासी होने सम्बन्धी क्या दस्तावेज आवश्यक है ?
सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र| निवास प्रमाण पत्र में निवास का स्थान अंकित नहीं होने पर बीपीएल कार्ड में अंकित पता स्थानीय पता माना जायेगा |
7. जाति सम्बन्धी आवश्यक दस्तावेज?
सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र|
8. मेरा बच्चा पूर्व में आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूल में निः शुल्क पढ़ रहा है तो क्या में पुनः वह किसी अन्य स्कूल हेतु आवेदन कर सकता हूं?
नहीं | आवेदक पूर्व में शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत किसी भी प्राइवेट स्कूल में निः शुल्क अध्ययन किया है अथवा कर रहा है तो वह इस हेतु पुनः आवेदन हेतु पात्र नहीं है
9. आवेदन पत्र कहाँ जमा करना होगा ?
आवेदन केवल पोर्टल पर ऑनलाइन ही दर्ज होंगे | ऑफलाइन आवेदन नहीं किये जा सकेंगे| अतः आवेदकों द्वारा किसी भी स्कूल में आवेदन की हार्ड कॉपी जमा नहीं की जाएगी | आवेदक पोर्टल पर अपना आवेदन स्वयं कर सकते हैं |
10. यदि आवेदन में कोई त्रुटि हो गयी है तो कैसे सुधार कर सकते हैं ?
आवेदन दर्ज करने के बाद प्रिंट निकल कर देख लें कि समस्त जानकारी जैसे समग्र आईडी, आधार नंबर भरे हो| स्कूलों का क्रम देख लें सभी आ रहे है एवं प्राथमिकता क्रम भी चेक कर लें| यदि किसी प्रकार की गलती है या सुधार करना है तो पोर्टल पर उपलब्ध ऑप्शन अध्यतन करें से आवेदन का सुधार कर लें इसके पश्चात ही सत्यापन कराने जाये| सत्यापन कराने के पश्चात कोई सुधार नहीं सकेगा| इसमें मोबाइल नंबर -1 पर OTP आएगा उसका उपयोग करे|
11. ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद OTP प्राप्त हुआ है इसका क्या करना है?
आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म दर्ज करने के उपरांत पालक के फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर -1 पर SMS द्वारा एक OTP पासवर्ड प्राप्त होगा इसको दर्ज करने के उपरांत आवेदन की पुस्टि कर लॉक करे तभी आवेदन पत्र सेव होगा | अतः सलाह दी जाती है कि फॉर्म भरते समय मोबाइल अपने पास चालू करके रखें| इसके बाद आवेदन पत्र की पावती प्राप्त कर अपने पास सुरक्षित रखे सत्यापन प्रपत्र एवं आवंटन पत्र निकालते समय इसकी आवश्यकता होगी |
RTE MP 2023-24 FAQ, ऑनलाइन आवेदन के पश्चात सत्यापन के सम्बन्ध में जिज्ञासा- RTE शिक्षा का अधिकार
1. ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात सत्यापन कहाँ करना होगा ?
आवेदक अपने निकटस्थ जनशिक्षा केंद्र है जो सामान्यतः शासकीय हाई स्कूल या हायर सेकेंडरी स्कूल होता है उसमे आवेदन में अंकित मूल दस्तावेज तथा ऑनलाइन आवेदन की पावती तथा सत्यापन प्रपत्र डाउनलोड करके ले जाये | सत्यापन अधिकारी द्वारा सत्यापन करने के पश्चात सत्यापन होने सम्बन्धी SMS प्राप्त होगा तभी सत्यापन पूर्ण माने|
2. सत्यापन नहीं कराने की स्थिति में क्या मेरा नाम लाटरी में आ सकता है ?
नहीं | ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात सत्यापन केंद्र में जाकर सत्यापन कराना अनिवार्य है सत्यापन के उपरांत पात्र पाए गए बच्चो को ही ऑनलाइन लाटरी में शामिल किया जायेगा |
3. क्या सत्यापन कराने के बाद आवेदन में त्रुटि सुधर कर सकते हैं ?
नहीं , आवेदन में जो भी त्रुटि है उसकी त्रुटि सुधार आवेदन सत्यापन केंद्र जाने के पूर्व हे करा ले| एक बार यदि सत्यापन के पश्चात आवेदन निरस्त हो जाता है तो कोई सुधार नहीं हो पायेगा | सत्यापन कराने के पश्चात त्रुटि सुधार होगा |
4. सत्यापन के समय कौन -कौन से मूल दस्तावेज ले जाने की आवश्यकता है ?
आवेदन के बाद सत्यापन हेतु निम्न मूल दस्तावेज ले जाना अनिवार्य है :- जिस आरक्षित वर्ग से प्रवेश हेतु आवेदन किया है उसकी मूल प्रति | 1. यदि अनुसूचित जाती अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से है तो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाती प्रमाण पत्र | 2. आरक्षित कोटा से सम्बंधित मूल प्रमाण पत्र 3. वैध बीपीएल कार्ड / अंत्योदय कार्ड 4. जिस निवास क्षेत्र के स्कूल हेतु आवेदन किया है उसका सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र 5. जन्म प्रमाण पत्र 6. फोटो 7. आधार कार्ड 8. आवेदन की पावती प्रति 9. सत्यापन प्रपत्र 10. आवेदन में दर्ज प्रथम मोबाइल
ऑनलाइन लाटरी के पश्चात आवंटन के पश्चात प्रवेश के सम्बन्ध में जिज्ञासा : RTE शिक्षा का अधिकार
1. ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रवेश कैसे होगा ?
सत्यापन उपरांत पात्र होने पर पारदर्शी ऑनलाइन लाटरी प्रक्रिया से एक हे दिन में पुरे प्रदेश में | सत्यापन उपरांत पात्र होने पर हे ऑनलाइन लाटरी प्रक्रिया में सम्मिलित किया जायेगा | केंद्रीयकृत रैण्डमाइजेसन, पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से स्कूलों में सीट आवंटन किया जायेगा |
2. प्रवेश प्रक्रिया
लाटरी में स्कूल का आवंटन होने पर SMS के माध्यम से प्रवेश की जानकारी प्रदान की जाएगी | आवेदक पोर्टल से आवंटन पत्र डाउनलोड करेंगे एवं आवंटन पत्र की प्रति ले जाकर सम्बंधित स्कूल में समय सीमा में प्रवेश लेंगे | प्रवेश हेतु समय सीमा में उपस्थित नहीं होने पर आवंटन निरस्त माना जायेगा |
3. प्रवेश की प्रक्रिया क्या होगी?
1. ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन करना होगा | 2. आवेदन के पश्चात ऑनलाइन आवेदन की पावती तथा सत्यापन प्रपत्र डाउनलोड कर अपने ग्राम/ वार्ड के निकटस्थ स्थित शासकीय हाई स्कूल / सेकेंडरी स्कूल जो जनशिक्षा केंद्र (संकुल केंद्र) है , वहा जाकर आवेदन में दर्ज की गयी जानकारी अनुसार मूल दस्तावेज का सत्यापन कराना अनिवार्य है 3. मोबाइल एप के माध्यम से सत्यापन कर्ता पात्र / अपात्र करेंगे | 4. सत्यापन उपरांत पात्र पाए गए बच्चो को ऑनलाइन लाटरी प्रक्रिया में सम्मलित किया जायेगा | ऑनलाइन लाटरी में यदि नाम आता है तो ही स्कूल में निः शुल्क प्रवेश ले सकेंगे | 5. ऑनलाइन लाटरी से स्कूल आवंटन होगा एवं इसके पश्चात सीधे स्कूल में लिया जा सकेगा आवेदन करने में समस्या आने पर कहाँ संपर्क किया जा सकता है ?
4. यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो कहाँ से सहायता प्राप्त कर सकते हैं ?
किसी भी प्रकार की समस्या आने पर अपने बीआरसी कार्यालय/ जिला शिक्षा केंद्र/ जन शिक्षा केंद्र में जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं |
RTE proposal 2020-21 : निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम 12(1)(ब) अन्र्तगत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 या प्री-स्कूल की प्रथम प्रवेषित कक्षा मे न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान है। इन प्रवेषित बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रति बालक व्यय अथवा स्कूल द्वारा ली जाने वाली वास्तविक शुल्क मे से जो भी न्यूनतम हो, का भुगतान जिले से सीधे स्कूल को किया जाता है।
फीस प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी करने के उद्वेश्य से आरटीई के तहत प्रायवेट स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत समस्त बच्चों का आधार तथा बायोमेट्रिक मशीन से आधार सत्यापन प्रारंभ किया जा रहा है। आधार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पूर्व में ही पत्र के माध्यम से सूचित किया जा चुका है।
आरटीई के तहत निःशुल्क हेतु पात्र वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग व वंचित समूह:-
वंचित समूह – वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार और 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता वाले बच्चे शामिल।
कमजोर वर्ग – कमजोर वर्ग में गरीबी रेखा के नीचे के परिवार शामिल।
HIV ग्रस्त बच्चे
वंचित समूह, कमजोर वर्ग तथा HIV ग्रस्त वर्ग का प्रमाण –
वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति के लिए राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार के लिए संबंधित पट्टा या वन अधिकार अधिनियम के तहत जारी अधिकार पत्र, निःशक्तता वाले बच्चों के लिए 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता का चिकित्सीय प्रमाण पत्र या उपरोक्त सभी के लिए किसी अन्य शासकीय दस्तावेज में दर्ज जानकारी के आधार पर प्रवेश।
कमजोर वर्ग के लिए बी.पी.एल./ अंतयोदय कार्ड मान्य।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा पंजीकृत अनाथ बच्चे
HIV ग्रस्त केटेगरी का है तो जिला मेडिकल वोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र
कोविड-19 से माता-पिता/अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ बच्चे
Right To Education Act (RTE) :
Right To Education Act :- किसी भी देश की ताकत और भविष्य उस देश के बच्चे होते है। ऐसे में बच्चो के बालपन में उनका अच्छे से शिक्षण मिलना बहुत जरूरी है, ताकि आगे आने वाले समय में देश के लिए अच्छे नागरिक बन सके। पहले के जमाने में शिक्षण का स्तर बिगड़ चुका था। अमीर के बच्चे ही अच्छी पढ़ाई कर पाते थे तो वहीं दूसरी ओर गरीब बच्चो को पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक एक्ट जारी किया और इस एक्ट का नाम दिया RTE (Right To Education) Act.
RTE Act, 2009 ( शिक्षा का अधिकार अधिनियम,2009) :- RIGHT OF CHILDREN TO FREE AND COMPULSORY EDUCATION ACT, 2009
Right To Education Act (RTE) भारत की संसद का एक अधिनियम है जिसे 4 अगस्त 2009 को अधिनियमित किया गया था। बाद में 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी रूप से लागू किया गया। जिसमे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का महत्व पूर्ण आधिकार देता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू करने वाला, और हर एक बच्चे को शिक्षा का अधिकार देने वाला भारत दुनिया के 135 देशों में शामिल हुआ।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 सभी जातियों के बालक तथा बालिकाओं को जो 6 से 14 वर्ष के हो उन्हें नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है।
शिक्षा का अधिकार कानून :-
वंचित समूह और कमज़ोर वर्ग के बच्चों का प्रायवेट स्कूलों की प्रथम कक्षा में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था:-
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बनाये गये नियम दिनांक- 26 मार्च 2011 से लागू। नियम अंतर्गत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए प्रायवेट स्कूलों तथा केन्द्रीय विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में कक्षा 1 में अथवा प्री स्कूल की शिक्षा से प्रारंभ होने वाले प्रायवेट स्कूलों की प्रवेशित कक्षा में, न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य। शासन द्वारा नियमानुसार फीस की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था।
स्कूल की पड़़ोस की बसाहटों में निवासरत् इन वर्गों के परिवार के बच्चें उपरोक्त सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
प्रवेश के बाद संबंधित स्कूल में कक्षा 8 तक निःशुल्क अध्ययन की सुविधा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के महत्वपूर्ण बिंदु –
1- Right To Education Act 2009 के अंतर्गत देश में सरकारी स्कूल में 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी|
2- इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों में 6-14 वर्ष की उम्र वाले 25% गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करनी होगी। यदि उपर बताए गए रूल्स को कोई स्कूल फॉलो नहीं करने पर वसूली गयी फीस से 10 गुना अधिक जुर्माना तथा स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
3- मान्यता रद्द होने के बाद भी स्कूल संचालित करने पर एक लाख रूपये तथा इसके बाद रोज़ाना दस हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। Right To Education (RTE) Act ( के तहत देश के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की ज़िम्मेदारी केंद्र तथा राज्य के हाथों में होगी। हर स्कूल में लड़कों और लड़कियों के लिए स्वच्छ और अलग शौचालय होना चाहिए। स्कूलों को मुफ्त में पीने का पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
4- कई बार ऐसा हो जाता है कि किसी कारण से बच्चे का एडमिशन नहीं हो पाता है लेकिन Right To Education (RTE) Act की मदद से किसी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ है तो वो अपनी उम्र के अनुसार प्रवेश ले सकते है|
5- Right To Education (RTE) Act में विकलांग बच्चों का भी विशेष ध्यान दिया गया है इस एक्ट के तहत जो विकलांग बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की उम्र को 14 से बढ़ाकर 18 वर्ष की गयी है| इस एक्ट में शिक्षकों का भी उल्लेख किया है। Right To Education (RTE) Act अधिनियम के अनुसार कोई भी सरकारी शिक्षक स्कूल के अलावा अपना खुद का प्राइवेट ट्यूशन नहीं चला सकते है।
शिक्षकों के लिए RTE Act के नियम और कानून – RTE Act Rules and Regulations For Teachers:-
Right To Education Act के अनुसार यह प्रयास किया गया है कि देश के प्रत्येक राज्य, जिला, तालुका और गाव में शिक्षकों की संख्या अच्छी हो। सभी बच्चों को सही से शिक्षा मिल सके उस प्रयास से बच्चो और शिक्षकों की संख्या इस प्रकार रहे की सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल पाए।
पहले के जमाने में देखा गया था कि ज्यादातर शिक्षक सिर्फ शहर में पढ़ना चाहते है, और गाव में ये संख्या बहुत कम होती जा रही थी। तो RTI Act देश में शहर और गाव के दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की समान संख्या में पोस्टिंग करता है। इसके अलावा Right To Education Act उचित रूप से अच्छे और काबिल शैक्षणिक योग्यता वाले शिक्षकों की नियुक्ति करता है।
सत्र 2020-21 एवं 2021 – 22 की फीस प्रतिपूर्ति हेतु अशासकीय स्कूल द्वारा की जाने वाली प्रक्रियाः-
अशासकीय स्कूल द्वारा सत्र 2020-21 एवं 2021 – 22 की फीस प्रपोजल तैयार करने के प्रक्रिया निम्ननानुसार होगी :
अशासकीय स्कूल सर्व प्रथम सत्र 2020 -21 का प्रपोजल तैयार कर लॉक करे इसके पश्चात सत्र 2021 – 22 का प्रपोजल तैयार करने की कार्यवाही करना होगा |
सर्वप्रथम सत्र 2020 -21 चुने और निम्नांकित कार्यवाही करना होगा :
बैंक विवरण दर्ज करे :
स्कूल द्वारा खाता धारक का नाम, IFSC कोड एवं खाता क्रमांक दर्ज करना है , स्कूल द्वारा बैंक पासबुक को देखकर ही जानकारी दर्ज करना है अन्यथा गलत खाते में राशि जाने की सम्भावना अथवा पेमेंट फेल हो जायेगा |
ऑनलाइन कक्षाओं के सम्बन्ध में जानकारी दर्ज करे :
यदि स्कूल द्वारा क्या ऑनलाइन कक्षाये संचालित की गयी हैं :- ऑप्शन हाँ चुना जाता है तो शपथ पत्र अपलोड ऑप्शन में – ऑनलाइन कक्षा संचालित किये जाने सम्बन्धी स्कूल द्वारा (100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर ) संलग्न प्रारूप में शपथ पत्र अपलोड किया जाना अनिवार्य है |
ऑनलाइन कक्षा संचालित नहीं सेलेक्ट करने की स्तिथि में अथवा शपथ पत्र अपलोड नहीं करने की स्थिति में स्कूल को फीस प्रतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी |
3. स्कूल फीस प्रबंधन :
स्कूल द्वारा अन्य बच्चो से ली जाने वाली वार्षिक फीस का विवरण स्कूल द्वारा दर्ज किया जाये | स्कूल का फीस स्ट्रक्चर अपलोड करे ऑप्शन में स्कूल का कक्षावार फीस स्ट्रक्चर अपलोड किया जाना अनिवार्य है | सत्र का फीस स्ट्रक्चर तथा अन्य बच्चो से ली जाने वाली प्रत्येक कक्षा की फीस की एक एक रसीद की एक पीडीऍफ़ फाइल बनाकर पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है , स्कूल द्वारा यदि गलत फीस दर्ज की जाती है तो स्कूल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही होगी | स्कूल कृपया ध्यान रखे की फीस चुने हुए सत्र की दर्ज की जाना है मासिक फीस दर्ज नहीं किया जाना है |
4. स्कूल सीट प्रबधन :
शाला द्वारा सत्र 2020 -21 में कक्षावार कुल सीटें एवं आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों की संख्या दर्ज की जाये। स्कूल द्वारा कुल सीट एवं आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों की संख्या को दर्ज किया जाना है। सत्र 2021 -22 में प्रवेश हेतु जिन स्कूलों द्वारा इन सीटो को भरा गया है वह कक्षा इसमें प्रर्दषित नही होगी।
5. छात्र पंजीयन :
इसमें शाला में आरटीई के तहत निःशुल्क अध्ययनरत बच्चो की जानकारी दर्ज की जाये| सत्र चुनने के बाद इस ऑप्शन में दो ऑप्शन चुनने हेतु प्रदर्शित होंगे |
नवीन प्रवेश : इसमें सत्र में ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से चयनित तथा स्कूल द्वारा मोबाइल ऍप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग किये गए बच्चो की सूची प्रदर्शित होगी | सूची में प्रदर्शित हो रहे बच्चो के नाम के सम्मुख ऑप्शन चुनने पर बच्चे का स्कॉलर नंबर एवं क्रमांक दर्ज किया जाये | सत्र 2020 -21 के लिए ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से प्रवेश लिए गए बच्चो का वास्तविक प्रवेश सत्र 2021 -22 में तथा नोशनल एडमिशन सत्र 2020 -21 के लिए हुआ था | इन बच्चो की जानकारी स्कूल द्वारा दर्ज की जाएगी परन्तु वास्तविक रूप से यह सत्र 2020 -21 में अध्ययन नहीं किया है | अतः सत्र 2020 -21 के लिए सत्र 2021 -22 में ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से प्रवेश लिए बच्चो की फीस प्रतिपूर्ति नहीं होगी | केवल सत्र 2021 -22 हेतु ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से नवीन प्रवेश लिए गए बच्चो की फीस प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी |
पूर्व से अध्ययन रत बच्चे : स्कूल में पूर्व सत्र 2019 -20 के बच्चे समग्र आई दी दर्ज कर प्रदर्शित होंगे | यदि बच्चे के नाम या अन्य कोई जानकारी में विसंगति है तो समग्र की जानकारी स्थानीय निकाय में जाकर पालक द्वारा संसोधन करा लिया जाये | यदि पिता / माता का नाम समग्र आईडी के साथ दर्ज नहीं है तो बच्चे का माता /पिता का नाम समग्र में अपडेट करना अनिवार्य होगा | समग्र आईडी दर्ज करने के उपरांत प्रदर्शित हो रहर बच्चे के नाम एवं अन्य विवरण का मिलान होने के उपरांत बच्चे का स्कॉलर नंबर दर्ज करे |
6 . बच्चे को अगली कक्षा में प्रदोन्नत करना अथवा शाला छोड़ने की स्थिति का कारण दर्ज करना :
बच्चो को अगली कक्षा में प्रदोन्नत करते हुए प्रदोन्नत किये बच्चो का वार्षिक परीक्षा परिणाम (उत्तीर्णता का प्रतिशत अथवा ग्रेड) दर्ज करे | यदि बच्चे द्वारा किसी कारण से स्कूल छोड़ दिया गया है तो शाला छोड़ने का कारण दर्ज किया जाकर लॉक किया जाये |
7. छात्र का फोटो अपलोड करे :-
बच्चे का नवीनतम फोटो JPEG फॉर्मेट में अपलोड कर लॉक किया जायेगा |
8. छात्र का आधार सत्यापन :-
चूँकि कोविड -19 के कारण स्कूलों का भौतिक सञ्चालन बंद रहा है एवं कोविड के कारन कई परिवार अन्यत्र भी चले गए हैं इसलिए फीस प्रतिपूर्ति केवल वास्तविक बच्चो की हो इसलिए सत्र में स्कूल में अध्ययनरत समस्त बच्चो का आधार सत्यापन केवल बायोमैट्रिक मशीन से किया जाना अनिवार्य किया गया है एवं इस प्रक्रिया से आधार सत्यापित होने वाले बच्चे ही फीस प्रतिपूर्ति हेतु पात्र होंगे |
बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से यदि किसी बच्चे का आधार सटेपन नहीं हो रहा है तो बच्चे का आधार अपडेट आधार सेंटर में जाकर करना होगा | 05 वर्ष की आयु के पूर्व यदि किसी बच्चे का आधार बना है एवं यदि उसकी आयु 05 वर्ष पूर्ण हो गयी है तो बच्चे का आधार अपडेशन करना अनिवार्य होता है | आधार नामांकन पर्ची में बच्चे की फिंगर प्रदर्शित होती है उसमे जिस फिंगर में सही का निशान लगा है उस फिंगर का रखकर आधार सत्यापन किया जायेगा तो आसानी से होगा |
9. छात्र की उपस्थिति दर्ज करना :-
आधार सत्यापन के उपरांत कक्षा लगने के कुल दिवस तथा बच्चे की वार्षिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी | स्कूल द्वारा केवल उन्ही बच्चो की उपस्थिति दर्ज की जाये कि यदि भविष्य में किसी पालक द्वारा ऑनलाइन कक्षा नहीं लगने के सम्बब्ध में अवगत कराया जाना पाया जाता है तो सम्बंधित स्कूल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाये | सत्र 2020 -21 की फीस प्रतिपूर्ति प्रपोजल बनाते समय नवीन प्रवेशित (नोशनल एडमिशन ) बच्चो की उपस्थिति 0 (जीरो) अंकित की जाये |
10. फीस प्रतिपूर्ति प्रस्ताव बनाये :-
बच्चो के आधार सत्यापन तथा सत्र में 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति होने पर बच्चे का नाम फीस प्रतिपूर्ति तैयार करने हेतु प्रदर्शित होगा | स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा OTP दर्ज कर फीस प्रतिपूर्ति प्रपोजल लॉक किया जायेगा | ध्यान रखा जाये की स्कूल द्वारा सर्वप्रथम 2020 -21 का प्रपोजल तैयार किया जाये | सत्र 2020 – 21 समस्त बच्चो का प्रपोजल लॉक करने के उपरांत ही सत्र 2021 – 22 का प्रपोजल तैयार किया जाये |
11. सत्र 2020 -21 की फीस पप्रतिपूर्ति हेतु स्कूल द्वारा अधिकतम 02 ही प्रपोजल तैयार सकेंगे | इसी प्रकार सत्र 2021 -22 हेतु अधिकतम 02 बार ही प्रपोजल तैयार किया जा सकेगा | अतः अशासकीय स्कूल ध्यान रखे की समस्त पात्र बच्चो का प्रपोजल अधिकतम 02 प्रपोजल में सम्मलित हो जाये अन्यथा स्कूल द्वारा फीस प्रतिपूर्ति हेतु सेष रह गए बच्चो का प्रपोजल तैयार नहीं हो सकेगा |
RTE proposal 2022-23 : निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 के नियम 12(1)(ब) अन्र्तगत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को कक्षा 1 या प्री-स्कूल की प्रथम प्रवेषित कक्षा मे न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान है।
इन प्रवेषित बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रति बालक व्यय अथवा स्कूल द्वारा ली जाने वाली वास्तविक शुल्क मे से जो भी न्यूनतम हो, का भुगतान जिले से सीधे स्कूल को किया जाता है।
फीस प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शी करने के उद्वेश्य से आरटीई के तहत प्रायवेट स्कूलों में निःशुल्क अध्ययनरत समस्त बच्चों का आधार तथा बायोमेट्रिक मशीन से आधार सत्यापन प्रारंभ किया जा रहा है। आधार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पूर्व में ही पत्र के माध्यम से सूचित किया जा चुका है।
आरटीई के तहत निःशुल्क हेतु पात्र वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग व वंचित समूह:-
वंचित समूह – वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार और 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता वाले बच्चे शामिल।
कमजोर वर्ग – कमजोर वर्ग में गरीबी रेखा के नीचे के परिवार शामिल।
HIV ग्रस्त बच्चे
वंचित समूह, कमजोर वर्ग तथा HIV ग्रस्त वर्ग का प्रमाण –
वंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति के लिए राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वनभूमि के पट्टाधारी परिवार के लिए संबंधित पट्टा या वन अधिकार अधिनियम के तहत जारी अधिकार पत्र, निःशक्तता वाले बच्चों के लिए 40 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता का चिकित्सीय प्रमाण पत्र या उपरोक्त सभी के लिए किसी अन्य शासकीय दस्तावेज में दर्ज जानकारी के आधार पर प्रवेश।
कमजोर वर्ग के लिए बी.पी.एल./ अंतयोदय कार्ड मान्य।
महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा पंजीकृत अनाथ बच्चे
HIV ग्रस्त केटेगरी का है तो जिला मेडिकल वोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र
कोविड-19 से माता-पिता/अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ बच्चे
Right To Education Act (RTE) :
Right To Education Act :- किसी भी देश की ताकत और भविष्य उस देश के बच्चे होते है। ऐसे में बच्चो के बालपन में उनका अच्छे से शिक्षण मिलना बहुत जरूरी है, ताकि आगे आने वाले समय में देश के लिए अच्छे नागरिक बन सके। पहले के जमाने में शिक्षण का स्तर बिगड़ चुका था। अमीर के बच्चे ही अच्छी पढ़ाई कर पाते थे तो वहीं दूसरी ओर गरीब बच्चो को पढ़ाई नहीं हो पा रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक एक्ट जारी किया और इस एक्ट का नाम दिया RTE (Right To Education) Act.
RTE Act, 2009 ( शिक्षा का अधिकार अधिनियम,2009) :- RIGHT OF CHILDREN TO FREE AND COMPULSORY EDUCATION ACT, 2009
Right To Education Act (RTE) भारत की संसद का एक अधिनियम है जिसे 4 अगस्त 2009 को अधिनियमित किया गया था। बाद में 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी रूप से लागू किया गया। जिसमे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का महत्व पूर्ण आधिकार देता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम को लागू करने वाला, और हर एक बच्चे को शिक्षा का अधिकार देने वाला भारत दुनिया के 135 देशों में शामिल हुआ।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 सभी जातियों के बालक तथा बालिकाओं को जो 6 से 14 वर्ष के हो उन्हें नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्रदान करता है।
शिक्षा का अधिकार कानून :-
वंचित समूह और कमज़ोर वर्ग के बच्चों का प्रायवेट स्कूलों की प्रथम कक्षा में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था:-
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बनाये गये नियम दिनांक- 26 मार्च 2011 से लागू। नियम अंतर्गत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए प्रायवेट स्कूलों तथा केन्द्रीय विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया निर्धारित।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूलों में कक्षा 1 में अथवा प्री स्कूल की शिक्षा से प्रारंभ होने वाले प्रायवेट स्कूलों की प्रवेशित कक्षा में, न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य। शासन द्वारा नियमानुसार फीस की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था।
स्कूल की पड़़ोस की बसाहटों में निवासरत् इन वर्गों के परिवार के बच्चें उपरोक्त सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
प्रवेश के बाद संबंधित स्कूल में कक्षा 8 तक निःशुल्क अध्ययन की सुविधा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के महत्वपूर्ण बिंदु –
1- Right To Education Act 2009 के अंतर्गत देश में सरकारी स्कूल में 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी|
2- इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों में 6-14 वर्ष की उम्र वाले 25% गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करनी होगी। यदि उपर बताए गए रूल्स को कोई स्कूल फॉलो नहीं करने पर वसूली गयी फीस से 10 गुना अधिक जुर्माना तथा स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
3- मान्यता रद्द होने के बाद भी स्कूल संचालित करने पर एक लाख रूपये तथा इसके बाद रोज़ाना दस हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। Right To Education (RTE) Act ( के तहत देश के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की ज़िम्मेदारी केंद्र तथा राज्य के हाथों में होगी। हर स्कूल में लड़कों और लड़कियों के लिए स्वच्छ और अलग शौचालय होना चाहिए। स्कूलों को मुफ्त में पीने का पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
4- कई बार ऐसा हो जाता है कि किसी कारण से बच्चे का एडमिशन नहीं हो पाता है लेकिन Right To Education (RTE) Act की मदद से किसी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ है तो वो अपनी उम्र के अनुसार प्रवेश ले सकते है|
5- Right To Education (RTE) Act में विकलांग बच्चों का भी विशेष ध्यान दिया गया है इस एक्ट के तहत जो विकलांग बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की उम्र को 14 से बढ़ाकर 18 वर्ष की गयी है| इस एक्ट में शिक्षकों का भी उल्लेख किया है। Right To Education (RTE) Act अधिनियम के अनुसार कोई भी सरकारी शिक्षक स्कूल के अलावा अपना खुद का प्राइवेट ट्यूशन नहीं चला सकते है।
शिक्षकों के लिए RTE Act के नियम और कानून – RTE Act Rules and Regulations For Teachers:-
Right To Education Act के अनुसार यह प्रयास किया गया है कि देश के प्रत्येक राज्य, जिला, तालुका और गाव में शिक्षकों की संख्या अच्छी हो। सभी बच्चों को सही से शिक्षा मिल सके उस प्रयास से बच्चो और शिक्षकों की संख्या इस प्रकार रहे की सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल पाए।
पहले के जमाने में देखा गया था कि ज्यादातर शिक्षक सिर्फ शहर में पढ़ना चाहते है, और गाव में ये संख्या बहुत कम होती जा रही थी। तो RTI Act देश में शहर और गाव के दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की समान संख्या में पोस्टिंग करता है। इसके अलावा Right To Education Act उचित रूप से अच्छे और काबिल शैक्षणिक योग्यता वाले शिक्षकों की नियुक्ति करता है।
सत्र 2020-21 एवं 2021 – 22 की फीस प्रतिपूर्ति हेतु अशासकीय स्कूल द्वारा की जाने वाली प्रक्रियाः-
अशासकीय स्कूल द्वारा सत्र 2020-21 एवं 2021 – 22 की फीस प्रपोजल तैयार करने के प्रक्रिया निम्ननानुसार होगी :
अशासकीय स्कूल सर्व प्रथम सत्र 2020 -21 का प्रपोजल तैयार कर लॉक करे इसके पश्चात सत्र 2021 – 22 का प्रपोजल तैयार करने की कार्यवाही करना होगा |
सर्वप्रथम सत्र 2020 -21 चुने और निम्नांकित कार्यवाही करना होगा :
बैंक विवरण दर्ज करे :
स्कूल द्वारा खाता धारक का नाम, IFSC कोड एवं खाता क्रमांक दर्ज करना है , स्कूल द्वारा बैंक पासबुक को देखकर ही जानकारी दर्ज करना है अन्यथा गलत खाते में राशि जाने की सम्भावना अथवा पेमेंट फेल हो जायेगा |
ऑनलाइन कक्षाओं के सम्बन्ध में जानकारी दर्ज करे :
यदि स्कूल द्वारा क्या ऑनलाइन कक्षाये संचालित की गयी हैं :- ऑप्शन हाँ चुना जाता है तो शपथ पत्र अपलोड ऑप्शन में – ऑनलाइन कक्षा संचालित किये जाने सम्बन्धी स्कूल द्वारा (100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर ) संलग्न प्रारूप में शपथ पत्र अपलोड किया जाना अनिवार्य है |
ऑनलाइन कक्षा संचालित नहीं सेलेक्ट करने की स्तिथि में अथवा शपथ पत्र अपलोड नहीं करने की स्थिति में स्कूल को फीस प्रतिपूर्ति की पात्रता नहीं होगी |
3. स्कूल फीस प्रबंधन :
स्कूल द्वारा अन्य बच्चो से ली जाने वाली वार्षिक फीस का विवरण स्कूल द्वारा दर्ज किया जाये | स्कूल का फीस स्ट्रक्चर अपलोड करे ऑप्शन में स्कूल का कक्षावार फीस स्ट्रक्चर अपलोड किया जाना अनिवार्य है | सत्र का फीस स्ट्रक्चर तथा अन्य बच्चो से ली जाने वाली प्रत्येक कक्षा की फीस की एक एक रसीद की एक पीडीऍफ़ फाइल बनाकर पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है , स्कूल द्वारा यदि गलत फीस दर्ज की जाती है तो स्कूल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही होगी | स्कूल कृपया ध्यान रखे की फीस चुने हुए सत्र की दर्ज की जाना है मासिक फीस दर्ज नहीं किया जाना है |
4. स्कूल सीट प्रबधन :
शाला द्वारा सत्र 2020 -21 में कक्षावार कुल सीटें एवं आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों की संख्या दर्ज की जाये। स्कूल द्वारा कुल सीट एवं आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों की संख्या को दर्ज किया जाना है। सत्र 2021 -22 में प्रवेश हेतु जिन स्कूलों द्वारा इन सीटो को भरा गया है वह कक्षा इसमें प्रर्दषित नही होगी।
5. छात्र पंजीयन :
इसमें शाला में आरटीई के तहत निःशुल्क अध्ययनरत बच्चो की जानकारी दर्ज की जाये| सत्र चुनने के बाद इस ऑप्शन में दो ऑप्शन चुनने हेतु प्रदर्शित होंगे |
नवीन प्रवेश : इसमें सत्र में ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से चयनित तथा स्कूल द्वारा मोबाइल ऍप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग किये गए बच्चो की सूची प्रदर्शित होगी | सूची में प्रदर्शित हो रहे बच्चो के नाम के सम्मुख ऑप्शन चुनने पर बच्चे का स्कॉलर नंबर एवं क्रमांक दर्ज किया जाये | सत्र 2020 -21 के लिए ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से प्रवेश लिए गए बच्चो का वास्तविक प्रवेश सत्र 2021 -22 में तथा नोशनल एडमिशन सत्र 2020 -21 के लिए हुआ था | इन बच्चो की जानकारी स्कूल द्वारा दर्ज की जाएगी परन्तु वास्तविक रूप से यह सत्र 2020 -21 में अध्ययन नहीं किया है | अतः सत्र 2020 -21 के लिए सत्र 2021 -22 में ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से प्रवेश लिए बच्चो की फीस प्रतिपूर्ति नहीं होगी | केवल सत्र 2021 -22 हेतु ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से नवीन प्रवेश लिए गए बच्चो की फीस प्रतिपूर्ति की पात्रता होगी |
पूर्व से अध्ययन रत बच्चे : स्कूल में पूर्व सत्र 2019 -20 के बच्चे समग्र आई दी दर्ज कर प्रदर्शित होंगे | यदि बच्चे के नाम या अन्य कोई जानकारी में विसंगति है तो समग्र की जानकारी स्थानीय निकाय में जाकर पालक द्वारा संसोधन करा लिया जाये | यदि पिता / माता का नाम समग्र आईडी के साथ दर्ज नहीं है तो बच्चे का माता /पिता का नाम समग्र में अपडेट करना अनिवार्य होगा | समग्र आईडी दर्ज करने के उपरांत प्रदर्शित हो रहर बच्चे के नाम एवं अन्य विवरण का मिलान होने के उपरांत बच्चे का स्कॉलर नंबर दर्ज करे |
6 . बच्चे को अगली कक्षा में प्रदोन्नत करना अथवा शाला छोड़ने की स्थिति का कारण दर्ज करना :
बच्चो को अगली कक्षा में प्रदोन्नत करते हुए प्रदोन्नत किये बच्चो का वार्षिक परीक्षा परिणाम (उत्तीर्णता का प्रतिशत अथवा ग्रेड) दर्ज करे | यदि बच्चे द्वारा किसी कारण से स्कूल छोड़ दिया गया है तो शाला छोड़ने का कारण दर्ज किया जाकर लॉक किया जाये |
7. छात्र का फोटो अपलोड करे :-
बच्चे का नवीनतम फोटो JPEG फॉर्मेट में अपलोड कर लॉक किया जायेगा |
8. छात्र का आधार सत्यापन :-
चूँकि कोविड -19 के कारण स्कूलों का भौतिक सञ्चालन बंद रहा है एवं कोविड के कारन कई परिवार अन्यत्र भी चले गए हैं इसलिए फीस प्रतिपूर्ति केवल वास्तविक बच्चो की हो इसलिए सत्र में स्कूल में अध्ययनरत समस्त बच्चो का आधार सत्यापन केवल बायोमैट्रिक मशीन से किया जाना अनिवार्य किया गया है एवं इस प्रक्रिया से आधार सत्यापित होने वाले बच्चे ही फीस प्रतिपूर्ति हेतु पात्र होंगे |
बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से यदि किसी बच्चे का आधार सटेपन नहीं हो रहा है तो बच्चे का आधार अपडेट आधार सेंटर में जाकर करना होगा | 05 वर्ष की आयु के पूर्व यदि किसी बच्चे का आधार बना है एवं यदि उसकी आयु 05 वर्ष पूर्ण हो गयी है तो बच्चे का आधार अपडेशन करना अनिवार्य होता है | आधार नामांकन पर्ची में बच्चे की फिंगर प्रदर्शित होती है उसमे जिस फिंगर में सही का निशान लगा है उस फिंगर का रखकर आधार सत्यापन किया जायेगा तो आसानी से होगा |
9. छात्र की उपस्थिति दर्ज करना :-
आधार सत्यापन के उपरांत कक्षा लगने के कुल दिवस तथा बच्चे की वार्षिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी | स्कूल द्वारा केवल उन्ही बच्चो की उपस्थिति दर्ज की जाये कि यदि भविष्य में किसी पालक द्वारा ऑनलाइन कक्षा नहीं लगने के सम्बब्ध में अवगत कराया जाना पाया जाता है तो सम्बंधित स्कूल के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाये | सत्र 2020 -21 की फीस प्रतिपूर्ति प्रपोजल बनाते समय नवीन प्रवेशित (नोशनल एडमिशन ) बच्चो की उपस्थिति 0 (जीरो) अंकित की जाये |
10. फीस प्रतिपूर्ति प्रस्ताव बनाये :-
बच्चो के आधार सत्यापन तथा सत्र में 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति होने पर बच्चे का नाम फीस प्रतिपूर्ति तैयार करने हेतु प्रदर्शित होगा | स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा OTP दर्ज कर फीस प्रतिपूर्ति प्रपोजल लॉक किया जायेगा | ध्यान रखा जाये की स्कूल द्वारा सर्वप्रथम 2020 -21 का प्रपोजल तैयार किया जाये | सत्र 2020 – 21 समस्त बच्चो का प्रपोजल लॉक करने के उपरांत ही सत्र 2021 – 22 का प्रपोजल तैयार किया जाये |
11. सत्र 2020 -21 की फीस पप्रतिपूर्ति हेतु स्कूल द्वारा अधिकतम 02 ही प्रपोजल तैयार सकेंगे | इसी प्रकार सत्र 2021 -22 हेतु अधिकतम 02 बार ही प्रपोजल तैयार किया जा सकेगा | अतः अशासकीय स्कूल ध्यान रखे की समस्त पात्र बच्चो का प्रपोजल अधिकतम 02 प्रपोजल में सम्मलित हो जाये अन्यथा स्कूल द्वारा फीस प्रतिपूर्ति हेतु सेष रह गए बच्चो का प्रपोजल तैयार नहीं हो सकेगा |
केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) अपडेट करने को मंजूरी दे दी है। एनपीआर अपडेशन के लिए कैबिनेट ने 8500 करोड़ रुपए के फंड आवंटन को भी स्वीकृति दी है।
(NPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी जिसका मकसद देश के सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना है. इस डेटा में जनसांख्यिकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी शामिल होगी. इसमें देश के नागरिकों का डेटा होगा। अगले साल अप्रैल से एनपीआर अपडेट करने का काम शुरु किया जाएगा।
NPR क्या है?
NPR क्या है– NPR का फुल फॉर्म है National population register (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) एनपीआर सभी भारतीय निवासियों की पहचान का एक डेटाबेस होता है. ये डेटाबेस भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त द्वारा प्रबंधन किया जाता है.
भारत के सभी सामान्य निवासियों के लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य है. कोई भी व्यक्ति जो 6 महीने या उससे अधिक समय से किसी इलाके में रह रहा हो तो उसे नागरिक रजिस्टर में जरूरी रजिस्ट्रेशन कराना होता है.
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए अंतिम बार साल 2010 में आंकड़े जुटाए गए थे। जब 2011 के लिए जनगणना (Census 2011) की जा रही थी। इन आंकड़ों को फिर साल 2015 में अपडेट किया गया था। इसके लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण हुए थे।
NPR की प्रक्रिया क्या है?
एनपीआर में हर नागरिक की जानकारी रखी जाएगी. एनपीआर में तीन प्रक्रियाएं होगी. पहले चरण में यानी एक अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर के बीच केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे. वहीं दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 के बीच पूरा होगा. तीसरे चरण में संशोधन की प्रक्रिया 1 मार्च से 5 मार्च के बीच होगी.
इसे ‘नागरिकता कानून 1955’ और ‘नागरिकता पंजीयन व राष्ट्रीय पहचान पत्र आवंटन नियम, 2003’ के मुताबिक तैयार किया जाता है। देश के हर स्थानीय निवासी को एनपीआर में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
एनपीआर से जुडी जरुरी जानकारी
एनपीआर की मदद से सरकार देश के हर नागरिक की जानकारी अपने पास रख सकेगी।
हर स्थानीय निवासी से नाम, माता-पिता, लिंग, वैवाहिक स्थिति, पति/पत्नी का नाम, घर के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, राष्ट्रीयता, वर्तमान पता, निवास की अवधि, शैक्षणिक योग्यता, व्यवसाय की जानकारी देनी होगी.
इसके तहत हर भारतीय नागरिक का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड लिया जाएगा और उनके पूरे परिवार की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
एनपीआर विभिन्न सरकारी योजनाओं/कार्यक्रमों के तहत लाभ के वितरण तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करेगा.
एनपीआर को सरकार राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला, उप जिला व स्थानीय स्तर पर तैयार करेगी।
एनपीआर की प्रक्रिया तीन चरणों में शुरू होगी.
निवासियों को क्या जानकारियाँ देनी होंगी?
व्यक्ति का नाम
लिंग
जन्मतिथि
जन्मस्थान
पिता का नाम
माता का नाम
घर के मुखिया का नाम और रिश्ता
शादी हुई या नहीं
पति / पत्नी का नाम
शैक्षणिक योग्यता
क्या काम करते है
वर्तमान पता जहां रह रहे हों
स्थायी आवासीय पता
एनपीआर का उद्देश्य क्या है?NPR क्या है
NPR का उद्देश्य देश के हर स्थानीय निवासी की पहचान का संपूर्ण डाटाबेस तैयार करना है। इसमें उसका परिचय और बायोमेट्रिक ब्यौरा शामिल रहेगा। सरल शब्दों में यह देश के हर नागरिक की जानकारी को एक जगह इकठ्ठा करने का काम है।
NRC और NPR में क्या अंतर है?
NRC में पीछे जहां देश में अवैध नागरिकों की पहचान करने का मकसद छुपा है, वहीं NPR इसमें छह महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में रहने वाले किसी भी निवासी को NPR में आवश्यक रूप से पंजीकरण करना होता है. अगर कोई बाहरी व्यक्ति देश के किसी हिस्से में छह महीने से ज्यादा समय से रह रहा है, तो उसका ब्यौरा भी एनपीआर में दर्ज किया जाता है। एनपीआर में लोगों द्वारा दी गई सूचना को ही सही माना जाता है। यह नागरिकता का प्रमाण नहीं होता।
एनपीआर का मूल उद्देश्य देश के हर निवासी की पहचान के लिए एक विस्तृत आंकड़ा तैयार करना है। इसमें हर निवासी की जन-संख्या का अध्ययन और जानकारी के साथ-साथ उनका बायोमेट्रिक भी दर्ज करना होगा.
MP Board 5th 8th Admit Card: कक्षा 5वीं एवं 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं दिनांक 25 मार्च से होने जा रही है जिसके लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं जिसे आप राज्य शिक्षा केंद्र की वेबसाइट RSK पोर्टल के माध्यम से शिक्षक लॉगिन से डाउनलोड व् प्रिंट कर सकते हैं। साथ ही आपको यह जानना जरुरी है की यदि किसी छात्र के प्रवेश पत्र में कोई आवश्यक सुधार हो तो अभी भी सुधार किया जा सकता है इसलिए अभी अनंतिम प्रवेश पत्र जारी किया गया है।
MP Board 5th 8th Admit Card प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए आप नीचे बताई जा रही प्रक्रिया का पालन करें। STEP 1: सर्वप्रथम आपको आधिकारिक राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल https://www.rskmp.in/Login.aspx पर जाना होगा । यहाँ पर प्रभारी शिक्षक अपनी लॉगिन यूनिक आईडी एवं जन्मतिथि (DD/MM/YYYY ) फॉर्मेट में दर्ज कर लॉगिन कर सकते हैं
STEP 2: लॉगिन करने के पश्चात होम पेज में आपको 5-8 EXAM 2022 -२३ में जाना होगा उपरोक्त विकल्प पर क्लिक करते ही कई विकप मिलेंगे जिसमे प्रोविशनल एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें।
STEP 3:अब आप कक्षा का चयन करें जिसका आप एडमिट कार्ड डाउनलोड करना चाहते हैं और सबमिट करें
STEP 4: इस प्रकार आप प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं तथा एडमिट कार्ड देख कर जो भी आवश्यक सुधार हो अवश्य करा लेवें ताकि छात्र की मार्कशीट में कोई त्रुटि न होने पाए क्योंकि अभी ये फ़ाइनल प्रवेश पत्र नहीं हैं सुधार पश्चात फाइनल प्रवेश पत्र जारी किये जायेंगे।
यदि आप मध्य प्रदेश के निवासी है और हमारी इस पोस्ट को पढ़ रहें हैं तो समग्र आईडी की इम्पोर्टेंस को जरूर समझते होंगे । यदि नहीं तो आपको जरूर जानना चाहिए की राज्य में लाभार्थियों को पूर्णतः सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक सरलीकरण माध्यम तैयार किया गया है ताकि सभी लाभार्थियों को उनके पात्रता के अनुसार उचित लाभ दिलाया जा सके |
उपरोक्त विषयानुसार आपको सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार का समग्र आईडी से लिंक करना आपेक्षित है । आधार समग्र न लिंक होने से हो सकता है आप उचित योजनाओ का लाभ न प्राप्त कर सकें ।
वर्त्तमान में आधार एवं समग्र लिंक करने के दो माध्यम हैं :- 1. पहला ऑफलाइन : जिसमें आप अपनी आधार एवं समग्र आईडी की प्रतिलिपि अपने क्षेत्र कार्यालय जैसे ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक के पास या शहरी क्षेत्र में जनपद कार्यालय में जमा करना होगा । 2. दूसरा ऑनलाइन जिसकी जानकारी नीचे दी जा रही है
आधार को समग्र से लिंक करने के लिए आवश्यक शर्तें :- आधार से से मोबाइल लिंक होना चाहिए ताकि आधार e -KYC की जा सके ।आधार से यदि मोबाइल नंबर लिंक न हो तो किसी पास के एमपी ऑनलाइन सेंटर में जाकर बायोमेट्रिक द्वारा e -KYC कराएं ।
Samagra ID Aadhaar Linking Process :
STEP 1: समग्र आईडी से आधार लिंक करने के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश की के आधिकारिक समग्र पोर्टलhttp://samagra.gov.in/ पर जाए| होम पेज पर नागरिक सेवाओं की लिस्ट में समग्र नागरिक सेवा सेक्शन पर चौथे नंबर पर आधार EKYC करें लिंक पर क्लिक करें |
STEP 2: दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ने के बाद अपनी नौ अंकों की समग्र आईडी दर्ज करें , आधार नंबर और OTP हेतु मोबाइल नंबर प्रविष्ट करे और सदस्य की जानकारी देखे और दर्ज मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करने के लिए अनुरोध करे बटन पर क्लिक करें|
STEP 2:सदस्य की जानकारी देखे और दर्ज मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करने के लिए अनुरोध करे बटन पर क्लिक करने के बाद आप के स्क्र्रीन पर सदस्य से सम्बंधित जानकारी दिखाई देने लगेगी और मोबाइल पर एक otp आएगा जिसे स्क्र्रीन पर otp वाले सेक्शन में एंटर करके प्रमाणित करे और आधार E- Kyc प्रारम्भ करे बटन पर क्लिक करे|
STEP 4: प्रमाणित करे और आधार E- Kyc प्रारम्भ करे बटन पर क्लिक करने के बाद आप के स्क्रीन पर सदस्य से सम्बंधित जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी और OTP रिक्वेस्ट करने पर आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP प्राप्त होगा जिसे आपको OTP टेक्स्ट बॉक्स में दर्ज करना है|
STEP 5: OTP वेरिफिकेशन हो जाने पर आधार डिटेल्स फोटो के साथ आपकी स्क्रीन पर आ जावेगी अतः नीचे दी हुयी बटन पर पर क्लिक करके पुष्टि करना होगा पुष्टि करते ही आपके द्वारा आधार लिंक की रिक्वेस्ट सम्बंधित सर्वर में भेज दी जाती है आधार को समग्र लिंक करने में २ से तीन कार्यदिवस का समय लगता है अतः इसके बाद समग्र आईडी डाउनलोड करके आप आधार लिंक हुआ की नहीं चेक कर सकते हैं
STEP 1: समग्र आईडी से आधार लिंक करने के लिए सबसे पहले मध्य प्रदेश की के आधिकारिक समग्र पोर्टलhttp://samagra.gov.in/ पर जाए| होम पेज पर नागरिक सेवाओं की लिस्ट में समग्र नागरिक सेवा सेक्शन पर चौथे नंबर पर आधार EKYC करें लिंक पर क्लिक करें |
STEP 2: दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ने के बाद अपनी नौ अंकों की समग्र आईडी दर्ज करें , आधार नंबर और OTP हेतु मोबाइल नंबर प्रविष्ट करे और सदस्य की जानकारी देखे और दर्ज मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करने के लिए अनुरोध करे बटन पर क्लिक करें|
STEP 2:सदस्य की जानकारी देखे और दर्ज मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करने के लिए अनुरोध करे बटन पर क्लिक करने के बाद आप के स्क्र्रीन पर सदस्य से सम्बंधित जानकारी दिखाई देने लगेगी और मोबाइल पर एक otp आएगा जिसे स्क्र्रीन पर otp वाले सेक्शन में एंटर करके प्रमाणित करे और आधार E- Kyc प्रारम्भ करे बटन पर क्लिक करे|
STEP 4: प्रमाणित करे और आधार E- Kyc प्रारम्भ करे बटन पर क्लिक करने के बाद आप के स्क्रीन पर सदस्य से सम्बंधित जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगी और OTP रिक्वेस्ट करने पर आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक OTP प्राप्त होगा जिसे आपको OTP टेक्स्ट बॉक्स में दर्ज करना है|
STEP 5: OTP वेरिफिकेशन हो जाने पर आधार डिटेल्स फोटो के साथ आपकी स्क्रीन पर आ जावेगी अतः नीचे दी हुयी बटन पर पर क्लिक करके पुष्टि करना होगा पुष्टि करते ही आपके द्वारा आधार लिंक की रिक्वेस्ट सम्बंधित सर्वर में भेज दी जाती है आधार को समग्र लिंक करने में २ से तीन कार्यदिवस का समय लगता है अतः इसके बाद समग्र आईडी डाउनलोड करके आप आधार लिंक हुआ की नहीं चेक कर सकते हैं
इस प्रकार आप अपनी समग्र आईडी को आधार से लिंक कर पाएंगे, (Samagra ID Aadhaar Linking)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Samgra ID के प्रकार कौन से हैं ?
Samgra ID के मूलतः दो प्रकार हैं, * Family Samgra ID (समग्र परिवार आई डी) * Member Samgra ID (समग्र सदस्य आई डी )
समग्र आई डी कार्ड अप्लाई करने में कौन सा डॉक्यूमेंट लगता है ?
समग्र आई डी अप्लाई करने के लिए मूलत एक दस्तावेज की आवश्यकता होती है जो निम्न प्रकार है । आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID, राशन कार्ड , दसवीं का मार्कशीट आदि आपको इनमें से कोई एक ही काम आएगा अप्लाई करते वक्त क्योंकि सिर्फ एक की ही जरूरत पड़ती है ।
क्या समग्र आई डी सभी सदस्यों का बनाना जरूरी है ?
हाँ बिल्कुल जरूरी है समग्र आई डी सभी सदस्यों का बनाना अत्यंत जरूरी माना जाता है क्योंकि अगर आप सभी योजनाओं का लाभ समय पर लेना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपका कोई भी काम समय पर हो तो आप समग्र portal अपने पूरे परिवार का Registration करा सकते हैं
क्या समग्र आई डी बनाने के लिए सरकारी दफ्तर जाना पड़ता है ?
जी नहीं समग्र आई डी बनाना बहुत आसान है और यह ऑनलाइन बनता है जो आप कहीं से भी बना सकते हैं इसके लिए आपको किसी सरकारी दफ्तर में जाना नहीं पड़ेगा ।
क्या समग्र आई डी छात्रों को भी बनवाना पड़ेगा ?
जी हाँ छात्रों को भी बनवाना पड़ेगा क्योंकि छात्र भी किसी परिवार के सदस्य हैं और इससे छात्रों को भी काफी लाभ मिलेगा ।
अध्यापक संवर्ग से स्कूल शिक्षा विभाग के अन्तर्गत नवीन संवर्ग में नियुक्त किये गये शिक्षकों की वरिष्ठता के निर्धारण हेतु मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम, 2018 के नियम 17 में वर्णित प्रावधानों के तहत संदर्भ वरिष्ठता सूची तैयार किये जाने की कार्यवाही पूर्ण की जाना है
विशिष्ट बिंदु
समस्त निकायों में कार्यरत सहायक अध्यापक/अध्यापक/वरिष्ठ अध्यापक की पृथक-पृथक संदर्भ वरिष्ठता सूची दिनांक 30.06.2018 की स्थिति में तैयार की जाना है।
यह संदर्भ सूची षिक्षाकर्मी/संविदा शाला शिक्षक के पद पर प्रथम नियुक्ति दिनांक के आधार पर तैयार की जावेगी।
निकायों द्वारा एक ही तिथियों में नियुक्ति आदेश / चयन सूची जारी की गई है तो विभिन्न सूचियों में एक ही सरल क्रमांक पर एक से अधिक व्यक्ति होने पर जिसकी आयु अधिक होगी उसे वरिष्ठ माना जायेगा।
नियुक्ति आदेष दिनांक, चयन सूची का क्रमांक एवं जन्मतिथि समान होने की स्थिति में अध्यापक के नाम के अंग्रेंजी वर्णमाला क्रम के अनुसार वरिष्ठता का निर्धारण किया जायेगा।
संदर्भ वरिष्ठता सूची को जारी कर एक माह की समयावधि में दावे आपत्ति प्राप्त की जाएगी
तैयार संदर्भ वरिष्ठता सूची में अंकित वरिष्ठता क्रम के आधार पर संबंधित नियोक्ता प्राधिकारी द्वारा अंतरिम वरिष्ठता सूची दिनांक 01.07.2018 की स्थिति में तैयार की जायेगी।
आदेश
वरिष्ठता सूची प्रबंधन प्रणाली सम्बन्धी आदेश देखने के लिए यहाँ क्लिक करें डाउनलोड
शिक्षक वरिष्ठता सूची में अपना नाम एजुकेशन पोर्टल में कैसे देखें
STEP 1: वरिष्ठता सूची प्रबंधन प्रणाली में अपना नाम देखने के लिए सबसे पहलसे आप आधिकारिक पोर्टल http://www.educationportal.mp.gov.in/ पर जाएँ |और लॉगिन बटन पर क्लिक करें
STEP 2: अब आप अपना यूनिक आईडी एवं पासवर्ड दर्ज करें और पोर्टल पर लॉगिन करें
STEP 3: जैसे ही आपको लॉगिन होते हैं डैशबोर्ड के प्रथम पृष्ठ में ही आपको वरिष्ठता सूची प्रबंधन प्रणाली का एक टैब दिखाई देगा आप उपरोक्त टैब पर क्लिक करें
STEP 4: अब आप स्थानीय निकाय और कैडर के आधार पर सर्च करें जिससे आपको नीचे सर्च रिजल्ट प्राप्त होने अब आप जिस भी कैडर में आते हैं जैसे अध्यापक, सहायक अध्यापक या वरिष्ठ अध्यापक के विकल्प में से से चयन करें जैसे की मैंने यहाँ पर सहायक अध्यापक का चयन किया है |
STEP 5: उपरोक्त विकल्प में से चयन करने के बाद लोकसेवकों की लिस्ट आपको प्रदर्शित होगी अतः सूचि में इस प्रकार से आप अपना नाम ढूंढ सकते हैं|यदि आपका नाम वरिष्ठता सूचि में नहीं है तो आप अपना नाम जोड़ भी सकते हैं वरिष्ठता सूचि में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को हमारी अगली इस पोस्ट के माध्यम से बताया गया है