MP e-Tender: ई टेंडर (e-Tender) क्या होता है- गवर्नमेंट टेंडर, ई -निविदा प्रक्रिया जाने यहाँ पर. . .

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MP e-Tender

MP e – tender: टेंडर (Tender) एक अंग्रेजी शब्द है और हिंदी में इसे निविदा कहते है, जबकि आम बोलचाल की भाषा में ठेका के नाम से जाना जाता है | सामान्यतः सरकारी विभागों में इसे निविदा के नाम से ही निकला जाता है |

जब किसी सरकारी विभाग या निजी कम्पनियों द्वारा अपनें कार्य को किसी दूसरे व्यक्ति या फर्म द्वारा कम से कम खर्च में कराया जाता है, तो इस प्रकार के कार्य को ठेका देना या टेंडर कहते है और इस कार्य को कराने वाली फर्म या व्यक्ति को ठेकेदार कहा जाता है |

ठेकेदार और ठेकेदारी इन दोनों नामों से लगभग सभी लोग परिचित है प्रतिवर्ष विभिन्न सरकारी विभागों और निजी कम्पनियां अपने कई कार्यों को पूरा कराने के लिए टेंडर निकालती है|

जिसमें इच्छुक व्यक्ति या पात्र  ठेकेदार टेंडर प्राप्त करनें के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिखित रूप से आवेदन करना होता है, परन्तु अब सरकार नें टेंडर के लिए बनाये गये मैनुअल सिस्टम को समाप्त करते हुए ई टेंडर (E–Tender) की शुरुआत करने का निर्णय लिया है अर्थात अब ठेका देने की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी|

आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से हम आप सभी लोगो को ई टेंडर (e-Tender) क्या होता है- गवर्नमेंट टेंडर, ई -निविदा प्रक्रिया के बारे में बतायेगे , इन सभी प्रकार के जानकारी के लिए हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े |

What is MP E- Tender? (ई- टेंडर क्या होता है?):

टेंडर (Tender) एक अंग्रेजी शब्द है और हिंदी में इसे निविदा कहते है, जबकि आम बोलचाल की भाषा में ठेका के नाम से जाना जाता है | सामान्यतः सरकारी विभागों में इसे निविदा के नाम से ही निकला जाता है |

जब किसी सरकारी विभाग या निजी कम्पनियों द्वारा अपनें कार्य को किसी दूसरे व्यक्ति या फर्म द्वारा कम से कम खर्च में कराया जाता है, तो इस प्रकार के कार्य को ठेका देना या टेंडर कहते है और इस कार्य को कराने वाली फर्म या व्यक्ति को ठेकेदार कहा जाता है |

दरअसल अभी तक निविदा अर्थात टेंडर के लिए लोगो को निविदा पत्र को भरनें के पश्चात एक सीलबंद लिफाफे में डालकर उसे निविदा पेटी (Tender Box) में डालना होता था | इस बॉक्स को एक निर्धारित अवधि के बाद सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में खोला जाता था |

इनमें से जिस निविदा पत्र में कार्य को कराने के लिए सबसे कम राशि अंकित होती थी, उन्हें यह टेंडर दे दिया जाता था। सबसे खास बात यह है, कि मैनुअल प्रक्रिया में जम कर धांधलियां की जानें लगी |

जिसके परिणाम स्वरुप कार्य निर्धारित मानको के अनुरूप न होकर सिर्फ खानापूर्ति होने लगी और कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे | इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार व्याप्त होने लगा | इस प्रकार की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने टेंडर के लिए  मैनुअल प्रक्रिया को समाप्त करते हुए इसे ऑनलाइन कर दिया है, जिसे ई- टेंडर कहते है|

MP E-Tender Process Information: (ई–टेंडर प्रक्रिया की जानकारी):

सरकार द्वारा जारी की गयी इस नई ई-टेंडरिंग व्यवस्था के अंतर्गत पूरी टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। टेंडर के लिए अब लोगो को सबंधित विभाग की वेबसाइट पर जाकर फार्म भरने से लेकर, टेंडर खुलने, रिजेक्ट होने तथा मिलने संबंधी सभी जानकारियां घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे।

यहाँ तक कि उनका पेमेंट भी ऑनलाइन माध्यम से किया जायेगा | टेंडर के लिए निर्धारित शुल्क (Tender Fees) और सिक्योरिटी मनी के भुगतान और वापसी ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से किया जायेगा।

ई-प्रोक्योरमेंट के अंतर्गत डाटा की सिक्यूरिटी और मेंटेनेंस ऑब्लिगेशन की जिम्मेदारी एनआईसी (National Informatics Centre-NIC) को दी गयी है | हालाँकि ई-क्रय या इलेक्ट्रॉनिक क्रय (E-procurement) के नियमों और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार का कोई संशोधन नहीं किया गया है | अपितु वर्तमान नियमों और प्रक्रियाओं के अन्तर्गत ही केवल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग करते हुए टेंडरिंग की कार्यवाही की जाएगी |

How To Apply For E-Tender? ई निविदा कैसे अप्लाई करे ?:

किसी भी सरकारी या गैर सरकारी विभाग द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया में कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है, परन्तु इसके लिए उन्हें कुछ नियमों और मानकों को पूरा करना होता है | यह मानक या शर्ते टेंडर में निविदादाता द्वारा दी गयी होती है |

इन शर्तों में कार्य करनें की समय अवधि, कार्य की दरे, अनुमानित लागत के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये होते है | किसी भी ठेकेदार द्वारा टेंडर लेते समय ठेकेदार और निविदादाता के बीच एक अनुबंध कराया जाता है, ताकि किसी प्रकार की समस्या होनें पर क़ानूनी कार्यवाही की जा सके | 

ई टेंडर को इलेक्ट्रोनिक निविदा भी कहते है, इसके अंतर्गत आपको टेंडर लेने के लिए आपको एक निर्धारित साइट्स पर जा कर निविदा ऑनलाइन माध्यम से भाग लेना होता है | टेंडर में भाग लेने के लिए को आप को उस विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होता है |

E-Tender Registration Process: ई– टेंडर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया :

E-Tender हेतु रजिस्ट्रेशन के लिए आपके पास कुछ आवश्यक दस्तावेज जैसे, कि आपकी ई मेल आईडी , पिछले 3 साल के आयकर प्रपत्र और शपथ पत्र आदि | दरअसल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें आपसे सम्बंधित कुछ जानकारी पूछी जाती है | 

रजिस्ट्रेशन करनें के दौरान आपको सभी जानकारी सही-सही भरना आवश्यक है अन्यथा आपके विरुद्ध क़ानूनी कार्यवाही की जा सकती है | मुख्य रूप से ई- टेंडर के 2 भाग होते है, जो इस प्रकार है-

1. Docoment Part(दस्तावेज से सम्बंधित भाग):

डॉक्यूमेंट पार्ट में आपको टेंडर से सम्बंधित कुछ आवश्यक दस्तावेजों की छाया प्रति जमा करना होता है, जिसमें आपके डिजिटल हस्ताक्षर होनें चाहिए | 

2. BOQ (काम की दरे):

निविदा के इस भाग में टेंडर की दरे दी गयी होती है, इसके साथ ही इसमें कार्य की मात्रा (कितना कार्य करना है) दी गयी होती है | इसमें ठेका लेने वाले व्यक्ति या फर्म को अपने रेट भरने होते है | यह निविदा का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग होता है, क्योंकि आपका लाभ या हानि इसी पर निर्भर होता है | 

टेंडर के लिए आप जिस कार्य का टेंडर ले रहे है, उसकी पूरी जानकारी होना आवश्यक है | यदि आपको उसकी जानकारी नहीं होगी, तो आप तो आप टेंडर के उचित रेट नहीं लगा पायेगे |

ई– टेंडर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के लिए निम्नन प्रोसेस फॉलो करना पड़ेगा :

स्टेप 1: सर्वप्रथम आप को E – Tender की ऑफिसियल वेबसाइट https://mptenders.gov.in/nicgep/app पर जाना होगा |

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स्टेप 2:ऑफिसियल वेबसाइट https://mptenders.gov.in/nicgep/app होम पेज ओपन होने के बाद अपना रजिस्ट्रेशन करने के लिए आप को Online Bidder Enrollment वाले लिंक पर क्लिक करना होगा |

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स्टेप 3: Online Bidder Enrollment वाले लिंक पर क्लिक करते हो एक नया पेज ओपन होगा|

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स्टेप 4: इस पेज पर आप को अपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और कंपनी की डिटेल भरनी होगी और साथ ही कुछ आवश्यक डिजिटल हस्ताक्षरित डाक्यूमेंट्स भी अपलोड करने होंगे |

स्टेप 5: स्टेप 4 वाली प्रोसेस कम्पलीट होने के बाद आप को पोर्टल में प्रदर्शित हो रहे अमाउंट को ऑनलाइन पेमेंट करना होगा| जिसके बाद आप की ई– टेंडर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी|

नोट: टेंडर के लिए आप जिस कार्य का टेंडर ले रहे है, उसकी पूरी जानकारी होना आवश्यक है | यदि आपको उसकी जानकारी नहीं होगी, तो आप तो आप टेंडर के उचित रेट नहीं लगा पाएंगे | जिसकी वजह से आप को आर्थिक नुकसान हो सकता है

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