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MP: मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना

MP मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना :

प्यारे दोस्तों मै आज आप के लिए मध्य प्रदेश सरकार की एक नई क्रांतिकारी योजना मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के बारे में जानकारी लेकर आया हूं , जिसमे मै आप को मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना , और इसके आवेदन के बारे में जानकारी देने जा रहा हूं कि कैसे मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना में आवेदन करके इसका लाभ उठा सकते हैं | हमारे देश के जायदातर किसान खेतो की सिचाई के लिए विधुत चलित पंप पर आश्रित है और जहा पर विधुत की व्यवस्था नहीं होती है उन खेतो पर डीज़ल पंप का उपयोग करते हैं डीज़ल पंप किसानो के लिए बहुत ही खर्चीला होता है और साथ ही साथ डीज़ल का उपयोग करने से वायु प्रदुषण और ध्वनि प्रदुषण भी बढ़ता है, इन्ही सब परेशानियों को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना 2022 का शुभारम्भ किया है जिसका लक्ष्य मध्य प्रदेश के किसानो के लिए अगले 5 वर्षो में 2 लाख सोलर पंप की स्थापना करना है |

प्रदेश के किसानों के लिए अगले 5 वर्षों में 2 लाख सोलर पम्प स्थापना का लक्ष्य

सोलर पम्प स्थापना हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं, जिसमें भारत शासन व मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। इस योजनांतर्गत कृषक को सोलर पम्प का लाभ इस शर्त पर दिया जाएगा कि कृषक की कृषि भूमि के उस खसरे/बटांकित खसरे पर भविष्य में विद्युत पम्प लगाये जाने पर उसको विद्युत प्रदाय पर कोई अनुदान देय नहीं होगा। कृषक द्वारा स्वप्रमाणीकरण भी दिया जाएगा कि वर्तमान में कृषक के उस खसरे/बटांकित खसरे की भूमि पर विद्युत पम्प संचालित/ संयोजित नहीं है। यदि सम्बन्धित कृषक उक्त विद्युत पम्प का कनेक्शन विच्छेद करवा लेता है अथवा उस पर प्राप्त अनुदान छोड़ देता है, तब उसे सोलर पम्प स्थापना पर अनुदान दिया जा सकता है।

मध्य प्रदेश सोलर पंप योजना का उद्देश्य:

इस योजना के जरिये सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सब्सिडी दर पर सोलर पम्प उपलब्ध करवाना चाहती है। इस योजना में केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 90% अनुदान दिया जा रहा है। इससे राज्य में खेती की फसलों की पैदावार बढ़ाने में बढ़ावा मिलेगा। इन सोलर पम्प की सहायता से खेतो में सिचाई करने से पर्यावरण प्रदूषण कम होगा और किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। इस योजना से विद्युत कंपनियों द्वारा बिजली की अस्थाई कनेक्शन को कम करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के लाभ:

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के माध्यम से किसान साथियो को बहुत सारे लाभ प्राप्त होंगे :-

  • मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के किसानो को सोलर पम्प प्रदान किये जायेगे।
  • इस योजना से प्राप्त सोलर पंप की सहायता से सभी किसान साथी अपने खेतो की सिचाई आसानी से कर सकते हैं.|
  • योजना से उन किसानों को लाभ होगा, जिनके खेतों के आसपास बिजली नहीं पहुची है।
  • ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जहाँ बिजली की पहुँच है किन्तु विधुत लाइन से कम से कम 300 मीटर की दूरी पर स्थित हो। उन्हें भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जायेगा।
  • सोलर पंप योजना से किसानों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हो सकेगा।
  • डीजल के इस्तेमाल से होने वाले खर्च एंव प्रदूषण पर रोक लगेगी।
  • राज्य के जिन क्षेत्रो में उर्जा वितरण कंपनियों द्वारा बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था नहीं की जा सकी हो। जिसके कारण किसानों को सिंचाई हेतु बिजली के अस्थायी कनेक्शन की व्यवस्था करनी पड़ती हो। ऐसे स्थान के किसानो को इसके तहत प्राथमिकता दी जाएगी।

मध्य प्रदेश सोलर पंप योजना में आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज :

  • यह योजना केवल मध्यप्रदेश के किसानों के लिए ही है। आवेदक का मध्यप्रदेश निवासी होना जरूरी है।
  • आवेदक के पास किसान कार्ड होना चाहिए ।
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • खेती योग्य भूमि के कागज़ात
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

सोलर पम्प स्थापना के नियम, शर्ते एवं दिशा-निर्देश :

सोलर पंप के आवेदन हेतु निम्नलिखित नियम, शर्ते एवं दिशा-निर्देश का पालन होना अनिवार्य है

  • आवेदन केवल आवेदक की भूमि के लिए है।
  • आवेदक द्वारा निम्नलिखित जानकारी सत्यापित होना आवश्यक है –
    • सोलर पम्प संयंत्र का उपयोग केवल सिंचाई हेतु होगा तथा इसका विक्रय या हस्तांतरण नहीं होगा ।
    • आवेदक के पास सिंचाई का स्थाई स्त्रोत है एवं सोलर पम्प हेतु आवश्‍यक जल भण्‍डारण की आवश्यकता अनुसार उपयोग होगा ।
    • मापदण्ड अनुसार मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड से सोलर पम्प स्थापित कराने के लिए सहमती प्रदान करना होगी ।
    • मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के निर्देशानुसार अग्रिम आवेदन राशि एवं शेष राशि निर्धारित अवधि में जमा कराने के लिए सहमती प्रदान करना होगी।
    • सोलर ऊर्जा आधारित जल पंपिग संयंत्र को विहित कार्य हेतु उपयोग में होगा एवं इसकी सुरक्षा एवं सामान्य रख-रखाव की जिम्मेदारी आवेदक की होगी ।
    • यदि सोलर पम्प स्थापना के उपरांत उस पर किसी भी प्रकार की टूट-फूट या चोरी होती है तो उसकी जिम्मेदारी निगम की नहीं होगी।
    • आवेदन-पत्र में सोलर पम्पिंग सिस्टम के प्रकार के अनुरूप दी गई डिस्चार्ज की जानकारी स्टेण्डर्ड टेस्टिंग कण्डिशन के अनुरूप है एवं इस पर स्थापना स्थल एवं सोलर ऊर्जा (Solar Radiation) की उपलब्धता के अनुरूप डिस्चार्ज कम या ज्यादा हो सकता है।
    • सोलर प्लेटों की स्थापना हेतु छाया रहित स्थान उपलब्ध कराने की पूर्ण जिम्मेदारी आवेदक की होगी ।
    • यदि सोलर पम्प स्थापना के उपरांत आवेदक का मोबाईल नम्बर परिवर्तित होता है तो आवेदक इसकी जानकारी मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के जिला कार्यालय एवं स्थापित करने वाली इकाई को सूचित करना होगा ।
    • आवेदक द्वारा दिए गए खसरे/खसरे बटांकन पर विद्युत पम्प संचालित/संयोजित नहीं है अथवा आवेदक द्वारा दिए गए खसरे/खसरे बटांकन पर विद्युत पम्प लगा हुआ है परन्तु आवेदक द्वारा उसके कनेक्शन विच्छेद हेतु आवेदन कर दिया गया है।
    • स्थापित सोलर पम्प को स्थानांतरण नहीं होगा ।
    • सोलर पम्प के कन्ट्रोलर एवं मोटर सेट इत्यादि से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की जिम्मेदारी आवेदक की होगी ।
    • सोलर प्लेटों की समय-समय पर सफाई की जिम्मेदारी आवेदक की होगी ।
  • यह योजना सम्पूर्ण प्रदेश में जिलेवार निर्धारित लक्ष्य अनुसार समस्त कृषकों के लिए लागू होगी।
  • निर्धारित आवेदन के साथ निर्धारित राशि रू. 5,000/- ‘‘मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, भोपाल’’ के पक्ष में ऑनलाईन माध्यम से ‘‘मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, भोपाल’’ को आवेदन के साथ प्राप्त होना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
  • सोलर पम्प स्थल उपयुक्त/चयन न होने पर पंजीयन राशि रू. 5,000/- निगम द्वारा आवेदक को वापिस होगी व कोई ब्‍याज देय नहीं होगा।
  • निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में प्राप्त हुए समस्त आवेदनों का निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से हितग्राही कृषक का चयन किया जावेगा।
  • चयन की सूचना मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड द्वारा दिये जाने पर हितग्राही कृषक को शेष राशि ऑनलाईन माध्यम से शीघ्र ही मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड भोपाल को देनी होगी।
  • राशि प्राप्त होने के पश्‍चात् लगभग 120 दिवस में सोलर पम्पों की स्थापना का कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में समयावधि बढ़ाई जा सकती है। स्थापना का कार्य पूर्ण करने में देरी होने पर म.प्र. ऊर्जा विकास निगम का किसी भी प्रकार का कोई भी दायित्व, जिम्मेदारी नहीं होगी।
  • सोलर पम्प की स्थापना एवं संतोषप्रद प्रदर्शन उपरांत समस्त संयंत्र हितग्राही को सौंप दिया जाएगा।
  • इस योजना के तहत् स्थापित सोलर पम्प की जानकारी वाला बोर्ड सोलर पम्प पर लगाया जाएगा।
  • हितग्राहियों द्वारा आवश्यकता पड़ने पर मुख्य रोड से साईट (जहाँ पर सोलर पम्प की स्थापना की जानी है) वहाँ तक के ट्रान्सपोर्टेशन व स्थापना में सहयोग दिया जाना होगा।
  • किसी भी प्रकार की टूट-फूट/चेारी या क्षतिग्रस्‍त होने की स्थिति में तीन दिवस में पुलिस में एफ.आई.आर. करें एवं स्‍थापनाकर्ता इकाई एवं जिला कार्यालय को भी तत्‍काल सूचित करें। ताकि स्‍थापनाकर्ता इकाई Insurance Claim हेतु कार्यवाही कर सकें। Insurance Company द्वारा मान्‍य होने पर ही टूट-फूट / चोरी या क्षतिग्रस्‍त हेतु सुधार कार्य मान्‍य होगा।
  • पम्‍प स्‍थापना के उपरांत स्‍थापनाकर्ता इकाई से उनके कम्‍पनी का मुख्‍यालय का दूरभाष नम्‍बर प्रदेश स्‍तर का सर्विस सेन्‍टर का दूरभाष नम्‍बर एवं जिला स्‍तर के प्रतिनिधि का दूरभाष नम्‍बर अवश्‍य प्राप्‍त करें।

सोलर पम्प प्रकार:-

क्र.सोलर पंपिंग सिस्टम के प्रकारहितग्राही किसानअंश (रु.)डिस्चार्ज (लीटर में प्रतिदिन)
11 एच.पी.डी.सी. सबमर्सिबल19000/-30 मी. के लिए 45600, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 45 मी.
22 एच.पी.डी.सी. सरफेस23000/-10 मी. के लिए 198000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 12 मी.
32 एच.पी.डी.सी. सबमर्सिबल25000/-30 मी. के लिए 68400, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 45 मी.
43 एच.पी.डी.सी. सबमर्सिबल36000/-30 मी. के लिए 114000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 45 मी.
50 मी. के लिए 69000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 70 मी.
70 मी. के लिए 45000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 100 मी.
55 एच.पी.डी.सी. सबमर्सिबल72000/-50 मी. के लिए 110400, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 70 मी.
70 मी. के लिए 72000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 100 मी.
100 मी. के लिए 50400, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 150 मी.
67.5 एच.पी.डी.सी.सबमर्सिबल135000/-50 मी. के लिए 155250, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 70 मी.
70 मी. के लिए 101250, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 100 मी.
100 मी. के लिए 70875, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 150 मी.
77.5 एच.पी.ए.सी. सबमर्सिबल135000/-50 मी. के लिए 141750, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 70 मी.
70 मी. के लिए 94500, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 100 मी.
100 मी. के लिए 60750, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 150 मी.
810 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल217840/-50 मी. के लिए 207000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 70 मी.
70 मी. के लिए 135000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 100 मी.
100 मी. के लिए 94500, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 150 मी.
910 एच.पी. ए.सी. सबमर्सिबल217250/-50 मी. के लिए 189000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 70 मी.
70 मी. के लिए 126000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 100 मी.
100 मी. के लिए 81000, शट ऑफ़ डायनेमिक हेड 150 मी.

मध्य प्रदेश सोलर पंप योजना में आवेदन कैसे करे :-

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के आवेदन के लिए ऑफिसियल वेबसाइट में जाने के लिए यहाँ क्लिक करे |

MP मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के आवेदन हेतु यूजर मेन्यु‍अल के लिए यहाँ क्लिक करे |

मुख्यमंत्री सोलर पंप योजना के आवेदन हेतु यूजर मेन्यु‍अल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करे |

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छत्तीसगढ़ चिराग योजना 2022: जानें क्या है छत्तीसगढ़ चिराग योजना और इसके लाभ |

छत्तीसगढ़ चिराग योजना 2022:-

छत्तीसगढ़ सरकार ने 24 नवंबर 2021 को किसान की आय बढ़ाने के लिए चिराग योजना शुरू की है | छत्तीसगढ़ चिराग योजना (Chhattisgarh Chiraag Scheme) का उद्देश्य राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामीणों के पोषण सेवन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सुधार करना है |

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान की आय बढ़ाने के लिए 24 नवंबर 2021 को छत्तीसगढ़ चिराग योजना की शुरुआत की है | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने चिराग योजना की शुरुआत करते हुए केंद्र पर किसानों के साथ अन्याय करने और धान की खरीद और डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) उर्वरकों की आपूर्ति में छत्तीसगढ़ को समर्थन नहीं देने का आरोप लगाया |

नव-लॉन्च छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि विकास (चिराग) परियोजना को रुपये के परिव्यय के साथ लागू किया जाएगा | 1,735 करोड़ धान की खरीद और डीएपी खाद की आपूर्ति को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है |

छत्तीसगढ़ चिराग योजना 2022 क्या है:-

छत्तीसगढ़ चिराग योजना 2022 निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए शुरू की गई है: –

  • किसानों के लिए आय सृजन के अवसर पैदा करें |
  • गांवों में पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें |
  • संबंधित क्षेत्र की जलवायु परिस्थितियों के अनुसार उन्नत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना,
  • प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए एक कार्यप्रणाली विकसित करना |
  • कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन को प्रोत्साहित करें ताकि किसानों को अच्छा लाभ मिल सके |

चिराग योजना का जिलेवार क्रियान्वयन:-

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 जिलों के 25 आदिवासी बहुल विकासखंडों में नई छत्तीसगढ़ चिराग योजना लागू की जाएगी:-

  • बस्तर
  • बीजापुर
  • दंतेवाड़ा
  • कांकेर
  • कोंडागांव
  • नारायणपुर
  • सुकमा
  • मुंगेलिक
  • बलौदा बाजार
  • बलरामपुर
  • जशपुर
  • कोरिया
  • Surajpur
  • सरगुजा |

छत्तीसगढ़ चिराग योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री का भाषण:-

सीएम भूपेश बघेल ने राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामीणों के पोषण सेवन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सुधार के लिए सीजी चिराग योजना शुरू की है | सीएम ने कहा कि “जब हमने किसानों से 2,500 रुपये प्रति क्विंटल (खरीफ सीजन 2018-19 में) धान खरीदा, तो केंद्र को इससे समस्या थी | उन्होंने (केंद्र) कहा कि धान के समर्थन मूल्य से एक रुपया अधिक नहीं दिया जा सकता है | अब भी वे यह कहकर (धान खरीद में) बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, आप (राज्य सरकार) बोनस नहीं दे सकते, उसना (उबले हुए) चावल (केंद्रीय पूल में) स्वीकार नहीं किए जाएंगे और आपको जूट के बोरे नहीं मिलेंगे ,” उसने दावा किया |

सीएम ने कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है और 9,000 रुपये (प्रति एकड़) की इनपुट सब्सिडी दे रही है | “दुख की बात है कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं करती है। अब स्थिति और खराब होने वाली है क्योंकि केंद्र द्वारा डीएपी उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है | हमारा राज्य ही नहीं बल्कि भाजपा शासित राज्य भी इस कमी का सामना कर रहे हैं | लेकिन छत्तीसगढ़ महतारी (माता) और गौ (गाय) माता की कृपा से, हमारी सरकार ने पिछले साल गोधन न्याय योजना शुरू की थी, जिसके तहत पिछले एक साल में लगभग 12 लाख क्विंटल वर्मिन-कम्पोस्ट (गोबर से) का उत्पादन किया गया है. ,” उसने बोला |

बघेल ने कहा कि डीएपी उर्वरकों की अनुपलब्धता से राज्य में कृषि उत्पादन प्रभावित नहीं होगा क्योंकि सरकार इसके स्थान पर वर्मिन-कम्पोस्ट या सुपर-कम्पोस्ट का उपयोग कर सकती है | मुख्यमंत्री ने आदिवासी क्षेत्रों में पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला |

छत्तीसगढ़ चिराग योजना 2021 के अंतर्गत एकीकृत कृषि, भूमि एवं जल संरक्षण, कृषि एवं उद्यान विकास, मत्स्य पालन एवं पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी हाथ में लिया जायेगा | इसके अलावा, स्थानीय युवाओं को बिक्री और विपणन में प्रशिक्षण दिया जाएगा और नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराया जाएगा | उन्होंने कहा कि उन्हें स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा, उन्होंने कहा कि इससे आदिवासी समाज को “आत्मनिर्भर” बनाने में मदद मिलेगी |

UP: विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2022 ,उत्तर प्रदेश

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2022: ऑनलाइन आवेदन

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के द्वारा राज्य के मजदूरों के विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए की गयी है। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लोट कर आये मजदूरों को और पारंपरिक कारीगरों व दस्तकारों को अपने हुनर को और ज्यादा निखारने के लिए 6 दिन की फ्री ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।  जिससे वह अपना खुद का रोजगार शुरू कर सके। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों व दस्तकारों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई , सुनार लोहार, कुम्हार, हलवाई ,मोची आदि मजदूरों को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।

इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष  15 हजार से ज्यादा लोगों को काम काज मिलेगा। इस योजना के तहत मजदूरों को प्रदान की जाने वाली धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में पहुंच जाएगी। इसलिए आवेदक का बैंक अकाउंट होना चाहिए और बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Vishwakarma Shram Samman Yojana 2022 से जुड़ी सभी जानकारी जैसे आवेदन प्रक्रिया ,पात्रता ,दस्तावेज़ आदि की जानकारी प्रदान करने जा रहे है|

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2022 :-

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत  उत्तर प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों व दस्तकारों जैसे बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई , सुनार लोहार, कुम्हार, हलवाई ,मोची आदि मजदूरों को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा। 

राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत  आवेदन करना चाहते है तो योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। और योजना का लाभ उठा सकते है। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष  15 हजार से ज्यादा लोगों को काम काज मिलेगा। इस योजना के तहत मजदूरों को प्रदान की जाने वाली धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में पहुंचे जाएगी। इसलिए आवेदक का बैंक अकाउंट होना चाहिए और बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2022 का उद्देश्य:-

जैसा कि हम आप सभी लोग जानते है कि हमारे यहाँ के बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची जैसे मजदूर आर्थिक रूप से कमज़ोर होने के कारण अपने कारोबार को आगे नहीं बढ़ा पाते।  इसी समस्या को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को शुरू किया है। 

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना मुख्य उद्देश्य राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची जैसे पारंपरिक कारोबारियों तथा हस्तशिल्प की कला को प्रोत्साहित करना और आगे बढ़ाना। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2022 के ज़रिये इन मजदूरों को 6 दिन कि फ्री ट्रेनिंग प्रदान करना और स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान करना।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2022 में आवेदन करने के लिए आवशयक दस्तावेज़:

  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • जाति प्रमाणपत्र
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2021 में आवेदन करने के लिए पात्रता की शर्ते :

  • आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए
  • आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए
  • शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है
  • पिछले 2 वर्षों में आवेदक ने केंद्र सरकार या राज्य सरकार से टूलकिट के संबंध में कोई लाभ प्राप्त नहीं किया है
  • योजना के अनुसार, आवेदक या उसके परिवार का कोई भी सदस्य केवल एक बार ही योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होगा। परिवार का अर्थ पत्ति एवं पत्नी से है।
  • योजना के तहत पात्रता मानदंडों को पूरा करने के लिए एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाना है
  • योजनान्तर्गत पात्रता हेतु जाति एक मात्र आधार नहीं होगा | योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु ऐसे व्यक्ति भी पात्र होगे जो परम्परागत करीगरी करने वाली जाति से भिन्न हो | ऐसे आवेदको को परंपरागत करीगरी से जुड़े होने के प्रमाण के रूप मे ग्राम प्रधान,अध्यक्ष नगर पंचायत अथवा नगर पालिका/नगर निगम द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2022 में आवेदन कैसे करे ?

राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए स्टेप्स का अवलोकन करे |

STEP 1: सर्वप्रथम आवेदक को उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निर्देशालय की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना

STEP 2: होम पेज पर आप को लॉगिन ऑप्शन दिखाई देगा। आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आवेदन लॉगिन पर क्लिक करना होगा |

STEP 3: आवेदक लॉगिन पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा | इस पेज में लॉगिन सेक्शन के नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करना होगा |

STEP 4: नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करते ही एक नया फॉर्म ओपन होगा जिसमे सभी जानकारी जैसे योजना , नाम , पिता का नाम , जन्मतिथि , मोबाइल नंबर ,ईमेल आईडी राज्य ,जिला आदि का चयन करना होगा।

STEP 5: सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा। इस तरह आपका पंजीकरण पूरा हो जायेगा।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में लॉगिन कैसे करे ?

STEP 1: सर्वप्रथम आवेदक को उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निर्देशालय की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।

STEP 2: होम पेज पर आप को लॉगिन ऑप्शन दिखाई देगा। आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आवेदन लॉगिन पर क्लिक करना होगा |

STEP 3: आवेदक लॉगिन पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा | इस पेज में लॉगिन सेक्शन के पंजीकृत उपयोगकर्ता लॉगिन में उपयोगकर्ता का नाम , पासवर्ड एंटर करते हुए कैप्चा कोड भी एंटर करना होगा |

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना

STEP 4: कैप्चा कोड एंटर करने के बाद लॉगिन बटन पर क्लिक करना होगा |

STEP 5: अब आप पोर्टल पर लॉगिन हो गए हैं। आवेदन की पूरी जानकारी देख सकते हैं।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत साक्षरता कार्यक्रम :

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों एवं पारंपरिक कामगारों के लिए आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से अपना स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए सरकार द्वारा छह दिन की ट्रेनिंग प्रदान कि जाती है। इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत रोजगार स्थापित करने के लिए 10,000 रुपए लेकर 1000000 रुपए तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत मिर्जापुर जिले के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र उपायुक्त वीके चौधरी द्वारा बताया गया है कि जिले के सभी नागरिक जिन्होंने इस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया है और आवेदन की हार्ड कॉपी उपायुक्त उद्योग कार्यालय में जमा की है ऐसे सभी आवेदकों के साक्षरता का आयोजन किया जाएगा।

अधिक जानकारी प्राप्त करने कि लिए आवेदक हमारी वेबसाइट http://enterhindi.com/की मदद ले सकते है |

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मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें?

मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना:-

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के ST/SC विद्यार्थी के लिए मध्यप्रदेश आवास सहायता योजना 2021 (MP Awas Sahayta Yojana) की शुरुआत की है | सरकार इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के विद्यार्थी जो अध्ययन हेतु किराये पर निवास कर रहे हैं, उन विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है |

मध्य प्रदेश आवास सहायता योजना (SC/ST के लिए छात्रवृति योजना) के द्वारा राज्य के सभी अनुसूचित जाति / जनजाति में आने वाले सभी छात्रों को निवास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी जिससे की वो आर्थिक रूप से ऊपर उठ सकें | मध्य प्रदेश आवास सहायता योजना का लाभ सबसे अधिक उन छात्र / छात्राओं को मिलेगा जो अध्ययन हेतु किराये पर निवास कर रहे हैं | ऐसे छात्रों को निवास के लिए के लिए छात्रवृति के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी |

इस योजना के तहत डिप्लोमा कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना के लिए पात्र बनाया है| आवास सहायता योजना मध्यप्रदेश योजना के तहत आदिवासी एवं अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग में आवास सहायता योजना से डिप्लोमा धारकों को वित्तीय सहायता देने की शुरुआत की है | इस योजना के तहत मध्यप्रदेश आवास सहायता योजना में आवेदन कर्ता को प्रतिमाह 1500 से 2000 के बीच आवास भत्ता प्रदान करने का प्रावधान है |

मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना हेतु पात्रता:-

  • ऐसे विद्यार्थी, जो कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने के पश्चात शासकीय एंव मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/अन्य संस्थाओं के स्नातक/स्नातकोत्तर/समस्त उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम में नियमित प्रवेशित हैं तथा जिनका किसी भी शासकीय छात्रावास में प्रवेश नहीं हुआ हो, ऐसे विद्यार्थी आवास सहायता के पात्र होंगे |
  • विद्यार्थी को आवास सहायता की पात्रता अध्ययनरत संस्था के मुख्यालय के आधार पर न होकर, किराये पर निवास के मुख्यालय के आधार पर होगी |
  • समस्त परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र में चयन प्रक्रिया से प्रेवशित अनुसूचित जाति तथा जनजाति की बालिकाओं को नियमित छात्रावास का संचालन प्रारंभ होने तक इस योजना अन्तर्गत आवास सहायता राशि कण्डिका-4 (4) अनुसार प्राप्त कने की पात्रता हेागी |
  • भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर एवं उज्जैन संभागीय मुख्यालयों में रूपये 2000/-, अन्य जिला मुख्यालयों में रूपये 1250/- तथा तहसील/विकासखण्ड मुख्यालय में रूपये 1000/- प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह की दर से 12 माह के लिये आवास सहायता की राशि देय होगी | पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में निर्धारित आय सीमा तक के पात्र विद्यार्थी योजना का लाभ ले सकेंगे |
  • एक ही स्थानीय निकाय(नगरीय निकाय/गा्रम पंचायत) की भौगोलिक सीमा में महाविद्यालयीन संस्था या विद्यार्थी का मूल निवास स्थित न होने पर ही योजना की पात्रता होगी।
  • अन्य दूरी का कोई बन्धन नहीं होगा।निर्धारित आवास सहायता से अधिक किराये की राशि विद्यार्थियों को स्वयं वहन करना होगी |
  • आवास सहायता के अतिरिक्त विभाग द्वारा आवास हेतु अन्य कोई सुविधा देय होगी।अनुत्तीर्ण अथवा परीक्षा परीणाम स्थगित होने पर आगामी वर्ष में विद्यार्थी इस योजना के लिये अपात्र होंगे |
  • एक ही माता/पिता की सभी संतानों को पृथक हितग्राही माना जायेगा |

मध्य प्रदेश आवास भत्ता योजना – जरूरी दस्तावेज:-

  • आधार कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र
  • स्कूल की मार्कशीट
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो |
  • समग्र आईडी
  • वर्तमान कॉलेज कोड
  • शाखा कोड |

मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया:-

  • सबसे पहले आधिकारिक मध्य प्रदेश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 http://scholarshipportal.mp.nic.in/Index.aspx पर जाएं |
  • Homepage पर, “Student Corner” सेक्शन में जाएं और फिर नीचे दिखाए गए “Register Yourself” लिंक पर क्लिक करें या सीधे http://scholarshipportal.mp.nic.in/Public/Registration/Proceed.aspx पर क्लिक करें |
मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना
  • फिर आधार संख्या का उपयोग करके मध्य प्रदेश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 पर पंजीकरण करने का पेज खुल जाएगा |
मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना

यहां अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें, फिर से दर्ज करके इसकी पुष्टि करें और फिर “Proceed: Check & Verify” बटन पर क्लिक करें | फिर आधार सत्यापन के माध्यम का चयन करें या तो OTP या Biometric के माध्यम से | उदाहरण के लिए, हमने OTP विकल्प चुना है और फिर Send OTP बटन पर क्लिक करें | फिर एमपी स्टेट स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 . पर आधार सत्यापित करने के लिए OTP दर्ज करें |

मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना
  • OTP दर्ज करने पर, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए एमपी आवास सहायता योजना ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा |
  • नाम, माता का नाम, समग्र आईडी, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर, श्रेणी, धर्म जैसे सभी विवरण भरें और एमपी आवास सहायता छात्रवृत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए “पंजीकरण करें ” बटन पर क्लिक करें |
  • MP SC/ST आवास सहायता योजना पंजीकरण फॉर्म जमा करने पर, आवेदक लिंक http://scholarshipportal.mp.nic.in/sLogin.aspx का उपयोग करके लॉगिन कर सकते हैं |
मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना

यहां SC/ST आवेदक लॉगिन करने के लिए अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त User Id, Password दर्ज कर सकते हैं | सफल लॉगिन करने पर, छात्र डैशबोर्ड खुल जाएगा जहां आवेदक एमपी आवास भत्ता छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं |

  • बाद में, एमपी आवास भत्ता योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र खोलने के लिए “Apply Online/ View Application” लिंक पर क्लिक करें |
  • अंत में, आवेदक अपने प्रोफाइल में विवरण भर सकते हैं और पूरा एमपी आवास सहायता योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं |

Track Application Status of MP Awas Bhatta Scholarship Scheme:-

  • सबसे पहले आधिकारिक मध्य प्रदेश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 http://scholarshipportal.mp.nic.in/Index.aspx पर जाएं |
  • Homepage पर, “Track Application Status” सेक्शन में जाएं और फिर नीचे दिखाए गए “Track Awas Sahayta Application Status” लिंक पर क्लिक करें या सीधे http://scholarshipportal.mp.nic.in/Public/New_Reports/View_Awas_Application_Status.aspx पर क्लिक करें |
  • यहां उम्मीदवार अपनी आवेदक आईडी, शैक्षणिक वर्ष दर्ज कर सकते हैं और फिर छात्र आवास सहायता आवेदन स्थिति ट्रैक रिकॉर्ड के लिए “Show Awas Sahayta Application Status” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं |

आवास भत्ता सहायता योजना लाभ/राशि:-

भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन नगरों में रू. 2000/- प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह
जिला मुख्यालयों पर रू. 1250/- प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह
तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर रू. 1000/- प्रति विद्यार्थी प्रतिमाह |

View District Wise / Academic Year / Scheme Wise Awas Sahayta Amount Distribution:-

  • सबसे पहले आधिकारिक मध्य प्रदेश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 http://scholarshipportal.mp.nic.in/Index.aspx पर जाएं |
  • Homepage पर, “Awas Sahayata Schemes” सेक्शन में जाएं और फिर नीचे दिखाए गए “View District Wise / Academic Year / Scheme Wise Awas Sahayta Amount Distribution” लिंक पर क्लिक करें या सीधे http://scholarshipportal.mp.nic.in/Reports/Awas_Distribution_District_Scheme_AY_Wise.aspx पर क्लिक करें |
मध्यप्रदेश आवास भत्ता सहायता योजना

यहां उम्मीदवार योजना, शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश कर सकते हैं और फिर जिलेवार / शैक्षणिक वर्ष / योजनावार आवास सहायता राशि वितरण देखने के लिए “View Report” लिंक पर क्लिक कर सकते हैं |

Frequently Asked Question(FAQs):-

मैं अपनी एमपी छात्रवृत्ति कैसे प्राप्त करूं?

अपनी एमपी स्कॉलरशिप खोजने के लिए, आपको आधिकारिक एमपी स्कॉलरशिप पोर्टल 2.0 पर जाना होगा और फिर पेज के बाईं ओर “Student Corner” पर जाना होगा। अपना छात्रवृत्ति आवेदन देखने के लिए ‘Track Application‘ पर क्लिक करें या ‘Calculate Scholarship‘ और सही एमपी छात्रवृत्ति खोजें |

मैं अपनी एमपी छात्रवृत्ति आवास योजना की स्थिति की जांच कैसे कर सकता हूं?

आप एमपी स्कॉलरशिप 2.0 पोर्टल पर जाकर अपने छात्रवृत्ति आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं और छात्र कोने के नीचे “Track Application” पर क्लिक कर सकते हैं |

मैं अपना एमपी स्कॉलरशिप पोर्टल पासवर्ड कैसे बदलूं?

आप एमपी स्कॉलरशिप 2.0 पोर्टल पर जाकर अपना एमपी स्कॉलरशिप पोर्टल पासवर्ड बदल सकते हैं और स्टूडेंट कॉर्नर के नीचे “Recover Password” पर क्लिक कर सकते हैं |

Top 10 Famous Dynamic Entrepreneurs in India 2022

स्टीव जॉब्स संभवतः दुनिया के सबसे दृढ़निश्चयी और प्रेरित उद्यमियों में से एक थे। जबकि कई लोग मानते हैं कि पूर्णता उनकी निरंतर खोज ने उन्हें कार्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया, उनकी प्रमुख प्रेरणा कुछ स्थायी छोड़ने की उनकी इच्छा थी। एक महान उद्यमी बनने के लिए, आपको केवल एक विचार से अधिक की आवश्यकता है; आपको अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए शुद्ध उत्साह, परिश्रम और कड़ी मेहनत की भी आवश्यकता है। Digisharks Communications द्वारा संचालित 2021-22 में देखने के लिए शीर्ष दस गतिशील उद्यमियों की एक सूची तैयार की है, जिन्होंने अपने समर्पण और जुनून के माध्यम से सफलता अर्जित की है।

Top 10 Famous Dynamic Entrepreneurs

1. Divij Bajaj- CEO & Founder of Power Gummies

भारत के गमी मैन दिविज बजाज का उल्लेख किए बिना हमारे देश में प्रभावशाली उद्यमियों पर चर्चा करना असंभव है। दिविज ने पावर गमीज़ की स्थापना की- जो आपके बालों और नाखूनों को वह देखभाल प्रदान करती है , 2018 में, जब वह केवल 23 वर्ष के थे। गमी पूरी तरह से पैक किए गए हैं ताकि पोषक तत्वों को बरकरार रखा जा सके जिसने देश में तूफान ला दिया है, अमेज़ॅन लॉन्चपैड पर तीसरा सबसे अधिक बिकने वाला उत्पाद बन गया है।

दिविज अपने ब्रांड के साथ देश भर में नए और महत्वाकांक्षी उद्यमियों को प्रेरित कर रहा है, जो साधारण पोषण के माध्यम से लोगों को खुश और अपने बारे में आश्वस्त करने के अपने लक्ष्य के लिए खड़ा है।

2. Major Jasdeep Singh, MRICS- Founder & CEO Skylark Facility Management Pvt. Ltd:

मशहूर कॉरपोरेट मुगल, मेजर जसदीप सिंह (सेवानिवृत्त), एमआरआईसीएस ने अपने विशाल अनुभव के साथ स्काईलार्क ग्रुप के साथ साझेदारी में एक सुविधा प्रबंधन कंपनी की स्थापना की है। मेजर को सुविधा और संपत्ति प्रबंधन उद्योग में उनके व्यक्तिगत योगदान के लिए टाइम्स एक्सीलेंस अवार्ड 2021 से सम्मानित किया गया।

 वे कहते हैं, “मैं हमेशा किसी भी स्थिति में सकारात्मक रहने के 03 सबसे महत्वपूर्ण मूल मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करता हूं, हर समय विनम्रता को दर्शाता हूं और किसी भी कार्य को अत्यधिक सटीकता के साथ निष्पादित करने के लिए लचीलापन प्रदर्शित करता हूं। उद्योग में शीर्ष व्यापार प्रस्तावक में से एक के रूप में, मेजर का मानना ​​है कि प्रभावी संचार और उद्देश्य के लिए उपयुक्त व्यावसायिक रणनीति जटिल व्यावसायिक स्थितियों और उद्योग से संबंधित चुनौतियों के कुशल प्रबंधन की कुंजी है।

3. Paras Sharma CEO, VELLINTON Healthcare

एक चतुर, उपलब्धि-संचालित ग्लोबल फार्मास्युटिकल्स बिजनेस लीडर, फार्मास्युटिकल्स की बिक्री, मार्केटिंग और बिजनेस डेवलपमेंट में प्रभावशाली सफलता के साथ प्रॉफिट सेंटर संचालन के प्रबंधन में 24 से अधिक वर्षों के व्यापक नेतृत्व अनुभव के साथ और शीर्ष हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

आयु 45 वर्ष – पारस बीएससी इंडस्ट्रियल केम, एमबीए इंटरनेशनल बिजनेस के रूप में योग्य हैं। 70 से अधिक देशों में व्यापक रूप से यात्रा की, 120 देशों में व्यवसाय किया, अग्रणी उच्च प्रदर्शन टीमों द्वारा अफ्रीका, एशिया और लैटिन / मध्य अमेरिका में शुरू से फार्मास्यूटिकल व्यवसाय स्थापित किया।

4. Yukti Kapoor Mehandiratta- Founder CEO of SBY Academy, Certified Leadership & Etiquette Coach:

युक्ति एक अनुभवी नेतृत्व कोच है जो नेताओं को बदलने और हर संगठन को काम करने के लिए एक महान जगह बनाने की तलाश में है। SBY अकादमी भारत का अग्रणी प्रशिक्षण और कोचिंग मंच है, जो लोगों को खराब नेतृत्व का शिकार बनने से मुक्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आध्यात्मिक नेतृत्व पर उनका प्रमुख कार्यक्रम नेताओं को स्वयं से जुड़ने और दूसरों के साथ सार्थक संबंध स्थापित करने में मदद करता है, जिसके परिणामस्वरूप लाभदायक उद्यम होते हैं।

युक्ति कपूर मेहंदीरत्ता उन कुछ लोगों में से एक हैं, जिन्होंने अपने दिल की बात मानने और महान नेताओं की विरासत को पीछे छोड़ने के लिए अपनी गद्दीदार बैंकिंग नौकरी को छोड़कर यथास्थिति को तोड़ने का साहस किया है। उन्हें कई प्रशंसाओं से सम्मानित किया गया है, जिनमें मुंबई वुमन लीडरशिप अवार्ड 2021, शीर्ष 10 महिला स्टार्टअप सीईओ 2020, राष्ट्रीय महिला उत्कृष्टता पुरस्कार 2018 शामिल हैं।

5. Prasad Tataverty, Founder & Director- Renascence Talent Solutions:

प्रसाद टाटावर्टी रेनसेंस टैलेंट के संस्थापक और निदेशक हैं, जो कार्यकारी खोज, बिक्री नेतृत्व समाधान और उत्पादों को एआईएमएल प्रतिभा और बिक्री प्रतिभा की पेशकश करते हैं। वे 13 देशों में ग्राहकों के लिए काम करते हैं और उन्हें विश्व स्तर पर शीर्ष नेतृत्व और बिक्री प्रतिभा को नियुक्त करने में मदद करते हैं।

प्रतिभा के प्रति उनके जुनून ने उन्हें 2021 में मेन लीडर्स टू लुक अप, टॉप 10 रिक्रूटमेंट लीडर्स 2021, टॉप 10 इंस्पायरिंग बिजनेस लीडर्स मेकिंग डिफरेंस इन 2021 और जैसे कई सम्मान दिलाए। उनका दृढ़ विश्वास है कि समाज को वापस देना लोगों को जानने का एक शानदार तरीका है। वह करियर विकल्पों पर छात्रों को परामर्श देने में बहुत समय व्यतीत करते हैं।

6. Naina Krishna Murthy- Founder & Managing Partner of K Law:

नैना कृष्ण मूर्ति, भारत की सबसे दुर्जेय कानूनी सलाहकारों में से एक, के पास 26 वर्षों से अधिक की विशेषज्ञता है, और कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक कानून में विशेषज्ञता है।

वह यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल, बजाज एनर्जी और इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस सहित कई संगठनों के बोर्ड में हैं। उन्होंने इन्फोसिस शिकायत निवारण बोर्ड की सह-अध्यक्षता की है, उन्हें एसबी एनर्जी (एक सॉफ्टबैंक कंपनी) के बाहरी लोकपाल के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्होंने नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज सहित विभिन्न कंपनियों के निदेशक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने फोर्ब्स इंडिया लीगल पॉवरलिस्ट 2021 द्वारा टॉप मैनेजिंग पार्टनर और टॉप इंडिविजुअल लॉयर जैसी प्रशंसाएं हासिल की हैं।

7. Darshan Sankhala, Founder ROLBOL Community:

दर्शन सांखला, युवा और जीवंत नेता और 32 साल की उम्र में पहले से ही करोड़पति! वह रामपीर औद्योगिक निगम और रामपीर इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष, रामपीर स्टूडियो के निदेशक और रोलबोल समुदाय के संस्थापक हैं।

बहुत कम समय में, उन्होंने रामपीर स्टूडियोज के लिए बेजोड़ सद्भावना पैदा की है और पहले ही बॉलीवुड के दिग्गज गायकों के साथ गाने तैयार कर चुके हैं, और दो फीचर फिल्मों के साथ आ रहे हैं। वह अपनी नवीनतम परियोजना – द रोलबोल कम्युनिटी – रेस्ट ऑफ लाइफ, बेस्ट ऑफ लाइफ; जिसके माध्यम से वह दुनिया भर में प्रेरक मूल्य लाने का प्रयास करता है।

8. Vibhu Agarwal- Founder & CEO of ULLU

स्टील मैन्युफैक्चरिंग के एक संप्रभु, विभु अग्रवाल ने 2018 में OTT स्पेस में प्रवेश किया और एक अपरंपरागत OTT ऐप, ULLU लॉन्च किया। विविध उद्योगों में 27 वर्षों से अधिक की उद्यमशीलता की यात्रा के साथ, विभु को हर व्यवसाय में उत्कृष्टता का व्यक्ति माना जाता है। अपने बेजोड़ समर्पण और व्यावसायिक कौशल के साथ, विभु अग्रवाल मनोरंजन उद्योग में लगातार छलांग लगा रहे हैं।

वह अब एक नए हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल के साथ प्रसारण क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं, जिसका नाम जल्द ही सामने आएगा। विभु अग्रवाल कहते हैं, “हमारा लक्ष्य देश में हर उस भारतीय परिवार को मनोरंजन प्रदान करना है जो हिंदी की सराहना करता है और समझता है।”

9. Suanjana Biswas, Managing Director- Grey & White Consultants Pvt. Ltd:

सुंजना बिस्वास ग्रे एंड व्हाइट एचआर कंसल्टेंट्स की एमडी हैं। पिछले अनुभवों से उसके क्लाइंट नेटवर्क ने उसे ग्रे और व्हाइट के लिए एक शानदार पोर्टफोलियो बनाने में मदद की, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने पेशेवरों का समग्र रूप से मूल्यांकन करने की उसकी क्षमताओं को मजबूत किया। ग्रे एंड व्हाइट में उनका ध्यान क्लाइंट सर्विसिंग और सही रिसोर्सिंग की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने पर था। उनका उद्देश्य करियर बनाकर संगठनों को विकसित करना रहा है।

आज वे बड़े पैमाने पर बढ़ रहे हैं, भारत/सार्क, मध्य पूर्व, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अलावा कई भौगोलिक क्षेत्रों में अपने पंख फैला रहे हैं जहां उनकी विशेषज्ञता पहले ही स्थापित हो चुकी है। अपनी सेवाओं का आकलन करने और उन्हें वितरित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले नियमित तकनीकी प्लेटफॉर्म के अलावा, वे क्लाइंट संगठनों में अपने साथियों के लिए मूल्य वर्धित तकनीकी प्लेटफॉर्म की भी अवधारणा कर रहे हैं।

सुनंजना अभी भी खुद को एक महत्वाकांक्षी पेशेवर मानती हैं क्योंकि “कई सपने हकीकत में बदलना बाकी है”

10. Sheeshram Yadav, Managing Director, TimesPro Consulting: 

शीशराम यादव टाइम्सप्रो कंसल्टिंग एलएलपी के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं, जो गुरुग्राम स्थित रियल एस्टेट कंसल्टेंसी और सलाहकार फर्म है। उनके पास रियल एस्टेट और वित्त उद्योग में 17+ से अधिक वर्षों का अनुभव है।

उनकी विशेषज्ञता टीम प्रबंधन, व्यवसाय विकास योजनाओं और ग्राहक संबंधों में निहित है। उन्हें स्पष्टता को बढ़ावा देने, समस्याओं को सुलझाने और एक सामान्य दृष्टि और लक्ष्य की ओर टीमों को जोड़ने का श्रेय दिया गया है।

Top 10 Famous Health Insurance Companies in India 2022

Top 10 Best Health Insurance Companies in India 2022

स्वास्थ्य बीमा एक प्रकार का बीमा है जो किसी व्यक्ति के चिकित्सा व्यय के सभी या उसके हिस्से का भुगतान करता है। बहुत से लोग जोखिम के संपर्क में आते हैं, ठीक वैसे ही जैसे वे अन्य प्रकार के बीमा के साथ होते हैं।

जोखिम पूल पर स्वास्थ्य जोखिम और स्वास्थ्य प्रणाली के खर्चों के पूरे जोखिम का मूल्यांकन करके, एक बीमाकर्ता एक नियमित वित्त संरचना का निर्माण कर सकता है, जैसे कि मासिक प्रीमियम या पेरोल टैक्स, बीमा में प्रदान किए गए स्वास्थ्य देखभाल लाभों के भुगतान के लिए धन देने के लिए समझौता। लाभ एक केंद्रीय इकाई द्वारा प्रशासित किया जाता है, जैसे कि एक सरकारी एजेंसी, एक वाणिज्यिक फर्म, या एक गैर-लाभकारी संगठन।

हेल्थ इंश्योरेंस एसोसिएशन ऑफ अमेरिका के अनुसार, स्वास्थ्य बीमा को “बीमारी या दुर्घटना के परिणामस्वरूप लाभ भुगतान इस पॉलिसी के तहत कवर किया गया है। इसमें दुर्घटनाएं, चिकित्सा बिल, अक्षमता, और आकस्मिक मृत्यु और विघटन जैसी चीजें शामिल हैं। भारत में प्रत्येक स्वास्थ्य बीमा कंपनी की अनूठी विशेषताएं हैं जो इसे अपने प्रतिस्पर्धियों से अलग करती हैं।

इसके अलावा, एक आकार-फिट-सभी बीमा कंपनी जैसी कोई चीज नहीं है। अपनी परिस्थितियों और स्वास्थ्य लक्ष्यों के आधार पर, प्रत्येक व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य बीमा कंपनी को अलग तरह से परिभाषित करता है। कैशलेस दावा सेवाएं प्रदान करने वाले साझेदार अस्पतालों के अपने बड़े नेटवर्क के कारण कुछ ग्राहक एक बीमा कंपनी को दूसरे पर पसंद कर सकते हैं। दूसरी ओर, अन्य सेवा की गुणवत्ता या ग्राहक सेवा उपलब्धता पर प्रीमियम लगा सकते हैं।

Top 10 Health Insurance Companies :

1. HDFC ERGO General Insurance Company

Best Famous Health Insurance Companies

 यह एचडीएफसी और एर्गो इंटरनेशनल एजी के बीच 51:49 का संयुक्त उद्यम है, जो जर्मनी में म्यूनिख री ग्रुप की बीमा सहायक कंपनियों में से एक है जो बीएफएसआई उद्योग में काम करती है। खुदरा, कॉर्पोरेट और ग्रामीण बाजार सभी को कंपनी द्वारा सेवा प्रदान की जाती है।

 स्वास्थ्य, वाहन, यात्रा, घर, व्यक्तिगत दुर्घटना और साइबर सुरक्षा नीतियां खुदरा क्षेत्र की पेशकशों के साथ हैं। देयता, समुद्री और संपत्ति बीमा उपलब्ध कॉर्पोरेट उत्पादों के साथ हैं। ग्रामीण उद्योग किसानों को फसल बीमा और पशु बीमा प्रदान करता है।

2. Star Health and Allied Insurance Company Limited 

Best Famous Health Insurance Companies

यह चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित एक बहुराष्ट्रीय भारतीय स्वास्थ्य बीमा फर्म है। संगठन सीधे और एजेंटों, दलालों और इंटरनेट के माध्यम से स्वास्थ्य, व्यक्तिगत दुर्घटना और अंतरराष्ट्रीय यात्रा बीमा प्रदान करता है। कई वित्तीय संस्थानों के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के साथ, स्टार हेल्थ बैंकएश्योरेंस में शामिल है।

3. Niva Bupa Health Insurance Company Limited 

Best Famous Health Insurance Companies

Niva Bupa 2008 में स्थापित भारत में स्थित एक स्वास्थ्य बीमा कंपनी है। कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में है। यह मैक्स इंडिया लिमिटेड और यूनाइटेड किंगडम में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा कंपनी बूपा के बीच सहयोग के रूप में शुरू हुआ। 2019 की शुरुआत से, जब मैक्स इंडिया ने अपनी पूरी हिस्सेदारी ट्रू नॉर्थ को बेच दी, मैक्स बूपा ने बूपा और निजी इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ के बीच सहयोग किया है। निगम की चुकता पूंजी 926 करोड़ (US$120 मिलियन) है।भारत का बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण कंपनी (IRDAI) को नियंत्रित करता है। Niva Bupa Health Insurance ने 2010 में काम करना शुरू किया।
यह जून 2011 में वास्तविक समय में बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण की एकीकृत शिकायत प्रबंधन प्रणाली से जुड़ा, जिससे यह ऐसा करने वाला भारत का पहला स्वास्थ्य बीमा प्रदाता बन गया। कंपनी ने अप्रैल 2019 में ‘एनीटाइमहेल्थ (एटीएच)’ उपकरणों की शुरुआत की जो ग्राहकों को कुछ ही सेकंड में स्वास्थ्य बीमा खरीदने की अनुमति देते हैं। फरवरी 2019 में, निजी इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ की सहायक कंपनी, Fettle Tone LLP ने मैक्स इंडिया की संपूर्ण 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 510 करोड़ (US$68 मिलियन) का भुगतान किया। एचडीएफसी बैंक, करूर वैश्य बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक और आईडीबीआई बैंक द्वारा एक एजेंसी बल के माध्यम से बीमा वितरित किया जाता है।

4. SBI General Insurance Company Limited

भारत में सबसे बड़ा सरकारी स्वामित्व वाली बैंकिंग और वित्तीय सेवा निगम भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) है। SBI कंपनी की कुल पूंजी का 70% नियंत्रित करता है। एक्सिस बैंक एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, प्रेमजी इन्वेस्ट, और वारबर्ग पिंकस अन्य निवेशकों के साथ हैं।

व्यक्तिगत दुर्घटना, घर, स्वास्थ्य, यात्रा और ऑटो बीमा इसके खुदरा प्रसाद के साथ हैं, जबकि विमानन, समुद्री, अग्नि, देयता बीमा, इंजीनियरिंग, और निर्माण इसके वाणिज्यिक प्रसाद के साथ हैं। ICRA लिमिटेड ने 2009 में कंपनी को iAAAA रेटिंग दी थी।

प्रकाश चंद्र कांडपाल, वर्तमान एमडी और सीईओ, को एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा 20 जुलाई, 2020 को नियुक्त किया गया था। पूर्व प्रबंध निदेशक और सीईओ पुषन महापात्रा को रणनीतिक निवेश और डिजिटल पहल का निदेशक नामित किया गया है और वे एसबीआई के रूप में कार्य करना जारी रखेंगे। जनरल इंश्योरेंस के पूर्णकालिक निदेशक।

2009 में, SBI जनरल इंश्योरेंस की स्थापना की गई थी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और बीमा ऑस्ट्रेलिया समूह के बीच सहयोग के रूप में, इसने 2010 में परिचालन शुरू किया। (आईएजी)। एक्सिस एसेट मैनेजमेंट कंपनी और प्रेमजी इन्वेस्ट ने सितंबर 2018 में कंपनी में 4.82 बिलियन रुपये (64 मिलियन अमेरिकी डॉलर) में 4% हिस्सेदारी खरीदी।

एसबीआई जनरल इंश्योरेंस जून 2019 में समग्र बाजार में लगभग 30 बीमा कंपनियों में से 13 वें स्थान पर था। वित्तीय वर्ष 2019 में, सकल लिखित प्रीमियम 32.83 प्रतिशत बढ़कर 47.17 बिलियन डॉलर (626 मिलियन अमेरिकी डॉलर) हो गया।

IAG ने अक्टूबर 2019 में अपना कुल 26 प्रतिशत हिस्सा US$310 मिलियन (2,325 करोड़) में बेचा। नेपियन अपॉर्चुनिटीज़ LLP (एक प्रेमजी इन्वेस्टमेंट सहयोगी) ने कंपनी का 16.01 प्रतिशत खरीदा, जबकि वारबर्ग पिंकस ने शेष 9.99 प्रतिशत खरीदा। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस 31 मार्च, 2021 तक कारोबार में 12वें स्थान पर है।

5. Care Health Insurance Company Limited

सीएचआई एक विशेष स्वास्थ्य बीमाकर्ता है जो कॉर्पोरेट कर्मचारियों, व्यक्तिगत ग्राहकों और वित्तीय समावेशन चाहने वालों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करता है। कंपनी ने ग्राहक सेवा, उत्पाद नवोन्मेष और मूल्य के लिए मूल्य सेवाओं में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रौद्योगिकी को लागू करने में निवेश किया है। इसकी संचालन रणनीति ‘उपभोक्ता-केंद्रितता’ के मुख्य सिद्धांत पर केंद्रित थी।

विजन: हम फैमिली फ्लोटर प्लान, सीनियर सिटीजन हेल्थ प्लान, डायबिटीज कवरेज, मैटरनिटी कवरेज, क्रिटिकल इलनेस कवरेज और विशिष्ट ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान जैसी अनुकूलित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की पेशकश करके अपने ग्राहकों के लिए एक सुरक्षित आर्थिक भविष्य की परिकल्पना करते हैं, जो सभी के साथ आते हैं सरल दावा प्रक्रियाओं का आश्वासन।

6. ManipalCigna Health Insurance Company Limited

यह बीमा व्यवसाय में एक प्रमुख नाम है और एक स्टैंड-अलोन स्वास्थ्य बीमा फर्म है। कंपनी बनाने के लिए मणिपाल ग्रुप और सिग्ना कॉर्पोरेशन ने पार्टनरशिप की है। इसकी चिकित्सा सेवाओं में व्यक्तिगत बीमा, पारिवारिक फ्लोटर, गंभीर बीमारी, व्यक्तिगत दुर्घटना, समूह मीडिया के दावे, टॉप-अप और विदेशी यात्रा सुरक्षा शामिल हैं।

बीमा प्रदाता तकनीकी प्रगति और ग्राहकों की बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के जवाब में अपने उत्पादों और सेवाओं को अपनाता है। बीमाकर्ता वित्तीय कठिनाई से बचने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच की सुविधा प्रदान करके अपने ग्राहकों को स्वास्थ्य, भलाई और मन की शांति प्रदान करने के लिए समर्पित है।

7. Bajaj Allianz General Insurance Company Limited

भारत में निजी क्षेत्र का सामान्य बीमाकर्ता बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस है। बजाज फिनसर्व लिमिटेड और आलियांज एसई ने कंपनी बनाने के लिए पार्टनरशिप की है। बजाज फिनसर्व लिमिटेड के पास सहयोग के कुल शेयरों का 74 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि आलियांज एसई के पास शेष 26 प्रतिशत का स्वामित्व है।

क्योंकि बजाज फिनसर्व प्रतिष्ठित बजाज परिवार का हिस्सा है, जो लंबे समय से भारत के विभिन्न उद्योगों में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहा है, और आलियांज एसई एक विशेषज्ञ है और व्यापार के अन्य क्षेत्रों के साथ वैश्विक बाजारों में जर्मनी की सबसे प्रसिद्ध वित्तीय सेवाओं में से एक है, दोनों कंपनियों ने विशेषज्ञता, स्थिरता और ताकत के लिए एक प्रतिष्ठा। यह कंपनी की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति बन जाती है। बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने मई 2001 में कई बीमा सेवाओं का संचालन शुरू किया, और तब से, यह भारत के सबसे प्रसिद्ध सामान्य बीमा ब्रांडों में से एक बन गया है। रुपये पार करते समय। 100 करोड़ का जादुई मील का पत्थर, यह बीमा अपने घातीय वित्तीय विकास और लाभप्रदता को बनाए रखता है। इसने खुद को भारत की सबसे भरोसेमंद बीमा कंपनियों में से एक के रूप में स्थापित किया है।

बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के पास बीमा उत्पादों, सेवाओं और बचत का शानदार विकल्प है; यह लोगों और व्यवसायों को पूरा करता है। अपने अभिनव डिजिटल और मोबाइल एप्लिकेशन के साथ। बजाज आलियांज को लगातार 11वें वर्ष ICRA से AAAA रेटिंग मिली है, जो दर्शाता है कि फर्म के पास उच्चतम दावा-भुगतान क्षमताएं हैं।

यह कैशलेस क्लेम सेटलमेंट, इन-हाउस हेल्थ मैनेजमेंट टीम, इमेज-बेस्ड पॉलिसी, क्लेम प्रोसेसिंग, डिजिटल ऑफिस और ईज़ी टैब और इंश्योरेंस वॉलेट जैसे मोबाइल ऐप पेश करने वाली पहली बीमा कंपनी है। यह अपने ग्राहकों को नवीन सेवाएं प्रदान करता है। भारत में पहली बार, व्यवसाय ने बीमित वाहन में टेलीमैटिक्स डिवाइस लगाकर उपयोग-आधारित कार बीमा शुरू किया है। कोई भी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस को ऑनलाइन नवीनीकृत और खरीद सकता है।

8. The New India Assurance Company Limited

यह मुंबई, महाराष्ट्र में स्थापित एक राष्ट्रीयकृत सामान्य बीमा फर्म है। यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के स्वामित्व में है। “सर दोराबजी टाटा ने 1919 में कंपनी बनाई, और 1973 में इसका राष्ट्रीयकरण किया गया।

एक बार, यह भारत के सामान्य बीमा निगम (जीआईसी) की सहायक कंपनी थी। हालाँकि, IRDA अधिनियम, 1999 के GIC के एक पुनर्बीमा व्यवसाय बनने के बाद, इसकी चार प्रमुख बीमा सहायक कंपनियां, न्यू इंडिया एश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और नेशनल इंश्योरेंस स्वतंत्र हो गईं।

9. Oriental insurance company limited

यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के स्वामित्व में है। नई दिल्ली वह जगह है जहां कंपनी का मुख्यालय स्थित है। पूरे संयुक्त राज्य में इसके 31 क्षेत्रीय कार्यालय और 1800 से अधिक परिचालन शाखाएँ हैं। नेपाल, कुवैत और दुबई कंपनी के अन्य स्थानों के साथ हैं। 2013-2014 में, कंपनी ने रु। का सकल प्रीमियम अर्जित किया। 7,282.54 करोड़। कंपनी को 2016-17 में 11,100 करोड़ का वैश्विक बोनस मिला। कंपनी की ओर से 170 से अधिक बीमा उत्पाद उपलब्ध हैं। कंपनी की IRDA पंजीकरण संख्या “556” है। ओरिएंटल इंश्योरेंस की स्थापना 12 सितंबर, 1947 को एक सरकारी स्वामित्व वाली गैर-जीवन बीमा फर्म के रूप में की गई थी।

यह ओरिएंटल गवर्नमेंट सिक्योरिटी लाइफ एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में अपनी मूल कंपनी के सामान्य बीमा संचालन को पूरा करने के लिए शुरू हुई थी। 1956 में जब बीमा उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया गया, तो यह जीवन बीमा निगम की एक सहायक कंपनी बन गई, जो 1973 तक बनी रही। यह 1973 से 2003 तक भारतीय सामान्य बीमा निगम की सहायक कंपनी थी, जब इसे मूल फर्म से डी-लिंक किया गया और शुरू किया गया। एक स्वतंत्र बीमाकर्ता के रूप में। केंद्र सरकार ने 2003 में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के सभी शेयर जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से खरीदे।

2 फरवरी, 2018 को, भारत सरकार ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ ओरिएंटल इंश्योरेंस के विलय की घोषणा की।

10. National Insurance Company Limited

यह भारत की सरकारी स्वामित्व वाली सामान्य बीमा कंपनी है। यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के स्वामित्व में है। “1906 से विश्वसनीय,” इटैलिकाइज़्ड, टैगलाइन है। कंपनी की स्थापना 1906 में गोरधनदास दुतिया और जीवन दास दुतिया ने कोलकाता में की थी और 1972 में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और एशियन इंश्योरेंस कंपनी का राष्ट्रीयकरण किया गया था। इसके पोर्टफोलियो में कई तरह की सामान्य बीमा योजनाएं शामिल हैं। एनआईसीएल भारत में एक बीमा कंपनी है, लेकिन नेपाल में इसकी मौजूदगी है।

1972 में NICL का राष्ट्रीयकरण किया गया और यह भारतीय सामान्य बीमा निगम (GIC) की सहायक कंपनी बन गई। 2002 में, सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन अधिनियम ने राष्ट्रीय बीमा कंपनी लिमिटेड को एक अलग इकाई के रूप में बनाया। अप्रैल 2004 में, एनआईसी और उत्तराखंड, हरियाणा और नई दिल्ली में बैंक के कार्यालयों ने सामान्य बीमा उत्पादों के लिए एक वितरण समझौता किया था।

Top 10 Best Engineering colleges in India Latest List 2022

एक अच्छी तरह से फिट कोर्स चुनने के बाद, अगली चीज जो लाइन में आती है वह है सही विश्वविद्यालय का चयन करना। इस शोध को करते समय बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि आप जिस कॉलेज को चुनते हैं, वह आपके करियर को आकार देने में एक प्रमुख भूमिका निभाने वाला है।

यदि आप उसी दौर से गुजर रहे हैं और भारत में इंजीनियरिंग कॉलेजों की खोज कर रहे हैं, तो यह ब्लॉग आपको सही दिशा में मार्गदर्शन करने वाला है! आइए नजर डालते हैं भारत के टॉप 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों पर।

List of Top 10 Best Engineering colleges in India 2022

Indian Institute of Technology Madras (IITM)

1959 में स्थापित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IITM) ने NIRF रैंकिंग 2022 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। यह भारत में IIT की सूची में भी सबसे ऊपर है। 6,000 छात्रों, 559 संकाय और 16 शैक्षणिक विभागों की क्षमता के साथ, IITM सरकार द्वारा स्थापित किया जाने वाला तीसरा IIT भी है। इसने अत्याधुनिक IIT मद्रास रिसर्च पार्क में कदम रखा है, जिसे आज के युग में एक अनुकरणीय वास्तुकला माना जाता है। इन सभी विशेषताओं के साथ, आईआईटीएम निश्चित रूप से भारत के शीर्ष 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है।

Indian Institute of Technology Delhi (IITD)

विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजधानी में स्थित है और वर्तमान में तकनीकी विश्वविद्यालयों के भारतीय बेड़े में शीर्ष 2 स्थान पर है। यह संभावित रूप से वायुगतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अपने नवाचारों के लिए जाना जाता है। आईआईटीडी ने हाल ही में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा प्राप्त किया है, जो यह दर्शाता है कि इसने पाठ्यक्रम व्यवस्था, स्कूल फीस और संस्थागत भागीदारी के लचीलेपन का विस्तार किया है, साथ ही 30% योग्य छात्रों को विदेशी छात्र बनने के लिए प्रोत्साहित किया है। शैक्षणिक वातावरण, उद्योग इंटरफेस और बुनियादी ढांचे के मामले में, कॉलेज ने एनआईआरएफ रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया, जिससे यह भारत के शीर्ष 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक बन गया।

Indian Institute of Technology Bombay (IITB)

एनआईआरएफ रैंक 3 के साथ, आईआईटीबी भारत के शीर्ष 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। संस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंजीनियरिंग और अनुसंधान में अग्रणी के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसकी स्थापना 1958 में यूनेस्को और पूर्व सोवियत संघ की सहायता से देश में दूसरे आईआईटी के रूप में की गई थी। इसने कई हाई-प्रोफाइल स्नातकों की सुविधा प्रदान की है जिन्होंने विज्ञान, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यवसाय, समाज कल्याण और अन्य क्षेत्रों में योगदान दिया है। इसने एक ओपन कोलैबोरेशन रिसर्च (OCR) प्रोजेक्ट के लिए IBM जैसी कंपनियों के साथ भी गठजोड़ किया है।

Indian Institute of Technology Kanpur (IITK)

यह कानपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित एक 62 साल का शोध विश्वविद्यालय है। IITK को नौ अमेरिकी शोध विश्वविद्यालयों द्वारा कानपुर इंडो-अमेरिकन प्रोग्राम के एक भाग के रूप में बनाया गया था। यह भारत में कंप्यूटर विज्ञान पाठ्यक्रम प्रदान करने वाला पहला संस्थान भी था। वर्तमान में, IITK 8 से अधिक धाराओं में इंजीनियरिंग प्रदान करता है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए, छात्रों को जेईई एडवांस और मास्टर्स के लिए गेट क्लियर करना होगा.

Indian Institute of Technology Kharagpur (IITKGP)

1951 में स्थापित, IITKGP का उपयोग शुरू में वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने के लिए किया गया था। IITKGP भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था और पश्चिम बंगाल में स्थित है। टीटीजीकेजीपी को 2021 में क्यूएस विश्व रैंकिंग में 44वां स्थान दिया गया था। इंजीनियरिंग के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को जेईई एडवांस और मास्टर्स के लिए गेट क्लियर करना होगा।

Indian Institute of Technology Roorkee (IITR)

1847 में सिविल इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में स्थापित IITR भारत के शीर्ष 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों की सूची में एक और योग्य नाम है। आईआईटीआर को एशिया का सबसे पुराना तकनीकी संस्थान माना जाता है। शैक्षणिक विश्वसनीयता, नियोक्ता मान्यता, दस्तावेज़ उद्धरण और पीएचडी कर्मचारियों सहित अधिकांश मेट्रिक्स के लिए विश्वविद्यालय शीर्ष दस एनआईआरएफ रैंकिंग 2019 में रैंक करता है। आईआईटीआर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्नातक (बीई) स्तर के पाठ्यक्रमों और इंजीनियरिंग की उच्च शाखाओं में स्नातकोत्तर (एमटेक) स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रदान करता है।

Indian Institute of Technology Guwahati (IITG)

सुंदर चाय बागानों के राज्य में स्थित IITG असम 1994 में भारत सरकार द्वारा स्थापित एक तकनीकी अनुसंधान विश्वविद्यालय है। यह भारत में स्थापित छठा IIT था। आईआईटीजी का भारत में खूबसूरत परिसरों में से एक है, यह नदियों और पहाड़ों से घिरा हुआ है। आईआईटीजी न केवल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि समग्र रूप से भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शुमार है। बीटेक में प्रवेश के लिए छात्रों को जेईई एडवांस और मास्टर्स के लिए गेट क्लियर करना होगा

University of Hyderabad

1974 में स्थापित हैदराबाद विश्वविद्यालय हैदराबाद के खूबसूरत शहर में स्थित है और अपनी प्रकृति से एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है। इसमें 5,000 से अधिक छात्रों और 400 संकाय सदस्यों को स्वीकार करने की विशाल क्षमता है। इसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा 2015 में भारत में सर्वश्रेष्ठ केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में सम्मानित किया गया था। यह स्नातक, परास्नातक से लेकर व्यापक पीएचडी और एमफिल तक के पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है, जो इसे भारत के शीर्ष 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक बनाता है।

National Institute of Technology, Tiruchirappalli

प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुचिरापल्ली (एनआईटी तिरुचिरापल्ली या एनआईटी त्रिची) भारत के तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली शहर के पास एक सार्वजनिक तकनीकी और अनुसंधान विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना 1964 में मद्रास विश्वविद्यालय की संबद्धता के तहत भारत और तमिलनाडु की सरकारों द्वारा क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज तिरुचिरापल्ली के रूप में की गई थी। 2003 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और भारत सरकार की मंजूरी के साथ कॉलेज को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया था और इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुचिरापल्ली कर दिया गया था। संस्थान को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी, विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईटीएसईआर) अधिनियम, 2007 के तहत भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है और यह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) प्रणाली के सदस्यों में से एक है।

National Institute of Technology Karnataka

कर्नाटक क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज (KREC) की आधारशिला 6 अगस्त 1960 को सुरथकल में रखी गई थी। यह यू. श्रीनिवास माल्या और वी.एस. कुडवा के प्रयासों से संभव हुआ और उनके सम्मान में इस क्षेत्र को अब श्रीनिवासनगर कहा जाता है। KREC ने इंजीनियरिंग में तीन स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ शुरू किया: मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल, मैसूर विश्वविद्यालय से संबद्धता के साथ। 1965 में केमिकल और मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक पाठ्यक्रमों की शुरुआत हुई।

Top 10 Best MBBS colleges in India New List 2022

भारत में शीर्ष 10 एमबीबीएस कॉलेज उन प्लस-टू पास छात्रों के लिए हैं जो स्नातक स्तर पर चिकित्सा का अध्ययन करने के इच्छुक हैं, जिसे एमबीबीएस के नाम से जाना जाता है। भारत में शीर्ष 10 एमबीबीएस कॉलेजों की सूची में शामिल ये संस्थान वे संस्थान हैं जिन्हें स्नातक स्तर पर चिकित्सा का अध्ययन करने के लिए सबसे अच्छी जगह माना जाता है. MBBS के लिए भारत के इन 10 सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए NEET UG परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है जो राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है।

छात्र को आवश्यक कटऑफ अंकों के साथ NEET UG परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। कटऑफ अंक वे अंक हैं जो छात्रों को स्नातक स्तर पर मेडिकल प्रवेश के लिए खुद को अर्हता प्राप्त करने के लिए परीक्षा में स्कोर करना होता है। एमबीबीएस के लिए भारत के इन 10 सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए आवेदन करने के लिए छात्रों का स्कोर कटऑफ के बराबर या उससे ऊपर होना चाहिए।

कटऑफ अंक एनटीए द्वारा एनईईटी यूजी परीक्षा परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद या घोषणा से कुछ समय पहले घोषित किए जाते हैं या एनईईटी यूजी परीक्षा परिणाम के साथ घोषित किए जा सकते हैं।

Top 10 Best MBBS colleges

1. Bangalore Medical College and Research Institute (Karnataka)

Best MBBS colleges in India

बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट को मैसूर एजुकेशन सोसाइटी द्वारा वर्ष 1955 में एक निजी मेडिकल कॉलेज के रूप में शुरू किया गया था। इस सोसाइटी के संस्थापक थे डॉ. आर. शिवराम, डॉ. मेखरी, डॉ. बी.के. नारायण राव और डॉ बी वी रामास्वामी। वर्ष 1957 में इसे मैसूर की तत्कालीन सरकार को सौंप दिया गया था और इसे मैसूर विश्वविद्यालय और फिर बैंगलोर विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।Best Bsc colleges in Indiaबैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट को मैसूर एजुकेशन सोसाइटी द्वारा वर्ष 1955 में एक निजी मेडिकल कॉलेज के रूप में शुरू किया गया था। इस सोसाइटी के संस्थापक थे डॉ. आर. शिवराम, डॉ. मेखरी, डॉ. बी.के. नारायण राव और डॉ बी वी रामास्वामी। वर्ष 1957 में इसे मैसूर की तत्कालीन सरकार को सौंप दिया गया था और इसे मैसूर विश्वविद्यालय और फिर बैंगलोर विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।

वर्ष 1996 में यह राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया। बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट को 150 से अधिक स्नातक सीटों के लिए एमसीआई मान्यता प्राप्त है। संस्थान में 2 सीटों के साथ विट्रो रेटिना, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कॉर्निया और आंखों के बाहरी रोग, कॉस्मेटिक त्वचाविज्ञान, ग्लूकोमा, बाल चिकित्सा त्वचाविज्ञान, बाल चिकित्सा एनेस्थिसियोलॉजी, दुर्घटना आघात और आपातकालीन देखभाल, सामुदायिक नेत्र विज्ञान और डर्माटो सर्जरी में फेलोशिप कार्यक्रम हैं।

2. Ramaiah Medical College

रमैया मेडिकल कॉलेज (RMC) की स्थापना 1979 में सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दृष्टि से की गई थी। कॉलेज राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरजीयूएचएस), कर्नाटक से संबद्ध है और भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) द्वारा मान्यता प्राप्त है। डॉक्टरों की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, 1984 में रमैया मेडिकल कॉलेज अस्पताल (आरएमसीएच) की स्थापना परिसर में की गई थी।

अस्पताल में 1,331 बिस्तर हैं और यह सभी सुपर स्पेशियलिटी प्रदान करता है। कॉलेज नवीनतम बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी-सक्षम कक्षाओं और उन्नत प्रयोगशालाओं से सुसज्जित है, और लगातार शिक्षण, नैदानिक ​​अभ्यास और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करता है।

कॉलेज सभी विशिष्टताओं में एमबीबीएस, एमडी और एमएस, सुपर स्पेशियलिटी में डीएम और एमसीएच, पीजी डिप्लोमा और पीएचडी पाठ्यक्रमों के साथ-साथ बैचलर्स (बीपीटी), मास्टर्स (एमपीटी) और फिजियोथेरेपी में पीएचडी की डिग्री प्रदान करता है। आरएमसी का फोकस चिकित्सा ज्ञान की मजबूत, व्यापक नींव वाले डॉक्टरों के निर्माण पर है।

3. Katuri Medical College and Hospital (Andhra Pradesh)

कटुरी मेडिकल कॉलेज इस संस्था के स्तंभ, प्रयास और वास्तविकता – श्री कटुरी सुब्बाराव द्वारा अपनी वर्तमान संरचना में लाया गया एक दृष्टिकोण है। कॉलेज की स्थापना के पीछे का उद्देश्य मेडिकल छात्र समुदाय को वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाना और उन्हें करुणा और व्यावसायिकता के गुणों के साथ पोषित करना है केएमसीएच अपनी तरह का सबसे अच्छा है। अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ वैश्वीकृत केएमसीएच ग्रामीण और शहरी समुदाय के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा देखभाल लाने और प्रदान करने के लिए नवीन तकनीकों और एकीकृत तकनीकों को सफलतापूर्वक वितरित कर रहा है।

यह दो दशक पहले अपनी स्थापना के बाद से विभिन्न विशिष्टताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं सहित सर्वश्रेष्ठ निवर्तमान चिकित्सा स्नातकों को बाहर लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। परिसर में उभरते हुए भारतीय चिकित्सा स्नातकों को सभी विभागों में समर्पित और संवादात्मक संकाय सदस्यों द्वारा कक्षा और बाहर दोनों में कक्षा में सर्वश्रेष्ठ सीखने का माहौल प्रदान किया जाता है।

4. Andhra Medical College (Andhra Pradesh)

यह आंध्र प्रदेश के सबसे पुराने मेडिकल कॉलेजों में से एक है जहां महामहिम बहुत पहले से एक आदर्श बन गया है। कॉलेज एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से संबद्ध है और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा भी मान्यता प्राप्त है। आंध्र मेडिकल कॉलेज हमेशा छात्रों को चिकित्सा विज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य और अनुकंपा देखभाल की कला सीखने के लिए प्रेरित करता है और हमेशा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है।

आंध्र मेडिकल कॉलेज के संकाय वैज्ञानिकों, सार्वजनिक स्वास्थ्य चिकित्सकों और चिकित्सकों की अगली पीढ़ी को शिक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर गर्व करते हैं। एएमसी सभी छात्रों को एक उच्च गुणवत्ता वाला शैक्षिक अनुभव प्रदान करता है जो कठोर है, और व्यावसायिकता के लिए प्रतिबद्ध है।

5. GSVM Medical College (Uttar Pradesh)

कॉलेजों का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी के नाम पर रखा गया है। शैक्षणिक संस्थान दुनिया भर में अकादमिक उत्कृष्टता के लिए भी जाना जाता है। यह यूपी का पहला मेडिकल कॉलेज था। स्वतंत्र भारत में स्थापित, राज्य में चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में एक मील का पत्थर बनाते हुए। यह दूसरी पंचवर्षीय योजना के तहत स्थापित भारत के पांच मेडिकल कॉलेजों में से एक है।

यह कॉलेज नवंबर 1955 में अस्तित्व में आया और इसकी आधारशिला 24 अप्रैल, 1956 को भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने रखी थी। स्वर्गीय डॉ. एस.एन. माथुर इस कॉलेज के पहले प्रिंसिपल थे।

 कानपुर में भवन निर्माण लम्बित रहने के कारण सर्वप्रथम लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में छात्रों का अध्यापन एवं प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। सरकार द्वारा नियुक्त एक तदर्थ समिति के माध्यम से चयन द्वारा 1 मई, 1957 से अस्थायी आधार पर कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। छात्रों ने पहले दो वर्षों के लिए लखनऊ में प्री-क्लिनिकल विषयों का प्रशिक्षण लिया और फिर चयनित स्टाफ और सभी छात्रों को कानपुर स्थानांतरित कर दिया गया। 1 अगस्त 1957 से मेडिकल कॉलेज, कानपुर में अध्यापन शुरू करने के लिए मुख्य रूप से डॉ. सी.बी. सिंह जिम्मेदार थे। इस संस्था का उद्घाटन 13 दिसंबर, 1959 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्ण नंद द्वारा किया गया था।

6. Institute of Medical Sciences (Uttar Pradesh)

भारत में चिकित्सा शिक्षा का एक लंबा इतिहास रहा है और कई संस्थानों ने इसमें अपने लिए जगह बनाई है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयुर्विज्ञान संस्थान उन संस्थानों में से एक है जिसने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। 1920 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयुर्वेद विभाग की स्थापना के साथ चिकित्सा शिक्षा को आकार मिला। आयुर्वेदिक कॉलेज की स्थापना बॉम्बे के सेठ मथुरादास विसानजी खिमजी के दान से हुई थी। काठियावाड़ और बंबई के दया शंकर देव शंकर दवे से भी चंदा आया।

1960 में आयुर्वेदिक कॉलेज को प्रोफेसर के.एन. उडुप्पा इसके संस्थापक प्रिंसिपल के रूप में। तब मेडिकल साइंसेज कॉलेज में 10 विभाग थे, जिनमें से नौ आधुनिक चिकित्सा में थे और एक भारतीय चिकित्सा में था। 1963 में, एमबीबीएस प्रशिक्षण को जनरल मेडिकल काउंसिल, यूके और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया दोनों द्वारा मान्यता दी गई थी। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मेडिसिन (1963 से) को 1971 में स्थापित इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मिला दिया गया था।

7. Mahatma Gandhi Memorial Medical College (Madhya Pradesh)

एमजीएम मेडिकल कॉलेज (एमजीएमसीसी), इंदौर की स्थापना 1948 में हुई थी। रेजीडेंसी सर्जन यूरोपीय और स्थानीय सैनिकों के साथ थे जो इस क्षेत्र में तैनात थे। यह संस्था बहुत ही कम समय में प्रसिद्ध हो गई और डॉ. इम्पे ने विशेष रूप से महिला रोगियों के लिए एक भवन का निर्माण किया। मेडिकल कॉलेज को एमजीएमसीसी, इंदौर के नाम से भी जाना जाता है और यह राज्य के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है।

कॉलेज में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायो-फिजिक्स, बायो-केमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन के विभाग हैं। अन्य विभाग फार्माकोलॉजी, एनेस्थीसिया (डीए) और बाल रोग (डी.सी.एच.) हैं।

8. All India Institute of Medical Sciences Bhopal (Madhya Pradesh)

एम्स भोपाल की नींव 2006 में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक पहल ‘प्रधान मंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के माध्यम से रखी गई थी। एम्स, भोपाल ने 2012 से काम करना शुरू कर दिया था और इसकी परिकल्पना 960 बिस्तरों की क्षमता वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में की गई है।

 संस्थान 150 एकड़ में फैला एक बड़ा अस्पताल परिसर, आवासीय परिसर, छात्रावास, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज (नर्सिंग शिक्षा में उत्कृष्टता केंद्र) और अन्य आवश्यक सेवाओं के साथ एक विशाल प्रतिष्ठान है। संस्थान राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन) के भागीदारों में से एक है जो पूरे देश में 52 मेडिकल कॉलेजों को क्षेत्र में अद्यतन ज्ञान साझा करने के लिए जोड़ता है।

9. Coimbatore Medical College (Tamil Nadu)

कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज, कोयंबटूर देश में एक प्रसिद्ध और स्थापित संस्थान है। वर्ष 1966 में अपनी शुरुआत के बाद से, कॉलेज लोगों की जरूरतों को पूरा करने वाली सस्ती, उच्च गुणवत्ता, व्यापक स्वास्थ्य और विकास प्रणाली प्रदान करने के लिए राज्य में प्रमुख संस्थान के रूप में उभरा है।

कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज तमिलनाडु के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है – कोयंबटूर, जिसे दक्षिण के मैनचेस्टर के रूप में भी जाना जाता है। कॉलेज प्रख्यात शिक्षकों, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे और पर्याप्त नैदानिक ​​सामग्री के साथ ज्ञान के मंदिर के रूप में विकसित हुआ है। इन वर्षों में, कॉलेज समय की कसौटी पर खरा उतरा है और इस उद्देश्य की पूर्ति करने वाले विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर सुपर-स्पेशियलिटी और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की पेशकश करके लगातार प्रगति कर रहा है।

10. Government Mohan Kumaramangalam Medical College (Tamil Nadu)

गवर्नमेंट मोहन कुमारमंगलम मेडिकल कॉलेज, तमिलनाडु में सेलम का प्रतिष्ठित संस्थान, 23 अप्रैल 1986 को मौजूदा जिला सरकारी अस्पताल को अपग्रेड करके शुरू किया गया था, जिसे 1917 में 150 एकड़ भूमि में शुरू किया गया था। सेलम और आसपास के जिलों के बीमार और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए। 25 अक्टूबर 1988 को भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी द्वारा सलेम में सरकारी मोहन कुमारमंगलम मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई थी। शिक्षण संस्थान को ज्ञान का केंद्र भी माना जाता है और यहां के छात्रों के लिए सुविधाएं भी कम प्रशंसनीय नहीं हैं।

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Top 10 Blockbuster Movies of SS Rajamouli:-

एस एस राजामौली दक्षिण भारतीय सिनेमा के ब्लॉकबस्टर निर्देशकों में से एक हैं | उन्होंने कुछ ब्लॉकबस्टर दक्षिण भारतीय फिल्में दी हैं जिन्होंने दुनिया भर में बेहद सफल होकर कई रिकॉर्ड तोड़े हैं |

ऐसा ही एक उदाहरण भारतीय महाकाव्य ऐतिहासिक फिक्शन फिल्म बाहुबली (Bahubali) (2015) और बाहुबली (Bahubali 2) (2017) है | उनकी कई फिल्मों को हिंदी में डब या रीमेक किया गया है | एस एस राजामौली द्वारा निर्देशित फिल्मों की सूची यहां दी गई है |

List of SS Rajamouli’s Movies

Student No 1 (2001):-

स्टूडेंट नंबर 1 (2001) टॉलीवुड के नवोदित निर्देशक एस.एस. राजामौली (SS Rajamouli Movies) द्वारा निर्देशित उम्र की संगीतमय फिल्म है | फिल्म में जूनियर एनटीआर (Jr. NTR) और गजला हैं | यह फिल्म अभिनेता और निर्देशक दोनों के लिए भी हिट साबित हुई | फिल्म को हिंदी में आज का मुजरिम के नाम से डब किया गया था | इस फिल्म को मात्र 1.80 करोड करोड में बनाया गया था और यह फिल्म 30.8 करोड़ का कलेक्शन किया था वर्ल्ड वाइड और इसके साथ ही एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी |

Top 10 Blockbuster Movies of S.S Rajamouli
Student No 1

Story: एक युवक ने एक महिला को छेड़खानी से बचाया लेकिन इस प्रक्रिया में अपराधी को मार डाला | उम्रकैद की सजा काटते हुए उसे कानून की पढ़ाई करने की अनुमति मिल जाती है और वह कुछ अनियंत्रित कॉलेज साथियों से भिड़ जाता है |

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Simhadri (2003):-

Simhadri सिम्हाद्री (2003) एस एस राजामौली द्वारा निर्देशित एक तेलुगु एक्शन फिल्म है | फिल्म में जूनियर एनटीआर, अंकिता, और भूमिका चावला मुख्य भूमिकाओं में हैं, जिसमें मुकेश ऋषि, नासर और राहुल देव सहायक भूमिकाओं में हैं | फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी | इस फिल्म का बजट मात्र 6.8 करोड़ था, और इस फिल्म में वर्ल्ड वाइड 35.06 करोड का का बिजनेस किया था और ब्लॉकबस्टर साबित हुआ था |

Top 10 Blockbuster Movies of S.S Rajamouli
Simhadri

Story: एक अनाथ सिम्हाद्री की परवरिश एक अमीर परिवार ने की है | जब परिवार की सबसे छोटी पोती को उससे प्यार हो जाता है, तो वह प्रस्ताव को ठुकरा देता है क्योंकि वह मानसिक रूप से बीमार लड़की इंदु से अलग नहीं हो सकता |

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SYE (2004):-

SYE (2004) एस एस राजामौली (SS Rajamouli) द्वारा निर्देशित एक तेलुगु एक्शन स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है | फिल्म में नितिन, जेनेलिया डिसूजा, शशांक और प्रदीप रावत हैं | इसे हिंदी में आर पार-द जजमेंट (Aar Paar: The Judgement) के रूप में डब किया गया था | फिल्म सुपरहिट रही थी | इस फिल्म का बजट मात्र 8 करोड़ था जिस ने 13.07 करोड़ वर्ल्ड वाइड बिजनेस किया था |

SYE

Story: पृथ्वी और शशांक, दो प्रतिद्वंद्वी छात्र समूहों के नेता, एक माफिया नेता को हराने के लिए हाथ मिलाने का फैसला करते हैं | गलत तरीके से प्राप्त कॉलेज के मैदान को वापस जीतने के लिए उन्हें एक रग्बी मैच में अपनी टीम को हराना होगा |

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Chatrapati (2005):-

छत्रपति (2005) एस एस राजामौली द्वारा लिखित और निर्देशित एक तेलुगु एक्शन ड्रामा फिल्म है | प्रभास मुख्य भूमिका निभाते हैं और आरती अग्रवाल, श्रिया सरन, भानुप्रिया और प्रदीप रावत अन्य भूमिकाओं में दिखाई देते हैं | यह फिल्म सुपरहिट थी और इसे हिंदी में हुकुमत की जंग के रूप में डब किया गया था | इस फिल्म का बजट मात्र 8 करोड था और इस फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 26 करोड़ का बिजनेस किया था और यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी |

Top 10 Blockbuster Movies of S.S Rajamouli
Chatrapati

Story: जब पार्वती के परिवार को श्रीलंकाई तट पर एक गांव छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वह अपने बेटे शिव से अलग हो जाती है | वह अपनी माँ से मिलने के लिए अपने सौतेले सौतेले भाई सहित विभिन्न बाधाओं से लड़ता है |

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Vikramarkudu (2006):-

Vikramarkudu विक्रमारकुडु (2006) एस एस राजामौली (SS Rajamouli Movies) द्वारा निर्देशित एक तेलुगु एक्शन फिल्म है, जिसमें रवि तेजा, अनुष्का शेट्टी और विनीत कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं | फिल्म हिट रही और बाद में राउडी राठौर (Rowdy Rathore) के रूप में हिंदी में रीमेक की गई | फिल्म का बजट मात्र 11 करोड़ था लेकिन इस फिल्म में वर्ल्ड वाइड 30 करोड़ का बिजनेस किया था और इसके साथ ही यह फिल्म सुपरहिट रही |

Vikramarkudu

Story: राठौर जैसा दिखने वाला साथीबाबू न केवल अपनी बेटी को उसकी मौत के बाद गोद लेता है बल्कि पुलिस अधिकारी के रूप में भी उसकी जगह लेता है | उसका मिशन दुष्ट बाबूजी को खत्म करना है, जो अपने अत्याचारों के लिए जाने जाते हैं |

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Yamadonga (2007):-

Yamadonga यामाडोंगा (2007) एस.एस. राजामौली (SS Rajamouli Movies )द्वारा निर्देशित एक तेलुगु फंतासी-एक्शन कॉमेडी फिल्म है | फिल्म में मोहन बाबू, जूनियर एनटीआर, प्रियामणि और ममता मोहनदास मुख्य भूमिका में हैं | रिलीज होने पर, फिल्म एक महत्वपूर्ण और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही | इसे हिंदी में लोक परलोक के नाम से भी डब किया गया था | इस फिल्म का बजट मात्र 10 करोड़ था जिसने वर्ल्ड वाइड 37 करोड़ का बिजनेस किया और यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म रही |

Story: अज़गप्पन को रंबा से प्यार हो जाता है, जब वह पृथ्वी पर जा रही होती है | अब वह अक्सर स्वर्ग जाता है और विभिन्न देवताओं से मिल चुका है | एक दिन, एक बच्चे की मौत उसे हिला देती है और वह यम को सबक सिखाने का फैसला करता है |

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Magadheera (2009):-

Magadheera मगधीरा (2009) एस एस राजामौली द्वारा निर्देशित एक भारतीय तेलुगु भाषा की रोमांटिक-एक्शन फिल्म है | फिल्म में राम चरण, काजल अग्रवाल हैं, जबकि देव गिल और श्रीहरि प्रमुख भूमिकाओं में हैं | इसे तेलुगु सिनेमा के इतिहास में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म घोषित किया गया | इस फिल्म को मात्र 35 करोड़ के बजट में बनाया गया था और इस फिल्म ने वर्ल्ड वाइड 160 करोड़ का बिजनेस किया था |

Top 10 Blockbuster Movies of S.S Rajamouli
Magadheera

Story: हर्ष को इंदु के पिता की हत्या के लिए झूठा फंसाया जाता है और उसका भी अपहरण कर लिया जाता है | लेकिन हर्ष और इंदु पिछले जन्म से एक बंधन साझा करते हैं, और जब उन्हें इस बात का एहसास होता है, तो वह चीजों को ठीक करने के लिए निकल पड़ते हैं |

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Maryada Ramanna (2010):-

मर्यादा रमन्ना (2010) एस एस राजामौली (SS Rajamouli Movies) द्वारा निर्देशित एक तेलुगु एक्शन कॉमेडी फिल्म है, जिसमें सुनील और सलोनी असवानी मुख्य भूमिकाओं में हैं | Maryada Ramanna मूवी को एसएस राजामौली ने सिर्फ एक weekend में ही बनाकर तैयार कर लिया था | आपको बता दो कि यह फिल्म हिंदी में डब नहीं किया गया था लेकिन इसका हिंदी रिमेक बना था बॉलीवुड में जिसका नाम था Son Of Sardar, जिसमें अजय देवगन के साथ संजय दत्त और सोनाक्षी सिन्हा देखने को मिले |  इस फिल्म का बजट 14 करोड़ था जिसने वर्ल्ड वाइड 35 करोड़ का बिजनेस किया था और एक सुपर हिट फिल्म साबित हुई थी |

Story: नए सिरे से शुरुआत की उम्मीद के साथ, एक आदमी अपनी जमीन का एक टुकड़ा बेचने के लिए अपने गांव लौटता है | रास्ते में उसे एक लड़की से प्यार हो जाता है, बाद में पता चलता है कि उसके माता-पिता उसे मारना चाहते हैं |

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Eega (2012):-

ईगा (2012) एस एस राजामौली द्वारा निर्देशित एक भारतीय द्विभाषी फंतासी फिल्म है | फिल्म में सुदीप, नानी और सामंथा रूथ प्रभु हैं | फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और हिंदी में मक्खी के रूप में डब की गई | 2012 में बनी फिल्म का बजट सिर्फ 26 करोड़ था और इस फिल्म में वर्ल्ड वाइड 138 करोड़ का बिजनेस किया था और यह फिल्म एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी |

Story: नानी बिंदू से प्यार करती है लेकिन एक ईर्ष्यालु सुदीप द्वारा मार दी जाती है, जो बिंदू की लालसा करता है | नानी एक मक्खी के रूप में पुनर्जन्म लेती है और अपनी मौत का बदला लेने का फैसला करती है | वह सुदीप के जीवन को एक जीवित नरक बनाने के लिए बिंदु के साथ मिलकर काम करता है |

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Baahubali: The Beginning (2015):

द बिगिनिंग बाहुबली (2015) एस एस राजामौली (SS Rajamouli Movies) द्वारा निर्देशित एक भारतीय महाकाव्य ऐतिहासिक फिक्शन फिल्म है | फिल्म में प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी और तमन्ना मुख्य भूमिकाओं में हैं, जिसमें राम्या कृष्णन, सत्यराज और नासर सहायक भूमिकाओं में हैं | इस फिल्म का बजट 180 करोड़ था जिस ने बॉक्स ऑफिस पर वर्ल्ड वाइड 650 करोड़ का बिजनेस किया था | फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ सफलता मिली थी | यह हिंदी डब संस्करण है बाहुबली: द बिगिनिंग; भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली डब फिल्म बनकर कई रिकॉर्ड भी तोड़े |

Top 10 Blockbuster Movies of S.S Rajamouli
Baahubali: The Beginning and Baahubali 2: The Conclusion

Story: फिल्म महिष्मती के काल्पनिक साम्राज्य के खोए हुए असली उत्तराधिकारी की कहानी है, जो एक विद्रोही योद्धा के प्यार में पड़ने के दौरान अपनी असली पहचान के बारे में सीखता है, जो महिष्मती की पूर्व रानी को बचाने का इरादा रखता है |

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Baahubali 2: The Conclusion (2017):-

बाहुबली 2 (2017) एस एस राजामौली (SS Rajamouli Movies) द्वारा निर्देशित एक भारतीय ऐतिहासिक फिक्शन फिल्म है | इसे हिंदी में बाहुबली 2 के रूप में डब किया गया था निष्कर्ष इस फिल्म में टॉलीवुड उद्योग के प्रमुख कलाकार प्रभास, अनुष्का शेट्टी, राणा दग्गुबाती और सत्यराज प्रमुख भूमिकाओं में हैं | इस फिल्म का बजट मात्र 250 करोड़ था और इस फिल्म ने दुनिया भर में 1839 करोड़ का बिजनेस किया था जो कि आज तक किसी भी भारतीय फिल्म ने नहीं किया |

Story: जब बाहुबली के पुत्र शिव को उनकी विरासत के बारे में पता चलता है, वह जवाब तलाशने लगता है | उनकी कहानी महिष्मती साम्राज्य में सामने आई पिछली घटनाओं से जुड़ी हुई है |

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RRR : Roudram Ranam Rudhiram (2022):-

आरआरआर (2022) एस. एस. राजामौली (SS Rajamouli Movies) के निर्देशन में बनी तेलुगु अवधि की एक्शन-ड्रामा फिल्म है | फिल्म में मुख्य कलाकारों में एन टी रामा राव जूनियर, राम चरण, अजय देवगन और आलिया भट्ट शामिल हैं | इस फिल्म को भी एक बहुत ही बड़े बजट के साथ बनाया जा रहा जा रहा है जो की है 350 करोड़ |

RRR

Story: फिल्म 1920 के युग की कहानी को दर्शाती है जिसमें एक गैर-दस्तावेज अवधि को दिखाया गया है जहां क्रांतिकारी (राम राजू और भीम) राष्ट्र के लिए लड़ने से पहले गुमनामी में चले जाते हैं |

Dream 11 का मालिक कौन है: Who is the owner of dream 11, CEO & Co-Founder

Dream 11:-

आजकल लोगों की गेम और खेलों में काफी रूचि बढ़ती जा रही है | इसी बीच बहुत सी कंपनियों ने लोगों के मनोंरजन के लिए तरह तरह की मोबाइल एप्लीकेशन और वेबसाइट बनाई हुई है | जिसमें कोई भी व्यक्ति ज्वाइन करके अपनी एक टीम बनाकर ऑनलाइन खेल सकता है |

इसी तरह से Dream11 भी एक प्लेटफार्म है जिसके जरिये लोग ऑनलाइन क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल जैसे कई प्रकार के गेम अपने फ़ोन पर खेल सकते है और तो और इसमें जीतने वाले व्यक्ति को ईनाम भी दिया जाता है | जिसके कारण इस प्रकार के गेम काफी लोग खेलते है और पैसे भी जीतते है लेकिन जरुरी नहीं की हर बार पैसे जीते ही जाये इसमें जोखिम भी हो सकता है क्योंकि इसमें कोई भी गेम खेलने के लिए एक फिक्स एंट्री फीस देनी होती है जिसके बाद ही वह किसी भी गेम को खेल सकता है |

ड्रीम11 का मालिक भावित सेठ और हर्ष जैन है | इन दोनों व्यक्तियों ने मिलकर इस कंपनी की शुरुआत 2008 में मुंबई से की थी यह एक ऑनलाइन गेम खेलने वाली एप्लीकेशन और वेबसाइट है जिसमें कई प्रकार के गेम खेल सकते है | Dream11 में करीब 550 कर्मचारी काम करते है जो इसकी एप्लीकेशन और साईट को हैंडल करते है |

Harsh Jain—CEO & Co-Founder of Dream 11:-

हर्ष जैन (Harsh Jain) भारत के सबसे बड़े फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ( Fantasy Sports platform), Dream 11 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और सह-संस्थापक हैं | हर्ष ने 2008 में भावित शेठ के साथ Dream 11 की सह-स्थापना की, जिसके आज 60 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं | Dream 11 अप्रैल 2019 में यूनिकॉर्न क्लब में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय गेमिंग कंपनी बन गई |

Harsh Jain—CEO & Co-Founder of Dream 11

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Dream 11, ने 2020 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के शीर्षक प्रायोजक (title sponsor) के रूप में कार्य किया है | हर्ष ने 16वें NASSCOM उत्पाद कॉन्क्लेव 2019 में स्पीकर के रूप में एक कार्यक्रम में भाग लिया, जो बैंगलोर, कर्नाटक, भारत में आयोजित किया गया था | उसके पास अप्रैल 2020 तक 4 करोड़ रुपये का शुद्ध मूल्य है |

Harsh Jain- Biography

NameHarsh Jain
Born1986
BirthplaceMumbai, Maharashtra
Age34 (2020)
NationalityIndian
EducationUniversity of Pennsylvania; Columbia Business School
ProfessionEntrepreneur
PositionCEO & Co-founder, Dream 11
Net worthRs.4 crore (April, 2020)
Marital StatusMarried
SpouseSushma

Harsh Jain- Personal Life:-

हर्ष का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में हुआ था | उन्हें गेमिंग, स्पोर्ट्स और टेक्नोलॉजी का बहुत शौक है | वह एक उत्साही फैंटेसी क्रिकेट और सॉकर खिलाड़ी हैं | उनकी पत्नी, सुषमा एक कलाकार हैं, जिनकी पेंटिंग उनके कार्यालय की दीवारों पर सौहार्दपूर्वक लटकती हैं |

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Harsh Jain- Education:-

हर्ष ने अपनी प्राथमिक शिक्षा Greenlaws High School से पूरी की है | उन्होंने Sevenoaks High School से तीन साल (2001-2003) तक IB की पढ़ाई की | वह इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग, गणित और अर्थशास्त्र में बैचलर ऑफ साइंस का अध्ययन करने के लिए फिलाडेल्फिया में पांच साल (2003-2007) के लिए University of Pennsylvania गए |

वह एक sports freak थे और उन्होंने विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान Upenn Cricket Club और Intramural Football (Soccer) में भाग लिया | 2012 में, उन्होंने न्यूयॉर्क में Columbia Business School से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) किया |

Harsh Jain- Professional Life:-

उन्होंने Microsoft के लिए Summer intern के रूप में काम किया है | इस भूमिका के एक भाग के रूप में, उन्होंने Push-To-Talk (PTT) बाज़ार में प्रवेश करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के लिए व्यवहार्यता और व्यावसायिक लाभों पर काम किया | उन्होंने वहां तीन महीने यानी जून 2006 से अगस्त 2006 तक सौहार्दपूर्वक काम किया |

उन्होंने Jai Corp Limited में एक साल यानी जून 2007 से जून 2008 तक Manager of Marketing के रूप में काम किया | वह निवेशकों के लिए संपर्क के रूप में नवी मुंबई स्पेशल इकोनॉमिक जोन डिवीजन में कार्यरत थे |

उन्होंने 2010 में डिजिटल मार्केटिंग, Red Digital के लिए रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक सोशल मीडिया एजेंसी की सह-स्थापना की। हालांकि, कंपनी को 2013 में अधिग्रहित किया गया था |

इसके बाद उन्होंने 2017 से Federation of Indian Fantasy Sports में अध्यक्ष के रूप में कार्य किया | वह वर्तमान में Dream 11 में CEO and Co-founder के रूप में तैनात हैं, जिसे जून 2008 में स्थापित किया गया था |

Harsh Jain- CEO of Dream 11:-

ड्रीम 11 भारत का सबसे बड़ा फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म (Fantasy Sports platform) है, जिसमें 8 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता फैंटेसी क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, हॉकी, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और बेसबॉल खेल रहे हैं | कंपनी ने प्रतिष्ठित भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल लीगों और निकायों के साथ सौहार्दपूर्ण भागीदारी की है |

ड्रीम 11 का सुविधाजनक मोबाइल ऐप अपने उपयोगकर्ताओं को आगामी मैचों से वास्तविक जीवन के खिलाड़ियों की अपनी टीम बनाने, उनके ऑन-फील्ड लाइव प्रदर्शन के आधार पर अंक हासिल करने और अन्य आभासी खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देता है | इस प्रकार, खेल के प्रति उत्साही और प्रशंसक सक्रिय रूप से खेल के अपने ज्ञान को संलग्न और प्रदर्शित करते हैं |

हर्ष ने अपने दोस्त भावित शेठ (Bhavit Sheth) और वरुण डेगन (Varun Dagen) के साथ क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भारत में फ्रीमियम फैंटेसी गेम लॉन्च किया | ड्रीम 11 भारत के ग्रेट मिड-साइज वर्कप्लेस-2018 में 9वें स्थान पर है | इसे 2019 में फास्ट कंपनी द्वारा भारत में शीर्ष 10 स्टार्टअप इनोवेटिव कंपनियों में से एक घोषित किया गया है |

FAQ’s:-

ड्रीम 11 का मालिक कौन है?

हर्ष जैन और भावित शेठ ड्रीम 11 पैरेंट ड्रीम स्पोर्ट्स के क्रमशः सह-संस्थापक और सीईओ और सीओओ हैं |

ड्रीम 11 के ब्रांड एंबेसडर कौन हैं?

ड्रीम 11 के ब्रांड एंबेसडर एमएस धोनी और रोहित शर्मा हैं |

Dream11 से निकासी के लिए न्यूनतम राशि क्या है?

आप एक बार में न्यूनतम INR 100 और अधिकतम INR 2,00,000 निकाल सकते हैं | IMPS निकासी को क्रेडिट होने में 3 कार्य दिवस लग सकते हैं |


Top 10 Mobile Wallets In India: भारत में ऑनलाइन भुगतान को आसान बनाने के लिए Top 10 मोबाइल वॉलेट

Top 10 Mobile Wallets In India:

दुनिया धीरे-धीरे cashless society की ओर बढ़ रही है | इनवॉइस से लेकर कार्ड और अब मोबाइल वॉलेट तक, इस महत्वपूर्ण परिवर्तन ने भारी पर्स का वजन कम कर दिया है | हम किसी भी उत्पाद के लिए भुगतान कर सकते हैं, पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, बिल भुगतान कर सकते हैं, और हमारे घर के आराम से पैसे के साथ लगभग सब कुछ कर सकते हैं | भारत में Payment wallets ने पैसे के ऑनलाइन लेन-देन को आसान और तेज़ बना दिया है, इसकी एक-टैप सुविधा और त्वरित प्रसंस्करण के साथ, सभी एक बार में |

Mobile Wallet क्या है:-

Mobile Wallet एक डिजिटल वॉलेट है जो उपयोगकर्ता के डेटा को सुरक्षित रखते हुए भुगतान करने के लिए बैंक खाते या क्रेडिट/डेबिट कार्ड का उपयोग करता है | वे कम धोखाधड़ी के साथ एक परेशानी मुक्त प्रक्रिया के साथ सुरक्षित लेनदेन को सक्षम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं | ऑनलाइन भुगतान का यह तरीका अन्य फिजिकल वॉलेट की तुलना में अधिक किफायती साबित हुआ है | ये वॉलेट Play Store या App Store से आसानी से उपलब्ध हैं |

डिजिटल भुगतान अपनाने के मामले में भारत एशिया प्रशांत में दूसरे स्थान पर है |

यूएस-आधारित भुगतान प्रणाली कंपनी की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डिजिटल भुगतान 2025 तक कुल भुगतान मात्रा का 71.7% होने के लिए तैयार है, जिसमें नकद और चेक लेनदेन को 28.3 प्रतिशत पर छोड़ दिया गया है।

जब से विमुद्रीकरण ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, सरकार ने इन वॉलेट के उपयोग को बढ़ावा दिया है और तब से इन e-wallets का उपयोगकर्ता आधार काफी बढ़ रहा है | UPI, BHIM, Aadhaar Pay और Payment Banks जैसे नागरिकों को भारत सरकार द्वारा कई डिजिटल वॉलेट दिए गए हैं |

Mobile Wallet काम कैसे करता है:-

अपने स्मार्टफोन पर अपनी पसंद का मोबाइल ऐप डाउनलोड करके शुरुआत करें | फिर, डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेकर लॉयल्टी कार्ड और यहां तक ​​कि कूपन तक कार्ड की जानकारी लोड करें जिसे आप स्टोर करना चाहते हैं |

  • जब आप अपने स्मार्टफोन से ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हों, तो अपना ऐप चुनें और चेकआउट स्क्रीन पर एक कार्ड चुनें |
  • चेक आउट करते समय भाग लेने वाले व्यापारियों के डिजिटल भुगतान-सक्षम टर्मिनल पर अपना फ़ोन टैप करें | मोबाइल वॉलेट नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) चिप का उपयोग करते हैं जो आपको भौतिक कार्ड के साथ संपर्क रहित भुगतान का उपयोग करने देता है |

Top 10 Mobile Wallets In India:-

Paytm:

Number of installs: 100 Million+ on Google Play Store

Paytm भारत में सबसे बड़े ऑनलाइन कॉमर्स प्लेटफॉर्म में से एक है जो अपने ग्राहकों को पैसे जमा करने और त्वरित लेनदेन करने के लिए एक मोबाइल वॉलेट प्रदान करता है | इसे कई लोग भारत में सबसे अच्छा मोबाइल ऐप मानते हैं | Paytm को 2010 में लॉन्च किया गया था जो मूल रूप से semi-closed model पर काम करता है | उपयोगकर्ता पैसे लोड कर सकते हैं और व्यापारियों को भुगतान कर सकते हैं | ई-कॉमर्स इसका एक अतिरिक्त लाभ है, लेकिन इसके बावजूद, आप बिल भुगतान कर सकते हैं, पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं और मनोरंजन, यात्रा और कैशबैक की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं | Paytm के माध्यम से भुगतान लगभग हर जगह स्वीकार किया जाता है |

Google Pay:

Number of installs: 100 Million+ on Google Play Store

इसे पहले Tez के नाम से जाना जाता था और मोबाइल वॉलेट उद्योग में देर से प्रवेश करने के बावजूद, स्पष्ट कारणों से, इसने अपने उपयोगकर्ता आधार को बहुत तेज़ी से प्राप्त किया | यह कैशबैक के साथ सबसे अच्छा ऑनलाइन भुगतान ऐप या सबसे अच्छा मनी ट्रांसफर ऐप है | Google Pay आपके मौजूदा बैंक खाते के साथ काम करता है, जिसका मतलब है कि आपका पैसा बैंक के पास सुरक्षित है और हर महीने आपके वॉलेट को रिचार्ज करने की कोई समस्या नहीं है | अपने मित्र से सीधे अपने बैंक खाते में पैसे भेजें या प्राप्त करें | KYC को लेकर भी ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जो इसे और अधिक लोकप्रिय बनता है |

BHIM Axis Pay:-

Number of installs: 50 Million+ on Google Play Store

BHIM (Bharat Interface for Money) भारत में एक और सबसे अच्छा मोबाइल वॉलेट है | यह यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस/ Unified Payment Interface (UPI) पर आधारित नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया /National Payments Corporation of India (NPCI) द्वारा विकसित एक मोबाइल वॉलेट ऐप है | दिसंबर 2016 में शुरू किया गया, इसका उद्देश्य सीधे बैंकों के माध्यम से ई-भुगतान की सुविधा प्रदान करना है | उपयोगकर्ता अपने बैंक खाते को भीम के साथ पंजीकृत करते हैं और बैंक खाते के लिए एक UPI PIN सेट करते हैं | इसका उपयोग एक्सिस बैंक के उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ अन्य बैंकों के उपयोगकर्ताओं द्वारा भी किया जा सकता है | मोबाइल नंबर तब स्थायी पता होता है और वे लेन-देन शुरू कर सकते हैं | उपयोगकर्ता अपने दोस्तों, परिवार और व्यापारियों को एक बटन के टैप से भुगतान कर सकते हैं |

PhonePe:-

Number of installs: 100 Million+ on Google Play Store

PhonePe को 2015 में लॉन्च किया गया था जो अब Flipkart का हिस्सा है | UPI पेमेंट से लेकर मोबाइल रिचार्ज, मनी ट्रांसफर से लेकर ऑनलाइन बिल पेमेंट तक, यह PhonePe पर आसानी से किया जा सकता है | एक अच्छे यूजर इंटरफेस के साथ, PhonePe ने भारत में सबसे सुरक्षित और सबसे तेज ऑनलाइन लेनदेन अनुभव की पेशकश की है |

Mobikwik:-

Number of installs: 50 Million+ on GooglePlay Store

Mobikwik को 2009 में रिचार्ज और बिल भुगतान में अपने प्रमुख प्रस्ताव के साथ लॉन्च किया गया था | Mobikwik स्वतंत्र मोबाइल भुगतान नेटवर्क में से एक है जिसका उपयोगकर्ता आधार 32 मिलियन है | यह ई-वॉलेट अपने उपयोगकर्ताओं को डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और यहां तक ​​कि डोरस्टेप कैश सेवाओं का उपयोग करके पैसे जोड़ने की सुविधा देता है | Mobikwik ने अपने उपयोगकर्ताओं की पेशकश की अनूठी विशेषताओं में से एक ‘expense tracker’ है, जो मूल रूप से उपयोगकर्ताओं को खर्च का विश्लेषण और नियंत्रण करने के लिए SMS डेटा के माध्यम से खर्चों के लिए एक बजट निर्धारित करने की अनुमति देता है |

Yono (SBI):-

Number of installs: 50 Million+ on Google Play Store

इस एप्लिकेशन को भारतीय स्टेट बैंक द्वारा लॉन्च किया गया था ताकि उपयोगकर्ता अन्य उपयोगकर्ताओं को पैसे ट्रांसफर कर सकें, बिलों का भुगतान कर सकें, रिचार्ज कर सकें, टिकट बुक कर सकें, खरीदारी कर सकें और यात्रा कर सकें | यह भारत में शीर्ष मोबाइल वॉलेट में से एक है और इसने 13 भाषाओं में अपनी मोबाइल वॉलेट सेवाओं की पेशकश की है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह गैर-SBI ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध है | यह विशेष सुविधा में टैप करता है, जहां यह अपने उपयोगकर्ताओं को बकाया राशि, धन हस्तांतरण के लिए अनुस्मारक सेट करने और पहले से किए गए लेनदेन के लिए मिनी-स्टेटमेंट देखने की अनुमति देता है |

ICICI Pockets:-

Number of installs: 5 Million+ on Google Play Store

यह भारत में सबसे अच्छे मोबाइल वॉलेट में से एक है | इसने आपके मोबाइल वॉलेट को निधि देने और लेनदेन के लिए भुगतान करने के लिए भारत में किसी भी बैंक खाते का उपयोग करने की सुविधा प्रदान की है | यह मूल रूप से एक वर्चुअल वीज़ा कार्ड का उपयोग करता है जो अपने उपयोगकर्ताओं को भारत में किसी भी वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन पर लेनदेन करने में सक्षम बनाता है और संबंधित ब्रांडों से विशेष सौदे या पैकेज प्रदान करता है |

HDFC PayZapp:-

Number of installs: 10 Million+ on Google Play Store

PayZapp, HDFC बैंक द्वारा एक पूर्ण भुगतान समाधान है जिसमें आसान भुगतान के लिए एक टैप सुविधा है | यह न केवल आपको अपने फोन को रिचार्ज करने या पैसे भेजने देता है बल्कि आपके डीटीएच और डेटा कार्ड, उपयोगिता बिलों का भुगतान, बुक फ्लाइट टिकट, ट्रेन, होटल और दुकानों की तुलना करने देता है |

Amazon Pay:-

Number of installs: 100 Million+ on Google Play Store

Amazon के स्वामित्व वाली, यह ऑनलाइन भुगतान प्रसंस्करण सेवा 2017 में भारत में (विश्व स्तर पर- 2007) शुरू की गई थी | Amazon Pay ने अपने ग्राहकों को अमेज़ॅन पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है और इसलिए यह अपने उपयोगकर्ताओं को बाहरी मर्चेंट वेबसाइटों पर अपने अमेज़ॅन खातों के साथ भुगतान करने का विकल्प देता है, जिसमें बिगबाजार आदि ऐप शामिल हैं | Amazon Pay के साथ, आप अमेज़ॅन पर कैशबैक की संख्या के साथ खरीदारी कर सकते हैं और तेजी से शिपिंग सेवाओं के साथ छूट | हाल ही में, Amazon Pay ने नो-कॉस्ट EMI भुगतान विकल्पों को सक्षम करने के लिए Zest Money जैसी फिनटेक कंपनियों के साथ करार किया है | एप्लिकेशन ने खरीदारों के लिए अमेज़ॅन पर उत्पाद खरीदना और बाद में सस्ती मासिक किस्तों के माध्यम से भुगतान करना आसान बना दिया है |

FAQ’s:-

भारत में किस मोबाइल वॉलेट की बाजार हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है?

Paytm की भारत में सबसे बड़ी बाजार हिस्सेदारी है, इसके बाद PhonePe और Google Pay हैं |

Paytm और PhonePe में क्या अंतर है?

Paytm वॉलेट, UPI और पेमेंट गेटवे जैसे कई तरीकों से लेनदेन की अनुमति देता है | PhonePe ने अपनी वॉलेट सेवा शुरू कर दी है, लेकिन इसका व्यापक रूप से अपने UPI आधारित लेनदेन के लिए उपयोग किया जाता है जो आपसे किसी भी लेनदेन के लिए शुल्क नहीं लेता है |

MPL Success Story: MPL कैसे बना भारत का दूसरा गेमिंग यूनिकॉर्न

MPL Success Story:

2019 में प्रकाशित KPMG की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 30 करोड़ से अधिक लोग ऑनलाइन गेम खेलते हैं | हालाँकि ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग (Online Real Money Gaming) ने भारत में एक दशक पहले ही प्रवेश किया था, लेकिन यह भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है, इसका प्राथमिक कारण यह है कि खिलाड़ी गेम खेलते समय पैसा और पुरस्कार कमा सकते हैं | भारत में रियल-मनी गेमिंग सेक्टर में 100 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं, और रियल-मनी गेमिंग (Real Money Gaming) के लिए सबसे लोकप्रिय प्लेटफार्मों में से एक MPL (Mobile Premier League) है | 2018 में स्थापित, MPL भारत का सबसे बड़ा मोबाइल e-sports प्लेटफॉर्म है | साई श्रीनिवास किरण जी (Sai Srinivas Kiran G) और शुभम मल्होत्रा (Shubham Malhotra) ​​ने MPL की स्थापना की |

फरवरी 2021 में अपने सीरीज डी फंडिंग राउंड में $95 मिलियन लेने के बाद MPL का मूल्यांकन 945 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया था | कंपनी को 15 सितंबर, 2021 को 150 मिलियन डॉलर का एक और फंडिंग राउंड, सीरीज़ ई प्राप्त हुआ था, जिसका नेतृत्व Legatum ने किया था और एक प्री-फंडिंग दर्ज की थी | 2.3 अरब डॉलर का मूल्यांकन | MPL का वर्तमान में मूल्य 2.45 बिलियन डॉलर है और इसे 2021 का 26वां यूनिकॉर्न स्टार्टअप माना जाता है, और अक्टूबर 2021 तक 1 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने वाला दूसरा भारतीय यूनिकॉर्न ऑनलाइन गेमिंग स्टार्टअप है |

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MPL Company Highlights: MPL Success Story

Startup NameMobile Premier League (MPL)
HeadquartersBengaluru
FoundersSai Srinivas Kiran G and Shubham Malhotra
SectorE-Sports and Gaming
Founded2018
Parent OrganizationGalactus Funware Technology Private Limited
Valuation$2.45 bn (October 2021)
Revenue$2.44 mn (Rs 18.31 crore in FY20)
Funding$425.5 million (December 2021)
Websitewww.mpl.live

MPL, बेंगलुरु, भारत में स्थित एक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म है | साई श्रीनिवास किरण जी और शुभम मल्होत्रा ​​कंपनी के संस्थापक हैं | MPL शतरंज, क्विज, फैंटेसी स्पोर्ट्स, फ्री फायर, रम्मी, 8 बॉल 3डी पूल, कैरम, लूडो, और बहुत कुछ जैसे खेलों का एक प्रचुर पूल प्रदान करता है | कंपनी इन ऑनलाइन गेम में जीतने वालों को वास्तविक नकद पुरस्कार भी प्रदान करती है | प्लेटफॉर्म पर विभिन्न प्रस्तावों और एमपीएल टीम के 24/7 समर्थन के साथ, मोबाइल गेम प्रेमियों का रुझान MPL की ओर है | मोबाइल प्रीमियर लीग दोस्तों के साथ जुड़ने का विकल्प भी प्रदान करता है और दूसरों को एमपीएल पर खेलने के लिए रेफर करने के लिए बोनस प्रदान करता है | भारतीय ई-गेमिंग प्लेटफॉर्म में 70 से अधिक ऑनलाइन गेम हैं, जिन्हें इसके मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है जो Android और iOS दोनों फोन के साथ संगत है |

MPL – Founders/Owners and Team:-

MPL की स्थापना साई श्रीनिवास किरण जी और शुभम मल्होत्रा ​​ने सितंबर 2018 में की थी | MPL से पहले, साई और शुभम ने 2014 में CREO (एक प्रौद्योगिकी कंपनी) की सह-स्थापना की थी | CREO को 2017 में Hike Messenger द्वारा अधिग्रहित किया गया था |

MPL Success Story
Sai Srinivas Kiran G and Shubham Malhotra

Sai Srinivas Kiran G:-

MPL के CEO साई श्रीनिवास ने IIT कानपुर से Aeronautical Engineering में B.Tech किया | स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद, उन्होंने एक गेमिंग फर्म, Zynga में काम करना शुरू कर दिया, जहाँ वे एक Associate Product Manager थे | इसके बाद वे Director of Product के रूप में BSB – Bharti Softbank में शामिल हो गए, जिसे छोड़कर, उन्होंने CREO Tech की सह-स्थापना की, जहाँ उन्हें CEO के रूप में भी नियुक्त किया गया | हालाँकि, CREO को जल्द ही Hike Messenger द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया, जहाँ उन्होंने बाद में Head of Total के रूप में कार्य किया | श्रीनिवास ने तब मोबाइल ई-स्पोर्ट्स क्षेत्र में उद्यम करने का फैसला किया, जब उन्होंने MPL की सह-स्थापना की | साई ने Base9 की सह-स्थापना भी की, जो एक ऐसी कंपनी है जिसने 2009 में पूरे भारत में लाइव कार्यक्रमों का आयोजन और प्रचार किया |

Shubham Malhotra:-

MPL के सह-संस्थापक शुभम मल्होत्रा ​​ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS), पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रुमेंटेशन में BE किया | उन्होंने शुरू में सह-संस्थापक CREO में जाने से पहले, एक प्रौद्योगिकी सेवा प्रदाता, Capillary Technologies के सह-संस्थापक और CTO के रूप में काम किया, जहां उन्होंने फिर से सह-संस्थापक और CTO के रूप में कार्य किया | CREO के अधिग्रहण के बाद भी वे HIKE द्वारा Head of Engineering के प्रमुख के रूप में हाइक मैसेंजर के साथ बने रहे | शुभम ने तब अपने CREO के सह-संस्थापक, साई श्रीनिवास के साथ MPL खोजने का फैसला किया |

MPL – Competitors:-

  • Dream11
  • Cricnwin
  • LXG
  • NODWIN Gaming
  • FanFight

MPL – Awards and Recognitions:-

  • MPL को India Gaming Awards द्वारा वर्ष 2019 में ‘Best Fantasy Sports Operator‘ के रूप में मान्यता दी गई थी |
  • BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) द्वारा घोषित राष्ट्रीय पुरुष और महिला दोनों पक्षों के साथ-साथ अंडर -19 टीम के आधिकारिक किट प्रायोजक और व्यापारिक भागीदार बनने के लिए कंपनी ने नाइक की जगह ली |
  • MPL ने 2021 में India CSR Leadership Award जीता |
  • मोबाइल प्रीमियर लीग को भारत के दूसरे गेमिंग यूनिकॉर्न (India’s second gaming unicorn) के रूप में जाना जाता है |
  • 70 से अधिक खेलों के साथ, मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा ईस्पोर्ट्स और मोबाइल गेमिंग प्लेटफॉर्म है |

FAQs:-

MPL का मालिक/संस्थापक कौन है?

Galactus Funware Technology Pvt Ltd, MPL की मूल कंपनी है | MPL की स्थापना साई श्रीनिवास किरण और शुभम मल्होत्रा ​​ने की थी |

MPL के CEO कौन हैं?

साई श्रीनिवास किरण जी MPL के सह-संस्थापक और सीईओ हैं |

MPL किस देश का ऐप है?

मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) के रूप में भी जाना जाता है यह भारत में स्थित एक मोबाइल ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म है | इसका मुख्यालय बैंगलोर, कर्नाटक में है।

CRED Success Story: इसने क्रेडिट कार्ड भुगतान को कैसे प्रभावी और Reward-Based बनाया

CRED Success Story

क्रेडिट की अवधारणा कुछ ऐसी है जो नई नहीं है | लोग पुराने समय से ऋण का विकल्प चुनते रहे हैं | क्रेडिट महत्वपूर्ण है जब हमारी पूंजी कुछ निवेशों का समर्थन नहीं कर सकती है, और क्रेडिट कार्ड ने निश्चित रूप से उनका लाभ उठाना आसान बना दिया है |

हालांकि, क्रेडिट कार्ड बिलों का भुगतान एक प्राथमिकता है और इसे प्रबंधित करना भी उतना ही कठिन है| यही कारण है कि क्रेड ने एक ऐसे मंच के अनूठे विचार के साथ आने का फैसला किया जो भारतीयों को अपने क्रेडिट कार्ड बिलों का समय पर भुगतान करने में मदद करेगा और साथ ही उन्हें इसके लिए तत्काल ऑफ़र और पुरस्कार भी प्रदान करेगा |

CRED एक FinTech प्लेटफॉर्म है जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है, जो अपने उपयोगकर्ताओं को अपने ऐप के माध्यम से क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने और विशेष ऑफ़र और अन्य लाभ ऑनलाइन प्राप्त करने की अनुमति देता है |

इसके अलावा, CRED ने house rent payment options, Rent Pay; flexible credit lines, CRED Cash; और CRED Mint, जिसके साथ ऋणदाता अपने बेकार पैसे को उधारकर्ताओं को उधार दे सकते हैं, जो प्रति वर्ष लगभग 9% के ब्याज पर अच्छे क्रेडिट स्कोर का प्रदर्शन करते हैं |

CRED – Company Highlights

Startup NameCRED
HeadquartersBengaluru, Karnataka, India
SectorFinancial Services
FounderKunal Shah
Founded2018
Valuation$6.5 bn (April 2022)
Revenue$11.55 mn (Rs 88.6 crore in FY21)
Total Funding$922.2 mn (April 2022)
Websitehttps://cred.club/

CRED क्या है:- CRED Success Story

CRED बैंगलोर स्थित स्टार्टअप है | यह क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने क्रेडिट कार्ड बिलों का भुगतान करने की अनुमति देता है और प्रत्येक लेनदेन के लिए पुरस्कार प्रदान करता है |

FinTech Platform उपयोगकर्ताओं को अपने घर के किराए का भुगतान करने की सुविधा भी देता है, और ऐप द्वारा प्रदान की जाने वाली अल्पकालिक क्रेडिट लाइनों के सभी लाभों का भी लाभ उठाता है | कंपनी उपयोगकर्ताओं के डेटा और जानकारी की सुरक्षा में अत्यधिक सावधानी बरतती है | इसलिए, ऐप पूरी तरह से सुरक्षित और सुरक्षित है |

CRED Success Story
CRED

कुणाल शाह ने 2018 में कंपनी की स्थापना की और अक्सर CRED को एक TrustTech कंपनी के रूप में वर्णित करते हैं, न कि FinTech के रूप में | ऐसा इसलिए है क्योंकि CRED को शुरू करने की उनकी प्रारंभिक प्रेरणा भारतीय समाज में विश्वास के मुद्दों को हल करने से आई थी, जो उनके अनुसार आर्थिक समृद्धि की कुंजी है |

लक्ष्य बहुत आसान था | यह एक ऐसा मंच तैयार करना था जहां जीवन को बेहतर और व्यवस्थित बनाया जा सके | संस्थापक अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले लोगों के लिए अधिक विशेषाधिकार और लाभ प्रदान करना चाहता था | और इसलिए, स्कोर में सुधार के लिए अधिक लोगों के लिए चक्का प्रभाव बनाना महत्वपूर्ण था |

स्टार्टअप से लेकर सरकार तक सभी ने जनता पर ध्यान केंद्रित किया है | कंपनी के संस्थापक विशेष रूप से उन लोगों, जिम्मेदार नागरिकों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते थे जो समय पर करों का भुगतान करते हैं | उन्हें लगा कि पहले किसी ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया |

CRED – Founder and Team:-

कुणाल शाह (Kunal Shah), CRED के संस्थापक और CEO हैं | वह एक भारतीय उद्यमी हैं, जिन्हें दूसरी बार नए उद्यम शुरू करने का श्रेय दिया जाता है | कुणाल ने Wilson College से दर्शनशास्त्र स्नातक (Philosophy graduate) थे और बाद में Narsee Monjee Institute of Management Studies से MBA करने के लिए चले गए, लेकिन एक उद्यमी के रूप में अपने सपनों का पीछा करने के लिए उन्होंने पाठ्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया |

कुणाल ने संदीप टंडन के साथ उपयोगकर्ताओं के लिए कैशबैक, कूपन और अन्य ऑफ़र के लिए एक वेबसाइट PaisaBack के साथ अपनी उद्यमशीलता की यात्रा शुरू की | हालाँकि, उन्होंने अंततः FreeCharge को खोजने के लिए अपना संचालन बंद कर दिया, जिसे दोनों ने 2010 में स्थापित किया था |

CRED Success Story
Kunal Shah CEO of CRED

अप्रैल 2015 में Snapdeal द्वारा FreeCharge का अधिग्रहण किया गया था लेकिन कंपनी अभी भी शाह के नेतृत्व में एक स्वतंत्र इकाई के रूप में जारी रही | उन्होंने अगले साल फर्म छोड़ दी और अंततः 2018 में CRED की स्थापना की, जो 6 अप्रैल, 2021 को सफलतापूर्वक यूनिकॉर्न (Unicorn) बन गया | दूसरी ओर, FreeCharge, Axis Bank द्वारा जुलाई 2017 में अधिग्रहित किया गया था |

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कुणाल शाह का जन्म 1983 में मुंबई में हुआ था | उनके शौक में शतरंज और पोकर खेलना शामिल है | उन्हें चिप्स और guacamole चबाना बहुत पसंद है | उन्हें Socrates की विचारधारा और G.B Shaw के नाटकों से प्यार है |

कंपनी की टैगलाइन ‘सुरक्षा और भरोसा दोनो’ है |

Cred – Growth and Revenue:-

CRED ने पूरे वर्षों में लगातार वृद्धि दिखाई है | 2018 में स्थापित एक स्टार्टअप होने के नाते, यह 6 अप्रैल, 2021 को सफलतापूर्वक Unicorn Club में शामिल हो गया, जिसने अपने सीरीज़ डी राउंड को बंद कर दिया, जहां कंपनी ने $ 215 मिलियन की कमाई की थी | कुणाल शाह ने अप्रैल 2021 में जारी अपने बयान में कहा, “भारत में सभी क्रेडिट कार्ड भुगतान का 22% मासिक आधार पर CRED नियंत्रित करता है |”

कुणाल शाह ने आगे 10 जुलाई, 2021 को अपने लिंक्डइन प्रोफाइल को लिया, और जून के महीने में CRED द्वारा हासिल किए गए मील के पत्थर के मुख्य अंश साझा किए:

CRED Success Story

CRED – Competitors:-

  • Paytm: यह CRED का शीर्ष प्रतियोगी है | यह एक FinTech App और भुगतान मंच है जिसका मुख्यालय नोएडा, उत्तर प्रदेश, भारत में है और इसकी स्थापना 2010 में हुई थी|
  • PhonePe: यह CRED का एक और उल्लेखनीय प्रतियोगी है | यह एक डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा मंच भी है जिसका मुख्यालय बैंगलोर, भारत में है, जिसे 2015 में स्थापित किया गया था | जुलाई 2021 तक इस ऐप की सबसे बड़ी बाजार हिस्सेदारी 46.04% है |
  • Google Pay: एक UPI प्लेटफॉर्म होने के नाते, जो एक बड़े पैमाने पर volume player है, Google Pay, CRED का एक और प्रतियोगी है | इस डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म को सर्च इंजन दिग्गज Google ने ही विकसित किया है |
  • Amazon Pay: Amazon Pay भी CRED का प्रतिद्वंद्वी है, जो अब विविध भुगतान विकल्प प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है | ऑनलाइन भुगतान प्रसंस्करण ऐप अमेज़ॅन द्वारा लॉन्च किया गया है और 2007 में स्थापित किया गया है |
  • MobiKwik: यह अभी तक एक और FinTech कंपनी है, जो डिजिटल भुगतान विकल्पों का समर्थन करती है और साथ ही CRED की प्रतिद्वंद्वी भी है | इसका मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा, भारत में है और इसकी स्थापना 2009 में हुई थी |
  • Freecharge: यह भी एक ऐसी कंपनी है जिसका मोबाइल बिल और यूटिलिटी बिल भुगतान सेवाओं के लॉन्च के बाद CRED मुकाबला करता है | मूल रूप से कुणाल शाह और संदीप टंडन द्वारा स्थापित, फ्रीचार्ज अब एक्सिस बैंक द्वारा अधिग्रहित किया गया है |

FAQs:-

CRED क्या है?

CRED बैंगलोर स्थित स्टार्टअप है | यह क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने क्रेडिट कार्ड बिलों का भुगतान करने की अनुमति देता है और प्रत्येक लेनदेन के लिए पुरस्कार प्रदान करता है | FinTech Platform उपयोगकर्ताओं को अपने घर के किराए का भुगतान करने की सुविधा भी देता है, और ऐप द्वारा प्रदान की जाने वाली अल्पकालिक क्रेडिट लाइनों के सभी लाभों का भी लाभ उठाता है | कंपनी उपयोगकर्ताओं के डेटा और जानकारी की सुरक्षा में अत्यधिक सावधानी बरतती है | इसलिए, ऐप पूरी तरह से सुरक्षित और सुरक्षित है |

CRED का मुख्यालय कहाँ है?

CRED का मुख्यालय बेंगलुरु में है |

CRED App या CRED कंपनी के संस्थापक कौन हैं?

CRED App या CRED कंपनी की स्थापना कुणाल शाह ने की है |

क्या CRED App सुरक्षित है?

NPCI द्वारा स्वीकृत और RBI द्वारा स्वीकृत, CRED App उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है |

Royal Families in India: ये हैं भारत की Royal Families, शाही है इनका अंदाज

Royal Families in India:

Royal Families in India- भारत के इतिहास में कई राजा-महाराजाओं का जिक्र मिलता है | प्राचीन भारत में एक राजा होता था, जो अपनी प्रजा का ध्यान रखता था। | राजा की मृत्यु के बाद उसका उत्तराधिकारी शासन करता था | इस प्रकार राजाओं का वंश और विरासत दोनों आगे बढ़ते थे | हालांकि पिछले पांच दशकों में बहुत कुछ बदल गया है |

1971 में भारत के संविधान में हुए 26 वें संशोधन के साथ ही राजाओं को मिलने वाली विशेष उपाधियों और उन्हें मिलने वाले प्रिवी पर्स (महाराजाओं को मिलने वाले वित्तीय लाभ) को समाप्त कर दिया गया |

इसके बाद शाही परिवारों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा | हालांकि, आज के समय में राजशाही व्यवस्था खत्म कर दी गई है, लेकिन अभी भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जो अपने पूर्वजों की विरासत को जिंदा किए हुए हैं | इन परिवारों की अपनी एक अलग ही पहचान है | आइए एक नजर डालते हैं, भारत के कुछ मौजूदा शाही परिवारों पर |

Royal Families in India

मेवाड़ राजवंश:-

महाराणा प्रताप का मेवाड़ राजवंश भारत में सबसे लोकप्रिय और सम्मानित शाही वंशावली में से एक हैं | सबसे पुराने राजवंशों में से एक, मेवाड़ राजवंश को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था | कई संरक्षकों के बाद, साल 1984 में उदयपुर के श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ को इस राजवंश का 76वां संरक्षक बनाया गया था |

यह राजघराना आज भी अपनी बेशुमार दौलत के लिए जाना जाता है | उदयपुर स्थित महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन (MMCF) के अध्यक्ष और प्रबंध ट्रस्टी के रूप में, श्रीजी अरविंद सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण कर रहे हैं | अरविंद सिंह राजा होने के साथ-साथ एक सफल बिजनेसमैन भी हैं और ‘HRH Group of Hotels‘ के मालिक हैं |

अरविंद सिंह की शादी गुजरात के कच्छ की राजकुमारी विजयराज से हुई है | उनके दो बेटियां और एक बेटा है | उनकी एक बेटी का नाम भार्गवी कुमारी मेवाड़, दूसरी बेटी का नाम पद्मजा कुमारी मेवाड़ और बेटे का नाम लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ है | अरविंद सिंह और उनकी पत्नी उदयपुर सिटी पैलेस में रहते हैं | पर्यटन इंडस्ट्री में सबसे समृद्ध माने जाने वाले अरविंद सिंह के पास उदयपुर में प्राचीन कारों का एक संग्रहालय भी है |

मेवाड़ राजवंश की आय का श्रोत:-

  • अरविंद सिंह एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के प्रमुख हैं, जिसके तहत 10 से अधिक होटल हैं |
  • परिवार पूरे राजस्थान में विभिन्न विरासत होटल, रिसॉर्ट और धर्मार्थ संस्थानों का भी मालिक है |
  • लेक पैलेस और फतेह प्रकाश पैलेस जैसी कुछ शाही संपत्तियां ताज ग्रुप ऑफ होटल्स को लीज पर प्रबंधन के लिए दी जाती हैं |
  • उन्होंने पर्यटन के लिए उदयपुर सिटी पैलेस का एक हिस्सा खोल दिया है |

वाडियार राजवंश:-

वाडियार राजवंश का इतिहास भगवान कृष्ण के यदुवंशी वंश के समय का है | श्रीकृष्ण ने एक बार मैसूर राज्य पर शासन किया था | आपको जानकर हैरानी होगी कि, सन 1612 में, विजयनगर की रानी अलमेलम्मा ने वाडियार वंश को सिंहासन पर जबरन कब्जा करने के चलते श्राप दिया था | महारानी ने मरने से पहले कहा था कि, ‘इस वंश के राजा-रानी के कभी बच्चे नहीं होंगे’ | तब से अब तक, लगभग 400 सालों से वाडियार राजवंश में किसी भी राजा को संतान के तौर पर पुत्र नहीं हुआ है | राजा-रानी अपने वंश की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए परिवार के किसी दूसरे सदस्य के पुत्र को गोद लेते हैं |

वर्तमान में वाडियार वंश के मुखिया यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार हैं | यदुवीर भी प्रत्यक्ष उत्तराधिकारी नहीं हैं | उन्हें भी इसी परंपरा के तहत गोद लिया गया है | राजकुमार यदुवीर की शादी डूंगरपुर की राजकुमारी त्रिशिका कुमारी सिंह से हुई है | 

यदुवीर और त्रिशिका कुमारी को एक बेटा है | यदुवीर के चाचा श्रीकांतदत्त वाडियार थे | श्रीकांत, मैसूर के प्रसिद्ध ‘रॉयल सिल्क‘ के मालिक थे | श्रीकांतदत्त की मौत के बाद यदुवीर ही ‘रॉयल सिल्क‘ के मालिक हैं |

वाडियार राजवंश की आय का श्रोत:-

  • मैसूर के रॉयल सिल्क की शुरुआत श्रीकांतदत्त ने की थी | शीर्ष रेशम उत्पादक के रूप में मैसूर, परिवार का ब्रांड आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना रहा |
  • वर्तमान राजा, यदुवीर, अंग्रेजी साहित्य और अर्थशास्त्र में डिग्री रखते हैं और मैसूर में पर्यटन और विरासत के बुनियादी ढांचे के विकास और प्रमोटर पर काम करते हैं |
  • वे विवाह और समारोहों के लिए बैंगलोर में अपने महल के मैदान को किराए पर देकर भी आय अर्जित करते हैं |
  • अनुमान लगाया जा रहा है कि परिवार के पास 10,000 करोड़ रुपये की संपत्ति है |

जयपुर का शाही परिवार:-

राजपूत वंश के वंशज, महाराजा भवानी सिंह जयपुर के अंतिम नाममात्र के प्रमुख थे | भवानी सिंह का कोई पुत्र नहीं था, इसलिए उन्होंने साल 2002 में, अपनी बेटी दीया कुमारी के बेटे पद्मनाभ सिंह को अपना उत्तराधिकारी मान लिया था |

भवानी सिंह की मृत्यु के बाद, पद्मनाभ को अनौपचारिक रूप से 13 वर्ष की उम्र में ही जयपुर के महाराजा के रूप में ताज पहना दिया गया था | दरअसल, पद्मनाभ राष्ट्रीय स्तर के पोलो खिलाड़ी हैं और फैशन की दुनिया में एक जाना-माना नाम हैं |

पद्मनाभ पहले ऐसे महाराजा हैं, जिन्होंने ‘Airbnb‘ पर अपना निजी स्थान किराए पर दिया है | आपको यह जानकर हैरानी होगी कि, ‘जयपुर सिटी पैलेस‘ में एक कमरे की कीमत लगभग 5,70,000 रुपए है | ये सारा पैसा ‘राजकुमारी दीया कुमारी फाउंडेशन’ को जाता है |

जयपुर के शाही परिवार की आय का श्रोत:-

  • पद्मनाभ सिंह राष्ट्रीय स्तर के पोलो खिलाड़ी हैं | युवक एक enthusiastic traveler भी है जिसने विभिन्न पत्रिकाओं का ध्यान खींचा है |
  • शाही परिवार ने रामबाग महल को ताज होटल को होटल की तरह चलाने और चलाने के लिए योगदान दिया |
  • पद्मनाभ ने हाल ही में Airbnb के साथ साझेदारी की है और जयपुर में एक सुइट स्थापित किया है | यह परिवार की वित्तीय आय में भी सहायता करता है |

अलसीसर का शाही परिवार:-

अलसीसर के शाही परिवार ने खेतड़ी के राज्य पर शासन किया था | वर्तमान में इस परिवार के मुखिया महाराजा अभिमन्यु सिंह हैं | राजस्थान के इस शाही परिवार के जयपुर और रणथंभौर में महल हैं |

यही नहीं, अभिमन्यु ने अलसीसर पैलेस को एक शानदार हेरिटेज होटल में बदल दिया है | अभिमन्यु काफी लोकप्रिय हैं, क्योंकि वह ‘मैगनेटिक फील्डस फेस्टिवल‘ के को-ऑर्डिनेटर हैं | उन्हें भारत का ‘पार्टी प्रिंस‘ भी कहा जाता है |

अलसीसर के शाही परिवार की आय का श्रोत:-

  • अलसीसर परिवार के पास जयपुर और रणथंभौर में भव्य महल हैं |
  • शाही परिवार अपनी संपत्तियों पर कई होटल भी चलाता है |
  • इन सभी महलों और होटलों को चलाने के अलावा, अभिमन्यु सिंह भारत के सबसे हिप्पी वार्षिक EDM उत्सव, मैग्नेटिक फील्ड्स के सह-प्रायोजक भी हैं | और इसलिए, सिंह को भारत का पार्टी प्रिंस कहा जाता है |

जोधपुर का शाही परिवार:-

जोधपुर पहले राठौरों द्वारा शासित था | इसकी स्थापना 8वीं शताब्दी में हुई थी | महाराजा गज सिंह इस राज्य के वर्तमान शासक हैं | महाराजा गज सिंह राज्यसभा के सदस्य थे और उन्होंने त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय उच्चायुक्त के रूप में भी कार्य किया था | वह अपनी पत्नी हेमलता राजे और बच्चों के साथ ‘उम्मेद भवन पैलेस‘ में रहते हैं | इसके अलावा वह ‘मेहरानगढ़‘ किले के भी मालिक हैं |

जोधपुर के शाही परिवार की आय का श्रोत:-

  • 11 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले उम्मेद भवन पैलेस में 347 कमरे और चार टेनिस कोर्ट, स्विमिंग पूल आदि हैं | यह वह महल है जहां प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने अमेरिकी गायक और अभिनेता निक जोनास से शादी की थी | यह महल शाही परिवार के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में कार्य करता है |
  • महाराजा गज सिंह द्वितीय ने एक बार राज्य सभा के सदस्य के रूप में कार्य किया है | कुछ साल पहले, वह त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय उच्चायुक्त थे |

बड़ौदा के गायकवाड़:-

गायकवाड़ ने 18वीं शताब्दी की शुरुआत से ही बड़ौदा में सत्ता संभाली थी | महाराजा रणजीत प्रताप सिंह गायकवाड़ की मृत्यु के बाद, उनके पुत्र समरजीत सिंह उत्तराधिकारी बने थे | साल 2012 में, उन्हें ‘लक्ष्मी विलास पैलेस‘ में महाराजा का ताज पहनाया गया था | जब वह सिंहासन पर बैठे थे, तो उन्होंने अपने चाचा संग्राम सिंह गायकवाड़ के साथ मिलकर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के कानूनी विरासत के विवाद को सुलझाया था |

इस सौदे में समरजीत सिंह को ‘मोती बाग स्टेडियम‘, ‘महाराजा फतेह सिंह संग्रहालय‘, 187 कमरों वाला ‘लक्ष्मी विलास पैलेस‘, राजा रवि वर्मा की पेंटिंग और अन्य शाही सामानों सहित 600 एकड़ की अचल संपत्ति का स्वामित्व भी मिला था | वह गुजरात और बनारस में 17 मंदिरों के ट्रस्टों का प्रबंधन भी करते हैं | इसके साथ ही, समरजीत सिंह एक क्रिकेटर भी हैं और उन्होंने रणजी ट्रॉफी में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व किया था | इनकी पत्नी का नाम राधिका राजे है | इनकी दो बेटियां हैं | राधिका राजे ‘सीडीएस आर्ट फाउंडेशन‘ की निदेशक हैं |

गायकवाड़ शाही परिवार की आय का श्रोत:-

  • इसमें मुख्य रूप से अचल संपत्ति, भूमि और लक्ष्मी विलास पैलेस शामिल हैं |
  • उन्हें राजा रवि वर्मा की पेंटिंग और सोने, चांदी और शाही गहने भी विरासत में मिले |
  • उनकी आय के प्राथमिक स्रोतों में से एक मंदिर ट्रस्टों का प्रबंधन है जो पूरे गुजरात और बनारस में 17 मंदिरों को जोड़ते हैं |
  • समरजीत सिंह ने क्रिकेटर होने के नाते अपने राज्य की रणजी ट्रॉफी में भी अपना प्रतिनिधित्व किया है |
  • वह कुछ समय के लिए राजनीति में भी लगे रहे लेकिन 2017 से निष्क्रिय हैं |

पटौदी के नवाब:-

क्रिकेट और मनोरंजन के क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय नामों में से एक पटौदी वंश है | इस वंश के अंतिम नाममात्र के मुखिया, मंसूर अली खान पटौदी थे | मंसूर अली खान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान भी थे | मंसूर ने अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से शादी की थी | मंसूर और शर्मिला के तीन बच्चे हैं | जिनके नाम सैफ अली खान, सबा अली खान और सोहा अली खान हैं |

मंसूर अली खान की मृत्यु के बाद उनके पुत्र सैफ अली खान को पटौदी खानदान का दसवां नवाब बनाया गया है | अभिनेता सैफ अली खान की पहली पत्नी अमृता सिंह थीं | सैफ और अमृता के 2 बच्चे हैं, जिनके नाम सारा अली खान और इब्राहिम अली खान हैं | बाद में, सैफ ने अमृता से तलाक ले लिया था और एक्ट्रेस करीना कपूर से शादी कर ली थी | सैफ और करीना के 2 बेटे हैं, जिनके नाम तैमूर और जहांगीर हैं | आज के समय में, सैफ 800 करोड़ रुपए के महलनुमा ‘पटौदी पैलेस‘ के मालिक हैं |

भोंसले वंश:-

भोंसले वंश महान मराठा शासक शिवाजी का वंश है | शिवाजी महाराज और स्वराज्य राजा के वंशज कोल्हापुर, सतारा, नागपुर, मुधोल, सावंतवाड़ी और तंजौर जैसे विभिन्न राज्यों में रह रहे हैं | सतारा के उदयन राजे इनके प्रमुख मुखियाओं में से एक हैं | हाल ही में, भाजपा सदस्य उदयन राजे ने अपनी 170 करोड़ रुपए की संपत्ति की घोषणा की थी |

इनके एक अन्य प्रमुख संभाजी राजे छत्रपति हैं, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज होने का भी दावा करते हैं | साल 2011-19 में, वे आरक्षण के लिए चल रहे मराठा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे |

भोंसले वंश की आय का श्रोत:-

  • उदयनराजे भोसले 2020 से महाराष्ट्र से राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं |
  • वह 2009 से 2019 तक सतारा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के सांसद भी रहे |
  • भोसले पहले भारतीय जनता पार्टी के सदस्य और 1998 से 1999 तक महाराष्ट्र विधान सभा के सदस्य थे |
  • राजनीति इस परिवार के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत रही है, और 2020 तक इसकी कुल संपत्ति लगभग 200 करोड़ होने की घोषणा की गई है |

PhonePe Success Story – कैसे बना भारत का Leading Payments App

PhonePe:-

आज की दुनिया में आराम और सहजता पर जोर है और बैंकिंग उद्योग ने इस मामले में काफी क्रांति देखी है | नकदी ले जाना बोझिल था, जिसके कारण डिजिटल भुगतान और मोबाइल वॉलेट का जन्म हुआ और PhonePe इस क्षेत्र के प्रमुख प्रतिपादकों में से एक बन गया है | किराने का सामान, utility bills, phone recharge आदि के भुगतान के लिए Mobile App पसंदीदा तरीका है | यहां तक ​​कि बड़े लेनदेन अब नकद के बजाय डिजिटल रूप से किए जाते हैं, जिसने न केवल भौतिक दुनिया में जोखिम कारकों को हटा दिया है बल्कि पूरे बैंकिंग को भी सुव्यवस्थित किया है |

PhonePe एक ऐसा Payment App है जिसने लाखों भारतीयों के जीवन को सरल बना दिया है | दिसंबर 2015 में स्थापित, भारतीय UPI-Based App PhonePe को एक साल बाद Flipkart द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया, जिसके बाद इसने अपने लिए विकास और विस्तार के युग की शुरुआत की और कभी पीछे नहीं हटे | PhonePe को वर्तमान में भारत के digital payments क्षेत्र में मार्केट लीडर के रूप में जाना जाता है |

PhonePe – Company Highlights:-

Company NamePhonePe
HeadquartersBengaluru (India)
FoundersSameer Nigam, Burzin Engineer, and Rahul Chari
FoundedDecember 2015
SectorFintech
Valuation$5.5 Billion (2021)
Revenues$92.85 mn (FY21)
Funding$1.99 bn (April 2022)
Parent OrganizationFlipkart
Websitehttps://www.phonepe.com/

PhonePe दिसंबर 2015 में स्थापित एक डिजिटल भुगतान कंपनी है जिसे 11 से अधिक भाषाओं का समर्थन करने के लिए बनाया गया है | यह UPI पर बनने वाले पहले भुगतान ऐप में से एक है और इसे अरबों-लेनदेन के निशान को पार करने वाले पहले UPI payments app के रूप में भी जाना जाता है | App अपने उपयोगकर्ताओं को पैसे प्राप्त करने और भेजने, बैंक बैलेंस की जांच करने, POS भुगतान करने, सोना खरीदने और फोन रिचार्ज, DTH भुगतान, बिजली, गैस और अन्य बिल भुगतान सहित अपने ऐप के माध्यम से कई लेनदेन करने की अनुमति देता है | इसके अलावा, PhonePe सबसे आम UPI ऐप में से एक है जिसे अधिकांश भारतीय व्यापारियों द्वारा अनुमोदित किया जाता है, जो उपयोगकर्ताओं को सवारी बुक करने, खाना ऑर्डर करने, चीजें खरीदने और बहुत कुछ ऑनलाइन करने की अनुमति देता है |

PhonePe – Founders And Team:-

Sameer Nigam:-

Sameer Nigam, PhonePe के Founder और CEO हैं | उन्होंने Flipkart के Senior Vice President के रूप में कार्य किया | निगम मुंबई विश्वविद्यालय के छात्र थे और उन्होंने The Wharton School से MBA किया है |

Rahul Chari:-

Rahul Chari, PhonePe के Founder और CTO हैं |Sun Microsystems में इंटर्नशिप पूरा करने के बाद उन्होंने Andiamo Systems Inc के साथ एक software engineer के रूप में अपना करियर शुरू किया | इसके बाद चारी ने Cisco Systems, Mime360 और Flipkart जैसी कुछ और कंपनियों में प्रबंधकीय पदों पर काम किया, जहां उन्होंने Senior Software Engineer, Manager, Co-founder and CTO, and Vice President of Engineering के रूप में कार्य किया |

Burzin Engineer:-

Burzin Engineer, PhonePe के CRO हैं | वह PhonePe की स्थापना से पहले 2 साल तक M-GO में Vice President of Engineering and Operations थे | इसके अलावा, उन्होंने Flipkart के साथ भी काम किया है, जहां वे mime360.com और Shopzilla.com के Director of Engineering थे | इंजीनियर ने मुंबई विश्वविद्यालय से अपनी डिग्री हासिल की और बाद में University of Southern California से कंप्यूटर विज्ञान में मास्टर डिग्री पूरी की |

PhonePe – Startup Story:-

PhonePe को फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारियों – समीर निगम, राहुल चारी और बुर्जिन इंजीनियर द्वारा 2015 में शुरू किया गया था | यह एक ऐसा ऐप था जिसमें विकास की बहुत बड़ी संभावना थी, और इसे फ्लिपकार्ट द्वारा तुरंत महसूस किया गया, जिसने इसे हासिल करने के इस अवसर को हथिया लिया | अगले ही वर्ष, इस प्रकार फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारियों के दिमाग की उपज अपने मूल, फ्लिपकार्ट को वापस कर दी जाएगी |

PhonePe – Acquisitions:-

PhonePe ने अब तक 3 कंपनियों Indus App Bazaar, Zopper और GigIndia का अधिग्रहण किया है | पिछला अधिग्रहण GigIndia का था, जो 22 मार्च, 2022 को हुआ था | Indus App Bazaar, जिसे कंपनी ने 19 मई, 2021 को $60 मिलियन के सौदे में अधिग्रहित किया, इसका पिछला अधिग्रहण था | 15 अप्रैल, 2022 की खबर के अनुसार, कंपनी Affle के बाद Indus OS का अधिग्रहण कर सकती है |

PhonePe ने लगभग 135 करोड़ रुपये के ESOP buyback की घोषणा की है | 19 नवंबर, 2021 को रिपोर्ट की गई तरलता घटना, कंपनी के नेतृत्व को अपने निहित स्टॉक विकल्पों का 10% बेचने की अनुमति देगी | दूसरी ओर, मौजूदा कर्मचारी अपने निहित विकल्पों में से 25% तक बेच सकते हैं | हालाँकि, यह पहले ही खुलासा किया जा चुका है कि PhonePe के संस्थापक इस बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे |

PhonePe – Partnerships:-

  • PhonePe ने 2 जुलाई 2021 को UPI multi-bank model पर Axis Bank के साथ साझेदारी की है | यह पहले ही Yes Bank के साथ मिलकर काम कर चुका है |
  • Ola ने PhonePe App और Wallet के माध्यम से Ola payments की अनुमति देने के लिए 7 जुलाई, 2020 को फोनपे के साथ करार किया |
  • PhonePe ने 6 जुलाई, 2021 को cash-on-delivery भुगतान को डिजिटाइज़ करने के लिए Flipkart के साथ साझेदारी की है |
  • PhonePe 10 सितंबर, 2021 को KBFC का आधिकारिक भुगतान भागीदार बन गया |
  • Edelweiss General Insurance ने डिजिटल मोटर बीमा उत्पादों की पेशकश के उद्देश्य से 20 दिसंबर, 2021 को PhonePe के साथ करार किया |

PhonePe – Competitors:-

  • Juspay : यह एक मोबाइल-आधारित भुगतान के लिए उपयोग किया जाने वाला एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है | Juspay की स्थापना 2012 में हुई थी |
  • PCKT: PCKT एक फिनटेक कंपनी है | यह उपभोक्ताओं को भुगतान सेवाएं प्रदान करता है | PCKT की स्थापना वर्ष 2003 में हुई थी |
  • Paytm : यह भारतीय ई-कॉमर्स भुगतान प्रणाली का अग्रणी है | यह एक वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी है | Paytm की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी |
  • MobiKwik : मोबिक्विक एक भारतीय कंपनी है | इसमें मोबाइल फोन आधारित भुगतान प्रणाली है | MobiKwik की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी |
  • BharatPe: यह एक platform है, खासकर खुदरा विक्रेताओं और व्यवसायों के लिए | यह एक QR-based payment app है | कंपनी की स्थापना वर्ष 2016 में हुई थी |
  • Roomeo : यह एक लोकप्रिय पेमेंट प्लेटफॉर्म है | यह एक फिनटेक मोबाइल ऐप प्रदान करता है | Roomeo की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी |
  • MobilPay: यह एक मोबाइल मार्केटिंग और भुगतान सेवाएं प्रदान करता है | MobilPay की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी |

FAQ’s

PhonePe का मालिक कौन है?

PhonePe की स्थापना समीर निगम, राहुल चारी और बुर्जिन इंजीनियर ने की थी |

क्या PhonePe लेनदेन के लिए ग्राहकों से कुछ शुल्क लेता है?

PhonePe पर लेनदेन ग्राहकों के लिए बिल्कुल मुफ्त है | आप PhonePe ऐप के माध्यम से कितनी भी राशि ट्रांसफर करना चाहते हैं, आप इसे बिना किसी अतिरिक्त लागत के कर पाएंगे |

PhonePe के माध्यम से पैसे भेजने के लिए क्या आपको IFSC कोड की आवश्यकता है?

PhonePe की मदद से, आप PhonePe खाते से जुड़े लोगों के फोन नंबरों से, यानी उनके मोबाइल फोन नंबरों के माध्यम से लोगों को पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं | आप उनके UPI ID या QR Code को स्कैन करके उनके बैंक खातों में पैसे भेज सकते हैं | इसके अलावा, आप प्राप्तकर्ताओं के बैंकिंग विवरण जैसे उनका नाम, खाता नंबर और IFSC कोड के साथ उनके बैंक खातों में भी अपना पैसा भेज सकते हैं |