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समग्र आई डी (child ID) कैसे डाउनलोड करें

समग्र क्यों ? Samagra Child ID

समग्र पोर्टल पर प्रदेश मे निवासरत समस्त् परिवारों एवं परिवार सदस्यों की संपूर्ण जानकारी जैसे कि नाम, पिता का नाम, जाति, व्यावसया, शिक्षा, वैवाहिक स्त्र, वित्तीतय स्तोर, योजना के हितग्राही , बचत खाता नम्ब्र, बी.पी.एल., विकलांगता, इत्या।दि का डेटा उपलब्ध् हैं |

STEP 4:

पासपोर्ट के नियमों में बदलाव – अब Passport के लिए जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य नहीं है

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Birth Certificate Passport

Passport के लिए आवेदन करने के लिए अब आपको मान्य जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी | यह Passport बनाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार के दृष्टिकोण का एक हिस्सा है ताकि दस्तावेज़ आसानी से जारी किया जा सके | Passport प्राप्त करने के लिए, आवेदक अब अपने Aadhaar या PAN Card को अन्य दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं, ताकि जन्म के प्रमाण को प्रमाणित किया जा सके | नए नियमों को संसद को सूचित किया गया है |

इससे पहले, पासपोर्ट नियम 1980 के अनुसार, 26/01/1989 के बाद जन्म लेने वाले सभी आवेदकों को जन्म प्रमाणपत्र (Birth certificate) दाखिल करना अनिवार्य था | अब वे किसी भी मान्यता प्राप्त शैक्षिक बोर्ड द्वारा जारी किए गए transfer/school leaving/Matriculation प्रमाणपत्र, जिसमें आवेदक की जन्म तिथि (DOB) प्रदर्शित हो रही हो जमा कर सकते हैं | वे PAN Card, Aadhaar Card/ E-Aadhaar, Driving License और यहां तक ​​कि LIC पॉलिसी बॉन्ड भी प्रस्तुत कर सकते हैं क्योंकि इन सभी में जन्म तिथि (DOB) Birth Certificate Passport शामिल होता हैं |

Indian Passport

नए नियम :-

  • 60 वर्ष से अधिक और 8 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों को नए Passport के लिए आवेदन करने पर फीस पर 10% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी |
  • Passport में निजी विवरण (personal details) हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में मुद्रित किए जाएंगे |
  • इसके अलावा, सरकार ने विवाह के वैध प्रमाण के रूप में डिजिटली हस्ताक्षरित विवाह प्रमाणपत्र (digitally signed marriage certificates) की भी अनुमति दी है |
  • अनाथ बच्चों को अपने अनाथालय से केवल एक दस्तावेज की आवश्यकता होगी ताकि उनकी जन्म तिथि की पुष्टि हो सके |
  • ऐसे विवाहित जोड़े जो तलाकशुदा हैं या अलग हो चुके हैं और वे अब पति या पत्नी के नाम का उल्लेख नहीं करना चाहते हैं तो अब से उन्हें शादी के प्रमाण पत्र प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होगी |
  • इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन आवेदन करने वाले आवेदक अब केवल एक अभिभावक के नाम का उल्लेख कर सकते हैं | यह कदम single parents के लिए भी उपयोगी होगा |
  • आवेदन की प्रक्रिया में बदलाव आया है annexes को 15 से घटाकर 9 कर दिया गया है | उन्हें सादे कागज में मुद्रित और self attested किया जा सकता है | अब किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट / प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा अब किसी attestation/swearing की आवश्यकता नहीं होगी |

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Pan Card Status Kaise check karte Hain

Pan Card Status Kaise check karte Hain : पैन कार्ड के बारे में हमारी पिछली पोस्ट (1) pan card kya hai पैन कार्ड क्या है ? पैन कार्ड क्यों और किसके लिए जरुरी है (2) Online Pan Card Ke Liye Apply Kaise Karen । ऑनलाइन पैन कार्ड के लिए अप्लाई कैसे करें को आपने पढ़ा ही होगा यदि नहीं पढ़ा तो लिंक में क्लिक करके पढ़ सकते हैं ।

जैसा की हमने NDSL से पैन कार्ड के लिए अप्लाई करने की जानकारी दी थी । यदि आपने पैन कार्ड के लिए NDSL से पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया है या कराया है तो उसकी स्थिति जानने के लिए क्या प्रोसेस है इसके बारे में बताएँगे

शायद आपको पता ही होगा पैन कार्ड बनकर आपके घर तक पहुँचने में अमूनन 2–25 दिन का समय लगता है लेकिन उससे पहले भी आप पैन कार्ड की स्थिति का पता लगा सकते हैं और डॉक्यूमेंट पैन कार्ड ऑफिस पहुँचने के कुछ दिनों बाद ही ऑनलाइन पैन कार्ड नंबर का पता लगा सकते हैं ।

डॉक्यूमेंट भेजने के 2-3 दिनों बाद से ही आप समय -2 पर ऑनलाइन पैन कार्ड की स्थति का पता लगाते रहें ताकि पैन कार्ड बनने में होने वाली किसी भी समस्या से आप अवगत रहें और इसके लिए जरुरी कदम उठा सकें

यह प्रोसेस उस रीडर के लिए है जिन्होंने NDSL से पैन कार्ड के लिए अप्लाई किया है  तो चलिए हम आपको बताते हैं की Pan Card Status Kaise check karte Hain : 

STEP 1:

Google में pan card status NDSl लिखकर सर्च करें और NDSL की आधिकारिक वेबसाइट लिंक पर क्लिक करें | नीचे स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं  |

STEP 2:

यदि आपने बाहर से पैन कार्ड के लिए अप्लाई किया होगा तो आपको इस प्रकार की रसीद मिली होगी जिसके टॉप में Acknowledgement Number लिखा होगा ।इसलिए बेहतर है की पैन कार्ड स्टेटस चेक करते समय रसीद को अपने पास रखें|

STEP 3 :

  • अब आप Application Type में PAN – New / Change Request का विकल्प चुनें |
  • अब Acknowledgement Number वाले विकल्प को चुनें और Acknowledgement Number को एंटर करें |
  • अब लास्ट में दिए हुए सुरक्षा कोड को एंटर करें और सबमिट करें|

STEP 3:

यदि आपके पास रसीद या Acknowledgement Number नहीं है पैन कार्ड स्टेटस पता करने का दूसरा विकल्प भी दिया गया है जिसमें आप अपने नाम और जन्मतिथि के आधार पर स्टेटस का पता लगा सकते हैं|

STEP 5:

इस प्रकार आप दिए हुए किसी भी विकल्प से अपने पैन कार्ड की स्थिति का पता लगा सकते हैं ।

IRCTC का पासवर्ड भूल गएँ हो तो ऐसे करें रिकवर | How To Recover IRCTC Password

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How To Recover IRCTC Password : प्रिय पाठक, आपकी प्रतिक्रिया हमें और अच्छा लिखने को प्रेरित करती है और नयी ऊर्जा से भर देती है आपके प्रतिक्रिया हमें और कुछ अच्छा सीखने एवं लिखने की प्रेरणा देती है ताकि हम पाको मदद कर सकें |

हमने अपनी पिछली पोस्ट में IRCTC में अकाउंट बनाने,ऑनलाइन टिकट बुक करने,PNR की स्थिति आदि के बारे में जानकारी दी थी इन सबके बीच हमें पाठकों से विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं मिली उनमे सबसे महत्त्वपूर्ण है IRCTC का लॉगिन पासवर्ड भूल गएँ है अब हम अपना पासवर्ड कैसे प्राप्त करें|

तो चलिए आज हम इसी के बारे में बात करते हैं और पासवर्ड रिकवर करने की प्रोसेस जानते हैं |

STEP 1:

यदि आप अपना पासवर्ड रिकवर करना चाहते हैं तो आपको इंडियन रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा | इसके लिए आप URL बॉक्स में जाएँ और इस वेबसाइट एड्रेस https://www.irctc.co.in/eticketing/loginHome.jsf को लिखें |

इस प्रकार आप IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर आ जायेंगे, नीचे आप स्क्रीन शॉट देख सकते हैं |

यदि आप भी इस प्रकार का पेज आपकी स्क्रीन में देख रहे हों तो अब Forget Password लिंक पर क्लिक करें आप ऊपर स्क्रीन शॉट में देख सकते हैं |

STEP 2: 

अब आप पहले टेक्स्ट बॉक्स में अपना यूजर आई डी एंटर करें एवं दूसरे बॉक्स में नीचे दिया हुआ कैप्चा कोड (सुरक्षा कोड) एंटर करने के बाद Fetch Details पर क्लिक करें |

STEP 3 :

दोस्तों पासवर्ड को रिकवर के दो विकल्प दिए गए है (A) Security Question Security Answer : (B) आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से

(A) Security Question Security Answer :  IRCTC में अकाउंट बनाते समय कुछ Security Question दिए जाते हैं जिमें से किसी एक को चुन कर उसका आंसर देना होता है ताकि पासवर्ड भूलने की स्थिति में हम उस दिए हुए आंसर के द्वारा अपना पासवर्ड फिर से प्राप्त कर सकें Security Question कुछ इस प्रकार हो सकते है जैसे Your Pet Name,Your Birth Place,favorite Food etc.

इस प्रकार आप यहाँ पर Security Question का आंसर देकर पासवर्ड को रिसेट कर सकते हैं जैसा की नीचे इमेज में दिखाया गया है |संबसे पहले आप Security Question का आंसर टाइप करें फिर New Password एंटर करें एवं उसे फिर से कन्फर्म बॉक्स में एंटर करें अंतिम में कैप्चा कोड (सुरक्षा कोड) लिखने के बाद Submit बटन पर क्लिक करें |
इस प्रकार आप अपना पासवर्ड रिसेट कर पाएंगे |

(B) Registered Mobile Number Se : यदि आपके पास Security Question का Answer नहीं हैं टी दूसरे विकल्प को ट्रॉय करें Security Question Security Answer, टेक्स्ट बॉक्स के नीचे Click Here लिंक पर क्लिक करें |

अब पाना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर एंटर करें, मोबाइल नंबर एंटर करने के बाद IRCTC द्वारा आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर में OTP (One Time Password ) आएगा उसे OTP टेक्स्ट बॉक्स में एंटर करें

अब आप अपना नया पासवर्ड बनाने के लिए New Password एंटर करें फिर से कन्फर्म बॉक्स में वही पासवर्ड एंटर करने के बाद सुरक्षा कोड लिखें और submit बटन पर क्लिक करें |

इस प्रकार आप अपना IRCTC पासवर्ड फिर से बना सकते हैं पासवर्ड सफलता पूर्वक बन जाने के बाद आप अपने IRCTC अकाउंट में लॉगिन कर सकते हैं और अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं

Online Pan Card Ke Liye Apply Kaise Karen | ऑनलाइन पैन कार्ड के लिए अप्लाई कैसे करें

Online Pan Card Ke Liye Apply Kaise Karen : पिछली पोस्ट में हमें आपको पैन कार्ड के महत्वतता के बारे में बताया था यदि आप पैन कार्ड के बारे में जानना चाहते है तो यहाँ क्लीक करें | खैर पैन कार्ड कितना उपयोगी है आप जानते ही हैं यदि आपके पास पैन कार्ड नहीं है और आप भी पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं आपको कहीं भी जाने की जरुरत नहीं है | तो चलिए हम आपको बताते हैं की कैसे आपको अप्लाई करना है इसके लिए जरुरी है की आप अपना कंप्यूटर आन करें और इंटरनेट चालू करें |

पैन कार्ड को पैन कार्ड की दो आधिकारिक वेबसाइटों से अप्लाई किया जा सकता है पर यहाँ पर हम आपको https://tin.tin.nsdl.com से अप्लाई करने की जानकारी बताएँगे |

Aadhar Card को PAN Card से कैसे link करें ?

सबसे पहले NDSL की आधिकारिक वेबसाइट https://tin.tin.nsdl.com पर जाएँ या तो google में tin tin ndsl सर्च करें और वेबसाइट के होम पेज पर जाएँ | नीचे स्क्रीन शॉट देखें इस प्रकार web Page आपको स्क्रीन में आएगा |

अब लिंक पर क्लिक करें जैसा की स्क्रीन शॉट में दिखाया गया है |

Tax Information Network

pan card kya hai पैन कार्ड क्या है ? पैन कार्ड क्यों और किसके लिए जरुरी है

नियम व् शर्तों को ध्यान पूर्वक पढ़ने के बाद पर क्लिक करें अब आप पैन कार्ड रजिस्ट्रेशन फॉर्म में पहुँच जायेंगे |अब ध्यान से नीचे बताई हुई प्रोसेस को फॉलो करते जाएँ |

Online Pan Card Ke Liye Apply Kaise Karen

STEP 1:  इस रजिस्ट्रेशन फॉर्म को भरें यदि आप खुद के लिए पैन कार्ड का फॉर्म भर रहे हैं तो Application Type में New Pan Indian Citizen (Form 49A) का विकल्प चुने फिर Category में Individual का विकल्प चुने फिर अपना नाम जन्म दिनांक ईमेल आई डी मोबाइल नंबर एंटर करें जैसा की फॉर्म में दिया गया है अब सुरक्षा कोड एंटर करने के बाद SUBMIT बटन पर क्लिक करें |Apply online

यूनियन बैंक में खाता खुलवाने के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें |

STEP 2: रजिस्ट्रेशन करने के बाद जनरेट होता है उसे आप कहीं नोट कर लें और आगे बढ़ें |

online PAN Application

STEP 3: यहाँ पर तीन लाल गोले (Circle) में से एक को सलेक्ट करना पड़ेगा यदि आप पहला विकल्प सलेक्ट करते हैं तो इस प्रोसेस में आधार का ekyc सत्यापन करना पड़ेगा जिसके लिए आपके आधार में मोबाइल नंबर का लिंक होना जरुरी है यदि सत्यापन कर देते हैं तो आपको फिजिकल डॉक्यूमेंट भेजने की जरुरत नहीं पड़ेगी और आपके पैसों की भी बचत होगी यह बढ़िया विकल्प है अन्यथा आप अंतिम विकल्प चुने ध्यान रहे इसमें पैन कार्ड के फॉर्म का प्रिंट लेकर फोटो और सिग्नेचर के साथ सम्बंधित डॉक्यूमेंट को NDSL के पते में भेजना अनिवार्य है 

upload documents

3 स्टेप में आधार नंबर को पैन कार्ड से करें लिंक आयकर विभाग ने किया अनिवार्य | Aadhar Number Ko Pan Card Se Link Karen

STEP 4: यहाँ पर अपनी बेसिक जानकारी भरें जैसे पिता का नाम अपना पता आदि ध्यान रहे वही पता एंटर करें जो आप पते के प्रमाण रूप में प्रस्तुत करेंगे

address details

STEP 5: रेड बॉक्स के अंदर की जानकारी सामान्यतः सभी को पता नहीं होती जरुरी भी नहीं है इसके लिए आप अपना स्टेट,सिटी और एरिया सलेक्ट करें ऊपर की जानकारी खुद ही आटोमेटिक आ जाएगी |

address

STEP 6:  पहचान,पते एवं जन्म दिनांक के लिए जो भी दस्तावेज भेजना चाहते है अपनी जानकारी के आधार पर विकल्प चुने

place and DOB

अब यदि सभी जानकारी आपने भर दी है तो फॉर्म को सबमिट कर दें एवं ऑनलाइन पेमेंट करें पेमेंट करने के बाद आपकी स्क्रीन में पैन ार्ड का फॉर्म आएगा उसे सेव कर लें एवं उसका प्रिंट लेकर उसमें नवीन पासपोर्ट फोटो चस्पा करें एवं अपने हस्ताक्षर करें,एवं जो भी डॉक्यूमेंट आप भेजना चाहते हैं उनको भी स्वप्रमाणित करें और NDSL के पते पर भेज दें नीचे पता दिया गया है |

एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड
5वीं मंजिल, मंत्री स्‍टर्लिंग,
प्‍लॉट नं. 341, सर्वे नं. 997/8,
मॉडल कालोनी, दीप बंगला चौक के पास,
पुणे – 411 016

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें|

pan card kya hai पैन कार्ड क्या है ? पैन कार्ड क्यों और किसके लिए जरुरी है

पैन कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है अब तक पैन कार्ड का उपयोग ज्यादातर बड़े लेनदेन जैसे की 50000 के ऊपर,इनकम टैक्स रिटर्न भरने में,व्यापारिक गतिविधियों, उद्योगों आदि में Tax भरने के लिए  होता था पर नोटबंदी के बाद भारत सरकार की सलाह पर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (केंद्रीय बैंक) ने इसे सभी खाता धारकों के लिए जरुरी कर दिया है इसलिए यदि आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो प्राथमिकता से पैन कार्ड बनवा लें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने खाता से लिंक कराएं अन्यथा आपके बैंक खाते को बंद कर दिया जायेगा |

Pan Card Kya Hai पैन कार्ड क्या है 

पैन कार्ड का पूरा नाम परमानेंट अकाउंट नंबर है पैन कार्ड 10 डिजिट का अल्फान्यूमेरिक (अक्षर + अंक ) कोड होता है जिसे इनकम टैक्स या आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है पैन कार्ड नंबर कुछ इस प्रकार का होता है  “SIBDG5546K”

pan card kya hai
pan card kya hai

पैन कार्ड क्यों

भारतीय कर प्रणाली में पैन कार्ड का महत्वपूर्ण उपयोग है पैन कार्ड के माध्यम से ही आयकर विभाग आपके सभी लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग को प्राप्त होती है चाहे आपके अलग -२ बैंको में कितने भी अकाउंट हों क्योंकि पैन कार्ड नंबर यूनिक होता है और एक व्यक्ति के पास दो पैनकार्ड नंबर नहीं हो सकते
इनकम टैक्स रिटर्न भरने में,बैंकिंग लेनदेन में,शेयर मार्केटिंग आदि में कुल मिलाकर आपके सभी प्रकार के बैंकिंग या फाइनैंशल ट्रांजैक्शन का पता लगाने के लिए पैन कार्ड उपयोगी है जिससे कोई भी व्यक्ति या कंपनी टैक्स चोरी न कर सके |

किसके लिए पैन कार्ड जरुरी है

पैन कार्ड बनवाने के लिए जरुरी नहीं की वह करदाता हो कोई भी भारतीय नागरिक पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है इसमें कोई उम्र की सीमा नहीं है चाहे वह बच्चा हो या बूढ़ा करदाता हो या न हो जब करता हो या बिज़नेस करता हो पैन कार्ड बनवा सकता है |

पैन कार्ड को लेकर भ्रम की स्थिति

कई लोगों में पैन कार्ड को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है वो सोचते हैं की पैन कार्ड को बैंक में लिंक कराने से उन्हें नुकसान होगा | जी नहीं ये सच है की पैन कार्ड के माध्यम से आयकर विभाग सभी लेनदेन पर नजर रख सकती है पर आप निश्चिंत रहें यदि आप भारत सरकार द्वारा टैक्स के लिए तय किये गए आय श्रेणी में नहीं आते हैं तो आपको कोई भी टैक्स नहीं देना होगा | हालाँकि टैक्स चोरी को रोकने के लिए ही आयकर विभाग द्वारा पैन कार्ड को अनिवार्य किया गया है

पैन कार्ड के लिए कैसे अप्लाई करें 

Note: यदि आप पैन कार्ड के लिए अप्लाई करने जा रहे हैं तो ध्यान दें हाल ही के 2 पासपोर्ट साइज फोटो पहचान पत्र एवं एड्रेस प्रूफ, डेट ऑफ़ बर्थ प्रूफ साथ में जरूर लेके जाएँ 

Offline : ऑफलाइन में आपको पैन सेण्टर जाना होगा आप अपने आसपास किसी पैन सेण्टर का पता करें वहां आपको एक फॉर्म भरना होगा फॉर्म भरने के बाद फॉर्म का परीक्षण करा लें फिर जरुरी दस्तावेज के साथ जमा करें |

Online :  हम आपको बता दें की पैन कार्ड के लिए फॉर्म 49A भरना पड़ता है जिसे पैन कार्ड की 2 वेबसाइटों के माध्यम से भरा जा सकता है

ऑनलाइन कैसे आप पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं इसकी पूरी जानकारी हम आपको अगली पोस्ट में देंगे

Rail SAARTHI Mobile App | Rail SAARTHI मोबाइल एप्लिकेशन

Rail SAARTHI Mobile App :-

भारतीय रेलवे ने ticket booking, inquiry, on-board cleaning और ordering meal सहित विभिन्न यात्री आवश्यकताओं को एक ही platform पर शामिल कर सभी mobile application को एकीकृत करने के लिए एक Rail SAARTHI मोबाइल एप्लिकेशन शुरू की किया है | SAARTHI App यात्रियों की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी |

Rail Saarthi

वर्तमान में भारतीय रेलवे द्वारा विभिन्न उद्देश्यों के लिए कई ऐसे Apps शुरू किए गए हैं | हर App ग्राहक को केवल एक ही प्रकार की सेवा प्रदान करता है |विभिन्न सेवाओं का उपयोग करने के लिए, उपयोगकर्ताओं को प्रत्येक Application को अलग से खोजना और download करना होता है | इसलिए बेहतर ग्राहक अनुभव के लिए, एक ही App में सभी Railway App Services को एकीकृत करने की आवश्यकता थी |

SAARTHI Mobile App की सेवाएं :-

The Rail SAARTHI या  Synergised Advanced Application Rail Travel Help and Information app में महिलाओं के लिए सुरक्षा, शिकायत सुविधा और सुधार के लिए सुझाव जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं | इसमें देरी से चलने वाली ट्रेन , टिकट, समय आदि रेलवे से जुडी सभी आवश्यक जानकारी शामिल हैं |

ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि ग्राहक SAARTHI App का उपयोग करके Flight ticket भी बुक कर सकते हैं | इस Application को CRIS (Centre for Railway Information Systems) के द्वारा विकसित किया गया है | SAARTHI App एकीकृत रेलवे परियोजना का हिस्सा था जिसे 2016-17 के रेल बजट में घोषित किया गया था | एकीकृत App का उपयोग अब taxi, hotel booking और प्रतिक्रिया देने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है |

Rail SAARTHI Android app कैसे डाउनलोड करें :-

  • सर्वप्रथम अपने Android phone के Google Play Store पर जाएं या https://play.google.com इस URL पर जाएं |
  • RAIL SAARTHI को खोजें या https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cris.uima इस URL पर क्लिक करें |
  • Install बटन पर क्लिक करें | Application आपके Android phone में download हो जाएगी जिसे आप install कर सकते हैं |

Rail Saarthi-Indian Railways Official App

  • अब आप इस Application के सभी functions का उपयोग कर सकते हैं |

Rail SAARTHI में अतिरिक्त App जो download करने के लिए हैं :-

  • आरक्षित टिकटिंग के लिए IRCTC Rail Connect
  • अनारक्षित टिकटिंग के लिए UTS
  • ट्रेन चलने की स्थिति के लिए NTES (National Train Enquiry System)
  • Air ticket Booking के लिए IRCTC Air
  • Food Booking के लिए IRCTC Catering – Food on Track
  • Tour Booking के लिए IRCTC Tourism
  • शिकायतों और सुझावों के लिए  COMS for Rail SAARTHI
  • कोच सेवाओं को साफ करने के लिए COACHMITRA AND CLEANMYCOACH
  • Twitter पर अपने feedback प्रदान करने के लिए Twitter App

Rail Saarthi App

Rail SAARTHI App का उपयोग :-

  • Train Ticketing : आरक्षित और अनारक्षित टिकटिंग
  • Enquiry : Seat Availability, Fare Enquiry, Train Running Status, और PNR enquiry 
  • Affiliated Services: Air Ticket Booking, Food on track, tour booking और book retiring room
  • Feedback : शिकायतें और सुझाव, clean my coach और coach mitra, और Twitter पर प्रतिक्रिया

Uses of Rail Saarthi App

 

Real Estate Regulatory Authority (RERA) Act 2017 की मुख्य बातें

Real Estate Regulatory Authority (RERA) Act 2017:-

मकान खरीददारों के हितों की रक्षा के लिए बहुप्रतीक्षित और व्यापक रूप से प्रशंसनीय Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill 1 मई 2017 से लागू हो गया है | Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill के राज्य सभा में पारित होने के बाद builder को तय समय सीमा के अंदर तय गुणवत्ता का घर अपने ग्राहकों को प्रदान करना होगा | Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill के अनुसार देश के हर एक राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी Regulatory Authority बनानी होगी और Real Estate Regulator नियुक्त करना होगा | ये Real Estate Regulator ग्राहकों की हर समस्या पर चर्चा करेंगे, उनकी शिकायत को सुनेंगे और उनके मामलों की सुनवाई करेंगे |

Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill के पारित होने के बाद अब हर 500 sq ft के क्षेत्र में बने घर या 8 flat के project को भी Real Estate Regulator के पास register करवाना होगा | अब तक मात्र 1000 sq ft के ही घर को register करवाना पड़ता था | साथ ही अब जैसे ही project पास होता है उसकी website बनाना अनिवार्य होगा |और project की रोज की progress report, site पर update करनी होगी | यदि builder तय समय सीमा के अंदर अपने ग्राहकों को घर प्रदान करने में असमर्थ है तो उसे penalty स्वरुप कुछ राशि देनी होगी |

Real Estate Regulatory Authority Act 2017 में Builders के लिए सजा का प्रावधान भी है :-

अधिकतर देखा गया है की मकान खरीददारों की यही शिकायत रहती है कि उनसे जिन सुविधाओं की बात builder ने की थी वह नहीं मिली | कई बार तो प्रोजेक्ट का लेआउट व अन्य चीजें उनकी सहमति के बिना ही बीच में ही बदल दी जाती हैं | लेकिन RERA Act के बाद अगर builder प्रोजेक्‍ट के brochure और विज्ञापन में किए गए वादे पूरा नहीं करता तो उसे 3 से 5 साल तक की जेल हो सकती है |साथ ही project में अगर 5 वर्षों के भीतर कोई maintenance की जरूरत पड़ती है तो उसका वहन भी builder को ही करना होगा |

Real Estate Regulatory Authority Act 2017 के तहत नियम अधिसूचित करने वाले राज्य :-

Real Estate Regulatory Authority (RERA) Act की सभी 92 धाराएं 1 मई 2017 से प्रभावी हो जाएंगी | हालांकि अब तक केवल 13 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने ही इसके नियम अधिसूचित किए हैं | इनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, चंडीगढ़, दादर और नागर हवेली, दमनदीव, लक्षद्वीप आदि शामिल हैं |

ग्राहकों के लिए RERA Act के फायदे :-

  • Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill के पारित होने के बाद से यदि ग्राहक को यदि अपने किसी project को लेकर या अपने builder से शिकायत है तो Real Estate Regulator, consumer court में शिकायत कर सकता है |साथ ही यदि ग्राहक को तय समय सीमा के अंदर तय गुणवत्ता का घर नहीं दिया जाता है तो ग्राहक इसकी भी शिकायत कर सकता है |
  • Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill के पारित होने के बाद से हर 500 sq ft के क्षेत्र में बने घर या 8 flat या इससे बड़े project को register करवाना होगा |यदि कोई builder यह करने में असफल होता है तो उसे project की 10% राशि penalty स्वरुप देनी होगी और उसे जेल भी हो सकती है |
  • घर का possession मिलने के 5 साल के अंदर अगर घर में कोई टूट-फूट होती है तो बिल्डर को शिकायत के 30 दिनों के भीतर सुधार करना होगा, और उसका वहन भी builder को ही करना होगा |
  • तीन महीने के भीतर नए और पुराने सारे projects का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा |

  • Project के पास होते ही उसकी website बनाना अनिवार्य होगा | Builder को सारी जानकारी अपनी website पर डालनी होगी और हर तीन महीने में project की progress report सार्वजनिक करनी होगी |
  • Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill के पारित होने के बाद से खरीददारों से इकट्ठा की गई राशि का 70 फीसदी एक अलग अकाउंट में रखनी होगी जो सिर्फ और सिर्फ उसी प्रोजेक्ट के लिए खर्च की जा सकेगी |आमतौर पर शिकायत रहती है कि बिल्डर जमा पैसों से लोगों के घर बनवाने की वजह दूसरा प्रोजेक्ट शुरू कर देते हैं| इससे पहले से शुरू प्रोजेक्ट धीमा हो जाता है और लोगों को घर देरी से मिलता है |
  • Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill के पारित होने के बाद से घरों की कीमत stable रहेगी क्यूंकि अब कई लोग इस क्षेत्र में investment के लिए आएंगे और ग्राहकों को ज्यादा choice मिलेगी |
  • Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill में carpet area को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है जिससे kitchen, bathroom और कमरों का size काम नहीं किया जा सकेगा |
  • Regulatory Authority या अपीलीय प्राधिकरण के आदेश का उल्लंघन करने पर builder को 3 साल और एजेंट या खरीददार को 1 साल जेल की सजा हो सकती है  |
  • ग्राहक 90 दिनों के भीतर अपनी किसी भी समस्या को register कर सकता है |
  • अब नियत अधिकारी को दी गयी application की सुनवाई 60 दिनों के भीतर करनी होगी |

 

Direct और Indirect tax एक दुसरे से कैसे भिन्न हैं ?

Direct and Indirect tax :-

प्रत्यक्ष (Direct) और अप्रत्यक्ष करों (Indirect tax) में सरकार द्वारा लगाए गए विभिन्न प्रकार के कर शामिल होते हैं | प्रत्यक्ष करों (Direct tax) में शामिल करों को किसी दूसरे व्यक्ति को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है, उदाहरण के लिए आयकर एक व्यक्ति द्वारा सीधे सरकार को भुगतान किया जाता है | इस मामले में, टैक्स का बोझ हर उस व्यक्ति पर स्पष्ट रूप से आता है जो कर योग्य आय अर्जित करता है और वह इसे दूसरों को स्थानांतरित नहीं कर सकता है |

अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax), दूसरी तरह का कर हैं जिसे किसी अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित किया जा सकता है | उदाहरण के लिए Value Added Tax (VAT) जो वस्तु और सेवाओं के मूल्य के साथ शामिल होता है जिन्हें आप दूसरों से खरीदते हैं | प्रारंभिक कर निर्माता या सेवा प्रदाता पर लगाया जाता है, जो फिर उपभोक्ताओं पर उच्च मूल्यों के रूप में स्थानांतरित हो जाता है |

दोनों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर सरकारी राजस्व के महत्वपूर्ण घटक हैं और परिणामस्वरूप देश की अर्थव्यवस्था इन्हीं घटकों पर निर्भर करती है | Goods and Services Tax (GST) bill के लागू होने से अप्रत्यक्ष करों में भिन्नता भविष्य में कम हो जाएगी |

Direct Tax and Indirect Tax के प्रकार :-

Direct Tax पूरी तरह से करदाता (taxpayer) द्वारा सरकार को भुगतान किया जाता है | इस कर को इस रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है जिसमें उसी व्यक्ति को उस कर का भुगतान करना होता है जिस पर वह लगाया जाता है | करों के प्रकार के अनुसार प्रत्यक्ष करों (Direct taxes) को केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा एकत्र किया जाता है | प्रत्यक्ष कर में शामिल हैं :

  • Income Tax : आयकर विभाग द्वारा परिभाषित टैक्स ब्रैकेट के अनुसार इस कर का भुगतान उसी व्यक्ति द्वारा किया जाएगा जिस पर यह लगाया जाता है |
  • Corporate Tax : कंपनियों और निगमों के मुनाफे पर लगाया जाता है |
  • Wealth Tax : किसी व्यक्ति की संपत्ति के मूल्य पर लगाया जाता है |
  • Estate Tax : विरासत के मामले में किसी व्यक्ति पर लगाया जाता है |
  • Gift Tax : कर योग्य उपहार प्राप्त करने वाले व्यक्ति पर लगाया जाता है |
  • Fringe Benefit Tax: यह कर नियोक्ता पर लगाया जाता है जो कर्मचारियों को फ्रिंज लाभ प्रदान करता है, और यह कर राज्य सरकार द्वारा एकत्र किया जाता है |

अप्रत्यक्ष कर (Indirect tax) को इस रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है कि इस कर का भुगतान करने का दायित्व उस व्यक्ति पर पड़ता है जिसने किसी अन्य व्यक्ति से वस्तु और सेवाओं के मूल्य के साथ लिया है |अप्रत्यक्ष कर में शामिल हैं :

  • Excise Duty : निर्माता (manufacturer) द्वारा देय होता है जो retailers और wholesalers को स्थानांतरित हो जाता है |
  • Sales Tax : एक shopkeeper या retailer द्वारा देय होता है जो customer को स्थानांतरित हो जाता है |
  • Custom Duty : वस्तु के देश से बाहर जाने पर आयात शुल्क, अंततः consumers और retailers द्वारा भुगतान किया जाता है |
  • Entertainment Tax : सिनेमा मालिकों द्वारा देय होता है जो cinema goers को स्थानांतरित हो जाता है |
  • Service Tax : उपभोक्ताओं को दी गई सेवाओं पर शुल्क लिया गया |

Direct & Indirect Tax के बीच मुख्य अंतर :-

  • प्रत्यक्ष कर (Direct tax) व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF), फर्मों, कंपनियों आदि पर लगाया जाता है और भुगतान किया जाता है |जबकि अप्रत्यक्ष कर (Indirect tax) का भुगतान अंततः वस्तु और सेवाओं के अंतिम उपभोक्ता द्वारा किया जाता है |
  • प्रत्यक्ष कर (Direct tax) के मामले में कर का बोझ स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है, जबकि अप्रत्यक्ष कर (Indirect tax) के मामले में कर का बोझ स्थानांतरित किया जा सकता है |
  • प्रत्यक्ष करों (Direct tax) के संग्रह में कर चोरी संभव है जबकि अप्रत्यक्ष करों (Indirect tax) को चोरी नहीं किया जा सकता क्योंकि यह वस्तु और सेवाओं पर लगाया जाता है |
  • प्रत्यक्ष कर (Direct tax) inflation को कम करने में मदद करता है, जबकि अप्रत्यक्ष कर (Indirect tax) महंगाई को बढ़ा सकता है |
  • प्रत्यक्ष करों (Direct tax) पर अप्रत्यक्ष करों (Indirect tax) के मुकाबले बेहतर आबंटित प्रभाव है जबकि प्रत्यक्ष करों (Direct tax) में कर संग्रह अप्रत्यक्ष करों (Indirect tax) की तुलना में आसान है |

  • प्रत्यक्ष करों (Direct tax) से असमानताओं को कम करने में मदद मिलती है इसलिए इन्हें प्रगतिशील माना जाता है जबकि अप्रत्यक्ष करों (Indirect tax) में असमानताएं बढ़ जाती हैं इसलिए इन्हें प्रतिगामी माना जाता है |
  • सुविधाजनक और स्थिर संग्रह के कारण अप्रत्यक्ष करों (Indirect tax) में कम प्रशासनिक लागतें शामिल हैं जबकि प्रत्यक्ष करों (Direct tax) में उच्च प्रशासनिक लागतें शामिल हैं |
  • अप्रत्यक्ष कर (Indirect tax) विकास के प्रति अधिक उन्मुख होते हैं क्योंकि वे उपभोग को हतोत्साहित करते हैं और बचत बढ़ाने में मदद करते हैं जबकि प्रत्यक्ष कर (Direct tax) बचत को कम कर और निवेश को हतोत्साहित करते हैं |
  • अप्रत्यक्ष करों (Indirect tax) में व्यापक क्षेत्र शामिल होते है क्योंकि समाज के सभी सदस्य वस्तु और सेवाओं की बिक्री के माध्यम से इस कर का भुगतान करते हैं जबकि प्रत्यक्ष कर (Direct tax)केवल संबंधित कर ब्रैकेट के लोगों से एकत्र किए जाते हैं |
  • Additional indirect taxes सिगरेट, शराब आदि हानिकारक वस्तुओं पर लगाया जाता है जिससे देश को एक सामाजिक संदर्भ में मदद मिलती है |

Indirect Tax | अप्रत्यक्ष कर

Indirect Tax :-

अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) सरकार intermediary द्वारा जैसे manufacturer या retailer से एकत्रित किया जाने वाला एक प्रकार का कर है | कर का अंतिम भार उन उपभोक्ताओं पर पड़ता है जो intermediary से सामान और सेवाओं को खरीदते हैं क्योंकि intermediary उत्पाद पर Value Added Tax (VAT), service tax, sales tax आदि के रूप में अप्रत्यक्ष कर लागू करते हैं |

इन करों को अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह कर intermediaries के माध्यम से सरकार द्वारा उपभोक्ताओं से indirectly एकत्र किया जाता है | ये कर प्रत्यक्ष करों (direct taxes) जैसे आयकर से अलग हैं, जो करदाताओं से सीधे जमा कराए जाते हैं |अप्रत्यक्ष करों (Indirect Tax) में Sales Tax, Service Tax, VAT आदि शामिल हैं |

प्रत्यक्ष करों (Direct Taxes) के विपरीत, अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) व्यक्तियों के बजाय वस्तुओं और सेवाओं पर लगाए जाते हैं | व्यक्ति वस्तु को उच्च मूल्य के रूप में खरीद कर अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) का भुगतान करते हैं | एक फुटकर विक्रेता (retailer) आपको किसी उत्पाद को अप्रत्यक्ष कर लगा कर बेचता है, जो प्रासंगिक tax-collection authorities को दिया जाता है |

Indirect Tax की विशेषताएं :-

  • अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) उपभोक्ताओं के लिए एक intermediary द्वारा बेची गई वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया गया |उपभोक्ता वस्तुओं की ऊंची कीमत के रूप में खरीद कर tax का भुगतान करते हैं |
  • इसे वस्तुओं की बिक्री, वस्तुओं का आयात/ निर्यात, सेवाओं की पेशकश और वस्तुओं का निर्माण जैसी श्रेणियों में विस्तृत रूप से विभाजित किया गया है |
  • अप्रत्यक्ष कर उपभोक्ताओं को उत्पादों की वास्तविक बिक्री के बजाय, वस्तु और सेवाओं की मंजूरी पर लगाया जाता है | इसका मतलब यह है कि मध्यस्थ उत्पाद शुल्क का भुगतान करेगा ताकि वो वस्तुओं और सेवाओं को उपभोक्ताओं को बेच सकें |
  • अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) के विशिष्ट प्रकार के अप्रत्यक्ष कर के अनुसार केंद्रीय और राज्य सरकारों दोनों के अधीन हैं | उदाहरण के लिए, VAT राज्य सरकार द्वारा लगाया जाता है, जबकि CST केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाता है |

Indirect Taxes के प्रकार :-

अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) एक व्यापक श्रेणी है जिसके तहत विभिन्न प्रकार के अप्रत्यक्ष कर आते हैं | वस्तुओं और सेवाओं के अनुसार इसकी 4 मूल उप-श्रेणियां हैं :-

  • Service tax
  • Sales  tax
  • Excise duties
  • VAT

Service Tax :

Service Tax आम तौर पर 12.36% से 14% तक की दर से लागू होता है, जो अप्रैल 2015 संशोधित किया गया है | इस प्रकार का अप्रत्यक्ष कर service tax provider द्वारा लगाया जाता है और सेवाओं के प्राप्तकर्ता द्वारा भुगतान किया जाता है | हालांकि, कुछ मामलों में कर को सेवा प्रदाता और सेवा प्राप्तकर्ता के बीच विभाजित किया जाता है |

यदि अंतिम कीमत सेवाओं और सामग्री का मिश्रण है जैसे रेस्तरां का बिल तो Service tax में कमी का भी प्रावधान है |
आम तौर पर, रेस्तरां बिल के 40% पर Service tax लगाया जाता हैं क्योंकि कुल राशि के 60% को सामग्री की लागत माना जाता है | Service tax केंद्र सरकार के दायरे में आता है |

Sales  Tax :

Sales Tax वस्तु और सेवाओं की बिक्री के लिए शासकीय निकायों को भुगतान करने वाला कर का एक रूप है | Sales Tax एक अप्रत्यक्ष कर होता है जो आमतौर पर उत्पाद के मूल्य के प्रतिशत के रूप में कर योग्य वस्तुओं की खरीद या विनिमय पर लगाया जाता है | Sales Tax सरकार द्वारा लागू की गई व्यक्तिगत नीतियों पर निर्भर करता है आम तौर पर गणना और जमा करने के लिए इसे सरल रखा जाता है। सरल शब्दों में, वस्तु या सेवाएं खरीदने के दौरान Sales Tax के रूप में एक अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाता है |

Total Sales Tax = Cost of item x Sales tax rate

Excise duty :

यह कर कुछ वस्तुओं पर उनके उत्पादन या sale catering या लाइसेंस के लिए विशिष्ट सेवाओं पर लगाया जाता है | Excise duty एक inland tax है, जो custom duty के विपरीत है | इसके अलावा यह अप्रत्यक्ष कर का ही एक रूप है | अप्रत्यक्ष कर आम तौर पर एक retailer या intermediary  द्वारा इकट्ठा किए जाते हैं जो अंततः customer के रूप में कर का भुगतान करने की जिम्मेदारी लेता है | फिर माल के निर्माता सरकार को इस कर का भुगतान करते है | यह राशि VAT और Sales tax का आबकारी है जिसे उपभोक्ताओं पर वस्तु खरीदते समय चार्ज किया जाता है |

Excise duty, Excise Duty Act, 1944 के तहत आता है | राज्य सरकार narcotics, alcohol या alcoholic products जैसे कुछ सामानों पर duty charge लगाती है, अन्य सामानों पर duty charge केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किया जाता है, इसलिए इसे ‘Central Excise Duty’ कहा जाता है |हालांकि सरकार द्वारा कर तब एकत्र किया जाता है जब माल कारखाने से निकाला जाता है और प्रेषण किया जाता है |

VAT :

जब वस्तुओं को अंततः उपभोक्ता को बेचा जाता है तो वस्तु और सेवाओं की बिक्री पर VAT एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर लगा होता है |VAT किसी भी देश की GDP का अभिन्न अंग है |

VAT वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री पर लगाया जाता है जिसका भुगतान उत्पादकों द्वारा सरकार को किया जाना चाहिए लेकिन वास्तविक कर ग्राहकों पर लगाया जाता है जो इन वस्तुओं और सेवाओं को खरीदते हैं | इस प्रकार, यह कर का एक अप्रत्यक्ष रूप है जो सरकार को ग्राहकों द्वारा वस्तु और सेवाओं के उत्पादकों के माध्यम से दिया जाता है | VAT एक बहु-स्तरीय कर है जिसे वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के प्रत्येक चरण पर लगाया जाता है, जिसमें बिक्री / खरीद भी शामिल है |

Indirect Taxes के लाभ :-

  • Convenience : अप्रत्यक्ष करों का भुगतान करदाता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से सरकार को किया जाता है, वो भी उन वस्तुओं और सेवाओं के माध्यम से जिनका वे उपभोग करते हैं | कर की इस प्रकृति के कारण, उपभोक्ताओं को महसूस नहीं होता की वे सरकार को इस राशि का भुगतान कर रहे हैं | अप्रत्यक्ष करों में भुगतान थोड़ी मात्रा में किया जाता है और वो भी तब जब आप कुछ वस्तुओं और सेवाओं को खरीदते है | इसके अलावा यह कर उत्पाद की कीमत का ही एक हिस्सा है उससे अलग नहीं है, इसलिए जब भी उत्पाद खरीदा जाएगा इस कर का भुगतान करना होगा |
  • Hard to evade : आमतौर पर ज्यादातर लोग अवैध तरीकों के माध्यम से करों का भुगतान करने से बच जाते हैं | हालांकि, अप्रत्यक्ष करों की अवधारणा के माध्यम से, इसकी चोरी करना बहुत मुश्किल है | क्योंकि अप्रत्यक्ष कर का भुगतान ग्राहक द्वारा सरकार को नहीं किया जाता है बल्कि वस्तु या सेवा के विक्रेता को  किया जाता है जिससे वह खरीद रहे हैं और ये लागत उत्पाद की वास्तविक कीमत का हिस्सा होती हैं |
  • Coverage and Elasticity : प्रत्यक्ष करों के विपरीत,अप्रत्यक्ष करों के अंतर्गत बड़ी संख्या में वस्तुएं और सेवाएं आती हैं  इसलिए व्यक्तियों के पास इस कर का भुगतान करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता है | जब भी सरकार को राजस्व में वृद्धि की जरूरत होती है, तो इन करों में वृद्धि की जाती है, क्यूँकि अप्रत्यक्ष कर सरकार को बहुत अधिक राजस्व प्रदान करते हैं |
  • Universality and Influence : वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर अप्रत्यक्ष करों का भुगतान प्रत्येक वर्ग द्वारा करना पड़ता है | चाहे वह समाज के किसी भी वर्ग से आते हों और चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो |

 

GST क्या है? भारतीय अर्थव्यवस्था में इसके मायने क्या हैं ?

What is GST :-

GST का मतलब है Goods & Service Tax के लिए है | यह वस्तु और सेवाओं के बिक्री, निर्माण और उपयोग पर लगाया जाने वाला एक प्रकार का कर है | समग्र आर्थिक विकास के उद्देश्य से Goods and Service Tax राष्ट्रीय स्तर पर सेवाओं और वस्तुओं पर लागू किया जाता है | GST को विशेष रूप से केंद्र और राज्यों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं पर लगाए जाने वाले अप्रत्यक्ष करों को बदलने के लिए बनाया गया है |

Goods & Service Tax को अलग-अलग देशों द्वारा विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर लगाए गए Value Added Tax के रूप में परिभाषित किया जा सकता है | वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाने वाला कर, भिन्न-2 देशों में भिन्न-2 हो सकता है | Goods & Service Tax सरकार के लिए राजस्व एकत्र करने के लिए लगाया जाता है | इस tax का भुगतान वस्तु और सेवाओं के उपभोक्ताओं द्वारा किया जाता है और व्यापार संस्थाओं द्वारा इसे एकत्रित किया जाता है और सरकार को अग्रेषित कर दिया जाता है |

भारत में GST का इतिहास :-

भारत में, Goods and Service Tax Bill को आधिकारिक तौर पर 2014 में संविधान के (120 वें  संशोधन) विधेयक, 2014 में पेश किया गया था | GST Bill ने देश भर में बिक्री, निर्माण और विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के उपयोग पर nationwide Value Added Tax के कार्यान्वयन का प्रस्ताव रखा | Goods & Service Tax अधिनियम अप्रैल, 2017 से भारत में संचालित होने की संभावना है |

भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली – ने 19 दिसंबर 2014 को लोकसभा में Goods & Service Tax की घोषणा की | विधेयक के पक्ष में 352 वोट और 37 वोट इसके खिलाफ पड़ने के बाद इसे संसद में इसे 6 मई, 2015 को पारित किया |

Current Taxation System :-

GST एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर (indirect tax) है | वर्तमान में, भारतीय उपभोक्ताओं को वस्तु और सेवाओं पर अप्रयुक्त कर (Value Added Tax), सेवा कर (Service Tax), उत्पाद शुल्क (Excise Duty), सीमा शुल्क (Customs Duty) जैसे अप्रत्यक्ष कर (indirect tax) देने पड़ते हैं | वर्तमान प्रणाली के अंतर्गत, प्रत्येक राज्य को उसके स्वामित्व वाले क्षेत्र में बिक्री और उपभोग के लिए आने वाली वस्तुओं पर अपना कर वसूलने का अधिकार है, जबकि केंद्र वस्तुओं के निर्माण पर कर वसूलती है | व्यापारियों पर लगाए गए ये सभी प्रत्यक्ष कर उपभोक्ताओं द्वारा वहन किये जाते हैं |

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले कर इस प्रकार हैं :

Central Government : Income Tax, Excise Duty or Central VAT, Service Tax, Customs Duty, Central Sales Tax.

State Government : Sales Tax, Value Added Tax, Entertainment Tax, Road Toll, Professional Tax, Stamp Duty, Luxury Tax, Octroi Duty, Capital Gains Tax, Entry tax 

Local Administration : Property Tax

इनमें से excise duty/CENVAT, customs duty, service tax, central and state sales tax, VAT, octroy, entry tax, road toll, luxury tax और entertainment tax वस्तु और सेवाओं पर लागू होते हैं |

वर्तमान प्रणाली में एक ही object पर कई करों के लगने से उस पर बोझ बढ़ जाता है जिससे production-retailing-consumption के प्रत्येक चरण में पहले से भुगतान किए गए करों को offset करने का कोई रास्ता नहीं होता | यदि CENVAT और service tax विनिर्माण स्तर पर चुकाए गए हैं, तो ये भविष्य के कर भुगतानों में इसे offset किया जा सकता है, लेकिन किसी भी स्तर पर दिए गए अन्य करों में से कोई भी पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता |

GST कार्य कैसे करता है :-

GST राज्यों के बीच कराधान (taxation) के अलग-अलग स्तरों को खत्म करने का प्रस्ताव देता है, और जब यह वस्तुओं और सेवाओं पर tax के रूप में आता है तो यह देश को एक segmented creature की वजाय एक single whole organism के रूप में मानता है | सभी करों को सिर्फ 2 स्तरों में जोड़ा जाएगा – Central GST और State GST | उपभोक्ता जो उत्पाद खरीदेगा उसे केवल supply chain में पिछले dealer द्वारा GST Charge का भुगतान करना होगा | जिससे हर किसी के पास पिछले चरणों में किए गए करों के भुगतान को offset करने का अवसर होगा |

GST कुछ वस्तुओं पर लगने वाले कई करों पर भी रोक लगा देगा, और rate of tax के संबंध में और एक उत्पाद पर कर के रूप में सरकार को दी गई कुल राशि के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा |वर्तमान में, उपभोक्ताओं को बिल पर उल्लेखित Vat के अलावा उत्पाद पर लगने वाले अन्य करों की कुल राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है |

GST निम्न करों को replace कर देगा :-

  • Service Tax
  • Cesses and surcharges related to supply of goods or services
  • Central Excise Duty
  • Excise Duties on medicinal and toilet preparations
  • Additional Excise Duties on textiles and textile products
  • Additional Excise Duties on goods of special importance
  • Additional Customs Duties (CVD)
  • Special Additional Duty of Customs (SAD)

GST regime में निम्न कर शामिल हो सकते हैं :-

  • Central Sales Tax
  • State VAT
  • Entry Tax
  • Purchase Tax
  • Entertainment Tax (not levied by local bodies)
  • Luxury Tax
  • Taxes on advertisements
  • State cesses and surcharges
  • Taxes on lotteries, betting and gambling

GST की सही दर अभी तक तय नहीं की गई है |यह GST Council द्वारा दी गई रिपोर्टों पर दोबारा परामर्श के बाद किया जाएगा | ये दर लगभग 18% के आसपास रहने की संभावना है, जो कुछ वस्तुओं और सेवाओं पर मौजूदा कर की तुलना में  अधिक हो सकता है, और कुछ के लिए कम हो सकता है |

GST के लाभ :-

  • यह एक federal law है, जिसका मतलब है कि राज्यों को अब वस्तुओं और सेवाओं के प्रति करों के सम्बन्ध में नए कानून बनाने का अधिकार नहीं होगा |
  • यह कर प्रणाली को सरल बना देगा और इसे विभिन्न स्तरों पर समझने में आसान बना देगा |
  • विभिन्न चरणों में Tax evasion समाप्त हो जाएगी और tax offset भी तभी प्राप्त किया जा सकेगा जब करों का सही भुगतान किया गया हो |यदि आपने उत्पादन के लिए कच्चे माल या घटक सामग्री उन लोगों से खरीदी है जिन्होंने करों का भुगतान किया है तभी आप लाभों का दावा कर सकते हैं |
  • उत्पादन के लिए अन्य राज्यों से input goods and services खरीदना सस्ता होगा |
  • कराधान प्रणाली में बदलाव के साथ वर्तमान आपूर्ति और वितरण श्रृंखला में बदलाव आ सकता है जो कि excise और customs duties के साथ दूर होता है |
  • कई करों को खत्म करने और tax cascade के कारण उपभोक्ता को सस्ती दरों पर end-product प्राप्त होंगे |
  • अब तक, पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों को GST regime से बाहर रखा गया है |
  • समाचार पत्रों और विज्ञापनों की बिक्री को भी GST regime के तहत रखने की संभावना है |
  • वैसे तो central GST और state GSTa होगा, लेकिन भारत में राज्यों के बीच निर्यात और आयात की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर एक Integrated GST (GST) प्रणाली के तहत tax लागू होगा |

 

IRCTC Ticket Cancellation Charges In Hindi

IRCTC Ticket Cancellation Charges : आज के समय में घूमना किसे नहीं पसंद ? हर कोई चाहे वो बच्चे हो बड़े हों या बूढ़े हों हर किसी को घूमना पसंद होता है | पर अब वो समय नहीं रहा की जब मन किया तब चल पड़े घूमने | अगर आपको कहीं जाना है तो महीनों पहले से tickets book करने होते हैं खासतौर से तब जब यात्रा train से करनी हो |ऐसे में कई बार लोगों को problem यह हो जाती है की वो पहले से निर्धारित समय पर नहीं जा पाते हैं |और पहले से book की गई train की tickets cancel करनी पड़ती है |जब भी हम एक टिकट रद्द करते हैं, तो भारतीय रेलवे (indian railway) एक निश्चित राशि की कटौती करता है यह राशि IRCTC द्वारा टिकट रद्द करने के शुल्क की एक flat दर पर आधारित होती है |

भारतीय रेलवे (Indian Railway) द्वारा शुरू की गई बेहतरीन सेवाओं में से एक है ऑनलाइन रेलवे टिकट cancel करना | IRCTC वेबसाइट या IRCTC वेबसाइट से जुड़े किसी भी अन्य वेबसाइट के माध्यम से book की गई टिकट को रद्द करने पर IRCTC Cancellation charges,  IRCTC service charges के एक भाग के रूप में लगाया जाता है |

IRCTC के टिकटों को हम केवल chart prepare होने से पहले ही रद्द कर सकते हैं, train chart को यात्रा के वास्तविक समय के 4 घंटे पहले तैयार किया जाता है |Chart prepare होने के बाद टिकट रद्द नहीं किया जा सकता |

 Cancellation Charges for Confirmed Tickets :-

आम तौर पर e-tickets के लिए IRCTC Cancellation charges टिकट की स्थिति, टिकटों की class, यात्रा की तारीख और समय, यात्रा की दूरी और अवधि पर रेलवे टिकट आदि रद्द होने के बीच निर्भर करता है | जो टिकेट यात्रा की तारीख से 1 दिन या उससे पहले रद्द कर दिए जाते हैं तो उन टिकटों पर प्रति टिकट Standard Cancellation Charges लागू होता है |

Chart Prepare होने के पहले IRCTC Cancellation charges :-

यदि confirm e-ticket गाड़ी के निर्धारित प्रस्थान समय से अधिक से अधिक 48 घंटे पहले रद्द की जाती है तो cancellation charge AC First Class/Executive Class के लिए 240 /- रुपये प्रति व्यक्ति, AC 2 Tier/First Class के लिए 200 /- रुपये प्रति व्यक्ति,  AC 3 Tier/AC Chair car/ AC 3 Economy के लिए 180 /- रुपये प्रति व्यक्ति, Sleeper Class  के लिए 120 /- रुपये प्रति व्यक्ति, Second Class के लिए 60/- रुपये प्रति व्यक्ति होगा |

  • Second Class                                              Rs. 60
  • Sleeper Class (SL)                                      Rs. 120
  • 3 AC (AC Economy & AC chair car)         Rs. 180
  • 2 AC (First Class)                                        Rs. 200
  • First AC (Executive Class)                         Rs. 240

यदि confirm e-ticket गाड़ी के निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे के भीतर और 12 घंटे से पहले रद्द की जाती है तो cancellation charge न्यूनतम फ्लैट दर के अंतर्गत किराये का 25% होगा |

यदि confirm e-ticket गाड़ी के निर्धारित प्रस्थान समय से 12 घंटे के भीतर रद्द की जाती है तो cancellation charge न्यूनतम फ्लैट दर के अंतर्गत किराये का 50% होगा |

Chart Prepare होने के बाद IRCTC Cancellation charges :-

सामान्य उपयोगकर्ता के लिए चार्ट तैयार होने के बाद ई-टिकट रद्द नहीं की जा सकती |उपयोगकर्ता इस तरह के मामलों के लिए ऑनलाइन TDR Filing का उपयोग कर सकते हैं और IRCTC द्वारा प्रदान की गई Tracking Service के माध्यम से पैसों की वापसी की स्थिति पर नज़र रख सकते हैं |

confirm e-Ticket की स्थिति में यदि टिकट रद्द नहीं की गई या गाड़ी के निर्धारित प्रस्थान से 4 घंटे पहले तक ऑनलाइन TDR दाखिल नहीं किया गया हो तो किराए का कोई रिफंड देय नहीं होगा |

RAC e-Ticket की स्थिति में यदि टिकट रद्द नहीं की गई या गाड़ी के निर्धारित प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक ऑनलाइन TDR दाखिल नहीं किया गया हो तो किराए का कोई रिफंड देय नहीं होगा |

Cancellation Charges for Tatkal Tickets :-

वर्ष 2017 के भारतीय रेलवे (Indian Railway) के नए नियम के अनुसार तत्काल टिकट रद्द करने पर IRCTC से किराये का 50% तक refund करने की अपेक्षा की जा रही है |

Cancellation Charges for RAC and Waiting Listed Tickets :-

यदि आपकी टिकट confirm नहीं है और वह RAC या Waiting listed (WL) टिकट की स्थिति के तहत है तो उस रेल टिकट के लिए कोई Cancellation Charges लागू नहीं है | लेकिन टिकट की लागत से clerk-age charge काट लिया जाता है और balance amount बैंक खाते या क्रेडिट / डेबिट कार्ड को वापस कर दी जाती है |

अनारक्षित, RAC और Waiting listed (WL) टिकट रद्द करने पर रकम की वापसी में clerical work के लिए clerk-age charge लगाया जाता हैं | जो इस प्रकार है :-

  • Second Class को छोड़कर सभी class के लिए clerk-age charge                     Rs. 65 per passenger
  • Second Class, अनारक्षित टिकट के लिए clerk-age charge                              Rs. 30 per passenger

 

Indian Railway ने Janani Sewa Scheme की शुरुआत की

Janani Sewa Scheme :

जैसा कि रेल बजट 2016-2017 में घोषित किया गया था,रेलवे स्टेशनों पर शिशु आहार प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे ने जननी सेवा शुरू की है | रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा मां की यात्रा में मदद करने के लिए यह योजना पेश की गई है | इस योजना के तहत, रेलवे बच्चों के लिए कुछ आवश्यक वस्तुओं जैसे गर्म दूध, गर्म पानी और शिशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा |

बच्चे के भोजन के अलावा, रेलवे ने 5-12 साल से आयु वर्ग के बच्चों के लिए एक menu भी लॉन्च किया जिसमें बर्गर जैसे fast food भी शामिल किये है | यह सुविधा नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, हावड़ा, चेन्नई, नागपुर, पुणे, सूरत, लखनऊ और मोरादाबाद सहित 25 रेलवे स्टेशनों पर शुरू की गई है |

रेल परिसर में दूध की अनुपस्थिति के बारे में एक मां की शिकायत के बाद यह पहल शुरू की गई है | एक बार ट्रेन में दूध की अनुपलब्धता के बारे में एक माँ ने ट्वीट किया था और सोशल नेटवर्किंग साइट पर उनकी शिकायत नोट की गई तब हमने उस ट्रेन में दूध सुनिश्चित किया था |

Optional Catering Services :

भारतीय रेल ने एक वैकल्पिक खानपान सेवा (optional catering services) परियोजना भी शुरू की है |परियोजना को शुरू करने के लिए 45 दिनों के लिए इसे एक पायलट आधार पर लिया जाएगा और केवल Secunderabad-Pune Shatabdi Express और Mumbai Central-Hazrat Nizammudin Rajdhani Express पर यह लागू किया जाएगा |

अगर कोई यात्री Catering service का उपयोग नहीं करना चाहता है तो राजधानी  1 AC की टिकट की लागत से 340/- रुपये और 2 AC/ 3 AC की टिकट की लागत से 295/- रुपये के खानपान प्रभार को कम कर दिया जाएगा | इसी प्रकार शताब्दी टिकट का किराया executive और chair car श्रेणियों के लिए क्रमशः 260/- रुपए और 200/- रुपए सस्ता हो जाएगा |खानपान सेवाओं को default रूप से शामिल किया जाएगा और यात्रियों को विशेष रूप से अनिवार्य भोजन विकल्प से “opt out” विकल्प का चयन करना होगा |

Children’s menu : 

बच्चों के लिए रेलगाड़ियों के सफर के अनुभव को खुशहाल बनाने के लिए रेलवे ने IRCTC के menu में french fries, noodles, burgers और meal combos जैसे आइटम शामिल किए हैं | यात्रियों द्वारा इन items को IRCTC की e-catering वेबसाइट या अखिल भारतीय टोल फ्री नंबर -1323 के माध्यम से आदेश कर सकते हैं |

रेलवे ने बजट में किये वादों को पूरा करने के लिए कई आवश्यक कदम उठाए हैं उनमें से कुछ कार्यान्वित किए गए हैं, बाकी सभी कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं |

आवेदक रोजगार पंजीयन कैसे करें जाने पूरी प्रक्रिया | Rojgar Panjiyan Kaise Karen

Rojgar Panjiyan Kaise Karen : व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए रोजगार पंजीयन को अनिवार्य किया गया है इसलिए मध्य प्रदेश के निवासी आवेदक ध्यान दें की व्यापम का कोई भी परीक्षा फॉर्म भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें की उनके पास रोजगार पंजीयन है या नहीं यदि है तो बेशक आप फॉर्म भर सकते है और यदि नहीं है तो इसे अनिवार्य रूप से करा लें |

पुरानी पद्धति से रोजगार पंजीयन करने के लिए अपने जिला रोजगार कार्यालय जाना पड़ता था जो की आप जानते हैं साथ में रोजगार पंजीयन करने के लिए पैसों के साथ आपका समय भी बर्बाद होता था | लेकिन अब इस प्रक्रिया को बहुत ही आसान कर दिया गया है | यदि आपके पास एक स्मार्ट फोन या कंप्यूटर और इंटरनेट है तो आप बड़ी ही आसानी से अपना या किसी और का पंजीयन घर बैठे कर सकते हैं इसके लिए किसी भी बेरोजगार आवेदक को कहीं भी भटकने की जरुरत नहीं है और इस डिजिटल युग में हम भटकना भी नहीं चाहेंगे |

बस आप अपना स्मार्ट फ़ोन और इंटरनेट चालू करें और शुरू हो जाएँ पंजीयन करने की प्रक्रिया नीचे हम आपको बताएँगे

STEP 1  ऑनलाइन रोजगार पंजीयन करने के लिए सबसे पहले रोजगार कार्यालय की ऑफिसियल वेबसाइट http://mprojgar.gov.in/ पर जाएँ या गूगल में  Rojgaar Panjiyan लिखकर सर्च करें एवं पहली लिंक ओपन करें  

ऑफिसियल वेबसाइट पर आप देखेंगे की राइट में आवेदकों के लिए एक कालम है जिसमें विकल्प है “आवेदक पंजीयन करने के लिए क्लिक करें” आपको इस विकल्प में क्लिक करना है

rojgar panjiyan kaise karen

STEP 2  अब स्क्रीन में एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा जिसे आप अपनी जानकारी के आधार पर भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें

अब आपको दो विकल्प मिलेंगे पहला लॉगिन (यदि आपका पहले से रजिस्ट्रेशन हो तो इस विकल्प का उपयोग करें ) अन्यथा Register as Citizen में क्लिक करें और कुछ बेसिक जानकारी के साथ मोबाइल नंबर ईमेल आईडी एवं उचित पासवर्ड दर्ज कर सबमिट करें।

rojgar panjiyan kaise karen

STEP 3: जैसे ही सबमिट करते हैं एक OTP आपके दर्ज मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है प्राप्त OTP को OTP BOX दर्ज कर वेरीफाई करें।

STEP 4: OTP वेरीफाई होने के बाद आप पहले विकल्प लॉगिन का उपयोग करें और दर्ज मोबाइल नंबर और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करें 

STEP 5:  लॉगिन करने के बाद अपने पर्सनल  डिटेल में जाकर समग्र आईडी दर्ज करें ध्यान रखें जो समग्र आईडी में जानकारी होगी वही जानकारी यहाँ पर आएगी इसलिए यदि समग्र में जानकारी गलत है तो सुधर कराएं। हालाँकि रोजगार पंजीयन बनाने के बाद भी बाद में समग्र सुधर होने पर इसमें सुधर किया जा सकता है |

STEP 6: अब शिक्षा सम्बंधित जानकारी में Qualification Details, Skills, Experience Details भरें और सबमिट करें। 

STEP 5 : सारी जानकारी भरने एवं सबमिट करने के बाद अंतिम में Print Registration Card की लिंक आपकी स्क्रीन में आती है अपने पंजीयन का प्रिंट लेने के लिए  Print Registration Card पर क्लिक करें 

STEP 6: Print Registration Card लिंक पर क्लिक करते हैं तो कुछ इस तरह आपकी स्क्रीन में आपका रोजगार पंजीयन दिखाई देता है आप इसका प्रिंट लेकर सुरक्षित रख लें 

आवेदक ध्यान दें रोजगार पंजीयन पंजीयन, दिनांक से लेकर तीन साल के लिए बैध है इस लिए इसे सुरक्षित रखें और साथ में अपने USER NAME एवं PASSWORD को भी सुरक्षित रखें क्योंकि USER NAME एवं PASSWORD के माध्यम से जब चाहें आप अपने रोजगार पंजीयन को अपडेट कर सकते हैं

आधार कार्ड को यूनियन बैंक खाते से कैसे लिंक करें

Aadhar Card Ko Bank Khate Se Kaise Link Karen  रिज़र्व बैंक के आदेशानुसार एक सर्कुलर जारी किया गया है जिसमें कहा गया है की सभी बैंक खातों से सम्बंधित खाताधारकों के आधार नंबर को उनके खातों से लिंक किया जाये | रिज़र्व बैंक के आदेश का पालन करते हुए समय से आप भी अपने बैंक खाता को आधार नंबर से लिंक करा लें अन्यथा आपका बैंक एकाउंट बंद हो सकता है साथ में अभी तक सरकार द्वारा मिलने वाली किसी भी प्रकार की सब्सिडी भी जो भी आप प्राप्त करते हैं बंद कर दी जाएगी |

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताएँगे की कैसे आप अपने यूनियन बैंक के खाते में आधार नंबर लिंक करा सकते हैं | आधार नंबर को खाते से लिंक करने के लिए दो प्रक्रिया हैं पहली ऑफलाइन दूसरी ऑनलाइन

ऑफलाइन :- इस प्रक्रिया में आपको खुद बैंक की शाखा में जाना होगा जहाँ आपने खाता खुलवाया है यदि आपको आधार नंबर अपने खाते से लिंक कराना है तो बैंक पासबुक एवं आधार की मूल प्रति के साथ एक -2 फोटो प्रति भी ले जाएँ और सम्बंधित शाखा में जमा करें कुछ दिनों में आपका आधार नंबर आपके खाते में बैंक द्वारा लिंक कर दिया जायेगा

ऑनलाइन : –   ऐसे खाताधारक जिन्होंने ऑनलाइन बैंकिंग एक्टिवेट कर रखी हो खुद अपने मोबाइल से आधार कार्ड लिंक इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लिंक कर सकते हैं नीचे हम प्रोसेस बता रहे हैं

STEP 1:  सबसे पहले आप यूनियन बैंक की ऑफिसियल वेबसाइट https://www.unionbankonline.co.in/ पर जाएँ | और  Retail User Login पर क्लिक करें |

STEP 2 :  अब यूजर आई डी एवं पासवर्ड एंटर कर लॉगिन करें 

STEP 3 :  जैसे ही आप लॉगिन कर लेंगे आपकी स्क्रीन में होम पेज दिखाई देगा जिसमें कई सारे ऑप्शन होंगे उनमे से आधार लिंक का ऑप्शन चुनें जैसा की नीचे इमेज रेड बॉक्स में दिखाया गया है |

STEP 4 :  

  1. अब अपना बारह अंकों का आधार नंबर एंटर करें
  2. कन्फर्म करने के लिए फिर से अपना आधार नंबर एंटर करें
  3. आधार कार्ड में जो नाम अंकित हो लिखें
  4. रजिस्टर मोबाइल नंबर एंटर करें
  5. अपनी ईमेल आई डी एंटर करें
  6. सबमिट बटन पर क्लिक करें 

सबमिट करने के बाद आपके मोबाइल पर एक कन्फर्मेशन मैसेज आएगा और  घंटे में आपका आधार कार्ड आपके अकाउंट से लिंक हो जायेगा