Home Blog Page 180

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) 2020 की शुरुआत की

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY):-

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनाकेंद्र सरकार ने यूनियन बजट 2019-20 को रखते हुए मछुआरा समुदायों के लोगों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana) को शुरू किया था | प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana) से मोदी 2.0 सरकार का मुख्य उद्देश्य देश को जलीय उत्पादों के लिए केन्द्रीकरण करके Hotspot में बदलना है जिससे मछुआरों की आय में वृद्धि हो सके और यह क्षेत्र और भी ज्यादा फल-फूल सके | प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल बैठक ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है | इस सरकारी योजना से देश में मछलीपालन या फिर जलीय उत्पादों के क्षेत्र में जो भी व्यक्ति काम करते हैं उनको राहत मिलेगी |

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना नीली क्रांति से मत्स्य पालन क्षेत्र और जलीय कृषि को बढ़ावा मिलेगा जिससे जलीय क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ाने में आसानी होगी | मत्स्य सम्पदा योजना से व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिए ऋण की पहुँच को मछुआरा समुदायों तक आसान बनाया जाएगा | मोदी सरकार सभी मछुआरों को किसानों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनायें और समाज कल्याण योजनाओं (Pradhan mantri Farmer Welfare & Social Security Schemes) के अंतर्गत लाना चाहती है जिससे दुर्घटना की स्थिति में बीमा कवरेज की राशि को आसानी से उन तक पहुंचाया जा सके |

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना 2020 के कार्यान्वन में कुल लागत 20,050 करोड रुपए की है | जिसमें केन्द्र 9,407 करोड रूपए, राज्यों की हिस्सेदारी 4,880 करोड रुपए तथा लाभार्थियों की हिस्सेदारी 5763 करोड रुपए की होगी | पहले इस योजना को 2020 तक ही लागू करने का विचार था पर अब इसे वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्षों की अवधि में लागू किया जाएगा |

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना क्या है:-

प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने इस प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PM Matsya Sampada Yojana) को नीली क्रांति (Blue Revolution) का नाम दिया है | जिसके सफलतापूर्वक कार्यान्वन के लिए एक अलग से विभाग, मंत्रालय भी बनाया गया है | वित्तीय वर्ष 2020 तक सरकार ने 15 मिलियन टन के मछ्ली उत्पादन का लक्ष्य रखा है जिसका नीली क्रांति (Blue Revolution) के अंतर्गत implementation किया जाएगा |

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY)

FIDF राज्य सरकार, सहकारी समितियों, व्यक्तियों और उद्यमियों को रियायती दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करेगी | प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मात्स्यिकी विभाग के ढ़ांचे का निर्माण किया जाएगा | इसके तहत प्राइस चेन को स्ट्रॉंग बनाया जाएगा और जरूरी कमियों का निपटारा किया जाएगा | जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण, पता लगाने की योग्यता, उत्पादन, उत्पादकता, पैदावार प्रबंध और गुणवत्ता आदि के ऊपर नियंत्रण कैसे किया जाये शामिल हैं |

PM मत्स्य संपदा योजना की वर्गीकृत श्रेणियाँ:-

योजना के दो घटक होंगे पहला जिसमें केन्द्रीय योजना के द्वारा वित्तपोषित होगा दूसरा केन्द्र प्रायोजित योजना। केन्द्रीय योजना के दो वर्ग होंगे एक लाभार्थी वर्ग और दूसरा गैर लाभार्थी वर्ग। केन्द्र प्रायोजित योजना को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है जो निम्न्लिखित हैं:

  • उत्पादन और उत्पादकता की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना |
  • अवसंरचना और उत्पादन बाद प्रंबधन का निर्माण करना |
  • मत्स्य पालन प्रबंधन और नियामक फ्रेमवर्क तैयार करना |

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का कार्यान्वयन:-

PM मतस्य संपदा योजना के लिए वित्त पोषण और कार्यान्वन को निम्न्लिखित श्रेणियों में बांटा गया है जिससे योजना को देश में सफलतापूर्वक लागू करने में किसी तरह की कोई परेशानी ना हो:

  • इस परियोजना में 100 प्रतिशत वित्तीय जरुरतों की पूर्ति केन्द्र सरकार की ओर से की जाएगी | इसमें लाभार्थी वर्ग से जुडी गतिविधियों को चलाने का काम पूरी तरह से राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड सहित केन्द्र सरकार का होगा | इसमें सामान्य लाभार्थियों वाली परियोजना का 40% जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति तथा महिलाओं से जुडी परियोजना का 60% प्रतिशत वित्त पोषण केन्द्र सरकार करेगी |
  • इसके तहत पूर्वोत्तर तथा हिमालयी क्षेत्र वाले राज्यों में लागू होने पर 90 प्रतिशत खर्च केन्द्र और 10 फीसदी खर्च राज्य सरकारें उठाएंगी |
  • अगर पूर्वोत्तर तथा हिमालयी क्षेत्रों के अलावा यह योजना देश में अन्य राज्यों में शुरू होती है तो केन्द्र और संबधित राज्यों की हिस्सेदारी क्रमश 60 और 40 प्रतिशत की होगी |
  • केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू होने पर पूरा का पूरा खर्च यानि 100% केंद्र सरकार वहन करेगी |

PM मत्स्य संपदा योजना के लिए पात्रता:-

  • मछुआरा समुदाय के लोग |
  • उम्मीदवार जो जलीय कृषि कर रहे हैं या फिर इच्छुक हैं |
  • वे मछुआरे जो किसी तरह की प्राकृतिक आपदा से ग्रसित हैं |
  • वे व्यक्ति जो मछलीपालन के अलावा अन्य जलीय जीवों की खेती करना चाहते हैं |

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभ:-

  • मत्स्य पालन क्षेत्र में पहले कुछ कमियाँ थी जिनके ऊपर कभी गौर नहीं किया गया ऐसी गंभीर कमियों को दूर किया जाएगा | जिससे इस क्षेत्र की पूरी क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल किया जा सके |
  • पहले मत्स्य पालन क्षेत्र में इन कमियों को दूर करके 9 प्रतिशत की सालाना दर से वृद्धि के साथ 2024-25 तक 22 मिलियन मेट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी |
  • मत्स्य पालन के लिए गुणवत्ता युक्त बीज हासिल करने तथा मछली पालन के लिए बेहतर जलीय प्रबंधन को बढावा मिलेगा |
  • मछली पालन के लिए आवश्यक अवसंरचना और मजबूत मूल्य श्रृंखला विकसित की जा सकेगी |
  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन से लोगों को सीधे या परोक्ष रूप में जोड़ा जाएगा जिससे सभी लोगों के लिए रोजगार और आय के बेहतर अवसर खुलेंगे |
  • मछली पालन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी जिससे मछली उत्पाद बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे |
  • वर्ष 2024 तक मछली पालन से जुडे किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी |
  • मछली पालन क्षेत्र तथा इससे जुडे किसानों और श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी |

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लिए उम्मीदवार ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन पत्र या पंजीकरण कहां पर करेंगे इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है |

m-ShikshaMitra एप के माध्यम से CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण Certificate डाउनलोड कैसे करें

2

CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण Certificate डाउनलोड कैसे करें

CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण Certificate डाउनलोड कैसे करें- वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मौखिक या जिसे आप पारम्परिक भी कह सकते हैं प्रशिक्षण का आयोजन सम्भव नहीं है इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश द्वारा शिक्षकों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण की योजना बनाई गयी है और इसी क्रम में शिक्षकों के सतत कौशल विकाश के लिए CM RISE डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत DIKSHA पोर्टल के माध्यम से की गयी है।

आप इस समय आप हैं www.enterhindi.com पर और मै हूँ विनीत राज सिंह और मै आपको लोगों को आज बताने जा रहा हूँ CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में पूरी और जरुरी जानकारी इसलिए बने रहें हमारे साथ आपके अपने www.enterhindi.com ब्लॉग पर|

यदि आप शिक्षक है और आप मध्य प्रदेश सरकार के अंतर्गत आते हैं तो यह लेख आपके लिए है CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण के अंतर्गत DIKSHA APP के माध्यम से सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है DIKSHA APP के माध्यम से डिजिटल लर्निग की शुरुआत की गयी है जिससे शिशकों का सतत कौशल विकास हो सके और वर्तमान परिस्थितिया उनके कौशल विकास में बाधा न बने तो चलिए डिजिटल लर्निग से पहले आपको कुछ चरण पूरे करने होंगे उसकी जानकारी लेते हैं|

प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक लगभग सभी शिक्षक बंधू CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं यदि आपने अभी तक नहीं किया है जल्द से जल्द डिजिटल प्रशिक्षण पूरा करें जिसकी जानकारी हमने अपने पिछले लेखों के माध्यम से दी है :-

  1. DIKSHA App – शिक्षक CM RISE Digital Prashikshan डिजिटल प्रशिक्षण की पूरी जानकारी PART 1
  2. DIKSHA App – शिक्षक CM RISE Digital Prashikshan डिजिटल प्रशिक्षण की पूरी जानकारी PART 2

अब हम ये समझ रहे हैं की आपने अपना CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा करने के पश्चात CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र आपको प्रदान किया जाता है जिसे आपको जनशिक्षक व्हाट्सप्प ग्रुप में भेजना पड़ता है साथ ही प्रमाण पत्र यह प्रमाणित करता है की आपने सफलता पूर्वक CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा कर लिए है।
तो चलिए जानते हैं की m-ShikshaMitra APP के माध्यम से आप अपना CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र कैसे डाउनलोड करेंगे |

CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण Certificate डाउनलोड कैसे करें

STEP 1: शिक्षा मित्र एप्प को अपने मोबाइल में ओपन करें और अपने AV कोड और पॉसवर्ड के माध्यम से लॉगिन करें जैसा की आप हमेशा करते हैं लॉगिन करते ही मुख्य पृष्ठ में सबसे ऊपर DIKSHA के विकप्ल में क्लिक करें|

CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण Certificate डाउनलोड कैसे करें

STEP 2: DIKSHA पेज में आने के बाद सबसे ऊपर तीन आड़ी लाइनों में क्लिक करें |

STEP 3: जिसमें आपको तीन विकल्प लाइब्रेरी, ट्रेनिंग और प्रोफाइल मिलेंगे साथ ही सबसे ऊपर आपका नाम भी रहेगा। अब आप सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए PROFILE विकल्प का चयन करें।

m-ShikshaMitra-CM RISE Digital Prashikshan Certificate Kaise Download Karen

STEP 4:अब डाउनलोड वाले आइकॉन में जाकर क्लिक करें क्लिक करते ही आपका सर्टिफिकेट डाउनलोड हो जायेगा हो सकता है डाउनलोड होने पर आपको कुछ दिखाई न दे तब नोटिफिकेशन में जाकर या डाउनलोड फाइल में जाकर फाइल को ओपन कर लें।

CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण Certificate डाउनलोड कैसे करें

DIKSHA APP : CM RISE Digital शिक्षक प्रशिक्षण का Certificate कैसे Download करें?

2

शिक्षक प्रशिक्षण का Certificate कैसे Download करें?– वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मौखिक या जिसे आप पारम्परिक भी कह सकते हैं प्रशिक्षण का आयोजन सम्भव नहीं है इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश द्वारा शिक्षकों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण की योजना बनाई गयी है और इसी क्रम में शिक्षकों के सतत कौशल विकाश के लिए CM RISE डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत DIKSHA पोर्टल के माध्यम से की गयी है।

आप इस समय आप हैं www.enterhindi.com पर और मै हूँ विनीत राज सिंह और मै आपको लोगों को आज बताने जा रहा हूँ CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में पूरी और जरुरी जानकारी इसलिए बने रहें हमारे साथ आपके अपने www.enterhindi.com ब्लॉग पर|

यदि आप शिक्षक है और आप मध्य प्रदेश सरकार के अंतर्गत आते हैं तो यह लेख आपके लिए है CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण के अंतर्गत DIKSHA APP के माध्यम से सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है DIKSHA APP के माध्यम से डिजिटल लर्निग की शुरुआत की गयी है जिससे शिशकों का सतत कौशल विकास हो सके और वर्तमान परिस्थितिया उनके कौशल विकास में बाधा न बने तो चलिए डिजिटल लर्निग से पहले आपको कुछ चरण पूरे करने होंगे उसकी जानकारी लेते हैं|

प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक लगभग सभी शिक्षक बंधू CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं यदि आपने अभी तक नहीं किया है जल्द से जल्द डिजिटल प्रशिक्षण पूरा करें जिसकी जानकारी हमने अपने पिछले लेखों के माध्यम से दी है :-

  1. DIKSHA App – शिक्षक CM RISE Digital Prashikshan डिजिटल प्रशिक्षण की पूरी जानकारी PART 1
  2. DIKSHA App – शिक्षक CM RISE Digital Prashikshan डिजिटल प्रशिक्षण की पूरी जानकारी PART 2

अब हम ये समझ रहे हैं की आपने अपना CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा कर लिया है CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा करने के पश्चात CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र आपको प्रदान किया जाता है जिसे आपको जनशिक्षक व्हाट्सप्प ग्रुप में भेजना पड़ता है साथ ही प्रमाण पत्र यह प्रमाणित करता है की आपने सफलता पूर्वक CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पूरा कर लिए है।
तो चलिए जानते हैं की DIKSHA APP के माध्यम से आप अपना CM RISE डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र कैसे डाउनलोड करेंगे |

DIKSHA App-CM RISE Digital Prashikshan Certificate Kaise Download Karen

STEP 1: यदि आपने अभी तक अपने मोबाइल में DIKSHA APP डाउनलोड नहीं किया है तो यहाँ से डाउनलोड करें

  • सभी शिक्षक बंधू अपने मोबाइल पर DIKSHA APP को ओपन करें |
  • स्क्रीन सबसे नीचे कार्नर वाले भाग में प्रोफाइल मेनू में क्लिक करें|
  • प्रोफाइल पेज में हो सकता आप पहले से भी लॉगिन हो यदि नहीं हैं तो मुख्य पृष्ठ में कार्नर में दिए प्रोफाइल (PROFILE) विकल्प का चयन करने पर नीचे DIKSHA में असीमित पहुँच प्राप्त करें, सुविधाओं तक पहुँचने के लिए लॉग इन करें मैसेज के साथ प्रदर्शित लॉग इन करें बटन पर क्लिक करें
 शिक्षक प्रशिक्षण का Certificate कैसे Download करें?

STEP 2 :STEP 1 को पूरा करने पर आप नए पेज में स्वतः चले जायेंगे जिसमें प्रशिक्षण के लिए LOGIN WITH STATE SYSTEM लिंक पर क्लिक करना है ध्यान रखें पर LOGIN WITH STATE SYSTEM क्लिक करने पर ही आप अपने यूनिक आईडी एवं पासवर्ड से लॉगिन कर पाएंगे |

 शिक्षक प्रशिक्षण का Certificate कैसे Download करें?

STEP 3: अब स्टेट मध्य प्रदेश का चुनाव करें स्टेट चुनाव के बाद LOGIN INTO DIKSHA पेज में USER NAME में अपनी एजुकेशन पोर्टल की आईडी (Education Portal / M-Shikshamitra वाला) मतलब अपने यूनिक आईडी (जैसे AV1234) एवं पासवर्ड दर्ज करने के बाद LOGIN बटन पर क्लिक करें|

DIKSHA App-CM RISE Digital Teachers Training

STEP 4: 100 % रिपोर्ट आने के बाद फिर से स्क्रीन के नीचे दिए हुए प्रोफाइल विकल्प में जाएँ प्रोफाइल पेज में नीचे जाने पर आपके द्वारा पूर्ण किये गए प्रशिक्षण की जानकारी आ जाएगी साथ ही साइड में डाउनलोड का विकल्प भी शो करने लगेगा। सर्टिफिकेट डाउनलोड करने का ऑप्शन प्रशिक्षण पूरा करने के कुछ घंटों बाद ही आता है कभी कभी 1 दिन से भी अधिक का समय लेता है इसलिए कुछ समय अंतराल में प्रोफाइल पेज को रिफ्रेश करते रहें और जैसे ही डाउनलोड विकल्प दिखाई दे अपने प्रशिक्षण सर्टिफिकेट को डाउनलोड कर लें

DIKSHA App-CM RISE Digital Teachers Training

SBI Common COVID Emergency Credit Line (CCECL) Scheme

SBI CCECLCommon COVID Emergency Credit Line (SBI CCECL):-

SBI CCECL– Farmers / SHG, Common COVID Emergency Credit Line (CCECL) योजना के तहत कार्यशील पूंजी मांग ऋण आवेदन पत्र https://sbi.co.in/ भर सकते हैं | भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के लिए COVID-19 राहत उपायों की घोषणा की है | इसके एक भाग के रूप में, Common Covid-19 Emergency Credit Line Scheme शुरू की गई है ताकि कृषि उधारकर्ताओं, कृषि उद्यमियों और SHG सदस्यों को COVID-​​19 महामारी के प्रकोप से निपटने के लिए राहत मिल सके |

यह किसान / SHG ऋण आवेदन ऑनलाइन फॉर्म पात्र मौजूदा उधारकर्ताओं के लिए एक अतिरिक्त क्रेडिट सुविधा का विस्तार करेगा | यह Agri-income generation activity को बनाए रखने के लिए ad-hoc सुविधाओं अर्थात Common Covid-19 Emergency Credit Line Scheme द्वारा किया जाता है | सभी मौजूदा KCC / ACC / ABAL / SHG ACC उधारकर्ता, SMA 0 और SMA 1 सहित सभी मानक खाते 0, 1, 2 के जोखिम ग्रेड के साथ CCECL योजना के लिए पात्र हैं | हालांकि, SMA 2 पात्र नहीं हैं |

SBI की नई CCECL योजना कृषि मौसमी परिचालन, संबद्ध कृषि गतिविधियों, कृषि रखरखाव, श्रम मजदूरी, परिवहन, विपणन खर्च, कृषि रखरखाव के टूटने, आकस्मिक भुगतान के लिए आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए आधारित ऋण प्रदान करेगी | यह किसानों और साथ ही स्वयं सहायता समूहों की आय सृजन गतिविधियों को बनाए रखने के लिए आवश्यक है |

SBI CCECL योजना के तहत किसान / SHG ऋण आवेदन पत्र:-

लोग सीधे Common Covid-19 Emergency Credit Line Scheme (CCECL) योजना के तहत किसानों / SHG ऋण आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं |

Farmers / SHG Members Application for Working Capital Demand Loan

किसान और SHG सदस्य, Common Covid-19 Emergency Credit Line Scheme के तहत कार्यशील पूंजी मांग ऋण के लिए ऑनलाइन फॉर्म लागू करते हैं, SBI COVID-19 राहत उपायों के एक भाग के रूप में नीचे दिखाई देंगे: –

Farmers SHG Working Capital Demand Loan Application Form

यहां आवेदक अपना नाम, पता, आधार नंबर, PM-KISAN SB A/c, मोबाइल नंबर, मौजूदा ऋण विवरण (KCC / ACC / ABAL / SHG-ACC / SHG-TL), ऋण राशि, उद्देश्य और संपार्श्विक के लिए आवेदन कर सकते हैं | किसान / SHG सदस्य कार्यशील पूंजी मांग ऋण आवेदन पत्र में सभी विवरण भरने के बाद, इसे नजदीकी SBI बैंक शाखा में जमा करें |

SBI CCECL योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

For Self Help Groups (SHG) –

  • ऋण सहायता के लिए आवेदन
  • ऋण प्राप्त करने का संकल्प
  • बैंक ऋण पासबुक |

For KCC / ACC / OTHERS –

  • दो तस्वीरों के साथ ऋण के लिए आवेदन पत्र
  • आधार कार्ड जैसे आईडी प्रूफ
  • पते का सबूत
  • बैंक ऋण पासबुक |

CCECL योजना के तहत अधिकतम / न्यूनतम कार्यशील पूंजी मांग ऋण:-

  • ऋण की अधिकतम राशि मौजूदा सीमा का 10% है अधिकतम 2 करोड़ रुपये के कैप के साथ |
  • स्वयं सहायता समूह के लिए, 5,000 रुपये प्रति सदस्य न्यूनतम राशि है |

Common COVID-19 Emergency Credit Line (CCECL) योजना के तहत कोई मार्जिन आवश्यक नहीं है | योजना (CCECL) 30 जून 2020 तक लागू रहेगी | draw-down सुविधा को 31 जुलाई 2020 तक या तो एकल किश्त या अधिकतम तीन किश्तों में अनुमति दी जाएगी |

CCECL योजना के लिए ब्याज दर:-

वर्तमान में, CCECL योजना के लिए लागू ब्याज दर 7.40% प्रति वर्ष है | 1- वर्ष MCLR (Marginal Cost of Funds Lending Rate) को एक वर्ष के बाद reset किया जाना है | CCECL योजना के तहत मांग ऋण की सुविधा अधिकतम 24 महीने (2 वर्ष) के लिए उपलब्ध है |

राजीव गांधी पुण्यतिथि स्पेशल: 28 Insightful Quotes By Rajiv Gandhi

Quotes By Rajiv Gandhi- राजीव गांधी पुण्यतिथि:-

Quotes By Rajiv Gandhi- देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 29वीं पुण्यतिथि है | राजीव गांधी 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 24 घंटे के भीतर देश के प्रधानमंत्री बन गए थे | वो राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत के लोगों को 21वीं सदी का सपना दिखाया था | 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी | उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया था | हर साल 21 मई को मनाए जाने वाले आतंकवाद विरोधी दिवस पर युवाओं सहित समाज के अन्य वर्गों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है | इस बार यह दिवस कोरोना वायरस महामारी के बीच मनाया जा रहा है |

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 में मुंबई में हुआ | जब भारत को अंग्रेजी शासन की गुलामी से आजादी मिली तो इनकी उम्र महज तीन साल थी | देश आज़ाद हुआ और राजीव गांधी के नाना यानी जवाहर लाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने |

राजीव गांधी का बचपन तीन मुर्ति भवन में बीता | उनकी शिक्षा की बात करें तो वे कुछ समय के लिए देहरादून के वेल्हम स्कूल गए लेकिन जल्द ही उन्हें हिमालय की तलहटी में स्थित आवासीय दून स्कूल में भेज दिया गया | वहां उनके कई मित्र बने जिनके साथ उनकी आजीवन दोस्ती बनी रही | बाद में उनके छोटे भाई संजय गांधी को भी इसी स्कूल में भेजा गया जहां दोनों साथ पढ़े | स्कूली शिक्षा प्राप्त कर लेने के बाद राजीव गांधी आगे की पढ़ाई के लिए कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए | जल्द ट्रिनिटी कॉलेज को उन्होंने अलविदा कह दिया और लन्दन के इम्पीरियल कॉलेज चले गए जहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की | Quotes By Rajiv Gandhi

Quotes By Rajiv Gandhi

28 Insightful Quotes By Rajiv Gandhi:-

Better a brain drain than a brain in the drain.

It is compartmentalization of India into rigidly separated rural and urban settlements that has been the worst legacy of the colonial system of local-self government.

A responsive administration is tested most at the point of interface between the administration and the people.

India missed the Industrial Revolution; it cannot afford to miss the Computer Revolution.

The world is changing much too fast for us to have a moribund system which is not flexible, which cannot evolve and develop with changes in our society, in our country, as they come about in the world.

Instead of understanding the crisis facing the country and helping the country, the opposition wants to weaken the country by its deeds.

The terrorists are busy in and outside the country in such activities which are a danger to the unity and integrity of the country.

If my mother gets help from it, then I will enter politics.

She was mother not only to me but to the whole nation. She served the Indian people to the last drop of her blood.

When a big tree falls, the ground shakes

Education must be a great equaliser in our society. It must be the tool to level the differences that our various social systems have created over the past thousands of years.

Our task today is to bring India to the threshold of the twenty-first century, free of burden of poverty, legacy of our colonial past, and capable of meeting the rising aspirations of our people.

For some days, people thought that India was shaking. But there are always tremors when a great tree falls.

Women are the social conscience of a country. They hold our societies together.

Development is not about factories, dams and roads. Development is about people. The goal is material, cultural and spiritual fulfilment for the people. The human factor is of supreme value in development.

India is an Old country but a young nation…I am young and I too have a dream, I dream of India Strong, Independent, Self-Reliant and in the front rank of the nations of the world, in the service of mankind.

If farmers become weak the country loses self-reliance but if they are strong, freedom also becomes strong. If we do not maintain our progress in agriculture, poverty cannot be eliminated from India.But our biggest poverty alleviation programme is to improve the living standard of our farmers. The thrust of our poverty alleviation programmes is on the uplift of the farmers.

Every person should take a lesson from history. We should understand that wherever there have been internal fights and conflicts in the country, the country has been weakened. Due to this, the danger from outside increases. The country has to pay a big price due to this type of weakness.

Thinking of this University [Ambedkar University] today, we are reminded of Mahatma Gandhi because if there was anyone who fought for the weak in India, the first one to raise his voice for Scheduled Castes, that was Gandhiji. There were social workers before him but not any people who raised this matter in the political arena as he did.

I had no love for politics. I treasured the privacy of my family life. My mother respected both these sentiments. Then my brother, Sanjay was killed in the prime of his life. It broke a mother’s heart. It did not break a Prime Minister’s will. Without even a day’s break, she carried on her noble task single-minded in fulfilling her pledge to her people. There is a loneliness that only a bereaved mother can know…she called to me in her loneliness. I went to her side. At her instance, I left my love for flying at her instance I joined her as a political aide. From her I learned my first political lessons. It was she who urged me to respond to the insistent demand from the constituency and the part to take my brother’s place as Member of Parliament for Amethi. With her blessings I was made General Secretary of my party asking me to accept the challenge of stepping into her shoes. In accepting this challenge I fulfilled a national duty and a filial duty of a son to a mother.

We must see that regional imbalances in the growth of various parties of the country are removed and all the states progress evenly. We shall ensure that all citizens of the country get full opportunity to contribute their might towards India’s progress.

The late Indira Gandhi always used to warn about the dangers that the country was facing. She used to keep saying that the country was going through a very dangerous time. This danger is now many times more than what it was at that time. We should all be cautious now.

A right value system must be built into our education system. We must be very clear that religion and politics must be separated and there must be a very clear definition of the difference between spirituality of the religion and its rituals and dogmas. We must be clear that secularism as we understand it is not only anti-religion or non-religion; it is only the separation of government from religion. Religion has a great role to play in the development process of our nation and we should do nothing to undermine it.

Thereby, we have weakened ourselves and fallen prey to the ills that the loss of invigorating mass contact brings. Millions of ordinary Congress workers throughout the country are full of enthusiasm for the Congress policies and programmes. But they are handicapped, for on their backs ride the brokers of power and influence, who dispense patronage to convert a mass movement into a feudal oligarchy.. They are self-perpetuating cliques who thrive by involving the slogans of caste and religion and by enmeshing the living body of the congress in their net of avarice.

छत्तीसगढ़ में शुरू होगी राजीव गांधी न्याय योजना: 19 लाख किसानों को होगा फायदा |

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी न्याय योजना:

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी न्याय योजनाछत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर गुरुवार यानी 21 मई 2020 को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत करेगी | इस योजना के तहत 2019 से खरीफ की धान और मक्का जैसी फसलों पर किसानों को अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि दी जाएगी | आज 12 बजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना की शुरुआत करेंगे | दरअसल, 2019 लोकसभा चुनाव से ही राहुल गांधी न्याय योजना की वकालत कर रहे हैं |

इस योजना के तहत 2019 से खरीफ की धान और मक्का जैसी फसलों पर किसानों को अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि दी जाएगी | कांग्रेस सरकार इस योजना को मील का पत्थर बता रही है | छत्तीसगढ़ में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ का आगाज किया जाएगा | इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के करीब 19 लाख किसानों को फायदा होगा | राज्य की कांग्रेस सरकार 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किस्तों में सीधे किसान के खातों में भेजेगी |

धान, मक्का तथा गन्नो के लगभग 19 लाख किसानों को लगभग 5700 करोड़ स्र्पये की राशि का भुगतान आदान सहायता अनुदान के रूप में 4 किश्तों में करने का निर्णय लिया गया है, जिसकी पहली किश्त का वितरण 21 मई 2020 से प्रारंभ किया जा रहा है | योजनानुसार धान के किसानों को प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ स्र्पये का भुगतान किया जाएगा |

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी न्याय योजना

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी न्याय योजना का लाभ ऐसे मिलेगा:-

योजना के अन्तर्गत पंजीकृत किसानों के बैंक खाते में D.B.T. (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे राशि अंतरित की जाएगी। योजना के विस्तार में खरीफ में धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो- कुटकी, रागी एवं रबी में गन्नो की फसलों को भी आदान सहायता अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है |

छत्तीसगढ़ राजीव गांधी न्याय योजना की विशेषताएं:-

  • उक्त योजना के तहत, राज्य सरकार प्रत्येक एकड़ भूमि के लिए किसानों को 10,000 रुपये का भुगतान करेगी |
  • कोष को तिलहन के साथ-साथ दलहनों के लिए पंजीकृत भूमि के आधार पर आवंटित किया जाएगा |
  • यह योजना बड़े पैमाने पर राष्ट्र की स्थिति में सुधार करने में मदद करेगी और किसानों की आय को बढ़ावा देगी | इस तरह, उन्हें आत्मनिर्भर होने के लिए प्रेरणा मिलेगी |

इसलिए, राज्यों के ऐसे छोटे कदम वास्तव में केंद्र सरकार के “Local to Vocal” उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं | संबंधित किसानों के खातों में उचित धनराशि का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण भी राज्य सरकार में उनके विश्वास को बढ़ाएगा | गरीबों की हालत अब सबको पता है, खासकर किसानों को। वर्तमान लॉकडाउन स्थिति के दौरान, किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन संकटग्रस्त लोगों को एक प्रकाश दिखाया है | राजीव गांधी किसान न्याय योजना छत्तीसगढ़ का शुभारंभ हजारों लोगों के जीवन में एक नया मोड़ लाने वाला है |

राजीव गांधी पुण्यतिथि स्पेशल: राजीव गांधी की वो उपलब्धियां जिसके लिए आज भी याद किए जाते हैं

राजीव गांधी पुण्यतिथि 2020:-

राजीव गांधी पुण्यतिथि 2020-देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 29वीं पुण्यतिथि है | राजीव गांधी 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 24 घंटे के भीतर देश के प्रधानमंत्री बन गए थे | वो राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत के लोगों को 21वीं सदी का सपना दिखाया था | 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी | उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया था | हर साल 21 मई को मनाए जाने वाले आतंकवाद विरोधी दिवस पर युवाओं सहित समाज के अन्य वर्गों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है | इस बार यह दिवस कोरोना वायरस महामारी के बीच मनाया जा रहा है |

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 में मुंबई में हुआ | जब भारत को अंग्रेजी शासन की गुलामी से आजादी मिली तो इनकी उम्र महज तीन साल थी | देश आज़ाद हुआ और राजीव गांधी के नाना यानी जवाहर लाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने |

राजीव गांधी का बचपन तीन मुर्ति भवन में बीता | उनकी शिक्षा की बात करें तो वे कुछ समय के लिए देहरादून के वेल्हम स्कूल गए लेकिन जल्द ही उन्हें हिमालय की तलहटी में स्थित आवासीय दून स्कूल में भेज दिया गया | वहां उनके कई मित्र बने जिनके साथ उनकी आजीवन दोस्ती बनी रही | बाद में उनके छोटे भाई संजय गांधी को भी इसी स्कूल में भेजा गया जहां दोनों साथ पढ़े | स्कूली शिक्षा प्राप्त कर लेने के बाद राजीव गांधी आगे की पढ़ाई के लिए कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए | जल्द ट्रिनिटी कॉलेज को उन्होंने अलविदा कह दिया और लन्दन के इम्पीरियल कॉलेज चले गए जहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की |

राजीव गांधी की उपलब्धियां:- राजीव गांधी पुण्यतिथि 2020

राजीव गांधी पुण्यतिथि 2020

1. वोट करने की आयु सीमा घटाई:- राजीव गांधी पुण्यतिथि 2020

पहले देश में वोट करने की आयु सीमा 21 वर्ष थी, जो युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की नजर में गलत थी | उन्होंने 18 वर्ष की उम्र के युवाओं को मताधिकार देकर उन्हें देश के प्रति और जिम्मेदार व सशक्त बनाने की पहल की | 1989 में संविधान के 61वें संशोधन के जरिए वोट देने की आयु सीमा 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई | इस प्रकार अब 18 वर्ष के करोड़ों युवा भी अपना सांसद, विधायक से लेकर अन्य निकायों के जनप्रतिनिधियों को चुन सकते हैं | यह अधिकार उन्हें राजीव गांधी ने ही दिलाया था |

2. कंप्यूटर क्रांति:-

राजीव गांधी का मानना था कि विज्ञान और तकनीक की मदद के बिना उद्योगों का विकास नहीं हो सकता | राजीव गांधी को भारत में कंप्यूटर क्रांति लाने का श्रेय दिया जाता है | उन्होंने ना सिर्फ कंप्यूटर को भारत के घरों तक पहुंचाने का काम किया बल्कि भारत में Information Technology को आगे ले जाने में अहम रोल निभाया | उन्होंने कुछ ऐसा किया कि Computer आम लोगों तक पहुंच गया | उस दौर में Computer लाना इतना आसान नहीं था | तब Computer महंगे होते थे, इसलिए सरकार ने Computer को अपने कंट्रोल से हटाकर पूरी तरह Assemble किए हुए कंप्यूटर्स का आयात शुरू किया जिसमें Motherboard और Processor थे | उन्होंने Computer तक आम जन की पहुंच को आसान बनाने के लिए कंप्यूटर उपकरणों पर आयात शुल्क घटाने की भी पहल की |

3- पंचायतीराज व्यवस्था की नींव:-

पंचायतीराज व्यवस्था की नींव रखने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है | दरअसल, राजीव गांधी का मानना था कि जब तक पंचायती राज व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक निचले स्तर तक लोकतंत्र नहीं पहुंच सकता | उन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायतीराज व्यवस्था का पूरा प्रस्ताव तैयार कराया | 21 मई 1991 को हुई हत्या के एक साल बाद राजीव गांधी की सोच को तब साकार किया गया, जब 1992 में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायतीराज व्यवस्था का उदय हुआ राजीव गांधी की सरकार की ओर से तैयार 64वें संविधान संशोधन विधेयक के आधार पर नरसिम्हा राव सरकार ने 73वां संविधान संशोधन विधेयक पारित कराया | 24 अप्रैल 1993 से पूरे देश में पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई | इस व्यवस्था का मकसद सत्ता का विकेंद्रीकरण था |

4-नवोदय विद्यालयों की नींव:-

ग्रामीण और शहरी वर्गों में नवोदय विद्यालयों की नींव भी राजीव गांधी ने ही रखी | उनके कार्यकाल में ही जवाहर नवोदय विद्यालयों की नींव डाली गई | ये आवासीय विद्यालय होते हैं | प्रवेश परीक्षा में सफल मेधावी बच्चों को इन स्कूलों में प्रवेश मिलता है | बच्चों को 6वीं से 12वीं तक की मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल में रहने की सुविधा मिलती है |

5-NPE की घोषणा:-

NPE की घोषणा भी राजीव गांधी ने ही की | राजीव गांधी की सरकार ने 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE) की घोषणा की गई | इसके तहत पूरे देश में उच्च शिक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण और विस्तार हुआ |

6-दूरसंचार क्रांति:-

कम्प्यूटर क्रांति की तरह ही दूरसंचार क्रांति का श्रेय भी उन्हीं को जाता है | राजीव गांधी की पहल पर ही अगस्त 1984 में भारतीय दूरसंचार नेटवर्क की स्थापना के लिए सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) की स्थापना हुई | इस पहल से शहर से लेकर गांवों तक दूरसंचार का जाल बिछना शुरू हुआ | जगह-जगह PCO खुलने लगे | जिससे गांव की जनता भी संचार के मामले में देश-दुनिया से जुड़ सकी | इसके बाद 1986 में राजीव की पहल से ही MTNL की स्थापना हुई, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में और प्रगति हुई |

उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘Chikitsa Setu Mobile App’ की शुरुआत की |

0

UP Chikitsa Setu Mobile App:-

कोरोना वैश्विक महामारी से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई Mobile App जिसका नाम “Chikitsa Setu Mobile App” शुरू की है इस App में उपलब्ध सामग्री से फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स अपने प्रशिक्षण को उपयोगी व प्रभावी बना सकेंगे | कोरोना एक वैश्विक महामारी है जिसके कारण विश्व भर में 275000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 40 लाख से अधिक लोग अब तक इस संक्रमण के शिकार हुए हैं। भारत में भी तमाम सावधानियों और सतर्कता के बावजूद संक्रमण की संख्या 1 लाख पार कर चुकी है और मरने वालों की संख्या 3,500 तक पहुंच गई है | पिछले दो-ढाई महीनों के दौरान हम लोग इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि कोरोना जैसे वायरस की कोई दवा नहीं, इसका एक ही बचाव है – सावधानी और सतर्कता |

जागरूकता के माध्यम से हम इस प्रकार की वायरस जनित बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा सकते हैं। पूरी दुनिया से जो आंकड़े आ रहे हैं उनमें 40% से अधिक मामले ऐसे होते हैं जिनमें इंफेक्शन का कारण मेडिकल इंफेक्शन है | ट्रेनिंग पर फोकस करते हुए एक बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने “Chikitsa Setu Mobile App” प्रारंभ किया है |

UP Chikitsa Setu Mobile App से जुडी मुख्य बातें:-

  • चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा लॉन्च यह देश का पहला चिकित्सक प्रशिक्षण एप है | यह #COVID19 के संक्रमण से बचाव व उपचार हेतु कार्यरत कोरोना वॉरियर्स यथा चिकित्सकों, पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मियों, अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों आदि के लिए तैयार किया गया है |
  • App में छोटे-छोटे वीडियो के माध्यम से #COVID19 से बचाव, PPE किट, N-95 मास्क का प्रयोग, संक्रमित मरीजों को शिफ्ट करने आदि के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी दी गई है | यह वीडियो किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं |
  • ‘चिकित्सा सेतु’ एप की सामग्री जनपदों के चिकित्सकों आदि के feedback पर आधारित है | यह App आम जनमानस के लिए भी उपयोगी है | App मूलतः हिन्दी में है, लेकिन इसे अन्य भाषाओं में भी डब किया जा सकता है |
  • App में कोरोना वायरस से सम्बन्धित हेल्पलाइन के नम्बर तथा भारत सरकार के दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं | एप के माध्यम से वेबिनार भी आयोजित किया जा सकता है | एप का विकास KGMU, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा National Institute of Smart Government द्वारा किया गया है |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा की अब हर जनपद में एक testing lab स्थापित होगी | इसके लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री कार्यवाही को आगे बढ़ाएं | टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि की जाए एवं इस संबंध में पूल टेस्टिंग को अपनाया जाए |

UP Chikitsa Setu Mobile App की भूमिका:-

चिकित्सा सेतु एप एक बहुत महत्वपूर्ण एप है, COVID-19 संक्रमण से पहले स्वयं बचते हुए, फिर दूसरों को इससे बचने के लिए प्रेरित करना यह इसका आधार बन सकता है | इसी दृष्टि से ‘UP Chikitsa Setu App’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेनिंग का एक ऐसा माध्यम दे दिया है, जिसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति को एप में दिखाए गए निर्देशों का पालन कर कोरोना जैसी महामारी पर अंकुश लगाने व उस पर नियंत्रण करने में सफलता प्राप्त होगी | इस बीमारी से सतर्कता व जागरूकता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बीमारी की कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी है |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा की हमारे चिकित्सक, पैरामेडिक्स, नर्सिंग स्टाफ, वाॅर्ड ब्वाय, स्वच्छता में लगे हुए कर्मी, सुरक्षा में लगे हुए कर्मी- सभी कोरोना वाॅरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं | इन सबको हर हाल में सुरक्षित रखना है क्योंकि यह हमारी फ्रंटलाइन हैं | कोरोना की चेन को तोड़ने में जिन योद्धाओं को बड़ी भूमिका का निर्वहन करना है, जब वे स्वयं संक्रमित होकर जहां-तहां क्वारंटाइन या आइसोलेशन के लिए चले जाएंगे तो शेष लड़ाई बाधित होगी | एक अदृश्य शत्रु के खिलाफ पूर्ण सतर्कता व सावधानी के साथ ट्रेनिंग प्रक्रिया को पूरे पारदर्शी तरीके से लागू करने में ही हम सब इस पर विजय प्राप्त कर सकते हैं |

चिकित्सा सेतु एप को व्यावहारिक बनाने के साथ ही इसे किसी भी प्रकार के साइबर अटैक से भी बचाने का प्रयास करें। इसका कहीं भी दुरुपयोग न होने पाए इसके बारे में भी हमें पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए जब हम लोगों ने कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई आरम्भ की थी तब हमारे पास सैनिटाइजर की कमी थी। इसके साथ ही, PPE किट व N-95 मास्क की कमी थी, ट्रिपल लेयर मास्क के लिए भी हम लोगों को हाथ फैलाने पड़ते थे | परंतु आज देश व प्रदेश में भी इसकी पर्याप्त उपलब्धता है और हमने इसमें आत्मनिर्भरता भी हासिल की है |

प्रदेश में हमारे हर जनपद में कोविड L-1 व L-2 के अस्पताल हैं। हमने वहां ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध करवाई है | ट्रेनिंग की उचित व्यवस्था की है | इस सबके बावजूद ट्रेनिंग का पार्ट बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है | चिकित्सा व्यवस्था को हम दो महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित करते हैं- 1. मैक्रो मैनेजमेंट, 2. माइक्रो मैनेजमेंट | तनिक भी असावधानी हम सबको बहुत बड़ी कीमत चुकाने के लिए मजबूर कर सकती है |

निर्विक योजना : निर्यात ऋण विकास योजना

निर्यात ऋण विकास योजना:-

निर्यात ऋण विकास योजना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2020-21 में छोटे निर्यातकों के लिए बीमा कवर बढ़ाने और उसकी लागत कम करने के लिए निर्विक (निर्यात ऋण विकास) योजना की घोषणा की | उच्च निर्यात लोन वितरण को हासिल करने के लिए एक नई योजना ‘निर्विक’ शुरू की जा रही है | यह छोटे निर्यातकों के लिए अधिक बीमा कवर, कम प्रीमियम और दावा निस्तारण के लिए सरल प्रक्रियाओं का प्रावधान करती है |

निर्विक योजना सरकार दवारा उन लोगो के लिए शुरू की गई है, जो लोग निर्यात का कार्य करते है | इस योजना को एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के तहत लागू किया जाएगा | इस योजना को के “निर्यात ऋण विकास योजना” के नाम से भी जाना जाता है निर्विक योजना से निर्यातकों को बहुत अधिक फायदा होने वाला है | इसमें निर्यातकों को आसान ऋण प्रधान किया जाएगा और मूलधन तथा ब्याज का 90% तक बीमा में कवर कर दिया जाएगा |

यदि किसी निर्यातक की बकाया राशि 80 करोड़ से कम की है तो सरकार उनको प्रधानमंत्री निर्विक योजना के तहत ECGC दवारा 60% तक की ऋण गारंटी प्रदान करेगी | तथा केंद्र सरकार दवारा छोटे निर्यातकों के लिए प्रीमियम को घटाकर 0.6% कर दिया जाएगा |

वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार एक ‘निर्विक’ ( निर्यात ऋण विकास योजना) योजना लाने जा रही है, जिसके तरह निवेशकों को लोन दिया जाएगा | साथ ही अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश कराने का टारगेट है | साथ ही इस योजना में 90 फीसदी तक इंश्योरेंस दिया जाएगा | इसके लिए सरकार Electronic Manufacturing Industry में ज्यादा काम करेगी और Mobile, Electronic Manufacturer को बढ़ावा दिया जाएगा |

निर्यात ऋण विकास योजना की विशेषताएं:

  • निर्विक निर्यात योजना के तहत मूलधन तथा ब्याज पर 90% तक बीमा के दवारा कवर दिया जाएगा |
  • इस बीमा में post shipment credit और pre post shipment दोनो ही शामिल होंगे |
  • इस बढ़े हुए cover में यह ध्यान रखा जाएगा कि विदेशी और रुपए निर्यात ऋण के ब्याज दर को 4% और 8% के बीच रखा जाए |
  • जिन निर्यातकों के खाते 80 करोड़ से कम की सीमा के है उनके प्रीमियम की दर 0.60% प्रतिवर्ष होगी तथा 80 करोड़ रुपए से अधिक वालो को 0.72% प्रतिवर्ष होगी |

निर्विक योजना का उद्देश्य:-

  • प्रधानमंत्री निर्विक योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य कारण निर्यातकों के लिए ऋण की उपलब्धता और सामर्थ्य को बढ़ावा देना है |
  • यह फैसला भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने और ईसीजीसी प्रक्रियाओं को निर्यातक के अनुकूल बनाने के लिए सहायता करेगा |
  • यह नई योजना करों की प्रतिपूर्ति के साथ MSME निर्यातकों को लाभान्वित करेगी | ECGC बीमा कवर बैंकों को अन्य सुविधा प्रदान करेगा |
  • उधारकर्ता की क्रेडिट रेटिंग खाते में बढ़ाई जाएगी |
  • बढ़े हुए बीमा कवर से यह सुनिश्चित होगा कि निर्यातकों के लिए विदेशी और रुपये निर्यात ऋण की ब्याज दर 4 प्रतिशत और 8 प्रतिशत से नीचे है |
  • केंद्र सरकार की निर्यात ऋण विकास योजना (NIRVIK Scheme) बीमा कवर से पूंजीगत राहत के कारण ऋण की लागत में कमी आने के आसार हैं |

निर्विक निर्यात योजना के लाभ:-

  • इससे निर्यात के ऋण में वृद्धि होगी जिससे कि निर्यातकों को और भी अधिक कार्य के अवसर प्राप्त होंगे |
  • इस योजना से भारतीय निर्यात क्षेत्र में एक competation भी बनेगा |
  • यह योजना ECGC के प्रक्रिया के अनुकूल होगा |
  • इससे निर्यात के क्षेत्र में समय के अनुसार और पर्याप्त कार्यों के लिए पैसे सुनिश्चित हो पाएंगे |

आत्मनिर्भर भारत अभियान: जानें बहुप्रचलित स्वदेशी बिजनेस आइडिया

स्वदेशी बिजनेस आइडिया:-

स्वदेशी बिजनेस आइडिया- देशभर में कोरोना महामारी की वजह से Lockdown लगा हुआ है | लोग इस Lockdown के वजह से अपने घरों में और प्रवासी दूसरे राज्यों में फंसे हुए है | कई लोगों के व्यवसायों में ताले लग गए हैं और कईयों के काम बंद पड़े है | देश की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है | आने वाले दिनों में लोगों को बहुत कठनाइयों का सामना करना पड़ेगा | इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी अभी हाल ही में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की घोषणा की थी, जिसकी विस्तृत जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में दी | इस आत्मनिर्भर भारत अभियान आर्थिक पैकेज में बहुत-सी कल्याणकारी योजनाओं को शुरू करने की घोषणा की गयी है |

प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने पांचवे संबोधन के दौरान कहा कि हमें आत्मनिर्भर बनते हुए अपने देश की ही चीजों को अर्थात स्वदेशी वस्तुओं का ही अधिक से अधिक इस्तेमाल करना है | वो सभी स्वदेशी वस्तुएं जो भारत में निर्मित होती है, ‘स्वदेशी’ कहलाती है | हम सभी भारतीयों का यह कर्तव्य है कि हम ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी सामान खरीदे, जिससे हमारे छोटे और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिल सके |

आत्मनिर्भर भारत अभियान: जानें स्वदेशी या भारतीय उत्पादों की सूची

स्वदेशी बिजनेस आइडिया क्या है:-

दरअसल अपने ही देश में बहुत सारी चीजों का निर्माण किया जाता है और उनका डिस्ट्रीब्यूशन भी अपने ही देश में कर दिया जाता है | वही वस्तुए जो अपने देश में बनी हुई हो और हम उनके जरिए ही पैसा कमाते हो तो वह हमारी स्वदेशी वस्तुएं बन जाती हैं | यदि डिस्ट्रीब्यूशन के दौरान पैसा कमाया जाए तो वह हमारा स्वदेशी बिज़नेस बन जाता है | स्वदेशी व्यवसाय में बहुत सारे लघु और कुटीर उद्योग आते हैं जैसे- मुर्गी पालन, मछली पालन, बकरी पालन, डेयरी प्रोडक्ट, और अन्य लोकल प्रोडक्ट इत्यादि | इन बिज़नेस को करने के लिए सरकार सब्सिडी पर लोन (ऋण) भी उपलब्ध करती है |

स्वदेशी बिजनेस आइडिया

बहुप्रचलित स्वदेशी बिजनेस आइडिया:-

प्रत्येक देश में बहुत सारी स्वदेशी चीजों का निर्माण होता है | ठीक इसी प्रकार भारत देश में भी बहुत सारी वस्तुओं का निर्माण देश के नागरिकों द्वारा किया जाता है | उन व्यवसायों को चलाने वाली कंपनी/फर्म ‘स्वदेशी कंपनी’ होती हैं और उन व्यवसायों को ही स्वदेशी व्यवसाय के नाम से जाना जाता है | ऐसे ही कुछ स्वदेशी उत्पाद का निर्माण करके आप स्वदेशी व्यवसाय आरंभ कर सकते हैं | नीचे हम आपको कुछ बहुप्रचलित स्वदेशी बिजनेस आईडिया की जानकारी दे रहे हैं, जो आपको आने वाले समय में बहुत ही अच्छा प्रॉफिट दे सकती है |

  • डेयरी उद्योग (Dairy Industry): – यह सबसे अच्छा और बहुप्रचलित स्वदेशी बिजनेस है | क्योकि दूध, दही, पनीर, मावा, व छाछ की मांग बाजार में बहुत होती है |इसके साथ ही हम गोमूत्र से बने उत्पाद भी मार्किट में बेच सकते हैं | भारत देश में गाय को माता की पदवी दी जाती है | इसके चलते यदि हमारे पूर्वजों से पूछा जाए तो गोमूत्र का बहुत ज्यादा उपयोग होते हैं और यहाँ बेहद लाभदायक भी माना जाता है | पतंजलि परिधान का नाम तो आपने सुना ही होगा | यह एक ऐसा परिधान है जो पूरी तरह से स्वदेशी प्रोडक्ट बनाने का काम करती हैं | इस कंपनी द्वारा बनाए जाने वाले अधिकतर प्रोडक्ट गाय भैंस के दूध अथवा गोमूत्र से बनाए जाते हैं |
  • फ्रूट जैम अथवा जूस का व्यवसाय: – हमारे देश में फलों की बागवानी बहुत बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में यदि फलों से प्राप्त फ्रूट जैम अथवा जूस का व्यापार किया जाए तो यह एक सरल और बेहद ज्यादा कमाई वाला स्वदेशी व्यापार बन सकता है | फ्रूट जैम अथवा जूस का बिज़नेस करने के लिए कई सारी NGO मदद करती है | यह व्यवसाय खासतौर में महिलाओं के लिए भी है, क्योकि इस बिज़नेस को आप अपने घर से भी शुरू कर सकते हो |
  • मुर्गी पालन (Poultry Farm): – आये दिन बाजार में मुर्गी के अंडो और उसके मीट की भारी मांग रहती है | क्योकि मुर्गी के अंडे और मीट प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है | अगर आप चाहो तो इस स्वदेशी बिज़नेस में अपना हाथ आज़मा सकते हो | इस व्यवसाय के लिए कई राज्य सरकार सब्सिडी के साथ लोन उपलब्ध करती है |
  • देशी साबुन बनाने का व्यवसाय: – साबुन बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है यदि आप इसकी विधि जानते हैं तो आप देशी साबुन व्यवसाय में भी अपना हाथ आज़मा सकते हैं | अगर आप नहीं जानते तो आप ऐसे प्रशिक्षित लोगों से पूछ सकते हैं कि साबुन किस प्रकार बनाए जाते हैं और आप आसानी से घर बैठे साबुन बनाने का व्यवसाय आरंभ कर सकते हैं | साबुन बनाने की व्यवसाय को आप आसानी से स्वदेशी व्यवसाय से जोड़ सकते है | यह एक बहुप्रचलित और फायदे का बिज़नेस है |
  • स्वदेशी टूथपेस्ट बिज़नेस: – टूथपेस्ट आज के समय में हर व्यक्ति की दैनिक आवश्यकता है | क्योंकि स्वाद चखने के लिए दांतो का स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है | ऐसे में यदि आपको कुछ प्रकार की जड़ी बूटियों का ज्ञान हो तो आप भी देश में मौजूद बड़ी-बड़ी कंपनियों की तरह खुद का एक ऐसा व्यापार शुरू कर सकते हैं जिसमें आप अपना स्वदेशी टूथपेस्ट बाजार में बना कर भेज सकते हैं | आपने देश में स्थापित कंपनियों के नाम तो सुने ही होंगे जिनमें पतंजलि, डाबर विकको, विको वज्रदंती आदि कंपनियां है जो स्वदेशी टूथपेस्ट का निर्माण करते हैं और इनमें से बहुत से टूथपेस्ट आपने इस्तेमाल भी किये होंगे |
  • चाय और कॉफी का उत्पादन: – भारत देश में चाय और कॉफ़ी का बिज़नेस बहुत प्रचलित है। जहाँ चाय व्यवसाय में टाटा एक स्वदेश कंपनी है, वही कॉफ़ी उत्पादन में सीसीडी का नाम सबसे अवल है | यदि आप भी देश में पैदा होने वाली चाय और कॉफी से जुड़ा व्यापार करना चाहते हैं तो आप आसानी से इस व्यापार में सफलता प्राप्त कर सकते हैं | बस इस स्वदेश बिज़नेस को करने के लिए आपको बैंक से थोड़ा ऋण लेना होगा और धैर्य के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना होगा |
  • स्वदेशी गारमेंट्स (कपड़ो) का व्यापार: –यदि आप कपड़े बनाने के ज्ञाता है अर्थात एक टेलर हैं तो आप खुद का एक ब्रैंड रजिस्टर करके अपने ही देश में अपने ब्रांड से बने कपड़ों का व्यापार भी आसानी से कर सकते हैं | भारत को एक नई पहचान देते हुए अपने द्वारा बनाए जाने वाले कपड़ों को आप पूरे विश्व में भी फैला सकते हैं | शायद इसी Swadeshi Business Ideas को देखते हुए बॉलीवुड ने “सुई-धागा” नामक एक मूवी बनायीं थी |

आत्मनिर्भर भारत अभियान: जानें स्वदेशी या भारतीय उत्पादों की सूची

स्वदेशी बिजनेस आइडिया 2020:-

स्वदेशी बिजनेस आइडिया 2020– देशभर में कोरोना महामारी की वजह से Lockdown लगा हुआ है | लोग इस Lockdown के वजह से अपने घरों में और प्रवासी दूसरे राज्यों में फंसे हुए है | कई लोगों के व्यवसायों में ताले लग गए हैं और कईयों के काम बंद पड़े है | देश की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है | आने वाले दिनों में लोगों को बहुत कठनाइयों का सामना करना पड़ेगा | इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी अभी हाल ही में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की घोषणा की थी, जिसकी विस्तृत जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में दी | इस आत्मनिर्भर भारत अभियान आर्थिक पैकेज में बहुत-सी कल्याणकारी योजनाओं को शुरू करने की घोषणा की गयी है |

प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने पांचवे संबोधन के दौरान कहा कि हमें आत्मनिर्भर बनते हुए अपने देश की ही चीजों को अर्थात स्वदेशी वस्तुओं का ही अधिक से अधिक इस्तेमाल करना है | वो सभी स्वदेशी वस्तुएं जो भारत में निर्मित होती है, ‘स्वदेशी’ कहलाती है | हम सभी भारतीयों का यह कर्तव्य है कि हम ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी सामान खरीदे, जिससे हमारे छोटे और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिल सके |

स्वदेशी बिजनेस आइडिया 2020

 स्वदेशी या भारतीय उत्पादों की सूची:-

  • स्वदेशी कोल्ड ड्रिंक्स: – कलिमार्क बोवोन्टो, रोज़ ड्रिंक (शर्बत), बादाम पेय, दूध, लस्सी, दही, छाछ, जूस, नींबू पानी, नारियल पानी, शेक, जलजीरा, ठंडाई, रूहअफजा, रसना, फ्रूटी, गोदरेज जंपिन आदि |
  • भारतीय साबुन: – हिमालय, मसूर संदल, सिनथोल, संतूर, मेडिमिक्स, नीम, गोदरेज, पतंजलि (केश कांति), विप्रो, पार्क एवेन्यू, स्वातीक, अयूर हर्बल, केश निखार, हेयर एंड केयर, डाबर वाटिका, बजाज, नाइल |
  • स्वदेशी टूथपेस्ट: – नीम, बबूल, विकको, डाबर, विको बजरादन्ती, एमडीएच, बैद्यनाथ, गुरुकुल फार्मेसी, चॉइस, एंकर, मेसवाक, बबूल, प्रोमिस, पतंजलि (दंत कांति, दंत मंजन)।
  • इंडियन टूथब्रश: – अजय, प्रॉमिस, अजंता, रॉयल, क्लासिक, डॉ स्ट्रॉक, मोनेट।
  • भारतीय चाय और कॉफी: – दिव्य पेया (पतंजलि), टाटा, ब्रह्मपुत्र, आसम, गिरनार, भारतीय कैफे, एमआर, एवीटी चाय, नरसस कॉफी, लियो कॉफी
  • स्वदेशी ब्लेड: – पुखराज, गैलेंट, सुपरमैक्स, लेजर, एस्क्वायर, सिल्वर प्रिंस, प्रीमियम।
  • भारतीय शेविंग क्रीम: – पार्क एवेन्यू, प्रीमियम, इमामी, बलसारा, गोदरेज, निविया।
  • स्वदेशी शैम्पू: – हिमालय, निरमा, मखमली
  • भारतीय टैल्कम पाउडर: – संतूर, गोकुल, सिनथोल, बोरोप्लस, कैविन के उत्पाद
  • स्वदेशी दूध: – अमूल, अमूल्य, मदर डेयरी
  • भारतीय मोबाइल कनेक्शन: – आइडिया, एयरटेल, रिलायंस, बीएसएनएल
  • स्वदेशी वस्त्र या कपड़े: – रेमंड, सियाराम, बॉम्बे डाइंग, एस कुमार्स, मफतलाल, गार्डन वरली, अमेरिकन स्वान, गिन्नी एंड जॉनी, ग्लोबस, मैडम, मोंटे कार्लो फैशन लिमिटेड, रिलायंस रिटेल, आरएमकेवी इत्यादि।

Star Rating of Garbage Free Cities: जानिए भारत के 3-Star और 5-Star शहर

Star Rating of Garbage Free Cities:

केंद्र सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने Star Rating of Garbage Free Cities के परिणामों की घोषणा की है | आकलन वर्ष 2019-2020 के लिए, स्वच्छ भारत मिशन शहरी (SBM-U) के तहत कुल 6 शहरों को 5 star, 65 शहरों को 3 star और 70 शहरों को 1 star का दर्जा दिया गया है | 19 मई 2020 को परिणामों की घोषणा करते हुए, हरदीप सिंह पुरी ने Star Rating of Garbage Free Cities के लिए संशोधित प्रोटोकॉल भी लॉन्च किया |

यह स्वच्छ सर्वेक्षण (SS) से अलग है क्योंकि यह केवल एक रैंकिंग प्रणाली थी और हमारे कई शहर, असाधारण रूप से अच्छी तरह से करने के बावजूद, उचित रूप से पहचाने नहीं जा रहे थे | Star Rating Protocol for Garbage Free Cities एक व्यापक ढांचा है जहां हर शहर में प्रत्येक वार्ड को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) के 24 अलग-अलग घटकों में एक निश्चित मानक प्राप्त करना होगा और प्राप्त समग्र अंकों के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा |

Garbage Free status का दर्जा प्राप्त करने के लिए शहरों के लिए एक तंत्र को संस्थागत बनाने के लिए 20 जनवरी 2018 को MoHUA द्वारा Star Rating Protocol लॉन्च किया गया था | यह शहरों को उच्च स्तर की स्वच्छता हासिल करने के लिए भी प्रेरित करता है | स्वच्छ भारत मिशन शहरी (SBM-U) ने स्वच्छता को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जो COVID-19 के साथ अपनी लड़ाई में भारतीयों को लाभ प्रदान करता है |

Star Rating of Garbage Free Cities

SBM Urban Star Rating of Garbage Free Cities:-

5 Star Cities
ULB NameStateFinal Rating
AmbikapurChhattisgarh5 Star
RajkotGujarat5 Star
SuratGujarat5 Star
MysoreKarnataka5 Star
IndoreMadhya Pradesh5 Star
Navi MumbaiMaharashtra5 Star
3 Star Cities
ULB NameStateFinal Rating
TirupatiAndhra Pradesh3 Star
VijayawadaAndhra Pradesh3 Star
ChandigarhChandigarh3 Star
Bhilai NagarChhattisgarh3 Star
Jashpur Nagar (M)Chhattisgarh3 Star
Narharpur (NP)Chhattisgarh3 Star
Patan (NP)Chhattisgarh3 Star
RaigarhChhattisgarh3 Star
RajnandgaonChhattisgarh3 Star
BilaspurChhattisgarh3 Star
Saragaon (NP)Chhattisgarh3 Star
Barsur (NP)Chhattisgarh3 Star
New Delhi (NDMC)Delhi3 Star
AhmedabadGujarat3 Star
BagasraGujarat3 Star
GandhinagarGujarat3 Star
JamnagarGujarat3 Star
TalalaGujarat3 Star
KarnalHaryana3 Star
JamshedpurJharkhand3 Star
BhopalMadhya Pradesh3 Star
BurhanpurMadhya Pradesh3 Star
ChhindwaraMadhya Pradesh3 Star
KanthaphodMadhya Pradesh3 Star
KatniMadhya Pradesh3 Star
KhargoneMadhya Pradesh3 Star
OmkareshwarMadhya Pradesh3 Star
PithampurMadhya Pradesh3 Star
SingrauliMadhya Pradesh3 Star
UjjainMadhya Pradesh3 Star
AmbarnathMaharashtra3 Star
Bhiwandi NizampurMaharashtra3 Star
BrahmapuriMaharashtra3 Star
Chandrapur_MMaharashtra3 Star
Deolali PravaraMaharashtra3 Star
DhuleMaharashtra3 Star
GadhinglajMaharashtra3 Star
IndapurMaharashtra3 Star
JalgaonMaharashtra3 Star
JalnaMaharashtra3 Star
JejuriMaharashtra3 Star
JunnarMaharashtra3 Star
KagalMaharashtra3 Star
KarhadMaharashtra3 Star
KhedMaharashtra3 Star
LonavalaMaharashtra3 Star
MahabaleshwarMaharashtra3 Star
Malkapur_SMaharashtra3 Star
MatheranMaharashtra3 Star
Mauda CTMaharashtra3 Star
Mira-BhayandarMaharashtra3 Star
MurgudMaharashtra3 Star
NarkhedMaharashtra3 Star
PanchganiMaharashtra3 Star
PanhalaMaharashtra3 Star
RajapurMaharashtra3 Star
RatnagiriMaharashtra3 Star
SasvadMaharashtra3 Star
ShirdiMaharashtra3 Star
TasgaonMaharashtra3 Star
ThaneMaharashtra3 Star
VadgaonMaharashtra3 Star
VengurlaMaharashtra3 Star
VitaMaharashtra3 Star
NawanshahrPunjab3 Star
1 Star Cities
ULB NameStateFinal Rating
ChiralaAndhra Pradesh1 Star
GVMC VisakhapatnamAndhra Pradesh1 Star
PalamaneruAndhra Pradesh1 Star
SattenapalliAndhra Pradesh1 Star
Baramkela (NP)Chhattisgarh1 Star
Berla (NP)Chhattisgarh1 Star
Chikhalakasa (NP)Chhattisgarh1 Star
Katghora (NP)Chhattisgarh1 Star
Pakhanjur (NP)Chhattisgarh1 Star
Delhi Cantt.Delhi1 Star
BhavnagarGujarat1 Star
TarsadiGujarat1 Star
VadodaraGujarat1 Star
VisavadarGujarat1 Star
VyaraGujarat1 Star
RohtakHaryana1 Star
BadnawarMadhya Pradesh1 Star
GwaliorMadhya Pradesh1 Star
HathodMadhya Pradesh1 Star
KhandwaMadhya Pradesh1 Star
MaheshwarMadhya Pradesh1 Star
SardarpurMadhya Pradesh1 Star
ShahganjMadhya Pradesh1 Star
AhmedanagarMaharashtra1 Star
AkolaMaharashtra1 Star
Anjangaon SurjiMaharashtra1 Star
Ashta_MHMaharashtra1 Star
BallarpurMaharashtra1 Star
BarshiMaharashtra1 Star
BhagurMaharashtra1 Star
DaundMaharashtra1 Star
GeoraiMaharashtra1 Star
JamnerMaharashtra1 Star
JawharMaharashtra1 Star
Kalyan DombivaliMaharashtra1 Star
Khanapur_MMaharashtra1 Star
KhapaMaharashtra1 Star
KhopoliMaharashtra1 Star
Kulgaon-BadlapurMaharashtra1 Star
KurundvadMaharashtra1 Star
MahadMaharashtra1 Star
MahadulaMaharashtra1 Star
Malkapur_KMaharashtra1 Star
MangalvedheMaharashtra1 Star
MurbadMaharashtra1 Star
NagbhidMaharashtra1 Star
NashikMaharashtra1 Star
PaithanMaharashtra1 Star
PanvelMaharashtra1 Star
PenMaharashtra1 Star
PhulambriMaharashtra1 Star
RajuraMaharashtra1 Star
RamtekMaharashtra1 Star
RaverMaharashtra1 Star
SailuMaharashtra1 Star
SangamnerMaharashtra1 Star
ShahadaMaharashtra1 Star
ShendurjanaghatMaharashtra1 Star
Shirpur- WarwadeMaharashtra1 Star
Uran IslampurMaharashtra1 Star
VaijapurMaharashtra1 Star
VarangaonMaharashtra1 Star
Vasai VirarMaharashtra1 Star
WadujMaharashtra1 Star
AligarhUttar Pradesh1 Star
Gajraula (NPP)Uttar Pradesh1 Star
GhaziabadUttar Pradesh1 Star
JhansiUttar Pradesh1 Star
LucknowUttar Pradesh1 Star
NoidaUttar Pradesh1 Star

सोलापुर नगर निगम भर्ती 2020: DEO,Ward Boy के 216 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें |

सोलापुर नगर निगम भर्ती 2020:-

सोलापुर नगर निगम भर्ती– सोलापुर नगर निगम (SMC) ने सोलापुर कॉर्पोरेशन ऑफ़ Medical Officer, Staff Nurse, Pharmacist, Laboratory Technician, ECG Technician, X-Ray Technician, Ambulance Driver, Data Entry Operator, Ward Boy के रिक्त 216 पदों के लिए एक नवीनतम अधिसूचना जारी की है | Medical Officer, Staff Nurse, Pharmacist, Laboratory Technician, ECG Technician, X-Ray Technician, Ambulance Driver, Data Entry Operator, Ward Boy के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार, सोलापुर नगर निगम Vacancy 2020 के 216 पदों पर 20/05/2020 तक आवेदन कर सकते हैं |

Latest Sarkari Jobs और सरकारी नौकरी के लिए यहाँ क्लिक करें।

सोलापुर नगर निगम भर्ती की आवश्यक तिथियां:-

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि – 20 मई 2020

सोलापुर नगर निगम भर्ती के पदों का विवरण:-

  • Medical Officer45 पद
  • Staff Nurse 92 पद
  • Pharmacist 05 पद
  • Laboratory Technician 13 पद
  • ECG Technician 05 पद
  • X-Ray Technician 05 पद
  • Ambulance Driver 15 पद
  • Data Entry Operator 05 पद
  • Ward Boy 31 पद

सोलापुर नगर निगम भर्ती 2020 का वेतनमान:-

  • Medical Officer – 40000-50000 रुपये
  • Staff Nurse – 20000 रुपये
  • Pharmacist – 17000 रुपये
  • Laboratory Technician 17000 रुपये
  • ECG Technician 17000 रुपये
  • X-Ray Technician 17000 रुपये
  • Ambulance Driver 12000 रुपये
  • Data Entry Operator – 11000 रुपये
  • Ward Boy – 10000 रुपये

सोलापुर नगर निगम भर्ती आवश्यक शैक्षिक योग्यता और अनुभव:-

  • उम्मीदवारों को मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय / संस्थान से 10 वीं, 12 वीं कक्षा, स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री या समकक्ष उत्तीर्ण होना चाहिए |

सोलापुर नगर निगम भर्ती 2020 के लिए आयु सीमा:-

  • अधिकतम आयु सीमा – 50 वर्ष

सोलापुर नगर निगम भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया:-

  • Interview

How to Apply:- सोलापुर नगर निगम भर्ती:

  • Mode of Apply: Through Offline.
  • Job Location: Maharashtra.
  • Mail ID: smcgados@gmail.comew Delhi

सोलापुर नगर निगम भर्ती के लिए Important Links:-

Solapur Municipal Corporation Recruitment Notification PDF Click Here

Online Application Click Here

Application Form Click Here

अगर आपको ये Article अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने friends और family के साथ भी जरूर Share करे | अगर आपको  कोई Problem आ रही हो तो आप हमसे निचे दिए गए comment box में पूछ सकते है | EnterHindi Team आपकी जरूर Help करेगी |

पुणे नगर निगम भर्ती 2020: Medical Officer, Staff Nurse के 1105 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें |

पुणे नगर निगम भर्ती 2020:-

पुणे नगर निगम भर्ती– पुणे नगर निगम (PMC) ने मेडिकल ऑफिसर, हेल्थ इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, जूनियर नर्स, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, ECG टेक्नीशियन, असिस्टेंट हॉस्पिटल, आया, नर्सिंग ऑर्डिनरी रिक्ति के लिए 1105 पर नवीनतम अधिसूचना जारी की है | मेडिकल ऑफिसर, हेल्थ इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, जूनियर नर्स, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, ईसीजी टेक्निशियन, असिस्टेंट हॉस्पिटल, आया के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार, पुणे नगर निगम Vacancy 2020 के 1105 पदों पर 20/05/2020 तक आवेदन कर सकते हैं |

Latest Sarkari Jobs और सरकारी नौकरी के लिए यहाँ क्लिक करें।

पुणे नगर निगम भर्ती की आवश्यक तिथियां:-

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि – 20 मई 2020

पुणे नगर निगम भर्ती के पदों का विवरण:-

  • Medical Officer – 200 पद
  • Medical Officer (Ayurved) 100 पद
  • Health Inspector 50 पद
  • Inspector 50 पद
  • Junior Nurse 150 पद
  • Staff Nurse 150 पद
  • Pharmacist 25 पद
  • Lab Technician 50 पद
  • Lab Assistant 50 पद
  • ECG Technician 30 पद
  • Assistant Hospital 50 पद
  • Aaya 100 पद
  • Nursing Orderly100 पद

पुणे नगर निगम भर्ती 2020 का वेतनमान:-

  • चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक, निरीक्षक, जूनियर नर्स, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, लैब सहायक, ईसीजी तकनीशियन, सहायक अस्पताल, आया, नर्सिंग अर्दली वेतनमान 6250/- रुपये से 60000/- रुपये तक

पुणे नगर निगम भर्ती आवश्यक शैक्षिक योग्यता और अनुभव:-

  • उम्मीदवारों को 8 वीं, 10 वीं, 12 वीं कक्षा, ANM, GNM, B.Pharmacy/ D.Pharmacy, DMLT, ग्रेजुएट, MBBS और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री या मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय / संस्थान से समकक्ष उत्तीर्ण होना चाहिए |

पुणे नगर निगम भर्ती 2020 के लिए आयु सीमा:-

  • Medical Officer  – Rs.60000
  • Ayurvedic Medical Officer – Rs.40000
  • Health Inspector – Rs.22349
  • Inspector – Rs.22349
  • Junior Nurse, Staff Nurse – Rs.19,250
  • Pharmacist – Rs.22349
  •  Laboratory Technician – Rs.22349
  • Laboratory Assistant – Rs.18,250
  • ECG Technician – Rs.22349
  • Assistant Hospital – Rs.18,250
  • Aaya – Rs.16,250
  • Nursing Orderly – Rs.16,250

पुणे नगर निगम भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया:-

  • Interview

How to Apply:- पुणे नगर निगम भर्ती:

  • Mode of Apply: Through Offline.
  • Job Location: Maharashtra.
  • Mail ID: mohcontract@punecorporation.org

पुणे नगर निगम भर्ती के लिए Important Links:-

Pune Municipal Corporation Recruitment Notification PDF Click Here

Online Application Click Here

Application Form Click Here

अगर आपको ये Article अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने friends और family के साथ भी जरूर Share करे | अगर आपको  कोई Problem आ रही हो तो आप हमसे निचे दिए गए comment box में पूछ सकते है | EnterHindi Team आपकी जरूर Help करेगी |

PM E-Vidya Yojana Portal पर छात्र पंजीकरण फॉर्म 2020 की घोषणा की गई?

PM E-Vidya Yojana Portal:-

PM E-Vidya Yojana Portal– केंद्र सरकार Digital learning के लिए eVidya ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल पर प्रधानमंत्री ई-विद्या योजना छात्र पंजीकरण फॉर्म 2020 (PM E-Vidya Yojana Student Registration Form 2020) शुरू करेगी | वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने इस नए प्रधानमंत्री ई विद्या कार्यक्रम के लिए 17 मई 2020 को 20 लाख करोड़ रुपए के COVID-19 आर्थिक पैकेज के हिस्से के रूप में घोषणा की थी | यह PM ई-विद्या कर्यक्रम, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 5वीं किश्त आर्थिक खुराक की घोषणा करते हुए बनाया गया था | लोग One Nation One Digital Platform, 1 क्लास 1 चैनल प्रोग्राम और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों की सूची की जांच कर सकते हैं |

कोरोनावायरस (COVID-19) लॉकडाउन खत्म होने के बाद, केंद्र सरकार डिजिटल ऑनलाइन शिक्षा के लिए मल्टी-मोड एक्सेस के लिए तुरंत PM eVidya Yojana शुरू करेंगे | PM eVidya कार्यक्रम के तहत, सरकार One Class One Channel पहल के तहत पहली से 12वीं कक्षा के लिए समर्पित प्रत्येक वर्ग के साथ 12 DTH चैनल पेश करेगा | सभी छात्रों के लिए मुख्य घटक यानी One Nation One Digital Platform भी शुरू किया जाएगा |

DIKSHA प्लेटफॉर्म का उपयोग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्कूली शिक्षा प्रदान करने के लिए किया जाएगा | सभी ग्रेड के लिए E-content और QR coded energized पाठ्यपुस्तकें प्रदान की जाएंगी | फिर सभी छात्र आधिकारिक ई-पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों के लिए PM E-Vidya Yojana को भर सकते हैं |

Online Digital Learning Education Programme:-

COVID-19 के बाद, केंद्र सरकार इक्विटी के साथ प्रौद्योगिकी संचालित शिक्षा प्रणाली पर ध्यान केंद्रित करने जा रहा है | इस प्रयोजन के लिए, online digital learning education programmes के लिए निम्नलिखित उपाय शुरू किए जाएंगे: –

  • PM eVIDYA Yojana : डिजिटल / ऑनलाइन शिक्षा के लिए मल्टी-मोड एक्सेस का एक कार्यक्रम तुरंत शुरू किया जाना चाहिए | इस PM E-Vidya Yojana में निम्नलिखित उपाय शामिल होंगे:
    • One Nation One Digital Platform– राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा के लिए DIKSHA | सभी ग्रेड के लिए E-content और QR coded energized पाठ्यपुस्तकें |
    • One Class One Channel Program – 1 से 12 वीं कक्षा के लिए प्रति कक्षा एक टीवी चैनल |
    • रेडियो, सामुदायिक रेडियो और पॉडकास्ट का व्यापक उपयोग |
    • दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित लोगों के लिए विशेष ई-सामग्री |
    • शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों को 30 मई 2020 तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति होगी | विभिन्नताओं में IIT, IIM, प्रख्यात संस्थान और राष्ट्रीय संस्थान शामिल हैं |
  • Manodarpan Scheme : यह मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण के लिए छात्रों, शिक्षकों और परिवारों के मनो-सामाजिक समर्थन के लिए एक पहल है जिसे तुरंत शुरू किया जाएगा |
  • स्कूल, प्रारंभिक बचपन और शिक्षकों के लिए नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचे को लॉन्च किया जाएगा | यह वैश्विक और 21 वीं सदी की कौशल आवश्यकताओं के साथ एकीकृत होगा |
  • यह सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय संस्थापक साक्षरता और न्यूमेरिक मिशन कि प्रत्येक बच्चा दिसंबर 2020 तक ग्रेड 5 से 2025 तक सीखने के स्तर और परिणाम प्राप्त करेगा |