कारगिल विजय दिवस 2020: देश मना रहा है 21 वीं वर्षगांठ

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कारगिल विजय दिवस 2020:-
कारगिल विजय दिवस 2020

कारगिल विजय दिवस 2020:

आज 26 जुलाई 2020 को देश कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) की 21वीं वर्षगांठ मना रहा है | यह भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है | पूरा देश वीर जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा है | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक और तीनों सेनाओं प्रमुखों ने कारगिल युद्ध में भारत की जीत की 21वीं वर्षगांठ पर नेशनल वॉर मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि दी |

गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर लिखा, “करगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान, अद्भुत पराक्रम और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है | मैं उन शूरवीरों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से करगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर वहां पुनः तिरंगा लहराया | मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है |” 

26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया था | इसी की याद में ‘26 जुलाई’ अब हर वर्ष कारगिल दिवस के रूप में मनाया जाता है |

यह दिन है उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पण करने का, जो हँसते-हँसते मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए | यह दिन समर्पित है उन्हें, जिन्होंने अपना आज हमारे कल के लिए बलिदान कर दिया |

कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि :कारगिल विजय दिवस 2020

कारगिल युद्ध जो कारगिल संघर्ष के नाम से भी जाना जाता है, भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में मई के महीने में कश्मीर के कारगिल जिले से प्रारंभ हुआ था|

इस युद्ध का कारण था बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों व पाक समर्थित आतंकवादियों का Line of Control (LOC) यानी भारत-पाकिस्तान की वास्तविक नियंत्रण रेखा के भीतर प्रवेश कर कई महत्वपूर्ण पहाड़ी चोटियों पर कब्जा कर लेह-लद्दाख को भारत से जोड़ने वाली सड़क का नियंत्रण हासिल कर सियाचिन-ग्लेशियर पर भारत की स्थिति को कमजोर कर हमारी राष्ट्रीय अस्मिता के लिए खतरा पैदा करना |

पूरे दो महीने से ज्यादा चले इस युद्ध (विदेशी मीडिया ने इस युद्ध को सीमा संघर्ष प्रचारित किया था) में भारतीय थलसेना व वायुसेना ने Line of Control (LOC) पार न करने के आदेश के बावजूद अपनी मातृभूमि में घुसे आक्रमणकारियों को मार भगाया था |

स्वतंत्रता का अपना ही मूल्य होता है, जो वीरों के रक्त से चुकाया जाता है | इस युद्ध में हमारे लगभग 527 से अधिक वीर योद्धा शहीद व 1300 से ज्यादा घायल हो गए, जिनमें से अधिकांश अपने जीवन के 30 वसंत भी नही देख पाए थे | इन शहीदों ने भारतीय सेना की शौर्य व बलिदान की उस सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह किया, जिसकी सौगन्ध हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है |

कारगिल विजय दिवस से जुडी मुख्य बातें:-

  • कारगिल युद्ध जम्मू और कश्मीर के कारगिल जिले में मई और जुलाई के बीच नियंत्रण रेखा पर हुआ था |
  • यह पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ के साथ शुरू हुआ, जो देश की सेना द्वारा समर्थित है, कारगिल में भारतीय क्षेत्र में |
  • क्षेत्र में भारतीय सेना के गश्ती दल ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया |
  • घुसपैठियों ने प्रमुख पदों पर कब्जा कर लिया था, जिसने संघर्ष शुरू होने पर उन्हें रणनीतिक लाभ दिया |
  • स्थानीय चरवाहों की जानकारी के आधार पर, भारतीय सेना ने घुसपैठ बिंदुओं को ट्रैक करने में सक्षम था |
  • घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ भारत के आक्रामक नाम का कोड’ऑपरेशन विजय’, नाम शुरू किया गया था |
  • भारतीय सैनिकों ने सबसे कठिन परिस्थितियों में, कठिन इलाकों में, 18,000 फीट की ऊंचाई पर कारगिल युद्ध लड़ा |
  • स्वतंत्र भारत के इतिहास में, कारगिल युद्ध को भारतीय सेना द्वारा किए गए सबसे भयंकर और सबसे बहादुर ऑपरेशन के रूप में याद किया जाता है |

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