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M-Ration Mitra App पर मिल जाएगी राशन दुकान की सारी जानकारी

M-Ration Mitra App Download करें और पायें जानकारी

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र BPL परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए ‘M-Ration Mitra App’ लाया गया है। इस एप के माध्यम से ही परिवारों का सत्यापन गठित दलों द्वारा किया जाएगा।

दलों को एप पर कार्य करने की प्रणाली से अवगत कराया गया। NIC की टीम एवं खाद्य विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी ने सत्यापन दलों को इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी।

ग्वालियर में प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एम राशन मित्र एप का लोकार्पण किया था। उन्होंने एप के लोकार्पण के साथ ही कहा कि इस एप के माध्यम से अब प्रदेश के सभी उपभोक्ता अपने मोबाइल पर ही उचित मूल्य दुकान से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत प्रदेश के 117 लाख परिवारों के 5 करोड़ 46 लाख सदस्यों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रतिमाह न्यूनतम दर पर गुणवत्तायुक्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

लाभान्वित परिवारों के इतने बड़े समूह को पात्रता अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराना, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत उनके अधिकारों और हक के बारे में जानकारी देकर उन्हें जागरूक उपभोक्ता बनाना, उन्हें प्रमाणित जानकारी और सूचनाएं देने के लिए विभाग द्वारा एम राशन मित्र एप तैयार किया गया है।

इसके लिए जिले में 1284 टीमें गठित की गई हैं। जो घर-घर जाकर राशन कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड आदि संबंधित कागजातों की जांच करेंगी। उन्होंने बताया कि जिले में दो लाख 48 हजार परिवारों और 12 लाख 70 हजार सदस्यों का वैरीफिकेशन करना है

करें राशन दुकान की जानकारी प्राप्त

ऐप से राशन दुकान की सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, इसके लिए आपको सबसे पहले M-Ration Mitra App को अपने मोबाइल में इनस्टॉल करना होगा, एप्लीकेशन को Play Store से डाउनलोड कर सकते हैं, एप्लीकेशन को अभी डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें.

M-Ration Mitra App

M-Ration Mitra App को अपने मोबाइल में इनस्टॉल करने के बाद आपको बहौत सारे ऑप्शन मिलेंगे, जैसे की आपको वहाँ पर परिवार हेतु सेवाएं, राशन कार्ड हेतु सेवाएं, राशन की दुकान लाभार्थी परिवार, और आस पास की
दुकानो की सूचि के लिए विकल्प मिलेंगे.

अगर आपको राशन की दुकान की जानकारी चाहिए तो आप राशन की दुकान लाभार्थी परिवार वाले ऑप्शन में क्लिक करें, तो वहाँ पर आपको आपकी पंचायत चुन कर राशन की दुकान के बारे में जानकारी मिल जाएगी.

M-Ration Mitra App से लाभार्थी परिवार अपना मासिक खाद्यान्न, आवंटन, उठाव, दुकान में खाद्यान्न की उपलब्धता, दुकान में स्थापित POS मशीन की स्थिति, आस-पास मौजूद दुकानों की लोकेशन, दुकानों के लाभार्थी परिवार एवं उनके सदस्यों की प्रमाणित जानकारी घर बैठे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। एप पर परिवारों को खाद्यान्न वितरण में आर ही समस्याओं को रिपोर्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। दुकान बंद होने, कम तौलने, वितरण न होने आदि की शिकायतों को भी एप के माध्यम से दर्ज किया जा सकता है।

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MP Teacher ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे? जानिए यहाँ पर…

MP Teacher Online Transfer Application: मध्य प्रदेश शासन एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समस्त विभागों के राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियो एवं कर्मचारियों के स्थान्तरण के सम्बन्ध में आदेश जारी किया गया है जो कि 16 सितम्बर 2022 को जारी किया गया है जिसमे बताया गया है कि 17 सितम्बर 2022 से 5 अक्टूबर 2022 की अवधि के लिए स्थान्तरण से प्रतिबन्ध को शिथिल करता है|

स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश ने ट्रांसफर नीति में अहम् बदलाव किये हैं इस नीति में में अब शिक्षकों को ट्रांसफर (MP Teacher Online Transfer Application) के लिए कहीं भटकने की जरुरत नहीं होगी ।ट्रांसफर प्रक्रिया को ऑनलाइन एंवम ऑटोमेटेड सिस्टम से पारदर्शी बनाने की कोशिश की गयी है ।

Online Teacher Management System (ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण प्रबंधन प्रणाली ) पोर्टल के माध्यम से आप ट्रांसफर हेतु रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं , यह सुविधा पोर्टल पर जल्द ही विभाग द्वारा उपलब्ध करा दी जाएगी|

अभी हम सिर्फ ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद देख सकते है, तो आइए जानते है कि ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे?

MP Teacher शिक्षक ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद कैसे देखे?

स्टेप 1. शिक्षा विभाग में शिक्षक ट्रांसफर हेतु ऑनलाइन रिक्त पद देखने के लिए सर्वप्रथम किसी भी ब्राउज़र को ओपन करके एजुकेशन पोर्टल को ओपन करना है

स्टेप 2.एजुकेशन पोर्टल के ओपन हो जाने के बाद राइट कार्नर में लॉगिन के बटन पर क्लिक करना है | और अपनी यूनिक आई डी (यूजरनेम) और पासवर्ड से लॉगिन हो जाये|

स्टेप 3. लॉगिन होने पर नया इंटरफ़ेस कुछ इस प्रकार से हमारे सामने आ जायेगा| अब हम यहाँ पर देखेंगे की यहाँ पर ऑनलाइन ट्रांसफर का एक ऑप्शन दिखाई देगा, जैसा की आप इमेज पर देख प् रहे हैं|

स्टेप 4. अब आप को ऑनलाइन ट्रांसफर के ऑप्शन पर क्लिक करना है साथ ही इस ऑप्शन पर मैन मेनू के ऑप्शन से जा सकते हैं |

स्टेप 5. ऑनलाइन ट्रांसफर के ऑप्शन पर क्लिक करने पर एक नया पेज ओपन हो जायेगा, जिसमे बहुत सरे ऑप्शन दिखाई देंगे किन्तु विभाग द्वारा अभी तक अप्लाई करने का ऑप्शन नहीं दिया गया है| केवल रिक्त पदों की जानकारी चेक कर सकते हैं|

स्टेप 6. रिक्त पदों की जानकारी चेक करने के लिए जैसे हम Set- up Posts वाले ऑप्शन पर माउस पॉइंटर ले कर जायेगे तो इसमें दो ऑप्शन आ जायेगे जिसमे पहला ऑप्शन है View Setup and Post code और दूसरा ऑप्शन है View Merged School Detail.

स्टेप 7. अब हम पहले ऑप्शन View Setup and Post code पर क्लिक करेंगे

स्टेप 8. पहले ऑप्शन View Setup and Post code पर क्लिक करते ही एक नया पेज ओपन होगा|

स्टेप 9. अब हमें जिस भी जिले में रिक्त पदों की जानकारी चेक करना है उस जिले का चयन करेंगे, विकासखंड का चयन करेंगे और फिर शाला का प्रकार का चयन करेंगे कि किस प्रकार की शाला में आप रिक्त पदों की जानकारी चाह रहे है, उसके बाद विषय या पैनल समूह को सेलेक्ट करना है जिसमे दो ऑप्शन दिखाई देंगे, पहला ऑप्शन है HM-PS और दूसरा ऑप्शन है SSS-3 यानि संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 है इनमे से जिस पद की जानकारी चाह रहे है उसको सेलेक्ट करना है|

स्टेप10. सभी प्रकार की जानकारी भरने के बाद कॅप्टचा कोड एंटर करना है कॅप्टचा कोड एंटर करने के बाद view posts,Post Code and vacancies वाली बटन पर क्लिक करना है अब आप के स्क्रीन पर रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हो जाएगी |

स्टेप 11. यदि आप ये सब जानकारी नहीं भरना चाहते है तो सीधे स्कूल का DISE CODE एंटर करना है और कॅप्टचा कोड एंटर करना है अब आप के स्क्रीन पर सम्बंधित स्कूल की जानकारी प्राप्त हो जाएगी|

नोट : अभी पोर्टल पर ऑनलाइन ट्रांसफर आवेदन की सुविधा नहीं दी गयी है जैसे ही यह सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध हो होगी इसकी भी जानकारी आप को प्रदान कर दी जाएगी |

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं? IRCTC में ID बनाना सीखें।

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं? पूरी जानकारी।

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं– आजकल सब कुछ ऑनलाइन होगया है और आप में से अधिकतर लोगों को ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग के बारे में जानकारी होगी, लेकिन कई लोग ऐसे भी होंगे जिन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं होगी। रेलवे टिकट की ऑनलाइन बुकिंग के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि आपके पास IRCTC का अकाउंट होना चाहिए। यदि आपके पास IRCTC का अकाउंट नहीं है तो आज हम आपको बताते हैं की कैसे आप irctc में अपना अकाउंट बना सकते हैं।

बता दें की ऑनलाइन train ticket book करने के लिए आपके पास IRCTC का अकाउंट होना चाइये तभी आप टिकट बुक कर सकते हैं। बहौत सारे लोग एजेंट्स से ट्रेन की टिकट बुक करवाते है लेकिन वो उनसे ज्यादा पैसे लेलेते हैं तो इसलिए हमसब की पास अपना खुद का अकाउंट होना चाइए ताकि हम जब चाहें तब ट्रेन की टिकट अपने अनुसार बुक कर सकें।

ऑनलाइन सिर्फ वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनके पास आईआरसीटीसी का अकाउंट होगा। आइए हम आपको IRCTC पर अकाउंट बनाने का तरीका बताते हैं।

IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं हिंदी में जानकारी

Note– अगर आपको इंग्लिश अच्छे से समझ में नहीं आती है तो आप ऊपर राइट साइड में हिंदी भाषा को चुन सकते हैं फिर फॉर्म हिंदी में आजयेगा।

Step 1- सबसे पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctc.co.in पर जाएं और रजिस्ट्रेशन के विकल्प पर क्लिक करें। यदि आपको कुछ समझ नहीं आ रहा है तो यहां क्लिक करें।निचे दिए गए स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं।

Step 2- अब आपके सामने एक फॉर्म खुला होगा, उसमें यूजर नेम डालें। उदाहरण के तौर पर यदि आपका नाम Aman है तो आप AmanK60 नाम से अपनी आईडी बना सकते हैं। इसके बाद पासवर्ड डालें (पासवर्ड खुद बनाना है, ईमेल का पासवर्ड नहीं डालना है) और फिर पासवर्ड कंफर्म करें। (यूजर नेम और पासवर्ड को लिखकर रख लें ताकी भूलें नहीं)

Step 3- अब सुरक्षा सवाल (सिक्योरिटी क्वेश्चन डालें)। इसके लिए आपको कई विकल्प मिलेंगे। फिर सिक्योरिटी क्वेश्चन का जवाब डालें और भाषा का चयन करें।

Step 4- इसके बाद पर्सनल डीटेल में अपना पूरा नाम डालें। यहां वही नाम एंटर करे जो नाम आपके आधार कार्ड में लिखा हुआ है।

Step 5- इसके बाद लिंग की जानकारी दें कि आप महिला हैं, पुरुष हैं या ट्रांसजेंडर हैं वो सही जगह पर भरें।

Step 6- अब आगे जन्म तारीख, व्यवसाय, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और घर का पता जैसी जानकारी देनी होंगी वो अब डालने के बाद आगे बढ़ें।मोबाइल नंबर पर otp आने के बाद वेरीफाई करलें।

Step 7- फिर आवासीय पता भरें और पूछी जा यही सभी जानकारी को अच्छे से भरें।

Step 8- सबकुछ भरने के बाद एक बार अपना फॉर्म अच्छे से देखलें फिर कैप्चा सेलेक्ट करने इ बाद Terms and conditions वाले बॉक्स में क्लिक करने के बाद रजिस्टर वाली बटन में क्लिक करे।

तो इस तरह से आपका अकाउंट बन जएगा। तो आपको अब समझ में आगया होगा की IRCTC में अकाउंट कैसे बनाएं? तो अगर आपको कोई चीज़ समझ में नहीं आरी हो या आप कुछ पूछना चाहते हों तो निचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं हम आपकी मदद करने की पूरी कोसिस करेंगे।

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Gautam Adani: गौतम अडानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बन गए हैं

गौतम अडानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी – फोर्ब्स के मुताबिक अदानी ग्रुप के मालिक उद्योगपति गौतम अदानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। बिजनेस टाइकून ने एलवीएमएच मोट हेनेसी के सह-संस्थापक और अध्यक्ष बर्नार्ड अरनॉल्ट को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है।

फोर्ब्स की रीयल-टाइम अरबपतियों की सूची के अनुसार, अडानी और उनके परिवार की कुल संपत्ति $155.4 बिलियन थी, जबकि अर्नाल्ट की $155.2 बिलियन थी। स्पेसएक्स और टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क जिनकी कुल संपत्ति 273.5 बिलियन डॉलर है, फोर्ब्स की सूची में सबसे ऊपर हैं।

Gautam Adani

रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी 92.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ आठवें स्थान पर हैं, इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स (कुल मूल्य 105.3 अरब डॉलर), लैरी एलिसन (98.3 अरब डॉलर) और दिग्गज वॉल स्ट्रीट निवेशक वारेन हैं।

बुफे (जाल) हैं। $96.5 बिलियन)। गौतम अडानी को उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) द्वारा USIBC 2022 ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। पिछले महीने भी, श्री अदानी ने तीसरे स्थान पर रहने के लिए अर्नाल्ट को पछाड़ दिया, लेकिन मस्क और बेजोस से पीछे थे।

इस बार उन्होंने थोड़े समय के लिए बेजोस को पछाड़ दिया। उनके दूसरे स्थान पर आने के साथ, अरनॉल्ट को तीसरे स्थान पर धकेल दिया गया, उनके परिवार की कुल संपत्ति गिरकर $153.5 बिलियन हो गई क्योंकि यह गिरकर $4.9 बिलियन हो गई। उन्होंने 152.8 अरब डॉलर की अपनी कुल संपत्ति के साथ फिर से इस पद पर कब्जा कर लिया है, हालांकि इसमें और गिरावट आई है।

Gautam Adani

खाद्य उद्योग पर अडानीअंबानी की लड़ाई –

भारत के खाद्य उद्योग में वर्चस्व की लड़ाई अडानी और अंबानी के बीच चल रही है और दोनों कंपनियों ने इस 400 अरब डॉलर के खाद्य उद्योग में अपना पैर जमाने के लिए तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।

अदानी विल्मर ने हाल ही में कई ब्रांडों का अधिग्रहण किया है, विशेष रूप से कोहिनूर कुकिंग ब्रांड, मैककॉर्मिक स्विट्जरलैंड। इस अधिग्रहण के साथ, अदानी समूह अब बासमती चावल के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में शुमार हो गया है।

पिछले एक साल में अदाणी समूह ने 17 अरब डॉलर की कुल लागत से 32 कंपनियों को खरीदा है। जबकि, रिलायंस रिटेल लिमिटेड ने घोषणा की थी कि वह एफएमसीजी क्षेत्र में प्रवेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को सस्ती कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना है।

अडानी क्यों आगे बढ़े?

अदाणी समूह ने पिछले कुछ वर्षों में कोयले से लेकर बंदरगाहों और डेटा केंद्रों से लेकर सीमेंट, मीडिया और एल्यूमिना तक हर चीज में निवेश किया है। अदानी समूह अब भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बंदरगाह और हवाई अड्डे के संचालक, शहर-गैस वितरक और कोयला खनिक का मालिक है।

ऑस्ट्रेलिया में अडानी की कारमाइकल खदान की पर्यावरणविदों द्वारा आलोचना की जा रही है, कंपनी ने नवंबर में दुनिया की सबसे बड़ी अक्षय-ऊर्जा उत्पादक बनने के लिए हरित ऊर्जा में $ 70 बिलियन का निवेश करने का वादा किया था।

हाल ही में, अदानी ने अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और स्विस कंपनी होल्सिम ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड के व्यवसाय का स्वामित्व प्राप्त करके सीमेंट उद्योग में प्रवेश किया। यह बिजनेस डील करीब 10.5 अरब करोड़ डॉलर में हुई थी।

Vishwakarma Puja 2022: यहां जानिए विश्वकर्मा पूजा की तिथि, महत्व और अनुष्ठान

हेलो दोस्तों, विश्वकर्मा पूजा, विश्वकर्मा दिवस, या विश्वकर्मा जयंती, दिव्य भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है। यह पवित्र दिन उन भक्तों के लिए बहुत महत्व रखता है जो इस दिन को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। यहां पढ़कर आप विश्वकर्मा पूजा और शुभ तिथि और समय के बारे में जान सकते हैं। विश्वकर्मा पूजा भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है, जिन्हें दुनिया के दिव्य वास्तुकार या डिजाइनर के रूप में जाना जाता है। विश्वकर्मा पूजा का शुभ अवसर हर साल भगवान विश्वकर्मा की जयंती के रूप में मनाया जाता है। विश्वकर्मा पूजा देश भर के शिल्पकारों और कारीगरों के लिए सबसे शुभ दिन है।

Vishwakarma Puja 2022

विश्वकर्मा पूजा 2022 की तिथि और समय

विश्वकर्मा पूजा कन्या संक्रांति या कन्या संक्रांति के दिन होती है, और ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह आमतौर पर 16 या 17 सितंबर को पड़ती है। भारत में, यह एक प्रतिबंधित अवकाश है। विश्वकर्मा पूजा 2022 17 सितंबर 2022 (शनिवार) को पड़ रही है। विश्वकर्मा पूजा की गणना बिसुधा सिद्धांत के अनुसार की जाती है। यह अवसर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में मनाया जाता है।

आपको बता दें की पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, झारखंड और उड़ीसा जैसे कई पूर्वी राज्यों में, इसे ‘विश्वकर्मा पूजा’ के रूप में मनाया जाता है। विश्वकर्मा पूजा बंगाली महीने के अंतिम या अंतिम दिन मनाई जाती है, भाद्र, जिसे आमतौर पर कन्या संक्रांति के रूप में भी जाना जाता है। या भद्रा संक्रांति। दिवाली के बाद यह त्यौहार बिहार और कुछ अन्य उत्तरी राज्यों में मनाया जाता है। केरल में विश्वकर्मा पूजा ऋषि पंचमी के दिन मनाई जाती है। विश्वकर्मा पूजा की तिथि और समय नीचे दिया गया है।

विश्वकर्मा पूजा तिथि– 17 सितंबर 2022 (शनिवार)

विश्वकर्मा पूजा संक्रांति का समय– 07:36 AM (IST)

कन्या संक्रांति– 17 सितंबर 2022 (शनिवार)

विश्वकर्मा पूजा का महत्व

भगवान विश्वकर्मा की जयंती हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यधिक धार्मिक महत्व के साथ एक अत्यंत पवित्र अवसर माना जाता है। भक्तों द्वारा यह माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा भगवान ब्रह्मा की संतान हैं। भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के लिए महलों और यहां तक कि दिव्य हथियारों का डिजाइन और निर्माण करने के लिए जाना जाता है। उनकी रचनाओं और कार्यों की विशालता का उल्लेख स्थापत्य वेद, जो वास्तुकला और यांत्रिकी का विज्ञान है, और ऋग्वेद में किया गया है। भक्त विश्वकर्मा पूजा या विश्वकर्मा जयंती को एक महत्वपूर्ण दिन मानते हैं जो दिव्य भगवान विश्वकर्मा का सम्मान करता है। यह दिन श्रमिक समुदाय के लिए बहुत महत्व रखता है।

दोस्तों यह दिन न केवल वास्तुशिल्प और इंजीनियरिंग समुदायों द्वारा बल्कि शिल्पकारों, कारीगरों, वेल्डर, बढ़ई, यांत्रिकी, कारखाने के श्रमिकों, औद्योगिक श्रमिकों और अन्य लोगों द्वारा भी सम्मानित किया जाता है। इस दिन, वे सुरक्षित काम करने की स्थिति, मशीनों के सुरक्षित और सुचारू संचालन, बेहतर भविष्य और अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता के लिए भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना करते हैं। श्रमिकों और शिल्पकारों का समुदाय अपने औजारों की पूजा करता है और इस अवसर पर उनका उपयोग करने से परहेज करता है। इसलिए यह दिन उनके लिए छुट्टी का दिन बन जाता है।

आपको बता दें की इस अवसर पर पूरे देश में मंदिरों और कार्यस्थलों पर पूजा और कई अन्य अनुष्ठान किए जाते हैं। कई कार्यस्थल श्रमिकों और कारीगरों के लिए मुफ्त लंच का आयोजन करते हैं। भारत के अलावा नेपाल में भी यह खास त्योहार मनाया जाता है। यह त्यौहार सबसे महत्वपूर्ण रूप से औद्योगिक क्षेत्रों और कारखानों में मनाया जाता है।

विश्वकर्मा पूजा से जुड़े अनुष्ठान

  • विश्वकर्मा पूजा पर दुकानों, कार्यालयों, कारखानों और कार्यस्थलों में विशेष पूजा और प्रार्थना की जाती है। इस दिन हवा में उत्सव और उत्सव को दर्शाते हुए पूजा स्थल को फूलों से खूबसूरती से सजाया जाता है।
  • इस अवसर पर, भक्त भगवान विश्वकर्मा और उनके ‘वाहन’ या वाहन, हाथी की पूजा करते हैं। इस दिन कार्यालयों, कारखानों और उद्योगों में स्थापित मशीनों की भी पूजा की जाती है। इसके अतिरिक्त, श्रमिक और शिल्पकार इस दिन अपने औजारों की पूजा करते हैं।
  • पूजा के लिए कारखानों और कार्यस्थलों में भगवान विश्वकर्मा की विशेष मूर्तियाँ, मूर्तियाँ या चित्र स्थापित किए जाते हैं। पूजा करने के लिए श्रमिकों और कारीगरों को एक आम जगह पर इकट्ठा होना चाहिए।
  • भक्तों को भोर में स्नान करना चाहिए और स्वयं को शुद्ध करना चाहिए। उसके बाद उन्हें दैनिक उपयोग की मशीनों, औजारों और उपकरणों को साफ करना चाहिए।
  • आपको विश्वकर्मा पूजा के दौरान भगवान विश्वकर्मा के साथ भगवान विष्णु की तस्वीर रखनी चाहिए। देवताओं को कुमकुम (सिंदूर), अक्षत, गुलाल, फूल, फल, मिठाई, हल्दी, चावल, सुपारी, अगरबत्ती, रक्षासूत्र, दही आदि चढ़ाएं।
  • अष्टदल की रंगोली बनाकर उस पर सात प्रकार के अनाज रख दें।
  • साथ ही पूजा के समय जल से भरा कलश अवश्य रखें।
  • भगवान विश्वकर्मा को श्रद्धा के साथ पुष्प अर्पित करें। फिर तिलक लगाएं और सभी औजारों पर अक्षत लगाएं। भक्तों को कलश रखना चाहिए और रोली और अक्षत को कलश में लगाना चाहिए। साथ ही मंत्र का जाप करें- “O श्री सृष्टनाय सर्वसिद्धाय विश्वकर्माय नमो नमः” पूरी भक्ति के साथ, और भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना करें।
  • देवता के औजारों, कलशों, मशीनों और मूर्तियों पर तिलक और सिंदूर लगाकर फूल चढ़ाएं।
  • इसके बाद देवताओं को मिठाई का भोग लगाएं। अक्षत छिड़कें और फिर अपने पूरे घर में फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग करके पानी छिड़कें।
  • पूजा स्थल पर अगरबत्ती जलाएं और घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
  • यदि आप कारखाने, कार्यालय, दुकान आदि स्थानों पर पूजा कर रहे हैं, तो अपने सभी कर्मचारियों, मित्रों और परिवार के साथ भगवान विश्वकर्मा की आरती अवश्य करें। पहले देवी-देवताओं को प्रसाद चढ़ाएं और फिर सभी में बांटें।
  • भगवान विश्वकर्मा की मूर्तियों को खूबसूरती से सजाए गए पंडालों में रखा जाता है, जहां मुख्य अनुष्ठान किए जाते हैं। पूरा वातावरण श्रद्धा और उत्साह से भर जाता है। विश्वकर्मा पूजा के पूरा होने के बाद, प्रसाद सभी के बीच वितरित किया जाता है।
  • इस अवसर पर भव्य भोजन या भोज भी तैयार किया जाता है। देश के कुछ क्षेत्रों में इस अवसर पर लोगों द्वारा पतंग उड़ाने की परंपरा भी है। जैसा कि माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए उड़ने वाले रथ और हथियार बनाए थे, यही कारण है कि उनके कौशल का सम्मान और प्रशंसा करने के लिए पतंग उड़ाए जाते हैं।

निष्कर्ष

दोस्तों भगवान विश्वकर्मा एक दिव्य वास्तुकार और देवताओं के इंजीनियर होने के लिए जाने जाते हैं। विश्वकर्मा पूजा को पूर्ण विश्वास के साथ करने से कलाकार को देवता को प्रसन्न करने और एक सफल और समृद्ध जीवन जीने के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। यह सुनिश्चित कर सकता है कि एक व्यक्ति के पास एक सफल पेशेवर जीवन होगा। भक्तों का मानना है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से किसी का व्यवसाय छलांग और सीमा से बढ़ सकता है।

दोस्तों फिर भी, अगर आप हमसे इस आर्टिकल से जुड़े कुछ सवाल हमसे पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं हमारी टीम आपका जवाब जरूर देगी , कृपया अपने दोस्तों के साथ जरूर इस आर्टिकल को साझा करे ताकि उनको भी यह जानकारी मिल सके धन्यवाद।

Brahmastra Worldwide Box Office Collection this week: रणबीर कपूर-आलिया भट्ट की फिल्म दुनिया भर में 295 करोड़ के पार कमाई की

Brahmastra worldwide box office collection : अयान मुखर्जी के निर्देशन में बनी आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की फिल्म ब्रह्मास्त्र बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अयान मुखर्जी का ड्रीम प्रोजेक्ट ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा ने सफल सप्ताहांत के बाद सोमवार को बॉक्स ऑफिस पर कैश रजिस्टर स्थापित करना जारी रखा, कथित तौर पर रिलीज के बाद 7 दिन में पूरे भारत में 173 करोड़ और दुनिया भर में 295 करोड़ के पार कमाई की।

‘ब्रह्मास्त्र भाग 1: शिव’ एक आधुनिक पौराणिक नाटक है जिसे बनाने में लगभग 6 साल लगे। फिल्म शिव (रणबीर कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो आग के साथ अपने अनोखे रिश्ते के साथ अपनी जादुई महाशक्तियों की खोज के लिए एक यात्रा पर निकलता है। आलिया भट्ट ईशा की भूमिका निभाती हैं, जो फिल्म में उनकी प्रेमिका की भूमिका निभाती है। फिल्म में मौनी रॉय, अमिताभ बच्चन और नागार्जुन अक्किनेनी भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं और शाहरुख खान द्वारा विस्तारित कैमियो भी है।

हाल ही में टीम ब्रह्मास्त्र ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और वहां रणबीर को एडवांस बुकिंग पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया। कपूर ने कहा कि वे इन आंकड़ों को गंभीरता से नहीं ले सकते, क्योंकि जब तक दर्शक फिल्म नहीं देखते हैं, तब तक खेल शुरू नहीं होता है।

“फिल्म दर्शकों के लिए बनाई गई है। मुझे लगता है कि शुक्रवार को हमें पता चल जाएगा कि हम कहां हैं, कितने पानी के अंदर है।” कपूर ने कहा, “बेशक, भावना सकारात्मक है। हम दिलवाले (दुल्हनिया) ले जाएंगे से शाहरुख खान के रूप में आए हैं, आपसे ‘हमारी फिल्म देखने आएं बस इतना ही।” रणबीर ने आगे कहा कि उनकी पत्नी और सह-कलाकार आलिया एडवांस बुकिंग को मिल रही प्रतिक्रिया से काफी उत्साहित हैं, “वह सब कुछ नोट कर रही हैं, यहां इतना खुला है, यह वहां की प्रतिक्रिया है।”

रणबीर खुश हैं कि उनके साथ उनके दो पसंदीदा- आलिया और निर्देशक अयान मुखर्जी हैं। अभिनेता ने खुलासा किया कि वह इस सप्ताह तक फिल्म पर काम कर रहे थे, “लेकिन वास्तव में, हमें कल ही हमारा दोस्त अयान मिला। कल तक, वह फिल्म पर काम कर रहा था। हम हमेशा इस साझा अनुभव को एक साथ बिताना चाहते थे, इन दिनों को एक साथ बिताएं, और हर भावना को महसूस करो। तो हाँ, यह एक बहुत ही रोमांचक समय है। ”

Brahmastra – Part One Shiva Review

शिव एक व्यक्ति की अपनी महाशक्तियों की खोज की कहानी है। शिवा (रणबीर कपूर) मुंबई में स्थित एक डीजे है, और एक लापरवाह जीवन जीता है। वह एक अनाथ है; वह अनाथ बच्चों के साथ रहता है और उन पर प्यार करता है। वह ईशा (आलिया भट्ट) के पास आता है और तुरंत उसके लिए गिर जाता है। वह भी उसकी ओर आकर्षित हो जाती है, खासकर उसके जीवन के तरीके के बारे में सीखते समय। सब कुछ ठीक चल रहा होता है जब अचानक शिव को चमकने लगती है।

वह दुष्ट जूनून (मौनी रॉय) को एक वैज्ञानिक, मोहन भार्गव (शाहरुख खान) को मारते हुए और उससे एक दुर्लभ कलाकृति को छीनते हुए देखता है। मरने से पहले, मोहन दबाव में कहता है कि कलाकृति का दूसरा हिस्सा अनीश शेट्टी (नागार्जुन अक्किनेनी) नाम के एक कलाकार के पास है, जो वाराणसी में रहता है। शिव यह सब देखता है और महसूस करता है कि जूनून आगे अनीश को निशाना बनाने के लिए तैयार है। अनीश को आसन्न खतरे से आगाह करने के लिए शिव वाराणसी जाने का फैसला करते हैं। ईशा भी उनके साथ है।

वाराणसी में शिव और ईशा अनीश को बचाते हैं। अनीश के लिए धन्यवाद, उन्हें पता चलता है कि मोहन से चुराई गई कलाकृति ‘ब्रह्मास्त्र’ का एक हिस्सा है। इसके दो हिस्से और हैं और अनीश का एक हिस्सा। वह इसे शिव और ईशा को सौंप देता है और उन्हें गुरु (अमिताभ बच्चन) के आश्रम में जाने के लिए कहता है, जबकि वह जूनून को रोकने की कोशिश करता है। अनीश अपने जीवन का बलिदान देता है और जब शिव का सामना जूनून के गुंडे से होता है, तो वह अनजाने में अपनी अग्नि शक्ति का उपयोग करके उसे नष्ट कर देता है। आगे क्या होता है बाकी फिल्म बन जाती है।
अयान मुखर्जी की कहानी ताजा, आशाजनक है, और इसमें बड़े पैमाने पर एक्शन एंटरटेनर की भूमिका है। अयान मुखर्जी की पटकथा कई हिस्सों में प्रभावी है, खासकर पहले भाग में।

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन कैसे भरें? E-Challan ऑनलाइन भरें

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन कैसे भरें?

Motor Vehicles Act के लिए बहोत सारे लोग ट्रैफिक चालान ऑनलाइन भरने के तरीके खोज रहे हैं तो हमारा आज का यह लेख खास उन्ही लोगों के लिए है, की कैसे वो E-Challan का भुगतान कर सकते हैं, बिना किसी परेशानी के.

हेलमेट नहीं पहनने वालों पर जुर्माना तो बढ़ा दिया गया है, लेकिन अब भी कई वाहन चालक यातायात चैकिंग को नजर अंदाज करते हुए रास्ता बदल लेते हैं। अब हेलमेट नहीं पहनने वालों को भारी जुर्माना देना पड़ रहा है। उनके घऱ तक इ-चालान पहुंचाया जाने लगा है।

E-Challan ऑनलाइन भरें

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन भरने के लिए निचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें और चालान भरें.

Step 1:- सबसे पहले आपको इ चालान की वेबसाइट पर जाना होगा, https://echallan.parivahan.gov.in/

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन

Step 2:- Website ओपन करने के बाद आपको होमपेज में ऊपर की ओर Check Challan Status वाले option में click करना है.

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन

Step 3:- अब आपको चलान स्टेटस को चेक करने के तीन विकल्प मिलेंगे, एक चलान नंबर, दूसरा वाहन नंबर और तीसरा Driving License नंबर का, आपको किसी भी विकल्प को चुनकर नंबर डालना है. और फिर Captcha डालने के बाद GET DETAIL बटन में क्लिक करना है.

अगर आपका कोई वैध ई-चालान मिलेगा तो आपको नीचे की ओर चलान दिखने लगेगा, साथ ही भुगतान के लिए विकल्प दिया जाएगा, अगर आपको चालान की डिटेल्स दिखाई देती है तो वहां दीगई Pay Now बटन पर क्लिक करते ही भुगतान के लिए आपके राज्य की वेबसाइट खुल जाएगी, जहाँ आप ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं.

Paytm के माध्यम से भी भर सकते हैं चालान

दोस्तों अगर आप Paytm के माध्यम से चालान भरना चाहते हैं, तो आप वो भी कर सकते हैं, लेकिन हम आपको एक चीज़ बता दें की paytm से चालान भरने के लिए अभी कुछ चुनिंदा राज्यों को ही PayTm में ऐड किआ गया है, और वो राज्य हैं, आंध्र प्रदेश, चेन्नई, फरीदाबाद, महाराष्ट्र और तेलंगाना के लिए.

ट्रैफिक चालान ऑनलाइन

अगर आप इनमे से किसी राज्य से हैं तो आप PayTm से ऑनलाइन चालान भर सकते हैं, इसके लिए आपको पेटम की वेबसाइट या app में जाना होगा और वहाँ पर, चालान वाले सेक्शन में जाकर अपना राज्य चुनकर चलान नंबर, वाहन नंबर और Driving License नंबर की मदद से अपने चालान का पता लगा सकते हैं. और पेटम से ही पेमेंट कर सकते हैं, जिसके बाद आपको रिसिप्ट भी मिल जाएगी.

तो इस तरह से आप ट्रैफिक चालान ऑनलाइन भर सकते हैं, और अपने चालान का भुक्तान घर बैठे कर सकते हैं, वो भी बिना किसी परेशानी के.

in a blink of the eye jioij

Anil Bokil कौन है जिसने मोदी जी नोटबंदी का सुझाव दिया था|

कौन हैं अनिल बोकिल?

महाराष्ट्र के लातूर में जन्मे 53 साल के बोकिल ‘अर्थक्रांति प्रतिष्ठान’ के फाउंडर हैं। वे मूल रूप से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। बाद में उन्होंने इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की और पीएचडी भी हासिल की। इंजीनियरिंग के साथ-साथ अनिल मुंबई में कुछ वक्त तक डिफेंस सर्विस से जुड़े रहे। फिर उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में खुद का कुछ करने का सोचा और औरंगाबाद लौटकर इंडस्ट्रियल टूल्स और पार्ट्स की फैक्ट्री लगाई। वे रेयर किस्म के पार्ट्स बनते थे।

  • महाराष्ट्र के लातूर में जन्मे 53 साल के बोकिल ‘अर्थक्रांति प्रतिष्ठान’ के फाउंडर हैं। वे मूल रूप से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। बाद में उन्होंने इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की और पीएचडी भी हासिल की। इंजीनियरिंग के साथ-साथ अनिल मुंबई में कुछ वक्त तक डिफेंस सर्विस से जुड़े रहे। फिर उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में खुद का कुछ करने का सोचा और औरंगाबाद लौटकर इंडस्ट्रियल टूल्स और पार्ट्स की फैक्ट्री लगाई। वे रेयर किस्म के पार्ट्स बनते थे।

वे जिस अर्थक्रांति प्रतिष्ठान को चलाते हैं, वह पुणे की इकोनॉमिक एडवाइजरी संस्था है। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और इंजीनियर शामिल हैं। अर्थक्रांति प्रपोजल को संस्थान ने पेटेंट कराया है।

अनिल बोकिल वही शख्स हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार को नोटबंदी का आइडिया दिया था। वे पेशे से इंजीनियर हैं और मुंबई में कुछ वक्त तक डिफेंस सर्विस से जुड़े रहे हैं।

8 नवंबर 2016 की आधी रात से केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रु. के नोट बंद करने का एलान किया था। इससे तीन साल पहले पुणे के अर्थक्रांति प्रतिष्ठान के अनिल बोकिल ने बीजेपी नेताओं को नोटबंदी का प्रपोजल दिया गया था। उस वक्त मोदी गुजरात के सीएम थे। बोकिल को मोदी से मुलाकात के लिए सिर्फ 9 मिनट का वक्त दिया गया था, लेकिन नोटबंदी का प्रपोजल जानने के बाद नरेंद्र मोदी ने इसमें इंटरेस्ट दिखाया और पूरे 2 घंटे तक चर्चा की।

नोटबंदी के पांच साल बीत जाने के बाद जानिए अनिल बोकिल से कि क्या पूरा हुआ सरकार का नोटबंदी का मकसद:

8 नवंबर 2016 की आधी रात से केंद्र सरकार ने 500 और 1000 रु. के नोट बंद करने का एलान किया था। इससे तीन साल पहले पुणे के अर्थक्रांति प्रतिष्ठान के अनिल बोकिल ने बीजेपी नेताओं को नोटबंदी का प्रपोजल दिया गया था। उस वक्त मोदी गुजरात के सीएम थे। बोकिल को मोदी से मुलाकात के लिए सिर्फ 9 मिनट का वक्त दिया गया था, लेकिन नोटबंदी का प्रपोजल जानने के बाद नरेंद्र मोदी ने इसमें इंटरेस्ट दिखाया और पूरे 2 घंटे तक चर्चा की थी |

आज नोटबंदी के पांच साल पुरे हो चुके हैं तो आइए कुछ सवालों के माध्यम से जानने के कोशिश करते हैं कि क्या पूरा हुआ है सरकार का नोटबंदी का मकसद :

Anil Bokil

सवाल: सरकार का नोट बंदी का फैसला 5 साल बाद कितना कारगर साबित हुआ है?

जवाब: लगभग पूरी दुनिया में आज डिजिटल इकोनॉमी हावी है। इसी की वजह से भारत आज प्रगति कर रहा है और वर्तमान में इसकी स्थिति पहले से काफी अच्छी है। भारत के पास डिजिटल इकोनामी होने के कारण विदेशों से भारी मात्रा में एफडीआई आ रहा है। इसके अलावा भारत के पास और कोई रास्ता ही नहीं था।

सवाल: नोटबंदी का जब ऐलान किया गया तो केंद्र सरकार ने कहा था कि इससे काले धन पर लगाम लगेगी और भ्रष्टाचार कम होगा। आपको क्या लगता है कि क्या वाकई उनका यह उद्देश्य पूरा हुआ है?

जवाब: करेंसी नोट के कम होने और डिजिटल इकोनॉमी के आने से लेन-देन में ट्रांसपेरैंसी बढ़ी है। लोगों को ट्रैक करना आसान हो गया है। नोटबंदी के बाद से देश में साहूकारी बंद हुई और ब्याज दर में कमी आई। वाइट मनी के ज्यादा सर्कुलेशन में आने से आज बेहद कम ब्याज दर पर बैंकों से लोन मिल रहा है। पहले करेंसी नोट की वजह से लेन-देन को ट्रैक करना मुश्किल था।
सिर्फ महाराष्ट्र की बात करें तो डिजिटाइजेशन की वजह से हर दिन यहां रेड हो रहीं हैं और बेनामी संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है। करप्शन का सबसे बड़ा जरिया ही करेंसी नोट थी, जिसे डिजिटाइजेशन से खत्म करने का प्रयास किया गया है और मुझे लगता है कि वह प्रयास काफी हद तक सफल भी रहा है।

सवाल: नोटबंदी के दौरान पीएम ने कहा था कि फेक करेंसी का चलन कम होगा। इसी साल पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 31 % ज्यादा 500 के नकली नोट पकड़े गए हैं।

जवाब: नोटबंदी से पहले 86 प्रतिशत बड़े नोट(500 और 1000 रु) सर्कुलेशन में थे। वर्तमान समय में सिर्फ 18 प्रतिशत यानी 28 लाख करोड़ रुपए के 2 हजार के नोट सर्कुलेशन में हैं। बड़े नोटों का प्रचलन कम हुआ है और इससे फेक करेंसी पर लगाम लगी है। वर्तमान में 50-55 प्रतिशत 500 की नोट सर्कुलेशन में हैं। 200 की नोट तकरीबन 14-15 प्रतिशत हैं। नोट बंदी के बाद यह साबित हो गया कि बड़े नोट की जरुरत ही नहीं थी। जैसे-जैसे छोटे नोटों का चलन बढ़ेगा फेक करेंसी का चलन कम होगा।

सवाल: नोटबंदी के दौरान यह भी कहा गया कि इससे टेररिज्म या नक्सलवाद पर लगाम लगेगी। आपको क्या लगता है वाकई इस और सरकार सफल रही है?

जवाब: टेररिज्म और नक्सलवाद पर बहुत बड़ी नकेल डिजिटाइजेशन ने कसी है। पहले क्या इसमें फंडिंग आसानी से हो जाती थी लेकिन अब लगभग उन पर पूरी तरह से रोक लग चुकी है। कश्मीर का जो मुद्दा है वह एक देश द्वारा स्पॉन्सर्ड टेररिज्म है। उसे हम टेररिज्म ना कहें बल्कि प्रॉक्सी वार कहे तो ज्यादा सही होगा। डिजिटाइजेशन आने से टेररिज्म, नक्सलवाद और एक्सटॉर्शन जैसी घटनाएं कम हुई हैं। एक्सटॉर्शन करना है तो आपको सेल कंपनी के द्वारा करना पड़ता है और वह भी ट्रेकेबल होता है और कभी ना कभी ऐसे लोग पकड़े जाते हैं।

सवाल: नोटबंदी से किसानों, व्यापारियों या आम लोगों को क्या खास फायदा हुआ है?

जवाब: इससे डिजिटल इकोनामी एक्सपेंड हुई है। कोविड-19 2 साल अगर निकाल दें तो भारत ने लगातार इसके बाद तरक्की ही की है। वर्तमान में जीडीपी की ग्रोथ कोविड-19 बाद जिस तरीके से भारत ने पकड़ी है उसके पीछे सबसे बड़ी वजह डिजिटाइजेशन ही है। हमारे देश में 80% गरीब लोग हैं जिन्हें सरकार घर में बैठा कर खाना खिला रही है। 100 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन सरकार ने किया है, इसके पीछे हमारी मजबूत अर्थव्यवस्था ही सबसे बड़ा कारण है। किसानों के खातों में सीधे ₹2000 अब पहुंच रहे हैं अगर इसे कैश में देना होता तो शायद इसका 1% भी उनके खाते में नहीं पहुंच पाता।

सवाल: नोटबंदी को क्या उसी तरह एग्जीक्यूट किया गया, जैसा आप चाहते थे? क्या आपके पास पुराने बड़े नोट बैन करने का सरकार से बेहतर प्लान था?

जवाब: सरकार ने हमारा 5 प्वाइंट प्रपोजल नहीं माना। शायद सरकार चुनाव से पहले किए गए वादों को निभाना चाहती हो। हमने एक टैक्सलेस कैश इकोनॉमी की बात कही थी।हमारा प्रपोजल एक जीपीएस सिग्नल की तरह था। हमने सिर्फ उन्हें (सरकार को) एक सही रास्ता दिखाया। जैसे जीपीएस गलत रास्ते पर जाने पर आपको दूसरा रास्ता दिखाता है वैसा ही कुछ काम हमने किया। हमने पांच साल पहले ही नोटबंदी के फायदे और नुकसान के सभी प्वाइंट्स पब्लिक डोमेन में रखे थे। हमने कभी नहीं बोला कि 500 और 1000 के नोट एक झटके में निकाल दो। सिर्फ 1000 के नोट बाहर निकालते तो 35% का गैप आ जाता। 500 के नए नोट का स्टॉक बढ़ा देते तो 2000 का नोट इंट्रोड्यूस ही नहीं करना पड़ता।

सवाल: केंद्र सरकार को क्या प्रपोजल दिया था?

इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की इस संस्था ने अपने प्रपोजल में कहा था कि इम्पोर्ट ड्यूटी छोड़कर 56 तरह के टैक्स वापस लिए जाएं। बड़ी करंसी 1000, 500 और 100 रुपए के नोट वापस लिए जाएं। देश की 78% आबादी रोज सिर्फ 20 रुपए खर्च करती है। ऐसे में उन्हें 1000 रुपए के नोट की क्या जरूरत? सभी तरह के बड़े ट्रांजैक्शन सिर्फ बैंक से जरिए चेक, डीडी और ऑनलाइन हों। कैश ट्रांजैक्शन के लिए लिमिट फिक्स की जाए। इन पर कोई टैक्स न लगाया जाए।

सवाल: राहुल गांधी और मनमोहन सिंह को भी दिया था प्रेजेंटेशन

बोकिल का कहना है कि ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी ने सिर्फ 2-3 सेकंड दिए थे लेकिन उनसे 3-4 मिनट अच्छी बात हुई। फिर उन्होंने अपने एक्सपर्ट का नंबर दिया था। उन्होंने फाइनेंस मिनिस्टर से बात करके पूरा प्लान समझाया था। उन्हें प्लान पसंद भी था, लेकिन हर सरकार चीजों को अलग नजरिए से देखती है। उनकी सोच अलग होती है। जब उन्होंने केंद्र सरकार को अपनी रिसर्च बताई तो उन्हें भी पसंद आई और तुरंत उस पर काम शुरू कर दिया।

Maha Laxmi Vrat 2022: महालक्ष्मी व्रत कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा

Maha Laxmi Vrat 2022: महालक्ष्मी व्रत को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। यह व्रत समृद्धि, भाग्य और धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है। महालक्ष्मी व्रत लगातार सोलह दिनों की अवधि के लिए मनाया जाता है।

द्रिक पंचांग के अनुसार यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है। इस वर्ष महालक्ष्मी व्रत उत्सव आज यानी 3 सितंबर से शुरू हो रहा है और यह 17 सितंबर 2022 को समाप्त होगा.

Maha Laxmi Vrat

महालक्ष्मी व्रत शुभ मुहूर्त:

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, महालक्ष्मी व्रत अश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। शनिवार 17 सितंबर को अष्टमी तिथि दोपहर 02.33 बजे शुरू होगी और अगले दिन रविवार 18 सितंबर को शाम 04.33 बजे तक रहेगी.

महालक्ष्मी व्रत कथा –

प्राचीन काल की बात है कि एक बार एक गांव में एक गरीब ब्राह्मण रहता था। वह ब्राह्मण श्री विष्णु की नित्य पूजा करता था। उनकी भक्ति और पूजा से प्रसन्न होकर, भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए और ब्राह्मण से उनकी इच्छा पूछने के लिए कहा। ब्राह्मण ने अपने घर में लक्ष्मी जी का निवास होने की इच्छा व्यक्त की।

यह सुनकर श्री विष्णु जी ने ब्राह्मण को लक्ष्मी जी को प्राप्त करने का उपाय बताया। जिसमें श्री हरि ने बताया कि मंदिर के सामने एक महिला आती है, जो यहां आकर थपथपाती है। आप उसे अपने घर आने के लिए आमंत्रित करते हैं और वह महिला देवी लक्ष्मी है। देवी लक्ष्मी जी के आपके घर आने के बाद आपका घर धन और अनाज से भर जाएगा। यह कहकर श्री विष्णु चले गए।

अगले दिन वह सुबह चार बजे मंदिर के सामने बैठ गया। जब लक्ष्मी जी खाना खाने आई तो ब्राह्मण ने उनसे अपने घर आने का अनुरोध किया। ब्राह्मण की बात सुनकर लक्ष्मी जी समझ गईं कि यह सब विष्णु जी के वचनों के कारण हुआ है।

लक्ष्मी जी ने ब्राह्मण से कहा कि तुम महालक्ष्मी का व्रत करो, 16 दिन उपवास करो और सोलहवें दिन चंद्रमा को अर्ध्य देने से तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी। पुकार कर लक्ष्मी जी ने अपना वचन पूरा किया। उसी दिन से इस दिन यह व्रत करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

महालक्ष्मी व्रत 2022: महत्व

महालक्ष्मी व्रत गणेश चतुर्थी उत्सव के चार दिन बाद होता है। भक्त धन और समृद्धि की देवी देवी महालक्ष्मी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए इस व्रत का पालन करते हैं। इस दौरान महालक्ष्मी के सभी आठ रूपों की पूजा की जाती है। महालक्ष्मी व्रत भारत के उत्तरी क्षेत्रों – उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में पूरे उत्साह और समर्पण के साथ मनाया जाता है।

महालक्ष्मी व्रत उत्सव अश्विन महीने में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को समाप्त होता है। महालक्ष्मी व्रत के सोलहवें दिन, भक्त नौ विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ और व्यंजन तैयार करते हैं और वे सबसे पहले देवी लक्ष्मी को अर्पित करते हैं। मां लक्ष्मी को भोग प्रसाद चढ़ाने के बाद, इसे परिवार के सभी सदस्यों, दोस्तों और रिश्तेदारों में वितरित किया जाता है।

महालक्ष्मी व्रत 2022: अनुष्ठान

1. भक्त जल्दी उठते हैं और पवित्र स्नान करते हैं।

2. चौकी पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित की जाती है।

3. देवी लक्ष्मी की मूर्ति के सामने एक कलश रखा जाता है और उसमें पानी और चावल भरकर कलश के चारों ओर एक कलावा बांध दिया जाता है।

4. कलश को पान और आम के पत्तों से ढककर ऊपर नारियल रखना चाहिए।

5. अनुष्ठान के अनुसार बाएं हाथ में सोलह गांठों वाला लाल रंग का धागा धारण करना चाहिए।

6. पूजा करते समय भक्तों को दूर्वा घास अवश्य रखनी चाहिए।

7. भक्त प्रतिदिन महालक्ष्मी व्रत कथा का पाठ करते हैं।

8. महालक्ष्मी पूजा पूरी करने के बाद, 16 दूर्वा घास (दूब) को एक साथ बांधा जाता है, पानी में डुबोया जाता है और पूरे शरीर पर छिड़का जाता है।

MP: क्या खास है एशिया के सबसे लंबे हाई स्पीड ट्रेक NATRAX के बारे में, जिसकी दुनिया भर में चर्चा है:

मध्य प्रदेश:मध्यप्रदेश (MP) अपनी उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। दरअसल आज हम बात कर रहे हैं एशिया के सबसे लंबे हाई स्पीड ट्रेक NATRAX के बारे में। मध्य प्रदेश के इंदौर के पीथमपुर में एशिया का सबसे बड़ा हाई स्पीडट्रेक NATRAX. जिस की विशेषता दुनिया भर में मप्र के लिए अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। तो यह जानते हैं एशिया के सबसे बड़े और लंबे हाय स्पीडट्रेक NATRAX के बारे में। NATRAX, NATRiP के तहत अत्याधुनिक ऑटोमोटिव परीक्षण और प्रमाणन केंद्र में से एक है, जो भारी उद्योग मंत्रालय की एक प्रमुख परियोजना है, जिसकी योजना केंद्र द्वारा शुरू की गई ऑटोमोटिव मिशन योजना के तहत बनाई गई है।

यह पीथमपुर (जिला धार) की जीवंत औद्योगिक बस्ती के पास स्थित है, जो मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी यानी इंदौर से 50 किमी दूर है, जो NH-3 बाय-पास रोड (इंदौर-मुंबई) पर स्थित है। केंद्र को लगभग 3,000 एकड़ भूमि में विकसित किया गया है। NATRAX के सबसे लंबे स्पीड ट्रैक में कुल 10 ट्रैक हैं, जिन्हें हर संभव इलाके में वाहनों का परीक्षण करने के लिए ध्यान में रखकर बनाया गया है।

NATRAX, एक हाई स्पीड ट्रैक (HST) जिसे दोपहिया वाहनों से लेकर भारी ट्रैक्टर ट्रेलरों तक सभी श्रेणी के वाहनों के लिए सभी प्रकार के उच्च गति प्रदर्शन परीक्षणों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में डिज़ाइन किया गया है, केंद्र द्वारा इंदौर, मध्य प्रदेश में अनावरण किया गया है। हाई स्पीड ट्रैक, जिसका उद्घाटन भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 29 जून को किया था। NATRAX एशिया में सबसे लंबा है और 11.3 किमी की लंबाई के साथ 1,000 एकड़ भूमि के क्षेत्र में विकसित किया गया है।

NATRAX केंद्र में कई परीक्षण क्षमताएं हैं जैसे अधिकतम गति, त्वरण, निरंतर गति ईंधन की खपत, वास्तविक सड़क ड्राइविंग सिमुलेशन के माध्यम से उत्सर्जन परीक्षण, उच्च गति से निपटने और स्थिरता मूल्यांकन जैसे लेन परिवर्तन और उच्च गति स्थायित्व परीक्षण के लिए किया जाता है। यह वाहन गतिशीलता के लिए उत्कृष्टता केंद्र भी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एचएसटी का उपयोग बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, ऑडी, फेरारी, लेम्बोर्गिनी, टेस्ला और इसके आगे जैसी हाई-एंड कारों की अधिकतम गति क्षमता को मापने के लिए किया जाएगा, जिन्हें किसी भी भारतीय परीक्षण ट्रैक पर नहीं मापा जा सकता है। हाई-स्पीड ट्रैक दुनिया में सबसे बड़ा है यानी 4 लेन के साथ 11.3 किमी और सभी प्रकार के वाहनों के लिए विकास और होमोलोगेशन परीक्षण करने के लिए उपयोग किया जाता है।

हाई-स्पीड ट्रैक दुनिया में सबसे बड़ा है यानी 4 लेन के साथ 11.3 किमी और सभी प्रकार के वाहनों के लिए विकास और होमोलोगेशन परीक्षण करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस ट्रैक का बड़ा आकार ओईएम को एक ही ट्रैक में कई तरह के परीक्षण करने में सक्षम बनाता है जैसे कोस्ट डाउन टेस्ट, ब्रेक टेस्ट, निरंतर गति ईंधन खपत परीक्षण, स्पीडोमीटर कैलिब्रेशन, शोर और कंपन माप और अन्य के बीच माइलेज संचय।

NATRAX

गतिशील मंच:

NATRAX में व्हीकल डायनेमिक प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे बड़ा है और इस ट्रैक पर कई तरह के परीक्षण किए जा सकते हैं। NATRAX में व्हीकल डायनेमिक प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे बड़ा है और इस ट्रैक पर कई तरह के परीक्षण किए जा सकते हैं। यह 300 मीटर स्टीयरिंग पैड 1500 मीटर लंबाई के लंबे वाहन गतिशीलता परीक्षण क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। सभी संचालन और गतिकी स्थिरता परीक्षण जैसे निरंतर त्रिज्या परीक्षण, डबल लेन परिवर्तन, मछली हुक पैंतरेबाज़ी, जे-टर्न परीक्षण, स्लैलम परीक्षण, आदि का प्रदर्शन किया जा सकता है। इस ट्रैक में 0% ढलान है।

ब्रेकिंग ट्रैक:

ब्रेकिंग ट्रैक का उपयोग होमोलोगेशन के लिए विभिन्न सतहों पर ब्रेकिंग परीक्षण करने के लिए किया जाता है। ब्रेकिंग ट्रैक का उपयोग होमोलोगेशन के लिए विभिन्न सतहों पर ब्रेकिंग परीक्षण करने के लिए किया जाता है। इस ट्रैक में बेसाल्ट, सिरेमिक, उच्च घर्षण डामर, पोलिश कंक्रीट जैसी विभिन्न सतहों के साथ 0.15 से 0.9 तक की रेंज है। एबीएस परीक्षण, उच्च गति ब्रेक परीक्षण, टायर प्रदर्शन मूल्यांकन, आदि। इस ट्रैक की विशिष्टता विभिन्न घर्षण गुणांक की विभिन्न सतहों के साथ बड़ा क्षेत्र है। इस ट्रैक पर सभी वाहन श्रेणियों का परीक्षण किया जा सकता है।

ग्रेडिएंट ट्रैक:

ग्रैडिएंट ट्रैक या हिल ट्रैक का उपयोग किसी वाहन की टॉर्क क्षमता का परीक्षण करने के लिए किया जाता है। ग्रैडिएंट ट्रैक या हिल ट्रैक का उपयोग वाहन की टॉर्क क्षमता का परीक्षण करने के लिए किया जाता है और परीक्षण वाहन की ग्रेडेबिलिटी और ढलान पर पार्किंग ब्रेक की दक्षता को निर्धारित करने के लिए भी किया जाता है।

MP 5th & 8th CLASS EXAMS: राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा 5 वीं और 8 वीं की बोर्ड पैटर्न एग्जाम|

MP Board 5th & 8th Class Exam- राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा 5 वीं और 8 वीं की बोर्ड पैटर्न एग्जाम, कॉपियों की जांच अन्य स्कूल टीचर से कराई जाएगी

बारह साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर से 05वी और 08वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराने की राज्य शिक्षा केंद्र ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। बोर्ड पैटर्न पर एग्जाम कराने को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। आरटीई अधिनियम में संशोधन होने से बोर्ड पैटर्न पर एग्जाम कराने का रास्ता खुल गया है।

2017-18 में बोर्ड एग्जाम कराने के दिए गए थे अधिकार: MP Board 5th & 8th Class Exam

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद 05वी और 08वीं की बोर्ड एग्जाम को खत्म कर दिया गया था।अधिनियम में किसी भी विद्यार्थी को कक्षा आठवीं तक फेल नहीं करने की बात कही गई थी। बाद में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाए रखने 2017-18 में अधिनियम में संशोधन किया गया। अधिनियम में संशोधन कर राज्यों को पांचवी और आठवीं की एग्जाम बोर्ड पैटर्न पर करवाने के अधिकार दिए गए थे।

कोरोना के चलते स्थगित हुई थी एग्जाम: MP Board 5th & 8th Class ExamMP Board 5th & 8th Class Exam

कोरोना संक्रमण के चलते बीते 2 साल से कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक की एग्जाम रद्द रही हैं। सत्र 2019-20 में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई थी। लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था। साल 2020 में कक्षा पांचवी से लेकर आठवीं तक की परीक्षा फिर covid-19 की वजह से रद्द कर दी गई थी। अब 2020-2021 सेशन की एग्जाम बोर्ड पैटर्न पर करवाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। फाइनल एग्जाम मार्च 2022 तक आयोजित हो सकती हैं।

राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा बोर्ड पैटर्न पर एग्जाम:

कक्षा 05 वीं और आठवीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षा राज्य शिक्षा केंद्र आयोजित करेगा। क्वेश्चन पेपर राज्य स्तर से सेट किया जाएगा। कॉपियों की जांच अन्य स्कूलों के शिक्षक से कराई जाएगी। आठवीं तक के बच्चों को सामान्यतः सात मासिक परीक्षाओं सहित अर्द्ध वार्षिक- वार्षिक परीक्षाएं देना होती हैं। लेट हुए सत्र 2022-23 में अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं मार्च 2023 में आयोजित कराने तैयारियां की जा रही हैं।

करतारपुर: क्यों खास है करतारपुर?

करतारपुर कॉरिडोर क्या है- करतारपुर कॉरिडोर बुधवार (17/11/2021) से फिर खुल गया। कोरोना महामारी के कारण यह पिछले साल 16 मार्च से बंद था। करतारपुर गुरुद्वारा बंटवारे के समय एक अंग्रेज वकील की गलती से पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था। अनदेखी और जंग में हुए हमलों से यह जर्जर होता गया। लोग यहां आसपास मवेशी तक बांधने लगे थे, लेकिन 90 के दशक में पाकिस्तान सरकार ने इसकी मरम्मत का फैसला किया। आइए इस गुरुद्वारे के इतिहास के बारे में जानें सब कुछ। आप सभी लोगो का enterhindi.com में स्वागत है, करतारपुर के बारे में जानने के लिए अट्रिकल को पूरा पढ़िए|

करतारपुर गुरुद्वारे के बारे में जानें सब कुछ: करतारपुर कॉरिडोर क्या है?

अंग्रेज वकील की गलती से यह पाकिस्तान के हिस्से में चला गया, लोग यहां मवेशी बांधने लगे थे| करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पास स्थित है। इसका इतिहास 500 साल से भी पुराना है। माना जाता है कि 1522 में सिखों के गुरु नानक देव ने इसकी स्थापना की थी। उन्होंने अपने जीवन के आखिरी साल यहीं बिताए थे।

क्यों खास है करतारपुर?

करतारपुर में गुरु नानक देवजी ने अपने जीवन के आखरी 17 साल 5 महीने 9 दिन गुजारे थे| यहाँ उनकी समाधि भी है|

करतारपुर कॉरिडोर क्या है?

करतारपुर कॉरिडोर बुधवार से फिर खुल गया। कोरोना महामारी के कारण यह पिछले साल 16 मार्च से बंद था। करतारपुर गुरुद्वारा बंटवारे के समय एक अंग्रेज वकील की गलती से पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था। अनदेखी और जंग में हुए हमलों से यह जर्जर होता गया। लोग यहां आसपास मवेशी तक बांधने लगे थे, लेकिन 90 के दशक में पाकिस्तान सरकार ने इसकी मरम्मत का फैसला किया। आइए इस गुरुद्वारे के इतिहास के बारे में जानें सब कुछ।

करतारपुर गुरुद्वारे का इतिहास:

करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में रावी नदी के पास स्थित है। इसका इतिहास 500 साल से भी पुराना है। माना जाता है कि 1522 में सिखों के गुरु नानक देव ने इसकी स्थापना की थी। उन्होंने अपने जीवन के आखिरी साल यहीं बिताए थे।

रावी नदी के फ्लो को बॉर्डर मानने से यह पाकिस्तान में चला गया:

लाहौर से करतारपुर साहिब की दूरी 120 किलोमीटर है। वहीं, पंजाब के गुरदासपुर इलाके में भारतीय सीमा से यह लगभग 7 किलोमीटर दूर है। लैरी कॉलिन्स और डॉमिनिक लैपियर की किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के मुताबिक, अंग्रेज वकील सर क्रिल रेडक्लिफ को बंटवारे का नक्शा बनाने के लिए 2 महीने से भी कम का समय मिला था और उन्हें भारत की भौगोलिक स्थिति की कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने रावी नदी की धारा को ही बॉर्डर बना दिया। करतारपुर गुरुद्वारा रावी के दूसरी तरफ था, लिहाजा यह पाकिस्तान के हिस्से में चला गया।

भारत-पाकिस्तान की जंग से गुरुद्वारे को काफी नुकसान हुआ:

1965 और 71 की जंग में इस गुरुद्वारे का काफी नुकसान हुआ। 90 के दशक तक तो इसकी इमारत बहुत खराब हो गई थी। लोग यहां मवेशी बांधने लगे थे। लोग इसका इतिहास तक भूल गए थे। जिन भारतीयों को इसकी अहमियत पता थी, उनमें से कुछ लोग ही यहां जाते थे। इन्हें भी वाघा बॉर्डर से ही जाना पड़ता था।

दोनों देशों की सरकारों की कोशिशों से बना था कॉरिडोर:

1998 के बाद पाकिस्तान सरकार ने गुरुद्वारे पर ध्यान दिया। 1999 में इसे दुरुस्त करने की मांग उठने लगी, तब पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सरकार के सामने गुरुद्वारे की मरम्मत का प्रस्ताव रखा। इसके बाद सालों तक इसके निर्माण का काम चलता रहा। बाद में भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित पवित्र गुरुद्वारे को जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने का फैसला किया। भारत में 26 नवंबर 2018 को और पाकिस्तान में 28 नवंबर 2018 को कॉरिडोर की नींव रखी गई। गुरुनानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर 9 नवंबर 2019 को इसे जनता को समर्पित कर दिया गया था।

552वां प्रकाशपर्व:

करतारपुर कॉरिडोर खुलने से पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु, आज रात शुरू होंगे श्री अखंड पाठ साहिब, दाना मंडी में बनाया अस्थायी बस स्टेंड, 7 जगह पार्किंग बनाई|

19/11/2021 को दोपहर 12 बजे अमृत संचार होगा, शाम 7 बजे दीपमाला

श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाशोत्सव को लेकर समागम आज से शुरू हो रहे हैं। रात 2.30 बजे गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में श्री आखंड पाठ साहिब शुरू होंगे। 18 नवंबर 2021 को गुरुद्वारा संतघाट से नगर कीर्तन सजेगा। 19 नवंबर 2021 को मुख्य समागम होगा। करतारपुर कोरिडोर खुलने से समागम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है।

19 नवंबर 2021 तक अस्थाई बस स्टेंड दाना मंडी में रहेगा। शहर में 7 वाहन पार्किंग होंगी। एक पार्किंग केवल बुजुर्गों और अपाहिज लोगों के वाहनों को लेकर रखा गया है। समागम में संगत के पहुंचने, मेडिकल सुविधा व अन्य मुशकिल के लिए 4 कंट्रोल रूम की सुविधा भी होगी।

MP: मध्य प्रदेश राज्य खाद्य सुरक्षा पोर्टल – अपनी खाद्यान्य पर्ची कैसे डाउनलोड करें

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड

Madhya Pradesh state Food Security Portal:मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड – राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधान अनुसार लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का प्रारम्भ किया गया। पात्र परिवारों में अन्त्योदय अन्न योजना के परिवारों के साथ-साथ प्राथमिकता परिवार के रूप में 24 श्रेणियों को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में सम्मिलित किया गया।

प्राथमिकता परिवार की श्रेणियों में न सिर्फ समस्त बीपीएल परिवार सम्मिलित किए गए अपितु 23 अन्य श्रेणियों के गैर-बीपीएल परिवारों को भी सम्मिलित किया गया। इस श्रेणिओं में सम्मिलित परिवारों को पात्रतानुसार रियायत दर पर खाद्द्य सामग्री का वितरण मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है । पात्र परिवारों को इस प्रकार का लाभ लेने के लिए सरकार द्वारा जारी की गयी खाद्य पर्ची के माध्यम से ही पात्र श्रेणियों को लाभ दिया जाता है । इसका मतलब उचित मूल्य पर सामग्री लेने के लिए आपके पास खाद्य पर्ची का होना आवश्यक है ।

उक्त संदर्भानुसार लाभ लेने के लिए आप अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक से खाद्य पर्ची प्राप्त कर सकते हैं यदि आप पात्र श्रेणी में आते हैं फिर भी आपको किसी कारणवसयदि खाद्य पर्ची प्राप्त नहीं हुई हो तो नीचे बताई गयी प्रोसेस से अपनी खाद्य पर्ची डाउनलोड कर सकते हैं और सम्बंधित अधिकारी से वेरिफिकेशन कराकर रियायत दर पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं enterhindi.com में आप सभी लोगो का स्वागत है | अपनी खाद्य पर्ची डाउनलोड की विस्तृत जानकारी के लिए अट्रिकल को पूरा पढ़े|

उक्त संदर्भानुसार लाभ लेने के लिए आप अपने ग्राम पंचायत, ब्लॉक से खाद्य पर्ची प्राप्त कर सकते हैं यदि आप पात्र श्रेणी में आते हैं फिर भी आपको किसी कारणवसयदि खाद्य पर्ची प्राप्त नहीं हुई हो तो नीचे बताई गयी प्रोसेस से अपनी खाद्य पर्ची डाउनलोड कर सकते हैं और सम्बंधित अधिकारी से वेरिफिकेशन कराकर रियायत दर पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड कैसे करें?

STEP 1: खाद्यान्य पर्ची को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आपको मध्य प्रदेश राज्य खाद्य सुरक्षा पोर्टल-मध्यप्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट https://rationmitra.nic.in/ पर जाना होगा | थोड़ा नीचे पेज स्क्रॉल करने पर पात्रता पर्ची पब्लिक डोमैन से डाउनलोड करें(वर्तमान माह मे जारी) पर क्लिक करना होगा|

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड
मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड

STEP 2 : अब पात्रता पर्ची पब्लिक डोमैन से डाउनलोड करें(वर्तमान माह मे जारी) पर क्लिक करते ही एक नए पेज पर रेडिरेक्ट हो जायेगे जिसमे आप को अपनी और अपने परिवार आई डी एंटर करेंगे |

मध्य प्रदेश खाद्यान्न पर्ची डाउनलोड

STEP 3: जिले का नाम , जनपद का नाम , परिवार आई डी , मेंबर आई डी और मोबाईल नंबर एंटर करने के बाद कॅप्टचा एंटर करना होगा| कॅप्टचा एंटर करने के बाद परिवार की पात्रता सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करे पर क्लिक करना होगा| पात्रता सम्बन्धी जानकारी प्राप्त करे पर क्लिक करते ही परिवार से सम्बंधित जानकारी आप को दिखाई देने लगेगी|

STEP 4: सम्बंधित परिवार की जानकारी दिखने पर पात्रता पर्ची डाउनलोड पर क्लिक करे| पात्रता पर्ची डाउनलोड करे पर क्लिक करते ही आप की पात्रता पर्ची डाउनलोड हो जाएगी जिसका आप प्रिंट ले सकते हैं |

Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस कब मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है?

Hindi Diwas 2022:-

जब भी बात देश की उठती है तो हम सब एक ही बात दोहराते हैं, “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्तां हमारा“। यह पंक्ति हम हिंदुस्तानियों के लिए अपने आप में एक विशेष महत्व रखती है | हिंदी अपने देश हिंदुस्तान की पहचान है | यह देश की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है इसीलिए हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है | हर साल हम 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं | क्योंकि इसी दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भाषा को भारतीय गणराज्य की राजभाषा घोषित किया था |

हिंदी के प्रचार और प्रसार के लिए तत्कालीन भारतीय सरकार ने 14 सितंबर 1949 से प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने अनुरोध किया था | तब से लेकर आज तक हम हर एक वर्ष 14 सितम्बर को Hindi Diwas के रूप में मानते हैं | इस दिन सरकारी दफ्तरों में, स्कूलों में, कॉलेजों में हिंदी प्रतियोगिता का आयोजित किया जाता है तथा कहीं-कहीं सप्ताह भर तक हिंदी सप्ताह का आयोजन भी किया जाता है |

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है | देश में पहली बार 14 सितंबर, 1953 को हिंदी दिवस मनाया गया था | जब राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई |

इसके बाद से हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है | इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिंदी को न केवल देश के हर क्षेत्र में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रसारित करना है | इस दिन देशभर में बाल दिवस भी मनाया जाता है |

हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य:-

हिंदी दिवस का मुख्य उदेश्य लोगो के मध्य इसके उपयोग को बढ़ावा देना तथा इसका प्रचार-प्रसार करना है | इसी वजह से इस दिन हिंदी भाषा में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तियों तथा संस्थाओ को कई प्रकार के विशेष सम्मान प्रदान किए जाते है | ताकि लोगो के मध्य हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके | यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि हमारे देश में लोग राजभाषा के महत्व को नही समझ पा रहे है | इसलिए इस दिन को लोगो को हिंदी का महत्व समझाने तथा उनके बीच इसके उपयोग को बढ़ाने के लिए समर्पित किया गया है |

भारत में हिंदी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है:-

हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कड़ी मेहनत की | उनके संघर्ष और मेहनत की वजह से हिंदी राष्ट्रभाषा बन सकी | व्यौहार राजेन्द्र सिंह का जन्म 14 सितंबर, 1900 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ था |

सविंधान सभा ने उनके अथक प्रयास पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 14 सितंबर, 1949 को सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि हिंदी ही देश की राष्ट्रभाषा होगी | इस दिन व्यौहार राजेन्द्र सिंह का 50 वां जन्मदिन भी था | 

हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने में काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास की भी अहम भूमिका रही है | संविधान द्वारा हिंदी को भारत की राजभाषा का दर्जा दिये जाने की खुशी में हम हिंदी दिवस मनाते हैं | संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी भाषा को राजभाषा के तौर पर अपनाने का उल्लेख मिलता है |

Hindi Diwas 2021

हिंदी दिवस का महत्व:-

हिंदी दिवस उस दिन की याद में मनाया जाता है जिस दिन हिंदी हमारी राजभाषा बनी | आज हमारी सरकार द्वारा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं | हिंदी दिवस के दिन कॉलेज और स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को हिंदी का महत्व बताया जाता है | इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिंदी में व्याख्यान आयोजित किये जाते हैं | हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हमारी वर्तमान सरकार का कदम सराहनीय है |

आज देश के नेता विदेशों में जाकर भी हिंदी में भाषण देने को महत्ता दे रहे हैं | ऐसा इसिलए किया जा रहा है ताकि भारत के साथ-साथ विश्व स्तर पर भी हिंदी भाषा का महत्व समझा जाए | यह हमारी सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है तो हिंदी बोलने वालों की संख्या में लगातार इजाफा होता दिख रहा है | बिहार देश का पहला राज्य था जिसने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के तौर पर अपनाया था |

हालांकि इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि भारत में अंग्रेजी बोलने वाले लोगों की तादाद में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है, लेकिन आज भी देश में हिंदी बोलने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है |

देश की जनता का एक बडा़ हिस्सा आज भी हिंदी बोलता है | उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, झारखंड आदि में एक बड़ी आबादी हिंदी भाषी लोगों की है | इस बात को हमें हमेशा याद रखना चाहिये कि अपनी मात्र भाषा बोलने से न केवल हम अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हैं बल्कि यह हमें एक-दूसरे के करीब लाने का जरिया भी है |

Hindi Diwas 2022 Celebration:-

हिंदी दिवस पर स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रमों और वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है | इस दिन हिंदी भाषा के सम्मान में कविता समारोह, निबंध लेखन जैसी कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है |

साल 2001 की भारतीय जनगणना के अनुसार, भारत में 258 मिलियन लोगों ने हिंदी को अपनी मूल भाषा माना | हालांकि अन्य हिंदी बोलियों को इस आंकड़ें में शामिल किया जाए तो हिंदी भाषियों की संख्या बढ़कर 422 मिलियन हो जाती है | हिंदी भाषा का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, क्योंकि आजादी की लड़ाई के दौरान हिंदी को राष्ट्रीय पहचान के प्रतीक के रूप में चुना गया था |

बहरहाल, भले ही हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, लेकिन आज के इस दौर में अंग्रेजी भाषा ने अपना प्रभुत्व इस कदर जमा लिया है कि हिंदी भाषा लोगों के बीच से गायब होने लगी है | अगर इसी तरह से अंग्रेजी का बोलबाला हर तरफ रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हिंदी भाषा हमारे बीच से गायब हो जाएगी, इसलिए इस भाषा को संजोए रखने के लिए इसका प्रचार-प्रसार आवश्यक है. इसके साथ ही हिंदी भाषा के महत्व को जानकर उसका सम्मान करना भी जरूरी है |

राजभाषा सप्ताह मनाने के कारण:-

आकड़ो के अनुसार हिंदी विश्व की चौथी सबसे ज्यादे बोले जाने वाली भाषा है, पर कई कारणों से हमारे अपने ही देश में हिंदी के अस्तित्व पर संकट आ खड़ा हुआ है | वर्तमान समय में हिंदी भाषा पर अंग्रेजी का प्रभाव काफी हावी हो चुका है | इसलिए राजभाषा सप्ताह का महत्व और भी ज्यादे बढ़ जाता है, क्योंकि भारत में अंग्रेजी की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और लोग मातृभाषा के महत्व तथा इसके सम्मान को भूलते जा रहे हैं | यदि ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नही जब हिंदी भाषा हमारे अपने देश में ही विलुप्तता के कगार पर पंहुच जायेगी |

इसलिए हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने और इसके लिखने, बोलने तथा इसके अन्य उपयोगो के महत्व को समझाने के लिए 14 सितंबर अर्थात हिंदी दिवस से लेकर एक सप्ताह तक राजभाषा सप्ताह का यह विशेष कार्यक्रम मनाया जाता है, ताकि हम सब हिंदी के महत्व को समझे और साथ मिलकर इसके उन्नति के लिए कार्य करें |

पुरस्कार

राजभाषा सप्ताह के दौरान विद्यालयों और सरकारी कार्यलयों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है | जिसमें सबसे अच्छा करने वाले को कई प्रकार के पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है | इन पुरस्कारो में मुख्यतः दो पुरस्कार सबसे अधिक महत्व रखते हैं | पहले इन पुरस्कारों को राजनेताओं के नाम पर दिया जाता था, पर बाद में इनके नाम को बदलकर राजभाषा कीर्ति पुरस्कार तथा राजभाषा गौरव पुरस्कार कर दिया गया |

1.राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

यह राजभाषा सप्ताह के दौरान दिए जाने वाले महत्वपूर्ण पुरस्कारों में से एक है | इसका मुख्य उद्देश्य सारकारी कार्यों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देना है | इसके अंतर्गत कुल 39 पुरस्कार दिए जाते है | राजभाषा कीर्ति पुरस्कार किसी समिति, विभाग या मण्डल आदि को उसके हिंदी भाषा में किए गये उत्तम कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है|

2.राजभाषा गौरव पुरस्कार

राजभाषा गौरव पुरस्कार के अंतर्गत दस हजार से लेकर दो लाख रुपये धनराशि के 13 पुरस्कार सम्मलित होते हैं | इस पुरस्कार को तकनीकी या विज्ञान क्षेत्र में लिखने वाले किसी भारतीय नागरिक को प्रदान किया जाता है | यह पुरस्कार पाने वाले सभी लोगो को धनराशि के साथ-साथ समृति चिन्ह भी भेंट किया जाता है | इस पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य तकनीकी तथा विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी भाषा के उपयोग को प्रोत्साहन प्रदान करना है

हिंदी दिवस को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न –

हिंदी दिवस कब मनाया जाता है ?

हम हर एक वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मानते हैं।

भारत देश में पहली बार हिंदी दिवस कब मनाया गया था ?

भारत देश में पहली बार 14 सितंबर, 1953 को हिंदी दिवस मनाया गया था।

Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस पर शेयर करें ये खूबसूरत Quotes, Status, Shayari, Poetry & Thoughts

Hindi Diwas 2022:

जब भी बात देश की उठती है तो हम सब एक ही बात दोहराते हैं, “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्तां हमारा“। यह पंक्ति हम हिंदुस्तानियों के लिए अपने आप में एक विशेष महत्व रखती है | हिंदी अपने देश हिंदुस्तान की पहचान है | यह देश की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है इसीलिए हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है | हर साल हम 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं | क्योंकि इसी दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भाषा को भारतीय गणराज्य की राजभाषा घोषित किया था |

हिंदी के प्रचार और प्रसार के लिए तत्कालीन भारतीय सरकार ने 14 सितंबर 1949 से प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने अनुरोध किया था | तब से लेकर आज तक हम हर एक वर्ष 14 सितम्बर को Hindi Diwas के रूप में मानते हैं | इस दिन सरकारी दफ्तरों में, स्कूलों में, कॉलेजों में हिंदी प्रतियोगिता का आयोजित किया जाता है तथा कहीं-कहीं सप्ताह भर तक हिंदी सप्ताह का आयोजन भी किया जाता है |

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है | देश में पहली बार 14 सितंबर, 1953 को हिंदी दिवस मनाया गया था | जब राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई | इसके बाद से हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है |

हिंदी दिवस का मुख्य उदेश्य लोगो के मध्य इसके उपयोग को बढ़ावा देना तथा इसका प्रचार-प्रसार करना है | इसी वजह से इस दिन हिंदी भाषा में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तियों तथा संस्थाओ को कई प्रकार के विशेष सम्मान प्रदान किए जाते है | ताकि लोगो के मध्य हिंदी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके | यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि हमारे देश में लोग राजभाषा के महत्व को नही समझ पा रहे है | इसलिए इस दिन को लोगो को हिंदी का महत्व समझाने तथा उनके बीच इसके उपयोग को बढ़ाने के लिए समर्पित किया गया है |

Hindi Diwas 2022 Shayari:

हर कण में हैं हिन्दी बसी
मेरी मां की इसमें बोली बसी
मेरा मान है हिन्दी
मेरी शान है हिन्दी…

वक्ताओं की ताकत भाषा
लेखक का अभिमान हैं भाषा
भाषाओं के शीर्ष पर बैठी
मेरी प्यारी हिंदी भाषा…

हिंदी दिवस पर हमने ठाना है
लोगों में हिंदी का स्वाभिमान जगाना है,
हम सब का अभिमान है हिंदी
भारत देश की शान है हिंदी…

भारत के गांव की शान है हिंदी
हिन्दुस्तान की शक्ति हिंदी,
मेरे हिन्द की जान हिंदी
हर दिन नया वाहन हिंदी…

हिंदी से हिन्दुस्तान है
तभी तो यह देश महान है,
निज भाषा की उन्नति के लिए
अपना सब कुछ कुर्बान है…

Hindi Diwas 2022 Poetry & Thoughts:

हिंदी थी वो जो लोगो के दिलों में उमंग भरा करती थी
हिंदी थी वह भाषा जो लोगों के दिलों मे बसा करती थी,
हिंदी को ना जाने क्या हुआ, रहने लगी हैरान परेशान
पूछा तो कहती है, अब कहां है मेरा पहले सा सम्मान

हिंदी-हिंदू हिन्दुस्तान,
कहते हैं, सब सीना तान,
पल भर के लिये जरा सोंचे इन्सान
रख पाते हैं हम इसका कितना ध्यान,
सिर्फ 14 सितम्बर को ही करते है
अपनी हिंदी भाषा का सम्मान

भारत के विकास में हिंदी का योगदान अति महत्वपूर्ण हैं. यदि हम भारत को विकसित देश के रूप में देखना चाहते हैं तो हिंदी के महत्व को हम सबको समझना होगा

हिंदी हृदय की भाषा हैं, जिसकी वजह से हमारे शब्द हृदय से निकलते हैं और हृदय तक पहुँचते हैं

Hindi Diwas 2022 Quotes & Status:-

हिन्दी हमारी मातृभाषा है
इसे हर दिन बोलें
और हिन्दी दिवस के इस दिन
सबको हिन्दी में बोलने के लिए उत्साहित करें।

हिन्दी का सम्मान
देश का सम्मान है,
हमारी स्वतंत्रता वहां है
हमारी राष्ट्र भाषा जहां है…

सारे देश की आशा है
हिन्दी अपनी भाषा है,
जात-पात के बंधन को तोड़ें
हिन्दी सारे देश को जोड़े…

जैसे रंगों के मिलने से
खिलता है बसंत,
वैसे भाषाओं की मिश्री सी
बोली है हिन्दी

गर्व हमें है हिंदी पर
शान हमारी हिन्दी है,
कहते-सुनते हिन्दी हम
पहचान हमारी हिन्दी है…

हिन्दी पढ़ें, हिन्दी पढ़ाएं
मातृभाषा की सेवा कर
देश को महान बनाएं…

 है भारत की आशा हिन्दी
है भारत की भाषा हिंदी

निज भाषा का नहीं गर्व जिसे
क्‍या प्रेम देश से होगा उसे
वहीं वीर देश का प्‍यारा है
हिंदी ही जिसका नारा है