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Amit Shah Birthday: अमित शाह का जीवन परिचय

Amit Shah Birthday:

केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का आज जन्मदिन है | वे आज 57 वर्ष के हो गए हैं | इस मौके पर कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी है | शाह के जन्मदिन पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है | गडकरी ने ट्वीट कर बधाई देते हुए लिखा कि ‘केंद्रीय कैबिनेट में मेरे साथी देश के गृहमंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं | आप स्वस्थ और दीर्घायु रहें, ईश्वर से यही कामना करता हूं |’ 

वहीं राजनाथ सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्री और हमारे वरिष्ठ सहयोगी अमित शाह को जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं | वह सुरक्षित भारत सुनिश्चित करने के लिए जबरदस्त प्रयास कर रहे हैं | लोगों की सेवा में उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं |

वहीं उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘भारतीय राजनीति में कर्मठता, जीवटता एवं प्रतिबद्धता के आदर्श मानक, राष्ट्रवादी चेतना के प्रबल संवाहक, यशस्वी गृह व सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुयशपूर्ण व सुदीर्घ जीवन की कामना है।’

अमित शाह कौन हैं:-

अमित शाह का ताल्लुक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से है और वो इस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं | शाह के दम पर बीजेपी ने कई ऐसे राज्यों में चुनाव जीते हैं, जहां पर इस पार्टी की पकड़ बिलकुल मजबूत नहीं थी | शाह भारतीय राजनीति से कई सालों से जुड़े हुए हैं और आज वो अपनी पार्टी में जिस पद पर पहुंचे हैं | उस पद तक पहुंचने के लिए शाह ने खूब मेहनत की है |

56 वर्षीय शाह को राज्य दर राज्य बीजेपी की सफलता गाथा लिखने का सूत्रधार माना जाता है |  जुलाई 2014 में बीजेपी अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद बीजेपी के विस्तार के लिए उन्होंने पूरे देश का दौरा किया और पार्टी कार्यकर्ताओं को जागृत करने का काम किया | शाह को कार्यकर्ताओं की अच्छी परख है और वह संगठन व प्रबंधन के माहिर खिलाड़ी हैं | 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद अमित शाह को नरेंद्र मोदी की नई सरकार में अमित शाह को गृह राज्य मंत्री का कार्यभार दिया गया है |

अमित शाह का जन्म और शिक्षा:-

शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में एक व्यापारी के घर हुआ था | वे गुजरात के एक रईस परिवार से ताल्लुक रखते है | मेहसाणा में शुरुआती पढ़ाई के बाद बॉयोकेमिस्ट्री की पढ़ाई के लिए वे अहमदाबाद आए, जहां से उन्होने बॉयोकेमिस्ट्री में बीएससी की, उसके बाद अपने पिता का बिजनेस संभालने में जुट गए | राजनीति में आने से पहले वे मनसा में प्लास्टिक के पाइप का पारिवारिक बिजनेस संभालते थे | वे बहुत कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे | 1982 में उनके अपने कॉलेज के दिनों में शाह की मुलाक़ात नरेंद्र मोदी से हुयी | 1983 में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और इस तरह उनका छात्र जीवन में राजनीतिक रुझान बना |

अमित शाह के राजनीति करियर की शुरुआत:-

साल 1983 में आरएसएस से जुड़े:

अमित शाह ने अपने कॉलेज के दिनों में ही राजनीति में आने का फैसला ले लिया था और साल 1983 में ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए थे | वहीं RSS से जुड़ने के बाद साल 1986 में ये बीजेपी पार्टी में शामिल हो गए और इन्होंने पार्टी के लिए प्रचार का कार्य करना शुरू कर दिया | इनको साल 1997 में पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया था | जिसके बाद इन्होंने गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और इन्हें इस चुनाव में जीत मिली | फिर इन्होंने इसी सीट से लगातार तीन बारी और चुनाव लड़ अपनी जीत दर्ज करवाई |

साल 2002 में मिला मंत्री पद:

गुजरात के विधानसभा चुनाव में जब बीजेपी पार्टी को जीत मिली, तो पार्टी ने शाह को राज्य के कई मंत्री पदों की जिम्मेदारी दे दी | जिस वक्त शाह को ये मंत्री पद दिए गए थे, तो उस वक्त प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी इस राज्य के मुख्यमंत्री हुआ करते थे | इतना ही नहीं साल 2000 में शाह की नियुक्ती अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष के तौर पर भी की गई थी और वो अपने राज्य के चेस एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे चुके हैं |

साल 2014 में किया मोदी के लिए प्रचार:

एक ही राज्य से ताल्लुक रखने वाले शाह और मोदी जी एक दूसरे को लंबे समय से जानते थे | वहीं साल 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में शाह ने अपनी पार्टी और मोदी जी के लिए प्रचार का कार्य किया था और इन चुनावों में अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलवाई थी | इसके अलावा इन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं के लिए भी प्रचार का कार्य किया था | साल 1991 में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान इन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के लिए भी चुनाव जीतने की रणनीति तैयार की थी |

साल 2014 में बनें बीजेपी पार्टी के अध्यक्ष:

अमित शाह ने लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी को विजय बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी | वहीं उसी साल यानी 2014 में इन्हें पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई थी | जिसके बाद इनकी अध्यक्षता में पार्टी ने कई राज्यों में चुनाव जीते और साल 2016 में एक बार फिर इनको दोबारा से इस पद के लिए चुन लिया गया था | परन्तु 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद मोदी सरकार के नए कैबिनेट मिनिस्टर में अमित शाह को गृह राज्य मंत्री (Minister of Home Affairs) बनाया गया है |

साल 2017 में बनें राज्यसभा के सदस्य:

साल 2017 में इन्हें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की और से राज्यसभा में भेजा गया था और इस वक्त ये राज्यसभा के सदस्य भी हैं | इन्हें गुजरात राज्य की सीट से राज्यसभा भेजा गया है |

2019 लोक सभा चुनाव में अमित शाह का रोल:-

मोदी जी के दायां हाथ कहे जाने वाले अमित शाह जी ने सन 2019 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के गांधीनगर से चुनाव लड़ा था, जिसमे उन्होंने कांग्रेस पार्टी के डॉ. सी. जे. चावड़ा को पीछे छोड़ते हुए 5 लाख से भी अधिक वोट्स के मार्जिन से जीत हासिल की | जिसके चलते उन्होंने लाल कृष्ण अडवाणी के 4.83 लाख वोट्स का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया | इस चुनाव में मुख्य रूप से मुकाबला बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह एवं कांग्रेस के डॉ. सी. जे. चावड़ा के बीच था | जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जी ने जीत हासिल की | चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक अमित शाह जी ने 69.7 % वोट्स प्राप्त किये | यानि इसमें अमित शाह जी को लगभग 8,80,000 वोट्स हासिल हुए हैं |

2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही, 2019 के लोकसभा चुनाव में भी अमित शाह जी ने बीजेपी के लिए चुनावी रणनीति तैयार की थी | बीजेपी का चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह जी की मेहनत के चलते ही नरेन्द्र मोदी जी को 303 सीट्स के साथ, पुरे देश से पूर्ण बहुमत मिला है | मोदी जी और अमित शाह की जोड़ी एक बार फिर हिट हो गई, और भारत देश में मोदी लहर की क्रांति आ गई |

काफी सारी रैलियां की थी, जिसमे उन्होंने जनता को यह विश्वास दिलाया कि मोदी जी एवं उनकी सरकार ही देश के विकास को आगे बढ़ा सकती हैं | और इस विश्वास के चलते ही चुनाव में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सफलता हासिल की और गृह राज्य मंत्री का पद हासिल किया |

अमित शाह द्वारा 2019 में लिए गए बड़े फैसले:-

  • जम्मू काश्मीर में धारा 370 ख़त्म करने का फैसला – जम्मू कश्मीर को दबाए रखने और वहां के बढ़ते हुए आतंक रोकने के लिए उन्होंने जम्मू कश्मीर में 35 ए का उन्मूलन किया और उन्होंने धारा 370 खत्म कर दी जिसके बाद जम्मू-कश्मीर का मुख्य हिस्सा भारत में जोड़ लिया गया | धारा खत्म होने के बाद वहां पर नए नियम बनाए गए और नए नियमों के अनुसार भारत में 1 राज्य और शामिल किया गया जिसके बाद जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को भी अलग कर दिया गया | यह महत्वपूर्ण काम देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा अंजाम दिया गया |
  • NRC का मुद्दा  – देश को एक सबसे बड़ा झटका दिया लेकिन देश में से आतंकवाद और गैर कानूनी अपराध को कम करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया जिसे NRC का नाम दिया गया | जिसके तहत उन्होंने देश से कुछ ऐसे बांग्लादेशियों को बाहर निकालने की बात कही जो देश में अनाधिकृत रूप से कई सालों से रहते आए हैं और रह रहे हैं | जिसके लिए उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए असम में रहने वाले लोगों की नागरिकता की जांच पड़ताल की ताकि विदेशियों को पहचान कर उन्हें वापस उनके देश पहुंचाया जा सके |
  • नक्सलवादी का मुद्दा – भारत में कुछ राज्य ऐसे थे जहां पर नक्सलवाद को लेकर भारतीय नागरिक बेहद परेशान थे जिनमें से एक छत्तीसगढ़ में हुआ एक बहुत बड़ा धमाका था जो नक्सलवादियों द्वारा अंजाम दिया गया था | जिसके बाद अमित शाह ने नक्सलवादियों का उन्मूलन करके भारत से उन्हें खदेड़ कर रख दिया | उन्होंने नक्सलवादियों को यही संदेश दिया कि यदि वे देश में रहना चाहते हैं और सरकार से बचना चाहते हैं तो वे अपने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण भी कर सकते हैं ताकि हम उन्हें कुछ भी नहीं कहेंगे और उन्हें देश का नागरिक बना कर रखेंगे उन्होंने ऐसी रणनीति बनाई जिस पर अमल करना नक्सलवादियों के लिए महत्वपूर्ण हो गया |

पोस्‍ट ऑफ‍िस ग्राम सुरक्षा योजना : हर महीने 1411 रुपये जमा करके आप बन सकते हैं 35 लाख के मालिक

पोस्‍ट ऑफ‍िस ग्राम सुरक्षा योजना:-

एक अच्छा निवेश हमेशा एक अच्छा रिटर्न लेकर आता है | बीते कुछ सालों से कई लोग बैंकों में पैसा जमा करने की बजाए उसको स्टॉक, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टो आदि जगहों पर इन्वेस्ट कर रहे हैं | हालांकि इस क्षेत्र में निवेश करना थोड़ा रिस्की जरूर होता है | हां अगर इस बीच मार्केट अच्छी परफॉर्म करे तो एक अच्छा रिटर्न भी लोगों को मिलता है | वहीं दूसरी तरफ कई ऐसे भी लोग हैं, जो बिना जोखिम लिए अपने पैसों को निवेश करने के दूसरे विकल्पों की तलाश करते हैं |

ऐसी ही एक योजना है Post Office ग्राम सुरक्षा योजना जो इंडिया पोस्‍ट की ओर से ऑफ‍र किया जाता है | यह उन लोगों के लिए एक अच्छी बीमा योजना हो सकती है जो रिटायरमेंट के लिए सेविंग करने की योजना बना रहे हैं | ग्राम सुरक्षा योजना बोनस के साथ राशि का आश्वासन देती है जो या तो 80 वर्ष की आयु तक पहुंचने के बाद या मृत्यु की स्थिति (जो भी पहले हो) में उनके कानूनी उत्तराधिकारी/नामित व्यक्ति को मिलता है | इस स्कीम में इन्वेस्ट करने के बाद आप बिना जोखिम लिए एक अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं |

पोस्‍ट ऑफ‍िस ग्राम सुरक्षा योजना की विशेषताएं:-

ग्राम सुरक्षा स्कीम को कोई भी भारतीय नागरिक खरीद सकता है | इसके लिए उसकी आयु 19 से 55 वर्ष के बीच की होनी चाहिए | इस स्कीम में 10,000 से लेकर 10 लाख तक का निवेश किया जा सकता है | इसका प्रीमियम आप मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक भर सकते हैं | प्रीमियम के भुगतान के लिए आपको 30 दिन की छूट मिलेगी |

यदि पॉलिसी अवधि के दौरान कोई चूक होती है, तो ग्राहक पॉलिसी को फिर से शुरू करने के लिए लंबित प्रीमियम का भुगतान करना होगा | बीमा योजना में लोन लेने की भी सुविधा है, जिसका लाभ पॉलिसी खरीद के चार साल बाद लिया जा सकता है | ग्राहक 3 साल बाद पॉलिसी को बंद करने का फैसला भी कर सकते हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलेगा | पॉलिसी का सबसे खास बात इंडिया पोस्ट द्वारा दिया गया बोनस है और अंतिम घोषित बोनस प्रति वर्ष 65 रुपए प्रति 1,000 रुपए का है |

पोस्‍ट ऑफ‍िस ग्राम सुरक्षा योजना का पूरा कैलकुलेशन:-

इस पॉलिसी को खरीदने के बाद आप लोन का लाभ भी ले सकते हैं | हालांकि पॉलिसी को खरीदे जाने के 4 साल बाद ही लोन लिया जा सकता है | इस स्कीम के तहत यदि आप 19 साल की उम्र में 10 लाख रुपये की ग्राम सुरक्षा योजना खरीदते हैं, तो 55 साल के लिए आपको हर महीने 1515 रुपये प्रीमियम भरना होगा |

वहीं अगर आप 58 साल के लिए इसे खरीदते हैं तो प्रीमियम की रकम 1463 रुपये मासिक अदा करनी होगी | इसके अलावा 60 साल के लिए आपको 1411 रुपये मासिक प्रीमियम भरना होगा | प्रीमियम के 55 साल होने पर स्कीम के ग्राहकों को 31.60 लाख रुपये मिलेंगे |

पोस्‍ट ऑफ‍िस ग्राम सुरक्षा योजना

वहीं 58 साल पूरे होने पर उसको 33.40 लाख रुपये और 60 साल होने  पर 34.60 लाख का मैच्योरिटी बेनिफिट मिलेगा | ऐसे में ये स्कीम आपकी वृद्धावस्था में काफी मददगार साबित होने वाली है | ग्राम सुरक्षा योजना के अंतर्गत ये रकम व्यक्ति के 80 वर्ष के होने पर उसको सौंप दी जाती है | वहीं अगर व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, तो ये राशि व्यक्ति के कानूनी उत्तराधिकारी को मिलती है |

ग्राम सुरक्षा ग्रामीण डाक जीवन बीमा योजना के लिए पात्रता मानदंड:-

  • केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी।
  • विभागीय एजेंट
  • रक्षा सेवा
  • औद्योगिक श्रमिक
  • सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान और विश्वविद्यालय
  • महानगर पालिका
  • जिला परिषद
  • नगर पालिकाओं
  • राष्ट्रीयकृत बैंक
  • आरबीआई या एसबीआई की सहायक कंपनियां
  • केंद्र और राज्य सरकार के उपक्रम, बोर्ड, निगम, संगठन और वित्तीय संस्थान |
Minimum Entry Age19 years
Maximum Entry Age45 years
Maximum age at Maturity55, 58 and 60 years

पोस्‍ट ऑफ‍िस ग्राम सुरक्षा योजना के लाभ:-

यह योजना मृत्यु और परिपक्वता लाभ प्रदान करती है |
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी और धारा 88 के तहत कर लाभ उपलब्ध हैं |
बीमित व्यक्ति 48 महीने तक प्रीमियम का भुगतान करने के बाद पॉलिसी पर ऋण भी ले सकता है |
पॉलिसी को एंडोमेंट एश्योरेंस में बदला जा सकता है |
36 प्रीमियम का भुगतान करने के बाद पॉलिसी को सरेंडर किया जा सकता है |
नीति पुनरुद्धार की भी अनुमति है |
उच्च बोनस की पेशकश की जाती है |
पॉलिसी को भारत के किसी भी हिस्से में किसी भी डाकघर में स्थानांतरित किया जा सकता है |

अनन्या पांडे कौन है? जिसका नाम भी अब क्रूज ड्रग केस से जुड़ रहा है|

अनन्या पांडे:-

क्रूज ड्रग केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे हो रहे हैं | नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम गुरुवार को एक्ट्रेस अनन्या पांडे के घर पहुंची | उन्हें आज ही पूछताछ के लिए पेश होने का समन दिया गया है | आर्यन के वॉट्सऐप चैट से अनन्या के तार जुड़े होने की बात सामने आ रही है | उनका फोन NCB ने जब्त कर लिया है |

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे, शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और बेटी सुहाना खान संग अच्छी बॉन्डिंग शेयर करती हैं | ये सभी बचपन के दोस्त हैं | आर्यन खान के ज्यादातर दोस्त वैसे तो यूएस और यूके में हैं, लेकिन इंडस्ट्री के भी कुछ दोस्त इनके ऐसे हैं जो काफी पॉपुलर हैं | आर्यन खान की बहन सुहाना खान के दोस्तों की लिस्ट में अनन्या पांडे और शनाया कपूर समेत नव्या नवेली नंदा का नाम भी शामिल है |

अनन्या पांडे बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपने बोल्ड लुक और हॉट पर्सनालिटी के लिए जानी जाती हैं | बॉलीवुड इंडस्ट्री में इस एक्ट्रेस की एक्टिंग को काफी सराहनीय माना जाता है और वाकई में इनका प्रदर्शन काफी मनमोहक होता है | यह बॉलीवुड एक्ट्रेस बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता चंकी पांडे की बेटी है |

अनन्या पांडे को बचपन से ही अपने पिता की तरह ही एक्टिंग करने का शौक था, जिसके कारण इन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली है | अनन्या पांडे ने बचपन में ही तय कर लिया था कि वह अपने पिता के ही जैसे बॉलीवुड की एक जानी-मानी एक्ट्रेस बनेंगी | इसके कारण उन्होंने बचपन से मेहनत करना शुरू कर दिया और वर्तमान समय में आप इनकी बुलंदियों को देख सकते हैं |

अनन्या पांडे कौन है:-

अनन्या पांडे बॉलीवुड इंडस्ट्री की एक जानी मानी एक्ट्रेस है | अनन्या पांडे ने बॉलीवुड इंडस्ट्री की बहुत सी फिल्मों में काम किया है और यह सभी फिल्में सुपर डुपर हिट ही हुई है | अनन्या पांडे को एक सफल मॉडल भी माना जाता है | ऐसा कहा जाता है कि अनन्या पांडे ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत मॉडलिंग से ही की थी | अनन्या पांडे बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता चंकी पांडे की बेटी है |

अनन्या पांडे का जन्म कब और कहां हुआ था:-

अनन्या पांडे का जन्म कब हुआ 1998 ईस्वी में 30 अक्टूबर को हुआ था | यदि बात करें अनन्या पांडे के जन्म स्थान की तो अनन्या पांडे का जन्म महाराष्ट्र के मुंबई में हुआ था | अनन्या पांडे के पिता भी एक अभिनेता थे, जिसके कारण इनका प्रारंभिक जीवन काफी अच्छे से व्यतीत हुआ है | अनन्या पांडे के बचपन की सभी जरूरतें पूरी हुई हैं |

अनन्या पांडे का पारिवारिक संबंध काफी अच्छा है, इनके पिता के बारे में तो हम जानते ही हैं | इनके पिता बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने स्टार चंकी पांडे हैं | चंकी पांडे अपने समय के काफी हैंडसम और स्मार्ट स्टार थे | चंकी पांडे ने बहुत सी फिल्मों में काम किया है | चंकी पांडे को ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में एक हीरो का किरदार निभाते हुए देखा गया है, परंतु यह कई फिल्मों में विलन का भी किरदार निभा चुके हैं |

यदि हम बात करें अनन्या पांडे की माता के बारे में तो उनकी माता का नाम भावना पांडे है, जो कि एक फैशन डिजाइनर हैं | भावना पांडे कॉस्टयूम डिजाइनर के साथ-साथ मुंबई में एक फैमिली रेस्टोरेंट भी चलाती हैं | चंकी पांडे भी फिल्मों के अलावा अपनी पत्नी के साथ इस रेस्टोरेंट में हाथ बटाते हैं | चंकी पांडे और भावना पांडे की एक और बेटी है जिसका नाम रिसा पांडे है |

अनन्या पांडे को प्राप्त शिक्षा:-

अनन्या पांडे ने अपनी शुरुआती शिक्षा को धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल मुंबई भारत से प्राप्त किया है | अनन्या पांडे ने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए कैलिफोर्निया में स्थित विद्यालय यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफोर्निया और लॉस एंजिल्स में फैशन स्टडी में स्नातक भी किया है |

अनन्या पांडे का मॉडलिंग करियर:-

अनन्या पांडे ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत से पहले मॉडलिंग करियर को चुना था | अनन्या पांडे ने वैनिटी फेयर के I Le BAL DES debutantes event में पार्टिसिपेट किया, जो कि पेरिस में वर्ष 2017 में संचालित किया जा रहा था | इस प्रतियोगिता में किसी व्यक्ति का चयन होना भी बहुत बड़ी बात होती है |

संपूर्ण विश्व भर में इस प्रतियोगिता में केवल 20 से 25 लड़कियों का चयन किया जाता है, जिनकी उम्र मात्र 16 वर्ष से 22 वर्ष के मध्य हो | अनन्या पांडे को यूरोपीय डेनिम ब्रांड की brand ambassador के रूप में चुना गया है, अर्थात् अनन्या पांडे डेनिम ब्रांड की ब्रांड एंबेसडर हैं |

अनन्या पांडे का फिल्मी करियर:-

अनन्या पांडे ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत वर्ष 2019 से की थी | अनन्या पांडे ने वर्ष 2019 में आई फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 में टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आई थी | अनन्या पांडे की इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ के साथ-साथ तारा सुतारिया ने भी अभिनय किया था | फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर टू को धर्मा प्रोडक्शन के द्वारा बनाया गया था | अनन्या पांडे की यह फिल्म सुपर डुपर हिट हुई थी और इस फिल्म से धर्मा प्रोडक्शन को काफी अच्छी खासी कमाई भी हुई थी |

फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 के बाद अनन्य पांडे को वर्ष 2019 में आई फिल्म पति पत्नी और वो में देखा गया था | इस फिल्म में कार्तिक आर्यन और कृति सेनन का लीड रोल था | इसके अलावा इस फिल्म में भूमि पेडणेकर और अनन्या पांडे ने भी किरदार निभाया था |

इस फिल्म में अनन्या पांडे ने तपस्या सिंह का किरदार निभाया था और भूमि पेडणेकर ने वेदिका त्यागी का किरदार निभाया था | वर्ष 2019 की यह फिल्म वर्ष 1978 ईस्वी में आई फिल्म पति पत्नी और वोह पर आधारित था | अनन्या पांडे की यह फिल्म भी सुपर डुपर हिट हुई थी |

इस फिल्म के बाद वर्ष 2020 में आई फिल्म खाली पीली में अनन्या पांडे को ईशान खट्टर के साथ देखा गया था | इस फिल्म में इशान खट्टर ने विजय चौहान का किरदार निभाया था | अनन्या पांडे ने इस फिल्म में पूजा गुर्जर का किरदार निभाया था | यह फिल्म लोगों के द्वारा काफी पसंद की गई और इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस से काफी अच्छी खासी कमाई भी हुई थी | अनन्या पांडे की यह फिल्म भी सुपर डुपर हिट हुई थी |

अनन्या पांडे के बारे में रोचक तथ्य:-

  • अनन्या पांडे को खाने के रूप में चॉकलेट और पिज़्ज़ा काफी पसंद है |
  • अनन्य पांडे की फेवरेट एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, एमा वाटसन और जेनिफर लॉरेंस |
  • अनन्या पांडे के पसंदीदा एक्टर्स वरुण धवन, टॉम हिडिल्सटन, रणबीर सिंह, लियोनार्डो डिकैप्रियो है |
  • अनन्या पांडे को लास वेगास और लंदन काफी ज्यादा पसंद है | अनन्य पांडे घूमने फिरने के लिए और अपना समय बिताने के लिए इन्ही जगह पर जाया करती है |
  • अनन्या पांडे की पसंदीदा फिल्में टू स्टेट्स और स्टूडेंट ऑफ द ईयर है | अनन्या पांडे को हॉलीवुड फिल्मों में 50 first dates Harry porter और द डार्क नाइट राइजेज हैं |

Corona Vaccination: कोरोना वैक्सीन के 100 करोड़ डोज पूरे | पढ़ें किस महीने में लगा कितना टीका |

Corona Vaccination:-

देश में कोरोना वैक्सीन के 100 करोड़ डोज का आंकड़ा आज (21 अक्टूबर 2021) सुबह 9.45 बजे पूरा हो गया है | आखिरी 20 करोड़ डोज 31 दिन में लगे हैं | वैक्सीन के 100 करोड़ डोज पूरे होने का ऐलान करने के लिए सरकार ने खास तैयारियां की हैं। इसके लिए ट्रेन, प्लेन और जहाजों पर लाउडस्पीकर से घोषणा करने की योजना है। साथ ही 100% वैक्सीनेशन पूरा कर चुके गांवों से कहा गया है कि उन्हें पोस्टर और बैनर लगाकर हेल्थ वर्कर्स का सम्मान करना चाहिए |

चीन के अलावा दुनिया के किसी भी देश की तुलना में भारत पहले ही वैक्सीन की अधिक खुराक दे चुका है | 500 मिलियन के करीब किसी भी अन्य देश की आबादी नहीं होने के कारण, बिलियन-डोज़ क्लब में केवल ये दो देश शामिल होंगे |

लगभग 278 दिनों में 100 करोड़ का मील का पत्थर हासिल किया जा रहा है – पहली वैक्सीन खुराक 16 जनवरी को दी गई थी – जिसका अर्थ है कि इस दस महीने की अवधि के दौरान औसतन 27 लाख खुराक हर दिन दी गई हैं | बेशक, प्रशासित खुराक की दैनिक संख्या में व्यापक बदलाव हुए हैं | छह दिनों में, 1 करोड़ से अधिक खुराकें दी गईं, जिसमें 17 सितंबर को 2.18 करोड़ का रिकॉर्ड हासिल किया गया | दूसरी ओर, जनवरी के शुरुआती कुछ दिनों में और फरवरी में कुछ दिनों में 50,000 से कम खुराकें दी गईं |

20 अक्टूबर तक, 99,36,38,532 से अधिक लोगों को वैक्सीन खुराक दी जा चुकी हैं | इसमें से 70,32,68,607 कोरोना वैक्सीन की पहली डोज और 29,03,69,925 दूसरी डोज हैं | इसका मतलब है कि भारत में 74 प्रतिशत या तीन-चौथाई वयस्क आबादी को कम से कम एक खुराक मिली है, जबकि 30 प्रतिशत को दोनों खुराक मिली हैं |

अब तक कैसी रही वैक्सीनेशन की रफ्तार:-

देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई | शुरुआती 20 करोड़ वैक्सीन डोज 131 दिन में लगे | अगले 20 करोड़ डोज 52 दिन में दिए गए | 40 से 60 करोड़ डोज देने में 39 दिन लगे | 60 करोड़ से 80 करोड़ डोज देने में सबसे कम, महज 24 दिन लगे |

अब 80 करोड़ से 100 करोड़ होने में 31 दिन लगे हैं | यानी अब रफ्तार कम हो गई है | अगर इसी रफ्तार से वैक्सीनेशन होता रहा तो देश में 216 करोड़ वैक्सीन डोज लगने में करीब 175 दिन और लगेंगे | यानी, 5 अप्रैल 2022 के आसपास ये आंकड़ा हम पार कर सकते हैं |

Corona Vaccination में टॉप पांच देश

दुनियाभर में कोरोना टीकाकरण के मामले में  2,232,088,000 डोज के साथ सबसे आगे चीन है | इसके बाद भारत – 99,36,38,532 डोज, अमेरिका- 408,797,942 डोज, ब्राजिल- 257,933,346 डोज, जापान- 180,976,061 डोज के साथ तेजी से टीकाकरण कर रहे हैं |

  • Mainland China – 2,232,088,000
  • India – 99,36,38,532
  • United States- 408,797,942
  • Brazil – 257,933,346
  • Japan – 180,976,061

Corona Vaccination में टॉप पांच राज्य:-

देश भर में कोरोना टीकाकरण के मामले में 12,13,81,380 डोज के साथ सबसे आगे उत्तरप्रदेश है | इसके बाद महाराष्ट्र – 9,26,16,985 डोज के साथ दुसरे स्थान पर है | पश्चिम बंगाल- 6,83,56,272 डोज, गुजरात- 6,75,26,031 डोज, मध्यप्रदेश- 6,68,48,192 डोज के साथ तेजी से टीकाकरण कर रहे हैं |

  • Uttar Pradesh – 12,13,81,380
  • Maharashtra- 9,26,16,985
  • West Bengal- 6,83,56,272
  • Gujarat- 6,75,26,031
  • Madhya Pradesh – 6,68,48,192

Cowin पोर्टल के मुताबिक बुधवार सुबह तक:-

  • 51,32,55,834 पुरुषों को 47,62,04,475 महिलाओं को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है |
  • देश में इस समय कोरोना की तीन वैक्सीन दी जा रही है- कोविशील्ड, कोवेक्सीन और स्पुतनिक | जिसमें से 87,50,00,932 डोज, कोवेक्सीन की 11,36,34,378 और स्पुतनिक की 10,43,017 वैक्सीन डोज दी जा चुकी है |
  • आयु वर्ग में 18 से 44 साल के आयु वर्ग के 55,16,68,381, 45 से 60 साल के आयु वर्ग में 26,83,86,536 और 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग में 16,96,27,487 लोगों को वैक्सीन डोज दी जा चुकी है |

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त में कोविड टीके उपलब्ध करा रही है | कोरोना टीकाकरण अभियान में केंद्र सरकार देश में वैक्सीन निर्माताओं द्वारा उत्पादित किए जा रहे टीकों का 75% राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपूर्ति मुफ्त कर रही है | अब तक केंद्र सरकार ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को 102 करोड़ वैक्सीन डोज दी है और अभी भी राज्यों के 10 करोड़ 42 लाख डोज बची हुई है | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 1,02,05,09,915 वैक्सीन डोज दी है जिसमें से 10,42,38,220 वैक्सीन डोज राज्यों के पास बची हुई है |

महीने वार राज्यों को इस तरह से वैक्सीन डोज दी गई:-

  • जनवरी में 37 लाख 59 हजार वैक्सीन डोज
  • फरवरी में 1 करोड़ 5 लाख वैक्सीन डोज
  • मार्च में 5 करोड़ 8 लाख वैक्सीन डोज
  • अप्रैल में 8 करोड़ 98 लाख वैक्सीन डोज
  • मई में 6 करोड़ 1 लाख वैक्सीन डोज
  • जून में 11 करोड़ 97 लाख वैक्सीन डोज
  • जुलाई में 13 करोड़ 45 लाख वैक्सीन डोज
  • अगस्त में 18 करोड़ 38 लाख वैक्सीन डोज
  • सिंतबर में 23 करोड़ 6 लाख वैक्सीन डोज दी गई है और
  • अक्टूबर में 28 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध होने की संभावना है |

महीने वार टीकाकरण की रफ्तार:-

  • अप्रैल में जहां 29 लाख 96 हज़ार वैक्सीन डोज प्रति दिन गई |
  • मई के महीने में इसमें गिरावट आई और ये 19 लाख 69 हज़ार प्रति दिन हो गया था |
  • जून में प्रतिदिन 39 लाख 89 हज़ार वैक्सीन डोज प्रतिदिन हो गई |
  • जुलाई में ये संख्या बढ़कर 43 लाख 41 हजार वैक्सीन डोज प्रतिदिन हो गई |
  • अगस्त में ये संख्या और बढ़कर 59 लाख 29 हजार डोज प्रतिदिन हो गई |
  • सिंतबर में ये बढ़कर 78 लाख 69 हजार हो गई है |

यानी टीकाकरण की उपलब्धता के साथ साथ रफ्तार भी बड़ी जा रही है | वहीं टीकाकरण में लोग दूसरी डोज भी लें इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की है | केंद्र सरकार ने राज्यों को पूर्ण टीकाकरण यानी लोग दोनों डोज ये सुनिश्चित करने को कहा | केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने साफ किया है की राज्यों के पास फिलहाल पर्याप्त वैक्सीन है जिसे टीकाकरण किया जा सकता है |

भारत में अब तक कुल 6 कोरोना वैक्सीन को अनुमति दी जा चुकी है | अस्ट्राजेनिका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवेक्सीन, रूस की स्पुतनिक,  मोडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन और ज्याडस कैडिला की जयकोव दी को अब तक भारत में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन दिया है | इसमें से तीन वैक्सीन टीकाकरण के लिए उपलब्ध है | 

AIIMS NORCET Recruitment 2021: Nursing Officer पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें?

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AIIMS NORCET Recruitment 2021-

देश के सर्वोत्तम चिकित्सा संस्थानों में अगर नौकरी करने का मौका मिले तो कौन छोड़ना या चूकना चाहेगा और यदि फिर वह संस्थान भी सरकारी और नौकरी भी सरकारी तो फिर यह तो सोने पे सुहागा अवसर है | चिकित्सा सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तलाश रहे युवाओं के लिए यह बेहतरीन अवसर है | देश भर के उच्च चिकित्सा संस्थानों में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका आ गया है | केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में बंपर भर्तियां शुरू हुई हैं | यह नौकरियां देश भर के विभिन्न एम्स हॉस्पिटल में मिलेंगी |

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने आधिकारिक वेबसाइट https://www.aiimsexams.ac.in/index.html पर नर्सिंग ऑफिसर (Nursing Officer) भर्ती सामान्य पात्रता परीक्षा 2021 के माध्यम से एम्स दिल्ली और अन्य एम्स में नर्सिंग ऑफिसर ग्रुप बी की भर्ती के लिए 16 अक्तूबर, 2021 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की है | इच्छुक उम्मीदवार 16 अक्तूबर 2021 से 30 अक्तूबर, 2021 तक आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं | जानकारी को ठीक करने या संपादित करने की सुविधा 31 अक्टूबर 2021 से 01 नवंबर 2021 तक उपलब्ध है | AIIMS Nursing Officer भर्ती 2021 के बारे में सब कुछ जानने के लिए उम्मीदवारों को पूरा लेख पढ़ना चाहिए और आगे के अपडेट प्राप्त करने के लिए बुकमार्क करना होगा |

AIIMS NORCET Recruitment 2021 हेतु महत्वपूर्ण तिथियां:-

  • ऑनलाइन आवेदन जमा करने की प्रारंभिक तिथि : 16 अक्टूबर 2021
  • ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि : 16 अक्टूबर 2021
  • ऑनलाइन आवेदन सुधार तिथियां – 31 अक्टूबर से 01 नवंबर 2021
  • परीक्षा तिथि: 20 नवंबर 2021

AIIMS Nursing Officer Vacancy Details

  • AIIMS New Delhi
  • AIIMS Bathinda
  • AIIMS Deogarh
  • AIIMS Gorakhpur
  • AIIMS Jodhpur
  • AIIMS Kalyani
  • AIIMS Mangalagiri
  • AIIMS Nagpur
  • AIIMS Patna
  • AIIMS Rae Bareli
  • AIIMS Raipur
  • AIIMS Rajkot
  • AIIMS Rishikesh
  • AIIMS Vijaypur
  • AIIMS Bhopal
  • AIIMS Bhubneshwar
  • AIIMS Bilaspur
  • AIIMS Bibinagar

AIIMS Nursing Officer Notification:-

उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट से एम्स नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2021 के तहत इन रिक्तियों के लिए आधिकारिक अधिसूचना को ठीक से देखना चाहिए। उम्मीदवारों की आसानी के लिए, आधिकारिक एम्स नर्सिंग अधिकारी अधिसूचना 2021 पीडीएफ डाउनलोड करने का सीधा लिंक नीचे दिया गया है |

AIIMS Nursing Officer Notification PDF Download Here

AIIMS Nursing Officer भर्ती हेतु आयु सीमा:-

आयु सीमा (30 अक्तूबर, 2021 तक) उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 30 वर्ष (सरकारी मानदंडों के अनुसार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु में छूट होगी) के बीच होनी चाहिए |

AIIMS Nursing Officer भर्ती हेतु शैक्षणिक योग्यता:-

1 (ए) भारतीय नर्सिंग परिषद / राज्य नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से नर्सिंग बी.एससी (ऑनर्स) / बी.एससी नर्सिंग या भारतीय नर्सिंग परिषद / राज्य नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान / विश्वविद्यालय से नर्सिंग बीएससी (पोस्ट-सर्टिफिकेट) / पोस्ट-बेसिक बी.एससी |
(बी) राज्य / भारतीय नर्सिंग परिषद के साथ नर्स और मिडवाइफ के रूप में पंजीकृत


या

(2) (ए) एक भारतीय नर्सिंग परिषद / राज्य नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान / बोर्ड या परिषद से जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी में डिप्लोमा 
(बी) राज्य / भारतीय नर्सिंग परिषद में नर्स और मिडवाइफ के रूप में पंजीकृत |
(सी) ऊपर उल्लेखित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद न्यूनतम 50 बिस्तरों वाले अस्पताल में दो साल का अनुभव लागू हो |

AIIMS Nursing Officer भर्ती 2021 के लिए आवेदन कैसे करें:-

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाएं |
  • होम पेज के दाईं ओर ‘नर्सिंग ऑफिसर भर्ती सामान्य पात्रता परीक्षा (NORCET)-2021 सत्र की भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण’ पर क्लिक करें |
  • NORCET 2021 के लिए खुद को रजिस्टर करें |
  • NORCET 2021 के लिए अपना आवेदन पत्र डाउनलोड करें |
  • भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रिंट आउट लें |

AIIMS Nursing Officer भर्ती 2021 आवेदन शुल्क:-

सामान्य / ओबीसी श्रेणी से संबंधित उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में रुपये 3,000/- का भुगतान करना होगा | अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में रुपये 2,500/- का भुगतान करना होगा | विकलांग वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है |

Valmiki Jayanti 2021: Wishes, Images, Quotes, and Greetings

Valmiki Jayanti 2021:-

सनातन धर्म के महत्वपूर्ण धर्मग्रंथ रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जयंती 20 अक्टूबर को मनाई जा रही है | वाल्मीकि का जन्म हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार अश्विन महीने की पूर्णिमा को हुआ था | पौराणिक ग्रंथों के अनुसार महर्षि वाल्मीकि ने ही रामायण की रचना की है | हर साल अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन महर्षि वाल्मीकि का जन्मदिन मनाया जाता है | अश्विन महीने की पूर्णिमा के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों में हर साल कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं |

वाल्मीकि जयंती को उनके ‘प्रगट दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता हैं | संस्कृत में रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि के रूप में भी जाना जाता है | वाल्मीकि का असली नाम अग्नि शर्मा था | वाल्मीकि का शाब्दिक अर्थ वो है जो चींटी-पहाड़ियों से पैदा हुआ हो | उनकी तपस्या के दौरान उनके चारों ओर बनी विशाल चींटी-पहाड़ियों के रूप में उन्हें इस नाम से जाना जाने लगा | उन्हें महाकाव्य रामायण लिखने के बाद जाना जाता है |

महर्षि वाल्मीकि जयंती 2021: तिथि और समय

पूर्णिमा तिथि शुरू- 19 अक्टूबर 19:03

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 20 अक्टूबर 20:26

सूर्योदय- 06:11

सूर्यास्त- 17:46

Valmiki Jayanti 2021: Wishes and Quotes in Hindi

“गुरु होता सबसे महान, जो देता है सबको ज्ञान,

आओ इस वाल्मीकि जयंती पर करें अपने गुरु को प्रणाम

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“जैसे पके हुए फलों को गिरने के सिवा कोई भय नहीं,

वैसे ही पैदा हुए मनुष्य को मृत्यु के सिवा कोई भय नहीं.

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“हम तो वो बादल है, जो सिर्फ बरसते है.

गरजे जो हमारे आगे.. वो घर को भागे..

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“दर्शन देख देख मैं जीवा.. चरण धोए धोए मैं पीवा..

वाल्मीकि प्रभु सबसे ऊंचे..मैं सबना तो नीवा !!

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“जय वाल्मीकि प्रभु जय वाल्मीकि…

आदि‍ वाल्मीकि नमो नम: ब्रह्म वाल्मीकि नमो नम:

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“मेरे पूज्य प्रभु सीता-राम है,

इनके चरणों में मेरा नमस्कार है,

सुबह उठकर में इनका नाम लूं

इनके बताये मार्ग पर पूरा जीवन चलूं.

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“महर्षि वाल्मीकि सुनाए कथा भगवान की

कथा महापुराण रामायण की

सीता- राम, लक्षमण और हनुमान की

जय वाल्मीकि समाज की

जय महर्षि वाल्मीकि जी की

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“लिख दी जिसने कथा पवित्र सीता-राम की

साथ ही बताई भक्ति रामभक्त हनुमान की

प्रेम भाई भरत और लक्ष्मण का अनूठा

कैसे मां कौशल्या दशरथ से भाग्य रूठा.

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“रामायण को जिसने रच डाला,

जो संस्कृत का कवि है महान,

ऐसे हमारे पूज्य गुरुवर

के चरणों में शत-शत प्रणाम.

Happy Valmiki Jayanti 2021″

“सुख में दुख है और दुख में सुख है,

इस भाव को जो समझ जाता है,

उसके अहंकार का नाश हो जाता है,

और वो जीवन में परम आनन्द पाता है.

Happy Valmiki Jayanti 2021″

Valmiki Jayanti: Wishes and Quotes in English

Happy Valmiki Jayanti to you and your family. May you always take the path of knowledge and righteousness.

I pray for your good health and fortune on this auspicious day. Happy Valmiki Jayanti!

Valmiki Jayanti honours the author of the great epic Ramayana. His teachings are still relevant in modern times. Happy Maharishi Valmiki Jayanti!

“You cannot count on the physical proximity of someone you love, all the time. A seed that sprouts at the foot of its parent tree remains stunted until it is transplanted. Rama will be in my care, and he will be quite well. But ultimately, he will leave me too. Every human being, when the time comes, has to depart to seek his fulfillment in his own way.”

Valmiki Jayanti 2021: जानिए इस दिन का धार्मिक महत्व और महर्षि का नाम कैसे पड़ा वाल्मीकि

Valmiki Jayanti 2021:-

सनातन धर्म के महत्वपूर्ण धर्मग्रंथ रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि जयंती 20 अक्टूबर को मनाई जा रही है | वाल्मीकि का जन्म हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार अश्विन महीने की पूर्णिमा को हुआ था | पौराणिक ग्रंथों के अनुसार महर्षि वाल्मीकि ने ही रामायण की रचना की है | हर साल अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन महर्षि वाल्मीकि का जन्मदिन मनाया जाता है | अश्विन महीने की पूर्णिमा के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों में हर साल कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं |

वाल्मीकि जयंती को उनके ‘प्रगट दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता हैं | संस्कृत में रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि के रूप में भी जाना जाता है | वाल्मीकि का असली नाम अग्नि शर्मा था | वाल्मीकि का शाब्दिक अर्थ वो है जो चींटी-पहाड़ियों से पैदा हुआ हो | उनकी तपस्या के दौरान उनके चारों ओर बनी विशाल चींटी-पहाड़ियों के रूप में उन्हें इस नाम से जाना जाने लगा | उन्हें महाकाव्य रामायण लिखने के बाद जाना जाता है |

महर्षि वाल्मीकि का जन्म:-

महर्षि वाल्मीकि के जन्म के बारे में कई किंवदंतियां हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि उनका जन्म महर्षि कश्यप और देवी अदिति के 9वें पुत्र वरुण और उनकी पत्नी चारशिनी से हुआ था | इस क्षेत्र में पहला श्लोक लिखने का श्रेय महर्षि वाल्मीकि को भी जाता है |

एक अन्य कथा के अनुसार, प्रचेता नाम के एक ब्राह्मण के पुत्र, उनका जन्म रत्नाकर के रूप में हुआ था, जो कभी डकैत थे | नारद मुनि से मिलने से पहले उन्होंने कई निर्दोष लोगों को मार डाला और लूट लिया, जिन्होंने उन्हें एक अच्छे इंसान और भगवान राम के भक्त में बदल दिया | वर्षों के ध्यान अभ्यास के बाद वह इतना शांत हो गया कि चींटियों ने उसके चारों ओर टीले बना लिए | नतीजतन, उन्हें वाल्मीकि की उपाधि दी गई, जिसका अनुवाद “एक चींटी के टीले से पैदा हुआ” है |

रामायण महाकाव्य की रचना की:-

वाल्मीकि ने नारद मुनि से भगवान राम की कथा सीखी, और उनकी देखरेख में, उन्होंने काव्य पंक्तियों में भगवान राम की कहानी लिखी, जिसने महाकाव्य रामायण को जन्म दिया | रामायण में उत्तर कांड सहित 24,000 श्लोक और सात कांड हैं | रामायण लगभग 480,002 शब्द लंबा है, जो एक अन्य हिंदू महाकाव्य, महाभारत के संपूर्ण पाठ की लंबाई का एक चौथाई या एक पुराने ग्रीक महाकाव्य इलियड की लंबाई का लगभग चार गुना है | वाल्मीकि जयंती पर, वाल्मीकि संप्रदाय के सदस्य शोभा यात्रा या परेड आयोजित करते हैं, जिसमें वे भक्ति भजन और भजन गाते हैं |

वाल्मीकि जंयती का महत्व:-

महर्षि वाल्मीकि ने संस्कृत भाषा में रामायण लिखी थी | इसको प्राचीन ग्रंथ माना जाता है | सामान्य तौर पर महर्षि वाल्मिकि के जन्म को लेकर अलग-अलग राय हैं | लेकिन बताया जाता है कि इनका जन्म महर्षि कश्यप और देवी अदिति के नौवें पुत्र वरुण और उनकी पत्नी चर्षिणी के घर में हुआ था |

महर्षि वाल्मीकि जयंती 2021: तिथि और समय

पूर्णिमा तिथि शुरू- 19 अक्टूबर 19:03

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 20 अक्टूबर 20:26

सूर्योदय- 06:11

सूर्यास्त- 17:46

वाल्मीकि नाम क्यों पड़ा:-

कहते हैं कि एक बार महर्षि वाल्मीकि ध्यान में मग्न थे | तब उनके शरीर में दीमक चढ़ गई थीं | साधना पूरी होने पर महर्षि वाल्मीकि ने दीमकों को हटाया था | दीमकों के घर को वाल्मीकि कहा जाता है | ऐसे में इन्हें भी वाल्मीकि पुकारा गया | वाल्मीकि को रत्नाकर के नाम से भी जानते हैं |

पौराणिक कथाओं के अनुसार वाल्मीकि का असली नाम रत्नाकर था, जो पहले लुटेरे हुआ करते थे और उन्होंने नारद मुनि को लूटने की कोशिश की | नारद मुनि ने वाल्मीकि से प्रश्न किया कि क्या परिवार भी तुम्हारे साथ पाप का फल भोगने को तैयार होंगे? जब रत्नाकर ने अपने परिवार से यही प्रश्न पूछा तो उसके परिवार के सदस्य पाप के फल में भागीदार बनने को तैयार नहीं हुए | तब रत्नाकर ने नारद मुनि से माफी मांगी और नारद ने उन्हें राम का नाम जपने की सलाह दी | राम का नाम जपते हुए डाकू रत्नाकर वाल्मीकि बन गए |

CBSE Date Sheet 2021-22 Download Class 10th, 12th Term 1 Time Table pdf

CBSE Date Sheet 2021-22- सीबीएसई ने सोमवार को 10वीं और 12वीं की टर्म-1 के 22 मेजर विषयों की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया। 10वीं की परीक्षा 30 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच होंगी जबकि 12वीं की परीक्षा 1 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच होंगी।

बोर्ड ने स्कूलों को माइनर सब्जेक्ट के एग्जाम की डेटशीट अलग से भेजी, 12वीं की एग्जाम 16 और 10वीं की 17 नवंबर से शुरू :

बोर्ड ने सभी स्कूलों को माइनर विषयों की परीक्षा की डेटशीट अलग से भेजी है। 12वीं के माइनर विषयों की परीक्षा 16 नवंबर और 10वीं की 17 नवंबर से शुरू होगी।पहली बार सीबीएसई दो हिस्सों में बोर्ड परीक्षा ले रहा है। पहले टर्म की परीक्षा नवंबर-दिसंबर और दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल में होंगी। पहले टर्म में 90 मिनट के पेपर में केवल ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि टर्म-2 में ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव टाइप दोनों सवाल पूछे जा सकते हैं। 12वीं में 114 और 10वीं में 75 विषय हैं। बोर्ड को 189 विषयों के पेपर लेने हैं जिनमें 40 से 45 दिन का समय लग सकता है।

सीबीएसई टर्म-1 में सिर्फ ऑब्जेक्टिव सवाल:

पहले टर्म की परीक्षा नवंबर-दिसंबर और दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल में होंगी। पहले टर्म में 90 मिनट के पेपर में केवल ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि टर्म-2 में ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव टाइप दोनों सवाल पूछे जा सकते हैं। 12वीं में 114 और 10वीं में 75 विषय हैं।

मेजर विषय : 10th :-

10वीं में हिंदी-ए, हिंदी-बी, मैथ-स्टैंडर्ड, मैथ-बेसिक, साइंस, सोशल साइंस, होम साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन और इंग्लिश मेजर विषय हैं।

मेजर विषय : 12th :

12वीं में हिंदी इलेक्टिव, हिंदी कोर, मैथ, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, जियोग्राफी, इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी, फिजिकल एजुकेशन, बिजनेस स्टडीज, एकाउंटिंग, होम साइंस, कंप्यूटर साइंस, इंफोर्मेशन प्रेक्टिसेज, इंग्लिश कोर, फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी मेजर विषय हैं।

10 वीं की डेटशीट

तारीखविषय
30 नवंबरसोशल साइंस
2 दिसंबरसाइंस
3 दिसंबरहोम साइंस
4 दिसंबरमैथ्स
8 दिसंबरकंप्यूटर एप्लीकेशन
9 दिसंबरहिंदी
11 दिसंबरइंग्लिश

12 वीं की डेटशीट

तारीखविषय
1 दिसंबरसोशियोलॉजी
3 दिसंबरइंग्लिश
6 दिसंबरमैथेमेटिक्स
7 दिसंबरफिजिकल एजुकेशन
8 दिसंबरबिजनेस स्टडीज
9 दिसंबरजियोग्राफी
10 दिसंबरफिजिक्स
11 दिसंबरसाइकोलॉजी
13 दिसंबरएकाउंटेंसी
14 दिसंबरकैमिस्ट्री
15 दिसंबरइकोनॉमिक्स
16 दिसंबरहिंदी
17 दिसंबरपॉलिटिकल साइंस
18 दिसंबरबायोलॉजी
20 दिसंबरहिस्ट्री
21 दिसंबरकंप्यूटर साइंस
22 दिसंबरहोम साइंस

Download CBSE Date Sheet 2021-22

CBSE: Date Sheet for Main Examination Term-I (2021-2022) | Download

CBSE: Date Sheet for Main Examination Term-I (2021-2022) | Download

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शरद पूर्णिमा 2021: जानिए कब है शरद पूर्णिमा, और क्या है इसका महत्व

शरद पूर्णिमा 2021:-

शरद पूर्णिमा 2021- वर्ष की सभी पूर्णिमा में आश्विन पूर्णिमा विशेष चमत्कारी मानी गई है | शरद पूर्णिमा का चंद्रमा सोलह कलाओं से युक्त होता है | शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर चंद्रमा से निकलने वाली किरणों में सभी प्रकार के रोगों को हरने की क्षमता होती है | इसी आधार पर कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात आकाश से अमृत वर्षा होती है |

इस साल शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2021 Shubh Muhurat) का त्योहार 19 अक्टूबर को मनाया जा रहा है | पंचांग भेद होने के कारण इस साल यह पर्व दो दिन मनया जाएगा | बता दें कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार पूर्णिमा तिथि​ को शाम 7:03 मिनट पर शुरू होगी और 20 अक्टूबर को रात 8 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी | माना जाता है समुद्र मंथन के दौरान शरद पूर्णिमा पर ही देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थी | इसलिए इसे लक्ष्मीजी के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा भी की जाती है |

मंगलवार को पूर्णिमा के होने से इसका शुभ फल और बढ़ जाएगा | साथ ही इस बार शरद पूर्णिमा का चंद्रोदय सर्वार्थसिद्धि और लक्ष्मी योग में हो रहा है, जिससे इस दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व रहेगा |

मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ गरूड़ पर बैठकर पृथ्वी लोक में भ्रमण के लिए आती हैं | शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी घर-घर जाकर सभी को वरदान और कृपा बरसाती हैं | जो सोता रहता है, वहां माता लक्ष्मी दरवाजे से ही लौट जाती हैं |

कहते हैं कि शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी कर्ज से भी मुक्ति दिलाती हैं | यही कारण है कि इसे कर्ज मुक्ति पूर्णिमा भी कहते हैं | शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पूरी प्रकृति मां लक्ष्मी का स्वागत करती है | कहते हैं कि इस रात को देखने के लिए समस्त देवतागण भी स्वर्ग से पृथ्वी आते हैं |

शरद पूर्णिमा 2021

शरद पूर्णिमा 2021 का शुभ मुहूर्त:-

पूर्णिमा तिथि का आरंभ- 19 अक्तूबर को शाम 7 बजकर 03 मिनट से 
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति- 20 अक्तूबर को रात के 8 बजकर 26 मिनट पर |

शरद पूर्णिमा का महत्व:-

साल भर में आने वाली सभी पूर्णिमा में शरद पूर्णिमा का विशेष रूप से इंतजार रहता है | शरद पूर्णिमा के दिन चांद अपनी 16 कलाओं से युक्त होकर धरती पर अमृत की वर्षा करता है | शरद पूर्णिमा की रात को खीर बनाकर पूरी रात चांद की रोशनी में आसमान के नीचे रखा जाता है फिर अगले दिन सुबह इसे प्रसाद के तौर पर परिवार के सभी सदस्य ग्रहण करते हैं |

मान्यता है कि जो भी व्यक्ति शरद पूर्णिमा पर खीर का प्रसाद ग्रहण करता है उसके शरीर से कई रोग खत्म हो जाते हैं | वहीं ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा शुभ फल नहीं देते हैं उन्हें खीर का सेवन जरूर करना चाहिए | इसके अलावा यह भी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा देवी लक्ष्मी का आगमन होता है इस कारण से देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन उनकी विशेष पूजा की जाती है |

शरद पूर्णिमा की रात को छत पर खीर को रखने के पीछे वैज्ञानिक तथ्य भी है | खीर दूध और चावल से बनकर तैयार होता है | दरअसल दूध में लैक्टिक नाम का एक अम्ल होता है | यह एक ऐसा तत्व होता है जो चंद्रमा की किरणों से अधिक मात्रा में शक्ति का शोषण करता है | वहीं चावल में स्टार्च होने के कारण यह प्रक्रिया आसान हो जाती है |

इसी के चलते सदियों से ऋषि-मुनियों ने शरद पूर्णिमा की रात्रि में खीर खुले आसमान में रखने का विधान किया है और इस खीर का सेवन सेहत के लिए महत्वपूर्ण बताया है | एक अन्य वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार इस दिन दूध से बने उत्पाद का चांदी के पात्र में सेवन करना चाहिए | चांदी में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है | इससे विषाणु दूर रहते हैं |

शरद पूर्णिमा की कथा:-

एक साहुकार के दो पुत्रियां थीं | दोनो पुत्रियां पूर्णिमा का व्रत रखती थी | बड़ी पुत्री पूरा व्रत करती थी और छोटी पुत्री अधूरा व्रत करती थी | हुआ यह कि छोटी पुत्री की सन्तान पैदा होते ही मर जाती थी | उसने पंडितों से इसका कारण पूछा, तो उन्होंने बताया की तुम पूर्णिमा का अधूरा व्रत करती थी, जिसके कारण तुम्हारी सन्तान पैदा होते ही मर जाती है | पूर्णिमा को पूरे विधि-विधान से पूजा करने से तुम्हारी सन्तान जीवित रह सकती है |

उसने शरद पूर्णिमा का व्रत किया | तब छोटी पुत्री के यहां संतान पैदा हुई, लेकिन वह भी शीघ्र ही मर गई | उसने अपनी संतान के लिटाकर ऊपर से कपड़ा ढंक दिया | फिर बड़ी बहन को बुलाकर लाई और उसी जगह पर बैठने को कहा, जहां उसने अपनी संतान को उसने कपड़े से ढंका था | बड़ी बहन जब बैठने लगी, तो उसका घाघरा बच्चे का छू गया और घाघरा छूते ही बच्‍चा रोने लगा |

बड़ी बहन बोली- ‘तुम मुझे कंलक लगाना चाहती थी | मेरे बैठने से यह मर जाता |’ तब छोटी बहन बोली, ‘यह तो पहले से मरा हुआ था | तेरे ही भाग्य से यह जीवित हो गया है | तेरे पुण्य से ही यह जीवित हुआ है | इस घटना के बाद से वह हर वर्ष शरद पूर्णिमा का पूरा व्रत करने लगी |’

शरद पूर्णिमा 2021: शुभकामना शायरी, संदेशों WhatsApp Status से इस शरद पूर्णिमा को बनाएं ख़ास

Happy sharad purnima wishes शरद पूर्णिमा 2021:-

Happy sharad purnima wishesवर्ष की सभी पूर्णिमा में आश्विन पूर्णिमा विशेष चमत्कारी मानी गई है | शरद पूर्णिमा का चंद्रमा सोलह कलाओं से युक्त होता है | शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर चंद्रमा से निकलने वाली किरणों में सभी प्रकार के रोगों को हरने की क्षमता होती है | इसी आधार पर कहा जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात आकाश से अमृत वर्षा होती है |

इस साल शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2021 Shubh Muhurat) का त्योहार 19 अक्टूबर को मनाया जा रहा है | पंचांग भेद होने के कारण इस साल यह पर्व दो दिन मनया जाएगा | बता दें कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार पूर्णिमा तिथि​ को शाम 7:03 मिनट पर शुरू होगी और 20 अक्टूबर को रात 8 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी | माना जाता है समुद्र मंथन के दौरान शरद पूर्णिमा पर ही देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थी | इसलिए इसे लक्ष्मीजी के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता है और इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा भी की जाती है |

मंगलवार को पूर्णिमा के होने से इसका शुभ फल और बढ़ जाएगा | साथ ही इस बार शरद पूर्णिमा का चंद्रोदय सर्वार्थसिद्धि और लक्ष्मी योग में हो रहा है, जिससे इस दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व रहेगा |

मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ गरूड़ पर बैठकर पृथ्वी लोक में भ्रमण के लिए आती हैं | शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी घर-घर जाकर सभी को वरदान और कृपा बरसाती हैं | जो सोता रहता है, वहां माता लक्ष्मी दरवाजे से ही लौट जाती हैं | कहते हैं कि शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी कर्ज से भी मुक्ति दिलाती हैं | यही कारण है कि इसे कर्ज मुक्ति पूर्णिमा भी कहते हैं | शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पूरी प्रकृति मां लक्ष्मी का स्वागत करती है | कहते हैं कि इस रात को देखने के लिए समस्त देवतागण भी स्वर्ग से पृथ्वी आते हैं |

शरद पूर्णिमा 2020

शरद पूर्णिमा 2021 का शुभ मुहूर्त:-

पूर्णिमा तिथि का आरंभ- 19 अक्तूबर को शाम 7 बजकर 03 मिनट से 
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति- 20 अक्तूबर को रात के 8 बजकर 26 मिनट पर |

शरद पूर्णिमा 2021 शुभकामना संदेश In हिंदी:- Happy sharad purnima wishes

शरद पूर्णिमा का चांद सबसे सुन्दर होता है,
और सबसे ज्यादा आशीर्वाद देता है।
आशा है इस रात आप सभी पर,
चन्द्रमा का भरपूर आशीर्वाद बरसे।।
शरद पूर्णिमा की हार्दिक बधाइयां!

आशा है कि शरद पूर्णिमा का उत्सव
दे आपको जीवन में खुशहाली और समृद्धि।
लेकर आए यह दिन मां लक्ष्मी का आशीर्वाद और प्यार, बहुत बहुत शुभ हो आपके लिए यह त्योहार।।

Happy sharad purnima wishes

संग गोपियां राधा चली कृष्ण के द्वार।
कान्हा के सांवले रंग की बिखरे छटा अपार।
पूर्णिमा के उज्जवल प्रकाश में मिली वो कृष्ण से,
रास लीला आज होगी और नाचेगा सारा संसार।
शरद पूर्णिमा की हार्दिक बधाई!

शरद पूर्णिमा की रात्रि है सबसे सुन्दर क्योंकि
बरसे हैं देवताओं का प्यार और आशीर्वाद।
बन कर चन्द्रमा की चांदनी और माँ लक्ष्मी का प्यार,
शुभ हो आपके लिए शरद पूर्णिमा का त्योहार

Happy sharad purnima wishes

चांद सी शीतलता, शुभ्रता, कोमलता,
उदारता, प्रेमलता आपको और
आपके परिवार को प्रदान हो।।
शुभ शरद पूर्णिमा!

आश्विन मास की पूर्णिमा का रंग है निराला
इस दिन चमके चन्द्रमा सबसे प्यारा
बिखेर कर अपनी चांदनी दे हमको वो अपना आशीर्वाद
ये है कामना हमारी इस साल
शुभ शरद पूर्णिमा

Happy sharad purnima wishes

शरद पूर्णिमा की रात लेकर आती है अपने साथ अमृत वर्षा

जो भर देती है हमारे जीवन को सुख और समृद्धि से

आशा है ये त्योहार आपके जीवन में नई उमंग लेकर आए

आप सभी को शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं ।

आओ साथ मिलकर शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा का आशीर्वाद
सर नवा कर पाएं और जीवन को समृद्ध बनायें
शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं

शरद पूर्णिमा को आप
और आपके परिवार पर
सोमरस बरसे और
सुख समृद्धि की वर्षा हो
शुभ शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा 2021 शुभकामना संदेश In English:- Happy sharad purnima wishes

Happy Sharad Purnima! We wish this auspicious festival brings happiness and merriment to all of you. May Goddess Lakshmi bless you and your family with good fortune and happiness!

May you be blessed with prosperity and warmth. Wishing a very Happy Sharad Purnima to you and your family.

On the night of Purnima, i wish may Goddess Laxmi come to your house and shower her blessings on you to grow and prosper. Sending you best wishes on Sharad Purnima. Happy Sharad Purnima!!

On this Poornima night, may all the blessings of the Moon shower upon you! Happy Sharad Purnima 2021

May the brightness and calmness of Sharad Purnima stay with you forever and bless your life with eternal joy and happiness.

Warm wishes on Sharad Purnima. May the softness of moonshine bring along happiness, health and joy into your life. Happy Sharad Purnima 2021.

CBSE Board: बोर्ड ने जारी किए टर्म 1 सैंपल पेपर्स, मार्किंग स्‍कीम और एग्‍जाम पैटर्न, नवंबर-दिसंबर में परीक्षा का आयोजन:

CBSE Board Term 1 Sample Paper- बोर्ड ने जारी किए टर्म 1 सैंपल पेपर्स, मार्किंग स्‍कीम और एग्‍जाम पैटर्न, नवंबर-दिसंबर में परीक्षा का आयोजन, पेपर पूरा करने के लिए मिलेगा 90 मिनट का समय :

CBSE Board Term 1 Sample Paper- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10, 12 के सैंपल पेपर्स को आगामी टर्म 1 बोर्ड परीक्षाओं के लिए जारी कर दिया है। सैंपल पेपर टर्म 1 परीक्षा के लिए हैं जो नवंबर-दिसंबर में आयोजित की जाएंगी। जारी सैंपल पेपर्स के पैटर्न के अनुसार छात्रों को उन सवालों के जवाब देने के लिए 90 मिनट का समय मिलेगा जो पाठ्यक्रम के 50% पर आधारित होंगे। थ्योरी पेपर के 50% नंबर भी इन्हीं सवालों से होंगे।

पूरी तरह से थ्‍योरी बेस्‍ड विषयों जैसे इतिहास, कक्षा 12 में जीव विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, कक्षा 10 में अंग्रेजी के लिए अधिक प्रश्न हैं, जबकि कक्षा 10 और 12 में गणित जैसे व्यावहारिक आधारित विषयों में इनकी संख्या कम है। बोर्ड ने अधिकांश प्रश्न पत्रों में ऑप्‍शन दिए हैं। छात्रों को बताए गए प्रश्‍नों की संख्‍या हल करना जरूरी होगा। परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी और सभी प्रश्न समान नंबर के होंगे।

टर्म 1 की परीक्षाएं नवंबर से दिसंबर 2021 में आयोजित की जाएंगी। जो CBSE Sample papers 2021-22 के लिए छात्र मार्किंग स्कीम व सैंपल पेपर देखना चाहते हैं वे आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर या नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक की मदद से देख सकते हैं। सीबीएसई सैंपल पेपर से छात्रों को 2 फायदा होगा, उन्हें परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी साथ ही साथ परीक्षा में आने वाले सवालों के प्रकार और उनकी मार्किंग स्कीम के बारे में जानकारी होगी। यह कदम उन्हें बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार होने में भी मदद करेगा।

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CBSE Board: एक दिन में नहीं होगी दो मेन सब्जेक्ट की एग्जाम, जल्द जारी किया जाएगा टर्म 1 एग्जाम का कंप्लीट शेड्यूल:

केंद्रीय माध्यामिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा दसवीं और बारहवीं के लिए होने वाली टर्म-1 परीक्षा का शेड्यूल जल्द ही जारी किया जाएगा। एक बार जारी होने के बाद कैंडिडेट्स सीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं का टाइम टेबल ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर देख पाएंगे। स्कूल के अधिकारियों को यह सूचित किया गया है कि एक ही दिन में कक्षा 10वीं और 12वीं की कोई भी मुख्य परीक्षा आयोजित नहीं की जाएंगी। इसमें कक्षा 10वीं के 5 मुख्य विषय और कक्षा 12वीं के 19 मुख्य विषय शामिल हैं।

सीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं तिथि पत्र 2022 – ये परीक्षाएं एक ही तिथि पर आयोजित नहीं की जाएंगी

कक्षा 10 वींकक्षा 12 वीं
अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञानअंग्रेजी, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, लेखाव्यवसाय अध्ययन, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, भूगोल, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और शारीरिक शिक्षा

ऐसे होगा प्रैक्टिकल एग्जाम का आयोजन :

टर्म 1 की प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए कोई बाहरी परीक्षक आवंटित नहीं किया जाएगा। हालांकि अभी तक इसका कोई ऑफिशियल डिक्लेरेशन नहीं हुआ है। इस बीच, बोर्ड टर्म 1 के संचालन के लिए परीक्षा केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड परीक्षाएं 15 नवंबर से ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी।

डेट शीट 2022 टर्म 1 कब जारी होगी?

सीबीएसई की सामान्य समयरेखा के अनुसार, अब एकत्र की गई जानकारी के साथ, डेट शीट को अंतिम रूप दिया जाएगा। बोर्ड आमतौर पर परीक्षा से लगभग 50 दिन पहले डेट शीट जारी करता है। जबकि वह समय बीत चुका है (यदि परीक्षाएं 15 नवंबर से शुरू होनी हैं), तो यह उम्मीद की जा सकती है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2022 टर्म 1 कक्षा 10वीं, 12वीं की डेट शीट 15 अक्टूबर तक जारी कर सकता है।

टर्म 1 सैंपल पेपर्स डाउनलोड लिंक : CBSE Board Term 1 Sample Paper

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RPSC Computer Teacher Vacancy 2021:राजस्थान में 10,453 कम्प्यूटर अनुदेशकों की भर्ती

RPSC Computer Teacher Vacancy 2021:

RPSC Computer Teacher Vacancy– राजस्थान में कंप्यूटर शिक्षकों के नए कैडर के लिए 10453 पदों पर भर्ती होगी | कंप्यूटर अनुदेशकों (Computer Teachers) की यह भर्ती नियमित होगी | अब राजस्थान में कंप्यूटर शिक्षकों के 10 हजार से अधिक पदों पर नियमित भर्ती होगी | राजस्थान में पहली बार होने जा रही कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती को स्थायी भर्ती करने की सहमति वित्त विभाग से मिल चुकी है | आगामी हफ़्ते में भर्ती का सिलेबस जारी कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी |

RPSC Computer Teacher Vacancy

RPSC Computer Teacher Vacancy, राजस्थान में कंप्यूटर शिक्षकों के 10,453 पदों पर अब नियमित भर्ती होगी | स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार शिक्षा विभाग में कुल 9862 बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक (Basic Computer Teacher) तथा 591 वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक (Senior Computer Teacher) के पद सृजित होंगे | वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के कुल पदों में से 75% पद सीधी भर्ती तथा 25% पद विभाग में कार्यरत बेसिक कंप्यूटर अनुदेशकों में से संविदा परीक्षा उत्तीर्ण करने पर पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे | संविदा नियुक्ति के दौरान बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक (Basic Computer Teacher) को पारिश्रमिक के रूप में ₹18500 प्रतिमाह, वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक को ₹23700 प्रति माह तथा पदोन्नति पर आने वाले वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक (Senior Computer Teacher) को ₹33800 प्रति माह देय होंगे | अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें |

  • Department Name : Office Director, Secondary Education Rajasthan, Bikaner
  • Post Name in Hindi & English Computer Teacher (कंप्यूटर शिक्षक)
  • Application Procedure : Apply Online
  • Total Vacancies : 10453 Vacancies (1st, 2nd, 3rd Grade Teacher)
  • Computer Teacher 3rd Grade : 10985
  • Computer Teacher 2nd Grade : 3616
  • Job Location : Rajasthan

राजस्थान कंप्यूटर शिक्षक भर्ती हेतु शैक्षणिक योग्यता:-

यदि आपके पास मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर में कोई भी डिग्री है, तो आप Rajasthan Computer Teacher bharti 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है | पहले जिन विद्यार्थियों ने RSCIT कर रखा था, उन्हें भी कंप्यूटर शिक्षक भर्ती में सम्मिलित करने की मांग उठी थी | लेकिन विरोध के बाद RSCIT वालों को सम्मिलित करने से मना कर दिया है. अब जिनके पास कंप्यूटर में डिग्री होगी, वही Rajasthan Computer Teacher bharti 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे | BCA, MCA, BBA, MSC IT, B.Tech, Graduation in Computer Science | शैक्षणिक योग्यता के बारे में अधिक जानकारी आपको ऑफिशल नोटिफिकेशन के समय ही मिलेगी |

राजस्थान कंप्यूटर शिक्षक भर्ती हेतु चयन प्रक्रिया:-

Rajasthan Computer Teacher 3rd Grade Bharti 2021:

इसमें सभी पदों पर 100 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती (लिखित परीक्षा के आधार पर) की जाएगी |विधि द्वारा स्थापित विश्वविधालय से Computer Science या Information Technology में Graduate योग्यता (B.E. in Computer Science, B.Tech in Computer Science, B.E. in Information Technology, B.tech in Information Technology, B.Sc. in Computer Science, B.Sc. in Information Technology, Bachelor in Computer Application)

Rajasthan Computer Teacher 2nd Grade Bharti 2021:

Rajasthan Computer Teacher 2nd Grade के पदों पर 50 फीसदी पदोन्नति से और 50 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती का प्रस्ताव है | द्वितीय श्रेणी की योग्यता में अनुभव को भी शामिल किया जाएगा | इस पद के लिए कंप्यूटर विज्ञान या सूचना प्रौद्योगिकी में स्नातक और तृतीय श्रेणी कंप्यूटर शिक्षक के रूप में 3 साल तक काम करने का अनुभव होना चाहिए | विधि द्वारा स्थापित विश्वविधालय से Computer Science या सूचना प्रौद्योगिकी में स्नातक योग्यता (B.E. in Computer Science, B.tech in Computer Science, B.E. in Information Technology, B.tech in Information Technology) |

Rajasthan Computer Teacher 1st Grade Bharti 2021:

Rajasthan Computer Teacher 1st Grade bharti 2021 यानी computer school lecturer के पदों पर 50 फीसदी सीधी भर्ती और 50 फीसदी पदों पर पदोन्नति का प्रस्ताव रखा गया है | इस पद के लिए कंप्यूटर विज्ञान या सूचना प्रौद्योगिकी में पीजी योग्यता और द्वितीय श्रेणी कंप्यूटर शिक्षक के रूप में 3 साल के अनुभव की योग्यता रखने का फिलहाल प्रस्ताव दिया गया है | विधि द्वारा स्थापित विश्वविधालय से Computer Science या सूचना प्रोधोगिकी में स्नातकोत्तर (M.E. in Computer Science, M.Tech in Computer Science, M.E. in Information Technology, M.Tech in Information Technology, Master in Computer Application (MCA) |

Nihang Sikh: जानिए आखिर कौन होते हैं निहंग सिख ? दूसरे सिखों से कैसे हैं अलग |

Nihang Sikh कौन होते हैं?

Nihang Sikh कौन होते हैं- सिंघु बॉर्डर पर 35 साल के एक शख्स की निर्मम हत्या के मामले में शुक्रवार 15 अक्टूबर को निहंग सरबजीत सिंह ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया | किसानों के विरोध प्रदर्शन के मुख्य मंच के पास युवक का शव बैरिकेड्स से लटका मिला | उसके हाथ कटे थे | संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया है कि इस हत्या के पीछे निहंग सिख हैं |

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि घटनास्थल के एक निहंग ग्रुप ने जिम्मेवारी ली है, और यह कहा है कि ऐसा उस व्यक्ति द्वारा सरबलोह ग्रंथ की बेअदबी करने की कोशिश के कारण किया गया | इस हत्या के बाद निहंग सिख चर्चा में आ गए हैं | आइये जानते हैं कौन होते हैं ये निहंग सिख |

निहंग शब्द आया कहां से:-

दरअसल, निहंग फारसी का शब्द है, जिसका अर्थ मगरमच्छ, कमल और तलवार होता है | लेकिन इनकी विशेषता संस्कृत के शब्द निशंक से ज्यादा मिलती जुलती मालूम पड़ती है जिसका अर्थ निडर और शुद्ध होता है | जानकारी के मुताबिक, सिखों के सबसे आक्रामक तबके को ये नाम मुगलों ने दिया था | इसके पीछे मान्यता ये मानी जाती है कि जिस तरह से पानी में मगरमच्छ को हराना मुश्किल होता है, ठीक उसी तरह युद्ध में निहंगों को मात देना आसान काम नहीं है |

निहंग सिखों को ऐसा लड़ाका बनाने का श्रेय सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह को जाता है | गुरु गोविंद सिंह के चार बेटे थे | अजित सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह | फतेह सिंह सबसे छोटे बेटे थे | माना जाता है कि एक बार तीनों बड़े भाई आपस में युद्ध का अभ्यास कर रहे थे |

इसी दौरान फतेह सिंह भी वहां पहुंचे और युद्ध कला सीखने की इच्छा जताई | इस पर बड़े भाइयों ने उनसे कहा कि अभी आप छोटे हैं और जब बड़े हो जाओगे तब ये सीख लेना |

कहा जाता है कि अपने तीनों बड़े भाइयों की इस बात पर फतेह सिंह नाराज हो गए | वो घर के अंदर गए और एक हाथ ऊंचा दुमाला (दस गज या उससे ज़्यादा लंबे कपड़े की पग) सिर पर बांधा | उस पर चक्कर लगाया (ये गोल चक्र होता है जो निहंग सिख दुमाले पर पहनते हैं) | किरपाण उठाई |

एक हाथ में भाला पकड़ा | उन्होंने अपने भाइयों से कहा कि अब वो लंबाई में तीनों के बराबर हो गए हैं | गुरु गोविंद सिंह ये सब देख रहे थे | फेतह सिंह की बहादुरी से वो प्रभावित हुए और तब जाकर चारों भाइयों को उन्होंने युद्ध कला सिखाई | मान्यता है कि फतेह सिंह ने अपने बड़े भाइयों की बराबरी करने के लिए जो चोला पहना था, वहीं आज के निहंग सिख पहनते हैं | फतेह सिंह ने जो हथियार उठाया था, आज भी निहंग सिख उसी हथियार के साथ दिखते हैं |

निहंग सिख अपने धर्म के लिए हर समय समर्पित होते हैं और आम सिखों को मानवता का विशेष ध्यान रखने की ओर प्रेरित करते रहते हैं | निहंग सिखों के धर्म चिन्ह आम सिखों की अपेक्षा मज़बूत और बड़े होते हैं | जन्म से लेकर जीवन के अंत तक जितने भी जीवन संस्कार होते हैं, सिख धर्म के अनुसार ये उनका प्रेम से निर्वहन करते हैं |

Nihang Sikh कौन होते हैं

दूसरे सिखों से कैसे अलग हैं:-

सिर्फ युद्ध के मैदान में लड़ना ही इनका काम नहीं था | कुछ नियम-क़ानून ऐसे हैं, जिनसे निहंग खुद को बांधे रखते हैं | उनकी अवहेलना नहीं की जा सकती | इनके ये ख़ास नियम हैं:

  • गुरबानी का पाठ करना और ‘बाणे’ में रहना: रोज़ ये गुरबानी का पाठ तो करते ही हैं, साथ ही साथ औरों को भी उसके बारे में बताते चलते हैं | बाणे में रहने का मतलब हमेशा अपना चोला और उसके साथ आने वाले सभी शस्त्र धारण करना | किसी मजबूर, गरीब, या कमज़ोर पर हाथ न उठाना, उसकी रक्षा करना |
  • शस्तर (शस्त्र) विद्या: सभी निहंग हथियार चलाने में पारंगत होते हैं | (शस्तर विद्या में पांच महत्वपूर्ण चीज़ें सिखाई जाती हैं, विरोधी पर लपकना, उसके डिफेन्स को कमज़ोर करना, आ रहे अटैक को रोकना, वार करने के लिए सबसे सही जगह चुनना, और आखिर में वार करना |)
  • निहंग सिख आदि ग्रंथ साहिब (गुरु ग्रन्थ साहिब) के साथ-साथ श्री दशम ग्रन्थ साहिब और सरबलोह ग्रन्थ को भी मानते हैं | सरबलोह ग्रन्थ में युद्ध और शस्त्र विद्या से जुड़ी सीखें हैं | इसे वीर रस से जोड़कर देखा जाता है | इनके गुरुद्वारों में गुरु ग्रन्थ साहिब के साथ श्री दशम ग्रन्थ साहिब भी सुशोभित होते हैं | साथ ही जो मुख्य पांच तख़्त हैं सिख धर्म के, वहां भी श्री दशम ग्रन्थ साहिब का पाठ होता है |
  • इनकी अपनी एक बोली है, जिसमें कुछ ख़ास शब्द और रेफरेंस इस्तेमाल होते हैं | जैसे दूध पीते हैं तो कहते हैं, हमने समंदर पी लिया | कोई सुनने में कमज़ोर होता है तो उसे कहते हैं, ये तो चौमाले पर बैठा है | यानी इतना ऊंचा सुनता है जैसे चौथे माले पर बैठा हो |
  • निहंगों में भी दो समूह होते हैं | एक जो ब्रह्मचर्य का पालन करता है, दूसरा जो गृहस्थ होता है | जो गृहस्थ निहंग होते हैं, इनकी पत्नियां भी वही वेश धारण करती हैं, बच्चे भी | और सभी समूह के साथ ही चलते हैं | एक जगह टिककर नहीं रहते |
  • ये छोटे-छोटे समूहों में घूमते रहते हैं | सिख गुरुओं के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं जहां-जहां घटी थीं, वहां का चक्कर लगाते हैं | जैसे ‘माघी’ के दिन (माघ महीने का पहला दिन, 14 या 15 जनवरी को) ये मुक्तसर साहिब जाते हैं | जहां गुरु गोबिंद सिंह ने ‘चाली मुक्ते’ को आशीर्वाद दिया था | (ये वो चालीस सिख थे जो पहले गुरु को छोड़कर चले गए थे | बाद में माता भाग कौर के ललकारने पर शर्मिंदा हुए, और गुरु के लिए अपनी जान दे दी) इसके बाद आनंदपुर साहिब में होली खेलने जाते हैं, जिसे ‘होला मोहल्ला’ कहा जाता है | इसी तरह इनके जत्थे बाकी जगहों पर जाते हैं |
  • इनके तीन दल हैं- तरना दल, बिधि चंद दल, और बुड्ढा दल | इनके सबके अलग-अलग मुखिया होते हैं, जिन्हें जत्थेदार कहा जाता है |

राजस्थान विद्या संबल योजना 2021: अतिथि शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

राजस्थान विद्या संबल योजना 2021:-

राजस्थान विद्या संबल योजना – राजस्थान सरकार द्वारा स्कूल कॉलेजों और सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में स्टाफ़ की कमी की पूर्ति करने के लिए राज्य सरकार द्वारा राजस्थान विद्या संबल योजना 2021 की शुरुआत की गई है | इस योजना के तहत सरकार द्वारा गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति की जाएगी. साथ ही हर शैक्षणिक सत्र से पहले रिक्त पदों की गणना होगी | राज्य में सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों व अन्य स्टाफ़ के बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं जिसके चलते समय पाठ्यक्रम पूरा नही हो पाता है |

राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश के योग्य बेरोजगारों के लिए विद्या संबल योजना लागू की गई है | इस योजना के तहत स्कूलों / शैक्षणिक संस्थाओं में शिक्षकों / कॉलेजों में व्याख्याताओं को गेस्ट फैकल्टी तहत भर्ती करने का मुख्य उद्देश्य है | सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से इस महत्वपूर्ण योजना को मूर्त रूप देना चाह रही है, तो वहीं दूसरी ओर बेरोजगार अब सरकार की इस योजना का खुले आम विरोध खुले आम विरोध कर रही है | ऐसे में एक बार फिर से प्रदेश के बेरोजगारों और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिल सकती है |

प्रदेश के स्कूलों में वर्तमान समय में करीब 40 हजार पद ख़ाली पड़े है तो वहीं नये खोले गए 80 कॉलेजों में करीब 3 हजार शिक्षकों की आवश्यकता है तो पहले से संचालित कॉलेजों में करीब 20 फीसदी पद खाली हैं | ऐसे में राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण सुधार के उद्देश्य से सरकार की ओर से विद्या संबल योजना (Rajasthan Vidya Sambal Yojana 2021) की शुरूआत की जा रही है | लेकिन इस योजना के शुरू होने से पहले ही प्रदेश के बेरोजगार अभ्यर्थियों ने इस योजना का विरोध करना शुरू कर दिया है | बेरोजगारों को डर सता रहा है कि गेस्ट फैकल्टी के बाद रोजगार के अवसर बंद हो जायेगें |

राजस्थान विद्या संबल योजना पद शिक्षक और श्रेणी जानकारी:-

पद का नामवेतन
तृतीय श्रेणी शिक्षकन्यूनतम राशि 300 रुपये और अधिकतम राशि 21,00 रुपये है
वित्तीय ग्रेड शिक्षकरुपए 350 प्रति दिन और अधिकतम रुपए 25,000 प्रति माह
प्रथम श्रेणी शिक्षकप्रति दिन 400 रुपये और अधिकतम 30,000 रुपये प्रति माह मिलेगा
प्रयोगशाला सहायतारुपए 21,000
प्रशिक्षकरुपए 21,000
सहेयक प्रोफेसररुपये प्रति दिन 80 और अधिकतम रुपये 45000
कॉलेजों में शिक्षक12000 रुपये प्रतिदिन और 60000 रुपये

विद्या संबल योजना के तहत वेतन विवरण:-

Grade -1

11th to 12th Per HourRs 400
Per MonthRs 30,000

Grade-2

9th to 10th Per HourRs 350
Per MonthRs 25,000

Grade-3

1st to 8th Per HourRs 300
Per MonthRs 21,000

Laboratory Helper

Lab Tech. Per HourRs 300
Per MonthRs 21,000

Instructor

Instructor Per MonthRs 300
Per MonthRs 21,000

विद्या संबल योजना 2021 के लाभ व विशेषताएं:-

  • हर संस्थान में सत्र की शुरुआत में, वे शिक्षकों के रिक्त पदों की गणना करेंगे। उसके बाद रिक्त पदों की ओर से भर्ती का आयोजन किया जाएगा |
  • इसके अलावा, जिला कलेक्टर या चयनित प्राधिकरण गैस शिक्षकों की भर्ती करेगा |
  • जब शैक्षणिक वर्ष शुरू होता है, तो समिति जिला मुख्यालय पर सूचित करेगी और फिर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे | अतिथि शिक्षकों का चयन उनकी योग्यता, अंकों और उनके अनुभव के आधार पर होता है |
  • संबंधित विभाग के लिए जिला स्तर पर योग्य उम्मीदवारों के लिए एक पैनल तैयार किया जाता है | इस पैनल में तीन उम्मीदवार हैं जो प्रत्येक रिक्ति के लिए तैयार हैं | इस पैनल को ब्लॉक वार, विषयवार और श्रेणीवार चुना जाएगा |
  • अतिथि शिक्षकों की सुविधा लें, उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा |
  • शिक्षकों के काम की निगरानी, ​​और उनके प्रदर्शन की निगरानी के बाद तदनुसार नकद भुगतान किया जाएगा |
  • जब अतिथि शिक्षकों के सभी रिक्त पद भरे जाएंगे तो भर्ती प्रक्रिया अपने आप रुक जाएगी |
  • चूंकि छात्रावासों में शिक्षक का पद तैयार नहीं है, इसलिए छात्रावासों में सम्मानित विषय की कोचिंग के लिए कोई अनिवार्य पद नहीं है |
  • कोचिंग के लिए संस्थान के प्रमुख बजट प्रावधान के अनुसार सीधे अपने स्तर पर भुगतान कर सकते हैं |

राजस्थान विद्या संबल योजना के लिए जरूरी दस्तावेज:-

  • आवेदक का निवास प्रमाण
  • जाति प्रमाण पत्र
  • विकलांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • शैक्षिक और प्रशिक्षण दस्तावेज
  • शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र
  • भूमि प्रमाण पत्र एसएसी से संबंधित

हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम का गठन किया |

हरियाणा कौशल रोजगार निगम:-

हरियाणा कौशल रोजगार निगम- कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के लिए एवं EPF एवं ESI जैसी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जाता है | ऐसी ही एक योजना हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई है जिसका नाम हरियाणा कौशल रोजगार निगम है | इस योजना के माध्यम से नागरिक उन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं जिनके लिए पहले आउटसोर्सिंग के माध्यम से आवेदन करते थे |

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा हरियाणा कौशल रोजगार निगम का शुभारंभ किया गया है | इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा वह सभी नियुक्तियां ऑनलाइन की जाएगी जो कि पहले आउटसोर्सिंग नीतियों के अंतर्गत की जाती थी |

सरकार द्वारा कौशल रोजगार निगम पोर्टल 1 नवंबर 2021 को लांच किया जाएगा | जिसके माध्यम से युवा पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस नई प्रणाली के माध्यम से काम पर रखे गए सभी नागरिकों को इपीएफ, ईएसआई आदि सुविधा जैसे सभी लाभ भी प्रदान किए जाएंगे | यह प्रक्रिया ना केवल अनुबंधन के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों के शोषण को रोकेगी बल्कि योग्य उम्मीदवारों को पारदर्शिता और पर्याप्त रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा |

हरियाणा कौशल रोजगार निगम

अब इस नई व्यवस्था के अंतर्गत संविदा नियुक्तियां मेरिट के आधार पर की जाएगी | जिसके कारण पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित होगी | इस पोर्टल के माध्यम से सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा | इसके अलावा सभी योग्य युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए कौशल विकास परीक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे |

हरियाणा कौशल रोजगार निगम का उद्देश्य:-

इस योजना का मुख्य उद्देश्य आउटसोर्सिंग के माध्यम से दी जाने वाली नियुक्तियों को ऑनलाइन करना है | इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा एक पोर्टल लांच किया जाएगा जिसके माध्यम से युवा ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे | यह योजना अनुबंधन के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों के शोषण को रोकने में भी कारगर साबित होगी | इसके अलावा यह योजना योग्य उम्मीदवारों को पारदर्शी एवं पर्याप्त रोजगार सुनिश्चित करेगी |

Haryana Kaushal Rojgar Nigam 2021 के अंतर्गत रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से कौशल विकास प्रशिक्षण स्तर भी आयोजित किया जाएगा | जिससे कि ज्यादा से ज्यादा नागरिकों तक रोजगार पहुंचाया जाएगा। यह योजना प्रदेश की बेरोजगारी दर को घटाने में भी कारगर साबित होगी | इस प्रणाली के माध्यम से काम पर रखे गए सभी नागरिकों को EPF एवं ESI जैसी सुविधाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा |

हरियाणा कौशल रोजगार निगम के लाभ तथा विशेषताएं:-

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा Haryana Kaushal Rojgar Nigam 2021 का शुभारंभ किया गया है |
  • इस योजना के माध्यम से सरकार द्वारा वह सभी नियुक्तियां ऑनलाइन की जाएगी जो की पहले आउटसोर्सिंग नीतियों के अंतर्गत की जाती थी |
  • हरियाणा कौशल रोजगार निगम के संचालन के लिए सरकार द्वारा 1 नवंबर 2021 को पोर्टल भी लांच किया जाएगा |
  • इस पोर्टल के माध्यम से युवा पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे |
  • इस प्रणाली के माध्यम से काम पर रखे गए सभी नागरिकों को EPF, ESI आदि सुविधाएं जैसे सभी लाभ भी प्रदान किए जाएंगे |
  • यह प्रक्रिया न केवल अनुबंधन के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों के शोषण को रोकेगी बल्कि योग्य उम्मीदवारों को पारदर्शिता और पर्याप्त रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी |
  • अब इस नई व्यवस्था के अंतर्गत संविदा नियुक्तियां मेरिट के आधार पर की जाएगी जिसके कारण पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी |
  • सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को इस पोर्टल के माध्यम से नियुक्त किया जा सकेगा |
  • इसके अलावा सभी योग्य युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे |
हरियाणा कौशल रोजगार निगम

कौशल रोजगार निगम की पात्रता तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज:-

  • आवेदक हरियाणा का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है |
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • आयु का प्रमाण
  • राशन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • ईमेल आईडी
  • मोबाइल नंबर |