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4 दिसंबर 2021 – भारतीय नौसेना दिवस | जानें भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास|

Indian Navy Day 2021 भारतीय नौसेना दिवस:-

नौसेना दिवस देश की नौसेना की महान उपलब्धियों को पहचानने के लिए कई देशों द्वारा मनाया जाता है | भारत में नौसेना दिवस हर साल 4 दिसंबर मनाया जाता है | ताकि देश को नौसेना बल की भव्यता, महान उपलब्धियों और भूमिका को पहचाना जा सके | भारतीय नौसेना भारत की सशस्त्र सेना की समुद्री शाखा है | इसका नेतृत्व भारतीय नौसेना के कमांडर-इन-चीफ के रूप में भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है | 17वीं शताब्दी के मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी भोंसले को “भारतीय नौसेना का पिता” माना जाता है |

यह देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है | भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में भी भारतीय नौसेना का अहम योगदान है | भारतीय नौसेना की बहादुरी को सलाम करने के लिए हर साल हर साल देश में 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना दिवस मनाया जाता है |

भारतीय नौसेना देश में किसी तरह की आपदा की स्थिति में भी मदद का हाथ बढ़ाती है | भारतीय नौसेना को दक्षिण एशिया में सबसे मजबूत बल माना जाता है | इसके पास करीब 67,000 कर्मचारी और करीब 295 नौसेना हथियार हैं |

भारतीय नौसेना का उदय कैसे हुआ:- Indian Navy Day 2021

भारतीय नौसेना की स्थापना 1612 में हुई थी | ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी मैरीन (East India Company’s Marine) के रूप में सेना बनाई थी | साल 1686 तक ब्रिटिश व्यापार पूरी तरह से बॉम्बे में स्थानांतरित हो गया | इसके बाद इस दस्ते का नाम ईस्ट इंडिया मरीन से बदलकर बॉम्बे मरीन (Bombay Marine) कर दिया गया |

बॉम्बे मरीन ने मराठा, सिंधि युद्ध के साथ-साथ साल 1824 में बर्मा युद्ध में भी हिस्सा लिया | साल 1892 में इसका नाम रॉयल इंडियन मरीन (Royal Indian Marine) कर दिया गया | भारत की आजादी के बाद 1950 में नौसेना का गठन फिर से हुआ और इसे भारतीय नौसेना (Indian Navy) नाम दिया गया |

Indian Navy Day 2021

भारतीय नौसेना दिवस का इतिहास:-Indian Navy Day 2021

बात साल 1971 की है, जब भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में हम विजयी रहे थे | भारत की विजय का जश्न मनाने के लिए हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है |

1971 के जंग की शुरुआत 3 दिसंबर से हुई थी, जब पाकिस्तान ने हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला कर दिया था | पाकिस्तानी को जवाब देने के लिए नौसेना की ओर से “ऑपरेशन ट्राइडेंट” चलाया गया | यह ऑपरेशन पाकिस्‍तानी नौसेना के मुख्‍यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया, जो कराची में था | हिंदुस्‍तान की ओर से किए गए इस हमले में 3 विद्युत क्‍लास मिसाइल बोट, 2 एंटी-सबमरीन और एक टैंकर शामिल था | इस अभियान में पहली बार जहाज रोधी मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था |

भारत की कराची में रात को हमला करने की योजना थी, क्‍योंकि पाकिस्‍तान के पास उस समय ऐसे विमान नहीं थे, जो रात में बमबारी कर सकें | यह हमला इतना जबरदस्त था कि कराची बंदरगाह पूरी तरह बर्बाद हो गया था और इससे लगी आग सात दिनों तक जलती रही थी | इस जंग में भारत का कोई जवान शहीद नहीं हुआ था, जबकि पाकिस्‍तान के 5 नौसेनिक मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक घायल हुए थे | इसी जीत का जश्‍न हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस के रूप में मनाया जाता है |

भारतीय नौसेना दिवस कैसे मनाया जाता है:-

भारतीय नौसेना के पश्चिमी नौसेना कमान का मुख्यालय मुंबई में है। इस मौके पर पश्चिमी कमान के जहाज और नौसैनिक एक साथ इकट्ठा होते हैं और इस दिन को मनाते हैं | नौसेना दिवस समारोहों से पहले भारतीय नौसेना के जवान 1 दिसंबर, 2021 को मुंबई में रिहर्सल करते हैं जिस दौरान वे अपने कौशलों का प्रदर्शन करते हैं | रिहर्सल अरब सागर में किया जाता है |

नौसेना दिवस समारोहों पर जिन गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन होना होता है, उसकी योजना विशाखापट्टनम स्थित भारतीय नौसेना कमान तैयार करती है | इसकी शुरुआत युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि के साथ होती है और उसके बाद नौसेना की पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों आदि की ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया जाता है |

इस मौके पर भारतीय नौसेना की ओर से प्रदर्शन का भी आयोजन किया जाता है | उस दौरान आम लोग भी भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और विमानों का भ्रमण कर सकते हैं | नौसेना उत्सव में अर्नाकुलम में पत्रकारों द्वारा सैन्य फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है | गेटवे ऑफ इंडिया बीटिंग रीट्रिट सेयरमनी का आयोजन किया जाता है |

भारतीय नौसेना की ताकत:-

विश्व रैंकिंग:4
कुल जहाजों की संख्या: 295
एयरक्राफ्ट कैरियर- 1
फ्राइगेट्स- 13
विध्वंसक पोत- 11
कोर्वेट्स – 22
सबमरीन्स की संख्या:16
निगरानी जहाजों की संख्या:139
माइन वारफेयर – 1

भारतीय नौसेना से जुडी ख़ास बातें:-

  • सब लेफ्टिनेंट शिवांगी भारत की पहली महिला नौसेना पायलट हैं | शिवांगी को उनके प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद पिछले साल भारतीय नौसेना में नियुक्त किया गया था | शिवांगी कोच्चि नौसैनिक अड्डे पर परिचालन कर्तव्यों में शामिल हो गई हैं | वह भारतीय नौसेना के डोर्नियर निगरानी विमान को उड़ाएंगी |
  • 1961 में नौसेना ने अपना पहला विमानवाहक पोत, INS विक्रांत का अधिग्रहण किया, जिसने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाई | जनवरी 1997 में इसका विमोचन किया गया था | नौसेना के पास पहले से ही 28,000 टन के विमानवाहक पोत INS विराट है |
  • भारतीय नौसेना भारत की सशस्त्र सेना की समुद्री शाखा है। इसका नेतृत्व नौसेना के कमांडर-इन-चीफ के रूप में भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है |

Vivo Pro Kabaddi 2021 : ये रही प्रो कबड्डी लीग की 12 टीमों की पूरी सूची

Pro Kabaddi 2021 Teams Players list, Vivo Pro Kabaddi 2021 Season VIII:- प्रो कबड्डी 2021 टीम प्लेयर्स लिस्ट

प्रो कबड्डी लीग (Vivo Pro Kabaddi 2021 Season VIII) सीजन आठ की तारीख का एलान कर दिया गया है | लीग की शुरुआत 22 दिसंबर से होगी जिसका पहला मुकाबला बैंगलुरु में खेला जाएगा | लीग में 12 टीमें भाग लेंगी जिनके बीच कई रोमांचक मुकाबले होने की उम्मीद है | PKL 2021 की खास बात यह है कि मैच के दौरान दर्शकों को मैदान पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी | इस लीग का आयोजन दो साल के बाद हो रहा है |

इस टूर्नामेंट के सभी मैचों की तारीखें भी लगभग तय हो चुकी हैं | कोरोना के चलते PKL के सभी मैच एक ही स्टेडियम में खेले जाएंगे | ये सभी मैच बैंगलोर के कांतीवीरा इंडोर स्टेडियम में हो सकते हैं | प्रो कबड्डी लीग भारत में आईपीएल के बाद दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली लीग है | खबर के अनुसार इस लीग में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को कोरोना का टीका लगवाना जरूरी होगा | मैच शुरू होने के कम से कम 14 दिन पहले सभी खिलाड़ियों को बैंगलोर में इकट्ठा होना होगा | पहले यह टूर्नामेंट जुलाई के महीने में शुरू होने वाला था, लेकिन कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण इसे साल के अंत में शुरू किया जाएगा |

PKL 2021 Season 8 में भाग लेंगी 12 टीमें:- Pro Kabaddi 2021 Teams Players list

प्रो कबड्डी लीग में 12 टीमें भाग लेंगी जिनमें बंगाल वॉरियर्स (BENGAL WARRIORS), बेंगलुरु बुल्स (BENGALURU BULLS), दबंग दिल्ली केसी (DABANG DELHI K.C.), गुजराज जायंट्स (GUJARAT GIANTS), हरियाणा स्टीलर्स (HARYANA STEELERS), जयपुर पिंक पैंथर्स (JAIPUR PINK PANTHERS), पटना पाइरेट्स (PATNA PIRATES), पुनेरी पलटन (PUNERI PALTAN), तमिल थलाईवाज (TAMIL THALAIVAS), तेलुगु टाइटन्स (TELUGU TITANS), यू मुम्बा (U MUMBA), और यूपी योद्धा (U.P. YODDHA) की टीमें शामिल हैं |

Pro Kabaddi 2021 Teams Players list

BENGAL WARRIORS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: रिंकू नरवाल, मोहम्मद एस्माइल नबीबख्श, रवींद्र रमेश कुमावत, मनिंदर सिंह |

खरीदे गए खिलाड़ी: अबोजर मोहजर मिघानी (₹30.50 लाख), सुकेश हेगड़े (₹30 लाख), सुमित सिंह (₹20 लाख), मनोज गौड़ा के. (₹10 लाख), विजिन थंगदुरई (₹10 लाख), परवीन (₹10) लाख), रोहित बन्ने (₹10 लाख), दर्शन जे. (₹10 लाख), सचिन विट्टाला (₹17.50 लाख), आकाश पकालमुंडे (₹17 लाख), रोहित (₹6 लाख), रिशांक देवाडिगा (₹20 लाख) |

BENGALURU BULLS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: सौरभ नंदल, बंटी, मोहित सेहरावत, अमित श्योराण, पवन कुमार सहरावत |

खरीदे गए खिलाड़ी: जियाउर रहमान (₹ 12.20 लाख), डोंग जियोन ली (₹ 12.50 लाख), अबोलफज़ल मघसोदलौ महली (₹13 लाख), महेंद्र सिंह (₹50 लाख), चंद्रन रंजीत (₹80 लाख), अधिक जीबी (₹25) लाख), दीपक नरवाल (₹26.50 लाख), मयूर जगन्नाथ कदम (₹15 लाख), अंकित (₹10 लाख), विकास (₹10 लाख) |

DABANG DELHI K.C. SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: बलराम, सुमित, नीरज नरवाल, नवीन कुमार, विजय, मोहितो

खरीदे गए खिलाड़ी: मोहम्मद मलक (₹10 लाख), इमाद सेडाघाट निया (₹10.20 लाख), संदीप नरवाल (₹60 लाख), जोगिंदर सिंह नरवाल (₹20 लाख), जीवा कुमार (₹44 लाख), अजय ठाकुर (₹46) लाख), विकास (₹6 लाख), मंजीत छिल्लर (20 लाख), सुधंत सेल (₹10 लाख) |

GUJARAT GIANTS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: सुमित, अंकित, हरमनजीत सिंह, सुनील कुमार, परवेश भैंसवाल

खरीदे गए खिलाड़ी: सुलेमान पहलवानी (₹11.50 लाख), हादी ओश्तोरक (₹20 लाख), रविंदर पहल (₹74 लाख), सोनू (₹20 लाख), महेंद्र गणेश राजपूत (₹15 लाख), रतन के (₹25 लाख) , मनिंदर सिंह (₹10 लाख), हर्षद यादव (₹10 लाख), गिरीश मारुति एनक (₹20 लाख), प्रदीप कुमार (₹10 लाख), अजय कुमार (₹10 लाख) |

JAIPUR PINK PANTHERS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: इलावरसन ए, सुशील गुलिया, पवन टीआर, सचिन नरवाल, नितिन रावल, विशाल, अमित हुड्डा

खरीदे गए खिलाड़ी: मोहम्मद अमीन नोसराती (₹11 लाख), आमिर हुसैन मोहम्मदमलेकी (₹10 लाख), दीपक निवास हुड्डा (₹55 लाख), संदीप कुमार ढुल (₹45 लाख), धर्मराज चेरालाथन (₹20 लाख), नवीन (₹₹ 22 लाख), अर्जुन देशवाल (₹96 लाख), अमित (₹20 लाख), अशोक (₹10 लाख), अमित नगर (₹10 लाख), शॉल कुमार (₹10 लाख) |

HARYANA STEELERS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: विकास छिल्लर, चांद सिंह, विनय, विकास खंडोला

खरीदे गए खिलाड़ी: हामिद मिर्जाई नादेर (₹12.10 लाख), मोहम्मद एस्माइल मघसोदलौ (₹13.20 लाख), रोहित गुलिया (₹83 लाख), विकास जगलान (₹20 लाख), रवि कुमार (₹27.50 लाख), सुरेंद्र नाडा (₹20) लाख), राजेश नरवाल (₹10 लाख), बृजेंद्र सिंह चौधरी (₹55 लाख), अजय घंघास (₹10 लाख), राजेश गुर्जर (₹10 लाख |

PATNA PIRATES SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: साहिल मान, राजवीरसिंह प्रताप राव चव्हाण, मोहित, मोनू, नीरज कुमार

खरीदे गए खिलाड़ी: जंगकुन ली (₹20.50 लाख), मोहम्मद्रेज़ा शादलोई चियानेह (₹31 लाख), प्रशांत कुमार राय (₹55 लाख), सचिन (₹84 लाख), सुनील (₹31.50 लाख), सचिन चंद्रशेखर (₹10 लाख) , सौरव गुलिया (₹10 लाख), संदीप (₹10 लाख), शुभम शिंदे (₹18.50 लाख), मोनू गोयत (₹20 लाख) |

PUNERI PALTAN SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: संकेत सावंत, पंकज मोहिते, बालासाहेब शाहजी जाधव, हादी ताजिक, पवन कुमार कादियान, राजवीरसिंह प्रताप राव चव्हाण, मोहित, मोनू, नीरज कुमार

खरीदे गए खिलाड़ी: गोविंद गुर्जर (अनजान), मोहित गोयत (अनजान), विक्टर ओनयांगो पबिएरो (₹10 लाख), विशाल भारद्वाज (₹60 लाख), बलदेव सिंह (₹60 लाख), राहुल चौधरी (₹40 लाख), नितिन तोमर (₹61 लाख), ई सुभाष (₹10 लाख), सोमबीर (₹34.50 लाख), करमवीर (₹10 लाख), विश्वास एस (₹10 लाख), अविनेश नादराजन (₹6 लाख), सौरव कुमार (₹6 लाख) |

TAMIL THALAIVAS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: सागर, एम अभिषेक, हिमांशु

खरीदे गए खिलाड़ी: अनवर शहीद बाबा (₹10 लाख), मोहम्मद तुहिन तारफदर (₹10 लाख), पीओ सुरजीत सिंह (₹75 लाख), के. प्रपंजन (₹71 लाख), मंजीत (₹92 लाख), सौरभ तानाजी पाटिल ( ₹15 लाख), भवानी राजपूत (₹10 लाख), अजिंक्य अशोक पवार (₹19.50 लाख), साहिल (₹10 लाख), अथुल एमएस (₹30 लाख), सागर बी कृष्णा (₹10 लाख), संतपनसेल्वम (₹ 10 लाख) |

TELUGU TITANS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: आकाश दत्तू अरसुल, आकाश चौधरी, मनीष, अंकित बेनीवाल, रजनीश, राकेश गौड़ा

खरीदे गए खिलाड़ी: प्रिंस (अनजान), अबे टेटसुरो (₹10 लाख), ह्यूंसु पार्क (₹10 लाख), सुरेंद्र सिंह (₹55 लाख), सिद्धार्थ सिरीश देसाई (₹1.30 करोड़), रोहित कुमार (₹36 लाख), संदीप (₹59.50 लाख), रुतुराज शिवाजी कोरवी (₹19.80 लाख), आदर्श टी (₹10 लाख), जी राजू (₹6 लाख), अमित चौहान (₹6 लाख), सी अरुण (₹10 लाख) |

U MUMBA SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: नवनीत, हरेंद्र कुमार, अभिषेक सिंह, अजिंक्य रोहिदास कापरे, फजल अतरचली

खरीदे गए खिलाड़ी: मोहसेन मघसूदलू जाफरी (₹12.80 लाख), अजित वी कुमार (₹25 लाख), पंकज (₹10 लाख), रिंकू (₹32 लाख), सुनील सिद्धगवली (₹10 लाख), अजीत (₹10 लाख), जशनदीप सिंह (₹10 लाख), राहुल राणा (₹10 लाख), आशीष कुमार सांगवान (₹10 लाख) |

U.P. YODDHA SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: आशु सिंह, सुमित, सुरेंद्र गिल, नितेश कुमार

खरीदे गए खिलाड़ी: नितिन पंवार (अनजान), मोहम्मद तघी पेन महली (₹12 लाख), मोहम्मद मसूद करीम (₹10 लाख), प्रदीप नरवाल (₹1.65 करोड़), श्रीकांत जाधव (₹72 लाख), गुरदीप (₹10 लाख) ), गौरव कुमार (₹10 लाख), साहिल (₹10 लाख), गुलवीर सिंह (₹10 लाख), अंकित (₹10 लाख), आशीष नगर (₹10 लाख) |

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जासूस रविन्द्र कौशिक की ‎जीवनी – Ravindra Kaushik Biography in Hindi

क्या आपको पता है की रविन्द्र कौशिक कौन थे? आज हम आपको रविन्द्र कौशिक ‎जीवनी (Ravindra Kaushik Biography) के साथ-साथ उनके बारे में और भी बहुत सारी इस लेख में आपको बताने वाले है। तो चलिए जानते हैं वो ‘टाइगर’ के बारे में जो देश के लिए पाकिस्तान आर्मी में शामिल हो गया।

आज हम आपको रविन्द्र कौशिक की पत्नी और बच्चे (Ravindra Kaushik Wife and Son) के साथ – साथ उनके परिवार के बारे में भी बताने वाले हैं। इस लेख को आप अच्छे से और पूरा पढ़ें ताकी आपको एक महान जासूस के बारे में सब कुछ पता चल सके।

आज हम आपको एक ऐसे भारतीय जासूस की कहानी बताने जा रहे हैं जो भारत की सेवा के लिए पाक आर्मी में मेजर बन गए थे। यह भारत का वो जासूस था जो सिर्फ 23 साल की उम्र में पाक गया और फिर कभी अपने वतन नहीं लौट सका। कहा जाता है कि सलमान खान की फिल्‍म ‘एक था टाइगर’ की प्रेरणा यही जासूस था। और सलमान की एक और फिल्म इन्ही के ऊपर बनने वाली है।

आमतौर पर सुना जाता है कि रॉ एजेंट्स और उनके कारनामों के बारे में ज्यादा जानकारियां आम लोगों के बीच साझा नहीं की जाती है, लेकिन हम आपको एक ऐसे जांबाज और शातिर जासूस की कहानी बता रहे हैं, जिसने अपना पूरा जीवन देश सेवा को समर्पित करते हुए पाकिस्तान की जेलों में तड़पते हुए बिता दिया। आइए जानते हैं रविन्द्र कौशिक की ‎जीवनी में उनके बारे में सब कुछ।

रविन्द्र कौशिक ‎जीवनी (Ravindra Kaushik Biography)

रविन्द्र कौशिक जीवनी
ravindra kaushik
Birthday (जन्मदिन)11 अप्रैल सन् 1952
Age (उम्र)49 वर्ष (2001)
Birth Place (जन्म स्थान)राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में
Occupation (पेशा)Raw Agent (जासूस)
Ravindra Kaushik Wife (पत्नी का नाम)अमानत
Child (बच्चे का नाम)Aareeb (आरिब)
Death Date (मृत्यु/पुण्यतिथि)21 नवम्बर 2001
Father name (पिता का नाम)जे एम कौशिक
Mother name (माता का नाम)अमला देवी

रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्री गंगानगर राजस्थान में हुआ था। उन्होंने वहां से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की थी। टीनएजर की उम्र से ही कौशिक को थिएटर और एक्टिंग करने का शौक था। एक बार रवींद्र कौशिक ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक राष्ट्रीय स्तर की नाटकीय बैठक में हिस्सा लिया था। इसी दौरान रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के अधिकारियों ने उसे देखा। उसके बाद रॉ के अधिकारियों ने कौशिक से संपर्क किया और उन्हें अंडरकवर ऑपरेटिव होने की नौकरी का ऑफर दिया।

रविन्द्र कौशिक की पत्नी और बच्चे (Ravindra Kaushik Wife and Son)

ravindra kaushik wife रविन्द्र कौशिक जीवनी
ravindra kaushik wife

रवींद्र कौशिक जब पाकिस्तान में थे तब उन्हें, पाकिस्तान के एक आर्मी अफसर की बेटी से मोहब्बत हो गई। उनका नाम अमानत था। पहले वो दोनों दोस्त थे। बाद में दोनों की शादी हो गई। यहां तक कि उन्होंने अमानत को भी कभी इस बारे में पता नहीं लगने दिया कि वो रॉ में काम करते हैं। दोनों ने अपने बेटे का नाम आरीब अहमद खान रखा।

रविन्द्र कौशिक ‎कैसे बने जासूस।

भारतीय खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ के कुछ अधिकारियों ने रविन्द्र को मंच पर एक नाटक के दौरान देखा और उनकी एक्टिंग के मुरीद हो गए।

उस दौरान रविन्द्र कौशिक को राष्ट्रीय स्तर के नाट्य कलाकार के रूप में पहचान मिल चुकि थी लेकिन दुश्मनों की हरकतों पर नजर रखने वाली भारतीय खुफिया एजेंसी की नजरे इस 23 साल के युवा पर थी। आखिरकार अपनी पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद कौशिक ने ‘रॉ’ ज्वाइन कर लिया जिसके बाद उनका पूरा जीवन ही बदल गया।

23 साल की उम्र में भारतीय अंडर कवर एजेंट बने रविन्द्र कौशिक को दिल्ली में ट्रेनिंग दी गई थी। दिल्ली में ट्रेनिंग के दौरान रविन्द्र ने उर्दू और इस्लामिक शब्दों को लिखना और पहचानना सीखा। 1975 में पाकिस्तान भेजे जाने से पहले रविन्द्र से जुड़े सभी दस्तावेजों और जानकारियों को एजेंसी द्वारा नष्ट कर दिया गया था और उनके परिवार से भी जुड़ी जानकारी छुपा दी गई थी।

पाकिस्तान पहुंचते ही वो रविन्द्र कौशिक से नबी अहमद हो गए और कराची विश्वविद्यालय से वकालत की पढ़ाई पूरी की। वकालत पूरी हो जाने के बाद रविन्द्र पाकिस्तानी सेना में शामिल हो गए और वहां से शुरू रविन्द्र को असली जीवन में एक नया किरदार निभाने का मौका मिला।

1975 में उन्‍हें नबी अहमद शाकिर इस नाम के साथ पाकिस्‍तान भेजा गया। इसके बाद वह बतौर सिविलियन क्‍लर्क पाकिस्‍तान सेना का हिस्‍सा बन गए। इसके बाद उन्‍हें पाक सेना के अकाउंट्स डिपार्टमेंट में भेज दिया गया।

कौशिक ने बचाई थी 20 हजार भारतीय सैनिकों की जान।

साल 1979 से 1983 तक रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तान से भारतीय रक्षा बलों के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां भेजी। उनकी भेजी हुई जानकारियों से 20 हजार भारतीय सैनिकों की जान बच पाई थी।

नबी अहमद शाकिर यानी कौशिक द्वारा भेजी जा रही जानकारियां भारतीय रक्षा बलों के लिए इतनी ज्यादा जरूरी हो गई थी कि उन्हे भारतीय रक्षा क्षेत्रों में ‘द ब्लैक टाइगर’ के नाम से पुकारा जाने लगा। रवींद्र कौशिक ‘द ब्लैक टाइगर’ के नाम से भारतीय रक्षा बलों में प्रसिद्ध हो गए। रवींद्र कौशिक को ‘द ब्लैक टाइगर’ का नाम तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने खुद दिया था।

कैसे पकडे गए रविन्द्र कौशिक?

1983 में इनायत मसियाह को रॉ ने नबी अहमद की मदद के लिए भेजा, लेकिन इनायत को पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी ने पकड़ लिया और नबी अहमद की पहचान बताने के लिए कड़ी यातनाएं दी।

अब नबी अहमद के राज से पर्दा उठ चुका था और रविन्द्र कौशिक को पाकिस्तान आर्मी ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें 1983 से 1985 के बीच पाकिस्तान आर्मी ने कड़ी यातनाएं दीं और बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया। पहले उन्हें मौत की सजा दी गई थी लेकिनबाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।

भारत मां के वीर सपूत रविंद्र कौशिक की जिंदगी आज भी उन तमाम युवा रॉ ऑफिसर के लिए प्रेरणा हैं जो अपना काम को एक अद्भुत रूप में अंजाम देना चाहते हैं। वे आज भी भारत के सबसे बेहतरीन इंटेलीजेंस ऑफिसर के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने अपनी जान तो गंवा दी, लेकिन मरते दम तक अपने देश की रक्षा की। हम भारत के वीर सपूत ब्लैक टाइगर को सैल्यूट करते हैं।

इस तरह से आज आपने जासूस रविन्द्र कौशिक की ‎जीवनी में उनके बारे में बहुत कुछ जाना अगर आपको ये लेख पसंद आया हो, तो इसी आपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें, और उन्हें भी हमारे देश के ब्लैक टाइगर के बारे में बताएं।

MP marriage certificate के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करे?

MP online marriage certificate registration

एक विवाह प्रमाण पत्र (marriage certificate) एक कानूनी बयान है कि दो लोग विवाहित मतलब हुनकी शादी हुई हैं। अधिकांश न्यायालयों में, विवाह के नागरिक पंजीकरण के बाद ही एक सरकारी अधिकारी द्वारा विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। मध्य प्रदेश राज्य सरकार कानूनी मानदंडों के आधार पर विवाह प्रमाण पत्र प्रदान करती है। इस लेख में आज हम मध्य प्रदेश विवाह प्रमाण पत्र के लिए सुविधाओं, लाभों, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया (MP online marriage certificate registration) को देखते हैं।

Marriage certificate पात्रता (Eligibility)

  • दूल्हे की उम्र 21 साल की होनी चाहिए, और दुल्हन की 18 साल या इससे ज्यादा होना चाहिए।
  • पंजीकरण के दौरान युगल (Couple) को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना चाहिए।
  • दूल्हा और दुल्हन शादी के एक महीने बाद आवेदन कर सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)

Madhya Pradesh विवाह प्रमाणपत्र (Marriage certificate) के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, तभी आप अपना सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं.

  • दूल्हे और दुल्हन की अलग-अलग से चार पासपोर्ट साइज फोटो.
  • दूल्हा का जन्म के दिनाक को सत्यापित करने हेतु आवश्यक दस्तावेज – जन्म प्रमाणपत्र/ड्राइविंग लाइसेंस/आधार कार्ड/अंक प्रमाणपत्र फोटो कॉपी
  • शादी की तीन फोटोग्राफ
  • दूल्हे और दुल्हन का आईडी प्रूफ
  • विवाह का निमंत्रण पत्र, पते के साथ
  • दूल्हे और दुल्हन के माता पिता का आईडी प्रूफ
  • दूल्हे और दुल्हन का शपथ पत्र (पंजीकरण के 20 से अधिक दिनों के मामले में)
  • शादी मंदिर/आर्य समाज में सम्पन्न होने की स्थिति में संस्थान/पुजारी का प्रमाण पत्र
  • शादी हॉल रसीद /पंचनामा फ्रॉम पार्षद
  • दो गवाह के पते का आईडी प्रूफ

ऊपर बताये गए सभी दस्तावेज़ होने के बाद आप MP online marriage certificate registration के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

एसे करें online marriage certificate registration

Step 1:- सबसे पहले आपको मध्य प्रदेश की वेबसाइट https://www.mpenagarpalika.gov.in/ पर जाना होगा, और वहाँ पर आपको सबसे ऊपर जहाँ पर Citizen services लिखा होगा वहाँ पर क्लिक करना है.

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Step 2:- अब आपके सामने एक नया पेज ओपन होगा, वहाँ पर आपको Marriage Registration का एक ऑप्शन दिखाई देगा, जैसा की निचे दीगई फोटो में दिखाया गया है, Marriage Registration वाली लिंक में क्लिक करें.

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Step 3:- जब आप Marriage Registration वाली लिंक में क्लिक करेंगे तो आपके सामने एक नया पेज ओपन होगा, वहाँ पर आपको एक और लिंक दिखाई देगी जहाँ पर लिखा होगा click here to apply आपको उसमे क्लिक करना है, जैसा निचे दीगई फोटो में दिखाया गया है.

MP online marriage certificate registration

Step 4:- click here to apply वाली लिंक में क्लिक करने के बाद आपके सामने एक और नया पेज ओपन होगा, वहाँ पर आपको आपका शहर लिखना है, जैसा की निचे दीगई फोटो में दिखाया गया है.

MP online marriage certificate registration
online marriage certificate apply mp

Step 5:- अपना सेहर चुनने के बाद continue बटन में क्लिक करें और आगे बढ़ें.

Step 6:- अब आपके सामने आपके सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन फॉर्म ओपन होजयेगा, फॉर्म को अच्छे से पढ़ें और माँगी गई जानकारी जैसा की पूछा गया है, उसी के अनुसार उसमे भरें, कोई गलती न करें आराम से फॉर्म भरें.

marriage certificate online registration mp

सभी जानकारी सभी भरने के बाद ऑनलाइन पेमेंट करे, और फिर इस तरह से आप MP online marriage certificate Registration कर लेंगे.

Important Links:-

[KPSC ] Thulasi PSC Kerala: Login/Register | Apply Online @ keralapsc.gov.in

Kerala PSC Thulasi Kerala Registration- [KPSC ] Thulasi PSC Kerala: Login/Register | Apply Online @ keralapsc.gov.in website.

We are explaining the easiest method to register on Kerala PSC’s one time registration. The registration process is explained in detail. Hope you all get a clear idea about ‘PSC one time registration’ from our tutorial video ‘How to Register Kerala PSC One Time Registration.

This scheme helps the aspirants preparing for the Civil Services Exams and other services such as Account Assistant, Police Assistant, Municipal Secretary, Panchayat Secretary, Divisional Officer etc. The candidates will receive alerts about various jobs once after the registration on the portal. The applicants can directly have access to the KPSC Thulasi Portal for the process of job search.

Kerala PSC Thulasi Kerala Registration

This article explains the Thulasi PSC Kerala initiation, Apply, Login & Register, Chane OTR Details, Edit Signature and Photograph on the official portal.

keralapsc.gov.in Portal – Steps to Create Profile, Kerala PSC Thulasi Kerala Registration

Let us see the online procedure to create on the Kerala Online Job Search Portal. This process is for the candidates who want to register themselves on the portal.

Follow step by step guide for kerala psc thulasi kerala registration

1- Visit the Official Portal of Kerala Public Service Commission. It takes the online user to the Home Page.

Kerala PSC Thulasi Kerala Registration

2- Click on the One Time Registration Login on the web page. as shown in the screenshot above.

3- Now Click on the Sign Up button under the Login Page. as you can see on the screenshot below.

4- After clicking on the Sign Up button, It then redirects to the below registration page.

Kerala PSC Thulasi Kerala Registration

Now fill the required field of the form.

  • Enter the Name, Date of Birth, Gender, Father’s Name, Mother’s Name, Religion, Caste, Sub Caste, Reservation Group (as per current norms), ID Proof, ID Proof Details, Aadhaar Number, and Mobile Number.
  • In the User ID a Password Section, Enter User ID without Spaces, Confirm User ID, Password, and Confirm Password.
  • Enter the Access Code, and click on the Declaration Check Box.
  • Verify all the details and click on the Register Button.
  • It then finishes the registration process of the user.

5- Now again go to the One Time Registration Login on the web page.

Enter your User ID, and Password, then click on the Log In Button.

6- It then opens up the User Dashboard, as shown below. In the personal details section, Enter Name, Date of Birth, Gender, Religion, Caste, Sub Caste, Reservation Group, Father’s Name, Mother’s Name, Identification Mark and Nationality.

Kerala PSC Thulasi Kerala Registration

Click on the Save and Proceed button. In the Communication Details Section, Enter the House Name/Number, Street/Place, Post Office, State, District, Taluk, Local Body, and Village.

Tick if your permanent address is the same as the current address.

Click on the Save and Proceed button. In the upload photograph section, upload the photograph of the applicant.

Kerala PSC Thulasi Kerala Registration
  • Click on all the declaration checkboxes and click on the Save and Proceed button.
  • Click on the Ok button on the dialogue box.
  • In the upload signature section, upload the digital signature and click on save and proceed button.
  • Click on Ok on the dialogue box.
  • It then displays the preview of the application, and click on the submit button.

The candidate can print the application form for future reference.

Changing Kerala OTR Profile Details

Let us see the online procedure to change the OTR Profile on the official website of the state.

  • Visit the Official Portal of Kerala Thulasi Portal.
  • It takes the online user to the Home Page.
  • Enter your User ID and Password on the Login Page.
  • Enter your OTR Profile after log in.
  • Then choose your Educational Qualification Option.
  • The applicants can edit the details of their choice.
  • Click on the save option after editing your details.

How to Edit Signature and Photo on thulasi.psc.kerala.gov.in portal

Let us see the procedure to edit the signature and the photo on the official portal of thulasi kerala psc.

  • Visit the Official Portal of Kerala Thulasi Portal.
  • Enter your User ID and Password on the Login Page.
  • It then redirects the online user to the dashboard.
  • Now, the applicants can click on the add/change photograph and signature to edit.
  • The applicants can edit either the photograph and signature of their choice.

Important Links of KPSC Thulasi Portal

How to register for Kerala psc video tutorial

Today you have learned about Kerala PSC Thulasi Kerala Registration process.

Vivo Pro Kabaddi 2021: सीजन 8 के लिए ये है Bengaluru Bulls की पूरी टीम

Vivo Pro Kabaddi 2021:

प्रो कबड्डी लीग (Vivo Pro Kabaddi 2021 Season VIII) सीजन आठ की तारीख का एलान कर दिया गया है | लीग की शुरुआत 22 दिसंबर से होगी जिसका पहला मुकाबला बैंगलुरु में खेला जाएगा | लीग में 12 टीमें भाग लेंगी जिनके बीच कई रोमांचक मुकाबले होने की उम्मीद है | PKL 2021 की खास बात यह है कि मैच के दौरान दर्शकों को मैदान पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी | इस लीग का आयोजन दो साल के बाद हो रहा है |

Bengaluru Bulls:-

बुल्स के लिए बहुत सी चीजें अच्छी चल रही हैं और यहां कुछ कारण बताए गए हैं कि वे PKL8 कप उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं |

  • उनके पास पवन सहरावत एक Super Start Lead Raider  है जो लीग के सभी मैचों में 10 अंक दे सकता है | उनका मुख्य रेडर भरोसेमंद है और टीम का एक विश्वसनीय नेता भी है, जैसे एमएस धोनी चेन्नई सुपर किंग्स टीम है |
  • पवन के लिए उत्कृष्ट सपोर्ट रेडर – 70% से अधिक रेड के लिए मैट पर मुख्य रेडर का होना तभी संभव है जब उसके पास सपोर्ट रेडर में झुके रहने के लिए कंधा हो | चंद्रन रंजीत ने PKL 7 में नवीन कुमार के लिए यह कार्य पूर्णता के साथ किया और वह PKL 8 में पवन सहरावत के लिए दाहिने हाथ की भूमिका निभाएंगे | वह यह सुनिश्चित करने का प्रभारी है कि पवन मेट पर पर्याप्त रेड करें | और अगर रंजीत इस काम के लिए तैयार नहीं हैं, तो उनके पास दीपक नरवाल और क्रूर बल बंटी हैं | यह सपोर्ट स्क्वॉड यह भी सुनिश्चित करेगा कि बुल्स कम Do or Die Raid में समाप्त हो | इनके पास लंबे ईरानी रेडर अबोल्फ़ज़ेल मघसोधलो हैं जो Do or Die में अच्छे साबित हुए हैं |
  • स्थिर, युवा कॉर्नर्स कबड्डी में किसी भी अच्छे बचाव के स्तंभ हैं और अमित श्योराण और सौरभ नंदल के साथ, बुल्स के पास अनुभव है और युवा सभी एक में लुढ़क गए हैं | उन्होंने इन युवाओं को PKL 7 में मैच का पर्याप्त समय देकर उन्हें एक अच्छी कार्नर जोड़ी में ढालने के लिए निवेश किया है |
Bengaluru Bulls Team 2021
  • Bulls Squad में Cover Defence एक छोटी सी समस्या है | उन्हें महेंद्र, सर्विसेज का लेफ्ट कवर मिला है, जो बुल्स डिफेंस का मुख्य आधार है; हालांकि, राइट कवर से स्लिम सपोर्ट आ रहा है | राइट कॉर्नर-राइट कवर कॉम्बिनेशन वह है जो आगामी सीज़न में नवीन कुमार और अर्जुन देशवाल जैसे राइट रेडर्स के लिए खतरा साबित हो सकता है | कोच रणधीर को सही कवर कसने का तरीका निकालना होगा |
  • कोच रणधीर सिंह सहरावत ने अपनी टीम में निवेश किया है और अब यह वापसी का समय है | वह रेलवे और बेंगलुरु बुल्स के लिए मैच विनिंग कोच रहे हैं | वह प्रो कबड्डी की शुरुआत से टीम के कोच रहे हैं और कोच में विश्वास ने टीम को भरपूर लाभ दिया है | युवा यूनिट को एक साथ बुनने की उनकी क्षमता, परदीप नरवाल और पवन सहरावत जैसे खिलाड़ियों को उजागर करना एक और बड़ा कारण है कि बेंगलुरू बुल्स कप को घर वापस लाने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं |

BENGALURU BULLS SQUAD:-

रिटेन किए गए खिलाड़ी: सौरभ नंदल, बंटी, मोहित सेहरावत, अमित श्योराण, पवन कुमार सहरावत |

खरीदे गए खिलाड़ी: जियाउर रहमान (₹ 12.20 लाख), डोंग जियोन ली (₹ 12.50 लाख), अबोलफज़ल मघसोदलौ महली (₹13 लाख), महेंद्र सिंह (₹50 लाख), चंद्रन रंजीत (₹80 लाख), अधिक जीबी (₹25) लाख), दीपक नरवाल (₹26.50 लाख), मयूर जगन्नाथ कदम (₹15 लाख), अंकित (₹10 लाख), विकास (₹10 लाख) |

  • Vivo Pro Kabaddi 2021 : ये रही प्रो कबड्डी लीग की 12 टीमों की List
  • Vivo Pro Kabaddi 2021: सीजन 8 के लिए ये है U Mumba की पूरी Team
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    Vivo Pro Kabaddi 2021: Jaipur Pink Panthers Players

    प्रो कबड्डी लीग (Vivo Pro Kabaddi 2021 Season VIII) सीजन आठ की तारीख का एलान कर दिया गया है | लीग की शुरुआत 22 दिसंबर से होगी जिसका पहला मुकाबला बैंगलुरु में खेला जाएगा | लीग में 12 टीमें भाग लेंगी जिनके बीच कई रोमांचक मुकाबले होने की उम्मीद है | PKL 2021 की खास बात यह है कि मैच के दौरान दर्शकों को मैदान पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी | इस लीग का आयोजन दो साल के बाद हो रहा है |

    Jaipur Pink Panthers Players 2021 List

    अभिषेक बच्चन के स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने पूर्व यू मुंबा कोच, दिग्गज संजीव बालियान को पीकेएल सीजन 8 के लिए अपना मुख्य कोच नियुक्त किया और साथ ही दाएं कोने पर अनुभवी अमित हुड्डा, ऑलराउंडर नितिन रावल और कवर डिफेंडर विशाल लाथेर की सेवाओं को भी बरकरार रखा | सीजन 7 में निराशाजनक अभियान के बाद जीत के रास्ते पर वापस आने के लिए बड़ा खर्च करना चाह रहा था, जिसमें टीम ने मजबूत शुरुआत की और फिर टूर्नामेंट के कारोबार के अंत की ओर पटरी से उतर गई |

    Jaipur Pink Panthers Players

    ऑक्शन्स में सबसे बड़ी खरीदारी फॉर्म में चल रहे अर्जुन देशवाल थे, जिन्हें यू मुंबा ने रिटेन नहीं किया था और उन्हें रु. 96 लाख | JPP ने सीजन 7, दीपक निवास हुड्डा में अपने नेता की सेवाओं को वापस खरीद लिया, और संदीप ढुल को भी खरीदा | 1 करोड़ और हरियाणा के नवीन बज़ाद जैसे कुछ चोरी सिर्फ 22L में और अनुभवी धर्मराज चेरालाथन को सिर्फ 25 लाख रु, जो दस्ते में काफी गहराई जोड़ते हैं | पिंक में पुरुषों ने मोहम्मद अमीन नसराती और अमीर हुसैन मोहम्मदमलेकी के ईरानी कॉम्बो को भी जोड़ा, जो सीजन 8 में देखना रोमांचक हो सकता है |

    पवन टीआर, सुशील गुलिया, सचिन नरवाल और इलावरसन भी अपने नए युवा खिलाड़ियों (एनवाईपी) के रूप में टीम के साथ बने हुए हैं और कागज पर पिंक पैंथर्स युवाओं और अनुभव के अच्छे मिश्रण के साथ एक अच्छी तरह से संतुलित पक्ष की तरह दिखते हैं, जिसमें अधिकांश आधार शामिल हैं |

    पिछले कुछ सीज़न में जिन मुद्दों का उन्होंने सामना किया है, उनमें से एक उनके खिलाड़ियों के लिए स्पष्ट भूमिका परिभाषा है, जिसमें दीपक निवास हुड्डा का नेतृत्व भी शामिल है और यदि प्रबंधन अपने कुछ अनुभवी पुरुषों के प्रबंधन को सुलझा सकता है, तो यह पक्ष दिखता है यह 2021 में प्रतियोगिता में बहुत गहराई तक जा सकता है | पिछली बार जब इस टीम ने प्लेऑफ़ में जगह बनाई थी तो वह सीज़न 4 में वापस आ गया था और वे हाल की निराशाओं को पीछे छोड़ने और सीज़न 8 में वापस उछाल की उम्मीद |

    Jaipur Pink Panthers Squad:-

    लीड रेडर्स:

    • दीपक निवास हुड्डा
    • अर्जुन देशवाल

    दूसरे रेडर:

    • नितिन रावल
    • नवीन बज़ादी
    • सचिन नरवाल

    तीसरे रेडर:

    • अमीर हुसैन
    • सुशील गुलिया
    • अमीन नसराती
    • अशोक
    • अमित नगर

    कॉर्नर डिफेंडर:

    • अमित हुड्डा
    • धर्मराज चेरलानाथन
    • संदीप ढुल
    • साहुल कुमार

    कवर डिफेंडर:

    • विशाल लाठेर
    • पवन टीआर
    • अमित
    • इलावरसन ए

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    Bhopal Gas Tragedy- भोपाल गैस कांड की बरसी: जानें इस दर्दनाक हादसे का सच

    Bhopal Gas tragedy, भोपाल गैस कांड:-

    मध्य प्रदेश के भोपाल में 2-3 दिसम्बर 1984 यानी आज से 37 साल पहले दर्दनाक हादसा हुआ था | इतिहास में जिसे भोपाल गैस कांड (Bhopal Gas tragedy), भोपाल गैस त्रासदी का नाम दिया गया है | भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से एक जहरीली गैस का रिसाव हुआ, जिससे लगभग 15000 से अधिक लोगो की जान गई और कई लोग अनेक तरह की शारीरिक अपंगता से लेकर अंधेपन के भी शिकार हुए, जो आज भी त्रासदी की मार झेल रहे हैं |

    भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसो साइनाइट (MIC) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था | जिसका उपयोग कीटनाशक बनाने के लिए किया जाता था | मरने वालों के अनुमान पर विभिन्न स्त्रोतों की अपनी-अपनी राय होने से इसमें भिन्नता मिलती है, फिर भी पहले अधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या 2,259 बताई गई थी | 

    मध्यप्रदेश की तत्कालीन सरकार ने 3,787 लोगों के मरने की पुष्टि की थी, जबकि अन्य अनुमान बताते हैं कि 8000 से ज्यादा लोगों की मौत तो दो सप्ताह के अंदर ही हो गई थी और लगभग अन्य 8000 लोग रिसी हुई गैस से फैली बीमारियों के कारण मारे गये थे | उस भयावह घटनाक्रम को फिर से याद करने पर भुक्तभोगियों की आंखें आज भी डबडबा जाती हैं |

    कड़ाके की सर्द रात थी, लोग चैन की नींद सो रहे थे | 2 दिसंबर, 1984 को भोपाल की छोला रोड स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने में भी रोज की तरह अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर प्लांट एरिया में अपना काम संभाले हुए थे | लेकिन किसी को क्या पता था कि आज की रात हजारों लोग मौत की नींद सो जाएंगे | 2 दिसंबर, 1984 की रात प्लांट से गैस का रिसाव हुआ और त्रासदी की दास्तां बन गई |

    2-3 दिसंबर 1984 की उस भयानक रात का सच:- Bhopal Gas tragedy

    Bhopal Gas Tragedy
    • 2 दिसंबर, 1984 रात 8 बजे : यूनियन कार्बाइड कारखाने की रात की शिफ्ट आ चुकी थी, जहां सुपरवाइजर और मजदूर अपना-अपना काम कर रहे थे |
    • 2 दिसंबर, 1984 रात 9 बजे :करीब आधा दर्जन कर्मचारी भूमिगत टैंक के पास पाइनलाइन की सफाई का काम करने के लिए निकल पड़ते हैं |
    • 2 दिसंबर, 1984 रात 10 बजे : कारखाने के भूमिगत टैंक में रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू हुई, टैंकर का तापमान 200 डिग्री तक पहुंचा और गैस बनने लगी |
    • 2 दिसंबर, 1984 रात 10:30 बजे : टैंक से गैस पाइप में पहुंचने लगी | वाल्व ठीक से बंद नहीं होने के कारण टॉवर से गैस का रिसाव शुरू हो गया |
    • 3 दिसंबर, 1984 रात 12:15 बजे : वहां मौजूद कर्मचारियों को घबराहट होने लगी | वाल्व बंद करने की कोशिश की गई लेकिन तभी खतरे का सायरन बजने लगा |
    • 3 दिसंबर, 1984 रात 12:50 बजे : वहां आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों को घुटन, खांसी, आंखों में जलन, पेट फूलना और उल्टियां होने लगी |
    • 3 दिसंबर, 1984 रात 1:00 बजे : पुलिस के सतर्क होने से पहले भगदड़ मचने लगी | लेकिन कारखाने के संचालक ने कहा- कोई रिसाव नहीं हुआ है |
    • 3 दिसंबर, 1984 रात 2:00 बजे : कुछ देर बाद तो अस्पताल परिसर में ऐसे मरीजों की भीड़ उमड़ आई |
    • 3 दिसंबर, 1984 रात 2:10 बजे : कारखाने से खतरे का सायरन बजने और तबियत बिगड़ने की वजह से लोग घरों से बाहर भाग रहे थे | पूरे शहर में गैस फैल चुकी थी |
    • 3 दिसंबर, 1984 रात 4:00 बजे : नींद के आगोश में समाए हजारों लोग पल भर में जहरीली गैस के मरीज बन चुके थे | इस बीच गैस रिसाव पर काबू पा लिया गया |
    • 3 दिसंबर, 1984 सुबह 6:00 बजे : पुलिस की गाड़ियां क्षेत्र में लाउडस्पीकर से चेतावनी देने लगीं | शहर की सड़कों पर हजारों गैस प्रभावित लोग या तो दम तोड़ते जा रहे थे या जान बचाने के लिए बदहवास होकर इधर-उधर भाग रहे थे |

    त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन की भी हो चुकी है मौत :-

    34 बरस पहले 1984 में 2 दिसंबर की रात और 3 दिसंबर की सुबह भोपाल की वो काली रात जिसने हजारों लोगों को दबे पांव मौत के आगोश में सुला लिया | भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड के कारखाने से जहरीली गैस रिसाव से समूचे शहर में मौत का तांडव मच गया |

    इस त्रासदी के बाद यूनियन कार्बाइड के मुख्य प्रबंध अधिकारी वॉरेन एंडरसन रातोंरात भारत छोड़कर अपने देश अमेरिका रवाना हो गए थे | हालांकि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के तत्कालीन मुखिया और इस त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन की भी मौत 29 सिंतबर 2014 को हो चुकी है |

    इस हादसे पर 2014 में फिल्म ‘भोपाल ए प्रेयर ऑफ रेन’ का निर्माण किया गया | त्रासदी के बाद भोपाल में जिन बच्चों ने जन्म लिया उनमें से कई दिव्यांग पैदा हुए तो कई किसी और बीमारी के साथ इस दुनिया में आए | यह भयावह सिलसिला अभी भी जारी है और बच्चे यहां कई असामान्यताओं के साथ पैदा हो रहे हैं |

    जेवर एयरपोर्ट: देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट का शिलान्यास आज | जानें एयरपोर्ट में क्या होंगी सुविधाएं

    जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport):- जेवर एयरपोर्ट मास्टर प्लान

    जेवर एयरपोर्ट मास्टर प्लान- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 25 नवंबर दोपहर 1 बजे उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (Noida International Airport) की आधारशिल | इसी के साथ उत्तर प्रदेश 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Airport) वाला पहला राज्य होगा | जेवर (Jewar) में बन रहा यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर में दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा | इतना ही नहीं इसके बनने के बाद इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव भी कम हो जाएगा |

    एयरपोर्ट के पहले चरण को पूरा करने के लिए 2024 का लक्ष्य रखा गया है |  पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हो रहा है | योगी सरकार ने एयरपोर्ट के लिए 5,845 हेक्टेयर की जमीन दे रखी है | पहले चरण का काम पूरा हो जाने के बाद एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी |

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जेवर अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण के कारण विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास के लिए 3,301 करोड़ रुपए आंवटित किए है | लगभग 7,224 प्रभावित परिवारों को विस्थापन के कारण उनके पुनर्वास के लिए 403 करोड़ रुपये दिए गए हैं | लाभार्थियों में रोही के 2,368, दयानतपुर के 2,659, किशोरपुर के 936, रणहेड़ा के 613, परोही के 573 और बनवारीवास के 75 लोग शामिल हैं | जेवर बांगर क्षेत्र में 3,003 विस्थापित परिवारों को 25,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भूमि आवंटित की गई है |

    एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट:- जेवर एयरपोर्ट मास्टर प्लान

    योगी सरकार का दावा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा | एयरपोर्ट पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगा | इतना ही नहीं यह भारत का ऐसा पहला एयरपोर्ट होगा, जहां एकीकृत मल्टी मॉडल कार्गो केंद्र हो और जहां से सारा ध्यान लॉजिस्टिक सम्बंधी खर्चों और समय में कमी लाने पर हो | इस एयरपोर्ट पर बनने वाले कार्गो टर्मिनल की क्षमता 20 लाख मीट्रिक टन होगी | इसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन तक किया जाएगा |

    जेवर एयरपोर्ट मास्टर प्लान

    एयरपोर्ट में होंगी ये सुविधाएं:- जेवर एयरपोर्ट मास्टर प्लान

    एयरपोर्ट पर ग्राउंड ट्रांस्पोर्टेशन सेंटर विकसित किया जायेगा, जिसमें मल्टी मॉडल ट्रांजिट केंद्र होगा | मेट्रो और हाई स्पीड रेलवे के स्टेशन होंगे, टैक्सी, बस सेवा और निजी वाहन पार्किंग सुविधा मौजूद होगी | इस तरह हवाई अड्डा सड़क, रेल और मेट्रो से सीधे जुड़ने में सक्षम हो जाएगा | इतना ही नहीं आसपास के सभी प्रमुख मार्ग और राजमार्ग, जैसे यमुना एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे तथा अन्य भी हवाई अड्डे से जोड़े जाएंगे | एयरपोर्ट को प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल से भी जोड़ने की योजना है, जिससे दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच का सफर मात्र 21 मिनट का हो जाएगा |

    जेवर एयरपोर्ट मास्टर प्लान

    लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार:-

    केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, यह एयरपोर्ट ड्रीम प्रोजेक्ट है | इस प्रोजेक्ट में 2 बिलियन डॉलर का निवेश आ चुका है. हम जेवर और आसपास के क्षेत्रों में 60,000 करोड़ रु के निवेश का अनुमान लगा रहा हैं | जेवर एयरपोर्ट से विभिन्न माध्यमों से 1 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा |

    उप्र में अभी लखनऊ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज,हिंडन, बरेली, कुशीनगर और वाराणसी में एयरपोर्ट हैं | 2022 में अलीगढ़, चित्रकूट, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रवस्ती तथा 2023 में मुरपुर (सोनभद्र) और अयोध्या में एयरपोर्ट तैयार हो जाएंगे | अभी देश के हवाई अड्डों पर कुल 90,000 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है | यह निवेश पांच वर्षो में होगा और इससे देश में मौजूदा एयरपोर्ट की संख्या 136 से बढ़ कर 220 हो जाएगी |

    Frequently Asked Questions (FAQ):-

    कौन बनाएगा जेवर एयरपोर्ट?

    Noida International Airport के निर्माण के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को वर्किंग एजेंसी के रूपए नियुक्‍त किया गया है और विकसित करने की जिम्‍मेदारी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को सौंपी गई है |

    जेवर एयरपोर्ट बनाने में कितने रुपए होंगे खर्च?

    अब जब इतना भव्‍य एयरपोर्ट बन रहा है तो जाहिर सी बात है कि इस पर पैसे भी खूब खर्च होंगे | इसके निर्माण के लिए उत्‍तर प्रदेश सरकार ने फरवरी 2021 में 2,000 करोड़ रुपए के बजट का ऐलान किया था | इसे पूरा होने में लगभग 29 हजार 650 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है |

    कितनी जमीन पर बन रहा जेवर एयरपोर्ट?

    जेवर एयरपोर्ट का निर्माण 5,845 हेक्टेयर जमीन पर हो रहा है | यहां से एक साथ कम से कम 178 विमान उड़ान भर सकेंगे | हालांकि पहले चरण में इसका निर्माण 1334 हेक्टेयर जमीन पर होगा। निर्माण कार्य चार चरणों में पूरा होगा |

    जेवर एयरपोर्ट पर कितने रनवे होंगे?

    अभी तक जो रिपोर्ट आई है उसके अनुसार जेवर एयरपोर्ट पर कुल 5 रनवे होंगे और शुरुआत में यहां से हर साल लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्री हवाई उड़ान भरेंगे | पहले साल 40 लाख यात्रियों की आवाजाही का अनुमान है |

    कब शुरू होगा जेवर एयरपोर्ट?

    जेवर एयरपोर्ट सितंबर 2024 में शुरू होने की उम्‍मीद है | इसके बनने से दिल्‍ली एयरपोर्ट का एयर ट्रैफिक लोड कम होगा | उड्डयन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 35 हजार यात्री दिल्‍ली से नोएडा एयरपोर्ट की तरफ जाएंगे |

    दिल्‍ली एयरपोर्ट से कितनी दूरी पर है जेवर एयरपोर्ट?

    दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से जेवर एयरपोर्ट की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है | सरकार पहले ही कह चुकी है कि दिल्‍ली एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक को कम करने के लिए आसपास कम से कम तीन एयरपोर्ट चाहिए | ऐसे में जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) काफी मददगार साबित हो सकता है |

    जेवर एयरपोर्ट के लिए कैसी होगी कनेक्टिविटी?

    अभी जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेस-वे, बुलंदशहर-जेवर हाईवे और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से है, लेकिन आगे कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी काम हो रहा है | आने वाले समय में यहां पहुंचने के लिए जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट तक मेट्रो कॉरिडोर बनाने की तैयारी है | इसके बाद ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क टू से जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो चलेगी | दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए हरियाणा के बल्लभगढ़ से जेवर एयरपोर्ट तक 6 लेन की 31 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की भी योजना है | नोएडा फिल्म सिटी से जेवर एयरपोर्ट तक पॉड टैक्सी चलेगी |

    Cryptocurrency Bill क्या है? जानिए क्या खास है इस बिल में।

    शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल (Cryptocurrency Bill), 2021 समेत कुल 26 विधेयक पेश किए जाएंगे। लिस्ट में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा बिल 10वें नंबर पर है। भारत में क्रिप्टोकरेंसी के 1.5 से 2 करोड़ यूजर हैं। इस बिल के कानून बनने से ये सभी यूजर प्रभावित हो सकते हैं।

    वर्तमान में, देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई भी रेगुलेशन नहीं है। इस वजह से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ क्रिप्टोकरेंसी पर एक बैठक की थी और मजबूत रेगुलेटरी स्टेप्स उठाने के संकेत दिए थे। सरकार का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर रेगुलेशन नहीं होने से इसका उपयोग टैरर फंडिंग और काला धन की आवाजाही में हो रहा है।

    Cryptocurrency Bill क्या है?

    भारत में बढ़ते हुए क्रिप्टोकरेंसी के ट्रेंड को लेकर अब भारत सरकार cryptocurrency bill लेकर आरही है। क्रिप्टोकरेंसी के नियमन के लिए केंद्र सरकार की ओर से संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (cryptocurrency bill 2021) पेश किया जाएगा।

    सरकार क्रिप्टोकरेंसी के नियमन के लिए जो बिल ला रही है उसका नाम है- क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021).

    इस बिल के माध्यम से सरकार रिजर्व बैंक इंडिया के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए आसान फ्रेमवर्क तैयार करने की योजना बना रही है। इसकी तकनीक और इस्तेमाल को लेकर भी तैयारी की जा रही है। साथ ही, इस बिल के तहत ऐसा प्रावधान लाया जाएगा, जिससे सारी निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लग जाएगा। गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र में पेश करने के लिए 26 बिल सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें क्रिप्टोकरेंसी बिल भी शामिल है।

    Cryptocurrency Bill क्या है

    इस बिल के जरिए सरकार सेंट्रल बैंक रिजर्व बैंक इंडिया के तहत एक आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी जारी करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करना चाहती है। इस बिल के तहत ये प्रावधान लाया जाएगा, जिससे सारी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी बैन हो जाएंगी। हालांकि, इसकी टेक्नोलॉजी और इस्तेमाल को प्रमोट करने के लिए कुछ अपवाद रखे जाएंगे।

    PM की बैठक के बाद क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भाजपा नेता जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाले पार्लियामेंट्री पैनल की पहली बैठक हुई थी। इस बैठक में आम सहमति बनी थी कि क्रिप्टोकरेंसी को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन इसे रेगुलेट किया जाना चाहिए।

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर शक्तिकांत दास का भी बयान सामने आया था। दास ने SBI कॉन्क्लेव में कहा था, ‘जब RBI ये कहता है कि क्रिप्टोकरेंसी से मैक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी की चिंताएं हैं, तो इस मुद्दे पर गहरी चर्चा की जरूरत है।’

    पीएम मोदी भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कई मंत्रालयों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर चुके हैं। इसके अलावा सिडनी संवाद कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने अपने संबोधन में क्रिप्टोकरेंसी का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन का उदाहरण ले लीजिए। यह बेहद जरूरी है कि सभी लोकतांत्रिक देश इस पर काम करें। साथ ही, सुनिश्चित करें कि यह गलत हाथों में न पड़े, क्योंकि इससे हमारे युवाओं पर गलत असर पड़ेगा।

    दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी।

    भारत और चीन जैसे देश इसका विरोध करते हैं। भारत में तो रिजर्व बैंक ने इस पर बैन लगा रखा था, पर अमेरिका समेत कई देश इसके अनुकूल स्कीम बना रहे हैं। सेंट्रल अमेरिका के अल सल्वाडोर की कांग्रेस ने 8 जून 2021 को बिटकॉइन कानून पास किया और यह छोटा देश बिटकॉइन को लीगल टेंडर बनाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया।

    दक्षिण कोरिया जैसे बड़े देश भी क्रिप्टो करेंसी और एक्सचेंज को रेगुलेट करने के लिए कानूनी स्ट्रक्चर बनाने पर काम कर रहे हैं। दूसरी ओर क्रिप्टो फ्रेंडली मियामी, US ने हाल ही में क्रिप्टो एनक्लेव का आयोजन किया। पूरी दुनिया में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी को अपनाने के प्रयास हो रहे हैं। कुछ देशों ने बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टो करेंसी पर आधारित म्यूचुअल फंड भी लॉन्च किए हैं।

    MP: कोरोना से मौत पर मिलेंगे 50 हजार

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    मध्यप्रदेश कोरोना से मौत पर मुआवजा, MP में कोरोना से मौत पर मिलेंगे 50 हजार:डेथ सर्टिफिकेट पर कारण नहीं लिखा है तो भी मुआवजा मिलेगा; जानिए कैसे करें आवेदन:-

    मध्यप्रदेश में कोरोना से मौत पर मृतक के परिजन को 50 हजार रुपए का मुआवजा (अनुग्रह राशि) दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि मुआवजा पाने के लिए डेथ सर्टिफिकेट में कोविड से मौत दर्ज होना जरूरी नहीं है। दस्तावेज प्रमाणित करने के अधिकार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी को दिए गए हैं। यह कमेटी 30 दिन में निर्णय करेगी। नए नियम 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे।

    अभी तक सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार कोरोना से अब तक प्रदेश में 10,526 मौतें हो चुकी हैं। इसके अलावा भी इस महामारी से कई लोगों की मौत हुई हैं, लेकिन सर्टिफिकेट में इसका जिक्र नहीं किया गया। अगर आप के आस पास भी किसी की मौत कोरोना से हुई है तो जानने के लिए बने रहिये enterhindi.com के साथ, enterhindi.com में आप सभी लोगो का स्वागत है तो जानिए क्या है गाइडलाइन व मुआवजा पाने की पूरी प्रोसेस

    ऐसे मिलेगा सरकार से मुआवजा: मध्यप्रदेश कोरोना से मौत पर मुआवजा

    मृतक के परिजन को मुआवजे के लिए डेथ सर्टिफिकेट पेश करना होगा। राज्य सरकार यह पैसे स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (SDRF) से देगी। डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी पैसों का वितरण करेगी। दावेदार संबंधित अथॉरिटी के सामने जरूरी दस्तावेज और डेथ सर्टिफिकेट पेश करेगा।

    दस्तावेज पेश होने के बाद उसे वैरिफाई किया जाएगा। इसके बाद 30 दिनों में अनुग्रह राशि दी जाएगी। यह राशि आधार से लिंक होगी। डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर प्रोसेस से मृतक के परिजन को सीधे बैंक खाते में यह राशि मिलेगी।

    डेथ सर्टिफिकेट नहीं होने पर :

    ऐसे प्रकरण, जहां एमसीसीडी यानी डेथ सर्टिफिकेट में कोरोना का जिक्र नहीं है या मृतक के वारिस का उल्लेख सर्टिफिकेट में नहीं है, तो जिला स्तर पर गठित कोरोना संक्रमण कमेटी से मृत्यु प्रमाणित करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    यह होगी जिला स्तरीय समिति:

    सरकार के निर्देश के मुताबिक, हर जिले में कमेटी बनाई जाएगी। इसमें अतिरिक्त जिला कलेक्टर, सीएमएचओ, जिला स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज प्राचार्य या एचओडी (जिले में मेडिकल कॉलेज होने की स्थिति में) और विषय विशेषज्ञ सदस्य होंगे।

    इस प्रक्रिया का पालन करना होगा:

    कमेटी द्वारा प्रक्रिया का पालन कर प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। अगर कमेटी यह पाती है कि मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई, तो प्रमाण पत्र जारी करेगी। इसके लिए सभी दस्तावेजों और परिस्थितियों का सत्यापन कमेटी द्वारा किया जाएगा। कमेटी द्वारा प्राप्त सभी मामलों का निस्तारण 30 दिन में किया जाएगा। समिति द्वारा जन्म मृत्यु पंजीयन रजिस्ट्रार को भी भेजा जाएगा।

    ऐसी मौत पर नहीं मिलेगा मुआवजा:

    • जहर, दुर्घटना, आत्महत्या या मर्डर को कोविड से मौत नहीं माना जाएगा। भले ही व्यक्ति उस समय कोविड से संक्रमित हो।
    • ऐसे व्यक्तियों व शासकीय कर्मियों के वारिसों को, जिन्हें मुख्यमंत्री कोविड 19 योद्धा कल्याण योजना, मुख्यमंत्री अनुकंपा नियुक्ति योजना या मुख्यमंत्री कोविड 19 अनुग्रह योजना का लाभ दिया गया है अथवा जो इन योजनाओं में लाभ के लिए पात्र हैं, उन्हें यह मुआवजा नहीं मिलेगा।
    • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत लागू बीमा योजना के तहत शामिल शासकीय कर्मी इसके लिए पात्र नहीं होंगे।

    यह अवधि तय हुई:- मध्यप्रदेश कोरोना से मौत पर मुआवजा

    कोविड से मौत के लिए दी जाने वाली राशि के लिए नियत तिथि की गणना कोविड-19 संक्रमण का देश में प्रथम प्रकरण आने की तारीख से होगी। अनुग्रह राशि का प्रावधान कोविड-19 संक्रमण को महामारी के रूप में अधिसूचना रद्द करने अथवा अनुग्रह राशि के संबंध में आगामी आदेश, जो भी पहले हो, तक लागू रहेगा।

    इस क्रम में राशि प्राप्त करने की होगी पात्रता:

    1- मृतक की पत्नी/ पति (जैसी भी स्थिति हो) प्रथम हकदार होंगे।

    2- यदि पत्नी व पति नहीं है, तो अविवाहित विधिक संतान को पात्रता होगी।

    3- यदि संतान नहीं है, तो माता-पिता को राशि दी जाएगी।

    यह होगी प्रक्रिया:

    कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा राशि स्वीकृत की जाएगी। आवेदन का निराकरण आवेदन पत्र के साथ दिए गए दस्तावेज प्रस्तुत करने की तारीख से 30 दिन में किया जाएगा।

    इस आधार पर मुआवजा देने से मना नहीं कर सकती सरकार:

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई राज्य सरकार इस आधार पर मुआवजा देने से मना नहीं कर सकती कि डेथ सर्टिफिकेट में कोविड को मौत की वजह नहीं बताया गया है। अगर सर्टिफिकेट पहले ही जारी किया जा चुका है और परिवार के किसी सदस्‍य को आपत्ति है, तो वह संबंधित अथॉरिटी में अपील कर सकते हैं। RT-PCR जैसे जरूरी दस्‍तावेज दिखाने पर अथॉरिटी को डेथ सर्टिफिकेट्स में बदलाव करने होंगे। अगर इसके बाद भी परिवार को आपत्ति है, तो वह ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी के सामने जा सकता है।

    भारतीय डाक विभाग में 262 पदों पर निकली भर्ती, इस लिंक से करें आवेदन

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    भारतीय डाक विभाग भर्ती:-

    भारतीय डाक ने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और हिमाचल प्रदेश सर्कल के लिए पोस्टल असिस्टेंट (Postal Assistant), सॉर्टिंग असिस्टेंट (Sorting Assistant), पोस्टमैन / मेल गार्ड्स (Postman/Male Guards) और मल्टी टास्किंग स्टाफ (Multi Tasking Staff) के स्पोर्ट्स पर्सन की भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं | उम्मीदवार जो इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे इंडिया पोस्ट की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.indiapost.gov.in/vas/Pages/IndiaPostHome.aspx पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं | इस भर्ती (India Post Recruitment 2021) प्रक्रिया के तहत कुल 262 पदों को भरा जाएगा |

    महत्वपूर्ण तिथियाँ: 

    गुजरात सर्किल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 25 नवंबर 2021

    मध्य प्रदेश सर्कल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 03 दिसंबर 2021

    छत्तीसगढ़ सर्किल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 03 दिसंबर 2021

    हिमाचल प्रदेश सर्किल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 15 दिसंबर 2021

    ओडिशा के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 3 दिसंबर 2021

    झारखंड सर्कल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 25 नवंबर 2021

    रिक्ति विवरण: 

    गुजरात

    पोस्टल असिस्‍टेंट/सॉर्टिंग असिस्‍टेंट – 71 पद

    पोस्टमैन/मेल गार्ड – 56 पद

    एमटीएस – 61 पद

    मध्य प्रदेश

    पोस्टल असिस्‍टेंट/सॉर्टिंग असिस्‍टेंट – 71 पद

    पोस्टमैन/मेल गार्ड – 56 पद

    एमटीएस – 61 पद

    छत्तीसगढ

    पोस्टल असिस्‍टेंट/सॉर्टिंग असिस्‍टेंट- 5 पद

    पोस्टमैन/मेल गार्ड – 4 पद

    एमटीएस – 3 पद

    हिमाचल प्रदेश

    पोस्टल असिस्‍टेंट/सॉर्टिंग असिस्‍टेंट – 13 पद

    पोस्टमैन/मेल गार्ड – 2 पद

    एमटीएस – 3 पद

    झारखंड

    पोस्टल असिस्‍टेंट/सॉर्टिंग असिस्‍टेंट- 6 पद

    पोस्टमैन – 5 पद

    एमटीएस – 8 पद

    योग्यता

    • पोस्टल असिस्टेंट/सॉर्टिंग असिस्टेंट, पोस्टमैन/मेल गार्ड : उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 12वीं पास या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए |
    • MTS: उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना चाहिए। साथ ही कंप्यूटर टाइपिंग का नॉलेज यानी अंग्रेजी/हिंदी में 35/30 शब्द प्रति मिनट की स्पीड होनी चाहिए |

    आयु सीमा

    पोस्टल असिस्टेंट/सॉर्टिंग असिस्टेंट- 18 से 27 वर्ष

    पोस्टमैन/मेल गार्ड – 18 से 27 वर्ष

    एमटीएस – 18 से 25 वर्ष

    सैलरी

    • पोस्टल असिस्टेंट/सॉर्टिंग असिस्टेंट- 25,500/- से 81,100/
    • पोस्टमैन/मेल गार्ड – 21,700/- रुपये से 69,1001 रुपये तक
    • MTS – 18,0001 रुपये से 56,900 रुपये तक |

    PM Gram Sadak Yojana 2021: ग्रामीण सड़क कार्यक्रम विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी

    PM Gram Sadak Yojana 2021:-

    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई), केंद्र सरकार द्वारा गरीबी कम करने की रणनीति के हिस्से के रूप में असंबद्ध बस्तियों को सड़क संपर्क प्रदान करने के लिए शुरू की गई है | भारत सरकार ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क के सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए उच्च और समान तकनीकी और प्रबंधन मानकों को स्थापित करने और राज्य स्तर पर नीति विकास और योजना को सुविधाजनक बनाने का प्रयास कर रही है |

    Latest Update:

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने शेष सड़क एवं पुल कार्यों को पूर्ण करने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पहले चरण और दूसरे चरण को सितंबर, 2022 तक जारी रखने के ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रस्तावों को अपनी मंजूरी दे दी है | CCEA ने मार्च, 2023 तक वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA) को जारी रखने को भी मंजूरी दी |

    PM Gram Sadak Yojana Phase 1 :-

    भारत सरकार ने मैदानी क्षेत्रों में 500+ और उत्तर-पूर्व और हिमालयी राज्यों में 250+ आबादी की असंबद्ध बस्तियों को कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए PMGSY-I की शुरुआत की | चयनित वामपंथी उग्रवाद ब्लॉकों में, 100+ आबादी की बस्तियों को भी कनेक्टिविटी प्रदान की जानी थी | 17 नवंबर 2021 तक कुल 1,84,444 बस्तियों में से केवल 2,432 बस्तियां शेष हैं | कुल स्वीकृत 6,45,627 किलोमीटर सड़क की लंबाई और 7,523 पुलों में से 20,950 किलोमीटर सड़क की लंबाई और 1,974 पुलों को पूरा करने के लिए शेष हैं | इस प्रकार, ये कार्य अब पूर्ण हो जाएंगे |

    PM Gram Sadak Yojana Phase 2:-

    PMGSY-II के तहत, 50,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़क नेटवर्क के उन्नयन की परिकल्पना की गई थी | कुल 49,885 किलोमीटर सड़क की लंबाई और 765 एलएसबी स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से केवल 4,240 किलोमीटर सड़क की लंबाई और 254 पुल शेष हैं | इस प्रकार, ये कार्य अब पूर्ण हो जाएंगे |

    PMGSY-I और II के तहत अधिकांश लंबित कार्य COVID लॉकडाउन, विस्तारित बारिश, सर्दी, जंगल के मुद्दों जैसे कारकों के कारण उत्तर-पूर्व और पहाड़ी राज्यों में हैं | ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के लिए राज्य केंद्र सरकार से समय बढ़ाने का अनुरोध करते रहे हैं | इन राज्यों को शेष कार्यों को पूरा करने में मदद करने के लिए सितंबर, 2022 तक का समय विस्तार दिया जा रहा है |

    Road Connectivity Project of Left Wing Extremism affected Areas (RCPLWEA):-

    वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों की सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA), 2016 में 9 राज्यों के 44 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए शुरू की गई थी | 5,714 किलोमीटर सड़क की लंबाई 358 पुल का काम पूरा होने के लिए शेष है और 1,887 किलोमीटर लंबी सड़क और 40 पुलों को मंजूरी दी जा रही है | इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए योजना को मार्च, 2023 तक बढ़ाया जा रहा है, जो संचार और सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं |

    PM Gram Sadak Yojana

    PM Gram Sadak Yojana 1st Phase – Point Wise Details:-

    • पीएमजीएसवाई चरण 1 को वर्ष 2000 में शुरू किया गया था ताकि मैदानी क्षेत्रों में 500+ और उत्तर-पूर्व और हिमालयी राज्यों में 250+ के योग्य असंबद्ध बस्तियों को जनगणना, 2001 के अनुसार कनेक्टिविटी प्रदान की जा सके | इस योजना में उन जिलों के लिए मौजूदा ग्रामीण सड़कों के उन्नयन के घटक भी शामिल थे जहां सभी पात्र बसावटें संतृप्त हो गई थीं |
    • वर्ष 2013 में गृह मंत्रालय द्वारा चिन्हित वामपंथी उग्रवाद प्रभावित ब्लॉकों में 2001 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या आकार 100-249 की बस्तियों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया था |
    • योजना के तहत कवरेज के लिए पहचान की गई 250+ और 500+ जनसंख्या आकार की 1,78,184 बस्तियों में से 1,71,494 बसावटों को पहले ही जोड़ा जा चुका है और 15 नवंबर, 2021 तक 1,968 बसावट शेष हैं | शेष 4,722 बस्तियों को या तो छोड़ दिया गया है या संभव नहीं है | 15 नवंबर, 2021 तक 100-249 श्रेणी में कुल स्वीकृत 6,260 बस्तियों में से केवल 464 बस्तियां शेष हैं |
    • पीएमजीएसवाई-I के तहत कुल 6,45,627 किलोमीटर सड़क की लंबाई और 7,523 पुलों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से केवल 20,950 किलोमीटर लंबी सड़क और 1,974 पुल 15 नवंबर, 2021 तक शेष हैं |
    • अधिकांश लंबित परियोजनाएं पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में हैं |
    • सीसीईए ने 9 अगस्त, 2018 को मार्च, 2019 तक विस्तार को मंजूरी दी |
    • 20,950 किलोमीटर लंबी सड़क और 1,974 पुलों का निर्माण करके सभी शेष बस्तियों को प्रस्तावित विस्तारित अवधि, यानी सितंबर, 2022 तक कनेक्टिविटी के लिए लक्षित किया गया है |

    PM Gram Sadak Yojana 2nd Phase – Point Wise Details:-

    • पीएमजीएसवाई-II, जिसे मई, 2013 में कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया था, में मौजूदा ग्रामीण सड़क नेटवर्क के 50,000 किलोमीटर के समेकन की परिकल्पना की गई थी |
    • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है |
    • योजना के तहत स्वीकृत कुल 49,885 किलोमीटर और 765 पुलों में से केवल 4240 किलोमीटर लंबी सड़क और 254 पुल शेष हैं |
    • अधिकांश लंबित परियोजनाएं उत्तर-पूर्व और हिमालयी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ बिहार राज्य में भी हैं |
    • सीसीईए ने 9 अगस्त, 2018 को मार्च, 2020 तक विस्तार को मंजूरी दी |
    • सभी लंबित परियोजनाओं को प्रस्तावित विस्तारित अवधि के भीतर यानी सितंबर, 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है |

    Swachh Survekshan 2021 Ranking List : इंदौर लगातार पांचवीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर

    Swachh Survekshan 2021:-

    आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 लॉन्च किया है | केंद्र सरकार ने अपशिष्ट जल निपटान की समस्या पर ध्यान केंद्रित करने और नागरिकों की बड़े पैमाने पर भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) के तहत इस कार्यक्रम को शुरू किया है | स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की रैंकिंग सूची जल्द जारी की जाएगी | 2021 में, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा 20 नवंबर 2021 को सर्वेक्षण के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण राज्य रैंकिंग की घोषणा की गई है, जिसे उनके फंड के उपयोग और संबंधित स्थानीय निकायों को समर्थन के आधार पर मापा जाएगा |

    व्यवहार परिवर्तन को बनाए रखने पर ध्यान देने के साथ प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण को नए सिरे से डिजाइन किया जाता है | यह वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण का छठा संस्करण है और इस वर्ष अभ्यास अपशिष्ट जल उपचार और अन्य मापदंडों पर केंद्रित है | यह स्वच्छ भारत सर्वेक्षण देश भर के सभी शहरों और कस्बों में आयोजित किया जाता है | स्वच्छ सर्वेक्षण कचरा मुक्त और खुले में शौच मुक्त शहरों पर केंद्रित है |

    Swachh Survekshan 2021 क्या है:-

    स्वच्छ सर्वेक्षण भारत भर के शहरों और कस्बों में स्वच्छता, hygiene और sanitation का एक वार्षिक सर्वेक्षण है | इसे स्वच्छ भारत अभियान के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया था, जिसका उद्देश्य 2 अक्टूबर तक भारत को स्वच्छ और खुले में शौच से मुक्त बनाना था | पहला सर्वेक्षण 2016 में किया गया था और इसमें 73 शहरों को शामिल किया गया था; 2020 तक सर्वेक्षण 4242 शहरों को कवर करने के लिए बढ़ गया था और इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण कहा गया था |

    इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण का छठा संस्करण है | इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा प्रेरक दाउर सम्मान नाम से एक नई श्रेणी के पुरस्कार की भी घोषणा की गई है | इस पुरस्कार के तहत, पांच अतिरिक्त उप श्रेणियां – दिव्या (प्लैटिनम), अनुपम (स्वर्ण), उज्जवल (रजत), उदित (कांस्य), आरोही (एस्पायरिंग) हैं | इस Swachh Survekshan के तहत हर साल नए आयामों को शामिल किया जाता है | स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में इस साल भी नए आयाम शामिल किए गए हैं | केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरीजी का कहना है कि ‘पिछले साल की तरह स्वच्छता कड़ी की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा’ मंत्रालय के प्रयासों के तहत Swachh Survekshan 2021 के संकेतक अपशिष्ट जल के निपटान और इसे फिर से उपयोग करने योग्य बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा |

    स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान का उद्देश्य:-

    बड़े पैमाने पर नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करें |
    कचरा मुक्त शहरों की दिशा में की गई पहलों की निरंतरता सुनिश्चित करना |
    विश्वसनीय परिणाम प्रदान करें जिन्हें तृतीय पक्ष प्रमाणीकरण द्वारा मान्य किया जाएगा |
    खुले में शौच मुक्त शहरों की दिशा में की गई पहलों की निरंतरता सुनिश्चित करना |
    ऑनलाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से मौजूदा प्रणालियों को संस्थागत बनाना |
    समाज के सभी वर्गों में जागरूकता पैदा करें |
    कस्बों और शहरों को अधिक रहने योग्य और टिकाऊ बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का महत्व |
    कस्बों और शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना |
    नागरिकों को सेवा वितरण में सुधार करें और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में आगे बढ़ें |

    Swachh Survekshan 2021 Ranking List

    Swachh Survekshan 2021 Ranking List:-

    राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने दिल्ली में विज्ञान भवन में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ अमृत महोत्सव‘ समारोह में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा “स्वच्छता का ताज” के साथ मध्य प्रदेश में इंदौर का ताज पहनाया | शहर ने लगातार पांचवीं बार भारत का सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीता है |

    India’s Cleanest Cities Ranking Population Wise:-

    Cities Having More than 1 Lakh Population

    1. Indore in Madhya Pradesh
    2. Surat in Gujarat
    3. Vijaywada in Andhra Pradesh
    4. Navi Mumbai in Maharashtra
    5. New Delhi, NDMC

    Cities Having Less than 1 Lakh Population

    महाराष्ट्र के वीटा शहर को एक लाख से कम आबादी वाले सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा दिया गया है | दूसरा स्थान लोनावाला ने लिया जबकि तीसरा स्थान सासवद ने लिया |

    India’s Cleanest States Ranking ULB Wise:

    States having more than 100 ULBs

    नवीनतम संस्करण में, छत्तीसगढ़ को देश के सबसे स्वच्छ राज्य के रूप में स्थान दिया गया है | स्वच्छ राज्यों के मामले में, स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2021 की सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान महाराष्ट्र ने हासिल किया, उसके बाद मध्य प्रदेश (3), गुजरात (4) और आंध्र प्रदेश (5) है | इन राज्यों में 100 से अधिक शहरी स्थानीय निकाय हैं |

    States having less than 100 ULBs

    100 से कम शहरी स्थानीय निकायों वाले राज्यों की श्रेणी में, झारखंड ने पहले स्थान हासिल किया, उसके बाद हरियाणा और गोवा का स्थान रहा |

    India’s Cleanest Districts Ranking

    जिले के अनुसार, सूरत को ‘सबसे स्वच्छ जिला’ का दर्जा दिया गया, उसके बाद इंदौर और नई दिल्ली का स्थान रहा |

    Cleanest Ganga Town Ranking

    प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र, वाराणसी को “सबसे स्वच्छ गंगा शहर” घोषित किया गया, जबकि बिहार के मुंगेर और पटना को दूसरा और तीसरा स्थान मिला | गुजरात के अहमदाबाद को देश की सबसे स्वच्छ छावनी होने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया |

    Ranking under Garbage Free City Category

    उत्तर प्रदेश नोएडा ने कचरा मुक्त शहर श्रेणी के तहत दो पुरस्कार प्राप्त किए और 3-10 लाख आबादी की श्रेणी में देश के “सबसे स्वच्छ मध्यम शहर” के रूप में उभरा |

    Cleanest Small City Ranking

    नई दिल्ली नगर निगम 1-3 लाख की आबादी वाले देश के ‘सबसे स्वच्छ छोटे शहर‘ की श्रेणी में पहले स्थान पर है, जबकि मध्य प्रदेश के होशंगवाड़ ने देश के ‘सबसे तेज चलने वाले छोटे शहर’ का खिताब हासिल किया है |

    Swachh Survekshan 2021 के तहत कार्य:-

    • नदियों या जल को स्वच्छ रखना
    • शौचालयों का निर्माण
    • प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध
    • शहरों तथा गांवों में सफाई रखना
    • नगरों तथा महानगरों में कूड़ेदान की व्यवस्था
    • Garbage Free City
    • Recycle Waste Materiel

    Prerak Daaur Samman:-

    • Divya (Platinum)
    • Anupam (Gold)
    • Ujjwal (Silver)
    • Udit (Bronze)
    • Aarohi (Aspiring)

    उपरोक्त प्रत्येक श्रेणी में, शीर्ष 3 शहरों को मान्यता दी जाएगी जो प्रेरक दौर सम्मान के लिए पात्र होंगे |

    MP: मध्य प्रदेश सरकार के उद्यमिता विकास केंद्र ने 1141 पदों पर निकाली भर्ती

    उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश, मध्य प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत आने वाले उद्यमिता विकास केंद्र (सेडमैप) ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के लिए अलग-अलग पदों पर कुल 1141 वैकेंसी निकाली हैं। उम्मीदवार इन भर्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर 2021 है। enterhindi.com में आप सभी लोगो का स्वागत है मध्य प्रदेश सरकार के उद्यमिता विकास केंद्र ने 1141 पदों पर निकली भर्ती के बारे विस्तृत जानकारी के लिए आर्टिकल को पूरा पढ़े|

    उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश

    पदों की विस्तृत जानकारी : उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश

    अकाउंटेंट कम डेटा एंट्री ऑपरेटर626 पद
    सब-इंजीनियर/टेक्निकल को-ऑर्डिनेटर314 पद
    पीईएसए ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर89 पद
    डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर/मैनेजर 52 पद
    कंप्यूटर ऑपरेटर कम ऑफिस असिस्टेंट52 पद
    प्रोग्रामर 1 पद
    स्टेट फाइनेंस मैनेजर/कंसल्टेंट 1 पद
    अकाउंटेंट कम अकाउंट्स असिस्टेंट1 पद
    मॉनिटरिंग एंड ईवैल्यूएशन1 पद
    आईईसी मीडिया एवं कम्यूनिटी2 पद
    टेक्निकल एक्सपर्ट1 पद
    जीआईएस/एमआईएस/एमई स्पेशलिस्ट1 पद
    लोकल प्लानिंग एंड गवर्नेंस एक्सपर्ट1 पद

    पदों के लिए योग्यता : उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश

    पोस्ट योग्यता वेतन
    District Coordinator/Manager Graduate in any discipline (Preference MSW) From the Recognize institute. 26965
    Computer Operator cum Office AssistantGraduation + PGDCA from the recognized institute.13096
    Sub Engineer/ Technical CoordinatorBE in Civil Engineering/ Diploma in Civil Engineering from the recognized institute.19260
    Accountant cum Data entry Operator12th + DCA/PGDCA from the recognized institute.9631
    PESA Block Coordinator (For PESA Block Only)Graduate in any Discipline (Preference in BSW /RD/BA Sociology)15409
    State Finance Manager/ConsultantCA38521
    Accountant Cum Accountant AssistantM.com or MBA Finance19260
    Monitoring & EvaluationGraduate in any Discipline + PG Diploma in any discipline Or management Degree (MBA) in any discipline (Preference in MSW/MBA-RD/Sociology/Economics/M.com) From the recognize institute.38521
    IEC/Media & Community/Institutional Development expertPost Graduation Degree / PG Diploma in Mass Recognize institute.38521
    Technical Expert (Software Development)BE in Computer Science/IT or MCA or in relevant domain from the recognize institute.38521
    GIS/MIS/ & ME SpecialistB.E./ B.Tech in IT or CS or MCA from the Recognize institute.38521
    Local Planning & Governance ExpertPG/MA/MBA in any discipline (Preference in MSW/MBA-RD/Sociology from the recognize institute.38521
    ProgrammerB.E./B.Tech in IT or CS or MCA or M.tech. from the recognize institute.38521
    State Data ManagerB.E./ B.Tech in IT or CS or MCA or M.com or M.A. in Economics or MSW from the recognize institute.38521

    सिलेक्शन प्रोसेस:

    1. प्रत्येक पद हेतु आवेदन पत्र के साथ आवश्यक कागजात / दस्तावेज अनिवार्य रूप से सलंग्न करते हुये ऑनलाइन आवेदन अपलोड करना होगा।

    2. आवेदन पत्र के साथ संलग्न दस्तावेजों को साक्षात्कार से पहले मूल दस्तावेजों से सत्यापित किया जायेगा।

    3. आवेदनों की निर्धारित योग्यता आधार पर वरीयता सूची तैयार की जायेगी और वरीयता सूची के अनुसार अहर्ता प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को ही व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जायेगा।

    ऐसे करें आवेदन: उद्यमिता विकास केन्द्र मध्यप्रदेश

    • रिक्रूटमेंट सेक्शन पर जाकर क्लिक करके सारी जानकारी भरें।
    • डिटेल भरने के बाद आवेदन जमा कर दें

    ऑनलाइन आवेदन लिंक्स और डाउनलोड नोटिफिकेशन :

    Apply OnlineClick Here
    Download NotificationClick Here

    सरकारी नौकरी के लिए यहाँ क्लिक करे |

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