रेल मंत्रालय ने रेल सहयोग पोर्टल की शुरुआत की

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रेल सहयोग पोर्टल (Rail Sahyog Portal):-

भारतीय रेल्वे नेटवर्क (Indian Railway Network) न केवल भारत का बल्कि विश्व का सबसे विशाल नेटवर्क है | देश में परिवहन की अन्य सुविधाओं की तुलना में भारतीय रेल ही समाज को सर्वोत्तम सेवा प्रदान करता है | इतना बड़ा नेटवर्क होने के बावजूद रेल्वे स्टेशनों पर सुविधाओं की कमी है | जिसकी पूर्ती के लिए रेल मंत्रालय निरंतर कार्यरत है | इसी कड़ी में रेल मंत्रालय ने रेल सहयोग (Rail Sahyog) वेब पोर्टल https://railsahyog.in/ की शुरू की है |

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 11 सितम्बर 2018 को रेल सहयोग (Rail Sahyog) वेब पोर्टल की शुरुआत की | यह पोर्टल भारतीय रेल्वे का एक विशेष platform होगा, जिसके माध्यम से निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियाँ CSR (Corporate Social Responsibility) फंड के द्वारा रेल्वे स्टेशनों में सुख-सुविधाओं के विकास के लिए अपना योगदान दे सकते हैं |

रेल सहयोग पोर्टल में शामिल गतिविधियां:-

जो कंपनियां रेल सहयोग पोर्टल (Rail Sahyog Portal) पर धन का योगदान देंगी उन्हें रेल्वे स्टेशनों में वे सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिसके लिए वे योगदान दे सकती हैं | भारतीय रेल्वे अभी पांच तरह की गतिविधियों को चुना है जिसके लिए कंपनियां निधि का योगदान कर सकती हैं:-

  • शौचालय का निर्माण
  • Free Wi-Fi
  • Plastic bottle crishing machines
  • Steel Bench
  • Dustbins

रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल्वे ने CSR फंडों का उपयोग करने के लिए एक सरल और पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित की है | वे कंपनियां जो रेलवे को धन का योगदान देंगी, उनके नाम, Logo और यहां तक ​​कि कंपनी के नामों के साथ उनके धन योगदान को भी सुविधाओं में स्थापित किया जाएगा |

रेल सहयोग पोर्टल से सम्बंधित मुख्य बातें:-

भारतीय रेलवे को नीचे दी गई बुनियादी सुविधाओं के लिए कंपनियों से योगदान प्राप्त होगा:-

  • सभी स्टेशनों में कम लागत वाले sanitary pad vending machine और महिलाओं के शौचालयों में incinerator और पुरुषों के शौचालयों में condom vending machine के प्रावधान के साथ के परिसंचरण क्षेत्रों में शौचालयों का निर्माण करना |
  • स्टेशनों पर कियोस्क के प्रावधान के साथ Free Wi-Fi प्रदान करना |
  • स्टेशन प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षा कक्षों पर स्टील बेंच का प्रावधान |
  • पर्यावरण स्वच्छता की दृष्टि से 2175 प्रमुख स्टेशनों पर Bottle crushing machines की स्थापना की जाएगी | रेलवे यात्रियों द्वारा छोड़ी गई खाली प्लास्टिक की बोतलों को प्लास्टिक प्रदूषण का प्रबंधन करने के लिए इन मशीनों में कुचल दिया जाएगा. इसकी लागत लगभग 3.5 लाख से 4.5 लाख रुपये है |
  • सभी स्टेशनों में Dustbins की स्थापना चारों ओर फैलने वाले कूड़े को रोकने में मदद करेंगे | गीले / सूखे कचरे के लिए अलग-2 dustbins स्टेशन और प्लेटफार्मों के परिसंचरण क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाएंगे |
  • रेलवे बोर्ड के CSR दिशानिर्देशों के अनुसार शामिल सुविधाओं के अलावा अगर कोई CSR भागीदार रेलवे स्टेशनों पर या आसपास के क्षेत्र में अन्य सुविधा या सेवा उपलब्ध कराना चाहता है तो वो भी कर सकता है |
  • यह वेब पोर्टल CSR (Corporate Social Responsibility) कोष के जरिए रेलवे स्‍टेशनों पर एवं इनके निकट सुविधाओं के सृजन में योगदान देगा | 
  • यह पोर्टल उद्योग जगत की कंपनियों/संगठनों को रेलवे के साथ काम करने का उत्तम अवसर प्रदान करेगा |
  • यह पोर्टल न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि रेलवे के आसपास के क्षेत्रों के लिए भी लाभदायक साबित होगा |

 

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