Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana के तहत दुबारा पंजीकरण शुरू?

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Bhavantar Bhugtan Yojana for Kahrif Crops:-

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना 2018 (Mukhyamamntri Bhavantar Bhugtan Yojana 2018) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण दुबारा शुरू किया गया है | इस योजना के तहत, सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्यों (MSP) से नीचे अपने कृषि उत्पादों को बेचने की वजह से घाटे का सामना करने वाले किसानों को पूरी भावान्तर (भाव + अंतर) का भुगतान करेगी |

सरकार द्वारा उन 13 खरीफ फसलों के लिए इस योजना को दोबारा शुरू किया गया है जिन्हें राज्य के अंदर और बाहर न्यूनतम समर्थन मूल्यों (MSP) से कम कीमत पर बेंचा जा रहा हैं | राज्य के किसान 28 जुलाई 2018 से 31 अगस्त 2018 के मध्य http://mpeuparjan.nic.in/mpeuparjan/Home.aspx के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं |

इस भावान्तर भुगतान योजना का प्राथमिक उद्देश्य किसानों को उनके कृषि उत्पादों का सही मूल्य दिलवाकर उनके आय में बृद्धि करना है | यदि खरीफ फसलों को बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की तुलना में कम कीमत पर बेचा जा रहा है, तो राज्य के किसान अपने नुकसान की भरपाई के लिए भावान्तर भुगतान योजना (BBY) के लिए आवेदन कर सकते हैं |

वित्त वर्ष 2018 में 13 खरीफ फसलों की बाजार कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम पाई गई हैं, इसलिए सरकार ने मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना 2018 (Mukhyamamntri Bhavantar Bhugtan Yojana 2018) को दोबारा शुरू करने का यह कदम को उठाया है |

मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना 2018 के लिए ऑनलाइन आवेदन 

Bhavantar Bhugtan Yojana में शामिल 13 खरीफ फसलों की सूची:-

इस वर्ष, सभी किसानों ने पाया है कि लगभग सभी खरीफ फसलों की बाजार कीमतें (Market Value),  न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम हैं | इसलिए सरकार ने किसानों को उनके कृषि उत्पादों का सही मूल्य दिलवाने और उनकी आय में बृद्धि के लिए इस भावान्तर भुगतान योजना को फिर से शुरू करने का फैसला किया है |

भावान्तर भुगतान योजना को राज्य में 13 फसलों के लिए शुरू किया  गया है जो निम्नानुसार हैं:-

  • कपास
  • मूंग
  • गेहूं
  • उरद
  • बाजरा
  • चावल
  • ज्वार
  • सोयाबीन
  • मूंगफली
  • तिल
  • राम तिल (Niger),
  • मक्का
  • तुअर दाल

इस योजना के तहत, किसान द्वारा अपने उत्पाद को बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत में बेचने पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार कीमत (Market Value) के बीच का अंतर मुआवजे के रूप में प्रदान किया जाएगा |

मध्यप्रदेश और 2 अन्य राज्यों में जहां ऐसी फसल उगाई जाती है वहां से उत्पाद की औसत कीमत ले कर Model price तय किया जाता है | योजना के लाभों का लाभ उठाने के लिए, किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करने और पंजीकृत कृषि बाजारों में अपनी कृषि उपज को बेचने की आवश्यकता है |

Bhavantar Bhugtan Yojana कार्य कैसे करता है:-

लोगों द्वारा पूछे गए सवालों में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाला सवाल है कि आखिर “भवान्तर भुगतान मूल्य घाटा योजना काम कैसे करता है”| तो आइये हम आपको समझाते हैं कि यह काम कैसे करता है | उदहारण के लिए मान लेते हैं कि मक्का के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 3,000 रुपये प्रति क्विंटल और Model Rate 2,500 रुपये प्रति क्विंटल है :-

  • अब अगर किसान फसल को मंडी में 2,700 रुपये प्रति क्विंटल कि दर से बेचता है तब केंद्र सरकार बाजार मूल्य (Market Price) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अंतर (3000 रुपये – 2700 रुपये) अर्थात 300 रुपये प्रति क्विंटल को सीधे किसानों के बैंक खाते में स्थानांतरित कर देगी |
  • अगर किसान फसल को मंडी में 2,300 रुपये प्रति क्विंटल कि दर से बेचता है तब राज्य सरकार बाजार मूल्य (Market Price) और Model price के अंतर (2500 रुपये – 2300 रुपये) अर्थात 200 रुपये प्रति क्विंटल को सीधे किसानों के बैंक खाते में स्थानांतरित कर देगी |

 

 

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