राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2021: जानिए क्यों और किसकी याद में मनाया जाता है शिक्षा दिवस

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National Education Day
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National Education Day, राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2021:

देश भर में 11 नवंबर को प्रत्येक साल राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है | यह दिवस स्वतंत्रता सेनानी एवं भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर मनाया जाता है | मौलाना अबुल कलाम का जन्म 11 नवंबर 1888 को हुआ था |

शिक्षा दिवस के मौके पर भारत शिक्षा के क्षेत्र में अबुल कलाम कलाम द्वारा किए गए कार्यों को याद करता है | मौलाना अबुल कलाम का मानना था कि स्कूल प्रोयगशालाएं हैं जहां भावी नागरिकों का उत्पादन किया जाता है | इस दिन, शिक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने और प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है | मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने साल 2008 में मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाने की घोषणा की |

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद कौन थे:-

मौलाना अबुल कलाम एक विद्वान, कार्यकर्ता और कांग्रेस पार्टी के नेता थे | उन्होंने ग्यारह वर्षों तक शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया | एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में, आजाद खिलाफत आंदोलन के नेता थे और 1919 में असहयोग आंदोलन को व्यवस्थित करने में मदद की | आजाद गांधीवादी दर्शन के अनुयायी थे | उन्होंने 1923 में और फिर 1940 से 1945 तक कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया | मौलाना ने इंडिया विन्स फ्रीडम और घुबर-ए-खतिर सहित कई किताबें लिखी हैं |

अबुल कलाम ने 1947 से 1958 तक स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया | उनका मानना था कि मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा दी जानी चाहिए | उन्होंने न केवल महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया बल्कि उन्होंने 14 साल की आयु तक सभी बच्चों के लिए निशुल्क सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा की वकालत की |

मौलाना अबुल कलाम का भारत में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान:-

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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापक सदस्यों में से एक के रूप में, उन्होंने 1934 में विश्वविद्यालय के परिसर को अलीगढ़ से नई दिल्ली स्थानांतरित करने में मदद की |

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की शक्ति में दृढ़ विश्वास रखने वाले मौलाना अबुल कलाम ने 28 दिसंबर, 1953 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की स्थापना में मदद की | शिक्षा मंत्री के रूप में, उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) की स्थापना का श्रेय दिया जाता है | उन्होंने देश में शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आईआईएससी और स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, संगीत नाटक अकादमी (1953), साहित्य अकादमी (1954) और ललित कला अकादमी (1954) की स्थापना में भी मदद की |

11 सितंबर, 2008 को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने 11 नवंबर को सालाना राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया | एमएचआरडी अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को एम फिल और पीएचडी करने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में मौलाना अबुल कलाम आजाद राष्ट्रीय फैलोशिप भी देता है |

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के बारे में:-

  • मौलाना अबुल कलाम आज़ाद एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे. वे कवि, लेखक, पत्रकार और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे |
  • वे महात्मा गांधी के सिद्धांतो का समर्थन करते थे | वे आजादी के बाद भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के रामपुर जिले से साल 1952 में सांसद चुने गए |
  • उन्होंने बचपन से शिक्षा को अपने जीवन का श्रेय बनाया था |
  • उन्होंने केवल तेरह साल की उम्र में अपनी शिक्षा पूर्ण करके अपने से बडी कक्षा व उम्र के विद्यार्थियों को पढ़ाना प्रारम्भ किया | उन्होंने ना केवल महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया बल्कि 14 साल की आयु तक सभी बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की भी वकालत की थी |
  • उन्होंने इसके अतिरिक्त प्राथमिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा की ओर भी सबका ध्यान आकर्षित करवाया |

Institutes named after Maulana Abul Azad Kalam:-

  • Maulana Azad Medical College in New Delhi
  • Maulana Azad National Institute of Technology in Bhopal
  • Maulana Azad National Urdu University in Hyderabad
  • Maulana Azad Centre for Elementary and Social Education
  • Maulana Azad College
  • Maulana Abul Kalam Azad Institute of Asian Studies
  • Kolkata’s Maulana Abul Kalam Azad University of TechnologyA Central (Minority) University in New Delhi
  • Maulana Azad library in the Aligarh Muslim University
  • Maulana Azad Stadium in Jammu

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