अब आधार से होगा SECC Data 2021 के लाभार्थियों का सत्यापन

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Aadhaar verify the beneficiaries of SECC data 2021:-

केंद्र सरकार ने सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना डेटा (Socio Economic and Caste Census Data) के तहत लाभार्थियों की पहचान करने के लिए आधार का उपयोग करने का प्रस्ताव दिया है | नए सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना डेटा (SECC Data) 2021 में 12 अंकों की विशिष्ट बायोमेट्रिक पहचान संख्या या आधार संख्या के अनुसार लोगों के नाम होंगे |

All India New BPL List 2021 में आधार कार्ड का यह उपयोग धोखाधड़ी और दोहराव को खत्म करेगा | गृह मंत्री अमित शाह ने डिजिटल जनगणना (Digital Census) करने का प्रस्ताव रखा है जहाँ जनगणना 2021 का डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र किया जाएगा |

ग्रामीण विकास मंत्रालय सभी लाभार्थियों की सामाजिक आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या का उपयोग करने के लिए जल्द ही अभ्यास शुरू करने जा रहा है | यह दूसरी सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (SECC) के तहत किया जाएगा, जो 2021 में होने वाली है | आधार को एकमात्र पहचानकर्ता के रूप में उपयोग करने का यह कदम सरकार को लाभार्थियों के जीवन स्तर की बेहतर निगरानी में मदद करेगा |

SECC 2021 Data – All India New BPL List:-

सरकारी अधिकारियों के अनुसार यह अपडेटेड सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) सूची 2020 देश के घरों की सूची पर आधारित होगी | परिवारों की यह सूची राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register) द्वारा संकलित की जाएगी और सामाजिक रजिस्ट्री का आधार बनेगी |

अभी तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) 2011 सूची, के आधार पर लोगों को मिल रहा था पर अब आगे जितनी भी योजनायें शुरू होंगी उनका लाभ लाभार्थियों को SECC 2021 बीपीएल सूची के आधार पर दिया जाएगा |

SECC Data

इसके अलावा जो योजनायें पहले से चल रही हैं जैसे की प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल पेंशन योजना, उजाला योजना, उज्जवला योजना, एकीकृत बाल विकास सेवा योजना, जननी सुरक्षा योजना या वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों का मूल्यांकन आधार कार्ड और SECC 2021 की नई BPL सूची के आधार पर किया जाएगा |

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने घर की उपलब्धता, शौचालय, बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन, और शिक्षा स्तर के साथ-साथ परिसंपत्ति की स्थिति और भूमि की स्थिति सहित 20 मापदंडों को भी इसके अंतर्गत लाने का फैसला किया है | केंद्रीय सरकार जल्द ही हर घर की सामाजिक आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए एक पायलट परियोजना शुरू करेगी |

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register):-

जनगणना प्रक्रिया के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) का डेटा भी एकत्र किया जाएगा | राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) देश के सामान्य निवासियों की सूची है | भारत में NPR को असम के अखिल भारतीय संस्करण नागरिक रजिस्टर (NRC) के आधार पर समझा जा सकता है |

जनसंख्या जनगणना एक boring अभ्यास नहीं है | यह एक अभ्यास है जो लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने में मदद करता है | राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) सरकार को देश में कई मुद्दों को हल करने में मदद करेगा |

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SECC जनगणना 2021 के लाभ:-

  • 2021 जनगणना के डेटा के माध्यम से सरकार को देश में नागरिकों के लिए भविष्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी | जिनमें विशेष रूप से विकास और कल्याणकारी योजनायें बनाने में सहायता मिलेगी |
  • जनगणना एक तरह की जन भागदारी होती है जिसमें लोगों की भागीदारी से सरकार उनके भविष्य के लिए निर्णय ले पाती है |
  • अभी तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ जनगणना 2011 की सूची, के आधार पर लोगों को दिया जा रहा था लेकिन आगे आने वाले समय में जनगणना 2021 के डाटा के अनुसार ही लोगों को किसान, सामाजिक, नागरिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा |
  • जनगणना नगरपालिका वार्डों, विधानसभाओं और लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं के सीमांकन में मदद करेगी |
  • जनगणना 2021 के डाटा के अनुसार ही बिजली कनेक्शन, गैस कनेक्शन, सड़कों का निर्माण, गरीबों के लिए घर, शौचालय, बैंक खाते जैसी योजनाओं की लाभार्थी सूची में परिवर्तन किए जाएंगे |

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