NIRVIK योजना क्या है? यह निर्यातकों के लिए कैसे सहायक होगी

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निर्यात ऋण विकास योजना

NIRVIK योजना 2019:-

देश में जो लोग निर्यात करते हैं उनके लिए एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ECGC) ऑफ इंडिया ने निर्यात ऋण विकास योजना/ Niryat Rin Vikas Yojana या निर्विक योजना (NIRVIK Yojana) की शुरुआत की है | केंद्र सरकार NIRVIK योजना के तहत, निर्यातकों को आसान ऋण प्रदान करेगा और मूलधन और ब्याज का 90% तक बीमा के तहत कवर किया जाएगा |

प्रधानमंत्री निर्विक योजना (NIRVIK Yojana) के अनुसार अगर कोई नुकसान होता है, तो ECGC (Export Credit Guarantee Corporation Loan scheme) ने लगभग 60% तक की ऋण गारंटी प्रदान की है | केंद्र सरकार छोटे निर्यातकों के लिए बीमा प्रीमियम दरों को घटाकर 0.6% कर देगा | यह योजना उन सभी निर्यातकों के लिए लागू होगी जिनके पास 80 करोड़ रुपये से कम की बकाया सीमा है |

वाणिज्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय ने सभी निर्यात निकायों के साथ इस NIRVIK योजना पर चर्चा की है | पीयूष गोयल ने कहा कि प्रस्ताव को मंजूरी के लिए जल्द ही कैबिनेट को भेजा जाएगा | NIRVIK योजना के तहत, केंद्र सरकार निर्यातकों के लिए ऋण की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करेगा और ऋणों का वितरण सरल बनाएगा |

NIRVIK योजना की मुख्य विशेषताएं:-

  • मूलधन और ब्याज का 90% तक बीमा के तहत कवर किया जाएगा |
  • बढ़े हुए कवर से यह सुनिश्चित होगा कि निर्यातकों के लिए विदेशी और रुपये निर्यात ऋण की ब्याज दर 4 प्रतिशत और 8 प्रतिशत के बीच हो |
  • बीमा कवर में pre और post shipment credit दोनों शामिल होंगे |
  • निर्यात ऋण विकास योजना के तहत 80 करोड़ रुपये से अधिक की सीमा वाले उधारकर्ताओं के ऊपर रत्न आभूषण और हीरे (Gems, Jewellery, Diamond – GJD) के क्षेत्र में उच्च हानि दर के कारण इस श्रेणी के Non-GJD क्षेत्र के उधारकर्ताओं की तुलना में ज्यादा प्रीमियम दर होगी |
  • 80 करोड़ रुपये से कम की सीमा वाले खातों के लिए प्रीमियम की दर 0.60% प्रति वर्ष और मध्यम रूप से 80 करोड़ रुपये से अधिक वालों के लिए 0.72% प्रति वर्ष होगी |
  • यह ECGC के अधिकारियों द्वारा बैंक के दस्तावेजों और अभिलेखों के निरीक्षण को वर्तमान के 1 करोड़ रुपये के मुकाबले 10 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे के लिए अनिवार्य बनाता है |
  • बैंक, ECGC को मासिक मूलधन और ब्याज पर एक प्रीमियम का भुगतान करेंगे क्योंकि दोनों बकाया के लिए कवर की पेशकश की जा रही है |
NIRVIK योजना

NIRVIK योजना 2019 के लाभ:-

  • यह निर्यातकों के लिए ऋण की उपलब्धता में बृद्धि करेगा |
  • यह योजना भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगी |
  • यह योजना ECGC प्रक्रियाओं को निर्यातक के अनुकूल बना देगी |
  • दावों के त्वरित निपटान के कारण पूंजीगत राहत, कम प्रावधान की आवश्यकता और तरलता के कारण बीमा कवर में ऋण की लागत में कमी आने की उम्मीद है |
  • यह निर्यात क्षेत्र के लिए समय पर और पर्याप्त कार्यशील पूंजी सुनिश्चित करेगा |

NIRVIK योजना 2021 का उद्देश्य:-

इस योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य निर्यातकों के लिए ऋण की उपलब्धता और सामर्थ्य को बढ़ाना था | यह निर्णय भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने और ईसीजीसी प्रक्रियाओं को निर्यातक के अनुकूल बनाने में मदद करेगा | यह नई योजना करों की प्रतिपूर्ति के साथ MSME निर्यातकों को लाभान्वित करेगी |

बीमा कवर से पूंजीगत राहत के कारण ऋण की लागत में कमी आने की उम्मीद है | दावों के त्वरित निपटान के कारण कम प्रावधान की आवश्यकता और तरलता और निर्यात क्षेत्र के लिए समय पर और पर्याप्त कार्यशील पूंजी सुनिश्चित करेगा |

ECGC बीमा कवर बैंकों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगा क्योंकि उधारकर्ता की क्रेडिट रेटिंग AA rated खाते में बढ़ाई जाएगी | बढ़े हुए कवर से यह सुनिश्चित होगा कि निर्यातकों के लिए विदेशी और रुपये निर्यात ऋण की ब्याज दर क्रमशः 4 प्रतिशत और 8 प्रतिशत से नीचे है |

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