उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2019 की शुरुआत की

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Uttar Pradesh Awara Pashu Yojana निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2019:-

उत्तर प्रदेश सरकार की 6 अगस्त 2019 को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2019 (Uttar Pradesh Awara Pashu Yojana) को मंजूरी दे दी है | राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2019 का पालन करने वाले किसानों को 30 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से पैसे दिये जाएंगे |

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना के माध्यम से राज्य के किसान भाई बेसहारा पशुओं का पालन करके अपनी आर्थिक तंगी को कम कर सकते हैं साथ ही रास्ते में घूमने वाले आवारा जानवरों को भी आवास मिल जाएगा | प्रति निराश्रित पशु पालने पर किसानों को 900 रुपये महीने मिल सकेंगे | यदि वह 10 पशु ले जाएंगे तो 9000 रुपये मिल सकेंगे |

वर्ष 2012 की पशुगणना के मुताबिक प्रदेश में 205.66 लाख गोवंश हैं। इनमें से 10-12 लाख गोवंश निराश्रित हैं | योगी आदित्यनाथ ने पहले चरण में 1 लाख निराश्रित गोवंश को public adoption दिलाने का फैसला किया है | प्रत्येक पशु जिसे गोद लिया जाएगा उसे योजना के तहत पहचान के उद्देश्य से ear-tagged किया जाएगा |

इससे पहले वर्ष 2019 में, आवारा पशुओं द्वारा खेतों को नष्ट करने के बाद उत्तरप्रदेश के किसानों ने आवारा पशुओं के विरोध में हथियार उठाए थे | यह उत्तर प्रदेश में मवेशियों के अवैध वध पर प्रतिबंध के निर्णय का परिणाम है |

निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2019 का उद्देश्य:-

उत्तर प्रदेश निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2019 का मुख्य उद्देश्य राज्य के आवारा पशुओं को आवास प्रदान करना है | एक रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2012 की पशुगणना के मुताबिक प्रदेश में 205.66 लाख गोवंश हैं। इनमें से 10-12 लाख गोवंश निराश्रित हैं | सरकार के इस कदम से रास्ते में घूमने वाले बेसहारा पशुओं को भी आवास मिल जाएगा |

योजना का दूसरा मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के “2022 तक किसानों की आय दोगुनी” करने के सपने को पूरा करने में मदद करना है | किसान अगर 10 पशुओं को सहारा देता है तो प्रतिदिन के हिसाब से वह 300 रूपये कमा सकता है और हर महिना 9 हजार की अतिरिक्त आय किसान को मिलेगी | जिससे वे अपनी आर्थिक तंगी को कम कर सकते हैं |

योगी सरकार द्वारा पहले चरण में लगभग एक लाख पशुओं को हस्तांतरित किया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकर का करीब 109 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होगा। इस योजना से सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी व निराश्रित व बेसहारा गोवंश की संख्या में कमी आएगी। यह योजना किसानों व पशुपालकों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी भी बना सकेगी |

निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना 2019 के लाभ:-

  • पशुओं की ear-tagging भी की जाएगी जिससे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की संभावना कम हो |
  • जिले के जिला अधिकारी आवारा पशु योजना के तहत इच्छुक किसानों व पशुपालकों की सूची तैयार करेंगे जिससे उनके खातों में DBT के जरिए 30 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन के हिसाब से उनके बैंक खाते में जमा किए जाएंगे |
  • पशुपालकों, किसानों द्वारा आवारा पशुओं को आसरा देने से रास्ते में निराश्रित पशुओं द्वारा होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी |
  • इसके अलावा तहसील, ब्लॉक व जिला स्तर पर समिति का भी गठन होगा | स्थानीय समिति प्रगति से खंड विकास अधिकारी व उप प्रभागीय न्यायाधीश को अवगत कराएगी |
  • जिला अधिकारी कार्यालय में पूरा ब्योरा होने की वजह से किसान या पशुपालक जिसने भी निराश्रित पशु को योगी आवारा पशु योजना 2019 के तहत लिया है वह गोवंश को बेच नहीं पाएगा | ऐसा करने वाले लोगों पर सरकार द्वारा कारवाई की जाएगी |

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