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Prithviraj Chauhan Biography: पृथ्वीराज चौहान कौन थे? जानें इनका इतिहास और जीवन परिचय

Prithviraj Chauhan Biography in hindi:

पृथ्वीराज III को पृथ्वीराज चौहान या राय पिथौरा के नाम से भी जाना जाता था | वह चौहान (चहमना) वंश के शासक थे | उन्होंने राजस्थान में सबसे मजबूत राज्य की स्थापना की. पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास मे एक बहुत ही अविस्मरणीय नाम है | चौहान वंश मे जन्मे पृथ्वीराज आखिरी हिन्दू शासक भी थे.

महज 11 वर्ष की उम्र मे, उन्होने अपने पिता की मृत्यु के पश्चात दिल्ली और अजमेर का शासन संभाला और उसे कई सीमाओ तक फैलाया भी था, परंतु अंत मे वे राजनीति का शिकार हुये और अपनी रियासत हार बैठे, परंतु उनकी हार के बाद कोई हिन्दू शासक उनकी कमी पूरी नहीं कर पाया | पृथ्वीराज चौहान बचपन से ही एक कुशल योध्दा थे, उन्होने युध्द के अनेक गुण सीखे थे | उन्होने अपने बाल्य काल से ही शब्ध्भेदी बाण विद्या का अभ्यास किया था |

पृथ्वीराज फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है जिसमें अक्षय कुमार ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान की भूमिका निभाई है और फिल्म देशभक्ति और बहादुरी के बारे में है | ट्रेलर भारी-भरकम डायलॉग्स और हिस्ट्रियोनिक्स की गुड़िया से भरा हुआ था |

यह यशराज फिल्म्स है और दर्शकों को फिर से एक ऐतिहासिक नाटक का शानदार अनुभव देगी | सहायक कलाकारों में संजय दत्त, सोनू सूद आदि शामिल हैं | ट्रेलर में, मानुषी छिल्लर को स्क्रीन समय का एक अच्छा हिस्सा मिलता है और संयोगिता के रूप में पृथ्वीराज चौहान की पत्नी के रूप में आकर्षक लग रही है | अभिनेता मानव विज मुहम्मद गोरी की भूमिका निभा रहे हैं | फिल्म का लेखन और निर्देशन चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने किया है |

पृथ्वीराज चौहान का जीवन परिचय:- Prithviraj Chauhan Biography

पूरा नामपृथ्वीराज चौहान
अन्य नामभरतेश्वर, पृथ्वीराज तृतीय, हिन्दूसम्राट, सपादलक्षेश्वर, राय पिथौरा
व्यवसायक्षत्रिय
जन्मतिथि1 जून, 1163
जन्म स्थानपाटण, गुजरात, भारत
मृत्यु तिथि11 मार्च, 1192
मृत्यु स्थानअजयमेरु (अजमेर), राजस्थान
उम्र43 साल
आयु28 साल
राष्ट्रीयताभारतीय
धर्महिन्दू
वंशचौहानवंश
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पराजयमुहम्मद गौरी से

Prithviraj Chauhan Biography, प्रारंभिक जीवन:-

धरती के महान शासक पृथ्वीराज चौहान का जन्म 1149 मे हुआ | पृथ्वीराज अजमेर के महाराज सोमेश्र्वर और कपूरी देवी की संतान थे | पृथ्वीराज का जन्म उनके माता पिता के विवाह के 12 वर्षो के पश्चात हुआ |

यह राज्य मे खलबली का कारण बन गया और राज्य मे उनकी मृत्यु को लेकर जन्म समय से ही षड्यंत्र रचे जाने लगे, परंतु वे बचते चले गए | परंतु मात्र 11 वर्ष की आयु मे पृथ्वीराज के सिर से पिता का साया उठ गया था, उसके बाद भी उन्होने अपने दायित्व अच्छी तरह से निभाए और लगातार अन्य राजाओ को पराजित कर अपने राज्य का विस्तार करते गए |

पृथ्वीराज के बचपन के मित्र चंदबरदाई उनके लिए किसी भाई से कम नहीं थे | चंदबरदाई तोमर वंश के शासक अनंगपाल की बेटी के पुत्र थे | चंदबरदाई बाद मे दिल्ली के शासक हुये और उन्होने पृथ्वीराज चौहान के सहयोग से पिथोरगढ़ का निर्माण किया, जो आज भी दिल्ली मे पुराने किले नाम से विद्यमान है |

पृथ्वीराज चौहान का दिल्ली पर उत्तराधिकार:-

अजमेर की महारानी कपुरीदेवी अपने पिता अंगपाल की एक लौती संतान थी | इसलिए उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी, कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनका शासन कौन संभालेगा|

उन्होने अपनी पुत्री और दामाद के सामने अपने दोहित्र को अपना उत्तराअधिकारी बनाने की इच्छा प्रकट की और दोनों की सहमति के पश्चात युवराज पृथ्वीराज को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया | सन 1166 मे महाराज अंगपाल की मृत्यु के पश्चात पृथ्वीराज चौहान की दिल्ली की गद्दी पर राज्य अभिषेक किया गया और उन्हे दिल्ली का कार्यभार सौपा गया |

पृथ्वीराज चौहान और कन्नोज की राजकुमारी संयोगिता की कहानी:-

पृथ्वीराज चौहान और उनकी रानी संयोगिता का प्रेम आज भी राजस्थान के इतिहास मे अविस्मरणीय है | दोनों ही एक दूसरे से बिना मिले केवल चित्र देखकर एक दूसरे के प्यार मे मोहित हो चुके थे |

वही संयोगिता के पिता जयचंद्र पृथ्वीराज के साथ ईर्ष्या भाव रखते थे, तो अपनी पुत्री का पृथ्वीराज चौहान से विवाह का विषय तो दूर दूर तक सोचने योग्य बात नहीं थी | जयचंद्र केवल पृथ्वीराज को नीचा दिखाने का मौका ढूंढते रहते थे, यह मौका उन्हे अपनी पुत्री के स्व्यंवर मे मिला |

राजा जयचंद्र ने अपनी पुत्री संयोगिता का स्व्यंवर आयोजित किया | इसके लिए उन्होने पूरे देश से राजाओ को आमत्रित किया, केवल पृथ्वीराज चौहान को छोड़कर | पृथ्वीराज को नीचा दिखाने के उद्देश्य से उन्होने स्व्यंवर मे पृथ्वीराज की मूर्ति द्वारपाल के स्थान पर रखी |

परंतु इसी स्व्यंवर मे पृथ्वीराज ने संयोगिता की इच्छा से उनका अपहरण भरी महफिल मे किया और उन्हे भगाकर अपनी रियासत ले आए और दिल्ली आकार दोनों का पूरी विधि से विवाह संपन्न हुआ | इसके बाद राजा जयचंद और पृथ्वीराज के बीच दुश्मनी और भी बढ़ गयी |

पृथ्वीराज चौहान: तराइन का युध्द:-

अपने राज्य के विस्तार को लेकर पृथ्वीराज चौहान हमेशा सजग रहते थे और इस बार अपने विस्तार के लिए उन्होने पंजाब को चुना था | इस समय संपूर्ण पंजाब पर मुहम्मद शाबुद्दीन गौरी का शासन था, वह पंजाब के ही भटिंडा से अपने राज्य पर शासन करता था |

गौरी से युध्द किए बिना पंजाब पर शासन नामुमकिन था, तो इसी उद्देश्य से पृथ्वीराज ने अपनी विशाल सेना को लेकर गौरी पर आक्रमण कर दिया | अपने इस युध्द मे पृथ्वीराज ने सर्वप्रथम हांसी, सरस्वती और सरहिंद पर अपना अधिकार किया | परंतु इसी बीच अनहिलवाड़ा मे विद्रोह हुआ और पृथ्वीराज को वहां जाना पड़ा और उनकी सेना ने अपनी कमांड खो दी और सरहिंद का किला फिर खो दिया |

अब जब पृथ्वीराज अनहिलवाड़ा से वापस लौटे, उन्होने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिये | युध्द मे केवल वही सैनिक बचे, जो मैदान से भाग खड़े हुये इस युध्द मे मुहम्मद गौरी भी अधमरे हो गए, परंतु उनके एक सैनिक ने उनकी हालत का अंदाजा लगते हुये, उन्हे घोड़े पर डालकर अपने महल ले गया और उनका उपचार कराया |

इस तरह यह युध्द परिणामहीन रहा | यह युध्द सरहिंद किले के पास तराइन नामक स्थान पर हुआ, इसलिए इसे तराइन का युध्द भी कहते है | इस युध्द मे पृथ्वीराज ने लगभग 7 करोड़ रूपय की संपदा अर्जित की, जिसे उसने अपने सैनिको मे बाट दिया |

मुहम्मद गौरी और पृथ्वीराज चौहान का दूसरा विश्व युध्द:-

अपनी पुत्री संयोगिता के अपहरण के बाद राजा जयचंद्र के मन मे पृथ्वीराज के लिए कटुता बडती चली गयी तथा उसने पृथ्वीराज को अपना दुश्मन बना लिया | वो पृथ्वीराज के खिलाफ अन्य राजपूत राजाओ को भी भड़काने लगा |

जब उसे मुहम्मद गौरी और पृथ्वीराज के युध्द के बारे मे पता चला, तो वह पृथ्वीराज के खिलाफ मुहम्मद गौरी के साथ खड़ा हो गया | दोनों ने मिलकर 2 साल बाद सन 1192 मे पुनः पृथ्वीराज चौहान पर आक्रमण किया | यह युध्द भी तराई के मैदान मे हुआ |

इस युध्द के समय जब पृथ्वीराज के मित्र चंदबरदाई ने अन्य राजपूत राजाओ से मदद मांगी, तो संयोगिता के स्व्यंबर मे हुई घटना के कारण उन्होने भी उनकी मदद से इंकार कर दिया | ऐसे मे पृथ्वीराज चौहान अकेले पड़ गए और उन्होने अपने 3 लाख सैनिको के द्वारा गौरी की सेना का सामना किया|

क्यूकि गौरी की सेना मे अच्छे घुड़ सवार थे, उन्होने पृथ्वीराज की सेना को चारो ओर से घेर लिया | ऐसे मे वे न आगे पढ़ पाये न ही पीछे हट पाये | और जयचंद्र के गद्दार सैनिको ने राजपूत सैनिको का ही संहार किया और पृथ्वीराज की हार हुई |

युध्द के बाद पृथ्वीराज और उनके मित्र चंदबरदाई को बंदी बना लिया गया | राजा जयचंद्र को भी उसकी गद्दारी का परिणाम मिला और उसे भी मार डाला गया | अब पूरे पंजाब, दिल्ली, अजमेर और कन्नोज मे गौरी का शासन था, इसके बाद मे कोई राजपूत शासक भारत मे अपना राज लाकर अपनी वीरता साबित नहीं कर पाया |

पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु:-

गौरी से युध्द के पश्चात पृथ्वीराज को बंदी बनाकर उनके राज्य ले जाया गया | वहा उन्हे यतनाए दी गयी तथा पृथ्वीराज की आखो को लोहे के गर्म सरियो द्वारा जलाया गया, इससे वे अपनी आखो की रोशनी खो बैठे |

जब पृथ्वीराज से उनकी मृत्यु के पहले आखरी इच्छा पूछी गयी, तो उन्होने भरी सभा मे अपने मित्र चंदबरदाई के शब्दो पर शब्दभेदी बाण का उपयोग करने की इच्छा प्रकट की | और इसी प्रकार चंदबरदई द्वारा बोले गए दोहे का प्रयोग करते हुये उन्होने गौरी की हत्या भरी सभा मे कर दी | इसके पश्चात अपनी दुर्गति से बचने के लिए दोनों ने एक दूसरे की जीवन लीला भी समाप्त कर दी और जब संयोगिता ने यह खबर सुनी, तो उसने भी अपना जीवन समाप्त कर लिया |

FAQs:-

पृथ्वीराज चौहान कहाँ के राजा थे?

पृथ्वीराज चौहान एक क्षत्रीय राजा थे, जो 11 वीं शताब्दी में 1178-92 तक एक बड़े साम्राज्य के राजा थे. ये उत्तरी अमजेर एवं दिल्ली में राज करते थे

पृथ्वीराज चौहान का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

पृथ्वीराज चौहान का जन्म सन 1166 में गुजरात में हुआ था |

पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु कैसे हुई?

युध्द के पश्चात पृथ्वीराज को बंदी बनाकर उनके राज्य ले जाया गया, वही पर यातना के दौरान उनकी मृत्यु हो गई |

BHIM App से पैसे कैसे कमाएं? आइये जानते हैं

हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब आशा करता हूँ बढ़िया होंगे तो दोस्तों आज हम आपको enterhindi.com के माध्यम से  BHIM App से पैसे कैसे कमाए इसके बारे में बताने जारहा हूँ अगर आपको घर बैठे पैसे कमाने है तो इसके लिए BHIM App आपके लिए बहुत ही उपयोगी हो सकता है इससे आप कई अलग अलग तरीके से पैसे कमा सकते है अगर आप ऑनलाइन पैसे कामना चाहते है तो आज आपको हम इसके बारे में बताने जारहे हैं।

आज के समय में बहुत से अप्प ऐसे है जो की आपको पैसे कमाने के कई सारे अवसर देते है अगर आप उनका सही तरीके से इस्तमाल करे तो आप उनसे काफी अच्छी कमाई कर सकते है आज कई लोग BHIM App से लाखो रूपए घर बैठे बहुत ही कम मेहनत में कमा रहे है तो चलिए आज मैं आपको इसके बारे में जानकारी दे देता हूँ।

BHIM App

भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) एक भुगतान ऐप है जो आपको यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके सरल, आसान और त्वरित लेनदेन करने देता है। आप UPI पर किसी को भी उनकी UPI आईडी का उपयोग करके या BHIM ऐप से उनके QR को स्कैन करके सीधे बैंक भुगतान कर सकते हैं। आप यूपीआई आईडी से ऐप के जरिए भी पैसे का अनुरोध कर सकते हैं।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा विकसित और विकसित, भीम की कल्पना और लॉन्च भारत के माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2016 को राष्ट्र और डिजिटल रूप से सशक्त समाज में वित्तीय समावेशन लाने के लिए किया था।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम

एनपीसीआई भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली के संचालन के लिए एक छत्र संगठन है, यह भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की एक पहल है।

एनपीसीआई के उद्देश्यों की उपयोगिता प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, इसे कंपनी अधिनियम 1956 (अब कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8) की धारा 25 के प्रावधानों के तहत “Not For Profit ” के रूप में शामिल किया गया है, भौतिक के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और निपटान प्रणाली के लिए भारत में प्रणाली। कंपनी संचालन में अधिक दक्षता प्राप्त करने और भुगतान प्रणालियों की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से भुगतान प्रणालियों में नवाचार लाने पर केंद्रित है।

एनपीसीआई के दस प्रमुख प्रवर्तक बैंक भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, सिटी बैंक एन.ए. और एचएसबीसी हैं। 2016 में सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिक बैंकों को शामिल करने के लिए 56 सदस्य बैंकों के लिए शेयरधारिता व्यापक थी।

एनपीसीआई ने पिछले छह वर्षों की अपनी यात्रा के दौरान देश में खुदरा भुगतान प्रणाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। हमारे माननीय राष्ट्रपति, श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा राष्ट्र को समर्पित, माननीय प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित और बाद में महत्वाकांक्षी प्रधान मंत्री जन धन योजना के लिए पसंद का कार्ड बनाया गया, रुपे अब एक जाना-पहचाना नाम है। तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) के साथ, भारत खुदरा क्षेत्र में रीयल टाइम भुगतान में दुनिया का अग्रणी देश बन गया है। राष्ट्रीय वित्तीय स्विच (एनएफएस) और चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) एनपीसीआई के प्रमुख उत्पाद बने हुए हैं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) को भुगतान प्रणाली में क्रांतिकारी उत्पाद कहा गया है। भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) को भी पायलट मोड में शुरू किया गया है। पाइपलाइन में अन्य उत्पादों में रुपे क्रेडिट कार्ड, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड – टैप एंड गो और इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह शामिल हैं।

Bhim App Install and Use Process

Step1 – Google Play Store/Apple App Store से भीम ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करें।

Step 2 – अपनी पसंदीदा भाषा चुनें।

Step 3 –  सिम कार्ड चुनें जिसमें आपके संबंधित बैंक के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर है।

Step 4 – ऐप में प्रवेश करने के लिए आवश्यक एप्लिकेशन पासकोड सेट करें।

Step 5 –  बैंक खाता विकल्प का उपयोग करके अपने बैंक खातों को लिंक करें।

Step 6 – डेबिट कार्ड के अंतिम 6 अंक और डेबिट कार्ड की समाप्ति तिथि प्रदान करके अपना यूपीआई पिन सेट करें।

Step 7 –  सेंड पर क्लिक करें और UPI आईडी डालें। आप जिस व्यक्ति को पैसे भेजना चाहते हैं उसका क्यूआर स्कैन और भुगतान भी कर सकते हैं।

Step 8 – लेन-देन को प्रमाणित करने के लिए आपके द्वारा पहले सेट किया गया UPI पिन दर्ज करें।

अब आप भीम अप्प को आसानी से यूज़ कर सकते हैं आशा करता हु आपको प्रोसेस समझ आगई होगी

Bhim App Referral से पैसे कमाने के तरीके

BHIM App से आप रेफेर के द्वारा बहुत ही आसानी से पैसे कमा सकते है इसमें आपको हर refer पर कमीशन दिया जाता है व आप इस app का इस्तमाल करते है तो उसमे आपको invite का एक विकल्प मिलता है जिसके द्वारा आप किसी को भी यह app refer करवा सकते है.

आप इस app में जितने लोगो को refer करते है उन सभी refer पर आपको 10 रूपए दिए जाते है यानी की दिन में 10 refer करेंगे तो आपको 100 रूपए प्राप्त हो जाते है व अपने जिसे रेफेर किया है वो अपने अकाउंट से कोई भी transaction करेगा तो आपको हर transaction पर 25 रूपए प्राप्त होंगे पर यह 3 transaction तक ही आपको मिलेंगे व इसमें 50 रूपए से ज्यादा का transaction होना जरुरी है व इसमें आप refer कैसे कर सकते है इसके लिए आप इस तरीके को अपना सकते है.

अब आपको सबसे पहले आपको अपने फोन में BHIM App Open कर लेना है.

इसके पश्चात अब आपको इसमें menu के विकल्प में जाना है.

आगे अब आपको इसमें Refer a Friend का विकल्प दिखाई देगा आपको उसके ऊपर क्लिक करना है.

इसके बाद अब आपको Invite के विकल्प पर क्लिक करना है.

इसके बाद आप किसी को भी इस app को invite कर सकते है व इसके साथ ही आप Referal Code भी प्राप्त कर सकते है व आपके Referal Code से जो भी लोग bhim app का इस्तमाल करते है तो उसका कमीशन आपको आपके अकॉउंट में आजायेगा.

Welcome Gift के तौर पर 51 रूपए का कैशबैक

अगर आप अपने फोन में BHIM App का इस्तमाल करते है तो आप इससे पहला transaction करेंगे तो इसमें आपको Welcome Gift के तौर पर 51 रूपए का कैशबैक दिया जाता है जो की सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है व यह हर एक BHIM APP यूजर के लिए है व ध्यान रखे की यह walcome offer आपको सिर्फ पहले transaction पर ही मिलता है इसके बाद कोई भी transaction करने पर आपको 51 रूपए का walcome offer नहीं दिया जायेगा.

FAQs

भीम वास्तव में क्या है?

भीम – भारत इंटरफेस फॉर मनी एक यूपीआई आधारित भुगतान इंटरफेस है जो आपके मोबाइल नंबर या नाम जैसी एकल पहचान का उपयोग करके रीयल टाइम फंड ट्रांसफर की अनुमति देता है।

मैं Bhin App  का यूज़ कहाँ कर सकता हूँ

आप UPI का उपयोग करके किसी भी व्यक्ति से पैसे ट्रांसफर और प्राप्त कर सकते हैं

आप UPI से मर्चेंट वेबसाइटों पर बिलों का भुगतान कर सकते हैं

आप फ्लाइट टिकट बुक करते हैं या अपना मोबाइल रिचार्ज करते हैं

त्वरित भुगतान करने के लिए आप एक क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं

आप UPI पर अपना ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक कर सकते हैं

आप अकाउंट और IFSC कोड में पैसे भेज सकते हैं

मैं अपना यूपीआई पिन कैसे सेट करूँ ?

UPI पिन सेट करने के लिए आपको अपने डेबिट कार्ड के अंतिम 6 अंक और समाप्ति तिथि की आवश्यकता होगी। यदि आप समय पर ओटीपी प्राप्त करने में विफल रहते हैं, तो कृपया ‘ओटीपी पुनः भेजें’ विकल्प पर क्लिक करें। यदि यह काम नहीं करता है, तो कृपया कुछ समय प्रतीक्षा करें और पुनः प्रयास करें। कृपया ध्यान दें कि यूपीआई पिन सेट करने के लिए केवल खाते से जुड़े डेबिट कार्ड का उपयोग किया जा सकता है।

मैं अपना यूपीआई पिन कैसे रीसेट कर सकता हूं?

अपने भीम ऐप बैंक खाते में लॉग इन करें। फिर आपको वे खाते दिखाए जाएंगे जिन्हें आपने अपने भीम ऐप से लिंक किया है। आप जिस बैंक खाते का पिन रीसेट करना चाहते हैं, उसके अंतर्गत आप ‘Forgot UPI’ विकल्प का चयन कर सकते हैं।

Art Integrated Learning (कला समेकित शिक्षा)

Art Integrated Learning (कला समेकित शिक्षा)

कला समेकित शिक्षा अनुभवात्मक अधिगम का एक शैक्षणिक तरीका है | कला समेकित की अवधारणा से तात्पर्य अन्य विसयो के साथ एकीकरण करने से है| कला का अन्य विषयो के साथ एकीकरण का तात्पर्य है की विभिन्न प्रकार की कलए जैसे दृश्य कला, प्रदर्शन कला और साहित्य कला, शिक्षण अधिगम / सीखने सिखाने की प्रक्रियाओं का एक अभिन्न अंग बनकर शिक्षण को रोचक और मजेदार बनाती है |

विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रम की विषय- वस्तु को सीखने- सिखाने के लिए कला के साथ जोड़ देना ही कला समेकित शिक्षा है। कला के माध्यम से विभिन्न विषयों की अमूर्त अवधारणाओं को बहुत ही सरल और आसान तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।

इस प्रकार की शिक्षा अध्यापकों और बच्चों दोनों के लिए लाभप्रद है। इससे अध्यापकों की कक्षा बाल केंद्रित एवं आनंददायक बन जाएगी तथा विद्यार्थियों के लिए रुचिकर। कला समेकित शिक्षा में कला को पाठ्यक्रम का मुख्य हिस्सा बनाते हुए काम किया जाता है।

इससे बच्चों के कई तरह के कौशल और क्षमताओं का विकास होता है। इसमें कला को केंद्र बिंदु में रखकर गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और उनकी अमूर्त अवधारणाओं के बीच एक संबंध स्थापित किया जाता है।

कला समेकित शिक्षा को विभिन्न विषयों से जोड़कर उनकी विषय वस्तु को प्रभावी ढंग से सिखाया जा सकता है। इस तरीके से सीखना समग्र,आनंददायक और अनुभवात्मक हो जाता है।

कला अभिव्यक्ति के लिए एक भाषा प्रदान करती है। यह अभिव्यक्ति कला के दृश्य रूप जैसे (पेंटिंग, फोटोग्राफी, मूर्तिकला ) यह प्रदर्शन रूप (नृत्य, संगीत, रंगमंच तथा जादू के प्रदर्शन) में हो सकती है।

अगर पाठ्यक्रम में कला का समावेश हो तो इससे विशेष रूप से अमूर्त अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद मिलती है | कला समेकित पाठ्यक्रम में विभिन्न विषयो की विषय वस्तु को तार्किक, विद्यार्थी केंद्रित और अर्थपूर्ण तरीको से जोड़ने के साधन प्रदान करता है |

कला को केंद्र विन्दु में रखकर गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान भाषाओं और उनकी अमूर्त अवधारणाओं के बीच एक सम्बन्ध स्थापित किया जा सकता है | उसे आपस में जोड़कर विषय वस्तु को प्रभावी ढंग से सीखाया जा सकता है |

इस तरीके से सीखना समग्र, आनंददायक और अनुभवात्मक बन जाता है | कला समेकित शिक्षा से सिखने सिखाने के तरीको को सरल ो प्रभावी बनाया जा सकता है | कला का सतत एवं व्यापक मूल्यांकन कौशल और उपकरणो रूप में उपयोग कर सकते हैं|

शिक्षार्थी कई बार अपने विचारो को मौखिक रूप में बया नहीं सकते अगर उस समय उनको अपने मनोभावों को प्रकट करने के लिए कला का साहरा देकर सिखने सिखाने की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाया जा सकता है | नई शिक्षा नीति 2019 में इस कला समेकित शिक्षण द्वारा शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाने के लिए ध्यान दिया गया है |

भाषा में कला समेकित शिक्षा:-

प्राथमिक कक्षाओं में भाषा -शिक्षण के मुख्य उद्देश्य में भाषाई- कुशलता( सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) के साथ-साथ कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता आदि का भी विकास होता है। कला समेकित शिक्षा इन कुशलताओं व क्षमताओं में वृद्धि का सशक्त माध्यम है।

इसके लिए छात्रों को अनेक प्रकार की गतिविधियां करवाई जा सकती है; जैसा कि-

  • कहानियाँ व कविताएं सुनाना एवं लिखवाना।
  • बातचीत के अवसर उपलब्ध करवाना।
  • चित्रों को देखकर चित्रों पर आधारित कविता, कहानी लेख एवं निबंध की रचना करवाई जा सकती है।

गणित और कला समेकित शिक्षा :-

गणित में गिनती, माप और आकार प्रमुख होता है। कला- शिक्षा बच्चों को सम, असम आकारों को पहचानने,द्विआयामी , त्रिआयामी आकृतियाँ बनाने में मदद करती है जिससे बच्चे लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई, क्षेत्रफल आदि का अनुभव प्राप्त करते हैं|

पर्यावरण अध्ययन और समेकित शिक्षा :-

हमारे चारों ओर का वातावरण हमारी संवेदनाओं को प्रभावित करता है। कला शिक्षा के माध्यम से हम पर्यावरण को समझ कर अभिव्यक्त कर सकते हैं। इससे हमें पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सीख मिलती है।

भूगोल एवं पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में क्षेत्रीय कला और हस्तशिल्प की महत्वपूर्ण भूमिका है; जैसे स्थानीय कच्चे माल की उपलब्धता पर जानकारी, स्थानीय हस्त-शिल्प परंपराओं का उदय और विकास की जानकारी। स्थानीय शिल्पकार व उनके द्वारा निर्मित वस्तुओं से स्कूल के संग्रहालय को विकसित करना।

इस प्रकार कला समेकित पाठ्यक्रम विभिन्न विषयों की विषय वस्तु को तार्किक, विद्यार्थी केंद्रित और अर्थपूर्ण तरीकों से जोड़ने के साधन प्रदान कर सकता है।

Art Integrated Learning (कला समेकित शिक्षा) क्या है ?

शब्दकोश में एकीकरण या समेकन का अर्थ है, ‘संपूर्ण इकाई बनाने के लिए भागों को मिश्रित करने या जोड़ने का कार्य’। इस प्रकार, कला एकीकरण का अर्थ है। विभिन्न पाठ्यक्रम क्षेत्रों के सीखने-सिखाने के साथ ‘कला का संयोजन’ करना।

भाषा, सामाजिक अध्ययन, विज्ञान और गणित जैसे विषयों को कला के साथ परस्पर संबंधित करने के लिए तैयार किया जा सकता है। कई बार, कला बहुत सरलता से विज्ञान की अवधारणाओं को स्पष्‍ट कर सकती है।

इस प्रकार, विषयों की अमूर्त अवधारणाओं को विभिन्न कला रूपों का उपयोग करके समझने में आसान और मूर्त रूप दिया जा सकता है। सीखने के इस तरीके से विषय के बारे में ज्ञान और समझ को बढ़ाने में मदद मिलती है और यह कला का मूल्यांकन करने को भी बढ़ावा देता है।

इसे ही समग्र या संपूर्ण शिक्षण कहा जाता है। कला अभिव्यक्ति के लिए एक भाषा प्रदान करती है। यह अभिव्यक्ति कला के दृश्य (विजअल) या प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) रूप में हो सकती है।

दृश्‍य कलाओ (विजुअल आर्ट्स) और प्रदर्शन कलाओ (परफार्मिंग आर्ट्स) से क्या तात्‍पर्य है?

वह कला रूप जिसे मख्यु रूप से देखा या सराहा जाता है, जैसे कि पेंटिंग, फोटोग्राफी, प्रिंट-मेकिंग, स्टेज-आर्ट, क्ले-मॉडलिंग, मूर्तिकला, एप्लाइड आर्ट
व क्राफ्ट (अनप्रयुक्त- कला और शिल्प)को दृश्य (विजुअल) कला कहा जाता है। जबकि प्रदर्शन कलाओ में संचालन और मौखिक कौशल, चेहरे के भाव और शरीर
की गति व लय का उपयोग करके प्रस्तुत की गई कलात्मक अभिव्यक्तियाँ शामिल होती हैं। इनमें नतृ्य, संगीत (गायन औरवाद्य), रंगमच, कठपतुली, मूकाभिनय,कहानी वाचन, मार्शलआर्ट, जादू का प्रदर्शन, सिनेमा आदि शामिल हैं।

कला शिक्षा और कला समेकित शिक्षा में क्या अंतर है?

कला शिक्षा वह प्रक्रिया है जो संवेदी भावों को प्रोत्साहित करती है। यह उन अभिव्यक्तियों के सजनृ हेतुविचारों और सामग्रियों के साथ काम करने का एक मच प्रदान करती है, जिन्‍हें केवल शब्दों द्वारा व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह गैर-मौखिक अभिव्यक्ति को बाहर आने के लिए प्रोत्साहित करती है, चाहे वह गीत के रूप में हो या फिर पेंटिंग या प्रदर्शन के रूप में। कला समेकित शिक्षा में, हम कला को पाठ्यक्रम का मख्यु हिस्सा बनाते हुए काम करते हैं। विभिन्न कला रूपों का उपयोग करके विषय की अमूर्त अवधारणाओं का पता लगाया जा सकता है। कला समेकित कक्षाएँ सीखने के ऐसे अनभु व प्रदान कर सकती हैं जिससे सीखने वाले का मन, हृदय और शरीर उससे जुड़ जाता है। इस तरह कलाएँ बच्चों को कई तरह के कौशल और क्षमताओं का उपयोग करने में सक्षम बनाती हैं।

यह भी पढ़े:-

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Today IPL 2022 LKN vs GT : दोनों नई टीमों के बीच की भिड़ंत हार्दिक पंड्या vs के यल राहुल

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When: Tuesday, May 10 at 19:30 IST

Where: Maharashtra Cricket Association Stadium, Pune

लखनऊ सुपर जायंट्स ,गुजरात टाइटन्स से बदला लेने के लिए अपनी जीत की कोशिश करेगा, जब दोनों टीमें मंगलवार को आईपीएल 2022 प्लेऑफ की लड़ाई में एक-दूसरे से भिड़ेंगी। दो नए प्रवेशकों का अपने पहले सीजन में एक सपना पूरा हो रहा है। जहां गुजरात नंबर वन पर जाने की पूरी कोशिस करेगा , वहीं लखनऊ शीर्ष स्थान लेने के लिए उनसे आगे निकल गया। हार्दिक पांड्या की अगुवाई वाली गुजरात टीम की जीत का सिलसिला पिछले हफ्ते पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ लगातार हार के साथ समाप्त हो गया।

दोनों टीमों के 11 मैचों में से प्रत्येक के 16-16 अंक हैं और दोनों में से किसी एक की जीत अगले चरण में जाने की पुष्टि करेगी।

लखनऊ सुपर जायंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 75 रन से हराकर तालिका में शीर्ष पर पहुंचने के बाद कप्तान केएल राहुल ने कहा, “मैं अभी भी किसी भी खेल के बारे में नहीं सोच सकता, जहां हमने पूर्ण प्रदर्शन किया हो।” जबकि वह ‘परफेक्ट गेम’ अभी तक उनके रास्ते में नहीं आया है, एलएसजी 11 मैचों में आठ जीत हासिल करने के लिए पर्याप्त रूप से सुसंगत रहा है, जो कि आईपीएल के साथी गुजरात टाइटंस के समान है। ये दोनों पक्ष दूसरी बार आमने-सामने होंगे, विजेता आईपीएल 2022 के प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली टीम बनने के लिए तैयार है। एलएसजी ने अपनी तरफ से गति पकड़ी है, लगातार चार जीते हैं जबकि टाइटन्स ने पांच के बाद- लगातार दो गेम हार चुके हैं और जीत की राह पर लौटने के लिए उत्सुक होंगे। टीम ने बल्ले से काम निकालने के लिए उन पर काफी भरोसा किया है। लेकिन क्विंटन डी कॉक और दीपक हुड्डा जैसे खिलाड़ियों ने हाल के खेलों में अधिक जिम्मेदारी ली है, जो निश्चित रूप से राहुल पर से दबाव कम करेगा।

केएल राहुल C (LSG ):

केएल राहुल ने मोर्चे से नेतृत्व किया है और सलामी बल्लेबाज टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 11 मैचों में दो शतकों और इतने ही अर्द्धशतकों के साथ 451 रन बनाए हैं। एक अन्य सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक (215 रन) अच्छी लय में हैं।

हार्दिक पांड्या C (GT) :

हार्दिक पांड्या का बल्ले से शानदार सीजन चल रहा है। वह जीटी के लिए उतना आक्रामक नहीं रहा है, लेकिन उसने 10 मैचों में 41.63 की औसत से 333 रन बनाए हैं। इलेवन में देर से प्रवेश करने के बाद रिद्धिमान साहा ने कुछ शानदार पारियां खेली हैं।

LSG vs GT Possible 11

लखनऊ सुपर जायंट्स:

क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), केएल राहुल , दीपक हुड्डा, मार्कस स्टोइनिस, क्रुणाल पांड्या, आयुष बडोनी, जेसन होल्डर, दुष्मंथा चमीरा, रवि बिश्नोई, अवेश खान, मोहसिन खान

गुजरात टाइटंस:

रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), शुभमन गिल, साई सुदर्शन, हार्दिक पांड्या, डेविड मिलर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, प्रदीप सांगवान/यश दयाल, लॉकी फर्ग्यूसन, अल्जारी जोसेफ, मोहम्मद शमी

Dream Team

क्विंटन डी कॉक , केएल राहुल , दीपक हुड्डा, जेसन होल्डर, रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), शुभमन गिल, साई सुदर्शन, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी, राशिद खान, अवेश खान

उर्फी जावेद ने अपने बोल्ड लुक से इंटरनेट पर लगाई आग, वीडियो वायरल आप भी देखें

हेलो दोस्तों आज हम फिर एक बार बात करने जा रहे हैं उर्फी जावेद की,चाहे उनकी लाइफस्टाइल हो या उनके आउटफिट्स, उर्फी जावेद कभी भी सुर्खियां बटोरने से नहीं चूकतीं। अभिनेत्री अपने सेक्सी, बोल्ड और अनोखे आउटफिट से जबड़ा छोड़ देती है। वह अक्सर हॉट ड्रेस में अपनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं. उनकी हॉट ड्रेस और लुक देखकर लोगो में एक अलग ही क्रेज चढ़ने लग गया है। चलिए अब हम आपको उनका नया लुक दिखाते हैं जिसकी वजह से वो एक बार फिर वायरल हैं।

शनिवार को, उर्फी जावेद ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्हें हरे रंग की बिकनी पहने देखा जा सकता है, जिसे हाई हील्स के साथ जोड़ा गया है।अभिनेत्री को कैमरों के लिए पोज देते देखा जा सकता है, वीडियो अब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

इससे पहले, उर्फी जावेद ने खुलासा किया था कि वह एक युवा के रूप में शर्मिंदा थीं। एक साक्षात्कार में, अभिनेत्री ने कहा कि वह 15 वर्ष की थी जब उसकी एक तस्वीर एक पोर्न साइट पर पोस्ट की गई थी, और उसे उसके परिवार और शहर के बाकी हिस्सों द्वारा सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया था। एक्ट्रेस ने बताया कि घटना लखनऊ की है।

कपल ऑफ थिंग्स उर्फी ने अपने चैनल पर आरजे अनमोल और अमृता राव के साथ बात करते हुए कहा।उर्फी ने कहा “मैं लखनऊ में थी और मैं 15 साल की थी और मैंने एक ऑफ-शोल्डर टॉप पहना था। लखनऊ में हमें ऐसे कपड़े कभी वापस नहीं मिलते थे इसलिए मैंने खुद (एक टी-शर्ट) काटी और खुद बनाई। मैंने वह तस्वीर फेसबुक पर अपलोड की और किसी ने उसे पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया।

“यह एक ट्यूब टॉप था, यह कुछ भी बुरा नहीं था। लोगों ने सच में मुझे शर्मसार कर दिया। सारा शहर, पूरा कस्बा, मेरा परिवार, ये सब ऐसे थे जैसे तुमने क्या पहना था, यह सब तुम्हारी गलती थी। एक तो लड़की हो के तुमने ये देखना और फिर आपने इसे फेसबुक पर अपलोड करने का दुस्साहस किया”

उर्फी ने स्वीकार किया कि वह नहीं जानती कि इस मामले को कैसे संभालना है जब दंपति ने पूछा कि वह इसे कैसे प्रबंधित करती है। उसने आगे कहा कि आपको एहसास नहीं होता कि आप कितने मजबूत हैं जब तक कि यह आपका एकमात्र विकल्प नहीं है। उसमें मरने की हिम्मत नहीं थी, इसलिए उसने इसके बजाय इसे चुना।

फरहान अख्तर MS Marvel सीरीज में एक अज्ञात भूमिका निभाते हुए नजर आयेंगे

बॉलीवुड अभिनेता-निर्देशक फरहान अख्तर वास्तव में MS Marvel  के कलाकारों का हिस्सा हैं, हालांकि हम अभी भी नहीं जानते हैं कि वह आने वाली Disney+ series में कौन सा चरित्र निभा रहे हैं। फरहान अख्तर किशोर अभिनेता इमान वेल्लानी से जुड़ते हैं, जो पाकिस्तानी प्रवासियों के लिए पैदा हुए कनाडाई हैं, जो Disney+ TV series में आकार बदलने वाले सुपरहीरो की भूमिका निभाएंगे और द मार्वल्स नामक दूसरी कैप्टन मार्वल फिल्म में भी भूमिका निभाएंगे।

बिशा के अली द्वारा निर्मित, Series  में मैट लिंट्ज़, यास्मीन फ्लेचर, ज़ेनोबिया श्रॉफ, मोहन कपूर, सागर शेख, ऋष शाह, लॉरेल मार्सडेन, अदाकू ओनोनोग्बो, लैथ नाकली, ट्रैविना स्प्रिंगर और अरामिस नाइट भी हैं।

अली प्रमुख लेखक भी हैं, आदिल एल अरबी और बिलाल फलाह (जो संयोगवश, प्रतिद्वंद्वी डीसी के लिए बैटगर्ल को भी निर्देशित कर रहे हैं) कुछ एपिसोड पर निर्देशन कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं।

MCU मिक्स में एक और सुपरहीरो का स्वागत करने के लिए तैयार है। मार्वल ने मंगलवार को इमान वेल्लानी अभिनीत फिल्म मिस मार्वल का ट्रेलर जारी किया। वेब सीरीज एक मुस्लिम अमेरिकी किशोरी कमला खान की कहानी है जो कैप्टन मार्वल की तरह बनना चाहती है। ट्रेलर हमें कमला और उसकी दुनिया से परिचित कराता है। हम कमला को सुपरहीरो बनते भी देखते हैं।

द वीकेंड्स ब्लाइंडिंग लाइट्स ट्रेलर के लिए चुना गया गाना है और यह कमला की यात्रा के साथ पूरी तरह से फिट बैठता है। शो का विजुअल एस्थेटिक भी काफी आशाजनक लगता है

कमला जर्सी सिटी, न्यू जर्सी की एक किशोर पाकिस्तानी-अमेरिकी है। कैरल डेनवर, उनकी आदर्श, कैप्टन मार्वल बनने के बाद उन्होंने मिस मार्वल का खिताब अपने नाम किया। MS मार्वल की कमला खान पुनरावृत्ति दुनिया में एक सापेक्ष नवागंतुक है। चरित्र की शुरुआत जी विलो विल्सन (लेखक) और एड्रियन अल्फोना (कलाकार) द्वारा 2015 की कॉमिक श्रृंखला में हुई। वह पहली मुस्लिम मार्वल सुपरहीरो थीं, जिनके पास अपनी कॉमिक सीरीज़ थी।

न केवल MS मार्वल एक रोमांचक चरित्र है, वह पीटर पार्कर या स्पाइडर-मैन के बाद एमसीयू की पहली किशोर सुपरहीरो होगी, और अपनी पृष्ठभूमि के कारण अपने स्वयं के दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के साथ लाएगी।

प्रोमो एक युवा लड़की के बारे में आने वाली उम्र की कहानी को छेड़ते हैं जो दुनिया में अपनी जगह का पता लगा रही है। मिस मार्वल 8 जून 2022 को Disney+ Hotstar पर पहुंचेगी।

सोनाक्षी सिन्हा ने क्या सगाई कर ली है? एक्ट्रेस की डायमंड रिंग दिखाते हुए फोटो आप भी देखें

हेलो दोस्तों अब जब हम सभी ने सोचा था कि बॉलीवुड की शादियों का मौसम समाप्त हो रहा है, ऐसा प्रतीत होता है कि सोनाक्षी सिन्हा बैंड बाजे में शामिल हो गई हैं,सभी के बीच बड़ी उत्सुकता पैदा करते हुए, अभिनेत्री ने सोमवार को अपनी तस्वीरों की एक श्रृंखला जारी की, जिसमें वह अपनी उंगली पर एक आकर्षक हीरे की अंगूठी चमकती हुई देखी जा सकती हैं।

तस्वीरों में सोनाक्षी ने एक मिस्ट्री मैन के बगल में खड़े होकर अपनी फोटो अपलोड की है ,उन्होंने उस मिस्ट्रीमैन की तस्वीर को थोड़ा बाहर निकाला है। पहली तस्वीर में, अभिनेत्री को एक आदमी का हाथ पकड़े देखा जा सकता है क्योंकि वह खूबसूरत चमचमाती हीरे की अंगूठी को दिखाते हुए अपनी बड़ी मुस्कान को अपने हाथों से ढँक लेती है। अगले फोटो में, सोनाक्षी को अपने दोनों हाथों को अपने कंधों पर टिकाते हुए देखा जा सकता है। तीसरे फोटो में, केवल उनकी कलाई और हथेली देखी जा सकती है, क्योंकि सोनाक्षी अपनी बड़ी अंगूठी के साथ पोज देती हैं। सोनाक्षी की  मिलियन-डॉलर की मुस्कान प्रसंसको को बहुत आकर्षित कर रही हैं।

प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ाते हुए, सोनाक्षी ने अपने “बड़े दिन” के बारे में बात की और खुलासा किया कि वह “इसे साझा करने” का इंतजार नहीं कर सकती। “मेरे लिए बड़ा दिन है  !!! मेरे सबसे बड़े सपनों में से एक सच हो रहा है… और मैं इसे आपके साथ साझा करने के लिए और इंतजार नहीं कर सकती। Can’t believe it was SO EZI!!!!” सोनाक्षी ने पोस्ट का कैप्शन में लिखा।

फैंस ने कमेंट सेक्शन में अनुमान लगाने का खेल शुरू कर दिया, जबकि कुछ हस्तियों ने अभिनेत्री को बधाई देना शुरू कर दिया।

 नेटिज़ेंस ने यह भी सोचा कि क्या उसने अपने अफवाह प्रेमी और अभिनेता ज़हीर इकबाल से सगाई कर ली है। एक उपयोगकर्ता ने अनुमान लगाया, “ईज़ी: ई सगाई के लिए है जेड ज़हीर के लिए है I इकबाल के लिए है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘क्या ये सच में है? आपने जहीर से सगाई कर ली है?” कई हस्तियों ने तस्वीर को स्वीकार किया और उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया। फिल्म निर्माता पुनीत मल्होत्रा ​​ने लिखा, “बधाई हो”। सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट मोहित राय ने टिप्पणी की, “Whattttttt omg बधाई हो।” अभिनेत्री कुब्रा सैत ने लिखा, “Yaay” , अनन्या बिड़ला ने टिप्पणी की  “wooohooooo”

Foundation day of all states of India: भारत के सभी राज्यों के स्थापना दिवस की सूची

Foundation day of all states of India:

भारत देश दुनिया की सबसे समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों में से एक होने के साथ ही साथ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है | यह दुनिया के 7 वें सबसे बड़े देश के रूप में जाना जाता है | आज के समय में भारत ने विश्व भर में अपनी एक अगल ही पहचान बनायी है |

भौगोलिक स्थिति की बात करें तो भारत बाकी एशिया से बिल्कुल अलग है, यह एक ओर से पहाड़ों से घिरा है तो तीन ओर से समुद्र से घिरा है | भारत के उत्तर में विशाल हिमालय की श्रेणी है, तो पूर्व में बंगाल की खाड़ी और पश्चिम में अरब सागर स्थित है |

पूरा भारत 28 राज्यों में और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित है | इन सभी राज्यों की कार्यपालिका संघ के समान है | पॉन्डिचेरी, दिल्ली और जम्मू कश्मीर के अलावा अन्य केंद्र शासित प्रदेशों को उनके द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से राष्ट्रपति के द्वारा प्रशासित किया जाता है |

भारत के राज्य और उनकी स्थापना दिवस:- Foundation day of all states

भारत में वर्तमान में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं | जिनकी स्थापना विभिन्न समय पर हुई थी | भारतीय राज्यों के स्थापना दिवस इस प्रकार हैं-

क्रमांकराज्यराज्य दिवस
1अरुणांचल प्रदेश20 फरवरी 1987
2असम26 जनवरी 1950
3आंध्र प्रदेश1 नवंबर 1956
4उत्तर प्रदेश26 जनवरी 1950
5उत्तराखंड9 नवंबर 2000
6ओडिशा26 जनवरी 1950
7कर्नाटक1 नवंबर 1956
8केरल1 नवंबर 1956
9गुजरात1 मई 1960
10गोवा30 मई 1987
11छत्तीसगढ़1 नवंबर 2000
12झारखंड15 नवंबर 2000
13तमिलनाडु1 नवंबर 1956
14तेलंगाना2 जून 2014
15नागालैंड1 दिसंबर 1963
16पंजाब1 नवंबर 1966
17पश्चिम बंगाल26 जनवरी 1950
18बिहार26 जनवरी 1950
19मणिपुर21 जनवरी 1972
20मध्य प्रदेश26 जनवरी 1950
21महाराष्ट्र1 मई 1960
22मिजोरम20 फरवरी 1987
23मेघालय21 जनवरी 1972
24राजस्थान26 जनवरी 1950
25सिक्किम16 मई 1975
26हरियाणा1 नवंबर 1966
27हिमाचल प्रदेश25 जनवरी 1971
28त्रिपुरा21 जनवरी 1972

भारत के केंद्र शासित प्रदेश और उनकी स्थापना दिवस:- Foundation day of all states

केंद्र शासित प्रदेशस्थापना दिवस
अंडमान निकोबार द्वीपसमूह1 नवंबर 1956
दादर नागर हवेली और दमन द्वीव26 जनवरी 2020
जम्मू कश्मीर31 अक्टूबर 2019
लक्षद्वीप31 अक्टूबर 2019
चंडीगढ़1 नवंबर 1966
दिल्ली एनसीटी1 नवंबर 1956
लद्दाख31 अक्टूबर 2019
पॉन्डिचेरी16 अगस्त 1962

FAQs:-

भारत में कुल कितने राज्य हैं?

28

28 राज्य में कितने जिले हैं?

भारत में राज्यों की संख्या 28 है, जिनमें कुल जिले 697 है और भारत के 8 केंद्र शासित प्रदेशों में कुल जिले है 45 है | यदि सभी जिलों की संख्या मिला दी जाये तो यह 742 हो जाती है |

Governors of India 2022 (State-Wise): भारत के सभी राज्यों के राज्यपाल

Governor of India 2022 (State-Wise):

भारत में राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है | केंद्र सरकार प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल के नामांकन के लिए जिम्मेदार है | राष्ट्रपति के चुनाव के विपरीत राज्यपाल की नियुक्ति के लिए कोई अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष चुनाव नहीं होता है | राज्यपाल का कार्यालय एक स्वतंत्र संवैधानिक कार्यालय है, राज्यपाल केंद्र सरकार की सेवा नहीं करता है |

राज्यपाल को केवल दो योग्यताओं को पूरा करने की आवश्यकता होती है एक वह भारतीय नागरिक होना चाहिए और दूसरा उसकी आयु 35 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए |

राज्यपाल को मनोनीत करने के लिए सरकार द्वारा दो परंपराएं अपनाई जाती हैं, यानी वह व्यक्ति जो राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने वाला है, वह राज्य से संबंधित नहीं होना चाहिए, वह एक बाहरी व्यक्ति होगा जिसका राज्य के साथ कोई संबंध नहीं होगा |

दूसरा यह है कि राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल की नियुक्ति से पहले मुख्यमंत्री का परामर्श लिया जाता है | वह उस राज्य का कार्यकारी प्रमुख होता है जिसमें उसे नियुक्त किया जाता है | राज्य में की जाने वाली सभी कार्यकारी क्रियाएं राज्यपाल के नाम पर होती हैं |

भारत के सभी राज्यों के राज्यपाल:- Governors of India All States

राज्यराज्यपाल
अरुणांचल प्रदेशडॉ बीडी मिश्रा
असमप्रोफेसर जगदीश मुखी
आंध्र प्रदेशश्री बिश्वा भूषण हरिचंदन
उत्तर प्रदेशश्रीमती आनन्दीबेन पटेल
उत्तराखंडपूर्व ले. जनरल गुरमीत सिंह
ओडिशाप्रोफ़ेसर गणेशी लाल
कर्नाटकश्री थावर चंद गहलोत
केरलश्री आरिफ मोहम्मद खान
गुजरातश्री आचार्य देवव्रत सिंह
गोवाश्री श्रीधरन पिल्लई
छत्तीसगढ़सुश्री अनुसुइया उइके
झारखंडश्रीमती रमेश बैस
तमिलनाडुश्री आर. एन. रवि
तेलंगानातमिलसाई सुंदरराजन
नागालैंडश्री जगदीश मुखी
पंजाबश्री बनवारी लाल पुरोहित
पश्चिम बंगालश्री जगदीप धनखड़
बिहारश्री फागु चौहान
मणिपुरश्री ला गणेशन
मध्य प्रदेशश्री मंगूभाई पटेल
महाराष्ट्रश्री भगत सिंह कोश्यारी
मिजोरमश्री हरिबाबू कम्भमपति
मेघालयश्री सत्यपाल मलिक
राजस्थानश्री कलराज मिश्र
सिक्किमश्री गंगा प्रसाद
हरियाणाश्री बंडारू दत्तात्रेय
हिमाचल प्रदेशश्री राजेंद्र आरलेकर
त्रिपुरासत्यदेव आर्य
दिल्ली (NCT)
पांडिचेरी (UT)

केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल एवं प्रशासक:-

केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के चुनाव नहीं कराये जाते हैं और न ही राज्यपाल को नियुक्त किया जाता है | राज्य की देखरेख के लिए देश के राष्ट्रपति उस राज्य में उपराज्यपाल या सरकारी प्रशासक को नियुक्त करता है | केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/ सरकारी प्रशासक की सूची आप नीचे से प्राप्त कर सकते हैं |

राज्यउपराज्यपाल
अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूहदेवेंद्र कुमार जोशी
जम्मू और कश्मीरमनोज सिन्हा
दिल्लीअनिल बैजल
पांडिचेरीतमिलसाई सुंदरराजन
लद्दाखराधाकृष्ण माथुर
प्रशासक
चंडीगढ़श्री बनवारी लाल पुरोहित
दादरा नगर हवेली एवं दमन दीवप्रफुल खोदा पटेल
लक्षदीपदिनेश्वर शर्मा

FAQ’s:-

किसी राज्य के राज्यपाल की शक्तियाँ क्या होती हैं?

राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली प्रत्येक कार्यकारी कार्रवाई राज्यपाल के नाम पर होती है | राज्यपाल राज्य के महाधिवक्ता और उनके पारिश्रमिक की नियुक्ति करता है | वह राज्य चुनाव आयुक्त, राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलपति, अध्यक्ष और राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति भी करता है |

भारत में किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?

भारत में, किसी राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा 5 वर्ष की अवधि के लिए की जाती है | राज्यपाल सभी राज्य सरकारों का मुखिया होता है और सभी कार्यकारी कार्रवाई राज्यपाल के नाम पर की जाती है |

किन केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री होते हैं?

केवल दो केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और पुडुचेरी में मुख्यमंत्री हैं | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी हैं |

Munawar Faruqui Girlfriend: देखिए कौन है मुनव्वर फारूकी की गर्लफ्रेंड इन फोटो में!

Munawar Faruqui Girlfriend: अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लॉकअप रियलिटी शो जीतने के बाद ही अपनी इंस्टा स्टोरी में फोटो लगाया दिया है जिस फोटो में वो अपनी गफ के साथ मिरर सेल्फी लेते हुए नजर आरहे हैं। 

जाहिर सी बात है इस स्टोरी को देखकर फीमेल फैन फ़ॉलोईंग में झटका सा लगा होगा क्युकी अभी तक सोशल मीडिया में उनके तलाक लेने की बस खबर थी। हम आपको उनकी इंस्टा स्टोरी की वीडियो नीचे दिखा रहे हैं।

70 दिनों तक बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करने के बाद मुनव्वर फारूकी को लॉक अप का विजेता घोषित किया गया है। कंगना रनौत के शो में पायल रोहतगी, अंजलि अरोड़ा, आजमा फलाह और शिवम शर्मा भी फाइनलिस्ट थे। ट्रॉफी के साथ मुनव्वर ने 20 लाख रुपये नकद पुरस्कार और एक नई कार भी ली।

अधिकांश रियलिटी शो के विपरीत, इसने न केवल वोटों के आधार पर अपने विजेता को चुना। मेजबान को अंतिम शब्द रखने का अवसर दिया गया था। मुनव्वर को सबसे ज्यादा वोट मिले, लेकिन कंगना ने भी उन्हें अंतिम विजेता के रूप में चुना।

Munawar Faruqui Girlfriend Photo

Munawar Faruqui Girlfriend

मुनव्वर ने अपने विवाद की ऊँची एड़ी के जूते पर शो में प्रवेश किया। उन्होंने पिछले साल अपने एक शो के दौरान कथित तौर पर “हिंदू देवी-देवताओं का अपमान” करने के आरोप में एक महीना जेल में बिताया था।

जमानत पर रिहा होने के बाद, उनके कई शो रद्द कर दिए गए। एक बयान में, कॉमेडियन ने बाद में कहा था, कि उन्हें एक मजाक के लिए जेल में डाल दिया गया था जो उन्होंने कभी नहीं बनाया था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उन्हें कॉमेडी के साथ किया गया था। “नफरत जीत गई, कलाकार हार गया”.

लॉक अप के मास्टरमाइंड के रूप में जाने जाने वाले मुनव्वर फारूकी को स्मार्ट होने और गेम खेलने के लिए सराहा गया। अंजलि अरोड़ा के साथ उनकी दोस्ती की भी प्रशंसकों ने सराहना की, जिन्होंने उन्हें ‘मुंजाली’ भी कहा।

सेलिब्रिटी डिजाइनर सायशा शिंदे ने भी शो में उनके लिए अपने प्यार का इजहार किया। हालांकि मुनव्वर ने शो के बाहर किसी से प्यार करने की बात कबूल की थी। कॉमेडियन ने अपने अतीत के बारे में भी खोला, चाहे वह उनका तलाक हो, उनकी मां की आत्महत्या हो या एक बच्चे के रूप में उनका यौन उत्पीड़न किया जा रहा हो।

मुनव्वर ने जहां खिताब अपने नाम किया, वहीं पायल रोहतगी और अंजलि अरोड़ा को क्रमशः प्रथम और द्वितीय उपविजेता घोषित किया गया।

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मदर्स डे के मौके पर आलिया भट्ट ने शेयर की मां और सास के साथ शादी की पार्टी की UNSEEN फोटो

माताओं को समर्पित विशेष दिन  है। बॉलीवुड सेलिब्रिटीज मदर्स डे सेलिब्रेट करने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ खास पोस्ट कर रहे हैं। उनमें से एक हैं आलिया भट्ट। आलिया भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी शादी की पार्टी से एक अनदेखी तस्वीर साझा की और इसे अपनी मां सोनी राजदान और सास नीतू कपूर को समर्पित किया।

गंगूबाई काठियावाड़ी अभिनेत्री ने 14 अप्रैल, 2022 को अपने जीवन के प्यार रणबीर कपूर के साथ शादी के बंधन में बंधी और उन्होंने अपनी सास को अपनी मातृ दिवस की पोस्ट में शामिल करना सुनिश्चित किया।

उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया, “My beautiful beautiful mothers Happy Mothers Day – ALL DAY EVERYDAY!”

 इस पर उनकी सास की भी सबसे प्यारी प्रतिक्रिया थी उसने लिखा, “Love you Ala.”

आलिया भट्ट के अलावा, विक्की कौशल, काजल अग्रवाल, संजय दत्त और कई अन्य बॉलीवुड सितारों ने अपनी माताओं को समर्पित विशेष पोस्ट किए। पिछले साल कैटरीना कैफ से शादी करने वाले विक्की कौशल ने भी इस खास दिन शादी से सास के साथ एक तस्वीर साझा की।

वर्क फ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट जल्द ही पति रणबीर कपूर के साथ ब्रह्मास्त्र में नजर आने वाली हैं। यह फिल्म सालों से बन रही है और आखिरकार इस साल रिलीज होने की उम्मीद है। इसमें अमिताभ बच्चन, नागार्जुन, मौनी रॉय और अन्य भी हैं। अभिनेत्री की किटी में रॉकी और पिंकी की प्रेम कहानी भी है। वह इसमें फिर से रणवीर सिंह के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करेंगी। आखिरी बार, दोनों सितारों ने गली बॉय के लिए सहयोग किया था और यह हिट रही थी। शादी के तुरंत बाद, आलिया भट्ट ने काम में गहरी डुबकी लगाई और करण जौहर की फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी।

Lock Upp Winner : Munawar Faruqui ने ट्राफी जीती, आखिरकार ट्राफी डोंगरी आ ही गई

Lock Upp Winner- कंगना रनौत द्वारा होस्ट किया गया रियलिटी शो लॉक अप आखिरकार शनिवार को समाप्त हो गया। शनिवार / रविवार की मध्यरात्रि से पहले, कॉमेडियन को एकता कपूर के ‘लॉक अप’ से 20 लाख रुपये के चेक और नई कार के साथ रिहा कर दिया गया था।

उन्हें शो का विजेता घोषित किया गया, जिसके फिनाले में लोकप्रिय रियलिटी शो नियमित पायल रोहतगी, अंजलि अरोड़ा, आज़मा फलाह और शिवम शर्मा भी थे।

अधिकांश रियलिटी शो के विपरीत, लॉक अप विजेता का फैसला न केवल लोकप्रिय वोटों के आधार पर किया गया था, जिसमें फारूकी शीर्ष पर थे, बल्कि मेजबान कंगना ने इस विषय पर अंतिम शब्द रखा था। यह उसकी स्वीकृति की मुहर थी जिसने आखिरकार विजेता का फैसला किया।

Lock Upp Winner विजेता की घोषणा न केवल एपिसोड के दौरान बल्कि ऑल्ट बालाजी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी की गई।

Lock Upp Winner फारूकी, जो ‘लॉक अप’ में प्रवेश करने से पहले, कर्नाटक सरकार द्वारा अपने शो को रद्द होते देख रहा था, नडोंगरी चॉल के इस लड़के के रूप में सामने आकर बहुत सहानुभूति और सार्वजनिक सद्भावना को आकर्षित किया, जिसने गरीबी देखी थी, उसकी माँ ने आत्महत्या कर ली थी और उसकी शादी टूट गई, और एक बच्चे के रूप में उसका यौन शोषण भी किया गया।

कंगना और उनके बीच अपने राजनीतिक विचारों पर शुरू में एक गर्म आदान-प्रदान हुआ था, लेकिन स्पष्ट रूप से, उनके मतभेद शो के सेलिब्रिटी होस्ट द्वारा उन्हें विजेता घोषित करने के रास्ते में नहीं आए।

मुनव्वर फारुकी कंगना रनौत द्वारा होस्ट किए गए रियलिटी शो लॉक अप के पहले विजेता बने। शो ने शनिवार को अपने पहले सीज़न का समापन किया, जो ऑल्ट बालाजी और एमएक्स प्लेयर पर प्रसारित हुआ। मुंबई के डोंगरी इलाके से ताल्लुक रखने वाले कॉमेडियन ने ‘ट्रॉफी तो डोंगरी ही आएगी’ का वादा किया था। मुनव्वर ने रविवार को अपने विजेता की ट्रॉफी के साथ डोंगरी का पहला दौरा किया और उनका भव्य स्वागत किया गया।

Lock Upp Winner

लोकेशन के एक वीडियो में मुनव्वर को प्रशंसकों से घिरा हुआ दिखाया गया है, क्योंकि उन्होंने अपनी लॉक अप ट्रॉफी को पकड़ रखा था। एक प्रशंसक ने टिप्पणी अनुभाग में लिखा, “यह आदमी इतनी सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करता है कि वह हर किसी की आत्मा को ऊपर उठाता है,” जबकि दूसरे ने लिखा, “मैं हमेशा उसकी कॉमेडी से प्यार करता था, बुरा महसूस करता था और उसके सबसे कम समय में उसके विचारों का समर्थन करता था। कोई भी यह अनुमान नहीं लगा सकता है कि जब मैं उसे प्यार और सम्मान प्राप्त करते हुए देखता हूं तो मुझे कितना खुशी होती है कि वह हमेशा उस तरह की शुद्ध आत्मा के हकदार थे.

Rajasthan Death Certificate: राजस्थान मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

Rajasthan Death Certificate:-

अब भारत में मृत्यु प्रमाण पत्र (Rajasthan Death Certificate) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है | भारत में कानून के अधीन (जन्म और मृत्यु अधिनियम, 1969) के अधीन किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के 21 दिन के अन्दर ही मृत्यु का पंजीयन करवाना अनिवार्य है |

भारत के प्रत्येक नागरिक की मृत्यु होने के बाद मृतक के परिवार के द्वारा यह प्रमाण पत्र बनवाना होगा | प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मृतक के परिवार को आवेदन करना होगा | यह प्रमाण पत्र ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बनवाया जा सकता है | मृत्यु प्रमाण पत्र एक सरकारी दस्तावेज होता है | जो कि मृतक के रिश्तेदारों को जारी किया जाता है |

इस प्रमाण पत्र में मृतक की मृत्यु का कारण, तारीख आदि की जानकारी उपलब्ध होती है | यह प्रमाण पत्र हर धर्म के नागरिक को बनवाना अनिवार्य है | इस प्रमाण पत्र के माध्यम से मृतक की संपत्ति नामांकित व्यक्ति को सौंपी जा सकती है |

इसके अलावा यह प्रमाण पत्र बीमा का क्लेम करने के लिए भी अनिवार्य होता है | Rajasthan Death Certificate मृत्यु के 21 दिन के अंदर अंदर बनवाना होता है | यदि प्रमाण पत्र मृतक के परिवार ने 21 दिन के अंदर अंदर नहीं बनवाया है तो उन्हें जुर्माने का भुगतान करना होता है |

मृत्यु पंजीकरण करवाने के लिए मृतक के परिवार को एक निर्धारित शुल्क का भी भुगतान करना होता है | यह शुल्क अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है |राजस्थान राज्य मे किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के 21 दिन के अंदर अगर आप ग्रामीण क्षेत्र मे निवास करते है तो आप ग्राम पंचायत या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से नि:शुल्क मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते है।

ग्राम पंचायत या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे मृतक के परिवार या रिश्तेदार के द्वारा प्रपत्र-1 मे जन्म की सूचना व प्रपत्र-2 मे मृत्यु की सूचना भरकर देनी होगी |

राजस्थान मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता :-

  • Rajasthan Death Certificate की आवश्यकता मृतक का बैंक खाता बंद करवाने मे पड़ती है |
  • मृतक का राशन कार्ड, वोटर आइडी कार्ड से नाम कटवाने में |
  • मृतक की पत्नी की विधवा पेंशन चालू करवाने में |
  • जमीन या जायदाद से संबंधित कार्य आदि |
  • LIC से पैसा प्राप्त करने के लिए |
  • मृतक की पत्नी या बच्चों के द्वारा सरकारी योजनाओ का लाभ प्राप्त करने के लिए |

राजस्थान मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज:-

  • मृतक की जिस दिन मृत्यु हुई है उस दिन की दिनांक
  • मृतक का जन आधार कार्ड
  • जिस व्यक्ति की मृत्यु हुई है उसका आधार कार्ड
  • मृतक के पिता का आधार कार्ड
  • वोटर आइडी कार्ड
  • मृतक का निवास से संबंधित प्रमाण पत्र
  • मोबाईल नंबर आदि |

राजस्थान मृत्यु प्रमाण पत्र हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:-

  • राजस्थान मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाने के लिए सबसे पहले आपको राजस्थान आर्थिक सांख्यिकी निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट https://pehchan.raj.nic.in/pehchan1/MainPage.aspx पर जाना होगा |
Rajasthan Death Certificate
  • आधिकारिक वेबसाइट खुलने के बाद “आमजन आवेदन करें” का विकल्प दिखाई देगा | इस पर क्लिक करें |
  • विकल्प पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज ओपन होगा |
  • इस पेज में आपको “आवेदन हेतु दिशा निर्देश” दिए होंगे | इसके निचे आपको “मृत्यु प्रपत्र के लिए” का विकल्प दिखाई देगा | इस विकल्प को सेलेक्ट करें |
  • अब आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर मृत्यु रिपोर्ट (प्रपत्र संख्या – 2) खुल जाएगा |
Rajasthan Death Certificate
  • यहाँ आपको “नए आवेदन हेतु” को सेलेक्ट करके “कोड डालकर” प्रवेश करें पर क्लिक करें |
  • क्लिक करने के बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर मृत्यु प्रमाण पत्र का पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा |
  • पंजीकरण फॉर्म में पूछी गयी सभी आवश्यक जानकारी को दर्ज करके “इंद्राज करें” पर क्लिक करें |
  • इस प्रकार आप मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हो.

राजस्थान मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया:-

  • सर्वप्रथम आपको राजस्थान मृत्यु-प्रमाण पत्र आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा |

https://onlinegyanpoint.in/wp-content/uploads/2021/06/Rajasthan-Death-Certificate-Registration-Form-PDF.pdf

  • फॉर्म आपको राजस्व विभाग या ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर डाउनलोड कर सकते है |
  • आपकी सुविधा के लिए इस लेख में हमने Rajasthan Death Certificate Application Form PDF की लिंक प्रदान की है |
  • लिंक पर क्लिक करके आप फॉर्म को डाउनलोड और प्रिंट कर लें |
  • अब फॉर्म में पूछी गयी समस्त जानकारी जैसे: मृतक का नाम, पता, उम्र, मृत्यु का कारण आदि दर्ज करें |
  • फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें |
  • अब पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन फॉर्म को राजस्व विभाग/नगर पालिका/नगर निगम में जाकर जमा करा दें |
  • इस प्रकार आप ऑफलाइन आवेदन कर सकोगे |

राजस्थान मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन स्थिति और सर्टिफिकेट डाउनलोड कैसे करें:-

  • मृत्यु प्रमाण-पत्र की स्थिति और सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए राजस्थान सिविल रजिस्ट्रेशन प्रणाली (पहचान पोर्टल) की ऑफिसियल वेब पोर्टल https://pehchan.raj.nic.in/ पर जाना होगा |
Rajasthan Death Certificate
  • ऑफिसियल वेबसाइट खुलने के बाद होम पेज पर आपको “डाउनलोड सर्टिफिकेट” का ऑप्शन दिखाई देगा | इस पर क्लिक करें |
  • ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज ओपन होगा |
  • यहाँ आपको घटना के विकल्प में से मृत्यु को सेलेक्ट करें |
  • इसके बाद आपको पंजीकरण संख्या या मोबाइल नंबर में से किसी एक ऑप्शन का चुनाव करना है |
  • इसके बाद आपको पंजीकरण संख्या डालकर खोजे के बटन पर क्लिक करें |
  • अब आप मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते है |

काशी-ज्ञानवापी मस्जिद केस: जानें काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद का क्या विवाद है

Gyanvapi Masjid ka kya mamla hai:-वाराणसी का ज्ञानवापी मस्जिद विवाद (Gyanvapi Masjid Controversy) इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है | अदालत के आदेश पर अब इस परिसर में सर्वे व वीडियोग्राफी की जा रही है | इस सर्वे को लेकर एक पक्ष को काफी आपत्ति है और वह अपनी आपत्ति लगातार जता भी रहा है |

दोनों ही पक्षों को अपने-अपने दावे और अपने-अपने तर्क हैं | पूरे देश की निगाहें अब इस सर्वे पर टिकी हुई है | अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ होने के बाद से ज्ञानवापी मस्जिद का मामला भी लगातार उठ रहा है | आम मान्यता ये है कि इस ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण मंदिर को तोड़कर किया गया था और इसी आधार पर हिन्दू पक्ष इसपर अपना दावा जता रहा है |

Gyanvapi Masjid

ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर क्या दावे हैं:-

ज्ञानवापी मस्जिद बनारस की एक बेहद पुरानी मस्जिद है | इस मस्जिद को लेकर भी इतिहासकारों और दोनों पक्षों के लोगों के अलग-अलग दावे हैं | सबसे सामान्य और प्रचलित मान्यता ये है कि इस मस्जिद का निर्माण सन् 1664 में मुगल शासक औरंगजेब ने करवाया |

यह भी कहा जाता है कि इस मस्जिद के बनने से पहले यहां मंदिर हुआ करता था और औरंगजेब ने वह मंदिर ध्वस्त कर उसके अवशेषों का इस्तेमाल कर इस मस्जिद का निर्माण करवाया |

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण मुगल शहंशाह अकबर के जमाने में यानी 1585 में हुआ | अकबर ने दीन-ए-इलाही नाम से एक मज़हब की शुरुआत की थी और ये मस्जिद उसी धर्म के तहत बनवाई गई थी |

विश्वनाथ मंदिर को लेकर क्या दावे हैं:-

मंदिर के संबंध में दावा यह है कि यहां प्राचीन काल से भगवान विश्वेश्वर का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग स्थापित है | सम्राट विक्रमादित्य ने इसके आसपास मंदिर का निर्माण किया | इसके बाद अकबर के शासनकाल में उनके दरबार के नवरत्नों में शामिल राजा टोडरमल ने इस मंदिर को भव्य रूप दिया |

लेकिन औरंगजेब ने अपने शासनकाल में इस मंदिर को तोड़े जाने के आदेश दिए | औरंगजेब के इस आदेश का जिक्र उसी काल में लिखी गई मशहूर किताब मआसिर-ए-आलमगीरी में है | ये किताब अरबी भाषा में साकी मुस्तैद खान ने लिखी है | इसकी ओरिजनल कॉपी आज भी कोलकाता की एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल में मौजूद है |

कहा जाता है कि मंदिर का एक हिस्सा नहीं तोड़ा गया और औरंगजेब के बाद इस हिस्से में पूजा-अर्चना जारी रही | जबकि मंदिर से सटी हुई जगह पर ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण कर दिया गया | 

इसके बरसों बाद इंदौर की महारानी देवी अहिल्याबाई होल्कर ने 1735 में यानी करीब सवा सौ साल के बाद यहां फिर से मंदिर का निर्माण किया | मंदिर का वर्तमान स्वरूप उसी काल का बताया जाता है | लेकिन दावा ये भी है कि विवादित ढांचे के नीचे एक विशाल स्वयंभू शिवलिंग है |

कैसे हुई इस विवाद की शुरुआत:-

यह मामला पिछले 3 दशक से ज्यादा समय से अदालत में चल रहा है | हिंदू पक्ष की ओर से दायर याचिका के मुताबिक अंग्रेजों ने साल 1928 में पूरे मामले का अध्ययन कर ये जमीन हिंदुओं को सौंप दी थी | इस आधार पर यह पक्ष ज्ञानवापी परिसर पर अपना हक मांग रहा है |

साल 1991 में सोमनाथ व्यास, रामरंग शर्मा और हरिहर पांडेय ने वादी के तौर पर प्राचीन मूर्ति स्वयंभू भगवान विशेश्वर की ओर से अदालत में मुकदमा दायर किया | इसके बाद मस्जिद कमेटी ने Places of Worship Act, 1991 का हवाला देकर इस दावे को चुनौती दी | 1993 ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इसे संबंध में स्टे दे दिया और यथास्थिति कायम रही |

अब ये प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट क्या है:-

1991 में केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार थी | उनकी सरकार में ये कानून लाया गया था | ये कानून कहता है कि 15 अगस्त 1947 से पहले जो धार्मिक स्थल जिस रूप में था, वो उसी रूप में रहेगा | उसके साथ छेड़छाड़ या बदलाव नहीं किया जा सकता |

चूंकि अयोध्या विवाद का मामला आजादी से पहले से कोर्ट में चल रहा था, इसलिए इसे छूट दी गई थी | लेकिन ज्ञानवापी मस्जिद और शाही ईदगाह मस्जिद पर ये लागू होता है. 
इस कानून में साफ है कि आजादी के समय जो धार्मिक स्थल जैसा था, वो हमेशा वैसा ही रहेगा | उसके साथ कोई बदलाव नहीं हो सकता. इसमें ये भी है कि अगर कोई ऐसा करता है तो उसे एक से तीन साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है |

इन फोटोज़ में Vaani Kapoor वीकेंड का इंतजार करते हुए अलग अंदाज में दिखीं आप भी देखे!

Vaani Kapoor Photos: वाणी कपूर इंस्टाग्राम में फोटो साझा करते हुए कैप्शन लिखा “Weekend I See You” इस पोस्ट में वो अपने प्रसंसको को अपनी ओर आकर्षित कर रही है उनका ये मनमोहक अंदाज देख कर के लोगो के कमैंट्स रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

Vaani Kapoor के प्रसंसक भी काफी तारीफ करते नजर आ रहे हैं। एक किसी ने लिखा ‘ U Look Preety Ur Smile Priceless ‘ , इसी पोस्ट में राशि खन्ना ने भी कमेंट करते होते लिखा “Cutie!!!”

वाणी कपूर को एक अभिनेता होने में मजा आता है। यह एक ऐसा काम है जो खुशी और चुनौतियों को समान रूप से लाता है, कुछ ऐसा जो उसे बहुत संतोषजनक लगता है। लेकिन, चंडीगढ़ करे आशिकी के अभिनेता ने यह भी स्वीकार किया कि एक होने के नाते अपने हिस्से के दबाव आते हैं – उनमें से एक हर समय एक निश्चित तरीके से देखने की आवश्यकता है।

लेकिन, वह इसे अपने काम को प्रभावित नहीं होने देती, क्योंकि वह आध्यात्मिक रूप से इच्छुक होने के बारे में भी खुलती है, और खुद पर और “अविस्मरणीय सिनेमा” का हिस्सा बनने के अपने सपने पर विश्वास करती है। एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में, फिटनेस के प्रति उत्साही ने अपने वर्कआउट, डाइट, स्टाइल और त्वचा के कायाकल्प के लिए शपथ ग्रहण के बारे में भी बात की।

वाणी कपूर ने कहा की “ मुझे कपड़े और जूते खरीदना पसंद है। मैं अपनी त्वचा और बालों की देखभाल करती हूं और उनकी देखभाल के लिए खाली समय देती हूं। मुझे अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करना भी पसंद है।

मेरी राय में, हर हेयर स्टाइल एक अनुभव है। हेयरस्टाइल की तरह, मैंने स्ट्रीक्स प्रोफेशनल के कैलिडोस्कोप कलेक्शन शोकेस के लिए रैंप पर स्पोर्ट किया। स्ट्रीक्स प्रोफेशनल होल्ड एंड प्ले फंकी कलर के क्रेजी वायलेट का उपयोग करके बनाए गए टेक्सचर्ड बैंग्स ने मेरे व्यक्तित्व को एक अतिरिक्त बढ़त दी।“

और बताया की मैं वेट ट्रेनिंग और कई बार पिलेट्स करती हूं। मैं सही खाता हूं और दिन भर खुद को हाइड्रेट रखता हूं। मैं न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी फिट रहने के विचार में विश्वास करता हूं। अपने दिमाग को प्रशिक्षित करना सीखना महत्वपूर्ण है और शरीर इसका पालन करेगा।

जब उनसे फेस की देखभाल के बारे में पूछा गया तो बताया मुझे लगता है कि मेरी मां इस पर सबसे अच्छी सलाहकार हैं। वह कई होममेड पैक और क्रीम बनाती है, और वे काम करती हैं जैसे फ्लैक्स सीड जेल (इसके बचे हुए उबले पानी का उपयोग करके) ग्लिसरीन और बेकिंग सोडा के साथ त्वचा को फिर से ग्लो करने के लिए।

वाणी कपूर ने अपने करियर को लेकर कहा मैं आध्यात्मिक रूप से अधिक इच्छुक हूं। बेशक, आपकी सफलता जोर से होती है, लेकिन आपकी असफलताएं किसी तरह और भी तेज हो जाती हैं! लेकिन दिन के अंत में, आपके पास सही दृष्टिकोण और दृढ़ विश्वास और कृतज्ञता के साथ सब कुछ है बस खुद पर और अपने सपनों पर विश्वास करते रहें।