पनामा पेपर्स लीक: जानिये, क्या है पनामा पेपर लीक मामला

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पनामा पेपर्स लीक:- Panama paper leak in hindi

पनामा पेपर एक अंतर्राष्ट्रीय रूप से किया गया भ्रष्टाचार है, जिसका खुलासा लगभग 11.5 मिलियन डॉक्यूमेंट फाइल के लीक होने से हुआ था | यह फाइल पमाना स्थित एक अपतटीय मोस्सक फोंसेका फर्म से सम्बंधित थी |

इस कंपनी ने कई देशों के लोगों को टैक्स बचाने में ग़ैर कानूनी रूप से मदद की थी | साथ ही यहाँ से काफी मात्रा में मनी लौन्ड्रिंग भी हुई थी |

इसी वजह से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीज़ को इस्तीफा भी देना पड़ा था । पनामा पेपर्स के नाम से लीक हुए इन दस्तावेजों को सामने लाने में मुख्य भूमिका अमेरिका स्थित एक एनजीओ और खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय महासंघ (ICIJ) की थी |

Latest Update:

दुनिया के बहुचर्चित पनामा पेपर्स मामले में बच्चन परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं | 20 दिसंबर 2021 को बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय की दिल्ली के लोकनायक भवन में ED के सामने पेश होंगी | सूत्रों के मुताबिक ED के अधिकारियों ने सवालों की लिस्ट पहले से ही तैयार कर ली है |

दरअसल पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी | ED के अधिकारी देश की कई बड़ी हस्तियों को जांच में शामिल कर चुके हैं |

इसी कड़ी में एक महीने पहले अभिषेक बच्चन भी ED कार्यालय में पहुंचे थे | वे कुछ दस्तावेज भी ED अधिकारियों को सौंपे चुके हैं | ED सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में उनके पिता अमिताभ बच्चन को भी ED नोटिस देकर बुलाने वाली है |

पनामा पेपर लीक क्या है:-

पनामा दस्तावेज़ पानामनियन कंपनी मोसेक फोनसेका द्वारा इकट्ठा किया हुआ 1 करोड़ 15 लाख गुप्त फाइलों का भंडार है | इनमें कुल 2,14,000 कंपनियों से सम्बन्धित जानकारियां है | इसमें उस कंपनी के निर्देशक आदि की जानकारी भी है |

यह अब तक पाँच देशों के नेताओं के बारे में बता चुका है, जिसमें अर्जेंटीना, आइसलैंड, सऊदी अरब, यूक्रेन, सयुंक्त अरब अमिरत है | इसके अलावा यह 40 देशों के सरकार से जुड़े आदि लोगों के बारे में भी बता चुका है, इसमें ब्राज़ील, चीन, पेरु, फ्रांस, भारत, मलेशिया, मेक्सिको, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, रूस, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, सीरिया और ब्रिटेन है |

पनामा पेपर्स लीक मामले में पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था, पनामा खुलासे में शरीफ के अलावा कई फिल्मी और खेल जगत की हस्तियों समेत करीब 140 लोगों की संपत्ति का भी खुलासा हुआ था | दस्तावेजों के खुलासे में 500 भारतीयों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आई थी |

पनामा : एक छोटा-सा देश है जिसकी जनसंख्या सिर्फ 40 लाख है | पनामा की राजधानी का नाम पनामा नगर है | पनामा स्पेन का उपनिवेश हुआ करता था | पनामा की मुद्रास्फीति नीची है और यह अपनी मुद्रा के रूप में अमरीकी डॉलर का इस्तेमाल करता है |

लीक किस तरह से हुआ पनामा पेपर:-

कुछ वर्ष पहले किसी अनजान और गुमनाम व्यक्ति ने एक जर्मन समाचार एसज़ेड से संपर्क बनाया था और इसी ने सभी इस ऑफशोर लॉ फर्म से आतंरिक गोपनीय दस्तावेज़ निकाल कर इस समाचार पत्र के हवाले कर दिया | यहीं से सारी जानकारियाँ विश्व भर की मीडिया में फ़ैल गयी | इसके अंतर्गत देश विदेश के कई बड़े बड़े नाम शामिल हैं, जिसका खुलासा धीरे धीरे हो रहा है |

पनामा लीक डाटा का विषय:-

इस डेटा में मुख्यतः ईमेल, विभिन्न तरह के पीडीऍफ़, फोटो फाइल तथा कंपनी के आतंरिक डेटाबेस का अंश मौजूद था, इसमें पाए गये दस्तावेजों के अनुसार यह पता चला कि विभिन्न बड़े बैंकों, लीगल फर्म और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा संचालित यह ऑफशोर कंपनी कैसे विश्व के बड़े और पैसे वाले नाम जैसे राजनेताओं, फीफा ऑफिसियल, कई ड्रग स्मगलर, खिलाड़ी आदि के कालेधन को अश्रय दे रही थी |

यह लीक कितनी बड़ी थी:-

यह लीक विश्व इतिहास में हुए किसी भी लीक से बड़ी और अब तक की सबसे बड़ी लीक थी | इसमें कम से कम 11.5 मिलियन डॉक्यूमेंट, जिसकी साइज़ 2.6 टेट्रा बाईट थी मौजूद थी | इसके अंतर्गत कई तरह की लीक जैसे विकिलीक्स, ऑफशोर लीक, लक्स लीक, स्विस लीक आदि भी सम्मिलित है |

  • पनामा पेपर लीक (2016) : 2.6 टीबी
  • ऑफशोर सीक्रेट लीक (2013) : 260 जीबी
  • स्विस लीक (2015) : 3.3 जीबी
  • विकीलीक (2010): 1.7 जीबी

पनामा पेपर लीक में शामिल बड़े नाम:-

जिन 143 राजनेताओं के बारे में इसमें जिक्र किया गया है उनमें से 12 तो अपने देशों के राष्ट्राध्यक्ष हैं | उनके परिवार व नजदीकी लोग इससे जुड़े हैं | पनामा पेपर लीक में विश्व भर के कई नाम सामने आये | हालाँकि यह नाम अभी पूरे नहीं हुए हैं | पनामा पेपर लीक के अंतर्गत निकले विशेष नाम है |

  • अर्जेंटीना के फुटबॉलर लिओनेल मेस्सी
  • हांगकांग के विश्वप्रसिद्ध जैकी चैन
  • अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिसियो मार्की
  • यूनाइटेड अरब अमिरात के खलीफा बिन ज़ायेद एल नहयान
  • युक्रेन के पेत्रोपोरोशेनको
  • चीन के जाने माने नेता जाई जिनपिंग के साले
  • ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री डेविड कैमरन के पिता

इनके अतिरिक्त भी कई लोगों के नाम अब तक इस लीक्स में आगे आये हैं | जांच में जो डेटा सामने आया वह साल 1977 से लेकर 2015 तक लगभग 40 सालों का है | पनामा स्थित लॉ फर्म मोसाक फॉन्सेका से लीक हुए इन दस्तावेजों को लेकर दावा किया जा रहा है कि इनमें जिन 500 भारतीय हस्तियों के नामों का जिक्र है |

भारत से – भारत से लगभग 500 लोगों के नाम इस लीक्स के अंतर्गत लोगों के सामने आये हैं, जिनमें कुछ प्रमुख नाम निम्न हैं।

  • अमिताभ बच्चन
  • ऐश्वर्या राय बच्चन
  • के पी सिंह
  • राजनेता शिशिर बाजोरिया और अनुराग केजरीवाल
  • डॉन इकबाल मिर्ची
  • अडानी ब्रदर्स
  • इंडिया बुल्स के समीर गहलोत

आईसीआईजे ने 10 मई 2016 को कर चोरी के सुरक्षित ठिकाने माने जाने वाले देशों में कंपनियां रखने से जुड़ी ‘पनामा पेपर्स’ की विस्तृत जानकारी प्रकाशित की थी | इसमें हजारों दस्तावेज ऐसे हैं, जो भारत के लगभग 2000 लोगों, कंपनियों और पतों से जुड़े हैं | आईसीआईजे ने नेवादा से हांगकांग तक और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में स्थापित लगभग 2.14 लाख विदेशी इकाइयों की गोपनीयता को उजागर करके रख दिया था |

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