हरियाणा में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले मनोहर लाल खट्टर का जीवन परिचय

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Manohar Lal Khattar:-

मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिज्ञ और हरियाणा के 10 वें मुख्यमंत्री हैं | वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व प्रचारक हैं | वह हरियाणा विधानसभा में करनाल निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, और 2014 के हरियाणा विधान सभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी |

वहीँ हरियाणा विधान सभा चुनाव 2019 में 27 अक्टूबर 2019 को जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर एक बार फिर राज्य में अपनी सरकार बनाई और दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली | मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को दूसरे कार्यकाल के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली वे राज्य में भाजपा-जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे | मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी तरलोचन सिंह के खिलाफ करनाल सीट से 45,188 मतों के अंतर से अपनी जीत बरकरार रखी |

मनोहर लाल खट्टर का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:-

Manohar Lal Khattar

मनोहर लाल खट्टर का जन्म 1954 में निंदाना गांव में हुआ था | मनोहर लाल खट्टर के दादा भगवानदास खट्टर बंटवारे के समय पाकिस्तान से आए थे | बंटवारे के बाद भारत आने के बाद उनके दादा और पिता हरबंसलाल खट्टर को शुरुआती दिनों में मजदूरी करनी पड़ी | उसके बाद उन्होंने गांव में एक दुकान खोल ली | इसके बाद उन्होंने पड़ोस के बनियाना गांव आकर जमीन ली और खेती करने लगे |

खट्टर ने पंडित नेकी राम शर्मा गवर्नमेंट कॉलेज, रोहतक से मैट्रिक (हाई स्कूल का अंतिम वर्ष) पूरा किया | इसके बाद वे दिल्ली चले गए, और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री पूरी करते हुए सदर बाज़ार के पास एक दुकान चलायी | उन्होंने अपना सारा समय RSS के लिए काम करने के लिए अविवाहित रहने का फैसला किया |

मनोहर लाल खट्टर का राजनीतिक करियर:-

वर्ष 1977 में खट्टर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में शामिल हुए और तीन साल बाद पूर्णकालिक प्रचारक बन गए | प्रचारक के रूप में, उन्होंने आजीवन कुंवारा रहने का फैसला किया | उन्होंने 1994 में बीजेपी में शामिल होने से पहले 14 साल तक पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में काम किया |

वर्ष 2000-2014 के दौरान, खट्टर हरियाणा में भाजपा के संगठनात्मक महासचिव थे | वह 2014 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा की हरियाणा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष थे | इसके बाद, वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य बन गए |

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वर्ष 2014 में, खट्टर को हरियाणा विधान सभा चुनाव 2014 के लिए करनाल निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था | करनाल में पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया, जिसमें पार्टी नेतृत्व को उनके बजाय एक स्थानीय उम्मीदवार को मैदान में उतारने के लिए कहा | उनके प्रतिद्वंद्वी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार और दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने खट्टर पर आरोप लगाया कि वे करनाल के मूल निवासी नहीं हैं | लेकिन मोदी लहर ने श्री खट्टर को भारी अंतर से चुनाव जीतने में मदद की |

चुनावों में, भाजपा को पहली बार हरियाणा में बहुमत प्राप्त हुआ और खट्टर ने अपना पहला चुनाव 63,736 मतों के अंतर से जीता | एक पार्टी की बैठक के दौरान, उनका नाम हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष राम बिलास शर्मा द्वारा हरियाणा के मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया गया था, 26 अक्टूबर 2014 को उनके शपथ ग्रहण समारोह के बाद वे हरियाणा के भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने |

27 अक्टूबर 2019 को, हरियाणा विधान सभा चुनाव 2019 में दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने के बाद खट्टर ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली |

Manohar Lal Khattar से जुड़े विवाद:-

उन्होंने एक बार गोमांस के मुद्दे पर टिप्पणी की थी जिसकी वजह से उनकी काफी आलोचना हुई थी, उन्होंने लिखा था कि: “मुसलमान भारत में रह सकते हैं, लेकिन उन्हें गोमांस खाना बंद करना होगा”।

इस बयान के बाद भाजपा पार्टी ने तत्काल कहा कि ‘पार्टी के साथ इसका कोई लेना देना नहीं है और यह उनका व्यक्तिगत विचार है।’ अपने बयान के 24 घंटों के भीतर उन्होंने अपना बयान बदल लिया, और उन्होंने कहा कि मैं लोगों की भावनाओं को चोट नहीं पहुंचना चाहता और मैं इसके लिए माफी चाहता हूं।’

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