क्या बैन होने के बाद भी Tik Tok को डाउनलोड किआ जा सकता है?

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क्या Tik Tok को डाउनलोड किआ जा सकता है?
Is it possible to download after ban in hindi

सरकार ने टिक टॉक सहित 59 चाइनीज ऐप्स को भारत में बैन कर दिया है। लेकिन आप भी जानते होंगे और नहीं जानते तो आपको बता दें की इन ऐप्स में सबसे ज्यादा फेमस ऐप जो थी वो थी, Tik Tok और ये भारत में बहौत ज्यादा पॉपुलर ऐप थी।

आपको बता दें की सरकार ने ऐप्स को गूगल प्लाट स्टोर और एप्पल स्टोर से भी डिलीट कर दिया है। और इसको अब कोई भी इनसे डाउनलोड नहीं कर सकता है। लेकिन क्या और कोई भी रास्ता है? क्या Tik Tok को डाउनलोड किआ जा सकता है? तो आइए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

आपको यह भी बता देते हैं कि देश की जनता भी इस फैसले के लिए काफी समय से मांग कर रही थी। अब जाकर आज केंद्र सरकार यानी Modi सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, आपको बता देते हैं कि देश में टिकटोक के साथ साथ UC Browser और जाने माने कई चीनी एप्स (Chinese Apps) के साथ साथ 59 अन्य चीनी एप्स (Chinese Mobile Apps) को भी बैन कर दिया गया है।

क्या Tik Tok को डाउनलोड किआ जा सकता है?

तो इसका जवाब है की हैं, इसे लोग अभी भी ये थर्ड पार्टी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां से लोग इसे डाउनलोड कर रहे हैं, और इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल आपके लिए अच्छा नहीं होगा।

अगर कोई इन बैन हुई ऐप्स को डाउनलोड करना चाहता है, तो वो इनको थर्ड पार्ट वेबसाइट से इन ऐप्स की APK फाइल को डाउनलोड कर सकते हैं। लेकिन हम आपको बता दें की आप APK फाइल को डाउनलोड तो कर लेंगे, लेकिन आप अपने लिए परेशानी मोल ले सकते हैं, इनको डाउनलोड करके।

ये तो वेबसाइट होती हैं, जहाँ से APK फाइल को लोगों को डाउनलोड करने के लिए दिया जाता है, वहां पर इनसब ऐप्स का गलत इस्तेमाल भी किआ जाता है, इन APK फाइल को आपके फ़ोन में इनस्टॉल करवा कर आपके फ़ोन के डाटा को चोरी भी किआ जा सकता है।

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सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं सवाल।

कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि कि क्या इन ऐप पर बैन परमानेंट होगा या कुछ वक्त के लिए. हालांकि, सरकार ने इन ऐप से देश की रक्षा, सुरक्षा और निजता को खतरा बताया है, ऐसे में आगे क्या इनसे बैन हटाया जा सकता है ये अनुमान थोड़ा मुश्किल है. लेकिन मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर पिछले साल कुछ दिन के लिए टिकटॉक पर बैन लगाया गया था, लेकिन कोर्ट का आदेश हटते ही ऐप वापस आ गया था.

सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लोगों से इन ऐप्स को अनइंस्टॉल करने की अपील नहीं की गई है. जिन लोगों के मोबाइल पर ये ऐप्स इंस्टॉल्ड हैं, वे तब तक मौजूद रहेंगे जब वे उन्हें मैनुअली नहीं हटाएंगे. हालांकि,ऐप स्टोर से हट जाने के बाद वे अपने स्मार्टफ़ोन में इस्टॉल किए गए ऐप्स को अपडेट नहीं कर पाएंगे.

क्यों बैन किए गए चाइनीज ऐप्स?

सरकार की ओर से इन ऐप्स को बैन करने का फैसला इसलिए किया गया, जिससे ये देश के नागरिकों का डेटा ऐक्सेस ना कर सकें और उसका गलत इस्तेमाल ना किया जाए। भारत सरकार की एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम CERT-In की ओर से भी कहा गया था कि कई ऐप्स में यूजर्स की निजता का हनन जैसे मामले देखने को मिले हैं। इसके अलावा इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर और होम मिनिस्ट्री की ओर से भी इन मैलिशस ऐप्स को ब्लॉक करने के लिए कहा गया था।

चाइनीज ऐप्स पर इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी ऐक्ट के 69A सेक्शन और इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी (पब्लिक इन्फॉर्मेशन का ऐक्सेस सुरक्षा की दृष्टि से ब्लॉक करने से जुड़े) नियम, 2009 के तहत कार्रवाई की गई है।

बैन किए गए ऐप्स की लिस्ट में पॉप्युलर टिकटॉक, शेयरइट, यूसी ब्राउजर, बायदू मैप, हैलो, लाइक, मी कम्युनिटी, क्लब फैक्ट्री, यूसी न्यूज, वीबो, मी विडियो कॉल-शाओमी, वीवो विडियो, क्लीन मास्टर और कैम स्कैनर जैसे ऐप्स शामिल हैं, जिनके लाखों डाउनलोड्स हैं।

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