उत्तर प्रदेश सरकार ने UP Varasat Abhiyan 2020 कि शुरुआत की

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UP Varasat Abhiyan

UP Varasat Abhiyan 2020:-

उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश वरासत अभियान 2020 (UP Varasat Abhiyan 2020) शुरू किया गया है | यह उत्तराधिकारी अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू किया गया है यह अभियान अपनी तरह का पहला अभियान है और वर्तमान में 15 दिसंबर 2020 से 15 फरवरी 2021 तक चलाया जाएगा|

उत्तर प्रदेश वरासत अभियान 2020 (UP Varasat Abhiyan 2020) लागू ऑनलाइन प्रक्रिया वर्तमान में भूमि / संपत्ति रिकॉर्ड के update के लिए चल रही है | यह उत्तरप्रदेश वरासत योजना प्राकृतिक उत्तराधिकार अभियान के एक भाग के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी मुद्दों को समाप्त करेगी | आज हम जानेंगे कि कैसे वरासत / उत्तराधिकारी ड्राइव के लिए आवेदन करें, लेखपाल लॉगिन करें, स्टेटस चेक करें, rc प्रपत्र को http://vaad.up.nic.in/ पोर्टल पर भेजें |

UP Varasat Abhiyan 2020 का उद्देश्य:-

उत्तर प्रदेश वरासत अभियान 2020 (UP Varasat Abhiyan 2020) का उद्देश्य भूमि और संपत्ति के “विराट” के नाम पर ग्रामीणों के शोषण को खत्म करना है | उत्तर प्रदेश में यह उत्तराधिकारी अभियान लंबे समय से लंबित भूमि विवादों को समाप्त करेगा | इसके अलावा, राजस्व विभाग के उत्तराधिकारी अभियान ने भू-माफियाओं पर भी अंकुश लगाया, जो आम तौर पर ग्रामीण इलाकों में विवादित भूमि को निशाना बनाते हैं | यूपी उत्तराधिकारी / वरासत अभियान ऑनलाइन प्रक्रिया आमतौर पर आधिकारिक वेबसाइट http://vaad.up.nic.in/index2.html पर उपलब्ध है |

भूमि / संपत्ति रिकॉर्ड को online update करने में वरासत अभियान की भूमिका:-

नया वरासत अभियान राज्य के 1,08,000 राजस्व गांवों में वर्षों से लंबित मामले को निपटाने वाला है | ग्रामीणों को यह भी लगता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा 15 दिसंबर 2020 को शुरू किया जाने वाला वरासत (उत्तराधिकारी) अभियान, न केवल भूमि विवाद को समाप्त करने में मदद करेगा, बल्कि “Lekhpals” के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पर भी लगाम लगाएगा |

Lekhpal Login in UP Varasat Abhiyan:-

UP Varasat Abhiyan 2020

भूमि विवादों को संभालने के दौरान आमतौर पर लेखपाल गैर जिम्मेदाराना व्यवहार दिखाते हैं | लेखपाल आमतौर पर इन मामलों में दिलचस्पी नहीं लेते हैं और भूमि विवाद के प्रति अनभिज्ञ हैं | हर साल, गांवों में भूमि / संपत्ति विवाद से संबंधित बहुत बड़ी संख्या में शिकायतें होती हैं | इस तरह के विवादों का मुख्य कारण लेखपाल के स्तर पर है जो भूमि के मामलों पर समय पर निर्णय नहीं लेते हैं और आम तौर पर भूमि से संबंधित मुद्दों के प्रति अनभिज्ञ होते हैं | इसके कारण, ग्रामीण अपने कार्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं और बहुत कठिनाई और प्रयासों के बाद भी उनका नाम सरकारी दस्तावेजों में दर्ज नहीं हो पाता है |

इस कठिन प्रक्रिया के कारण, कई ग्रामीणों ने वरासत के विचार को छोड़ दिया है | यहां तक ​​कि अधिकांश ग्रामीणों, आमतौर पर किसानों को बैंकों से ऋण नहीं मिलता है | यहां तक ​​कि अधिकांश ग्रामीणों, आमतौर पर किसानों को बैंकों से ऋण नहीं मिलता है | ऑनलाइन मोड के माध्यम से लेखपाल लॉगिन की आवश्यकता यूपी उत्तराधिकारी अभियान में है, लेकिन उनके निर्दिष्ट कार्यालयों में नहीं | लेखपाल अब सत्यापन के लिए लोगों के घर आएंगे |

15 दिसंबर से 30 दिसंबर तक होगी यह कार्रवाई:-

राजस्व या तहसील अधिकारियों की ओर से राजस्व ग्रामों में खतौनियों को पढ़ने की प्रक्रिया और लेखपाल की ओर से ग्रामवार कार्यक्रम बनाकर सर्वे कर वरासत के लिए प्रार्थनापत्र लेकर उन्हें ऑनलाइन करना | आवेदकों को स्वयं ऑनलाइन या जनसेवा केंद्र पर राजस्व परिषद के वेबसाइट के लिंक पर भी पंजीकरण करने की सुविधा |

31 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच होगी यह कार्रवाई:-

  • लेखपाल द्वारा दर्ज किए गए प्रकरणों या प्राप्त आवेदन पत्रों के संबंध में खुद स्थलीय और अभिलेखीय जांच के बाद विधिक उत्तराधिकारियों के नाम और विवरण के संबंध में अपनी स्पष्ट जांच आख्या पोर्टल पर अंकित करने की प्रक्रिया |
  • यदि वारिसान में कोई गलत विवरण अंकित है और लेखपाल उससे असहमत है तो उससे कारण का स्पष्ट उल्लेख करना होगा |
  • विवाद का स्पष्ट कारण अंकित करते हुए लेखपाल की ओर से आख्या राजस्व निरीक्षक को 5 कार्य दिवस में ऑनलाइन भेजी जाएगी |
  • सहमत होने पर लेखपाल सहमित का बट दबाकर अपनी बिंदुवार आख्या राजस्व निरीक्षक को अग्रसारित करेगा |

16 जनवरी से 31 जनवरी तक होगी यह कार्रवाई:-

ग्राम राजस्व समिति की खुली बैठक का आयोजन होगा | इस बैठक के लिए डीएम प्रचार-प्रसार करेंगे | खुली बैठक में आवेदन की ओर से भरे गए और लेखपाल की दी गई जांच आख्या का विवरण सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा | अगर कोई आपत्ति या वसीयत आदि की सूचना मिलती है तो प्राप्त सूचनाओं या आपत्तियों का पूरा विवरण अपनी ऑनलाइन आख्या में अंकित करते हुए यथानियम उत्तराधिकार संबंधि आदेश पारित करेगा | संबंधित प्रकरण में राजस्व निरीक्षक अपन स्वतः पूर्ण जांच आख्या की प्रविष्टि पोर्टल पर करने के बाद यथानियम आदेश पारित करेगा |

1 फरवरी से 15 फरवरी:-

यह सुनिश्चित किया जाना कि बिना विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होने से शेष नहीं है | डीएम, एडीएम, एसडीएम या दूसरे जनपत स्तरीय अधिकारियों की ओर से निर्विवाद उत्तराधिकार के सभी लंबित प्रकरणों को पूरा कराना सुनिश्चित किया जाएगा |

UP Virasat Scheme Online Update Land Records

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