Soil Health Card: सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम को भारत सरकार द्वारा वर्ष  2015 में देश के किसानो को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गयी है | इस योजना के अंतर्गत देश के किसानो की जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन करके एक अच्छी फ़सल प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी |

इस Soil Health Card Scheme के तहत किसानों को एक हेल्थ कार्ड दिया जायेगा, जिसमें किसानों के जमीन की मिट्टी किस प्रकार की है इसकी जानकारी (Farmers will be informed about the soil type of the land) दी जाएगी और किसान अपनी जमीन की मिटटी की गुणवत्ता के आधार पर अच्छी फसल की खेती कर सके |

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना 2022 :

केंद्र सरकार Soil Health Card प्रत्येक 3 साल में किसानों को प्रदान किया जाएगा। कार्ड किसानों को उनके खेतों की गुणवत्ता के अनुरूप प्रदान किया जाएगा जो कि 3 साल के लिए 1 बार होगा।

इस स्कीम के अनुसार सरकार का 3 साल के अंदर ही पूरे भारत में लगभग 14 करोड़ किसानों को यह कार्ड जारी (The objective is to issue this card to about 14 crore farmers in India.) करने का उद्देश्य है |

इस मृदा हेल्थ कार्ड में खेतों के लिए  पोषण/ उर्वरकों के बारे में बताया जाएगा | सॉइल हेल्थ कार्ड एक रिपोर्ट कार्ड है जिसमे मिट्टी के गुण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी |

मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना हाइलाइट्स:

योजना का नामसॉइल हेल्थ कार्ड योजना
इनके द्वारा शुरू की गयीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी
कब शुरू की गयीवर्ष 2015 में
उद्देश्यदेश के किसानो को लाभ पहुँचाना
विभागकृषि और किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार
ऑफिसियल वेबसाइटhttps://soilhealth.dac.gov.in/

जानें, क्या है सॉयल हेल्थ कार्ड योजना और इससे किसानों को लाभ :

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 75 लाख किसानों के खेत की मिट्टी की जांच का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नाम हर खेत- हर स्वस्थ खेत अभियान रखा गया है। इसके तहत राज्य के 140 ब्लॉक की कृषि योग्य भूमि की जांच की जाएगी।

इस अभियान में मिट्टी की जांच के बाद किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड प्रदान किए जाएंगे। इससे मिट्टी की गुणवत्ता का पता चलेगा और उसी आधार पर किसानों को खाद व उर्वरक डालने की सिफारिश की जाएगी। इससे बेहतर उत्पादन के साथ ही स्वस्थ उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह लक्ष्य 4 साल में पूरा कर लिया जाएगा। 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2022 का उद्देश्य:

इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानो को उनकी ज़मीन की अध्य्यन करके मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करना | जिससे किसान ज्यादा से ज्यादा खेती कर सके | किसानों को उनके खेतों की मिट्टी के स्वास्थ्य के अनुसार फसल लगाने  के लिए प्रोत्साहित करना है |

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2022  के ज़रिये मिट्टी की गुणवत्ता अनुसार फसल लगाने से फसल की उत्पादक क्षमता बढ़ेगी जिससे कि किसानों की आय भी बढ़ेगी और  खाद के उपयोग से मिट्टी के आधार और संतुलन को बढ़ावा देना है जिससे किसानों को कम कीमत में अधिक पैदावर मिल सके|

किसान विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे कार्ड :

मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस योजना के अंतर्गत अब किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड को विभाग की वेबसाइट से अपने फोन नंबर या मेरी फसल मेरा ब्यौरा का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर डाउनलोड कर सकेंगे।

इसके लिए हरियाणा कृषि विभाग की ओर से हर खेत-स्वास्थ खेत नाम से एक पोर्टल लांच किया गया है। इसी के साथ विभाग की ओर से मिट्टी का नमूना एकत्रित करने और उसका विशलेषण करने की पुस्तक का भी विमोचन किया गया है। 

मिट्टी के नमूनों का किया जाएगा रजिस्ट्रेशन :

कृषि विभाग द्वारा इस पोर्टल पर मिट्टी के लिए गए नमूनों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के समय किसान के मोबाइल पर एक एसएमएस आएगा जिसके जरिये आपको पता चलेगा कि आपके खेत की मिट््टी के लिए गए नमूने को जांच के लिए किस प्रयोगशाला में भेजा गया है।

मिट्टी जांच रिपोर्ट के आने के बाद किसान वही खाद या उर्वरक डालेंगे जिसकी सिफारिश इस कार्ड में की जाएगी। इससे किसानों का अनावश्यक रूप से खाद व उर्वरक डालने का खर्च बच जाएगा जिससे खेती की लागत में कमी आएगी। 

मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दर्ज होने वाली जानकारियाँ :

मृदा स्वास्थ्य कार्ड में मिट्टी से संबंधित कई जानकारी दर्ज की जाएगी जो इस प्रकार से हैं-

  • मिट्टी की सेहत
  • खेत की उत्पादक क्षमता
  • पोषक तत्व की मौजूदगी एवं पोषक तत्व की कमी
  • मिट्टी में नमी की मात्रा 
  • अन्य उपस्थित पोषक तत्व
  • खेतों की गुणवत्ता सुधारने हेतु उचित दिशा-निर्देश।

सॉयल हेल्थ कार्ड बनवाने के लाभ :

सॉयल हेल्थ कार्ड बनवाने से किसानों को जो लाभ होंगे, वे इस प्रकार से हैं-

  • सॉयल हेल्थ कार्ड से किसानों को उनकी खेत की जमीन या मिट्टी की पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है । जिससे वह अपनी जमीन पर किसानी कर पैदावार को बढ़ा सकते हैं।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसान को यह भी बताया जाएगा कि उनकी जमीन के ऊपर किस प्रकार के खाद का प्रयोग किया जाएगा और इस खाद की मात्रा कितनी रखनी हैं।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों की जमीन का परीक्षण किया जाता है। इसके बाद खेत में मिट्टी के विषय में संपूर्ण जानकारी किसान को उपलब्ध कराई जाती है।
  • जो किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का लाभ लेता है और उसके तहत बताई गई प्रक्रिया का पालन करके खेती करता है तो उसे कम लागत पर बेहतर उत्पादन और स्वास्थ उत्पादन प्राप्त हो सकता है। 

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम 2022 कैसे काम करता है ?

  • सर्वप्रथम अधिकारी आपके खेत की मिट्टी के सेम्पल को इकठ्ठा करेंगे |
  • इसके बाद मिट्टी को परीक्षण के लिए लेबोरेटरी में भेजा जायेगा |
  • वहां विशेषज्ञ मिटटी की जाँच करते हैं और मिटटी के बारे में सभी जानकारियाँ प्राप्त करते हैं।
  • इसके बाद वे विभिन्न मिट्टी के सैंपल की ताकत और कमजोरी की सूची बनायेंगे.
  • यदि मिट्टी में कुछ कमी है तो उसके सुधार के लिए सुझाव देंगे और उसकी एक सूची बनायेंगे |
  • उसके बाद इस रिपोर्ट को एक-एक करके किसान के नाम के साथ ऑनलाइन अपलोड किया जाता है |
  • जिससे की किसान अपने मिटटी का रिपोर्ट जल्द से जल्द देख सके और उनके मोबाइल पर भी इसकी जानकारी दी जाती है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लिए कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन :

यदि कोई किसान सॉयल हेल्थ कार्ड प्राप्त चाहता है तो इसके लिए सबसे पहले उन्हें सॉयल हेल्थ कार्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर अपनी खेत की मिट्टी का सैंपल देना होगा। प्रयोगशाला में जांच के बाद किसानों सॉयल हेल्थ कार्ड प्रदान किया जाएगा। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसकी प्रक्रिया इस प्रकार से हैं- 

  • सबसे पहले आपको सॉयल हेल्थ कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://soilhealth.dac.gov.in/ पर जना होगा।
  • यहां होम पेज पर सॉयल हेल्थ कार्ड लॉगिन वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा और अपना राज्य का चयन करना होगा।
  • राज्य का चयन करते ही और कंटिन्यू करते ही आपके सामने एक नया पेज खुल कर आ जाएगा। 
  • यहां पर आपको कुछ ऑप्शन देखने को मिलेंगे जैसे-सॉयल हेल्थ कार्ड लॉगिन, रजिस्टर न्यू यूजर, फोरगेट पासवर्ड।
  • अब यहां आपको सॉयल हेल्थ कार्ड न्यू रजिस्ट्रेशन के लिए आपको रजिस्टर न्यू यूजर के ऑप्शन का चयन करना होगा।
  • जैसे ही आप सॉयल हेल्थ कार्ड रजिस्टर न्यू यूजर का चयन करेंगे आपके सामने एक पेज खुलकर आएगा
  • यहां पर आपका स्टेट यानि राज्य पर टिक करना होगा और अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म कंप्लीट करना होगा।
  • इस ऑप्शन के अंतर्गत आपको अपना लॉगिन नेम, पासवर्ड बनाना होगा और यूजर लॉगिन एकाउंट डिटेल-यूजर रोल में आपको क्या-क्या करवाना है व दिख जाएगा उसका चयन करना होगा। जैसे कि जनरेट सॉयल हेल्थ कार्ड, सैम्पल रजिस्ट्रेशन, फर्टिलाइजर रिकमेेंडशन, लैब चार्जेज इत्यादि का चयन करना होगा।
  • दिए गए कैप्चा कोड को डाल सबमिट करना होगा।
  • इस तरह आपका सॉयल हेल्थ कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी जो जाएगी।

सॉयल हेल्थ कार्ड कैसे डाउनलोड करे :

यदि आपका सॉयल हेल्थ कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन और मिट्टी जांच हो जाती है तो इसकी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। इस रिपोर्ट को आप ऑनलाइन डाउनलोड करके देख सकते हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड करने की प्रक्रिया इस प्रकार से है-

  • सबसे पहले इसके आधिकारिक वेबसाइट https://soilhealth.dac.gov.in/ पर जाना होगा।  
  • यहां होम पेज पर फार्मर कार्नर के अंतर्गत आपको प्रिंट यूअर सॉयल हेल्थ कार्ड का ऑप्शन दिखाई देगा।  
  • प्रिंट यूअर सॉयल हेल्थ कार्ड ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपके सामने नया पेेज खुल जाएगा।
  • जहां पर सबसे पहले आपको अपने राज्य का चयन करना होगा और फिर कंटीन्यू के बटन पर क्लिक करना होगा। 
  • अब आपको यहां पर अपना राज्य, संबंधित जिला, गांव के साथ किसान अपना नाम, गांव ग्रिड नंबर, मिट्टी का सैम्पल नंबर दर्ज करना होगा। बता दें कि आपको सैम्पल नंबर तब दिया जाता है जब आप मिट्टी की जांच के लिए सैम्पल देते हैं।
  • इन सभी जानकारी को भरने के बाद आपको सर्च के बटन पर क्लिक करना होगा । जैसे ही आप सर्च करेंगे आपके सामने सॉयल हेल्थ कार्ड आ जाएगा।
  • इस सॉयल हेल्थ कार्ड को डाउनलोड और प्रिंट करके आपने पास रख सकेंगे।

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