आधार क्या है और इसका इतिहास क्या है

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Aadhaar kya hai aur iska itihaas kya hai :-

आधार (Aadhar) केंद्र सरकार द्वारा भारतीय नागरिकों को जारी किया जाने वाला 12 अंकों का अद्वितीय पहचान पत्र या पहचान संख्या है | यह UIDAI (Unique Identification Authority of India) द्वारा जारी और प्रबंधित किया जाता है |

UIDAI (Unique Identification Authority of India) एक statutory authority है जिसे Aadhaar Act 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 12 जुलाई 2016 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत स्थापित किया गया था | आधार अधिनियम 2016 के अंतर्गत, UIDAI आधार नामांकन और प्रमाणीकरण सहित Aadhar Life Cycle के सभी चरणों के संचालन और प्रबंधन, व्यक्तियों को आधार संख्या जारी करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीति बनाने, व्यक्तियों के प्रमाणीकरण रिकॉर्ड की पहचान के लिए पूर्णतः जिम्मेदार है |

 

  • आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है यह UIDAI द्वारा प्रत्येक भारतीय निवासी के विवरणों को सत्यापित और रिकॉर्ड करने के बाद जारी किया जाने वाला एक अनिवार्य पहचान पत्र है |
  • इन विवरणों में biometric और demographic data शामिल होता हैं | आधार का अर्थ मौजूदा पहचान दस्तावेजों जैसे PAN, Passport, Driving License आदि को replace करना नहीं है | बल्कि, यह स्वयं एक पहचान दस्तावेज़ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है |
  • 28 फरवरी 2017 तक 112.3 करोड़ पंजीकृत सदस्यों के साथ और 18 वर्ष से अधिक आयु के 99% भारतीयों को नामांकित किया गया है | जिससे आधार को दुनिया का “most sophisticated ID programme”  के रूप में वर्णित किया जा सकता है |
  • हाल के महीनों में सरकार द्वारा welfare programs और official programs का लाभ उठाने के लिए इसे अनिवार्य करने से इसके विस्तार की गुंजाइश बढ़ी है |

आधार का इतिहास :-

23 May 2001 : वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सौंपे गए राष्ट्रीय सुरक्षा रिपोर्ट में सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए पहचान पत्र की सिफारिश की गई थी |वर्ष 2001 में L K Advani की अध्यक्षता वाले एक मंत्रीीय समूह ने आईडी कार्ड की सिफारिश को मंजूरी दे दी थी | रिपोर्ट में कहा गया था कि “multi-purpose National Identity Card” परियोजना जल्द ही शुरू की जाएगी |

28 January 2009 : UIDAI (Unique Identification Authority of India) की स्थापना की गई |

23 June 2009 : आधार परियोजना का नेतृत्व करने के लिए Infosys के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को नियुक्त किया गया | वह अब UIDAI के अध्यक्ष हैं |

2010 : UIDAI’s Logo का अनावरण किया गया साथ ही देश भर में नामांकन अभियान शुरू किया गया |

29 September 2010 : पहला UID नंबर नंदुरबार, महाराष्ट्र के निवासी को जारी किया गया |

20 November 2012 : आधार पर Legislative और राज्य की चिंताओं से यह सर्वोच्च न्यायालय (SC) पहुंचा न्यायालय ने National Identification Authority of India Bill, 2010 के खिलाफ बहस का हवाला किया |

23 September 2013 : सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने कहा ​है कि केंद्र आधार कार्ड से वंचित नागरिकों को सरकारी लाभों देने से इनकार नहीं कर सकता है | न्यायालय ने पुष्टि की कि आधार स्वैच्छिक है अनिवार्य नहीं |

1 July 2014 : 1 जुलाई को, नीलेकणी ने प्रधान मंत्री मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर उन्हें UIDAI के लाभों से अवगत कराया | हालांकि BJP ने पूर्व में UIDAI का विरोध किया था और पूरे कार्यक्रम को खत्म करने की इच्छा व्यक्त की थी |

5 July 2014 : प्रधान मंत्री मोदी ने घोषणा की कि उनकी सरकार इस project को बरकरार रखेगी और परियोजना को Passport के साथ जोड़ने के लिए अधिकारियों से बात करेगी |

11 March 2016 : आधार विधेयक, 2016 को लोकसभा में पारित किया गया | राज्यसभा ने गोपनीयता के मुद्दों पर कुछ सिफारिशों के साथ इसे वापस भेज दिया |हालांकि, Bill एक Money Bill है, परिणामस्वरूप, सिफारिशों को लोकसभा ने अस्वीकार कर दिया|और आधार अधिनियम, 2016 लागू हो गया |

15 September 2016 : सरकार ने घोषणा की कि government subsidies और लाभों का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा |

4 October 2016 : रसोई गैस (LPG) subsidy का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है | नागरिकों को UID प्राप्त करने के लिए दो माह का समय दिया गया है |

December 2016 : आधार नामांकन में लगभग सभी भारतीय शामिल हो गए | सार्वजनिक क्षेत्र में आधार प्रति वर्ष 40 अरब डॉलर की सब्सिडी वितरित करने में मदद करता है | लगभग 300 million bio metric entries नागरिकों के बैंक खातों से जोड़ी गई हैं, जिससे उन्हें सीधे भुगतान किया जा सकता है |

January 2017 : सरकार ने 30 से ज्यादा केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य बना दिया जिसमें स्कूली बच्चों के लिए free mid-day meals और विकलांग लोगों के लिए welfare programs शामिल हैं |

7 February 2017 : सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने केंद्र को सभी आधार को मोबाइल नंबरों से जोड़ने का निर्देश दिया |

27 March 2017 : सर्वोच्च न्यायालय (SC) ने दोहराया है कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती है |

 

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